MP Board कक्षा 12वीं कॉमर्स – लेखाशास्त्र (Set A) मॉडल प्रश्न पत्र
बोर्ड परीक्षा के नवीनतम पैटर्न और पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है।
यह सेट विशेष रूप से महत्वपूर्ण व बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्नों पर आधारित है।
✔️ MP Board परीक्षा पैटर्न पर आधारित
✔️ Set A के अनुसार चयनित प्रश्न
✔️ 1, 2, 3 एवं 4 अंक वाले प्रश्न शामिल
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए उपयोगी
कक्षा: 12वीं (कॉमर्स)
विषय: लेखाशास्त्र (Accountancy)
मॉडल पेपर: Set A
बोर्ड: MP Board
इस Set A मॉडल पेपर के अभ्यास से विद्यार्थी प्रश्नों की संरचना,
समय प्रबंधन और उत्तर लेखन में दक्षता प्राप्त कर सकते हैं।
लेखाशास्त्र Model Paper Set A देखें
Accountancy Model Paper 12th - Sandipani Vidyalaya
कक्षा 12वीं - लेखाशास्त्र
(मॉडल पेपर 2025-26 सेट-A)
Created by : D. Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी अधिनियम कब लागू हुआ?
(अ) 1932(ब) 1956(स) 2013(द) 1947
👉 (अ) 1932
विवरण: भारतीय साझेदारी अधिनियम 1 अक्टूबर 1932 को लागू हुआ था।
विवरण: समता अंशधारियों (Equity Shareholders) को कंपनी में मताधिकार प्राप्त होता है और वे जोखिम उठाते हैं, अतः वे स्वामी कहलाते हैं।
(v) ऋणपत्रधारियों को प्रतिफल के रूप में मिलता है:
(अ) लाभ(ब) लाभांश(स) ब्याज(द) वेतन
👉 (स) ब्याज
विवरण: ऋणपत्र एक प्रकार का ऋण है, जिस पर निश्चित दर से ब्याज दिया जाता है, चाहे कंपनी को लाभ हो या हानि।
(vi) आदर्श चालू अनुपात (Ideal Current Ratio) माना जाता है:
(अ) 1:1(ब) 2:1(स) 1:2(द) 3:1
👉 (ब) 2:1
विवरण: यह माना जाता है कि चालू दायित्वों को चुकाने के लिए चालू संपत्तियां दोगुनी होनी चाहिए।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी फर्म में कम से कम ________ साझेदार होने चाहिए।
2 (दो)
विवरण: साझेदारी के लिए कम से कम दो व्यक्तियों का होना अनिवार्य है।
(ii) फर्म के विघटन पर संपत्तियों को ________ खाते में अंतरित किया जाता है।
वसूली (Realisation)
विवरण: विघटन पर संपत्तियों को बेचने और दायित्वों को चुकाने के लिए वसूली खाता खोला जाता है।
(iii) कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार, अंशों को ________ पर निर्गमित नहीं किया जा सकता।
बट्टे/छूट (Discount)
विवरण: धारा 53 के अनुसार, स्वेट समता अंशों को छोड़कर, अंशों का बट्टे पर निर्गमन प्रतिबंधित है।
(iv) ऋणपत्रों पर ब्याज की गणना उनके ________ मूल्य पर की जाती है।
अंकित/सम (Face)
विवरण: ब्याज हमेशा अंकित मूल्य (Face Value) पर ही दिया जाता है, निर्गमन मूल्य पर नहीं।
(v) तुलनात्मक विवरणों को ________ विश्लेषण भी कहते हैं।
क्षैतिज (Horizontal)
विवरण: इसमें कई वर्षों के आंकड़ों की तुलना एक पंक्ति (क्षैतिज) में की जाती है।
(vi) रोकड़ प्रवाह विवरण ________ लेखांकन प्रमाप (AS) से संबंधित है।
3 (संशोधित)
विवरण: Cash Flow Statement का निर्माण AS-3 (Revised) के अनुसार अनिवार्य है।
प्र.3. सत्य/असत्य का चयन कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी संलेख बनाना अनिवार्य है।
असत्य
विवरण: साझेदारी संलेख (Deed) बनाना ऐच्छिक है, अनिवार्य नहीं। यदि यह नहीं है, तो साझेदारी अधिनियम लागू होता है।
(ii) नए साझेदार के प्रवेश पर पुरानी ख्याति को पुराने साझेदारों में अपलिखित किया जाता है।
सत्य
