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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 5 बाल अपराध (कारण एवं प्रकार)

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बाल अपराध (कारण एवं प्रकार)

प्रिय शिक्षकों, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत 'बाल अपराध' (Juvenile Delinquency) एक अतिसंवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है। जब कोई कम उम्र का बालक कानून या समाज द्वारा निर्धारित नियमों के विरुद्ध आचरण करता है, तो उसे बाल अपराध कहा जाता है। आइए इसे विस्तार से समझें:

1. बाल अपराध का अर्थ एवं परिभाषा

साधारण शब्दों में, बच्चों या किशोरों द्वारा किया गया गैर-कानूनी या समाज-विरोधी कृत्य बाल अपराध कहलाता है। भारत में आमतौर पर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा किए गए अपराध इसके अंतर्गत आते हैं।

  • सििरिल बर्ट (Cyril Burt) के अनुसार: "कोई बालक तब अपराधी कहलाता है जब उसका समाज-विरोधी व्यवहार इतना स्पष्ट होता है कि वह कानून की नजर में दंडनीय बन जाता है।"

2. बाल अपराध के प्रमुख प्रकार

बालकों द्वारा किए जाने वाले अपराध विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं:

  • चोरी और सेंधमारी: दूसरों की संपत्ति बिना अनुमति के हड़पना।
  • पलायन और आवारागर्दी: घर या स्कूल से बिना बताए भाग जाना और सड़कों पर घूमना।
  • हिंसक आचरण: मारपीट करना, धमकाना, या तोड़फोड़ करना।
  • नशीले पदार्थों का सेवन: कम उम्र में ड्रग्स, सिगरेट या शराब का आदि होना।

3. बाल अपराध के उत्पन्न होने के कारण

बाल अपराध का कोई एक कारण नहीं होता, इसके पीछे सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कारण जुड़े होते हैं:

  • पारिवारिक कारण: टूटे हुए परिवार (Broken Families), माता-पिता का अत्यधिक कठोर या उपेक्षापूर्ण व्यवहार, और घर का अशांत वातावरण।
  • आर्थिक कारण: अत्यधिक गरीबी (Poverty), बुनियादी जरूरतों का अभाव, जिसके कारण बच्चे मजबूरन गलत रास्ते पर चले जाते हैं।
  • सामाजिक व पर्यावरणीय कारण: बुरी संगत (Peer Group), गंदी बस्तियों का माहौल, और असामाजिक तत्वों का प्रभाव।
  • मनोवैज्ञानिक कारक: हीन भावना, कुंठा (Frustration), और मानसिक असंतुलन।

4. सुधार एवं रोकथाम के उपाय

बाल अपराधियों के प्रति दंडात्मक नीति अपनाने के बजाय **सुधारवादी दृष्टिकोण (Reformative Approach)** अपनाया जाना चाहिए। इसके लिए बाल सुधार गृह (Juvenile Homes), मनोवैज्ञानिक परामर्श, और शिक्षा के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुनः जोड़ना आवश्यक है।

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📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q.1 बाल अपराध (Juvenile Delinquency) से क्या तात्पर्य है?
A) कम उम्र के बच्चों द्वारा कानून या समाज विरोधी कार्य करना
B) बहुत अधिक पढ़ना
C) खेलकूद में हिस्सा लेना
D) आज्ञाकारी होना
(उत्तर: A)

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Q.2 बाल अपराध का सबसे प्रमुख सामाजिक कारण निम्नलिखित में से किसे माना जाता है?
A) टूटे हुए परिवार और माता-पिता की उपेक्षा
B) विद्यालय का बड़ा खेल मैदान
C) अधिक पुस्तकालय होना
D) नियमित शिक्षक
(उत्तर: A)

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Q.3 बाल अपराधियों के प्रति समाज और न्याय प्रणाली का दृष्टिकोण कैसा होना चाहिए?
A) दंडात्मक और क्रूर
B) सुधारवादी और सहानुभूतिपूर्ण (Reformative Approach)
C) उदासीन
D) बहिष्कारपूर्ण
(उत्तर: B)

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Q.4 बुरी संगत या गलत मित्रों का प्रभाव (Peer Pressure) किस श्रेणी के अंतर्गत आता है?
A) आनुवंशिक कारण
B) सामाजिक और पर्यावरणीय कारक
C) जैविक कारक
D) शारीरिक कारण
(उत्तर: B)

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Q.5 भारत में सामान्यतः कितनी आयु से कम के बच्चों को बाल अपराधी माना जाता है?
A) 18 वर्ष
B) 21 वर्ष
C) 14 वर्ष
D) 12 वर्ष
(उत्तर: A)

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Q.6 बाल अपराधियों के सुधार के लिए स्थापित संस्थानों को क्या कहा जाता है?
A) केंद्रीय कारागार (Jail)
B) बाल सुधार गृह (Juvenile/Correctional Homes)
C) पुलिस स्टेशन
D) सामान्य बोर्डिंग स्कूल
(उत्तर: B)

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Q.7 अत्यधिक गरीबी और आर्थिक तंगी किस प्रकार के कारणों में आती है?
A) आर्थिक कारण (Economic Factors)
B) मनोवैज्ञानिक कारण
C) आनुवंशिक कारण
D) शैक्षणिक कारण
(उत्तर: A)

