MP Board Class 12 Economics – Set A Model Paper 2025–26
Class 12th Economics Model Paper Set A
MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र मॉडल पेपर (Set A)
(Arts & Commerce Students)
MP Board कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र (Arts & Commerce) – Set A मॉडल प्रश्न पत्र नवीनतम पाठ्यक्रम एवं बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किया गया है। यह Set A विद्यार्थियों को मूलभूत अवधारणाओं की स्पष्ट समझ और बोर्ड परीक्षा स्तर के प्रश्नों का सही अभ्यास कराने में सहायक है।
🔹 Set A की मुख्य विशेषताएँ
✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर आधारित
✔️ Arts एवं Commerce दोनों वर्गों के लिए उपयोगी
✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल
✔️ ग्राफ, आंकड़ों एवं सिद्धांतात्मक प्रश्नों का संतुलन
✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी
विवरण
- कक्षा: 12वीं
- विषय: अर्थशास्त्र (Economics)
- स्ट्रीम: Arts & Commerce
- मॉडल पेपर: Set A
- बोर्ड: MP Board
इस Set A मॉडल पेपर के नियमित अभ्यास से विद्यार्थी राष्ट्रीय आय, मुद्रा, बैंकिंग, विकास, उपभोक्ता व्यवहार और अन्य महत्वपूर्ण अध्यायों पर मजबूत पकड़ बना सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
कक्षा 12वीं - अर्थशास्त्र
Created by : D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे
(ii) स्टॉक (Stock) -> (ख) एक निश्चित समय बिंदु
(iii) गुणक (Multiplier) -> (ग) आय और उपभोग का संबंध
(iv) कीन्स का नियम -> (घ) समय अवधि
(v) खुली अर्थव्यवस्था -> (ङ) आय-व्यय बराबर
(vi) संतुलित बजट -> (च) शेष विश्व से व्यापार
(vii) घाटे का बजट -> (छ) व्यय > आय
1. प्रवाह (Flow) → (घ) समय अवधि (जैसे प्रति वर्ष, प्रति माह)
2. स्टॉक (Stock) → (ख) एक निश्चित समय बिंदु (जैसे 31 मार्च को गोदाम में माल)
3. गुणक (Multiplier) → (क) 1/(1-MPC) (निवेश गुणक का सूत्र)
4. कीन्स का नियम → (ग) आय और उपभोग का संबंध (उपभोग फलन)
5. खुली अर्थव्यवस्था → (च) शेष विश्व से व्यापार (आयात-निर्यात होना)
6. संतुलित बजट → (ङ) आय-व्यय बराबर
7. घाटे का बजट → (छ) व्यय > आय
(अथवा) उत्तर: वह अर्थव्यवस्था जिसमें आर्थिक निर्णय (क्या, कैसे, किसके लिए उत्पादन करें) बाजार की शक्तियों (मांग और पूर्ति) द्वारा स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं, बाजार अर्थव्यवस्था कहलाती है।
(अथवा) उत्तर: अन्य बातें समान रहने पर, किसी वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी मांग घटती है और कीमत घटने पर उसकी मांग बढ़ती है।
(अथवा) उत्तर: 1. स्थिर लागत उत्पादन बंद होने पर भी शून्य नहीं होती, परिवर्तनशील लागत शून्य हो जाती है।
2. स्थिर लागत अल्पकाल में नहीं बदलती, परिवर्तनशील लागत उत्पादन के साथ बदलती है।
(अथवा) उत्तर: यह वह स्थिति है जहाँ बाजार मांग और बाजार पूर्ति एक-दूसरे के बराबर होते हैं। इस बिंदु पर निर्धारित कीमत को संतुलन कीमत कहते हैं।
2. इसका मुख्य यंत्र 'राष्ट्रीय आय' विश्लेषण है।
