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कक्षा 12वीं लेखाशास्त्र नोट्स : MP Board Class 12th Accountancy Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27

MP Board Class 12th Accountancy Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 12वीं लेखाशास्त्र नोट्स, प्रविष्टियाँ एवं अंक योजना

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं लेखाशास्त्र (Accountancy) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित संक्षिप्त नोट्स, जर्नल प्रविष्टियाँ (Journal Entries), वित्तीय विश्लेषण और मॉडल अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।

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📚 कक्षा 12वीं Notes – Blueprint & Important Questions 2026-27

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 12वीं लेखाशास्त्र / Accountancy अध्ययन सामग्री

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। लेखाशास्त्र (Accountancy) वाणिज्य संकाय का एक मुख्य प्रायोगिक एवं गणनात्मक विषय है। यह दो प्रमुख भागों—साझेदारी फर्मों तथा कंपनी के लिए लेखांकन एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण में विभाजित है। जर्नल प्रविष्टियों के नियमों, पुनर्मूल्यांकन खाता, अंशों के निर्गमन व जब्ती, और रोकड़ प्रवाह विवरण के सटीक प्रारूपों का नियमित अभ्यास करके विद्यार्थी इस विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर सकते हैं।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा के लिए यहाँ कक्षा 12वीं लेखाशास्त्र के दोनों भागों की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, मानक लेखा प्रारूप, जर्नल प्रविष्टियाँ एवं परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कक्षा 12वीं लेखाशास्त्र (Accountancy)

सम्पूर्ण विस्तृत सरल नोट्स, सूत्र, जर्नल एंट्री एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल

हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27

पूर्णांक — 80 | समय — 3:00 घंटे

अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना

भाग–1 : साझेदारी लेखांकन
अध्यायविषयअंक
1 साझेदारी लेखांकन — आधारभूत अवधारणाएँ 12
2 साझेदारी फर्म का पुनर्गठन — साझेदार का प्रवेश 12
3 साझेदारी फर्म का पुनर्गठन — साझेदार की सेवानिवृत्ति / मृत्यु 08
4 साझेदारी फर्म का विघटन 04
भाग–2 : कंपनी लेखांकन एवं वित्तीय विवरण
अध्यायविषयअंक
1अंशपूँजी के लिए लेखांकन16
2ऋणपत्रों का निर्गम08
3कंपनी के वित्तीय विवरण08
4लेखांकन अनुपात04
5रोकड़ प्रवाह विवरण08
परीक्षा संरचना: प्रश्न क्रमांक 1 से 5 तक 32 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। प्रश्न 6–15 में 10 प्रश्न × 2 अंक, प्रश्न 16–19 में 4 प्रश्न × 3 अंक तथा प्रश्न 20–23 में 4 प्रश्न × 4 अंक होंगे।
प्रश्नप्रकारसंख्याअंक
1सही विकल्प0606
2रिक्त स्थान0606
3सत्य / असत्य0606
4सही जोड़ी0707
5एक वाक्य में उत्तर0707
6–15लघु उत्तरीय1020
16–19मध्यम उत्तरीय0412
20–23दीर्घ उत्तरीय0416

भाग–1 | अध्याय 1 — साझेदारी लेखांकन : आधारभूत अवधारणाएँ (12 अंक)

1. साझेदारी का अर्थ

साझेदारी वह संबंध है जो उन व्यक्तियों के बीच होता है जिन्होंने किसी व्यवसाय के लाभ को आपस में बाँटने के लिए सहमति की है और व्यवसाय उस सभी या किसी एक व्यक्ति द्वारा उन सभी के लिए चलाया जाता है। साझेदारी का मूल आधार आपसी समझौता है।

2. साझेदारी की प्रमुख विशेषताएँ

  • कम-से-कम दो व्यक्तियों का होना।
  • व्यवसाय चलाने का उद्देश्य।
  • लाभ-हानि बाँटने का समझौता।
  • आपसी एजेंसी — प्रत्येक साझेदार फर्म और अन्य साझेदारों का प्रतिनिधि होता है।
  • साझेदारी का आधार समझौता है।
  • व्यवसाय के संचालन में पारस्परिक विश्वास आवश्यक है।

3. साझेदारी विलेख (Partnership Deed)

साझेदारों के बीच लिखित समझौते को साझेदारी विलेख कहा जाता है। इसमें साझेदारों के अधिकार, कर्तव्य, पूँजी, लाभ-विभाजन तथा अन्य शर्तें लिखी होती हैं।

साझेदारी विलेख में सामान्यतः लिखी जाने वाली बातें

  • फर्म का नाम और व्यवसाय
  • साझेदारों के नाम व पते
  • पूँजी की राशि
  • लाभ-विभाजन अनुपात
  • साझेदारों के वेतन/कमीशन
  • पूँजी पर ब्याज
  • आहरण पर ब्याज
  • साझेदार के ऋण पर ब्याज
  • आहरण की सीमा
  • नए साझेदार का प्रवेश
  • सेवानिवृत्ति/मृत्यु की शर्तें
  • विवाद निपटान की व्यवस्था

4. साझेदारी खातों के विशिष्ट पहलू

(क) लाभ का विभाजन

यदि साझेदारी विलेख में लाभ-विभाजन अनुपात दिया गया है तो उसी अनुपात में लाभ वितरित किया जाता है। यदि कोई अनुपात नहीं दिया गया हो तो सामान्यतः साझेदार बराबर अनुपात में लाभ बाँटते हैं।

(ख) पूँजी पर ब्याज

पूँजी पर ब्याज तभी दिया जाता है जब साझेदारी विलेख में इसका प्रावधान हो।

(ग) आहरण पर ब्याज

यदि विलेख में प्रावधान हो तो साझेदार द्वारा निजी उपयोग के लिए निकाली गई राशि पर ब्याज लिया जा सकता है।

(घ) साझेदार का वेतन/कमीशन

साझेदार को वेतन या कमीशन तभी दिया जाता है जब समझौते में इसका प्रावधान हो।

(ङ) साझेदार को ऋण पर ब्याज

फर्म द्वारा साझेदार से लिए गए ऋण पर निर्धारित शर्तों के अनुसार ब्याज देय हो सकता है।

5. साझेदारों के पूँजी खातों का अनुरक्षण

पूँजी खातों के दो प्रमुख प्रकार हैं:

आधारस्थायी पूँजी पद्धतिपरिवर्तनशील पूँजी पद्धति
Capital Accountस्थायी रहता हैबैलेंस बदलता रहता है
Current Accountअलग बनाया जाता हैसामान्यतः अलग नहीं बनाया जाता
लाभ का प्रभावCurrent A/c मेंCapital A/c में
आहरणCurrent A/c मेंCapital A/c में

6. साझेदारों के बीच लाभ का विभाजन

लाभ-हानि निर्धारण के बाद निम्न समायोजन किए जा सकते हैं:

  • पूँजी पर ब्याज
  • आहरण पर ब्याज
  • वेतन
  • कमीशन
  • लाभ की गारंटी
  • पूर्व समायोजन
साझेदार का लाभांश = बाँटने योग्य लाभ × साझेदार का लाभ-विभाजन अनुपात

7. एक साझेदार को लाभ की गारंटी

कभी-कभी किसी साझेदार को न्यूनतम निश्चित लाभ की गारंटी दी जाती है। यदि उसके वास्तविक लाभ का हिस्सा गारंटीकृत राशि से कम हो तो अंतर की राशि की पूर्ति गारंटी देने वाले साझेदार द्वारा की जाती है।

गारंटी की कमी = गारंटीकृत लाभ − वास्तविक लाभ का हिस्सा

उदाहरण

A और B का लाभ-विभाजन अनुपात 3:2 है। कुल लाभ ₹50,000 है। B को न्यूनतम ₹22,000 का लाभ गारंटीकृत है।

B का सामान्य लाभ = 50,000 × 2/5 = ₹20,000

गारंटीकृत लाभ = ₹22,000

कमी = ₹2,000

यदि A ने गारंटी दी है, तो A के हिस्से से ₹2,000 B को स्थानांतरित किया जाएगा।

8. पूर्व समायोजन (Past Adjustments)

यदि किसी वर्ष साझेदारों को लाभ बाँटते समय पूँजी पर ब्याज, आहरण पर ब्याज, वेतन, कमीशन या लाभ-विभाजन अनुपात के किसी समायोजन को भूल दिया गया हो तो अगले चरण में संयुक्त रूप से एक समायोजन प्रविष्टि करके सही प्रभाव दिया जाता है।