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Q.8 निम्नलिखित में से कौन सा बाल अपराध का एक प्रकार नहीं है?
A) चोरी करना
B) कक्षा में नियमित रूप से गृहकार्य पूरा करना
C) आवारागर्दी करना
D) स्कूल से भागना (Truancy)
(उत्तर: B)

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Q.9 बच्चों में अपराध प्रवृत्ति को रोकने में विद्यालय की क्या भूमिका होनी चाहिए?
A) बच्चों की काउंसलिंग, सकारात्मक माहौल और उनकी ऊर्जा को सृजनात्मक कार्यों में लगाना
B) गलती करने पर तुरंत स्कूल से निकाल देना
C) कड़ा शारीरिक दंड देना
D) उनकी उपेक्षा करना
(उत्तर: A)

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Q.10 "कोई बालक तब अपराधी बनता है जब उसका व्यवहार समाज-विरोधी होता है" — यह कथन किसका है?
A) सिरिल बर्ट (Cyril Burt)
B) जीन पियाजे
C) स्किनर
D) थार्नडाइक
(उत्तर: A)

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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 4 समस्याग्रस्त बालक (पहचान एवं निदानात्मक पक्ष)

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व्यावसायिक शिक्षा › ICT AI असिस्टेंट जॉबरोल 2026-27  समग्र शिक्षा अभियान सेकेण्डरी एजुकेशन क्र. SSA/व्याव.शि./निर्देश/2026-27/2511 दिनांक 05.08.2026  MP ICT विद्यालय व्यावसायिक शिक्षा 2026-27: कक्षा 9वीं में आर्टिफीशियल इंटेलीजेन्स असिस्टेंट जॉबरोल का पूरा आदेश  1953 ICT@school शासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में IT/ITes ट्रेड अंतर्गत व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ करने संबंधी लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा (सेकेण्डरी एजुकेशन) मध्यप्रदेश के आधिकारिक निर्देशों की संपूर्ण जानकारी।
समस्याग्रस्त बालक (पहचान एवं निदानात्मक पक्ष)

प्रिय शिक्षकों, समावेशी शिक्षा के अंतर्गत कक्षा कक्ष में कुछ ऐसे बच्चे होते हैं जिनका व्यवहार सामान्य बच्चों से अलग होता है और जो विद्यालयी नियमों, सामाजिक मर्यादाओं या शिक्षण प्रक्रिया के प्रतिकूल आचरण करते हैं। इन्हें 'समस्याग्रस्त बालक' (Problem Children) कहा जाता है। आइए इस विषय को विस्तार से समझें:

1. समस्याग्रस्त बालक का अर्थ एवं परिभाषा

समस्याग्रस्त बालक वे बच्चे हैं जिनका व्यवहार, व्यक्तित्व या आचरण इस प्रकार का होता है कि वे न केवल अपने लिए बल्कि अपने शिक्षकों, सहपाठियों और परिवार के लिए भी समस्या उत्पन्न करते हैं।

  • वैलेन्टाइन (Valentine) के अनुसार: "समस्याग्रस्त बालक वे हैं जिनका व्यवहार सामान्य सामाजिक और विद्यालयी मानकों से इतना अधिक विचलित होता है कि वे अपने लिए या दूसरों के लिए कठिनाई पैदा करते हैं।"

2. समस्याग्रस्त बालकों के प्रमुख प्रकार एवं लक्षण

  • चोरी करने वाले बालक: बिना अनुमति दूसरों की चीजें उठा लेना।
  • झूठ बोलने वाले बालक: सजा या डर से बचने के लिए बार-बार असत्य बोलना।
  • आक्रामक और क्रोधी बालक: छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना, मार-पीट करना या चीजें तोड़ना।
  • पलायनवादी (Truancy): बिना बताए स्कूल या घर से भाग जाना।
  • अति-सक्रिय (ADHD वाले) या अत्यधिक शर्मीले/सहमे हुए बालक: जो सामाजिक मेल-जोल से कतराते हैं।

3. समस्या उत्पन्न होने के मुख्य कारण

  • पारिवारिक कारक: माता-पिता के बीच कलह, घरेलू हिंसा, अत्यधिक लाड़-प्यार या अत्यधिक सख्ती, और टूटे हुए परिवार (Broken Families)।
  • विद्यालयीय कारक: कठोर अनुशासन, शिक्षक का अपमानजनक व्यवहार, और कठिन पाठ्यक्रम।
  • सामाजिक व मनोवैज्ञानिक कारक: बुरी संगत, हीन भावना (Inferiority Complex), और असुरक्षा की भावना।

4. निदानात्मक एवं उपचारात्मक पक्ष (Diagnostic & Remedial Aspect)

एक शिक्षक के रूप में समस्याग्रस्त बालकों के प्रति दंडात्मक रवैया अपनाने के बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए:

  • निदान (Diagnosis): समस्या के मूल कारणों (जैसे पारिवारिक तनाव या हीन भावना) का पता लगाना। इसके लिए केस स्टडी (Case Study), साक्षात्कार और अवलोकन विधि का उपयोग किया जाता है।
  • उपचार (Remediation): परामर्श (Counseling), सकारात्मक पुनर्बलन (Positive Reinforcement), सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाना।
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📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q.1 समस्याग्रस्त बालक वे होते हैं जिनका व्यवहार —
A) सामान्य सामाजिक और विद्यालयी मानकों से अत्यधिक विचलित होता है
B) बहुत शांत होता है
C) पूरी तरह प्रतिभाशाली होता है
D) अनुशासनयुक्त होता है
(उत्तर: A)

