MP Board Class 11th Maths Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 11वीं गणित सूत्र, प्रमेय एवं अंक योजना
- MP Board Class 11th Maths Blueprint 2026-27
- Class 11th Mathematics Formula Sheet in Hindi MPBSE
- MP Board 11th Maths Important Questions 2026-27
- कक्षा 11वीं गणित नोट्स एवं सूत्र
- MPBSE 11th Maths Model Paper and Solution 2026-27
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 11वीं गणित अध्ययन सामग्री
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं वार्षिक परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। कक्षा 11वीं गणित का पाठ्यक्रम कक्षा 12वीं के आधार के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE, NDA आदि) की रीढ़ माना जाता है। समुचित सूत्र ज्ञान, मूलभूत संकल्पनाओं की स्पष्टता और नियमित चरणबद्ध (Step-by-Step) अभ्यास से विद्यार्थी इस विषय में 100 में से 100 अंक अर्जित कर सकते हैं।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा के लिए यहाँ कक्षा 11वीं गणित के सभी अध्यायों की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, फॉर्मूला शीट, महत्वपूर्ण प्रमेय एवं परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कक्षा 11वीं गणित (Mathematics)
सम्पूर्ण सरल नोट्स एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27
पूर्णांक — 80 | समय — 3:00 घंटे
अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना
| क्र. | अध्याय / विषयवस्तु | आवंटित अंक |
|---|---|---|
| 1 | समुच्चय | 06 |
| 2 | संबंध एवं फलन | 05 |
| 3 | त्रिकोणमितीय फलन | 10 |
| 4 | सम्मिश्र संख्याएँ एवं द्विघातीय समीकरण | 09 |
| 5 | रैखिक असमिकाएँ | 04 |
| 6 | क्रमचय और संचय | 06 |
| 7 | द्विपद प्रमेय | 04 |
| 8 | अनुक्रम तथा श्रेणी | 08 |
| 9 | सरल रेखाएँ | 06 |
| 10 | शंकु परिच्छेद | 02 |
| 11 | त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय | 05 |
| 12 | सीमा और अवकलज | 08 |
| 13 | सांख्यिकी | 05 |
| 14 | प्रायिकता | 04 |
| कुल योग | 80 | |
अध्याय 1 — समुच्चय (06 अंक)
1. समुच्चय की परिभाषा
अच्छी तरह परिभाषित वस्तुओं के समूह को समुच्चय कहते हैं। समुच्चय को सामान्यतः अंग्रेजी के बड़े अक्षरों A, B, C आदि से दर्शाया जाता है।
2. समुच्चय का निरूपण
समुच्चय को मुख्यतः दो प्रकार से लिखा जाता है—
- रोस्टर रूप: इसके सभी अवयव लिखे जाते हैं। जैसे A={1,2,3,4}
- समुच्चय निर्माण रूप: अवयवों की विशेषता द्वारा। जैसे A={x:x एक धन पूर्णांक है, x<5}
3. रिक्त समुच्चय
जिस समुच्चय में कोई अवयव न हो उसे रिक्त समुच्चय कहते हैं। इसे ∅ या { } से दर्शाते हैं।
4. परिमित और अपरिमित समुच्चय