पूर्व समायोजन की प्रक्रिया

  1. प्रत्येक साझेदार का सही हिस्सा निकालें।
  2. पहले किए गए वितरण से तुलना करें।
  3. अंतर ज्ञात करें।
  4. जिस साझेदार को अधिक मिला है उसे Debit करें।
  5. जिसे कम मिला है उसे Credit करें।

महत्वपूर्ण जर्नल एंट्री

Interest on Capital:
Profit & Loss Appropriation A/c Dr.
   To Partner's Capital/Current A/c
Partner's Salary:
Profit & Loss Appropriation A/c Dr.
   To Partner's Capital/Current A/c
Interest on Drawings:
Partner's Capital/Current A/c Dr.
   To Profit & Loss Appropriation A/c
Profit transferred:
Profit & Loss Appropriation A/c Dr.
   To Partners' Capital/Current A/c

अभ्यास प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. साझेदारी की दो विशेषताएँ लिखिए।
लाभ बाँटने का समझौता और पारस्परिक एजेंसी साझेदारी की दो प्रमुख विशेषताएँ हैं।
प्रश्न 2. साझेदारी विलेख क्या है?
साझेदारों के बीच किया गया लिखित समझौता, जिसमें साझेदारी की शर्तें और अधिकार-कर्तव्य लिखे होते हैं, साझेदारी विलेख कहलाता है।
प्रश्न 3. स्थायी और परिवर्तनशील पूँजी खाते में अंतर बताइए।
स्थायी पूँजी पद्धति में पूँजी खाते का मूल शेष अलग रखा जाता है तथा समायोजन Current Account में किए जाते हैं। परिवर्तनशील पूँजी पद्धति में लाभ, ब्याज, वेतन, आहरण आदि सीधे Capital Account में दर्ज होते हैं।
प्रश्न 4. लाभ की गारंटी क्या है?
किसी साझेदार को न्यूनतम निश्चित लाभ की राशि देने का आश्वासन लाभ की गारंटी कहलाता है। वास्तविक लाभ कम होने पर अंतर की भरपाई गारंटी देने वाला साझेदार करता है।
प्रश्न 5. पूर्व समायोजन क्या है?
पहले वर्ष में भूल से छूट गए या गलत किए गए साझेदारी समायोजनों को बाद में एक समायोजन प्रविष्टि से सही करना पूर्व समायोजन है।
प्रश्न 6. साझेदारी में पूँजी पर ब्याज कब दिया जाता है?
साझेदारी विलेख में स्पष्ट प्रावधान होने पर पूँजी पर ब्याज दिया जाता है।
प्रश्न 7. A और B का लाभ-विभाजन अनुपात 3:2 है और लाभ ₹50,000 है। B का सामान्य लाभ कितना होगा?
B का हिस्सा = ₹50,000 × 2/5 = ₹20,000
प्रश्न 8. यदि B को ₹22,000 का लाभ गारंटीकृत है और उसका सामान्य हिस्सा ₹20,000 है, तो कमी कितनी होगी?
₹2,000
प्रश्न 9. साझेदारी लेखांकन में Profit & Loss Appropriation Account क्यों बनाया जाता है?
लाभ के वितरण तथा साझेदारों के वेतन, कमीशन, पूँजी पर ब्याज, आहरण पर ब्याज आदि समायोजन दिखाने के लिए।
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Accountancy • Partnership Fundamentals

भाग–1 | अध्याय 2 — साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश (12 अंक)

1. साझेदारी फर्म का पुनर्गठन

जब साझेदारी फर्म के साझेदारों के आपसी संबंध, लाभ-विभाजन अनुपात, पूँजी या अन्य शर्तों में परिवर्तन किया जाता है, तो साझेदारी फर्म का पुनर्गठन कहा जाता है।

2. पुनर्गठन के प्रकार

  • नए साझेदार का प्रवेश
  • साझेदार की सेवानिवृत्ति
  • साझेदार की मृत्यु
  • वर्तमान साझेदारों के लाभ-विभाजन अनुपात में परिवर्तन

3. नए साझेदार का प्रवेश

नए साझेदार का प्रवेश सामान्यतः पुराने साझेदारों की सहमति से होता है। नया साझेदार फर्म में पूँजी, ख्याति (Goodwill) या दोनों ला सकता है।

4. नया लाभ-विभाजन अनुपात

नए साझेदार के प्रवेश के बाद सभी साझेदारों का नया लाभ-विभाजन अनुपात निर्धारित किया जाता है।

5. त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio)

पुराने साझेदार नए साझेदार को अपने लाभ का कुछ हिस्सा देते हैं। पुराने साझेदार द्वारा छोड़े गए लाभ के हिस्से को त्याग कहा जाता है।

त्याग अनुपात = पुराना अनुपात − नया अनुपात

उदाहरण

A और B का पुराना अनुपात 3:2 है। C को प्रवेश दिया गया और नया अनुपात 5:3:2 है।

A का त्याग = 3/5 − 5/10 = 6/10 − 5/10 = 1/10

B का त्याग = 2/5 − 3/10 = 4/10 − 3/10 = 1/10

अतः त्याग अनुपात = 1:1

6. ख्याति (Goodwill)

फर्म की प्रतिष्ठा, ग्राहकों का विश्वास, लाभ कमाने की क्षमता, अच्छे संबंध, स्थान, अनुभव आदि के कारण व्यवसाय को प्राप्त अतिरिक्त मूल्य को ख्याति कहा जाता है।

ख्याति का महत्व

  • नए साझेदार के प्रवेश पर
  • साझेदार की सेवानिवृत्ति पर
  • साझेदार की मृत्यु पर
  • लाभ-विभाजन अनुपात बदलने पर

ख्याति के मूल्यांकन की प्रमुख विधियाँ

(क) औसत लाभ विधि

Goodwill = Average Profit × Number of Years' Purchase

(ख) अधिलाभ विधि

Super Profit = Average Profit − Normal Profit
Goodwill = Super Profit × Number of Years' Purchase

(ग) पूँजीकरण विधि

Capitalised Value of Business = Average Profit × 100 / Normal Rate of Return
Goodwill = Capitalised Value − Actual Capital Employed

7. संचित लाभों और हानियों का समायोजन

सामान्य रिजर्व, लाभ-हानि खाते का क्रेडिट बैलेंस, निवेश उतार-चढ़ाव रिजर्व आदि पुराने साझेदारों में पुराने लाभ-विभाजन अनुपात में बाँटे जाते हैं। संचित हानियों या Debit Balance का समायोजन भी पुराने अनुपात में किया जाता है।

General Reserve:
General Reserve A/c Dr.
   To Old Partners' Capital/Current A/c
Accumulated Loss:
Old Partners' Capital/Current A/c Dr.
   To Profit & Loss A/c

8. परिसंपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन तथा दायित्वों का पुनर्निर्धारण

नए साझेदार के प्रवेश के समय परिसंपत्तियों और दायित्वों को वर्तमान मूल्य पर लाने के लिए Revaluation Account तैयार किया जाता है।

परिसंपत्ति बढ़े

Asset A/c Dr.
   To Revaluation A/c

परिसंपत्ति घटे

Revaluation A/c Dr.
   To Asset A/c

दायित्व बढ़े

Revaluation A/c Dr.
   To Liability A/c

दायित्व घटे

Liability A/c Dr.
   To Revaluation A/c

9. Revaluation Profit / Loss

Revaluation Account में लाभ या हानि निकलने पर उसे पुराने साझेदारों में पुराने लाभ-विभाजन अनुपात में बाँटा जाता है।

Revaluation Profit:
Revaluation A/c Dr.
   To Old Partners' Capital/Current A/c
Revaluation Loss:
Old Partners' Capital/Current A/c Dr.
   To Revaluation A/c

10. ख्याति के समायोजन का सिद्धांत

नए साझेदार द्वारा लाई गई ख्याति की राशि सामान्यतः पुराने साझेदारों को उनके त्याग अनुपात में दी जाती है।

Cash/Bank A/c Dr.
   To New Partner's Capital A/c
   To Premium for Goodwill A/c
Premium for Goodwill A/c Dr.
   To Old Partners' Capital/Current A/c

11. ख्याति न लाने की स्थिति

यदि नया साझेदार ख्याति की राशि नकद नहीं लाता, तो प्रश्न में दी गई परिस्थितियों के अनुसार Capital Accounts को उचित समायोजन दिया जाता है।

12. पूँजी का समायोजन

नए साझेदार के प्रवेश के बाद यदि सभी साझेदारों की पूँजी नए लाभ-विभाजन अनुपात के अनुसार तय हो तो अतिरिक्त पूँजी नकद लाई जाती है तथा अधिक पूँजी की राशि निकाली जाती है।

