-->

Gyan Deep Info विभिन्न उपयोगी शासनादेश (Govt. Orders) उपलब्ध कराने का एक प्रयास है

कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान नोट्स : MP Board Class 12th Physics Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27

MP Board Class 12th Physics Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान नोट्स, सूत्र एवं अंक योजना

MP Board Class 12th Physics Blueprint 2026-27 Class 12th Physics Notes in Hindi MPBSE MP Board 12th Physics Important Derivations कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान नोट्स एवं सूत्र MPBSE 12th Physics Model Paper and Numerical Questions 2026-27
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान (Physics) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित सरल नोट्स, महत्वपूर्ण व्युत्पत्ति (Derivations), सूत्र चार्ट एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।

  • MP Board Class 12th Physics Blueprint 2026-27
  • Class 12th Physics Notes in Hindi MPBSE
  • MP Board 12th Physics Important Derivations
  • कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान नोट्स एवं सूत्र
  • MPBSE 12th Physics Model Paper and Numerical Questions 2026-27

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 12वीं [विषय: भौतिक विज्ञान] अध्ययन सामग्री

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। भौतिक विज्ञान (Physics) एक ऐसा विषय है जिसमें 100% सफलता प्राप्त करने के लिए सैद्धांतिक नियमों, गणितीय सूत्रों, महत्वपूर्ण व्युत्पत्तियों (Derivations) और संख्यात्मक प्रश्नों (Numericals) का संतुलित अभ्यास आवश्यक है।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को प्रभावी और सुगम बनाने के लिए यहाँ कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान की अद्यतन अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, फॉर्मूला शीट, प्रमुख व्युत्पत्तियाँ और परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कक्षा 12वीं भौतिक शास्त्र

सरल नोट्स, सूत्र एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27

पूर्णांक — 70 | समय — 3:00 घंटे

परीक्षा प्रश्न संरचना

प्रश्नप्रकारप्रश्नप्रति प्रश्नअंक
1सही विकल्प06106
2रिक्त स्थान06106
3सत्य/असत्य05105
4सही जोड़ी06106
5एक वाक्य में उत्तर05105
6–12लघु उत्तरीय07214
13–16मध्यम उत्तरीय04312
17–20दीर्घ उत्तरीय04416
कुल70
तैयारी की प्राथमिकता: सूत्र + परिभाषाएँ + व्युत्पत्तियाँ + संख्यात्मक प्रश्न + ग्राफ/आरेख + 2/3/4 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न।

इकाई/अध्यायों का पाठ्यक्रम — संक्षिप्त मानचित्र

अध्यायविषय
1वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
2स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
3विद्युत धारा
4गतिमान आवेश और चुंबकत्व
5चुंबकत्व एवं द्रव्य
6वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
7प्रत्यावर्ती धारा
8वैद्युतचुंबकीय तरंगे
9किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
10तरंग प्रकाशिकी
11विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
12परमाणु
13नाभिक
14अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

अध्याय 1 — वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र

1. वैद्युत आवेश

पदार्थ का वह गुण जिसके कारण विद्युत आकर्षण या प्रतिकर्षण बल उत्पन्न होता है, वैद्युत आवेश कहलाता है। आवेश दो प्रकार के होते हैं—धनात्मक और ऋणात्मक

2. चालक और विद्युतरोधी

चालक: जिनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन आसानी से गति कर सकते हैं, जैसे ताँबा, एल्युमिनियम।

विद्युतरोधी: जिनमें मुक्त आवेश वाहक आसानी से गति नहीं करते, जैसे काँच, रबर।

3. आवेश के मूल गुण

  • आवेश का संरक्षण
  • आवेश का क्वांटीकरण
  • आवेशों की योगात्मकता
q = ne

जहाँ n पूर्णांक है तथा e इलेक्ट्रॉन का मूल आवेश है।

4. कूलॉम का नियम

दो बिंदु आवेशों के बीच वैद्युत बल उनके आवेशों के गुणनफल के समानुपाती और उनके बीच दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

F = (1/4πε₀) × |q₁q₂|/r²

5. विद्युत क्षेत्र

किसी आवेश के आसपास का वह क्षेत्र जिसमें कोई परीक्षण आवेश विद्युत बल अनुभव करता है, विद्युत क्षेत्र कहलाता है।

E = F/q₀

6. विद्युत क्षेत्र रेखाएँ

  • धनात्मक आवेश से बाहर निकलती हैं।
  • ऋणात्मक आवेश पर समाप्त होती हैं।
  • दो क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को नहीं काटतीं।
  • जहाँ रेखाएँ सघन होती हैं, वहाँ क्षेत्र अधिक प्रबल होता है।

7. विद्युत फ्लक्स

Φ = E·A = EA cosθ

8. विद्युत द्विध्रुव

समान परिमाण के विपरीत चिन्ह वाले दो बिंदु आवेशों की बहुत कम दूरी पर स्थित व्यवस्था विद्युत द्विध्रुव कहलाती है।

p = q × 2a

9. एकसमान बाह्य क्षेत्र में द्विध्रुव

τ = pE sinθ
U = −pE cosθ

10. संतत आवेश वितरण

जब आवेश बहुत बड़ी संख्या में लगातार वितरित हो तो उसे संतत आवेश वितरण कहते हैं। यह रेखीय, पृष्ठीय या आयतन आवेश घनत्व के रूप में व्यक्त किया जाता है।

λ = dq/dl
σ = dq/dA
ρ = dq/dV

11. गाउस का नियम

Φ = qenclosed/ε₀

किसी बंद पृष्ठ से कुल विद्युत फ्लक्स उस पृष्ठ के भीतर स्थित कुल आवेश को ε₀ से भाग देने के बराबर होता है।

12. गाउस नियम के अनुप्रयोग

  • अनंत लंबी आवेशित तार
  • अनंत आवेशित समतल चादर
  • गोलकीय आवेश वितरण

2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. आवेश के संरक्षण का सिद्धांत क्या है?
किसी पृथक तंत्र में कुल विद्युत आवेश का मान स्थिर रहता है। आवेश न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, केवल एक वस्तु से दूसरी में स्थानांतरित हो सकता है।
प्रश्न 2. विद्युत क्षेत्र क्या है?
किसी आवेश के आसपास का वह क्षेत्र जिसमें परीक्षण आवेश विद्युत बल का अनुभव करता है, विद्युत क्षेत्र कहलाता है। E = F/q₀
प्रश्न 3. विद्युत द्विध्रुव क्या है?
समान परिमाण के विपरीत चिन्ह वाले दो आवेशों की बहुत कम दूरी पर स्थित व्यवस्था विद्युत द्विध्रुव कहलाती है। इसका द्विध्रुव आघूर्ण p = q×2a होता है।

3 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न. विद्युत क्षेत्र रेखाओं के तीन गुण लिखिए।
विद्युत क्षेत्र रेखाएँ धनात्मक आवेश से निकलती और ऋणात्मक आवेश पर समाप्त होती हैं। किसी बिंदु पर स्पर्शरेखा उस बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दिशा बताती है। दो क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं। रेखाओं की सघनता क्षेत्र की तीव्रता को दर्शाती है।

4 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न. गाउस के नियम को समझाइए तथा इसके उपयोग लिखिए।
गाउस के नियम के अनुसार किसी बंद पृष्ठ से कुल विद्युत फ्लक्स उस पृष्ठ के भीतर स्थित कुल आवेश को ε₀ से भाग देने के बराबर होता है। Φ = q/ε₀। यह नियम विशेष सममित आवेश वितरणों के विद्युत क्षेत्र की गणना में अत्यंत उपयोगी है। इसके द्वारा अनंत लंबी आवेशित तार, अनंत समतल चादर और गोलकीय आवेश वितरण के लिए विद्युत क्षेत्र ज्ञात किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण संख्यात्मक

प्रश्न. दो आवेश 2 μC और 3 μC एक-दूसरे से 0.3 m दूर हैं। उनके बीच बल ज्ञात कीजिए।
F = 9×10⁹ × (2×10⁻⁶×3×10⁻⁶)/(0.3)²
= 0.6 N
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 2 — स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता

1. स्थिरवैद्युत विभव

किसी बिंदु पर इकाई धनात्मक परीक्षण आवेश को अनंत से उस बिंदु तक लाने में किए गए कार्य को उस बिंदु का स्थिरवैद्युत विभव कहते हैं।

V = W/q

2. बिंदु आवेश के कारण विभव

V = (1/4πε₀)(q/r)

3. आवेशों के निकाय के कारण विभव

V = (1/4πε₀) Σ(qᵢ/rᵢ)

4. समविभव पृष्ठ

ऐसा पृष्ठ जिसके प्रत्येक बिंदु पर विद्युत विभव समान होता है, समविभव पृष्ठ कहलाता है। समविभव पृष्ठ पर आवेश को चलाने में कार्य शून्य होता है।

5. विद्युत द्विध्रुव के कारण विभव

द्विध्रुव के कारण विभव आवेश, द्विध्रुव आघूर्ण और बिंदु की स्थिति पर निर्भर करता है।

6. स्थितिज ऊर्जा

U = qV

7. चालक की स्थिरवैद्युतिकी

  • स्थिरवैद्युत संतुलन में चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है।
  • अतिरिक्त आवेश चालक की सतह पर रहता है।
  • चालक का विभव समान रहता है।

8. परावैद्युत एवं ध्रुवण

ऐसा पदार्थ जो विद्युत क्षेत्र में ध्रुवित हो सकता है और संधारित्र की धारिता बढ़ा सकता है, परावैद्युत कहलाता है।

9. संधारित्र

विद्युत आवेश तथा ऊर्जा को संग्रहित करने वाला उपकरण संधारित्र कहलाता है।

C = Q/V

10. समांतर प्लेट संधारित्र

C = ε₀A/d

परावैद्युत पदार्थ भरने पर—

C = Kε₀A/d

11. संधारित्रों का संयोजन

श्रेणी संयोजन:

1/C = 1/C₁ + 1/C₂ + ...

समानांतर संयोजन:

C = C₁ + C₂ + ...

12. संचित ऊर्जा

U = 1/2 CV² = 1/2 QV = Q²/2C

2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. विद्युत विभव क्या है?
किसी बिंदु पर इकाई धनात्मक परीक्षण आवेश को अनंत से उस बिंदु तक लाने में किए गए कार्य को विद्युत विभव कहते हैं। V = W/q
प्रश्न 2. संधारित्र की धारिता क्या है?
संधारित्र पर संचित आवेश और उसके बीच विभवांतर के अनुपात को धारिता कहते हैं। C = Q/V

3 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न. श्रेणी और समानांतर संयोजन में अंतर बताइए।
श्रेणी संयोजन में सभी संधारित्रों पर समान आवेश रहता है और तुल्य धारिता प्रत्येक व्यक्तिगत धारिता से कम होती है। समानांतर संयोजन में सभी संधारित्रों पर समान विभव रहता है और तुल्य धारिता सभी धारिताओं के योग के बराबर होती है।

4 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न. संधारित्र में संचित ऊर्जा का व्यंजक प्राप्त कीजिए।
संधारित्र को आवेशित करते समय किसी क्षण q आवेश पर विभव V = q/C होगा। सूक्ष्म कार्य dW = Vdq = (q/C)dq। अतः कुल ऊर्जा U = ∫₀ᴼ (q/C)dq = Q²/2C। चूँकि Q = CV, इसलिए U = 1/2 CV² = 1/2 QV = Q²/2C
प्रश्न. 4 μF संधारित्र को 100 V पर आवेशित किया गया। संचित ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
U = 1/2 CV² = 1/2 × 4×10⁻⁶ × 100² = 0.02 J
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 3 — विद्युत धारा

1. विद्युत धारा

I = Q/t

2. ओम का नियम

V = IR

3. प्रतिरोध

R = ρL/A

4. प्रतिरोधकता

पदार्थ का वह गुण जो उसके विद्युत प्रवाह के विरोध को दर्शाता है, प्रतिरोधकता कहलाती है। इसका SI मात्रक Ωm है।

5. इलेक्ट्रॉन का अपवाह वेग

विद्युत क्षेत्र की उपस्थिति में चालक के मुक्त इलेक्ट्रॉनों का औसत निर्देशित वेग अपवाह वेग कहलाता है।

I = neAvd

6. ओम के नियम की सीमाएँ

ओम का नियम सभी पदार्थों और सभी परिस्थितियों में लागू नहीं होता। डायोड, ट्रांजिस्टर तथा कुछ इलेक्ट्रोलाइटिक पदार्थ ओमीय व्यवहार नहीं करते।

7. विद्युत शक्ति

P = VI = I²R = V²/R

8. विद्युत ऊर्जा

W = Pt

9. सेल और विद्युत वाहक बल

सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है। सेल द्वारा इकाई आवेश को पूरे परिपथ में चलाने के लिए दी गई ऊर्जा को विद्युत वाहक बल (emf) कहते हैं।

10. आंतरिक प्रतिरोध

सेल के अंदर इलेक्ट्रोलाइट के कारण धारा के प्रवाह का विरोध आंतरिक प्रतिरोध कहलाता है।

11. किरचॉफ के नियम

जंक्शन नियम: किसी जंक्शन पर प्रवेश करने वाली धाराओं का योग निकलने वाली धाराओं के योग के बराबर होता है।

ΣI = 0

लूप नियम: बंद परिपथ में सभी विभव परिवर्तनों का बीजगणितीय योग शून्य होता है।

ΣV = 0

12. व्हीटस्टोन सेतु

P/Q = R/S

संतुलित अवस्था में गैल्वेनोमीटर में धारा शून्य होती है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. ओम का नियम लिखिए।
स्थिर तापमान पर किसी चालक में धारा उसके सिरों के बीच विभवांतर के समानुपाती होती है। V = IR
प्रश्न 2. प्रतिरोधकता क्या है?
पदार्थ का वह गुण जो विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है, प्रतिरोधकता कहलाता है। R = ρL/A
प्रश्न 3. किरचॉफ का जंक्शन नियम क्या है?
किसी जंक्शन पर आने वाली कुल धारा जाने वाली कुल धारा के बराबर होती है। यह आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. ओम के नियम की सीमाएँ लिखिए।
ओम का नियम उन पदार्थों पर लागू नहीं होता जिनकी प्रतिरोधकता तापमान या अन्य भौतिक स्थितियों के साथ बदलती है। अर्धचालक युक्तियाँ जैसे डायोड और ट्रांजिस्टर गैर-ओमीय व्यवहार करती हैं। इलेक्ट्रोलाइट तथा गैसों में भी सामान्यतः सरल ओम का नियम लागू नहीं होता।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. किरचॉफ के दोनों नियमों को समझाइए।
जंक्शन नियम: किसी विद्युत जंक्शन पर आने वाली धाराओं का योग बाहर जाने वाली धाराओं के योग के बराबर होता है। यह आवेश संरक्षण पर आधारित है।

लूप नियम: किसी बंद लूप में सभी emf और विभव पतनों का बीजगणितीय योग शून्य होता है। यह ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। जटिल परिपथों में अज्ञात धाराओं और विभवों को ज्ञात करने में दोनों नियम अत्यंत उपयोगी हैं।
प्रश्न. 10 Ω प्रतिरोध में 2 A धारा बह रही है। शक्ति ज्ञात कीजिए।
P = I²R = 2² × 10 = 40 W
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 4 — गतिमान आवेश और चुंबकत्व

1. चुंबकीय बल

F = q(v × B)

परिमाण के लिए—

F = qvB sinθ

2. चुंबकीय क्षेत्र में कण की गति

यदि आवेशित कण चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत गति करे तो वह वृत्ताकार पथ में चलता है।

r = mv/qB
ω = qB/m

3. बायो-सावर्ट नियम

dB = (μ₀/4π) × (I dl sinθ/r²)

4. वृत्ताकार पाश के अक्ष पर चुंबकीय क्षेत्र

B = μ₀IR² / [2(R²+x²)3/2]

5. ऐम्पियर का परिपथीय नियम

∮B·dl = μ₀Ienclosed

6. परिनालिका

B = μ₀nI

7. दो समानांतर धारावाही तारों के बीच बल

F/L = μ₀I₁I₂/(2πd)

