MP Board Class 12 Economics – Set A Model Paper 2025–26
Class 12th Economics Model Paper Set A
MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र मॉडल पेपर (Set A)
(Arts & Commerce Students)
MP Board कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र (Arts & Commerce) – Set A मॉडल प्रश्न पत्र नवीनतम पाठ्यक्रम एवं बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किया गया है। यह Set A विद्यार्थियों को मूलभूत अवधारणाओं की स्पष्ट समझ और बोर्ड परीक्षा स्तर के प्रश्नों का सही अभ्यास कराने में सहायक है।
🔹 Set A की मुख्य विशेषताएँ
✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर आधारित
✔️ Arts एवं Commerce दोनों वर्गों के लिए उपयोगी
✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल
✔️ ग्राफ, आंकड़ों एवं सिद्धांतात्मक प्रश्नों का संतुलन
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी
विवरण
कक्षा: 12वीं
विषय: अर्थशास्त्र (Economics)
स्ट्रीम: Arts & Commerce
मॉडल पेपर: Set A
बोर्ड: MP Board
इस Set A मॉडल पेपर के नियमित अभ्यास से विद्यार्थी राष्ट्रीय आय, मुद्रा, बैंकिंग, विकास, उपभोक्ता व्यवहार और अन्य महत्वपूर्ण अध्यायों पर मजबूत पकड़ बना सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
Economics Model Paper 12th - Sandipani Vidyalaya
कक्षा 12वीं - अर्थशास्त्र
(मॉडल पेपर 2025-26 सेट-A)
Created by : D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) व्यष्टि अर्थशास्त्र के अंतर्गत निम्न में से किसका अध्ययन किया जाता है?
(अ) राष्ट्रीय आय(ब) पूर्ण रोजगार(स) व्यक्तिगत इकाई(द) कुल उत्पादन
👉 (स) व्यक्तिगत इकाई
विवरण: व्यष्टि अर्थशास्त्र (Microeconomics) में एक उपभोक्ता, एक फर्म या एक उद्योग जैसी छोटी और व्यक्तिगत आर्थिक इकाइयों का अध्ययन किया जाता है।
(ii) उपयोगिता का संबंध होता है:
(अ) लाभदायकता से(ब) नैतिकता से(स) मानव आवश्यकता की पूर्ति से(द) इनमें से कोई नहीं
👉 (स) मानव आवश्यकता की पूर्ति से
विवरण: अर्थशास्त्र में उपयोगिता (Utility) का अर्थ किसी वस्तु की उस शक्ति से है जो मानवीय आवश्यकता को संतुष्ट कर सकती है, चाहे वह वस्तु लाभदायक हो या हानिकारक।
(iii) स्थानापन्न वस्तुएं (Substitutes) हैं:
(अ) चाय और कॉफी(ब) पेन और स्याही(स) कार और पेट्रोल(द) सुई और धागा
👉 (अ) चाय और कॉफी
विवरण: स्थानापन्न वस्तुएं वे हैं जिनका प्रयोग एक-दूसरे के स्थान पर किया जा सकता है। अन्य विकल्प पूरक वस्तुओं (Complementary Goods) के हैं।
(iv) उत्पादन के साधन हैं:
(अ) भूमि(ब) श्रम(स) पूंजी(द) उपर्युक्त सभी
👉 (द) उपर्युक्त सभी
विवरण: उत्पादन के चार मुख्य कारक होते हैं: भूमि, श्रम, पूंजी और उद्यमशीलता।
(v) भारत में केंद्रीय बैंक कौन सा है?
(अ) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(ब) रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया(स) सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया(द) पंजाब नेशनल बैंक
👉 (ब) रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया
विवरण: RBI भारत का केंद्रीय बैंक है जो मुद्रा जारी करता है और बैंकिंग प्रणाली को नियंत्रित करता है।
(vi) प्रभावी माँग (Effective Demand) का विचार किसने दिया?
