MP Board Class 12th History Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 12वीं इतिहास (भारतीय इतिहास के कुछ विषय) नोट्स एवं अंक योजना
• MP Board Class 12th History Blueprint 2026-27
• Class 12th History Notes in Hindi MPBSE
• MP Board 12th History Important Questions 2026-27
• कक्षा 12वीं इतिहास नोट्स एवं प्रश्नोत्तर
• MPBSE 12th History Map Work and Model Paper
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 12वीं [विषय: इतिहास] अध्ययन सामग्री
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। इतिहास विषय में उच्च अंक प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं, तिथियों (Timeline), पुरातात्विक साक्ष्यों के विश्लेषण और मानचित्र आधारित प्रश्नों की व्यवस्थित तैयारी आवश्यक है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को आसान बनाने के लिए यहाँ कक्षा 12वीं इतिहास (भारतीय इतिहास के कुछ विषय - भाग 1, 2 एवं 3) की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, स्रोत-आधारित प्रश्न, महत्वपूर्ण तिथियाँ और अभ्यास प्रश्नोत्तर प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
इस अध्ययन सामग्री की मुख्य विशेषताएँ
• ब्लूप्रिंट एवं संशोधित पाठ्यक्रम पर आधारित: प्रत्येक अध्याय के निर्धारित अंक भार के अनुसार प्रश्नों का स्पष्ट वर्गीकरण।
• प्रमुख तिथियाँ एवं कालक्रम (Timeline): प्राचीन, मध्यकालीन एवं आधुनिक भारत की प्रमुख घटनाओं की आसान कालक्रम सूची।
• मानचित्र आधारित अभ्यास (Map Work): हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख स्थल, महाजनपद, अशोक के अभिलेख, विजयनगर साम्राज्य और 1857 के क्रांति केंद्रों के अभ्यास मानचित्र।
• स्रोत-आधारित एवं विश्लेषणात्मक प्रश्न: NCERT पाठ्यपुस्तक के प्रमुख उद्धरणों/स्रोतों पर आधारित प्रश्नोत्तर।
कक्षा 12वीं इतिहास
सरल नोट्स एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27
पूर्णांक — 80 | समय — 3:00 घंटे
अंक योजना — एक नजर में
| इकाई | अध्याय / विषय | अंक |
|---|---|---|
| 1 | ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ — हड़प्पा सभ्यता | 08 |
| 2 | राजा, किसान और नगर — आरंभिक राज्य और अर्थव्यवस्थाएँ | 07 |
| 3 | बंधुत्व, जाति तथा वर्ग — आरंभिक समाज | 05 |
| 4 | विचारक, विश्वास और इमारतें — सांस्कृतिक विकास | 07 |
| 5 | यात्रियों के नजरिए — समाज के बारे में उनकी समझ | 05 |
| 6 | भक्ति-सूफी परंपराएँ — धार्मिक विश्वासों में बदलाव | 07 |
| 7 | एक साम्राज्य की राजधानी — विजयनगर | 07 |
| 8 | किसान, जमींदार और राज्य — कृषि समाज और मुगल साम्राज्य | 04 |
| 9 | उपनिवेशवाद और देहात — सरकारी अभिलेखों का अध्ययन | 05 |
| 10 | विद्रोही और राज — 1857 का आंदोलन और उसके व्याख्यान | 06 |
| 11 | महात्मा गाँधी और राष्ट्रीय आंदोलन — सविनय अवज्ञा और उससे आगे | 08 |
| 12 | संविधान का निर्माण — एक नए युग की शुरुआत | 06 |
| मानचित्र — संपूर्ण पाठ्यक्रम से | 05 | |
| कुल | 80 | |
परीक्षा प्रश्न संरचना
| प्रश्न | प्रकार | प्रश्न संख्या | अंक |
|---|---|---|---|
| 1 | सही विकल्प | 06 | 06 |
| 2 | रिक्त स्थान | 06 | 06 |
| 3 | सत्य / असत्य | 06 | 06 |
| 4 | सही जोड़ी | 07 | 07 |
| 5 | एक वाक्य में उत्तर | 07 | 07 |
| 6–15 | लघु उत्तरीय | 10 | 20 |
| 16–20 | लघु/मध्यम उत्तरीय | 05 | 15 |
| 21–22 | दीर्घ उत्तरीय | 02 | 08 |
| 23 | भारत मानचित्र आधारित | 01 | 05 |
इकाई 1 — ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ : हड़प्पा सभ्यता (08 अंक)
1. हड़प्पा सभ्यता का परिचय
हड़प्पा सभ्यता भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीन नगरीय सभ्यताओं में से एक थी। इसका विकास मुख्यतः सिंधु और उसकी सहायक नदियों के क्षेत्र में हुआ। इसे सिंधु घाटी सभ्यता भी कहा जाता है।
2. प्रमुख विशेषताएँ
- सुव्यवस्थित नगर योजना
- पक्की ईंटों का प्रयोग
- नालियों की उन्नत व्यवस्था
- कुएँ और जल प्रबंधन
- मनकों, आभूषणों और धातु शिल्प का विकास
- दूर-दराज क्षेत्रों से व्यापार
- माप-तौल की मानकीकृत व्यवस्था
3. प्रमुख स्थल
| स्थल | वर्तमान क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|
| हड़प्पा | पंजाब, पाकिस्तान | सभ्यता का प्रमुख स्थल |
| मोहनजोदड़ो | सिंध, पाकिस्तान | महान स्नानागार |