8. धारा पाश पर बल आघूर्ण

τ = NIAB sinθ

9. चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण

M = NIA

10. चल कुंडली गैल्वेनोमीटर

यह छोटी विद्युत धाराओं को मापने वाला उपकरण है। इसमें चुंबकीय क्षेत्र में धारा प्रवाहित कुंडली पर बल आघूर्ण के कारण संकेत मिलता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. चुंबकीय बल का सूत्र लिखिए।
F = qvB sinθ। यह बल वेग और चुंबकीय क्षेत्र की दिशाओं पर निर्भर करता है।
प्रश्न 2. परिनालिका क्या है?
बहुत बड़ी संख्या में पास-पास लिपटी तार की कुंडलियों से बनी लंबी बेलनाकार व्यवस्था परिनालिका कहलाती है। इसके भीतर चुंबकीय क्षेत्र लगभग समान होता है। B = μ₀nI

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान आवेशित कण की गति समझाइए।
जब आवेशित कण चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत प्रवेश करता है तो उस पर qvB बल लगता है। यह बल वेग के लंबवत होता है और अभिकेंद्रीय बल की भूमिका निभाता है। इसलिए कण वृत्ताकार पथ में चलता है और उसकी त्रिज्या r = mv/qB होती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. चल कुंडली गैल्वेनोमीटर का सिद्धांत और कार्यप्रणाली समझाइए।
चल कुंडली गैल्वेनोमीटर में एक हल्की कुंडली को शक्तिशाली रेडियल चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है। जब कुंडली में धारा प्रवाहित होती है तो उस पर बल आघूर्ण उत्पन्न होता है। इससे कुंडली घूमती है और संकेतक पैमाने पर विचलन देता है। संतुलन में चुंबकीय बल आघूर्ण और प्रत्यास्थ पुनर्स्थापन बल आघूर्ण बराबर होते हैं। अतः विचलन धारा के समानुपाती होता है। इसी सिद्धांत से गैल्वेनोमीटर को एमीटर तथा वोल्टमीटर में बदला जाता है।
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 5 — चुंबकत्व एवं द्रव्य

1. छड़ चुंबक

छड़ चुंबक के दो ध्रुव होते हैं—उत्तर और दक्षिण। अकेला चुंबकीय ध्रुव अलग से प्राप्त नहीं किया जा सकता।

2. चुंबकीय द्विध्रुव

चुंबक को एक चुंबकीय द्विध्रुव के रूप में समझा जा सकता है।

3. चुंबकत्व एवं गाउस का नियम

∮B·dA = 0

किसी बंद पृष्ठ से कुल चुंबकीय फ्लक्स शून्य होता है।

4. चुंबकीकरण

बाह्य चुंबकीय क्षेत्र के कारण पदार्थ के प्रति इकाई आयतन में उत्पन्न चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण को चुंबकीकरण कहते हैं।

5. चुंबकीय गुणों के आधार पर पदार्थ

  • प्रतिचुंबकीय: कमजोर रूप से प्रतिकर्षित
  • अनुचुंबकीय: कमजोर रूप से आकर्षित
  • लौहचुंबकीय: प्रबल रूप से आकर्षित

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. प्रतिचुंबकीय पदार्थ क्या हैं?
वे पदार्थ जो चुंबकीय क्षेत्र द्वारा बहुत कमजोर रूप से प्रतिकर्षित होते हैं, प्रतिचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।
प्रश्न 2. अनुचुंबकीय और लौहचुंबकीय पदार्थों में अंतर बताइए।
अनुचुंबकीय पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र की ओर कमजोर आकर्षित होते हैं, जबकि लौहचुंबकीय पदार्थ बहुत प्रबल आकर्षण दिखाते हैं और स्थायी चुंबकत्व भी धारण कर सकते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रतिचुंबकीय, अनुचुंबकीय और लौहचुंबकीय पदार्थों की तुलना कीजिए।
प्रतिचुंबकीय पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र से कमजोर प्रतिकर्षित होते हैं। अनुचुंबकीय पदार्थ कमजोर आकर्षित होते हैं और चुंबकीय क्षेत्र हटने पर चुंबकत्व लगभग समाप्त हो जाता है। लौहचुंबकीय पदार्थ प्रबल आकर्षित होते हैं तथा स्थायी चुंबकत्व धारण कर सकते हैं।
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 6 — वैद्युतचुंबकीय प्रेरण

1. चुंबकीय फ्लक्स

Φ = BA cosθ

2. फैराडे का प्रेरण नियम

ε = −dΦ/dt

कुंडली से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होने पर प्रेरित emf उत्पन्न होती है।

3. लेंज का नियम

प्रेरित धारा की दिशा उस परिवर्तन का विरोध करती है जिसके कारण वह उत्पन्न हुई है। यह ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत से जुड़ा है।

4. गतिक emf

ε = Blv

5. स्व-प्रेरकत्व

ε = −L(dI/dt)

6. ऊर्जा

U = 1/2 LI²

7. प्रत्यावर्ती धारा जनित्र

यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने वाला उपकरण जनित्र कहलाता है। विद्युतचुंबकीय प्रेरण इसका आधार है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. फैराडे का नियम लिखिए।
किसी परिपथ में प्रेरित emf उससे संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स के समय के साथ परिवर्तन की दर के ऋणात्मक के बराबर होती है। ε = −dΦ/dt
प्रश्न 2. लेंज का नियम क्या है?
प्रेरित धारा की दिशा उस कारण से उत्पन्न परिवर्तन का विरोध करती है जिससे वह धारा उत्पन्न हुई है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. लेंज का नियम ऊर्जा संरक्षण को कैसे दर्शाता है?
यदि प्रेरित धारा कारण उत्पन्न परिवर्तन को बढ़ाने की दिशा में होती तो बिना बाहरी कार्य के ऊर्जा उत्पन्न होती रहती। वास्तविकता में प्रेरित धारा परिवर्तन का विरोध करती है, इसलिए प्रेरित धारा प्राप्त करने के लिए बाहरी कार्य करना पड़ता है। इस प्रकार ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत संतुष्ट होता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. विद्युतचुंबकीय प्रेरण की घटना तथा फैराडे के नियम को समझाइए।
जब किसी परिपथ से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है, तब परिपथ में प्रेरित emf उत्पन्न होती है। इसे विद्युतचुंबकीय प्रेरण कहते हैं। फैराडे के अनुसार प्रेरित emf चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के समानुपाती होती है। ε = −dΦ/dt में ऋणात्मक चिह्न लेंज के नियम को दर्शाता है। इसका उपयोग जनित्र, ट्रांसफॉर्मर और कई विद्युत उपकरणों में होता है।
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 7 — प्रत्यावर्ती धारा

1. प्रत्यावर्ती धारा

जिस धारा की दिशा और परिमाण समय के साथ आवर्ती रूप से बदलते हैं, उसे प्रत्यावर्ती धारा कहते हैं।

i = I₀ sinωt

2. RMS मान

Irms = I₀/√2
Vrms = V₀/√2

3. प्रतिरोधक पर AC

शुद्ध प्रतिरोधक में धारा और वोल्टता समान कला में होती हैं।

4. प्रेरक पर AC

शुद्ध प्रेरक में धारा वोल्टता से 90° पीछे रहती है।

5. संधारित्र पर AC

शुद्ध संधारित्र में धारा वोल्टता से 90° आगे रहती है।

6. प्रेरकीय रिएक्टेंस

XL = ωL

7. धारितीय रिएक्टेंस

XC = 1/ωC

8. LCR परिपथ

Z = √[R² + (XL−XC)²]

9. अनुनाद

XL = XC
ω₀ = 1/√LC

10. शक्ति गुणांक

P = VrmsIrmscosφ

11. ट्रांसफॉर्मर

Vs/Vp = Ns/Np

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. RMS मान क्या है?
AC के उस समतुल्य DC मान को RMS मान कहते हैं जो समान प्रतिरोध में समान ऊष्मीय प्रभाव उत्पन्न करे। साइनाकार धारा के लिए Irms = I₀/√2
प्रश्न 2. शक्ति गुणांक क्या है?
AC परिपथ में वोल्टता और धारा के बीच कला कोण φ के cos को शक्ति गुणांक कहते हैं। Power factor = cosφ