13. पुराने साझेदारों के लाभ-विभाजन अनुपात में परिवर्तन

कभी-कभी बिना नए साझेदार के केवल पुराने साझेदारों के हिस्से में परिवर्तन किया जाता है। ऐसी स्थिति में त्याग या अभिलाभ के अनुसार ख्याति समायोजित की जाती है।

अभ्यास प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. साझेदारी फर्म का पुनर्गठन क्या है?
साझेदारों की संख्या, लाभ-विभाजन अनुपात, पूँजी या अन्य साझेदारी शर्तों में परिवर्तन को फर्म का पुनर्गठन कहते हैं।
प्रश्न 2. त्याग अनुपात क्या है?
पुराने साझेदार द्वारा नए साझेदार के लिए छोड़े गए लाभ के हिस्से को त्याग अनुपात कहते हैं।
प्रश्न 3. ख्याति क्या है?
फर्म की प्रतिष्ठा और लाभ कमाने की अतिरिक्त क्षमता से उत्पन्न मूल्य को ख्याति कहते हैं।
प्रश्न 4. त्याग अनुपात का सूत्र लिखिए।
त्याग अनुपात = पुराना लाभ-विभाजन अनुपात − नया लाभ-विभाजन अनुपात
प्रश्न 5. Revaluation Account क्यों बनाया जाता है?
परिसंपत्तियों और दायित्वों को पुनर्मूल्यांकित करके उत्पन्न लाभ या हानि ज्ञात करने के लिए।
प्रश्न 6. नया साझेदार ख्याति क्यों लाता है?
क्योंकि नए साझेदार को फर्म की स्थापित प्रतिष्ठा और भविष्य के लाभ में हिस्सा मिलता है, जिसके लिए पुराने साझेदारों को त्याग की क्षतिपूर्ति की जाती है।
प्रश्न 7. ख्याति के मूल्यांकन की तीन विधियाँ लिखिए।
औसत लाभ विधि, अधिलाभ विधि और पूँजीकरण विधि।
प्रश्न 8. A और B का पुराना अनुपात 3:2 है तथा नया अनुपात 5:3:2 है। त्याग अनुपात ज्ञात कीजिए।
A का त्याग = 3/5 − 5/10 = 1/10; B का त्याग = 2/5 − 3/10 = 1/10। अतः त्याग अनुपात = 1:1
प्रश्न 9. Average Profit ₹20,000 और 3 years' purchase है। Goodwill ज्ञात कीजिए।
Goodwill = ₹20,000 × 3 = ₹60,000
प्रश्न 10. Average Profit ₹30,000, सामान्य प्रतिफल 10%, Capital Employed ₹2,00,000 है। सामान्य लाभ और Super Profit ज्ञात कीजिए।
Normal Profit = ₹2,00,000 × 10% = ₹20,000।
Super Profit = ₹30,000 − ₹20,000 = ₹10,000
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Partnership Reconstitution • Admission • Goodwill

भाग–1 | अध्याय 3 — साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार की सेवानिवृत्ति / मृत्यु (08 अंक)

1. सेवानिवृत्ति

जब कोई साझेदार फर्म से अलग हो जाता है और शेष साझेदार व्यवसाय को जारी रखते हैं, तो इसे साझेदार की सेवानिवृत्ति कहते हैं।

2. सेवानिवृत्ति के प्रमुख समायोजन

  • नया लाभ-विभाजन अनुपात
  • अभिलाभ अनुपात
  • ख्याति का समायोजन
  • पुनर्मूल्यांकन लाभ/हानि
  • संचित लाभ/हानियों का समायोजन
  • सेवानिवृत्त साझेदार को देय राशि
  • पूँजी का समायोजन

3. नया लाभ-विभाजन अनुपात

सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा शेष साझेदारों द्वारा प्राप्त किया जाता है। इसलिए Continuing Partners का नया अनुपात निर्धारित किया जाता है।

4. अभिलाभ अनुपात (Gaining Ratio)

अभिलाभ अनुपात = नया अनुपात − पुराना अनुपात

जिस अनुपात में शेष साझेदार सेवानिवृत्त साझेदार का लाभ-अंश प्राप्त करते हैं, वही अभिलाभ अनुपात है।

5. ख्याति का व्यवहार

सेवानिवृत्त साझेदार को उसकी ख्याति का उचित हिस्सा मिलता है क्योंकि वह भविष्य के लाभ से अपना हिस्सा छोड़ रहा है। शेष साझेदार अपने अभिलाभ अनुपात में उसे क्षतिपूर्ति करते हैं।

Continuing Partners' Capital/Current A/c Dr.
   To Retiring Partner's Capital/Current A/c

6. परिसंपत्तियों और दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन

सेवानिवृत्ति के समय परिसंपत्तियों और दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन किया जाता है। उससे प्राप्त लाभ/हानि को सामान्यतः सभी पुराने साझेदारों में पुराने अनुपात में बाँटा जाता है।

7. संचित लाभ और हानियाँ

रिजर्व, लाभ-हानि का क्रेडिट बैलेंस आदि पुराने साझेदारों में पुराने अनुपात में वितरित किए जाते हैं। संचित हानियों का भी समायोजन पुराने अनुपात में किया जाता है।

8. सेवानिवृत्त साझेदार को देय राशि

देय राशि में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • पूँजी खाते का Credit Balance
  • Current Account का Credit Balance
  • ख्याति में हिस्सा
  • Revaluation Profit का हिस्सा
  • संचित लाभ/रिजर्व में हिस्सा
  • अन्य देय समायोजन
  • घटाएँ — आहरण आदि

9. देय राशि का निपटारा

यदि पूरी राशि तुरंत न दी जाए तो इसे Retiring Partner's Loan Account में स्थानांतरित किया जा सकता है।

Retiring Partner's Capital A/c Dr.
   To Retiring Partner's Loan A/c

10. साझेदार की मृत्यु

मृत साझेदार का खाता मृत्यु की तारीख तक अद्यतन किया जाता है। उसके लाभ के हिस्से, ख्याति, पुनर्मूल्यांकन लाभ, संचित लाभ और अन्य समायोजन के बाद देय राशि उसके विधिक प्रतिनिधि को दी जाती है।

मृत साझेदार के लाभ का निर्धारण

मृत्यु की तारीख तक का लाभ समय, बिक्री या अन्य आधार पर प्रश्नानुसार अनुमानित किया जा सकता है।

अभ्यास प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. अभिलाभ अनुपात क्या है?
सेवानिवृत्त साझेदार का हिस्सा शेष साझेदार जिस अनुपात में प्राप्त करते हैं, वह अभिलाभ अनुपात कहलाता है।
प्रश्न 2. अभिलाभ अनुपात का सूत्र लिखिए।
अभिलाभ अनुपात = नया अनुपात − पुराना अनुपात
प्रश्न 3. सेवानिवृत्त साझेदार को ख्याति में हिस्सा क्यों मिलता है?
क्योंकि वह फर्म की भविष्य की लाभ कमाने की क्षमता में अपना हिस्सा छोड़ रहा है, इसलिए उसे ख्याति में उचित हिस्सा दिया जाता है।
प्रश्न 4. सेवानिवृत्त साझेदार को देय राशि में कौन-कौन-सी मदें शामिल हो सकती हैं?
पूँजी, Current A/c, ख्याति, पुनर्मूल्यांकन लाभ, रिजर्व/संचित लाभ तथा अन्य समायोजन शामिल हो सकते हैं।
प्रश्न 5. देय राशि का तुरंत भुगतान न होने पर क्या किया जाता है?
राशि को Retiring Partner's Loan Account में स्थानांतरित किया जा सकता है।
प्रश्न 6. मृत्यु की स्थिति में मृत साझेदार का लाभ कैसे दिया जाता है?
मृत्यु की तारीख तक के लाभ में उसका हिस्सा समय, बिक्री या प्रश्नानुसार अन्य उचित आधार पर ज्ञात किया जाता है।
प्रश्न 7. A, B और C का पुराना अनुपात 3:2:1 है। C के सेवानिवृत्त होने के बाद A और B का नया अनुपात 5:3 है। अभिलाभ अनुपात ज्ञात कीजिए।
A का पुराना हिस्सा = 3/6 = 1/2; नया = 5/8; अभिलाभ = 5/8 − 1/2 = 1/8।
B का पुराना = 2/6 = 1/3; नया = 3/8; अभिलाभ = 3/8 − 1/3 = 1/24।
अतः अभिलाभ अनुपात = 1/8 : 1/24 = 3:1
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Retirement • Death • Gaining Ratio

