बाल अपराध (कारण एवं प्रकार)
प्रिय शिक्षकों, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत 'बाल अपराध' (Juvenile Delinquency) एक अतिसंवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है। जब कोई कम उम्र का बालक कानून या समाज द्वारा निर्धारित नियमों के विरुद्ध आचरण करता है, तो उसे बाल अपराध कहा जाता है। आइए इसे विस्तार से समझें:
1. बाल अपराध का अर्थ एवं परिभाषा
साधारण शब्दों में, बच्चों या किशोरों द्वारा किया गया गैर-कानूनी या समाज-विरोधी कृत्य बाल अपराध कहलाता है। भारत में आमतौर पर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा किए गए अपराध इसके अंतर्गत आते हैं।
- सििरिल बर्ट (Cyril Burt) के अनुसार: "कोई बालक तब अपराधी कहलाता है जब उसका समाज-विरोधी व्यवहार इतना स्पष्ट होता है कि वह कानून की नजर में दंडनीय बन जाता है।"
2. बाल अपराध के प्रमुख प्रकार
बालकों द्वारा किए जाने वाले अपराध विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं:
- चोरी और सेंधमारी: दूसरों की संपत्ति बिना अनुमति के हड़पना।
- पलायन और आवारागर्दी: घर या स्कूल से बिना बताए भाग जाना और सड़कों पर घूमना।
- हिंसक आचरण: मारपीट करना, धमकाना, या तोड़फोड़ करना।
- नशीले पदार्थों का सेवन: कम उम्र में ड्रग्स, सिगरेट या शराब का आदि होना।
3. बाल अपराध के उत्पन्न होने के कारण
बाल अपराध का कोई एक कारण नहीं होता, इसके पीछे सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कारण जुड़े होते हैं:
- पारिवारिक कारण: टूटे हुए परिवार (Broken Families), माता-पिता का अत्यधिक कठोर या उपेक्षापूर्ण व्यवहार, और घर का अशांत वातावरण।
- आर्थिक कारण: अत्यधिक गरीबी (Poverty), बुनियादी जरूरतों का अभाव, जिसके कारण बच्चे मजबूरन गलत रास्ते पर चले जाते हैं।
- सामाजिक व पर्यावरणीय कारण: बुरी संगत (Peer Group), गंदी बस्तियों का माहौल, और असामाजिक तत्वों का प्रभाव।
- मनोवैज्ञानिक कारक: हीन भावना, कुंठा (Frustration), और मानसिक असंतुलन।
4. सुधार एवं रोकथाम के उपाय
बाल अपराधियों के प्रति दंडात्मक नीति अपनाने के बजाय **सुधारवादी दृष्टिकोण (Reformative Approach)** अपनाया जाना चाहिए। इसके लिए बाल सुधार गृह (Juvenile Homes), मनोवैज्ञानिक परामर्श, और शिक्षा के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुनः जोड़ना आवश्यक है।
📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
Q.1 बाल अपराध (Juvenile Delinquency) से क्या तात्पर्य है?
A) कम उम्र के बच्चों द्वारा कानून या समाज विरोधी कार्य करना
B) बहुत अधिक पढ़ना
C) खेलकूद में हिस्सा लेना
D) आज्ञाकारी होना
(उत्तर: A)
Q.2 बाल अपराध का सबसे प्रमुख सामाजिक कारण निम्नलिखित में से किसे माना जाता है?
A) टूटे हुए परिवार और माता-पिता की उपेक्षा
B) विद्यालय का बड़ा खेल मैदान
C) अधिक पुस्तकालय होना
D) नियमित शिक्षक
(उत्तर: A)
Q.3 बाल अपराधियों के प्रति समाज और न्याय प्रणाली का दृष्टिकोण कैसा होना चाहिए?
A) दंडात्मक और क्रूर
B) सुधारवादी और सहानुभूतिपूर्ण (Reformative Approach)
C) उदासीन
D) बहिष्कारपूर्ण
(उत्तर: B)
Q.4 बुरी संगत या गलत मित्रों का प्रभाव (Peer Pressure) किस श्रेणी के अंतर्गत आता है?
A) आनुवंशिक कारण
B) सामाजिक और पर्यावरणीय कारक
C) जैविक कारक
D) शारीरिक कारण
(उत्तर: B)
Q.5 भारत में सामान्यतः कितनी आयु से कम के बच्चों को बाल अपराधी माना जाता है?
A) 18 वर्ष
B) 21 वर्ष
C) 14 वर्ष
D) 12 वर्ष
(उत्तर: A)
Q.6 बाल अपराधियों के सुधार के लिए स्थापित संस्थानों को क्या कहा जाता है?
A) केंद्रीय कारागार (Jail)
B) बाल सुधार गृह (Juvenile/Correctional Homes)
C) पुलिस स्टेशन
D) सामान्य बोर्डिंग स्कूल
(उत्तर: B)
Q.7 अत्यधिक गरीबी और आर्थिक तंगी किस प्रकार के कारणों में आती है?
A) आर्थिक कारण (Economic Factors)
B) मनोवैज्ञानिक कारण
C) आनुवंशिक कारण
D) शैक्षणिक कारण
(उत्तर: A)
Q.8 निम्नलिखित में से कौन सा बाल अपराध का एक प्रकार नहीं है?
A) चोरी करना
B) कक्षा में नियमित रूप से गृहकार्य पूरा करना
C) आवारागर्दी करना
D) स्कूल से भागना (Truancy)
(उत्तर: B)
Q.9 बच्चों में अपराध प्रवृत्ति को रोकने में विद्यालय की क्या भूमिका होनी चाहिए?
A) बच्चों की काउंसलिंग, सकारात्मक माहौल और उनकी ऊर्जा को सृजनात्मक कार्यों में लगाना
B) गलती करने पर तुरंत स्कूल से निकाल देना
C) कड़ा शारीरिक दंड देना
D) उनकी उपेक्षा करना
(उत्तर: A)
Q.10 "कोई बालक तब अपराधी बनता है जब उसका व्यवहार समाज-विरोधी होता है" — यह कथन किसका है?
A) सिरिल बर्ट (Cyril Burt)
B) जीन पियाजे
C) स्किनर
D) थार्नडाइक
(उत्तर: A)
अस्वीकरण (Disclaimer): यह अध्ययन सामग्री केवल MP TET परीक्षा की तैयारी में सहायता के उद्देश्य से है। आधिकारिक अपडेट और नियमों के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्य प्रदेश या ESB पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
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