MP Board Class 12th Maths Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 12वीं गणित सूत्र, प्रमेय एवं अंक योजना
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं गणित (Mathematics) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित सरल नोट्स, अध्यायवार महत्वपूर्ण सूत्र, प्रमेय और हल सहित अभ्यास प्रश्न यहाँ देखें।- MP Board Class 12th Maths Blueprint 2026-27
- Class 12th Mathematics Formula Sheet in Hindi MPBSE
- MP Board 12th Maths Important Questions 2026-27
- कक्षा 12वीं गणित नोट्स एवं सूत्र
- MPBSE 12th Maths Model Paper and Solution 2026-27
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 12वीं [विषय: गणित] अध्ययन सामग्री
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। गणित एक ऐसा विषय है जिसमें नियमित अभ्यास, सूत्रों की स्पष्टता और चरणबद्ध (Step-by-step) हल के माध्यम से 100 में से 100 अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को सुगम और प्रभावी बनाने के लिए यहाँ कक्षा 12वीं गणित की अद्यतन अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, फॉर्मूला शीट, महत्वपूर्ण प्रमेय एवं परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कक्षा 12वीं गणित (Maths)
सरल नोट्स, सूत्र एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27
पूर्णांक — 80 | समय — 3:00 घंटे
प्रश्न-पत्र संरचना
| प्रश्न | प्रकार | प्रश्नों की संख्या | अंक |
|---|---|---|---|
| 1 | सही विकल्प | 06 | 06 |
| 2 | रिक्त स्थान | 06 | 06 |
| 3 | सत्य/असत्य | 06 | 06 |
| 4 | सही जोड़ी | 07 | 07 |
| 5 | एक वाक्य में उत्तर | 07 | 07 |
| 6–15 | लघु उत्तरीय | 10 | 20 |
| 16–19 | मध्यम उत्तरीय | 04 | 12 |
| 20–23 | दीर्घ उत्तरीय | 04 | 16 |
| कुल | 80 | ||
अध्याय 1 — संबंध एवं फलन
1. संबंध
दो समुच्चयों A और B के बीच संबंध A×B के किसी उपसमुच्चय को कहते हैं।
2. संबंधों के प्रकार
- स्वतुल्य (Reflexive)
- सममित (Symmetric)
- संक्रामक (Transitive)
- तुल्यता संबंध (Equivalence relation)
3. फलन
A से B में फलन ऐसा संबंध है जिसमें A के प्रत्येक अवयव की B में ठीक एक प्रतिच्छवि हो।
4. फलनों के प्रकार
- एकैकी (One-One)
- आच्छादक (Onto)
- द्वैकी (Bijective)
- बहु-एकैकी
5. संयोजन फलन
6. व्युत्क्रमणीय फलन
यदि कोई फलन one-one और onto है, तो वह bijective होता है और उसका inverse अस्तित्व रखता है।
7. महत्वपूर्ण बिंदु
- केवल one-one फलन का सामान्य inverse अस्तित्व नहीं रखता; inverse के लिए bijective mapping आवश्यक है।
- सामान्यतः f⁻¹ का domain, f के range के बराबर होता है।
2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
y−3=2x
x=(y−3)/2
अतः f⁻¹(x)=(x−3)/2
अध्याय 2 — प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन
1. मूल अवधारणा
यदि y = sin x है तो x = sin⁻¹ y प्रतिलोम फलन कहलाता है, जब domain और range को उपयुक्त principal values तक सीमित किया गया हो।
2. प्रमुख प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन
- sin⁻¹x
- cos⁻¹x
- tan⁻¹x
- cot⁻¹x
- sec⁻¹x
- cosec⁻¹x
3. प्रमुख सूत्र
4. महत्वपूर्ण सूत्र
उपयुक्त domain और principal value की शर्तों के साथ इसका प्रयोग किया जाता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 3 — आव्यूह
1. आव्यूह
संख्याओं या राशियों को पंक्तियों और स्तंभों के रूप में व्यवस्थित करने पर प्राप्त आयताकार सारणी को आव्यूह कहते हैं।
2. आव्यूहों के प्रकार
- पंक्ति आव्यूह
- स्तंभ आव्यूह
- वर्ग आव्यूह
- शून्य आव्यूह
- एकक आव्यूह
- विकर्ण आव्यूह
- सममित आव्यूह
- विषम सममित आव्यूह
3. आव्यूहों की समानता
दो आव्यूहों की समानता के लिए उनके क्रम समान और संगत अवयव समान होने चाहिए।
4. आव्यूहों पर संक्रियाएँ
- जोड़
- घटाव
- गुणन
- स्केलर गुणन