(अ) एडम स्मिथ(ब) मार्शल(स) कीन्स(द) पीगू
👉 (स) कीन्स
विवरण: जे.एम. कीन्स ने रोजगार के सिद्धांत में प्रभावी माँग की अवधारणा दी, जो समग्र माँग और समग्र पूर्ति के संतुलन बिंदु पर निर्भर करती है।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) कुल उपयोगिता जब अधिकतम होती है, तब सीमांत उपयोगिता ________ होती है।
शून्य (Zero)
विवरण: जब उपभोक्ता पूर्ण संतुष्टि के बिंदु पर होता है, तो अतिरिक्त इकाई से मिलने वाली उपयोगिता शून्य हो जाती है।
(ii) औसत लागत वक्र का आकार अंग्रेजी अक्षर ________ जैसा होता है।
U
विवरण: 'परिवर्ती अनुपातों के नियम' के कारण औसत लागत पहले घटती है और फिर बढ़ने लगती है।
(iii) पूर्ण प्रतियोगिता में एक फर्म कीमत ________ होती है।
स्वीकारक (Price Taker)
विवरण: पूर्ण प्रतियोगिता में कीमत का निर्धारण उद्योग (बाजार) द्वारा माँग और पूर्ति के आधार पर होता है, फर्म उसे केवल स्वीकार करती है।
विवरण: 'सकल' (Gross) में से मूल्यह्रास (Depreciation) घटाने पर 'शुद्ध' (Net) मूल्य प्राप्त होता है।
(v) भारत में वित्तीय वर्ष की अवधि ________ से 31 मार्च तक होती है।
1 अप्रैल
विवरण: भारत में लेखांकन और बजट के लिए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होता है।
(vi) व्यापार संतुलन में केवल ________ वस्तुओं का आयात-निर्यात शामिल होता है।
दृश्य (Visible)
विवरण: व्यापार संतुलन (Balance of Trade) केवल भौतिक वस्तुओं के लेनदेन को रिकॉर्ड करता है, सेवाओं को नहीं।
प्र.3. सत्य/असत्य का चयन कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) मांग वक्र सामान्यतः नीचे की ओर झुकता है।
सत्य
विवरण: कीमत और मांग के बीच विपरीत संबंध होने के कारण मांग वक्र का ढलान ऋणात्मक (बाएं से दाएं नीचे) होता है।
(ii) समष्टि अर्थशास्त्र में व्यक्तिगत इकाइयों का अध्ययन किया जाता है।
असत्य
विवरण: समष्टि अर्थशास्त्र (Macroeconomics) में संपूर्ण अर्थव्यवस्था (समग्र इकाइयों) का अध्ययन होता है, न कि व्यक्तिगत।
(iii) सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPC) का मान सदैव 1 से अधिक होता है।
असत्य
विवरण: MPC का मान हमेशा 0 और 1 के बीच होता है, क्योंकि व्यक्ति अपनी बढ़ी हुई आय का एक हिस्सा ही उपभोग करता है, पूरा नहीं।
(iv) बजट सरकार का वार्षिक वित्तीय विवरण होता है।
सत्य
विवरण: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार बजट 'वार्षिक वित्तीय विवरण' है जिसमें आय और व्यय का ब्यौरा होता है।
(v) भुगतान संतुलन सदैव संतुलित रहता है।
सत्य (लेखांकन की दृष्टि से)
विवरण: बहीखाते के अर्थ में (Accounting sense) भुगतान संतुलन (BOP) हमेशा संतुलित होता है, हालांकि आर्थिक दृष्टि से इसमें घाटा या आधिक्य हो सकता है।
(vi) स्थिर लागत को पूरक लागत भी कहते हैं।
सत्य
विवरण: स्थिर लागतें उत्पादन के स्तर के साथ नहीं बदलतीं और इन्हें पूरक या ऊपरी लागत (Overhead Cost) भी कहा जाता है।
प्र.4. सही जोड़ी मिलाइए: (1×7 = 7 अंक)
(i) प्रवाह (Flow) -> (क) 1/(1-MPC)
(ii) स्टॉक (Stock) -> (ख) एक निश्चित समय बिंदु
(iii) गुणक (Multiplier) -> (ग) आय और उपभोग का संबंध
(iv) कीन्स का नियम -> (घ) समय अवधि
(v) खुली अर्थव्यवस्था -> (ङ) आय-व्यय बराबर
(vi) संतुलित बजट -> (च) शेष विश्व से व्यापार
(vii) घाटे का बजट -> (छ) व्यय > आय
सही मिलान:
1. प्रवाह (Flow) → (घ) समय अवधि (जैसे प्रति वर्ष, प्रति माह)
2. स्टॉक (Stock) → (ख) एक निश्चित समय बिंदु (जैसे 31 मार्च को गोदाम में माल)
3. गुणक (Multiplier) → (क) 1/(1-MPC) (निवेश गुणक का सूत्र)
4. कीन्स का नियम → (ग) आय और उपभोग का संबंध (उपभोग फलन)
5. खुली अर्थव्यवस्था → (च) शेष विश्व से व्यापार (आयात-निर्यात होना)
6. संतुलित बजट → (ङ) आय-व्यय बराबर
7. घाटे का बजट → (छ) व्यय > आय
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) व्यष्टि और समष्टि अर्थशास्त्र एक दूसरे के क्या हैं?
