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MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र (Arts & Commerce Students) मॉडल पेपर (Set A)

MP Board Class 12 Economics – Set A Model Paper 2025–26

MP Board Class 12 Economics – Set A Model Paper 2025–26

Class 12th Economics Model Paper Set A

MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र मॉडल पेपर (Set A)

(Arts & Commerce Students)

MP Board कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र (Arts & Commerce) – Set A मॉडल प्रश्न पत्र नवीनतम पाठ्यक्रम एवं बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किया गया है। यह Set A विद्यार्थियों को मूलभूत अवधारणाओं की स्पष्ट समझ और बोर्ड परीक्षा स्तर के प्रश्नों का सही अभ्यास कराने में सहायक है।

🔹 Set A की मुख्य विशेषताएँ

✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर आधारित

✔️ Arts एवं Commerce दोनों वर्गों के लिए उपयोगी

✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल

✔️ ग्राफ, आंकड़ों एवं सिद्धांतात्मक प्रश्नों का संतुलन

✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी

विवरण

  • कक्षा: 12वीं
  • विषय: अर्थशास्त्र (Economics)
  • स्ट्रीम: Arts & Commerce
  • मॉडल पेपर: Set A
  • बोर्ड: MP Board

इस Set A मॉडल पेपर के नियमित अभ्यास से विद्यार्थी राष्ट्रीय आय, मुद्रा, बैंकिंग, विकास, उपभोक्ता व्यवहार और अन्य महत्वपूर्ण अध्यायों पर मजबूत पकड़ बना सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने में सहायता मिलती है। 

Economics Model Paper 12th - Sandipani Vidyalaya

कक्षा 12वीं - अर्थशास्त्र

(मॉडल पेपर 2025-26 सेट-A)

Created by : D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे

खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) व्यष्टि अर्थशास्त्र के अंतर्गत निम्न में से किसका अध्ययन किया जाता है?
(अ) राष्ट्रीय आय (ब) पूर्ण रोजगार (स) व्यक्तिगत इकाई (द) कुल उत्पादन
👉 (स) व्यक्तिगत इकाई
विवरण: व्यष्टि अर्थशास्त्र (Microeconomics) में एक उपभोक्ता, एक फर्म या एक उद्योग जैसी छोटी और व्यक्तिगत आर्थिक इकाइयों का अध्ययन किया जाता है।

(ii) उपयोगिता का संबंध होता है:
(अ) लाभदायकता से (ब) नैतिकता से (स) मानव आवश्यकता की पूर्ति से (द) इनमें से कोई नहीं
👉 (स) मानव आवश्यकता की पूर्ति से
विवरण: अर्थशास्त्र में उपयोगिता (Utility) का अर्थ किसी वस्तु की उस शक्ति से है जो मानवीय आवश्यकता को संतुष्ट कर सकती है, चाहे वह वस्तु लाभदायक हो या हानिकारक।

(iii) स्थानापन्न वस्तुएं (Substitutes) हैं:
(अ) चाय और कॉफी (ब) पेन और स्याही (स) कार और पेट्रोल (द) सुई और धागा
👉 (अ) चाय और कॉफी
विवरण: स्थानापन्न वस्तुएं वे हैं जिनका प्रयोग एक-दूसरे के स्थान पर किया जा सकता है। अन्य विकल्प पूरक वस्तुओं (Complementary Goods) के हैं।

(iv) उत्पादन के साधन हैं:
(अ) भूमि (ब) श्रम (स) पूंजी (द) उपर्युक्त सभी
👉 (द) उपर्युक्त सभी
विवरण: उत्पादन के चार मुख्य कारक होते हैं: भूमि, श्रम, पूंजी और उद्यमशीलता।

(v) भारत में केंद्रीय बैंक कौन सा है?
(अ) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (ब) रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (स) सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (द) पंजाब नेशनल बैंक
👉 (ब) रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया
विवरण: RBI भारत का केंद्रीय बैंक है जो मुद्रा जारी करता है और बैंकिंग प्रणाली को नियंत्रित करता है।

(vi) प्रभावी माँग (Effective Demand) का विचार किसने दिया?
(अ) एडम स्मिथ (ब) मार्शल (स) कीन्स (द) पीगू
👉 (स) कीन्स
विवरण: जे.एम. कीन्स ने रोजगार के सिद्धांत में प्रभावी माँग की अवधारणा दी, जो समग्र माँग और समग्र पूर्ति के संतुलन बिंदु पर निर्भर करती है।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) कुल उपयोगिता जब अधिकतम होती है, तब सीमांत उपयोगिता ________ होती है।
शून्य (Zero)
विवरण: जब उपभोक्ता पूर्ण संतुष्टि के बिंदु पर होता है, तो अतिरिक्त इकाई से मिलने वाली उपयोगिता शून्य हो जाती है।

(ii) औसत लागत वक्र का आकार अंग्रेजी अक्षर ________ जैसा होता है।
U
विवरण: 'परिवर्ती अनुपातों के नियम' के कारण औसत लागत पहले घटती है और फिर बढ़ने लगती है।

(iii) पूर्ण प्रतियोगिता में एक फर्म कीमत ________ होती है।
स्वीकारक (Price Taker)
विवरण: पूर्ण प्रतियोगिता में कीमत का निर्धारण उद्योग (बाजार) द्वारा माँग और पूर्ति के आधार पर होता है, फर्म उसे केवल स्वीकार करती है।

(iv) सकल घरेलू उत्पाद (GDP) - मूल्यह्रास = ________।
शुद्ध घरेलू उत्पाद (NDP)
विवरण: 'सकल' (Gross) में से मूल्यह्रास (Depreciation) घटाने पर 'शुद्ध' (Net) मूल्य प्राप्त होता है।

(v) भारत में वित्तीय वर्ष की अवधि ________ से 31 मार्च तक होती है।
1 अप्रैल
विवरण: भारत में लेखांकन और बजट के लिए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होता है।

(vi) व्यापार संतुलन में केवल ________ वस्तुओं का आयात-निर्यात शामिल होता है।
दृश्य (Visible)
विवरण: व्यापार संतुलन (Balance of Trade) केवल भौतिक वस्तुओं के लेनदेन को रिकॉर्ड करता है, सेवाओं को नहीं।
प्र.3. सत्य/असत्य का चयन कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) मांग वक्र सामान्यतः नीचे की ओर झुकता है।
सत्य
विवरण: कीमत और मांग के बीच विपरीत संबंध होने के कारण मांग वक्र का ढलान ऋणात्मक (बाएं से दाएं नीचे) होता है।

(ii) समष्टि अर्थशास्त्र में व्यक्तिगत इकाइयों का अध्ययन किया जाता है।
असत्य
विवरण: समष्टि अर्थशास्त्र (Macroeconomics) में संपूर्ण अर्थव्यवस्था (समग्र इकाइयों) का अध्ययन होता है, न कि व्यक्तिगत।

(iii) सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPC) का मान सदैव 1 से अधिक होता है।
असत्य
विवरण: MPC का मान हमेशा 0 और 1 के बीच होता है, क्योंकि व्यक्ति अपनी बढ़ी हुई आय का एक हिस्सा ही उपभोग करता है, पूरा नहीं।

(iv) बजट सरकार का वार्षिक वित्तीय विवरण होता है।
सत्य
विवरण: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार बजट 'वार्षिक वित्तीय विवरण' है जिसमें आय और व्यय का ब्यौरा होता है।

(v) भुगतान संतुलन सदैव संतुलित रहता है।
सत्य (लेखांकन की दृष्टि से)
विवरण: बहीखाते के अर्थ में (Accounting sense) भुगतान संतुलन (BOP) हमेशा संतुलित होता है, हालांकि आर्थिक दृष्टि से इसमें घाटा या आधिक्य हो सकता है।

(vi) स्थिर लागत को पूरक लागत भी कहते हैं।
सत्य
विवरण: स्थिर लागतें उत्पादन के स्तर के साथ नहीं बदलतीं और इन्हें पूरक या ऊपरी लागत (Overhead Cost) भी कहा जाता है।
प्र.4. सही जोड़ी मिलाइए: (1×7 = 7 अंक)
(i) प्रवाह (Flow)   -> (क) 1/(1-MPC)
(ii) स्टॉक (Stock)   -> (ख) एक निश्चित समय बिंदु
(iii) गुणक (Multiplier)   -> (ग) आय और उपभोग का संबंध
(iv) कीन्स का नियम   -> (घ) समय अवधि
(v) खुली अर्थव्यवस्था   -> (ङ) आय-व्यय बराबर
(vi) संतुलित बजट   -> (च) शेष विश्व से व्यापार
(vii) घाटे का बजट   -> (छ) व्यय > आय
सही मिलान:
1. प्रवाह (Flow) → (घ) समय अवधि (जैसे प्रति वर्ष, प्रति माह)
2. स्टॉक (Stock) → (ख) एक निश्चित समय बिंदु (जैसे 31 मार्च को गोदाम में माल)
3. गुणक (Multiplier) → (क) 1/(1-MPC) (निवेश गुणक का सूत्र)
4. कीन्स का नियम → (ग) आय और उपभोग का संबंध (उपभोग फलन)
5. खुली अर्थव्यवस्था → (च) शेष विश्व से व्यापार (आयात-निर्यात होना)
6. संतुलित बजट → (ङ) आय-व्यय बराबर
7. घाटे का बजट → (छ) व्यय > आय
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) व्यष्टि और समष्टि अर्थशास्त्र एक दूसरे के क्या हैं?
पूरक (Complementary)