5. परिवर्त (Transpose)
आव्यूह की पंक्तियों को स्तंभों और स्तंभों को पंक्तियों में बदलने से transpose मिलता है।
6. सममित आव्यूह
7. विषम सममित आव्यूह
8. व्युत्क्रमणीय आव्यूह
यदि AB=BA=I हो तो B, A का inverse है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 4 — सारणिक
1. सारणिक
वर्ग आव्यूह से संबंधित एक संख्यात्मक राशि को determinant कहते हैं।
2. 2×2 सारणिक
3. उपसारणिक
किसी अवयव के लिए उसकी पंक्ति और स्तंभ हटाकर प्राप्त determinant को minor कहते हैं।
4. सहखंड
5. त्रिभुज का क्षेत्रफल
6. adjoint
सहखंडज आव्यूह का transpose adjoint कहलाता है।
7. सारणिकों के प्रमुख गुण
- दो पंक्तियाँ/स्तंभ समान हों तो determinant शून्य।
- दो पंक्तियों को बदलने पर determinant का चिन्ह बदलता है।
- एक पंक्ति के सभी अवयवों को k से गुणा करने पर determinant भी k गुना होता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
= 1/2 |4−6−10|
= 6 वर्ग इकाई
4 अंक प्रश्न
अध्याय 5 — सांतत्य तथा अवकलनीयता
1. सांतत्य
फलन f(x), x=a पर सतत है यदि:
2. अवकलनीयता
यदि किसी बिंदु पर derivative अस्तित्व रखता है तो फलन उस बिंदु पर differentiable कहलाता है।
3. सांतत्य और अवकलनीयता
यदि फलन किसी बिंदु पर differentiable है तो वह वहाँ continuous अवश्य होगा। लेकिन continuous होना differentiability सुनिश्चित नहीं करता।
4. महत्वपूर्ण अवकलज
5. लघुगणकीय अवकलन
जब फलन घातों और गुणनों के जटिल रूप में हो तो दोनों पक्षों का logarithm लेकर derivative निकालना सुविधाजनक होता है।
6. प्राचलिक रूप
यदि x=f(t), y=g(t), तो
7. द्वितीय अवकलज
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
log y = x log x
अवकलन करने पर: (1/y)dy/dx = log x + 1
अतः dy/dx = y(log x+1)
अर्थात् dy/dx = xˣ(log x+1)
अध्याय 6 — अवकलज के अनुप्रयोग
1. परिवर्तन की दर
किसी राशि के दूसरे राशि के सापेक्ष परिवर्तन की दर derivative द्वारा व्यक्त की जाती है।
2. वर्धमान फलन
यदि किसी अंतराल में x₁<x₂ होने पर f(x₁)<f(x₂), तो फलन increasing है। सामान्यतः f'(x)>0 होने पर फलन बढ़ता है।
3. ह्रासमान फलन
यदि x बढ़ने पर f(x) घटता है। सामान्यतः f'(x)<0 होने पर फलन घटता है।
4. अधिकतम एवं न्यूनतम
जहाँ f'(x)=0 या derivative अस्तित्व न रखे, वे critical points हो सकते हैं।
5. प्रथम derivative test
- + से − : local maximum
- − से + : local minimum
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
f'(x)=0 ⇒ x=2।
f''(x)=2>0, इसलिए x=2 पर local minimum होगा।
f(2)=4−8+3=−1।
4 अंक प्रश्न
अध्याय 7 — समाकलन
1. समाकलन
अवकलन की प्रतिलोम प्रक्रिया को समाकलन कहते हैं।
2. मानक समाकलन
3. प्रतिस्थापन विधि
जटिल फलन के भीतर उपस्थित किसी भाग को नई चर राशि मानकर समाकलन सरल किया जाता है।
4. खंडशः समाकलन
5. निश्चित समाकलन
6. कलन की आधारभूत प्रमेय
यदि F'(x)=f(x), तो a से b तक f(x) का निश्चित समाकलन F(b)−F(a) के बराबर है।
7. महत्वपूर्ण गुणधर्म
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
du=dx, v=eˣ
∫xeˣdx = xeˣ−∫eˣdx
= eˣ(x−1)+C
4 अंक प्रश्न
अतः ∫2x/(x²+1)dx = ∫dt/t = log|t|+C।
अतः उत्तर = log(x²+1)+C।
अध्याय 8 — समाकलनों के अनुप्रयोग
1. क्षेत्रफल
वक्र के नीचे या दो वक्रों के बीच क्षेत्रफल निकालने के लिए definite integration का उपयोग किया जाता है।
2. x-अक्ष के साथ क्षेत्रफल
यदि f(x) ≥ 0 है तो x=a से x=b तक क्षेत्रफल ∫ₐᵇf(x)dx होगा।
3. दो वक्रों के मध्य क्षेत्रफल
ऊपरी वक्र और निचले वक्र के बीच का अंतर लेकर integration किया जाता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
0≤x≤1 के लिए ऊपर का वक्र y=x और नीचे y=x² है।
Area = ∫₀¹(x−x²)dx
= [x²/2−x³/3]₀¹
= 1/2−1/3 = 1/6 वर्ग इकाई।
अध्याय 9 — अवकल समीकरण
1. अवकल समीकरण
ऐसा समीकरण जिसमें dependent और independent variables तथा उनके derivatives शामिल हों, differential equation कहलाता है।
