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कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान नोट्स : MP Board Class 11th Chemistry Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27

MP Board Class 11th Chemistry Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान नोट्स, रासायनिक समीकरण एवं अंक योजना

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान (Physical, Inorganic & Organic Chemistry) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित सरल नोट्स, रासायनिक समीकरण, महत्वपूर्ण नियम एवं मॉडल अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान अध्ययन सामग्री

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं वार्षिक परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। कक्षा 11वीं का रसायन विज्ञान न केवल वार्षिक परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कक्षा 12वीं के आधार और प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE / NEET) की नींव भी तैयार करता है।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को सुव्यवस्थित, सटीक और सरल बनाने के लिए यहाँ कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान (भौतिक, अकार्बनिक एवं कार्बनिक रसायन) की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, संतुलित समीकरण, महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान (Chemistry)

सम्पूर्ण सरल नोट्स एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27

पूर्णांक — 70 | समय — 3:00 घंटे

अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना

क्र. इकाई / अध्याय आवंटित अंक
1रसायन विज्ञान की मूल अवधारणाएँ07
2परमाणु संरचना09
3तत्वों का वर्गीकरण एवं गुणों में आवर्तिता06
4रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना07
5ऊष्मागतिकी09
6साम्यावस्था07
7अपचयोपचय अभिक्रियाएँ04
8कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें11
9हाइड्रोकार्बन10
कुल योग70
प्रश्नप्रकारप्रश्न संख्याअंक
1सही विकल्प0606
2रिक्त स्थान0606
3सत्य / असत्य0606
4सही जोड़ी0505
5एक वाक्य में उत्तर0505
6–12लघु उत्तरीय0714
13–16मध्यम उत्तरीय0412
17–20दीर्घ उत्तरीय0416
परीक्षा तैयारी: रसायन विज्ञान में परिभाषा, नियम, सूत्र, रासायनिक समीकरण, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, आवर्तिता, संरचना, संख्यात्मक और कार्बनिक अभिक्रियाएँ सभी का लिखित अभ्यास आवश्यक है।

इकाई 1 — रसायन विज्ञान की मूल अवधारणाएँ (07 अंक)

1. रसायन विज्ञान का महत्व

रसायन विज्ञान पदार्थों की संरचना, संघटन, गुणधर्म तथा उनमें होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन है। इसका संबंध कृषि, औषधि, उद्योग, ऊर्जा, पर्यावरण, भोजन और दैनिक जीवन से है।

2. द्रव्य

जो वस्तु स्थान घेरती है और जिसका द्रव्यमान होता है, उसे द्रव्य कहते हैं।

अवस्थामुख्य गुण
ठोसनिश्चित आकार एवं निश्चित आयतन
द्रवनिश्चित आयतन, आकार पात्र के अनुसार
गैसनिश्चित आकार और आयतन नहीं

3. भौतिक एवं रासायनिक गुण

रंग, घनत्व, गलनांक, क्वथनांक आदि भौतिक गुण हैं। ज्वलनशीलता, अम्ल से अभिक्रिया आदि रासायनिक गुण हैं।

4. रासायनिक संयोजन के नियम

द्रव्यमान संरक्षण का नियम

रासायनिक अभिक्रिया में पदार्थ का कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है।

निश्चित अनुपात का नियम

किसी शुद्ध यौगिक में तत्व सदैव निश्चित द्रव्यमान अनुपात में उपस्थित होते हैं।

गुणित अनुपात का नियम

दो तत्वों द्वारा एक से अधिक यौगिक बनाने पर एक तत्व की निश्चित मात्रा के साथ संयुक्त दूसरे तत्व के द्रव्यमानों का अनुपात सरल पूर्णांक में होता है।

5. डॉल्टन का परमाणु सिद्धांत

  • पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों अर्थात परमाणुओं से बना है।
  • एक ही तत्व के परमाणु समान द्रव्यमान और गुणों वाले होते हैं।
  • विभिन्न तत्वों के परमाणु अलग होते हैं।
  • परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में संयोजित होकर यौगिक बनाते हैं।
  • रासायनिक अभिक्रिया में परमाणुओं का पुनर्विन्यास होता है।

6. मोल संकल्पना

एक मोल पदार्थ में अवोगाद्रो संख्या के बराबर कण होते हैं।

NA=6.022×10²³ mol⁻¹

7. मोलर द्रव्यमान

n = दिया गया द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान

8. प्रतिशत संघटन

% तत्व = (तत्व का द्रव्यमान / यौगिक का मोलर द्रव्यमान) × 100

9. स्टॉइकियोमीट्री

रासायनिक समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों की मात्रात्मक गणना को स्टॉइकियोमेट्री कहते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. मोल क्या है?
मोल पदार्थ की वह मात्रा है जिसमें 6.022×10²³ मूल कण होते हैं।
प्रश्न 2. अवोगाद्रो संख्या क्या है?
एक मोल पदार्थ में उपस्थित कणों की संख्या 6.022×10²³ mol⁻¹ होती है। इसे अवोगाद्रो संख्या कहते हैं।
प्रश्न 3. द्रव्यमान संरक्षण का नियम लिखिए।
रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान न तो उत्पन्न होता है और न नष्ट होता है; कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है।
प्रश्न 4. मोलर द्रव्यमान क्या है?
किसी पदार्थ के एक मोल का द्रव्यमान उसका मोलर द्रव्यमान कहलाता है और इसकी इकाई g mol⁻¹ होती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. डॉल्टन के परमाणु सिद्धांत की तीन मुख्य बातें लिखिए।
पदार्थ परमाणुओं से बना है; एक ही तत्व के परमाणु समान गुणों वाले होते हैं; और विभिन्न तत्वों के परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में मिलकर यौगिक बनाते हैं।
प्रश्न. मोल संकल्पना की सहायता से कणों की संख्या कैसे ज्ञात करते हैं?
यदि पदार्थ की मात्रा n mol है तो कणों की संख्या:
N=nNA
जहाँ NA=6.022×10²³ mol⁻¹।
प्रश्न. स्टॉइकियोमेट्री क्या है?
संतुलित रासायनिक समीकरण की सहायता से अभिकारकों और उत्पादों की मोल, द्रव्यमान या आयतन संबंधी मात्रात्मक गणना करना स्टॉइकियोमेट्री कहलाता है।

4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक

प्रश्न. 18 g जल में कितने मोल जल और कितने अणु होंगे?
H₂O का मोलर द्रव्यमान = 18 g mol⁻¹
मोल =18/18=1 mol

अणुओं की संख्या =1×6.022×10²³
=6.022×10²³ अणु
प्रश्न. Na₂CO₃ में सोडियम का प्रतिशत संघटन ज्ञात कीजिए।
Na₂CO₃ का मोलर द्रव्यमान:
=2×23+12+3×16
=106 g mol⁻¹
Na का द्रव्यमान=46 g
प्रतिशत =46/106×100
43.4%
प्रश्न. 2H₂+O₂→2H₂O अभिक्रिया के अनुसार 2 mol H₂ के लिए आवश्यक O₂ की मात्रा कितनी होगी?
समीकरण के अनुसार:
2 mol H₂ : 1 mol O₂
अतः 2 mol H₂ के लिए 1 mol O₂ आवश्यक होगा।
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

इकाई 2 — परमाणु संरचना (09 अंक)

1. अवपरमाण्विक कण

कणआवेशसापेक्ष द्रव्यमान
इलेक्ट्रॉन−1लगभग 1/1836
प्रोटॉन+1लगभग 1
न्यूट्रॉन0लगभग 1

2. परमाणु मॉडल

थॉमसन मॉडल

परमाणु को धनावेशित गोला माना गया जिसमें इलेक्ट्रॉन धँसे हुए थे।

रदरफोर्ड मॉडल

रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग से ज्ञात हुआ कि परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है और केंद्र में छोटा, भारी, धनावेशित नाभिक होता है।