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Q.2 विद्यालय से बिना बताए गायब हो जाने वाले या भाग जाने वाले बालक को क्या कहा जाता है?
A) पलायनवादी (Truant Child)
B) सृजनात्मक बालक
C) प्रतिभावान बालक
D) मंदबुद्धि बालक
(उत्तर: A)

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Q.3 समस्याग्रस्त बालकों के उपचार के लिए सबसे पहले शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A) बच्चे को तुरंत स्कूल से निकाल देना चाहिए
B) समस्या के मूल कारणों का निदान (Diagnosis) करना चाहिए
C) उसे कठोर शारीरिक दंड देना चाहिए
D) उसकी उपेक्षा करनी चाहिए
(उत्तर: B)

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Q.4 बच्चों में समस्याग्रस्त व्यवहार उत्पन्न होने का मुख्य पारिवारिक कारण क्या है?
A) माता-पिता के बीच कलह और पारिवारिक विघटन
B) अत्यधिक पुस्तकालय की सुविधा
C) खेल का बड़ा मैदान
D) नियमित अध्ययन
(उत्तर: A)

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Q.5 बालक के व्यवहार का अध्ययन करने और उसकी समस्याओं के कारणों को जानने के लिए सबसे उत्तम विधि कौन सी है?
A) केस स्टडी (Case Study) विधि
B) केवल परीक्षा लेना
C) रटने की विधि
D) नजरअंदाज करना
(उत्तर: A)

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Q.6 यदि कक्षा में कोई बच्चा लगातार झूठ बोल रहा है, तो शिक्षक का दृष्टिकोण कैसा होना चाहिए?
A) सहानुभूतिपूर्ण और परामर्शदाता (Counselor) जैसा
B) क्रूर और दंडात्मक
C) पूरी कक्षा के सामने अपमानित करने वाला
D) उदासीन
(उत्तर: A)

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Q.7 'चोरी करना' या 'झूठ बोलना' किस प्रकार की समस्या के अंतर्गत आता है?
A) संवेगात्मक समस्या
B) व्यवहार संबंधी समस्या (Behavioral Problem)
C) शारीरिक विकलांगता
D) बौद्धिक उत्कृष्टता
(उत्तर: B)

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Q.8 समस्याग्रस्त बालकों के सुधार के लिए कौन सी विधि का प्रयोग किया जाता है?
A) उपचारात्मक शिक्षण और परामर्श (Counseling)
B) विद्यालय से निष्कासन
C) सामाजिक बहिष्कार
D) कठोर सजा
(उत्तर: A)

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Q.9 हीन भावना (Inferiority Complex) से ग्रस्त बच्चा कक्षा में किस प्रकार का व्यवहार कर सकता है?
A) या तो अत्यधिक आक्रामक हो सकता है या पूरी तरह सहमा हुआ/अलग-थलग रह सकता है
B) हमेशा कक्षा में प्रथम आएगा
C) अत्यधिक हंसेगा
D) नेतृत्व करेगा
(उत्तर: A)

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Q.10 निम्नलिखित में से कौन सा कारक समस्याग्रस्त व्यवहार को बढ़ावा देने में विद्यालय स्तर पर भूमिका निभा सकता है?
A) शिक्षक का पक्षपातपूर्ण और अपमानजनक व्यवहार
B) बाल-केंद्रित शिक्षण शैली
C) खेलकूद के अवसर
D) सकारात्मक पुनर्बलन
(उत्तर: A)

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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 3 प्रतिभावान, सृजनात्मक एवं विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्ताओं की पहचान

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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 3 प्रतिभावान, सृजनात्मक एवं विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्ताओं की पहचान
प्रतिभावान, सृजनात्मक एवं विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्ताओं की पहचान

विवरण: समावेशी शिक्षा के अंतर्गत केवल कमजोर या पिछड़े बच्चों पर ही नहीं, बल्कि 'विशिष्ट' श्रेणी में आने वाले प्रतिभावान (Gifted), सृजनात्मक (Creative) और विशेष क्षमता (Talented) वाले बच्चों की पहचान और उनकी उचित शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

1. प्रतिभावान बालक (Gifted Children)

वे बालक जिनकी बौद्धिक क्षमता (IQ) सामान्य बालकों से काफी अधिक होती है (सामान्यतः IQ 130 या उससे अधिक)।

  • विशेषताएँ: सीखने की तीव्र गति, उत्कृष्ट तार्किक क्षमता, अमूर्त चिंतन और व्यापक शब्दावली।
  • शैक्षिक आवश्यकता: इनके लिए संवर्धन (Enrichment) पाठ्यक्रम और त्वरित गति से शिक्षण की आवश्यकता होती है ताकि ये बोर न हों।

2. सृजनात्मक बालक (Creative Children)

सृजनात्मकता वह योग्यता है जिसके द्वारा व्यक्ति किसी समस्या के समाधान के लिए नवीन, मौलिक और अनोखे विचार प्रस्तुत करता है।

