कक्षा 12वीं इतिहास – Practice Paper Set D
Class 12th History Practice Paper – Set D कक्षा 12वीं इतिहास प्रैक्टिस पेपर – Set D
MP Board कक्षा 12वीं इतिहास विषय की अंतिम तैयारी के लिए
Practice Paper – Set D तैयार किया गया है।
यह प्रश्नपत्र पूर्ण सिलेबस आधारित है और वास्तविक बोर्ड परीक्षा के स्तर को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
History Model Paper 12th (Set-D) - Sandipani Vidyalaya
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Set D विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है जो परीक्षा से पहले Full Length Practice Test देना चाहते हैं और समय प्रबंधन के साथ अपनी तैयारी को परखना चाहते हैं।
📝 Practice Paper Set D की मुख्य विशेषताएँ
- नवीन MP Board परीक्षा पैटर्न के अनुसार
- Full Syllabus संतुलित प्रश्नपत्र
- स्रोत आधारित (Source Based) प्रश्न
- मानचित्र कार्य (Map Work) का समावेश
- दीर्घ एवं विश्लेषणात्मक प्रश्नों पर विशेष फोकस
- Final Self-Assessment हेतु उपयुक्त
🎯 यह Practice Paper किनके लिए उपयोगी है?
- कक्षा 12वीं MP Board के सभी विद्यार्थी
- प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र
- Final Revision कर रहे विद्यार्थी
- इतिहास में उच्च अंक प्राप्त करने का लक्ष्य रखने वाले छात्र
⬇️ Practice Paper
कक्षा 12वीं - इतिहास
(मॉडल पेपर: सेट-D)
Created by: Devendra Kumar Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) हड़प्पा सभ्यता में 'विशाल स्नानागार' कहाँ से मिला है?
👉 (ब) मोहनजोदड़ो
(ii) अशोक के अभिलेखों को सर्वप्रथम किसने पढ़ा?
👉 (ब) जेम्स प्रिंसेप (1837 में)
(iii) 'बीजक' में किसके उपदेश संग्रहित हैं?
👉 (स) कबीर
(iv) हंपी (विजयनगर) के भग्नावशेषों की खोज किसने की थी?
👉 (अ) कॉलिन मैकेंजी (1800 ई. में)
(v) भारत में रेलवे की शुरुआत कब हुई?
👉 (अ) 1853 (बम्बई से ठाणे)
(vi) "मुझे विश्वास है कि पृथक निर्वाचिका हमारे देश के लिए आत्मघाती साबित होगी।" यह कथन किसका था?
👉 (स) गोविंद वल्लभ पंत
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) मिट्टी से बने हल के प्रतिरूप ________ नामक हड़प्पा स्थल से मिले हैं।
बनावली (हरियाणा)
(ii) महाभारत के समालोचनात्मक संस्करण को तैयार करने का कार्य ________ के नेतृत्व में शुरू हुआ।
वी.एस. सुकथांकर
(iii) 'शेख मुइनुद्दीन चिश्ती' की दरगाह ________ में स्थित है।
अजमेर
(iv) अकबर की भूमि वर्गीकरण प्रणाली में जिस भूमि पर हर साल खेती होती थी, उसे ________ कहते थे।
पोलज
(v) अवध (लखनऊ) में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व ________ ने किया।
बेगम हजरत महल
(vi) भारतीय संविधान में कुल ________ अनुच्छेद हैं।
395 (मूल रूप से)
प्र.3. सत्य/असत्य लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) कालीबंगन राजस्थान में स्थित है।
सत्य
(ii) मनुस्मृति में 'चांडालों' के कर्तव्यों की सूची दी गई है।
सत्य
(iii) 'मीराबाई' के गुरु रैदास (रविदास) थे।
सत्य
(iv) विजयनगर साम्राज्य में 'अमर-नायक' सैनिक कमांडर थे।
सत्य
(v) 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण 'लॉर्ड डलहौजी की नीतियाँ' थीं।
असत्य (तात्कालिक कारण चर्बी वाले कारतूस थे)
(vi) महात्मा गांधी ने प्रथम सत्याग्रह भारत में 1915 में किया था।
