MP Board Class 12th Chemistry Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 12वीं रसायन विज्ञान नोट्स, नाम अभिक्रियाएँ एवं अंक योजना
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं रसायन विज्ञान (Chemistry) की अद्यतन अंक योजना, AI-संचालित सरल नोट्स, महत्वपूर्ण नाम अभिक्रियाएँ (Name Reactions), रासायनिक समीकरण और अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।- MP Board Class 12th Chemistry Blueprint 2026-27
- Class 12th Chemistry Notes in Hindi MPBSE
- MP Board 12th Chemistry Important Name Reactions
- कक्षा 12वीं रसायन विज्ञान नोट्स एवं महत्वपूर्ण अभिक्रियाएँ
- MPBSE 12th Chemistry Model Paper and Numerical Questions 2026-27
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 12वीं [विषय: रसायन विज्ञान] अध्ययन सामग्री
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। रसायन विज्ञान (Chemistry) एक ऐसा विषय है जिसमें भौतिक रसायन (Physical), अकार्बनिक रसायन (Inorganic) और कार्बनिक रसायन (Organic) के बीच संतुलन बनाकर व्यवस्थित अध्ययन करने से शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को सुगम, सटीक और व्यवस्थित बनाने के लिए यहाँ कक्षा 12वीं रसायन विज्ञान की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, महत्वपूर्ण नाम अभिक्रियाएँ (Name Reactions), परिवर्तन (Conversions) और परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कक्षा 12वीं रसायन शास्त्र
सरल नोट्स, महत्वपूर्ण अभिक्रियाएँ एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27
पूर्णांक — 70 | समय — 3:00 घंटे
अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना
| प्रश्न | प्रकार | प्रश्न | प्रति प्रश्न | अंक |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सही विकल्प | 06 | 1 | 06 |
| 2 | रिक्त स्थान | 06 | 1 | 06 |
| 3 | सत्य/असत्य | 06 | 1 | 06 |
| 4 | सही जोड़ी | 05 | 1 | 05 |
| 5 | एक वाक्य में उत्तर | 05 | 1 | 05 |
| 6–12 | लघु उत्तरीय | 07 | 2 | 14 |
| 13–16 | मध्यम उत्तरीय | 04 | 3 | 12 |
| 17–20 | दीर्घ उत्तरीय | 04 | 4 | 16 |
| कुल | 70 | |||
इकाई 01 — विलयन (07 अंक)
1. विलयन का अर्थ
दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण विलयन कहलाता है। इसमें अधिक मात्रा वाला घटक विलायक तथा कम मात्रा वाला घटक विलेय कहलाता है।
2. विलयनों के प्रकार
| प्रकार | उदाहरण |
|---|---|
| ठोस में ठोस | पीतल |
| ठोस में द्रव | पानी में नमक |
| द्रव में द्रव | जल में एथेनॉल |
| गैस में द्रव | जल में CO₂ |
| गैस में गैस | वायु |
3. सांद्रता व्यक्त करने के तरीके
द्रव्यमान प्रतिशत:
मोल अंश:
मोलरता:
मोललता:
4. विलेयता
किसी निश्चित तापमान पर एक निश्चित मात्रा के विलायक में घुल सकने वाले विलेय की अधिकतम मात्रा को उसकी विलेयता कहते हैं।
5. राउल्ट का नियम
आदर्श विलयन में किसी वाष्पशील घटक का आंशिक वाष्प दाब उसके मोल अंश के समानुपाती होता है।
6. आदर्श एवं अनादर्श विलयन
