MP Board कक्षा 12वीं कॉमर्स – लेखाशास्त्र (Set C) मॉडल प्रश्न पत्र विद्यार्थियों को विविध प्रकार के प्रश्नों का अभ्यास कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह Set C उन छात्रों के लिए उपयोगी है जो पहले Set A और Set B का अभ्यास कर चुके हैं और अब नई प्रश्न संरचना के साथ अपनी तैयारी को और मज़बूत करना चाहते हैं।
🔹 Set C की मुख्य विशेषताएँ
✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर आधारित
✔️ Set C के अनुसार प्रश्नों का अलग संयोजन
✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु, एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल
✔️ उत्तर लेखन शैली सुधारने में सहायक
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी
विवरण
कक्षा: 12वीं (कॉमर्स)
विषय: लेखाशास्त्र (Accountancy)
मॉडल पेपर: Set C
बोर्ड: MP Board
इस Set C मॉडल पेपर के अभ्यास से विद्यार्थी प्रश्नों की विविधता, अंक वितरण एवं परीक्षा के स्तर को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में आत्मविश्वास के साथ प्रश्न हल करने में सहायता मिलती है।
Accountancy Model Paper 12th (Set-B) - Sandipani Vidyalaya
कक्षा 12वीं - लेखाशास्त्र
(मॉडल पेपर: सेट-C)
Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) ख्याति का मूल्यांकन कब आवश्यक नहीं है?
(अ) नए साझेदार के प्रवेश पर(ब) साझेदार के अवकाश ग्रहण पर(स) लाभ विभाजन अनुपात बदलने पर(द) व्यवसाय बंद करने पर
👉 (द) व्यवसाय बंद करने पर (समापन पर)
(ii) साझेदारी फर्म के समापन पर संपत्तियों का हस्तांतरण किस खाते में किया जाता है?
(अ) सममूल्य पर(ब) प्रीमियम पर(स) बट्टे पर(द) उपरोक्त सभी पर
👉 (द) उपरोक्त सभी पर
(v) आदर्श चालू अनुपात (Current Ratio) होता है:
(अ) 1:1(ब) 2:1(स) 1:2(द) 3:1
👉 (ब) 2:1
(vi) निम्न में से कौन सा गैर-रोकड़ व्यय है?
(अ) वेतन(ब) किराया(स) मूल्यह्रास(द) मजदूरी
👉 (स) मूल्यह्रास (Depreciation)
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) ख्याति एक ________ संपत्ति है।
अमूर्त (Intangible)
(ii) पुनर्मूल्यांकन खाते का लाभ/हानि ________ के पूँजी खातों में हस्तांतरित किया जाता है।
पुराने साझेदारों
(iii) कंपनी के समापन पर सबसे अंत में ________ पूँजी लौटाई जाती है।
समता अंश (Equity Share)
(iv) ऋणपत्रधारी कंपनी के ________ होते हैं।
लेनदार (Creditors)
(v) चिट्ठा (Balance Sheet) एक निश्चित ________ पर व्यवसाय की वित्तीय स्थिति दर्शाता है।
तिथि (Date)
(vi) कार्यशील पूँजी = चालू संपत्तियाँ - ________।
चालू दायित्व (Current Liabilities)
प्र.3. सत्य/असत्य लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदार का ऋण फर्म का आन्तरिक दायित्व होता है।
सत्य (यह बाहरी दायित्वों के भुगतान के बाद चुकाया जाता है)
(ii) प्राप्ति एवं भुगतान खाता एक नाममात्र खाता है।
असत्य (यह वास्तविक खाता है)
(iii) अंशों के हरण पर अंश पूँजी खाता नामे (Debit) किया जाता है।
सत्य
(iv) ऋणपत्रों पर ब्याज लाभ के प्रति प्रभार (Charge against profit) होता है।
सत्य (लाभ हो या न हो, ब्याज देना होगा)
(v) स्कंध आवर्त अनुपात (Inventory Turnover Ratio) लाभप्रदता अनुपात है।
असत्य (यह क्रियाशीलता/निष्पादन अनुपात है)
(vi) बैंक अधिविकर्ष (Bank Overdraft) को रोकड़ तुल्य माना जाता है।
असत्य (यह वित्तीय क्रिया में ऋणात्मक मद है, रोकड़ तुल्य नहीं)
प्र.4. सही जोड़ी बनाइए: (1×7 = 7 अंक)
(क) -> (ख)
(i) साझेदारी अधिनियम -> (क) AS-26
(ii) ख्याति का लेखांकन -> (ख) 1932
(iii) साझेदार की मृत्यु -> (ग) कृत्रिम व्यक्ति
(iv) कंपनी -> (घ) अनिवार्य विघटन
(v) फर्म का दिवालिया होना -> (ङ) कानूनी प्रतिनिधि को भुगतान
(vi) ऋण-समता अनुपात -> (च) AS-3
(vii) रोकड़ प्रवाह विवरण -> (छ) शोधन क्षमता अनुपात
सही मिलान:
(i) साझेदारी अधिनियम → (ख) 1932
(ii) ख्याति का लेखांकन → (क) AS-26
(iii) साझेदार की मृत्यु → (ङ) कानूनी प्रतिनिधि को भुगतान
(iv) कंपनी → (ग) कृत्रिम व्यक्ति
(v) फर्म का दिवालिया होना → (घ) अनिवार्य विघटन
(vi) ऋण-समता अनुपात → (छ) शोधन क्षमता अनुपात
(vii) रोकड़ प्रवाह विवरण → (च) AS-3
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) त्याग अनुपात का सूत्र लिखिए।
पुराना अनुपात - नया अनुपात
(ii) वसूली खाता कब बनाया जाता है?