| धोलावीरा | गुजरात | जल प्रबंधन एवं नगर योजना |
| लोथल | गुजरात | गोदी/बंदरगाह से संबंधित प्रमाण |
| कालीबंगा | राजस्थान | कृषि एवं अग्निकुण्ड के प्रमाण |
| राखीगढ़ी | हरियाणा | महत्त्वपूर्ण हड़प्पाई स्थल |
4. नगर योजना
हड़प्पाई नगरों में सड़कें एक-दूसरे को लगभग समकोण पर काटती थीं। नगरों में ऊँचा दुर्ग क्षेत्र और अपेक्षाकृत निचला नगर क्षेत्र देखा गया है। ईंटों का मानकीकृत प्रयोग नगर निर्माण की उन्नति दर्शाता है।
5. जल निकासी व्यवस्था
हड़प्पाई नगरों की नालियाँ पक्की ईंटों से बनी थीं। कई नालियों को ढका गया था तथा सफाई के लिए निकास बिंदु बनाए गए थे। यह स्वच्छता संबंधी उन्नत व्यवस्था का प्रमाण है।
6. महान स्नानागार
मोहनजोदड़ो का महान स्नानागार एक प्रमुख सार्वजनिक संरचना थी। इसके जलरोधक निर्माण और सीढ़ियों के कारण इसका संबंध संभवतः किसी सामुदायिक या धार्मिक गतिविधि से जोड़ा जाता है।
7. कृषि
हड़प्पाई लोग गेहूँ, जौ, दालों आदि की खेती करते थे। कुछ क्षेत्रों में सिंचाई और कृषि उपकरणों के प्रमाण भी मिले हैं।
8. शिल्प एवं व्यापार
मनका निर्माण, धातुकर्म, मृद्भांड निर्माण, आभूषण निर्माण आदि विकसित शिल्प थे। कार्नेलियन, तांबा, सोना, शंख आदि के उपयोग से शिल्प और व्यापार की समृद्धि का पता चलता है।
9. व्यापार
हड़प्पा सभ्यता का पश्चिम एशिया के क्षेत्रों के साथ संपर्क था। मेसोपोटामिया के अभिलेखों में संभवतः मेलुह्हा नामक क्षेत्र का उल्लेख मिलता है, जिसे हड़प्पाई क्षेत्र से जोड़ा जाता है।
10. लेखन
हड़प्पाई लिपि अभी तक पूर्ण रूप से पढ़ी नहीं जा सकी है। अधिकांश लेख छोटे हैं और मुहरों तथा अन्य वस्तुओं पर पाए गए हैं।
11. मुहरें
हड़प्पाई मुहरें अक्सर सेलखड़ी से बनी होती थीं। पशु आकृतियाँ और लिपि इनके प्रमुख लक्षण हैं।
12. हड़प्पा सभ्यता के पतन के संभावित कारण
- जलवायु परिवर्तन
- नदियों के मार्ग में परिवर्तन
- पर्यावरणीय परिवर्तन
- संसाधनों पर दबाव
- व्यापारिक नेटवर्क में बदलाव
1 अंक — अभ्यास प्रश्न उत्तर सहित
2 अंक — अभ्यास प्रश्न उत्तर सहित
3 अंक — अभ्यास प्रश्न उत्तर सहित
4 अंक — महत्वपूर्ण प्रश्न
इकाई 2 — राजा, किसान और नगर : आरंभिक राज्य और अर्थव्यवस्थाएँ (07 अंक)
1. महाजनपद
लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व तक उत्तर भारत में कई बड़े राजनीतिक क्षेत्र विकसित हुए जिन्हें महाजनपद कहा गया। परंपरागत रूप से 16 महाजनपदों का उल्लेख मिलता है।
2. मगध का उदय
मगध के शक्तिशाली बनने के कारणों में उपजाऊ भूमि, लोहे की उपलब्धता, हाथियों की उपलब्धता, नदियों का उपयोग और सक्षम शासक शामिल थे।
3. मौर्य साम्राज्य
मौर्य साम्राज्य का विस्तार चंद्रगुप्त मौर्य और उसके उत्तराधिकारियों के समय हुआ। अशोक मौर्य वंश का प्रमुख शासक था जिसने कलिंग युद्ध के बाद धम्म पर विशेष बल दिया।
4. अभिलेख
अशोक के अभिलेख उसके शासन, नीतियों और धम्म के अध्ययन के महत्त्वपूर्ण स्रोत हैं। अभिलेख प्राकृत सहित विभिन्न भाषाओं और लिपियों में मिले हैं।
5. नगरों का विकास
इस काल में व्यापार, शिल्प और प्रशासन से जुड़े कई नगर विकसित हुए। शहरीकरण के साथ व्यापारी और शिल्पकार समुदायों की भूमिका बढ़ी।
6. सिक्के
पंच-चिह्नित सिक्के प्रारंभिक मुद्रा प्रणाली के महत्त्वपूर्ण प्रमाण हैं।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 3 — बंधुत्व, जाति तथा वर्ग : आरंभिक समाज (05 अंक)
1. परिवार और बंधुत्व
प्राचीन समाज में परिवार, विवाह और बंधुत्व संबंध सामाजिक संगठन के प्रमुख आधार थे। पितृवंशीय और मातृवंशीय संबंधों की विभिन्न व्यवस्थाएँ मौजूद थीं।
2. महाभारत एक ऐतिहासिक स्रोत
महाभारत सामाजिक संबंधों, परिवार, विवाह, उत्तराधिकार तथा सामाजिक मानदंडों के अध्ययन का महत्त्वपूर्ण स्रोत है। इसका वर्तमान रूप लंबे समय में विकसित हुआ।
3. पितृवंश
पिता से पुत्र की ओर वंश और संपत्ति के उत्तराधिकार को पितृवंशीय व्यवस्था कहा जाता है।
4. स्त्रियों की स्थिति
स्त्रियों की स्थिति एकरूप नहीं थी। अभिजात परिवारों, सामान्य परिवारों और विभिन्न समुदायों में उनके अधिकार और भूमिकाएँ भिन्न थीं।
5. वर्ण व्यवस्था
धर्मशास्त्रीय परंपरा में समाज को ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र चार वर्णों में बाँटा गया। वास्तविक समाज इससे अधिक जटिल था और अनेक जातियाँ एवं समुदाय मौजूद थे।
6. जाति