(ii) उत्पादन के साधनों की मांग किस प्रकार की होती है?
व्युत्पन्न मांग (Derived Demand) - क्योंकि यह अंतिम वस्तु की मांग पर निर्भर करती है।

(iii) बाजार में एक ही विक्रेता होने की स्थिति क्या कहलाती है?
एकाधिकार (Monopoly)

(iv) GDP का पूरा नाम लिखिए।
सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product)

(v) भारत में मुद्रा जारी करने का अधिकार किसे है?
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) - ₹1 के नोट को छोड़कर

(vi) सरकार द्वारा करों (Taxes) से प्राप्त आय को क्या कहते हैं?
राजस्व प्राप्ति (Revenue Receipt)

(vii) विदेशी विनिमय दर का निर्धारण कहाँ होता है?
विदेशी विनिमय बाजार में (मांग और पूर्ति द्वारा)
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. अवसर लागत (Opportunity Cost) किसे कहते हैं?
अथवा
बाजार अर्थव्यवस्था से क्या आशय है?
उत्तर: किसी साधन के प्रयोग की अवसर लागत उसके 'अगले सर्वश्रेष्ठ वैकल्पिक प्रयोग' का मूल्य है जिसे त्याग दिया गया है। इसे 'त्याग की लागत' भी कहते हैं।

(अथवा) उत्तर: वह अर्थव्यवस्था जिसमें आर्थिक निर्णय (क्या, कैसे, किसके लिए उत्पादन करें) बाजार की शक्तियों (मांग और पूर्ति) द्वारा स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं, बाजार अर्थव्यवस्था कहलाती है।
प्र.7. सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम क्या है?
अथवा
मांग का नियम लिखिए।
उत्तर: जैसे-जैसे उपभोक्ता किसी वस्तु की इकाइयों का लगातार उपभोग करता है, वैसे-वैसे प्रत्येक अगली इकाई से मिलने वाली सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।

(अथवा) उत्तर: अन्य बातें समान रहने पर, किसी वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी मांग घटती है और कीमत घटने पर उसकी मांग बढ़ती है।
प्र.8. उत्पादन फलन (Production Function) किसे कहते हैं?
अथवा
स्थिर लागत और परिवर्तनशील लागत में दो अंतर लिखिए।
उत्तर: उत्पादन के साधनों (आगतों) और उत्पादन की मात्रा (निर्गत) के बीच के भौतिक या तकनीकी संबंध को उत्पादन फलन कहते हैं। Q = f(L, K)

(अथवा) उत्तर: 1. स्थिर लागत उत्पादन बंद होने पर भी शून्य नहीं होती, परिवर्तनशील लागत शून्य हो जाती है।
2. स्थिर लागत अल्पकाल में नहीं बदलती, परिवर्तनशील लागत उत्पादन के साथ बदलती है।
प्र.9. पूर्ति का नियम क्या है?
अथवा
बाजार संतुलन किसे कहते हैं?
उत्तर: अन्य बातें समान रहने पर, वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी पूर्ति बढ़ती है और कीमत घटने पर पूर्ति घटती है। (कीमत और पूर्ति में सीधा संबंध होता है)।

(अथवा) उत्तर: यह वह स्थिति है जहाँ बाजार मांग और बाजार पूर्ति एक-दूसरे के बराबर होते हैं। इस बिंदु पर निर्धारित कीमत को संतुलन कीमत कहते हैं।
प्र.10. समष्टि अर्थशास्त्र की कोई दो विशेषताएं लिखिए।
अथवा
पूंजीवादी अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं?
उत्तर: 1. इसमें संपूर्ण अर्थव्यवस्था का अध्ययन किया जाता है।
2. इसका मुख्य यंत्र 'राष्ट्रीय आय' विश्लेषण है।

(अथवा) उत्तर: ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व होता है और आर्थिक निर्णय लाभ कमाने के उद्देश्य से लिए जाते हैं।
प्र.11. राष्ट्रीय आय को परिभाषित कीजिए।
अथवा
दोहरी गणना (Double Counting) की समस्या क्या है?
उत्तर: एक लेखा वर्ष में किसी देश की घरेलू सीमा के भीतर तथा विदेशों से अर्जित शुद्ध साधन आय के कुल योग को राष्ट्रीय आय कहते हैं।

(अथवा) उत्तर: राष्ट्रीय आय की गणना करते समय जब एक ही वस्तु का मूल्य एक से अधिक बार जुड़ जाता है, तो उसे दोहरी गणना की समस्या कहते हैं। इससे राष्ट्रीय आय का सही अनुमान नहीं लग पाता।
प्र.12. मुद्रा के दो प्रमुख कार्य लिखिए।
अथवा
वस्तु विनिमय प्रणाली की दो कठिनाइयाँ लिखिए।
उत्तर: 1. विनिमय का माध्यम (Medium of Exchange)।
2. मूल्य का मापक (Measure of Value)।

(अथवा) उत्तर: 1. आवश्यकताओं के दोहरे संयोग का अभाव।
2. मूल्य के सर्वमान्य मापक का अभाव।
प्र.13. समग्र मांग (Aggregate Demand) किसे कहते हैं?
अथवा
उपभोग फलन क्या है?
उत्तर: एक अर्थव्यवस्था में एक लेखा वर्ष के दौरान वस्तुओं और सेवाओं की खरीद पर किए जाने वाले कुल व्यय को समग्र मांग कहते हैं। (AD = C + I + G + X-M)

(अथवा) उत्तर: आय और उपभोग के बीच के फलनात्मक संबंध को उपभोग फलन कहते हैं। (C = f(Y))। यह बताता है कि आय बढ़ने पर उपभोग कैसे बढ़ता है।
प्र.14. सरकारी बजट के दो उद्देश्य लिखिए।
अथवा
राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय में अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. संसाधनों का पुनरावंटन (Reallocation of Resources)।
2. आय और संपत्ति की असमानता को कम करना।

(अथवा) उत्तर: राजस्व व्यय से न तो संपत्ति का निर्माण होता है और न ही दायित्व कम होते हैं (जैसे वेतन, पेंशन)। पूंजीगत व्यय से संपत्ति का निर्माण होता है या दायित्व कम होते हैं (जैसे पुल बनाना, ऋण चुकाना)।
प्र.15. भुगतान संतुलन और व्यापार संतुलन में दो अंतर लिखिए।
अथवा
विदेशी विनिमय दर किसे कहते हैं?
उत्तर: 1. व्यापार संतुलन में केवल दृश्य वस्तुओं का आयात-निर्यात होता है, भुगतान संतुलन में दृश्य और अदृश्य (सेवाएं) दोनों शामिल होते हैं।
2. व्यापार संतुलन भुगतान संतुलन का एक छोटा हिस्सा है।

(अथवा) उत्तर: वह दर जिस पर एक देश की मुद्रा का दूसरे देश की मुद्रा के साथ विनिमय किया जाता है, विदेशी विनिमय दर कहलाती है। (जैसे 1$ = ₹83)।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. राष्ट्रीय आय गणना की 'आय विधि' को समझाइए।
अथवा
सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर संकेत (आय विधि): इस विधि में उत्पादन के साधनों (भूमि, श्रम, पूंजी, उद्यम) को मिलने वाले प्रतिफल (लगान, मजदूरी, ब्याज, लाभ) को जोड़ा जाता है।
NDP_FC = कर्मचारियों का पारिश्रमिक + प्रचालन अधिशेष (लगान+ब्याज+लाभ) + मिश्रित आय।
इसके बाद इसमें विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA) जोड़कर राष्ट्रीय आय (NNP_FC) ज्ञात की जाती है।