असत्य (1917 में चंपारण में किया था)
प्र.4. सही जोड़ी बनाइए: (1×7 = 7 अंक)
(क) -> (ख)
(i) अलेक्जेंडर कनिंघम -> (क) 1930
(ii) हरिहर और बुक्का -> (ख) फ्रांसीसी चिकित्सक
(iii) फ्रांसुआ बर्नियर -> (ग) भारतीय पुरातत्व के जनक
(iv) बहादुर शाह जफर -> (घ) अंग्रेजों के लिए निवास क्षेत्र
(v) दांडी यात्रा -> (ङ) विजयनगर के संस्थापक
(vi) सिविल लाइन्स -> (च) संवैधानिक सलाहकार
(vii) बी.एन. राव -> (छ) 1857 के विद्रोह के नेता
(i) अलेक्जेंडर कनिंघम -> (क) 1930
(ii) हरिहर और बुक्का -> (ख) फ्रांसीसी चिकित्सक
(iii) फ्रांसुआ बर्नियर -> (ग) भारतीय पुरातत्व के जनक
(iv) बहादुर शाह जफर -> (घ) अंग्रेजों के लिए निवास क्षेत्र
(v) दांडी यात्रा -> (ङ) विजयनगर के संस्थापक
(vi) सिविल लाइन्स -> (च) संवैधानिक सलाहकार
(vii) बी.एन. राव -> (छ) 1857 के विद्रोह के नेता
सही मिलान:
(i) अलेक्जेंडर कनिंघम → (ग) भारतीय पुरातत्व के जनक
(ii) हरिहर और बुक्का → (ङ) विजयनगर के संस्थापक
(iii) फ्रांसुआ बर्नियर → (ख) फ्रांसीसी चिकित्सक
(iv) बहादुर शाह जफर → (छ) 1857 के विद्रोह के नेता
(v) दांडी यात्रा → (क) 1930
(vi) सिविल लाइन्स → (घ) अंग्रेजों के लिए निवास क्षेत्र
(vii) बी.एन. राव → (च) संवैधानिक सलाहकार
(i) अलेक्जेंडर कनिंघम → (ग) भारतीय पुरातत्व के जनक
(ii) हरिहर और बुक्का → (ङ) विजयनगर के संस्थापक
(iii) फ्रांसुआ बर्नियर → (ख) फ्रांसीसी चिकित्सक
(iv) बहादुर शाह जफर → (छ) 1857 के विद्रोह के नेता
(v) दांडी यात्रा → (क) 1930
(vi) सिविल लाइन्स → (घ) अंग्रेजों के लिए निवास क्षेत्र
(vii) बी.एन. राव → (च) संवैधानिक सलाहकार
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) अभिलेखों के अध्ययन को क्या कहते हैं?
पुरालेखशास्त्र (Epigraphy)
(ii) 'प्रयाग प्रशस्ति' की रचना किसने की थी?
हरिषेण
(iii) मुगल दरबार में आने वाला पहला अंग्रेज कौन था?
कैप्टन हॉकिंस (जहांगीर के दरबार में)
(iv) 'उलुक' और 'दावा' क्या थे?
इब्नबतूता द्वारा वर्णित डाक व्यवस्था (अश्व और पैदल डाक)
(v) हम्पी के भग्नावशेषों को कब विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया?
1986 में
(vi) 1857 में बिहार (जगदीशपुर) से विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?
कुंवर सिंह
(vii) 'स्वराज' का शाब्दिक अर्थ क्या है?
स्वयं का राज (Self-rule)
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. हड़प्पा सभ्यता की जल निकासी प्रणाली की दो विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
कनिंघम का भ्रम (Confusion) क्या था?
उत्तर (मुख्य):
1. नालियाँ पक्की ईंटों से बनी थीं और ढकी हुई थीं।
2. घरों की नालियाँ पहले एक हौदी में गिरती थीं, फिर मुख्य नाले में मिलती थीं।
1. नालियाँ पक्की ईंटों से बनी थीं और ढकी हुई थीं।
2. घरों की नालियाँ पहले एक हौदी में गिरती थीं, फिर मुख्य नाले में मिलती थीं।
उत्तर (अथवा):
कनिंघम को लगता था कि भारतीय इतिहास की शुरुआत गंगा घाटी के शहरों (छठी शताब्दी ई.पू.) से हुई। इसलिए वे हड़प्पा के महत्व और उसकी प्राचीनता को नहीं समझ पाए।
कनिंघम को लगता था कि भारतीय इतिहास की शुरुआत गंगा घाटी के शहरों (छठी शताब्दी ई.पू.) से हुई। इसलिए वे हड़प्पा के महत्व और उसकी प्राचीनता को नहीं समझ पाए।
प्र.7. 'महाजनपद' से आप क्या समझते हैं?