3. बोर मॉडल

  • इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों में घूमते हैं।
  • स्थिर कक्षा में ऊर्जा का विकिरण नहीं होता।
  • ऊर्जा स्तरों के बीच संक्रमण पर ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण होता है।
ΔE=hν

4. हाइड्रोजन के लिए बोर मॉडल

rn∝n²
En=−13.6/n² eV

5. क्वांटम संख्याएँ

  • प्रधान क्वांटम संख्या n
  • कक्षीय कोणीय संवेग क्वांटम संख्या l
  • चुंबकीय क्वांटम संख्या m
  • स्पिन क्वांटम संख्या s

6. ऑर्बिटल

नाभिक के चारों ओर वह त्रिविमीय क्षेत्र जहाँ इलेक्ट्रॉन मिलने की संभावना अधिक होती है, ऑर्बिटल कहलाता है।

7. s, p, d और f ऑर्बिटल

ऑर्बिटलअधिकतम इलेक्ट्रॉनआकार
s2गोलाकार
p6डम्बल
d10जटिल
f14अधिक जटिल

8. प्रमुख नियम

  • आफबाऊ सिद्धांत
  • पॉली अपवर्जन सिद्धांत
  • हुण्ड का नियम

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. रदरफोर्ड मॉडल की दो विशेषताएँ लिखिए।
परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है और उसके केंद्र में छोटा, भारी तथा धनावेशित नाभिक स्थित है।
प्रश्न 2. बोर का ऊर्जा क्वांटीकरण क्या है?
इलेक्ट्रॉन केवल निश्चित ऊर्जा स्तरों में रह सकता है। दो स्तरों के बीच संक्रमण पर ऊर्जा का निश्चित क्वांटम अवशोषित या उत्सर्जित होता है।
प्रश्न 3. पाउली अपवर्जन सिद्धांत लिखिए।
एक परमाणु में किसी भी दो इलेक्ट्रॉनों की चारों क्वांटम संख्याएँ समान नहीं हो सकतीं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. बोर मॉडल की तीन प्रमुख मान्यताएँ लिखिए।
इलेक्ट्रॉन निश्चित स्थिर कक्षाओं में रहते हैं; स्थिर कक्षा में ऊर्जा का विकिरण नहीं होता; और एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाने पर ऊर्जा का अवशोषण या उत्सर्जन होता है।
प्रश्न. चारों क्वांटम संख्याओं का नाम और महत्व बताइए।
n कक्षा और ऊर्जा स्तर बताती है। l उपकक्षा और ऑर्बिटल के आकार को बताती है। m ऑर्बिटल की दिशा बताती है। s इलेक्ट्रॉन के spin की दिशा बताती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. रदरफोर्ड परमाणु मॉडल की उपलब्धियाँ और सीमाएँ बताइए।
रदरफोर्ड मॉडल ने नाभिक के अस्तित्व और परमाणु के अधिकांश भाग के रिक्त होने को स्पष्ट किया। लेकिन यह परमाणु की स्थिरता तथा रेखीय स्पेक्ट्रम की व्याख्या नहीं कर सका। शास्त्रीय भौतिकी के अनुसार घूमता इलेक्ट्रॉन ऊर्जा विकिरित करके नाभिक में गिर जाना चाहिए था। बाद में बोर मॉडल ने इन समस्याओं का आंशिक समाधान किया।
प्रश्न. बोर मॉडल के अनुसार हाइड्रोजन परमाणु के ऊर्जा स्तरों को समझाइए।
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा वाली स्थिर कक्षाओं में रहते हैं। ऊर्जा स्तर:
En=−13.6/n² eV
जहाँ n=1,2,3...। इलेक्ट्रॉन उच्च स्तर से निम्न स्तर पर आता है तो फोटॉन उत्सर्जित होता है और निम्न से उच्च स्तर पर जाने के लिए ऊर्जा अवशोषित होती है।
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इकाई 3 — तत्वों का वर्गीकरण एवं गुणों में आवर्तिता (06 अंक)

1. वर्गीकरण की आवश्यकता

तत्वों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण उनके गुणों के अध्ययन, तुलना और पूर्वानुमान के लिए व्यवस्थित वर्गीकरण आवश्यक है।

2. आधुनिक आवर्त नियम

तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं।

3. आवर्त सारणी

आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को 18 समूह और 7 आवर्तों में व्यवस्थित किया गया है।

4. ब्लॉक

ब्लॉकअंतिम इलेक्ट्रॉन
s-blocks-उपकक्षा
p-blockp-उपकक्षा
d-blockd-उपकक्षा
f-blockf-उपकक्षा

5. आवर्तिता

  • परमाणु त्रिज्या
  • आयनन एन्थैल्पी
  • इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी
  • वैद्युत ऋणात्मकता
  • धात्विक और अधात्विक गुण

6. परमाणु त्रिज्या का सामान्य रुझान

आवर्त में बाएँ से दाएँ सामान्यतः परमाणु त्रिज्या घटती है और समूह में ऊपर से नीचे बढ़ती है।

7. आयनन एन्थैल्पी

गैसीय अवस्था में पृथक परमाणु से सबसे कमजोर बंधे इलेक्ट्रॉन को हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा को आयनन एन्थैल्पी कहते हैं।

8. वैद्युत ऋणात्मकता

सहसंयोजक बंध में किसी परमाणु की साझा इलेक्ट्रॉन युग्म को आकर्षित करने की प्रवृत्ति उसकी वैद्युत ऋणात्मकता कहलाती है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. आधुनिक आवर्त नियम लिखिए।
तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं।
प्रश्न 2. s-block क्या है?
वे तत्व जिनमें अंतिम इलेक्ट्रॉन s-उपकक्षा में प्रवेश करता है, s-block के तत्व कहलाते हैं।
प्रश्न 3. आवर्त में परमाणु त्रिज्या क्यों घटती है?
आवर्त में नाभिकीय आवेश बढ़ता है जबकि इलेक्ट्रॉन समान मुख्य ऊर्जा स्तर में जुड़ते हैं। प्रभावी नाभिकीय आकर्षण बढ़ने से परमाणु त्रिज्या सामान्यतः घटती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. समूह में परमाणु त्रिज्या बढ़ने का कारण बताइए।
समूह में नीचे जाने पर नए इलेक्ट्रॉनिक स्तर जुड़ते हैं। इससे नाभिक और बाह्य इलेक्ट्रॉनों के बीच दूरी और shielding बढ़ती है, इसलिए परमाणु त्रिज्या बढ़ती है।
प्रश्न. आवर्तिता क्या है?
परमाणु क्रमांक बढ़ने पर तत्वों के गुणों का नियमित अंतराल के बाद पुनः समान रूप में प्रकट होना आवर्तिता कहलाता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों का वर्गीकरण समझाइए।
आधुनिक आवर्त सारणी में तत्व परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित हैं। इसमें 7 आवर्त और 18 समूह हैं। इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर तत्वों को s, p, d और f ब्लॉक में बाँटा जाता है। एक ही समूह के तत्वों में संयोजक इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होने के कारण उनके रासायनिक गुणों में समानता पाई जाती है।
प्रश्न. आयनन एन्थैल्पी और वैद्युत ऋणात्मकता की आवर्तिता समझाइए।
आवर्त में बाएँ से दाएँ प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण आयनन एन्थैल्पी और वैद्युत ऋणात्मकता सामान्यतः बढ़ती है। समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार और shielding बढ़ती है, इसलिए बाहरी इलेक्ट्रॉन पर आकर्षण घटता है और आयनन एन्थैल्पी तथा वैद्युत ऋणात्मकता सामान्यतः घटती है।
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इकाई 4 — रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना (07 अंक)

1. रासायनिक बंध

दो या अधिक परमाणुओं के बीच आकर्षण जो उन्हें स्थिर अणु या आयन के रूप में बनाए रखता है, रासायनिक बंध कहलाता है।

2. कॉसेल-लुईस अवधारणा

परमाणु स्थिर गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनों का त्याग, ग्रहण या साझेदारी करते हैं।