साझेदारी फर्म के विघटन (समापन) पर।
(iii) कंपनी की स्थापना करने वाले व्यक्ति क्या कहलाते हैं?
प्रवर्तक (Promoters)
(iv) क्या ऋणपत्रों को जब्त (Forfeit) किया जा सकता है?
नहीं
(v) तरलता अनुपात को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
अम्ल-परख अनुपात (Acid Test Ratio) या शीघ्र अनुपात।
लाभ-हानि नियोजन खाता (P&L Appropriation A/c) क्यों बनाया जाता है?
उत्तर: साझेदारी संलेख (Partnership Deed) एक लिखित प्रपत्र है जिसमें साझेदारी व्यवसाय को चलाने के लिए साझेदारों के बीच तय किए गए नियम और शर्तें (जैसे लाभ अनुपात, पूँजी, ब्याज आदि) लिखी होती हैं।
उत्तर: यह शुद्ध लाभ को साझेदारों के बीच वेतन, कमीशन, पूँजी पर ब्याज आदि के समायोजन के बाद वितरित करने के लिए बनाया जाता है।
प्र.7. औसत लाभ (Average Profit) क्या है?
अथवा
पुनर्मूल्यांकन पर लाभ/हानि किस अनुपात में बाँटा जाता है?
उत्तर: पिछले कुछ वर्षों के कुल लाभ को वर्षों की संख्या से भाग देने पर जो राशि प्राप्त होती है, उसे औसत लाभ कहते हैं। इसका उपयोग ख्याति मूल्यांकन में होता है।
प्र.8. साझेदार की सेवानिवृत्ति (Retirement) से क्या आशय है?
अथवा
मृतक साझेदार के कानूनी प्रतिनिधि को देय राशि की गणना कैसे की जाती है?
उत्तर: जब कोई साझेदार अपनी इच्छा से, अस्वस्थता, वृद्धावस्था या आपसी मतभेद के कारण फर्म से अलग हो जाता है, तो इसे साझेदार की सेवानिवृत्ति कहते हैं।
उत्तर: उसकी पूँजी, ख्याति में हिस्सा, पुनर्मूल्यांकन लाभ, संचित लाभ और मृत्यु की तिथि तक के लाभ का हिस्सा जोड़कर, तथा आहरण व उस पर ब्याज घटाकर देय राशि निकाली जाती है।
प्र.9. फर्म के अनिवार्य विघटन की दो परिस्थितियाँ लिखिए।
अथवा
वसूली खाते और पुनर्मूल्यांकन खाते में एक मुख्य अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. जब सभी साझेदार (या एक को छोड़कर सभी) दिवालिया हो जाएं।
2. जब फर्म का व्यवसाय अवैध घोषित हो जाए।
उत्तर: वसूली खाता फर्म के समापन पर बनाया जाता है, जबकि पुनर्मूल्यांकन खाता फर्म के पुनर्गठन (प्रवेश/अवकाश) पर बनाया जाता है।
प्र.10. स्वेट समता अंश (Sweat Equity Shares) किसे कहते हैं?
अथवा
अग्रिम याचना (Calls in Advance) क्या है?
उत्तर: वे अंश जो कंपनी अपने कर्मचारियों या संचालकों को उनकी सेवाओं या तकनीकी ज्ञान के बदले में बट्टे पर या नकद के अतिरिक्त अन्य प्रतिफल के रूप में जारी करती है।
उत्तर: जब कोई अंशधारी कंपनी द्वारा माँगने से पहले ही भविष्य की याचनाओं (Calls) की राशि का भुगतान कर देता है, तो इसे अग्रिम याचना कहते हैं।
प्र.11. ऋणपत्रों के मोचन (Redemption) का क्या अर्थ है?