अथवा
चाणक्य के 'अर्थशास्त्र' का महत्व लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
छठी शताब्दी ई.पू. में उत्तर भारत में जो बड़े और शक्तिशाली राज्य उभरे, उन्हें महाजनपद कहा जाता था। इनकी संख्या 16 थी (जैसे मगध, कौशल)।
छठी शताब्दी ई.पू. में उत्तर भारत में जो बड़े और शक्तिशाली राज्य उभरे, उन्हें महाजनपद कहा जाता था। इनकी संख्या 16 थी (जैसे मगध, कौशल)।
उत्तर (अथवा):
यह मौर्यकालीन प्रशासन, राजनीति, अर्थव्यवस्था और युद्धनीति की जानकारी देने वाला सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है।
यह मौर्यकालीन प्रशासन, राजनीति, अर्थव्यवस्था और युद्धनीति की जानकारी देने वाला सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है।
प्र.8. मनुस्मृति के अनुसार 'चांडालों' के दो कर्तव्य लिखिए।
अथवा
अंतर्विवाह (Endogamy) किसे कहते हैं?
उत्तर (मुख्य):
1. उन्हें गाँव से बाहर रहना पड़ता था।
2. वे मरे हुए लोगों के वस्त्र और लोहे के आभूषण पहनते थे।
1. उन्हें गाँव से बाहर रहना पड़ता था।
2. वे मरे हुए लोगों के वस्त्र और लोहे के आभूषण पहनते थे।
उत्तर (अथवा):
जब विवाह संबंध अपने ही गोत्र, कुल या जाति के भीतर किए जाते हैं, तो उसे अंतर्विवाह कहते हैं।
जब विवाह संबंध अपने ही गोत्र, कुल या जाति के भीतर किए जाते हैं, तो उसे अंतर्विवाह कहते हैं।
प्र.9. इब्नबतूता ने भारतीय 'नारियल' का वर्णन किस प्रकार किया?
अथवा
बर्नियर के अनुसार मुगलकालीन कारखाने कैसे थे?
उत्तर (मुख्य):
उसने लिखा कि यह एक अनोखा फल है जो मनुष्य के सिर जैसा दिखता है। इसके रेशे बालों जैसे होते हैं जिनसे रस्सियाँ बनाई जाती हैं।
उसने लिखा कि यह एक अनोखा फल है जो मनुष्य के सिर जैसा दिखता है। इसके रेशे बालों जैसे होते हैं जिनसे रस्सियाँ बनाई जाती हैं।
उत्तर (अथवा):
बर्नियर ने देखा कि कारीगर कारखानों में कठोर अनुशासन में काम करते थे। वे अपनी मर्जी से काम नहीं कर सकते थे और उनकी स्थिति दयनीय थी।
बर्नियर ने देखा कि कारीगर कारखानों में कठोर अनुशासन में काम करते थे। वे अपनी मर्जी से काम नहीं कर सकते थे और उनकी स्थिति दयनीय थी।
प्र.10. विजयनगर के 'विरूपाक्ष मंदिर' की दो विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
कृष्णदेव राय की प्रमुख उपलब्धियाँ लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. यह मंदिर भगवान शिव (विरूपाक्ष) को समर्पित है।
2. इसमें एक विशाल गोपुरम (प्रवेश द्वार) है जो कृष्णदेव राय ने बनवाया था।
1. यह मंदिर भगवान शिव (विरूपाक्ष) को समर्पित है।
2. इसमें एक विशाल गोपुरम (प्रवेश द्वार) है जो कृष्णदेव राय ने बनवाया था।
उत्तर (अथवा):
1. उन्होंने विजयनगर साम्राज्य का विस्तार किया।
2. उन्होंने तेलुगु ग्रंथ 'अमुक्तमाल्यद' की रचना की और भव्य मंदिरों का निर्माण करवाया।
1. उन्होंने विजयनगर साम्राज्य का विस्तार किया।
2. उन्होंने तेलुगु ग्रंथ 'अमुक्तमाल्यद' की रचना की और भव्य मंदिरों का निर्माण करवाया।
प्र.11. मुगल काल में महिलाओं की कृषि में क्या भूमिका थी?