आदर्श विलयन: राउल्ट के नियम का सभी सांद्रताओं पर पालन करते हैं तथा मिश्रण की एन्थैल्पी और आयतन परिवर्तन लगभग शून्य होते हैं।
अनादर्श विलयन: राउल्ट के नियम से धनात्मक या ऋणात्मक विचलन दर्शाते हैं।
7. अणुसंख्य गुणधर्म
वे गुण जो विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करते हैं, विलेय की प्रकृति पर नहीं, अणुसंख्य गुणधर्म कहलाते हैं।
- वाष्प दाब का सापेक्ष अवनमन
- क्वथनांक में उन्नयन
- हिमांक में अवनमन
- परासरण दाब
8. क्वथनांक में उन्नयन
9. हिमांक में अवनमन
10. परासरण दाब
11. असामान्य मोलर द्रव्यमान
यदि विलेय का संघटन या वियोजन हो जाए तो प्रयोग से प्राप्त मोलर द्रव्यमान वास्तविक मान से भिन्न हो सकता है। इसे असामान्य मोलर द्रव्यमान कहते हैं।
2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
3 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
4 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
आयतन = 0.5 L
M = 0.05/0.5 = 0.1 M
इकाई 02 — वैद्युतरसायन (09 अंक)
1. वैद्युत रासायनिक सेल
वह युक्ति जिसमें रासायनिक ऊर्जा और विद्युत ऊर्जा का परस्पर रूपांतरण होता है, वैद्युत रासायनिक सेल कहलाती है।
2. गैल्वैनी सेल
गैल्वैनी सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। इसमें ऑक्सीकरण एनोड पर और अपचयन कैथोड पर होता है।
3. सेल विभव
4. नेर्न्स्ट समीकरण
यह सूत्र 25°C पर प्रयुक्त किया जाता है।
5. चालकत्व
प्रतिरोध R: विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध।
चालकत्व G: प्रतिरोध का व्युत्क्रम।
6. विशिष्ट चालकता
7. मोलर चालकता
8. कोहलरॉश का नियम
अनंत तनुता पर किसी इलेक्ट्रोलाइट की मोलर चालकता उसके आयनों की स्वतंत्र आयनिक चालकताओं के योग के बराबर होती है।
9. विद्युतअपघटन
विद्युत धारा की सहायता से किसी इलेक्ट्रोलाइट का रासायनिक अपघटन विद्युतअपघटन कहलाता है।
10. फैराडे के नियम
11. बैटरियाँ
सेलों का संयोजन बैटरी कहलाता है। प्राथमिक बैटरी एक बार के उपयोग के लिए तथा द्वितीयक बैटरी पुनः आवेशित की जा सकती है।
12. ईंधन सेल
ईंधन सेल रासायनिक ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में बदलता है। हाइड्रोजन-ऑक्सीजन ईंधन सेल इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है।
13. संक्षारण
धातु का अपने वातावरण के साथ रासायनिक या वैद्युतरासायनिक अभिक्रिया द्वारा धीरे-धीरे नष्ट होना संक्षारण कहलाता है।
2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
3 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
4 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
इकाई 03 — रासायनिक बलगतिकी (07 अंक)
1. रासायनिक अभिक्रिया का वेग
किसी अभिक्रिया में अभिकारक या उत्पाद की सांद्रता में प्रति इकाई समय परिवर्तन अभिक्रिया का वेग कहलाता है।
2. वेग को प्रभावित करने वाले कारक
- अभिकारकों की प्रकृति
- सांद्रता
- तापमान
- दाब
- उत्प्रेरक
- पृष्ठीय क्षेत्रफल
3. वेग नियम
4. प्रथम कोटि अभिक्रिया
5. प्रथम कोटि की अर्ध-आयु
6. शून्य कोटि अभिक्रिया
7. तापमान का प्रभाव
तापमान बढ़ाने पर सामान्यतः अभिक्रिया वेग बढ़ता है।
8. आरेनियस समीकरण
9. संघट्ट सिद्धांत