पूरक (Complementary)
(ii) उत्पादन के साधनों की मांग किस प्रकार की होती है?
व्युत्पन्न मांग (Derived Demand) - क्योंकि यह अंतिम वस्तु की मांग पर निर्भर करती है।
(iii) बाजार में एक ही विक्रेता होने की स्थिति क्या कहलाती है?
एकाधिकार (Monopoly)
(iv) GDP का पूरा नाम लिखिए।
सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product)
(v) भारत में मुद्रा जारी करने का अधिकार किसे है?
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) - ₹1 के नोट को छोड़कर
(vi) सरकार द्वारा करों (Taxes) से प्राप्त आय को क्या कहते हैं?
राजस्व प्राप्ति (Revenue Receipt)
(vii) विदेशी विनिमय दर का निर्धारण कहाँ होता है?
विदेशी विनिमय बाजार में (मांग और पूर्ति द्वारा)
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. अवसर लागत (Opportunity Cost) किसे कहते हैं?
अथवा
बाजार अर्थव्यवस्था से क्या आशय है?
उत्तर: किसी साधन के प्रयोग की अवसर लागत उसके 'अगले सर्वश्रेष्ठ वैकल्पिक प्रयोग' का मूल्य है जिसे त्याग दिया गया है। इसे 'त्याग की लागत' भी कहते हैं।
(अथवा) उत्तर: वह अर्थव्यवस्था जिसमें आर्थिक निर्णय (क्या, कैसे, किसके लिए उत्पादन करें) बाजार की शक्तियों (मांग और पूर्ति) द्वारा स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं, बाजार अर्थव्यवस्था कहलाती है।
प्र.7. सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम क्या है?
अथवा
मांग का नियम लिखिए।
उत्तर: जैसे-जैसे उपभोक्ता किसी वस्तु की इकाइयों का लगातार उपभोग करता है, वैसे-वैसे प्रत्येक अगली इकाई से मिलने वाली सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
(अथवा) उत्तर: अन्य बातें समान रहने पर, किसी वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी मांग घटती है और कीमत घटने पर उसकी मांग बढ़ती है।
प्र.8. उत्पादन फलन (Production Function) किसे कहते हैं?
अथवा
स्थिर लागत और परिवर्तनशील लागत में दो अंतर लिखिए।
उत्तर: उत्पादन के साधनों (आगतों) और उत्पादन की मात्रा (निर्गत) के बीच के भौतिक या तकनीकी संबंध को उत्पादन फलन कहते हैं। Q = f(L, K)
(अथवा) उत्तर:
1. स्थिर लागत उत्पादन बंद होने पर भी शून्य नहीं होती, परिवर्तनशील लागत शून्य हो जाती है।
2. स्थिर लागत अल्पकाल में नहीं बदलती, परिवर्तनशील लागत उत्पादन के साथ बदलती है।
प्र.9. पूर्ति का नियम क्या है?
अथवा
बाजार संतुलन किसे कहते हैं?
उत्तर: अन्य बातें समान रहने पर, वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी पूर्ति बढ़ती है और कीमत घटने पर पूर्ति घटती है। (कीमत और पूर्ति में सीधा संबंध होता है)।
(अथवा) उत्तर: यह वह स्थिति है जहाँ बाजार मांग और बाजार पूर्ति एक-दूसरे के बराबर होते हैं। इस बिंदु पर निर्धारित कीमत को संतुलन कीमत कहते हैं।
प्र.10. समष्टि अर्थशास्त्र की कोई दो विशेषताएं लिखिए।
अथवा
पूंजीवादी अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं?
उत्तर:
1. इसमें संपूर्ण अर्थव्यवस्था का अध्ययन किया जाता है।
2. इसका मुख्य यंत्र 'राष्ट्रीय आय' विश्लेषण है।
(अथवा) उत्तर: ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व होता है और आर्थिक निर्णय लाभ कमाने के उद्देश्य से लिए जाते हैं।
प्र.11. राष्ट्रीय आय को परिभाषित कीजिए।
अथवा
दोहरी गणना (Double Counting) की समस्या क्या है?