अथवा
अकबर की 'दहसाला' (Zabti) प्रणाली क्या थी?
उत्तर (मुख्य):
महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करती थीं। वे बुवाई, निराई और कटाई में मदद करती थीं। सूत कातना और मिट्टी के बर्तन बनाना भी उनका काम था।
महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करती थीं। वे बुवाई, निराई और कटाई में मदद करती थीं। सूत कातना और मिट्टी के बर्तन बनाना भी उनका काम था।
उत्तर (अथवा):
यह टोडरमल द्वारा शुरू की गई भू-राजस्व प्रणाली थी। इसमें पिछले 10 वर्षों की औसत उपज और कीमतों के आधार पर कर (Tax) तय किया जाता था।
यह टोडरमल द्वारा शुरू की गई भू-राजस्व प्रणाली थी। इसमें पिछले 10 वर्षों की औसत उपज और कीमतों के आधार पर कर (Tax) तय किया जाता था।
प्र.12. संथालों ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह क्यों किया?
अथवा
जोतदार कौन थे? वे शक्तिशाली क्यों थे?
उत्तर (मुख्य):
अंग्रेजों और जमींदारों ने संथालों की जमीनें छीन ली थीं और उन पर भारी कर लगा दिए थे। साहूकार उन्हें कर्ज के जाल में फंसा रहे थे, इसलिए उन्होंने 'हूल' (विद्रोह) किया।
अंग्रेजों और जमींदारों ने संथालों की जमीनें छीन ली थीं और उन पर भारी कर लगा दिए थे। साहूकार उन्हें कर्ज के जाल में फंसा रहे थे, इसलिए उन्होंने 'हूल' (विद्रोह) किया।
उत्तर (अथवा):
जोतदार धनी किसान थे। वे गाँव में रहते थे, इसलिए गरीब किसानों पर उनका सीधा नियंत्रण था। जमींदारों की तुलना में वे अधिक प्रभावशाली थे।
जोतदार धनी किसान थे। वे गाँव में रहते थे, इसलिए गरीब किसानों पर उनका सीधा नियंत्रण था। जमींदारों की तुलना में वे अधिक प्रभावशाली थे।
प्र.13. 1857 के विद्रोह में 'अफवाहों' की क्या भूमिका थी?
अथवा
1857 के विद्रोह के धार्मिक कारण लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
अफवाहों ने लोगों को भड़काया। जैसे- कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी होना, या अंग्रेजों द्वारा आटे में हड्डियों का चूरा मिलाना। इससे लोगों को लगा कि उनका धर्म खतरे में है।
अफवाहों ने लोगों को भड़काया। जैसे- कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी होना, या अंग्रेजों द्वारा आटे में हड्डियों का चूरा मिलाना। इससे लोगों को लगा कि उनका धर्म खतरे में है।
उत्तर (अथवा):
1. ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्म परिवर्तन कराना।
2. सती प्रथा का अंत और विधवा विवाह कानून जैसे सामाजिक सुधारों को धर्म में हस्तक्षेप माना गया।
1. ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्म परिवर्तन कराना।
2. सती प्रथा का अंत और विधवा विवाह कानून जैसे सामाजिक सुधारों को धर्म में हस्तक्षेप माना गया।
प्र.14. गांधीजी ने नमक को विरोध का प्रतीक क्यों बनाया?
अथवा
चंपारण सत्याग्रह का क्या महत्व था?
उत्तर (मुख्य):
नमक हर अमीर-गरीब की बुनियादी जरूरत थी। इस पर कर लगाना अन्यायपूर्ण था। नमक ने पूरे देश को भावनात्मक रूप से एक मुद्दे पर जोड़ दिया।
नमक हर अमीर-गरीब की बुनियादी जरूरत थी। इस पर कर लगाना अन्यायपूर्ण था। नमक ने पूरे देश को भावनात्मक रूप से एक मुद्दे पर जोड़ दिया।
उत्तर (अथवा):
यह (1917) गांधीजी का भारत में पहला सत्याग्रह था। उन्होंने नील की खेती करने वाले किसानों को अंग्रेजों के शोषण से मुक्ति दिलाई। इससे उन्हें जननेता की पहचान मिली।
यह (1917) गांधीजी का भारत में पहला सत्याग्रह था। उन्होंने नील की खेती करने वाले किसानों को अंग्रेजों के शोषण से मुक्ति दिलाई। इससे उन्हें जननेता की पहचान मिली।
प्र.15. संविधान सभा में बी.एन. राव की क्या भूमिका थी?
