MP Board Class 12th Physics Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान नोट्स, सूत्र एवं अंक योजना
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान (Physics) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित सरल नोट्स, महत्वपूर्ण व्युत्पत्ति (Derivations), सूत्र चार्ट एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।- MP Board Class 12th Physics Blueprint 2026-27
- Class 12th Physics Notes in Hindi MPBSE
- MP Board 12th Physics Important Derivations
- कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान नोट्स एवं सूत्र
- MPBSE 12th Physics Model Paper and Numerical Questions 2026-27
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 12वीं [विषय: भौतिक विज्ञान] अध्ययन सामग्री
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। भौतिक विज्ञान (Physics) एक ऐसा विषय है जिसमें 100% सफलता प्राप्त करने के लिए सैद्धांतिक नियमों, गणितीय सूत्रों, महत्वपूर्ण व्युत्पत्तियों (Derivations) और संख्यात्मक प्रश्नों (Numericals) का संतुलित अभ्यास आवश्यक है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को प्रभावी और सुगम बनाने के लिए यहाँ कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान की अद्यतन अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, फॉर्मूला शीट, प्रमुख व्युत्पत्तियाँ और परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कक्षा 12वीं भौतिक शास्त्र
सरल नोट्स, सूत्र एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27
पूर्णांक — 70 | समय — 3:00 घंटे
परीक्षा प्रश्न संरचना
| प्रश्न | प्रकार | प्रश्न | प्रति प्रश्न | अंक |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सही विकल्प | 06 | 1 | 06 |
| 2 | रिक्त स्थान | 06 | 1 | 06 |
| 3 | सत्य/असत्य | 05 | 1 | 05 |
| 4 | सही जोड़ी | 06 | 1 | 06 |
| 5 | एक वाक्य में उत्तर | 05 | 1 | 05 |
| 6–12 | लघु उत्तरीय | 07 | 2 | 14 |
| 13–16 | मध्यम उत्तरीय | 04 | 3 | 12 |
| 17–20 | दीर्घ उत्तरीय | 04 | 4 | 16 |
| कुल | 70 | |||
इकाई/अध्यायों का पाठ्यक्रम — संक्षिप्त मानचित्र
| अध्याय | विषय |
|---|---|
| 1 | वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र |
| 2 | स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता |
| 3 | विद्युत धारा |
| 4 | गतिमान आवेश और चुंबकत्व |
| 5 | चुंबकत्व एवं द्रव्य |
| 6 | वैद्युतचुंबकीय प्रेरण |
| 7 | प्रत्यावर्ती धारा |
| 8 | वैद्युतचुंबकीय तरंगे |
| 9 | किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र |
| 10 | तरंग प्रकाशिकी |
| 11 | विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति |
| 12 | परमाणु |
| 13 | नाभिक |
| 14 | अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ |
अध्याय 1 — वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
1. वैद्युत आवेश
पदार्थ का वह गुण जिसके कारण विद्युत आकर्षण या प्रतिकर्षण बल उत्पन्न होता है, वैद्युत आवेश कहलाता है। आवेश दो प्रकार के होते हैं—धनात्मक और ऋणात्मक।
2. चालक और विद्युतरोधी
चालक: जिनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन आसानी से गति कर सकते हैं, जैसे ताँबा, एल्युमिनियम।
विद्युतरोधी: जिनमें मुक्त आवेश वाहक आसानी से गति नहीं करते, जैसे काँच, रबर।
3. आवेश के मूल गुण
- आवेश का संरक्षण
- आवेश का क्वांटीकरण
- आवेशों की योगात्मकता
जहाँ n पूर्णांक है तथा e इलेक्ट्रॉन का मूल आवेश है।
4. कूलॉम का नियम
दो बिंदु आवेशों के बीच वैद्युत बल उनके आवेशों के गुणनफल के समानुपाती और उनके बीच दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
5. विद्युत क्षेत्र
किसी आवेश के आसपास का वह क्षेत्र जिसमें कोई परीक्षण आवेश विद्युत बल अनुभव करता है, विद्युत क्षेत्र कहलाता है।
6. विद्युत क्षेत्र रेखाएँ
