MP Board Class 11th Chemistry Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान नोट्स, रासायनिक समीकरण एवं अंक योजना
- MP Board Class 11th Chemistry Blueprint 2026-27
- Class 11th Chemistry Notes in Hindi MPBSE
- MP Board 11th Chemistry Important Questions 2026-27
- कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान नोट्स एवं नियम
- MPBSE 11th Chemistry Model Paper and Numerical Questions 2026-27
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान अध्ययन सामग्री
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं वार्षिक परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। कक्षा 11वीं का रसायन विज्ञान न केवल वार्षिक परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कक्षा 12वीं के आधार और प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE / NEET) की नींव भी तैयार करता है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को सुव्यवस्थित, सटीक और सरल बनाने के लिए यहाँ कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान (भौतिक, अकार्बनिक एवं कार्बनिक रसायन) की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, संतुलित समीकरण, महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान (Chemistry)
सम्पूर्ण सरल नोट्स एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27
पूर्णांक — 70 | समय — 3:00 घंटे
अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना
| क्र. | इकाई / अध्याय | आवंटित अंक |
|---|---|---|
| 1 | रसायन विज्ञान की मूल अवधारणाएँ | 07 |
| 2 | परमाणु संरचना | 09 |
| 3 | तत्वों का वर्गीकरण एवं गुणों में आवर्तिता | 06 |
| 4 | रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना | 07 |
| 5 | ऊष्मागतिकी | 09 |
| 6 | साम्यावस्था | 07 |
| 7 | अपचयोपचय अभिक्रियाएँ | 04 |
| 8 | कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें | 11 |
| 9 | हाइड्रोकार्बन | 10 |
| कुल योग | 70 | |
| प्रश्न | प्रकार | प्रश्न संख्या | अंक |
|---|---|---|---|
| 1 | सही विकल्प | 06 | 06 |
| 2 | रिक्त स्थान | 06 | 06 |
| 3 | सत्य / असत्य | 06 | 06 |
| 4 | सही जोड़ी | 05 | 05 |
| 5 | एक वाक्य में उत्तर | 05 | 05 |
| 6–12 | लघु उत्तरीय | 07 | 14 |
| 13–16 | मध्यम उत्तरीय | 04 | 12 |
| 17–20 | दीर्घ उत्तरीय | 04 | 16 |
इकाई 1 — रसायन विज्ञान की मूल अवधारणाएँ (07 अंक)
1. रसायन विज्ञान का महत्व
रसायन विज्ञान पदार्थों की संरचना, संघटन, गुणधर्म तथा उनमें होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन है। इसका संबंध कृषि, औषधि, उद्योग, ऊर्जा, पर्यावरण, भोजन और दैनिक जीवन से है।
2. द्रव्य
जो वस्तु स्थान घेरती है और जिसका द्रव्यमान होता है, उसे द्रव्य कहते हैं।
| अवस्था | मुख्य गुण |
|---|---|
| ठोस | निश्चित आकार एवं निश्चित आयतन |
| द्रव | निश्चित आयतन, आकार पात्र के अनुसार |
| गैस | निश्चित आकार और आयतन नहीं |
3. भौतिक एवं रासायनिक गुण
रंग, घनत्व, गलनांक, क्वथनांक आदि भौतिक गुण हैं। ज्वलनशीलता, अम्ल से अभिक्रिया आदि रासायनिक गुण हैं।
4. रासायनिक संयोजन के नियम
द्रव्यमान संरक्षण का नियम
रासायनिक अभिक्रिया में पदार्थ का कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है।
निश्चित अनुपात का नियम
किसी शुद्ध यौगिक में तत्व सदैव निश्चित द्रव्यमान अनुपात में उपस्थित होते हैं।
गुणित अनुपात का नियम