2. क्रम
समीकरण में उपस्थित उच्चतम derivative का order उसका क्रम कहलाता है।
3. घात
समीकरण को derivatives के संबंध में polynomial रूप में लिखने पर highest order derivative की highest power उसका degree कहलाती है।
4. सामान्य और विशिष्ट हल
मनमाने constants वाला समाधान general solution कहलाता है। constants के विशेष मान देने पर particular solution मिलता है।
5. variables separable method
चर अलग करके दोनों पक्षों का integration किया जाता है।
6. प्रथम कोटि एवं प्रथम घात
यदि P और Q x के फलन हैं तो यह first-order linear differential equation है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
∫dy = ∫2x dx
अतः y = x²+C
4 अंक प्रश्न
I.F.=e^(∫1dx)=eˣ।
समाकलित रूप: y·eˣ = ∫eˣ·eˣ dx = ∫e²ˣdx = (1/2)e²ˣ+C।
अतः y = (1/2)eˣ + Ce⁻ˣ।
अध्याय 10 — सदिश बीजगणित
1. सदिश
जिस राशि में परिमाण और दिशा दोनों हों, वह vector कहलाती है।
2. सदिशों के प्रकार
- शून्य सदिश
- इकाई सदिश
- समांतर सदिश
- विपरीत सदिश
- समान सदिश
3. सदिश का घटक रूप
4. परिमाण
5. अदिश गुणन
किसी scalar λ से vector a का गुणन λa होता है।
6. अदिश गुणनफल
7. सदिश गुणनफल
8. महत्वपूर्ण परिणाम
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 11 — त्रि-विमीय ज्यामिति
1. दिक्-कोसाइन
रेखा x, y और z अक्षों के साथ जो कोण α, β, γ बनाती है, उनके cosines को direction cosines कहते हैं।
2. दिक्-अनुपात
रेखा की दिशा को दर्शाने वाले अनुपाती संख्याओं को direction ratios कहते हैं।
3. रेखा का समीकरण
4. दो रेखाओं के बीच कोण
5. न्यूनतम दूरी
दो skew lines के बीच shortest distance vector तथा scalar triple product की सहायता से ज्ञात की जा सकती है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
अतः direction cosines = 2/7, 3/7, 6/7।
4 अंक प्रश्न
अतः θ = 90°।
अध्याय 12 — रैखिक प्रोग्रामन
1. रैखिक प्रोग्रामन समस्या
सीमित संसाधनों के अंतर्गत किसी उद्देश्य फलन को अधिकतम या न्यूनतम करने की समस्या linear programming problem कहलाती है।
2. प्रमुख घटक
- Objective function
- Constraints
- Non-negative restrictions
- Feasible region
3. उद्देश्य फलन
4. बाधाएँ
व्यावहारिक शर्तों को linear inequalities के रूप में लिखा जाता है।
5. आलेखीय विधि
- सभी constraints का graph बनाइए।
- साझा shaded region ज्ञात कीजिए।
- feasible region निर्धारित कीजिए।
- corner points प्राप्त करें।
- हर corner point पर Z का मान ज्ञात करें।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
Z(0,0)=0
Z(2,0)=6
Z(2,2)=10
Z(0,4)=8
अतः maximum value 10 है और यह बिंदु (2,2) पर प्राप्त होती है।
अध्याय 13 — प्रायिकता
1. सप्रतिबंध प्रायिकता
2. प्रायिकता का गुणन नियम
3. स्वतंत्र घटनाएँ
यदि एक घटना का होना दूसरी घटना की प्रायिकता को प्रभावित न करे, तो दोनों घटनाएँ स्वतंत्र कहलाती हैं।
4. कुल प्रायिकता प्रमेय
यदि B₁,B₂,...,Bₙ परस्पर अपवर्जी एवं exhaustively exhaustive events हैं, तो
5. बेज़ प्रमेय
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
P(लाल)=3/5=0.6
कक्षा 12वीं गणित — सबसे महत्वपूर्ण सूत्र
| अध्याय | महत्वपूर्ण सूत्र |
|---|---|
| संबंध एवं फलन | (f∘g)(x)=f(g(x)) |
| प्रतिलोम त्रिकोणमिति | sin⁻¹x+cos⁻¹x=π/2 |
| प्रतिलोम त्रिकोणमिति | tan⁻¹x+cot⁻¹x=π/2 |
| आव्यूह | A⁻¹=adj(A)/|A| |
| सारणिक | |a b;c d|=ad−bc |
| अवकलन | d/dx(xⁿ)=nxⁿ⁻¹ |
| अवकलन | d/dx(eˣ)=eˣ |
| अवकलन | d/dx(logx)=1/x |
| प्राचलिक अवकलन | dy/dx=(dy/dt)/(dx/dt) |
| अधिकतम/न्यूनतम | f'(x)=0 |
| समाकलन | ∫xⁿdx=xⁿ⁺¹/(n+1)+C |
| समाकलन | ∫u dv=uv−∫vdu |
| निश्चित समाकलन | ∫ₐᵇf(x)dx=F(b)−F(a) |
| क्षेत्रफल | Area=∫(upper−lower)dx |
| अवकल समीकरण | dy/dx+Py=Q |