- धनात्मक आवेश से बाहर निकलती हैं।
- ऋणात्मक आवेश पर समाप्त होती हैं।
- दो क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को नहीं काटतीं।
- जहाँ रेखाएँ सघन होती हैं, वहाँ क्षेत्र अधिक प्रबल होता है।
7. विद्युत फ्लक्स
8. विद्युत द्विध्रुव
समान परिमाण के विपरीत चिन्ह वाले दो बिंदु आवेशों की बहुत कम दूरी पर स्थित व्यवस्था विद्युत द्विध्रुव कहलाती है।
9. एकसमान बाह्य क्षेत्र में द्विध्रुव
10. संतत आवेश वितरण
जब आवेश बहुत बड़ी संख्या में लगातार वितरित हो तो उसे संतत आवेश वितरण कहते हैं। यह रेखीय, पृष्ठीय या आयतन आवेश घनत्व के रूप में व्यक्त किया जाता है।
11. गाउस का नियम
किसी बंद पृष्ठ से कुल विद्युत फ्लक्स उस पृष्ठ के भीतर स्थित कुल आवेश को ε₀ से भाग देने के बराबर होता है।
12. गाउस नियम के अनुप्रयोग
- अनंत लंबी आवेशित तार
- अनंत आवेशित समतल चादर
- गोलकीय आवेश वितरण
2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
3 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
4 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
महत्वपूर्ण संख्यात्मक
= 0.6 N
अध्याय 2 — स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
1. स्थिरवैद्युत विभव
किसी बिंदु पर इकाई धनात्मक परीक्षण आवेश को अनंत से उस बिंदु तक लाने में किए गए कार्य को उस बिंदु का स्थिरवैद्युत विभव कहते हैं।
2. बिंदु आवेश के कारण विभव
3. आवेशों के निकाय के कारण विभव
4. समविभव पृष्ठ
ऐसा पृष्ठ जिसके प्रत्येक बिंदु पर विद्युत विभव समान होता है, समविभव पृष्ठ कहलाता है। समविभव पृष्ठ पर आवेश को चलाने में कार्य शून्य होता है।
5. विद्युत द्विध्रुव के कारण विभव
द्विध्रुव के कारण विभव आवेश, द्विध्रुव आघूर्ण और बिंदु की स्थिति पर निर्भर करता है।
6. स्थितिज ऊर्जा
7. चालक की स्थिरवैद्युतिकी
- स्थिरवैद्युत संतुलन में चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है।
- अतिरिक्त आवेश चालक की सतह पर रहता है।
- चालक का विभव समान रहता है।
8. परावैद्युत एवं ध्रुवण
ऐसा पदार्थ जो विद्युत क्षेत्र में ध्रुवित हो सकता है और संधारित्र की धारिता बढ़ा सकता है, परावैद्युत कहलाता है।
9. संधारित्र
विद्युत आवेश तथा ऊर्जा को संग्रहित करने वाला उपकरण संधारित्र कहलाता है।
10. समांतर प्लेट संधारित्र
परावैद्युत पदार्थ भरने पर—
11. संधारित्रों का संयोजन
श्रेणी संयोजन:
समानांतर संयोजन:
12. संचित ऊर्जा
2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
3 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
4 अंक प्रश्न — उत्तर सहित
अध्याय 3 — विद्युत धारा
1. विद्युत धारा
2. ओम का नियम
3. प्रतिरोध
4. प्रतिरोधकता
पदार्थ का वह गुण जो उसके विद्युत प्रवाह के विरोध को दर्शाता है, प्रतिरोधकता कहलाती है। इसका SI मात्रक Ωm है।
5. इलेक्ट्रॉन का अपवाह वेग
विद्युत क्षेत्र की उपस्थिति में चालक के मुक्त इलेक्ट्रॉनों का औसत निर्देशित वेग अपवाह वेग कहलाता है।
6. ओम के नियम की सीमाएँ
ओम का नियम सभी पदार्थों और सभी परिस्थितियों में लागू नहीं होता। डायोड, ट्रांजिस्टर तथा कुछ इलेक्ट्रोलाइटिक पदार्थ ओमीय व्यवहार नहीं करते।
7. विद्युत शक्ति
8. विद्युत ऊर्जा
9. सेल और विद्युत वाहक बल
सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है। सेल द्वारा इकाई आवेश को पूरे परिपथ में चलाने के लिए दी गई ऊर्जा को विद्युत वाहक बल (emf) कहते हैं।
10. आंतरिक प्रतिरोध
सेल के अंदर इलेक्ट्रोलाइट के कारण धारा के प्रवाह का विरोध आंतरिक प्रतिरोध कहलाता है।
11. किरचॉफ के नियम
जंक्शन नियम: किसी जंक्शन पर प्रवेश करने वाली धाराओं का योग निकलने वाली धाराओं के योग के बराबर होता है।
लूप नियम: बंद परिपथ में सभी विभव परिवर्तनों का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
12. व्हीटस्टोन सेतु
संतुलित अवस्था में गैल्वेनोमीटर में धारा शून्य होती है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