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. LCR परिपथ में अनुनाद की अवस्था समझाइए।
अनुनाद की अवस्था में प्रेरकीय रिएक्टेंस और धारितीय रिएक्टेंस बराबर होते हैं। XL = XC। अतः शुद्ध प्रतिबाधा R के बराबर हो जाती है और धारा अधिकतम होती है। अनुनादी कोणीय आवृत्ति ω₀ = 1/√LC होती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. ट्रांसफॉर्मर का सिद्धांत, रचना और कार्य समझाइए।
ट्रांसफॉर्मर पारस्परिक विद्युतचुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है। इसमें प्राथमिक और द्वितीयक कुंडलियाँ लोहे के कोर पर लिपटी होती हैं। प्राथमिक कुंडली में AC देने पर बदलता हुआ चुंबकीय फ्लक्स उत्पन्न होता है, जिससे द्वितीयक में emf प्रेरित होती है। Vs/Vp = Ns/Np। यदि Ns>Np तो यह step-up और यदि Ns<Np तो step-down transformer होता है।
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 8 — वैद्युतचुंबकीय तरंगे

1. विस्थापन धारा

बदलते विद्युत क्षेत्र से संबंधित प्रभावी धारा को विस्थापन धारा कहते हैं। यह मैक्सवेल के सिद्धांत में महत्वपूर्ण है।

2. वैद्युतचुंबकीय तरंगे

त्वरित आवेशों द्वारा उत्पन्न दोलित विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों की पारस्परिक रूप से लंबवत तथा तरंग संचरण की दिशा के भी लंबवत तरंगों को वैद्युतचुंबकीय तरंगे कहते हैं।

c = 1/√(μ₀ε₀)

3. प्रमुख गुण

  • ये अनुप्रस्थ तरंगें हैं।
  • निर्वात में प्रकाश की चाल से चलती हैं।
  • माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
  • विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्र समान कला में दोलित होते हैं।

4. वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम

तरंगउपयोग/विशेषता
रेडियो तरंगेंसंचार
माइक्रोवेवरडार, संचार, ओवन
अवरक्ततापीय उपयोग
दृश्य प्रकाशदृष्टि
पराबैंगनीजीवाणु नाश, फ्लोरेसेंस
X-किरणेंचिकित्सीय इमेजिंग
गामा किरणेंपरमाणु एवं चिकित्सा अनुप्रयोग

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. वैद्युतचुंबकीय तरंगें क्या हैं?
दोलित विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्रों से बनी अनुप्रस्थ तरंगें, जो एक-दूसरे तथा संचरण दिशा के लंबवत होती हैं, वैद्युतचुंबकीय तरंगें कहलाती हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम के क्रम को समझाइए।
आवृत्ति बढ़ने के क्रम में रेडियो तरंगें, माइक्रोवेव, अवरक्त, दृश्य प्रकाश, पराबैंगनी, X-किरणें और गामा किरणें आती हैं। इनके साथ तरंगदैर्ध्य घटता और ऊर्जा बढ़ती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. वैद्युतचुंबकीय तरंगों के प्रमुख गुण लिखिए।
वैद्युतचुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं और निर्वात में प्रकाश की चाल से चलती हैं। इन्हें संचरण के लिए भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती। इनके विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र परस्पर तथा तरंग संचरण की दिशा के लंबवत होते हैं और समान कला में दोलित होते हैं। इनकी ऊर्जा और संवेग दोनों होते हैं।
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 9 — किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र

1. परावर्तन

प्रकाश का किसी सतह से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटना परावर्तन कहलाता है।

2. दर्पण सूत्र

1/f = 1/v + 1/u

3. आवर्धन

m = −v/u = hᵢ/h₀

4. अपवर्तन

प्रकाश का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करते समय उसकी चाल और दिशा में परिवर्तन अपवर्तन कहलाता है।

5. स्नेल का नियम

n₁ sin i = n₂ sin r

6. पूर्ण आंतरिक परावर्तन

जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाता है और आपतन कोण क्रांतिक कोण से बड़ा होता है, तो प्रकाश पूर्णतः परावर्तित हो जाता है।

7. लेंस सूत्र

1/f = 1/v − 1/u

8. लेंस की शक्ति

P = 1/f

जहाँ f मीटर में है। शक्ति का मात्रक डायोप्टर है।

9. प्रिज्म

प्रिज्म में प्रकाश अपवर्तन के कारण विचलित होता है तथा श्वेत प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण भी हो सकता है।

10. प्रकाशिक यंत्र

  • मानव नेत्र
  • माइक्रोस्कोप
  • दूरबीन
  • दृष्टिदोष सुधारने वाले लेंस

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. पूर्ण आंतरिक परावर्तन की दो शर्तें लिखिए।
प्रकाश को सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना चाहिए और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए।
प्रश्न 2. लेंस की शक्ति क्या है?
लेंस की फोकस दूरी के व्युत्क्रम को उसकी शक्ति कहते हैं। P = 1/f, जहाँ f मीटर में है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. पूर्ण आंतरिक परावर्तन के तीन अनुप्रयोग लिखिए।
पूर्ण आंतरिक परावर्तन का उपयोग ऑप्टिकल फाइबर, प्रिज्म आधारित परावर्तन यंत्रों और चिकित्सीय एंडोस्कोपी में किया जाता है। ऑप्टिकल फाइबर में प्रकाश लंबी दूरी तक बहुत कम हानि के साथ संचरित किया जाता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. लेंस सूत्र और लेंस की शक्ति को समझाइए।
पतले लेंस के लिए कार्तीय संकेत परंपरा के अनुसार 1/f = 1/v − 1/u होता है। लेंस की शक्ति उसकी फोकस दूरी के व्युत्क्रम के बराबर होती है—P = 1/f, जहाँ f मीटर में है। उत्तल लेंस की शक्ति धनात्मक और अवतल लेंस की शक्ति ऋणात्मक होती है। शक्ति का SI मात्रक डायोप्टर है।
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 10 — तरंग प्रकाशिकी

1. हाइगेंस का सिद्धांत

तरंगाग्र का प्रत्येक बिंदु द्वितीयक तरंगिकाओं का स्रोत होता है और नया तरंगाग्र इन तरंगिकाओं का लिफाफा होता है।

2. व्यतिकरण

दो कला-संबद्ध प्रकाश तरंगों के अध्यारोपण से तीव्रता में स्थान-स्थान पर परिवर्तन की घटना व्यतिकरण कहलाती है।

3. यंग का द्वि-छिद्र प्रयोग

β = λD/d

जहाँ β फ्रिंज चौड़ाई है।

4. रचनात्मक व्यतिकरण

Path difference = nλ

5. विनाशी व्यतिकरण

Path difference = (2n+1)λ/2

6. विवर्तन

प्रकाश का किसी छोटे छिद्र या बाधा के किनारों से मुड़कर फैलना विवर्तन कहलाता है।

7. ध्रुवण

प्रकाश के दोलनों को एक निश्चित तल तक सीमित करने की घटना ध्रुवण कहलाती है। इससे प्रकाश की अनुप्रस्थ प्रकृति सिद्ध होती है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. व्यतिकरण क्या है?
दो कला-संबद्ध प्रकाश तरंगों के अध्यारोपण से तीव्रता में क्रमिक अधिकतम और न्यूनतम उत्पन्न होने की घटना व्यतिकरण कहलाती है।
प्रश्न 2. ध्रुवण क्या सिद्ध करता है?
ध्रुवण यह सिद्ध करता है कि प्रकाश तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. यंग के द्वि-छिद्र प्रयोग का महत्व बताइए।
यंग के द्वि-छिद्र प्रयोग ने प्रकाश के तरंग स्वरूप का प्रत्यक्ष प्रमाण दिया। दो सुसंगत स्रोतों से प्राप्त प्रकाश के व्यतिकरण के कारण स्क्रीन पर चमकीली और अंधेरी धारियाँ बनती हैं। इससे प्रकाश की तरंगदैर्ध्य भी निर्धारित की जा सकती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. यंग के द्वि-छिद्र प्रयोग में फ्रिंज चौड़ाई का व्यंजक लिखिए।
दो सुसंगत छिद्रों से निकलने वाली तरंगों के कारण स्क्रीन पर व्यतिकरण धारियाँ बनती हैं। यदि छिद्रों के बीच दूरी d, स्क्रीन की दूरी D और प्रकाश की तरंगदैर्ध्य λ है, तो समीपवर्ती दो समान प्रकृति की धारियों के बीच दूरी β = λD/d होती है। इसे फ्रिंज चौड़ाई कहते हैं। अतः फ्रिंज चौड़ाई तरंगदैर्ध्य और स्क्रीन दूरी के समानुपाती तथा छिद्र दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
प्रश्न. λ = 600 nm, D = 1.5 m और d = 0.5 mm हो तो फ्रिंज चौड़ाई ज्ञात कीजिए।
β = λD/d = (600×10⁻⁹×1.5)/(0.5×10⁻³) = 1.8×10⁻³ m = 1.8 mm
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 11 — विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति

1. इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन

धातु की सतह से इलेक्ट्रॉन निकालने की घटना इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन कहलाती है। इसके लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

2. प्रकाश-विद्युत प्रभाव

उचित आवृत्ति के प्रकाश को धातु की सतह पर डालने पर इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन प्रकाश-विद्युत प्रभाव कहलाता है।

3. आइंस्टाइन का प्रकाश-विद्युत समीकरण

hν = φ + Kmax
Kmax = hν − φ = eV₀

4. कार्य फलन

धातु की सतह से इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा को कार्य फलन कहते हैं।

5. देहली आवृत्ति

ν₀ = φ/h

6. फोटॉन

प्रकाश ऊर्जा के छोटे-छोटे पैकेटों को फोटॉन कहते हैं।

E = hν = hc/λ

7. द्रव्य की तरंग प्रकृति

डी-ब्रॉग्ली ने प्रस्तावित किया कि प्रत्येक गतिमान कण से एक तरंग संबद्ध होती है।

λ = h/p = h/mv

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. प्रकाश-विद्युत प्रभाव क्या है?
उचित आवृत्ति के प्रकाश के धातु की सतह पर पड़ने से इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन प्रकाश-विद्युत प्रभाव कहलाता है।
प्रश्न 2. फोटॉन की ऊर्जा का सूत्र लिखिए।
E = hν = hc/λ

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रकाश-विद्युत प्रभाव प्रकाश के कणीय स्वभाव का प्रमाण क्यों है?
प्रकाश-विद्युत प्रभाव में इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन देहली आवृत्ति पर निर्भर करता है और अधिकतम गतिज ऊर्जा प्रकाश की आवृत्ति के साथ बदलती है। प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने पर फोटोधारा बढ़ सकती है लेकिन अधिकतम गतिज ऊर्जा सीधे नहीं बढ़ती। ये तथ्य फोटॉन आधारित कणीय मॉडल से स्पष्ट होते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. आइंस्टाइन का प्रकाश-विद्युत समीकरण समझाइए।
आइंस्टाइन के अनुसार प्रकाश फोटॉन के रूप में ऊर्जा लेकर आता है। प्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा hν होती है। इसका एक भाग धातु का कार्य फलन φ पूरा करने में खर्च होता है और शेष ऊर्जा उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा बनती है। अतः hν = φ + Kmax या Kmax = hν − φ = eV₀। इससे देहली आवृत्ति की अवधारणा भी स्पष्ट होती है।
प्रश्न. किसी फोटॉन की आवृत्ति 6×10¹⁴ Hz है। उसकी ऊर्जा ज्ञात कीजिए। (h = 6.63×10⁻³⁴ J s)
E = hν = 6.63×10⁻³⁴ × 6×10¹⁴ = 3.978×10⁻¹⁹ J
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 12 — परमाणु

1. रदरफोर्ड का नाभिकीय मॉडल

रदरफोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग से निष्कर्ष निकला कि परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है तथा उसका धनात्मक आवेश और लगभग पूरा द्रव्यमान एक छोटे नाभिक में केंद्रित है।

2. परमाण्वीय स्पेक्ट्रम

परमाणु द्वारा उत्सर्जित या अवशोषित प्रकाश की तरंगदैर्ध्यों का विशिष्ट समूह परमाण्वीय स्पेक्ट्रम कहलाता है।

3. बोर का मॉडल

  • इलेक्ट्रॉन कुछ स्थिर कक्षाओं में घूमते हैं।
  • स्थिर कक्षा में ऊर्जा का विकिरण नहीं होता।
  • कक्षीय कोणीय संवेग क्वांटित होता है।
mvr = nh/2π

4. हाइड्रोजन परमाणु की ऊर्जा

Eₙ = −13.6/n² eV

5. हाइड्रोजन लाइन स्पेक्ट्रम

1/λ = R(1/n₁² − 1/n₂²)

6. दे-ब्रॉग्ली व्याख्या

इलेक्ट्रॉन को पदार्थ तरंग मानने पर बोर का कोणीय संवेग क्वांटीकरण सिद्ध किया जा सकता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. रदरफोर्ड मॉडल की एक प्रमुख कमी बताइए।
शास्त्रीय सिद्धांत के अनुसार घूमता हुआ इलेक्ट्रॉन ऊर्जा विकीर्ण करके नाभिक में गिर जाना चाहिए, इसलिए रदरफोर्ड मॉडल परमाणु की स्थिरता नहीं समझा सका।
प्रश्न 2. बोर की दूसरी अभिगृहीत लिखिए।
इलेक्ट्रॉन केवल उन्हीं स्थिर कक्षाओं में घूम सकता है जिनके लिए उसका कोणीय संवेग mvr = nh/2π हो।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. बोर मॉडल की मुख्य अभिगृहीत लिखिए।
इलेक्ट्रॉन निश्चित स्थिर कक्षाओं में घूमते हैं, जिनमें ऊर्जा का विकिरण नहीं होता। इन स्थिर कक्षाओं में कोणीय संवेग क्वांटित होता है। इलेक्ट्रॉन एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाने पर ही ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण करता है और ऊर्जा का अंतर hν के बराबर होता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. बोर मॉडल की सहायता से हाइड्रोजन परमाणु की ऊर्जा का महत्व समझाइए।
बोर मॉडल में इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों में रहता है। हाइड्रोजन परमाणु के लिए ऊर्जा Eₙ = −13.6/n² eV होती है। ऋणात्मक चिन्ह बताता है कि इलेक्ट्रॉन बंधी अवस्था में है। इलेक्ट्रॉन जब उच्च ऊर्जा स्तर से निम्न ऊर्जा स्तर में आता है तो ऊर्जा का एक फोटॉन उत्सर्जित होता है। विभिन्न ऊर्जा स्तरों के अंतर से हाइड्रोजन का लाइन स्पेक्ट्रम प्राप्त होता है।
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 13 — नाभिक

1. नाभिक की संरचना

नाभिक प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से मिलकर बना होता है। इन्हें सामूहिक रूप से न्यूक्लिऑन कहते हैं।

2. परमाणु द्रव्यमान

परमाणु द्रव्यमान सामान्यतः परमाणु द्रव्यमान इकाई u में व्यक्त किया जाता है।

3. नाभिक का आकार

R = R₀A1/3

4. द्रव्यमान-ऊर्जा समतुल्यता

E = mc²

5. बंधन ऊर्जा

नाभिक को उसके न्यूक्लिऑनों में पूर्णतः विभाजित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा बंधन ऊर्जा कहलाती है।

BE = Δmc²

6. नाभिकीय बल

नाभिक के न्यूक्लिऑनों के बीच कार्य करने वाला अत्यंत प्रबल तथा अल्प परास का बल नाभिकीय बल कहलाता है।

7. रेडियोऐक्टिवता

अस्थिर नाभिकों का स्वतः α, β या γ विकिरण उत्सर्जित करते हुए स्थिर होने की प्रक्रिया रेडियोऐक्टिवता कहलाती है।

8. क्षय नियम

N = N₀e−λt

9. अर्ध-आयु

T₁/₂ = 0.693/λ

10. नाभिकीय ऊर्जा

नाभिकीय विखंडन और संलयन से बड़ी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. रेडियोऐक्टिवता क्या है?
अस्थिर परमाणु नाभिकों का स्वतः α, β या γ विकिरण उत्सर्जित करते हुए अधिक स्थिर नाभिक में बदलना रेडियोऐक्टिवता कहलाता है।
प्रश्न 2. अर्ध-आयु क्या है?
किसी रेडियोधर्मी पदार्थ की प्रारंभिक नाभिक संख्या के आधी रह जाने में लगा समय उसकी अर्ध-आयु कहलाता है। T₁/₂ = 0.693/λ