अभिक्रिया तभी होती है जब अभिकारक कणों के बीच प्रभावी संघट्ट हो और उनके पास आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा तथा उचित अभिविन्यास हो।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 04 — d- एवं f-ब्लॉक के तत्व (07 अंक)
1. d-ब्लॉक तत्व
वे तत्व जिनमें अंतिम इलेक्ट्रॉन d-उपकक्षा में प्रवेश करता है, d-ब्लॉक तत्व कहलाते हैं।
2. संक्रमण तत्व
वे तत्व जिनके परमाणु या आयनों में आंशिक रूप से भरी हुई d-उपकक्षा होती है, संक्रमण तत्व कहलाते हैं।
3. सामान्य गुण
- परिवर्ती ऑक्सीकरण अवस्थाएँ
- रंगीन आयन
- समिश्र यौगिक बनाने की प्रवृत्ति
- उत्प्रेरक गुण
- चुंबकीय गुण
- मिश्रधातु निर्माण
4. महत्वपूर्ण यौगिक
पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO₄) और पोटैशियम डाइक्रोमेट (K₂Cr₂O₇) महत्वपूर्ण संक्रमण तत्व यौगिक हैं।
5. लैन्थेनॉयड
लैन्थेनॉयड 4f श्रेणी के तत्व हैं। इनमें सामान्यतः +3 ऑक्सीकरण अवस्था प्रमुख होती है।
6. एक्टिनॉयड
एक्टिनॉयड 5f श्रेणी के तत्व हैं। अधिकांश रेडियोधर्मी होते हैं।
7. लैन्थेनॉयड संकुचन
लैन्थेनॉयड श्रेणी में परमाणु या आयनिक त्रिज्या का क्रमिक कम होना लैन्थेनॉयड संकुचन कहलाता है।
8. अनुप्रयोग
- उत्प्रेरक
- मिश्रधातु निर्माण
- चुंबकीय पदार्थ
- रंग एवं पिगमेंट
- नाभिकीय ऊर्जा
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 05 — उपसहसंयोजन यौगिक (07 अंक)
1. वर्नर का सिद्धांत
वर्नर के अनुसार धातु आयन की प्राथमिक तथा द्वितीयक संयोजकताएँ होती हैं। प्राथमिक संयोजकता आयनीकरण योग्य होती है, जबकि द्वितीयक संयोजकता सामान्यतः दिशात्मक होती है और समन्वय संख्या निर्धारित करती है।
2. प्रमुख पारिभाषिक शब्द
- केन्द्रीय धातु आयन
- लिगैंड
- समन्वय संख्या
- समन्वय मंडल
- अंदरूनी क्षेत्र
- बाहरी क्षेत्र
3. लिगैंड
ऐसा आयन या अणु जो अपने अकेले इलेक्ट्रॉन युग्म द्वारा केंद्रीय धातु आयन से समन्वय बंध बनाता है, लिगैंड कहलाता है।
4. समन्वय संख्या
केन्द्रीय धातु से सीधे जुड़े दाता परमाणुओं की संख्या समन्वय संख्या कहलाती है।
5. नामकरण
उपसहसंयोजन यौगिकों का नामकरण लिगैंड और केंद्रीय धातु की प्रकृति तथा ऑक्सीकरण अवस्था के आधार पर किया जाता है।
6. समावयवता
- आयनन समावयवता
- जलयोजित समावयवता
- लिंकेज समावयवता
- ज्यामितीय समावयवता
- प्रकाशीय समावयवता
7. समन्वय बंध
धातु और लिगैंड के बीच लिगैंड द्वारा इलेक्ट्रॉन युग्म दान करने से बनने वाला बंध समन्वय बंध कहलाता है।
8. धातु कार्बोनिल
कार्बन मोनोऑक्साइड को लिगैंड के रूप में रखने वाले धातु समिश्रों को धातु कार्बोनिल कहते हैं। इनमें σ-दाता और π-बैक बॉन्डिंग दोनों महत्वपूर्ण हैं।
9. महत्व एवं अनुप्रयोग
- जैविक प्रणालियों में
- धातु निष्कर्षण
- औषधि
- विश्लेषणात्मक रसायन
- उत्प्रेरक
- रंग और पिगमेंट
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 06 — हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन (06 अंक)
1. वर्गीकरण
एलिफेटिक हैलाइडों को मोनो, डाइ, पॉलीहैलाइड तथा प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक ऐल्किल हैलाइडों में वर्गीकृत किया जाता है।