लूप नियम: किसी बंद लूप में सभी emf और विभव पतनों का बीजगणितीय योग शून्य होता है। यह ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। जटिल परिपथों में अज्ञात धाराओं और विभवों को ज्ञात करने में दोनों नियम अत्यंत उपयोगी हैं।
अध्याय 4 — गतिमान आवेश और चुंबकत्व
1. चुंबकीय बल
परिमाण के लिए—
2. चुंबकीय क्षेत्र में कण की गति
यदि आवेशित कण चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत गति करे तो वह वृत्ताकार पथ में चलता है।
3. बायो-सावर्ट नियम
4. वृत्ताकार पाश के अक्ष पर चुंबकीय क्षेत्र
5. ऐम्पियर का परिपथीय नियम
6. परिनालिका
7. दो समानांतर धारावाही तारों के बीच बल
8. धारा पाश पर बल आघूर्ण
9. चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण
10. चल कुंडली गैल्वेनोमीटर
यह छोटी विद्युत धाराओं को मापने वाला उपकरण है। इसमें चुंबकीय क्षेत्र में धारा प्रवाहित कुंडली पर बल आघूर्ण के कारण संकेत मिलता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 5 — चुंबकत्व एवं द्रव्य
1. छड़ चुंबक
छड़ चुंबक के दो ध्रुव होते हैं—उत्तर और दक्षिण। अकेला चुंबकीय ध्रुव अलग से प्राप्त नहीं किया जा सकता।
2. चुंबकीय द्विध्रुव
चुंबक को एक चुंबकीय द्विध्रुव के रूप में समझा जा सकता है।
3. चुंबकत्व एवं गाउस का नियम
किसी बंद पृष्ठ से कुल चुंबकीय फ्लक्स शून्य होता है।
4. चुंबकीकरण
बाह्य चुंबकीय क्षेत्र के कारण पदार्थ के प्रति इकाई आयतन में उत्पन्न चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण को चुंबकीकरण कहते हैं।
5. चुंबकीय गुणों के आधार पर पदार्थ
- प्रतिचुंबकीय: कमजोर रूप से प्रतिकर्षित
- अनुचुंबकीय: कमजोर रूप से आकर्षित
- लौहचुंबकीय: प्रबल रूप से आकर्षित
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
अध्याय 6 — वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
1. चुंबकीय फ्लक्स
2. फैराडे का प्रेरण नियम
कुंडली से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होने पर प्रेरित emf उत्पन्न होती है।
3. लेंज का नियम
प्रेरित धारा की दिशा उस परिवर्तन का विरोध करती है जिसके कारण वह उत्पन्न हुई है। यह ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत से जुड़ा है।
4. गतिक emf
5. स्व-प्रेरकत्व
6. ऊर्जा
7. प्रत्यावर्ती धारा जनित्र
यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने वाला उपकरण जनित्र कहलाता है। विद्युतचुंबकीय प्रेरण इसका आधार है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 7 — प्रत्यावर्ती धारा
1. प्रत्यावर्ती धारा
जिस धारा की दिशा और परिमाण समय के साथ आवर्ती रूप से बदलते हैं, उसे प्रत्यावर्ती धारा कहते हैं।
2. RMS मान
3. प्रतिरोधक पर AC
शुद्ध प्रतिरोधक में धारा और वोल्टता समान कला में होती हैं।
4. प्रेरक पर AC
शुद्ध प्रेरक में धारा वोल्टता से 90° पीछे रहती है।
5. संधारित्र पर AC
शुद्ध संधारित्र में धारा वोल्टता से 90° आगे रहती है।
6. प्रेरकीय रिएक्टेंस
7. धारितीय रिएक्टेंस
8. LCR परिपथ
9. अनुनाद
10. शक्ति गुणांक
11. ट्रांसफॉर्मर
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 8 — वैद्युतचुंबकीय तरंगे
1. विस्थापन धारा
बदलते विद्युत क्षेत्र से संबंधित प्रभावी धारा को विस्थापन धारा कहते हैं। यह मैक्सवेल के सिद्धांत में महत्वपूर्ण है।
2. वैद्युतचुंबकीय तरंगे
त्वरित आवेशों द्वारा उत्पन्न दोलित विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों की पारस्परिक रूप से लंबवत तथा तरंग संचरण की दिशा के भी लंबवत तरंगों को वैद्युतचुंबकीय तरंगे कहते हैं।
3. प्रमुख गुण
- ये अनुप्रस्थ तरंगें हैं।
- निर्वात में प्रकाश की चाल से चलती हैं।
- माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
- विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्र समान कला में दोलित होते हैं।
4. वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम
| तरंग | उपयोग/विशेषता |
|---|---|
| रेडियो तरंगें | संचार |
| माइक्रोवेव | रडार, संचार, ओवन |
| अवरक्त | तापीय उपयोग |
| दृश्य प्रकाश | दृष्टि |
| पराबैंगनी | जीवाणु नाश, फ्लोरेसेंस |
| X-किरणें | चिकित्सीय इमेजिंग |
| गामा किरणें | परमाणु एवं चिकित्सा अनुप्रयोग |
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 9 — किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
1. परावर्तन
प्रकाश का किसी सतह से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटना परावर्तन कहलाता है।
2. दर्पण सूत्र
3. आवर्धन
4. अपवर्तन
प्रकाश का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करते समय उसकी चाल और दिशा में परिवर्तन अपवर्तन कहलाता है।
5. स्नेल का नियम
6. पूर्ण आंतरिक परावर्तन
जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाता है और आपतन कोण क्रांतिक कोण से बड़ा होता है, तो प्रकाश पूर्णतः परावर्तित हो जाता है।
7. लेंस सूत्र
8. लेंस की शक्ति
जहाँ f मीटर में है। शक्ति का मात्रक डायोप्टर है।
9. प्रिज्म
प्रिज्म में प्रकाश अपवर्तन के कारण विचलित होता है तथा श्वेत प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण भी हो सकता है।
10. प्रकाशिक यंत्र
- मानव नेत्र
- माइक्रोस्कोप
- दूरबीन
- दृष्टिदोष सुधारने वाले लेंस
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 10 — तरंग प्रकाशिकी
1. हाइगेंस का सिद्धांत
तरंगाग्र का प्रत्येक बिंदु द्वितीयक तरंगिकाओं का स्रोत होता है और नया तरंगाग्र इन तरंगिकाओं का लिफाफा होता है।
2. व्यतिकरण
दो कला-संबद्ध प्रकाश तरंगों के अध्यारोपण से तीव्रता में स्थान-स्थान पर परिवर्तन की घटना व्यतिकरण कहलाती है।
3. यंग का द्वि-छिद्र प्रयोग
जहाँ β फ्रिंज चौड़ाई है।
4. रचनात्मक व्यतिकरण
5. विनाशी व्यतिकरण
6. विवर्तन
प्रकाश का किसी छोटे छिद्र या बाधा के किनारों से मुड़कर फैलना विवर्तन कहलाता है।
7. ध्रुवण
प्रकाश के दोलनों को एक निश्चित तल तक सीमित करने की घटना ध्रुवण कहलाती है। इससे प्रकाश की अनुप्रस्थ प्रकृति सिद्ध होती है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 11 — विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
1. इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन
धातु की सतह से इलेक्ट्रॉन निकालने की घटना इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन कहलाती है। इसके लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
2. प्रकाश-विद्युत प्रभाव
उचित आवृत्ति के प्रकाश को धातु की सतह पर डालने पर इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन प्रकाश-विद्युत प्रभाव कहलाता है।
3. आइंस्टाइन का प्रकाश-विद्युत समीकरण
4. कार्य फलन
धातु की सतह से इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा को कार्य फलन कहते हैं।
5. देहली आवृत्ति
6. फोटॉन
प्रकाश ऊर्जा के छोटे-छोटे पैकेटों को फोटॉन कहते हैं।
7. द्रव्य की तरंग प्रकृति
डी-ब्रॉग्ली ने प्रस्तावित किया कि प्रत्येक गतिमान कण से एक तरंग संबद्ध होती है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 12 — परमाणु
1. रदरफोर्ड का नाभिकीय मॉडल
रदरफोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग से निष्कर्ष निकला कि परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है तथा उसका धनात्मक आवेश और लगभग पूरा द्रव्यमान एक छोटे नाभिक में केंद्रित है।
2. परमाण्वीय स्पेक्ट्रम
परमाणु द्वारा उत्सर्जित या अवशोषित प्रकाश की तरंगदैर्ध्यों का विशिष्ट समूह परमाण्वीय स्पेक्ट्रम कहलाता है।
3. बोर का मॉडल
- इलेक्ट्रॉन कुछ स्थिर कक्षाओं में घूमते हैं।
- स्थिर कक्षा में ऊर्जा का विकिरण नहीं होता।
- कक्षीय कोणीय संवेग क्वांटित होता है।
4. हाइड्रोजन परमाणु की ऊर्जा
5. हाइड्रोजन लाइन स्पेक्ट्रम
6. दे-ब्रॉग्ली व्याख्या