(अथवा) उत्तर संकेत (GDP vs GNP): GDP: एक देश की घरेलू सीमा के भीतर उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का बाजार मूल्य। इसमें विदेशियों द्वारा देश के अंदर किया गया उत्पादन भी शामिल है।
GNP: एक देश के 'सामान्य निवासियों' द्वारा उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य, चाहे वे देश के भीतर हों या बाहर।
GNP = GDP + विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA)।
प्र.17. केंद्रीय बैंक के किन्हीं तीन कार्यों का वर्णन कीजिए।
अथवा
व्यापारिक बैंक साख सृजन (Credit Creation) कैसे करते हैं? समझाइए।
उत्तर संकेत (केंद्रीय बैंक के कार्य): 1. नोट निर्गमन: देश की मुद्रा जारी करने का एकाधिकार।
2. सरकार का बैंकर: सरकार के खाते रखना और उसे सलाह देना।
3. बैंकों का बैंक: व्यापारिक बैंकों को ऋण देना और उनके नकद कोषों का संरक्षक होना।
(अंतिम ऋणदाता का कार्य भी लिख सकते हैं)।

(अथवा) उत्तर संकेत (साख सृजन): बैंक अपनी प्रारंभिक जमाओं के आधार पर कई गुना अधिक ऋण देते हैं। वे जानते हैं कि सभी जमाकर्ता एक साथ पैसा नहीं निकालेंगे। वे एक निश्चित आरक्षित अनुपात (CRR/SLR) रखकर शेष राशि ऋण के रूप में देते हैं। यह ऋण पुनः बैंक में जमा के रूप में आता है और फिर से ऋण दिया जाता है।
कुल साख सृजन = प्रारंभिक जमा × (1 / आरक्षित अनुपात)।
प्र.18. ह्रासमान सीमांत उत्पाद नियम (Law of Diminishing Marginal Product) को चित्र सहित समझाइए।
अथवा
पैमाने के प्रतिफल (Returns to Scale) की तीन अवस्थाओं को समझाइए।
उत्तर संकेत (ह्रासमान नियम): अल्पकाल में जब स्थिर साधन के साथ परिवर्तनशील साधन की इकाइयां बढ़ाई जाती हैं, तो एक सीमा के बाद सीमांत उत्पाद (MP) घटने लगता है।
(छात्रों को TP और MP का वक्र बनाना है और दिखाना है कि MP कैसे गिरता है और ऋणात्मक हो जाता है)।

(अथवा) उत्तर संकेत (पैमाने के प्रतिफल): दीर्घकाल में सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं।
1. बढ़ते प्रतिफल: उत्पादन में वृद्धि साधनों में वृद्धि के अनुपात से अधिक होती है।
2. स्थिर प्रतिफल: उत्पादन में वृद्धि साधनों में वृद्धि के समान अनुपात में होती है।
3. घटते प्रतिफल: उत्पादन में वृद्धि साधनों में वृद्धि के अनुपात से कम होती है।
प्र.19. पूर्ण प्रतियोगिता के तीन लक्षण लिखिए।
अथवा
कीमत सीमा (Price Ceiling) और कीमत तल (Price Floor) का अर्थ समझाइए।
उत्तर संकेत (पूर्ण प्रतियोगिता): 1. क्रेताओं और विक्रेताओं की अधिक संख्या: कोई भी अकेले बाजार कीमत को प्रभावित नहीं कर सकता।
2. समरूप वस्तुएं: सभी फर्में एक जैसी वस्तुएं बेचती हैं।
3. प्रवेश और निकास की स्वतंत्रता: कोई भी फर्म उद्योग में आ सकती है या जा सकती है।

(अथवा) उत्तर संकेत: कीमत सीमा (Ceiling): सरकार द्वारा आवश्यक वस्तुओं (जैसे गेहूं, दवा) की अधिकतम कीमत तय करना जो संतुलन कीमत से कम होती है, ताकि गरीबों को सस्ती वस्तु मिले।
कीमत तल (Floor): सरकार द्वारा वस्तुओं (जैसे कृषि उपज) की न्यूनतम कीमत तय करना जो संतुलन कीमत से अधिक होती है, ताकि उत्पादकों को नुकसान न हो (न्यूनतम समर्थन मूल्य)।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. मांग की कीमत लोच को परिभाषित कीजिए। इसे प्रभावित करने वाले चार कारक लिखिए।
अथवा
तटस्थता वक्र (Indifference Curve) की विशेषताएं (गुण) लिखिए।
उत्तर संकेत (मांग की लोच): कीमत में प्रतिशत परिवर्तन के फलस्वरूप मांग मात्रा में होने वाले प्रतिशत परिवर्तन का माप।
कारक: 1. वस्तु की प्रकृति (अनिवार्य/विलासिता), 2. स्थानापन्न वस्तुओं की उपलब्धता, 3. वस्तु के विविध उपयोग, 4. उपभोक्ता की आय का स्तर।

(अथवा) उत्तर संकेत (तटस्थता वक्र): 1. यह बाएं से दाएं नीचे की ओर गिरता है (ऋणात्मक ढलान)।
2. यह मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर (Convex) होता है।
3. दो तटस्थता वक्र कभी एक-दूसरे को नहीं काटते।
4. ऊंचा तटस्थता वक्र संतुष्टि के ऊंचे स्तर को दर्शाता है।
प्र.21. आय और रोजगार निर्धारण में 'न्यून मांग' (Deficient Demand) की समस्या को समझाइए। इसे ठीक करने के उपाय लिखिए।
अथवा
निवेश गुणक (Investment Multiplier) की क्रियाविधि को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर संकेत (न्यून मांग): जब समग्र मांग (AD), पूर्ण रोजगार स्तर के लिए आवश्यक समग्र पूर्ति (AS) से कम होती है। इससे 'अवस्फीतिक अंतराल' (Deflationary Gap) पैदा होता है।
उपाय: राजकोषीय नीति (सरकारी व्यय बढ़ाना, कर घटाना) और मौद्रिक नीति (बैंक दर कम करना, CRR घटाना)।

(अथवा) उत्तर संकेत (गुणक): निवेश में वृद्धि होने पर राष्ट्रीय आय में निवेश से कई गुना अधिक वृद्धि होती है। इसे गुणक (K) कहते हैं।
K = 1 / (1 - MPC)।
क्रियाविधि: एक व्यक्ति का व्यय दूसरे की आय बनता है। यदि MPC 0.5 है और निवेश 100 करोड़ बढ़ता है, तो आय 200 करोड़ बढ़ेगी (K=2)।
प्र.22. अनधिमान वक्र विश्लेषण (Indifference Curve Analysis) द्वारा उपभोक्ता के संतुलन को समझाइए।
अथवा
उपयोगिता ह्रास नियम (Law of Diminishing Marginal Utility) के अपवाद और महत्व लिखिए।
उत्तर संकेत (उपभोक्ता संतुलन): उपभोक्ता उस बिंदु पर संतुलन में होता है जहाँ:
1. बजट रेखा, अनधिमान वक्र को स्पर्श करती है (Tangency point)।
2. स्पर्श बिंदु पर प्रतिस्थापन की सीमांत दर (MRS) कीमत अनुपात (Px/Py) के बराबर होती है।
3. संतुलन बिंदु पर अनधिमान वक्र मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर होना चाहिए। (चित्र बनाना आवश्यक है)।

(अथवा) उत्तर संकेत: अपवाद: दुर्लभ वस्तुएं/सिक्के, नशीली वस्तुएं, संगीत/कविता (प्रारंभ में)।
महत्व: मांग के नियम का आधार, कर प्रणाली में उपयोगी, उपभोक्ता की बचत का आधार।
प्र.23. राष्ट्रीय आय मापने की 'व्यय विधि' (Expenditure Method) का विस्तार से वर्णन कीजिए।
अथवा
परिवर्ती अनुपात के नियम (Law of Variable Proportions) की तीनों अवस्थाओं की सचित्र व्याख्या कीजिए।
उत्तर संकेत (व्यय विधि): इसमें अर्थव्यवस्था में अंतिम वस्तुओं और सेवाओं पर किए गए कुल व्यय को जोड़ा जाता है।
GDP_MP = C + I + G + (X - M)
C = निजी अंतिम उपभोग व्यय, I = सकल घरेलू पूंजी निर्माण (निवेश), G = सरकारी अंतिम उपभोग व्यय, X-M = शुद्ध निर्यात।
राष्ट्रीय आय निकालने के लिए: NNP_FC = GDP_MP - मूल्यह्रास + NFIA - शुद्ध अप्रत्यक्ष कर।

(अथवा) उत्तर संकेत (परिवर्ती अनुपात): चित्र में TP, AP और MP वक्र बनाएं।
अवस्था 1 (बढ़ते प्रतिफल): TP बढ़ती दर से बढ़ता है, MP बढ़ता है।
अवस्था 2 (घटते प्रतिफल): TP घटती दर से बढ़ता है, MP गिरता है पर धनात्मक रहता है (यहीं उत्पादक संतुलन में होता है)।
अवस्था 3 (ऋणात्मक प्रतिफल): TP घटने लगता है, MP ऋणात्मक हो जाता है।
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⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं। वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है। छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।

📘 MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र मॉडल पेपर (Arts & Commerce)