3. आयनिक बंध

इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से बने विपरीत आवेशित आयनों के बीच वैद्युत आकर्षण को आयनिक बंध कहते हैं।

Na → Na⁺ + e⁻
Cl + e⁻ → Cl⁻
Na⁺ + Cl⁻ → NaCl

4. सहसंयोजक बंध

इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी से बना बंध सहसंयोजक बंध कहलाता है।

5. बंध प्राचल

  • बंध लंबाई
  • बंध कोण
  • बंध ऊर्जा
  • बंध कोटि

6. VSEPR सिद्धांत

संयोजकता कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन युग्म एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं और ऐसी व्यवस्था बनाते हैं जिसमें प्रतिकर्षण न्यूनतम हो।

7. संकरण

संकरणआकृति का उदाहरण
spरेखीय
sp²त्रिकोणीय समतलीय
sp³चतुष्फलकीय

8. आण्विक कक्षक सिद्धांत

परमाणु कक्षकों के संयोजन से आण्विक कक्षक बनते हैं। इनमें बंधकारी और प्रति-बंधकारी कक्षक हो सकते हैं।

9. हाइड्रोजन बंध

जब H परमाणु किसी अधिक वैद्युतऋणात्मक परमाणु से जुड़ा हो और दूसरे वैद्युतऋणात्मक परमाणु की ओर आकर्षण अनुभव करे, तो हाइड्रोजन बंध बनता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. आयनिक बंध क्या है?
इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से बनने वाले विपरीत आवेशित आयनों के बीच वैद्युत आकर्षण से बना बंध आयनिक बंध है।
प्रश्न 2. सहसंयोजक बंध क्या है?
दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी से बना बंध सहसंयोजक बंध कहलाता है।
प्रश्न 3. VSEPR सिद्धांत क्या बताता है?
संयोजकता कोश के इलेक्ट्रॉन युग्मों में प्रतिकर्षण होता है और वे न्यूनतम प्रतिकर्षण वाली व्यवस्था ग्रहण करते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. आयनिक और सहसंयोजक बंध में अंतर बताइए।
आयनिक बंध में इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण होता है, जबकि सहसंयोजक बंध में इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी होती है। आयनिक यौगिकों में आयन बनते हैं जबकि सहसंयोजक यौगिकों में सामान्यतः अणु बनते हैं।
प्रश्न. sp, sp² और sp³ संकरण समझाइए।
sp में एक s और एक p ऑर्बिटल का संकरण होता है और रेखीय संरचना बनती है। sp² में एक s और दो p ऑर्बिटल मिलते हैं और त्रिकोणीय समतलीय संरचना बनती है। sp³ में एक s और तीन p ऑर्बिटल मिलकर चतुष्फलकीय व्यवस्था देते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. VSEPR सिद्धांत की मुख्य अवधारणाएँ लिखिए।
संयोजकता कोश में इलेक्ट्रॉन युग्म एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। lone pair-lone pair प्रतिकर्षण सबसे अधिक, lone pair-bond pair उससे कम और bond pair-bond pair सबसे कम होता है। अणु की आकृति ऐसी बनती है जिसमें कुल प्रतिकर्षण न्यूनतम हो।
प्रश्न. हाइड्रोजन बंध के महत्व को समझाइए।
हाइड्रोजन बंध जल के असामान्य गुणों, उच्च क्वथनांक, बर्फ की संरचना तथा कई जैविक अणुओं की संरचना में महत्वपूर्ण है। DNA और प्रोटीन में भी हाइड्रोजन बंध संरचना को स्थिर रखने में योगदान देता है।
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इकाई 5 — ऊष्मागतिकी (09 अंक)

1. तंत्र और परिवेश

जिस भाग का अध्ययन किया जाता है उसे तंत्र और उसके बाहर के शेष भाग को परिवेश कहते हैं।

2. ऊष्मागतिक प्रक्रम

  • समतापी
  • समदाबी
  • समआयतनी
  • रुद्धोष्म

3. आंतरिक ऊर्जा

किसी तंत्र के कणों की कुल सूक्ष्म गतिज और स्थितिज ऊर्जा आंतरिक ऊर्जा कहलाती है।

4. ऊष्मा और कार्य

ऊष्मा तापांतर के कारण ऊर्जा का स्थानांतरण है। कार्य ऊर्जा स्थानांतरण का दूसरा रूप है जो व्यवस्थित बल/विस्थापन या अन्य माध्यम से हो सकता है।

5. प्रथम नियम

ΔU=q+w

6. एन्थैल्पी

H=U+PV

नियत दाब पर:

ΔH=qp

7. अभिक्रिया एन्थैल्पी

किसी रासायनिक अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा परिवर्तन को अभिक्रिया एन्थैल्पी कहते हैं।

8. हेस का नियम

किसी अभिक्रिया का कुल एन्थैल्पी परिवर्तन अभिक्रिया के चरणों की संख्या या मार्ग पर निर्भर नहीं करता; यह केवल प्रारंभिक और अंतिम अवस्थाओं पर निर्भर करता है।

9. स्वतः प्रवर्तिता

वह प्रक्रम जो अनुकूल परिस्थितियों में बाह्य ऊर्जा के निरंतर हस्तक्षेप के बिना आगे बढ़ सकता है, स्वतः प्रवर्तित प्रक्रम कहलाता है।

10. गिब्ज ऊर्जा

ΔG=ΔH−TΔS

यदि:

  • ΔG<0 → प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित
  • ΔG>0 → प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित नहीं
  • ΔG=0 → साम्यावस्था

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. ऊष्मागतिक तंत्र क्या है?
ब्रह्मांड का वह निश्चित भाग जिसका ऊष्मागतिक अध्ययन किया जाता है, ऊष्मागतिक तंत्र कहलाता है।
प्रश्न 2. एन्थैल्पी क्या है?
किसी तंत्र की एन्थैल्पी H=U+PV होती है और नियत दाब पर इसका परिवर्तन दी गई ऊष्मा के बराबर हो सकता है।
प्रश्न 3. हेस का नियम लिखिए।
अभिक्रिया का कुल एन्थैल्पी परिवर्तन उसके प्रारंभिक और अंतिम अवस्था पर निर्भर करता है, मध्यवर्ती मार्ग पर नहीं।
प्रश्न 4. गिब्ज ऊर्जा परिवर्तन का सूत्र लिखिए।
ΔG=ΔH−TΔS

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. ऊष्मा और कार्य में अंतर बताइए।
ऊष्मा तापांतर के कारण ऊर्जा का स्थानांतरण है, जबकि कार्य किसी व्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से ऊर्जा का स्थानांतरण है। दोनों path functions हैं और निकाय की अवस्था चर नहीं हैं।
प्रश्न. प्रथम ऊष्मागतिक नियम समझाइए।
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम है। तंत्र को दी गई ऊर्जा ऊष्मा और कार्य के माध्यम से आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन उत्पन्न करती है।
ΔU=q+w

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. हेस के स्थिर ऊष्मा योग के नियम को उदाहरण सहित समझाइए।
यदि किसी अभिक्रिया को एक या अधिक चरणों में पूरा किया जाता है तो कुल एन्थैल्पी परिवर्तन सभी चरणों के एन्थैल्पी परिवर्तनों के योग के बराबर होता है। उदाहरणतः यदि A→B का परिवर्तन ΔH₁ और B→C का परिवर्तन ΔH₂ है, तो A→C के लिए ΔH=ΔH₁+ΔH₂ होगा।
प्रश्न. गिब्ज ऊर्जा और स्वतः प्रवर्तिता में संबंध समझाइए।
नियत तापमान और दाब पर ΔG स्वतः प्रवर्तिता का महत्वपूर्ण माप है। ΔG ऋणात्मक होने पर प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित होता है। ΔG धनात्मक होने पर वह स्वतः प्रवर्तित नहीं होता। ΔG=0 पर तंत्र साम्य में होता है।
प्रश्न. यदि ΔH=−100 kJ mol⁻¹, T=300 K और ΔS=−0.2 kJ K⁻¹ mol⁻¹ है, तो ΔG ज्ञात कीजिए।
ΔG=ΔH−TΔS
=−100−300(−0.2)
=−100+60
=−40 kJ mol⁻¹
अतः प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित होगा।
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इकाई 6 — साम्यावस्था (07 अंक)