भाग–1 | अध्याय 4 — साझेदारी फर्म का विघटन (04 अंक)

1. साझेदारी का विघटन और फर्म का विघटन

साझेदारी का विघटनफर्म का विघटन
साझेदारों के बीच संबंध में परिवर्तन हो सकता है। फर्म का व्यवसाय पूर्णतः समाप्त हो जाता है।
फर्म जारी रह सकती है। व्यवसाय समाप्त होता है।

2. फर्म के विघटन के कारण

  • सभी साझेदारों की सहमति
  • अनिवार्य परिस्थितियाँ
  • किसी घटना के कारण
  • न्यायालय के आदेश के कारण

3. Realisation Account

विघटन के समय परिसंपत्तियों को बेचने और बाहरी दायित्वों के निपटारे से होने वाले लाभ/हानि को ज्ञात करने के लिए Realisation Account तैयार किया जाता है।

4. परिसंपत्तियों का हस्तांतरण

Realisation A/c Dr.
   To Sundry Assets A/c

5. दायित्वों का हस्तांतरण

Sundry Liabilities A/c Dr.
   To Realisation A/c

6. परिसंपत्ति बिक्री

Cash/Bank A/c Dr.
   To Realisation A/c

7. दायित्व भुगतान

Realisation A/c Dr.
   To Cash/Bank A/c

8. Realisation Profit

Realisation A/c Dr.
   To Partners' Capital A/c

9. Realisation Loss

Partners' Capital A/c Dr.
   To Realisation A/c

10. साझेदार को परिसंपत्ति लेने पर

Partner's Capital A/c Dr.
   To Realisation A/c

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न. फर्म का विघटन क्या है?
जब फर्म का व्यवसाय पूर्णतः बंद होकर उसके खातों का निपटारा कर दिया जाता है, तो फर्म का विघटन कहलाता है।
प्रश्न. Realisation Account क्यों बनाया जाता है?
परिसंपत्तियों की बिक्री तथा दायित्वों के निपटारे से उत्पन्न लाभ या हानि ज्ञात करने के लिए।
प्रश्न. Realisation Profit किसे बाँटा जाता है?
साझेदारों में उनके लाभ-विभाजन अनुपात में।
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Partnership Dissolution • Realisation Account
भाग–2 — कंपनी लेखांकन

अध्याय 1 — अंशपूँजी के लिए लेखांकन (16 अंक)

1. कंपनी का अर्थ

कंपनी एक ऐसी कृत्रिम विधिक इकाई है जिसका अपने सदस्यों से पृथक अस्तित्व होता है। इसकी अपनी संपत्ति, अधिकार और दायित्व हो सकते हैं।

2. कंपनी की प्रमुख विशेषताएँ

  • पृथक विधिक अस्तित्व
  • स्थायी उत्तराधिकार
  • सीमित दायित्व
  • पूँजी का अंशों में विभाजन
  • स्वामित्व और प्रबंधन का पृथक्करण
  • अंशों के हस्तांतरण की व्यवस्था

3. कंपनी के प्रकार

  • निजी कंपनी
  • सार्वजनिक कंपनी
  • अन्य वैधानिक वर्गीकरण

4. कंपनी की अंशपूँजी

कंपनी द्वारा अंशों के माध्यम से प्राप्त पूँजी को अंशपूँजी कहा जाता है।

5. अंशों की प्रमुख श्रेणियाँ

  • अंशपूँजी / Equity Shares: स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करते हैं और लाभांश लाभ पर निर्भर कर सकता है।
  • Preference Shares: लाभांश तथा पूँजी वापसी के संबंध में प्राथमिकता प्राप्त होती है।

6. अंश निर्गम के चरण

  • Application
  • Allotment
  • Calls

7. Application Money

Bank A/c Dr.
   To Share Application A/c

आवंटन के समय:

Share Application A/c Dr.
   To Share Capital A/c

8. Allotment Money

Share Allotment A/c Dr.
   To Share Capital A/c
Bank A/c Dr.
   To Share Allotment A/c

9. Call Money

Share Call A/c Dr.
   To Share Capital A/c
Bank A/c Dr.
   To Share Call A/c

10. अधि-अभिदान (Oversubscription)

जब जनता द्वारा आवेदन किए गए अंश, कंपनी द्वारा निर्गमित अंशों से अधिक होते हैं, तो इसे अधि-अभिदान कहते हैं।

अधि-अभिदान के संभावित उपचार

  • कुछ आवेदन अस्वीकार कर रकम वापस करना
  • अनुपातिक आवंटन
  • अतिरिक्त आवेदन धनराशि को Allotment/Calls में समायोजित करना

11. Calls in Arrears

जब अंशधारक द्वारा देय Call Money समय पर नहीं दिया जाता, तो उसे Calls in Arrears कहा जाता है।

12. Calls in Advance

जब अंशधारक भविष्य में देय कॉल की राशि पहले ही दे देता है, तो इसे Calls in Advance कहा जाता है।

13. अंशों का हरण (Forfeiture)

यदि अंशधारक देय राशि, विशेष रूप से कॉल मनी, का भुगतान नहीं करता और कंपनी नियमों के अनुसार उसके अंश वापस लेती है, तो इसे अंशों का हरण कहते हैं।

Share Capital A/c Dr.
Securities Premium A/c Dr. (यदि लागू हो)
   To Share Forfeiture A/c
   To Calls in Arrears A/c

14. हरण किए गए अंशों का पुनर्निर्गम

Bank A/c Dr.
Share Forfeiture A/c Dr. (यदि बट्टा दिया हो)
   To Share Capital A/c

पुनर्निर्गम के बाद शेष Share Forfeiture लाभ को Capital Reserve में स्थानांतरित किया जाता है।

Share Forfeiture A/c Dr.
   To Capital Reserve A/c

15. अंश जारी करने की सामान्य गणनाएँ

अंश पर प्रीमियम = निर्गम मूल्य − अंकित मूल्य
बकाया कॉल = देय कॉल − प्राप्त कॉल

अभ्यास प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. कंपनी की दो विशेषताएँ लिखिए।
पृथक विधिक अस्तित्व और सीमित दायित्व।
प्रश्न 2. अंशपूँजी क्या है?
अंशों के निर्गम द्वारा कंपनी द्वारा प्राप्त पूँजी को अंशपूँजी कहते हैं।
प्रश्न 3. Equity Share क्या है?
कंपनी में स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करने वाला अंश Equity Share कहलाता है।
प्रश्न 4. Preference Share क्या है?
ऐसा अंश जो लाभांश और पूँजी वापसी में प्राथमिकता देता है, Preference Share कहलाता है।
प्रश्न 5. अधि-अभिदान क्या है?
निर्गमित अंशों से अधिक अंशों के लिए आवेदन प्राप्त होना अधि-अभिदान है।
प्रश्न 6. अंशों का हरण क्या है?
देय अंश राशि का भुगतान न करने पर कंपनी द्वारा अंशों को वापस ले लेना अंशों का हरण है।
प्रश्न 7. Calls in Arrears क्या है?
देय कॉल राशि में से अंशधारक द्वारा समय पर न दी गई राशि Calls in Arrears है।
प्रश्न 8. पुनर्निर्गम पर होने वाले लाभ का क्या किया जाता है?
यदि हरण के बाद पुनर्निर्गम से लाभ बचता है, तो उसे Capital Reserve में स्थानांतरित किया जाता है।
प्रश्न 9. ₹10 अंकित मूल्य का अंश ₹12 पर जारी किया गया। Premium कितना होगा?
₹12 − ₹10 = ₹2 प्रति अंश
प्रश्न 10. 10,000 अंश ₹10 के हैं और ₹2 premium पर जारी किए गए। कुल निर्गम मूल्य कितना होगा?
प्रति अंश निर्गम मूल्य = ₹12। कुल = 10,000 × ₹12 = ₹1,20,000
gyan deep info
mp education gyan deep
Share Capital • Issue • Forfeiture • Reissue

अध्याय 2 — ऋणपत्रों का निर्गम (08 अंक)

1. ऋणपत्र का अर्थ

ऋणपत्र कंपनी द्वारा स्वीकार किए गए दीर्घकालीन ऋण का दस्तावेज है। ऋणपत्रधारी सामान्यतः कंपनी का ऋणदाता होता है, स्वामी नहीं।

2. अंश और ऋणपत्र में अंतर

आधारअंशऋणपत्र
स्थितिस्वामित्वऋण
धारकअंशधारकऋणपत्रधारक
प्रतिफललाभांशब्याज
जोखिमअधिकतुलनात्मक रूप से कम