(अथवा) उत्तर: ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व होता है और आर्थिक निर्णय लाभ कमाने के उद्देश्य से लिए जाते हैं।
(अथवा) उत्तर: राष्ट्रीय आय की गणना करते समय जब एक ही वस्तु का मूल्य एक से अधिक बार जुड़ जाता है, तो उसे दोहरी गणना की समस्या कहते हैं। इससे राष्ट्रीय आय का सही अनुमान नहीं लग पाता।
2. मूल्य का मापक (Measure of Value)।
(अथवा) उत्तर: 1. आवश्यकताओं के दोहरे संयोग का अभाव।
2. मूल्य के सर्वमान्य मापक का अभाव।
(अथवा) उत्तर: आय और उपभोग के बीच के फलनात्मक संबंध को उपभोग फलन कहते हैं। (C = f(Y))। यह बताता है कि आय बढ़ने पर उपभोग कैसे बढ़ता है।
2. आय और संपत्ति की असमानता को कम करना।
(अथवा) उत्तर: राजस्व व्यय से न तो संपत्ति का निर्माण होता है और न ही दायित्व कम होते हैं (जैसे वेतन, पेंशन)। पूंजीगत व्यय से संपत्ति का निर्माण होता है या दायित्व कम होते हैं (जैसे पुल बनाना, ऋण चुकाना)।
2. व्यापार संतुलन भुगतान संतुलन का एक छोटा हिस्सा है।
(अथवा) उत्तर: वह दर जिस पर एक देश की मुद्रा का दूसरे देश की मुद्रा के साथ विनिमय किया जाता है, विदेशी विनिमय दर कहलाती है। (जैसे 1$ = ₹83)।
NDP_FC = कर्मचारियों का पारिश्रमिक + प्रचालन अधिशेष (लगान+ब्याज+लाभ) + मिश्रित आय।
इसके बाद इसमें विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA) जोड़कर राष्ट्रीय आय (NNP_FC) ज्ञात की जाती है।
(अथवा) उत्तर संकेत (GDP vs GNP): GDP: एक देश की घरेलू सीमा के भीतर उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का बाजार मूल्य। इसमें विदेशियों द्वारा देश के अंदर किया गया उत्पादन भी शामिल है।
GNP: एक देश के 'सामान्य निवासियों' द्वारा उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य, चाहे वे देश के भीतर हों या बाहर।
GNP = GDP + विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA)।
2. सरकार का बैंकर: सरकार के खाते रखना और उसे सलाह देना।
3. बैंकों का बैंक: व्यापारिक बैंकों को ऋण देना और उनके नकद कोषों का संरक्षक होना।
(अंतिम ऋणदाता का कार्य भी लिख सकते हैं)।
(अथवा) उत्तर संकेत (साख सृजन): बैंक अपनी प्रारंभिक जमाओं के आधार पर कई गुना अधिक ऋण देते हैं। वे जानते हैं कि सभी जमाकर्ता एक साथ पैसा नहीं निकालेंगे। वे एक निश्चित आरक्षित अनुपात (CRR/SLR) रखकर शेष राशि ऋण के रूप में देते हैं। यह ऋण पुनः बैंक में जमा के रूप में आता है और फिर से ऋण दिया जाता है।
कुल साख सृजन = प्रारंभिक जमा × (1 / आरक्षित अनुपात)।
(छात्रों को TP और MP का वक्र बनाना है और दिखाना है कि MP कैसे गिरता है और ऋणात्मक हो जाता है)।
(अथवा) उत्तर संकेत (पैमाने के प्रतिफल): दीर्घकाल में सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं।
1. बढ़ते प्रतिफल: उत्पादन में वृद्धि साधनों में वृद्धि के अनुपात से अधिक होती है।
2. स्थिर प्रतिफल: उत्पादन में वृद्धि साधनों में वृद्धि के समान अनुपात में होती है।
3. घटते प्रतिफल: उत्पादन में वृद्धि साधनों में वृद्धि के अनुपात से कम होती है।
2. समरूप वस्तुएं: सभी फर्में एक जैसी वस्तुएं बेचती हैं।
3. प्रवेश और निकास की स्वतंत्रता: कोई भी फर्म उद्योग में आ सकती है या जा सकती है।