अथवा
संविधान सभा का गठन कैसे हुआ?
उत्तर (मुख्य):
बी.एन. राव संविधान सभा के 'संवैधानिक सलाहकार' थे। उन्होंने दुनिया के विभिन्न संविधानों का अध्ययन करके भारतीय संविधान का पहला मसौदा तैयार करने में मदद की।
बी.एन. राव संविधान सभा के 'संवैधानिक सलाहकार' थे। उन्होंने दुनिया के विभिन्न संविधानों का अध्ययन करके भारतीय संविधान का पहला मसौदा तैयार करने में मदद की।
उत्तर (अथवा):
इसका गठन 1946 में 'कैबिनेट मिशन योजना' के तहत हुआ था। इसके सदस्य प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुने गए थे।
इसका गठन 1946 में 'कैबिनेट मिशन योजना' के तहत हुआ था। इसके सदस्य प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुने गए थे।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. महाभारत के समालोचनात्मक संस्करण के महत्व पर प्रकाश डालिए।
अथवा
बौद्ध धर्म के तेजी से प्रसार के तीन कारण लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
वी.एस. सुकथांकर के नेतृत्व में विद्वानों ने विभिन्न लिपियों में लिखी गई महाभारत की हजारों पांडुलिपियों को इकट्ठा किया। उन्होंने उन श्लोकों को चुना जो सभी में समान थे। इससे महाभारत का एक प्रामाणिक रूप सामने आया और क्षेत्रीय विविधताओं का पता चला। यह कार्य 47 वर्षों में पूरा हुआ।
वी.एस. सुकथांकर के नेतृत्व में विद्वानों ने विभिन्न लिपियों में लिखी गई महाभारत की हजारों पांडुलिपियों को इकट्ठा किया। उन्होंने उन श्लोकों को चुना जो सभी में समान थे। इससे महाभारत का एक प्रामाणिक रूप सामने आया और क्षेत्रीय विविधताओं का पता चला। यह कार्य 47 वर्षों में पूरा हुआ।
उत्तर (अथवा):
1. सरल शिक्षाएँ: बुद्ध ने जटिल दार्शनिक बहसों के बजाय सरल लोकभाषा (पाली) में उपदेश दिए।
2. समानता: बौद्ध संघ में जाति और वर्ण का भेद नहीं था, जिससे निम्न वर्गों ने इसे अपनाया।
3. राजकीय संरक्षण: अशोक और कनिष्क जैसे राजाओं ने इसे फैलाने में मदद की।
1. सरल शिक्षाएँ: बुद्ध ने जटिल दार्शनिक बहसों के बजाय सरल लोकभाषा (पाली) में उपदेश दिए।
2. समानता: बौद्ध संघ में जाति और वर्ण का भेद नहीं था, जिससे निम्न वर्गों ने इसे अपनाया।
3. राजकीय संरक्षण: अशोक और कनिष्क जैसे राजाओं ने इसे फैलाने में मदद की।
प्र.17. विजयनगर साम्राज्य में जल प्रबंधन की व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
अथवा
हम्पी के भग्नावशेषों की खोज किस प्रकार हुई?
उत्तर (मुख्य):
विजयनगर शुष्क क्षेत्र में था, इसलिए जल संचयन जरूरी था। तुंगभद्रा नदी पर बांध बनाकर 'हीरिया नहर' द्वारा पानी लाया गया। 'कमलपुरम तालाब' एक प्रमुख होज था। पानी का उपयोग खेतों की सिंचाई और राजकीय केंद्र की आवश्यकताओं के लिए होता था।
विजयनगर शुष्क क्षेत्र में था, इसलिए जल संचयन जरूरी था। तुंगभद्रा नदी पर बांध बनाकर 'हीरिया नहर' द्वारा पानी लाया गया। 'कमलपुरम तालाब' एक प्रमुख होज था। पानी का उपयोग खेतों की सिंचाई और राजकीय केंद्र की आवश्यकताओं के लिए होता था।
उत्तर (अथवा):
1800 ई. में कर्नल कॉलिन मैकेंजी ने इन खंडहरों को प्रकाश में लाया। उन्होंने विरूपाक्ष मंदिर और पंपा देवी के पुजारियों की स्मृतियों के आधार पर जानकारी जुटाई। बाद में छायाचित्रकारों और अभिलेखशास्त्रियों ने यहाँ के मंदिरों और भवनों का विस्तृत अध्ययन किया।
1800 ई. में कर्नल कॉलिन मैकेंजी ने इन खंडहरों को प्रकाश में लाया। उन्होंने विरूपाक्ष मंदिर और पंपा देवी के पुजारियों की स्मृतियों के आधार पर जानकारी जुटाई। बाद में छायाचित्रकारों और अभिलेखशास्त्रियों ने यहाँ के मंदिरों और भवनों का विस्तृत अध्ययन किया।
प्र.18. पहाड़िया लोगों की आजीविका संथालों से किस प्रकार भिन्न थी?