1. साम्यावस्था

ऐसी अवस्था जिसमें अग्रगामी और पश्चगामी अभिक्रियाओं की दर बराबर हो और सांद्रताओं में समय के साथ शुद्ध परिवर्तन न हो, रासायनिक साम्यावस्था कहलाती है।

2. गतिशील साम्य

साम्य स्थिर प्रतीत होता है, लेकिन आण्विक स्तर पर अग्रगामी और पश्चगामी अभिक्रियाएँ चलती रहती हैं। इसलिए इसे गतिशील साम्य कहते हैं।

3. साम्य स्थिरांक

सामान्य अभिक्रिया:

aA+bB ⇌ cC+dD
Kc=[C]ᶜ[D]ᵈ/[A]ᵃ[B]ᵇ

4. ले-शातेलिए का सिद्धांत

साम्यावस्था में स्थित तंत्र पर ताप, दाब या सांद्रता में परिवर्तन करने पर तंत्र उस परिवर्तन के प्रभाव को कम करने वाली दिशा में खिसकता है।

5. अम्ल

जो पदार्थ H⁺ आयन दे सकते हैं या जलीय विलयन में H₃O⁺ आयन उत्पन्न करते हैं, अम्ल कहलाते हैं।

6. क्षारक

जो पदार्थ H⁺ स्वीकार करते हैं या जलीय विलयन में OH⁻ उपलब्ध कराते हैं, क्षारक कहलाते हैं।

7. pH

pH=−log[H⁺]

8. बफर विलयन

ऐसा विलयन जो थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाने पर pH में बड़े परिवर्तन का विरोध करता है, बफर विलयन कहलाता है।

9. विलेयता साम्य

अल्पविलेय लवणों के ठोस और उसके विलयन के बीच स्थापित साम्य को विलेयता साम्य कहते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. रासायनिक साम्य क्या है?
उलटनीय अभिक्रिया में अग्रगामी और पश्चगामी अभिक्रियाओं की दर बराबर होने की अवस्था रासायनिक साम्यावस्था है।
प्रश्न 2. गतिशील साम्य क्या है?
साम्यावस्था पर अग्रगामी और पश्चगामी दोनों अभिक्रियाएँ समान दर से चलती रहती हैं; इसलिए साम्य गतिशील होता है।
प्रश्न 3. pH का सूत्र लिखिए।
pH=−log[H⁺]

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. ले-शातेलिए सिद्धांत समझाइए।
साम्यावस्था वाले तंत्र में तापमान, दाब या सांद्रता बदलने पर तंत्र उस परिवर्तन के प्रभाव को कम करने वाली दिशा में विस्थापित होता है। उदाहरण के लिए अभिकारक की सांद्रता बढ़ाने पर साम्य सामान्यतः उत्पाद बनने की दिशा में खिसकता है।
प्रश्न. साम्य स्थिरांक Kc का महत्व क्या है?
Kc साम्यावस्था पर अभिकारकों और उत्पादों की सांद्रताओं के बीच संबंध बताता है। Kc का बड़ा मान उत्पादों की ओर साम्य की प्रवृत्ति और छोटा मान अभिकारकों की ओर प्रवृत्ति दर्शाता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. रासायनिक साम्य को प्रभावित करने वाले कारकों की व्याख्या कीजिए।
सांद्रता बदलने पर साम्य उस दिशा में खिसकता है जो परिवर्तन का विरोध करे। गैसीय अभिक्रियाओं में दाब बदलने पर साम्य कम गैसीय मोल वाली दिशा में जा सकता है। तापमान परिवर्तन साम्य स्थिरांक और दिशा दोनों को प्रभावित करता है। उत्प्रेरक साम्य की स्थिति नहीं बदलता, केवल साम्य तक पहुँचने की गति बढ़ाता है।
प्रश्न. अम्ल, क्षारक और बफर विलयन को समझाइए।
अम्ल H⁺ देने वाले और क्षारक H⁺ स्वीकार करने या OH⁻ देने वाले पदार्थ हैं। बफर विलयन अम्ल या क्षार की थोड़ी मात्रा मिलाने पर pH में होने वाले परिवर्तन का विरोध करता है। अम्ल-क्षार साम्य का अध्ययन pH, आयनन स्थिरांक और बफर की सहायता से किया जाता है।
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इकाई 7 — अपचयोपचय अभिक्रियाएँ (04 अंक)

1. ऑक्सीकरण

इलेक्ट्रॉन का त्याग, ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि या ऑक्सीजन का जुड़ना ऑक्सीकरण कहलाता है।

2. अपचयन

इलेक्ट्रॉन का ग्रहण, ऑक्सीकरण संख्या में कमी या हाइड्रोजन का जुड़ना अपचयन कहलाता है।

3. अपचयोपचय

जिस अभिक्रिया में ऑक्सीकरण और अपचयन साथ-साथ होते हैं, वह अपचयोपचय या रेडॉक्स अभिक्रिया कहलाती है।

4. ऑक्सीकरण संख्या

किसी यौगिक या आयन में किसी परमाणु पर आरोपित काल्पनिक आवेश को उसकी ऑक्सीकरण संख्या कहते हैं।

5. ऑक्सीकारक और अपचायक

ऑक्सीकारक दूसरे पदार्थ का ऑक्सीकरण करता है और स्वयं अपचयित होता है। अपचायक दूसरे पदार्थ का अपचयन करता है और स्वयं ऑक्सीकृत होता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. ऑक्सीकरण क्या है?
इलेक्ट्रॉन त्यागना या ऑक्सीकरण संख्या का बढ़ना ऑक्सीकरण कहलाता है।
प्रश्न 2. अपचयन क्या है?
इलेक्ट्रॉन ग्रहण करना या ऑक्सीकरण संख्या का कम होना अपचयन कहलाता है।
प्रश्न 3. ऑक्सीकारक क्या है?
जो पदार्थ दूसरे पदार्थ का ऑक्सीकरण करता है और स्वयं अपचयित होता है, वह ऑक्सीकारक कहलाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. रेडॉक्स अभिक्रिया को इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण के रूप में समझाइए।
रेडॉक्स अभिक्रिया में एक पदार्थ इलेक्ट्रॉन त्यागता है और दूसरा पदार्थ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है। इलेक्ट्रॉन त्यागने वाला ऑक्सीकृत और इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने वाला अपचयित होता है।
प्रश्न. ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात करने के दो सामान्य नियम लिखिए।
मुक्त तत्व में ऑक्सीकरण संख्या 0 होती है। एकल परमाणु आयन की ऑक्सीकरण संख्या उसके आयन आवेश के बराबर होती है। ऑक्सीजन सामान्यतः −2 तथा हाइड्रोजन सामान्यतः +1 होता है, विशेष परिस्थितियों को छोड़कर।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. ऑक्सीकारक और अपचायक में अंतर बताइए तथा उदाहरण दीजिए।
ऑक्सीकारक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है और स्वयं अपचयित होता है, जबकि अपचायक इलेक्ट्रॉन त्यागता है और स्वयं ऑक्सीकृत होता है। उदाहरण:
Zn+Cu²⁺→Zn²⁺+Cu
यहाँ Zn अपचायक और Cu²⁺ ऑक्सीकारक है।
प्रश्न. MnO₄⁻ में Mn की ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात कीजिए।
मान लें Mn की ऑक्सीकरण संख्या x है।
x+4(−2)=−1
x−8=−1
x=+7
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इकाई 8 — कार्बनिक रसायन: कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें (11 अंक)