नीचे दिए गए सभी Economics Model Paper (Set A–D) नवीनतम MP Board सिलेबस एवं परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।

Tip: सभी Set A–D का अभ्यास करने से बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की संभावना बढ़ती है।

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MP Board कक्षा 12वीं – व्यवसाय अध्ययन मॉडल पेपर (Set D)

MP Board Class 12 Business Studies – Set D Model Paper 2025–26

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Class 12th Business Studies Model Paper Set D

MP Board कक्षा 12वीं – व्यवसाय अध्ययन मॉडल पेपर (Set D)

MP Board कक्षा 12वीं व्यवसाय अध्ययन (Business Studies) – Set D मॉडल प्रश्न पत्र

बोर्ड परीक्षा से पहले अंतिम अभ्यास और संपूर्ण पुनरावृत्ति के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

यह Set D उन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो

Set A, B और C का अभ्यास कर चुके हैं और

अब परीक्षा-स्तर के प्रश्नों के साथ स्वयं का आकलन करना चाहते हैं।

🔹 Set D की प्रमुख विशेषताएँ

✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर पूर्णतः आधारित

✔️ Set D के अनुसार नए व मिश्रित प्रश्न

✔️ केस-स्टडी, विश्लेषणात्मक एवं उच्च-स्तरीय प्रश्न शामिल

✔️ उत्तर लेखन, गति और समय प्रबंधन में सहायक

✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी

विवरण

  • कक्षा: 12वीं
  • विषय: व्यवसाय अध्ययन (Business Studies)
  • मॉडल पेपर: Set D
  • बोर्ड: MP Board

इस Set D मॉडल पेपर के अभ्यास से विद्यार्थी वास्तविक बोर्ड परीक्षा जैसा अनुभव प्राप्त करते हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा में प्रश्नों को रणनीति के साथ हल करने में मदद मिलती है।

Business Studies Model Paper 12th (Set-B) - Sandipani Vidyalaya

कक्षा 12वीं - व्यवसाय अध्ययन

(मॉडल पेपर: सेट-D)

Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे

खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) "प्रबंध एक पेशा है" यह कथन किसका है?
(अ) जॉर्ज आर. टेरी (ब) अमेरिकन प्रबंध एसोसिएशन (स) हेनरी फेयोल (द) पीटर ड्रकर
👉 (ब) अमेरिकन प्रबंध एसोसिएशन

(ii) मानसिक क्रांति (Mental Revolution) का संबंध है:
(अ) वैज्ञानिक प्रबंध से (ब) प्रशासनिक प्रबंध से (स) विपणन प्रबंध से (द) इनमें से कोई नहीं
👉 (अ) वैज्ञानिक प्रबंध से

(iii) भारत में उदारीकरण की नीति रही है:
(अ) सफल (ब) असफल (स) पूर्णतः असफल (द) आंशिक सफल
👉 (अ) सफल

(iv) प्रशिक्षण में बल दिया जाता है:
(अ) सैद्धांतिक ज्ञान पर (ब) सामान्य ज्ञान पर (स) सर्वांगीण विकास पर (द) व्यावहारिक ज्ञान पर
👉 (द) व्यावहारिक ज्ञान पर

(v) विपणन मिश्रण (Marketing Mix) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया?
(अ) फिलिप कोटलर (ब) नील एच. बोर्डेन (स) मेकार्थी (द) विलियम जे. स्टेंटन
👉 (ब) नील एच. बोर्डेन

(vi) राज्य आयोग में विवादों के निपटारे की राशि सीमा क्या है?
(अ) 1 करोड़ तक (ब) 10 करोड़ से अधिक (स) 1 करोड़ से 10 करोड़ तक (द) 20 लाख तक
👉 (स) 1 करोड़ से 10 करोड़ तक (2019 अधिनियम अनुसार)
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) प्रबंध के सिद्धांतों का प्रतिपादन ________ द्वारा किया जाता है।
अनुभव/शोध

(ii) भारत में नई औद्योगिक नीति ________ में घोषित की गई।
जुलाई 1991

(iii) नियोजन एक ________ प्रक्रिया है।
बौद्धिक/सतत

(iv) पदोन्नति भर्ती का ________ स्रोत है।
आंतरिक

(v) भारत में कुल ________ स्कंध विपणि (Stock Exchange) हैं।
23 (मान्यता प्राप्त)

(vi) 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम' को ________ का मैग्नाकार्टा कहा जाता है।
उपभोक्ताओं
प्र.3. सत्य/असत्य लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) समन्वय प्रबंध का कार्य नहीं है, बल्कि सार है।
सत्य

(ii) नियोजन भविष्य को पकड़ने के लिए बनाया गया पिंजरा है।
सत्य

(iii) नियंत्रण द्वारा अनुशासन की स्थापना होती है।
सत्य

(iv) वित्तीय प्रबंध का संबंध केवल धन की प्राप्ति से है।
असत्य (प्राप्ति और उपयोग दोनों से है)

(v) विपणन केवल विक्रय के बाद शुरू होता है।
असत्य (उत्पादन से पहले शुरू होता है)

(vi) उपभोक्ता को अपनी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है।
सत्य
प्र.4. सही जोड़ी बनाइए: (1×7 = 7 अंक)
(क)   -> (ख)
(i) सोपान शृंखला   -> (क) 1992
(ii) गति अध्ययन   -> (ख) दीर्घकालीन वित्त
(iii) योजना   -> (ग) अनौपचारिक संचार
(iv) अंगूरीलता   -> (घ) हेनरी फेयोल
(v) सेबी की स्थापना (वैधानिक)   -> (ङ) एफ.डब्ल्यू. टेलर
(vi) समता अंश   -> (च) वस्तु की पहचान
(vii) ट्रेडमार्क   -> (छ) एक खाका (Blueprint)
सही मिलान:
(i) सोपान शृंखला → (घ) हेनरी फेयोल
(ii) गति अध्ययन → (ङ) एफ.डब्ल्यू. टेलर
(iii) योजना → (छ) एक खाका (Blueprint)
(iv) अंगूरीलता → (ग) अनौपचारिक संचार
(v) सेबी की स्थापना (वैधानिक) → (क) 1992
(vi) समता अंश → (ख) दीर्घकालीन वित्त
(vii) ट्रेडमार्क → (च) वस्तु की पहचान
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) "प्रबंध 5M का समन्वय है" इसमें 'Man' के अलावा एक M का नाम लिखिए।
Machine / Material / Money / Method

(ii) कौन सा संगठन स्वतः निर्मित होता है?
अनौपचारिक संगठन

(iii) रोजगार कार्यालय भर्ती का कौन सा स्रोत है?
बाह्य स्रोत

(iv) नियंत्रण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
योजनानुसार कार्य सुनिश्चित करना / विचलनों को सुधारना।

(v) राजकोषीय बिल (Treasury Bill) की न्यूनतम राशि कितनी होती है?
₹ 25,000

(vi) उपभोक्ता दिवस कब मनाया जाता है?
15 मार्च (विश्व) / 24 दिसंबर (राष्ट्रीय)