  • मुख्य गुण: अपसारी चिंतन (Divergent Thinking), मौलिकता (Originality), लचीलापन (Flexibility) और उत्सुकता।
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📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q.1 प्रतिभावान बालकों का बुद्धि लब्धि स्तर (IQ) सामान्यतः कितना होता है?
A) 90 से 110
B) 70 से कम
C) 130 या उससे अधिक
D) 50 से 70
(उत्तर: C)

Q.2 'सृजनात्मकता' (Creativity) का मुख्य संबंध किससे है?
A) अपसारी चिंतन (Divergent Thinking)
B) अभिसारी चिंतन
C) रटने की प्रवृत्ति
D) अनुकरण करना
(उत्तर: A)

Q.3 प्रतिभावान बच्चों की प्रमुख विशेषता क्या होती है?
A) सीखने की धीमी गति
B) जिज्ञासा और उच्च मानसिक प्रक्रिया
C) बात-बात पर डरना
D) पढ़ाई से भागना
(उत्तर: B)

Q.4 सृजनात्मक बालकों में कौन सा गुण पाया जाता है?
A) मौलिकता (Originality)
B) लचीलापन
C) प्रवाहशीलता (Fluency)
D) उपर्युक्त सभी
(उत्तर: D)

Q.5 कक्षा में एक प्रतिभावान बच्चा अक्सर बोरियत महसूस करता है, यदि —
A) पाठ्यक्रम उसकी बौद्धिक क्षमता के अनुसार बहुत सरल या धीमा हो
B) उसे बहुत कठिन गृहकार्य दिया जाए
C) शिक्षक उसकी तारीफ करे
D) खेल का मैदान बड़ा हो
(उत्तर: A)

Q.6 सृजनात्मकता की पहचान के लिए किस प्रकार के परीक्षणों का उपयोग किया जाता है?
A) बुद्धि परीक्षण
B) सृजनात्मक चिंतन परीक्षण (Torrance Tests आदि)
C) शारीरिक क्षमता परीक्षण
D) केवल मौखिक परीक्षा
(उत्तर: B)

Q.7 प्रतिभावान बच्चों के लिए सबसे उपयुक्त शिक्षण रणनीति कौन सी है?
A) संवर्धन (Enrichment) और त्वरित उन्नति (Acceleration)
B) उन्हें निचली कक्षा में भेजना
C) अतिरिक्त गृहकार्य का बोझ बढ़ाना
D) उपेक्षा करना
(उत्तर: A)

Q.8 टोरेंस (Torrance) परीक्षण का संबंध किससे है?
A) सृजनात्मकता के मापन से
B) व्यक्तित्व मापन से
C) बुद्धि मापन से
D) अधिगम अक्षमता से
(उत्तर: A)

Q.9 एक सृजनात्मक शिक्षक कक्षा में किसे बढ़ावा देगा?
A) स्वतंत्र सोच और मौलिक विचारों को
B) केवल रटने को
C) कड़े अनुशासन को
D) पुस्तक के बाहर जाने पर प्रतिबंध को
(उत्तर: A)

Q.10 निम्नलिखित में से कौन सा कथन प्रतिभावान बच्चों के संदर्भ में सही नहीं है?
A) वे सभी क्षेत्रों में हमेशा प्रथम आते हैं और उन्हें किसी मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं होती
B) वे अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिए कई प्रश्न पूछते हैं
C) उनमें उच्च स्तर की ऊर्जा होती है
D) वे समस्याओं के अनोखे हल ढूंढते हैं
(उत्तर: A)

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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 2 अधिगम कठिनाइयों, 'क्षति' आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान

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अधिगम कठिनाइयाँ किसे कहते हैं? डिस्लेक्सिया, डिस्कैलकुलिया, डिस्ग्राफिया (Specific Learning Disabilities - SLD) क्षति (Impairment) vs विकलांगता (Disability) vs असमर्थता (Handicap) — यह त्रयी (Trinity) MPTET में बार-बार पूछी जाती है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN - Children with Special Needs) समावेशी कक्षा में शिक्षण रणनीतियाँ In-service Teachers MPTET Preparation
अधिगम कठिनाइयों, 'क्षति' आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान

विवरण: कक्षा कक्ष में कुछ बच्चों को सामान्य सीखने की प्रक्रिया में विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शिक्षक के रूप में यह जानना आवश्यक है कि 'क्षति' (Impairment), 'अशक्तता' (Disability) और 'विकलांगता' (Handicap) में क्या अंतर है तथा अधिगम अक्षमताओं की पहचान कैसे की जाए।

1. क्षति (Impairment), अशक्तता (Disability) और विकलांगता (Handicap) में अंतर

  • क्षति (Impairment): शारीरिक या मनोवैज्ञानिक अंगों की संरचना या कार्यप्रणाली में कमी (जैसे- आँख की रोशनी कम होना)।
  • अशक्तता (Disability): क्षति के कारण किसी कार्य को करने में होने वाली असमर्थता (जैसे- ठीक से न देख पाना)।
  • विकलांगता (Handicap): जब कोई अशक्तता व्यक्ति को उसकी सामाजिक भूमिका निभाने में बाधा बनती है।