अथवा
दक्कन दंगा आयोग (Deccan Riots Commission) की रिपोर्ट क्या थी?
उत्तर (मुख्य):
पहाड़िया: वे राजमहल की पहाड़ियों में रहते थे और 'झूम खेती' (कुदाल से) करते थे। वे जंगल के उत्पादों और शिकार पर निर्भर थे।
संथाल: वे स्थायी कृषि (हल से) करते थे। उन्होंने जंगलों को साफ करके खेती योग्य बनाया और वे एक जगह बसकर रहते थे।
पहाड़िया: वे राजमहल की पहाड़ियों में रहते थे और 'झूम खेती' (कुदाल से) करते थे। वे जंगल के उत्पादों और शिकार पर निर्भर थे।
संथाल: वे स्थायी कृषि (हल से) करते थे। उन्होंने जंगलों को साफ करके खेती योग्य बनाया और वे एक जगह बसकर रहते थे।
उत्तर (अथवा):
1875 में दक्कन में किसानों ने साहूकारों के खिलाफ विद्रोह किया। ब्रिटिश सरकार ने जाँच के लिए आयोग बनाया। 1878 में पेश इस रिपोर्ट में बताया गया कि किसान भारी करों और साहूकारों के शोषण से त्रस्त थे, जिससे विद्रोह भड़का।
1875 में दक्कन में किसानों ने साहूकारों के खिलाफ विद्रोह किया। ब्रिटिश सरकार ने जाँच के लिए आयोग बनाया। 1878 में पेश इस रिपोर्ट में बताया गया कि किसान भारी करों और साहूकारों के शोषण से त्रस्त थे, जिससे विद्रोह भड़का।
प्र.19. 'भारत छोड़ो आंदोलन' सही मायने में एक जन-आंदोलन था। स्पष्ट कीजिए।
अथवा
गांधीजी के लिए 'चरखा' और 'खादी' का क्या महत्व था?
उत्तर (मुख्य):
1942 का भारत छोड़ो आंदोलन केवल नेताओं तक सीमित नहीं था। जब बड़े नेता जेल गए, तो नेतृत्व युवाओं (जयप्रकाश नारायण) और आम जनता ने संभाला। छात्रों, मजदूरों और किसानों ने हड़तालें कीं। महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सतारा और मेदिनीपुर में समानांतर सरकारें बनीं।
1942 का भारत छोड़ो आंदोलन केवल नेताओं तक सीमित नहीं था। जब बड़े नेता जेल गए, तो नेतृत्व युवाओं (जयप्रकाश नारायण) और आम जनता ने संभाला। छात्रों, मजदूरों और किसानों ने हड़तालें कीं। महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सतारा और मेदिनीपुर में समानांतर सरकारें बनीं।
उत्तर (अथवा):
गांधीजी के लिए चरखा केवल कपड़ा बनाने का औजार नहीं था, बल्कि वह 'स्वावलंबन' और 'आत्मनिर्भरता' का प्रतीक था। खादी पहनने से विदेशी कपड़ों पर निर्भरता खत्म होती थी और गरीबों को रोजगार मिलता था। यह अंग्रेजों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने का हथियार था।
गांधीजी के लिए चरखा केवल कपड़ा बनाने का औजार नहीं था, बल्कि वह 'स्वावलंबन' और 'आत्मनिर्भरता' का प्रतीक था। खादी पहनने से विदेशी कपड़ों पर निर्भरता खत्म होती थी और गरीबों को रोजगार मिलता था। यह अंग्रेजों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने का हथियार था।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. बौद्ध धर्म की प्रमुख शिक्षाओं (दर्शन) का वर्णन कीजिए।
अथवा
सांची के स्तूप की वास्तुकला (संरचना) का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर (मुख्य):
1. संसार दुखमय है: जीवन में दुख है (जन्म, मरण, रोग)।
2. दुख का कारण: इच्छा या तृष्णा (Craving)।