(अथवा) उत्तर संकेत: कीमत सीमा (Ceiling): सरकार द्वारा आवश्यक वस्तुओं (जैसे गेहूं, दवा) की अधिकतम कीमत तय करना जो संतुलन कीमत से कम होती है, ताकि गरीबों को सस्ती वस्तु मिले।
कीमत तल (Floor): सरकार द्वारा वस्तुओं (जैसे कृषि उपज) की न्यूनतम कीमत तय करना जो संतुलन कीमत से अधिक होती है, ताकि उत्पादकों को नुकसान न हो (न्यूनतम समर्थन मूल्य)।
कारक: 1. वस्तु की प्रकृति (अनिवार्य/विलासिता), 2. स्थानापन्न वस्तुओं की उपलब्धता, 3. वस्तु के विविध उपयोग, 4. उपभोक्ता की आय का स्तर।
(अथवा) उत्तर संकेत (तटस्थता वक्र): 1. यह बाएं से दाएं नीचे की ओर गिरता है (ऋणात्मक ढलान)।
2. यह मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर (Convex) होता है।
3. दो तटस्थता वक्र कभी एक-दूसरे को नहीं काटते।
4. ऊंचा तटस्थता वक्र संतुष्टि के ऊंचे स्तर को दर्शाता है।
उपाय: राजकोषीय नीति (सरकारी व्यय बढ़ाना, कर घटाना) और मौद्रिक नीति (बैंक दर कम करना, CRR घटाना)।
(अथवा) उत्तर संकेत (गुणक): निवेश में वृद्धि होने पर राष्ट्रीय आय में निवेश से कई गुना अधिक वृद्धि होती है। इसे गुणक (K) कहते हैं।
K = 1 / (1 - MPC)।
क्रियाविधि: एक व्यक्ति का व्यय दूसरे की आय बनता है। यदि MPC 0.5 है और निवेश 100 करोड़ बढ़ता है, तो आय 200 करोड़ बढ़ेगी (K=2)।
1. बजट रेखा, अनधिमान वक्र को स्पर्श करती है (Tangency point)।
2. स्पर्श बिंदु पर प्रतिस्थापन की सीमांत दर (MRS) कीमत अनुपात (Px/Py) के बराबर होती है।
3. संतुलन बिंदु पर अनधिमान वक्र मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर होना चाहिए। (चित्र बनाना आवश्यक है)।
(अथवा) उत्तर संकेत: अपवाद: दुर्लभ वस्तुएं/सिक्के, नशीली वस्तुएं, संगीत/कविता (प्रारंभ में)।
महत्व: मांग के नियम का आधार, कर प्रणाली में उपयोगी, उपभोक्ता की बचत का आधार।
GDP_MP = C + I + G + (X - M)
C = निजी अंतिम उपभोग व्यय, I = सकल घरेलू पूंजी निर्माण (निवेश), G = सरकारी अंतिम उपभोग व्यय, X-M = शुद्ध निर्यात।
राष्ट्रीय आय निकालने के लिए: NNP_FC = GDP_MP - मूल्यह्रास + NFIA - शुद्ध अप्रत्यक्ष कर।
(अथवा) उत्तर संकेत (परिवर्ती अनुपात): चित्र में TP, AP और MP वक्र बनाएं।
अवस्था 1 (बढ़ते प्रतिफल): TP बढ़ती दर से बढ़ता है, MP बढ़ता है।
अवस्था 2 (घटते प्रतिफल): TP घटती दर से बढ़ता है, MP गिरता है पर धनात्मक रहता है (यहीं उत्पादक संतुलन में होता है)।
अवस्था 3 (ऋणात्मक प्रतिफल): TP घटने लगता है, MP ऋणात्मक हो जाता है।
⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर
केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं।
वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है।
छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि
आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।
📘 MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र मॉडल पेपर (Arts & Commerce)
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- Set A: Economics Model Paper – Set A
- Set B: Economics Model Paper – Set B
- Set C: Economics Model Paper – Set C
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