जिस समुच्चय में अवयवों की संख्या निश्चित हो वह परिमित और जिसकी अवयव संख्या निर्धारित रूप से समाप्त न हो वह अपरिमित समुच्चय कहलाता है।
5. समान समुच्चय
दो समुच्चय समान होते हैं यदि उनके सभी अवयव समान हों।
6. उपसमुच्चय
यदि A का प्रत्येक अवयव B में भी उपस्थित हो तो A, B का उपसमुच्चय कहलाता है।
7. सार्वत्रिक समुच्चय
किसी विशेष चर्चा के अंतर्गत विचार किए जा रहे सभी अवयवों के समुच्चय को सार्वत्रिक समुच्चय कहते हैं।
8. वेन आरेख
समुच्चयों तथा उनके संबंधों को चित्रात्मक रूप में दर्शाने के लिए वेन आरेख का उपयोग किया जाता है।
9. समुच्चयों पर संक्रियाएँ
10. प्रमुख सूत्र
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
A∩B={3}
4 अंक प्रश्न
संघ: A∪B={1,2,3,4,5}
प्रतिच्छेद: A∩B={3}
अंतर: A−B={1,2}
B−A={4,5}
पूरक A′ सार्वत्रिक समुच्चय U के सापेक्ष U−A द्वारा ज्ञात किया जाता है।
=25+20−8
=37
अध्याय 2 — संबंध एवं फलन (05 अंक)
1. कार्तीय गुणन
दो समुच्चयों A और B का कार्तीय गुणन A×B उन क्रमित युग्मों का समुच्चय है जिनका पहला अवयव A से और दूसरा B से होता है।
2. संबंध
A×B का कोई उपसमुच्चय A से B में संबंध कहलाता है।
3. फलन
A से B में संबंध f एक फलन कहलाता है यदि A के प्रत्येक अवयव का B में ठीक एक प्रतिबिंब हो।
4. फलन के प्रमुख प्रकार
- एकैकी फलन
- बहुएकी फलन
- आच्छादक फलन
- एकैकी आच्छादक फलन
5. डोमेन, सह-डोमेन एवं परास
जिस समुच्चय से फलन शुरू होता है वह domain, लक्ष्य समुच्चय codomain और वास्तव में प्राप्त मानों का समुच्चय range कहलाता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अतः n(A×B)=2×3=6।
अध्याय 3 — त्रिकोणमितीय फलन (10 अंक)
1. कोण
दो किरणों के बीच का झुकाव कोण कहलाता है। कोण को डिग्री या रेडियन में व्यक्त किया जाता है।
2. मूल त्रिकोणमितीय अनुपात
cosθ=आधार/कर्ण
tanθ=लंब/आधार
secθ=1/cosθ
cotθ=1/tanθ
3. मूल सर्वसमिकाएँ
4. योग एवं अंतर सूत्र
5. द्वि-कोण सूत्र
6. मानों की तालिका
| θ | 0° | 30° | 45° | 60° | 90° |
|---|---|---|---|---|---|
| sinθ | 0 | 1/2 | 1/√2 | √3/2 | 1 |
| cosθ | 1 | √3/2 | 1/√2 | 1/2 | 0 |
| tanθ | 0 | 1/√3 | 1 | √3 | अपरिभाषित |
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
tan²θ+1=sec²θ
अतः सिद्ध।
cos(A+B)=cosAcosB−sinAsinB
4 अंक प्रश्न
sin(A−B)=sinAcosB−cosAsinB
दोनों जोड़ने पर:
2sinAcosB
अतः सिद्ध।
कर्ण=5
अतः
sinθ=3/5
cosθ=4/5
और sin²A=1−cos²A
अतः
cos2A=cos²A−(1−cos²A)
=2cos²A−1
अध्याय 4 — सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण (09 अंक)
1. सम्मिश्र संख्या
वह संख्या जिसे a+ib के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ a,b वास्तविक संख्याएँ और i=√−1 है, सम्मिश्र संख्या कहलाती है।
2. वास्तविक और काल्पनिक भाग
