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MP Board कक्षा 12वीं कॉमर्स – लेखाशास्त्र मॉडल पेपर (Set B)

MP Board Class 12 Accountancy – Set B Model Paper 2025–26

MP Board Class 12 Accountancy – Set B Model Paper 2025–26

Class 12th Accountancy Model Paper Set B

MP Board कक्षा 12वीं कॉमर्स – लेखाशास्त्र मॉडल पेपर (Set B)

MP Board कक्षा 12वीं कॉमर्स – लेखाशास्त्र (Set B) मॉडल प्रश्न पत्र नवीनतम पाठ्यक्रम और बोर्ड परीक्षा पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह Set B उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है जो अलग प्रकार के प्रश्नों का अभ्यास करके अपनी परीक्षा तैयारी को और मजबूत करना चाहते हैं।

🔹 Set B की विशेषताएँ

✔️ MP Board के नवीनतम सिलेबस पर आधारित
✔️ Set B के अनुसार प्रश्नों का अलग संयोजन
✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल
✔️ समय प्रबंधन और उत्तर लेखन अभ्यास में सहायक
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी

विवरण

  • कक्षा: 12वीं (कॉमर्स)
  • विषय: लेखाशास्त्र (Accountancy)
  • मॉडल पेपर: Set B
  • बोर्ड: MP Board

इस Set B मॉडल पेपर के नियमित अभ्यास से विद्यार्थी प्रश्नों की समझ, अंक वितरण और परीक्षा पैटर्न को बेहतर तरीके से जान सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

Accountancy Model Paper 12th (Set-B) - Sandipani Vidyalaya

कक्षा 12वीं - लेखाशास्त्र

(मॉडल पेपर: सेट-B)

Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे

खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी संलेख के अभाव में साझेदारों को दिया जाता है:
(अ) वेतन (ब) कमीशन (स) ऋण पर 6% वार्षिक ब्याज (द) पूँजी पर ब्याज
👉 (स) ऋण पर 6% वार्षिक ब्याज

(ii) ख्याति है:
(अ) चल संपत्ति (ब) अमूर्त संपत्ति (स) अदृश्य संपत्ति (द) 'ब' और 'स' दोनों
👉 (द) 'ब' और 'स' दोनों (Intangible Asset)

(iii) पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation A/c) किस प्रकृति का खाता है?
(अ) व्यक्तिगत खाता (ब) नाममात्र खाता (स) वास्तविक खाता (द) इनमें से कोई नहीं
👉 (ब) नाममात्र खाता (Nominal Account)

(iv) एक कंपनी के अंशधारी होते हैं:
(अ) कंपनी के कर्मचारी (ब) कंपनी के लेनदार (स) कंपनी के स्वामी (द) कंपनी के ग्राहक
👉 (स) कंपनी के स्वामी

(v) ऋणपत्रधारी (Debenture Holders) प्राप्त करते हैं:
(अ) लाभांश (ब) लाभ (स) ब्याज (द) वेतन
👉 (स) ब्याज (Interest)

(vi) तरल अनुपात (Liquid Ratio) का आदर्श मान है:
(अ) 2:1 (ब) 1:1 (स) 1:2 (द) 3:1
👉 (ब) 1:1
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी व्यवसाय में साझेदारों का दायित्व ________ होता है।
असीमित (Unlimited)

(ii) त्याग अनुपात = पुराना अनुपात - ________।
नया अनुपात

(iii) फर्म के विघटन पर बैंक अधिविकर्ष (Bank Overdraft) को ________ खाते में हस्तांतरित किया जाता है।
वसूली (Realisation A/c)

(iv) प्रतिभूति प्रीमियम (Security Premium) कंपनी के लिए ________ लाभ है।
पूँजीगत (Capital Profit)

(v) ऋणपत्र ________ का प्रमाण है।
ऋण (Loan)

(vi) वित्तीय विवरणों के विश्लेषण में ________ का प्रयोग किया जाता है।
तुलनात्मक विवरण / अनुपात
प्र.3. सत्य/असत्य लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी फर्म का पंजीयन अनिवार्य है।
असत्य (ऐच्छिक है)

(ii) ख्याति पर ह्रास नहीं लगाया जाता है।
सत्य (इसका अपलेखन/Amortization होता है)

(iii) फर्म के विघटन और साझेदारी के विघटन में कोई अंतर नहीं है।
असत्य (दोनों अलग-अलग अवधारणाएँ हैं)