अथवा
परिवर्तनीय ऋणपत्र किसे कहते हैं?
उत्तर: ऋणपत्रों का मोचन का अर्थ है - ऋणपत्रधारियों को उनकी राशि का भुगतान करके कंपनी के ऋण दायित्व को समाप्त करना।
उत्तर: वे ऋणपत्र जिन्हें एक निश्चित अवधि के बाद अंशों में बदला जा सकता है, परिवर्तनीय ऋणपत्र कहलाते हैं।
प्र.12. वित्तीय विवरणों के विश्लेषण की दो सीमाएँ लिखिए।
अथवा
प्रवृत्ति विश्लेषण (Trend Analysis) क्या है?
उत्तर: 1. यह केवल मौद्रिक तथ्यों का विश्लेषण करता है, गुणात्मक का नहीं।
2. यह भूतकालीन आंकड़ों पर आधारित है, जो भविष्य के लिए हमेशा सही नहीं होते।
उत्तर: यह कई वर्षों के वित्तीय आंकड़ों का अध्ययन है ताकि यह पता चल सके कि समय के साथ व्यवसाय की स्थिति (बिक्री, लाभ आदि) किस दिशा (बढ़ने या घटने) में जा रही है।
प्र.13. स्कंध आवर्त अनुपात (Inventory Turnover Ratio) का सूत्र लिखिए।
अथवा
शोधन क्षमता अनुपात (Solvency Ratio) क्या दर्शाते हैं?
सूत्र: बेचे गए माल की लागत / औसत स्कंध
(Cost of Revenue from Operations / Average Inventory)
उत्तर: ये अनुपात यह दर्शाते हैं कि संस्था अपने दीर्घकालीन ऋणों और दायित्वों को चुकाने में सक्षम है या नहीं। (जैसे ऋण-समता अनुपात)।
प्र.14. रोकड़ प्रवाह विवरण के दो लाभ लिखिए।
अथवा
प्रचालन क्रियाओं (Operating Activities) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: 1. यह नकद की उपलब्धता और कमी का पता लगाने में मदद करता है।
2. यह भविष्य की वित्तीय योजनाओं को बनाने में सहायक है।
उत्तर: वे क्रियाएँ जो व्यवसाय की मुख्य आय-सृजक गतिविधियाँ होती हैं, जैसे माल की बिक्री, सेवा प्रदान करना, वेतन भुगतान आदि।
प्र.15. 'रोकड़ तुल्य' (Cash Equivalent) क्या है?
अथवा
निवेश क्रियाओं और वित्तीय क्रियाओं में एक अंतर लिखिए।
उत्तर: ये अल्पकालीन (3 माह या कम) और अत्यधिक तरल निवेश हैं जिन्हें तुरंत नकद में बदला जा सकता है और इनके मूल्य में परिवर्तन का जोखिम नगण्य होता है।
उत्तर: निवेश क्रियाएँ स्थायी संपत्तियों (मशीन, भवन) के क्रय-विक्रय से संबंधित हैं, जबकि वित्तीय क्रियाएँ पूँजी और ऋण (शेयर, डिबेंचर) में परिवर्तन से संबंधित हैं।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. ख्याति के मूल्यांकन की 'औसत लाभ विधि' और 'अधिलाभ विधि' में अंतर लिखिए।
अथवा
लाभ-हानि नियोजन खाता तैयार कीजिए: शुद्ध लाभ ₹50,000, पूँजी पर ब्याज ₹5,000, वेतन ₹3,000।
उत्तर: 1. आधार: औसत लाभ विधि में पिछले वर्षों के सामान्य लाभ का औसत लिया जाता है, जबकि अधिलाभ विधि में सामान्य लाभ से अधिक लाभ (Super Profit) को आधार बनाया जाता है।
2. सूत्र: औसत लाभ × क्रय वर्ष; अधिलाभ × क्रय वर्ष।
3. महत्व: अधिलाभ विधि अधिक वैज्ञानिक मानी जाती है क्योंकि यह अतिरिक्त अर्जन क्षमता को मापती है।
Profit & Loss Appropriation A/c:
Particulars
Amount (₹)
Particulars
Amount (₹)
To Interest on Capital
5,000
By Net Profit b/d
50,000
To Salary
3,000
To Profit t/f to Partners
42,000
Total
50,000
Total
50,000
प्र.17. अंशों के 'अधि-अभिदान' (Over Subscription) और 'न्यून-अभिदान' (Under Subscription) में अंतर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
