MP Board कक्षा 12वीं कॉमर्स – लेखाशास्त्र (Set C) मॉडल प्रश्न पत्र विद्यार्थियों को विविध प्रकार के प्रश्नों का अभ्यास कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह Set C उन छात्रों के लिए उपयोगी है जो पहले Set A और Set B का अभ्यास कर चुके हैं और अब नई प्रश्न संरचना के साथ अपनी तैयारी को और मज़बूत करना चाहते हैं।
🔹 Set C की मुख्य विशेषताएँ
✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर आधारित
✔️ Set C के अनुसार प्रश्नों का अलग संयोजन
✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु, एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल
✔️ उत्तर लेखन शैली सुधारने में सहायक
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी
विवरण
कक्षा: 12वीं (कॉमर्स)
विषय: लेखाशास्त्र (Accountancy)
मॉडल पेपर: Set C
बोर्ड: MP Board
इस Set C मॉडल पेपर के अभ्यास से विद्यार्थी प्रश्नों की विविधता, अंक वितरण एवं परीक्षा के स्तर को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में आत्मविश्वास के साथ प्रश्न हल करने में सहायता मिलती है।
Accountancy Model Paper 12th (Set-B) - Sandipani Vidyalaya
कक्षा 12वीं - लेखाशास्त्र
(मॉडल पेपर: सेट-C)
Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) ख्याति का मूल्यांकन कब आवश्यक नहीं है?
(अ) नए साझेदार के प्रवेश पर(ब) साझेदार के अवकाश ग्रहण पर(स) लाभ विभाजन अनुपात बदलने पर(द) व्यवसाय बंद करने पर
👉 (द) व्यवसाय बंद करने पर (समापन पर)
(ii) साझेदारी फर्म के समापन पर संपत्तियों का हस्तांतरण किस खाते में किया जाता है?
(अ) सममूल्य पर(ब) प्रीमियम पर(स) बट्टे पर(द) उपरोक्त सभी पर
👉 (द) उपरोक्त सभी पर
(v) आदर्श चालू अनुपात (Current Ratio) होता है:
(अ) 1:1(ब) 2:1(स) 1:2(द) 3:1
👉 (ब) 2:1
(vi) निम्न में से कौन सा गैर-रोकड़ व्यय है?
(अ) वेतन(ब) किराया(स) मूल्यह्रास(द) मजदूरी
👉 (स) मूल्यह्रास (Depreciation)
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) ख्याति एक ________ संपत्ति है।
अमूर्त (Intangible)
(ii) पुनर्मूल्यांकन खाते का लाभ/हानि ________ के पूँजी खातों में हस्तांतरित किया जाता है।
पुराने साझेदारों
(iii) कंपनी के समापन पर सबसे अंत में ________ पूँजी लौटाई जाती है।
समता अंश (Equity Share)
(iv) ऋणपत्रधारी कंपनी के ________ होते हैं।
लेनदार (Creditors)
(v) चिट्ठा (Balance Sheet) एक निश्चित ________ पर व्यवसाय की वित्तीय स्थिति दर्शाता है।
तिथि (Date)
(vi) कार्यशील पूँजी = चालू संपत्तियाँ - ________।
चालू दायित्व (Current Liabilities)
प्र.3. सत्य/असत्य लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदार का ऋण फर्म का आन्तरिक दायित्व होता है।
सत्य (यह बाहरी दायित्वों के भुगतान के बाद चुकाया जाता है)
(ii) प्राप्ति एवं भुगतान खाता एक नाममात्र खाता है।
असत्य (यह वास्तविक खाता है)
(iii) अंशों के हरण पर अंश पूँजी खाता नामे (Debit) किया जाता है।
सत्य
(iv) ऋणपत्रों पर ब्याज लाभ के प्रति प्रभार (Charge against profit) होता है।
सत्य (लाभ हो या न हो, ब्याज देना होगा)
(v) स्कंध आवर्त अनुपात (Inventory Turnover Ratio) लाभप्रदता अनुपात है।
असत्य (यह क्रियाशीलता/निष्पादन अनुपात है)
(vi) बैंक अधिविकर्ष (Bank Overdraft) को रोकड़ तुल्य माना जाता है।
असत्य (यह वित्तीय क्रिया में ऋणात्मक मद है, रोकड़ तुल्य नहीं)
प्र.4. सही जोड़ी बनाइए: (1×7 = 7 अंक)
(क) -> (ख)
(i) साझेदारी अधिनियम -> (क) AS-26
(ii) ख्याति का लेखांकन -> (ख) 1932
(iii) साझेदार की मृत्यु -> (ग) कृत्रिम व्यक्ति
(iv) कंपनी -> (घ) अनिवार्य विघटन
(v) फर्म का दिवालिया होना -> (ङ) कानूनी प्रतिनिधि को भुगतान
(vi) ऋण-समता अनुपात -> (च) AS-3
(vii) रोकड़ प्रवाह विवरण -> (छ) शोधन क्षमता अनुपात
सही मिलान:
(i) साझेदारी अधिनियम → (ख) 1932
(ii) ख्याति का लेखांकन → (क) AS-26
(iii) साझेदार की मृत्यु → (ङ) कानूनी प्रतिनिधि को भुगतान
(iv) कंपनी → (ग) कृत्रिम व्यक्ति
(v) फर्म का दिवालिया होना → (घ) अनिवार्य विघटन
(vi) ऋण-समता अनुपात → (छ) शोधन क्षमता अनुपात
(vii) रोकड़ प्रवाह विवरण → (च) AS-3
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) त्याग अनुपात का सूत्र लिखिए।
पुराना अनुपात - नया अनुपात
(ii) वसूली खाता कब बनाया जाता है?
साझेदारी फर्म के विघटन (समापन) पर।
(iii) कंपनी की स्थापना करने वाले व्यक्ति क्या कहलाते हैं?
प्रवर्तक (Promoters)
(iv) क्या ऋणपत्रों को जब्त (Forfeit) किया जा सकता है?
नहीं
(v) तरलता अनुपात को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
अम्ल-परख अनुपात (Acid Test Ratio) या शीघ्र अनुपात।
लाभ-हानि नियोजन खाता (P&L Appropriation A/c) क्यों बनाया जाता है?
उत्तर: साझेदारी संलेख (Partnership Deed) एक लिखित प्रपत्र है जिसमें साझेदारी व्यवसाय को चलाने के लिए साझेदारों के बीच तय किए गए नियम और शर्तें (जैसे लाभ अनुपात, पूँजी, ब्याज आदि) लिखी होती हैं।
उत्तर: यह शुद्ध लाभ को साझेदारों के बीच वेतन, कमीशन, पूँजी पर ब्याज आदि के समायोजन के बाद वितरित करने के लिए बनाया जाता है।
प्र.7. औसत लाभ (Average Profit) क्या है?
अथवा
पुनर्मूल्यांकन पर लाभ/हानि किस अनुपात में बाँटा जाता है?
उत्तर: पिछले कुछ वर्षों के कुल लाभ को वर्षों की संख्या से भाग देने पर जो राशि प्राप्त होती है, उसे औसत लाभ कहते हैं। इसका उपयोग ख्याति मूल्यांकन में होता है।
प्र.8. साझेदार की सेवानिवृत्ति (Retirement) से क्या आशय है?
अथवा
मृतक साझेदार के कानूनी प्रतिनिधि को देय राशि की गणना कैसे की जाती है?
उत्तर: जब कोई साझेदार अपनी इच्छा से, अस्वस्थता, वृद्धावस्था या आपसी मतभेद के कारण फर्म से अलग हो जाता है, तो इसे साझेदार की सेवानिवृत्ति कहते हैं।
उत्तर: उसकी पूँजी, ख्याति में हिस्सा, पुनर्मूल्यांकन लाभ, संचित लाभ और मृत्यु की तिथि तक के लाभ का हिस्सा जोड़कर, तथा आहरण व उस पर ब्याज घटाकर देय राशि निकाली जाती है।
प्र.9. फर्म के अनिवार्य विघटन की दो परिस्थितियाँ लिखिए।
अथवा
वसूली खाते और पुनर्मूल्यांकन खाते में एक मुख्य अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. जब सभी साझेदार (या एक को छोड़कर सभी) दिवालिया हो जाएं।
2. जब फर्म का व्यवसाय अवैध घोषित हो जाए।
उत्तर: वसूली खाता फर्म के समापन पर बनाया जाता है, जबकि पुनर्मूल्यांकन खाता फर्म के पुनर्गठन (प्रवेश/अवकाश) पर बनाया जाता है।
प्र.10. स्वेट समता अंश (Sweat Equity Shares) किसे कहते हैं?
अथवा
अग्रिम याचना (Calls in Advance) क्या है?
उत्तर: वे अंश जो कंपनी अपने कर्मचारियों या संचालकों को उनकी सेवाओं या तकनीकी ज्ञान के बदले में बट्टे पर या नकद के अतिरिक्त अन्य प्रतिफल के रूप में जारी करती है।
उत्तर: जब कोई अंशधारी कंपनी द्वारा माँगने से पहले ही भविष्य की याचनाओं (Calls) की राशि का भुगतान कर देता है, तो इसे अग्रिम याचना कहते हैं।
प्र.11. ऋणपत्रों के मोचन (Redemption) का क्या अर्थ है?
अथवा
परिवर्तनीय ऋणपत्र किसे कहते हैं?
उत्तर: ऋणपत्रों का मोचन का अर्थ है - ऋणपत्रधारियों को उनकी राशि का भुगतान करके कंपनी के ऋण दायित्व को समाप्त करना।
उत्तर: वे ऋणपत्र जिन्हें एक निश्चित अवधि के बाद अंशों में बदला जा सकता है, परिवर्तनीय ऋणपत्र कहलाते हैं।
प्र.12. वित्तीय विवरणों के विश्लेषण की दो सीमाएँ लिखिए।
अथवा
प्रवृत्ति विश्लेषण (Trend Analysis) क्या है?
उत्तर: 1. यह केवल मौद्रिक तथ्यों का विश्लेषण करता है, गुणात्मक का नहीं।
2. यह भूतकालीन आंकड़ों पर आधारित है, जो भविष्य के लिए हमेशा सही नहीं होते।
उत्तर: यह कई वर्षों के वित्तीय आंकड़ों का अध्ययन है ताकि यह पता चल सके कि समय के साथ व्यवसाय की स्थिति (बिक्री, लाभ आदि) किस दिशा (बढ़ने या घटने) में जा रही है।
प्र.13. स्कंध आवर्त अनुपात (Inventory Turnover Ratio) का सूत्र लिखिए।
अथवा
शोधन क्षमता अनुपात (Solvency Ratio) क्या दर्शाते हैं?
सूत्र: बेचे गए माल की लागत / औसत स्कंध
(Cost of Revenue from Operations / Average Inventory)
उत्तर: ये अनुपात यह दर्शाते हैं कि संस्था अपने दीर्घकालीन ऋणों और दायित्वों को चुकाने में सक्षम है या नहीं। (जैसे ऋण-समता अनुपात)।
प्र.14. रोकड़ प्रवाह विवरण के दो लाभ लिखिए।
अथवा
प्रचालन क्रियाओं (Operating Activities) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: 1. यह नकद की उपलब्धता और कमी का पता लगाने में मदद करता है।
2. यह भविष्य की वित्तीय योजनाओं को बनाने में सहायक है।
उत्तर: वे क्रियाएँ जो व्यवसाय की मुख्य आय-सृजक गतिविधियाँ होती हैं, जैसे माल की बिक्री, सेवा प्रदान करना, वेतन भुगतान आदि।
प्र.15. 'रोकड़ तुल्य' (Cash Equivalent) क्या है?
अथवा
निवेश क्रियाओं और वित्तीय क्रियाओं में एक अंतर लिखिए।
उत्तर: ये अल्पकालीन (3 माह या कम) और अत्यधिक तरल निवेश हैं जिन्हें तुरंत नकद में बदला जा सकता है और इनके मूल्य में परिवर्तन का जोखिम नगण्य होता है।
उत्तर: निवेश क्रियाएँ स्थायी संपत्तियों (मशीन, भवन) के क्रय-विक्रय से संबंधित हैं, जबकि वित्तीय क्रियाएँ पूँजी और ऋण (शेयर, डिबेंचर) में परिवर्तन से संबंधित हैं।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. ख्याति के मूल्यांकन की 'औसत लाभ विधि' और 'अधिलाभ विधि' में अंतर लिखिए।
अथवा
लाभ-हानि नियोजन खाता तैयार कीजिए: शुद्ध लाभ ₹50,000, पूँजी पर ब्याज ₹5,000, वेतन ₹3,000।
उत्तर: 1. आधार: औसत लाभ विधि में पिछले वर्षों के सामान्य लाभ का औसत लिया जाता है, जबकि अधिलाभ विधि में सामान्य लाभ से अधिक लाभ (Super Profit) को आधार बनाया जाता है।
2. सूत्र: औसत लाभ × क्रय वर्ष; अधिलाभ × क्रय वर्ष।
3. महत्व: अधिलाभ विधि अधिक वैज्ञानिक मानी जाती है क्योंकि यह अतिरिक्त अर्जन क्षमता को मापती है।
Profit & Loss Appropriation A/c:
Particulars
Amount (₹)
Particulars
Amount (₹)
To Interest on Capital
5,000
By Net Profit b/d
50,000
To Salary
3,000
To Profit t/f to Partners
42,000
Total
50,000
Total
50,000
प्र.17. अंशों के 'अधि-अभिदान' (Over Subscription) और 'न्यून-अभिदान' (Under Subscription) में अंतर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
अंशों के हरण (Forfeiture) और अंशों के समर्पण (Surrender) में अंतर लिखिए।
उत्तर:
1. अर्थ: अधि-अभिदान में जारी अंशों से अधिक आवेदन आते हैं, न्यून-अभिदान में कम आवेदन आते हैं।
2. प्रभाव: अधि-अभिदान में आनुपातिक आबंटन या राशि वापसी करनी पड़ती है। न्यून-अभिदान में यदि 90% से कम हो तो आबंटन रद्द हो जाता है।
3. समायोजन: अधि-अभिदान में अतिरिक्त राशि आगे समायोजित की जा सकती है, न्यून में ऐसा नहीं होता।
उत्तर:
1. पहल: हरण कंपनी द्वारा जबरदस्ती (Penalty के रूप में) किया जाता है, समर्पण अंशधारी अपनी मर्जी से करता है।
2. कारण: हरण भुगतान न करने पर होता है, समर्पण भुगतान करने में असमर्थता जताने पर होता है।
3. नोटिस: हरण के लिए नोटिस अनिवार्य है, समर्पण के लिए नहीं।
प्र.18. अनुपात विश्लेषण के कोई तीन महत्व लिखिए।
अथवा
तुलनात्मक आय विवरण (Comparative Income Statement) का प्रारूप बनाइए।
उत्तर: 1. तुलना में सहायक: यह फर्म के प्रदर्शन की तुलना पिछले वर्षों या अन्य फर्मों से करने में मदद करता है।
2. निर्णय लेने में: यह प्रबंधकों को वित्तीय कमजोरी और मजबूती पहचानने और सुधार के निर्णय लेने में मदद करता है।
3. मानक निर्धारण: यह भविष्य के लिए आदर्श मानक तय करने में उपयोगी है।
Comparative Income Statement Format:
Particulars
Prev. Year (A)
Curr. Year (B)
Abs. Change (C=B-A)
% Change (D=C/A*100)
I. Revenue from Op.
xxx
xxx
xxx
%
II. Other Income
xxx
xxx
xxx
%
III. Total Rev (I+II)
xxx
xxx
xxx
%
IV. Exp. (Less)
(xxx)
(xxx)
(xxx)
%
V. Profit before Tax
xxx
xxx
xxx
%
प्र.19. रोकड़ प्रवाह विवरण और रोकड़ बजट में तीन अंतर लिखिए।
अथवा
निम्नलिखित से 'प्रचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह' की गणना कीजिए: शुद्ध लाभ: ₹20,000 ह्रास: ₹5,000 ख्याति अपलिखित: ₹2,000 देनदारों में वृद्धि: ₹3,000
उत्तर: 1. प्रकृति: रोकड़ प्रवाह विवरण ऐतिहासिक (भूतकाल) होता है, रोकड़ बजट भविष्य का अनुमान होता है।
2. आधार: विवरण AS-3 के अनुसार बनता है, बजट प्रबंधन की नीति पर बनता है।
3. वर्गीकरण: विवरण में प्रचालन, निवेश, वित्तीय क्रियाएँ होती हैं, बजट में ऐसा वर्गीकरण अनिवार्य नहीं है।
गणना:
Net Profit: 20,000
Add: Depreciation: +5,000
Add: Goodwill Amortized: +2,000
Less: Increase in Debtors: -3,000 Cash from Operations: ₹24,000
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. ए और बी 3:2 में साझेदार हैं। सी को 1/4 भाग के लिए प्रवेश दिया। सी ₹40,000 पूँजी लाया। फर्म की ख्याति का मूल्यांकन ₹20,000 किया गया। ख्याति खाता पुस्तकों में नहीं खोला जाना है। जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिए।
अथवा
पुनर्मूल्यांकन खाता और वसूली खाता में चार अंतर लिखिए।
हल:
सी के हिस्से की ख्याति = 20,000 × 1/4 = 5,000। त्याग अनुपात = 3:2।
Particulars
Dr. (₹)
Cr. (₹)
Bank A/c Dr.
40,000
To C's Capital A/c
40,000
(Capital brought by C)
C's Capital/Current A/c Dr.
5,000
To A's Capital A/c (5000×3/5)
3,000
To B's Capital A/c (5000×2/5)
2,000
(Goodwill adjusted through capital accounts)
उत्तर: 1. समय: पुनर्मूल्यांकन खाता फर्म के पुनर्गठन (प्रवेश/अवकाश) पर बनता है, वसूली खाता विघटन (समापन) पर।
2. उद्देश्य: पुनर्मूल्यांकन का उद्देश्य संपत्तियों/दायित्वों के मूल्य परिवर्तन का लाभ/हानि ज्ञात करना है, वसूली का उद्देश्य संपत्तियों को बेचने और दायित्वों को चुकाने का परिणाम जानना है।
3. खाते बंद करना: पुनर्मूल्यांकन के बाद खाते खुले रहते हैं, वसूली के बाद सभी खाते बंद हो जाते हैं।
4. परिणाम: पुनर्मूल्यांकन लाभ पुराने अनुपात में बँटता है, वसूली लाभ सभी साझेदारों में बँटता है।
प्र.21. अ, ब, स साझेदार हैं (2:2:1)। स की मृत्यु हो जाती है। मृत्यु की तिथि तक के लाभ में स का हिस्सा पिछले वर्ष के लाभ (₹40,000) के आधार पर निकालिए यदि मृत्यु 30 जून को हुई (वर्ष 31 मार्च को समाप्त होता है)। जर्नल प्रविष्टि भी दीजिए।
अथवा
साझेदारी फर्म के विघटन की रीतियाँ (Modes of Dissolution) लिखिए। (कोई चार)
हल:
अवधि (अप्रैल, मई, जून) = 3 माह।
पूरे वर्ष का लाभ = 40,000।
3 माह का लाभ = 40,000 × 3/12 = 10,000।
स का हिस्सा (1/5) = 10,000 × 1/5 = ₹2,000। Journal Entry:
P&L Suspense A/c Dr. 2,000
To C's Capital A/c 2,000 (Share of profit credited to deceased partner)
उत्तर: 1. समझौते द्वारा: सभी साझेदारों की सहमति से।
2. अनिवार्य विघटन: दिवालिया होने या अवैध कारोबार होने पर।
3. नोटिस द्वारा: ऐच्छिक साझेदारी में लिखित नोटिस देकर।
4. न्यायालय द्वारा: पागलपन, दुराचरण या असमर्थता के आधार पर कोर्ट के आदेश से।
प्र.22. समता अंश (Equity Share) और पूर्वाधिकार अंश (Preference Share) में चार अंतर लिखिए।
अथवा
एक्स लिमिटेड ने ₹10 वाले 2,000 अंश जनता को निर्गमित किए। सभी राशियाँ प्राप्त हो गईं सिवाय अंतिम याचना ₹3 प्रति अंश के जो 100 अंशों पर प्राप्त नहीं हुई। जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिए।
उत्तर: 1. लाभांश: पूर्वाधिकार को लाभांश पहले मिलता है, समता को बाद में।
2. दर: पूर्वाधिकार की लाभांश दर निश्चित होती है, समता की अनिश्चित (लाभ पर निर्भर)।
3. मताधिकार: समता अंशधारियों को वोट देने का अधिकार होता है, पूर्वाधिकार को सामान्यतः नहीं।
4. पूँजी वापसी: समापन पर पूर्वाधिकार पूँजी पहले लौटाई जाती है।
हल (केवल अंतिम याचना की प्रविष्टि):
Share Final Call A/c Dr. 6,000 (2000×3)
To Share Capital A/c 6,000
Bank A/c Dr. 5,700 (1900×3)
Calls in Arrears A/c Dr. 300 (100×3)
To Share Final Call A/c 6,000 (Final call received except on 100 shares)
प्र.23. ऋणपत्रों के निर्गमन पर बट्टे (Discount) का लेखांकन व्यवहार समझाइए।
अथवा
निम्न विवरण से 'निवेश क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह' की गणना कीजिए: मशीन खरीदी: ₹50,000 मशीन बेची: ₹20,000 विनियोग पर ब्याज प्राप्त: ₹5,000 लाभांश प्राप्त: ₹2,000
उत्तर: जब ऋणपत्र अंकित मूल्य से कम पर जारी किए जाते हैं, तो अंतर 'ऋणपत्र निर्गमन पर बट्टा' कहलाता है। यह पूँजीगत हानि है। इसे आबंटन के समय डेबिट किया जाता है:
Debenture Allotment A/c Dr.
Discount on Issue of Deb. A/c Dr.
To Debentures A/c
इसे 'Security Premium' या 'Statement of P&L' से अपलिखित (Write off) किया जाता है।
हल:
Outflow: Purchase of Machine = (50,000)
Inflow: Sale of Machine = +20,000
Inflow: Interest Received = +5,000
Inflow: Dividend Received = +2,000 Net Cash used in Investing Activities = (23,000) (ऋणात्मक/Outflow)
⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर
केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं।
वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है।
छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि
आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।
MP Board कक्षा 12वीं कॉमर्स – लेखाशास्त्र (Set B) मॉडल प्रश्न पत्र नवीनतम पाठ्यक्रम और बोर्ड परीक्षा पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह Set B उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है जो अलग प्रकार के प्रश्नों का अभ्यास करके अपनी परीक्षा तैयारी को और मजबूत करना चाहते हैं।
🔹 Set B की विशेषताएँ
✔️ MP Board के नवीनतम सिलेबस पर आधारित
✔️ Set B के अनुसार प्रश्नों का अलग संयोजन
✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल
✔️ समय प्रबंधन और उत्तर लेखन अभ्यास में सहायक
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी
विवरण
कक्षा: 12वीं (कॉमर्स)
विषय: लेखाशास्त्र (Accountancy)
मॉडल पेपर: Set B
बोर्ड: MP Board
इस Set B मॉडल पेपर के नियमित अभ्यास से विद्यार्थी प्रश्नों की समझ, अंक वितरण और परीक्षा पैटर्न को बेहतर तरीके से जान सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
Accountancy Model Paper 12th (Set-B) - Sandipani Vidyalaya
कक्षा 12वीं - लेखाशास्त्र
(मॉडल पेपर: सेट-B)
Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी संलेख के अभाव में साझेदारों को दिया जाता है:
(अ) वेतन(ब) कमीशन(स) ऋण पर 6% वार्षिक ब्याज(द) पूँजी पर ब्याज
👉 (स) ऋण पर 6% वार्षिक ब्याज
(ii) ख्याति है:
(अ) चल संपत्ति(ब) अमूर्त संपत्ति(स) अदृश्य संपत्ति(द) 'ब' और 'स' दोनों
👉 (द) 'ब' और 'स' दोनों (Intangible Asset)
(iii) पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation A/c) किस प्रकृति का खाता है?
(अ) व्यक्तिगत खाता(ब) नाममात्र खाता(स) वास्तविक खाता(द) इनमें से कोई नहीं
👉 (ब) नाममात्र खाता (Nominal Account)
(iv) एक कंपनी के अंशधारी होते हैं:
(अ) कंपनी के कर्मचारी(ब) कंपनी के लेनदार(स) कंपनी के स्वामी(द) कंपनी के ग्राहक
👉 (स) कंपनी के स्वामी
(v) ऋणपत्रधारी (Debenture Holders) प्राप्त करते हैं:
(अ) लाभांश(ब) लाभ(स) ब्याज(द) वेतन
👉 (स) ब्याज (Interest)
(vi) तरल अनुपात (Liquid Ratio) का आदर्श मान है:
(अ) 2:1(ब) 1:1(स) 1:2(द) 3:1
👉 (ब) 1:1
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी व्यवसाय में साझेदारों का दायित्व ________ होता है।
असीमित (Unlimited)
(ii) त्याग अनुपात = पुराना अनुपात - ________।
नया अनुपात
(iii) फर्म के विघटन पर बैंक अधिविकर्ष (Bank Overdraft) को ________ खाते में हस्तांतरित किया जाता है।
वसूली (Realisation A/c)
(iv) प्रतिभूति प्रीमियम (Security Premium) कंपनी के लिए ________ लाभ है।
पूँजीगत (Capital Profit)
(v) ऋणपत्र ________ का प्रमाण है।
ऋण (Loan)
(vi) वित्तीय विवरणों के विश्लेषण में ________ का प्रयोग किया जाता है।
तुलनात्मक विवरण / अनुपात
प्र.3. सत्य/असत्य लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी फर्म का पंजीयन अनिवार्य है।
असत्य (ऐच्छिक है)
(ii) ख्याति पर ह्रास नहीं लगाया जाता है।
सत्य (इसका अपलेखन/Amortization होता है)
(iii) फर्म के विघटन और साझेदारी के विघटन में कोई अंतर नहीं है।
असत्य (दोनों अलग-अलग अवधारणाएँ हैं)
(iv) जब्त किए गए अंशों को बट्टे पर पुनः निर्गमित किया जा सकता है।
सत्य (लेकिन बट्टा जब्त राशि से अधिक नहीं हो सकता)
(v) ऋणपत्रधारी को कंपनी की आम सभा में मत देने का अधिकार होता है।
असत्य
(vi) कर का भुगतान (Tax paid) एक प्रचालन क्रिया है।
सत्य
प्र.4. सही जोड़ी बनाइए: (1×7 = 7 अंक)
(क) -> (ख)
(i) साझेदारी संलेख -> (क) आदर्श अनुपात 2:1
(ii) औसत लाभ -> (ख) कंपनी का समापन
(iii) वसूली खाता -> (ग) लिखित समझौता
(iv) अंश हरण -> (घ) ख्याति मूल्यांकन
(v) ऋणपत्रों का शोधन -> (ङ) फर्म का समापन
(vi) चालू अनुपात -> (च) अंशों का रद्दीकरण
(vii) निस्तारक (Liquidator) -> (छ) ऋण की वापसी
सही मिलान:
(i) साझेदारी संलेख → (ग) लिखित समझौता
(ii) औसत लाभ → (घ) ख्याति मूल्यांकन
(iii) वसूली खाता → (ङ) फर्म का समापन
(iv) अंश हरण → (च) अंशों का रद्दीकरण
(v) ऋणपत्रों का शोधन → (छ) ऋण की वापसी
(vi) चालू अनुपात → (क) आदर्श अनुपात 2:1
(vii) निस्तारक (Liquidator) → (ख) कंपनी का समापन
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) नए साझेदार द्वारा ख्याति की राशि नकद लाने पर किस खाते को क्रेडिट किया जाता है?
प्रीमियम फॉर गुडविल खाता (Premium for Goodwill A/c)
(ii) 'त्याग अनुपात' की गणना क्यों की जाती है?
ख्याति का समायोजन (बंटवारा) करने के लिए।
(iii) कंपनी के चिट्ठे में 'संचित पूँजी' (Reserve Capital) को कहाँ दिखाया जाता है?
इसे चिट्ठे में नहीं दिखाया जाता (यह केवल समापन पर माँगी जाती है)।
(iv) ऋणपत्रों पर ब्याज की दर कैसी होती है?
निश्चित (Fixed)
(v) किसे 'गैर-रोकड़ मद' (Non-cash item) माना जाता है?
मूल्यह्रास (Depreciation)
(vi) 'रोकड़ तुल्य' (Cash Equivalent) का एक उदाहरण दीजिए।
ट्रेजरी बिल / विपणन योग्य प्रतिभूतियां
(vii) अधिकृत पूँजी (Authorised Capital) का उल्लेख कहाँ होता है?
पार्षद सीमा नियम (Memorandum of Association) में।
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. साझेदारी संलेख की अनुपस्थिति में लागू होने वाले किन्हीं दो नियमों को लिखिए।
अथवा
स्थिर पूँजी और परिवर्तनशील पूँजी खाते में दो अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. लाभ-हानि का विभाजन बराबर-बराबर होगा।
2. पूँजी पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा (और आहरण पर ब्याज नहीं लिया जाएगा)।
उत्तर: 1. खातों की संख्या: स्थिर विधि में दो खाते (पूँजी + चालू) बनते हैं, परिवर्तनशील में केवल एक (पूँजी खाता)।
2. शेष: स्थिर पूँजी का शेष सदैव क्रेडिट होता है, परिवर्तनशील का डेबिट भी हो सकता है।
प्र.7. अधिलाभ (Super Profit) किसे कहते हैं?
अथवा
त्याग अनुपात और नफे (Gain) के अनुपात में अंतर लिखिए।
उत्तर: जब कोई फर्म सामान्य लाभ (Normal Profit) से अधिक लाभ कमाती है, तो उस आधिक्य को अधिलाभ कहते हैं।
सूत्र: अधिलाभ = वास्तविक औसत लाभ - सामान्य लाभ।
उत्तर:त्याग अनुपात (पुराना - नया) का प्रयोग नए साझेदार के प्रवेश पर ख्याति बाँटने में होता है। नफे का अनुपात (नया - पुराना) का प्रयोग साझेदार की सेवानिवृत्ति पर ख्याति समायोजन में होता है।
प्र.8. पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation Account) क्यों बनाया जाता है?
अथवा
साझेदारी के पुनर्गठन से क्या आशय है?
उत्तर: साझेदारी फर्म के पुनर्गठन (प्रवेश/अवकाश) के समय संपत्तियों और दायित्वों के मूल्यों में हुए परिवर्तन (लाभ या हानि) को ज्ञात करने के लिए पुनर्मूल्यांकन खाता बनाया जाता है।
उत्तर: जब साझेदारों के बीच विद्यमान समझौते में कोई बदलाव होता है, जिससे उनके आपसी संबंध बदल जाते हैं (जैसे लाभ अनुपात बदलना, नया प्रवेश), तो इसे साझेदारी का पुनर्गठन कहते हैं। फर्म वही रहती है।
प्र.9. फर्म के विघटन और साझेदारी के विघटन में दो अंतर लिखिए।
अथवा
वसूली खाते (Realisation A/c) का अर्थ लिखिए।
उत्तर: 1. व्यवसाय: फर्म के विघटन पर व्यवसाय बंद हो जाता है, साझेदारी विघटन पर व्यवसाय चालू रहता है।
2. खाते: फर्म विघटन पर वसूली खाता बनता है, साझेदारी विघटन पर पुनर्मूल्यांकन खाता।
उत्तर: फर्म के समापन पर संपत्तियों को बेचने और दायित्वों का भुगतान करने से होने वाले लाभ या हानि को ज्ञात करने के लिए जो खाता बनाया जाता है, उसे वसूली खाता कहते हैं।
प्र.10. आरक्षित पूँजी (Reserve Capital) से क्या आशय है?
अथवा
अधि-अभिदान (Over Subscription) किसे कहते हैं?
उत्तर: न मांगी गई पूँजी (Uncalled Capital) का वह भाग जिसे कंपनी ने भविष्य में केवल समापन की दशा में ही माँगने का प्रस्ताव पास किया हो, आरक्षित पूँजी कहलाता है।
उत्तर: जब कंपनी द्वारा निर्गमित अंशों की संख्या से अधिक अंशों के लिए आवेदन पत्र प्राप्त होते हैं, तो इस स्थिति को अधि-अभिदान कहते हैं।
प्र.11. संपाश्विक प्रतिभूति (Collateral Security) के रूप में ऋणपत्रों का निर्गमन क्या है?
अथवा
ऋणपत्रों के दो प्रकार लिखिए।
उत्तर: जब कंपनी बैंक या किसी संस्था से ऋण लेती है और मुख्य प्रतिभूति के अतिरिक्त सहायक (Secondary) प्रतिभूति के रूप में अपने ऋणपत्र जमा करती है, तो इसे संपाश्विक प्रतिभूति के रूप में निर्गमन कहते हैं।
उत्तर: 1. सुरक्षित ऋणपत्र: जिन्हें कंपनी की संपत्तियों पर प्रभार (Charge) प्राप्त होता है।
2. परिवर्तनीय ऋणपत्र: जिन्हें एक निश्चित समय बाद अंशों में बदला जा सकता है।
प्र.12. वित्तीय विवरणों के दो उद्देश्य लिखिए।
अथवा
वित्तीय विवरणों की दो सीमाएँ लिखिए।
उत्तर: 1. व्यवसाय की सही आर्थिक स्थिति (Profit/Loss & Balance Sheet) प्रदर्शित करना।
2. प्रबंधकों को निर्णय लेने के लिए आवश्यक सूचनाएँ प्रदान करना।
उत्तर: 1. ये ऐतिहासिक लागत पर आधारित होते हैं (मूल्य परिवर्तन को अनदेखा करते हैं)।
2. ये गुणात्मक तथ्यों (जैसे कर्मचारियों की ईमानदारी) को प्रकट नहीं करते।
प्र.13. चालू अनुपात और त्वरित अनुपात में अंतर लिखिए।
अथवा
ऋण-समता अनुपात (Debt-Equity Ratio) का सूत्र लिखिए।
उत्तर: 1. सूत्र: चालू अनुपात = चालू संपत्ति/चालू दायित्व; त्वरित अनुपात = तरल संपत्ति/चालू दायित्व।
2. स्टॉक: चालू अनुपात में स्टॉक शामिल होता है, त्वरित अनुपात में स्टॉक (और पूर्वदत्त व्यय) को छोड़ दिया जाता है।
वित्तीय क्रियाओं (Financing Activities) के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: वह विवरण जो एक निश्चित अवधि के दौरान रोकड़ और रोकड़ तुल्यों के आवक (Inflow) और जावक (Outflow) को प्रदर्शित करता है। यह तीन गतिविधियों (प्रचालन, निवेश, वित्तीय) में बँटा होता है।
उत्तर: 1. अंशों या ऋणपत्रों के निर्गमन से प्राप्त रोकड़।
2. लाभांश या ब्याज का भुगतान।
प्र.15. 'रोकड़' और 'रोकड़ तुल्य' में क्या अंतर है?
अथवा
निवेश क्रियाओं (Investing Activities) के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: 'रोकड़' में नकद और बैंक शेष शामिल हैं। 'रोकड़ तुल्य' अल्पकालीन, अत्यधिक तरल निवेश हैं जिन्हें तुरंत नकद में बदला जा सकता है और जिनमें मूल्य परिवर्तन का जोखिम नगण्य होता है (जैसे ट्रेजरी बिल)।
उत्तर: 1. मशीनरी या फर्नीचर (स्थायी संपत्ति) का क्रय/विक्रय।
2. अन्य कंपनियों के अंशों में निवेश करना।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. साझेदारी की तीन मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
साझेदारों के किन्हीं तीन अधिकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: 1. दो या अधिक व्यक्ति: साझेदारी के लिए कम से कम 2 सदस्य होने चाहिए।
2. अनुबंध (समझौता): साझेदारों के बीच लिखित या मौखिक समझौता होना अनिवार्य है।
3. वैध व्यवसाय: साझेदारी किसी कानूनी व्यवसाय को चलाने और लाभ कमाने के लिए होनी चाहिए।
उत्तर: 1. प्रबंध में भाग लेने का अधिकार: प्रत्येक साझेदार को व्यवसाय के संचालन में भाग लेने का हक है।
2. लेखा पुस्तकें देखने का अधिकार: वे फर्म की बहियों को देख सकते हैं और उनकी प्रति ले सकते हैं।
3. लाभ बांटने का अधिकार: वे तय अनुपात में लाभ पाने के अधिकारी हैं।
प्र.17. राम लिमिटेड ने ₹10 वाले 500 अंशों का हरण किया जिन पर ₹3 प्रति अंश आबंटन (Allotment) और ₹2 प्रति अंश प्रथम याचना का भुगतान नहीं किया गया था। हरण की जर्नल प्रविष्टि कीजिए।
अथवा
अंशों के हरण (Forfeiture) की प्रक्रिया को संक्षेप में समझाइए।
हल:
मांगी गई राशि = 10 (पूर्ण याचित मानकर)। प्राप्त नहीं हुआ = 3+2 = 5। प्राप्त हुआ = 5।
विवरण (Particulars)
L.F.
Dr. (₹)
Cr. (₹)
Share Capital A/c ... Dr. (500 × 10)
5,000
To Share Allotment A/c (500 × 3)
1,500
To Share First Call A/c (500 × 2)
1,000
To Share Forfeiture A/c (500 × 5) (Balancing fig)
2,500
(Being 500 shares forfeited for non-payment of allotment & call money)
उत्तर: जब कोई अंशधारी माँग राशि (Call money) का भुगतान नहीं करता, तो कंपनी उसे 14 दिन का नोटिस देती है। यदि वह फिर भी भुगतान नहीं करता, तो संचालक मंडल प्रस्ताव पास करके उसके अंशों को रद्द कर देता है और अब तक चुकाई गई राशि को जब्त कर लेता है। इसे अंशों का हरण कहते हैं। इससे अंशपूँजी कम हो जाती है।
प्र.18. वित्तीय विवरणों के विश्लेषण के किन्हीं तीन उपकरणों (Tools) का वर्णन कीजिए।
अथवा
तुलनात्मक विवरण (Comparative Statement) और समआकार विवरण (Common Size Statement) में अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. तुलनात्मक विवरण: इसमें दो या अधिक वर्षों के आंकड़ों की तुलना करके परिवर्तन की दिशा (वृद्धि/कमी) को प्रतिशत में दर्शाया जाता है।
2. समआकार विवरण: इसमें सभी मदों को किसी एक आधार (जैसे कुल संपत्ति या बिक्री) के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है।
3. अनुपात विश्लेषण: वित्तीय मदों के बीच गणितीय संबंध स्थापित करके निष्कर्ष निकाले जाते हैं।
उत्तर: 1. उद्देश्य: तुलनात्मक विवरण का उद्देश्य समय के साथ परिवर्तन (प्रवृत्ति) देखना है, जबकि समआकार का उद्देश्य विभिन्न मदों की संरचना समझना है।
2. आधार: तुलनात्मक में पिछले वर्ष को आधार माना जाता है, समआकार में कुल योग (जैसे कुल बिक्री) को 100 मानकर गणना की जाती है।
3. प्रकार: तुलनात्मक 'क्षैतिज' (Horizontal) विश्लेषण है, समआकार 'लंबवत' (Vertical) विश्लेषण है।
प्र.19. प्रचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह की गणना करते समय 'शुद्ध लाभ' में कौन-कौन सी मदें जोड़ी जाती हैं? (कोई तीन)
अथवा
रोकड़ प्रवाह विवरण की सीमाएँ लिखिए।
उत्तर: शुद्ध लाभ में निम्न गैर-रोकड़ और गैर-प्रचालन मदें जोड़ी जाती हैं:
1. मूल्यह्रास (Depreciation): स्थायी संपत्तियों पर लगाया गया ह्रास।
2. ख्याति का अपलेखन (Amortization): ख्याति या पेटेंट की कम हुई राशि।
3. स्थायी संपत्ति बिक्री पर हानि: यदि कोई मशीनरी घाटे में बेची गई हो।
उत्तर: 1. यह उपार्जन अवधारणा (Accrual Concept) की उपेक्षा करता है (नकद पर आधारित है)।
2. यह आय विवरण (P&L A/c) का स्थानापन्न नहीं है।
3. यह ऐतिहासिक लागत पर आधारित है, भविष्य का अनुमान नहीं लगाता।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. अ और ब साझेदार हैं जो लाभ 3:2 में बांटते हैं। उन्होंने स को 1/5 भाग के लिए प्रवेश दिया। स पूँजी के लिए ₹50,000 और ख्याति के लिए ₹20,000 नकद लाया। आवश्यक जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिए (त्याग अनुपात मानकर)।
अथवा
साझेदार के प्रवेश पर संपत्तियों और दायित्वों के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता क्यों होती है? समझाइए।
हल: त्याग अनुपात = पुराना अनुपात = 3:2 (क्योंकि नया अनुपात नहीं दिया है)।
विवरण
Dr. (₹)
Cr. (₹)
Cash/Bank A/c ... Dr. (50,000 + 20,000)
70,000
To C's Capital A/c
50,000
To Premium for Goodwill A/c
20,000
(Amount brought by C for capital and goodwill)
Premium for Goodwill A/c ... Dr.
20,000
To A's Capital A/c (20000 × 3/5)
12,000
To B's Capital A/c (20000 × 2/5)
8,000
(Goodwill distributed in sacrificing ratio 3:2)
उत्तर: नए साझेदार के प्रवेश के समय संपत्तियों का मूल्य उनकी पुस्तक मूल्य (Book Value) से अलग हो सकता है। यह संभव है कि कुछ संपत्तियों का मूल्य बढ़ गया हो या दायित्व कम हो गए हों। यह लाभ/हानि पुराने साझेदारों का होता है।
अतः यह सुनिश्चित करने के लिए कि नए साझेदार को पुराने लाभ/हानि में हिस्सा न मिले और पुराने साझेदारों को नुकसान न हो, पुनर्मूल्यांकन किया जाता है और इसका परिणाम पुराने साझेदारों के पुराने अनुपात में बाँट दिया जाता है।
प्र.21. एक्स, वाय और जेड साझेदार हैं (लाभ अनुपात 2:2:1)। वाय सेवानिवृत्त होता है। ख्याति का मूल्यांकन ₹30,000 किया गया। समायोजन प्रविष्टि कीजिए और नया अनुपात 2:1 है, तो अभिलाभ (Gaining) अनुपात ज्ञात कीजिए।
अथवा
सेवानिवृत्त साझेदार को देय राशि का भुगतान किन विधियों से किया जा सकता है?
हल:
1. अभिलाभ अनुपात = नया - पुराना
X का गेन = 2/3 - 2/5 = (10-6)/15 = 4/15
Z का गेन = 1/3 - 1/5 = (5-3)/15 = 2/15
अनुपात = 4:2 = 2:1.
2. ख्याति समायोजन:
वाय का हिस्सा = 30,000 × 2/5 = 12,000.
यह राशि X और Z गेनिंग अनुपात (2:1) में देंगे।
X देगा = 12000 × 2/3 = 8000; Z देगा = 4000. Journal Entry:
X's Capital A/c Dr. 8000
Z's Capital A/c Dr. 4000
To Y's Capital A/c 12000 (Goodwill adjusted)
उत्तर: 1. एकमुश्त भुगतान: पूरी राशि नकद या बैंक द्वारा तुरंत चुका दी जाती है।
2. किश्तों में भुगतान: राशि को ऋण खाते में डालकर ब्याज सहित वार्षिक किश्तों में चुकाया जाता है।
3. वार्षिकी (Annuity) द्वारा: उसे आजीवन एक निश्चित वार्षिक राशि देने का समझौता किया जाता है।
प्र.22. एबी लिमिटेड ने ₹10 वाले 10,000 समता अंश जनता को निर्गमित किए। राशि इस प्रकार देय थी: आवेदन पर ₹2, आबंटन पर ₹3, प्रथम व अंतिम याचना पर ₹5। सभी राशियाँ प्राप्त हो गईं। जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिए।
अथवा
अंशों के आनुपातिक आबंटन (Pro-rata Allotment) को एक उदाहरण सहित समझाइए।
हल (Journal Entries):
1. Bank A/c Dr. 20,000 (10k×2)
To Share Application A/c 20,000
2. Share Application A/c Dr. 20,000
To Share Capital A/c 20,000
3. Share Allotment A/c Dr. 30,000 (10k×3)
To Share Capital A/c 30,000
4. Bank A/c Dr. 30,000
To Share Allotment A/c 30,000
5. Share First & Final Call A/c Dr. 50,000 (10k×5)
To Share Capital A/c 50,000
6. Bank A/c Dr. 50,000
To Share First & Final Call A/c 50,000
उत्तर: जब अधि-अभिदान (Over-subscription) की स्थिति में कंपनी आवेदकों को आंशिक रूप से अंश देती है, तो इसे आनुपातिक आबंटन कहते हैं। इसमें किसी को पूर्ण मना नहीं किया जाता। उदाहरण: कंपनी ने 10,000 अंश जारी किए लेकिन आवेदन 15,000 के लिए आए। कंपनी ने तय किया कि हर 3 अंश मांगने वाले को 2 अंश दिए जाएंगे (अनुपात 3:2)। अतिरिक्त राशि को आबंटन में समायोजित किया जाएगा।
प्र.23. एक्स लिमिटेड ने ₹100 वाले 5,000, 9% ऋणपत्र निर्गमित किए। जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिए यदि: (i) सममूल्य पर निर्गमन और सममूल्य पर मोचन। (ii) 10% बट्टे पर निर्गमन और सममूल्य पर मोचन।
अथवा
अंशों और ऋणपत्रों में चार मुख्य अंतर लिखिए।
(i) सममूल्य-सममूल्य:
Bank A/c Dr. 5,00,000
To Debenture App. & Allot. A/c 5,00,000
Debenture App. & Allot. A/c Dr. 5,00,000
To 9% Debentures A/c 5,00,000
(ii) बट्टे पर निर्गमन-सममूल्य मोचन:
Bank A/c Dr. 4,50,000 (5000×90)
Discount on Issue of Deb. A/c Dr. 50,000 (5000×10)
To 9% Debentures A/c 5,00,000
उत्तर:
1. स्वामित्व: अंशधारी कंपनी के स्वामी होते हैं, ऋणपत्रधारी लेनदार होते हैं।
2. प्रतिफल: अंशों पर लाभांश मिलता है (जो लाभ पर निर्भर है), ऋणपत्रों पर निश्चित ब्याज मिलता है।
3. मताधिकार: अंशधारियों को वोट देने का अधिकार है, ऋणपत्रधारियों को नहीं।
4. जोखिम: अंशों में जोखिम अधिक है, ऋणपत्र सुरक्षित होते हैं।
⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर
केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं।
वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है।
छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि
आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।
MP Board कक्षा 12वीं कॉमर्स – लेखाशास्त्र (Set A) मॉडल प्रश्न पत्र
बोर्ड परीक्षा के नवीनतम पैटर्न और पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है।
यह सेट विशेष रूप से महत्वपूर्ण व बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्नों पर आधारित है।
✔️ MP Board परीक्षा पैटर्न पर आधारित
✔️ Set A के अनुसार चयनित प्रश्न
✔️ 1, 2, 3 एवं 4 अंक वाले प्रश्न शामिल
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए उपयोगी
कक्षा: 12वीं (कॉमर्स)
विषय: लेखाशास्त्र (Accountancy)
मॉडल पेपर: Set A
बोर्ड: MP Board
इस Set A मॉडल पेपर के अभ्यास से विद्यार्थी प्रश्नों की संरचना,
समय प्रबंधन और उत्तर लेखन में दक्षता प्राप्त कर सकते हैं।
लेखाशास्त्र Model Paper Set A देखें
Accountancy Model Paper 12th - Sandipani Vidyalaya
कक्षा 12वीं - लेखाशास्त्र
(मॉडल पेपर 2025-26 सेट-A)
Created by : D. Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी अधिनियम कब लागू हुआ?
(अ) 1932(ब) 1956(स) 2013(द) 1947
👉 (अ) 1932
विवरण: भारतीय साझेदारी अधिनियम 1 अक्टूबर 1932 को लागू हुआ था।
विवरण: समता अंशधारियों (Equity Shareholders) को कंपनी में मताधिकार प्राप्त होता है और वे जोखिम उठाते हैं, अतः वे स्वामी कहलाते हैं।
(v) ऋणपत्रधारियों को प्रतिफल के रूप में मिलता है:
(अ) लाभ(ब) लाभांश(स) ब्याज(द) वेतन
👉 (स) ब्याज
विवरण: ऋणपत्र एक प्रकार का ऋण है, जिस पर निश्चित दर से ब्याज दिया जाता है, चाहे कंपनी को लाभ हो या हानि।
(vi) आदर्श चालू अनुपात (Ideal Current Ratio) माना जाता है:
(अ) 1:1(ब) 2:1(स) 1:2(द) 3:1
👉 (ब) 2:1
विवरण: यह माना जाता है कि चालू दायित्वों को चुकाने के लिए चालू संपत्तियां दोगुनी होनी चाहिए।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी फर्म में कम से कम ________ साझेदार होने चाहिए।
2 (दो)
विवरण: साझेदारी के लिए कम से कम दो व्यक्तियों का होना अनिवार्य है।
(ii) फर्म के विघटन पर संपत्तियों को ________ खाते में अंतरित किया जाता है।
वसूली (Realisation)
विवरण: विघटन पर संपत्तियों को बेचने और दायित्वों को चुकाने के लिए वसूली खाता खोला जाता है।
(iii) कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार, अंशों को ________ पर निर्गमित नहीं किया जा सकता।
बट्टे/छूट (Discount)
विवरण: धारा 53 के अनुसार, स्वेट समता अंशों को छोड़कर, अंशों का बट्टे पर निर्गमन प्रतिबंधित है।
(iv) ऋणपत्रों पर ब्याज की गणना उनके ________ मूल्य पर की जाती है।
अंकित/सम (Face)
विवरण: ब्याज हमेशा अंकित मूल्य (Face Value) पर ही दिया जाता है, निर्गमन मूल्य पर नहीं।
(v) तुलनात्मक विवरणों को ________ विश्लेषण भी कहते हैं।
क्षैतिज (Horizontal)
विवरण: इसमें कई वर्षों के आंकड़ों की तुलना एक पंक्ति (क्षैतिज) में की जाती है।
(vi) रोकड़ प्रवाह विवरण ________ लेखांकन प्रमाप (AS) से संबंधित है।
3 (संशोधित)
विवरण: Cash Flow Statement का निर्माण AS-3 (Revised) के अनुसार अनिवार्य है।
प्र.3. सत्य/असत्य का चयन कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) साझेदारी संलेख बनाना अनिवार्य है।
असत्य
विवरण: साझेदारी संलेख (Deed) बनाना ऐच्छिक है, अनिवार्य नहीं। यदि यह नहीं है, तो साझेदारी अधिनियम लागू होता है।
(ii) नए साझेदार के प्रवेश पर पुरानी ख्याति को पुराने साझेदारों में अपलिखित किया जाता है।
सत्य
विवरण: पुस्तकों में पहले से विद्यमान ख्याति को पुराने साझेदारों के पुराने अनुपात में समाप्त (Write off) कर दिया जाता है।
(iii) कंपनी एक कृत्रिम व्यक्ति है।
सत्य
विवरण: कानून की नजर में कंपनी एक कृत्रिम व्यक्ति है जिसका अपना अलग अस्तित्व और सार्वमुद्रा होती है।
(iv) ऋणपत्रों का शोधन नहीं किया जा सकता।
असत्य
विवरण: ऋणपत्रों का शोधन (Repayment) एक निश्चित अवधि के बाद करना अनिवार्य होता है (सिवाय शाश्वत ऋणपत्रों के)।
(v) अनुपात विश्लेषण से व्यवसाय की लाभप्रदता का पता चलता है।
सत्य
विवरण: लाभप्रदता अनुपात (जैसे GP Ratio, NP Ratio) व्यवसाय की लाभ कमाने की क्षमता को मापते हैं।
(vi) ह्रास (Depreciation) एक रोकड़ मद है।
असत्य
विवरण: ह्रास एक गैर-रोकड़ (Non-cash) व्यय है क्योंकि इसमें नकद का भुगतान नहीं होता।
प्र.4. सही जोड़ी मिलाइए: (1×7 = 7 अंक)
(i) त्याग अनुपात -> (क) तरल संपत्ति / चालू दायित्व
(ii) नफा (लाभ) अनुपात -> (ख) कंपनी का समापन
(iii) फर्म का विघटन -> (ग) साझेदार का प्रवेश
(iv) निस्तारक (Liquidator) -> (घ) लेनदार
(v) ऋणपत्रधारी -> (ङ) मशीनरी का क्रय
(vi) निवेश क्रियाएं -> (च) वसूली खाता
(vii) त्वरित अनुपात -> (छ) साझेदार की सेवानिवृत्ति
सही मिलान:
1. त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio) → (ग) साझेदार का प्रवेश
2. नफा/लाभ अनुपात (Gaining Ratio) → (छ) साझेदार की सेवानिवृत्ति
3. फर्म का विघटन → (च) वसूली खाता (Realisation A/c)
4. निस्तारक (Liquidator) → (ख) कंपनी का समापन
5. ऋणपत्रधारी → (घ) लेनदार (Creditors)
6. निवेश क्रियाएं → (ङ) मशीनरी का क्रय
7. त्वरित अनुपात → (क) तरल संपत्ति / चालू दायित्व
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) अवशिष्ट याचना (Calls in Arrear) पर कंपनी द्वारा कितना ब्याज लिया जा सकता है?
अधिकतम 10% वार्षिक
(ii) सामान्य लाभ से अधिक अर्जित औसत लाभ को क्या कहते हैं?
अधिलाभ (Super Profit)
(iii) साझेदारी संलेख के अभाव में ऋण पर ब्याज की दर क्या होती है?
6% वार्षिक
(iv) वह विवरण जो कंपनी की वित्तीय स्थिति को दर्शाता है, क्या कहलाता है?
चिट्ठा / तुलन पत्र (Balance Sheet)
(v) जनता को अंश क्रय के लिए आमंत्रित करने वाले प्रलेख को क्या कहते हैं?
प्रविवरण (Prospectus)
(vi) ऋणपत्रों का मोचन किस मूल्य पर नहीं किया जा सकता?
बट्टे पर (Discount) - सामान्यतः व्यवहार में नहीं होता।
(vii) फर्नीचर की बिक्री से प्राप्त रोकड़ किस प्रकार की क्रिया है?
निवेश क्रिया (Investing Activity)
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. साझेदारी संलेख (Partnership Deed) किसे कहते हैं?
अथवा
स्थिर और परिवर्तनशील पूंजी पद्धति में दो अंतर लिखिए।
उत्तर: साझेदारी संलेख एक लिखित समझौता है जिसमें साझेदारी के नियमों और शर्तों (जैसे लाभ अनुपात, वेतन, ब्याज आदि) का उल्लेख होता है।
(अथवा) उत्तर:
1. स्थिर पद्धति में दो खाते (पूंजी और चालू) बनते हैं, परिवर्तनशील में केवल एक (पूंजी खाता)।
2. स्थिर में पूंजी शेष सामान्यतः नहीं बदलता, परिवर्तनशील में बदलता रहता है।
प्र.7. त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio) का सूत्र लिखिए।
अथवा
ख्याति के मूल्यांकन की दो विधियों के नाम लिखिए।
उत्तर: त्याग अनुपात = पुराना अनुपात - नया अनुपात। (Old Ratio - New Ratio)
(अथवा) उत्तर: 1. औसत लाभ विधि (Average Profit Method), 2. अधिलाभ विधि (Super Profit Method)।
प्र.8. फर्म के विघटन का क्या अर्थ है?
अथवा
वसूली खाते (Realisation Account) का उद्देश्य बताइए।
उत्तर: फर्म के विघटन का अर्थ है सभी साझेदारों के बीच साझेदारी का समाप्त होना, व्यवसाय का बंद होना और संपत्तियों/दायित्वों का निपटारा करना।
(अथवा) उत्तर: इसका उद्देश्य फर्म के समापन पर संपत्तियों की बिक्री और दायित्वों के भुगतान से होने वाले लाभ या हानि को ज्ञात करना है।
प्र.9. अधिकृत पूंजी (Authorized Capital) किसे कहते हैं?
अथवा
समता अंश और पूर्वाधिकार अंश में दो अंतर लिखिए।
उत्तर: यह वह अधिकतम पूंजी है जिसे कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (पार्षद सीमा नियम) द्वारा निर्गमित करने के लिए अधिकृत होती है।
(अथवा) उत्तर: 1. पूर्वाधिकार अंशधारकों को लाभांश पहले मिलता है। 2. समता अंशधारकों को मताधिकार (Voting Rights) होता है, पूर्वाधिकार को नहीं (सामान्यतः)।
प्र.10. ऋणपत्र (Debenture) की परिभाषा दीजिए।
अथवा
ऋणपत्रों के शोधन की दो विधियाँ लिखिए।
उत्तर: ऋणपत्र कंपनी की सार्वमुद्रा के अधीन जारी किया गया एक प्रलेख है जो ऋण की स्वीकृति है, जिस पर निश्चित दर से ब्याज देय होता है।
(अथवा) उत्तर: 1. एकमुश्त भुगतान विधि (Lump-sum payment)। 2. किस्तों में भुगतान (Draw of lots)।
प्र.11. वित्तीय विवरणों की दो सीमाएं लिखिए।
अथवा
चालू अनुपात (Current Ratio) का सूत्र लिखिए।
उत्तर: 1. ये ऐतिहासिक लागत पर आधारित होते हैं (मूल्य परिवर्तन को अनदेखा करते हैं)। 2. ये गुणात्मक पहलुओं (जैसे प्रबंधन की कुशलता) को नहीं दर्शाते।
(अथवा) उत्तर: चालू अनुपात = चालू संपत्तियां / चालू दायित्व (Current Assets / Current Liabilities)।
प्र.12. रोकड़ प्रवाह विवरण का क्या आशय है?
अथवा
रोकड़ तुल्य (Cash Equivalents) के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: यह एक ऐसा विवरण है जो एक निश्चित अवधि के दौरान रोकड़ और रोकड़ तुल्यों के आवक (Inflow) और जावक (Outflow) प्रवाह को दर्शाता है।
उत्तर: वे मुख्य क्रियाएं जो उपक्रम की आगम (Revenue) अर्जन का मुख्य स्रोत होती हैं, जैसे माल की बिक्री, देनदारों से प्राप्ति।
(अथवा) उत्तर: 1. अंशों के निर्गमन से प्राप्त राशि। 2. ऋणपत्रों का शोधन या लाभांश भुगतान।
प्र.14. साझेदारी की तीन विशेषताएं लिखिए।
अथवा
साझेदारी संलेख के अभाव में लागू होने वाले दो नियम लिखिए।
उत्तर: 1. दो या अधिक व्यक्ति। 2. अनुबंध/समझौता। 3. लाभ कमाना और बांटना।
(अथवा) उत्तर: 1. लाभ-हानि बराबर अनुपात में बंटेगा। 2. पूंजी पर ब्याज नहीं दिया जाएगा।
प्र.15. अंशों के हरण (Forfeiture) से क्या आशय है?
अथवा
अल्प अभिदान (Under Subscription) किसे कहते हैं?
उत्तर: जब कोई अंशधारी आवंटन या याचना राशि का भुगतान नहीं करता, तो कंपनी उसके अंशों को रद्द कर देती है और प्राप्त राशि जब्त कर लेती है। इसे अंशों का हरण कहते हैं।
(अथवा) उत्तर: जब कंपनी द्वारा निर्गमित अंशों की तुलना में कम अंशों के लिए जनता से आवेदन प्राप्त होते हैं, तो इसे अल्प अभिदान कहते हैं।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. पुनर्मूल्यांकन खाता और वसूली खाते में तीन अंतर लिखिए।
अथवा
फर्म के विघटन और साझेदारी के विघटन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर संकेत (पुनर्मूल्यांकन vs वसूली):
1. समय: पुनर्मूल्यांकन प्रवेश/अवकाश पर बनता है, वसूली विघटन पर।
2. उद्देश्य: पुनर्मूल्यांकन संपत्तियों के नए मूल्य के लिए है, वसूली उन्हें बेचने के लिए।
3. परिणाम: पुनर्मूल्यांकन के बाद फर्म चलती रहती है, वसूली के बाद फर्म बंद हो जाती है।
(अथवा) उत्तर संकेत (फर्म विघटन vs साझेदारी विघटन):
1. व्यापार: फर्म विघटन में व्यापार बंद होता है, साझेदारी विघटन में चलता रहता है।
2. खाते: फर्म विघटन में वसूली खाता बनता है, साझेदारी विघटन में पुनर्मूल्यांकन खाता।
3. संबंध: फर्म विघटन में सभी संबंध खत्म, साझेदारी विघटन में केवल एक साझेदार का संबंध बदलता है।
प्र.17. एक कंपनी ने ₹10 वाले 500 अंशों का हरण किया जिन पर ₹3 आवंटन और ₹4 प्रथम याचना का भुगतान नहीं किया गया था। हरण की जर्नल प्रविष्टि कीजिए।
अथवा
अंशों के आनुपातिक आवंटन (Pro-rata Allotment) को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर संकेत (जर्नल प्रविष्टि):
Share Capital A/c Dr. (500 × 10 = 5000)
To Share Allotment A/c (500 × 3 = 1500)
To Share First Call A/c (500 × 4 = 2000)
To Share Forfeiture A/c (500 × 3 = 1500)
*(Note: ₹3 received on application implies 10-3-4 = 3 paid)*
(अथवा) उत्तर संकेत:
जब अति-अभिदान (Over-subscription) होता है, तो कंपनी सभी आवेदकों को कुछ न कुछ शेयर देती है, लेकिन मांगे गए से कम। जैसे 10,000 आवेदकों को 8,000 शेयर देना (5:4 अनुपात)। अतिरिक्त पैसा अगली किस्त में समायोजित होता है।
प्र.18. कंपनी के स्थिति विवरण (Balance Sheet) के 'समता एवं दायित्व' (Equity and Liabilities) भाग के मुख्य शीर्षकों को लिखिए।
अथवा
वित्तीय विवरणों के विश्लेषण के किन्हीं तीन उद्देश्यों को लिखिए।
उत्तर संकेत (बैलेंस शीट शीर्षक):
1. अंशधारी निधि (Shareholder's Funds)
2. अंश आवेदन राशि जब तक आवंटन न हो (Share Application money pending allotment)
3. गैर-चालू दायित्व (Non-current Liabilities)
4. चालू दायित्व (Current Liabilities)
(अथवा) उत्तर संकेत (उद्देश्य):
1. लाभप्रदता का ज्ञान।
2. शोधन क्षमता का आकलन।
3. तुलनात्मक अध्ययन (पिछले वर्षों या अन्य फर्मों से)।
प्र.19. रोकड़ प्रवाह विवरण के तीन महत्व लिखिए।
अथवा
प्रचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह की गणना में 'गैर-रोकड़ मदों' (Non-cash items) का समायोजन क्यों किया जाता है?
उत्तर संकेत (महत्व):
1. अल्पकालीन वित्तीय नियोजन में सहायक।
2. रोकड़ बजट बनाने में उपयोगी।
3. लाभांश निर्णय लेने में सहायक।
(अथवा) उत्तर संकेत:
शुद्ध लाभ में ह्रास, ख्याति अपलेखन जैसे गैर-रोकड़ मदें घटी होती हैं, जिनसे वास्तव में पैसा बाहर नहीं गया। अतः सही कैश फ्लो जानने के लिए इन्हें वापस जोड़ा जाता है।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. अ और ब साझेदार हैं, 3:2 में लाभ बांटते हैं। वे स को 1/5 भाग के लिए प्रवेश देते हैं। स ₹20,000 पूंजी और ₹10,000 ख्याति नकद लाता है। ख्याति पुराने साझेदारों द्वारा निकाल ली जाती है। आवश्यक जर्नल प्रविष्टियां कीजिए।
अथवा
साझेदार के प्रवेश पर संपत्तियों और दायित्वों के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता क्यों होती है? एक काल्पनिक उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर संकेत (जर्नल):
1. Cash A/c Dr. 30,000 To C's Capital 20,000 To Premium for Goodwill 10,000.
2. Premium for Goodwill Dr. 10,000 To A's Cap 6,000 To B's Cap 4,000 (Sacrificing ratio 3:2).
3. A's Cap Dr 6,000 B's Cap Dr 4,000 To Cash 10,000 (Withdrawal).
(अथवा) उत्तर संकेत:
नया साझेदार पुराने लाभ/हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होना चाहिए। इसलिए प्रवेश की तिथि पर संपत्तियों के वर्तमान मूल्य और पुस्तक मूल्य के अंतर को समायोजित किया जाता है। उदाहरण: मशीन का मूल्य 10,000 से बढ़कर 12,000 हुआ, तो 2,000 का लाभ पुराने साझेदारों को मिलेगा।
प्र.21. अंश और ऋणपत्र में चार मुख्य अंतर लिखिए।
अथवा
एक कंपनी ने ₹100 वाले 2,000, 8% ऋणपत्र 5% बट्टे पर निर्गमित किए। राशि एकमुश्त प्राप्त हुई। जर्नल प्रविष्टियां कीजिए।
उत्तर संकेत (अंतर):
1. स्वामित्व: अंशधारी स्वामी होते हैं, ऋणपत्रधारी लेनदार।
2. प्रतिफल: अंश पर लाभांश (अनिश्चित), ऋणपत्र पर ब्याज (निश्चित)।
3. जोखिम: अंश में जोखिम अधिक, ऋणपत्र में सुरक्षित।
4. मताधिकार: अंशधारियों को होता है, ऋणपत्रधारियों को नहीं।
(अथवा) उत्तर संकेत (जर्नल):
Discount = 5% of 100 = ₹5. Issue Price = ₹95.
1. Bank A/c Dr. (2000 × 95) 1,90,000 To Deb. App & Allot A/c 1,90,000.
2. Deb. App & Allot A/c Dr 1,90,000
Disc. on Issue of Deb. Dr 10,000 (2000×5)
To 8% Debentures A/c 2,00,000.
प्र.22. अनुपात विश्लेषण के किन्हीं चार लाभों का वर्णन कीजिए।
अथवा
निम्नलिखित जानकारी से (i) सकल लाभ अनुपात और (ii) चालू अनुपात की गणना कीजिए: विक्रय: ₹5,00,000, सकल लाभ: ₹1,00,000, चालू संपत्तियां: ₹2,00,000, चालू दायित्व: ₹1,00,000।
उत्तर संकेत (लाभ):
1. वित्तीय स्थिति का विश्लेषण सरल।
2. अंतर्मर्म और अंतर-फर्म तुलना में सहायक।
3. शोधन क्षमता का ज्ञान।
4. प्रबंधकीय निर्णय लेने में उपयोगी।
(अथवा) उत्तर संकेत (गणना):
(i) GP Ratio = (Gross Profit / Sales) × 100 = (1,00,000 / 5,00,000) × 100 = 20%
(ii) Current Ratio = Current Assets / Current Liabilities = 2,00,000 / 1,00,000 = 2:1
प्र.23. निम्न सूचनाओं से 'प्रचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह' (Cash Flow from Operating Activities) की गणना कीजिए:
शुद्ध लाभ: ₹1,00,000
ह्रास: ₹20,000
देनदारों में वृद्धि: ₹10,000
लेनदारों में वृद्धि: ₹5,000
अथवा
रोकड़ प्रवाह विवरण तैयार करने की विधि (परोक्ष विधि) का प्रारूप बनाइए।
उत्तर संकेत (गणना):
Net Profit: 1,00,000
Add: Depreciation (Non-cash): +20,000
Operating Profit before WC changes: 1,20,000
Less: Increase in Debtors (CA): -10,000
Add: Increase in Creditors (CL): +5,000 Cash from Operations: ₹1,15,000
(अथवा) उत्तर संकेत (प्रारूप):
A. Cash Flow from Operating Activities (NP + Non-cash items +/- WC changes - Tax)
B. Cash Flow from Investing Activities (Purchase/Sale of Fixed Assets)
C. Cash Flow from Financing Activities (Issue of Shares/Debentures, Dividend paid)
Net Increase in Cash (A+B+C) + Opening Cash = Closing Cash.
⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर
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