3. अष्टांगिक मार्ग: सम्यक दृष्टि, सम्यक कर्म आदि द्वारा इच्छाओं पर विजय पाकर 'निर्वाण' प्राप्त किया जा सकता है।
4. अहिंसा और कर्म: जीवों पर दया और अच्छे कर्मों पर जोर।
1. संसार दुखमय है: जीवन में दुख है (जन्म, मरण, रोग)।
2. दुख का कारण: इच्छा या तृष्णा (Craving)।
3. अष्टांगिक मार्ग: सम्यक दृष्टि, सम्यक कर्म आदि द्वारा इच्छाओं पर विजय पाकर 'निर्वाण' प्राप्त किया जा सकता है।
4. अहिंसा और कर्म: जीवों पर दया और अच्छे कर्मों पर जोर।
उत्तर (अथवा):
सांची का स्तूप एक अर्धगोलाकार टीला (अंड) है। इसके ऊपर एक चौकोर संरचना 'हर्मिका' (देवताओं का घर) है। हर्मिका के ऊपर एक मस्तूल (यष्टि) और छतरी है। स्तूप के चारों ओर प्रदक्षिणा पथ और पत्थर की वेदिका (Railings) है। चारों दिशाओं में भव्य तोरणद्वार (Gateways) हैं जिन पर जातक कथाएँ उकेरी गई हैं।
सांची का स्तूप एक अर्धगोलाकार टीला (अंड) है। इसके ऊपर एक चौकोर संरचना 'हर्मिका' (देवताओं का घर) है। हर्मिका के ऊपर एक मस्तूल (यष्टि) और छतरी है। स्तूप के चारों ओर प्रदक्षिणा पथ और पत्थर की वेदिका (Railings) है। चारों दिशाओं में भव्य तोरणद्वार (Gateways) हैं जिन पर जातक कथाएँ उकेरी गई हैं।
प्र.21. 1857 के विद्रोह के दौरान विद्रोहियों ने एकता स्थापित करने के लिए क्या कदम उठाए?
अथवा
अंग्रेजों ने 1857 के विद्रोह को कुचलने के लिए क्या तरीके अपनाए?
उत्तर (मुख्य):
1. हिंदू-मुस्लिम एकता: घोषणाओं में दोनों धर्मों की भावनाओं का ख्याल रखा गया। गाय और सुअर की चर्बी वाले मुद्दे ने दोनों को एक किया।
2. साझा शत्रु: सभी का उद्देश्य 'फिरंगियों' (अंग्रेजों) को भगाना था।
3. प्रतीक: बहादुर शाह जफर को भारत का सम्राट घोषित कर एक ध्वज के नीचे लड़ने का प्रयास किया।
1. हिंदू-मुस्लिम एकता: घोषणाओं में दोनों धर्मों की भावनाओं का ख्याल रखा गया। गाय और सुअर की चर्बी वाले मुद्दे ने दोनों को एक किया।
2. साझा शत्रु: सभी का उद्देश्य 'फिरंगियों' (अंग्रेजों) को भगाना था।
3. प्रतीक: बहादुर शाह जफर को भारत का सम्राट घोषित कर एक ध्वज के नीचे लड़ने का प्रयास किया।
उत्तर (अथवा):
1. मार्शल लॉ: उत्तर भारत में मार्शल लॉ लागू किया गया और सैन्य अधिकारियों को विद्रोहियों को सजा देने के असीमित अधिकार दिए गए।
2. सैन्य बल: ब्रिटेन से नई सैन्य टुकड़ियाँ मंगवाई गईं।
3. फूट डालो: जमींदारों को जमीन लौटाने का वादा करके विद्रोहियों से अलग किया।
4. क्रूरता: विद्रोहियों को तोपों से उड़ा दिया गया और सार्वजनिक फाँसी दी गई।
1. मार्शल लॉ: उत्तर भारत में मार्शल लॉ लागू किया गया और सैन्य अधिकारियों को विद्रोहियों को सजा देने के असीमित अधिकार दिए गए।
2. सैन्य बल: ब्रिटेन से नई सैन्य टुकड़ियाँ मंगवाई गईं।
3. फूट डालो: जमींदारों को जमीन लौटाने का वादा करके विद्रोहियों से अलग किया।
4. क्रूरता: विद्रोहियों को तोपों से उड़ा दिया गया और सार्वजनिक फाँसी दी गई।
प्र.22. संविधान सभा में 'पृथक निर्वाचिका' (Separate Electorates) के मुद्दे पर हुई बहस का वर्णन कीजिए।
अथवा
"दमित समूहों" (Depressed Classes) के अधिकारों के लिए संविधान सभा में क्या चर्चा हुई?