1. कार्बन की चतुर्योजकता

कार्बन की संयोजकता 4 होती है और वह चार सहसंयोजक बंध बना सकता है। कार्बन की श्रृंखला बनाने की क्षमता को श्रृंखलन या catenation कहते हैं।

2. कार्बनिक यौगिकों का वर्गीकरण

  • खुली श्रृंखला
  • बंद श्रृंखला
  • समचक्रीय
  • विषमचक्रीय
  • ऐरोमैटिक
  • अलिफैटिक

3. संरचनात्मक निरूपण

कार्बनिक यौगिकों को Lewis संरचना, condensed formula और skeletal formula से प्रदर्शित किया जा सकता है।

4. समावयवता

समान आण्विक सूत्र लेकिन अलग संरचना या स्थानिक व्यवस्था वाले यौगिक समावयवी कहलाते हैं और घटना समावयवता कहलाती है।

5. IUPAC नामकरण

कार्बनिक यौगिकों को व्यवस्थित नाम देने के लिए IUPAC नामकरण प्रणाली का प्रयोग किया जाता है।

6. कार्बनिक अभिक्रियाओं के प्रकार

  • प्रतिस्थापन अभिक्रिया
  • योग अभिक्रिया
  • उन्मूलन अभिक्रिया
  • पुनर्विन्यास अभिक्रिया

7. अभिक्रिया क्रियाविधि

कार्बनिक अभिक्रिया में बंधों का टूटना और बनना तथा इलेक्ट्रॉनों का पुनर्विन्यास अभिक्रिया क्रियाविधि का आधार है।

8. कार्बनिक यौगिकों की शोधन विधियाँ

  • क्रिस्टलीकरण
  • आसवन
  • अंशीय आसवन
  • उर्ध्वपातन
  • क्रोमैटोग्राफी

9. गुणात्मक विश्लेषण

कार्बनिक यौगिक में C, H, N, S, P और हैलोजन जैसे तत्वों की पहचान गुणात्मक विश्लेषण से की जाती है।

10. मात्रात्मक विश्लेषण

यौगिक में उपस्थित विभिन्न तत्वों के प्रतिशत की गणना मात्रात्मक विश्लेषण से की जाती है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. कार्बन की चतुर्योजकता क्या है?
कार्बन की संयोजकता 4 है, इसलिए यह चार सहसंयोजक बंध बनाने में सक्षम है।
प्रश्न 2. श्रृंखलन क्या है?
कार्बन परमाणुओं का आपस में जुड़कर लंबी और शाखित श्रृंखलाएँ बनाने का गुण श्रृंखलन या catenation कहलाता है।
प्रश्न 3. समावयवता क्या है?
समान आण्विक सूत्र परंतु भिन्न संरचना या स्थानिक व्यवस्था वाले यौगिकों की घटना समावयवता कहलाती है।
प्रश्न 4. क्रोमैटोग्राफी क्या है?
मिश्रण के विभिन्न घटकों को उनके विभिन्न अवशोषण या वितरण के आधार पर अलग करने की विधि क्रोमैटोग्राफी कहलाती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. कार्बनिक यौगिकों की शोधन की तीन विधियाँ बताइए।
क्रिस्टलीकरण का उपयोग अशुद्ध ठोस पदार्थों को शुद्ध करने के लिए, आसवन का उपयोग द्रवों के पृथक्करण के लिए तथा क्रोमैटोग्राफी का उपयोग मिश्रण के घटकों के पृथक्करण एवं पहचान के लिए किया जाता है।
प्रश्न. कार्बनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख प्रकार लिखिए।
प्रतिस्थापन, योग, उन्मूलन और पुनर्विन्यास अभिक्रियाएँ कार्बनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख प्रकार हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. IUPAC नामकरण की मूल प्रक्रिया समझाइए।
सबसे लंबी कार्बन श्रृंखला को मूल शृंखला चुना जाता है। प्रमुख functional group की पहचान की जाती है। शृंखला को उस दिशा में क्रमांकित किया जाता है जिससे आवश्यक समूह को न्यूनतम लोकेंट मिले। उपस्थापकों के नाम और स्थान लिखकर अंत में मुख्य functional group के अनुरूप प्रत्यय लगाया जाता है।
प्रश्न. कार्बनिक यौगिकों की समावयवता को उदाहरण सहित समझाइए।
समान आण्विक सूत्र वाले यौगिकों की संरचना अलग हो तो संरचनात्मक समावयवता होती है। उदाहरण के लिए C₄H₁₀ के n-butane और isobutane संरचनात्मक समावयवी हैं। इसी प्रकार functional group और स्थान आधारित समावयवता के उदाहरण भी मिलते हैं।
प्रश्न. कार्बनिक यौगिकों के गुणात्मक एवं मात्रात्मक विश्लेषण में अंतर बताइए।
गुणात्मक विश्लेषण में यह निर्धारित किया जाता है कि यौगिक में कौन-कौन से तत्व उपस्थित हैं। मात्रात्मक विश्लेषण में उपस्थित तत्वों की मात्रा या प्रतिशत संघटन ज्ञात किया जाता है।
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इकाई 9 — हाइड्रोकार्बन (10 अंक)

1. हाइड्रोकार्बन

वे कार्बनिक यौगिक जिनमें केवल कार्बन और हाइड्रोजन उपस्थित होते हैं, हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।

2. वर्गीकरण

वर्गमुख्य बंधउदाहरण
ऐल्केनएकल बंधCH₄
ऐल्कीनद्विबंधC₂H₄
ऐल्काइनत्रिबंधC₂H₂
ऐरोमैटिकसंयुग्मित/चक्रीय π प्रणालीबेंजीन

3. ऐल्केन

सामान्य सूत्र:

CₙH₂ₙ₊₂

ऐल्केन संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं।

4. ऐल्कीन

CₙH₂ₙ

इनमें कम से कम एक C=C द्विबंध होता है।

5. ऐल्काइन

CₙH₂ₙ₋₂

इनमें कम से कम एक C≡C त्रिबंध होता है।

6. बेंजीन

बेंजीन का आण्विक सूत्र C₆H₆ है और यह एक स्थिर ऐरोमैटिक चक्रीय यौगिक है।

7. ऐल्केन की प्रमुख अभिक्रिया

CH₄+Cl₂ → CH₃Cl+HCl

यह प्रकाश की उपस्थिति में प्रतिस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है।

8. ऐल्कीन की योग अभिक्रियाएँ

CH₂=CH₂ + H₂ → CH₃−CH₃
CH₂=CH₂ + Br₂ → CH₂Br−CH₂Br

9. ऐल्काइन

ऐल्काइन योग अभिक्रियाएँ देते हैं और उनके त्रिबंध के कारण इनकी असंतृप्त प्रकृति होती है।

10. कैंसरजन्य गुण और विषाक्तता

कुछ हाइड्रोकार्बन तथा उनके उत्पाद स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। कुछ बहु-चक्रीय ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन कैंसरजन्य प्रभाव से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए इनके संपर्क और धुएँ से बचाव आवश्यक है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. हाइड्रोकार्बन क्या हैं?
केवल कार्बन और हाइड्रोजन से बने कार्बनिक यौगिक हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।
प्रश्न 2. ऐल्केन का सामान्य सूत्र लिखिए।
CₙH₂ₙ₊₂
प्रश्न 3. ऐल्कीन क्या है?
ऐसे असंतृप्त हाइड्रोकार्बन जिनमें कम से कम एक C=C द्विबंध होता है, ऐल्कीन कहलाते हैं।
प्रश्न 4. बेंजीन का आण्विक सूत्र क्या है?
C₆H₆

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. ऐल्केन, ऐल्कीन और ऐल्काइन में अंतर बताइए।
ऐल्केन संतृप्त होते हैं और उनमें C−C एकल बंध होते हैं; सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है। ऐल्कीन में C=C द्विबंध और सूत्र CₙH₂ₙ है। ऐल्काइन में C≡C त्रिबंध और सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ है।
प्रश्न. ऐल्कीन की योग अभिक्रिया क्या है?
ऐल्कीन के द्विबंध पर परमाणुओं या समूहों का जुड़ना योग अभिक्रिया है। उदाहरण:
CH₂=CH₂+H₂→CH₃−CH₃