| Linear DE | I.F.=e^(∫Pdx) |
| सदिश | |a|=√(a₁²+a₂²+a₃²) |
| Dot product | a·b=|a||b|cosθ |
| Cross product | a×b=|a||b|sinθ n̂ |
| 3-D geometry | l²+m²+n²=1 |
| 3-D geometry | cosθ=(l₁l₂+m₁m₂+n₁n₂)/(√(...)√(...)) |
| LPP | Z=ax+by |
| Conditional probability | P(A|B)=P(A∩B)/P(B) |
| Independent events | P(A∩B)=P(A)P(B) |
| Bayes theorem | P(Bᵢ|A)=P(Bᵢ)P(A|Bᵢ)/ΣP(Bⱼ)P(A|Bⱼ) |
अत्यंत महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न — उत्तर सहित
सही विकल्प
- यदि f एक-एक तथा onto है तो f कहलाता है— Bijective
- (f∘g)(x) का अर्थ है— f(g(x))
- sin⁻¹x का range है— [−π/2,π/2]
- सममित आव्यूह के लिए— Aᵀ=A
- यदि |A|=0, तो A का inverse— अस्तित्व नहीं रखता
- ∫x dx का मान है— x²/2+C
- यदि f'(x)>0 है तो फलन सामान्यतः— वर्धमान
- ∫ₐᵃf(x)dx = 0
- यदि a·b=0 तो दोनों सदिश— लंबवत
- यदि a×b=0 तो दोनों सदिश— समांतर
- l²+m²+n² का मान— 1
- स्वतंत्र घटनाओं के लिए P(A∩B)= P(A)P(B)
- Bayes theorem conditional probability से संबंधित है।
रिक्त स्थान — उत्तर सहित
- Bijective function का inverse ________ होता है। — अस्तित्व रखता
- sin⁻¹x + cos⁻¹x = ________। — π/2
- सममित आव्यूह में Aᵀ = ________। — A
- 2×2 determinant |a b;c d| = ________। — ad−bc
- d/dx(xⁿ)= ________। — nxⁿ⁻¹
- ∫1/x dx = ________। — log|x|+C
- प्रथम कोटि linear DE का I.F. ________ है। — e^(∫Pdx)
- दो सदिशों का dot product ________ हो तो सदिश लंबवत होते हैं। — 0
- direction cosines के लिए l²+m²+n²= ________। — 1
- conditional probability P(A|B)= ________। — P(A∩B)/P(B)
सत्य / असत्य — उत्तर सहित
- हर relation एक function होता है। — असत्य
- Bijective function का inverse होता है। — सत्य
- हर differentiable function continuous होता है। — सत्य
- हर continuous function differentiable होता है। — असत्य
- यदि determinant zero है तो inverse अस्तित्व रखता है। — असत्य
- ∫ₐᵃf(x)dx=0। — सत्य
- यदि a·b=0 तो a,b हमेशा बराबर होते हैं। — असत्य
- यदि a×b=0 तो non-zero vectors parallel हो सकते हैं। — सत्य
- लॉजिस्टिक प्रोग्रामिंग और linear programming एक ही हैं। — असत्य
- Bayes theorem conditional probability पर आधारित है। — सत्य
सही जोड़ी — उत्तर सहित
| कॉलम A | कॉलम B |
|---|---|
| 1. f∘g | f(g(x)) |
| 2. Aᵀ=A | सममित आव्यूह |
| 3. ad−bc | 2×2 determinant |
| 4. 0 | दो लंबवत सदिशों का dot product |
| 5. e^(∫Pdx) | Linear DE का I.F. |
| 6. P(A∩B)/P(B) | Conditional probability |
| 7. p²+2pq+q² | H-W type probability identity |
एक वाक्य में उत्तर
- फलन क्या है? — ऐसा संबंध जिसमें domain के प्रत्येक तत्व की exactly one image हो।
- Bijective function क्या है? — जो one-one तथा onto दोनों हो।
- सममित आव्यूह क्या है? — Aᵀ=A वाला आव्यूह।
- Determinant क्या है? — वर्ग आव्यूह से संबद्ध एक संख्यात्मक राशि।
- सांतत्य की शर्त क्या है? — lim x→a f(x)=f(a)।
- अवकलज क्या है? — परिवर्तन की तात्कालिक दर।
- समाकलन क्या है? — अवकलन की प्रतिलोम प्रक्रिया।
- अवकल समीकरण क्या है? — चर और उनके derivatives वाला समीकरण।
- सदिश क्या है? — परिमाण और दिशा वाली राशि।
- direction cosine की शर्त क्या है? — l²+m²+n²=1।
- feasible region क्या है? — सभी constraints को संतुष्ट करने वाले बिंदुओं का क्षेत्र।
- conditional probability क्या है? — एक घटना के घटित होने की शर्त पर दूसरी घटना की प्रायिकता।
अतिरिक्त महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न — उत्तर सहित
f(1)=1²+1=2।
अतः (f∘g)(2)=2
उत्तर: x³+x²+C
x=1 पर = 2+3=5
अतः 1/3, 2/3, 2/3
P(H)=1/2
P(E)=3/6=1/2
कक्षा 12वीं गणित — 60 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न एवं सभी उत्तर
