MP Board Class 12 Business Studies – Set B Model Paper 2025–26
Class 12th Business Studies Model Paper Set B
MP Board कक्षा 12वीं – व्यवसाय अध्ययन मॉडल पेपर (Set B)
MP Board कक्षा 12वीं व्यवसाय अध्ययन (Business Studies) – Set B मॉडल प्रश्न पत्र नवीनतम पाठ्यक्रम एवं बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किया गया है। यह Set B विद्यार्थियों को अलग प्रकार के प्रश्नों का अभ्यास कराकर विषय की गहरी समझ विकसित करने में सहायक है
🔹 Set B की मुख्य विशेषताए
✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर आधारित
✔️ Set B के अनुसार प्रश्नों का अलग संयोजन
✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामि
✔️ केस-स्टडी एवं सिद्धांतात्मक प्रश्नों का संतुलन
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी
विवरण
कक्षा: 12वीं
विषय: व्यवसाय अध्ययन (Business Studies
मॉडल पेपर: Set B
बोर्ड: MP Board
इस Set B मॉडल पेपर के अभ्यास से विद्यार्थी प्रबंधन, विपणन, वित्त एवं संगठन से जुड़े प्रश्नों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में आत्मविश्वास के साथ उत्तर लिखने में मदद मिलती है।
Business Studies Model Paper 12th (Set-B) - Sandipani Vidyalaya
कक्षा 12वीं - व्यवसाय अध्ययन
(मॉडल पेपर: सेट-B)
Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) प्रबंध के कितने स्तर होते हैं?
(अ) एक(ब) दो(स) तीन(द) चार
👉 (स) तीन (उच्च, मध्य, निम्न)
(ii) वैज्ञानिक प्रबंध के जनक कौन हैं?
(अ) हेनरी फेयोल(ब) एफ.डब्ल्यू. टेलर(स) पीटर ड्रकर(द) जॉर्ज टेरी
👉 (ब) एफ.डब्ल्यू. टेलर
(iii) भारत में नवीन आर्थिक नीति (NEP) कब लागू की गई?
(अ) 1988(ब) 1991(स) 1995(द) 2000
👉 (ब) 1991
(iv) नियोजन प्रक्रिया का अंतिम चरण है:
(अ) उद्देश्य निर्धारण(ब) विकल्पों का मूल्यांकन(स) अनुवर्तन (Follow-up)(द) योजना लागू करना
👉 (स) अनुवर्तन (Follow-up)
(v) विपणन मिश्रण (Marketing Mix) के तत्व हैं:
(अ) उत्पाद(ब) मूल्य(स) स्थान व संवर्धन(द) ये सभी
👉 (द) ये सभी (4Ps)
(vi) उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 कब लागू हुआ?
(अ) 20 जुलाई 2020(ब) 15 अप्रैल 2019(स) 1 जनवरी 2020(द) 24 अक्टूबर 2019
👉 (अ) 20 जुलाई 2020
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) प्रबंध दूसरों से कार्य कराने की ________ है।
कला (Art)
(ii) टेलर के अध्ययन का केंद्र बिंदु ________ था।
श्रमिक (Worker) / कारखाना
(iii) नियोजन ________ उन्मुखी होता है।
भविष्य (Future)
(iv) चयन एक ________ प्रक्रिया है।
नकारात्मक (Negative)
(v) भारत में मुद्रा बाजार का नियंत्रण ________ द्वारा किया जाता है।
RBI (रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया)
(vi) सेबी (SEBI) का मुख्यालय ________ में स्थित है।
मुंबई
प्र.3. सत्य/असत्य लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) व्यावसायिक पर्यावरण स्थिर रहता है।
असत्य (यह गतिशील होता है)
(ii) संगठन प्रबंध का आधार है।
सत्य
(iii) प्रशिक्षण एक सतत प्रक्रिया है।
सत्य
(iv) नियंत्रण एक पीछे देखने वाली क्रिया है।
सत्य (यह भूतकाल के कार्यों का विश्लेषण करता है, पर आगे भी देखता है)
(v) पूँजी बाजार अल्पकालीन कोषों का बाजार है।
असत्य (दीर्घकालीन कोषों का है)
(vi) उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम केवल वस्तुओं पर लागू होता है।
असत्य (यह सेवाओं पर भी लागू होता है)
प्र.4. सही जोड़ी बनाइए: (1×7 = 7 अंक)
(क) -> (ख)
(i) हेनरी फेयोल -> (क) पदोन्नति
(ii) उदारीकरण -> (ख) मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया
(iii) भर्ती का आन्तरिक स्रोत -> (ग) आधुनिक प्रबंध के जनक
(iv) अभिप्रेरणा -> (घ) आवश्यक प्रतिभूतियां
(v) बजट -> (ङ) लाइसेंस नीति में ढील
(vi) प्राथमिक बाजार -> (च) उत्पाद की पहचान
(vii) लेबलिंग -> (छ) पूर्वानुमान आधारित
सही मिलान:
(i) हेनरी फेयोल → (ग) आधुनिक प्रबंध के जनक
(ii) उदारीकरण → (ङ) लाइसेंस नीति में ढील
(iii) भर्ती का आन्तरिक स्रोत → (क) पदोन्नति
(iv) अभिप्रेरणा → (ख) मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया
(v) बजट → (छ) पूर्वानुमान आधारित (संख्यात्मक विवरण)
(vi) प्राथमिक बाजार → (घ) आवश्यक प्रतिभूतियां (नई प्रतिभूतियां)
(vii) लेबलिंग → (च) उत्पाद की पहचान
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) प्रबंध का सार किसे कहा जाता है?
समन्वय (Coordination)
(ii) सोपान शृंखला (Scalar Chain) का सिद्धांत किसने दिया?
हेनरी फेयोल
(iii) वह संगठन ढांचा जो कार्यों पर आधारित होता है, क्या कहलाता है?
(vii) 'हॉलमार्क' किस वस्तु की गुणवत्ता का प्रतीक है?
स्वर्ण आभूषण (Jewelry)
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. प्रबंध की परिभाषा लिखिए।
अथवा
प्रबंध की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: "प्रबंध, परिवर्तनशील पर्यावरण में सीमित संसाधनों का कुशलतापूर्वक और प्रभावपूर्ण ढंग से उपयोग करते हुए, संगठन के उद्देश्यों को प्राप्त करने की प्रक्रिया है।"
उत्तर: 1. उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया: प्रबंध किसी विशिष्ट लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
2. सर्वव्यापक: प्रबंध सभी प्रकार के संगठनों (लाभकारी/गैर-लाभकारी) और सभी स्तरों पर आवश्यक है।
प्र.7. व्यावसायिक पर्यावरण के किन्हीं दो आयामों के नाम लिखिए।
अथवा
उदारीकरण और निजीकरण में एक अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. आर्थिक पर्यावरण (Economic Environment)
2. सामाजिक पर्यावरण (Social Environment)
उत्तर:उदारीकरण: सरकारी नियंत्रणों और प्रतिबंधों को कम करना। निजीकरण: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के स्वामित्व या प्रबंधन को निजी क्षेत्र को सौंपना।
प्र.8. नियोजन की दो सीमाएँ लिखिए।
अथवा
नियोजन के दो महत्व लिखिए।
उत्तर: 1. दृढ़ता: नियोजन से काम करने के तरीके में लोचशीलता कम हो जाती है।
2. परिवर्तनशील वातावरण में अप्रभावी: भविष्य अनिश्चित है, इसलिए योजनाएं हमेशा सही साबित नहीं होतीं।
उत्तर: 1. यह अनिश्चितता के जोखिम को कम करता है।
2. यह निर्देशन की दिशा प्रदान करता है।
प्र.9. औपचारिक और अनौपचारिक संगठन में दो अंतर लिखिए।
अथवा
विकेंद्रीकरण (Decentralization) से क्या आशय है?
उत्तर: 1. उत्पत्ति: औपचारिक संगठन जानबूझकर बनाया जाता है, अनौपचारिक स्वतः सामाजिक संबंधों से बनता है।
2. नियम: औपचारिक में नियम और प्रक्रियाएँ कठोर होती हैं, अनौपचारिक में नहीं।
उत्तर: जब निर्णय लेने का अधिकार उच्च स्तर से निम्न स्तर तक व्यवस्थित रूप से वितरित कर दिया जाता है, तो उसे विकेंद्रीकरण कहते हैं।
प्र.10. भर्ती के आंतरिक स्रोतों के दो लाभ लिखिए।
अथवा
प्रशिक्षण (Training) के दो उद्देश्य बताइए।
उत्तर: 1. यह कम खर्चीला होता है।
2. यह कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए अभिप्रेरित करता है (पदोन्नति की आशा में)।
उत्तर: 1. कर्मचारियों की कार्यकुशलता और उत्पादकता बढ़ाना।
2. दुर्घटनाओं और संसाधनों की बर्बादी को कम करना।
प्र.11. पर्यवेक्षण (Supervision) का अर्थ लिखिए।
अथवा
अभिप्रेरणा (Motivation) की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: अधीनस्थों के कार्यों की देखरेख करना और यह सुनिश्चित करना कि कार्य योजनानुसार हो रहा है, पर्यवेक्षण कहलाता है।
उत्तर: अभिप्रेरणा वह प्रक्रिया है जो लोगों को वांछित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कार्य करने हेतु उत्तेजित और प्रोत्साहित करती है।
प्र.12. नियंत्रण का महत्व लिखिए (कोई दो)।
अथवा
नियोजन और नियंत्रण में संबंध बताइए।
उत्तर: 1. यह संगठनात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक है।
2. यह संसाधनों के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करता है।
उत्तर: नियोजन और नियंत्रण एक-दूसरे के पूरक हैं। नियोजन लक्ष्य निर्धारित करता है (मानक), और नियंत्रण यह सुनिश्चित करता है कि कार्य उन मानकों के अनुसार हो। नियोजन के बिना नियंत्रण अंधा है, और नियंत्रण के बिना नियोजन व्यर्थ है।
प्र.13. वित्तीय प्रबंध के दो उद्देश्य लिखिए।
अथवा
स्थायी पूँजी और कार्यशील पूँजी में अंतर बताइए।
उत्तर: 1. लाभ अधिकतमकरण: स्वामियों (अंशधारियों) की संपत्ति के मूल्य को अधिकतम करना।
2. कोषों की उपलब्धता: सही समय पर पर्याप्त वित्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
उत्तर:स्थायी पूँजी: दीर्घकालीन संपत्तियों (मशीन, भूमि) को खरीदने के लिए आवश्यक होती है। कार्यशील पूँजी: दैनिक कार्यों (कच्चा माल, वेतन) के संचालन के लिए आवश्यक होती है।
प्र.14. पैकेजिंग के दो कार्य लिखिए।
अथवा
ब्रांडिंग (Branding) से क्या लाभ हैं?
उत्तर: 1. सुरक्षा: उत्पाद को टूट-फूट, रिसाव और खराब होने से बचाना।
2. संवर्धन: आकर्षक पैकेजिंग ग्राहक को आकर्षित करती है और बिक्री बढ़ाती है।
उत्तर: 1. यह उत्पाद को प्रतियोगियों के उत्पाद से अलग पहचान (Differentiation) दिलाता है।
2. यह विज्ञापन और प्रचार में सहायक होता है।
प्र.15. उपभोक्ता के किन्हीं दो अधिकारों के नाम लिखिए।
अथवा
उपभोक्ता के दो उत्तरदायित्व लिखिए।
उत्तर: 1. सुरक्षा का अधिकार।
2. सूचना पाने का अधिकार।
उत्तर: 1. वस्तु खरीदते समय रसीद (Cash Memo) अवश्य लेना।
2. वस्तु की गुणवत्ता और मानकीकरण (ISI मार्क आदि) की जाँच करना।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. हेनरी फेयोल के 'सोपान शृंखला' और 'आदेश की एकता' के सिद्धांत को समझाइए।
अथवा
टेलर के वैज्ञानिक प्रबंध के किन्हीं तीन सिद्धांतों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: 1. सोपान शृंखला: अधिकार और संचार की रेखा ऊपर से नीचे की ओर एक क्रम में होनी चाहिए। आकस्मिकता में 'समतल संपर्क' (Gang Plank) का उपयोग किया जा सकता है।
2. आदेश की एकता: एक कर्मचारी को एक समय में केवल एक ही बॉस से आदेश मिलना चाहिए ताकि भ्रम की स्थिति न बने।
उत्तर: 1. विज्ञान, न कि रूढ़िवादिता: कार्य करने का एक सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक तरीका ढूँढना चाहिए, न कि पुराने अंगूठा टेक नियमों का पालन करना चाहिए।
2. सहयोग, न कि टकराव: प्रबंधन और श्रमिकों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग होना चाहिए।
3. अधिकतम उत्पादकता: दोनों पक्षों को उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।
प्र.17. निर्देशन के तत्वों (पर्यवेक्षण, अभिप्रेरणा, नेतृत्व, संचार) का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
अथवा
मास्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: 1. पर्यवेक्षण: अधीनस्थों के कार्यों की निगरानी।
2. अभिप्रेरणा: कर्मचारियों को कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करना।
3. नेतृत्व: दूसरों के व्यवहार को प्रभावित करना ताकि वे स्वेच्छा से काम करें।
4. संचार: विचारों और सूचनाओं का आदान-प्रदान।
उत्तर: मास्लो ने मानवीय आवश्यकताओं को 5 स्तरों में बाँटा है:
1. शारीरिक आवश्यकताएँ (रोटी, कपड़ा)।
2. सुरक्षा आवश्यकताएँ (नौकरी की सुरक्षा)।
3. सामाजिक आवश्यकताएँ (प्रेम, मित्रता)।
4. सम्मान आवश्यकताएँ (पद, प्रतिष्ठा)।
5. आत्म-प्राप्ति आवश्यकताएँ (क्षमता का पूर्ण विकास)। व्यक्ति क्रम से इन्हें पूरा करता है।
प्र.18. स्थायी पूँजी की आवश्यकता को प्रभावित करने वाले तीन कारकों को समझाइए।
अथवा
कार्यशील पूँजी को प्रभावित करने वाले तीन घटक लिखिए।
उत्तर: 1. व्यवसाय की प्रकृति: निर्माणी संस्थाओं (Manufacturing) को अधिक स्थायी पूँजी चाहिए, व्यापारिक को कम।
2. क्रियाओं का पैमाना: बड़े पैमाने के व्यवसाय में अधिक स्थायी पूँजी लगती है।
3. तकनीक का चयन: पूँजी प्रधान तकनीक में अधिक स्थायी पूँजी की आवश्यकता होती है।
उत्तर: 1. व्यवसाय की प्रकृति: सेवा क्षेत्र में कम कार्यशील पूँजी, निर्माणी में अधिक।
2. उत्पादन चक्र: जितना लंबा उत्पादन चक्र (कच्चे माल से पक्का माल बनने में समय), उतनी अधिक कार्यशील पूँजी।
3. मौसमी कारक: पीक सीजन में अधिक कार्यशील पूँजी की जरूरत होती है।
प्र.19. विपणन के किन्हीं तीन कार्यों का वर्णन कीजिए।
अथवा
विज्ञापन और वैयक्तिक विक्रय में तीन अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. बाजार विश्लेषण: ग्राहकों की आवश्यकताओं और बाजार के अवसरों का पता लगाना।
2. उत्पाद डिजाइन व विकास: ग्राहक की रुचि के अनुसार उत्पाद को रूप देना।
3. मूल्य निर्धारण: उत्पाद का सही दाम तय करना जो प्रतिस्पर्धी हो और लाभ भी दे।
उत्तर: 1. प्रारूप: विज्ञापन अवैयक्तिक (Impersonal) है, वैयक्तिक विक्रय में व्यक्ति-से-व्यक्ति संपर्क होता है।
2. क्षेत्र: विज्ञापन एक साथ लाखों लोगों तक पहुँचता है, विक्रय सीमित लोगों तक।
3. लागत: प्रति व्यक्ति लागत विज्ञापन में कम होती है, वैयक्तिक विक्रय में अधिक।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. नियोजन प्रक्रिया (Planning Process) के विभिन्न चरणों का वर्णन कीजिए।
अथवा
योजना के प्रकार (उद्देश्य, नीति, कार्यविधि, नियम) को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: 1. उद्देश्य निर्धारण: सबसे पहले लक्ष्य तय किए जाते हैं।
2. आधार विकसित करना: भविष्य के लिए मान्यताएँ (Premises) तय करना।
3. वैकल्पिक कार्यवाहियों की पहचान: लक्ष्य पाने के विभिन्न तरीके खोजना।
4. विकल्पों का मूल्यांकन व चयन: सबसे अच्छे विकल्प को चुनना।
5. योजना लागू करना और अनुवर्तन: योजना पर अमल करना और निगरानी रखना।
उत्तर: 1. उद्देश्य: वह अंतिम लक्ष्य जिसे प्राप्त करना है (जैसे: बिक्री 10% बढ़ाना)।
2. नीति: सामान्य मार्गदर्शक बातें जो निर्णय लेने में मदद करती हैं (जैसे: केवल नकद बिक्री की नीति)।
3. कार्यविधि: काम करने का क्रमबद्ध तरीका।
4. नियम: कठोर निर्देश कि क्या करना है और क्या नहीं (जैसे: नो स्मोकिंग)।
प्र.21. संगठन प्रक्रिया के चरणों को समझाइए।
अथवा
अधिकार अंतरण (Delegation) के तत्वों (अधिकार, उत्तरदायित्व, जवाबदेही) को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: 1. कार्य की पहचान व विभाजन: कुल काम को छोटे-छोटे कार्यों में बांटना।
2. विभागीकरण: समान प्रकृति के कार्यों को एक विभाग में रखना।
3. कर्तव्यों का निर्धारण: प्रत्येक पद के लिए काम तय करना।
4. रिपोर्टिंग संबंध स्थापित करना: यह तय करना कि कौन किसे रिपोर्ट करेगा (बॉस-अधीनस्थ संबंध)।
उत्तर: 1. अधिकार: निर्णय लेने की शक्ति। यह ऊपर से नीचे बहती है। इसे सौंपा जा सकता है।
2. उत्तरदायित्व: सौंपा गया काम पूरा करने का कर्तव्य। यह नीचे से ऊपर बहता है।
3. जवाबदेही (Accountability): अंतिम परिणाम के लिए जवाब देने की बाध्यता। इसे सौंपा नहीं जा सकता।
प्र.22. नियुक्तिकरण (Staffing) प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का वर्णन कीजिए।
अथवा
चयन प्रक्रिया (Selection Process) के सोपानों को समझाइए।
उत्तर: 1. मानव शक्ति नियोजन: कितने लोगों की जरूरत है, यह देखना।
2. भर्ती: आवेदकों को आमंत्रित करना।
3. चयन: योग्य उम्मीदवारों को छांटना।
4. अनुस्थापन व अभिविन्यास: काम पर लगाना और परिचय कराना।
5. प्रशिक्षण व विकास: कौशल बढ़ाना।
उत्तर: 1. प्रारंभिक जाँच।
2. चयन परीक्षा (लिखित/कौशल)।
3. रोजगार साक्षात्कार।
4. संदर्भ और पृष्ठभूमि की जाँच।
5. शारीरिक परीक्षण (Medical)।
6. अंतिम चयन और नियुक्ति पत्र।
प्र.23. स्कंध विपणि (Stock Exchange) के कार्यों का वर्णन कीजिए।
अथवा
सेबी (SEBI) के प्रमुख कार्यों (सुरक्षात्मक, विकासात्मक, नियमनकारी) को समझाइए।
उत्तर: 1. तरलता प्रदान करना: प्रतिभूतियों को नकद में बदलने का मंच देना।
2. मूल्य निर्धारण: मांग और पूर्ति के आधार पर शेयर के दाम तय करना।
3. सुरक्षित लेनदेन: केवल सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर बिकते हैं, जिससे सुरक्षा मिलती है।
4. आर्थिक विकास: बचत को उत्पादक कार्यों में लगाना।
उत्तर: 1. सुरक्षात्मक: निवेशकों के हितों की रक्षा करना, इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) रोकना।
2. विकासात्मक: बिचौलियों को प्रशिक्षित करना, बाजार का विकास करना।
3. नियमनकारी: ब्रोकर और सब-ब्रोकर का पंजीकरण करना, स्टॉक एक्सचेंज का संचालन और ऑडिट करना।
⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर
केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं।
वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है।
छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि
आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।
📘 MP Board कक्षा 12वीं व्यवसाय अध्ययन मॉडल पेपर (Arts & Commerce)
नीचे दिए गए सभी Business Study Model Paper (Set A–D)
नवीनतम MP Board सिलेबस एवं परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।
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