दो तत्वों द्वारा एक से अधिक यौगिक बनाने पर एक तत्व की निश्चित मात्रा के साथ संयुक्त दूसरे तत्व के द्रव्यमानों का अनुपात सरल पूर्णांक में होता है।
5. डॉल्टन का परमाणु सिद्धांत
- पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों अर्थात परमाणुओं से बना है।
- एक ही तत्व के परमाणु समान द्रव्यमान और गुणों वाले होते हैं।
- विभिन्न तत्वों के परमाणु अलग होते हैं।
- परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में संयोजित होकर यौगिक बनाते हैं।
- रासायनिक अभिक्रिया में परमाणुओं का पुनर्विन्यास होता है।
6. मोल संकल्पना
एक मोल पदार्थ में अवोगाद्रो संख्या के बराबर कण होते हैं।
7. मोलर द्रव्यमान
8. प्रतिशत संघटन
9. स्टॉइकियोमीट्री
रासायनिक समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों की मात्रात्मक गणना को स्टॉइकियोमेट्री कहते हैं।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
N=nNA
जहाँ NA=6.022×10²³ mol⁻¹।
4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक
मोल =18/18=1 mol
अणुओं की संख्या =1×6.022×10²³
=6.022×10²³ अणु
=2×23+12+3×16
=106 g mol⁻¹
Na का द्रव्यमान=46 g
प्रतिशत =46/106×100
≈43.4%
2 mol H₂ : 1 mol O₂
अतः 2 mol H₂ के लिए 1 mol O₂ आवश्यक होगा।
इकाई 2 — परमाणु संरचना (09 अंक)
1. अवपरमाण्विक कण
| कण | आवेश | सापेक्ष द्रव्यमान |
|---|---|---|
| इलेक्ट्रॉन | −1 | लगभग 1/1836 |
| प्रोटॉन | +1 | लगभग 1 |
| न्यूट्रॉन | 0 | लगभग 1 |
2. परमाणु मॉडल
थॉमसन मॉडल
परमाणु को धनावेशित गोला माना गया जिसमें इलेक्ट्रॉन धँसे हुए थे।
रदरफोर्ड मॉडल
रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग से ज्ञात हुआ कि परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है और केंद्र में छोटा, भारी, धनावेशित नाभिक होता है।
3. बोर मॉडल
- इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों में घूमते हैं।
- स्थिर कक्षा में ऊर्जा का विकिरण नहीं होता।
- ऊर्जा स्तरों के बीच संक्रमण पर ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण होता है।
4. हाइड्रोजन के लिए बोर मॉडल
5. क्वांटम संख्याएँ
- प्रधान क्वांटम संख्या n
- कक्षीय कोणीय संवेग क्वांटम संख्या l
- चुंबकीय क्वांटम संख्या m
- स्पिन क्वांटम संख्या s
6. ऑर्बिटल
नाभिक के चारों ओर वह त्रिविमीय क्षेत्र जहाँ इलेक्ट्रॉन मिलने की संभावना अधिक होती है, ऑर्बिटल कहलाता है।
7. s, p, d और f ऑर्बिटल
| ऑर्बिटल | अधिकतम इलेक्ट्रॉन | आकार |
|---|---|---|
| s | 2 | गोलाकार |
| p | 6 | डम्बल |
| d | 10 | जटिल |
| f | 14 | अधिक जटिल |
8. प्रमुख नियम
- आफबाऊ सिद्धांत
- पॉली अपवर्जन सिद्धांत
- हुण्ड का नियम
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
En=−13.6/n² eV
जहाँ n=1,2,3...। इलेक्ट्रॉन उच्च स्तर से निम्न स्तर पर आता है तो फोटॉन उत्सर्जित होता है और निम्न से उच्च स्तर पर जाने के लिए ऊर्जा अवशोषित होती है।
इकाई 3 — तत्वों का वर्गीकरण एवं गुणों में आवर्तिता (06 अंक)
1. वर्गीकरण की आवश्यकता
तत्वों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण उनके गुणों के अध्ययन, तुलना और पूर्वानुमान के लिए व्यवस्थित वर्गीकरण आवश्यक है।
2. आधुनिक आवर्त नियम
तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं।
3. आवर्त सारणी
आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को 18 समूह और 7 आवर्तों में व्यवस्थित किया गया है।
4. ब्लॉक
| ब्लॉक | अंतिम इलेक्ट्रॉन |
|---|---|