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में अंतर बताइए।
संतृप्त हाइड्रोकार्बन में केवल C−C एकल बंध होते हैं, जैसे ऐल्केन। असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में एक या अधिक द्विबंध या त्रिबंध होते हैं, जैसे ऐल्कीन और ऐल्काइन। असंतृप्त यौगिक सामान्यतः योग अभिक्रियाएँ देते हैं जबकि संतृप्त यौगिक सामान्यतः प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ देते हैं।
प्रश्न. ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन की विशेषताएँ बताइए।
ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन में चक्रीय, समतलीय और संयुग्मित π इलेक्ट्रॉन प्रणाली होती है। बेंजीन इसका प्रमुख उदाहरण है। ये विशिष्ट स्थिरता प्रदर्शित करते हैं और सामान्यतः प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ देते हैं।
प्रश्न. CH₂=CH₂ + H₂ अभिक्रिया को समझाइए।
एथीन के C=C द्विबंध पर H₂ जुड़ता है। निकेल, प्लैटिनम या पैलेडियम जैसे उत्प्रेरक की उपस्थिति में:
CH₂=CH₂+H₂→CH₃−CH₃
इसमें एथीन से एथेन बनता है। यह योग और हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया है।
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कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान — वस्तुनिष्ठ प्रश्न बैंक

सही विकल्प — उत्तर सहित

  1. एक मोल में कणों की संख्या होती है — 6.022×10²³
  2. बल का SI मात्रक — न्यूटन नहीं, बल्कि रसायन विज्ञान में द्रव्यमान का SI मात्रक kg है।
  3. परमाणु के केंद्र में स्थित कण — प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
  4. आधुनिक आवर्त नियम आधारित है — परमाणु क्रमांक पर
  5. NaCl में बंध है — आयनिक बंध
  6. CH₄ में कार्बन का संकरण — sp³
  7. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम — ऊर्जा संरक्षण से संबंधित
  8. pH का सूत्र — −log[H⁺]
  9. ऑक्सीकरण में — इलेक्ट्रॉन का त्याग
  10. ऐल्केन का सामान्य सूत्र — CₙH₂ₙ₊₂
  11. ऐल्कीन का सामान्य सूत्र — CₙH₂ₙ
  12. बेंजीन का सूत्र — C₆H₆

रिक्त स्थान — उत्तर सहित

  1. एक मोल में ________ कण होते हैं। — 6.022×10²³
  2. आधुनिक आवर्त सारणी में ________ समूह हैं। — 18
  3. आवर्त सारणी में ________ आवर्त हैं। — 7
  4. NaCl में ________ बंध पाया जाता है। — आयनिक
  5. CH₄ में कार्बन का संकरण ________ है। — sp³
  6. pH = ________। — −log[H⁺]
  7. रेडॉक्स अभिक्रिया में ऑक्सीकरण और ________ साथ-साथ होते हैं। — अपचयन
  8. ऐल्केन का सामान्य सूत्र ________ है। — CₙH₂ₙ₊₂

सत्य / असत्य — उत्तर सहित

  1. एक मोल में 6.022×10²³ कण होते हैं। — सत्य
  2. इलेक्ट्रॉन धनावेशित होता है। — असत्य
  3. आधुनिक आवर्त नियम परमाणु क्रमांक पर आधारित है। — सत्य
  4. NaCl में सहसंयोजक बंध होता है। — असत्य
  5. VSEPR सिद्धांत इलेक्ट्रॉन युग्म प्रतिकर्षण से संबंधित है। — सत्य
  6. ΔG<0 पर प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित हो सकता है। — सत्य
  7. ऑक्सीकरण में इलेक्ट्रॉन का ग्रहण होता है। — असत्य
  8. ऐल्कीन संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं। — असत्य

सही जोड़ी — उत्तर सहित

कॉलम Aकॉलम B
1. अवोगाद्रो संख्या6.022×10²³
2. आधुनिक आवर्त नियमपरमाणु क्रमांक
3. NaClआयनिक बंध
4. CH₄sp³ संकरण
5. ΔGगिब्ज ऊर्जा
6. KMnO₄ में Mn+7
7. C₂H₄ऐल्कीन
8. C₂H₂ऐल्काइन

एक वाक्य में उत्तर — उत्तर सहित

  1. मोल क्या है? — 6.022×10²³ कणों वाली पदार्थ की मात्रा।
  2. परमाणु क्रमांक क्या है? — नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या।
  3. आवर्तिता क्या है? — परमाणु क्रमांक बढ़ने पर गुणों की आवर्ती पुनरावृत्ति।
  4. रासायनिक बंध क्या है? — परमाणुओं के बीच आकर्षण जो उन्हें स्थिर रखता है।
  5. एन्थैल्पी क्या है? — H=U+PV द्वारा दी गई ऊष्मागतिक अवस्था राशि।
  6. रेडॉक्स अभिक्रिया क्या है? — जिसमें ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों होते हैं।
  7. समावयवता क्या है? — समान आण्विक सूत्र वाले भिन्न संरचना/व्यवस्था के यौगिकों की घटना।
  8. ऐल्केन क्या है? — संतृप्त हाइड्रोकार्बन जिनका सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है।
  9. ऐल्कीन क्या है? — द्विबंध वाले असंतृप्त हाइड्रोकार्बन।
  10. ऐल्काइन क्या है? — त्रिबंध वाले असंतृप्त हाइड्रोकार्बन।

महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न — मॉडल उत्तर सहित

प्रश्न 1. 0.5 mol O₂ में अणुओं की संख्या ज्ञात कीजिए।
N=nNA
=0.5×6.022×10²³
=3.011×10²³ अणु
प्रश्न 2. 44 g CO₂ में कितने मोल हैं?
CO₂ का मोलर द्रव्यमान=44 g mol⁻¹
n=44/44
=1 mol
प्रश्न 3. 0.25 mol NaOH का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
NaOH का मोलर द्रव्यमान=23+16+1=40 g mol⁻¹
m=nM
=0.25×40
=10 g
प्रश्न 4. H₂O में ऑक्सीजन का प्रतिशत संघटन ज्ञात कीजिए।
H₂O का मोलर द्रव्यमान=18
O का द्रव्यमान=16
%=16/18×100
88.89%
प्रश्न 5. किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान 23 है। उसके 2 mol का द्रव्यमान कितना होगा?
m=nM
=2×23
=46 g
प्रश्न 6. यदि [H⁺]=10⁻³ M, तो pH ज्ञात कीजिए।
pH=−log[H⁺]
=−log10⁻³
=3
प्रश्न 7. MnO₄⁻ में Mn की ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात करें।
x+4(−2)=−1
x−8=−1
=+7
प्रश्न 8. यदि ΔH=50 kJ mol⁻¹ और ΔS=0.1 kJ K⁻¹ mol⁻¹, T=500 K हो, तो ΔG ज्ञात कीजिए।
ΔG=ΔH−TΔS
=50−500(0.1)
=50−50
=0 kJ mol⁻¹
अतः इस तापमान पर साम्यावस्था की स्थिति है।