इलेक्ट्रॉन को पदार्थ तरंग मानने पर बोर का कोणीय संवेग क्वांटीकरण सिद्ध किया जा सकता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 13 — नाभिक
1. नाभिक की संरचना
नाभिक प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से मिलकर बना होता है। इन्हें सामूहिक रूप से न्यूक्लिऑन कहते हैं।
2. परमाणु द्रव्यमान
परमाणु द्रव्यमान सामान्यतः परमाणु द्रव्यमान इकाई u में व्यक्त किया जाता है।
3. नाभिक का आकार
4. द्रव्यमान-ऊर्जा समतुल्यता
5. बंधन ऊर्जा
नाभिक को उसके न्यूक्लिऑनों में पूर्णतः विभाजित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा बंधन ऊर्जा कहलाती है।
6. नाभिकीय बल
नाभिक के न्यूक्लिऑनों के बीच कार्य करने वाला अत्यंत प्रबल तथा अल्प परास का बल नाभिकीय बल कहलाता है।
7. रेडियोऐक्टिवता
अस्थिर नाभिकों का स्वतः α, β या γ विकिरण उत्सर्जित करते हुए स्थिर होने की प्रक्रिया रेडियोऐक्टिवता कहलाती है।
8. क्षय नियम
9. अर्ध-आयु
10. नाभिकीय ऊर्जा
नाभिकीय विखंडन और संलयन से बड़ी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
अध्याय 14 — अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ
1. चालक, कुचालक और अर्धचालक
जिन पदार्थों की विद्युत चालकता चालकों से कम और कुचालकों से अधिक होती है, वे अर्धचालक कहलाते हैं। सिलिकॉन और जर्मेनियम प्रमुख उदाहरण हैं।
2. नैज अर्धचालक
शुद्ध अर्धचालक को नैज अर्धचालक कहते हैं। इसमें इलेक्ट्रॉन और होल की सांद्रता समान होती है।
3. अपद्रव्यी अर्धचालक
शुद्ध अर्धचालक में नियंत्रित मात्रा में अशुद्धि मिलाकर चालकता बढ़ाई जाती है।
4. n-प्रकार
पंचसंयोजी अशुद्धि मिलाने पर n-प्रकार अर्धचालक प्राप्त होता है। इसमें इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक होते हैं।
5. p-प्रकार
त्रिसंयोजी अशुद्धि मिलाने पर p-प्रकार अर्धचालक प्राप्त होता है। इसमें होल बहुसंख्यक वाहक होते हैं।
6. p-n संधि
p और n प्रकार अर्धचालकों के संपर्क से p-n संधि बनती है। इसके पास depletion region और barrier potential बनता है।
7. डायोड
p-n संधि पर आधारित दो-टर्मिनल अर्धचालक युक्ति डायोड कहलाती है।
8. अग्र अभिनति
p-पक्ष को धनात्मक और n-पक्ष को ऋणात्मक टर्मिनल से जोड़ने पर अग्र अभिनति होती है।
9. प्रतिलोम अभिनति
p-पक्ष को ऋणात्मक और n-पक्ष को धनात्मक टर्मिनल से जोड़ने पर प्रतिलोम अभिनति होती है।
10. दिष्टकारी
AC को DC में बदलने की प्रक्रिया दिष्टकरण कहलाती है। डायोड का उपयोग दिष्टकारी के रूप में किया जाता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान — सबसे महत्वपूर्ण सूत्र
| अध्याय | महत्वपूर्ण सूत्र |
|---|---|
| वैद्युत आवेश | F = (1/4πε₀) q₁q₂/r² |
| विद्युत क्षेत्र | E = F/q₀ |
| विद्युत फ्लक्स | Φ = EA cosθ |
| द्विध्रुव आघूर्ण | p = q×2a |
| गाउस नियम | Φ = q/ε₀ |
| विभव | V = W/q |
| बिंदु आवेश का विभव | V = (1/4πε₀)(q/r) |
| धारिता | C = Q/V |
| समांतर प्लेट संधारित्र | C = ε₀A/d |
| संधारित्र ऊर्जा | U = 1/2CV² |
| धारा | I = Q/t |
| ओम नियम | V = IR |
| प्रतिरोध | R = ρL/A |
| शक्ति | P = VI = I²R = V²/R |
| अपवाह धारा | I = neAvd |
| चुंबकीय बल | F = qvB sinθ |
| लोरेंत्ज बल | F = q(E + v×B) |
| परिनालिका | B = μ₀nI |
| धारा पाश आघूर्ण | τ = NIAB sinθ |
| चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण | M = NIA |
| फैराडे नियम | ε = −dΦ/dt |
| गतिक emf | ε = Blv |
| प्रेरक ऊर्जा | U = 1/2LI² |
| AC RMS | Irms = I₀/√2 |
| प्रेरकीय रिएक्टेंस | XL = ωL |
| धारितीय रिएक्टेंस | XC = 1/ωC |
| LCR प्रतिबाधा | Z = √[R²+(XL−XC)²] |
| अनुनाद | ω₀ = 1/√LC |
| शक्ति | P = VrmsIrmscosφ |
| ट्रांसफॉर्मर | Vs/Vp = Ns/Np |
| EM तरंग | c = 1/√(μ₀ε₀) |
| दर्पण | 1/f = 1/v + 1/u |
| दर्पण आवर्धन | m = −v/u |
| लेंस | 1/f = 1/v − 1/u |
| लेंस शक्ति | P = 1/f |
| स्नेल नियम | n₁sin i = n₂sin r |
| YDS फ्रिंज चौड़ाई | β = λD/d |
| फोटॉन ऊर्जा | E = hν = hc/λ |
