MP Board Class 11th Sociology Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 11वीं समाजशास्त्र नोट्स, विचारक एवं अंक योजना
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं समाजशास्त्र (समाजशास्त्र परिचय एवं समाज का बोध) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित सरल नोट्स, प्रमुख समाजशास्त्रीय सिद्धांत और मॉडल अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।- MP Board Class 11th Sociology Blueprint 2026-27
- Class 11th Sociology Notes in Hindi MPBSE
- MP Board 11th Sociology Important Questions 2026-27
- कक्षा 11वीं समाजशास्त्र नोट्स एवं प्रश्नोत्तर
- MPBSE 11th Sociology Model Paper and Solution 2026-27
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 11वीं समाजशास्त्र अध्ययन सामग्री
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं वार्षिक परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। कक्षा 11वीं समाजशास्त्र विषय दो महत्वपूर्ण भागों—समाजशास्त्र परिचय (Introducing Sociology) तथा समाज का बोध (Understanding Society) में विभाजित है। सामाजिक संरचना, संस्थाओं, सामाजिक परिवर्तन और पाश्चात्य व भारतीय समाजशास्त्रियों के विचारों की स्पष्ट समझ से विद्यार्थी इस विषय में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर सकते हैं।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा के लिए यहाँ कक्षा 11वीं समाजशास्त्र के दोनों भागों की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, महत्वपूर्ण समाजशास्त्रीय अवधारणाएँ एवं परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कक्षा 11वीं समाजशास्त्र (Sociology)
सम्पूर्ण सरल नोट्स एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल
हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27
पूर्णांक — 80 | समय — 3:00 घंटे
अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना
| क्र. | इकाई / अध्याय | आवंटित अंक |
|---|---|---|
| 1 | समाजशास्त्र एवं समाज | 08 |
| 2 | समाजशास्त्र में प्रयुक्त शब्दावली, संकल्पनाएँ एवं उनका उपयोग | 08 |
| 3 | सामाजिक संस्थाओं को समझना | 08 |
| 4 | संस्कृति तथा समाजीकरण | 08 |
| 5 | समाजशास्त्र अनुसंधान पद्धतियाँ | 08 |
| 6 | समाज में सामाजिक संरचना, स्तरीकरण और सामाजिक प्रक्रियाएँ | 08 |
| 7 | ग्रामीण तथा नगरीय समाज में सामाजिक परिवर्तन तथा सामाजिक व्यवस्था | 08 |
| 8 | पर्यावरण और समाज | 08 |
| 9 | पाश्चात्य समाजशास्त्री — एक परिचय | 08 |
| 10 | भारतीय समाजशास्त्री | 08 |
| कुल योग | 80 | |
| प्रश्न | प्रकार | संख्या | अंक |
|---|---|---|---|
| 1 | सही विकल्प | 06 | 06 |
| 2 | रिक्त स्थान | 06 | 06 |
| 3 | सत्य / असत्य | 06 | 06 |
| 4 | सही जोड़ी | 07 | 07 |
| 5 | एक वाक्य में उत्तर | 07 | 07 |
| 6–15 | लघु उत्तरीय | 10 | 20 |
| 16–19 | मध्यम उत्तरीय | 04 | 12 |
| 20–23 | दीर्घ उत्तरीय | 04 | 16 |
इकाई 1 — समाजशास्त्र एवं समाज (08 अंक)
1. समाजशास्त्र क्या है?