3. ऋणपत्रों के प्रकार

  • Secured / Unsecured
  • Registered / Bearer
  • Convertible / Non-convertible
  • Redeemable / अन्य वर्गीकरण

4. ऋणपत्रों का निर्गम

Bank A/c Dr.
   To Debentures A/c

5. Premium on Issue of Debentures

Bank A/c Dr.
   To Debentures A/c
   To Securities Premium A/c

6. Issue at Discount

Bank A/c Dr.
Discount/Loss on Issue of Debentures A/c Dr.
   To Debentures A/c

7. अधि-अभिदान

यदि आवेदन प्राप्तियाँ उपलब्ध ऋणपत्रों से अधिक हों तो कंपनी द्वारा स्वीकृति, अस्वीकृति अथवा अनुपातिक आवंटन किया जा सकता है।

8. नकद के अतिरिक्त प्रतिफल पर ऋणपत्र

यदि कंपनी किसी विक्रेता से संपत्ति खरीदकर उसके प्रतिफल में ऋणपत्र जारी करती है तो यह non-cash consideration के रूप में ऋणपत्रों का निर्गम है।

Business Purchase A/c Dr.
   To Vendor A/c

Vendor A/c Dr.
   To Debentures A/c

9. संपाश्विक प्रतिभूति के रूप में ऋणपत्र

जब ऋणपत्र बैंक/अन्य ऋणदाता को अतिरिक्त सुरक्षा के रूप में जारी किए जाते हैं तो इन्हें collateral security कहा जाता है।

10. ऋणपत्र पर ब्याज

Debenture Interest A/c Dr.
   To Debentureholders / Bank A/c

11. ऋणपत्र निर्गम पर बट्टा/हानि का अपलेखन

ऋणपत्रों के निर्गम पर बट्टा या निर्गम हानि को निर्धारित लेखांकन उपचार के अनुसार लाभ-हानि में क्रमशः अपलिखित किया जाता है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न. ऋणपत्र क्या है?
ऋणपत्र कंपनी द्वारा प्राप्त ऋण का दस्तावेज है जो धारक को ऋणदाता के रूप में दर्शाता है।
प्रश्न. अंश और ऋणपत्र में एक मुख्य अंतर बताइए।
अंश स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि ऋणपत्र कंपनी के ऋण का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्रश्न. ऋणपत्र पर ब्याज क्या है?
ऋणपत्रधारकों को उनकी ऋण राशि पर निर्धारित दर से देय राशि ऋणपत्र ब्याज है।
प्रश्न. Collateral Security क्या है?
मुख्य ऋण के अतिरिक्त सुरक्षा के रूप में दिए गए ऋणपत्र collateral security कहलाते हैं।
प्रश्न. ₹100 का ऋणपत्र ₹96 में जारी किया गया। Discount कितना होगा?
₹4 प्रति ऋणपत्र
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mp education gyan deep
Debentures • Issue • Interest • Discount

अध्याय 3 — कंपनी के वित्तीय विवरण (08 अंक)

1. वित्तीय विवरण का अर्थ

वित्तीय विवरण वे औपचारिक विवरण हैं जिनके माध्यम से कंपनी की वित्तीय स्थिति, वित्तीय प्रदर्शन तथा संबंधित जानकारी प्रस्तुत की जाती है।

2. वित्तीय विवरणों की प्रकृति

  • ऐतिहासिक वित्तीय सूचना पर आधारित
  • लेखांकन सिद्धांतों के अनुसार तैयार
  • वित्तीय स्थिति का सार प्रस्तुत करने वाले
  • निर्णय लेने में उपयोगी

3. वित्तीय विवरण के उद्देश्य

  • लाभप्रदता की जानकारी
  • वित्तीय स्थिति की जानकारी
  • नकदी तथा संसाधनों का अध्ययन
  • प्रबंधन और निवेशकों को निर्णय में सहायता
  • ऋणदाताओं को जानकारी

4. वित्तीय विवरणों के प्रकार

  • Balance Sheet
  • Statement of Profit and Loss
  • Cash Flow Statement
  • संबंधित Notes to Accounts

5. वित्तीय विवरणों की उपयोगिता एवं महत्व

  • निवेश निर्णय
  • ऋण निर्णय
  • प्रबंधन नियंत्रण
  • लाभप्रदता विश्लेषण
  • वित्तीय स्थिति का अध्ययन
  • तुलनात्मक विश्लेषण

6. वित्तीय विवरणों की सीमाएँ

  • ऐतिहासिक लागत पर निर्भरता
  • मूल्य स्तर में परिवर्तन का सीमित प्रतिबिंब
  • गुणात्मक कारक सामान्यतः सीधे नहीं दिखते
  • लेखांकन नीतियों का प्रभाव
  • भविष्य की निश्चित भविष्यवाणी नहीं करते

अभ्यास प्रश्न

वित्तीय विवरण क्या हैं?
कंपनी की वित्तीय स्थिति और प्रदर्शन को प्रस्तुत करने वाले औपचारिक लेखांकन विवरण वित्तीय विवरण कहलाते हैं।
वित्तीय विवरणों के दो उद्देश्य लिखिए।
लाभप्रदता और वित्तीय स्थिति की जानकारी देना।
वित्तीय विवरणों की दो सीमाएँ बताइए।
वे प्रायः ऐतिहासिक आंकड़ों पर आधारित होते हैं और गुणात्मक तत्वों को पूरी तरह नहीं दर्शाते।
वित्तीय विवरण निर्णय-निर्माण में कैसे उपयोगी हैं?
निवेशक, ऋणदाता, प्रबंधन तथा अन्य उपयोगकर्ता लाभप्रदता, तरलता और वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन कर निर्णय ले सकते हैं।
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mp education gyan deep
Financial Statements • Balance Sheet • Profitability

अध्याय 4 — लेखांकन अनुपात (04 अंक)

1. अनुपात का अर्थ

दो संबंधित लेखांकन राशियों के बीच गणितीय संबंध को लेखांकन अनुपात कहते हैं।

2. अनुपात विश्लेषण के उद्देश्य

  • तरलता का अध्ययन
  • ऋण शोधन क्षमता का अध्ययन
  • क्रियाशीलता का अध्ययन
  • लाभप्रदता का अध्ययन

3. अनुपात विश्लेषण के लाभ

  • तुलना में सहायक
  • कमजोर क्षेत्रों की पहचान
  • निर्णय लेने में सहायता
  • वित्तीय प्रदर्शन का अध्ययन

4. अनुपात विश्लेषण की सीमाएँ

  • गलत आंकड़ों से गलत निष्कर्ष
  • विभिन्न लेखांकन नीतियों का प्रभाव
  • एक अनुपात से पूर्ण निर्णय संभव नहीं
  • मूल्य स्तर परिवर्तन का प्रभाव

5. अनुपातों के प्रकार

Liquidity Ratios
Current Ratio
Quick Ratio
Solvency Ratios
Debt-Equity आदि
Activity Ratios
Inventory, Debtors, Working Capital
Profitability Ratios
Gross Profit, Net Profit आदि

6. द्रवता अनुपात

Current Ratio = Current Assets / Current Liabilities
Quick Ratio = Quick Assets / Current Liabilities

7. ऋण शोधन क्षमता अनुपात

Debt-Equity Ratio = Long-term Debt / Shareholders' Funds

8. क्रियाशीलता / आवर्त अनुपात

Inventory Turnover Ratio = Cost of Revenue from Operations / Average Inventory
Debtors Turnover Ratio = Net Credit Revenue from Operations / Average Trade Receivables

9. लाभप्रदता अनुपात

Gross Profit Ratio = Gross Profit / Revenue from Operations × 100
Net Profit Ratio = Net Profit / Revenue from Operations × 100

उदाहरण

Current Assets = ₹2,00,000 और Current Liabilities = ₹1,00,000।

Current Ratio = 2,00,000 / 1,00,000 = 2 : 1

अभ्यास प्रश्न

Current Ratio क्या मापता है?
अल्पकालीन दायित्वों को चुकाने की क्षमता अर्थात short-term liquidity।
Quick Ratio का सूत्र लिखिए।
Quick Ratio = Quick Assets / Current Liabilities
Gross Profit Ratio का सूत्र लिखिए।
Gross Profit Ratio = Gross Profit / Revenue from Operations × 100
Current Assets ₹3,00,000 और Current Liabilities ₹1,50,000 हैं। Current Ratio ज्ञात कीजिए।
₹3,00,000 ÷ ₹1,50,000 = 2 : 1
gyan deep info
mp education gyan deep
Accounting Ratios • Liquidity • Solvency • Profitability

अध्याय 5 — रोकड़ प्रवाह विवरण (08 अंक)