| फोटोइलेक्ट्रिक समीकरण | hν = φ + Kmax |
| डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य | λ = h/p = h/mv |
| बोर कोणीय संवेग | mvr = nh/2π |
| बोर ऊर्जा | Eₙ = −13.6/n² eV |
| नाभिक त्रिज्या | R = R₀A1/3 |
| द्रव्यमान-ऊर्जा | E = mc² |
| रेडियोधर्मी क्षय | N = N₀e−λt |
| अर्ध-आयु | T₁/₂ = 0.693/λ |
अत्यंत महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न — उत्तर सहित
सही विकल्प
- आवेश का SI मात्रक है— कूलॉम
- कूलॉम नियम किसके बीच बल बताता है? — दो बिंदु आवेशों के बीच
- विद्युत क्षेत्र का SI मात्रक है— N/C
- संधारित्र की धारिता का SI मात्रक है— फैरड
- ओम के नियम का समीकरण है— V = IR
- विद्युत शक्ति का एक सूत्र है— P = VI
- चुंबकीय बल का सूत्र है— qvB sinθ
- फैराडे का नियम किससे संबंधित है? — विद्युतचुंबकीय प्रेरण
- LCR अनुनाद में— XL = XC
- EM तरंगों को संचरण के लिए माध्यम— आवश्यक नहीं
- लेंस की शक्ति का मात्रक— डायोप्टर
- फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव किसका प्रमाण है? — प्रकाश का कणीय स्वभाव
- बोर मॉडल में कोणीय संवेग— क्वांटित
- रेडियोधर्मी अर्ध-आयु का सूत्र— 0.693/λ
- n-प्रकार अर्धचालक में बहुसंख्यक वाहक— इलेक्ट्रॉन
रिक्त स्थान — उत्तर सहित
- आवेश का SI मात्रक ________ है। — कूलॉम
- विद्युत क्षेत्र E = ________। — F/q
- संधारित्र की धारिता C = ________। — Q/V
- ओम का नियम V = ________। — IR
- विद्युत शक्ति P = ________। — VI
- चुंबकीय बल F = ________। — qvB sinθ
- फैराडे नियम ε = ________। — −dΦ/dt
- AC का RMS मान I₀/________ होता है। — √2
- लेंस की शक्ति P = ________। — 1/f
- फोटॉन की ऊर्जा E = ________। — hν
सत्य / असत्य — उत्तर सहित
- आवेश क्वांटित होता है। — सत्य
- विद्युत क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को काट सकती हैं। — असत्य
- संधारित्र विद्युत ऊर्जा संग्रहित कर सकता है। — सत्य
- ओम का नियम सभी पदार्थों पर लागू होता है। — असत्य
- चुंबकीय क्षेत्र स्थिर आवेश पर बल लगाता है। — असत्य
- EM तरंगें निर्वात में चल सकती हैं। — सत्य
- ध्रुवण प्रकाश की अनुप्रस्थ प्रकृति सिद्ध करता है। — सत्य
- फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव के लिए देहली आवृत्ति आवश्यक है। — सत्य
- p-प्रकार अर्धचालक में होल बहुसंख्यक वाहक हैं। — सत्य
- ट्रांसफॉर्मर DC पर सामान्यतः कार्य करता है। — असत्य
सही जोड़ी — उत्तर सहित
| कॉलम A | कॉलम B |
|---|---|
| 1. कूलॉम | आवेश |
| 2. फैरड | धारिता |
| 3. ओम | प्रतिरोध |
| 4. टेस्ला | चुंबकीय क्षेत्र |
| 5. डायोप्टर | लेंस शक्ति |
| 6. हर्ट्ज | आवृत्ति |
एक वाक्य में उत्तर
- कूलॉम नियम क्या बताता है? — दो बिंदु आवेशों के बीच विद्युत बल।
- धारिता का SI मात्रक क्या है? — फैरड।
- ओम का नियम क्या है? — V = IR।
- फैराडे का नियम किससे संबंधित है? — विद्युतचुंबकीय प्रेरण।
- AC का RMS मान क्या है? — I₀/√2।
- दृश्य प्रकाश किस स्पेक्ट्रम का भाग है? — वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम।
- फोटॉन की ऊर्जा क्या है? — E = hν।
- बोर का मॉडल किस परमाणु के लिए सफल है? — हाइड्रोजन जैसे एक-इलेक्ट्रॉन परमाणु के लिए।
- रेडियोधर्मी क्षय का मूल नियम क्या है? — क्षय दर उपस्थित नाभिकों की संख्या के समानुपाती होती है।
- n-प्रकार अर्धचालक में बहुसंख्यक वाहक कौन हैं? — इलेक्ट्रॉन।
संभावित संख्यात्मक प्रश्न — उत्तर सहित
= 6.63×10⁻³⁴/(9.1×10⁻³¹×2×10⁶)
≈ 3.64×10⁻¹⁰ m
f = 1/2 = 0.5 m
कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान — 50 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न
- कूलॉम का नियम लिखिए।
- आवेश के संरक्षण एवं क्वांटीकरण को समझाइए।
- विद्युत क्षेत्र और विद्युत फ्लक्स की परिभाषा दीजिए।
- गाउस का नियम और उसके अनुप्रयोग लिखिए।
- विद्युत द्विध्रुव का आघूर्ण क्या है?