Re(z)=a
Im(z)=b
3. संयुग्मी
4. मापांक
5. ध्रुवीय रूप
6. आर्गड तल
सम्मिश्र संख्या z=a+ib को कार्तीय तल की तरह real axis और imaginary axis पर बिंदु (a,b) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इसे Argand plane कहते हैं।
7. द्विघातीय समीकरण
8. मूलों का सूत्र
9. विवर्तक
- D>0 → दो भिन्न वास्तविक मूल
- D=0 → दो समान वास्तविक मूल
- D<0 → सम्मिश्र मूल
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
मापांक: |z|=√(a²+b²)
4 अंक प्रश्न
zz̄=(a+ib)(a−ib)
=a²−i²b²
=a²+b²
और |z|²=a²+b²।
अतः zz̄=|z|²।
(x−2)(x−3)=0
अतः x=2 या x=3।
मूल: 2, 3
α+β=−b/a
αβ=c/a
अध्याय 5 — रैखिक असमिकाएँ (04 अंक)
1. असमिका
दो राशियों के बीच ≤, ≥, < या > का संबंध असमिका कहलाता है।
2. महत्वपूर्ण नियम
यदि असमिका के दोनों पक्षों को धनात्मक संख्या से गुणा या भाग करें तो चिन्ह नहीं बदलता। ऋणात्मक संख्या से गुणा या भाग करने पर असमिका का चिन्ह उलट जाता है।
3. उदाहरण
2x>4
x>2
4. आलेखीय निरूपण
संख्या रेखा पर open circle का उपयोग < या > के लिए तथा closed circle का उपयोग ≤ या ≥ के लिए किया जाता है।
2 अंक प्रश्न
x≥4
3 अंक प्रश्न
दूसरी से x≥2।
अतः संयुक्त हल 2≤x<3।
4 अंक प्रश्न
−4<2x≤6
दोनों पक्षों को 2 से भाग:
−2<x≤3
अतः हल समुच्चय = (−2,3]
अध्याय 6 — क्रमचय और संचय (06 अंक)
1. गणना का आधारभूत सिद्धांत
यदि एक कार्य m तरीकों से और दूसरा n तरीकों से किया जा सकता है, तो दोनों कार्य क्रमशः m×n तरीकों से किए जा सकते हैं।
2. क्रमचय
जब वस्तुओं के चयन में क्रम महत्वपूर्ण हो तो क्रमचय कहलाता है।
3. संचय
जब चयन में क्रम महत्वपूर्ण न हो तो संचय कहलाता है।
4. संबंध
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
=(6×5)/(2×1)
=15
अतः 10 तरीके।
4 अंक प्रश्न
5P5=5!
=5×4×3×2×1
=120 तरीके
7C3=7!/(3!4!)
=35
अतः 35 तरीके।
अध्याय 7 — द्विपद प्रमेय (04 अंक)
1. द्विपद प्रमेय
2. सामान्य पद
3. प्रमुख गुण
- कुल पद = n+1
- समान दूरी पर स्थित पदों के गुणांक समान होते हैं।
- गुणांकों का योग = 2ⁿ
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
=x³+6x²+12x+8
4 अंक प्रश्न
Tr+1=nCᵣxʳ
तीसरे पद के लिए r=2:
T₃=6C2x²
=15x²
=2⁸
=256
अध्याय 8 — अनुक्रम तथा श्रेणी (08 अंक)
1. अनुक्रम
संख्याओं का क्रम जिसमें किसी निश्चित नियम के अनुसार पद व्यवस्थित हों, अनुक्रम कहलाता है।
2. श्रेणी
अनुक्रम के पदों का योग श्रेणी कहलाता है।
3. समांतर श्रेणी (AP)
जिस श्रेणी में क्रमागत पदों का अंतर स्थिर हो, वह AP है।
4. गुणोत्तर श्रेणी (GP)
जिस श्रेणी में क्रमागत पदों का अनुपात स्थिर हो वह GP है।
5. AM-GM संबंध
दो धनात्मक संख्याओं a और b के लिए:
GM=√ab
AM≥GM
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