| s-block | s-उपकक्षा |
| p-block | p-उपकक्षा |
| d-block | d-उपकक्षा |
| f-block | f-उपकक्षा |
5. आवर्तिता
- परमाणु त्रिज्या
- आयनन एन्थैल्पी
- इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी
- वैद्युत ऋणात्मकता
- धात्विक और अधात्विक गुण
6. परमाणु त्रिज्या का सामान्य रुझान
आवर्त में बाएँ से दाएँ सामान्यतः परमाणु त्रिज्या घटती है और समूह में ऊपर से नीचे बढ़ती है।
7. आयनन एन्थैल्पी
गैसीय अवस्था में पृथक परमाणु से सबसे कमजोर बंधे इलेक्ट्रॉन को हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा को आयनन एन्थैल्पी कहते हैं।
8. वैद्युत ऋणात्मकता
सहसंयोजक बंध में किसी परमाणु की साझा इलेक्ट्रॉन युग्म को आकर्षित करने की प्रवृत्ति उसकी वैद्युत ऋणात्मकता कहलाती है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 4 — रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना (07 अंक)
1. रासायनिक बंध
दो या अधिक परमाणुओं के बीच आकर्षण जो उन्हें स्थिर अणु या आयन के रूप में बनाए रखता है, रासायनिक बंध कहलाता है।
2. कॉसेल-लुईस अवधारणा
परमाणु स्थिर गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनों का त्याग, ग्रहण या साझेदारी करते हैं।
3. आयनिक बंध
इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से बने विपरीत आवेशित आयनों के बीच वैद्युत आकर्षण को आयनिक बंध कहते हैं।
Cl + e⁻ → Cl⁻
Na⁺ + Cl⁻ → NaCl
4. सहसंयोजक बंध
इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी से बना बंध सहसंयोजक बंध कहलाता है।
5. बंध प्राचल
- बंध लंबाई
- बंध कोण
- बंध ऊर्जा
- बंध कोटि
6. VSEPR सिद्धांत
संयोजकता कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन युग्म एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं और ऐसी व्यवस्था बनाते हैं जिसमें प्रतिकर्षण न्यूनतम हो।
7. संकरण
| संकरण | आकृति का उदाहरण |
|---|---|
| sp | रेखीय |
| sp² | त्रिकोणीय समतलीय |
| sp³ | चतुष्फलकीय |
8. आण्विक कक्षक सिद्धांत
परमाणु कक्षकों के संयोजन से आण्विक कक्षक बनते हैं। इनमें बंधकारी और प्रति-बंधकारी कक्षक हो सकते हैं।
9. हाइड्रोजन बंध
जब H परमाणु किसी अधिक वैद्युतऋणात्मक परमाणु से जुड़ा हो और दूसरे वैद्युतऋणात्मक परमाणु की ओर आकर्षण अनुभव करे, तो हाइड्रोजन बंध बनता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 5 — ऊष्मागतिकी (09 अंक)
1. तंत्र और परिवेश
जिस भाग का अध्ययन किया जाता है उसे तंत्र और उसके बाहर के शेष भाग को परिवेश कहते हैं।
2. ऊष्मागतिक प्रक्रम
- समतापी
- समदाबी
- समआयतनी
- रुद्धोष्म
3. आंतरिक ऊर्जा
किसी तंत्र के कणों की कुल सूक्ष्म गतिज और स्थितिज ऊर्जा आंतरिक ऊर्जा कहलाती है।
4. ऊष्मा और कार्य
ऊष्मा तापांतर के कारण ऊर्जा का स्थानांतरण है। कार्य ऊर्जा स्थानांतरण का दूसरा रूप है जो व्यवस्थित बल/विस्थापन या अन्य माध्यम से हो सकता है।
5. प्रथम नियम
6. एन्थैल्पी
नियत दाब पर:
7. अभिक्रिया एन्थैल्पी
किसी रासायनिक अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा परिवर्तन को अभिक्रिया एन्थैल्पी कहते हैं।
8. हेस का नियम
किसी अभिक्रिया का कुल एन्थैल्पी परिवर्तन अभिक्रिया के चरणों की संख्या या मार्ग पर निर्भर नहीं करता; यह केवल प्रारंभिक और अंतिम अवस्थाओं पर निर्भर करता है।
9. स्वतः प्रवर्तिता
वह प्रक्रम जो अनुकूल परिस्थितियों में बाह्य ऊर्जा के निरंतर हस्तक्षेप के बिना आगे बढ़ सकता है, स्वतः प्रवर्तित प्रक्रम कहलाता है।
10. गिब्ज ऊर्जा
यदि:
- ΔG<0 → प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित
- ΔG>0 → प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित नहीं
- ΔG=0 → साम्यावस्था
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
ΔU=q+w
4 अंक प्रश्न
=−100−300(−0.2)
=−100+60
=−40 kJ mol⁻¹
अतः प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित होगा।
इकाई 6 — साम्यावस्था (07 अंक)
1. साम्यावस्था
ऐसी अवस्था जिसमें अग्रगामी और पश्चगामी अभिक्रियाओं की दर बराबर हो और सांद्रताओं में समय के साथ शुद्ध परिवर्तन न हो, रासायनिक साम्यावस्था कहलाती है।
2. गतिशील साम्य
साम्य स्थिर प्रतीत होता है, लेकिन आण्विक स्तर पर अग्रगामी और पश्चगामी अभिक्रियाएँ चलती रहती हैं। इसलिए इसे गतिशील साम्य कहते हैं।
3. साम्य स्थिरांक
सामान्य अभिक्रिया:
Kc=[C]ᶜ[D]ᵈ/[A]ᵃ[B]ᵇ
4. ले-शातेलिए का सिद्धांत
साम्यावस्था में स्थित तंत्र पर ताप, दाब या सांद्रता में परिवर्तन करने पर तंत्र उस परिवर्तन के प्रभाव को कम करने वाली दिशा में खिसकता है।
5. अम्ल
जो पदार्थ H⁺ आयन दे सकते हैं या जलीय विलयन में H₃O⁺ आयन उत्पन्न करते हैं, अम्ल कहलाते हैं।
6. क्षारक
जो पदार्थ H⁺ स्वीकार करते हैं या जलीय विलयन में OH⁻ उपलब्ध कराते हैं, क्षारक कहलाते हैं।
7. pH
8. बफर विलयन
ऐसा विलयन जो थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाने पर pH में बड़े परिवर्तन का विरोध करता है, बफर विलयन कहलाता है।
9. विलेयता साम्य
अल्पविलेय लवणों के ठोस और उसके विलयन के बीच स्थापित साम्य को विलेयता साम्य कहते हैं।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 7 — अपचयोपचय अभिक्रियाएँ (04 अंक)
1. ऑक्सीकरण
इलेक्ट्रॉन का त्याग, ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि या ऑक्सीजन का जुड़ना ऑक्सीकरण कहलाता है।
2. अपचयन
इलेक्ट्रॉन का ग्रहण, ऑक्सीकरण संख्या में कमी या हाइड्रोजन का जुड़ना अपचयन कहलाता है।
3. अपचयोपचय
जिस अभिक्रिया में ऑक्सीकरण और अपचयन साथ-साथ होते हैं, वह अपचयोपचय या रेडॉक्स अभिक्रिया कहलाती है।
4. ऑक्सीकरण संख्या
किसी यौगिक या आयन में किसी परमाणु पर आरोपित काल्पनिक आवेश को उसकी ऑक्सीकरण संख्या कहते हैं।
5. ऑक्सीकारक और अपचायक
ऑक्सीकारक दूसरे पदार्थ का ऑक्सीकरण करता है और स्वयं अपचयित होता है। अपचायक दूसरे पदार्थ का अपचयन करता है और स्वयं ऑक्सीकृत होता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
Zn+Cu²⁺→Zn²⁺+Cu
यहाँ Zn अपचायक और Cu²⁺ ऑक्सीकारक है।
x+4(−2)=−1
x−8=−1
x=+7
इकाई 8 — कार्बनिक रसायन: कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें (11 अंक)
1. कार्बन की चतुर्योजकता
कार्बन की संयोजकता 4 होती है और वह चार सहसंयोजक बंध बना सकता है। कार्बन की श्रृंखला बनाने की क्षमता को श्रृंखलन या catenation कहते हैं।
2. कार्बनिक यौगिकों का वर्गीकरण
- खुली श्रृंखला
- बंद श्रृंखला
- समचक्रीय
- विषमचक्रीय
- ऐरोमैटिक
- अलिफैटिक
3. संरचनात्मक निरूपण
कार्बनिक यौगिकों को Lewis संरचना, condensed formula और skeletal formula से प्रदर्शित किया जा सकता है।
4. समावयवता
समान आण्विक सूत्र लेकिन अलग संरचना या स्थानिक व्यवस्था वाले यौगिक समावयवी कहलाते हैं और घटना समावयवता कहलाती है।
5. IUPAC नामकरण
कार्बनिक यौगिकों को व्यवस्थित नाम देने के लिए IUPAC नामकरण प्रणाली का प्रयोग किया जाता है।
6. कार्बनिक अभिक्रियाओं के प्रकार
- प्रतिस्थापन अभिक्रिया
- योग अभिक्रिया
- उन्मूलन अभिक्रिया
- पुनर्विन्यास अभिक्रिया