(vii) "हमारे ग्राहक ही हमारे राजा हैं" यह किस युग की विचारधारा है?
विपणन युग (Marketing Era)
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. प्रबंध के आर्थिक उद्देश्य लिखिए। (कोई दो)
अथवा
प्रबंध एक सार्वभौमिक प्रक्रिया है। समझाइए।
उत्तर: 1. जीवित रहना (Survival): बाजार में टिके रहना।
2. लाभ कमाना (Profit): जोखिमों को कवर करने के लिए।
3. विकास (Growth): व्यवसाय का विस्तार करना।
उत्तर: प्रबंध के सिद्धांत और तकनीकें केवल व्यावसायिक उपक्रमों में ही नहीं, बल्कि गैर-व्यावसायिक संस्थाओं (जैसे स्कूल, अस्पताल, क्लब, सेना) में भी समान रूप से लागू होती हैं, चाहे वे विश्व के किसी भी भाग में हों।
प्र.7. निजीकरण (Privatization) के दो लाभ लिखिए।
अथवा
व्यावसायिक पर्यावरण की गतिशीलता (Dynamic Nature) से क्या आशय है?
उत्तर: 1. कार्यकुशलता में वृद्धि: निजी क्षेत्र लाभ के लिए कार्य करता है, जिससे दक्षता बढ़ती है।
2. राजकोषीय बोझ में कमी: सरकार को घाटे वाले उपक्रमों को चलाने का बोझ नहीं उठाना पड़ता।
उत्तर: व्यावसायिक पर्यावरण स्थिर नहीं रहता, यह निरंतर बदलता रहता है। तकनीकी सुधार, उपभोक्ताओं की रुचि में बदलाव, और नए प्रतियोगियों का प्रवेश इसे गतिशील बनाते हैं।
प्र.8. बजट (Budget) क्या है?
अथवा
व्यूहरचना (Strategy) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: बजट एक एकल प्रयोग योजना है जो भविष्य की किसी निश्चित अवधि के लिए अपेक्षित परिणामों का संख्यात्मक विवरण (Quantitative Statement) होती है।
उत्तर: व्यूहरचना एक व्यापक योजना है जो संगठन के दीर्घकालीन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बनाई जाती है। इसमें कार्य की दिशा तय करना और संसाधनों का आवंटन शामिल है।
प्र.9. प्रभागीय संगठन (Divisional Structure) क्या है?
अथवा
अधिकार अंतरण के दो तत्व लिखिए।
उत्तर: जब संगठन का ढांचा मुख्य उत्पादों या भौगोलिक क्षेत्रों के आधार पर बनाया जाता है, तो उसे प्रभागीय संगठन कहते हैं। प्रत्येक प्रभाग अपने आप में एक स्वायत्त इकाई होता है।
उत्तर: 1. अधिकार (Authority): आदेश देने की शक्ति।
2. उत्तरदायित्व (Responsibility): कार्य पूरा करने का कर्तव्य।
प्र.10. मानव संसाधन प्रबंध (HRM) की परिभाषा लिखिए।
अथवा
चयन परीक्षा (Selection Test) के दो प्रकार लिखिए।
उत्तर: मानव संसाधन प्रबंध वह प्रक्रिया है जिसमें कर्मचारियों की प्राप्ति, विकास, क्षतिपूर्ति, एकीकरण और रख-रखाव शामिल है ताकि संगठनात्मक लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
उत्तर: 1. बुद्धिमत्ता परीक्षा (Intelligence Test)।
2. कौशल/प्रवणता परीक्षा (Aptitude Test)।
प्र.11. संचार (Communication) के दो कार्य लिखिए।
अथवा
नेतृत्व (Leadership) के दो गुण लिखिए।
उत्तर: 1. सूचनाओं का आदान-प्रदान करना।
2. कर्मचारियों को अभिप्रेरित और निर्देशित करना।
उत्तर: 1. पहल क्षमता (Initiative)।
2. आत्मविश्वास (Self-confidence)।
प्र.12. 'प्रबंधकीय नियंत्रण' से क्या आशय है?
अथवा
लागत नियंत्रण (Cost Control) क्या है?
उत्तर: यह वास्तविक परिणामों की इच्छित परिणामों (मानकों) के साथ तुलना करने और विचलनों को सुधारने की प्रक्रिया है ताकि लक्ष्य प्राप्त हो सकें।
उत्तर: यह सुनिश्चित करने की प्रक्रिया है कि उत्पादन या सेवा की लागत पूर्व-निर्धारित बजट या मानकों से अधिक न हो।
प्र.13. वित्तीय निर्णय (Financial Decision) को परिभाषित कीजिए।
अथवा
पूँजीकरण (Capitalization) से क्या आशय है?
उत्तर: वित्तीय निर्णय का संबंध यह तय करने से है कि व्यवसाय के लिए आवश्यक वित्त किन स्रोतों से, कितनी मात्रा में और किस समय प्राप्त किया जाएगा।
उत्तर: पूँजीकरण का अर्थ कंपनी द्वारा व्यवसाय में विनियोजित दीर्घकालीन कोषों (अंश, ऋणपत्र, संचय) के कुल मूल्य से है।
प्र.14. 'लेबलिंग' (Labelling) के दो कार्य लिखिए।
अथवा
जनसंपर्क (Public Relations) क्या है?
उत्तर: 1. उत्पाद और ब्रांड की पहचान करना।
2. उत्पाद की विशेषताओं और उपयोग विधि का वर्णन करना।
उत्तर: जनसंपर्क एक प्रबंधन कार्य है जो संगठन और उसके विभिन्न हितधारकों (जनता) के बीच आपसी समझ और सद्भावना बनाए रखने में मदद करता है।
प्र.15. उपभोक्ता संरक्षण की आवश्यकता क्यों है? (दो बिंदु)
अथवा
उपभोक्ता शिकायत कहाँ दर्ज करा सकता है?
उत्तर: 1. उपभोक्ताओं को अनुचित व्यापार व्यवहारों से बचाने के लिए।
2. उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के लिए।
उत्तर: दावे की राशि के आधार पर जिला आयोग, राज्य आयोग या राष्ट्रीय आयोग में।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. प्रबंध एक विज्ञान के रूप में समझाइए।
अथवा
टेलर की 'विभेदात्मक पारिश्रमिक प्रणाली' (Differential Piece Wage System) को समझाइए।
उत्तर: प्रबंध एक विज्ञान है क्योंकि:
1. क्रमबद्ध ज्ञान समूह: इसके अपने सिद्धांत और नियम हैं।
2. परीक्षण पर आधारित: इसके सिद्धांत अवलोकन और प्रयोगों से विकसित हुए हैं।
3. व्यापक वैधता: इसके सिद्धांत हर जगह लागू होते हैं। (हालाँकि यह एक पूर्ण विज्ञान नहीं, बल्कि व्यवहारिक विज्ञान है)।
उत्तर: टेलर ने सुझाव दिया कि कुशल और अकुशल श्रमिकों को अलग-अलग दरों से मजदूरी मिलनी चाहिए। जो श्रमिक मानक उत्पादन (Standard Output) या उससे अधिक करते हैं, उन्हें ऊँची दर से, और जो कम करते हैं, उन्हें नीची दर से भुगतान किया जाना चाहिए। इससे अकुशल श्रमिक अधिक काम करने के लिए प्रेरित होते हैं।
प्र.17. अंगूरीलता (Grapevine) संचार क्या है? इसके गुण-दोष लिखिए।
अथवा
एक अच्छे नेता के गुणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: अनौपचारिक संचार नेटवर्क को 'अंगूरीलता' कहते हैं क्योंकि इसका कोई निश्चित मार्ग नहीं होता।
गुण: यह बहुत तेज होता है और सामाजिक संतुष्टि देता है।
दोष: इसमें अफवाहें फैलती हैं और सूचना विकृत हो सकती है।
उत्तर: 1. शारीरिक विशेषताएँ: अच्छा स्वास्थ्य और ऊर्जावान।
2. ज्ञान: अपने क्षेत्र और कार्य का पूरा ज्ञान।
3. सत्यनिष्ठा: उच्च नैतिक चरित्र और ईमानदारी।
4. संचार कौशल: अपनी बात को स्पष्ट रूप से समझाने की क्षमता।
प्र.18. पूँजी संरचना को प्रभावित करने वाले तीन कारक लिखिए।
अथवा
वित्तीय प्रबंध के महत्व के तीन बिंदु लिखिए।
उत्तर: 1. रोकड़ प्रवाह स्थिति: यदि नकदी प्रवाह मजबूत है, तो ऋण (Debt) का उपयोग किया जा सकता है।
2. ब्याज आवरण अनुपात (ICR): अधिक ICR होने पर अधिक ऋण लिया जा सकता है।
3. कर की दर: ऊँची कर दर होने पर ऋण सस्ता पड़ता है (ब्याज कर-कटौती योग्य है)।
उत्तर: 1. वित्तीय आवश्यकताओं का अनुमान: यह सही मात्रा में फंड का अनुमान लगाने में मदद करता है।
2. पूँजी संरचना का निर्धारण: ऋण और समता का सही मिश्रण तय करना।
3. वित्तीय नियंत्रण: निधियों के दुरुपयोग को रोकना।
प्र.19. 'उत्पाद मिश्र' (Product Mix) के घटकों को समझाइए।
अथवा
विपणन प्रबंधन दर्शन (Marketing Management Philosophies) की किन्हीं तीन अवधारणाओं को लिखिए।
उत्तर: उत्पाद मिश्र में उत्पाद से संबंधित निर्णय शामिल हैं:
1. ब्रांडिंग: उत्पाद का नाम, चिह्न या डिजाइन तय करना।
2. पैकेजिंग: उत्पाद के कंटेनर या रैपर का डिजाइन।
3. लेबलिंग: पैकेज पर सूचनात्मक लेबल लगाना।
उत्तर: 1. उत्पादन अवधारणा: सस्ते और व्यापक रूप से उपलब्ध उत्पादों पर जोर।
2. उत्पाद अवधारणा: उत्पाद की गुणवत्ता और विशेषताओं पर जोर।
3. विपणन अवधारणा: ग्राहक की आवश्यकताओं को पहचानकर उन्हें संतुष्ट करना।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. "नियोजन एक सतत प्रक्रिया है।" इस कथन की व्याख्या कीजिए और नियोजन की अन्य तीन विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
अथवा
नियोजन की सीमाओं को दूर करने के उपाय सुझाइए।
उत्तर: नियोजन कभी समाप्त नहीं होता। एक योजना पूरी होने पर नई अवधि या नए लक्ष्य के लिए नई योजना बनाई जाती है। व्यावसायिक वातावरण बदलने पर योजनाओं में संशोधन करना पड़ता है।
अन्य विशेषताएँ: 1. लक्ष्य-उन्मुखी (Focus on objectives)। 2. सर्वव्यापक (Pervasive)। 3. भविष्यवादी (Futuristic)।
उत्तर: 1. योजनाओं को लोचशील (Flexible) बनाना चाहिए ताकि बदलाव किए जा सकें।
2. नियोजन प्रक्रिया में बहुत अधिक समय और लागत नहीं लगनी चाहिए।
3. पर्यावरण का निरंतर स्कैनिंग (Environment Scanning) करना चाहिए।
4. अधीनस्थों को भी नियोजन में शामिल करना चाहिए ताकि वे पहल कर सकें।
प्र.21. विकेंद्रीकरण के महत्व के चार बिंदु लिखिए।
अथवा
अनौपचारिक संगठन के गुण और दोष (दो-दो) लिखिए।
उत्तर: 1. शीघ्र निर्णय: निर्णय बिंदु क्रिया के स्थान के पास होता है।
2. उच्च प्रबंधन का भार कम: वे नियमित कार्यों से मुक्त होकर महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों पर ध्यान दे सकते हैं।
3. भविष्य के लिए प्रबंधकीय प्रतिभा का विकास: अधीनस्थों को निर्णय लेने का अनुभव मिलता है।
4. बेहतर नियंत्रण: प्रत्येक विभाग के प्रदर्शन का मूल्यांकन आसान होता है।
गुण: 1. तीव्र संचार (तेजी से सूचना फैलती है)। 2. सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति (मित्रता, अपनापन)।
दोष: 1. अफवाहें फैलती हैं। 2. परिवर्तन का विरोध होता है (समूह के मानदंडों के कारण)।
प्र.22. भर्ती के बाह्य स्रोतों के लाभ और सीमाएँ लिखिए (दो-दो)।
अथवा
प्रशिक्षण और विकास (Training and Development) में चार अंतर लिखिए।
लाभ: 1. योग्य कर्मचारी: विस्तृत क्षेत्र से चयन होने के कारण योग्यतम व्यक्ति मिलते हैं। 2. नई प्रतिभा (Fresh Talent): नए विचार और खून संगठन में आता है।
सीमाएँ: 1. महंगा: विज्ञापन और चयन प्रक्रिया में खर्च होता है। 2. वर्तमान कर्मचारियों में असंतोष: उनकी पदोन्नति के अवसर कम हो जाते हैं।
उत्तर: 1. उद्देश्य: प्रशिक्षण वर्तमान कार्य कौशल सुधारने के लिए है, विकास समग्र व्यक्तित्व और भविष्य की जिम्मेदारी के लिए है।
2. क्षेत्र: प्रशिक्षण का क्षेत्र संकुचित है, विकास का व्यापक है।
3. अवधि: प्रशिक्षण अल्पकालीन होता है, विकास दीर्घकालीन सतत प्रक्रिया है।
4. पहल: प्रशिक्षण प्रबंधन की पहल पर होता है, विकास व्यक्ति की आंतरिक प्रेरणा पर निर्भर करता है।
प्र.23. मुद्रा बाजार के किन्हीं चार प्रपत्रों (Instruments) का वर्णन कीजिए।
अथवा
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के उद्देश्यों और कार्यों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: 1. ट्रेजरी बिल (T-Bills): सरकार द्वारा अल्पकालीन ऋण के लिए जारी (शून्य कूपन बॉन्ड)।
2. वाणिज्यिक पत्र (Commercial Paper): बड़ी कंपनियों द्वारा जारी असुरक्षित वचन पत्र।
3. मांग मुद्रा (Call Money): बैंकों द्वारा एक-दूसरे से बहुत कम समय (1-15 दिन) के लिए लिया गया ऋण।
4. जमा प्रमाण पत्र (Certificate of Deposit): बैंकों द्वारा जमाकर्ताओं को जारी किया गया परक्राम्य विलेख।
उत्तर: NSE की स्थापना 1992 में हुई।
उद्देश्य: 1. देशव्यापी व्यापार सुविधा प्रदान करना। 2. निष्पक्ष और पारदर्शी बाजार सुनिश्चित करना।
कार्य: यह इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन आधारित ट्रेडिंग सिस्टम प्रदान करता है, जिससे निवेशक देश के किसी भी कोने से शेयर खरीद-बेच सकते हैं। यह निपटान (Settlement) की गति को तेज करता है।

⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं। वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है। छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।

📘 MP Board कक्षा 12वीं व्यवसाय अध्ययन मॉडल पेपर (Arts & Commerce)

नीचे दिए गए सभी Business Study Model Paper (Set A–D) नवीनतम MP Board सिलेबस एवं परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।

Tip: सभी Set A–D का अभ्यास करने से बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की संभावना बढ़ती है।

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MP Board कक्षा 12वीं – व्यवसाय अध्ययन मॉडल पेपर (Set C)

MP Board Class 12 Business Studies – Set C Model Paper 2025–26

MP Board Class 12 Business Studies – Set C Model Paper 2025–26

Class 12th Business Studies Model Paper Set C

MP Board कक्षा 12वीं – व्यवसाय अध्ययन मॉडल पेपर (Set C)

MP Board कक्षा 12वीं व्यवसाय अध्ययन (Business Studies) – Set C मॉडल प्रश्न पत्र विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के अभ्यास हेतु तैयार किया गया है। यह Set C उन छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो

Set A और Set B का अभ्यास करने के बाद अब नई प्रश्न संरचना के साथ अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहते हैं।

🔹 Set C की मुख्य विशेषताएँ

✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर आधारित

✔️ Set C के अनुसार प्रश्नों का अलग संयोजन

✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल

✔️ केस-स्टडी, परिभाषात्मक एवं विश्लेषणात्मक प्रश्न

✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी

विवरण

  • कक्षा: 12वीं
  • विषय: व्यवसाय अध्ययन (Business Studies)
  • मॉडल पेपर: Set C
  • बोर्ड: MP Board

इस Set C मॉडल पेपर के अभ्यास से विद्यार्थी प्रबंधन, संगठन, विपणन एवं वित्त से जुड़े अध्यायों पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में प्रश्नों को बेहतर ढंग से हल करने में सहायता मिलती है। 

Business Studies Model Paper 12th (Set-B) - Sandipani Vidyalaya

कक्षा 12वीं - व्यवसाय अध्ययन

(मॉडल पेपर: सेट-C)

Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे

खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) नीति निर्धारण कार्य है:
(अ) उच्च स्तरीय प्रबंध का (ब) मध्य स्तरीय प्रबंध का (स) निम्न स्तरीय प्रबंध का (द) इनमें से कोई नहीं
👉 (अ) उच्च स्तरीय प्रबंध का

(ii) "प्रबंध के सिद्धांत हैं":
(अ) सार्वभौमिक (ब) लोचशील (स) व्यावहारिक (द) उपरोक्त सभी
👉 (द) उपरोक्त सभी

(iii) भारत में विमुद्रीकरण (Demonetization) कब हुआ?
(अ) 8 नवंबर 2016 (ब) 1 जनवरी 2017 (स) 15 अगस्त 2015 (द) 26 जनवरी 2016
👉 (अ) 8 नवंबर 2016

(iv) नियोजन एक प्रक्रिया है:
(अ) निरंतर (ब) अल्पकालीन (स) आकस्मिक (द) इनमें से कोई नहीं
👉 (अ) निरंतर

(v) विपणन का लाभ है:
(अ) उपभोक्ताओं को (ब) व्यवसायियों को (स) निर्माताओं को (द) सभी को
👉 (द) सभी को

(vi) राष्ट्रीय आयोग में शिकायत की सीमा है:
(अ) 1 करोड़ से कम (ब) 10 करोड़ से अधिक (स) 1 करोड़ से 10 करोड़ (द) इनमें से कोई नहीं
👉 (ब) 10 करोड़ से अधिक (2019 अधिनियम के अनुसार)
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) प्रबंध के सिद्धांतों का जनक ________ को कहा जाता है।
हेनरी फेयोल

(ii) नई आर्थिक नीति में ________ को प्राथमिकता दी गई है।
उदारीकरण/वैश्वीकरण

(iii) नियोजन प्रबंध का ________ कार्य है।
प्राथमिक (Primary)

(iv) प्रशिक्षण एक ________ प्रक्रिया है।
सतत (Continuous)

(v) भारत में मुद्रा बाजार का नियमन ________ करता है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)

(vi) 'जागो ग्राहक जागो' ________ का नारा है।
उपभोक्ता जागरूकता
प्र.3. सत्य/असत्य लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) प्रबंध एक पेशा है।
सत्य