a₁₀=3+9×4
=39
a₈=2×2⁷
=256
4 अंक प्रश्न
S₂₀=20/2[2×5+19×3]
=10[10+57]
=10×67
=670
S₆=3(2⁶−1)/(2−1)
=3×63
=189
AM−GM=(a+b)/2−√ab
=(a+b−2√ab)/2
=(√a−√b)²/2 ≥0
अतः AM≥GM।
अध्याय 9 — सरल रेखाएँ (06 अंक)
1. ढाल
2. बिंदु-ढाल रूप
3. दो-बिंदु रूप
4. ढाल-अवरोध रूप
5. अक्ष-अवरोध रूप
6. दो रेखाओं की समांतरता
7. दो रेखाओं की लम्बवतता
8. बिंदु से रेखा की दूरी
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
y−3=4x−8
y=4x−5
4 अंक प्रश्न
बिंदु-ढाल रूप:
y−3=2(x−2)
y−3=2x−4
y=2x−1
=|6|/5
=6/5
अध्याय 10 — शंकु परिच्छेद (02 अंक)
1. वृत्त
2. परवलय
3. दीर्घवृत्त
4. अतिपरवलय
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
अतः r=5
4 अंक प्रश्न
(x−3)²−9+(y−4)²−16=0
(x−3)²+(y−4)²=25
अतः केंद्र (3,4) और त्रिज्या 5।
अध्याय 11 — त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय (05 अंक)
1. त्रिविमीय निर्देशांक
तीन परस्पर लंबवत अक्षों x, y, z द्वारा त्रिविमीय अंतरिक्ष में किसी बिंदु की स्थिति निर्धारित की जाती है।
2. बिंदु के निर्देशांक
बिंदु P(x,y,z) में x, y और z क्रमशः तीनों अक्षों के सापेक्ष स्थितियाँ दर्शाते हैं।
3. दो बिंदुओं के बीच दूरी
2 अंक प्रश्न
=4
3 अंक प्रश्न
d=√[(x₂−x₁)²+(y₂−y₁)²+(z₂−z₁)²]
4 अंक प्रश्न
=√(9+16+25)
=√50
=5√2
अध्याय 12 — सीमा और अवकलज (08 अंक)
1. सीमा
जब x किसी संख्या a के बहुत निकट पहुँचता है तब f(x) जिस मान के बहुत निकट पहुँचता है, उसे x→a पर फलन की सीमा कहते हैं।
2. महत्वपूर्ण सीमाएँ
3. अवकलज
किसी फलन के परिवर्तन की दर का सीमांत मान अवकलज कहलाता है।
4. प्रमुख अवकलज
5. योग नियम
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
lim(x→0) sinx/x=1
अतः dy/dx=2x+3
4 अंक प्रश्न
अतः dy/dx=cosx+3x²−4
=(sinx/x)(1/cosx)
जब x→0:
sinx/x→1 और cosx→1
अतः सीमा =1।
dy/dx=2x(x+2)+(x²+1)(1)
=2x²+4x+x²+1
=3x²+4x+1
अध्याय 13 — सांख्यिकी (05 अंक)
1. प्रकीर्णन
आँकड़ों के मान किस सीमा तक एक-दूसरे से फैले हुए हैं, यह प्रकीर्णन कहलाता है।
2. परिसर
3. माध्य विचलन
केंद्रीय मान से आँकड़ों के निरपेक्ष विचलनों का औसत माध्य विचलन कहलाता है।
4. प्रसरण
5. मानक विचलन
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
σ=√Variance
मानक विचलन की इकाई मूल आँकड़ों जैसी होती है जबकि प्रसरण की इकाई वर्ग में होती है।
Minimum=4
Range=12−4
=8
अध्याय 14 — प्रायिकता (04 अंक)
1. यादृच्छिक प्रयोग
ऐसा प्रयोग जिसका परिणाम पहले से निश्चित नहीं होता, परंतु संभावित परिणामों का समुच्चय ज्ञात होता है, यादृच्छिक प्रयोग कहलाता है।
2. नमूना समष्टि
किसी यादृच्छिक प्रयोग के सभी संभावित परिणामों का समुच्चय sample space कहलाता है।
3. घटना