उदाहरण: यदि A={1,2,3} तथा B={2,4}, तो R={(1,2),(2,4)} एक संबंध है।
फलन: ऐसा विशेष संबंध जिसमें domain के प्रत्येक तत्व की codomain में ठीक एक image हो।
अतः प्रत्येक फलन संबंध है, लेकिन प्रत्येक संबंध फलन नहीं होता।
Onto फलन: यदि codomain का प्रत्येक element कम-से-कम एक pre-image रखता हो, तो फलन onto कहलाता है।
जो फलन one-one तथा onto दोनों हो, उसे bijective function कहते हैं।
इसे (g∘f)(x)=g(f(x)) लिखा जाता है।
इसी प्रकार (f∘g)(x)=f(g(x))।
सामान्यतः f∘g ≠ g∘f।
यदि f:A→B bijective है, तो इसका inverse f⁻¹:B→A अस्तित्व रखता है और
f⁻¹(f(x))=x तथा f(f⁻¹(x))=x।
sin⁻¹x + cos⁻¹x = π/2
यह −1≤x≤1 के लिए सत्य है।
हम जानते हैं कि
cot⁻¹x = π/2 − tan⁻¹x
अतः
tan⁻¹x + cot⁻¹x = π/2।
1. पंक्ति आव्यूह
2. स्तंभ आव्यूह
3. वर्ग आव्यूह
4. शून्य आव्यूह
5. विकर्ण आव्यूह
6. अदिश आव्यूह
7. एकक आव्यूह
8. ऊपरी त्रिकोणीय आव्यूह
9. निचला त्रिकोणीय आव्यूह
10. सममित आव्यूह
11. विषम सममित आव्यूह
Aᵀ=A
तो A सममित आव्यूह कहलाता है।
यदि
Aᵀ=−A
तो A विषम सममित आव्यूह कहलाता है।
विषम सममित आव्यूह के मुख्य विकर्ण के सभी अवयव शून्य होते हैं।
A = [[a,b],[c,d]]
तो
|A|=ad−bc
यदि |A|≠0, तब
A⁻¹ = 1/(ad−bc) [[d,−b],[-c,a]]
अर्थात्
A⁻¹ = adj(A)/|A|।
यदि A=[[a,b],[c,d]] तो
|A|=ad−bc।
Determinant का उपयोग inverse, क्षेत्रफल तथा रैखिक समीकरणों के हल के लिए किया जाता है।
उसका cofactor:
Cᵢⱼ=(−1)ⁱ⁺ʲMᵢⱼ
अर्थात् cofactor, minor के साथ (+) या (−) चिन्ह से संबंधित होता है।
Area = 1/2 |x₁(y₂−y₃)+x₂(y₃−y₁)+x₃(y₁−y₂)|
यदि क्षेत्रफल 0 आए, तो तीनों बिंदु collinear होंगे।
a₁x+b₁y=c₁
a₂x+b₂y=c₂
के लिए
D = |a₁ b₁; a₂ b₂|
और
Dₓ = |c₁ b₁; c₂ b₂|
Dᵧ = |a₁ c₁; a₂ c₂|
यदि D≠0, तो
x=Dₓ/D तथा y=Dᵧ/D।
1. f(a) अस्तित्व रखता हो।
2. lim(x→a) f(x) अस्तित्व रखती हो।
3. lim(x→a) f(x)=f(a) हो।
अर्थात्
lim(x→a)f(x)=f(a)।
f'(a)=lim(h→0)[f(a+h)−f(a)]/h
अस्तित्व रखता है, तो f(x), x=a पर differentiable कहलाता है।
Differentiability से continuity अवश्य प्राप्त होती है।
[f(a+h)−f(a)] = h × [(f(a+h)−f(a))/h]
अब h→0 करने पर derivative का मान सीमित रहता है जबकि h→0। अतः
f(a+h)−f(a)→0
अर्थात्
f(a+h)→f(a)
इसलिए
lim(x→a)f(x)=f(a)
अतः फलन x=a पर continuous है।
उदाहरण:
y=xˣ
log y=x logx
अब दोनों पक्षों का अवकलन:
(1/y)dy/dx=logx+1
अतः
dy/dx=xˣ(logx+1)।
x=f(t), y=g(t)
तो
dy/dx=(dy/dt)/(dx/dt)
जहाँ dx/dt≠0।
dy/dx
फिर प्राप्त derivative को x के सापेक्ष पुनः differentiate करते हैं:
d²y/dx²=d/dx(dy/dx)।
Second derivative का उपयोग maxima-minima तथा curve की concavity के अध्ययन में किया जाता है।
f'(x)>0
तो फलन increasing होता है।
यदि
f'(x)<0 b="">
तो फलन decreasing होता है। 0>
यदि f(a) अपने आसपास के सभी मानों से कम हो, तो f(a) local minimum है।
प्रथम derivative test में:
+ से − ⇒ Maximum
− से + ⇒ Minimum
मुख्य सूत्र:
∫xⁿdx=xⁿ⁺¹/(n+1)+C
∫1/x dx=log|x|+C
∫eˣdx=eˣ+C
∫sinx dx=−cosx+C
∫cosx dx=sinx+C
उदाहरण:
∫2x/(x²+1)dx
मान लें t=x²+1
dt=2x dx
अतः
∫dt/t=log|t|+C
इसलिए
उत्तर = log(x²+1)+C।
मुख्य सूत्र:
∫u dv=uv−∫v du
उदाहरण:
∫xeˣdx
u=x, dv=eˣdx
du=dx, v=eˣ
अतः
=xeˣ−eˣ+C
=eˣ(x−1)+C।
1. ∫ₐᵃf(x)dx=0
2. ∫ₐᵇf(x)dx=−∫ᵇₐf(x)dx
3. ∫ₐᵇ[f(x)+g(x)]dx=∫ₐᵇf(x)dx+∫ₐᵇg(x)dx
4. यदि c, a और b के बीच है तो
∫ₐᵇf(x)dx=∫ₐᶜf(x)dx+∫ᶜᵇf(x)dx।
∫ₐᵇf(x)dx=F(b)−F(a)
इस प्रमेय से निश्चित समाकलन को सीधे antiderivative के माध्यम से हल किया जा सकता है।
Area=∫ₐᵇf(x)dx
यदि curve x-अक्ष के नीचे हो तो क्षेत्रफल के लिए absolute value या उचित सीमाएँ उपयोग की जाती हैं।
Area=∫ₐᵇ[Upper curve−Lower curve]dx
सबसे पहले दोनों curves के intersection points ज्ञात किए जाते हैं। फिर उपयुक्त अंतराल में ऊपरी और निचले curve की पहचान करके integration किया जाता है।