समाजशास्त्र समाज, सामाजिक संबंधों, सामाजिक समूहों, संस्थाओं और सामाजिक प्रक्रियाओं का व्यवस्थित अध्ययन है। यह यह समझने का प्रयास करता है कि लोग एक-दूसरे के साथ किस प्रकार संबंध बनाते हैं और सामाजिक संरचनाएँ उनके जीवन को किस प्रकार प्रभावित करती हैं।
2. समाज की अवधारणा
समाज केवल व्यक्तियों का समूह नहीं है। समाज में व्यक्तियों के बीच निरंतर सामाजिक संबंध, सहयोग, संघर्ष, नियम, मानदंड और साझा संस्थाएँ होती हैं।
3. सामाजिक संबंध
जब दो या अधिक व्यक्तियों के बीच अर्थपूर्ण और नियमित संपर्क होता है, तब सामाजिक संबंध बनते हैं। परिवार, मित्रता, शिक्षक-विद्यार्थी, नियोक्ता-कर्मचारी आदि सामाजिक संबंधों के उदाहरण हैं।
4. समाजशास्त्र की विशेषताएँ
- सामाजिक जीवन का व्यवस्थित अध्ययन
- सामाजिक संबंधों पर ध्यान
- समूह और संस्थाओं का अध्ययन
- सामाजिक परिवर्तन का अध्ययन
- सामाजिक समस्याओं की समझ
5. समाजशास्त्र और सामान्य बुद्धि
सामान्य बुद्धि दैनिक अनुभवों से बनी धारणाओं पर आधारित होती है, जबकि समाजशास्त्र व्यवस्थित अध्ययन, प्रमाण और आलोचनात्मक विश्लेषण पर बल देता है।
6. व्यक्ति और समाज
व्यक्ति समाज से प्रभावित होता है और समाज भी व्यक्तियों की गतिविधियों से बदलता रहता है। इसलिए व्यक्ति और समाज का संबंध परस्पर प्रभाव वाला है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 2 — समाजशास्त्र में प्रयुक्त शब्दावली, संकल्पनाएँ एवं उनका उपयोग (08 अंक)
1. सामाजिक समूह
दो या अधिक व्यक्तियों का ऐसा समूह जिनके बीच सामाजिक संपर्क और किसी प्रकार का संबंध हो, सामाजिक समूह कहलाता है।
2. प्राथमिक और द्वितीयक समूह
परिवार और घनिष्ठ मित्र समूह प्राथमिक समूह के उदाहरण हैं। औपचारिक और उद्देश्य-आधारित संगठन द्वितीयक समूह के उदाहरण हो सकते हैं।
3. समुदाय
समान क्षेत्र, जीवन-पद्धति या साझा सामाजिक संबंधों से जुड़े लोगों के समूह को समुदाय कहा जा सकता है।
4. स्थिति और भूमिका
समाज में व्यक्ति की सामाजिक स्थिति को status और उस स्थिति से जुड़ी अपेक्षित गतिविधियों को role कहते हैं।
5. प्रदत्त और अर्जित स्थिति
जन्म या अनैच्छिक रूप से मिलने वाली स्थिति प्रदत्त स्थिति है। शिक्षा, पेशा या उपलब्धि के आधार पर प्राप्त स्थिति अर्जित स्थिति है।
6. सामाजिक नियंत्रण
समाज अपने सदस्यों के व्यवहार को मानदंडों और नियमों के अनुरूप बनाए रखने के लिए जिन साधनों का प्रयोग करता है उन्हें सामाजिक नियंत्रण कहते हैं।
7. मानदंड और मूल्य
मानदंड वे सामाजिक नियम हैं जो व्यवहार के स्वीकार्य तरीकों को निर्धारित करते हैं। मूल्य वे व्यापक आदर्श हैं जिन्हें समाज महत्वपूर्ण मानता है।
8. सामाजिक भूमिका
किसी सामाजिक स्थिति से जुड़े अपेक्षित व्यवहारों को सामाजिक भूमिका कहा जाता है।
मुख्य शब्दावली
| संकल्पना | सरल अर्थ |
|---|---|
| समूह | परस्पर संबंध वाले व्यक्तियों का समूह |
| समुदाय | साझा जीवन और सामाजिक संबंधों से जुड़ा समूह |
| स्थिति | समाज में व्यक्ति का स्थान |
| भूमिका | स्थिति से जुड़ा अपेक्षित व्यवहार |
| मानदंड | व्यवहार के सामाजिक नियम |
| मूल्य | महत्वपूर्ण माने जाने वाले व्यापक आदर्श |
| सामाजिक नियंत्रण | व्यवहार को सामाजिक मानदंडों के अनुरूप रखने की प्रक्रिया |
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 3 — सामाजिक संस्थाओं को समझना (08 अंक)
1. सामाजिक संस्था
समाज की आवश्यक सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित स्थायी सामाजिक नियमों, भूमिकाओं और व्यवहारों की व्यवस्थित संरचना को सामाजिक संस्था कहते हैं।