नमूना समष्टि का कोई उपसमुच्चय घटना कहलाता है।
4. प्रायिकता के अभिगृहीत
- किसी घटना A की प्रायिकता P(A)≥0।
- P(S)=1।
- यदि A और B परस्पर अपवर्जी हैं, तो P(A∪B)=P(A)+P(B)।
5. पूरक घटना
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
अतः n(S)=2।
सम संख्या = {2,4,6}
P(E)=3/6=1/2
4 अंक प्रश्न
स्वतंत्र दो प्रयोगों के लिए:
P=1/6×1/6
=1/36
P(A∪A′)=P(S)=1
और P(A∪A′)=P(A)+P(A′)
अतः 1=P(A)+P(A′)
इसलिए P(A′)=1−P(A)।
कक्षा 11वीं गणित — वस्तुनिष्ठ प्रश्न अभ्यास, उत्तर सहित
सही विकल्प
- रिक्त समुच्चय को दर्शाते हैं — ∅
- A∩B का अर्थ है — उभयनिष्ठ अवयव
- A×B में क्रमित युग्मों की संख्या है — n(A)n(B)
- sin²θ+cos²θ का मान — 1
- tan45° — 1
- i² — −1
- |3+4i| — 5
- 5P2 — 20
- 5C2 — 10
- (a+b)ⁿ के पदों की संख्या — n+1
- AP का nवाँ पद — a+(n−1)d
- GP का nवाँ पद — arⁿ⁻¹
- रेखा की ढाल का सूत्र — (y₂−y₁)/(x₂−x₁)
- वृत्त का मानक समीकरण — x²+y²=r²
- त्रिविमीय दूरी सूत्र — √[(x₂−x₁)²+(y₂−y₁)²+(z₂−z₁)²]
- lim(x→0) sinx/x — 1
- d/dx(x³) — 3x²
- Range का सूत्र — Maximum−Minimum
- P(S) — 1
रिक्त स्थान — उत्तर सहित
- रिक्त समुच्चय का प्रतीक ________ है। — ∅
- दो समुच्चयों के उभयनिष्ठ अवयव ________ में आते हैं। — A∩B
- sin90° का मान ________ है। — 1
- cos0° का मान ________ है। — 1
- i²=________। — −1
- nPᵣ=________। — n!/(n−r)!
- nCᵣ=________। — n!/[r!(n−r)!]
- AP का common difference ________ कहलाता है। — d
- सीधी रेखा का slope-intercept रूप ________ है। — y=mx+c
- दो बिंदुओं के बीच 3D दूरी का सूत्र ________ है। — √[(x₂−x₁)²+(y₂−y₁)²+(z₂−z₁)²]
- sinx/x की x→0 पर सीमा ________ है। — 1
- प्रसरण के वर्गमूल को ________ कहते हैं। — मानक विचलन
सत्य / असत्य — उत्तर सहित
- ∅ में कोई अवयव होता है। — असत्य
- A⊆A सदैव सत्य है। — सत्य
- फलन में प्रत्येक domain element की एक image होती है। — सत्य
- tan90°=1। — असत्य
- i²=1। — असत्य
- क्रमचय में क्रम महत्वपूर्ण होता है। — सत्य
- संचय में क्रम महत्वपूर्ण होता है। — असत्य
- AP में common difference स्थिर होता है। — सत्य
- GP में common ratio स्थिर होता है। — सत्य
- समान ढाल वाली दो अलग रेखाएँ समांतर हो सकती हैं। — सत्य
- वृत्त एक शंकु परिच्छेद है। — सत्य
- P(S)=0 होता है। — असत्य
सही जोड़ी — उत्तर सहित
| कॉलम A | कॉलम B |
|---|---|
| 1. ∅ | रिक्त समुच्चय |
| 2. A∩B | प्रतिच्छेद |
| 3. i² | −1 |
| 4. nPᵣ | क्रमचय |
| 5. nCᵣ | संचय |
| 6. AP | स्थिर अंतर |
| 7. GP | स्थिर अनुपात |
| 8. y=mx+c | ढाल-अवरोध रूप |
| 9. x²+y²=r² | वृत्त |
| 10. lim sinx/x | 1 |
एक वाक्य में उत्तर
- समुच्चय क्या है? — अच्छी तरह परिभाषित वस्तुओं का समूह।