2. नामपद्धति
हैलोजन को fluoro, chloro, bromo, iodo उपसर्गों से व्यक्त किया जाता है।
3. C–X बंध की प्रकृति
हैलोजन की विद्युतऋणात्मकता अधिक होने के कारण C–X बंध ध्रुवीय होता है।
4. ऐल्किल हैलाइडों का विरचन
- ऐल्कोहॉल से
- हैलोजन से प्रतिस्थापन
- हैलोजन का योग
5. हैलोएरीनों का विरचन
एरोमैटिक हाइड्रोकार्बनों के electrophilic substitution द्वारा हैलोएरीन बनाए जा सकते हैं।
6. भौतिक गुण
अधिकांश हैलोऐल्केन जल में कम घुलनशील और कार्बनिक विलायकों में अधिक घुलनशील होते हैं।
7. प्रमुख रासायनिक अभिक्रियाएँ
नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन: R–X + Nu⁻ → R–Nu + X⁻
उन्मूलन: अल्कीन का निर्माण हो सकता है।
8. पॉलिहैलोजन यौगिक
दो या अधिक हैलोजन परमाणु वाले यौगिक पॉलिहैलोजन यौगिक कहलाते हैं। इनके कुछ औद्योगिक और औषधीय महत्व हैं, जबकि कुछ पर्यावरणीय दृष्टि से हानिकारक हो सकते हैं।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 07 — ऐल्कोहॉल, फीनॉल एवं ईथर (06 अंक)
1. ऐल्कोहॉल
ऐसे कार्बनिक यौगिक जिनमें –OH समूह संतृप्त कार्बन से जुड़ा हो, ऐल्कोहॉल कहलाते हैं।
2. वर्गीकरण
- एकहाइड्रिक, द्विहाइड्रिक, बहुहाइड्रिक
- प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक
3. फीनॉल
जब –OH समूह सीधे बेंजीन वलय के कार्बन से जुड़ा हो तो यौगिक फीनॉल कहलाता है।
4. ईथर
R–O–R′ संरचना वाले यौगिक ईथर कहलाते हैं।
5. ऐल्कोहॉल का विरचन
- अल्कीन का जलयोजन
- हैलोऐल्केन का जल अपघटन
- एल्डिहाइड/कीटोन का अपचयन
6. फीनॉल का विरचन
क्यूमीन प्रक्रिया सहित विभिन्न औद्योगिक विधियों से फीनॉल बनाया जा सकता है।
7. प्रमुख रासायनिक अभिक्रियाएँ
ऐल्कोहॉल ऑक्सीकरण, निर्जलीकरण, एस्टरीकरण आदि अभिक्रियाएँ करते हैं।
फीनॉल में electrophilic substitution आसानी से होती है।
8. औद्योगिक महत्व
मेथेनॉल, एथेनॉल और फीनॉल का उपयोग विलायक, ईंधन, औषधि, रेजिन, कीटाणुनाशक आदि में होता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
2. निर्जलीकरण: ROH → Alkene + H₂O
3. ऑक्सीकरण: प्राथमिक ऐल्कोहॉल → एल्डिहाइड → अम्ल
4. एस्टरीकरण: ROH + R′COOH ⇌ R′COOR + H₂O
इकाई 08 — ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल (08 अंक)
1. कार्बोनिल समूह
ऐल्डिहाइड और कीटोन में उपस्थित C=O समूह को कार्बोनिल समूह कहते हैं।
2. ऐल्डिहाइड
R–CHO सामान्य संरचना वाले यौगिक ऐल्डिहाइड कहलाते हैं।
3. कीटोन
R–CO–R′ सामान्य संरचना वाले यौगिक कीटोन कहलाते हैं।
4. विरचन
- प्राथमिक ऐल्कोहॉल के नियंत्रित ऑक्सीकरण से ऐल्डिहाइड
- द्वितीयक ऐल्कोहॉल के ऑक्सीकरण से कीटोन
- अन्य कार्बनिक विधियाँ
5. प्रमुख रासायनिक अभिक्रियाएँ
न्यूक्लियोफिलिक योग: कार्बोनिल समूह पर नाभिकस्नेही का योग।
ऑक्सीकरण: ऐल्डिहाइड आसानी से कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकृत होते हैं।
अपचयन: ऐल्डिहाइड एवं कीटोन क्रमशः ऐल्कोहॉल देते हैं।
6. टॉलेंस परीक्षण
ऐल्डिहाइड टॉलेंस अभिकर्मक को अपचयित करके रजत दर्पण उत्पन्न करते हैं।
7. फेहलिंग परीक्षण