2. प्रमुख अधिगम अक्षमताएँ (Learning Disabilities)

  • डिस्लेक्सिया (Dyslexia): पढ़ने से संबंधित विकार (अक्षरों या शब्दों को उल्टा पढ़ना)।
  • डिस्ग्राफिया (Dysgraphia): लिखने से संबंधित विकार (स्पष्ट न लिख पाना)।
  • डिस्कैल्कुलेरिया (Dyscalculia): गणितीय गणना और अंकों से जुड़ी समस्या।
  • डिस्प्रैक्सिया (Dyspraxia): शारीरिक कौशल और समन्वय (Motor skills) से जुड़ी समस्या।
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📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q.1 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) मुख्य रूप से किस प्रकार की कठिनाई से जुड़ा है?
A) पढ़ने की कठिनाई (Reading Disorder)
B) लिखने की कठिनाई
C) गणितीय गणना
D) शारीरिक समन्वय
(उत्तर: A)

Q.2 लिखने से संबंधित अधिगम अक्षमता को क्या कहा जाता है?
A) डिस्लेक्सिया
B) डिस्ग्राफिया (Dysgraphia)
C) डिस्कैल्कुलेरिया
D) अफेशिया
(उत्तर: B)

Q.3 गणितीय गणनाओं को समझने में असमर्थता किस विकार का लक्षण है?
A) डिस्ग्राफिया
B) डिस्कैल्कुलेरिया (Dyscalculia)
C) डिस्लेक्सिया
D) ऑटिज्म
(उत्तर: B)

Q.4 शारीरिक अंगों की संरचना या कार्यप्रणाली में कमी को क्या कहा जाता है?
A) क्षति (Impairment)
B) विकलांगता
C) कुसमायोजन
D) पिछड़ापन
(उत्तर: A)

Q.5 बच्चे में पठन अक्षमता (Reading Disability) की पहचान एक शिक्षक कैसे कर सकता है?
A) शब्दों को पहचानते समय उच्चारण में अशुद्धि और भ्रम देखकर
B) गणित के सवाल हल न करने पर
C) खेलकूद में पीछे रहने पर
D) अधिक बोलने पर
(उत्तर: A)

Q.6 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) का संबंध किससे है?
A) पठन दोष
B) शारीरिक गति और गत्यात्मक समन्वय (Motor Coordination) की समस्या
C) सुनने की समस्या
D) याददाश्त की कमजोरी
(उत्तर: B)

Q.7 अधिगम कठिनाइयों से ग्रस्त बच्चों के शिक्षण के लिए सबसे प्रभावी उपागम क्या है?
A) उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) और विशेष रणनीतियाँ
B) उन्हें कक्षा से बाहर करना
C) सजा देना
D) उपेक्षा करना
(उत्तर: A)

Q.8 भाषाघात या बोलने से संबंधित विकार को क्या कहते हैं?
A) अफेशिया (Aphasia)
B) डिस्लेक्सिया
C) डिस्ग्राफिया
D) ऑटिज्म
(उत्तर: A)

Q.9 समावेशी कक्षा में अधिगम अक्षम बच्चों के लिए आकलन का तरीका कैसा होना चाहिए?
A) लचीला और उनकी क्षमता के अनुकूल
B) बहुत कठिन
C) केवल मौखिक
D) लिखित और सख्त
(उत्तर: A)

Q.10 निम्नलिखित में से कौन सा अधिगम अक्षमता का एक सामान्य लक्षण नहीं है?
A) एकाग्रता की कमी
B) उच्च बौद्धिक स्तर और तीव्र सृजनात्मकता
C) दिशाओं का ज्ञान न होना
D) वर्तनी संबंधी अशुद्धियाँ
(उत्तर: B)

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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 1 अलाभान्वित एवं वंचित वर्ग के अधिगमकर्ताओं की पहचान

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MP TET Syllabus 2026 DPI MP TET CDP Topics समावेशित शिक्षा का अर्थ विशेष आवश्यकता वाले बच्चे कौन हैं? अलाभान्वित वर्ग की परिभाषा MPTET Child Development and Pedagogy
अलाभान्वित एवं वंचित वर्ग के अधिगमकर्ताओं की पहचान

विवरण: शिक्षा के क्षेत्र में 'वंचित' (Deprived) और 'अलाभान्वित' (Disadvantaged) वर्ग उन बच्चों को संदर्भित करता है जो सामाजिक, आर्थिक या सांस्कृतिक कारणों से विकास के समान अवसर प्राप्त नहीं कर पाए हैं। एक शिक्षक के रूप में इनकी पहचान करना और उन्हें मुख्यधारा में लाना अत्यंत आवश्यक है।

1. वंचित वर्ग के बालक कौन हैं?