- उपसमुच्चय क्या है? — ऐसा समुच्चय जिसके सभी अवयव दूसरे समुच्चय में हों।
- फलन क्या है? — ऐसा संबंध जिसमें प्रत्येक input की केवल एक output हो।
- sin30° क्या है? — 1/2।
- cos60° क्या है? — 1/2।
- सम्मिश्र संख्या का मानक रूप क्या है? — a+ib।
- क्रमचय क्या है? — क्रम सहित चयन।
- संचय क्या है? — क्रम की परवाह किए बिना चयन।
- AP का common difference क्या है? — क्रमागत पदों का स्थिर अंतर।
- GP का common ratio क्या है? — क्रमागत पदों का स्थिर अनुपात।
- ढाल क्या है? — y में परिवर्तन और x में परिवर्तन का अनुपात।
- वृत्त क्या है? — किसी निश्चित बिंदु से समान दूरी पर स्थित बिंदुओं का स्थान।
- त्रिविमीय बिंदु को कितने निर्देशांक चाहिए? — तीन।
- अवकलज क्या दर्शाता है? — परिवर्तन की तात्कालिक दर।
- परिसर क्या है? — अधिकतम और न्यूनतम मान का अंतर।
- नमूना समष्टि क्या है? — सभी संभावित परिणामों का समुच्चय।
अतिरिक्त महत्वपूर्ण गणितीय अभ्यास — मॉडल उत्तर सहित
A∩B={3,4}
=13
sin²A+cos²A=1
=2+i+3
=5+i
x≤5
=336
=28
अतः प्रथम चार पद: x⁵+5x⁴+10x³+10x²
a₂₀=7+19×3
=64
=√(16+9)
=5
अतः r=7
=√(9+16)
=5
अतः dy/dx=6x−5
=15
P(H)=1/2
=0.5
कुल परिणाम=6
P=3/6=1/2
4 अंक के अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न — पूरे पाठ्यक्रम से
f′(x)=lim(h→0)[f(x+h)−f(x)]/h।
इसलिए अवकलज की मूल अवधारणा सीमा पर आधारित है।
कक्षा 11वीं गणित — सम्पूर्ण महत्वपूर्ण सूत्रावली
| अध्याय | महत्वपूर्ण सूत्र |
|---|---|
| समुच्चय | n(A∪B)=n(A)+n(B)−n(A∩B) |
| समुच्चय | n(A′)=n(U)−n(A) |
| फलन | n(A×B)=n(A)n(B) |
| त्रिकोणमिति | sin²θ+cos²θ=1 |
| त्रिकोणमिति | 1+tan²θ=sec²θ |
| त्रिकोणमिति | 1+cot²θ=cosec²θ |
| त्रिकोणमिति | sin(A+B)=sinAcosB+cosAsinB |
| त्रिकोणमिति | cos(A+B)=cosAcosB−sinAsinB |
| सम्मिश्र संख्या | |a+ib|=√(a²+b²) |
| सम्मिश्र संख्या | z̄=a−ib |
| द्विघातीय समीकरण | x=[−b±√(b²−4ac)]/2a |
| क्रमचय | nPᵣ=n!/(n−r)! |
| संचय | nCᵣ=n!/[r!(n−r)!] |
| द्विपद प्रमेय | (a+b)ⁿ=Σ nCᵣaⁿ⁻ʳbʳ |
| AP | aₙ=a+(n−1)d |
| AP | Sₙ=n/2[2a+(n−1)d] |
| GP | aₙ=arⁿ⁻¹ |
| GP | Sₙ=a(rⁿ−1)/(r−1) |
| सरल रेखा | m=(y₂−y₁)/(x₂−x₁) |
| सरल रेखा | y−y₁=m(x−x₁) |
| दूरी | d=|ax₁+by₁+c|/√(a²+b²) |
| वृत्त | x²+y²=r² |
| परवलय | y²=4ax |
| 3D दूरी | d=√[(x₂−x₁)²+(y₂−y₁)²+(z₂−z₁)²] |
| सीमा | lim(x→0)sinx/x=1 |
| अवकलज | d/dx(xⁿ)=nxⁿ⁻¹ |
| अवकलज | d/dx(sinx)=cosx |
| अवकलज | d/dx(cosx)=−sinx |
| सांख्यिकी | Range=Maximum−Minimum |
| मानक विचलन | σ=√Variance |
| प्रायिकता | P(A′)=1−P(A) |
| प्रायिकता | P(S)=1 |
पूरे पाठ्यक्रम से 50 अति महत्वपूर्ण प्रश्न — उत्तर सहित
-
समुच्चय क्या है?