(ii) संगठन में अनुशासन होना आवश्यक नहीं है।
असत्य

(iii) नियुक्तिकरण प्रबंध का एक भाग है।
सत्य

(iv) नियंत्रण एक सतत प्रक्रिया नहीं है।
असत्य (यह सतत है)

(v) सेबी की स्थापना 1988 में हुई थी।
सत्य (वैधानिक दर्जा 1992 में मिला)

(vi) उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 को संशोधित कर 2019 में लागू किया गया।
सत्य
प्र.4. सही जोड़ी बनाइए: (1×7 = 7 अंक)
(क)   -> (ख)
(i) कार्य विभाजन   -> (क) भर्ती का बाह्य स्रोत
(ii) वैश्वीकरण   -> (ख) पदोन्नति
(iii) परिसर भर्ती   -> (ग) विशिष्टीकरण
(iv) मौद्रिक अभिप्रेरणा   -> (घ) प्राथमिक और द्वितीयक बाजार
(v) बजट   -> (ङ) विश्व का एकीकरण
(vi) पूँजी बाजार   -> (च) उत्पाद का नामकरण
(vii) ब्रांडिंग   -> (छ) संख्यात्मक योजना
सही मिलान:
(i) कार्य विभाजन → (ग) विशिष्टीकरण
(ii) वैश्वीकरण → (ङ) विश्व का एकीकरण
(iii) परिसर भर्ती → (क) भर्ती का बाह्य स्रोत
(iv) मौद्रिक अभिप्रेरणा → (ख) पदोन्नति (वेतन वृद्धि)
(v) बजट → (छ) संख्यात्मक योजना
(vi) पूँजी बाजार → (घ) प्राथमिक और द्वितीयक बाजार
(vii) ब्रांडिंग → (च) उत्पाद का नामकरण
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) भारत में किस आर्थिक प्रणाली को अपनाया गया है?
मिश्रित अर्थव्यवस्था

(ii) सोपान शृंखला का उल्लंघन क्या कहलाता है?
समतल संपर्क (Gang Plank)

(iii) नियुक्तिकरण का संबंध किससे है?
मनुष्यों से (मानव संसाधन)

(iv) नियंत्रण प्रक्रिया का प्रथम चरण क्या है?
मानकों का निर्धारण

(v) स्थायी पूँजी की आवश्यकता किस अवधि के लिए होती है?
दीर्घकालीन अवधि

(vi) 'उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम' किस वर्ष पारित हुआ?
1986 (संशोधित 2019)