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. नाभिकीय बंधन ऊर्जा क्या है?
नाभिक को उसके प्रोटॉन और न्यूट्रॉन में अलग करने के लिए आवश्यक ऊर्जा नाभिकीय बंधन ऊर्जा कहलाती है। यह द्रव्यमान दोष से संबंधित है और BE = Δmc² द्वारा ज्ञात की जा सकती है। अधिक बंधन ऊर्जा प्रति न्यूक्लिऑन सामान्यतः अधिक स्थिर नाभिक का संकेत देती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. रेडियोधर्मी क्षय नियम को समझाइए।
रेडियोधर्मी पदार्थ में क्षय की दर उस समय उपस्थित नाभिकों की संख्या के समानुपाती होती है। अतः dN/dt = −λN। इसका समाकलन करने पर N = N₀e−λt प्राप्त होता है। यहाँ λ क्षय नियतांक है। अर्ध-आयु T₁/₂ = 0.693/λ होती है। रेडियोधर्मी क्षय स्वतःस्फूर्त होता है और सामान्य भौतिक परिस्थितियाँ इसकी दर को सामान्यतः प्रभावित नहीं करतीं।
प्रश्न. किसी पदार्थ की क्षय नियतांक λ = 0.231 s⁻¹ है। अर्ध-आयु ज्ञात कीजिए।
T₁/₂ = 0.693/0.231 = 3 s
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

अध्याय 14 — अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ

1. चालक, कुचालक और अर्धचालक

जिन पदार्थों की विद्युत चालकता चालकों से कम और कुचालकों से अधिक होती है, वे अर्धचालक कहलाते हैं। सिलिकॉन और जर्मेनियम प्रमुख उदाहरण हैं।

2. नैज अर्धचालक

शुद्ध अर्धचालक को नैज अर्धचालक कहते हैं। इसमें इलेक्ट्रॉन और होल की सांद्रता समान होती है।

3. अपद्रव्यी अर्धचालक

शुद्ध अर्धचालक में नियंत्रित मात्रा में अशुद्धि मिलाकर चालकता बढ़ाई जाती है।

4. n-प्रकार

पंचसंयोजी अशुद्धि मिलाने पर n-प्रकार अर्धचालक प्राप्त होता है। इसमें इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक होते हैं।

5. p-प्रकार

त्रिसंयोजी अशुद्धि मिलाने पर p-प्रकार अर्धचालक प्राप्त होता है। इसमें होल बहुसंख्यक वाहक होते हैं।

6. p-n संधि

p और n प्रकार अर्धचालकों के संपर्क से p-n संधि बनती है। इसके पास depletion region और barrier potential बनता है।

7. डायोड

p-n संधि पर आधारित दो-टर्मिनल अर्धचालक युक्ति डायोड कहलाती है।

8. अग्र अभिनति

p-पक्ष को धनात्मक और n-पक्ष को ऋणात्मक टर्मिनल से जोड़ने पर अग्र अभिनति होती है।

9. प्रतिलोम अभिनति

p-पक्ष को ऋणात्मक और n-पक्ष को धनात्मक टर्मिनल से जोड़ने पर प्रतिलोम अभिनति होती है।

10. दिष्टकारी

AC को DC में बदलने की प्रक्रिया दिष्टकरण कहलाती है। डायोड का उपयोग दिष्टकारी के रूप में किया जाता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. नैज अर्धचालक क्या है?
शुद्ध अर्धचालक को नैज अर्धचालक कहते हैं। इसमें तापीय संतुलन पर इलेक्ट्रॉन और होल की संख्या समान होती है।
प्रश्न 2. n-प्रकार अर्धचालक क्या है?
शुद्ध अर्धचालक में पंचसंयोजी अशुद्धि मिलाने से n-प्रकार अर्धचालक बनता है। इसमें इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक होते हैं।
प्रश्न 3. p-n संधि क्या है?
p-प्रकार और n-प्रकार अर्धचालकों के संपर्क क्षेत्र को p-n संधि कहते हैं। इसके आसपास depletion region बनता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. p-प्रकार और n-प्रकार अर्धचालक में अंतर बताइए।
p-प्रकार अर्धचालक त्रिसंयोजी अशुद्धि मिलाने से बनता है और इसमें होल बहुसंख्यक वाहक होते हैं। n-प्रकार पंचसंयोजी अशुद्धि से बनता है और इसमें इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक होते हैं। दोनों में अल्पसंख्यक वाहक भी उपस्थित रहते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. p-n जंक्शन डायोड का दिष्टकारी के रूप में उपयोग समझाइए।
p-n जंक्शन डायोड धारा को मुख्यतः एक दिशा में प्रवाहित होने देता है। अग्र अभिनति में अवरोध कम हो जाता है और धारा प्रवाहित होती है, जबकि प्रतिलोम अभिनति में अवरोध बढ़ता है और धारा बहुत कम होती है। इसी एकदिशीय चालकता के कारण डायोड का उपयोग AC को स्पंदित DC में बदलने के लिए दिष्टकारी परिपथों में किया जाता है। अर्ध-तरंग और पूर्ण-तरंग दिष्टकारी इसके प्रमुख रूप हैं।

कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान — सबसे महत्वपूर्ण सूत्र

अध्यायमहत्वपूर्ण सूत्र
वैद्युत आवेशF = (1/4πε₀) q₁q₂/r²
विद्युत क्षेत्रE = F/q₀
विद्युत फ्लक्सΦ = EA cosθ
द्विध्रुव आघूर्णp = q×2a
गाउस नियमΦ = q/ε₀
विभवV = W/q
बिंदु आवेश का विभवV = (1/4πε₀)(q/r)
धारिताC = Q/V
समांतर प्लेट संधारित्रC = ε₀A/d
संधारित्र ऊर्जाU = 1/2CV²
धाराI = Q/t
ओम नियमV = IR
प्रतिरोधR = ρL/A
शक्तिP = VI = I²R = V²/R
अपवाह धाराI = neAvd
चुंबकीय बलF = qvB sinθ
लोरेंत्ज बलF = q(E + v×B)
परिनालिकाB = μ₀nI
धारा पाश आघूर्णτ = NIAB sinθ
चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्णM = NIA
फैराडे नियमε = −dΦ/dt
गतिक emfε = Blv
प्रेरक ऊर्जाU = 1/2LI²
AC RMSIrms = I₀/√2
प्रेरकीय रिएक्टेंसXL = ωL
धारितीय रिएक्टेंसXC = 1/ωC
LCR प्रतिबाधाZ = √[R²+(XL−XC)²]
अनुनादω₀ = 1/√LC
शक्तिP = VrmsIrmscosφ
ट्रांसफॉर्मरVs/Vp = Ns/Np
EM तरंगc = 1/√(μ₀ε₀)
दर्पण1/f = 1/v + 1/u
दर्पण आवर्धनm = −v/u
लेंस1/f = 1/v − 1/u
लेंस शक्तिP = 1/f
स्नेल नियमn₁sin i = n₂sin r
YDS फ्रिंज चौड़ाईβ = λD/d
फोटॉन ऊर्जाE = hν = hc/λ
फोटोइलेक्ट्रिक समीकरणhν = φ + Kmax
डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्यλ = h/p = h/mv
बोर कोणीय संवेगmvr = nh/2π
बोर ऊर्जाEₙ = −13.6/n² eV
नाभिक त्रिज्याR = R₀A1/3
द्रव्यमान-ऊर्जाE = mc²
रेडियोधर्मी क्षयN = N₀e−λt
अर्ध-आयुT₁/₂ = 0.693/λ

अत्यंत महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न — उत्तर सहित

सही विकल्प

  1. आवेश का SI मात्रक है— कूलॉम
  2. कूलॉम नियम किसके बीच बल बताता है? — दो बिंदु आवेशों के बीच
  3. विद्युत क्षेत्र का SI मात्रक है— N/C
  4. संधारित्र की धारिता का SI मात्रक है— फैरड
  5. ओम के नियम का समीकरण है— V = IR
  6. विद्युत शक्ति का एक सूत्र है— P = VI
  7. चुंबकीय बल का सूत्र है— qvB sinθ
  8. फैराडे का नियम किससे संबंधित है? — विद्युतचुंबकीय प्रेरण
  9. LCR अनुनाद में— XL = XC
  10. EM तरंगों को संचरण के लिए माध्यम— आवश्यक नहीं
  11. लेंस की शक्ति का मात्रक— डायोप्टर
  12. फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव किसका प्रमाण है? — प्रकाश का कणीय स्वभाव
  13. बोर मॉडल में कोणीय संवेग— क्वांटित
  14. रेडियोधर्मी अर्ध-आयु का सूत्र— 0.693/λ
  15. n-प्रकार अर्धचालक में बहुसंख्यक वाहक— इलेक्ट्रॉन

रिक्त स्थान — उत्तर सहित

  1. आवेश का SI मात्रक ________ है। — कूलॉम
  2. विद्युत क्षेत्र E = ________। — F/q
  3. संधारित्र की धारिता C = ________। — Q/V
  4. ओम का नियम V = ________। — IR
  5. विद्युत शक्ति P = ________। — VI
  6. चुंबकीय बल F = ________। — qvB sinθ
  7. फैराडे नियम ε = ________। — −dΦ/dt
  8. AC का RMS मान I₀/________ होता है। — √2
  9. लेंस की शक्ति P = ________। — 1/f
  10. फोटॉन की ऊर्जा E = ________। —

सत्य / असत्य — उत्तर सहित

  1. आवेश क्वांटित होता है। — सत्य
  2. विद्युत क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को काट सकती हैं। — असत्य
  3. संधारित्र विद्युत ऊर्जा संग्रहित कर सकता है। — सत्य
  4. ओम का नियम सभी पदार्थों पर लागू होता है। — असत्य
  5. चुंबकीय क्षेत्र स्थिर आवेश पर बल लगाता है। — असत्य
  6. EM तरंगें निर्वात में चल सकती हैं। — सत्य
  7. ध्रुवण प्रकाश की अनुप्रस्थ प्रकृति सिद्ध करता है। — सत्य
  8. फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव के लिए देहली आवृत्ति आवश्यक है। — सत्य
  9. p-प्रकार अर्धचालक में होल बहुसंख्यक वाहक हैं। — सत्य
  10. ट्रांसफॉर्मर DC पर सामान्यतः कार्य करता है। — असत्य

सही जोड़ी — उत्तर सहित

कॉलम Aकॉलम B
1. कूलॉमआवेश
2. फैरडधारिता
3. ओमप्रतिरोध
4. टेस्लाचुंबकीय क्षेत्र
5. डायोप्टरलेंस शक्ति
6. हर्ट्जआवृत्ति

एक वाक्य में उत्तर

  1. कूलॉम नियम क्या बताता है? — दो बिंदु आवेशों के बीच विद्युत बल।
  2. धारिता का SI मात्रक क्या है? — फैरड।
  3. ओम का नियम क्या है? — V = IR।
  4. फैराडे का नियम किससे संबंधित है? — विद्युतचुंबकीय प्रेरण।
  5. AC का RMS मान क्या है? — I₀/√2।
  6. दृश्य प्रकाश किस स्पेक्ट्रम का भाग है? — वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम।
  7. फोटॉन की ऊर्जा क्या है? — E = hν।
  8. बोर का मॉडल किस परमाणु के लिए सफल है? — हाइड्रोजन जैसे एक-इलेक्ट्रॉन परमाणु के लिए।
  9. रेडियोधर्मी क्षय का मूल नियम क्या है? — क्षय दर उपस्थित नाभिकों की संख्या के समानुपाती होती है।
  10. n-प्रकार अर्धचालक में बहुसंख्यक वाहक कौन हैं? — इलेक्ट्रॉन।

संभावित संख्यात्मक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. 5 Ω प्रतिरोध में 4 A धारा बह रही है। विभवांतर ज्ञात कीजिए।
V = IR = 4×5 = 20 V
प्रश्न 2. 220 V और 5 A के उपकरण की शक्ति ज्ञात कीजिए।
P = VI = 220×5 = 1100 W
प्रश्न 3. 10 μF संधारित्र को 200 V पर चार्ज किया गया। ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
U = 1/2CV² = 1/2×10×10⁻⁶×200² = 0.2 J
प्रश्न 4. किसी धारावाही चालक में 3 A धारा तथा चुंबकीय क्षेत्र 0.5 T है। चालक की लंबाई 2 m और कोण 90° है। बल ज्ञात कीजिए।
F = BIL sin90° = 0.5×3×2 = 3 N
प्रश्न 5. किसी कुंडली से संबद्ध फ्लक्स 0.5 Wb से 0.1 Wb तक 0.2 s में बदलता है। औसत प्रेरित emf ज्ञात कीजिए।
ε = ΔΦ/Δt = (0.5−0.1)/0.2 = 2 V
प्रश्न 6. AC का अधिकतम धारा मान 10 A है। RMS मान ज्ञात कीजिए।
Irms = I₀/√2 = 10/√2 = 7.07 A
प्रश्न 7. 600 nm तरंगदैर्ध्य वाले प्रकाश की आवृत्ति ज्ञात कीजिए।
ν = c/λ = 3×10⁸/(600×10⁻⁹) = 5×10¹⁴ Hz
प्रश्न 8. इलेक्ट्रॉन 2×10⁶ m/s की चाल से चल रहा है। उसकी डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य का सूत्र लिखते हुए गणना कीजिए।
λ = h/mv
= 6.63×10⁻³⁴/(9.1×10⁻³¹×2×10⁶)
3.64×10⁻¹⁰ m
प्रश्न 9. किसी रेडियोधर्मी पदार्थ की अर्ध-आयु 10 दिन है। 20 दिन बाद कितने अंश शेष रहेगा?
20 दिन = 2 अर्ध-आयु। शेष अंश = (1/2)² = 1/4
प्रश्न 10. किसी 2 D शक्ति वाले लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।
P = 1/f
f = 1/2 = 0.5 m
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान — 50 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. कूलॉम का नियम लिखिए।
  2. आवेश के संरक्षण एवं क्वांटीकरण को समझाइए।
  3. विद्युत क्षेत्र और विद्युत फ्लक्स की परिभाषा दीजिए।
  4. गाउस का नियम और उसके अनुप्रयोग लिखिए।
  5. विद्युत द्विध्रुव का आघूर्ण क्या है?
  6. समविभव पृष्ठ क्या है?
  7. संधारित्र की धारिता किन कारकों पर निर्भर करती है?
  8. संधारित्र में संचित ऊर्जा का व्यंजक प्राप्त कीजिए।
  9. ओम के नियम की सीमाएँ लिखिए।
  10. प्रतिरोधकता और चालकता समझाइए।
  11. किरचॉफ के नियम लिखिए।
  12. व्हीटस्टोन सेतु का सिद्धांत समझाइए।
  13. चुंबकीय बल का सूत्र लिखिए।
  14. बायो-सावर्ट नियम समझाइए।
  15. ऐम्पियर का परिपथीय नियम लिखिए।
  16. दो समानांतर धारावाही तारों के बीच बल का व्यंजक लिखिए।
  17. चल कुंडली गैल्वेनोमीटर का सिद्धांत लिखिए।
  18. प्रतिचुंबकीय, अनुचुंबकीय और लौहचुंबकीय पदार्थों में अंतर बताइए।
  19. फैराडे के विद्युतचुंबकीय प्रेरण नियम लिखिए।
  20. लेंज का नियम और ऊर्जा संरक्षण समझाइए।
  21. गतिक emf क्या है?
  22. AC का RMS मान क्या है?
  23. LCR परिपथ में अनुनाद क्या है?
  24. ट्रांसफॉर्मर का सिद्धांत एवं कार्य लिखिए।
  25. वैद्युतचुंबकीय तरंगों के गुण लिखिए।
  26. वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम का क्रम लिखिए।
  27. दर्पण सूत्र एवं आवर्धन लिखिए।
  28. पूर्ण आंतरिक परावर्तन की शर्तें लिखिए।
  29. लेंस सूत्र और शक्ति लिखिए।
  30. प्रिज्म में विचलन समझाइए।
  31. हाइगेंस सिद्धांत लिखिए।
  32. व्यतिकरण एवं विवर्तन में अंतर बताइए।
  33. यंग के द्वि-छिद्र प्रयोग का सिद्धांत लिखिए।
  34. ध्रुवण प्रकाश की अनुप्रस्थ प्रकृति कैसे सिद्ध करता है?
  35. प्रकाश-विद्युत प्रभाव समझाइए।
  36. आइंस्टाइन का प्रकाश-विद्युत समीकरण लिखिए।
  37. फोटॉन क्या है?
  38. डी-ब्रॉग्ली परिकल्पना क्या है?
  39. रदरफोर्ड मॉडल की सीमाएँ बताइए।
  40. बोर मॉडल की अभिगृहीत लिखिए।
  41. हाइड्रोजन परमाणु की ऊर्जा का सूत्र लिखिए।
  42. नाभिक का आकार किस सूत्र से ज्ञात होता है?
  43. द्रव्यमान दोष और बंधन ऊर्जा समझाइए।
  44. रेडियोधर्मी क्षय का नियम लिखिए।
  45. अर्ध-आयु क्या है?
  46. नाभिकीय विखंडन एवं संलयन में अंतर बताइए।
  47. नैज और अपद्रव्यी अर्धचालक में अंतर बताइए।
  48. p-प्रकार और n-प्रकार अर्धचालक में अंतर बताइए।
  49. p-n संधि और depletion region समझाइए।
  50. डायोड का दिष्टकारी के रूप में उपयोग समझाइए।

एक नजर में — पूरे पाठ्यक्रम का त्वरित रिवीजन

अध्याय 1
आवेश • कूलॉम • E • फ्लक्स • द्विध्रुव • गाउस नियम
अध्याय 2
विभव • समविभव • संधारित्र • धारिता • ऊर्जा
अध्याय 3
I • V=IR • R=ρL/A • शक्ति • Kirchhoff • Wheatstone
अध्याय 4
चुंबकीय बल • Biot-Savart • Ampere • Solenoid • Galvanometer
अध्याय 5
चुंबकीकरण • Gauss law • Dia/Para/Ferro
अध्याय 6
Flux • Faraday • Lenz • Motional emf • Generator
अध्याय 7
AC • RMS • XL • XC • LCR • Resonance • Transformer
अध्याय 8
Displacement current • EM waves • Spectrum
अध्याय 9
Reflection • Refraction • TIR • Lens • Prism • Optical instruments
अध्याय 10
Huygens • Interference • YDSE • Diffraction • Polarisation
अध्याय 11
Photoelectric effect • Photon • Einstein • de Broglie
अध्याय 12
Rutherford • Bohr • Energy levels • Spectrum
अध्याय 13
Nucleus • Mass defect • Binding energy • Radioactivity • Nuclear energy
अध्याय 14
Semiconductor • p/n type • p-n junction • Diode • Rectifier

परीक्षा से पहले अंतिम चेकलिस्ट

  • सभी सूत्रों को कम से कम दो बार लिखकर अभ्यास करें।
  • SI मात्रक और विमाएँ याद करें।
  • कूलॉम नियम, गाउस नियम और विद्युत द्विध्रुव के प्रश्न तैयार करें।
  • संधारित्र के श्रृंखला एवं समानांतर संयोजन पर प्रश्न हल करें।
  • ओम नियम, Kirchhoff और Wheatstone bridge के संख्यात्मक अभ्यास करें।
  • Biot-Savart, Ampere तथा moving charge के सूत्र याद करें।
  • Galvanometer, Generator और Transformer के सिद्धांत तैयार करें।
  • AC में RMS, reactance, impedance, power factor और resonance पर विशेष ध्यान दें।
  • Electromagnetic spectrum का क्रम और उपयोग याद करें।
  • दर्पण एवं लेंस के सूत्र और sign convention दोहराएँ।
  • YDSE, fringe width, diffraction तथा polarisation तैयार करें।
  • Photoelectric equation और de Broglie relation के संख्यात्मक प्रश्न करें।
  • Bohr model के energy levels और hydrogen spectrum याद करें।
  • Binding energy, mass defect, radioactive decay और half-life के numericals करें।
  • p-type, n-type, p-n junction और rectifier के diagram सहित अभ्यास करें।
  • 2 अंक के उत्तर में परिभाषा + सूत्र/मुख्य तथ्य लिखें।
  • 3 अंक में सिद्धांत + तीन प्रमुख बिंदु/चरण लिखें।
  • 4 अंक में सिद्धांत + व्युत्पत्ति/व्याख्या + निष्कर्ष लिखें।
भौतिक विज्ञान की उत्तर लेखन रणनीति: जहाँ भी संभव हो परिभाषा → सिद्धांत → सूत्र → SI मात्रक → गणना/आरेख → अंतिम उत्तर का क्रम अपनाएँ। संख्यात्मक प्रश्नों में केवल अंतिम उत्तर न लिखें; सूत्र, मान रखना, इकाई और अंतिम परिणाम अवश्य दिखाएँ।

इस अध्ययन सामग्री की मुख्य विशेषताएँ

  • ब्लूप्रिंट एवं संशोधित पाठ्यक्रम अनुरूप: 70 अंक की सैद्धांतिक परीक्षा के लिए 1, 2, 3 एवं 4/5 अंक वाले प्रश्नों का सटीक वर्गीकरण।
  • महत्वपूर्ण व्युत्पत्तियाँ (Key Derivations): गॉस का नियम, लेंस निर्माता सूत्र (Lens Maker's Formula), हाइगेंस का तरंग सिद्धांत, प्रिज्म का सूत्र, व्हीटस्टोन सेतु आदि की चरणबद्ध व्याख्या।
  • अध्यायवार सूत्र चार्ट (Formula Sheet): न्यूमेरिकल प्रश्नों को आसानी से हल करने के लिए सभी प्रमुख भौतिक राशियों के सूत्र, मात्रक (SI Units) एवं विमीय सूत्र।
  • नामांकित चित्र एवं परिपथ आरेख: ट्रांसफॉर्मर, जनरेटर, संयुक्त सूक्ष्मदर्शी, खगोलीय दूरदर्शी और p-n संधि डायोड के स्पष्ट नामांकित रेखाचित्र।

परीक्षा-उपयोगी प्रश्न बैंक:

  • वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ / रिक्त स्थान / सही जोड़ी / एक शब्द उत्तर): 28 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की विशेष तैयारी।
  • अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक): मूलभूत परिभाषाएं, नियम और कारण स्पष्ट करने वाले प्रश्न।
  • लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक): वैचारिक प्रश्न एवं मानक न्यूमेरिकल समस्याएं।
  • दीर्घ उत्तरीय / विश्लेषणात्मक प्रश्न (4/5 अंक): प्रमुख सिद्धांतों का विस्तार एवं बड़े व्युत्पत्ति-आधारित प्रश्न।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

अस्वीकरण (Disclaimer): इस पोस्ट में उपलब्ध कराई गई अंक योजना, पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों एवं सत्र 2026-27 के शैक्षणिक प्रारूप पर आधारित है। यह सामग्री केवल विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, अभ्यास और मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार की गई है। परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार के आधिकारिक संशोधन, प्रायोगिक परीक्षा दिशा-निर्देश अथवा अंतिम घोषणा के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (mpbse.nic.in) पर जारी सूचनाओं को ही अंतिम रूप से प्रामाणिक माना जाए।

 

WhatsApp पर Share करने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए
Share:

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Gyan Deep Info की अपडेट E-Mail पर प्राप्त करने के लिए अपना Email दर्ज कर Subscribe पर क्लिक कीजिए

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

Welcome





Gyan Deep Info पर आपका स्वागत है. “Welcome To Gyan Deep Info” DPI Orders - GAD MP Orders - MP Finance Orders - Health Department Orders - MP Education Department Orders - Tribal Department Orders.


This Blog is protected by DMCA.com

Recent Posts

Popular Posts

यह ब्लॉग खोजें

Copyright Gyan Deep Info. Blogger द्वारा संचालित.

Contact Us

नाम

ईमेल *

संदेश *

Subscribe Here

About us

ब्लॉग आर्काइव