(iv) जब्त किए गए अंशों को बट्टे पर पुनः निर्गमित किया जा सकता है।
सत्य (लेकिन बट्टा जब्त राशि से अधिक नहीं हो सकता)

(v) ऋणपत्रधारी को कंपनी की आम सभा में मत देने का अधिकार होता है।
असत्य

(vi) कर का भुगतान (Tax paid) एक प्रचालन क्रिया है।
सत्य
प्र.4. सही जोड़ी बनाइए: (1×7 = 7 अंक)
(क)   -> (ख)
(i) साझेदारी संलेख   -> (क) आदर्श अनुपात 2:1
(ii) औसत लाभ   -> (ख) कंपनी का समापन
(iii) वसूली खाता   -> (ग) लिखित समझौता
(iv) अंश हरण   -> (घ) ख्याति मूल्यांकन
(v) ऋणपत्रों का शोधन   -> (ङ) फर्म का समापन
(vi) चालू अनुपात   -> (च) अंशों का रद्दीकरण
(vii) निस्तारक (Liquidator)   -> (छ) ऋण की वापसी
सही मिलान:
(i) साझेदारी संलेख → (ग) लिखित समझौता
(ii) औसत लाभ → (घ) ख्याति मूल्यांकन
(iii) वसूली खाता → (ङ) फर्म का समापन
(iv) अंश हरण → (च) अंशों का रद्दीकरण
(v) ऋणपत्रों का शोधन → (छ) ऋण की वापसी
(vi) चालू अनुपात → (क) आदर्श अनुपात 2:1
(vii) निस्तारक (Liquidator) → (ख) कंपनी का समापन
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) नए साझेदार द्वारा ख्याति की राशि नकद लाने पर किस खाते को क्रेडिट किया जाता है?
प्रीमियम फॉर गुडविल खाता (Premium for Goodwill A/c)

(ii) 'त्याग अनुपात' की गणना क्यों की जाती है?
ख्याति का समायोजन (बंटवारा) करने के लिए।

(iii) कंपनी के चिट्ठे में 'संचित पूँजी' (Reserve Capital) को कहाँ दिखाया जाता है?
इसे चिट्ठे में नहीं दिखाया जाता (यह केवल समापन पर माँगी जाती है)।

(iv) ऋणपत्रों पर ब्याज की दर कैसी होती है?
निश्चित (Fixed)

(v) किसे 'गैर-रोकड़ मद' (Non-cash item) माना जाता है?
मूल्यह्रास (Depreciation)

(vi) 'रोकड़ तुल्य' (Cash Equivalent) का एक उदाहरण दीजिए।
ट्रेजरी बिल / विपणन योग्य प्रतिभूतियां