कई ऐलिफैटिक ऐल्डिहाइड फेहलिंग विलयन को लाल Cu₂O अवक्षेप में बदलते हैं।
8. कार्बोक्सिलिक अम्ल
–COOH समूह वाले कार्बनिक यौगिक कार्बोक्सिलिक अम्ल कहलाते हैं।
9. अम्लता
कार्बोक्सिलिक अम्ल H⁺ देने में सक्षम होते हैं। कार्बोक्सिलेट आयन अनुनाद के कारण स्थिर होता है।
10. प्रमुख अभिक्रियाएँ
- लवण निर्माण
- एस्टरीकरण
- अपचयन
- डीकार्बॉक्सीलेशन
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
उत्पाद: एथाइल एथेनोएट (एस्टर)
इकाई 09 — ऐमीन (06 अंक)
1. संरचना एवं वर्गीकरण
अमोनिया के हाइड्रोजन परमाणुओं को ऐल्किल या एरिल समूहों से प्रतिस्थापित करने पर प्राप्त यौगिक ऐमीन कहलाते हैं।
| प्रकार | सामान्य रूप |
|---|---|
| प्राथमिक | RNH₂ |
| द्वितीयक | R₂NH |
| तृतीयक | R₃N |
2. ऐमीनों का विरचन
- नाइट्रो यौगिकों का अपचयन
- हैलोऐल्केन का अमोनिया से अभिक्रिया
- गैब्रियल संश्लेषण
- हॉफमैन ब्रोमामाइड अभिक्रिया
3. भौतिक गुण
निम्न आणविक द्रव्यमान वाले ऐमीन जल में घुलनशील हो सकते हैं। उनके क्वथनांक संरचना और हाइड्रोजन बंधन से प्रभावित होते हैं।
4. क्षारीयता
नाइट्रोजन के lone pair के कारण ऐमीन प्रोटॉन ग्रहण कर सकते हैं और क्षारीय व्यवहार प्रदर्शित करते हैं।
5. डाइएजोनियम लवण
प्राथमिक सुगंधित ऐमीन की नाइट्रस अम्ल के साथ निम्न तापमान पर अभिक्रिया से एरिल डाइएजोनियम लवण बनते हैं।
6. डाइएजोनियम लवणों की अभिक्रियाएँ
- Sandmeyer reaction
- Gattermann reaction
- युग्मन अभिक्रिया
- हाइड्रोलिसिस
7. महत्व
डाइएजोनियम लवण विभिन्न सुगंधित यौगिकों, रंगों और अन्य कार्बनिक यौगिकों के संश्लेषण में महत्वपूर्ण मध्यवर्ती हैं।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 10 — जैव-अणु (07 अंक)
1. जैव-अणु
जीवित कोशिकाओं में पाए जाने वाले कार्बनिक यौगिक जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, न्यूक्लीक अम्ल आदि जैव-अणु कहलाते हैं।
2. कार्बोहाइड्रेट
कार्बोहाइड्रेट बहुहाइड्रॉक्सी एल्डिहाइड या कीटोन अथवा जल अपघटन पर ऐसे यौगिक देने वाले पदार्थ हैं।
3. वर्गीकरण
- मोनोसैकेराइड
- ओलिगोसैकेराइड
- पॉलीसैकेराइड
4. ग्लूकोज़
ग्लूकोज़ एक महत्वपूर्ण मोनोसैकेराइड है। यह ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है।
5. सुक्रोज
ग्लूकोज़ और फ्रक्टोज के संयोग से बना डिसैकेराइड सुक्रोज है।
6. प्रोटीन
अमीनो अम्लों से बने उच्च आणविक द्रव्यमान वाले जैव-अणु प्रोटीन कहलाते हैं। अमीनो अम्ल peptide bond द्वारा जुड़े होते हैं।
7. प्रोटीन की संरचना
- प्राथमिक
- द्वितीयक
- तृतीयक
- चतुर्थक
8. एन्जाइम
अधिकांश एन्जाइम प्रोटीन प्रकृति के जैव उत्प्रेरक हैं। वे शरीर में रासायनिक अभिक्रियाओं की दर बढ़ाते हैं।
9. विटामिन
जीवन के लिए आवश्यक ऐसे कार्बनिक सूक्ष्म पोषक पदार्थ जिन्हें शरीर पर्याप्त मात्रा में स्वयं नहीं बना पाता, विटामिन कहलाते हैं।
10. विटामिन के प्रकार
| विटामिन | घुलनशीलता | प्रमुख कार्य |
|---|---|---|
| A | वसा में | दृष्टि |
| B समूह | जल में | चयापचय |
| C | जल में | ऊतक एवं प्रतिरक्षा |
| D | वसा में | कैल्शियम अवशोषण |
| E | वसा में | एंटीऑक्सीडेंट भूमिका |
| K | वसा में | रक्त का थक्का बनना |