7. अभिक्रिया क्रियाविधि
कार्बनिक अभिक्रिया में बंधों का टूटना और बनना तथा इलेक्ट्रॉनों का पुनर्विन्यास अभिक्रिया क्रियाविधि का आधार है।
8. कार्बनिक यौगिकों की शोधन विधियाँ
- क्रिस्टलीकरण
- आसवन
- अंशीय आसवन
- उर्ध्वपातन
- क्रोमैटोग्राफी
9. गुणात्मक विश्लेषण
कार्बनिक यौगिक में C, H, N, S, P और हैलोजन जैसे तत्वों की पहचान गुणात्मक विश्लेषण से की जाती है।
10. मात्रात्मक विश्लेषण
यौगिक में उपस्थित विभिन्न तत्वों के प्रतिशत की गणना मात्रात्मक विश्लेषण से की जाती है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 9 — हाइड्रोकार्बन (10 अंक)
1. हाइड्रोकार्बन
वे कार्बनिक यौगिक जिनमें केवल कार्बन और हाइड्रोजन उपस्थित होते हैं, हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।
2. वर्गीकरण
| वर्ग | मुख्य बंध | उदाहरण |
|---|---|---|
| ऐल्केन | एकल बंध | CH₄ |
| ऐल्कीन | द्विबंध | C₂H₄ |
| ऐल्काइन | त्रिबंध | C₂H₂ |
| ऐरोमैटिक | संयुग्मित/चक्रीय π प्रणाली | बेंजीन |
3. ऐल्केन
सामान्य सूत्र:
ऐल्केन संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं।
4. ऐल्कीन
इनमें कम से कम एक C=C द्विबंध होता है।
5. ऐल्काइन
इनमें कम से कम एक C≡C त्रिबंध होता है।
6. बेंजीन
बेंजीन का आण्विक सूत्र C₆H₆ है और यह एक स्थिर ऐरोमैटिक चक्रीय यौगिक है।
7. ऐल्केन की प्रमुख अभिक्रिया
यह प्रकाश की उपस्थिति में प्रतिस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है।
8. ऐल्कीन की योग अभिक्रियाएँ
9. ऐल्काइन
ऐल्काइन योग अभिक्रियाएँ देते हैं और उनके त्रिबंध के कारण इनकी असंतृप्त प्रकृति होती है।
10. कैंसरजन्य गुण और विषाक्तता
कुछ हाइड्रोकार्बन तथा उनके उत्पाद स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। कुछ बहु-चक्रीय ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन कैंसरजन्य प्रभाव से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए इनके संपर्क और धुएँ से बचाव आवश्यक है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
CH₂=CH₂+H₂→CH₃−CH₃
4 अंक प्रश्न
CH₂=CH₂+H₂→CH₃−CH₃
इसमें एथीन से एथेन बनता है। यह योग और हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया है।
कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान — वस्तुनिष्ठ प्रश्न बैंक
सही विकल्प — उत्तर सहित
- एक मोल में कणों की संख्या होती है — 6.022×10²³
- बल का SI मात्रक — न्यूटन नहीं, बल्कि रसायन विज्ञान में द्रव्यमान का SI मात्रक kg है।
- परमाणु के केंद्र में स्थित कण — प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
- आधुनिक आवर्त नियम आधारित है — परमाणु क्रमांक पर
- NaCl में बंध है — आयनिक बंध
- CH₄ में कार्बन का संकरण — sp³
- ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम — ऊर्जा संरक्षण से संबंधित
- pH का सूत्र — −log[H⁺]
- ऑक्सीकरण में — इलेक्ट्रॉन का त्याग
- ऐल्केन का सामान्य सूत्र — CₙH₂ₙ₊₂
- ऐल्कीन का सामान्य सूत्र — CₙH₂ₙ
- बेंजीन का सूत्र — C₆H₆
रिक्त स्थान — उत्तर सहित
- एक मोल में ________ कण होते हैं। — 6.022×10²³
- आधुनिक आवर्त सारणी में ________ समूह हैं। — 18
- आवर्त सारणी में ________ आवर्त हैं। — 7
- NaCl में ________ बंध पाया जाता है। — आयनिक
- CH₄ में कार्बन का संकरण ________ है। — sp³
- pH = ________। — −log[H⁺]
- रेडॉक्स अभिक्रिया में ऑक्सीकरण और ________ साथ-साथ होते हैं। — अपचयन
- ऐल्केन का सामान्य सूत्र ________ है। — CₙH₂ₙ₊₂