विवरण: पुस्तकों में पहले से विद्यमान ख्याति को पुराने साझेदारों के पुराने अनुपात में समाप्त (Write off) कर दिया जाता है।
(iii) कंपनी एक कृत्रिम व्यक्ति है।
सत्य
विवरण: कानून की नजर में कंपनी एक कृत्रिम व्यक्ति है जिसका अपना अलग अस्तित्व और सार्वमुद्रा होती है।
(iv) ऋणपत्रों का शोधन नहीं किया जा सकता।
असत्य
विवरण: ऋणपत्रों का शोधन (Repayment) एक निश्चित अवधि के बाद करना अनिवार्य होता है (सिवाय शाश्वत ऋणपत्रों के)।
(v) अनुपात विश्लेषण से व्यवसाय की लाभप्रदता का पता चलता है।
सत्य
विवरण: लाभप्रदता अनुपात (जैसे GP Ratio, NP Ratio) व्यवसाय की लाभ कमाने की क्षमता को मापते हैं।
(vi) ह्रास (Depreciation) एक रोकड़ मद है।
असत्य
विवरण: ह्रास एक गैर-रोकड़ (Non-cash) व्यय है क्योंकि इसमें नकद का भुगतान नहीं होता।
प्र.4. सही जोड़ी मिलाइए: (1×7 = 7 अंक)
(i) त्याग अनुपात -> (क) तरल संपत्ति / चालू दायित्व
(ii) नफा (लाभ) अनुपात -> (ख) कंपनी का समापन
(iii) फर्म का विघटन -> (ग) साझेदार का प्रवेश
(iv) निस्तारक (Liquidator) -> (घ) लेनदार
(v) ऋणपत्रधारी -> (ङ) मशीनरी का क्रय
(vi) निवेश क्रियाएं -> (च) वसूली खाता
(vii) त्वरित अनुपात -> (छ) साझेदार की सेवानिवृत्ति
सही मिलान:
1. त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio) → (ग) साझेदार का प्रवेश
2. नफा/लाभ अनुपात (Gaining Ratio) → (छ) साझेदार की सेवानिवृत्ति
3. फर्म का विघटन → (च) वसूली खाता (Realisation A/c)
4. निस्तारक (Liquidator) → (ख) कंपनी का समापन
5. ऋणपत्रधारी → (घ) लेनदार (Creditors)
6. निवेश क्रियाएं → (ङ) मशीनरी का क्रय
7. त्वरित अनुपात → (क) तरल संपत्ति / चालू दायित्व
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) अवशिष्ट याचना (Calls in Arrear) पर कंपनी द्वारा कितना ब्याज लिया जा सकता है?
अधिकतम 10% वार्षिक
(ii) सामान्य लाभ से अधिक अर्जित औसत लाभ को क्या कहते हैं?
अधिलाभ (Super Profit)
(iii) साझेदारी संलेख के अभाव में ऋण पर ब्याज की दर क्या होती है?
6% वार्षिक
(iv) वह विवरण जो कंपनी की वित्तीय स्थिति को दर्शाता है, क्या कहलाता है?
चिट्ठा / तुलन पत्र (Balance Sheet)
(v) जनता को अंश क्रय के लिए आमंत्रित करने वाले प्रलेख को क्या कहते हैं?
प्रविवरण (Prospectus)
(vi) ऋणपत्रों का मोचन किस मूल्य पर नहीं किया जा सकता?
बट्टे पर (Discount) - सामान्यतः व्यवहार में नहीं होता।
(vii) फर्नीचर की बिक्री से प्राप्त रोकड़ किस प्रकार की क्रिया है?
निवेश क्रिया (Investing Activity)
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. साझेदारी संलेख (Partnership Deed) किसे कहते हैं?
अथवा
स्थिर और परिवर्तनशील पूंजी पद्धति में दो अंतर लिखिए।
उत्तर: साझेदारी संलेख एक लिखित समझौता है जिसमें साझेदारी के नियमों और शर्तों (जैसे लाभ अनुपात, वेतन, ब्याज आदि) का उल्लेख होता है।
(अथवा) उत्तर:
1. स्थिर पद्धति में दो खाते (पूंजी और चालू) बनते हैं, परिवर्तनशील में केवल एक (पूंजी खाता)।
2. स्थिर में पूंजी शेष सामान्यतः नहीं बदलता, परिवर्तनशील में बदलता रहता है।
प्र.7. त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio) का सूत्र लिखिए।
अथवा
ख्याति के मूल्यांकन की दो विधियों के नाम लिखिए।
उत्तर: त्याग अनुपात = पुराना अनुपात - नया अनुपात। (Old Ratio - New Ratio)
(अथवा) उत्तर: 1. औसत लाभ विधि (Average Profit Method), 2. अधिलाभ विधि (Super Profit Method)।
प्र.8. फर्म के विघटन का क्या अर्थ है?