11. न्यूक्लीक अम्ल
DNA और RNA प्रमुख न्यूक्लीक अम्ल हैं। ये आनुवंशिक सूचना के भंडारण और संचरण से संबंधित हैं।
12. न्यूक्लियोटाइड
नाइट्रोजनी क्षार + शर्करा + फॉस्फेट समूह मिलकर न्यूक्लियोटाइड बनाते हैं।
13. हार्मोन
अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहक पदार्थ हार्मोन कहलाते हैं। ये शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
ओलिगोसैकेराइड: जल अपघटन पर 2 से 10 मोनोसैकेराइड इकाइयाँ देते हैं; उदाहरण सुक्रोज।
पॉलीसैकेराइड: बड़ी संख्या में मोनोसैकेराइड इकाइयों से बने होते हैं; उदाहरण स्टार्च, सेल्यूलोज।
कक्षा 12वीं रसायन शास्त्र — अत्यंत महत्वपूर्ण सूत्र
| इकाई | सूत्र |
|---|---|
| विलयन | M = मोल/लीटर विलयन |
| विलयन | m = मोल/kg विलायक |
| अणुसंख्य | ΔTb = Kbm |
| अणुसंख्य | ΔTf = Kfm |
| अणुसंख्य | π = CRT |
| विद्युतरसायन | E°cell = E°cathode − E°anode |
| विद्युतरसायन | E = E° − (0.0591/n) logQ |
| चालकत्व | G = 1/R |
| मोलर चालकता | Λm = κ×1000/M |
| फैराडे नियम | m = ZIt |
| गतिकी | Rate = k[A]m[B]n |
| प्रथम कोटि | k = (2.303/t)log[a/(a−x)] |
| प्रथम कोटि | t₁/₂ = 0.693/k |
| शून्य कोटि | [R] = [R]₀ − kt |
| आरेनियस | k = Ae−Eₐ/RT |
अत्यंत महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न — उत्तर सहित
सही विकल्प
- मोलरता का मात्रक है— mol L⁻¹
- परासरण दाब का सूत्र है— π = CRT
- गैल्वैनी सेल में ऑक्सीकरण होता है— एनोड पर
- प्रथम कोटि अभिक्रिया की अर्ध-आयु है— 0.693/k
- KMnO₄ है— संक्रमण तत्व का महत्वपूर्ण यौगिक
- लिगैंड अपना इलेक्ट्रॉन युग्म देता है— केंद्रीय धातु को
- SN2 अभिक्रिया होती है— एक चरण में
- फीनॉल में –OH समूह जुड़ा होता है— बेंजीन वलय से सीधे
- टॉलेंस अभिकर्मक को अपचयित करता है— ऐल्डिहाइड
- डाइएजोनियम लवण का महत्वपूर्ण उपयोग है— सुगंधित यौगिकों का संश्लेषण
- प्रोटीन की मूल इकाई है— अमीनो अम्ल
- DNA में शर्करा है— डीऑक्सीराइबोज
रिक्त स्थान — उत्तर सहित
- विलेय के मोल प्रति लीटर विलयन को ________ कहते हैं। — मोलरता
- विलेय के मोल प्रति kg विलायक को ________ कहते हैं। — मोललता
- गैल्वैनी सेल में ________ एनोड पर होता है। — ऑक्सीकरण
- पहले क्रम की अभिक्रिया की अर्ध-आयु ________ होती है। — 0.693/k
- CO कार्बोनिल यौगिकों में ________ समूह है। — लिगैंड
- p-प्रकार अर्धचालक में ________ बहुसंख्यक होते हैं। — होल
- ऐल्डिहाइड में ________ समूह उपस्थित होता है। — –CHO
- फीनॉल का सूत्र ________ है। — C₆H₅OH
- DNA की शर्करा ________ है। — डीऑक्सीराइबोज
- प्रोटीन में ________ बंध पाया जाता है। — पेप्टाइड
सत्य / असत्य — उत्तर सहित
- मोलरता तापमान पर निर्भर करती है। — सत्य
- मोललता तापमान से स्वतंत्र मानी जाती है। — सत्य
- गैल्वैनी सेल में कैथोड पर ऑक्सीकरण होता है। — असत्य
- उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को प्रभावित करता है। — सत्य
- सभी d-ब्लॉक तत्व संक्रमण तत्व होते हैं। — असत्य
- लिगैंड केंद्रीय धातु को इलेक्ट्रॉन युग्म देता है। — सत्य