(vii) अधिकृत पूँजी (Authorised Capital) का उल्लेख कहाँ होता है?
पार्षद सीमा नियम (Memorandum of Association) में।
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. साझेदारी संलेख की अनुपस्थिति में लागू होने वाले किन्हीं दो नियमों को लिखिए।
अथवा
स्थिर पूँजी और परिवर्तनशील पूँजी खाते में दो अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. लाभ-हानि का विभाजन बराबर-बराबर होगा।
2. पूँजी पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा (और आहरण पर ब्याज नहीं लिया जाएगा)।
उत्तर: 1. खातों की संख्या: स्थिर विधि में दो खाते (पूँजी + चालू) बनते हैं, परिवर्तनशील में केवल एक (पूँजी खाता)।
2. शेष: स्थिर पूँजी का शेष सदैव क्रेडिट होता है, परिवर्तनशील का डेबिट भी हो सकता है।
प्र.7. अधिलाभ (Super Profit) किसे कहते हैं?
अथवा
त्याग अनुपात और नफे (Gain) के अनुपात में अंतर लिखिए।
उत्तर: जब कोई फर्म सामान्य लाभ (Normal Profit) से अधिक लाभ कमाती है, तो उस आधिक्य को अधिलाभ कहते हैं।
सूत्र: अधिलाभ = वास्तविक औसत लाभ - सामान्य लाभ।
उत्तर: त्याग अनुपात (पुराना - नया) का प्रयोग नए साझेदार के प्रवेश पर ख्याति बाँटने में होता है।
नफे का अनुपात (नया - पुराना) का प्रयोग साझेदार की सेवानिवृत्ति पर ख्याति समायोजन में होता है।
प्र.8. पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation Account) क्यों बनाया जाता है?
अथवा
साझेदारी के पुनर्गठन से क्या आशय है?
उत्तर: साझेदारी फर्म के पुनर्गठन (प्रवेश/अवकाश) के समय संपत्तियों और दायित्वों के मूल्यों में हुए परिवर्तन (लाभ या हानि) को ज्ञात करने के लिए पुनर्मूल्यांकन खाता बनाया जाता है।
उत्तर: जब साझेदारों के बीच विद्यमान समझौते में कोई बदलाव होता है, जिससे उनके आपसी संबंध बदल जाते हैं (जैसे लाभ अनुपात बदलना, नया प्रवेश), तो इसे साझेदारी का पुनर्गठन कहते हैं। फर्म वही रहती है।
प्र.9. फर्म के विघटन और साझेदारी के विघटन में दो अंतर लिखिए।
अथवा
वसूली खाते (Realisation A/c) का अर्थ लिखिए।
उत्तर: 1. व्यवसाय: फर्म के विघटन पर व्यवसाय बंद हो जाता है, साझेदारी विघटन पर व्यवसाय चालू रहता है।
2. खाते: फर्म विघटन पर वसूली खाता बनता है, साझेदारी विघटन पर पुनर्मूल्यांकन खाता।
उत्तर: फर्म के समापन पर संपत्तियों को बेचने और दायित्वों का भुगतान करने से होने वाले लाभ या हानि को ज्ञात करने के लिए जो खाता बनाया जाता है, उसे वसूली खाता कहते हैं।
प्र.10. आरक्षित पूँजी (Reserve Capital) से क्या आशय है?
अथवा
अधि-अभिदान (Over Subscription) किसे कहते हैं?
उत्तर: न मांगी गई पूँजी (Uncalled Capital) का वह भाग जिसे कंपनी ने भविष्य में केवल समापन की दशा में ही माँगने का प्रस्ताव पास किया हो, आरक्षित पूँजी कहलाता है।
उत्तर: जब कंपनी द्वारा निर्गमित अंशों की संख्या से अधिक अंशों के लिए आवेदन पत्र प्राप्त होते हैं, तो इस स्थिति को अधि-अभिदान कहते हैं।
प्र.11. संपाश्विक प्रतिभूति (Collateral Security) के रूप में ऋणपत्रों का निर्गमन क्या है?
अथवा
ऋणपत्रों के दो प्रकार लिखिए।
उत्तर: जब कंपनी बैंक या किसी संस्था से ऋण लेती है और मुख्य प्रतिभूति के अतिरिक्त सहायक (Secondary) प्रतिभूति के रूप में अपने ऋणपत्र जमा करती है, तो इसे संपाश्विक प्रतिभूति के रूप में निर्गमन कहते हैं।
उत्तर: 1. सुरक्षित ऋणपत्र: जिन्हें कंपनी की संपत्तियों पर प्रभार (Charge) प्राप्त होता है।
2. परिवर्तनीय ऋणपत्र: जिन्हें एक निश्चित समय बाद अंशों में बदला जा सकता है।
प्र.12. वित्तीय विवरणों के दो उद्देश्य लिखिए।
अथवा
वित्तीय विवरणों की दो सीमाएँ लिखिए।
उत्तर: 1. व्यवसाय की सही आर्थिक स्थिति (Profit/Loss & Balance Sheet) प्रदर्शित करना।