अथवा
वसूली खाते (Realisation Account) का उद्देश्य बताइए।
उत्तर: फर्म के विघटन का अर्थ है सभी साझेदारों के बीच साझेदारी का समाप्त होना, व्यवसाय का बंद होना और संपत्तियों/दायित्वों का निपटारा करना।
(अथवा) उत्तर: इसका उद्देश्य फर्म के समापन पर संपत्तियों की बिक्री और दायित्वों के भुगतान से होने वाले लाभ या हानि को ज्ञात करना है।
प्र.9. अधिकृत पूंजी (Authorized Capital) किसे कहते हैं?
अथवा
समता अंश और पूर्वाधिकार अंश में दो अंतर लिखिए।
उत्तर: यह वह अधिकतम पूंजी है जिसे कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (पार्षद सीमा नियम) द्वारा निर्गमित करने के लिए अधिकृत होती है।
(अथवा) उत्तर: 1. पूर्वाधिकार अंशधारकों को लाभांश पहले मिलता है। 2. समता अंशधारकों को मताधिकार (Voting Rights) होता है, पूर्वाधिकार को नहीं (सामान्यतः)।
प्र.10. ऋणपत्र (Debenture) की परिभाषा दीजिए।
अथवा
ऋणपत्रों के शोधन की दो विधियाँ लिखिए।
उत्तर: ऋणपत्र कंपनी की सार्वमुद्रा के अधीन जारी किया गया एक प्रलेख है जो ऋण की स्वीकृति है, जिस पर निश्चित दर से ब्याज देय होता है।
(अथवा) उत्तर: 1. एकमुश्त भुगतान विधि (Lump-sum payment)। 2. किस्तों में भुगतान (Draw of lots)।
प्र.11. वित्तीय विवरणों की दो सीमाएं लिखिए।
अथवा
चालू अनुपात (Current Ratio) का सूत्र लिखिए।
उत्तर: 1. ये ऐतिहासिक लागत पर आधारित होते हैं (मूल्य परिवर्तन को अनदेखा करते हैं)। 2. ये गुणात्मक पहलुओं (जैसे प्रबंधन की कुशलता) को नहीं दर्शाते।
(अथवा) उत्तर: चालू अनुपात = चालू संपत्तियां / चालू दायित्व (Current Assets / Current Liabilities)।
प्र.12. रोकड़ प्रवाह विवरण का क्या आशय है?
अथवा
रोकड़ तुल्य (Cash Equivalents) के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: यह एक ऐसा विवरण है जो एक निश्चित अवधि के दौरान रोकड़ और रोकड़ तुल्यों के आवक (Inflow) और जावक (Outflow) प्रवाह को दर्शाता है।
उत्तर: वे मुख्य क्रियाएं जो उपक्रम की आगम (Revenue) अर्जन का मुख्य स्रोत होती हैं, जैसे माल की बिक्री, देनदारों से प्राप्ति।
(अथवा) उत्तर: 1. अंशों के निर्गमन से प्राप्त राशि। 2. ऋणपत्रों का शोधन या लाभांश भुगतान।
प्र.14. साझेदारी की तीन विशेषताएं लिखिए।
अथवा
साझेदारी संलेख के अभाव में लागू होने वाले दो नियम लिखिए।
उत्तर: 1. दो या अधिक व्यक्ति। 2. अनुबंध/समझौता। 3. लाभ कमाना और बांटना।
(अथवा) उत्तर: 1. लाभ-हानि बराबर अनुपात में बंटेगा। 2. पूंजी पर ब्याज नहीं दिया जाएगा।
प्र.15. अंशों के हरण (Forfeiture) से क्या आशय है?
अथवा
अल्प अभिदान (Under Subscription) किसे कहते हैं?