वे बालक जो जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं और शैक्षिक अवसरों से वंचित रह जाते हैं। इनके मुख्य लक्षण हैं:

  • सामाजिक वंचन: जातिगत भेदभाव या समाज के पिछड़े तबके से संबंध।
  • आर्थिक वंचन: गरीबी के कारण शिक्षा सामग्री या स्कूल की सुविधा न मिलना।
  • सांस्कृतिक वंचन: परिवार में शैक्षिक वातावरण का अभाव या भाषा संबंधी समस्या।

2. पहचान के तरीके

  • बच्चों की पारिवारिक आर्थिक स्थिति का अवलोकन।
  • कक्षा में उनकी भाषाई और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का ध्यान रखना।
  • उनकी उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन की निरंतर निगरानी।
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📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q.1 वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा का मुख्य लक्ष्य क्या है?
A) उन्हें अलग स्कूल में पढ़ाना
B) शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना
C) केवल व्यवसायिक शिक्षा देना
D) उपेक्षा करना
(उत्तर: B)

Q.2 वंचित वर्ग के बच्चे मुख्य रूप से किस समस्या से जूझते हैं?
A) अवसरों की समानता
B) संसाधनों का अभाव
C) अधिक बुद्धि
D) खेलकूद की सुविधा
(उत्तर: B)

Q.3 कक्षा में विविध पृष्ठभूमि के बच्चों के प्रति शिक्षक का दृष्टिकोण कैसा होना चाहिए?
A) तटस्थ
B) पक्षपाती
C) समावेशी और संवेदनशील
D) कठोर
(उत्तर: C)

Q.4 सामाजिक रूप से वंचित बच्चों की पहचान के लिए कौन सा कारक सहायक है?
A) पारिवारिक पृष्ठभूमि
B) पिता का व्यवसाय
C) घर की भाषा
D) उपर्युक्त सभी
(उत्तर: D)

Q.5 अलाभान्वित बच्चों के लिए 'भाषा' की समस्या को कैसे दूर किया जा सकता है?
A) उनकी मातृभाषा को सम्मान देकर
B) केवल अंग्रेजी में पढ़ाकर
C) दंड देकर
D) भाषा सुधार पर रोक लगाकर
(उत्तर: A)

Q.6 कौन से बच्चे 'अलाभान्वित' (Disadvantaged) की श्रेणी में आते हैं?
A) अमीर परिवारों के बच्चे
B) शहरी सुविधा संपन्न बच्चे
C) आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े बच्चे
D) प्रतिभाशाली बच्चे
(उत्तर: C)

Q.7 समावेशी कक्षा में वंचित वर्ग के बच्चों की सहायता हेतु क्या आवश्यक है?
A) अतिरिक्त शिक्षण सहायता (Remedial Teaching)
B) उन्हें अलग बिठाना
C) परीक्षा न लेना
D) डांटना
(उत्तर: A)

Q.8 शिक्षा के क्षेत्र में 'वंचन' (Deprivation) का अर्थ है?
A) विकास के अवसरों की कमी
B) अधिक सुविधा
C) पूर्ण साक्षरता
D) उच्च योग्यता
(उत्तर: A)

Q.9 वंचित बच्चों के सीखने में कौन सा कारक बाधक हो सकता है?
A) घर का शैक्षिक वातावरण
B) विद्यालय की दूरी
C) पोषण की कमी
D) उपर्युक्त सभी
(उत्तर: D)

Q.10 शिक्षक द्वारा विविध पृष्ठभूमि वाले बच्चों का सम्मान करने से कक्षा में क्या बढ़ता है?
A) असुरक्षा
B) आत्मविश्वास और जुड़ाव
C) प्रतिस्पर्धा
D) अलगाव
(उत्तर: B)

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MPTET Complete Study Notes & MCQs : Child Development and Pedagogy 15 - अधिगमकर्ताओं की तैयारी के स्तर के आंकलन हेतु उपयुक्त प्रश्नों का निर्माण, कक्षाकक्ष में अधिगम को बढ़ाने हेतु आलोचनात्मक चिंतन तथा उपलब्धि का आंकलन

अधिगम और शिक्षाशास्त्र के अंतिम बिंदु "अधिगमकर्ताओं की तैयारी के स्तर का आंकलन, आलोचनात्मक चिंतन और उपलब्धि का आंकलन" पर विस्तृत अध्ययन नोट्स और 10 महत्वपूर्ण MCQs
आंकलन, आलोचनात्मक चिंतन और उपलब्धि मापन | MP TET Notes

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1. अधिगमकर्ताओं की तैयारी के स्तर का आंकलन (Assessment of Readiness)

शिक्षण शुरू करने से पहले यह जानना आवश्यक है कि छात्र किस स्तर पर हैं। इसके लिए 'निदानात्मक परीक्षण' (Diagnostic Testing) और 'पूर्व-ज्ञान परीक्षण' का उपयोग किया जाता है। प्रश्न निर्माण के समय शिक्षक को प्रश्नों की कठिनाई के स्तर (Bloom's Taxonomy) का ध्यान रखना चाहिए।

2. आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking)

कक्षा में अधिगम बढ़ाने के लिए आलोचनात्मक चिंतन अनिवार्य है। इसका अर्थ केवल रटना नहीं, बल्कि:

  • तथ्यों का विश्लेषण करना।
  • तर्क और प्रमाण के आधार पर निष्कर्ष निकालना।
  • विषय वस्तु के विविध पहलुओं पर प्रश्न उठाना।
  • शिक्षक को कक्षा में 'ओपन-एंडेड' (Open-ended) प्रश्न पूछने चाहिए जो बच्चों को सोचने पर मजबूर करें।

3. उपलब्धि का आंकलन (Achievement Assessment)