उत्तर: एक लेखा वर्ष में किसी देश की घरेलू सीमा के भीतर तथा विदेशों से अर्जित शुद्ध साधन आय के कुल योग को राष्ट्रीय आय कहते हैं।
(अथवा) उत्तर: राष्ट्रीय आय की गणना करते समय जब एक ही वस्तु का मूल्य एक से अधिक बार जुड़ जाता है, तो उसे दोहरी गणना की समस्या कहते हैं। इससे राष्ट्रीय आय का सही अनुमान नहीं लग पाता।
प्र.12. मुद्रा के दो प्रमुख कार्य लिखिए।
अथवा
वस्तु विनिमय प्रणाली की दो कठिनाइयाँ लिखिए।
उत्तर:
1. विनिमय का माध्यम (Medium of Exchange)।
2. मूल्य का मापक (Measure of Value)।
(अथवा) उत्तर:
1. आवश्यकताओं के दोहरे संयोग का अभाव।
2. मूल्य के सर्वमान्य मापक का अभाव।
प्र.13. समग्र मांग (Aggregate Demand) किसे कहते हैं?
अथवा
उपभोग फलन क्या है?
उत्तर: एक अर्थव्यवस्था में एक लेखा वर्ष के दौरान वस्तुओं और सेवाओं की खरीद पर किए जाने वाले कुल व्यय को समग्र मांग कहते हैं। (AD = C + I + G + X-M)
(अथवा) उत्तर: आय और उपभोग के बीच के फलनात्मक संबंध को उपभोग फलन कहते हैं। (C = f(Y))। यह बताता है कि आय बढ़ने पर उपभोग कैसे बढ़ता है।
प्र.14. सरकारी बजट के दो उद्देश्य लिखिए।
अथवा
राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय में अंतर लिखिए।
उत्तर:
1. संसाधनों का पुनरावंटन (Reallocation of Resources)।
2. आय और संपत्ति की असमानता को कम करना।
(अथवा) उत्तर:
राजस्व व्यय से न तो संपत्ति का निर्माण होता है और न ही दायित्व कम होते हैं (जैसे वेतन, पेंशन)। पूंजीगत व्यय से संपत्ति का निर्माण होता है या दायित्व कम होते हैं (जैसे पुल बनाना, ऋण चुकाना)।
प्र.15. भुगतान संतुलन और व्यापार संतुलन में दो अंतर लिखिए।
अथवा
विदेशी विनिमय दर किसे कहते हैं?
उत्तर:
1. व्यापार संतुलन में केवल दृश्य वस्तुओं का आयात-निर्यात होता है, भुगतान संतुलन में दृश्य और अदृश्य (सेवाएं) दोनों शामिल होते हैं।
2. व्यापार संतुलन भुगतान संतुलन का एक छोटा हिस्सा है।
(अथवा) उत्तर: वह दर जिस पर एक देश की मुद्रा का दूसरे देश की मुद्रा के साथ विनिमय किया जाता है, विदेशी विनिमय दर कहलाती है। (जैसे 1$ = ₹83)।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. राष्ट्रीय आय गणना की 'आय विधि' को समझाइए।
अथवा
सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर संकेत (आय विधि):
इस विधि में उत्पादन के साधनों (भूमि, श्रम, पूंजी, उद्यम) को मिलने वाले प्रतिफल (लगान, मजदूरी, ब्याज, लाभ) को जोड़ा जाता है।
NDP_FC = कर्मचारियों का पारिश्रमिक + प्रचालन अधिशेष (लगान+ब्याज+लाभ) + मिश्रित आय।
इसके बाद इसमें विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA) जोड़कर राष्ट्रीय आय (NNP_FC) ज्ञात की जाती है।
(अथवा) उत्तर संकेत (GDP vs GNP):GDP: एक देश की घरेलू सीमा के भीतर उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का बाजार मूल्य। इसमें विदेशियों द्वारा देश के अंदर किया गया उत्पादन भी शामिल है। GNP: एक देश के 'सामान्य निवासियों' द्वारा उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य, चाहे वे देश के भीतर हों या बाहर।
GNP = GDP + विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA)।
प्र.17. केंद्रीय बैंक के किन्हीं तीन कार्यों का वर्णन कीजिए।
अथवा