उदाहरण: y=x तथा y=x² के बीच x=0 से 1 तक:
Area=∫₀¹(x−x²)dx=1/6।
समीकरण में उपस्थित highest order derivative का order कहलाता है।
उदाहरण:
d²y/dx² + 3dy/dx + y=0
में order = 2।
Particular solution: प्रारंभिक या सीमा शर्तों से constants के विशेष मान ज्ञात कर जो विशिष्ट solution मिलता है, वह particular solution होता है।
dy/dx=f(x)g(y)
तो variables अलग करते हैं:
dy/g(y)=f(x)dx
अब दोनों पक्षों का integration:
∫dy/g(y)=∫f(x)dx
उदाहरण:
dy/dx=2x
dy=2x dx
अतः
y=x²+C।
dy/dx+Py=Q
इसका integrating factor:
I.F.=e^(∫Pdx)
और general solution:
y(I.F.)=∫Q(I.F.)dx+C।
उदाहरण: विस्थापन, वेग, बल।
सदिश को सामान्यतः
a=a₁i+a₂j+a₃k
रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
â=a/|a|
Zero vector: जिसका परिमाण 0 हो, zero vector कहलाता है। इसकी दिशा निश्चित नहीं होती।
a·b=|a||b|cosθ
यह एक scalar राशि देता है। यदि θ=0°, तो dot product अधिकतम। यदि θ=90°, तो dot product शून्य। यदि θ=180°, तो dot product ऋणात्मक होता है।
a×b=|a||b|sinθ n̂
जहाँ n̂ दोनों vectors के तल के लंबवत unit vector है। इसकी दिशा right hand thumb rule से ज्ञात होती है।
यदि θ=0° या 180°, तो cross product शून्य होगा।
क्योंकि cos90°=0,
a·b=0
अतः दो non-zero vectors के लिए perpendicularity की आवश्यक एवं पर्याप्त शर्त:
a·b=0।
यदि
l=cosα, m=cosβ, n=cosγ
तो
l²+m²+n²=1।
यदि direction ratios a,b,c हैं, तो उनके अनुरूप direction cosines:
l=a/√(a²+b²+c²)
m=b/√(a²+b²+c²)
n=c/√(a²+b²+c²)।
(x−x₁)/l = (y−y₁)/m = (z−z₁)/n
यह रेखा का symmetric form है।
cosθ = (l₁l₂+m₁m₂+n₁n₂) / [√(l₁²+m₁²+n₁²) × √(l₂²+m₂²+n₂²)]
यदि numerator 0 हो तो रेखाएँ परस्पर लंबवत होंगी।
Vector form में सामान्यतः:
Shortest distance = | (a₂−a₁)·(b₁×b₂) | / |b₁×b₂|
जहाँ a₁,a₂ रेखाओं के बिंदु vector तथा b₁,b₂ उनके direction vectors हैं।
उद्देश्य किसी quantity को अधिकतम या न्यूनतम करना होता है, जैसे:
Z=ax+by
इसके साथ linear inequalities constraints के रूप में दी जाती हैं।
दो variables वाली सामान्य form:
Z=ax+by
उदाहरण: लाभ अधिकतम करना या लागत न्यूनतम करना।
उदाहरण:
x+y≤10, x≥0, y≥0।
Feasible region: सभी constraints को एक साथ संतुष्ट करने वाले सभी बिंदुओं का साझा क्षेत्र feasible region कहलाता है।
2. प्रत्येक boundary line का graph बनाएं।
3. inequalities के अनुसार feasible region पहचानें।
4. feasible region के corner points ज्ञात करें।
5. प्रत्येक corner point पर objective function Z का मान निकालें।
6. maximum या minimum value वाले point को optimum solution चुनें।
यदि P(B)≠0, तो:
P(A|B)=P(A∩B)/P(B)
P(A∩B)=P(A)P(B|A)
या,
P(A∩B)=P(B)P(A|B)।
यदि घटनाएँ स्वतंत्र हों, तो:
P(A∩B)=P(A)P(B)।
गणितीय रूप से:
P(A∩B)=P(A)P(B)
तुल्य रूप में P(A|B)=P(A) और P(B|A)=P(B)।
P(Bᵢ|A)= [P(Bᵢ)P(A|Bᵢ)] / [ΣP(Bⱼ)P(A|Bⱼ)]
यह theorem किसी परिणाम के ज्ञात होने के बाद उसके संभावित कारण की probability ज्ञात करने में उपयोगी है।
इसके अलावा spam filtering, machine learning, fault diagnosis और decision making में भी इसका उपयोग होता है।
Conditional probability:
P(A|B)=P(A∩B)/P(B)
=0.2/0.5
=0.4
अतः B के घटित होने पर A की प्रायिकता 0.4 है।
P(A∩B)=P(A)P(B)
=0.4×0.5
=0.20
यदि objective function linear है, तो optimum value सामान्यतः feasible region के किसी corner point पर प्राप्त होती है।
इसलिए सभी corner points के लिए Z की values निकालकर:
सबसे बड़ी value = maximum
सबसे छोटी value = minimum
निर्धारित की जाती है।
फिर f''(a) निकालें।
यदि:
f''(a)>0 ⇒ local minimum
f''(a)<0 b="" local="" maximum="">
यदि f''(a)=0 हो, तो second derivative test निर्णायक नहीं होता और अन्य परीक्षण करना पड़ता है। 0>