- SN1 अभिक्रिया में कार्बोकैटायन मध्यवर्ती बन सकता है। — सत्य
- फीनॉल साधारण ऐल्कोहॉल से अधिक अम्लीय है। — सत्य
- कीटोन टॉलेंस परीक्षण हमेशा देते हैं। — असत्य
- DNA एक न्यूक्लीक अम्ल है। — सत्य
सही जोड़ी — उत्तर सहित
| कॉलम A | कॉलम B |
|---|---|
| 1. राउल्ट नियम | वाष्प दाब |
| 2. नेर्न्स्ट समीकरण | सेल विभव |
| 3. आरेनियस समीकरण | अभिक्रिया वेग |
| 4. वर्नर सिद्धांत | उपसहसंयोजन यौगिक |
| 5. टॉलेंस परीक्षण | ऐल्डिहाइड |
एक वाक्य में उत्तर
- विलयन क्या है? — दो या अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण।
- परासरण दाब का सूत्र क्या है? — π = CRT।
- गैल्वैनी सेल में ऑक्सीकरण कहाँ होता है? — एनोड पर।
- प्रथम कोटि की अर्ध-आयु का सूत्र क्या है? — 0.693/k।
- संक्रमण तत्व क्या हैं? — आंशिक रूप से भरी d-उपकक्षा वाले तत्व।
- लिगैंड क्या है? — केंद्रीय धातु को इलेक्ट्रॉन युग्म देने वाला आयन या अणु।
- फीनॉल क्या है? — बेंजीन वलय से सीधे जुड़ा –OH युक्त यौगिक।
- टॉलेंस परीक्षण किसके लिए है? — ऐल्डिहाइड के लिए।
- डाइएजोनियम लवण का प्रमुख उपयोग क्या है? — सुगंधित यौगिकों का संश्लेषण।
- DNA की शर्करा कौन-सी है? — डीऑक्सीराइबोज।
महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न — पूर्ण उत्तर सहित
आयतन = 0.5 L
M = 0.1/0.5 = 0.2 M
कक्षा 12वीं रसायन शास्त्र — 60 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न
- विलयन की परिभाषा एवं प्रकार लिखिए।
- मोलरता और मोललता में अंतर।
- राउल्ट का नियम लिखिए।
- आदर्श और अनादर्श विलयन।
- अणुसंख्य गुणधर्म क्या हैं?
- परासरण दाब समझाइए।
- असामान्य मोलर द्रव्यमान क्या है?
- गैल्वैनी सेल का सिद्धांत।
- नेर्न्स्ट समीकरण।
- मोलर चालकता।
- कोहलरॉश का नियम।
- फैराडे के विद्युतअपघटन नियम।
- ईंधन सेल।
- संक्षारण एवं उसकी रोकथाम।
- रासायनिक अभिक्रिया का वेग।
- वेग को प्रभावित करने वाले कारक।
- प्रथम कोटि अभिक्रिया।
- अर्ध-आयु।
- आरेनियस समीकरण।
- संघट्ट सिद्धांत।
- संक्रमण तत्वों की विशेषताएँ।
- लैन्थेनॉयड संकुचन।
- लैन्थेनॉयड और एक्टिनॉयड में अंतर।
- KMnO₄ के गुण।
- K₂Cr₂O₇ के गुण।
- वर्नर का सिद्धांत।
- लिगैंड एवं समन्वय संख्या।
- उपसहसंयोजन यौगिकों का नामकरण।
- समावयवता।
- धातु कार्बोनिल।
- हैलोऐल्केन का वर्गीकरण।
- C–X बंध की प्रकृति।
- SN1 और SN2 में अंतर।
- हैलोएरीन की अभिक्रियाएँ।
- ऐल्कोहॉल का विरचन।
- ऐल्कोहॉलों की प्रमुख अभिक्रियाएँ।
- फीनॉल की अम्लीयता।
- फीनॉल की प्रमुख अभिक्रियाएँ।
- ईथर का नामकरण एवं उपयोग।
- ऐल्डिहाइड और कीटोन में अंतर।
- टॉलेंस परीक्षण।
- फेहलिंग परीक्षण।
- ऐल्डिहाइड एवं कीटोन का न्यूक्लियोफिलिक योग।
- कार्बोक्सिलिक अम्लों की अम्लीयता।
- एस्टरीकरण।
- ऐमीन का वर्गीकरण।
- ऐमीनों की क्षारीयता।
- डाइएजोनियम लवण का विरचन।
- Sandmeyer अभिक्रिया।
- कार्बोहाइड्रेट का वर्गीकरण।
- ग्लूकोज़ की संरचना।
- प्रोटीन क्या हैं?
- पेप्टाइड बंध।
- प्रोटीन की संरचना के स्तर।
- एन्जाइम के गुण।
- विटामिन एवं उनका वर्गीकरण।
- DNA और RNA में अंतर।
- न्यूक्लियोटाइड क्या है?