उत्तर: जब कोई अंशधारी आवंटन या याचना राशि का भुगतान नहीं करता, तो कंपनी उसके अंशों को रद्द कर देती है और प्राप्त राशि जब्त कर लेती है। इसे अंशों का हरण कहते हैं।
(अथवा) उत्तर: जब कंपनी द्वारा निर्गमित अंशों की तुलना में कम अंशों के लिए जनता से आवेदन प्राप्त होते हैं, तो इसे अल्प अभिदान कहते हैं।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. पुनर्मूल्यांकन खाता और वसूली खाते में तीन अंतर लिखिए।
अथवा
फर्म के विघटन और साझेदारी के विघटन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर संकेत (पुनर्मूल्यांकन vs वसूली):
1. समय: पुनर्मूल्यांकन प्रवेश/अवकाश पर बनता है, वसूली विघटन पर।
2. उद्देश्य: पुनर्मूल्यांकन संपत्तियों के नए मूल्य के लिए है, वसूली उन्हें बेचने के लिए।
3. परिणाम: पुनर्मूल्यांकन के बाद फर्म चलती रहती है, वसूली के बाद फर्म बंद हो जाती है।
(अथवा) उत्तर संकेत (फर्म विघटन vs साझेदारी विघटन):
1. व्यापार: फर्म विघटन में व्यापार बंद होता है, साझेदारी विघटन में चलता रहता है।
2. खाते: फर्म विघटन में वसूली खाता बनता है, साझेदारी विघटन में पुनर्मूल्यांकन खाता।
3. संबंध: फर्म विघटन में सभी संबंध खत्म, साझेदारी विघटन में केवल एक साझेदार का संबंध बदलता है।
प्र.17. एक कंपनी ने ₹10 वाले 500 अंशों का हरण किया जिन पर ₹3 आवंटन और ₹4 प्रथम याचना का भुगतान नहीं किया गया था। हरण की जर्नल प्रविष्टि कीजिए।
अथवा
अंशों के आनुपातिक आवंटन (Pro-rata Allotment) को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर संकेत (जर्नल प्रविष्टि):
Share Capital A/c Dr. (500 × 10 = 5000)
To Share Allotment A/c (500 × 3 = 1500)
To Share First Call A/c (500 × 4 = 2000)
To Share Forfeiture A/c (500 × 3 = 1500)
*(Note: ₹3 received on application implies 10-3-4 = 3 paid)*
(अथवा) उत्तर संकेत:
जब अति-अभिदान (Over-subscription) होता है, तो कंपनी सभी आवेदकों को कुछ न कुछ शेयर देती है, लेकिन मांगे गए से कम। जैसे 10,000 आवेदकों को 8,000 शेयर देना (5:4 अनुपात)। अतिरिक्त पैसा अगली किस्त में समायोजित होता है।
प्र.18. कंपनी के स्थिति विवरण (Balance Sheet) के 'समता एवं दायित्व' (Equity and Liabilities) भाग के मुख्य शीर्षकों को लिखिए।
अथवा
वित्तीय विवरणों के विश्लेषण के किन्हीं तीन उद्देश्यों को लिखिए।
उत्तर संकेत (बैलेंस शीट शीर्षक):
1. अंशधारी निधि (Shareholder's Funds)
2. अंश आवेदन राशि जब तक आवंटन न हो (Share Application money pending allotment)
3. गैर-चालू दायित्व (Non-current Liabilities)
4. चालू दायित्व (Current Liabilities)
(अथवा) उत्तर संकेत (उद्देश्य):
1. लाभप्रदता का ज्ञान।
2. शोधन क्षमता का आकलन।
3. तुलनात्मक अध्ययन (पिछले वर्षों या अन्य फर्मों से)।
प्र.19. रोकड़ प्रवाह विवरण के तीन महत्व लिखिए।
अथवा
प्रचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह की गणना में 'गैर-रोकड़ मदों' (Non-cash items) का समायोजन क्यों किया जाता है?
उत्तर संकेत (महत्व):
1. अल्पकालीन वित्तीय नियोजन में सहायक।
2. रोकड़ बजट बनाने में उपयोगी।
3. लाभांश निर्णय लेने में सहायक।
(अथवा) उत्तर संकेत:
शुद्ध लाभ में ह्रास, ख्याति अपलेखन जैसे गैर-रोकड़ मदें घटी होती हैं, जिनसे वास्तव में पैसा बाहर नहीं गया। अतः सही कैश फ्लो जानने के लिए इन्हें वापस जोड़ा जाता है।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. अ और ब साझेदार हैं, 3:2 में लाभ बांटते हैं। वे स को 1/5 भाग के लिए प्रवेश देते हैं। स ₹20,000 पूंजी और ₹10,000 ख्याति नकद लाता है। ख्याति पुराने साझेदारों द्वारा निकाल ली जाती है। आवश्यक जर्नल प्रविष्टियां कीजिए।
अथवा
साझेदार के प्रवेश पर संपत्तियों और दायित्वों के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता क्यों होती है? एक काल्पनिक उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर संकेत (जर्नल):