Area=∫ₐᵇf(x)dx
दो curves y=f(x) तथा y=g(x) के बीच:
Area=∫ₐᵇ[f(x)−g(x)]dx
जहाँ f(x) ऊपर तथा g(x) नीचे हो।
तब:
l=cosα, m=cosβ, n=cosγ
Direction vector की unit length के कारण:
l²+m²+n²
=cos²α+cos²β+cos²γ
=1
अतः
l²+m²+n²=1।
A⁻¹=adj(A)/|A|
जहाँ |A|≠0 होना आवश्यक है।
साथ ही:
AA⁻¹=A⁻¹A=I।
1. यदि किसी determinant की दो पंक्तियाँ या स्तंभ समान हों, तो उसका मान 0 होता है।
2. दो पंक्तियों या स्तंभों की अदला-बदली करने पर determinant का चिन्ह बदल जाता है।
3. किसी एक पंक्ति/स्तंभ के सभी अवयवों को k से गुणा करने पर determinant k गुना हो जाता है।
4. यदि एक पंक्ति दूसरी पंक्ति का गुणज हो, तो determinant 0 होता है।
5. किसी पंक्ति में दूसरी पंक्ति का गुणज जोड़ने पर determinant का मान नहीं बदलता।
6. transpose लेने पर determinant का मान नहीं बदलता:
|Aᵀ|=|A|।
1. पहले परिभाषाएँ और सूत्र याद करें।
2. फिर प्रत्येक प्रश्न के कम से कम 2 उदाहरण स्वयं हल करें।
3. 3 और 4 अंक वाले प्रश्नों में पूरा समाधान लिखने का अभ्यास करें।
4. केवल अंतिम answer याद न करें; method + formula + steps + final answer याद करें।
अध्यायवार अतिरिक्त संख्यात्मक अभ्यास — उत्तर सहित
y=3x−2
y+2=3x
x=(y+2)/3
अतः f⁻¹(10)=(10+2)/3=4।
adj(A)=[[4,−2],[−3,1]]
अतः
A⁻¹ = −1/2 [[4,−2],[−3,1]]
= [[-2,1],[3/2,−1/2]]
=3(x²−1)
अतः f'(x)=0 ⇒ x=±1।
f''(x)=6x।
x=1 पर f''(1)=6>0 ⇒ local minimum।
x=−1 पर f''(−1)=−6<0 ⇒ local maximum।
dt=2dx ⇒ dx=dt/2।
∫(2x+3)²dx =1/2∫t²dt =1/2×t³/3+C
=(2x+3)³/6+C
=−cosπ−(−cos0)
=1+1
=2
∫dy/y=∫dx/x
log y=log x+C
अतः
y=Cx
=√(4+1+4)
=3
अतः θ=90°
दोनों vectors perpendicular हैं।
=0.6×0.5
=0.3
Z(2,0)=8
Z(3,1)=12+3=15
Z(0,4)=12
अतः अधिकतम मान 15 है और यह (3,1) पर प्राप्त होता है।
गणित — अंतिम परीक्षा रिवीजन चार्ट
| अध्याय | अंतिम बार क्या अवश्य दोहराएँ? |
|---|---|
| 1. संबंध एवं फलन | One-One, Onto, Bijective, Composition, Inverse |
| 2. प्रतिलोम त्रिकोणमिति | Principal values, identities, tan⁻¹ formulas |
| 3. आव्यूह | Types, transpose, multiplication, symmetric/skew, inverse |
| 4. सारणिक | Properties, minors, cofactors, area, Cramer rule |
| 5. सांतत्य एवं अवकलनीयता | Limits, continuity, derivatives, logarithmic/parametric differentiation |
| 6. अवकलज के अनुप्रयोग | Increasing/decreasing, critical points, maxima-minima |
| 7. समाकलन | Standard integrals, substitution, by parts, definite integral properties |
| 8. समाकलनों के अनुप्रयोग | Area under curve, area between curves |
| 9. अवकल समीकरण | Order, degree, general solution, variable separable, linear DE |
| 10. सदिश बीजगणित | Magnitude, unit vector, dot/cross product |
| 11. त्रि-विमीय ज्यामिति | DR, DC, line equation, angle, shortest distance |
| 12. रैखिक प्रोग्रामन | Objective, constraints, feasible region, corner point method |
| 13. प्रायिकता | Conditional probability, multiplication theorem, independence, Bayes |
एक नजर में — पूरे गणित का त्वरित रिवीजन
Relation • Function • One-One • Onto • Composite • Inverse
sin⁻¹ • cos⁻¹ • tan⁻¹ • identities • principal values
Matrix • Types • Operations • Transpose • Inverse
Determinant • Minor • Cofactor • Area • Cramer Rule
Continuity • Differentiability • Log differentiation • Parametric • Second derivative
Rate • Increasing/Decreasing • Maxima • Minima
Indefinite • Definite • Substitution • By Parts • FTC • Properties
Area under curve • Area between curves
Differential equation • General/Particular solution • Variable separable • Linear DE
Vectors • Magnitude • Dot • Cross • Applications