अच्छी तरह परिभाषित वस्तुओं के समूह को समुच्चय कहते हैं। -
रिक्त समुच्चय क्या है?
जिसमें कोई अवयव नहीं होता, वह रिक्त समुच्चय है। -
उपसमुच्चय क्या है?
यदि A का प्रत्येक अवयव B में भी हो तो A, B का उपसमुच्चय है। -
कार्तीय गुणन क्या है?
A×B क्रमित युग्मों का समुच्चय है, जहाँ पहला अवयव A और दूसरा B से लिया जाता है। -
फलन क्या है?
ऐसा संबंध जिसमें प्रत्येक input की ठीक एक image हो। -
sin30° का मान क्या है?
1/2। -
cos60° का मान क्या है?
1/2। -
tan45° का मान क्या है?
1। -
मुख्य त्रिकोणमितीय सर्वसमिका लिखिए।
sin²θ+cos²θ=1। -
i² का मान क्या है?
−1। -
सम्मिश्र संख्या का मानक रूप क्या है?
a+ib। -
सम्मिश्र संख्या का संयुग्मी क्या है?
यदि z=a+ib, तो z̄=a−ib। -
द्विघातीय समीकरण का सामान्य रूप क्या है?
ax²+bx+c=0, a≠0। -
विवर्तक क्या है?
D=b²−4ac। -
क्रमचय क्या है?
क्रम सहित चयन। -
संचय क्या है?
क्रम के बिना चयन। -
nPᵣ का सूत्र क्या है?
n!/(n−r)!। -
nCᵣ का सूत्र क्या है?
n!/[r!(n−r)!]। -
द्विपद प्रमेय क्या है?
(a+b)ⁿ=Σ nCᵣaⁿ⁻ʳbʳ। -
AP का nवाँ पद क्या है?
aₙ=a+(n−1)d। -
GP का nवाँ पद क्या है?
aₙ=arⁿ⁻¹। -
AP का प्रथम n पदों का योग लिखिए।
Sₙ=n/2[2a+(n−1)d]। -
GP का प्रथम n पदों का योग क्या है?
Sₙ=a(rⁿ−1)/(r−1), r≠1। -
AM और GM में क्या संबंध है?
दो धनात्मक संख्याओं के लिए AM≥GM। -
रेखा की ढाल का सूत्र क्या है?
m=(y₂−y₁)/(x₂−x₁)। -
ढाल-अवरोध रूप क्या है?
y=mx+c। -
दो समांतर रेखाओं की ढाल में क्या संबंध है?
m₁=m₂। -
बिंदु से रेखा की दूरी का सूत्र क्या है?
d=|ax₁+by₁+c|/√(a²+b²)। -
वृत्त का मानक समीकरण क्या है?
x²+y²=r²। -
परवलय का एक मानक रूप लिखिए।
y²=4ax। -
त्रिविमीय बिंदु के लिए कितने निर्देशांक होते हैं?
तीन। -
दो बिंदुओं की 3D दूरी का सूत्र क्या है?
√[(x₂−x₁)²+(y₂−y₁)²+(z₂−z₁)²]। -
सीमा क्या है?
x के किसी मान की ओर बढ़ने पर फलन जिस मान के निकट पहुँचता है वह सीमा है। -
lim(x→0)sinx/x क्या है?
1। -
अवकलज क्या दर्शाता है?
फलन की तात्कालिक परिवर्तन दर। -
d/dx(xⁿ) क्या है?
nxⁿ⁻¹। -
d/dx(sinx) क्या है?
cosx। -
परिसर क्या है?
अधिकतम और न्यूनतम मान का अंतर। -
मानक विचलन क्या है?