अंशों के हरण (Forfeiture) और अंशों के समर्पण (Surrender) में अंतर लिखिए।
उत्तर:
1. अर्थ: अधि-अभिदान में जारी अंशों से अधिक आवेदन आते हैं, न्यून-अभिदान में कम आवेदन आते हैं।
2. प्रभाव: अधि-अभिदान में आनुपातिक आबंटन या राशि वापसी करनी पड़ती है। न्यून-अभिदान में यदि 90% से कम हो तो आबंटन रद्द हो जाता है।
3. समायोजन: अधि-अभिदान में अतिरिक्त राशि आगे समायोजित की जा सकती है, न्यून में ऐसा नहीं होता।
उत्तर:
1. पहल: हरण कंपनी द्वारा जबरदस्ती (Penalty के रूप में) किया जाता है, समर्पण अंशधारी अपनी मर्जी से करता है।
2. कारण: हरण भुगतान न करने पर होता है, समर्पण भुगतान करने में असमर्थता जताने पर होता है।
3. नोटिस: हरण के लिए नोटिस अनिवार्य है, समर्पण के लिए नहीं।
प्र.18. अनुपात विश्लेषण के कोई तीन महत्व लिखिए।
अथवा
तुलनात्मक आय विवरण (Comparative Income Statement) का प्रारूप बनाइए।
उत्तर: 1. तुलना में सहायक: यह फर्म के प्रदर्शन की तुलना पिछले वर्षों या अन्य फर्मों से करने में मदद करता है।
2. निर्णय लेने में: यह प्रबंधकों को वित्तीय कमजोरी और मजबूती पहचानने और सुधार के निर्णय लेने में मदद करता है।
3. मानक निर्धारण: यह भविष्य के लिए आदर्श मानक तय करने में उपयोगी है।
Comparative Income Statement Format:
Particulars
Prev. Year (A)
Curr. Year (B)
Abs. Change (C=B-A)
% Change (D=C/A*100)
I. Revenue from Op.
xxx
xxx
xxx
%
II. Other Income
xxx
xxx
xxx
%
III. Total Rev (I+II)
xxx
xxx
xxx
%
IV. Exp. (Less)
(xxx)
(xxx)
(xxx)
%
V. Profit before Tax
xxx
xxx
xxx
%
प्र.19. रोकड़ प्रवाह विवरण और रोकड़ बजट में तीन अंतर लिखिए।
अथवा
निम्नलिखित से 'प्रचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह' की गणना कीजिए: शुद्ध लाभ: ₹20,000 ह्रास: ₹5,000 ख्याति अपलिखित: ₹2,000 देनदारों में वृद्धि: ₹3,000
उत्तर: 1. प्रकृति: रोकड़ प्रवाह विवरण ऐतिहासिक (भूतकाल) होता है, रोकड़ बजट भविष्य का अनुमान होता है।
2. आधार: विवरण AS-3 के अनुसार बनता है, बजट प्रबंधन की नीति पर बनता है।
3. वर्गीकरण: विवरण में प्रचालन, निवेश, वित्तीय क्रियाएँ होती हैं, बजट में ऐसा वर्गीकरण अनिवार्य नहीं है।
गणना:
Net Profit: 20,000
Add: Depreciation: +5,000
Add: Goodwill Amortized: +2,000
Less: Increase in Debtors: -3,000 Cash from Operations: ₹24,000
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. ए और बी 3:2 में साझेदार हैं। सी को 1/4 भाग के लिए प्रवेश दिया। सी ₹40,000 पूँजी लाया। फर्म की ख्याति का मूल्यांकन ₹20,000 किया गया। ख्याति खाता पुस्तकों में नहीं खोला जाना है। जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिए।
अथवा
पुनर्मूल्यांकन खाता और वसूली खाता में चार अंतर लिखिए।
हल:
सी के हिस्से की ख्याति = 20,000 × 1/4 = 5,000। त्याग अनुपात = 3:2।
Particulars
Dr. (₹)
Cr. (₹)
Bank A/c Dr.
40,000
To C's Capital A/c
40,000
(Capital brought by C)
C's Capital/Current A/c Dr.
5,000
To A's Capital A/c (5000×3/5)
3,000
To B's Capital A/c (5000×2/5)
2,000
(Goodwill adjusted through capital accounts)
उत्तर: 1. समय: पुनर्मूल्यांकन खाता फर्म के पुनर्गठन (प्रवेश/अवकाश) पर बनता है, वसूली खाता विघटन (समापन) पर।
2. उद्देश्य: पुनर्मूल्यांकन का उद्देश्य संपत्तियों/दायित्वों के मूल्य परिवर्तन का लाभ/हानि ज्ञात करना है, वसूली का उद्देश्य संपत्तियों को बेचने और दायित्वों को चुकाने का परिणाम जानना है।
3. खाते बंद करना: पुनर्मूल्यांकन के बाद खाते खुले रहते हैं, वसूली के बाद सभी खाते बंद हो जाते हैं।
4. परिणाम: पुनर्मूल्यांकन लाभ पुराने अनुपात में बँटता है, वसूली लाभ सभी साझेदारों में बँटता है।
प्र.21. अ, ब, स साझेदार हैं (2:2:1)। स की मृत्यु हो जाती है। मृत्यु की तिथि तक के लाभ में स का हिस्सा पिछले वर्ष के लाभ (₹40,000) के आधार पर निकालिए यदि मृत्यु 30 जून को हुई (वर्ष 31 मार्च को समाप्त होता है)। जर्नल प्रविष्टि भी दीजिए।
अथवा
साझेदारी फर्म के विघटन की रीतियाँ (Modes of Dissolution) लिखिए। (कोई चार)
हल:
अवधि (अप्रैल, मई, जून) = 3 माह।
पूरे वर्ष का लाभ = 40,000।
3 माह का लाभ = 40,000 × 3/12 = 10,000।
स का हिस्सा (1/5) = 10,000 × 1/5 = ₹2,000। Journal Entry:
P&L Suspense A/c Dr. 2,000
To C's Capital A/c 2,000 (Share of profit credited to deceased partner)
उत्तर: 1. समझौते द्वारा: सभी साझेदारों की सहमति से।
2. अनिवार्य विघटन: दिवालिया होने या अवैध कारोबार होने पर।
3. नोटिस द्वारा: ऐच्छिक साझेदारी में लिखित नोटिस देकर।
4. न्यायालय द्वारा: पागलपन, दुराचरण या असमर्थता के आधार पर कोर्ट के आदेश से।
प्र.22. समता अंश (Equity Share) और पूर्वाधिकार अंश (Preference Share) में चार अंतर लिखिए।
अथवा
एक्स लिमिटेड ने ₹10 वाले 2,000 अंश जनता को निर्गमित किए। सभी राशियाँ प्राप्त हो गईं सिवाय अंतिम याचना ₹3 प्रति अंश के जो 100 अंशों पर प्राप्त नहीं हुई। जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिए।
उत्तर: 1. लाभांश: पूर्वाधिकार को लाभांश पहले मिलता है, समता को बाद में।
2. दर: पूर्वाधिकार की लाभांश दर निश्चित होती है, समता की अनिश्चित (लाभ पर निर्भर)।
3. मताधिकार: समता अंशधारियों को वोट देने का अधिकार होता है, पूर्वाधिकार को सामान्यतः नहीं।
4. पूँजी वापसी: समापन पर पूर्वाधिकार पूँजी पहले लौटाई जाती है।
हल (केवल अंतिम याचना की प्रविष्टि):
Share Final Call A/c Dr. 6,000 (2000×3)
To Share Capital A/c 6,000
Bank A/c Dr. 5,700 (1900×3)
Calls in Arrears A/c Dr. 300 (100×3)
To Share Final Call A/c 6,000 (Final call received except on 100 shares)
प्र.23. ऋणपत्रों के निर्गमन पर बट्टे (Discount) का लेखांकन व्यवहार समझाइए।
अथवा
निम्न विवरण से 'निवेश क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह' की गणना कीजिए: मशीन खरीदी: ₹50,000 मशीन बेची: ₹20,000 विनियोग पर ब्याज प्राप्त: ₹5,000 लाभांश प्राप्त: ₹2,000
उत्तर: जब ऋणपत्र अंकित मूल्य से कम पर जारी किए जाते हैं, तो अंतर 'ऋणपत्र निर्गमन पर बट्टा' कहलाता है। यह पूँजीगत हानि है। इसे आबंटन के समय डेबिट किया जाता है:
Debenture Allotment A/c Dr.
Discount on Issue of Deb. A/c Dr.
To Debentures A/c
इसे 'Security Premium' या 'Statement of P&L' से अपलिखित (Write off) किया जाता है।
हल:
Outflow: Purchase of Machine = (50,000)
Inflow: Sale of Machine = +20,000
Inflow: Interest Received = +5,000
Inflow: Dividend Received = +2,000 Net Cash used in Investing Activities = (23,000) (ऋणात्मक/Outflow)
⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर
केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं।
वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है।
छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि
आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।
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