सत्य / असत्य — उत्तर सहित
- एक मोल में 6.022×10²³ कण होते हैं। — सत्य
- इलेक्ट्रॉन धनावेशित होता है। — असत्य
- आधुनिक आवर्त नियम परमाणु क्रमांक पर आधारित है। — सत्य
- NaCl में सहसंयोजक बंध होता है। — असत्य
- VSEPR सिद्धांत इलेक्ट्रॉन युग्म प्रतिकर्षण से संबंधित है। — सत्य
- ΔG<0 पर प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित हो सकता है। — सत्य
- ऑक्सीकरण में इलेक्ट्रॉन का ग्रहण होता है। — असत्य
- ऐल्कीन संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं। — असत्य
सही जोड़ी — उत्तर सहित
| कॉलम A | कॉलम B |
|---|---|
| 1. अवोगाद्रो संख्या | 6.022×10²³ |
| 2. आधुनिक आवर्त नियम | परमाणु क्रमांक |
| 3. NaCl | आयनिक बंध |
| 4. CH₄ | sp³ संकरण |
| 5. ΔG | गिब्ज ऊर्जा |
| 6. KMnO₄ में Mn | +7 |
| 7. C₂H₄ | ऐल्कीन |
| 8. C₂H₂ | ऐल्काइन |
एक वाक्य में उत्तर — उत्तर सहित
- मोल क्या है? — 6.022×10²³ कणों वाली पदार्थ की मात्रा।
- परमाणु क्रमांक क्या है? — नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या।
- आवर्तिता क्या है? — परमाणु क्रमांक बढ़ने पर गुणों की आवर्ती पुनरावृत्ति।
- रासायनिक बंध क्या है? — परमाणुओं के बीच आकर्षण जो उन्हें स्थिर रखता है।
- एन्थैल्पी क्या है? — H=U+PV द्वारा दी गई ऊष्मागतिक अवस्था राशि।
- रेडॉक्स अभिक्रिया क्या है? — जिसमें ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों होते हैं।
- समावयवता क्या है? — समान आण्विक सूत्र वाले भिन्न संरचना/व्यवस्था के यौगिकों की घटना।
- ऐल्केन क्या है? — संतृप्त हाइड्रोकार्बन जिनका सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है।
- ऐल्कीन क्या है? — द्विबंध वाले असंतृप्त हाइड्रोकार्बन।
- ऐल्काइन क्या है? — त्रिबंध वाले असंतृप्त हाइड्रोकार्बन।
महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न — मॉडल उत्तर सहित
=0.5×6.022×10²³
=3.011×10²³ अणु
n=44/44
=1 mol
m=nM
=0.25×40
=10 g
O का द्रव्यमान=16
%=16/18×100
≈88.89%
=2×23
=46 g
=−log10⁻³
=3
x−8=−1
=+7
=50−500(0.1)
=50−50
=0 kJ mol⁻¹
अतः इस तापमान पर साम्यावस्था की स्थिति है।
4 अंक के अत्यंत महत्वपूर्ण संभावित प्रश्न — पूरे पाठ्यक्रम से
कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान — अंतिम रिवीजन चेकलिस्ट
मोल • मोलर द्रव्यमान • अवोगाद्रो संख्या • प्रतिशत संघटन • स्टॉइकियोमेट्री
अवपरमाण्विक कण • परमाणु मॉडल • बोर मॉडल • क्वांटम संख्याएँ
आधुनिक आवर्त नियम • ब्लॉक • परमाणु त्रिज्या • आयनन एन्थैल्पी
Lewis • आयनिक • सहसंयोजक • VSEPR • Hybridisation • H-bond
ΔU • ΔH • Hess law • Entropy • Gibbs energy • Spontaneity
Kc • गतिशील साम्य • Le Chatelier • pH • Buffer
Oxidation • Reduction • Oxidising agent • Reducing agent • Oxidation number
IUPAC • Isomerism • Reaction mechanism • Purification • Analysis
Alkane • Alkene • Alkyne • Aromatic • Addition • Substitution
पूरे पाठ्यक्रम से 50 अति महत्वपूर्ण प्रश्न — उत्तर सहित
-
मोल क्या है?
6.022×10²³ कणों वाली पदार्थ की मात्रा को एक मोल कहते हैं। -
अवोगाद्रो संख्या क्या है?
6.022×10²³ mol⁻¹। -
द्रव्यमान संरक्षण का नियम लिखिए।
रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है। -
डॉल्टन का सिद्धांत क्या है?
पदार्थ परमाणुओं से बना है और परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में संयोजित होते हैं। -
मोलर द्रव्यमान क्या है?