2. परिवार
परिवार विवाह, रक्त-संबंध या दत्तक संबंधों पर आधारित प्राथमिक सामाजिक संस्था है। यह समाजीकरण, भावनात्मक सहयोग और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है।
3. विवाह
विवाह सामाजिक रूप से मान्यता प्राप्त संबंध है जो पारिवारिक जीवन, लैंगिक संबंधों और संतति से जुड़ी सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करता है।
4. नातेदारी
रक्त, विवाह या अन्य मान्य संबंधों पर आधारित सामाजिक संबंधों को नातेदारी कहते हैं।
5. शिक्षा
शिक्षा ज्ञान, कौशल, मूल्य और सामाजिक व्यवहार के हस्तांतरण की संस्था है। यह समाजीकरण और सामाजिक गतिशीलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
6. धर्म
धर्म विश्वासों, प्रतीकों, अनुष्ठानों और नैतिक धारणाओं की ऐसी सामाजिक व्यवस्था है जो लोगों के जीवन को अर्थ और सामाजिक जुड़ाव प्रदान कर सकती है।
7. अर्थव्यवस्था
उत्पादन, वितरण, विनिमय और उपभोग से संबंधित सामाजिक गतिविधियों को संगठित करने वाली व्यवस्था अर्थव्यवस्था है।
8. राजनीति
सत्ता, शासन, निर्णय-निर्माण और संसाधनों के नियंत्रण से संबंधित संस्थागत प्रक्रिया राजनीति से जुड़ी है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 4 — संस्कृति तथा समाजीकरण (08 अंक)
1. संस्कृति
संस्कृति में किसी समाज के साझा मूल्य, विश्वास, ज्ञान, भाषा, प्रतीक, मानदंड, कला, परंपराएँ और जीवन-पद्धतियाँ शामिल होती हैं।
2. संस्कृति के तत्व
- भाषा
- प्रतीक
- मूल्य
- मानदंड
- विश्वास
- रीति-रिवाज
3. भौतिक और अभौतिक संस्कृति
वस्तुएँ, उपकरण, भवन, वस्त्र आदि भौतिक संस्कृति के उदाहरण हैं। विचार, मूल्य, विश्वास, भाषा और मानदंड अभौतिक संस्कृति के उदाहरण हैं।
4. समाजीकरण
समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति समाज की भाषा, मूल्य, नियम, भूमिकाएँ और व्यवहार सीखता है।
5. समाजीकरण के प्रमुख अभिकर्ता
- परिवार
- विद्यालय
- समवयस्क समूह
- मीडिया
- धार्मिक संस्थाएँ
- कार्यस्थल
6. प्राथमिक और द्वितीयक समाजीकरण
बचपन में परिवार के माध्यम से होने वाला प्रारंभिक समाजीकरण प्राथमिक समाजीकरण है। बाद के चरणों में विद्यालय, कार्यस्थल और अन्य संस्थाएँ द्वितीयक समाजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 5 — समाजशास्त्र अनुसंधान पद्धतियाँ (08 अंक)
1. सामाजिक अनुसंधान
सामाजिक घटनाओं और समस्याओं का व्यवस्थित, तर्कपूर्ण तथा प्रमाण-आधारित अध्ययन सामाजिक अनुसंधान कहलाता है।
2. अनुसंधान के प्रमुख चरण
- समस्या का चयन
- उद्देश्य निर्धारित करना
- परिकल्पना/प्रश्न तैयार करना
- डेटा संग्रह
- विश्लेषण
- निष्कर्ष
3. गुणात्मक और मात्रात्मक पद्धति
मात्रात्मक शोध में आँकड़ों को संख्या के रूप में मापा और विश्लेषित किया जाता है। गुणात्मक शोध में अनुभव, अर्थ, विचार और सामाजिक व्यवहार की गहन समझ पर जोर होता है।
4. अवलोकन
किसी सामाजिक घटना या व्यवहार का प्रत्यक्ष अध्ययन अवलोकन कहलाता है।
5. साक्षात्कार
शोधकर्ता उत्तरदाता से प्रश्न पूछकर जानकारी प्राप्त करता है। यह संरचित या असंरचित हो सकता है।
6. प्रश्नावली
प्रश्नों की लिखित सूची जिसे उत्तरदाता स्वयं भरता है, प्रश्नावली कहलाती है।
7. सर्वेक्षण
किसी बड़ी आबादी से व्यवस्थित रूप से सूचना एकत्र करने की प्रक्रिया सर्वेक्षण कहलाती है।
8. नमूना
समग्र आबादी में से अध्ययन हेतु चुनी गई प्रतिनिधि इकाइयों के समूह को नमूना कहते हैं।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 6 — समाज में सामाजिक संरचना, स्तरीकरण और सामाजिक प्रक्रियाएँ (08 अंक)
1. सामाजिक संरचना
समाज में विभिन्न समूहों, संस्थाओं, भूमिकाओं और संबंधों की अपेक्षाकृत स्थायी व्यवस्था को सामाजिक संरचना कहा जाता है।
2. सामाजिक स्तरीकरण
समाज का असमान सामाजिक स्तरों या श्रेणियों में विभाजन सामाजिक स्तरीकरण कहलाता है।
3. स्तरीकरण के आधार
- जाति
- वर्ग
- लिंग
- आय
- शक्ति
- प्रतिष्ठा
4. सामाजिक गतिशीलता
व्यक्ति या समूह का सामाजिक स्थिति के एक स्तर से दूसरे स्तर की ओर बढ़ना सामाजिक गतिशीलता कहलाता है।
5. सहयोग
साझे उद्देश्य की प्राप्ति के लिए व्यक्तियों या समूहों का मिलकर कार्य करना सहयोग कहलाता है।
6. संघर्ष
हितों, संसाधनों या विचारों में विरोध के कारण उत्पन्न सामाजिक प्रक्रिया संघर्ष कहलाती है।
7. प्रतिस्पर्धा
सीमित संसाधन या अवसर प्राप्त करने के लिए व्यक्तियों या समूहों के बीच होने वाली प्रतिस्पर्धा प्रतियोगिता है।
8. सामाजिक परिवर्तन
समाज की संरचना, संस्थाओं, संबंधों और जीवन-पद्धति में समय के साथ होने वाला परिवर्तन सामाजिक परिवर्तन कहलाता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 7 — ग्रामीण तथा नगरीय समाज में सामाजिक परिवर्तन तथा सामाजिक व्यवस्था (08 अंक)
1. ग्रामीण समाज
ग्रामीण समाज में कृषि, पशुपालन और ग्रामीण आर्थिक गतिविधियाँ महत्वपूर्ण होती हैं। सामाजिक संबंधों में समुदाय और स्थानीय संस्थाओं की भूमिका प्रमुख हो सकती है।
2. नगरीय समाज
नगरीय समाज में उद्योग, व्यापार, सेवाएँ और विविध पेशागत गतिविधियाँ अधिक विकसित होती हैं। सामाजिक संबंध अपेक्षाकृत अधिक विविध और जटिल हो सकते हैं।
3. ग्रामीण और नगरीय अंतर
| ग्रामीण समाज | नगरीय समाज |
|---|---|
| कृषि का महत्व अधिक | उद्योग और सेवाओं का अधिक महत्व |
| संबंध अधिक स्थानीय | संबंध अधिक विविध |
| जनसंख्या घनत्व सामान्यतः कम | जनसंख्या घनत्व अधिक हो सकता है |
4. सामाजिक परिवर्तन
आर्थिक, तकनीकी, राजनीतिक, जनांकिकीय और सांस्कृतिक कारणों से सामाजिक व्यवस्था में समय के साथ परिवर्तन होता है।
5. औद्योगीकरण
मशीन आधारित उत्पादन और औद्योगिक विकास से रोजगार, बस्ती, परिवार तथा वर्ग संरचना में परिवर्तन हो सकता है।
6. नगरीकरण
जनसंख्या और आर्थिक गतिविधियों का शहरों में बढ़ता संकेन्द्रण तथा शहरों का विस्तार नगरीकरण कहलाता है।
7. सामाजिक व्यवस्था
समाज के विभिन्न भागों, संस्थाओं और संबंधों का अपेक्षाकृत व्यवस्थित और संतुलित रूप सामाजिक व्यवस्था कहलाता है।
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 8 — पर्यावरण और समाज (08 अंक)
1. पर्यावरण
मनुष्य को प्रभावित करने वाले प्राकृतिक, जैविक और सामाजिक तत्वों के समग्र परिवेश को पर्यावरण कहा जाता है।
2. पर्यावरण और समाज का संबंध
मनुष्य पर्यावरण से भोजन, जल, ऊर्जा और संसाधन प्राप्त करता है। दूसरी ओर मानव गतिविधियाँ पर्यावरण में परिवर्तन भी उत्पन्न करती हैं।
3. प्राकृतिक संसाधन
- जल
- वन
- भूमि
- खनिज
- ऊर्जा संसाधन
4. पर्यावरणीय समस्याएँ
- प्रदूषण
- वनों की कटाई
- जल संकट
- जलवायु परिवर्तन
- जैव विविधता में कमी
5. पर्यावरणीय असमानता
पर्यावरणीय संकटों का प्रभाव समाज के सभी वर्गों पर समान नहीं पड़ता। गरीब और कमजोर समुदाय कई बार पर्यावरणीय जोखिमों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
6. धारणीय विकास
ऐसा विकास जो वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए प्राकृतिक संसाधनों और भविष्य की पीढ़ियों के हितों की रक्षा करे, धारणीय विकास कहलाता है।
7. पर्यावरण संरक्षण
- जल संरक्षण
- वनीकरण
- पुनर्चक्रण
- स्वच्छ ऊर्जा
- अपशिष्ट प्रबंधन
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 9 — पाश्चात्य समाजशास्त्री : एक परिचय (08 अंक)
1. ऑगस्ट कॉम्ट
ऑगस्ट कॉम्ट को समाजशास्त्र के प्रारंभिक संस्थापकों में माना जाता है। उन्होंने समाज के अध्ययन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रत्यक्षवादी पद्धति पर जोर दिया।
2. प्रत्यक्षवाद
प्रत्यक्षवाद में सामाजिक घटनाओं के अध्ययन में वैज्ञानिक अवलोकन और प्रमाण पर जोर दिया जाता है।
3. कार्ल मार्क्स
मार्क्स ने समाज को आर्थिक संरचना, वर्ग संबंधों और संघर्ष के दृष्टिकोण से समझाया। उन्होंने पूंजीवादी समाज में पूंजीपति और श्रमिक वर्ग के बीच संबंधों का विश्लेषण किया।
4. वर्ग संघर्ष
समाज में अलग-अलग वर्गों के आर्थिक हितों के बीच संघर्ष को वर्ग संघर्ष कहा जाता है।
5. दुर्खीम
एमिल दुर्खीम ने सामाजिक तथ्यों और सामाजिक एकता के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
6. सामाजिक तथ्य
वे सामाजिक नियम, मानदंड और संस्थागत शक्तियाँ जो व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित या नियंत्रित करती हैं, दुर्खीम की अवधारणा में सामाजिक तथ्य कहलाती हैं।
7. यांत्रिक और जैविक एकता
समानता और साझा विश्वासों पर आधारित सामाजिक एकता को यांत्रिक एकता तथा श्रम-विभाजन और परस्पर निर्भरता पर आधारित एकता को जैविक एकता कहा जाता है।
8. मैक्स वेबर
वेबर ने सामाजिक क्रिया, अर्थ-समझ और सत्ता/अधिकार जैसी अवधारणाओं के विकास में योगदान दिया।
9. सामाजिक क्रिया
ऐसी मानवीय क्रिया जिसका अर्थकर्ता व्यक्ति के लिए सामाजिक अर्थ हो और जो दूसरों के व्यवहार को ध्यान में रखकर की जाए, सामाजिक क्रिया से संबंधित है।
10. अधिकार के प्रकार
- पारंपरिक अधिकार
- करिश्माई अधिकार
- वैधानिक-तार्किक अधिकार
मुख्य विचारकों की तुलना
| विचारक | मुख्य योगदान |
|---|---|
| ऑगस्ट कॉम्ट | प्रत्यक्षवाद, समाजशास्त्र की स्थापना |
| कार्ल मार्क्स | वर्ग संघर्ष, पूंजीवाद का विश्लेषण |
| एमिल दुर्खीम | सामाजिक तथ्य, सामाजिक एकता |
| मैक्स वेबर | सामाजिक क्रिया, सत्ता और अधिकार |
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
इकाई 10 — भारतीय समाजशास्त्री (08 अंक)
1. भारतीय समाजशास्त्र
भारतीय समाजशास्त्र में जाति, जनजाति, गाँव, परिवार, धर्म, सामाजिक परिवर्तन, परंपरा और आधुनिकता जैसे विषयों का विशेष महत्व रहा है।
2. जी.एस. घुर्ये
जी.एस. घुर्ये ने जाति, जनजाति, संस्कृति और भारतीय सामाजिक संरचना के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
3. एम.एन. श्रीनिवास
एम.एन. श्रीनिवास भारतीय समाजशास्त्र में संस्कृतिकरण, पश्चिमीकरण और प्रभुत्वशाली जाति जैसी अवधारणाओं के लिए प्रसिद्ध हैं।
4. संस्कृतिकरण
किसी निम्न सामाजिक समूह द्वारा उच्च सामाजिक स्थिति वाले समूहों की जीवन-पद्धति, रीति और प्रथाओं को अपनाकर अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने की प्रक्रिया को संस्कृतिकरण कहा जाता है।
5. पश्चिमीकरण
पश्चिमी समाज की संस्थाओं, तकनीक, शिक्षा, जीवन-पद्धति और विचारों के प्रभाव से भारतीय समाज में हुए परिवर्तन को पश्चिमीकरण कहा जाता है।
6. प्रभुत्वशाली जाति
ऐसी जाति जिसके पास किसी स्थानीय क्षेत्र में अपेक्षाकृत अधिक संख्या, भूमि, आर्थिक शक्ति या राजनीतिक प्रभाव हो, उसे प्रभुत्वशाली जाति की अवधारणा से समझाया जाता है।
7. ए.आर. देसाई
ए.आर. देसाई ने भारतीय समाज को मार्क्सवादी दृष्टिकोण से समझने और राष्ट्रवाद, किसान आंदोलनों तथा ग्रामीण समाज के अध्ययन में योगदान दिया।
8. डी.पी. मुखर्जी
डी.पी. मुखर्जी ने भारतीय समाज में परंपरा, संस्कृति, परिवर्तन और आधुनिकता के संबंधों को समझने पर बल दिया।
9. इरावती कर्वे
इरावती कर्वे ने भारतीय परिवार, नातेदारी और सामाजिक संरचना के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
10. भारतीय समाजशास्त्र की विशेषता
भारतीय समाजशास्त्र ने भारतीय समाज की विशेषताओं—जाति, परिवार, ग्रामीण समुदाय, जनजाति, धर्म, सामाजिक परिवर्तन और आधुनिकता—को स्थानीय संदर्भ में समझने का प्रयास किया।
प्रमुख भारतीय समाजशास्त्रियों की तुलना
| समाजशास्त्री | प्रमुख योगदान |
|---|---|
| जी.एस. घुर्ये | जाति, जनजाति, संस्कृति |
| एम.एन. श्रीनिवास | संस्कृतिकरण, पश्चिमीकरण, प्रभुत्वशाली जाति |
| ए.आर. देसाई | मार्क्सवादी दृष्टिकोण, राष्ट्रवाद, ग्रामीण समाज |
| डी.पी. मुखर्जी | परंपरा, संस्कृति और आधुनिकता |
| इरावती कर्वे | परिवार, नातेदारी और सामाजिक संरचना |
2 अंक प्रश्न
3 अंक प्रश्न
4 अंक प्रश्न
पूरे पाठ्यक्रम से महत्वपूर्ण तुलना आधारित प्रश्न
कक्षा 11वीं समाजशास्त्र — वस्तुनिष्ठ प्रश्न बैंक, उत्तर सहित
सही विकल्प
- समाजशास्त्र का मुख्य अध्ययन है — सामाजिक संबंधों और समाज का
- समाजशास्त्र सामान्य बुद्धि से अलग है क्योंकि — यह व्यवस्थित प्रमाण-आधारित अध्ययन करता है
- समाज में व्यक्ति के स्थान को कहते हैं — स्थिति
- स्थिति से जुड़े अपेक्षित व्यवहार को कहते हैं — भूमिका
- परिवार एक — सामाजिक संस्था
- समाजीकरण का पहला प्रमुख अभिकर्ता है — परिवार
- मात्रात्मक अनुसंधान मुख्यतः किस पर आधारित है — संख्यात्मक डेटा
- समाज का असमान स्तरों में विभाजन है — सामाजिक स्तरीकरण
- शहरों के विस्तार की प्रक्रिया कहलाती है — नगरीकरण
- पर्यावरण से प्राप्त जल और वन किसके उदाहरण हैं — प्राकृतिक संसाधन
- समाजशास्त्र में प्रत्यक्षवाद से जुड़ा विचारक है — ऑगस्ट कॉम्ट
- वर्ग संघर्ष का सिद्धान्त किससे जुड़ा है — कार्ल मार्क्स
- सामाजिक तथ्य की अवधारणा किससे संबंधित है — एमिल दुर्खीम
- सामाजिक क्रिया की अवधारणा किससे संबंधित है — मैक्स वेबर
- संस्कृतिकरण की अवधारणा से प्रमुख रूप से जुड़े हैं — एम.एन. श्रीनिवास
- मार्क्सवादी दृष्टिकोण से भारतीय समाज के अध्ययन में योगदान देने वाले समाजशास्त्री हैं — ए.आर. देसाई
- परिवार और नातेदारी के अध्ययन से संबंधित भारतीय समाजशास्त्री हैं — इरावती कर्वे
- जाति और संस्कृति के अध्ययन से जुड़े समाजशास्त्री हैं — जी.एस. घुर्ये
रिक्त स्थान — उत्तर सहित
- समाज के व्यवस्थित अध्ययन को ________ कहते हैं। — समाजशास्त्र
- समाज में व्यक्ति के स्थान को ________ कहा जाता है। — स्थिति
- स्थिति से जुड़े अपेक्षित व्यवहार को ________ कहा जाता है। — भूमिका
- परिवार एक ________ संस्था है। — सामाजिक
- व्यक्ति के सामाजिक व्यवहार सीखने की प्रक्रिया ________ कहलाती है। — समाजीकरण
- साक्षात्कार और प्रश्नावली ________ संग्रह की तकनीकें हैं। — डेटा
- समाज के असमान स्तरों में विभाजन को सामाजिक ________ कहते हैं। — स्तरीकरण
- शहरों में जनसंख्या के विस्तार को ________ कहा जाता है। — नगरीकरण
- भविष्य की पीढ़ियों का ध्यान रखने वाला विकास ________ विकास है। — धारणीय
- ऑगस्ट कॉम्ट ________ दृष्टिकोण से जुड़े हैं। — प्रत्यक्षवादी
- मार्क्स ने ________ संघर्ष पर जोर दिया। — वर्ग
- दुर्खीम ने सामाजिक ________ की अवधारणा दी। — तथ्य
- श्रीनिवास ने ________ की अवधारणा विकसित की। — संस्कृतिकरण
- भारतीय समाज के मार्क्सवादी अध्ययन से ________ देसाई जुड़े हैं। — ए.आर.
सत्य / असत्य — उत्तर सहित
- समाजशास्त्र केवल व्यक्ति का अध्ययन करता है। — असत्य
- समाजशास्त्र सामाजिक संबंधों का अध्ययन करता है। — सत्य
- स्थिति और भूमिका एक ही चीज हैं। — असत्य
- परिवार सामाजिक संस्था है। — सत्य
- समाजीकरण केवल बचपन तक सीमित रहता है। — असत्य
- मात्रात्मक शोध में संख्यात्मक डेटा महत्वपूर्ण होता है। — सत्य
- सामाजिक स्तरीकरण में असमानता शामिल होती है। — सत्य
- नगरीकरण सामाजिक परिवर्तन को प्रभावित कर सकता है। — सत्य
- पर्यावरण और समाज का कोई संबंध नहीं है। — असत्य
- मार्क्स वर्ग संघर्ष पर जोर देते थे। — सत्य
- दुर्खीम ने सामाजिक तथ्य की अवधारणा दी। — सत्य
- वेबर सामाजिक क्रिया से जुड़े हैं। — सत्य
- संस्कृतिकरण एम.एन. श्रीनिवास से जुड़ा है। — सत्य
- भारतीय समाजशास्त्र में जाति का अध्ययन महत्वहीन रहा है। — असत्य
सही जोड़ी — उत्तर सहित
| कॉलम A | कॉलम B |
|---|---|
| 1. समाजशास्त्र | समाज का व्यवस्थित अध्ययन |
| 2. स्थिति | समाज में व्यक्ति का स्थान |
| 3. भूमिका | अपेक्षित व्यवहार |
| 4. समाजीकरण | सामाजिक व्यवहार सीखने की प्रक्रिया |
| 5. सामाजिक स्तरीकरण | असमान सामाजिक स्तर |
| 6. नगरीकरण | शहरी विस्तार |
| 7. कॉम्ट | प्रत्यक्षवाद |
| 8. मार्क्स | वर्ग संघर्ष |
| 9. दुर्खीम | सामाजिक तथ्य |
| 10. वेबर | सामाजिक क्रिया |
| 11. श्रीनिवास | संस्कृतिकरण |
| 12. घुर्ये | जाति और संस्कृति |
| 13. ए.आर. देसाई | मार्क्सवादी दृष्टिकोण |
| 14. इरावती कर्वे | परिवार एवं नातेदारी |
एक वाक्य में उत्तर — उत्तर सहित
- समाजशास्त्र क्या है? — समाज और सामाजिक संबंधों का व्यवस्थित अध्ययन।
- समाज क्या है? — सामाजिक संबंधों और अंतःक्रियाओं की व्यवस्था।
- सामाजिक समूह क्या है? — परस्पर सामाजिक संबंध रखने वाले व्यक्तियों का समूह।
- स्थिति क्या है? — समाज में व्यक्ति का स्थान।
- भूमिका क्या है? — स्थिति से जुड़ा अपेक्षित व्यवहार।
- समाजीकरण क्या है? — सामाजिक नियम, मूल्य और व्यवहार सीखने की प्रक्रिया।
- सामाजिक संस्था क्या है? — समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने वाली स्थायी सामाजिक व्यवस्था।
- संस्कृति क्या है? — साझा मूल्य, विश्वास, भाषा, मानदंड और जीवन-पद्धतियों का समग्र रूप।
- अवलोकन क्या है? — सामाजिक घटना को प्रत्यक्ष देखकर अध्ययन करना।
- नमूना क्या है? — समग्र आबादी में से चुनी गई प्रतिनिधि इकाइयों का समूह।
- सामाजिक स्तरीकरण क्या है? — समाज का असमान सामाजिक स्तरों में विभाजन।
- नगरीकरण क्या है? — शहरों और शहरी जनसंख्या का विस्तार।
- पर्यावरण क्या है? — जीवों को प्रभावित करने वाले प्राकृतिक और सामाजिक तत्वों का समग्र परिवेश।
- प्रत्यक्षवाद क्या है? — सामाजिक अध्ययन में वैज्ञानिक प्रमाण और अवलोकन पर जोर देने वाला दृष्टिकोण।
- वर्ग संघर्ष क्या है? — सामाजिक वर्गों के आर्थिक हितों के बीच संघर्ष।
- सामाजिक तथ्य क्या है? — व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित करने वाले सामाजिक नियम और शक्तियाँ।
- सामाजिक क्रिया क्या है? — दूसरों को ध्यान में रखकर अर्थपूर्ण ढंग से की गई सामाजिक क्रिया।
- संस्कृतिकरण क्या है? — उच्च सामाजिक समूहों की जीवन-पद्धति अपनाकर स्थिति सुधारने की प्रक्रिया।
- पश्चिमीकरण क्या है? — पश्चिमी संस्थाओं और जीवन-पद्धति के प्रभाव से होने वाला परिवर्तन।
- प्रभुत्वशाली जाति क्या है? — स्थानीय स्तर पर संख्या, शक्ति या संसाधनों के कारण प्रभावशाली जाति।
4 अंक के अत्यंत महत्वपूर्ण संभावित प्रश्न — मॉडल उत्तर सहित
कक्षा 11वीं समाजशास्त्र — अंतिम रिवीजन चार्ट
समाज • सामाजिक संबंध • समाजशास्त्र • व्यक्ति और समाज
समूह • समुदाय • स्थिति • भूमिका • मानदंड • मूल्य
परिवार • विवाह • शिक्षा • धर्म • अर्थव्यवस्था • राजनीति
संस्कृति • समाजीकरण • भौतिक/अभौतिक संस्कृति
अनुसंधान • सर्वेक्षण • साक्षात्कार • प्रश्नावली • अवलोकन
संरचना • स्तरीकरण • गतिशीलता • सहयोग • संघर्ष
ग्रामीण • नगरीय • नगरीकरण • सामाजिक परिवर्तन
पर्यावरण • संसाधन • प्रदूषण • धारणीय विकास
कॉम्ट • मार्क्स • दुर्खीम • वेबर
घुर्ये • श्रीनिवास • देसाई • मुखर्जी • कर्वे
ऑगस्ट कॉम्ट — प्रत्यक्षवाद
कार्ल मार्क्स — वर्ग संघर्ष
एमिल दुर्खीम — सामाजिक तथ्य एवं सामाजिक एकता
मैक्स वेबर — सामाजिक क्रिया एवं अधिकार
जी.एस. घुर्ये — जाति एवं संस्कृति
एम.एन. श्रीनिवास — संस्कृतिकरण, पश्चिमीकरण, प्रभुत्वशाली जाति
ए.आर. देसाई — मार्क्सवादी दृष्टिकोण
डी.पी. मुखर्जी — परंपरा एवं आधुनिकता
इरावती कर्वे — परिवार एवं नातेदारी
02 अंक — परिभाषा + 1 मुख्य बिंदु
03 अंक — परिभाषा + 2–3 बिंदु
04 अंक — भूमिका + 3–4 बिंदु + उदाहरण/निष्कर्ष
तुलना वाले प्रश्नों को तालिका में लिखना अधिक स्पष्ट और प्रभावी रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
1. अध्ययन एवं अभ्यास उद्देश्य: इस पोस्ट में दी गई अंक योजना (Blueprint), पाठ्यक्रम, AI-जनरेटेड सरल नोट्स तथा अभ्यास प्रश्नोत्तर माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के नवीनतम दिशा-निर्देशों एवं NCERT पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, पुनरावलोकन और परीक्षा अभ्यास के लिए तैयार किए गए हैं।
2. प्रश्नोत्तर एवं संभावित प्रश्न: पोस्ट में शामिल सभी वस्तुनिष्ठ, लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर केवल मॉडल/अभ्यास प्रश्न (Practice Questions) हैं। यह वार्षिक परीक्षा का कोई आधिकारिक प्रश्नपत्र नहीं है और न ही परीक्षा में हूबहू यही प्रश्न पूछे जाने का कोई दावा किया जाता है।
3. उत्तरों का सत्यापन: यद्यपि सभी उत्तरों, समाजशास्त्रीय सिद्धांतों, परिभाषाओं एवं तथ्यों को सटीक और त्रुटिरहित रखने का पूर्ण प्रयास किया गया है, फिर भी विद्यार्थी किसी भी तकनीकी या तथ्यात्मक संदेह की स्थिति में अपनी अधिकृत NCERT पाठ्यपुस्तकों तथा विषय शिक्षकों के मार्गदर्शन को ही अंतिम व सर्वमान्य आधार मानें।
4. आधिकारिक सूचना: परीक्षा कार्यक्रम, आंतरिक मूल्यांकन/प्रोजेक्ट कार्य, अंक योजना में किसी भी संभावित संशोधन अथवा आधिकारिक विज्ञप्ति के लिए सदैव माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी निर्देशों को ही अधिकृत माना जाए।
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