1. रोकड़ प्रवाह विवरण का अर्थ

किसी लेखांकन अवधि में रोकड़ और रोकड़ तुल्यराशियों में होने वाले आगमन और निर्गमन को वर्गीकृत करके प्रस्तुत करने वाला विवरण रोकड़ प्रवाह विवरण कहलाता है।

2. रोकड़ एवं रोकड़ तुल्यराशियाँ

रोकड़ में नकद तथा बैंक शेष शामिल होते हैं। रोकड़ तुल्यराशियाँ अत्यधिक तरल, अल्पकालीन निवेश होते हैं जिन्हें शीघ्रता से ज्ञात नकद में बदला जा सकता है और जिनमें मूल्य परिवर्तन का जोखिम बहुत कम होता है।

3. रोकड़ प्रवाह के उद्देश्य

  • नकदी की उपलब्धता समझना
  • नकदी के स्रोत और उपयोग का अध्ययन
  • भविष्य की नकदी योजना में सहायता
  • तरलता का आकलन

4. रोकड़ प्रवाह विवरण के लाभ

  • Cash position स्पष्ट होती है।
  • Liquidity का अध्ययन होता है।
  • भविष्य के cash requirements का अनुमान लगाया जा सकता है।
  • निवेश और वित्तीय निर्णयों में सहायता मिलती है।

5. रोकड़ प्रवाह का वर्गीकरण

क्रियाकलापअर्थउदाहरण
Operating Activities मुख्य व्यवसाय से संबंधित गतिविधियाँ ग्राहकों से प्राप्त नकदी, सप्लायर को भुगतान
Investing Activities दीर्घकालीन परिसंपत्तियों/निवेशों से संबंधित मशीन खरीदना, निवेश बेचना
Financing Activities पूँजी और ऋण से संबंधित अंश जारी करना, ऋण लेना/चुकाना

6. प्रचालन क्रियाकलापों से रोकड़ प्रवाह

Operating Cash Flow ज्ञात करने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विधि का प्रयोग किया जा सकता है। अप्रत्यक्ष विधि में सामान्यतः लाभ को नकदी आधार पर समायोजित किया जाता है।

अप्रत्यक्ष विधि में सामान्य समायोजन

  • Depreciation जोड़ना
  • Goodwill Written Off जोड़ना
  • Profit on Sale of Asset घटाना
  • Loss on Sale of Asset जोड़ना
  • Working Capital में परिवर्तन समायोजित करना

7. Working Capital Adjustments

परिवर्तनOperating Cash Flow पर प्रभाव
Current Asset बढ़ेघटता है
Current Asset घटेबढ़ता है
Current Liability बढ़ेबढ़ता है
Current Liability घटेघटता है

8. निवेश क्रियाकलाप

  • स्थायी परिसंपत्ति की खरीद = Cash Outflow
  • स्थायी परिसंपत्ति की बिक्री = Cash Inflow
  • निवेश की खरीद = Cash Outflow
  • निवेश की बिक्री = Cash Inflow

9. वित्तीय क्रियाकलाप

  • अंश निर्गम = Cash Inflow
  • ऋणपत्र निर्गम = Cash Inflow
  • ऋण प्राप्ति = Cash Inflow
  • ऋण चुकौती = Cash Outflow
  • अंश पूँजी/ऋण की वापसी = Cash Outflow

10. रोकड़ प्रवाह विवरण का निर्माण

Opening Cash & Cash Equivalents
+ Net Cash from Operating Activities
+ Net Cash from Investing Activities
+ Net Cash from Financing Activities
= Closing Cash & Cash Equivalents

11. गैर-नकद लेन-देन

ऐसी लेन-देन जिनमें नकदी का वास्तविक प्रवाह नहीं होता, Cash Flow Statement में सामान्यतः cash flow के रूप में नहीं दिखाई जातीं; इन्हें आवश्यकतानुसार अलग से disclose किया जा सकता है।

अभ्यास प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. रोकड़ प्रवाह विवरण क्या है?
लेखांकन अवधि में नकदी एवं नकदी तुल्यराशियों के आगमन और निर्गमन को वर्गीकृत करके दिखाने वाला विवरण रोकड़ प्रवाह विवरण है।
प्रश्न 2. रोकड़ तुल्यराशियाँ क्या हैं?
अत्यधिक तरल, अल्पकालीन निवेश जिन्हें शीघ्रता से निश्चित नकदी में बदला जा सकता है और जिनमें कम मूल्य-जोखिम होता है।
प्रश्न 3. रोकड़ प्रवाह को कितने मुख्य वर्गों में बाँटा जाता है?
प्रचालन, निवेश और वित्तीय क्रियाकलापों में।
प्रश्न 4. मशीन खरीदना किस क्रियाकलाप का उदाहरण है?
Investing Activity
प्रश्न 5. अंश जारी करना किस क्रियाकलाप का उदाहरण है?
Financing Activity
प्रश्न 6. Current Asset में वृद्धि का Operating Cash Flow पर क्या प्रभाव पड़ता है?
सामान्यतः Operating Cash Flow घटता है।
प्रश्न 7. Current Liability बढ़ने पर क्या प्रभाव पड़ता है?
सामान्यतः Operating Cash Flow बढ़ता है।
प्रश्न 8. Depreciation को Operating Cash Flow की indirect method में क्यों जोड़ा जाता है?
क्योंकि यह गैर-नकदी व्यय है; इसे लाभ से घटाया गया होता है लेकिन उस अवधि में वास्तविक नकद बहिर्वाह नहीं हुआ होता।
प्रश्न 9. परिसंपत्ति बेचने से प्राप्त नकदी किस क्रियाकलाप में आएगी?
Investing Activity
प्रश्न 10. ऋण प्राप्त करना किस प्रकार का Cash Flow है?
Financing Cash Inflow
gyan deep info
mp education gyan deep
Cash Flow Statement • Operating • Investing • Financing

महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. A और B का लाभ-विभाजन अनुपात 3:2 है। लाभ ₹75,000 है। दोनों का लाभ ज्ञात कीजिए।
A = 75,000 × 3/5 = ₹45,000
B = 75,000 × 2/5 = ₹30,000
प्रश्न 2. Average Profit ₹40,000 और 4 years' purchase है। Goodwill ज्ञात कीजिए।
Goodwill = ₹40,000 × 4 = ₹1,60,000
प्रश्न 3. Average Profit ₹50,000 है, Capital Employed ₹4,00,000 और Normal Rate 10% है। Super Profit ज्ञात कीजिए।
Normal Profit = ₹4,00,000 × 10% = ₹40,000
Super Profit = ₹50,000 − ₹40,000 = ₹10,000
प्रश्न 4. Current Assets ₹4,00,000 और Current Liabilities ₹2,00,000 हैं। Current Ratio ज्ञात कीजिए।
Current Ratio = 4,00,000 ÷ 2,00,000 = 2 : 1
प्रश्न 5. Revenue from Operations ₹5,00,000 और Gross Profit ₹1,00,000 है। Gross Profit Ratio ज्ञात कीजिए।
Gross Profit Ratio = 1,00,000 / 5,00,000 × 100 = 20%
प्रश्न 6. ₹10 अंकित मूल्य के 20,000 अंश ₹12 पर जारी किए गए। कुल Securities Premium कितना है?
Premium = ₹2 प्रति अंश
कुल Premium = 20,000 × ₹2 = ₹40,000
प्रश्न 7. ₹100 के 1,000 ऋणपत्र ₹96 में जारी हुए। कुल discount कितना होगा?
Discount = ₹4 × 1,000 = ₹4,000
प्रश्न 8. Opening Cash ₹20,000, Operating Inflow ₹40,000, Investing Outflow ₹15,000 और Financing Inflow ₹10,000 है। Closing Cash ज्ञात कीजिए।
Closing Cash = 20,000 + 40,000 − 15,000 + 10,000 = ₹55,000

पूरे पाठ्यक्रम से वस्तुनिष्ठ प्रश्न बैंक — उत्तर सहित

सही विकल्प

  1. साझेदारी का आधार है — समझौता
  2. साझेदारी में प्रत्येक साझेदार है — फर्म और अन्य साझेदारों का एजेंट
  3. लाभ-विभाजन अनुपात बदलने पर ख्याति का समायोजन होता है — हाँ
  4. नए साझेदार के प्रवेश पर प्रयुक्त अनुपात है — त्याग अनुपात
  5. सेवानिवृत्ति पर प्रयुक्त अनुपात है — अभिलाभ अनुपात
  6. फर्म के विघटन पर बनाया जाता है — Realisation Account
  7. कंपनी की पूँजी अंशों में विभाजित होती है — सही
  8. अधि-अभिदान का अर्थ है — जारी अंशों से अधिक आवेदन
  9. ऋणपत्रधारी होता है — ऋणदाता
  10. अंशधारी होता है — स्वामी
  11. Current Ratio मापता है — द्रवता
  12. Debt-Equity Ratio मापता है — दीर्घकालीन वित्तीय संरचना/सॉल्वेंसी
  13. मशीन की खरीद है — Investing Activity
  14. अंशों का निर्गम है — Financing Activity
  15. Depreciation है — Non-cash Expense