- हार्मोन क्या हैं?
- जैव-अणुओं का दैनिक जीवन में महत्व।
एक नजर में — पूरे पाठ्यक्रम का त्वरित रिवीजन
मोलरता • मोललता • राउल्ट • अणुसंख्य • ΔTb • ΔTf • π
Cell • Nernst • Conductance • Kohlrausch • Electrolysis • Battery • Corrosion
Rate • Order • Integrated equation • Half-life • Arrhenius • Collision theory
Transition elements • KMnO₄ • K₂Cr₂O₇ • Lanthanides • Actinides
Werner • Ligand • Coordination number • Isomerism • Bonding • Applications
C-X bond • Preparation • SN1 • SN2 • Haloarenes • Polyhalogen compounds
Preparation • Properties • Acidity • Reactions • Uses
Aldehyde • Ketone • Tollens • Fehling • Carboxylic acid • Esterification
Classification • Basicity • Preparation • Diazonium salts • Sandmeyer
Carbohydrates • Proteins • Enzymes • Vitamins • DNA/RNA • Hormones
परीक्षा-पूर्व अंतिम चेकलिस्ट
- हर इकाई से परिभाषाएँ याद करें।
- सभी प्रमुख सूत्र अलग नोटबुक में लिखें।
- विलयन के संख्यात्मक प्रश्नों का अभ्यास करें।
- नेर्न्स्ट समीकरण एवं विद्युतरसायन के numerical अवश्य करें।
- बलगतिकी में प्रथम कोटि, अर्ध-आयु और Arrhenius पर विशेष ध्यान दें।
- d एवं f ब्लॉक में रंग, ऑक्सीकरण अवस्था, चुंबकत्व और प्रमुख यौगिक तैयार करें।
- Coordination compounds में नामकरण और isomerism का अभ्यास करें।
- Organic chemistry में प्रत्येक reaction के लिए अभिकारक + परिस्थिति + उत्पाद याद करें।
- SN1/SN2, oxidation/reduction और named reactions विशेष रूप से तैयार करें।
- Alcohol, phenol और ether की मुख्य अभिक्रियाएँ लिखना सीखें।
- Aldehyde/ketone में Tollens और Fehling tests अवश्य याद करें।
- Amines में basicity और diazonium salt reactions तैयार करें।
- Biomolecules में carbohydrate classification और protein structure याद करें।
- DNA/RNA के अंतर तथा vitamins के कार्य तैयार करें।
- 1 अंक के प्रश्नों के लिए formula, नाम, reagent, product और definition आधारित facts दोहराएँ।
- 2 अंक में परिभाषा + सूत्र/दो मुख्य बिंदु लिखें।
- 3 अंक में अवधारणा + क्रमबद्ध तीन बिंदु दें।
- 4 अंक में सिद्धांत/अभिक्रिया + समीकरण + उपयोग/निष्कर्ष लिखें।
इस अध्ययन सामग्री की मुख्य विशेषताएँ
ब्लूप्रिंट एवं संशोधित पाठ्यक्रम अनुरूप: 70 अंक की सैद्धांतिक परीक्षा के लिए 1, 2, 3 एवं 4/5 अंक वाले प्रश्नों का ब्लूप्रिंट के अनुसार सटीक विभाजन।
परीक्षा-उपयोगी प्रश्न बैंक:
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ / रिक्त स्थान / सही जोड़ी / एक शब्द उत्तर): 28 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए अध्यायवार महत्वपूर्ण तथ्य।
- अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक): कारण बताओ प्रश्न, परिभाषाएं एवं लघु अंतर।
- लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक): रासायनिक परीक्षण, परिवर्तन (Conversions) एवं नियम।
- दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4/5 अंक): विस्तृत अभिक्रिया क्रियाविधि (Mechanisms) एवं सिद्धांत।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
अस्वीकरण (Disclaimer): इस पोस्ट में उपलब्ध कराई गई अंक योजना, पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों एवं सत्र 2026-27 के शैक्षणिक प्रारूप पर आधारित है। यह सामग्री केवल विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, अभ्यास और मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार की गई है। परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार के आधिकारिक संशोधन, प्रायोगिक परीक्षा दिशा-निर्देश अथवा अंतिम घोषणा के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी सूचनाओं को ही अंतिम रूप से प्रामाणिक माना जाए।
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