1. Cash A/c Dr. 30,000 To C's Capital 20,000 To Premium for Goodwill 10,000.
2. Premium for Goodwill Dr. 10,000 To A's Cap 6,000 To B's Cap 4,000 (Sacrificing ratio 3:2).
3. A's Cap Dr 6,000 B's Cap Dr 4,000 To Cash 10,000 (Withdrawal).
(अथवा) उत्तर संकेत:
नया साझेदार पुराने लाभ/हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होना चाहिए। इसलिए प्रवेश की तिथि पर संपत्तियों के वर्तमान मूल्य और पुस्तक मूल्य के अंतर को समायोजित किया जाता है। उदाहरण: मशीन का मूल्य 10,000 से बढ़कर 12,000 हुआ, तो 2,000 का लाभ पुराने साझेदारों को मिलेगा।
प्र.21. अंश और ऋणपत्र में चार मुख्य अंतर लिखिए।
अथवा
एक कंपनी ने ₹100 वाले 2,000, 8% ऋणपत्र 5% बट्टे पर निर्गमित किए। राशि एकमुश्त प्राप्त हुई। जर्नल प्रविष्टियां कीजिए।
उत्तर संकेत (अंतर):
1. स्वामित्व: अंशधारी स्वामी होते हैं, ऋणपत्रधारी लेनदार।
2. प्रतिफल: अंश पर लाभांश (अनिश्चित), ऋणपत्र पर ब्याज (निश्चित)।
3. जोखिम: अंश में जोखिम अधिक, ऋणपत्र में सुरक्षित।
4. मताधिकार: अंशधारियों को होता है, ऋणपत्रधारियों को नहीं।
(अथवा) उत्तर संकेत (जर्नल):
Discount = 5% of 100 = ₹5. Issue Price = ₹95.
1. Bank A/c Dr. (2000 × 95) 1,90,000 To Deb. App & Allot A/c 1,90,000.
2. Deb. App & Allot A/c Dr 1,90,000
Disc. on Issue of Deb. Dr 10,000 (2000×5)
To 8% Debentures A/c 2,00,000.
प्र.22. अनुपात विश्लेषण के किन्हीं चार लाभों का वर्णन कीजिए।
अथवा
निम्नलिखित जानकारी से (i) सकल लाभ अनुपात और (ii) चालू अनुपात की गणना कीजिए: विक्रय: ₹5,00,000, सकल लाभ: ₹1,00,000, चालू संपत्तियां: ₹2,00,000, चालू दायित्व: ₹1,00,000।
उत्तर संकेत (लाभ):
1. वित्तीय स्थिति का विश्लेषण सरल।
2. अंतर्मर्म और अंतर-फर्म तुलना में सहायक।
3. शोधन क्षमता का ज्ञान।
4. प्रबंधकीय निर्णय लेने में उपयोगी।
(अथवा) उत्तर संकेत (गणना):
(i) GP Ratio = (Gross Profit / Sales) × 100 = (1,00,000 / 5,00,000) × 100 = 20%
(ii) Current Ratio = Current Assets / Current Liabilities = 2,00,000 / 1,00,000 = 2:1
प्र.23. निम्न सूचनाओं से 'प्रचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह' (Cash Flow from Operating Activities) की गणना कीजिए:
शुद्ध लाभ: ₹1,00,000
ह्रास: ₹20,000
देनदारों में वृद्धि: ₹10,000
लेनदारों में वृद्धि: ₹5,000
अथवा
रोकड़ प्रवाह विवरण तैयार करने की विधि (परोक्ष विधि) का प्रारूप बनाइए।
उत्तर संकेत (गणना):
Net Profit: 1,00,000
Add: Depreciation (Non-cash): +20,000
Operating Profit before WC changes: 1,20,000
Less: Increase in Debtors (CA): -10,000
Add: Increase in Creditors (CL): +5,000 Cash from Operations: ₹1,15,000
(अथवा) उत्तर संकेत (प्रारूप):
A. Cash Flow from Operating Activities (NP + Non-cash items +/- WC changes - Tax)
B. Cash Flow from Investing Activities (Purchase/Sale of Fixed Assets)
C. Cash Flow from Financing Activities (Issue of Shares/Debentures, Dividend paid)
Net Increase in Cash (A+B+C) + Opening Cash = Closing Cash.
⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर
केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं।
वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है।
छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि
आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।
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