रिक्त स्थान — उत्तर सहित

  1. साझेदारी का आधार ________ है। — समझौता
  2. नए साझेदार के प्रवेश पर ________ अनुपात ज्ञात किया जाता है। — त्याग
  3. सेवानिवृत्ति पर ________ अनुपात ज्ञात किया जाता है। — अभिलाभ
  4. ख्याति को अंग्रेजी में ________ कहते हैं। — Goodwill
  5. फर्म के विघटन पर ________ Account बनाया जाता है। — Realisation
  6. अंशों से प्राप्त पूँजी को ________ कहते हैं। — Share Capital
  7. अंश से अधिक आवेदन को ________ कहते हैं। — Oversubscription
  8. कंपनी का ऋण दर्शाने वाला साधन ________ है। — Debenture
  9. Current Assets / Current Liabilities को ________ कहते हैं। — Current Ratio
  10. Cash Flow की तीन मुख्य गतिविधियाँ ________, ________ और ________ हैं। — Operating, Investing, Financing
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये
GYAN DEEP INFO एवं MP EDUCATION GYAN DEEP

सत्य / असत्य

  1. साझेदारी का आधार समझौता है। — सत्य
  2. नए साझेदार के प्रवेश पर त्याग अनुपात निकाला जाता है। — सत्य
  3. सेवानिवृत्ति पर अभिलाभ अनुपात का कोई महत्व नहीं है। — असत्य
  4. Realisation Account विघटन से संबंधित है। — सत्य
  5. अंशधारक कंपनी का ऋणदाता होता है। — असत्य
  6. ऋणपत्र कंपनी का ऋण दर्शाते हैं। — सत्य
  7. Current Ratio एक लाभप्रदता अनुपात है। — असत्य
  8. मशीन की खरीद Investing Activity है। — सत्य
  9. अंशों का निर्गम Financing Activity है। — सत्य
  10. Depreciation वास्तविक cash outflow है। — असत्य

सही जोड़ी

कॉलम Aकॉलम B
साझेदारीसमझौता
नया साझेदारत्याग अनुपात
सेवानिवृत्तिअभिलाभ अनुपात
Goodwillफर्म की प्रतिष्ठा
Realisationविघटन
Share Capitalकंपनी की अंशपूँजी
Debentureऋण
Current RatioLiquidity
Debt-EquitySolvency
Operating Activityमुख्य व्यवसाय
Investing Activityस्थायी परिसंपत्तियाँ/निवेश
Financing Activityपूँजी और ऋण

एक वाक्य में उत्तर

  1. साझेदारी क्या है? — लाभ बाँटने के समझौते पर आधारित व्यावसायिक संबंध।
  2. त्याग अनुपात क्या है? — नए साझेदार के लिए पुराने साझेदारों द्वारा छोड़े गए लाभ का अनुपात।
  3. अभिलाभ अनुपात क्या है? — सेवानिवृत्त साझेदार का लाभ हिस्सा प्राप्त करने का शेष साझेदारों का अनुपात।
  4. Goodwill क्या है? — फर्म की प्रतिष्ठा और अतिरिक्त लाभ कमाने की क्षमता का मूल्य।
  5. Realisation Account कब बनाया जाता है? — फर्म के विघटन के समय।
  6. Share Capital क्या है? — अंशों के निर्गम से प्राप्त कंपनी की पूँजी।
  7. Oversubscription क्या है? — निर्गमित अंशों से अधिक अंशों के लिए आवेदन।
  8. Debenture क्या है? — कंपनी के ऋण का दस्तावेज।
  9. Current Ratio क्या मापता है? — अल्पकालीन द्रवता।
  10. Cash Flow Statement क्या दर्शाता है? — रोकड़ और रोकड़ तुल्यराशियों के प्रवाह को।
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये
GYAN DEEP INFO एवं MP EDUCATION GYAN DEEP

पूरे पाठ्यक्रम से 3 अंक के संभावित प्रश्न — मॉडल उत्तर सहित

1. साझेदारी विलेख की तीन प्रमुख बातें लिखिए।
लाभ-विभाजन अनुपात, पूँजी पर ब्याज तथा साझेदारों के वेतन/कमीशन का विवरण साझेदारी विलेख की प्रमुख बातें हैं।
2. नए साझेदार के प्रवेश पर तीन प्रमुख समायोजन लिखिए।
नया लाभ-विभाजन अनुपात, ख्याति का समायोजन तथा परिसंपत्तियों और दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन।
3. सेवानिवृत्ति पर तीन प्रमुख समायोजन लिखिए।
अभिलाभ अनुपात, ख्याति का समायोजन तथा सेवानिवृत्त साझेदार को देय राशि का निर्धारण।
4. फर्म के विघटन में Realisation Account का महत्व बताइए।
यह परिसंपत्तियों की बिक्री और दायित्वों के भुगतान से उत्पन्न लाभ/हानि ज्ञात करता है तथा विघटन के अंतिम निपटारे में सहायता करता है।
5. अंशों के निर्गम के तीन प्रमुख चरण लिखिए।
Application, Allotment और Calls।
6. अंश और ऋणपत्र में तीन अंतर बताइए।
अंश स्वामित्व हैं जबकि ऋणपत्र ऋण हैं; अंश पर लाभांश जबकि ऋणपत्र पर ब्याज मिलता है; अंशधारक मालिक जबकि ऋणपत्रधारक ऋणदाता होता है।
7. वित्तीय विवरणों के तीन लाभ लिखिए।
लाभप्रदता का अध्ययन, वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन तथा निवेश/ऋण संबंधी निर्णयों में सहायता।
8. लेखांकन अनुपातों की तीन सीमाएँ बताइए।
लेखांकन नीतियों का प्रभाव, ऐतिहासिक आंकड़ों पर निर्भरता और केवल एक अनुपात से पूर्ण निष्कर्ष न निकाल पाना।
9. Cash Flow Statement की तीन गतिविधियाँ कौन-सी हैं?
Operating, Investing और Financing Activities।
10. Working Capital में Current Asset और Current Liability के परिवर्तन का प्रभाव बताइए।
Current Asset बढ़ने पर cash flow घटता है, Current Asset घटने पर बढ़ता है; Current Liability बढ़ने पर cash flow बढ़ता है और घटने पर cash flow घटता है।