एक मोल पदार्थ का द्रव्यमान। -
रदरफोर्ड मॉडल की प्रमुख खोज क्या थी?
परमाणु में छोटे, भारी, धनावेशित नाभिक का अस्तित्व। -
बोर मॉडल का एक प्रमुख सिद्धांत बताइए।
इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों में रहते हैं। -
पॉली अपवर्जन सिद्धांत क्या है?
किसी दो इलेक्ट्रॉनों की चारों क्वांटम संख्याएँ समान नहीं हो सकतीं। -
आधुनिक आवर्त नियम क्या है?
तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन हैं। -
आवर्त में परमाणु त्रिज्या का रुझान क्या है?
बाएँ से दाएँ सामान्यतः घटती है। -
समूह में परमाणु त्रिज्या का रुझान क्या है?
ऊपर से नीचे सामान्यतः बढ़ती है। -
आयनिक बंध क्या है?
विपरीत आवेशित आयनों के बीच आकर्षण से बना बंध। -
सहसंयोजक बंध क्या है?
इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी से बना बंध। -
VSEPR सिद्धांत क्या है?
इलेक्ट्रॉन युग्मों के प्रतिकर्षण से आण्विक आकृति निर्धारित होती है। -
CH₄ में संकरण क्या है?
sp³। -
हाइड्रोजन बंध क्या है?
H और अधिक वैद्युतऋणात्मक परमाणु के बीच विशेष आकर्षण। -
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम क्या है?
ΔU=q+w। -
हेस का नियम क्या है?
कुल एन्थैल्पी परिवर्तन मार्ग पर निर्भर नहीं करता। -
गिब्ज ऊर्जा का सूत्र क्या है?
ΔG=ΔH−TΔS। -
ΔG<0 का क्या अर्थ है?
प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित हो सकता है। -
रासायनिक साम्य क्या है?
अग्रगामी और पश्चगामी अभिक्रियाओं की दर समान होने की अवस्था। -
गतिशील साम्य क्या है?
साम्यावस्था में दोनों विपरीत अभिक्रियाएँ समान दर से चलती रहती हैं। -
ले-शातेलिए सिद्धांत क्या है?
साम्य तंत्र लगाए गए परिवर्तन के प्रभाव को कम करने वाली दिशा में खिसकता है। -
pH का सूत्र क्या है?
pH=−log[H⁺]। -
बफर विलयन क्या है?
वह विलयन जो pH में बड़े परिवर्तन का विरोध करता है। -
ऑक्सीकरण क्या है?
इलेक्ट्रॉन का त्याग या ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि। -
अपचयन क्या है?
इलेक्ट्रॉन का ग्रहण या ऑक्सीकरण संख्या में कमी। -
ऑक्सीकारक क्या है?
जो दूसरे का ऑक्सीकरण करे और स्वयं अपचयित हो। -
अपचायक क्या है?
जो दूसरे का अपचयन करे और स्वयं ऑक्सीकृत हो। -
कार्बन की चतुर्योजकता क्या है?
कार्बन चार सहसंयोजक बंध बना सकता है। -
श्रृंखलन क्या है?
कार्बन परमाणुओं के आपस में जुड़कर श्रृंखला बनाने का गुण। -
समावयवता क्या है?
समान आण्विक सूत्र वाले अलग संरचना/व्यवस्था वाले यौगिकों की घटना। -
IUPAC नामकरण क्यों आवश्यक है?
कार्बनिक यौगिकों को विश्वभर में एक समान व्यवस्थित नाम देने के लिए। -
क्रिस्टलीकरण का उपयोग क्या है?
अशुद्ध ठोस पदार्थों को शुद्ध करने के लिए। -
क्रोमैटोग्राफी क्या है?
मिश्रण के घटकों को अलग करने की विधि। -
हाइड्रोकार्बन क्या हैं?
केवल कार्बन और हाइड्रोजन से बने यौगिक। -
ऐल्केन का सामान्य सूत्र क्या है?
CₙH₂ₙ₊₂। -
ऐल्कीन का सामान्य सूत्र क्या है?
CₙH₂ₙ। -
ऐल्काइन का सामान्य सूत्र क्या है?
CₙH₂ₙ₋₂। -
बेंजीन का सूत्र क्या है?
C₆H₆। -
ऐल्केन की प्रमुख अभिक्रिया कौन-सी है?
प्रतिस्थापन अभिक्रिया। -
ऐल्कीन की प्रमुख अभिक्रिया कौन-सी है?