जाति सामाजिक समूह की एक जटिल व्यवस्था थी। व्यवसाय, जन्म, विवाह और सामाजिक नियमों से जातीय पहचान जुड़ी थी।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 4 — विचारक, विश्वास और इमारतें : सांस्कृतिक विकास (07 अंक)
1. धार्मिक परंपराओं में परिवर्तन
लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व से धार्मिक और दार्शनिक विचारों में महत्वपूर्ण बदलाव आए। नए धार्मिक संप्रदायों और दार्शनिक विचारधाराओं का विकास हुआ।
2. बौद्ध धर्म
गौतम बुद्ध ने दुःख, उसके कारण तथा उससे मुक्ति के मार्ग पर विचार किया। उन्होंने मध्यम मार्ग और नैतिक जीवन पर जोर दिया।
3. चार आर्य सत्य
- दुःख
- दुःख का कारण
- दुःख निरोध
- दुःख निरोध का मार्ग
4. अष्टांगिक मार्ग
सम्यक दृष्टि, संकल्प, वाणी, कर्म, आजीविका, प्रयास, स्मृति और समाधि इसके प्रमुख अंग हैं।
5. जैन धर्म
महावीर जैन परंपरा के 24वें तीर्थंकर माने जाते हैं। जैन धर्म में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य पर बल दिया गया।
6. स्तूप
स्तूप बौद्ध परंपरा के महत्त्वपूर्ण स्थापत्य हैं। इनमें बुद्ध या पवित्र अवशेषों से संबंधित स्मृति और पूजा की परंपरा विकसित हुई।
7. साँची स्तूप
साँची मध्य भारत का प्रसिद्ध बौद्ध स्मारक है। यहाँ स्तूप, तोरण और अनेक शिल्पकृतियाँ मिली हैं।
8. मूर्तिकला और स्थापत्य
मथुरा और गांधार जैसी कला परंपराओं में बुद्ध तथा अन्य धार्मिक प्रतिमाओं का विकास हुआ।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 5 — यात्रियों के नजरिए : समाज के बारे में उनकी समझ (05 अंक)
1. यात्रियों के वृत्तांत
विदेशी यात्रियों ने भारत की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण विवरण दिए। इनके वृत्तांत इतिहासकारों के लिए मूल्यवान स्रोत हैं।
2. अल-बिरूनी
अल-बिरूनी एक विद्वान थे जिन्होंने भारत के धर्म, दर्शन, समाज, विज्ञान और रीति-रिवाजों का अध्ययन किया। उनकी प्रसिद्ध कृति किताब-उल-हिंद है।
3. इब्न बतूता
मोरक्को के यात्री इब्न बतूता ने भारत का भ्रमण किया और मुहम्मद बिन तुगलक के समय की प्रशासनिक एवं सामाजिक स्थिति का वर्णन किया। उनकी कृति रिहला प्रसिद्ध है।
4. फ्रांस्वा बर्नियर
फ्रांसीसी यात्री बर्नियर ने मुगल भारत, विशेषकर दरबार, कृषि और सामाजिक संरचना का वर्णन किया।
5. यात्रियों के वृत्तांत की सीमाएँ
- उनकी दृष्टि विदेशी थी।
- उन्होंने कुछ बातों को अपनी संस्कृति के संदर्भ में देखा।
- कभी-कभी उनके विवरण अतिशयोक्तिपूर्ण हो सकते हैं।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 6 — भक्ति-सूफी परंपराएँ (07 अंक)
1. भक्ति आंदोलन
भक्ति परंपरा में ईश्वर के प्रति व्यक्तिगत प्रेम और समर्पण पर जोर दिया गया। विभिन्न क्षेत्रों में अनेक संतों ने स्थानीय भाषाओं में धार्मिक संदेशों को व्यक्त किया।
2. दक्षिण भारत की भक्ति परंपरा
आलवार और नयनार संतों ने क्रमशः विष्णु और शिव की भक्ति पर बल दिया। उन्होंने तमिल भाषा में भक्ति गीतों की रचना की।
3. निर्गुण और सगुण भक्ति
निर्गुण भक्ति: निराकार ईश्वर की उपासना पर बल।
सगुण भक्ति: साकार/गुणयुक्त ईश्वर की भक्ति।
4. कबीर
कबीर ने धार्मिक आडंबर, जाति-भेद और बाहरी कर्मकांडों की आलोचना की। उन्होंने निराकार ईश्वर और आंतरिक भक्ति पर बल दिया।
5. गुरु नानक
गुरु नानक ने एकेश्वरवाद, ईमानदार जीवन, श्रम और साझा भोजन की परंपरा पर बल दिया। उनके विचारों ने सिख परंपरा के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
6. सूफी परंपरा
सूफी संतों ने ईश्वर के प्रति प्रेम, आत्मानुशासन, सेवा तथा आध्यात्मिक अनुभव पर बल दिया। सूफी संस्थानों में खानकाह महत्वपूर्ण थे।
7. खानकाह
खानकाह सूफी संतों और उनके अनुयायियों के आध्यात्मिक एवं सामाजिक जीवन के केंद्र थे।
8. चिश्ती परंपरा
भारत में चिश्ती सूफी परंपरा अत्यंत प्रभावशाली रही। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का अजमेर स्थित केंद्र प्रसिद्ध है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 7 — एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर (07 अंक)
1. विजयनगर साम्राज्य
विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 14वीं शताब्दी में दक्षिण भारत में हुई। इसकी राजधानी विजयनगर या हम्पी थी।
2. स्थापना
हरिहर और बुक्का को विजयनगर साम्राज्य की स्थापना से जोड़ा जाता है।
3. राजधानी की विशेषताएँ