2. प्रबंधकों को निर्णय लेने के लिए आवश्यक सूचनाएँ प्रदान करना।
उत्तर: 1. ये ऐतिहासिक लागत पर आधारित होते हैं (मूल्य परिवर्तन को अनदेखा करते हैं)।
2. ये गुणात्मक तथ्यों (जैसे कर्मचारियों की ईमानदारी) को प्रकट नहीं करते।
प्र.13. चालू अनुपात और त्वरित अनुपात में अंतर लिखिए।
अथवा
ऋण-समता अनुपात (Debt-Equity Ratio) का सूत्र लिखिए।
उत्तर: 1. सूत्र: चालू अनुपात = चालू संपत्ति/चालू दायित्व; त्वरित अनुपात = तरल संपत्ति/चालू दायित्व।
2. स्टॉक: चालू अनुपात में स्टॉक शामिल होता है, त्वरित अनुपात में स्टॉक (और पूर्वदत्त व्यय) को छोड़ दिया जाता है।
उत्तर: ऋण-समता अनुपात = दीर्घकालीन ऋण / अंशधारी कोष (Long term Debts / Shareholders' Funds)।
प्र.14. रोकड़ प्रवाह विवरण का क्या आशय है?
अथवा
वित्तीय क्रियाओं (Financing Activities) के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: वह विवरण जो एक निश्चित अवधि के दौरान रोकड़ और रोकड़ तुल्यों के आवक (Inflow) और जावक (Outflow) को प्रदर्शित करता है। यह तीन गतिविधियों (प्रचालन, निवेश, वित्तीय) में बँटा होता है।
उत्तर: 1. अंशों या ऋणपत्रों के निर्गमन से प्राप्त रोकड़।
2. लाभांश या ब्याज का भुगतान।
प्र.15. 'रोकड़' और 'रोकड़ तुल्य' में क्या अंतर है?
अथवा
निवेश क्रियाओं (Investing Activities) के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: 'रोकड़' में नकद और बैंक शेष शामिल हैं। 'रोकड़ तुल्य' अल्पकालीन, अत्यधिक तरल निवेश हैं जिन्हें तुरंत नकद में बदला जा सकता है और जिनमें मूल्य परिवर्तन का जोखिम नगण्य होता है (जैसे ट्रेजरी बिल)।
उत्तर: 1. मशीनरी या फर्नीचर (स्थायी संपत्ति) का क्रय/विक्रय।
2. अन्य कंपनियों के अंशों में निवेश करना।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. साझेदारी की तीन मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
साझेदारों के किन्हीं तीन अधिकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: 1. दो या अधिक व्यक्ति: साझेदारी के लिए कम से कम 2 सदस्य होने चाहिए।
2. अनुबंध (समझौता): साझेदारों के बीच लिखित या मौखिक समझौता होना अनिवार्य है।
3. वैध व्यवसाय: साझेदारी किसी कानूनी व्यवसाय को चलाने और लाभ कमाने के लिए होनी चाहिए।
उत्तर: 1. प्रबंध में भाग लेने का अधिकार: प्रत्येक साझेदार को व्यवसाय के संचालन में भाग लेने का हक है।
2. लेखा पुस्तकें देखने का अधिकार: वे फर्म की बहियों को देख सकते हैं और उनकी प्रति ले सकते हैं।
3. लाभ बांटने का अधिकार: वे तय अनुपात में लाभ पाने के अधिकारी हैं।
प्र.17. राम लिमिटेड ने ₹10 वाले 500 अंशों का हरण किया जिन पर ₹3 प्रति अंश आबंटन (Allotment) और ₹2 प्रति अंश प्रथम याचना का भुगतान नहीं किया गया था। हरण की जर्नल प्रविष्टि कीजिए।
अथवा
अंशों के हरण (Forfeiture) की प्रक्रिया को संक्षेप में समझाइए।
हल:
मांगी गई राशि = 10 (पूर्ण याचित मानकर)। प्राप्त नहीं हुआ = 3+2 = 5। प्राप्त हुआ = 5।
विवरण (Particulars)L.F.Dr. (₹)Cr. (₹)
Share Capital A/c ... Dr.
(500 × 10)
5,000
  To Share Allotment A/c
  (500 × 3)
1,500
  To Share First Call A/c
  (500 × 2)
1,000
  To Share Forfeiture A/c
  (500 × 5) (Balancing fig)
2,500
(Being 500 shares forfeited for non-payment of allotment & call money)
उत्तर: जब कोई अंशधारी माँग राशि (Call money) का भुगतान नहीं करता, तो कंपनी उसे 14 दिन का नोटिस देती है। यदि वह फिर भी भुगतान नहीं करता, तो संचालक मंडल प्रस्ताव पास करके उसके अंशों को रद्द कर देता है और अब तक चुकाई गई राशि को जब्त कर लेता है। इसे अंशों का हरण कहते हैं। इससे अंशपूँजी कम हो जाती है।
प्र.18. वित्तीय विवरणों के विश्लेषण के किन्हीं तीन उपकरणों (Tools) का वर्णन कीजिए।
अथवा
तुलनात्मक विवरण (Comparative Statement) और समआकार विवरण (Common Size Statement) में अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. तुलनात्मक विवरण: इसमें दो या अधिक वर्षों के आंकड़ों की तुलना करके परिवर्तन की दिशा (वृद्धि/कमी) को प्रतिशत में दर्शाया जाता है।
2. समआकार विवरण: इसमें सभी मदों को किसी एक आधार (जैसे कुल संपत्ति या बिक्री) के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है।
3. अनुपात विश्लेषण: वित्तीय मदों के बीच गणितीय संबंध स्थापित करके निष्कर्ष निकाले जाते हैं।
उत्तर: 1. उद्देश्य: तुलनात्मक विवरण का उद्देश्य समय के साथ परिवर्तन (प्रवृत्ति) देखना है, जबकि समआकार का उद्देश्य विभिन्न मदों की संरचना समझना है।
2. आधार: तुलनात्मक में पिछले वर्ष को आधार माना जाता है, समआकार में कुल योग (जैसे कुल बिक्री) को 100 मानकर गणना की जाती है।
3. प्रकार: तुलनात्मक 'क्षैतिज' (Horizontal) विश्लेषण है, समआकार 'लंबवत' (Vertical) विश्लेषण है।
प्र.19. प्रचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह की गणना करते समय 'शुद्ध लाभ' में कौन-कौन सी मदें जोड़ी जाती हैं? (कोई तीन)
अथवा
रोकड़ प्रवाह विवरण की सीमाएँ लिखिए।
उत्तर: शुद्ध लाभ में निम्न गैर-रोकड़ और गैर-प्रचालन मदें जोड़ी जाती हैं:
1. मूल्यह्रास (Depreciation): स्थायी संपत्तियों पर लगाया गया ह्रास।
2. ख्याति का अपलेखन (Amortization): ख्याति या पेटेंट की कम हुई राशि।
3. स्थायी संपत्ति बिक्री पर हानि: यदि कोई मशीनरी घाटे में बेची गई हो।
उत्तर: 1. यह उपार्जन अवधारणा (Accrual Concept) की उपेक्षा करता है (नकद पर आधारित है)।
2. यह आय विवरण (P&L A/c) का स्थानापन्न नहीं है।
3. यह ऐतिहासिक लागत पर आधारित है, भविष्य का अनुमान नहीं लगाता।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. अ और ब साझेदार हैं जो लाभ 3:2 में बांटते हैं। उन्होंने स को 1/5 भाग के लिए प्रवेश दिया। स पूँजी के लिए ₹50,000 और ख्याति के लिए ₹20,000 नकद लाया। आवश्यक जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिए (त्याग अनुपात मानकर)।
अथवा
साझेदार के प्रवेश पर संपत्तियों और दायित्वों के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता क्यों होती है? समझाइए।
हल: त्याग अनुपात = पुराना अनुपात = 3:2 (क्योंकि नया अनुपात नहीं दिया है)।
विवरणDr. (₹)Cr. (₹)
Cash/Bank A/c ... Dr.
(50,000 + 20,000)
70,000
  To C's Capital A/c 50,000
  To Premium for Goodwill A/c 20,000
(Amount brought by C for capital and goodwill)
Premium for Goodwill A/c ... Dr. 20,000
  To A's Capital A/c (20000 × 3/5) 12,000
  To B's Capital A/c (20000 × 2/5) 8,000
(Goodwill distributed in sacrificing ratio 3:2)
उत्तर: नए साझेदार के प्रवेश के समय संपत्तियों का मूल्य उनकी पुस्तक मूल्य (Book Value) से अलग हो सकता है। यह संभव है कि कुछ संपत्तियों का मूल्य बढ़ गया हो या दायित्व कम हो गए हों। यह लाभ/हानि पुराने साझेदारों का होता है।
अतः यह सुनिश्चित करने के लिए कि नए साझेदार को पुराने लाभ/हानि में हिस्सा न मिले और पुराने साझेदारों को नुकसान न हो, पुनर्मूल्यांकन किया जाता है और इसका परिणाम पुराने साझेदारों के पुराने अनुपात में बाँट दिया जाता है।
प्र.21. एक्स, वाय और जेड साझेदार हैं (लाभ अनुपात 2:2:1)। वाय सेवानिवृत्त होता है। ख्याति का मूल्यांकन ₹30,000 किया गया। समायोजन प्रविष्टि कीजिए और नया अनुपात 2:1 है, तो अभिलाभ (Gaining) अनुपात ज्ञात कीजिए।
अथवा
सेवानिवृत्त साझेदार को देय राशि का भुगतान किन विधियों से किया जा सकता है?
हल:
1. अभिलाभ अनुपात = नया - पुराना
X का गेन = 2/3 - 2/5 = (10-6)/15 = 4/15
Z का गेन = 1/3 - 1/5 = (5-3)/15 = 2/15
अनुपात = 4:2 = 2:1.
2. ख्याति समायोजन:
वाय का हिस्सा = 30,000 × 2/5 = 12,000.
यह राशि X और Z गेनिंग अनुपात (2:1) में देंगे।
X देगा = 12000 × 2/3 = 8000; Z देगा = 4000.
Journal Entry:
X's Capital A/c Dr. 8000
Z's Capital A/c Dr. 4000
To Y's Capital A/c 12000
(Goodwill adjusted)
उत्तर: 1. एकमुश्त भुगतान: पूरी राशि नकद या बैंक द्वारा तुरंत चुका दी जाती है।
2. किश्तों में भुगतान: राशि को ऋण खाते में डालकर ब्याज सहित वार्षिक किश्तों में चुकाया जाता है।
3. वार्षिकी (Annuity) द्वारा: उसे आजीवन एक निश्चित वार्षिक राशि देने का समझौता किया जाता है।
प्र.22. एबी लिमिटेड ने ₹10 वाले 10,000 समता अंश जनता को निर्गमित किए। राशि इस प्रकार देय थी: आवेदन पर ₹2, आबंटन पर ₹3, प्रथम व अंतिम याचना पर ₹5। सभी राशियाँ प्राप्त हो गईं। जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिए।
अथवा
अंशों के आनुपातिक आबंटन (Pro-rata Allotment) को एक उदाहरण सहित समझाइए।
हल (Journal Entries):
1. Bank A/c Dr. 20,000 (10k×2)
To Share Application A/c 20,000
2. Share Application A/c Dr. 20,000
To Share Capital A/c 20,000
3. Share Allotment A/c Dr. 30,000 (10k×3)
To Share Capital A/c 30,000
4. Bank A/c Dr. 30,000
To Share Allotment A/c 30,000
5. Share First & Final Call A/c Dr. 50,000 (10k×5)
To Share Capital A/c 50,000
6. Bank A/c Dr. 50,000
To Share First & Final Call A/c 50,000
उत्तर: जब अधि-अभिदान (Over-subscription) की स्थिति में कंपनी आवेदकों को आंशिक रूप से अंश देती है, तो इसे आनुपातिक आबंटन कहते हैं। इसमें किसी को पूर्ण मना नहीं किया जाता।
उदाहरण: कंपनी ने 10,000 अंश जारी किए लेकिन आवेदन 15,000 के लिए आए। कंपनी ने तय किया कि हर 3 अंश मांगने वाले को 2 अंश दिए जाएंगे (अनुपात 3:2)। अतिरिक्त राशि को आबंटन में समायोजित किया जाएगा।
प्र.23. एक्स लिमिटेड ने ₹100 वाले 5,000, 9% ऋणपत्र निर्गमित किए। जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिए यदि:
(i) सममूल्य पर निर्गमन और सममूल्य पर मोचन।
(ii) 10% बट्टे पर निर्गमन और सममूल्य पर मोचन।
अथवा
अंशों और ऋणपत्रों में चार मुख्य अंतर लिखिए।
(i) सममूल्य-सममूल्य:
Bank A/c Dr. 5,00,000
To Debenture App. & Allot. A/c 5,00,000
Debenture App. & Allot. A/c Dr. 5,00,000
To 9% Debentures A/c 5,00,000

(ii) बट्टे पर निर्गमन-सममूल्य मोचन:
Bank A/c Dr. 4,50,000 (5000×90)
Discount on Issue of Deb. A/c Dr. 50,000 (5000×10)
To 9% Debentures A/c 5,00,000
उत्तर:
1. स्वामित्व: अंशधारी कंपनी के स्वामी होते हैं, ऋणपत्रधारी लेनदार होते हैं।
2. प्रतिफल: अंशों पर लाभांश मिलता है (जो लाभ पर निर्भर है), ऋणपत्रों पर निश्चित ब्याज मिलता है।
3. मताधिकार: अंशधारियों को वोट देने का अधिकार है, ऋणपत्रधारियों को नहीं।
4. जोखिम: अंशों में जोखिम अधिक है, ऋणपत्र सुरक्षित होते हैं।

⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं। वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है। छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।

📘 MP Board कक्षा 12वीं लेखाशास्त्र मॉडल पेपर (Arts & Commerce)

नीचे दिए गए सभी Accountancy Model Paper (Set A–D) नवीनतम MP Board सिलेबस एवं परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।

Tip: सभी Set A–D का अभ्यास करने से बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की संभावना बढ़ती है।

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