3-D line • Direction cosines • Direction ratios • Angle • Distance
LPP • Objective function • Constraints • Feasible region • Corner points
Conditional probability • Multiplication theorem • Independence • Bayes
परीक्षा-पूर्व अंतिम चेकलिस्ट
- सभी standard formulas एक अलग formula-sheet से दोहराएँ।
- प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों की principal values याद करें।
- 2×2 तथा 3×3 matrices और determinants का लगातार अभ्यास करें।
- continuity और differentiability में अंतर अच्छी तरह समझें।
- logarithmic, parametric तथा second-order differentiation का अभ्यास करें।
- maximum-minimum में critical points और sign test पर ध्यान दें।
- integration के standard forms, substitution और by-parts याद करें।
- definite integration के सभी properties दोहराएँ।
- area under curve के लिए graph बनाकर limits तय करना सीखें।
- differential equations में variable separable और linear method विशेष रूप से तैयार करें।
- vector के dot और cross product को सूत्र तथा geometrical meaning दोनों से तैयार करें।
- 3-D geometry में direction ratios/cosines और line equation का अभ्यास करें।
- LPP में graph, feasible region और corner points की गलतियाँ न करें।
- probability में conditional probability, multiplication theorem और Bayes theorem का numerical अभ्यास करें।
- हर 2 अंक के प्रश्न के लिए कम-से-कम 2 steps लिखें।
- 3 अंक के प्रश्नों में formula/मुख्य steps/अंतिम परिणाम दें।
- 4 अंक के numerical में पूरा derivation/steps दिखाएँ।
- अंतिम उत्तर को box या underline करके स्पष्ट करें।
इस अध्ययन सामग्री की मुख्य विशेषताएँ
- ब्लूप्रिंट एवं संशोधित पाठ्यक्रम अनुरूप: 80 अंक की सैद्धांतिक परीक्षा के लिए 1, 2, 3 एवं 4/5 अंक वाले प्रश्नों का ब्लूप्रिंट के अनुसार सटीक विभाजन।
- सम्पूर्ण सूत्र संग्रह (All Formulae Sheet): अवकलन, समाकलन, त्रिविमीय ज्यामिति और आव्यूह-सारणिक के सभी महत्वपूर्ण सूत्रों का एक ही स्थान पर संकलन।
- चरणबद्ध हल (Step-by-Step Solutions): बोर्ड परीक्षा में स्टेप मार्किंग के महत्व को ध्यान में रखते हुए मानक हल विधि।
- महत्वपूर्ण प्रमेय एवं अनुप्रयोग: रोले तथा मध्यमान प्रमेय, समाकलन के गुणधर्म, आव्यूह विधि से समीकरण हल करना और रैखिक प्रोग्रामन के आलेखीय हल।
परीक्षा-उपयोगी प्रश्न बैंक:
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ / रिक्त स्थान / सही जोड़ी / एक शब्द उत्तर): फॉर्मूला-आधारित सीधे प्रश्न।
- अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक): सरल गणनात्मक और 2-3 स्टेप्स वाले मानक प्रश्न।
- लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक): मानक विधियों और प्रमेयों के अनुप्रयोग पर आधारित प्रश्न।
- दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4/5 अंक): समाकलन, अवकल समीकरण, त्रिविमीय ज्यामिति (दो रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी) एवं LPP के विस्तृत हल।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
अस्वीकरण (Disclaimer): इस पोस्ट में उपलब्ध कराई गई अंक योजना, पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों एवं सत्र 2026-27 के शैक्षणिक प्रारूप पर आधारित है। यह सामग्री केवल विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, अभ्यास और मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार की गई है। परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार के आधिकारिक संशोधन, प्रायोगिक/आंतरिक मूल्यांकन दिशा-निर्देश अथवा अंतिम घोषणा के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी सूचनाओं को ही अंतिम रूप से प्रामाणिक माना जाए।
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