- मजबूत किलेबंदी
- मंदिर और बाजार
- जल प्रबंधन की उन्नत व्यवस्था
- राजकीय एवं धार्मिक स्थापत्य
- व्यापक व्यापार
4. महानवमी डिब्बा
महानवमी डिब्बा विजयनगर की एक प्रमुख राजकीय संरचना थी जहाँ राजकीय समारोह और उत्सव आयोजित किए जाते थे।
5. विरूपाक्ष मंदिर
विरूपाक्ष मंदिर विजयनगर के प्रमुख धार्मिक स्थापत्य में से एक है।
6. विट्ठल मंदिर
विट्ठल मंदिर अपने स्थापत्य, स्तंभों और प्रसिद्ध पत्थर के रथ के लिए जाना जाता है।
7. जल प्रबंधन
जलाशय, नहरें और टंकियाँ शहर की जल आवश्यकताओं और कृषि के लिए महत्त्वपूर्ण थीं।
8. अमरनायक व्यवस्था
नायकों को सैन्य और प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ दी जाती थीं। उन्हें भूमि एवं राजस्व से संबंधित अधिकार भी प्राप्त थे।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 8 — किसान, जमींदार और राज्य : कृषि समाज और मुगल साम्राज्य (04 अंक)
1. कृषि समाज
मुगल काल की अर्थव्यवस्था में कृषि प्रमुख आधार थी। अधिकांश लोग सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर थे।
2. किसान
किसानों को सामान्यतः रैयत कहा जाता था। वे भूमि पर खेती करते थे और विभिन्न प्रकार की फसलें उगाते थे।
3. जमींदार
जमींदार स्थानीय स्तर पर भूमि, राजस्व और ग्रामीण समाज में प्रभावशाली भूमिका निभाते थे। वे राजस्व संग्रह में मध्यस्थ हो सकते थे।
4. भूमि राजस्व
मुगल राज्य की आय का एक बड़ा भाग भूमि राजस्व से आता था। अकबर के समय राजस्व व्यवस्था को व्यवस्थित करने में टोडरमल की भूमिका महत्त्वपूर्ण थी।
5. फसलें
गेहूँ, चावल, ज्वार, बाजरा, दालों के साथ कपास, गन्ना और नील जैसी नकदी फसलें भी उगाई जाती थीं।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 9 — उपनिवेशवाद और देहात : सरकारी अभिलेखों का अध्ययन (05 अंक)
1. स्थायी बंदोबस्त
1793 में बंगाल में स्थायी बंदोबस्त लागू किया गया। इसमें जमींदारों से निश्चित राजस्व वसूली की व्यवस्था की गई।
2. जमींदार
कंपनी शासन ने जमींदारों को भू-राजस्व संग्रह की जिम्मेदारी दी। राजस्व जमा न करने पर उनकी भूमि नीलाम की जा सकती थी।
3. पाँचवीं रिपोर्ट
ब्रिटिश शासन में ग्रामीण समाज और राजस्व व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण सरकारी रिपोर्टों में फिफ्थ रिपोर्ट का विशेष महत्व है।
4. नील विद्रोह
किसानों को नील की खेती के लिए मजबूर किए जाने और शोषण के विरुद्ध बंगाल में 1859-60 के आसपास नील विद्रोह हुआ।
5. सरकारी अभिलेख
ब्रिटिश सरकार ने सर्वेक्षण, रिपोर्ट, जनगणना, राजस्व रिकॉर्ड और प्रशासनिक दस्तावेज तैयार किए। ये इतिहासकारों के लिए महत्त्वपूर्ण स्रोत हैं, लेकिन उनमें औपनिवेशिक दृष्टिकोण भी मौजूद होता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 10 — विद्रोही और राज : 1857 का आंदोलन और उसके व्याख्यान (06 अंक)
1. 1857 का विद्रोह
1857 का विद्रोह ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक व्यापक राजनीतिक और सैन्य विद्रोह था। इसकी शुरुआत सैनिक असंतोष से हुई और कई क्षेत्रों में यह व्यापक जनविद्रोह में बदल गया।
2. प्रमुख कारण
- सैनिक असंतोष
- चर्बी वाले कारतूस की अफवाह और धार्मिक भावनाएँ
- राजनीतिक विलय की नीतियाँ
- राजाओं और जमींदारों में असंतोष
- कृषक और शहरी वर्गों की शिकायतें
- औपनिवेशिक आर्थिक नीतियाँ
3. मेरठ और दिल्ली
10 मई 1857 को मेरठ में सैनिक विद्रोह के बाद विद्रोही दिल्ली पहुँचे और बहादुर शाह जफर को प्रतीकात्मक सम्राट के रूप में स्वीकार किया गया।
4. प्रमुख केंद्र और नेता
| स्थान | प्रमुख नेता |
|---|---|
| दिल्ली | बहादुर शाह जफर |
| कानपुर | नाना साहेब |
| झाँसी | रानी लक्ष्मीबाई |
| लखनऊ | बेगम हजरत महल |
| बिहार | कुँवर सिंह |
| फैजाबाद/अवध | मौलवी अहमदुल्लाह शाह |
5. विद्रोह का दमन
ब्रिटिश सेना ने सैन्य शक्ति का प्रयोग कर विद्रोह को धीरे-धीरे दबा दिया। दिल्ली पर पुनः कब्जा किया गया और कई विद्रोही नेताओं को पराजित किया गया।
6. परिणाम
- ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हुआ।
- भारत का शासन ब्रिटिश क्राउन के अधीन आया।
- सेना के पुनर्गठन की नीति अपनाई गई।
- देशी रियासतों के प्रति नीति में परिवर्तन आया।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 11 — महात्मा गाँधी और राष्ट्रीय आंदोलन (08 अंक)
1. गाँधी का आगमन