व्यापारिक बैंक साख सृजन (Credit Creation) कैसे करते हैं? समझाइए।
उत्तर संकेत (केंद्रीय बैंक के कार्य):
1. नोट निर्गमन: देश की मुद्रा जारी करने का एकाधिकार।
2. सरकार का बैंकर: सरकार के खाते रखना और उसे सलाह देना।
3. बैंकों का बैंक: व्यापारिक बैंकों को ऋण देना और उनके नकद कोषों का संरक्षक होना।
(अंतिम ऋणदाता का कार्य भी लिख सकते हैं)।
(अथवा) उत्तर संकेत (साख सृजन):
बैंक अपनी प्रारंभिक जमाओं के आधार पर कई गुना अधिक ऋण देते हैं। वे जानते हैं कि सभी जमाकर्ता एक साथ पैसा नहीं निकालेंगे। वे एक निश्चित आरक्षित अनुपात (CRR/SLR) रखकर शेष राशि ऋण के रूप में देते हैं। यह ऋण पुनः बैंक में जमा के रूप में आता है और फिर से ऋण दिया जाता है।
कुल साख सृजन = प्रारंभिक जमा × (1 / आरक्षित अनुपात)।
प्र.18. ह्रासमान सीमांत उत्पाद नियम (Law of Diminishing Marginal Product) को चित्र सहित समझाइए।
अथवा
पैमाने के प्रतिफल (Returns to Scale) की तीन अवस्थाओं को समझाइए।
उत्तर संकेत (ह्रासमान नियम):
अल्पकाल में जब स्थिर साधन के साथ परिवर्तनशील साधन की इकाइयां बढ़ाई जाती हैं, तो एक सीमा के बाद सीमांत उत्पाद (MP) घटने लगता है।
(छात्रों को TP और MP का वक्र बनाना है और दिखाना है कि MP कैसे गिरता है और ऋणात्मक हो जाता है)।
(अथवा) उत्तर संकेत (पैमाने के प्रतिफल):
दीर्घकाल में सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं।
1. बढ़ते प्रतिफल: उत्पादन में वृद्धि साधनों में वृद्धि के अनुपात से अधिक होती है।
2. स्थिर प्रतिफल: उत्पादन में वृद्धि साधनों में वृद्धि के समान अनुपात में होती है।
3. घटते प्रतिफल: उत्पादन में वृद्धि साधनों में वृद्धि के अनुपात से कम होती है।
प्र.19. पूर्ण प्रतियोगिता के तीन लक्षण लिखिए।
अथवा
कीमत सीमा (Price Ceiling) और कीमत तल (Price Floor) का अर्थ समझाइए।
उत्तर संकेत (पूर्ण प्रतियोगिता):
1. क्रेताओं और विक्रेताओं की अधिक संख्या: कोई भी अकेले बाजार कीमत को प्रभावित नहीं कर सकता।
2. समरूप वस्तुएं: सभी फर्में एक जैसी वस्तुएं बेचती हैं।
3. प्रवेश और निकास की स्वतंत्रता: कोई भी फर्म उद्योग में आ सकती है या जा सकती है।
(अथवा) उत्तर संकेत:कीमत सीमा (Ceiling): सरकार द्वारा आवश्यक वस्तुओं (जैसे गेहूं, दवा) की अधिकतम कीमत तय करना जो संतुलन कीमत से कम होती है, ताकि गरीबों को सस्ती वस्तु मिले। कीमत तल (Floor): सरकार द्वारा वस्तुओं (जैसे कृषि उपज) की न्यूनतम कीमत तय करना जो संतुलन कीमत से अधिक होती है, ताकि उत्पादकों को नुकसान न हो (न्यूनतम समर्थन मूल्य)।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. मांग की कीमत लोच को परिभाषित कीजिए। इसे प्रभावित करने वाले चार कारक लिखिए।
अथवा
तटस्थता वक्र (Indifference Curve) की विशेषताएं (गुण) लिखिए।
उत्तर संकेत (मांग की लोच):
कीमत में प्रतिशत परिवर्तन के फलस्वरूप मांग मात्रा में होने वाले प्रतिशत परिवर्तन का माप। कारक: 1. वस्तु की प्रकृति (अनिवार्य/विलासिता), 2. स्थानापन्न वस्तुओं की उपलब्धता, 3. वस्तु के विविध उपयोग, 4. उपभोक्ता की आय का स्तर।
(अथवा) उत्तर संकेत (तटस्थता वक्र):
1. यह बाएं से दाएं नीचे की ओर गिरता है (ऋणात्मक ढलान)।
2. यह मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर (Convex) होता है।
3. दो तटस्थता वक्र कभी एक-दूसरे को नहीं काटते।
4. ऊंचा तटस्थता वक्र संतुष्टि के ऊंचे स्तर को दर्शाता है।
प्र.21. आय और रोजगार निर्धारण में 'न्यून मांग' (Deficient Demand) की समस्या को समझाइए। इसे ठीक करने के उपाय लिखिए।
अथवा
निवेश गुणक (Investment Multiplier) की क्रियाविधि को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर संकेत (न्यून मांग):
जब समग्र मांग (AD), पूर्ण रोजगार स्तर के लिए आवश्यक समग्र पूर्ति (AS) से कम होती है। इससे 'अवस्फीतिक अंतराल' (Deflationary Gap) पैदा होता है। उपाय: राजकोषीय नीति (सरकारी व्यय बढ़ाना, कर घटाना) और मौद्रिक नीति (बैंक दर कम करना, CRR घटाना)।
(अथवा) उत्तर संकेत (गुणक):
निवेश में वृद्धि होने पर राष्ट्रीय आय में निवेश से कई गुना अधिक वृद्धि होती है। इसे गुणक (K) कहते हैं।
K = 1 / (1 - MPC)। क्रियाविधि: एक व्यक्ति का व्यय दूसरे की आय बनता है। यदि MPC 0.5 है और निवेश 100 करोड़ बढ़ता है, तो आय 200 करोड़ बढ़ेगी (K=2)।
प्र.22. अनधिमान वक्र विश्लेषण (Indifference Curve Analysis) द्वारा उपभोक्ता के संतुलन को समझाइए।
अथवा
उपयोगिता ह्रास नियम (Law of Diminishing Marginal Utility) के अपवाद और महत्व लिखिए।
उत्तर संकेत (उपभोक्ता संतुलन):
उपभोक्ता उस बिंदु पर संतुलन में होता है जहाँ:
1. बजट रेखा, अनधिमान वक्र को स्पर्श करती है (Tangency point)।
2. स्पर्श बिंदु पर प्रतिस्थापन की सीमांत दर (MRS) कीमत अनुपात (Px/Py) के बराबर होती है।
3. संतुलन बिंदु पर अनधिमान वक्र मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर होना चाहिए। (चित्र बनाना आवश्यक है)।
(अथवा) उत्तर संकेत:अपवाद: दुर्लभ वस्तुएं/सिक्के, नशीली वस्तुएं, संगीत/कविता (प्रारंभ में)। महत्व: मांग के नियम का आधार, कर प्रणाली में उपयोगी, उपभोक्ता की बचत का आधार।
प्र.23. राष्ट्रीय आय मापने की 'व्यय विधि' (Expenditure Method) का विस्तार से वर्णन कीजिए।
अथवा
परिवर्ती अनुपात के नियम (Law of Variable Proportions) की तीनों अवस्थाओं की सचित्र व्याख्या कीजिए।
उत्तर संकेत (व्यय विधि):
इसमें अर्थव्यवस्था में अंतिम वस्तुओं और सेवाओं पर किए गए कुल व्यय को जोड़ा जाता है।
GDP_MP = C + I + G + (X - M)
C = निजी अंतिम उपभोग व्यय, I = सकल घरेलू पूंजी निर्माण (निवेश), G = सरकारी अंतिम उपभोग व्यय, X-M = शुद्ध निर्यात।
राष्ट्रीय आय निकालने के लिए: NNP_FC = GDP_MP - मूल्यह्रास + NFIA - शुद्ध अप्रत्यक्ष कर।
(अथवा) उत्तर संकेत (परिवर्ती अनुपात):
चित्र में TP, AP और MP वक्र बनाएं। अवस्था 1 (बढ़ते प्रतिफल): TP बढ़ती दर से बढ़ता है, MP बढ़ता है। अवस्था 2 (घटते प्रतिफल): TP घटती दर से बढ़ता है, MP गिरता है पर धनात्मक रहता है (यहीं उत्पादक संतुलन में होता है)। अवस्था 3 (ऋणात्मक प्रतिफल): TP घटने लगता है, MP ऋणात्मक हो जाता है।
⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर
केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं।
वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है।
छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि
आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।
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