- समविभव पृष्ठ क्या है?
- संधारित्र की धारिता किन कारकों पर निर्भर करती है?
- संधारित्र में संचित ऊर्जा का व्यंजक प्राप्त कीजिए।
- ओम के नियम की सीमाएँ लिखिए।
- प्रतिरोधकता और चालकता समझाइए।
- किरचॉफ के नियम लिखिए।
- व्हीटस्टोन सेतु का सिद्धांत समझाइए।
- चुंबकीय बल का सूत्र लिखिए।
- बायो-सावर्ट नियम समझाइए।
- ऐम्पियर का परिपथीय नियम लिखिए।
- दो समानांतर धारावाही तारों के बीच बल का व्यंजक लिखिए।
- चल कुंडली गैल्वेनोमीटर का सिद्धांत लिखिए।
- प्रतिचुंबकीय, अनुचुंबकीय और लौहचुंबकीय पदार्थों में अंतर बताइए।
- फैराडे के विद्युतचुंबकीय प्रेरण नियम लिखिए।
- लेंज का नियम और ऊर्जा संरक्षण समझाइए।
- गतिक emf क्या है?
- AC का RMS मान क्या है?
- LCR परिपथ में अनुनाद क्या है?
- ट्रांसफॉर्मर का सिद्धांत एवं कार्य लिखिए।
- वैद्युतचुंबकीय तरंगों के गुण लिखिए।
- वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम का क्रम लिखिए।
- दर्पण सूत्र एवं आवर्धन लिखिए।
- पूर्ण आंतरिक परावर्तन की शर्तें लिखिए।
- लेंस सूत्र और शक्ति लिखिए।
- प्रिज्म में विचलन समझाइए।
- हाइगेंस सिद्धांत लिखिए।
- व्यतिकरण एवं विवर्तन में अंतर बताइए।
- यंग के द्वि-छिद्र प्रयोग का सिद्धांत लिखिए।
- ध्रुवण प्रकाश की अनुप्रस्थ प्रकृति कैसे सिद्ध करता है?
- प्रकाश-विद्युत प्रभाव समझाइए।
- आइंस्टाइन का प्रकाश-विद्युत समीकरण लिखिए।
- फोटॉन क्या है?
- डी-ब्रॉग्ली परिकल्पना क्या है?
- रदरफोर्ड मॉडल की सीमाएँ बताइए।
- बोर मॉडल की अभिगृहीत लिखिए।
- हाइड्रोजन परमाणु की ऊर्जा का सूत्र लिखिए।
- नाभिक का आकार किस सूत्र से ज्ञात होता है?
- द्रव्यमान दोष और बंधन ऊर्जा समझाइए।
- रेडियोधर्मी क्षय का नियम लिखिए।
- अर्ध-आयु क्या है?