महात्मा गाँधी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को जनआधारित दिशा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2. चंपारण सत्याग्रह
1917 में चंपारण में नील की खेती से संबंधित किसानों की समस्याओं को लेकर गाँधी ने सत्याग्रह किया।
3. अहमदाबाद मिल हड़ताल
1918 में अहमदाबाद के मिल मजदूरों के विवाद में गाँधी ने हस्तक्षेप किया और सत्याग्रह का प्रयोग किया।
4. खेड़ा सत्याग्रह
1918 में खेड़ा में फसल खराब होने की स्थिति में किसानों द्वारा लगान में राहत की माँग की गई। गाँधी ने किसानों के समर्थन में आंदोलन किया।
5. असहयोग आंदोलन
1920-22 के बीच असहयोग आंदोलन चलाया गया। विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार, सरकारी संस्थाओं से दूरी और स्वदेशी पर बल इसके प्रमुख पहलू थे।
6. सविनय अवज्ञा आंदोलन
1930 में नमक कानून तोड़ने के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन का एक नया चरण शुरू हुआ। दांडी मार्च इसका प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक अभियान था।
7. दांडी मार्च
गाँधी ने साबरमती आश्रम से दांडी तक मार्च करके नमक कानून का विरोध किया। इससे आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला।
8. भारत छोड़ो आंदोलन
1942 में भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान किया गया। इसका प्रमुख नारा था—“करो या मरो”।
9. गाँधी की राजनीतिक शैली
- सत्य
- अहिंसा
- सत्याग्रह
- जनभागीदारी
- रचनात्मक कार्यक्रम
- सामाजिक सुधार
10. गाँधी और जनसमूह
गाँधी ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं, व्यापारियों और विद्यार्थियों सहित विभिन्न सामाजिक समूहों को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अतिरिक्त 4 अंक प्रश्न
इकाई 12 — संविधान का निर्माण : एक नए युग की शुरुआत (06 अंक)
1. संविधान सभा
भारत के संविधान का निर्माण करने वाली संस्था संविधान सभा थी। इसकी पहली बैठक दिसंबर 1946 में हुई।
2. प्रमुख व्यक्तित्व
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद: संविधान सभा के अध्यक्ष
- डॉ. बी. आर. आंबेडकर: प्रारूप समिति के अध्यक्ष
- जवाहरलाल नेहरू: उद्देश्य प्रस्ताव के प्रमुख प्रस्तुतकर्ता
- सरदार वल्लभभाई पटेल: रियासतों के एकीकरण और महत्वपूर्ण समितियों में भूमिका
3. उद्देश्य प्रस्ताव
जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह आगे चलकर संविधान की प्रस्तावना के मूल विचारों का आधार बना।
4. प्रारूप समिति
प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. बी. आर. आंबेडकर थे। समिति ने संविधान के मसौदे को व्यवस्थित करने में प्रमुख भूमिका निभाई।
5. मौलिक अधिकार
संविधान ने नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता तथा अन्य मौलिक अधिकार प्रदान किए।
6. धर्मनिरपेक्षता और समानता
संविधान ने सभी नागरिकों के लिए समानता और धार्मिक स्वतंत्रता की व्यवस्था की तथा सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने का लक्ष्य रखा।
7. संघीय व्यवस्था
भारत में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन किया गया। साथ ही राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए केंद्र को महत्वपूर्ण शक्तियाँ दी गईं।
8. संविधान का अंगीकरण
संविधान सभा ने संविधान को 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया तथा 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अत्यंत महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न — उत्तर सहित
सही विकल्प
- मोहनजोदड़ो का प्रसिद्ध स्मारक कौन-सा है? — महान स्नानागार
- धोलावीरा किस राज्य में है? — गुजरात
- मौर्य शासक जिसने कलिंग युद्ध के बाद धम्म पर बल दिया— अशोक
- भारत का प्रसिद्ध प्राचीन महाकाव्य सामाजिक स्रोत के रूप में— महाभारत
- बौद्ध धर्म के संस्थापक के रूप में किसे माना जाता है? — गौतम बुद्ध
- किताब-उल-हिंद के लेखक कौन थे? — अल-बिरूनी
- रिहला किसकी कृति है? — इब्न बतूता
- विजयनगर की राजधानी थी— हम्पी/विजयनगर
- 1793 का स्थायी बंदोबस्त किस क्षेत्र में प्रमुख रूप से लागू हुआ? — बंगाल
- 1857 का विद्रोह प्रारंभ हुआ— मेरठ
- भारत लौटने पर गाँधी का वर्ष— 1915
- दांडी मार्च संबंधित था— सविनय अवज्ञा आंदोलन
- भारत छोड़ो आंदोलन का नारा— करो या मरो
- प्रारूप समिति के अध्यक्ष— डॉ. बी. आर. आंबेडकर
- संविधान लागू हुआ— 26 जनवरी 1950
रिक्त स्थान — उत्तर सहित
- मोहनजोदड़ो का प्रसिद्ध ________ एक सार्वजनिक संरचना थी। — महान स्नानागार
- अशोक के ________ उसके शासन और धम्म की जानकारी देते हैं। — अभिलेख
- चार वर्णों में ________, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र शामिल थे। — ब्राह्मण
- बौद्ध धर्म के ________ आर्य सत्य बताए गए हैं। — चार
- अल-बिरूनी ने ________ लिखी। — किताब-उल-हिंद
- इब्न बतूता की कृति ________ कहलाती है। — रिहला
- विजयनगर का प्रसिद्ध स्थल ________ है। — हम्पी
- स्थायी बंदोबस्त ________ में लागू हुआ। — 1793
- 1857 का विद्रोह ________ से शुरू हुआ। — मेरठ
- गाँधी भारत ________ में लौटे। — 1915
- दांडी मार्च ________ आंदोलन से जुड़ा था। — सविनय अवज्ञा
- संविधान सभा के अध्यक्ष ________ थे। — डॉ. राजेंद्र प्रसाद
सत्य / असत्य — उत्तर सहित
- हड़प्पाई नगरों में जल निकासी की व्यवस्था थी। — सत्य
- हड़प्पाई लिपि पूरी तरह पढ़ ली गई है। — असत्य
- अशोक के अभिलेख इतिहास के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। — सत्य
- चार आर्य सत्य जैन धर्म से संबंधित हैं। — असत्य
- खानकाह सूफी परंपरा से संबंधित है। — सत्य
- विजयनगर की राजधानी हम्पी थी। — सत्य
- स्थायी बंदोबस्त 1793 में लागू हुआ। — सत्य
- 1857 का विद्रोह दिल्ली से शुरू हुआ था। — असत्य
- दांडी मार्च सविनय अवज्ञा आंदोलन से जुड़ा था। — सत्य
- भारत का संविधान 1950 में लागू हुआ। — सत्य
सही जोड़ी — उत्तर सहित
| कॉलम A | कॉलम B |
|---|---|
| 1. महान स्नानागार | मोहनजोदड़ो |
| 2. किताब-उल-हिंद | अल-बिरूनी |
| 3. रिहला | इब्न बतूता |
| 4. हम्पी | विजयनगर |
| 5. चंपारण | 1917 का सत्याग्रह |
| 6. दांडी | सविनय अवज्ञा आंदोलन |
| 7. प्रारूप समिति | डॉ. बी. आर. आंबेडकर |
एक वाक्य में उत्तर
- हड़प्पा सभ्यता की प्रमुख विशेषता क्या थी? — सुव्यवस्थित नगर योजना और उन्नत जल निकासी।
- महाजनपद क्या थे? — प्राचीन भारत के बड़े राजनीतिक क्षेत्र।
- पितृवंशीय व्यवस्था क्या है? — पिता से पुत्र की ओर वंश और उत्तराधिकार की व्यवस्था।
- स्तूप क्या है? — बौद्ध स्मारक।
- किताब-उल-हिंद के लेखक कौन हैं? — अल-बिरूनी।
- खानकाह क्या है? — सूफी आध्यात्मिक एवं सामाजिक केंद्र।
- विजयनगर की राजधानी क्या थी? — हम्पी।
- स्थायी बंदोबस्त कब लागू हुआ? — 1793।
- 1857 का विद्रोह कहाँ से शुरू हुआ? — मेरठ।
- गाँधी भारत कब लौटे? — 1915।
- दांडी मार्च किससे संबंधित था? — सविनय अवज्ञा आंदोलन से।
- प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे? — डॉ. बी. आर. आंबेडकर।
अतिरिक्त संभावित 3 और 4 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
अति महत्वपूर्ण तिथियाँ — त्वरित रिवीजन
| तिथि/काल | घटना |
|---|---|
| लगभग 2600–1900 ई.पू. | परिपक्व हड़प्पा सभ्यता |
| लगभग 600 ई.पू. | महाजनपदों का उदय |
| तीसरी शताब्दी ई.पू. | अशोक का शासनकाल |
| ईसा पूर्व 6वीं शताब्दी | बौद्ध और जैन परंपराओं का उदय |
| 14वीं शताब्दी | विजयनगर साम्राज्य की स्थापना |
| 1793 | स्थायी बंदोबस्त |
| 1857 | विद्रोह |
| 1915 | गाँधी भारत लौटे |
| 1917 | चंपारण सत्याग्रह |
| 1918 | खेड़ा सत्याग्रह / अहमदाबाद मिल आंदोलन |
| 1920–22 | असहयोग आंदोलन |
| 1930 | दांडी मार्च / सविनय अवज्ञा आंदोलन |
| 1942 | भारत छोड़ो आंदोलन |
| 26 नवम्बर 1949 | संविधान अंगीकृत |
| 26 जनवरी 1950 | संविधान लागू |
मानचित्र प्रश्न — 05 अंक
प्रमुख मानचित्र स्थल
| स्थल | इकाई | याद रखने योग्य तथ्य |
|---|---|---|
| राखीगढ़ी | हड़प्पा | हरियाणा का प्रमुख हड़प्पाई स्थल |
| कालीबंगा | हड़प्पा | राजस्थान |
| धोलावीरा | हड़प्पा | गुजरात |
| लोथल | हड़प्पा | गुजरात |
| साँची | बौद्ध परंपरा | मध्य प्रदेश |
| अमरावती | बौद्ध कला | आंध्र प्रदेश |
| अजमेर | सूफी परंपरा | चिश्ती परंपरा से संबंधित |
| हम्पी/विजयनगर | विजयनगर | कर्नाटक |
| चंपारण | राष्ट्रीय आंदोलन | बिहार |
| खेड़ा | राष्ट्रीय आंदोलन | गुजरात |
| अहमदाबाद | राष्ट्रीय आंदोलन | गुजरात |
| दांडी | सविनय अवज्ञा | गुजरात |
| मेरठ | 1857 | 1857 का प्रारंभिक केंद्र |
| दिल्ली | 1857 | बहादुर शाह जफर |
| कानपुर | 1857 | नाना साहेब |
| झाँसी | 1857 | रानी लक्ष्मीबाई |
| लखनऊ | 1857 | बेगम हजरत महल |
मानचित्र अभ्यास कैसे करें?