योग अभिक्रिया। -
ऐल्कीन का हाइड्रोजनीकरण क्या है?
द्विबंध पर H₂ का जुड़ना जिससे संतृप्त ऐल्केन बनता है। -
समावयवी क्या हैं?
समान आण्विक सूत्र परंतु अलग संरचना/व्यवस्था वाले यौगिक। -
ऑक्सीकरण संख्या क्या है?
किसी यौगिक में परमाणु पर आरोपित काल्पनिक आवेश। -
आयनन एन्थैल्पी क्या है?
गैसीय परमाणु से इलेक्ट्रॉन हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा। -
वैद्युत ऋणात्मकता क्या है?
सहसंयोजक बंध में साझा इलेक्ट्रॉन युग्म को आकर्षित करने की प्रवृत्ति। -
एन्थैल्पी क्या है?
H=U+PV द्वारा व्यक्त ऊष्मागतिक अवस्था राशि। -
रासायनिक साम्य को उत्प्रेरक कैसे प्रभावित करता है?
उत्प्रेरक साम्य की स्थिति नहीं बदलता, केवल साम्य तक पहुँचने की गति बढ़ाता है। -
कार्बनिक विश्लेषण में qualitative analysis क्या है?
यौगिक में कौन-कौन से तत्व उपस्थित हैं, यह ज्ञात करना। -
quantitative analysis क्या है?
विभिन्न तत्वों की मात्रा या प्रतिशत ज्ञात करना। -
रासायनिक अभिक्रिया का संतुलन क्यों आवश्यक है?
यह द्रव्यमान संरक्षण का पालन कराता है और स्टॉइकियोमेट्रिक गणनाओं के लिए सही अनुपात देता है।
कक्षा 11वीं Chemistry — परीक्षा में उत्तर लिखने की रणनीति
| अंक | उत्तर कैसे लिखें |
|---|---|
| 01 | सटीक तथ्य, सूत्र, नाम, नियम या एक वाक्य। |
| 02 | परिभाषा + सूत्र या दो मुख्य बिंदु। |
| 03 | परिभाषा + सिद्धांत + उदाहरण/अभिक्रिया। |
| 04 | परिभाषा + विस्तृत व्याख्या + सूत्र/अभिक्रिया + निष्कर्ष या numerical steps। |
दिया है → ज्ञात करना है → सूत्र → मान स्थापित करना → गणना → इकाई → अंतिम उत्तर।
Organic Chemistry में: संरचना, नाम, functional group, reaction conditions तथा उत्पाद को स्पष्ट लिखें।
Inorganic/Physical में: नियम, प्रवृत्ति, सूत्र, इकाई और कारण अवश्य लिखें।
अस्वीकरण (Disclaimer):
> 1. अध्ययन एवं अभ्यास उद्देश्य: इस पोस्ट में दी गई अंक योजना (Blueprint), पाठ्यक्रम, AI-जनरेटेड सरल नोट्स तथा अभ्यास प्रश्नोत्तर माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के नवीनतम दिशा-निर्देशों एवं NCERT पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, पुनरावलोकन और परीक्षा अभ्यास के लिए तैयार किए गए हैं।
> 2. प्रश्नोत्तर एवं संभावित प्रश्न: पोस्ट में शामिल सभी वस्तुनिष्ठ, लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर केवल मॉडल/अभ्यास प्रश्न (Practice Questions) हैं। यह बोर्ड/वार्षिक परीक्षा का कोई आधिकारिक प्रश्नपत्र नहीं है और न ही परीक्षा में हूबहू यही प्रश्न पूछे जाने का कोई दावा किया जाता है।
> 3. उत्तरों का सत्यापन: यद्यपि सभी उत्तरों, सूत्रों, रासायनिक समीकरणों एवं गणनाओं को सटीक और त्रुटिरहित रखने का पूर्ण प्रयास किया गया है, फिर भी विद्यार्थी किसी भी तकनीकी या तथ्यात्मक संदेह की स्थिति में अपनी अधिकृत NCERT पाठ्यपुस्तकों तथा विषय शिक्षकों के मार्गदर्शन को ही अंतिम व सर्वमान्य आधार मानें।
> 4. आधिकारिक सूचना: परीक्षा कार्यक्रम, आंतरिक मूल्यांकन/प्रायोगिक परीक्षा, अंक योजना में किसी भी संभावित संशोधन अथवा आधिकारिक विज्ञप्ति के लिए सदैव माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी निर्देशों को ही अधिकृत माना जाए।
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