- नाभिकीय विखंडन एवं संलयन में अंतर बताइए।
- नैज और अपद्रव्यी अर्धचालक में अंतर बताइए।
- p-प्रकार और n-प्रकार अर्धचालक में अंतर बताइए।
- p-n संधि और depletion region समझाइए।
- डायोड का दिष्टकारी के रूप में उपयोग समझाइए।
एक नजर में — पूरे पाठ्यक्रम का त्वरित रिवीजन
आवेश • कूलॉम • E • फ्लक्स • द्विध्रुव • गाउस नियम
विभव • समविभव • संधारित्र • धारिता • ऊर्जा
I • V=IR • R=ρL/A • शक्ति • Kirchhoff • Wheatstone
चुंबकीय बल • Biot-Savart • Ampere • Solenoid • Galvanometer
चुंबकीकरण • Gauss law • Dia/Para/Ferro
Flux • Faraday • Lenz • Motional emf • Generator
AC • RMS • XL • XC • LCR • Resonance • Transformer
Displacement current • EM waves • Spectrum
Reflection • Refraction • TIR • Lens • Prism • Optical instruments
Huygens • Interference • YDSE • Diffraction • Polarisation
Photoelectric effect • Photon • Einstein • de Broglie
Rutherford • Bohr • Energy levels • Spectrum
Nucleus • Mass defect • Binding energy • Radioactivity • Nuclear energy
Semiconductor • p/n type • p-n junction • Diode • Rectifier
परीक्षा से पहले अंतिम चेकलिस्ट
- सभी सूत्रों को कम से कम दो बार लिखकर अभ्यास करें।
- SI मात्रक और विमाएँ याद करें।
- कूलॉम नियम, गाउस नियम और विद्युत द्विध्रुव के प्रश्न तैयार करें।
- संधारित्र के श्रृंखला एवं समानांतर संयोजन पर प्रश्न हल करें।
- ओम नियम, Kirchhoff और Wheatstone bridge के संख्यात्मक अभ्यास करें।
- Biot-Savart, Ampere तथा moving charge के सूत्र याद करें।
- Galvanometer, Generator और Transformer के सिद्धांत तैयार करें।
- AC में RMS, reactance, impedance, power factor और resonance पर विशेष ध्यान दें।
- Electromagnetic spectrum का क्रम और उपयोग याद करें।
- दर्पण एवं लेंस के सूत्र और sign convention दोहराएँ।
- YDSE, fringe width, diffraction तथा polarisation तैयार करें।
- Photoelectric equation और de Broglie relation के संख्यात्मक प्रश्न करें।
- Bohr model के energy levels और hydrogen spectrum याद करें।
- Binding energy, mass defect, radioactive decay और half-life के numericals करें।
- p-type, n-type, p-n junction और rectifier के diagram सहित अभ्यास करें।
- 2 अंक के उत्तर में परिभाषा + सूत्र/मुख्य तथ्य लिखें।
- 3 अंक में सिद्धांत + तीन प्रमुख बिंदु/चरण लिखें।
- 4 अंक में सिद्धांत + व्युत्पत्ति/व्याख्या + निष्कर्ष लिखें।
इस अध्ययन सामग्री की मुख्य विशेषताएँ
- ब्लूप्रिंट एवं संशोधित पाठ्यक्रम अनुरूप: 70 अंक की सैद्धांतिक परीक्षा के लिए 1, 2, 3 एवं 4/5 अंक वाले प्रश्नों का सटीक वर्गीकरण।
- महत्वपूर्ण व्युत्पत्तियाँ (Key Derivations): गॉस का नियम, लेंस निर्माता सूत्र (Lens Maker's Formula), हाइगेंस का तरंग सिद्धांत, प्रिज्म का सूत्र, व्हीटस्टोन सेतु आदि की चरणबद्ध व्याख्या।
- अध्यायवार सूत्र चार्ट (Formula Sheet): न्यूमेरिकल प्रश्नों को आसानी से हल करने के लिए सभी प्रमुख भौतिक राशियों के सूत्र, मात्रक (SI Units) एवं विमीय सूत्र।
- नामांकित चित्र एवं परिपथ आरेख: ट्रांसफॉर्मर, जनरेटर, संयुक्त सूक्ष्मदर्शी, खगोलीय दूरदर्शी और p-n संधि डायोड के स्पष्ट नामांकित रेखाचित्र।
परीक्षा-उपयोगी प्रश्न बैंक:
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ / रिक्त स्थान / सही जोड़ी / एक शब्द उत्तर): 28 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की विशेष तैयारी।
- अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक): मूलभूत परिभाषाएं, नियम और कारण स्पष्ट करने वाले प्रश्न।
- लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक): वैचारिक प्रश्न एवं मानक न्यूमेरिकल समस्याएं।
- दीर्घ उत्तरीय / विश्लेषणात्मक प्रश्न (4/5 अंक): प्रमुख सिद्धांतों का विस्तार एवं बड़े व्युत्पत्ति-आधारित प्रश्न।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
अस्वीकरण (Disclaimer): इस पोस्ट में उपलब्ध कराई गई अंक योजना, पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों एवं सत्र 2026-27 के शैक्षणिक प्रारूप पर आधारित है। यह सामग्री केवल विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, अभ्यास और मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार की गई है। परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार के आधिकारिक संशोधन, प्रायोगिक परीक्षा दिशा-निर्देश अथवा अंतिम घोषणा के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (mpbse.nic.in) पर जारी सूचनाओं को ही अंतिम रूप से प्रामाणिक माना जाए।
WhatsApp पर Share करने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए









कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें