MP Board Class 12 Hindi – Set C Model Paper 2025–26
Class 12th Hindi Model Paper Set C
MP Board कक्षा 12वीं हिंदी मॉडल पेपर (Set C)
MP Board कक्षा 12वीं हिंदी (Set C) मॉडल प्रश्न पत्र विद्यार्थियों को विविध प्रकार के प्रश्नों का अभ्यास कराने के उद्देश्य से नवीनतम सिलेबस और बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किया गया है। यह Set C उन छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो Set A और Set B का अभ्यास कर चुके हैं और अब नई प्रश्न संरचना के साथ अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहते हैं।
🔹 हिंदी Model Paper Set C की मुख्य विशेषताएँ
✔️ नवीनतम MP Board पाठ्यक्रम पर आधारि
✔️ Set C के अनुसार प्रश्नों का अलग संयोजन
✔️ गद्य, पद्य, व्याकरण एवं लेखन से जुड़े प्रश्न
✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु, दीर्घ एवं विश्लेषणात्मक प्रश्न
✔️ उत्तर लेखन कौशल और भाषा-शुद्धता सुधारने में सहायक
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी
विवरण
कक्षा: 12वीं
विषय: हिंदी
मॉडल पेपर: Set C
बोर्ड: MP Board
इस हिंदी Set C मॉडल पेपर के नियमित अभ्यास से विद्यार्थी अपठित गद्यांश, काव्यांश, अलंकार, मुहावरे, निबंध एवं पत्र-लेखन जैसे महत्वपूर्ण भागों पर अपनी पकड़ और अधिक मजबूत कर सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन संभव हो पाता है।
Hindi Model Paper 12th (Set-C) - Sandipani Vidyalaya
कक्षा 12वीं - हिन्दी
(मॉडल पेपर: सेट-C)
Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'पतंग' कविता में 'शरद' किसका प्रतीक है?
(अ) अंधकार का(ब) उजाले और नई उम्मीद का(स) दुख का(द) वर्षा का
👉 (ब) उजाले और नई उम्मीद का
विवरण: 'खरगोश की आंखों जैसा लाल सवेरा' और 'शरद आया पुलों को पार करते हुए' नई सुबह और उत्साह का प्रतीक है।
(ii) 'बाज़ार दर्शन' पाठ में लेखक ने बाज़ार की असली सार्थकता किसमें मानी है?
(अ) क्रय शक्ति प्रदर्शन में(ब) आवश्यकता की पूर्ति में(स) अधिकतम लाभ कमाने में(द) विलासिता में
👉 (ब) आवश्यकता की पूर्ति में
विवरण: जैनेन्द्र कुमार के अनुसार बाजार का उद्देश्य मनुष्य की आवश्यकताओं को पूरा करना है, न कि शोषण करना।
(iii) 'जूझ' कहानी में लेखक को 'कविता' लिखने की प्रेरणा किससे मिली?
(अ) पिता से(ब) माँ से(स) सौंदलगेकर मास्टर से(द) वसंत पाटिल से
👉 (स) सौंदलगेकर मास्टर से
विवरण: मराठी के अध्यापक सौंदलगेकर जी स्वयं कविता करते थे, जिनसे लेखक आनंद यादव प्रभावित हुए।
(iv) भारत में इंटरनेट पत्रकारिता का कौन सा दौर चल रहा है? अभिव्यक्ति और माध्यम
(अ) पहला(ब) दूसरा(स) तीसरा(द) चौथा
👉 (ब) दूसरा
विवरण: भारत में इंटरनेट पत्रकारिता का दूसरा दौर (2003 के बाद से) माना जाता है।
(v) 'वात्सल्य रस' का स्थायी भाव क्या है?
(अ) रति(ब) वत्सल(स) हास(द) निर्वेद
👉 (ब) वत्सल
विवरण: संतान के प्रति माता-पिता के स्नेह को वात्सल्य रस कहा जाता है।
विवरण: गगन को चूमने वाला (कर्म कारक की विभक्ति 'को' का लोप)।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'कविता के बहाने' कविता ________ काव्य संग्रह से ली गई है। (इन दिनों / चक्रव्यूह)
इन दिनों
विवरण: यह कुंवर नारायण की प्रसिद्ध कविता है।
(ii) महादेवी वर्मा ने ________ पत्रिका का संपादन किया। (चाँद / सरस्वती)
चाँद
विवरण: उन्होंने महिलाओं की इस पत्रिका का संपादन किया था।
(iii) 'यशोधर बाबू' मूलतः ________ के रहने वाले थे। (कुमायूँ / गढ़वाल)
कुमायूँ
विवरण: वे अल्मोड़ा (कुमायूँ) के रहने वाले थे और दिल्ली आए थे।
(iv) वे शब्द जो क्षेत्र विशेष में बोले जाते हैं, ________ कहलाते हैं। (क्षेत्रीय शब्द / तत्सम शब्द)
क्षेत्रीय शब्द
विवरण: इन्हें देशज शब्द भी कहा जाता है, जैसे- लोटा, पगड़ी।
(v) 'कवित्त' छंद के प्रत्येक चरण में ________ वर्ण होते हैं। (31 / 24)
31
विवरण: कवित्त (मनहरण) एक वर्णिक छंद है जिसमें 31 वर्ण होते हैं।
(vi) 'छायावाद' के प्रवर्तक ________ माने जाते हैं। (जयशंकर प्रसाद / महादेवी वर्मा)
जयशंकर प्रसाद
विवरण: उनकी रचना 'झरना' से छायावाद का आरंभ माना जाता है।
प्र.3. सत्य/असत्य का चयन कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'रुबाइयाँ' छंद उर्दू और फारसी साहित्य की देन है।
सत्य
विवरण: रुबाई एक चार पंक्तियों वाला छंद है जो उर्दू-फारसी से आया है।
(ii) 'बाजार दर्शन' में 'भगत जी' चूर्ण बेचते थे।
सत्य
विवरण: भगत जी एक संतोषी व्यक्ति थे जो प्रतिदिन केवल 6 आने का चूर्ण बेचते थे।
(iii) 'अतीत में दबे पाँव' पाठ में 'मुअनजो-दड़ो' का अर्थ 'मीठा जल' है।
असत्य
विवरण: इसका अर्थ 'मुर्दों का टीला' (Mound of the Dead) है।
(iv) 'प्रसाद गुण' का संबंध 'चित्त की व्याप्ति' (प्रसन्नता) से है।
सत्य
विवरण: जो रचना पढ़ते ही अर्थ स्पष्ट हो जाए और मन प्रसन्न हो जाए, वहां प्रसाद गुण होता है।
(v) यशोधर बाबू अपने बच्चों की तरक्की से पूरी तरह खुश थे।
असत्य
विवरण: वे बच्चों की तरक्की से खुश तो थे, लेकिन उनके आधुनिक तौर-तरीकों और उपेक्षापूर्ण व्यवहार से दुखी भी थे। (द्वंद्व था)।
(vi) 'अंधा होना' मुहावरे का अर्थ 'आंखें खराब होना' है।
असत्य
विवरण: इसका लाक्षणिक अर्थ 'विवेक खो देना' या 'कुछ न सूझना' है।
प्र.4. सही जोड़ी मिलाइए: (1×7 = 7 अंक)
(i) दिन का पंथी -> (क) अलंकार
(ii) चार्ली चैप्लिन -> (ख) जल्दी-जल्दी चलता है
(iii) जूझ -> (ग) फिराक गोरखपुरी
(iv) संपादकीय -> (घ) हास्य फिल्में
(v) सांगरूपक -> (ङ) डॉ. आनंद यादव
(vi) तकनीकी शब्द -> (च) अखबार की आवाज
(vii) गजल -> (छ) ऑक्सीजन
सही मिलान:
1. दिन का पंथी → (ख) जल्दी-जल्दी चलता है (गीत की पंक्ति)
2. चार्ली चैप्लिन → (घ) हास्य फिल्में
3. जूझ → (ङ) डॉ. आनंद यादव (उपन्यास अंश)
4. संपादकीय → (च) अखबार की आवाज (महत्वपूर्ण राय)
5. सांगरूपक → (क) अलंकार (रूपक का भेद)
6. तकनीकी शब्द → (छ) ऑक्सीजन (विज्ञान का शब्द)
7. गजल → (ग) फिराक गोरखपुरी
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) 'बादल राग' कविता में 'विप्लव रव' से कौन प्रसन्न होता है?
छोटे पौधे (आम आदमी/शोषित वर्ग)
(ii) 'बाजार दर्शन' में पैसे को क्या कहा गया है?
पावर (शक्ति)
(iii) 'जूझ' कहानी के नायक का नाम क्या है?
आनंदा (आनंद यादव)
(iv) 'संचारी भाव' को और किस नाम से जाना जाता है?
व्यभिचारी भाव
(v) 'सरकारी कामकाज की भाषा' को क्या कहते हैं?
राजभाषा
(vi) "गागर में सागर भरना" मुहावरे का अर्थ क्या है?
थोड़े शब्दों में बहुत अधिक बात कहना
(vii) 'बीट' (Beat) का संबंध किस क्षेत्र से है?
पत्रकारिता (संवाददाता का कार्यक्षेत्र)
खण्ड ब: लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. 'प्रयोगवाद' की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
बच्चे किस बात की आशा में नीड़ों (घोसलों) से झाँक रहे होंगे? (दिन जल्दी-जल्दी ढलता है)
उत्तर (मुख्य):
1. नवीन उपमानों का प्रयोग: कवियों ने पुराने प्रतीकों को छोड़कर नए उपमानों का प्रयोग किया।
2. बौद्धिकता की प्रधानता: इसमें भावनाओं की जगह बुद्धि और तर्क को अधिक महत्व दिया गया है।
उत्तर (अथवा):
बच्चे इस आशा में नीड़ों से झाँक रहे होंगे कि उनके माता-पिता (चिड़िया) दिन भर के बाद उनके लिए भोजन (दाना-पानी) लेकर लौट रहे होंगे और उन्हें उनका स्नेह मिलेगा।
प्र.7. 'कविता के बहाने' कविता का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
अथवा
रीतिकाल के किन्हीं दो कवियों के नाम और उनकी एक-एक रचना लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
इस कविता का उद्देश्य यह बताना है कि चिड़िया की उड़ान और फूल के खिलने की एक सीमा है, लेकिन कविता की उड़ान असीमित है। कविता कालजयी होती है और वह बच्चों के खेल की तरह भेदभाव से परे, सबको आनंद देती है।
प्र.8. लुट्टन पहलवान ने महामारी फैलने पर गाँव वालों को कैसे साहस बंधाया?
अथवा
इंदर सेना सबसे पहले 'गंगा मैया' की जय क्यों बोलती है?
उत्तर (मुख्य):
महामारी और सूखे से गाँव में निराशा और मृत्यु का सन्नाटा था। ऐसे समय में लुट्टन पूरी रात अपनी ढोलक बजाता था। ढोलक की आवाज सुनकर निराश गाँव वालों की नसों में बिजली दौड़ जाती थी और उन्हें मृत्यु से लड़ने और कष्ट सहने की शक्ति मिलती थी।
उत्तर (अथवा):
भारतीय संस्कृति में गंगा को माँ और पवित्र माना जाता है। इंदर सेना का मानना है कि वर्षा जल जीवन का आधार है और गंगा जीवनदायिनी है। इसलिए वे बादलों (इंद्र) से पानी मांगने से पहले श्रद्धापूर्वक गंगा मैया की जय बोलते हैं।
प्र.9. 'सिल्वर वैडिंग' कहानी में 'समहाउ इम्प्रॉपर' वाक्यांश का प्रयोग कितनी बार हुआ है और इसका क्या अर्थ है?
अथवा
'जूझ' कहानी में लेखक के पिता ने उसकी पढ़ाई किस शर्त पर शुरू करवाई?
उत्तर (मुख्य):
इस वाक्यांश का प्रयोग कई बार हुआ है। यशोधर बाबू इसका प्रयोग तब करते हैं जब उन्हें कोई बात अटपटी, अनुचित या परंपरा के विरुद्ध लगती है, लेकिन वे उसका स्पष्ट कारण नहीं बता पाते। यह उनकी असहमति और द्वंद्व को दर्शाता है।
उत्तर (अथवा):
पिता ने शर्तें रखीं: 1. सुबह खेत पर पानी लगाना होगा, फिर स्कूल जाना। 2. स्कूल से आते ही ढोर (पशु) चराने होंगे। 3. घर में काम ज्यादा होने पर स्कूल से छुट्टी लेनी पड़ेगी। आनंदा ने ये सभी शर्तें मान लीं।
प्र.10. 'डेडलाइन' (Deadline) किसे कहते हैं?
अथवा
विशेष रिपोर्ट (Special Report) के प्रकार लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
समाचार माध्यमों में किसी समाचार को प्रकाशित या प्रसारित करने के लिए जो अंतिम समय सीमा निर्धारित होती है, उसे डेडलाइन कहते हैं। इसके बाद समाचार स्वीकार नहीं किया जाता।
प्र.11. 'कुंवर नारायण' अथवा 'सूर्यकांत त्रिपाठी निराला' का साहित्यिक परिचय: (i) दो रचनाएँ (ii) भावपक्ष-कलापक्ष (iii) साहित्य में स्थान
(सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'):
(i) रचनाएँ: अनामिका, परिमल, गीतिका, कुकुरमुत्ता।
(ii) भावपक्ष: वे विद्रोह और क्रांति के कवि हैं। उनकी कविताओं में शोषितों के प्रति सहानुभूति और पाखंड का विरोध है। कलापक्ष: मुक्त छंद के प्रवर्तक। ओजपूर्ण भाषा और तत्सम शब्दों का प्रयोग।
(iii) स्थान: छायावाद के चार स्तंभों में से एक और 'महाप्राण' के नाम से विख्यात।
प्र.12. 'जैनेन्द्र कुमार' अथवा 'धर्मवीर भारती' का साहित्यिक परिचय: (i) दो रचनाएँ (ii) भाषा-शैली (iii) साहित्य में स्थान
(जैनेन्द्र कुमार):
(i) रचनाएँ: परख, त्यागपत्र (उपन्यास); एक रात, पाजेब (कहानी संग्रह); बाजार दर्शन (निबंध)।
(ii) भाषा-शैली: वे मनोवैज्ञानिक कथाकार हैं। उनकी भाषा सरल, सहज और विचार प्रधान है। वे पात्रों के मन की गहराइयों को उकेरते हैं।
(iii) स्थान: प्रेमचंद के बाद हिंदी के सबसे महत्वपूर्ण कथाकार और मनोवैज्ञानिक उपन्यास के जनक।
प्र.13. 'राष्ट्रभाषा' और 'राजभाषा' में तीन अंतर लिखिए।
अथवा
व्यतिरेक अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. अर्थ: राष्ट्रभाषा आम जनता की भाषा है, राजभाषा सरकारी कामकाज की भाषा है।
2. क्षेत्र: राष्ट्रभाषा का क्षेत्र संपूर्ण राष्ट्र होता है, राजभाषा का क्षेत्र सरकारी दफ्तरों तक सीमित होता है।
3. मान्यता: राष्ट्रभाषा भावनात्मक रूप से जुड़ी होती है, राजभाषा संवैधानिक रूप से स्वीकृत होती है।
उत्तर (अथवा):
जहाँ उपमेय (जिसकी तुलना की जाए) को उपमान (जिससे तुलना की जाए) से श्रेष्ठ बताया जाए, वहाँ व्यतिरेक अलंकार होता है। उदाहरण: "संत हृदय नवनीत समाना, कहा कबिन पै कहत न जाना। निज परिताप द्रवइ नवनीता, पर दुख द्रवहिं सुसंत पुनीता।" (संत का हृदय मक्खन से भी श्रेष्ठ बताया गया है)।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.14. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: "तिरती है समीर-सागर पर अस्थिर सुख पर दुःख की छाया- जग के दग्ध हृदय पर निर्दय विप्लव की प्लावित माया"
संदर्भ: 'आरोह भाग-2', कविता 'बादल राग', कवि 'सूर्यकांत त्रिपाठी निराला' ।
प्रसंग: कवि बादलों को क्रांति का दूत मानते हुए उनके आगमन का वर्णन कर रहे हैं।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि हे बादल! तुम वायु रूपी सागर पर इस प्रकार तैर रहे हो जैसे अस्थिर सुख पर दुख की छाया मंडरा रही हो। संसार के लोग शोषण और गर्मी से जल रहे (दग्ध) हैं। तुम अपनी दयारहित विनाशकारी (विप्लव) बाढ़ (माया) लेकर उन पर छा जाओ और शोषण को समाप्त कर दो।
उत्तर (अथवा):
संदर्भ: 'लक्ष्मण मूर्च्छा और राम का विलाप', कवि 'तुलसीदास' ।
व्याख्या: हनुमान जी भरत जी से कहते हैं- "हे नाथ! मैं आपके प्रताप (शक्ति/यश) को अपने हृदय में रखकर तुरंत चला जाऊंगा।" ऐसा कहकर और भरत जी से आज्ञा पाकर, उनके चरणों की वंदना करके हनुमान जी (संजीवनी बूटी लेकर) लंका की ओर चल पड़े।
प्र.15. अपने विद्यालय के प्राचार्य को 'स्थानांतरण प्रमाण पत्र' (T.C.) हेतु आवेदन पत्र लिखिए।
अथवा
अपने छोटे भाई को 'कुसंगति से बचने' की सलाह देते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर (औपचारिक पत्र):
सेवा में, श्रीमान प्राचार्य महोदय, सांदीपनि विद्यालय, तलवाड़ा बुजुर्ग। विषय: स्थानांतरण प्रमाण पत्र (T.C.) प्राप्ति हेतु।
महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 12वीं का छात्र हूँ। मेरे पिताजी का स्थानांतरण इंदौर हो गया है। मेरा पूरा परिवार उनके साथ जा रहा है, इसलिए मैं अपनी आगे की पढ़ाई वहीं करना चाहता हूँ। अतः आपसे प्रार्थना है कि मुझे मेरा स्थानांतरण प्रमाण पत्र (T.C.) शीघ्र प्रदान करने की कृपा करें।
मैं यहाँ कुशल हूँ और आशा करता हूँ कि तुम भी ठीक होगे। मुझे पिताजी के पत्र से पता चला कि आजकल तुम पढ़ाई में ध्यान नहीं दे रहे हो और कुछ ऐसे मित्रों के साथ घूमते हो जो पढ़ने-लिखने में रुचि नहीं रखते। भाई, कुसंगति एक धीमे जहर के समान है जो धीरे-धीरे पूरे जीवन को नष्ट कर देती है। मेरी तुम्हें सलाह है कि अच्छे और परिश्रमी छात्रों से मित्रता करो और अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाओ। मुझे उम्मीद है तुम मेरी बात समझोगे।
तुम्हारा बड़ा भाई, समीर
प्र.16. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर सारगर्भित निबंध लिखिए: (4 अंक)
1. साहित्य और समाज
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. साहित्य का समाज पर प्रभाव, 3. समाज का साहित्य पर प्रभाव, 4. साहित्यकार का दायित्व, 5. उपसंहार।
सारांश: "साहित्य समाज का दर्पण है।" साहित्य और समाज एक-दूसरे के पूरक हैं। जिस काल का समाज जैसा होता है, वैसा ही साहित्य रचा जाता है। अच्छा साहित्य समाज को नई दिशा देता है और बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाता है (जैसे प्रेमचंद का साहित्य)। साहित्यकार का दायित्व है कि वह सत्य, शिव और सुंदर की रचना करे।
2. इंटरनेट: ज्ञान का सागर
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. सूचनाओं का भंडार, 3. शिक्षा में उपयोग, 4. दुष्परिणाम, 5. उपसंहार।
सारांश: इंटरनेट ने दुनिया को बदल दिया है। यह सूचना और ज्ञान का असीमित भंडार है। Google, YouTube और e-books के माध्यम से हम घर बैठे कुछ भी सीख सकते हैं। लेकिन इसका गलत उपयोग समय की बर्बादी और साइबर अपराध को बढ़ावा देता है। अतः हमें इसका विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए।
3. वृक्षारोपण का महत्व
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. वृक्षों के लाभ (ऑक्सीजन, वर्षा), 3. वनों की कटाई के दुष्परिणाम, 4. हमारा कर्तव्य, 5. उपसंहार।
सारांश: "वृक्ष धरा के आभूषण हैं।" वृक्ष हमें प्राणवायु (ऑक्सीजन) देते हैं, वर्षा कराते हैं और मिट्टी के कटाव को रोकते हैं। आज बढ़ते प्रदूषण को रोकने का एकमात्र उपाय वृक्षारोपण है। हमें 'एक पेड़, एक जिंदगी' का संकल्प लेना चाहिए और पृथ्वी को हरा-भरा बनाना चाहिए।
4. मेरे प्रिय कवि (तुलसीदास)
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. जीवन परिचय, 3. प्रमुख रचनाएँ, 4. काव्यगत विशेषताएँ, 5. उपसंहार।
सारांश: मेरे प्रिय कवि गोस्वामी तुलसीदास जी हैं। वे रामभक्ति शाखा के प्रतिनिधि कवि हैं। उनका ग्रंथ 'रामचरितमानस' घर-घर में पूजा जाता है। उन्होंने लोकभाषा अवधी में रचनाएँ करके भक्ति को जन-जन तक पहुँचाया। उनका काव्य भारतीय संस्कृति और मर्यादा का प्रतीक है। "सूर-सूर, तुलसी शशी" - वे हिंदी साहित्य के चंद्रमा हैं।
⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर
केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं।
वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है।
छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि
आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।
MP Board Class 12 Hindi – Set B Model Paper 2025–26
Class 12th Hindi Model Paper Set B
MP Board कक्षा 12वीं हिंदी मॉडल पेपर (Set B)
MP Board कक्षा 12वीं हिंदी (Set B) मॉडल प्रश्न पत्र नवीनतम सिलेबस और बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किया गया है। यह Set B उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है जो Set A का अभ्यास करने के बाद अब भिन्न प्रकार के प्रश्नों के माध्यम से अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहते हैं।
🔹 हिंदी Model Paper Set B की मुख्य विशेषताएँ
✔️ नवीनतम MP Board पाठ्यक्रम पर आधारित
✔️ Set B के अनुसार प्रश्नों का अलग संयोजन
✔️ गद्य, पद्य, व्याकरण एवं लेखन से जुड़े प्रश्न
✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का संतुलन
✔️ उत्तर लेखन शैली और समय प्रबंधन में सहायक
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी
विवरण
कक्षा: 12वीं
विषय: हिंदी
मॉडल पेपर: Set B
बोर्ड: MP Board
इस हिंदी Set B मॉडल पेपर के नियमित अभ्यास से विद्यार्थी अपठित गद्यांश, काव्यांश, निबंध, पत्र-लेखन एवं व्याकरण जैसे महत्वपूर्ण भागों पर बेहतर पकड़ बना सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में आत्मविश्वास के साथ अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकें।
Hindi Model Paper 12th (Set-B) - Sandipani Vidyalaya
(मॉडल पेपर: सेट-B)
कक्षा 12वीं - हिन्दी
Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'उषा' कविता के रचयिता हैं:
(अ) शमशेर बहादुर सिंह(ब) रघुवीर सहाय(स) कुंवर नारायण(द) आलोक धन्वा
👉 (अ) शमशेर बहादुर सिंह
विवरण: यह कविता सूर्योदय से ठीक पहले के पल-पल परिवर्तित प्रकृति के शब्द-चित्र को उकेरती है।
(ii) 'काले मेघा पानी दे' किस विधा की रचना है?
(अ) कहानी(ब) संस्मरण(स) रेखाचित्र(द) निबंध
👉 (ब) संस्मरण
विवरण: धर्मवीर भारती का यह एक प्रसिद्ध संस्मरण है जिसमें लोक विश्वास और विज्ञान के द्वंद्व का चित्रण है।
(iii) 'जूझ' पाठ के लेखक के पिता उसे क्या नहीं करने देना चाहते थे?
(अ) खेती(ब) पढ़ाई(स) नौकरी(द) व्यापार
👉 (ब) पढ़ाई
विवरण: लेखक के पिता (दादा) चाहते थे कि वह खेती और ढोर चराने का काम करे, न कि स्कूल जाए।
(iv) टीवी खबरों में 'बाइट' (Byte) का क्या अर्थ है? अभिव्यक्ति और माध्यम
(अ) कंप्यूटर की मेमोरी(ब) कथन (Statement)(स) दृश्य(द) ग्राफिक्स
👉 (ब) कथन (Statement)
विवरण: टीवी पत्रकारिता में किसी प्रत्यक्षदर्शी या संबंधित व्यक्ति के छोटे साक्षात्कार/कथन को 'बाइट' कहते हैं।
(v) संचारी भावों की संख्या कितनी मानी गई है?
(अ) 9(ब) 10(स) 33(द) 25
👉 (स) 33
विवरण: भरत मुनि के नाट्यशास्त्र और परवर्ती आचार्यों ने संचारी भावों की संख्या 33 निर्धारित की है।
(vi) 'रसोईघर' शब्द में कौन सा समास है?
(अ) द्वंद्व(ब) बहुव्रीहि(स) तत्पुरुष(द) अव्ययीभाव
👉 (स) तत्पुरुष
विवरण: रसोईघर = रसोई के लिए घर। यहाँ कारक चिह्न का लोप है, अतः तत्पुरुष समास है।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'लक्ष्मण मूर्च्छा और राम का विलाप' ________ द्वारा रचित है। (सूरदास / तुलसीदास)
तुलसीदास
विवरण: यह रामचरितमानस के लंका कांड का अंश है।
(ii) 'शिरीष के फूल' पाठ के लेखक ________ हैं। (हजारी प्रसाद द्विवेदी / महावीर प्रसाद द्विवेदी)
हजारी प्रसाद द्विवेदी
विवरण: यह एक ललित निबंध है जिसमें शिरीष की जिजीविषा का वर्णन है।
(iii) 'सिल्वर वैडिंग' कहानी में यशोधर बाबू की शादी की ________ वर्षगांठ मनाई जा रही थी। (20वीं / 25वीं)
25वीं
विवरण: कहानी का शीर्षक ही 'सिल्वर वैडिंग' (रजत जयंती) है।
(iv) रचना के आधार पर वाक्य के ________ प्रकार होते हैं। (2 / 3)
3
विवरण: सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य।
(v) जहाँ उपमेय में उपमान का संशय बना रहे, वहाँ ________ अलंकार होता है। (संदेह / भ्रांतिमान)
संदेह
विवरण: "सारी विच नारी है कि नारी विच सारी है" - संदेह अलंकार।
(vi) समाचार लेखन की ________ शैली सबसे लोकप्रिय है। (सीधा पिरामिड / उल्टा पिरामिड)
उल्टा पिरामिड
विवरण: इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात सबसे पहले लिखी जाती है।
प्र.3. सत्य/असत्य का चयन कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'बादल राग' कविता सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की रचना है।
सत्य
विवरण: यह उनके काव्य संग्रह 'अनामिका' से ली गई है।
(ii) भक्तिन का वास्तविक नाम 'लक्ष्मी' था और वह इसे गर्व से बताती थी।
असत्य
विवरण: उसका नाम लक्ष्मी था, लेकिन वह इसे छुपाती थी क्योंकि उसकी दशा नाम के विपरीत थी।
(iii) 'मोहनजोदड़ो' का अर्थ 'मुर्दों का टीला' है।
सत्य
विवरण: सिंधी भाषा में इसका यही अर्थ है।
(iv) ओज गुण में कठोर वर्णों (ट, ठ, ड, ढ) की प्रधानता होती है।
सत्य
विवरण: ओज गुण वीर, रौद्र और वीभत्स रस में पाया जाता है और इसमें द्वित्व और संयुक्त अक्षरों की अधिकता होती है।
(v) मुहावरे का प्रयोग भाषा को बोझिल बना देता है।
असत्य
विवरण: मुहावरे भाषा को प्रभावशाली, रोचक और सरस बनाते हैं।
(vi) 'रुबाइयाँ' फिराक गोरखपुरी की रचना है।
सत्य
प्र.4. सही जोड़ी मिलाइए: (1×7 = 7 अंक)
(i) कैमरे में बंद अपाहिज -> (क) अलंकार
(ii) काले मेघा पानी दे -> (ख) रघुवीर सहाय
(iii) अतीत में दबे पाँव -> (ग) ओम थानवी
(iv) हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग -> (घ) धर्मवीर भारती
(v) विरोधाभास -> (ङ) भक्ति काल
(vi) रचनात्मक लेखन -> (च) फीचर
(vii) कवित्त -> (छ) वर्णिक छंद
सही मिलान:
1. कैमरे में बंद अपाहिज → (ख) रघुवीर सहाय
2. काले मेघा पानी दे → (घ) धर्मवीर भारती
3. अतीत में दबे पाँव → (ग) ओम थानवी
4. हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग → (ङ) भक्ति काल
5. विरोधाभास → (क) अलंकार
6. रचनात्मक लेखन → (च) फीचर
7. कवित्त → (छ) वर्णिक छंद
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) 'कवितावली' के रचनाकार कौन हैं?
गोस्वामी तुलसीदास
(ii) 'पहलवान की ढोलक' कहानी का मुख्य पात्र कौन है?
लुट्टन सिंह (लुट्टन पहलवान)
(iii) 'सिल्वर वैडिंग' कहानी के नायक का नाम क्या है?
यशोधर बाबू
(iv) शृंगार रस का स्थायी भाव लिखिए।
रति
(v) 'राष्ट्रभाषा' से आप क्या समझते हैं?
वह भाषा जो देश के अधिकांश निवासियों द्वारा बोली और समझी जाती है।
(vi) 'अंधेर नगरी चौपट राजा' लोकोक्ति का अर्थ क्या है?
मूर्ख शासक का कुप्रशासन (अन्यायपूर्ण शासन)।
(vii) पत्रकारिता का मूल तत्व क्या है?
जिज्ञासा (Curiosity)
खण्ड ब: लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. छायावाद की कोई दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
'शीतल वाणी में आग' के होने का क्या अभिप्राय है? (आत्मपरिचय)
उत्तर (मुख्य):
1. व्यक्तिवाद की प्रधानता: कवि अपने सुख-दुख और निजी अनुभूतियों को व्यक्त करता है।
2. प्रकृति का मानवीकरण: प्रकृति को सजीव मानकर उस पर मानवीय भावनाओं का आरोपण किया जाता है।
उत्तर (अथवा):
कवि हरिवंश राय बच्चन का स्वभाव कोमल और वाणी मृदु (शीतल) है, लेकिन उनके हृदय में प्रेम की तीव्रता और वियोग की वेदना की आग जल रही है। वे अपनी विनम्र वाणी में भी दुनिया के प्रति असंतोष और विद्रोह का भाव रखते हैं।
प्र.7. शिरीष को 'अवधूत' क्यों कहा गया है?
अथवा
लुट्टन पहलवान ने ढोलक को अपना गुरु क्यों माना?
उत्तर (मुख्य):
जिस प्रकार एक अवधूत (सन्यासी) सुख-दुख, गर्मी-सर्दी में समान रहता है, उसी प्रकार शिरीष का वृक्ष भी भीषण गर्मी, लू और उमस में अविचल खड़ा रहता है और फूलों से लदा रहता है। उसकी यह समदर्शिता उसे अवधूत बनाती है।
उत्तर (अथवा):
लुट्टन का कोई गुरु नहीं था। उसने ढोल की आवाज से ही कुश्ती के दांव-पेच सीखे थे। ढोल की थाप उसे उत्साह देती थी और उसे बताती थी कि कब और कैसे वार करना है। इसलिए उसने ढोल को ही अपना गुरु माना।
प्र.8. यशोधर बाबू के चरित्र की दो मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
फीचर लेखन की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. परंपरावादी: वे पुराने मूल्यों और संस्कारों से जुड़े हुए हैं और आधुनिक बदलावों को सहजता से नहीं अपना पाते।
2. सिद्धांतवादी: वे अपने मेंटर किशनदा के आदर्शों पर चलते हैं और 'सादा जीवन उच्च विचार' में विश्वास रखते हैं।
उत्तर (अथवा):
1. फीचर का उद्देश्य पाठकों को सूचना देने के साथ-साथ उनका मनोरंजन करना भी होता है।
2. फीचर में लेखक के निजी विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण का समावेश होता है।
प्र.9. विभाव और अनुभाव में अंतर लिखिए।
अथवा
तकनीकी शब्द (Technical Words) किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर (मुख्य): विभाव: स्थायी भाव को जाग्रत करने वाले कारण (वस्तु या परिस्थिति) विभाव कहलाते हैं। अनुभाव: भाव जाग्रत होने के बाद आश्रय की शारीरिक चेष्टाएँ (जैसे कांपना, पसीना आना) अनुभाव कहलाती हैं।
उत्तर (अथवा):
वे शब्द जो किसी विशेष ज्ञान-विज्ञान, शास्त्र या व्यवसाय (जैसे- विज्ञान, कानून, प्रशासन) में विशिष्ट अर्थ में प्रयुक्त होते हैं, तकनीकी शब्द कहलाते हैं। उदाहरण: गुरुत्वाकर्षण, याचिका, निविदा, प्रतिभूति।
प्र.10. संदेह और भ्रांतिमान अलंकार में अंतर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
मोहन-जोदड़ो की नगर योजना की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर (मुख्य): संदेह: इसमें समानता के कारण अनिश्चय की स्थिति बनी रहती है, अंत तक पता नहीं चलता कि वस्तु क्या है (सारी है या नारी है)। भ्रांतिमान: इसमें समानता के कारण एक वस्तु को दूसरी वस्तु मान लिया जाता है (भ्रम पक्का हो जाता है)।
उत्तर (अथवा):
1. सड़कें समकोण पर काटती थीं (ग्रिड पद्धति)।
2. उत्तम जल निकासी व्यवस्था (ढकी हुई नालियाँ) थी।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. 'रघुवीर सहाय' अथवा 'शमशेर बहादुर सिंह' का कवि परिचय निम्न बिंदुओं पर लिखिए: (i) दो रचनाएँ (ii) भावपक्ष-कलापक्ष (iii) साहित्य में स्थान
(रघुवीर सहाय):
(i) रचनाएँ: सीढ़ियों पर धूप में, आत्महत्या के विरुद्ध, हँसो हँसो जल्दी हँसो।
(ii) भावपक्ष: वे समकालीन हिंदी कविता के संवेदनशील कवि हैं। उन्होंने सड़क, चौराहा, दफ्तर और अखबार की दुनिया को कविता का विषय बनाया। कलापक्ष: उनकी भाषा बोलचाल की खुरदरी भाषा है, जिसमें अनावश्यक शब्दों का प्रयोग नहीं है। वे मुक्त छंद के कवि हैं।
(iii) स्थान: 'दूसरा सप्तक' के महत्वपूर्ण कवि और पत्रकारिता साहित्य में उनका विशिष्ट स्थान है।
प्र.17. 'धर्मवीर भारती' अथवा 'फणीश्वर नाथ रेणु' का लेखक परिचय निम्न बिंदुओं पर लिखिए: (i) दो रचनाएँ (ii) भाषा-शैली (iii) साहित्य में स्थान
(फणीश्वर नाथ रेणु):
(i) रचनाएँ: मैला आंचल (उपन्यास), ठुमरी, अग्निखोर (कहानी संग्रह)।
(ii) भाषा-शैली: रेणु जी आंचलिक कथाकार हैं। उनकी भाषा में लोक-जीवन के शब्द, मुहावरे और लोकोक्तियों का सुंदर प्रयोग है। उनकी शैली वर्णनात्मक और चित्रात्मक है, जो पाठक के सामने ग्रामीण दृश्य खड़ा कर देती है।
(iii) स्थान: हिंदी साहित्य में 'आंचलिक उपन्यास' के प्रवर्तक के रूप में उनका नाम अमर है।
प्र.18. भाव पल्लवन कीजिए: "करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान।"
अथवा
कहानी और नाटक में कोई तीन अंतर लिखिए।
उत्तर (मुख्य): भाव पल्लवन: निरंतर अभ्यास से मूर्ख व्यक्ति भी विद्वान बन सकता है। जिस प्रकार कुएं की जगत पर बार-बार रस्सी की रगड़ लगने से कठोर पत्थर पर भी निशान पड़ जाते हैं, उसी प्रकार बार-बार प्रयत्न करने से कठिन कार्य भी सरल हो जाता है। सफलता का मूल मंत्र प्रतिभा नहीं, बल्कि सतत अभ्यास और परिश्रम है। असफलता से निराश होने के बजाय अभ्यास करते रहना चाहिए।
उत्तर (अथवा):
1. कहानी श्रव्य/पठनीय है, नाटक दृश्य-श्रव्य (मंचन योग्य) है।
2. कहानी में लेखक सब कुछ वर्णन कर सकता है, नाटक में पात्रों के संवादों और अभिनय से कथा आगे बढ़ती है।
3. कहानी का आकार छोटा या बड़ा हो सकता है, नाटक का आकार समय सीमा (मंचन समय) से बंधा होता है।
प्र.19. समाचार लेखन और फीचर लेखन में तीन अंतर लिखिए।
अथवा
निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध कीजिए: (i) उसके पास केवल मात्र पचास रुपये हैं। (ii) कृपया मेरे घर आने की कृपा करें। (iii) बंदूक एक उपयोगी शस्त्र है।
उत्तर (मुख्य):
1. समाचार का मुख्य उद्देश्य सूचना देना है, फीचर का उद्देश्य सूचना के साथ मनोरंजन और शिक्षित करना है।
2. समाचार 'उल्टा पिरामिड' शैली में लिखा जाता है, फीचर की कोई निश्चित शैली नहीं होती (अक्सर कथात्मक)।
3. समाचार में लेखक अपने विचार नहीं डाल सकता, फीचर में लेखक की राय और दृष्टिकोण महत्वपूर्ण होता है।
उत्तर (अथवा):
(i) उसके पास मात्र पचास रुपये हैं। (या 'केवल पचास रुपये')
(ii) कृपया मेरे घर आएं। (दो बार कृपा नहीं आएगा)
(iii) बंदूक एक उपयोगी अस्त्र है। ('शस्त्र' हाथ में रखकर चलाया जाता है, 'अस्त्र' फेंककर या दूर से - नोट: हिंदी व्याकरण में अक्सर बंदूक को अस्त्र माना जाता है, पर कुछ जगह शस्त्र। MP बोर्ड की कुंजी के अनुसार इसे शस्त्र से अस्त्र या सिर्फ 'हथियार' में बदलें। सही: "बंदूक एक उपयोगी हथियार है।")
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: "अट्टालिका नहीं है रे आतंक-भवन सदा पंक पर ही होता है जल-विप्लव-प्लावन"
अथवा
पद्यांश की व्याख्या: "घिर रहे थे घुंघराले बाल, अंस अवलंबित मुख के पास, नील घन-शावक से सुकुमार, सुधा भरने को विधु के पास।"
उत्तर (मुख्य):
संदर्भ: 'आरोह भाग-2', कविता 'बादल राग', कवि 'सूर्यकांत त्रिपाठी निराला' ।
प्रसंग: कवि बादलों के विनाशकारी रूप और क्रांति का चित्रण कर रहे हैं, जो शोषकों को भयभीत करता है।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि पूंजीपतियों के ऊँचे-ऊँचे महल केवल भवन नहीं हैं, बल्कि गरीबों के लिए 'आतंक के भवन' हैं। लेकिन जब क्रांति (बाढ़) आती है, तो वह सबसे पहले कीचड़ (पंक) को ही डुबोती है। अर्थात्, क्रांति का सबसे गहरा असर आम आदमी पर नहीं, बल्कि शोषक वर्ग पर पड़ता है। बाढ़ का विनाशकारी प्रभाव सदा कीचड़ (बुराइयों/शोषण) पर ही होता है।
उत्तर (अथवा):
संदर्भ: 'कामायनी' (श्रद्धा-मनु प्रसंग), कवि 'जयशंकर प्रसाद' ।
व्याख्या: कवि श्रद्धा के सौंदर्य का वर्णन करते हुए कहते हैं कि उसके घुंघराले बाल उसके कंधों (अंस) पर लटके हुए हैं और मुख के पास ऐसे शोभा दे रहे हैं, मानो नीले बादलों के छोटे बच्चे (घन-शावक) चंद्रमा (विधु/मुख) के पास अमृत (सुधा) पीने के लिए आए हों।
प्र.21. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: "मैं तो सोचता हूँ कि पुराने की यह अधिकार-लिप्सा क्यों नहीं समय रहते सावधान हो जाती? जरा और मृत्यु, ये दोनों ही जगत के अतिपरिचित और अतिप्रमाणिक सत्य हैं..."
अथवा
गद्यांश की व्याख्या: "जीजी बोलीं - देख, बिना त्याग के दान नहीं होता। अगर तेरे पास लाखों-करोड़ों रुपये हैं और उसमें से तूने दो-चार रुपये किसी को दे दिए, तो यह क्या त्याग हुआ?"
उत्तर (मुख्य):
संदर्भ: पाठ 'शिरीष के फूल', लेखक 'हजारी प्रसाद द्विवेदी' ।
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि बुढ़ापा और मृत्यु अटल सत्य हैं। फिर भी लोग अपनी कुर्सी (अधिकार) से चिपके रहना चाहते हैं। वे समय रहते नई पीढ़ी को जगह क्यों नहीं देते? शिरीष का फूल भी झड़ता नहीं जब तक नया फूल उसे धकेल न दे। समाज में भी बुजुर्गों को समय रहते अपना स्थान त्याग देना चाहिए, अन्यथा काल उन्हें जबरदस्ती हटा देगा।
उत्तर (अथवा):
संदर्भ: पाठ 'काले मेघा पानी दे', लेखक 'धर्मवीर भारती' ।
व्याख्या: जीजी लेखक को त्याग का महत्व समझा रही हैं। वे कहती हैं कि फालतू पड़ी चीज को देना दान नहीं है। असली त्याग वह है जब आप उस चीज को दें जिसकी आपको स्वयं बहुत जरूरत है। कष्ट सहकर दूसरों की भलाई के लिए दिया गया दान ही फलित होता है।
प्र.22. ध्वनि विस्तारक यंत्रों (Laudspeakers) पर रोक लगाने हेतु जिलाधीश महोदय को प्रार्थना पत्र लिखिए।
अथवा
अपने मित्र को वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम आने पर बधाई पत्र लिखिए।
उत्तर (औपचारिक पत्र):
प्रति, जिलाधीश महोदय, जिला - बड़वानी (म.प्र.) विषय: परीक्षाओं के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर रोक लगाने बाबत।
मान्यवर, सविनय निवेदन है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएँ निकट हैं। हम सभी छात्र अपनी तैयारी में व्यस्त हैं। परंतु नगर में जगह-जगह देर रात तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजते रहते हैं, जिससे हमारे अध्ययन में बाधा उत्पन्न होती है और एकाग्रता भंग होती है। अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि छात्रहित को ध्यान में रखते हुए परीक्षा काल तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने का आदेश प्रदान करें।
मुझे यह जानकर अत्यंत हर्ष हुआ कि तुमने राज्य स्तरीय अंतर-विद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। तुम्हारी तर्कशक्ति और वक्तृत्व कला हमेशा से प्रशंसनीय रही है। यह न केवल तुम्हारे लिए बल्कि हमारे विद्यालय और परिवार के लिए भी गौरव की बात है। मेरी ओर से तुम्हें इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई। आशा है भविष्य में तुम और भी ऊँचाइयों को छुओगे।
तुम्हारा अभिन्न मित्र, समीर
प्र.23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर सारगर्भित निबंध लिखिए: (4 अंक)
1. नारी सशक्तिकरण
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. नारी की वर्तमान स्थिति, 3. सशक्तिकरण की आवश्यकता, 4. सरकार के प्रयास, 5. उपसंहार।
प्रस्तावना: "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।" नारी समाज की धुरी है। नारी सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से इतना सक्षम बनाना कि वे अपने निर्णय स्वयं ले सकें। आवश्यकता: देश के विकास के लिए आधी आबादी का विकास जरूरी है। शिक्षा और रोजगार में महिलाओं की भागीदारी से ही समाज उन्नत होगा। उपसंहार: आज नारी हर क्षेत्र (सेना, अंतरिक्ष, राजनीति) में परचम लहरा रही है। हमें उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना होगा।
2. कंप्यूटर: आज की आवश्यकता
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. कंप्यूटर की उपयोगिता, 3. विभिन्न क्षेत्रों में महत्व, 4. दुष्परिणाम, 5. उपसंहार।
प्रस्तावना: कंप्यूटर आधुनिक विज्ञान का अद्भुत आविष्कार है। इसने मानव जीवन को तीव्र और त्रुटिहीन बना दिया है। आज इसे 'इलेक्ट्रॉनिक मस्तिष्क' कहा जाता है। उपयोगिता: शिक्षा, बैंकिंग, रेलवे, चिकित्सा और संचार के क्षेत्र में कंप्यूटर अनिवार्य हो गया है। इंटरनेट ने इसे और शक्तिशाली बना दिया है। उपसंहार: कंप्यूटर आज विलासिता नहीं, आवश्यकता है। हमें इसका सदुपयोग कर देश को डिजिटल युग में आगे ले जाना चाहिए।
3. स्वच्छ भारत अभियान
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. अभियान का उद्देश्य, 3. स्वच्छता का महत्व, 4. जनभागीदारी, 5. उपसंहार।
प्रस्तावना: "स्वच्छता भक्ति से भी बढ़कर है।" (गांधीजी)। इसी सपने को पूरा करने के लिए 2 अक्टूबर 2014 को प्रधानमंत्री मोदी जी ने 'स्वच्छ भारत अभियान' शुरू किया। महत्व: गंदगी बीमारियों की जड़ है। स्वच्छ वातावरण से स्वास्थ्य सुधरता है और कार्यक्षमता बढ़ती है। उपसंहार: यह केवल सरकार का नहीं, हर नागरिक का कर्तव्य है। हमें 'न गंदगी करेंगे, न करने देंगे' का संकल्प लेना चाहिए।
4. विद्यार्थी और राजनीति
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. राजनीति का अर्थ, 3. विद्यार्थियों के लिए लाभ-हानि, 4. सही दृष्टिकोण, 5. उपसंहार।
प्रस्तावना: विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। राजनीति देश चलाने की व्यवस्था है। क्या दोनों का मिलन होना चाहिए? यह एक विवादित प्रश्न है। दृष्टिकोण: विद्यार्थियों को राजनीति का ज्ञान होना चाहिए, जागरूक होना चाहिए, लेकिन सक्रिय दलीय राजनीति और गुंडागर्दी से दूर रहना चाहिए। उनका प्राथमिक कर्तव्य अध्ययन है। उपसंहार: स्वस्थ राजनीति छात्र जीवन में नेतृत्व गुण विकसित करती है, लेकिन गंदी राजनीति उनका भविष्य बर्बाद कर सकती है।
⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर
केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं।
वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है।
छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि
आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।
MP Board Class 12 Hindi – Set A Model Paper 2025–26
Class 12th Hindi Model Paper Set A
MP Board कक्षा 12वीं हिंदी मॉडल पेपर (Set A)
MP Board कक्षा 12वीं हिंदी (Set A) मॉडल प्रश्न पत्र नवीनतम पाठ्यक्रम और बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किया गया है। यह Set A विद्यार्थियों को हिंदी विषय की मूल अवधारणाओं की स्पष्ट समझ और बोर्ड परीक्षा स्तर के प्रश्नों का सही अभ्यास कराने में सहायक है।
🔹 हिंदी Model Paper Set A की विशेषताएँ
✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर आधारित
✔️ गद्य, पद्य, व्याकरण एवं लेखन से जुड़े प्रश्न शामिल
✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का संतुलन
✔️ उत्तर लेखन शैली सुधारने में सहायक
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी
विवरण
कक्षा: 12वीं
विषय: हिंदी
मॉडल पेपर: Set A
बोर्ड: MP Board
इस हिंदी Set A मॉडल पेपर के नियमित अभ्यास से विद्यार्थी अपठित गद्यांश, काव्यांश, निबंध, पत्र-लेखन एवं व्याकरण जैसे महत्वपूर्ण भागों पर मजबूत पकड़ बना सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
Hindi Model Paper 12th (Set-A) - Sandipani Vidyalaya
विवरण: यह कविता उनके काव्य संग्रह 'निशा निमंत्रण' से संबंधित गीतों की श्रृंखला का हिस्सा है।
(ii) 'भक्तिन' कहाँ की रहने वाली थी?
(अ) झाँसी(ब) झुंझुनू(स) झूसी(द) झालावाड़
👉 (स) झूसी
विवरण: महादेवी वर्मा के संस्मरण के अनुसार, भक्तिन ऐतिहासिक गाँव 'झूसी' की रहने वाली थी।
(iii) 'यशोधर बाबू' के आदर्श कौन थे?
(अ) भूषण(ब) किशनदा(स) यशोधर के पिता(द) चड्ढा
👉 (ब) किशनदा
विवरण: 'सिल्वर वैडिंग' कहानी में यशोधर बाबू अपने मेंटर किशनदा (कृष्णानंद पांडेय) के सिद्धांतों पर चलते थे।
(iv) रेडियो समाचार की भाषा कैसी होनी चाहिए? अभिव्यक्ति और माध्यम
(अ) कठिन और तत्सम प्रधान(ब) मुहावरेदार(स) आम बोलचाल की सरल भाषा(द) बिंबात्मक
👉 (स) आम बोलचाल की सरल भाषा
विवरण: रेडियो एक श्रव्य माध्यम है, इसलिए भाषा ऐसी होनी चाहिए जो सुनते ही समझ में आ जाए।
(v) 'करुण रस' का स्थायी भाव क्या है?
(अ) रति(ब) शोक(स) हास(द) भय
👉 (ब) शोक
विवरण: प्रिय वस्तु या व्यक्ति के नाश से उत्पन्न दुख 'शोक' कहलाता है, जो करुण रस का स्थायी भाव है।
(vi) 'अंगारों पर लोटना' मुहावरे का अर्थ है:
(अ) आग से खेलना(ब) ईर्ष्या से जलना(स) बहुत प्रसन्न होना(द) दुखी होना
👉 (ब) ईर्ष्या से जलना
विवरण: यह मुहावरा तीव्र जलन या ईर्ष्या व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त होता है।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'पतंग' कविता के कवि ________ हैं। (आलोक धन्वा / कुंवर नारायण)
आलोक धन्वा
विवरण: यह उनकी एकमात्र संग्रह 'दुनिया रोज बनती है' से ली गई है।
(ii) 'बाजार दर्शन' पाठ का केंद्रीय भाव ________ है। (बाजारवाद / उपभोक्तावाद)
बाजारवाद
विवरण: जैनेन्द्र कुमार ने बाजार के जादू और उसकी सार्थकता पर विचार किया है।
(iii) 'जूझ' कहानी के लेखक ________ हैं। (आनंद यादव / मनोहर श्याम जोशी)
आनंद यादव
विवरण: यह उनके आत्मकथात्मक उपन्यास का एक अंश है।
(iv) वह शब्द जो किसी शब्द के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष बल देता है, ________ कहलाता है। (निपात / उपसर्ग)
निपात
विवरण: जैसे- ही, भी, तो, तक।
(v) 'सवैया' छन्द में ________ वर्ण होते हैं। (22 से 26 / 16 से 20)
22 से 26
विवरण: सवैया एक वर्णिक छंद है।
(vi) 'सीरीज के फूल' को संस्कृत साहित्य में ________ कहा गया है। (कोमल / कठोर)
कोमल
विवरण: हजारी प्रसाद द्विवेदी जी के अनुसार कालिदास ने इसे अत्यंत कोमल माना है।
प्र.3. सत्य/असत्य का चयन कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'दिन जल्दी-जल्दी ढलता है' गीत 'निशा निमंत्रण' से लिया गया है।
सत्य
विवरण: हरिवंश राय बच्चन की यह प्रसिद्ध रचना 'निशा निमंत्रण' का ही एक गीत है।
(ii) भक्तिन का वास्तविक नाम 'लक्ष्मी' था।
सत्य
विवरण: वह अपना समृद्धि सूचक नाम 'लक्ष्मी' किसी को नहीं बताती थी।
(iii) 'कहानी' का नाट्य रूपांतरण असंभव है।
असत्य
विवरण: कहानी को नाटक में बदला जा सकता है, यह एक सृजनात्मक प्रक्रिया है।
(iv) 'माधुर्य गुण' में कठोर वर्णों का प्रयोग होता है।
असत्य
विवरण: माधुर्य गुण में कोमल और मधुर वर्णों का प्रयोग होता है, कठोर वर्ण 'ओज गुण' में होते हैं।
(v) यशोधर बाबू आधुनिक विचारों के समर्थक थे।
असत्य
विवरण: यशोधर बाबू पुरानी परंपराओं और मूल्यों (किशनदा के सिद्धांतों) से जुड़े व्यक्ति थे।
(vi) मुहावरा एक पूर्ण वाक्य होता है।
असत्य
विवरण: मुहावरा 'वाक्यांश' (Phrase) होता है, जबकि लोकोक्ति पूर्ण वाक्य होती है।
प्र.4. सही जोड़ी मिलाइए: (1×7 = 7 अंक)
(i) आत्मपरिचय -> (क) 8 प्रकार
(ii) महादेवी वर्मा -> (ख) हरिवंश राय बच्चन
(iii) अतीत में दबे पाँव -> (ग) छायावाद/भक्तिन
(iv) समाचार लेखन -> (घ) ओम थानवी
(v) काव्य की शोभा -> (ङ) अलंकार
(vi) अर्थ के आधार पर वाक्य -> (च) उल्टा पिरामिड शैली
(vii) तुलसीदास -> (छ) रामचरितमानस
सही मिलान:
1. आत्मपरिचय → (ख) हरिवंश राय बच्चन
2. महादेवी वर्मा → (ग) छायावाद/भक्तिन (लेखिका)
3. अतीत में दबे पाँव → (घ) ओम थानवी (यात्रा वृत्तांत)
4. समाचार लेखन → (च) उल्टा पिरामिड शैली (सबसे महत्वपूर्ण पहले)
5. काव्य की शोभा → (ङ) अलंकार (बढ़ाने वाले तत्व)
6. अर्थ के आधार पर वाक्य → (क) 8 प्रकार
7. तुलसीदास → (छ) रामचरितमानस (महाकाव्य)
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) कवि किसका भार लिए फिरता है? (आत्मपरिचय)
जग-जीवन का
(ii) भक्तिन लेखिका को भोजन में क्या देती थी?
देहाती भोजन (मोटी रोटी, दाल आदि)
(iii) किशनदा का पूरा नाम क्या था?
कृष्णानंद पांडेय
(iv) 'रसराज' किस रस को कहा जाता है?
शृंगार रस
(v) भारत की 'राजभाषा' क्या है?
हिन्दी
(vi) "कविता के पंख लगा उड़ने" का क्या अर्थ है?
कल्पना की उड़ान भरना
(vii) भारत का पहला समाचार पत्र कौन सा था?
बंगाल गजट (1780, जेम्स ऑगस्टस हिक्की)
खण्ड ब: लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. 'प्रगतिवाद' की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
संसार में कष्टों को सहते हुए भी कवि 'खुशी और मस्ती' का माहौल कैसे बनाए रखता है?
उत्तर (मुख्य):
1. शोषकों के प्रति विद्रोह: प्रगतिवादी कवि पूंजीपतियों और शोषक वर्ग का विरोध करते हैं।
2. शोषितों के प्रति सहानुभूति: इसमें मजदूरों, किसानों और दलितों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है।
उत्तर (अथवा):
कवि हरिवंश राय बच्चन कहते हैं कि यद्यपि जीवन में अनेक कष्ट और जिम्मेदारियाँ (जग-जीवन का भार) हैं, फिर भी वे प्रेम की मस्ती में डूबे रहते हैं। वे सांसों के तारों को प्रेम से बजाते हैं, जिससे उनका जीवन संगीत और उल्लास से भर जाता है।
प्र.7. भाषा को 'सहूलियत' से बरतने का क्या अभिप्राय है?
अथवा
छायावाद के किन्हीं दो कवियों के नाम और उनकी एक-एक रचना लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
कुंवर नारायण के अनुसार, भाषा को सहूलियत से बरतने का अर्थ है - बात को सीधे, सरल और सहज शब्दों में कहना। अनावश्यक क्लिष्ट शब्दों या घुमावदार वाक्यों का प्रयोग न करके, अपनी बात को स्पष्टता से संप्रेषित करना।
प्र.8. भक्तिन के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गईं?
अथवा
बाजार का जादू चढ़ने और उतरने पर मनुष्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर (मुख्य):
भक्तिन शहर के तौर-तरीके सीखने के बजाय महादेवी को ही अपने देहाती रंग में रंग लेती थी। उसने महादेवी को मकई का दलिया, बाजरे की रोटी और ज्वार के भुट्टे खाना सिखा दिया। भक्तिन की जीवनशैली को अपनाकर महादेवी भी देहाती बन गईं।
उत्तर (अथवा): जादू चढ़ने पर: मनुष्य बाजार की चकाचौंध में फंसकर अनावश्यक वस्तुएं खरीद लेता है। उसे लगता है कि ये चीजें उसे सुख देंगी। जादू उतरने पर: उसे पता चलता है कि उन फैंसी चीजों ने उसके आराम में खलल ही डाला है, कोई वास्तविक सुख नहीं दिया।
प्र.9. 'काले मेघा पानी दे' पाठ के आधार पर पानी और बुवाई का क्या संबंध है?
अथवा
लुट्टन पहलवान ने ऐसा क्यों कहा होगा कि "मेरा गुरु कोई पहलवान नहीं, यह ढोल है"?
उत्तर (मुख्य):
भारत कृषि प्रधान देश है। यहाँ की खेती मानसून (वर्षा) पर निर्भर है। आषाढ़ के महीने में खेतों की बुवाई के लिए पानी की अत्यंत आवश्यकता होती है। यदि समय पर वर्षा (काले मेघा) नहीं होती, तो बुवाई नहीं हो पाती और अकाल की स्थिति बन जाती है।
उत्तर (अथवा):
लुट्टन ने किसी उस्ताद से कुश्ती नहीं सीखी थी। उसने ढोल की आवाज से ही प्रेरणा और दांव-पेच सीखे थे। ढोल की 'धाक-धिना' उसे आगे बढ़ने और दांव मारने का संकेत देती थी। इसलिए उसने ढोल को ही अपना गुरु माना।
प्र.10. यशोधर बाबू की पत्नी समय के साथ ढल सकने में सफल होती है लेकिन यशोधर बाबू असफल रहते हैं। ऐसा क्यों?
अथवा
'जूझ' कहानी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर (मुख्य):
यशोधर बाबू की पत्नी बच्चों के साथ आधुनिकता को अपना लेती है (रहन-सहन, खान-पान)। वह लचीली है। लेकिन यशोधर बाबू किशनदा के पुराने मूल्यों और परंपराओं से चिपके रहते हैं। वे बदलाव को 'समहाउ इम्प्रॉपर' मानते हैं और समझौता नहीं कर पाते।
उत्तर (अथवा):
इस कहानी का उद्देश्य यह दर्शाना है कि लगन, परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति से विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता पाई जा सकती है। लेखक ने अपने संघर्ष से यह सिद्ध किया कि शिक्षा मनुष्य का जीवन बदल सकती है।
प्र.11. इंटरनेट पत्रकारिता क्या है? इसके दो लाभ लिखिए।
अथवा
फीचर (Feature) किसे कहते हैं?
उत्तर (मुख्य):
इंटरनेट पर समाचारों का प्रकाशन या आदान-प्रदान इंटरनेट पत्रकारिता (Cyber Journalism) कहलाता है। लाभ: 1. खबरें तुरंत अपडेट होती हैं। 2. दुनिया भर की खबरें एक क्लिक पर उपलब्ध।
उत्तर (अथवा):
फीचर एक सुव्यवस्थित, सृजनात्मक और आत्मनिष्ठ लेखन है, जिसका उद्देश्य पाठकों को सूचना देने के साथ-साथ शिक्षित करना और उनका मनोरंजन करना होता है। इसमें लेखक के निजी विचार भी शामिल होते हैं।
प्र.12. महाकाव्य और खंडकाव्य में दो अंतर लिखिए।
अथवा
रस की परिभाषा और उसके अंगों के नाम लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. कथावस्तु: महाकाव्य में जीवन का समग्र चित्रण होता है, खंडकाव्य में जीवन के किसी एक पक्ष का।
2. सर्ग: महाकाव्य में 8 या उससे अधिक सर्ग होते हैं, खंडकाव्य में एक ही सर्ग (या कम) होता है।
उत्तर (अथवा): परिभाषा: काव्य को पढ़ने, सुनने या देखने से जो आनंद प्राप्त होता है, उसे रस कहते हैं। अंग (4): स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव, संचारी भाव।
प्र.13. भ्रांतिमान अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
अथवा
शब्द गुण 'माधुर्य' की परिभाषा लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
जहाँ समानता के कारण एक वस्तु में दूसरी वस्तु का भ्रम हो जाए और उसी भ्रम के अनुसार कार्य भी कर लिया जाए, वहाँ भ्रांतिमान अलंकार होता है। उदाहरण: "नाक का मोती अधर की कांति से, बीज दाड़िम का समझकर भ्रांति से...।"
उत्तर (अथवा):
काव्य का वह गुण जो चित्त (मन) को पिघलाकर आनंद और उल्लास से भर दे, माधुर्य गुण कहलाता है। इसमें कोमल वर्णों (क, ख, ग...) का प्रयोग होता है और यह शृंगार, शांत व करुण रस में पाया जाता है।
प्र.14. निपात शब्द किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
अथवा
मुहावरे और लोकोक्ति में दो अंतर लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
वे अव्यय शब्द जो किसी शब्द या पद के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष बल ला देते हैं, निपात कहलाते हैं। उदाहरण: "राम ही जाएगा।" (यहाँ 'ही' निपात है)।
उत्तर (अथवा):
1. स्वरूप: मुहावरा वाक्यांश होता है, लोकोक्ति पूर्ण वाक्य होती है।
2. परिवर्तन: मुहावरा वाक्य में प्रयोग करते समय लिंग/वचन के अनुसार बदल सकता है, लोकोक्ति ज्यों की त्यों रहती है।
प्र.15. मोहन-जोदड़ो के घरों की दो विशेषताएँ लिखिए। (अतीत में दबे पाँव)
अथवा
रेडियो नाटक की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. घर पक्की ईंटों के बने थे और योजनाबद्ध तरीके से बसाए गए थे।
2. घरों के दरवाजे मुख्य सड़क पर न खुलकर पीछे की गलियों में खुलते थे। हर घर में स्नानघर होता था।
उत्तर (अथवा):
1. यह एक श्रव्य माध्यम है, इसमें ध्वनि और संवादों का महत्व होता है।
2. इसमें दृश्य नहीं होते, इसलिए कल्पना तत्व की प्रधानता होती है।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. 'हरिवंश राय बच्चन' अथवा 'तुलसीदास' का साहित्यिक परिचय निम्न बिंदुओं पर लिखिए: (i) दो रचनाएँ (ii) भावपक्ष-कलापक्ष (iii) साहित्य में स्थान
(हरिवंश राय बच्चन):
(i) रचनाएँ: मधुशाला, मधुबाला, निशा निमंत्रण।
(ii) भावपक्ष: प्रेम और सौंदर्य के कवि, हालावाद के प्रवर्तक। रहस्यवाद की झलक। कलापक्ष: सहज, सरल खड़ी बोली, गेयता का गुण, प्रतीकों का सुंदर प्रयोग।
(iii) स्थान: हिंदी साहित्य में हालावाद के प्रवर्तक और एक लोकप्रिय गीतकार के रूप में अद्वितीय स्थान है।
प्र.17. 'महादेवी वर्मा' अथवा 'हजारी प्रसाद द्विवेदी' का साहित्यिक परिचय निम्न बिंदुओं पर लिखिए: (i) दो रचनाएँ (ii) भाषा-शैली (iii) साहित्य में स्थान
(महादेवी वर्मा):
(i) रचनाएँ: स्मृति की रेखाएँ, अतीत के चलचित्र (गद्य); यामा, नीरजा (काव्य)।
(ii) भाषा-शैली: तत्सम प्रधान शुद्ध खड़ी बोली। उनकी शैली चित्रात्मक, भावात्मक और व्यंग्यात्मक है। संस्मरणों में वे पात्रों का सजीव चित्र खींचती हैं।
(iii) स्थान: उन्हें 'आधुनिक मीरा' कहा जाता है। छायावाद के चार स्तंभों में प्रमुख और एक सशक्त गद्य लेखिका।
प्र.18. भाव पल्लवन कीजिए: "परहित सरिस धर्म नहिं भाई।"
अथवा
सार संक्षेपण (Summary) की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर (मुख्य): भाव पल्लवन: गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं कि दूसरों की भलाई (परोपकार) के समान कोई दूसरा धर्म नहीं है। प्रकृति भी हमें परोपकार सिखाती है—नदियाँ अपना जल स्वयं नहीं पीतीं, वृक्ष अपने फल नहीं खाते। मनुष्य का जन्म केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के कल्याण के लिए हुआ है। परोपकार से ही आत्मिक शांति और समाज में प्रतिष्ठा मिलती है।
उत्तर (अथवा):
1. संक्षेपण मूल अवतरण का लगभग एक-तिहाई (1/3) होना चाहिए।
2. इसमें मूल विचारों और भावों को सुरक्षित रखना चाहिए, अनावश्यक विस्तार को हटा देना चाहिए।
3. इसकी भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए।
प्र.19. 'कहानी' और 'नाटक' में तीन अंतर लिखिए।
अथवा
रेडियो नाटक में 'ध्वनि प्रभाव' (Sound Effects) का क्या महत्व है?
उत्तर (मुख्य):
1. कहानी श्रव्य/पठनीय विधा है, नाटक दृश्य-श्रव्य विधा है।
2. कहानी में वर्णन प्रधान होता है, नाटक में संवाद और अभिनय प्रधान होता है।
3. कहानी का आनंद अकेले पढ़कर लिया जा सकता है, नाटक का आनंद रंगमंच पर देखकर सामूहिक रूप से लिया जाता है।
उत्तर (अथवा):
रेडियो नाटक में दृश्य नहीं होते, इसलिए वातावरण बनाने के लिए ध्वनि प्रभावों का उपयोग किया जाता है। जैसे—बारिश की आवाज़, कदमों की आहट, या गाड़ी का हॉर्न। ये ध्वनियाँ श्रोता के मन में दृश्य का चित्र खड़ा कर देती हैं और कहानी को सजीव बनाती हैं।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: "मैं जग-जीवन का भार लिए फिरता हूँ, फिर भी जीवन में प्यार लिए फिरता हूँ; कर दिया किसी ने झंकृत जिनको छूकर मैं साँसों के दो तार लिए फिरता हूँ।"
अथवा
पद्यांश की व्याख्या: "धूत कहौ, अवधूत कहौ, रजपूत कहौ, जोलहा कहौ कोऊ। काहू की बेटी सों बेटा न ब्याहब, काहू की जाति बिगार न सोऊ।"
उत्तर (मुख्य):
संदर्भ: 'आरोह भाग-2', कविता 'आत्मपरिचय', कवि 'हरिवंश राय बच्चन' ।
प्रसंग: कवि अपने जीवन के अंतर्विरोधों और प्रेममयी व्यक्तित्व का वर्णन कर रहे हैं।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि मुझ पर सांसारिक जिम्मेदारियों का बहुत बोझ है, फिर भी मेरा हृदय प्रेम से भरा है। मेरे जीवन में किसी प्रियजन (पत्नी/प्रेमिका) के स्पर्श ने मेरे हृदय रूपी वीणा को झंकृत कर दिया है। मैं उन्हीं यादों और प्रेम के सहारे अपना जीवन जी रहा हूँ।
उत्तर (अथवा):
संदर्भ: 'कवितावली', कवि 'तुलसीदास' ।
व्याख्या: तुलसीदास जी समाज के कटाक्षों की परवाह नहीं करते। वे कहते हैं, चाहे कोई मुझे धूर्त कहे, सन्यासी कहे, राजपूत कहे या जुलाहा, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे किसी की बेटी से अपने बेटे की शादी नहीं करनी है, जिससे किसी की जाति बिगड़ जाए। मैं तो केवल श्री राम का गुलाम हूँ और उन्हीं की भक्ति में मस्त रहता हूँ।
प्र.21. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: "भक्तिन और मेरे बीच में सेवक-स्वामी का संबंध है, यह कहना कठिन है, क्योंकि ऐसा कोई स्वामी नहीं हो सकता, जो इच्छा होने पर भी सेवक को अपनी सेवा से हटा न सके..."
अथवा
गद्यांश की व्याख्या: "बाजार में एक जादू है। वह जादू आँख की राह काम करता है। वह रूप का जादू है। पर जैसे चुंबक का जादू लोहे पर ही चलता है, वैसे ही इस जादू की भी मर्यादा है।"
उत्तर (मुख्य):
संदर्भ: पाठ 'भक्तिन', लेखिका 'महादेवी वर्मा' ।
व्याख्या: महादेवी जी कहती हैं कि भक्तिन केवल एक नौकरानी नहीं है। उसका और लेखिका का रिश्ता मालिक-नौकर से ऊपर है। भक्तिन घर की मालकिन की तरह व्यवहार करती है। लेखिका चाहकर भी उसे काम से नहीं हटा सकतीं और भक्तिन भी जाने को तैयार नहीं है। यह एक आत्मीय और बराबरी का रिश्ता बन गया है।
उत्तर (अथवा):
संदर्भ: पाठ 'बाजार दर्शन', लेखक 'जैनेन्द्र कुमार' ।
व्याख्या: लेखक बाजार के आकर्षण को 'जादू' कहते हैं। यह जादू आँखों के रास्ते असर करता है। सजी-धजी दुकानें ग्राहक को लुभाती हैं। लेकिन यह जादू तभी असर करता है जब जेब भरी हो और मन खाली हो (यानी पता न हो कि क्या खरीदना है)। ऐसे में व्यक्ति अनावश्यक चीजें खरीद लेता है।
प्र.22. अपने नगर के नगरपालिका अध्यक्ष को जल-संकट के निवारण हेतु एक शिकायती पत्र लिखिए।
अथवा
अपने मित्र को बोर्ड परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त करने पर बधाई पत्र लिखिए।
उत्तर (औपचारिक पत्र):
सेवा में, अध्यक्ष महोदय, नगर पालिका परिषद, बड़वानी। विषय: नगर में व्याप्त जल-संकट के संबंध में।
महोदय, मैं आपका ध्यान हमारे क्षेत्र (गांधी नगर) में पिछले 15 दिनों से चल रही पानी की गंभीर समस्या की ओर दिलाना चाहता हूँ। नलों में पानी बहुत कम समय के लिए और बहुत कम दबाव से आ रहा है। कभी-कभी गंदा पानी भी आता है। गर्मी में इससे निवासियों का जीना दूभर हो गया है। अतः आपसे निवेदन है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान करें और नियमित टैंकर भिजवाने की व्यवस्था करें।
भवदीय, क.ख.ग., दिनांक: XX/XX/2026
उत्तर (अनौपचारिक पत्र):
प्रिय मित्र अमन, सप्रेम नमस्ते।
आज सुबह समाचार पत्र में तुम्हारा परीक्षा परिणाम देखा। यह जानकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई कि तुमने कक्षा 12वीं में पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह तुम्हारी कड़ी मेहनत और लगन का ही फल है। मेरी और मेरे परिवार की ओर से तुम्हें इस शानदार सफलता पर बहुत-बहुत बधाई। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि तुम भविष्य में भी इसी तरह सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते रहो।
तुम्हारा मित्र, सुमित
प्र.23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर सारगर्भित निबंध लिखिए: (4 अंक)
1. विज्ञान: वरदान या अभिशाप
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. विज्ञान के वरदान (विभिन्न क्षेत्रों में), 3. विज्ञान: एक अभिशाप (विनाशकारी रूप), 4. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: आज का युग विज्ञान का युग है। मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विज्ञान का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। सुबह जागने से लेकर रात को सोने तक हम जिन वस्तुओं का उपयोग करते हैं, वे सब विज्ञान की ही देन हैं।
2. विज्ञान के वरदान:
परिवहन: हवाई जहाज और ट्रेनों ने यात्रा को सुगम बना दिया है।
संचार: मोबाइल और इंटरनेट ने दुनिया को मुट्ठी में कर लिया है।
चिकित्सा: असाध्य रोगों का इलाज संभव हुआ है।
3. विज्ञान: एक अभिशाप: यदि विज्ञान का दुरुपयोग हो तो यह विनाशकारी है। परमाणु बम और मिसाइलें मानवता को नष्ट कर सकती हैं। प्रदूषण और बेरोजगारी भी विज्ञान के दुष्परिणाम हैं।
4. उपसंहार: विज्ञान एक शक्ति है। यदि हम इसका सदुपयोग करें तो यह वरदान है, और दुरुपयोग करें तो अभिशाप। अतः हमें इसका प्रयोग मानव कल्याण के लिए करना चाहिए।
2. पर्यावरण प्रदूषण: समस्या और निदान
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. प्रदूषण के प्रकार, 3. प्रदूषण के कारण, 4. प्रदूषण के दुष्परिणाम, 5. सुधार के उपाय, 6. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: आज मानव जाति के सामने सबसे गंभीर समस्या 'पर्यावरण प्रदूषण' की है। वायु, जल और मिट्टी में हानिकारक तत्वों का मिलना प्रदूषण कहलाता है।
2. प्रदूषण के प्रकार: वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण।
3. कारण: औद्योगीकरण, वाहनों का धुआँ, वनों की कटाई और प्लास्टिक का उपयोग।
4. दुष्परिणाम: श्वास रोग, ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन परत में छिद्र और मौसम चक्र का बिगड़ना।
5. उपाय: अधिक वृक्षारोपण, प्लास्टिक पर प्रतिबंध और स्वच्छता अभियान।
6. उपसंहार: हमें 'प्रकृति की रक्षा, अपनी सुरक्षा' के मंत्र को अपनाना होगा।
3. साहित्य और समाज
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. साहित्य का समाज पर प्रभाव, 3. समाज का साहित्य पर प्रभाव, 4. साहित्यकार का दायित्व, 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: "साहित्य समाज का दर्पण है।" साहित्य और समाज का गहरा संबंध है।
2. प्रभाव: साहित्य समाज को दिशा देता है। प्रेमचंद और निराला जैसे साहित्यकारों ने समाज में जागृति फैलाई।
3. साहित्यकार का दायित्व: साहित्यकार को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को सही राह दिखानी चाहिए और कुरीतियों पर प्रहार करना चाहिए।
4. उपसंहार: उन्नत समाज से ही महान साहित्य का सृजन होता है और महान साहित्य समाज को उन्नत बनाता है।
4. विद्यार्थी जीवन और अनुशासन
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. अनुशासन का अर्थ, 3. विद्यार्थी जीवन में महत्व, 4. अनुशासनहीनता के कारण, 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। उनका जीवन अनुशासित होना अत्यंत आवश्यक है।
2. अर्थ: नियमों का पालन करना और बड़ों का आदर करना अनुशासन है।
3. महत्व: अनुशासन से समय का सदुपयोग होता है, एकाग्रता बढ़ती है और चरित्र निर्माण होता है।
4. कारण: नैतिक शिक्षा का अभाव और सिनेमा/मोबाइल का दुष्प्रभाव अनुशासनहीनता का कारण है।
5. उपसंहार: अनुशासन सफलता की कुंजी है। इसे अपनाकर ही विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर
केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं।
वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है।
छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि
आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।