उपलब्धि परीक्षण यह मापते हैं कि शिक्षण के बाद छात्र ने कितना और क्या सीखा है। यह मानक संदर्भित (Norm-referenced) या मानक-संदर्भित (Criterion-referenced) हो सकता है।

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📌 अभ्यास हेतु MCQs

Q1. आलोचनात्मक चिंतन में क्या शामिल है?
A) रटना 

B) विश्लेषण और मूल्यांकन 

C) नकल करना 

D) केवल सुनना 

- उत्तर: B

Q2. अधिगमकर्ताओं की तैयारी के स्तर को जानने के लिए सबसे उपयुक्त प्रश्न हैं:
A) केवल बहुविकल्पीय B) पूर्व ज्ञान आधारित प्रश्न C) बहुत कठिन प्रश्न D) केवल निबंधात्मक - उत्तर: B

Q3. 'ओपन-एंडेड' प्रश्न क्या बढ़ावा देते हैं?
A) आलोचनात्मक चिंतन B) रटने की शक्ति C) अनुशासन D) डर - उत्तर: A

Q4. उपलब्धि परीक्षण का मुख्य उद्देश्य है:
A) छात्र की योग्यता का मापन B) शिक्षक की परीक्षा C) स्कूल की प्रसिद्धि D) कोई नहीं - उत्तर: A

Q5. आलोचनात्मक चिंतन के विकास हेतु शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A) छात्रों के विचारों को चुनौती देना B) प्रश्न पूछने पर रोकना C) रटवाना D) मौन रहना - उत्तर: A

Q6. 'निदानात्मक परीक्षण' (Diagnostic Test) का उपयोग कब किया जाता है?
A) शिक्षण से पहले B) शिक्षण के अंत में C) कभी नहीं D) केवल वार्षिक परीक्षा में - उत्तर: A

Q7. अधिगम को बढ़ाने के लिए प्रश्न कैसे होने चाहिए?
A) विषय से संबंधित और चुनौतीपूर्ण B) बहुत आसान C) केवल किताब से D) रटने योग्य - उत्तर: A

Q8. उपलब्धि आंकलन में 'मानक-संदर्भित' (Criterion-referenced) का अर्थ है:
A) एक पूर्व निर्धारित मानक की प्राप्ति B) दूसरे छात्रों से तुलना C) औसत निकालना D) रटना - उत्तर: A

Q9. चिंतन प्रक्रिया में सुधार के लिए क्या जरूरी है?
A) विविध दृष्टिकोणों को समझना B) केवल एक मत रखना C) रटना D) अनदेखा करना - उत्तर: A

Q10. मूल्यांकन की प्रक्रिया में शिक्षक को किस प्रकार की प्रतिक्रिया (Feedback) देनी चाहिए?
A) रचनात्मक और सुधारात्मक B) केवल नकारात्मक C) केवल अंक देना D) कोई फीडबैक न देना - उत्तर: A

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MP TET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र:  (15 महत्वपूर्ण बिन्दू) 

सेवारत शिक्षकों के लिए DPI द्वारा विमर्श पोर्टल पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन नोट्स एवं अभ्यास प्रश्न 

01. बाल विकास की अवधारणा एवं अधिगम से संबंध उपलब्ध
अध्ययन करें
02. विकास और विकास को प्रभावित करने वाले कारक उपलब्ध
अध्ययन करें
03. बाल विकास के सिद्धांत उपलब्ध
अध्ययन करें
04. बालकों का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार समस्याएं उपलब्ध
अध्ययन करें
05. वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव उपलब्ध
अध्ययन करें
06. समाजीकरण की प्रक्रिया उपलब्ध
अध्ययन करें
07. पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की उपलब्ध
अध्ययन करें
08. बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा उपलब्ध
अध्ययन करें
09. बुद्धि की संरचना एवं मापन उपलब्ध
अध्ययन करें
10. समावेशी शिक्षा एवं विविध पृष्ठभूमि के बालक उपलब्ध
अध्ययन करें
11. भाषा और विचार उपलब्ध
अध्ययन करें
12. जेंडर: सामाजिक निर्माण एवं शैक्षिक प्रथाएं उपलब्ध
अध्ययन करें
13. अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं उपलब्ध
अध्ययन करें
14. आंकलन: सतत एवं समग्र मूल्यांकन उपलब्ध
अध्ययन करें
15. प्रश्नों का निर्माण एवं आलोचनात्मक चिंतन उपलब्ध
अध्ययन करें
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MPTET Complete Study Notes & MCQs : Child Development and Pedagogy 14 - आंकलन (Assessment) और सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE)

आंकलन (Assessment) और सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE) | MP TET Notes

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लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश (MP ESB) की प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) के पाठ्यक्रम के अंतर्गत "अधिगम के लिए आंकलन और अधिगम का आंकलन में अंतर, शाला आधारित आंकलन, सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE)" पर विस्तृत अध्ययन नोट्स और 10 महत्वपूर्ण MCQs
1. अधिगम के लिए आंकलन बनाम अधिगम का आंकलन