4 अंक के अत्यंत महत्वपूर्ण संभावित प्रश्न — पूरे पाठ्यक्रम से

1. मोल संकल्पना एवं स्टॉइकियोमेट्री को उदाहरण सहित समझाइए।
मोल पदार्थ की ऐसी मात्रा है जिसमें 6.022×10²³ कण होते हैं। किसी पदार्थ के मोल n=m/M से ज्ञात किए जाते हैं। संतुलित रासायनिक समीकरण से अभिकारक और उत्पादों के बीच मोल अनुपात प्राप्त होता है और इसी आधार पर द्रव्यमान, मोल तथा कणों की गणना की जाती है।
2. बोर मॉडल की मुख्य मान्यताएँ एवं सीमाएँ लिखिए।
बोर ने निश्चित ऊर्जा स्तरों और स्थिर कक्षाओं की संकल्पना दी। इलेक्ट्रॉन स्थिर कक्षा में ऊर्जा नहीं विकिरित करते तथा कक्षा परिवर्तन पर ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण करते हैं। इसकी सीमाओं में बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं की व्याख्या न कर पाना और सूक्ष्म स्पेक्ट्रम प्रभावों को न समझा पाना शामिल है।
3. आधुनिक आवर्त सारणी में आवर्तिता को समझाइए।
आधुनिक आवर्त सारणी परमाणु क्रमांक पर आधारित है। आवर्त में परमाणु त्रिज्या सामान्यतः घटती जबकि आयनन एन्थैल्पी और वैद्युत ऋणात्मकता सामान्यतः बढ़ती है। समूह में नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ता है और आयनन एन्थैल्पी एवं वैद्युत ऋणात्मकता सामान्यतः घटती है।
4. रासायनिक बंध के विभिन्न प्रकारों का तुलनात्मक वर्णन कीजिए।
आयनिक बंध इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से बनता है। सहसंयोजक बंध इलेक्ट्रॉन साझेदारी से बनता है। धात्विक बंध धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉनों के कारण होता है। हाइड्रोजन बंध अपेक्षाकृत कमजोर आकर्षण है जो H और अधिक वैद्युतऋणात्मक परमाणु के बीच विकसित होता है।
5. ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम और गिब्ज ऊर्जा के बीच संबंध समझाइए।
प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण बताता है: ΔU=q+w। एन्थैल्पी H=U+PV से दी जाती है। नियत ताप और दाब पर स्वतः प्रवर्तिता के लिए ΔG=ΔH−TΔS का उपयोग होता है। ΔG ऋणात्मक होने पर प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित माना जाता है, जबकि ΔG=0 साम्यावस्था को दर्शाता है।
6. रासायनिक साम्य पर ले-शातेलिए सिद्धांत का प्रभाव समझाइए।
सांद्रता बढ़ाने पर साम्य उस पदार्थ की खपत वाली दिशा में खिसकता है। गैसीय साम्य में दाब बढ़ाने पर साम्य कम गैसीय मोल वाली दिशा में जाता है। तापमान परिवर्तन के लिए ऊष्माक्षेपी या ऊष्माशोषी प्रकृति का ध्यान रखना पड़ता है। उत्प्रेरक साम्य की स्थिति नहीं बदलता।
7. रेडॉक्स अभिक्रियाओं में ऑक्सीकरण संख्या की भूमिका समझाइए।
ऑक्सीकरण संख्या के परिवर्तन से पता लगाया जा सकता है कि कौन-सा तत्व ऑक्सीकृत और कौन-सा अपचयित हुआ। ऑक्सीकरण संख्या बढ़ना ऑक्सीकरण और घटना अपचयन दर्शाती है। इलेक्ट्रॉन संतुलन की सहायता से रेडॉक्स अभिक्रिया को संतुलित किया जा सकता है।
8. कार्बनिक यौगिकों की शोधन एवं विश्लेषण की विधियाँ बताइए।
क्रिस्टलीकरण, आसवन, अंशीय आसवन, उर्ध्वपातन और क्रोमैटोग्राफी शोधन के प्रमुख तरीके हैं। गुणात्मक विश्लेषण में तत्वों की पहचान और मात्रात्मक विश्लेषण में उनके प्रतिशत या मात्रा का निर्धारण किया जाता है।
9. ऐल्केन, ऐल्कीन और ऐल्काइन की संरचना एवं प्रमुख अभिक्रियाएँ समझाइए।
ऐल्केन संतृप्त होते हैं और उनका सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है। ऐल्कीन में C=C और सूत्र CₙH₂ₙ है तथा वे योग अभिक्रियाएँ देते हैं। ऐल्काइन में C≡C और सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ है। बेंजीन ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन का प्रमुख उदाहरण है।

कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान — अंतिम रिवीजन चेकलिस्ट

इकाई 1 — मूल अवधारणाएँ
मोल • मोलर द्रव्यमान • अवोगाद्रो संख्या • प्रतिशत संघटन • स्टॉइकियोमेट्री
इकाई 2 — परमाणु संरचना
अवपरमाण्विक कण • परमाणु मॉडल • बोर मॉडल • क्वांटम संख्याएँ
इकाई 3 — आवर्तिता
आधुनिक आवर्त नियम • ब्लॉक • परमाणु त्रिज्या • आयनन एन्थैल्पी
इकाई 4 — रासायनिक आबंधन
Lewis • आयनिक • सहसंयोजक • VSEPR • Hybridisation • H-bond
इकाई 5 — ऊष्मागतिकी
ΔU • ΔH • Hess law • Entropy • Gibbs energy • Spontaneity
इकाई 6 — साम्य
Kc • गतिशील साम्य • Le Chatelier • pH • Buffer
इकाई 7 — रेडॉक्स
Oxidation • Reduction • Oxidising agent • Reducing agent • Oxidation number
इकाई 8 — कार्बनिक रसायन
IUPAC • Isomerism • Reaction mechanism • Purification • Analysis
इकाई 9 — हाइड्रोकार्बन
Alkane • Alkene • Alkyne • Aromatic • Addition • Substitution
सबसे अधिक अंक वाले भाग: कार्बनिक रसायन (11), हाइड्रोकार्बन (10), परमाणु संरचना (09), ऊष्मागतिकी (09)। इन अध्यायों के साथ संख्यात्मक प्रश्न, संरचना, अभिक्रिया और सिद्धांत का विशेष अभ्यास करें।