प्रसरण के धनात्मक वर्गमूल को मानक विचलन कहते हैं। -
नमूना समष्टि क्या है?
किसी प्रयोग के सभी संभावित परिणामों का समुच्चय। -
घटना क्या है?
नमूना समष्टि का कोई उपसमुच्चय घटना कहलाता है। -
P(S) का मान क्या होता है?
1। -
पूरक घटना की प्रायिकता क्या है?
P(A′)=1−P(A)। -
क्रमचय में क्रम महत्वपूर्ण है या नहीं?
हाँ, क्रम महत्वपूर्ण है। -
संचय में क्रम महत्वपूर्ण है या नहीं?
नहीं। -
AP की पहचान क्या है?
क्रमागत पदों का अंतर स्थिर होता है। -
GP की पहचान क्या है?
क्रमागत पदों का अनुपात स्थिर होता है। -
वृत्त किस प्रकार का शंकु परिच्छेद है?
शंकु का समकोणीय अनुप्रस्थ परिच्छेद से प्राप्त होने वाला प्रमुख शंकु परिच्छेद। -
सम्मिश्र संख्या का मापांक क्या दर्शाता है?
Argand plane में मूल बिंदु से उस सम्मिश्र संख्या के अनुरूप बिंदु की दूरी। -
गणितीय प्रायिकता का मान किस सीमा में रहता है?
0 और 1 के बीच, अर्थात 0≤P(A)≤1।
कक्षा 11वीं गणित — परीक्षा में उत्तर लिखने की रणनीति
| अंक | उत्तर लेखन का सही तरीका |
|---|---|
| 01 | सटीक सूत्र, मान, परिभाषा या एक वाक्य। |
| 02 | सूत्र + मान स्थापित करके छोटा समाधान। |
| 03 | सूत्र/सिद्धांत + क्रमबद्ध गणना। |
| 04 | पूरा step-by-step समाधान, आवश्यक सूत्र, गणना और अंतिम उत्तर। |
दिया है → ज्ञात करना है → सूत्र → मान स्थापित करना → सरल करना → अंतिम उत्तर।
Proof में: प्रत्येक चरण में प्रयुक्त सर्वसमिका/सूत्र स्पष्ट लिखें।
Graph वाले प्रश्नों में: axes, scale, points और अंतिम क्षेत्र/हल को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
अस्वीकरण (Disclaimer):
1. अध्ययन एवं अभ्यास उद्देश्य: इस पोस्ट में दी गई अंक योजना (Blueprint), पाठ्यक्रम, AI-जनरेटेड सरल नोट्स तथा अभ्यास प्रश्नोत्तर माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के नवीनतम दिशा-निर्देशों एवं NCERT पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, पुनरावलोकन और परीक्षा अभ्यास के लिए तैयार किए गए हैं।
2. प्रश्नोत्तर एवं संभावित प्रश्न: पोस्ट में शामिल सभी वस्तुनिष्ठ, लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर केवल मॉडल/अभ्यास प्रश्न (Practice Questions) हैं। यह वार्षिक परीक्षा का कोई आधिकारिक प्रश्नपत्र नहीं है और न ही परीक्षा में हूबहू यही प्रश्न पूछे जाने का कोई दावा किया जाता है।
3. उत्तरों का सत्यापन: यद्यपि सभी उत्तरों, सूत्रों एवं गणनाओं को सटीक और त्रुटिरहित रखने का पूर्ण प्रयास किया गया है, फिर भी विद्यार्थी किसी भी तकनीकी या तथ्यात्मक संदेह की स्थिति में अपनी अधिकृत NCERT पाठ्यपुस्तकों तथा विषय शिक्षकों के मार्गदर्शन को ही अंतिम व सर्वमान्य आधार मानें।
4. आधिकारिक सूचना: परीक्षा कार्यक्रम, आंतरिक मूल्यांकन/प्रोजेक्ट कार्य, अंक योजना में किसी भी संभावित संशोधन अथवा आधिकारिक विज्ञप्ति के लिए सदैव माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी निर्देशों को ही अधिकृत माना जाए।
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