  • अधिगम के लिए आंकलन (Assessment for Learning - AfL): यह 'निर्माणात्मक' (Formative) है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षण के दौरान सुधार करना है। यह प्रक्रिया शिक्षण के साथ-साथ चलती है।
  • अधिगम का आंकलन (Assessment of Learning - AoL): यह 'योगात्मक' (Summative) है। यह शिक्षण प्रक्रिया के अंत में (जैसे- वार्षिक परीक्षा) यह जानने के लिए किया जाता है कि छात्र ने क्या सीखा।

2. सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE)

CCE का अर्थ है छात्र के विकास के 'सतत' (निरंतर) और 'समग्र' (शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक) पक्षों का मूल्यांकन करना।

  • सतत: मूल्यांकन वर्ष भर नियमित अंतराल पर होता है।
  • समग्र: इसमें केवल अंक नहीं, बल्कि बालक के सामाजिक, व्यवहारिक और शारीरिक विकास को भी देखा जाता है।

3. शाला आधारित आंकलन (School-Based Assessment)

यह मूल्यांकन शिक्षकों द्वारा शाला के वातावरण में ही किया जाता है। इसका लाभ यह है कि शिक्षक छात्रों की व्यक्तिगत जरूरतों और उनकी प्रगति को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।

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📌 अभ्यास हेतु MCQs

Q1. 'अधिगम के लिए आंकलन' (Assessment for Learning) किस प्रकार का मूल्यांकन है?
A) योगात्मक 

B) निर्माणात्मक (Formative) 

C) अंतिम 

D) मानक 

- उत्तर: B

Q2. CCE का क्या अर्थ है?
A) सतत एवं समग्र मूल्यांकन 

B) केवल परीक्षा प्रणाली 

C) अंक प्रणाली 

D) कोई नहीं 

- उत्तर: A

Q3. शाला आधारित आंकलन का मुख्य लाभ क्या है?
A) शिक्षकों को छात्रों के प्रति जवाबदेह बनाना 

B) छात्रों को रटाना 

C) केवल अंक देना 

D) कोई लाभ नहीं 

- उत्तर: A

Q4. योगात्मक मूल्यांकन (Summative Assessment) कब किया जाता है?
A) सत्र के अंत में 

B) पढ़ाते समय 

C) रोजाना 

D) कभी नहीं 

- उत्तर: A

Q5. 'समग्र' (Comprehensive) मूल्यांकन में शामिल है:
A) केवल शैक्षिक क्षेत्र 

B) शैक्षिक और सह-शैक्षिक दोनों क्षेत्र 

C) केवल खेलकूद 

D) केवल व्यवहार 

- उत्तर: B

Q6. आंकलन का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
A) छात्रों की रैंकिंग तय करना 

B) सीखने की कमियों को दूर करना 

C) डराना 

D) पास-फेल करना 

- उत्तर: B

Q7. अधिगम का आंकलन (Assessment of Learning) किसके लिए उपयोगी है?
A) ग्रेडिंग और प्रमाणन के लिए 

B) सुधार के लिए 

C) रटने के लिए 

D) कोई नहीं 

- उत्तर: A

Q8. कौन सी मूल्यांकन प्रक्रिया 'सतत' है?
A) केवल वार्षिक परीक्षा 

B) निरंतर चलने वाली प्रक्रिया 

C) केवल मासिक परीक्षा 

D) कोई नहीं 

- उत्तर: B

Q9. शाला आधारित आंकलन में कौन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
A) विषय शिक्षक 

B) केवल बोर्ड 

C) अभिभावक 

D) केवल छात्र 

- उत्तर: A

Q10. CCE योजना में छात्रों के व्यक्तित्व के किन पहलुओं का मूल्यांकन होता है?
A) केवल बौद्धिक 

B) संज्ञानात्मक और सह-संज्ञानात्मक दोनों 

C) केवल शारीरिक 

D) कोई नहीं - उत्तर: B

🔗 संकलन: MP Education Gyan Deep & Gyan Deep Info
MP TET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र:  (15 महत्वपूर्ण बिन्दू) 

सेवारत शिक्षकों के लिए DPI द्वारा विमर्श पोर्टल पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन नोट्स एवं अभ्यास प्रश्न 

01. बाल विकास की अवधारणा एवं अधिगम से संबंध उपलब्ध
अध्ययन करें
02. विकास और विकास को प्रभावित करने वाले कारक उपलब्ध
अध्ययन करें
03. बाल विकास के सिद्धांत उपलब्ध
अध्ययन करें
04. बालकों का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार समस्याएं उपलब्ध
अध्ययन करें
05. वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव उपलब्ध
अध्ययन करें
06. समाजीकरण की प्रक्रिया उपलब्ध
अध्ययन करें
07. पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की उपलब्ध
अध्ययन करें
08. बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा उपलब्ध
अध्ययन करें
09. बुद्धि की संरचना एवं मापन उपलब्ध
अध्ययन करें
10. समावेशी शिक्षा एवं विविध पृष्ठभूमि के बालक उपलब्ध
अध्ययन करें
11. भाषा और विचार उपलब्ध
अध्ययन करें
12. जेंडर: सामाजिक निर्माण एवं शैक्षिक प्रथाएं उपलब्ध
अध्ययन करें
13. अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं उपलब्ध
अध्ययन करें
14. आंकलन: सतत एवं समग्र मूल्यांकन उपलब्ध
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15. प्रश्नों का निर्माण एवं आलोचनात्मक चिंतन उपलब्ध
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