- भारत का खाली राजनीतिक मानचित्र लें।
- पहले 5-5 स्थानों के समूह में अभ्यास करें।
- राज्य का नाम भी साथ में याद करें।
- इतिहास की घटना को स्थान से जोड़कर याद करें।
- हर सप्ताह बिना देखे सभी प्रमुख स्थान अंकित करें।
दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए प्रश्न 23 — अभ्यास
मानचित्र प्रश्न के स्थान पर एक-एक अंक वाले 05 सैद्धांतिक प्रश्न पूछे जा सकते हैं। अभ्यास के लिए इस प्रकार के प्रश्न तैयार करें:
- मोहनजोदड़ो किस सभ्यता से संबंधित है? — हड़प्पा सभ्यता
- अशोक किस वंश का शासक था? — मौर्य वंश
- किताब-उल-हिंद के लेखक कौन थे? — अल-बिरूनी
- दांडी मार्च किस आंदोलन से संबंधित था? — सविनय अवज्ञा आंदोलन
- संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे? — डॉ. बी. आर. आंबेडकर
एक नजर में — सभी इकाइयों का त्वरित रिवीजन
नगर योजना • नालियाँ • महान स्नानागार • धोलावीरा • लोथल • मुहरें • व्यापार • लिपि
महाजनपद • मगध • मौर्य • अशोक • अभिलेख • नगर • सिक्के
बंधुत्व • पितृवंश • विवाह • स्त्रियाँ • वर्ण • जाति • महाभारत
बुद्ध • चार आर्य सत्य • अष्टांगिक मार्ग • महावीर • स्तूप • साँची
अल-बिरूनी • किताब-उल-हिंद • इब्न बतूता • रिहला • बर्नियर
आलवार • नयनार • कबीर • गुरु नानक • खानकाह • चिश्ती
हरिहर-बुक्का • हम्पी • महानवमी डिब्बा • विरूपाक्ष • विट्ठल • जल प्रबंधन
किसान • रैयत • जमींदार • भूमि राजस्व • फसलें
स्थायी बंदोबस्त • जमींदार • राजस्व • नील विद्रोह • सरकारी अभिलेख
मेरठ • दिल्ली • बहादुर शाह • झाँसी • नाना साहेब • लखनऊ • परिणाम
1915 • चंपारण • खेड़ा • असहयोग • दांडी मार्च • सविनय अवज्ञा • भारत छोड़ो
संविधान सभा • नेहरू • आंबेडकर • उद्देश्य प्रस्ताव • मौलिक अधिकार • 26 नवम्बर 1949 • 26 जनवरी 1950
परीक्षा के लिए 30 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न — उत्तर सहित
- हड़प्पा सभ्यता की प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर: योजनाबद्ध नगर, पक्की ईंटें, नालियाँ, जल प्रबंधन, शिल्प और व्यापार। - महान स्नानागार का महत्व क्या है?
उत्तर: यह मोहनजोदड़ो की प्रमुख सार्वजनिक संरचना थी और संभवतः सामुदायिक या धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी थी। - मगध के उदय के कारण बताइए।
उत्तर: उपजाऊ भूमि, लौह संसाधन, नदियाँ, हाथियों की उपलब्धता और शक्तिशाली शासक। - अशोक के धम्म की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: नैतिकता, अहिंसा, सहिष्णुता, दया और प्रजा कल्याण। - पितृवंशीय व्यवस्था क्या है?
उत्तर: पिता से पुत्र की ओर वंश और उत्तराधिकार की व्यवस्था। - महाभारत सामाजिक इतिहास का स्रोत क्यों है?
उत्तर: इसमें परिवार, विवाह, उत्तराधिकार, बंधुत्व और सामाजिक मानदंडों से संबंधित जानकारी है। - बौद्ध धर्म के चार आर्य सत्य क्या हैं?
उत्तर: दुःख, दुःख का कारण, दुःख निरोध और दुःख निरोध का मार्ग। - स्तूप क्या है?
उत्तर: बौद्ध स्मारक जिसमें पवित्र अवशेष या उनकी स्मृति संरक्षित होती थी। - किताब-उल-हिंद किसकी कृति है?
उत्तर: अल-बिरूनी। - रिहला किसकी कृति है?
उत्तर: इब्न बतूता। - खानकाह क्या है?
उत्तर: सूफी आध्यात्मिक एवं सामुदायिक केंद्र। - कबीर की प्रमुख शिक्षाएँ क्या थीं?
उत्तर: निराकार भक्ति, प्रेम, समानता और कर्मकांड विरोध। - विजयनगर की राजधानी कहाँ थी?
उत्तर: हम्पी/विजयनगर। - विजयनगर के जल प्रबंधन की विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर: जलाशय, टंकियाँ, नहरें और बाँध। - रैयत किसे कहा जाता था?
उत्तर: मुगल काल के कृषक। - जमींदारों की भूमिका क्या थी?
उत्तर: स्थानीय प्रभाव, भूमि नियंत्रण और राजस्व वसूली में भूमिका। - स्थायी बंदोबस्त कब लागू हुआ?
उत्तर: 1793। - नील विद्रोह क्यों हुआ?
उत्तर: किसानों को नील की खेती के लिए मजबूर करने और शोषण के विरुद्ध। - 1857 का विद्रोह कहाँ से शुरू हुआ?
उत्तर: मेरठ। - बहादुर शाह जफर की भूमिका क्या थी?
उत्तर: विद्रोहियों ने उन्हें प्रतीकात्मक सम्राट के रूप में स्वीकार किया। - 1857 के विद्रोह के परिणाम क्या थे?
उत्तर: कंपनी शासन समाप्त हुआ और भारत ब्रिटिश क्राउन के अधीन आया। - गाँधी भारत कब लौटे?
उत्तर: 1915। - चंपारण सत्याग्रह कब हुआ?
उत्तर: 1917। - दांडी मार्च किस आंदोलन का हिस्सा था?
उत्तर: सविनय अवज्ञा आंदोलन। - भारत छोड़ो आंदोलन कब हुआ?
उत्तर: 1942। - “करो या मरो” किस आंदोलन से जुड़ा है?
उत्तर: भारत छोड़ो आंदोलन। - संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई?
उत्तर: दिसंबर 1946। - प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर: डॉ. बी. आर. आंबेडकर। - संविधान कब अंगीकृत हुआ?
उत्तर: 26 नवंबर 1949। - संविधान कब लागू हुआ?
उत्तर: 26 जनवरी 1950।
परीक्षा-पूर्व अंतिम चेकलिस्ट
- सभी प्रमुख तिथियाँ और घटनाएँ याद करें।
- प्रमुख ऐतिहासिक व्यक्तियों और उनकी भूमिका अलग से तैयार करें।
- हर इकाई से 1 अंक वाले तथ्यात्मक प्रश्न तैयार करें।
- 2 अंक के उत्तर में परिभाषा + 2 मुख्य तथ्य लिखें।
- 3 अंक के उत्तर में परिचय + 3 मुख्य बिंदु लिखें।
- 4 अंक के उत्तर में परिचय + क्रमबद्ध बिंदु + निष्कर्ष लिखें।
- हड़प्पा स्थलों के नाम और विशेषताएँ याद करें।
- अशोक के अभिलेख और धम्म तैयार करें।
- महाभारत, बौद्ध-जैन परंपराएँ और स्तूप तैयार करें।
- अल-बिरूनी, इब्न बतूता और बर्नियर की तुलना पढ़ें।
- कबीर, गुरु नानक, चिश्ती और भक्ति-सूफी परंपराएँ तैयार करें।
- विजयनगर के मंदिर, किलेबंदी और जल प्रबंधन याद करें।
- मुगल कृषि समाज में किसान-जमींदार-राज्य संबंध समझें।
- स्थायी बंदोबस्त और नील विद्रोह अवश्य तैयार करें।
- 1857 के कारण, प्रमुख केंद्र, नेता और परिणाम याद करें।
- गाँधी के प्रमुख आंदोलनों की क्रमवार तैयारी करें।
- संविधान सभा, आंबेडकर, उद्देश्य प्रस्ताव और संविधान की तिथियाँ याद करें।
- मानचित्र के सभी प्रमुख स्थानों का नियमित अभ्यास करें।
परीक्षा-उपयोगी प्रश्न बैंक:
o वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ / रिक्त स्थान / सही जोड़ी / एक शब्द उत्तर)
o अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक) - संक्षेप में ऐतिहासिक तथ्यों की व्याख्या।
o लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक) - कारणों, प्रभावों और ऐतिहासिक साक्ष्यों पर आधारित।
o दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (4 अंक) - विस्तृत विश्लेषण और तार्किक उत्तर।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
अस्वीकरण (Disclaimer): इस पोस्ट में प्रस्तुत अंक योजना, पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों एवं सत्र 2026-27 के शैक्षणिक प्रारूप पर आधारित है। यह सामग्री केवल विद्यार्थियों के मार्गदर्शन, पुनरावलोकन और स्व-अध्ययन के उद्देश्य से तैयार की गई है। परीक्षा संबंधित किसी भी प्रकार के आधिकारिक संशोधन, दिशा-निर्देश अथवा अंतिम घोषणा के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की अधिकृत वेबसाइट (mpbse.nic.in) पर जारी सूचनाओं को ही अंतिम रूप से प्रामाणिक माना जाए।
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