पूरे पाठ्यक्रम से 50 अति महत्वपूर्ण प्रश्न — उत्तर सहित

  1. मोल क्या है?
    6.022×10²³ कणों वाली पदार्थ की मात्रा को एक मोल कहते हैं।
  2. अवोगाद्रो संख्या क्या है?
    6.022×10²³ mol⁻¹।
  3. द्रव्यमान संरक्षण का नियम लिखिए।
    रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है।
  4. डॉल्टन का सिद्धांत क्या है?
    पदार्थ परमाणुओं से बना है और परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में संयोजित होते हैं।
  5. मोलर द्रव्यमान क्या है?
    एक मोल पदार्थ का द्रव्यमान।
  6. रदरफोर्ड मॉडल की प्रमुख खोज क्या थी?
    परमाणु में छोटे, भारी, धनावेशित नाभिक का अस्तित्व।
  7. बोर मॉडल का एक प्रमुख सिद्धांत बताइए।
    इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों में रहते हैं।
  8. पॉली अपवर्जन सिद्धांत क्या है?
    किसी दो इलेक्ट्रॉनों की चारों क्वांटम संख्याएँ समान नहीं हो सकतीं।
  9. आधुनिक आवर्त नियम क्या है?
    तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन हैं।
  10. आवर्त में परमाणु त्रिज्या का रुझान क्या है?
    बाएँ से दाएँ सामान्यतः घटती है।
  11. समूह में परमाणु त्रिज्या का रुझान क्या है?
    ऊपर से नीचे सामान्यतः बढ़ती है।
  12. आयनिक बंध क्या है?
    विपरीत आवेशित आयनों के बीच आकर्षण से बना बंध।
  13. सहसंयोजक बंध क्या है?
    इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी से बना बंध।
  14. VSEPR सिद्धांत क्या है?
    इलेक्ट्रॉन युग्मों के प्रतिकर्षण से आण्विक आकृति निर्धारित होती है।
  15. CH₄ में संकरण क्या है?
    sp³।
  16. हाइड्रोजन बंध क्या है?
    H और अधिक वैद्युतऋणात्मक परमाणु के बीच विशेष आकर्षण।
  17. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम क्या है?
    ΔU=q+w।
  18. हेस का नियम क्या है?
    कुल एन्थैल्पी परिवर्तन मार्ग पर निर्भर नहीं करता।
  19. गिब्ज ऊर्जा का सूत्र क्या है?
    ΔG=ΔH−TΔS।
  20. ΔG<0 का क्या अर्थ है?
    प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित हो सकता है।
  21. रासायनिक साम्य क्या है?
    अग्रगामी और पश्चगामी अभिक्रियाओं की दर समान होने की अवस्था।
  22. गतिशील साम्य क्या है?
    साम्यावस्था में दोनों विपरीत अभिक्रियाएँ समान दर से चलती रहती हैं।
  23. ले-शातेलिए सिद्धांत क्या है?
    साम्य तंत्र लगाए गए परिवर्तन के प्रभाव को कम करने वाली दिशा में खिसकता है।
  24. pH का सूत्र क्या है?
    pH=−log[H⁺]।
  25. बफर विलयन क्या है?
    वह विलयन जो pH में बड़े परिवर्तन का विरोध करता है।
  26. ऑक्सीकरण क्या है?
    इलेक्ट्रॉन का त्याग या ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि।
  27. अपचयन क्या है?
    इलेक्ट्रॉन का ग्रहण या ऑक्सीकरण संख्या में कमी।
  28. ऑक्सीकारक क्या है?
    जो दूसरे का ऑक्सीकरण करे और स्वयं अपचयित हो।
  29. अपचायक क्या है?
    जो दूसरे का अपचयन करे और स्वयं ऑक्सीकृत हो।
  30. कार्बन की चतुर्योजकता क्या है?
    कार्बन चार सहसंयोजक बंध बना सकता है।
  31. श्रृंखलन क्या है?
    कार्बन परमाणुओं के आपस में जुड़कर श्रृंखला बनाने का गुण।
  32. समावयवता क्या है?
    समान आण्विक सूत्र वाले अलग संरचना/व्यवस्था वाले यौगिकों की घटना।
  33. IUPAC नामकरण क्यों आवश्यक है?
    कार्बनिक यौगिकों को विश्वभर में एक समान व्यवस्थित नाम देने के लिए।
  34. क्रिस्टलीकरण का उपयोग क्या है?
    अशुद्ध ठोस पदार्थों को शुद्ध करने के लिए।
  35. क्रोमैटोग्राफी क्या है?
    मिश्रण के घटकों को अलग करने की विधि।
  36. हाइड्रोकार्बन क्या हैं?
    केवल कार्बन और हाइड्रोजन से बने यौगिक।
  37. ऐल्केन का सामान्य सूत्र क्या है?
    CₙH₂ₙ₊₂।
  38. ऐल्कीन का सामान्य सूत्र क्या है?
    CₙH₂ₙ।
  39. ऐल्काइन का सामान्य सूत्र क्या है?
    CₙH₂ₙ₋₂।
  40. बेंजीन का सूत्र क्या है?
    C₆H₆।
  41. ऐल्केन की प्रमुख अभिक्रिया कौन-सी है?
    प्रतिस्थापन अभिक्रिया।
  42. ऐल्कीन की प्रमुख अभिक्रिया कौन-सी है?
    योग अभिक्रिया।
  43. ऐल्कीन का हाइड्रोजनीकरण क्या है?
    द्विबंध पर H₂ का जुड़ना जिससे संतृप्त ऐल्केन बनता है।
  44. समावयवी क्या हैं?
    समान आण्विक सूत्र परंतु अलग संरचना/व्यवस्था वाले यौगिक।
  45. ऑक्सीकरण संख्या क्या है?
    किसी यौगिक में परमाणु पर आरोपित काल्पनिक आवेश।
  46. आयनन एन्थैल्पी क्या है?
    गैसीय परमाणु से इलेक्ट्रॉन हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा।
  47. वैद्युत ऋणात्मकता क्या है?
    सहसंयोजक बंध में साझा इलेक्ट्रॉन युग्म को आकर्षित करने की प्रवृत्ति।
  48. एन्थैल्पी क्या है?
    H=U+PV द्वारा व्यक्त ऊष्मागतिक अवस्था राशि।
  49. रासायनिक साम्य को उत्प्रेरक कैसे प्रभावित करता है?
    उत्प्रेरक साम्य की स्थिति नहीं बदलता, केवल साम्य तक पहुँचने की गति बढ़ाता है।
  50. कार्बनिक विश्लेषण में qualitative analysis क्या है?
    यौगिक में कौन-कौन से तत्व उपस्थित हैं, यह ज्ञात करना।
  51. quantitative analysis क्या है?
    विभिन्न तत्वों की मात्रा या प्रतिशत ज्ञात करना।
  52. रासायनिक अभिक्रिया का संतुलन क्यों आवश्यक है?
    यह द्रव्यमान संरक्षण का पालन कराता है और स्टॉइकियोमेट्रिक गणनाओं के लिए सही अनुपात देता है।

कक्षा 11वीं Chemistry — परीक्षा में उत्तर लिखने की रणनीति

अंकउत्तर कैसे लिखें
01सटीक तथ्य, सूत्र, नाम, नियम या एक वाक्य।
02परिभाषा + सूत्र या दो मुख्य बिंदु।
03परिभाषा + सिद्धांत + उदाहरण/अभिक्रिया।
04परिभाषा + विस्तृत व्याख्या + सूत्र/अभिक्रिया + निष्कर्ष या numerical steps।
Numerical में हमेशा लिखें:
दिया है → ज्ञात करना है → सूत्र → मान स्थापित करना → गणना → इकाई → अंतिम उत्तर।

Organic Chemistry में: संरचना, नाम, functional group, reaction conditions तथा उत्पाद को स्पष्ट लिखें।

Inorganic/Physical में: नियम, प्रवृत्ति, सूत्र, इकाई और कारण अवश्य लिखें।
विशेष प्राथमिकता: 11 अंक — कार्बनिक रसायन, 10 अंक — हाइड्रोकार्बन, 09 अंक — परमाणु संरचना, 09 अंक — ऊष्मागतिकी। इन चार भागों के 2, 3 और 4 अंक वाले प्रश्नों के साथ संख्यात्मक एवं अभिक्रिया अभ्यास अनिवार्य रूप से करें।
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कक्षा 11वीं Chemistry • सरल नोट्स • सूत्र • अभिक्रियाएँ • Numerical • महत्वपूर्ण प्रश्न

अस्वीकरण (Disclaimer):

> 1. अध्ययन एवं अभ्यास उद्देश्य: इस पोस्ट में दी गई अंक योजना (Blueprint), पाठ्यक्रम, AI-जनरेटेड सरल नोट्स तथा अभ्यास प्रश्नोत्तर माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के नवीनतम दिशा-निर्देशों एवं NCERT पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, पुनरावलोकन और परीक्षा अभ्यास के लिए तैयार किए गए हैं।

> 2. प्रश्नोत्तर एवं संभावित प्रश्न: पोस्ट में शामिल सभी वस्तुनिष्ठ, लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर केवल मॉडल/अभ्यास प्रश्न (Practice Questions) हैं। यह बोर्ड/वार्षिक परीक्षा का कोई आधिकारिक प्रश्नपत्र नहीं है और न ही परीक्षा में हूबहू यही प्रश्न पूछे जाने का कोई दावा किया जाता है।

> 3. उत्तरों का सत्यापन: यद्यपि सभी उत्तरों, सूत्रों, रासायनिक समीकरणों एवं गणनाओं को सटीक और त्रुटिरहित रखने का पूर्ण प्रयास किया गया है, फिर भी विद्यार्थी किसी भी तकनीकी या तथ्यात्मक संदेह की स्थिति में अपनी अधिकृत NCERT पाठ्यपुस्तकों तथा विषय शिक्षकों के मार्गदर्शन को ही अंतिम व सर्वमान्य आधार मानें।

> 4. आधिकारिक सूचना: परीक्षा कार्यक्रम, आंतरिक मूल्यांकन/प्रायोगिक परीक्षा, अंक योजना में किसी भी संभावित संशोधन अथवा आधिकारिक विज्ञप्ति के लिए सदैव माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी निर्देशों को ही अधिकृत माना जाए। 

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