उत्तर (मुख्य):
बी. पोकर बहादुर ने मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचिका की मांग रखी ताकि उन्हें सही प्रतिनिधित्व मिले। इसका कड़ा विरोध हुआ। सरदार पटेल ने इसे "विष" कहा जो देश को बांट देगा। गोविंद वल्लभ पंत ने इसे अल्पसंख्यकों के लिए ही आत्मघाती बताया। अंत में इसे खारिज कर दिया गया ताकि एक एकीकृत राष्ट्र बने।
बी. पोकर बहादुर ने मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचिका की मांग रखी ताकि उन्हें सही प्रतिनिधित्व मिले। इसका कड़ा विरोध हुआ। सरदार पटेल ने इसे "विष" कहा जो देश को बांट देगा। गोविंद वल्लभ पंत ने इसे अल्पसंख्यकों के लिए ही आत्मघाती बताया। अंत में इसे खारिज कर दिया गया ताकि एक एकीकृत राष्ट्र बने।
उत्तर (अथवा):
डॉ. अंबेडकर ने दमित जातियों (दलितों) के लिए राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों की मांग की। एन.जी. रंगा ने कहा कि असली अल्पसंख्यक गरीब और शोषित हैं। चर्चा के बाद, संविधान में 'छुआछूत' को समाप्त किया गया और विधायिका व नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था की गई।
डॉ. अंबेडकर ने दमित जातियों (दलितों) के लिए राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों की मांग की। एन.जी. रंगा ने कहा कि असली अल्पसंख्यक गरीब और शोषित हैं। चर्चा के बाद, संविधान में 'छुआछूत' को समाप्त किया गया और विधायिका व नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था की गई।
प्र.23. भारत के मानचित्र पर निम्नलिखित को दर्शाइए (कोई 4):
(नोट: यह प्रश्न पाठ्यक्रम के ऐतिहासिक स्थलों से है)
संकेत:
1. राखीगढ़ी: हरियाणा
2. बोधगया: बिहार (गया जिला)
3. अजमेर: राजस्थान
4. झाँसी: उत्तर प्रदेश (मध्य प्रदेश सीमा के पास)
5. अमृतसर: पंजाब
6. बम्बई: महाराष्ट्र (पश्चिमी तट)
1. राखीगढ़ी: हरियाणा
2. बोधगया: बिहार (गया जिला)
3. अजमेर: राजस्थान
4. झाँसी: उत्तर प्रदेश (मध्य प्रदेश सीमा के पास)
5. अमृतसर: पंजाब
6. बम्बई: महाराष्ट्र (पश्चिमी तट)
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer):
इस प्रैक्टिस पेपर में दिए गए सभी प्रश्न केवल विद्यार्थियों के अभ्यास और शैक्षणिक मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्नपत्र किसी भी प्रकार से वास्तविक MP Board परीक्षा प्रश्नपत्र का आधिकारिक प्रतिरूप नहीं हैं। अंतिम परीक्षा की तैयारी हेतु विद्यार्थियों को MP Board की आधिकारिक पाठ्यपुस्तकों एवं निर्देशों का पालन करना चाहिए।
इस प्रैक्टिस पेपर में दिए गए सभी प्रश्न केवल विद्यार्थियों के अभ्यास और शैक्षणिक मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्नपत्र किसी भी प्रकार से वास्तविक MP Board परीक्षा प्रश्नपत्र का आधिकारिक प्रतिरूप नहीं हैं। अंतिम परीक्षा की तैयारी हेतु विद्यार्थियों को MP Board की आधिकारिक पाठ्यपुस्तकों एवं निर्देशों का पालन करना चाहिए।
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