4 अंक के अति महत्वपूर्ण प्रश्न — मॉडल उत्तर सहित

1. साझेदारी लेखांकन की आधारभूत अवधारणाएँ समझाइए।
साझेदारी समझौते पर आधारित व्यावसायिक संबंध है जिसमें साझेदार लाभ बाँटते हैं और पारस्परिक एजेंसी का सिद्धांत लागू होता है। साझेदारी विलेख में लाभ-विभाजन अनुपात, पूँजी, ब्याज, वेतन आदि की शर्तें होती हैं। लाभ-विभाजन के लिए Profit & Loss Appropriation Account का प्रयोग किया जाता है। स्थायी या परिवर्तनशील पूँजी पद्धति से Capital Accounts का अनुरक्षण किया जा सकता है। लाभ की गारंटी और पूर्व समायोजन भी साझेदारी लेखांकन के महत्वपूर्ण पक्ष हैं।
2. नए साझेदार के प्रवेश पर होने वाले प्रमुख लेखांकन समायोजन समझाइए।
नए साझेदार के प्रवेश पर नया लाभ-विभाजन अनुपात तथा पुराने साझेदारों का त्याग अनुपात ज्ञात किया जाता है। फर्म की ख्याति का मूल्यांकन और समायोजन किया जाता है। परिसंपत्तियों और दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन करके लाभ/हानि पुराने साझेदारों में बाँटी जाती है। रिजर्व और संचित लाभ-हानियों का समायोजन किया जाता है। अंत में साझेदारों की पूँजी को नए अनुपात के अनुसार समायोजित किया जा सकता है।
3. साझेदार की सेवानिवृत्ति पर होने वाले समायोजन समझाइए।
सेवानिवृत्ति के समय नया लाभ-विभाजन अनुपात और अभिलाभ अनुपात ज्ञात किया जाता है। सेवानिवृत्त साझेदार को Goodwill में हिस्सा दिया जाता है। परिसंपत्तियों और दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन किया जाता है तथा संचित लाभ/हानियों का पुराने अनुपात में समायोजन किया जाता है। पूँजी खाता और अन्य देय राशि निर्धारित करके भुगतान किया जाता है या रकम को Loan Account में स्थानांतरित किया जाता है।
4. फर्म के विघटन की लेखांकन प्रक्रिया समझाइए।
विघटन के समय Realisation Account खोला जाता है। सभी संबंधित परिसंपत्तियाँ Realisation Account में स्थानांतरित की जाती हैं और बाहरी दायित्व भी इसमें लाए जाते हैं। परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त नकद तथा दायित्वों के भुगतान को दर्ज किया जाता है। Realisation से लाभ या हानि निकलने पर उसे साझेदारों में लाभ-विभाजन अनुपात में बाँटा जाता है। अंत में साझेदारों के Capital और Cash/Bank Accounts का निपटारा किया जाता है।
5. अंशपूँजी के निर्गम की लेखांकन प्रक्रिया समझाइए।
अंशों के निर्गम में पहले आवेदन राशि प्राप्त होती है, फिर अंशों का आवंटन किया जाता है और शेष राशि Calls के रूप में माँगी जाती है। Application, Allotment और Calls के लिए अलग-अलग खातों में प्रविष्टियाँ की जाती हैं। अधि-अभिदान की स्थिति में अतिरिक्त राशि वापस या समायोजित की जा सकती है। भुगतान न होने पर Calls in Arrears और नियमों के अनुसार अंशों का हरण किया जा सकता है।
6. ऋणपत्रों के निर्गम की विभिन्न स्थितियाँ समझाइए।
ऋणपत्र अंकित मूल्य पर, प्रीमियम पर या बट्टे पर जारी किए जा सकते हैं। इन्हें नकद के बदले, संपत्ति खरीद के प्रतिफल के रूप में अथवा collateral security के रूप में भी जारी किया जा सकता है। ऋणपत्रधारक को निर्धारित दर से ब्याज दिया जाता है। निर्गम पर Discount/Loss का उचित लेखांकन और क्रमिक अपलेखन किया जाता है।
7. वित्तीय विवरणों के उद्देश्य और सीमाएँ समझाइए।
वित्तीय विवरण कंपनी की लाभप्रदता, वित्तीय स्थिति और संसाधनों की जानकारी देते हैं तथा निवेशकों, ऋणदाताओं और प्रबंधन को निर्णय लेने में सहायता करते हैं। उनकी सीमाओं में ऐतिहासिक आंकड़ों पर निर्भरता, लेखांकन नीतियों का प्रभाव, मूल्य स्तर परिवर्तन का सीमित प्रतिबिंब और गुणात्मक तत्वों को पूरी तरह न दर्शा पाना शामिल है।
8. लेखांकन अनुपातों के प्रमुख प्रकार समझाइए।
मुख्यतः चार प्रकार के अनुपात महत्वपूर्ण हैं—द्रवता अनुपात, ऋण शोधन क्षमता अनुपात, क्रियाशीलता/आवर्त अनुपात और लाभप्रदता अनुपात। Current और Quick Ratio द्रवता, Debt-Equity Ratio solvency, Inventory/Debtors Turnover activity तथा Gross/Net Profit Ratio profitability का अध्ययन करते हैं।
9. Cash Flow Statement के तीन वर्ग समझाइए।
Operating Activities मुख्य व्यवसाय से संबंधित नकदी प्रवाह दिखाती हैं। Investing Activities में स्थायी परिसंपत्तियों और निवेशों की खरीद-बिक्री आती है। Financing Activities में अंशपूँजी, ऋणपत्र और ऋण से संबंधित नकदी प्रवाह आता है। इन तीनों के शुद्ध प्रवाह से रोकड़ स्थिति में कुल परिवर्तन ज्ञात होता है।
10. Operating Cash Flow की indirect method समझाइए।
Indirect method में Accounting Profit से शुरुआत की जाती है। गैर-नकदी खर्च जैसे Depreciation जोड़े जाते हैं। गैर-प्रचालन लाभ जैसे परिसंपत्ति बिक्री का लाभ घटाया जाता है तथा संबंधित हानि जोड़ी जाती है। इसके बाद Current Assets और Current Liabilities के परिवर्तन का समायोजन किया जाता है। अंत में Operating Activities से Net Cash Flow प्राप्त होता है।

कक्षा 12वीं लेखाशास्त्र — अंतिम रिवीजन चार्ट

Partnership Fundamentals
Deed • Capital • Current A/c • P&L Appropriation • Guarantee • Past Adjustment
Admission
New Ratio • Sacrificing Ratio • Goodwill • Revaluation • Reserves • Capital Adjustment
Retirement / Death
New Ratio • Gaining Ratio • Goodwill • Revaluation • Amount Due • Loan
Dissolution
Realisation • Assets • Liabilities • Realisation Profit/Loss • Capital Settlement
Share Capital
Application • Allotment • Calls • Oversubscription • Arrears • Forfeiture • Reissue
Debentures
Issue • Premium • Discount • Cash • Non-cash • Collateral • Interest
Financial Statements
Meaning • Nature • Objectives • Types • Uses • Limitations
Accounting Ratios
Liquidity • Solvency • Activity • Profitability
Cash Flow
Operating • Investing • Financing • Working Capital • Closing Cash
अति महत्वपूर्ण सूत्र:
Goodwill = Average Profit × Years' Purchase
Super Profit = Average Profit − Normal Profit
Goodwill = Super Profit × Years' Purchase
Capitalised Value = Average Profit × 100 / Normal Rate of Return
Current Ratio = Current Assets / Current Liabilities
Quick Ratio = Quick Assets / Current Liabilities
Gross Profit Ratio = Gross Profit / Revenue from Operations × 100
Net Profit Ratio = Net Profit / Revenue from Operations × 100
Debt-Equity Ratio = Long-term Debt / Shareholders' Funds
Inventory Turnover = Cost of Revenue from Operations / Average Inventory
Numerical Questions के लिए विशेष तैयारी:
Partnership में Ratio, Goodwill, Revaluation और Capital Adjustment के calculations अवश्य करें।
Share Capital में Application, Allotment, Calls, Oversubscription, Forfeiture और Reissue की entries का अभ्यास करें।
Debentures में issue at par/premium/discount, non-cash consideration और collateral security के treatment को दोहराएँ।
Ratios में formula + substitution + final ratio/percentage स्पष्ट लिखें।
Cash Flow में Operating, Investing और Financing classification तथा Working Capital adjustments अवश्य याद करें।
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कक्षा 12वीं लेखाशास्त्र • सम्पूर्ण नोट्स • सूत्र • जर्नल एंट्री • अभ्यास प्रश्न • मॉडल उत्तर

अस्वीकरण (Disclaimer):

1. अध्ययन एवं अभ्यास उद्देश्य: इस पोस्ट में दी गई अंक योजना (Blueprint), पाठ्यक्रम, AI-जनरेटेड सरल नोट्स तथा अभ्यास प्रश्नोत्तर माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के नवीनतम दिशा-निर्देशों एवं NCERT पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, पुनरावलोकन और परीक्षा अभ्यास के लिए तैयार किए गए हैं।

2. प्रश्नोत्तर एवं संभावित प्रश्न: पोस्ट में शामिल सभी वस्तुनिष्ठ, लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर केवल मॉडल/अभ्यास प्रश्न (Practice Questions) हैं। यह बोर्ड परीक्षा का कोई आधिकारिक प्रश्नपत्र नहीं है और न ही परीक्षा में हूबहू यही प्रश्न पूछे जाने का कोई दावा किया जाता है।

3. उत्तरों का सत्यापन: यद्यपि सभी उत्तरों, लेखांकन नियमों, प्रविष्टियों एवं गणनाओं को सटीक और त्रुटिरहित रखने का पूर्ण प्रयास किया गया है, फिर भी विद्यार्थी किसी भी तकनीकी या तथ्यात्मक संदेह की स्थिति में अपनी अधिकृत NCERT पाठ्यपुस्तकों तथा विषय शिक्षकों के मार्गदर्शन को ही अंतिम व सर्वमान्य आधार मानें।

4. आधिकारिक सूचना: परीक्षा कार्यक्रम, आंतरिक मूल्यांकन/प्रायोजना कार्य, अंक योजना में किसी भी संभावित संशोधन अथवा आधिकारिक विज्ञप्ति के लिए सदैव माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी निर्देशों को ही अधिकृत माना जाए। 

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