(vii) विपणन की आधुनिक अवधारणा क्या है?
ग्राहक संतुष्टि (Customer Satisfaction)
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. प्रबंध के सामाजिक उद्देश्य क्या हैं? (कोई दो)
अथवा
समन्वय (Coordination) की परिभाषा लिखिए।
उत्तर: 1. रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।
2. उचित मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता वाली वस्तुएं प्रदान करना।
उत्तर: समन्वय वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक संस्था की विभिन्न क्रियाओं में सामंजस्य स्थापित किया जाता है ताकि संगठनात्मक उद्देश्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सके।
प्र.7. विमुद्रीकरण (Demonetization) के दो उद्देश्य लिखिए।
अथवा
व्यावसायिक पर्यावरण का अर्थ लिखिए।
उत्तर: 1. काले धन पर रोक लगाना।
2. जाली मुद्रा को चलन से बाहर करना।
उत्तर: व्यावसायिक पर्यावरण उन सभी बाह्य शक्तियों, घटकों और संस्थाओं का योग है जो व्यवसाय के संचालन को प्रभावित करती हैं और जिन पर व्यवसाय का कोई नियंत्रण नहीं होता।
प्र.8. एकल प्रयोग योजना और स्थायी योजना में अंतर लिखिए।
अथवा
नियम और नीति में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: एकल प्रयोग योजना किसी विशिष्ट उद्देश्य (जैसे बजट) के लिए एक बार बनाई जाती है। स्थायी योजना बार-बार उत्पन्न होने वाली स्थितियों (जैसे भर्ती नीति) के लिए होती है।
उत्तर: नियम कठोर होते हैं और बताते हैं कि क्या करना है और क्या नहीं (जैसे 'धूम्रपान निषेध')। नीतियाँ सामान्य मार्गदर्शक होती हैं जो निर्णय लेने में मदद करती हैं (जैसे 'नकद बिक्री नीति')।
प्र.9. अधिकार अंतरण और विकेंद्रीकरण में दो अंतर लिखिए।
अथवा
विभागीय संगठन के दो लाभ लिखिए।
उत्तर: 1. प्रकृति: अधिकार अंतरण अनिवार्य है, विकेंद्रीकरण ऐच्छिक (नीतिगत निर्णय) है।
2. क्षेत्र: अंतरण का क्षेत्र संकुचित है (दो व्यक्तियों के बीच), विकेंद्रीकरण का क्षेत्र व्यापक है (पूरे संगठन में)।
उत्तर: 1. विशिष्टीकरण को बढ़ावा मिलता है।
2. कार्यों में समन्वय और नियंत्रण आसान होता है।
प्र.10. भर्ती और चयन में दो अंतर लिखिए।
अथवा
रोजगार कार्यालय के कार्य लिखिए।
उत्तर: 1. प्रकृति: भर्ती एक सकारात्मक प्रक्रिया है (अधिक आवेदन मंगाना), चयन एक नकारात्मक प्रक्रिया है (अयोग्य को हटाना)।
2. क्रम: भर्ती पहले होती है, चयन उसके बाद।
उत्तर: 1. बेरोजगारों का पंजीयन करना।
2. योग्य उम्मीदवारों को रिक्त पदों की जानकारी देना और नियोजकों से मिलाना।
प्र.11. मौद्रिक और अमौद्रिक अभिप्रेरणा में अंतर लिखिए।
अथवा
नेतृत्व की दो शैलियाँ लिखिए।
उत्तर: मौद्रिक अभिप्रेरणा धन (वेतन, बोनस) से संबंधित है। अमौद्रिक अभिप्रेरणा मानसिक संतुष्टि (प्रशंसा, पदोन्नति, सम्मान) से संबंधित है।
उत्तर: 1. निरंकुश नेतृत्व (Autocratic): नेता अकेले निर्णय लेता है।
2. लोकतांत्रिक नेतृत्व (Democratic): नेता अधीनस्थों से सलाह लेकर निर्णय लेता है।
प्र.12. अपवाद द्वारा प्रबंध (Management by Exception) क्या है?
अथवा
नियंत्रण की सीमाओं को लिखिए (कोई दो)।
उत्तर: यह सिद्धांत कहता है कि यदि आप सब कुछ नियंत्रित करने का प्रयास करेंगे, तो कुछ भी नियंत्रित नहीं कर पाएंगे। केवल महत्वपूर्ण विचलनों (Significant Deviations) पर ही ध्यान देना चाहिए।
उत्तर: 1. बाहरी घटकों पर कोई नियंत्रण नहीं होता (जैसे सरकारी नीति)।
2. गुणात्मक मानकों को निर्धारित करना कठिन होता है।
प्र.13. वित्तीय नियोजन के दो महत्व लिखिए।
अथवा
पूँजी संरचना (Capital Structure) क्या है?
उत्तर: 1. यह निधियों की बर्बादी को रोकता है।
2. यह वर्तमान और भविष्य के बीच कड़ी का काम करता है।
उत्तर: पूँजी संरचना से आशय दीर्घकालीन वित्त के स्रोतों (जैसे अंश पूँजी, ऋणपत्र, संचय) के अनुपात से है। यह स्वामी की पूँजी और उधार की पूँजी का मिश्रण है।
प्र.14. 'मूल्य' (Price) निर्धारण को प्रभावित करने वाले दो कारक लिखिए।
अथवा
विज्ञापन के दो उद्देश्य लिखिए।
उत्तर: 1. उत्पाद की लागत (Cost of Product)।
2. बाजार में प्रतियोगिता (Competition)।
उत्तर: 1. नए उत्पाद की जानकारी देना।
2. बिक्री बढ़ाना और ग्राहकों को आकर्षित करना।
प्र.15. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत 'उपभोक्ता' कौन है?
अथवा
जिला आयोग (District Commission) के बारे में बताइए।
उत्तर: वह व्यक्ति जो प्रतिफल के बदले किसी वस्तु या सेवा को अपने उपयोग के लिए खरीदता है। इसमें वे लोग शामिल नहीं हैं जो पुनर्विक्रय (Resale) के लिए खरीदते हैं।
उत्तर: यह उपभोक्ता शिकायतों के निवारण का सबसे निचला स्तर है। यह 1 करोड़ रुपये तक के मामलों की सुनवाई कर सकता है।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. प्रबंध के सिद्धांतों की प्रकृति (विशेषताओं) को समझाइए। (कोई तीन)
अथवा
टेलर और फेयोल के योगदान में तीन अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. सार्वभौमिकता: ये सिद्धांत सभी प्रकार के संगठनों में लागू होते हैं।
2. सामान्य मार्गदर्शन: ये समस्याओं के समाधान के लिए दिशा-निर्देश देते हैं, न कि कठोर नियम।
3. लोचशील: इन्हें परिस्थिति के अनुसार बदला जा सकता है।
उत्तर: 1. फोकस: टेलर ने श्रमिक उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया, फेयोल ने प्रशासनिक दक्षता पर।
2. स्तर: टेलर के सिद्धांत निम्न स्तर (कारखाना) के लिए थे, फेयोल के उच्च स्तर (प्रबंध) के लिए।
3. उपाधि: टेलर को 'वैज्ञानिक प्रबंध का जनक' और फेयोल को 'सामान्य प्रबंध का जनक' कहा जाता है।
प्र.17. औपचारिक और अनौपचारिक संचार में अंतर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
प्रभावी संचार (Communication) की बाधाओं को दूर करने के उपाय लिखिए।
उत्तर: 1. मार्ग: औपचारिक संचार पूर्व-निर्धारित मार्गों (Chain of Command) से चलता है, अनौपचारिक किसी भी दिशा में (Grapevine)।
2. प्रकृति: औपचारिक आधिकारिक होता है, अनौपचारिक सामाजिक और व्यक्तिगत होता है।
3. गति: औपचारिक धीमा होता है, अनौपचारिक बहुत तेज फैलता है।
उत्तर: 1. संदेश को स्पष्ट और सरल भाषा में प्रेषित करना।
2. सुनने वाले की स्थिति और समझ का ध्यान रखना (Good Listener)।
3. प्रतिपुष्टि (Feedback) सुनिश्चित करना ताकि पता चले कि संदेश सही समझा गया है।
प्र.18. सेबी (SEBI) के सुरक्षात्मक कार्यों का वर्णन कीजिए।
अथवा
प्राथमिक बाजार और द्वितीयक बाजार में तीन अंतर लिखिए।
उत्तर: 1. अनुचित व्यापार व्यवहारों (जैसे मूल्य में हेराफेरी) पर रोक लगाना।
2. इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को नियंत्रित करना।
3. निवेशकों को शिक्षित करना और उनके हितों की रक्षा करना।
उत्तर: 1. प्रतिभूतियाँ: प्राथमिक में केवल नई प्रतिभूतियाँ बेची जाती हैं, द्वितीयक में पुरानी (Existing)।
2. पक्षकार: प्राथमिक में कंपनी और निवेशक के बीच सौदा होता है, द्वितीयक में निवेशक और निवेशक के बीच।
3. मूल्य निर्धारण: प्राथमिक में मूल्य कंपनी तय करती है, द्वितीयक में बाजार की मांग और पूर्ति।
प्र.19. विपणन और विक्रय (Marketing and Selling) में अंतर लिखिए।
अथवा
विज्ञापन के विरोध में तीन तर्क दीजिए।
उत्तर: 1. क्षेत्र: विपणन का क्षेत्र व्यापक है (उत्पादन से पहले शुरू, बिक्री के बाद तक), विक्रय का संकुचित है (केवल माल बेचना)।
2. उद्देश्य: विपणन का उद्देश्य ग्राहक संतुष्टि है, विक्रय का उद्देश्य अधिकतम बिक्री और लाभ है।
3. फोकस: विपणन 'ग्राहक की आवश्यकता' पर केंद्रित है, विक्रय 'उत्पाद' पर।
उत्तर: 1. लागत में वृद्धि: विज्ञापन का खर्च वस्तु की कीमत बढ़ा देता है।
2. भ्रामक प्रचार: कई बार विज्ञापन वास्तविकता से परे होते हैं।
3. सामाजिक मूल्यों का ह्रास: यह अनावश्यक उपभोग और दिखावे को बढ़ावा देता है।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. नियोजन के महत्व के किन्हीं चार बिंदुओं को समझाइए।
अथवा
"नियोजन एक मानसिक अभ्यास है।" स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: 1. दिशा प्रदान करना: यह बताता है कि क्या करना है, जिससे सभी एक दिशा में कार्य करते हैं।
2. अनिश्चितता कम करना: यह भविष्य के जोखिमों का अनुमान लगाकर तैयारी करने में मदद करता है।
3. अपव्यय कम करना: यह साधनों के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करता है।
4. नियंत्रण के मानक: यह तुलना के लिए मानक (Standards) प्रदान करता है।
उत्तर: नियोजन एक शारीरिक कार्य न होकर एक मानसिक कार्य है। इसमें बुद्धिमत्ता, दूरदर्शिता और निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता होती है। प्रबंधक को "क्या करना है, कैसे करना है, कब करना है" जैसे प्रश्नों पर विचार करना पड़ता है। इसमें तार्किक सोच और भविष्य की कल्पना शामिल है, इसलिए इसे मानसिक अभ्यास कहा जाता है।
प्र.21. औपचारिक संगठन के गुण और दोष लिखिए (दो-दो)।
अथवा
कार्यात्मक संगठन ढांचा (Functional Structure) और प्रभागीय संगठन ढांचा (Divisional Structure) में अंतर स्पष्ट कीजिए।
गुण: 1. जिम्मेदारियां स्पष्ट होती हैं। 2. आदेश की एकता बनी रहती है।
दोष: 1. इसमें काम में देरी होती है (नियमों के कारण)। 2. यह मानवीय संबंधों और पहल क्षमता की उपेक्षा करता है।
उत्तर: 1. आधार: कार्यात्मक का गठन 'कार्यों' (जैसे उत्पादन, विपणन) के आधार पर होता है, प्रभागीय का 'उत्पादों' (जैसे कॉस्मेटिक, गारमेंट्स) के आधार पर।
2. लागत: कार्यात्मक किफायती है (संसाधनों का दोहराव नहीं), प्रभागीय महंगा है (संसाधनों का दोहराव)।
3. उपयुक्तता: कार्यात्मक एक ही उत्पाद वाली कंपनियों के लिए, प्रभागीय बहु-उत्पाद वाली कंपनियों के लिए उपयुक्त है।
प्र.22. चयन प्रक्रिया (Selection Process) के विभिन्न चरणों को विस्तार से समझाइए।
अथवा
प्रशिक्षण की विधियाँ (On-the-job और Off-the-job) समझाइए।
उत्तर: 1. प्रारंभिक स्क्रीनिंग: अयोग्य आवेदनों को हटाना।
2. चयन परीक्षाएं: बुद्धि, कौशल और व्यक्तित्व परीक्षण।
3. साक्षात्कार (Interview): आमने-सामने बातचीत।
4. संदर्भ जाँच: पिछले नियोक्ता या चरित्र की जाँच।
5. चिकित्सीय परीक्षण (Medical): स्वास्थ्य की जाँच।
6. नियुक्ति प्रस्ताव: चुने गए व्यक्ति को पत्र देना।
1. कार्य पर प्रशिक्षण (On-the-job): कर्मचारी काम करते हुए सीखता है। जैसे - शिक्षुता (Apprenticeship), संयुक्त शिक्षण (Internship)। यह व्यावहारिक ज्ञान के लिए अच्छा है।
2. कार्य से परे प्रशिक्षण (Off-the-job): काम से अलग हटाकर सिखाया जाता है। जैसे - प्रकोष्ठ प्रशिक्षण (Vestibule Training), कक्षा व्याख्यान। यह सैद्धांतिक और जटिल मशीनरी सीखने के लिए अच्छा है।
प्र.23. मुद्रा बाजार और पूँजी बाजार में चार अंतर लिखिए।
अथवा
स्कंध विपणि (Stock Exchange) के चार प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: 1. अवधि: मुद्रा बाजार अल्पकालीन (1 वर्ष तक) कोषों के लिए है, पूँजी बाजार मध्य और दीर्घकालीन के लिए।
2. प्रपत्र: मुद्रा बाजार में ट्रेजरी बिल, कमर्शियल पेपर आदि होते हैं; पूँजी बाजार में शेयर, डिबेंचर।
3. तरलता: मुद्रा बाजार में तरलता अधिक होती है, पूँजी बाजार में कम।
4. जोखिम: मुद्रा बाजार सुरक्षित होता है, पूँजी बाजार में जोखिम अधिक होता है।
उत्तर: 1. तरलता प्रदान करना: प्रतिभूतियों को खरीदने-बेचने का मंच देना।
2. मूल्य निर्धारण: मांग और पूर्ति के आधार पर शेयरों के दाम तय करना।
3. सुरक्षित लेनदेन: यह सुनिश्चित करना कि केवल वैध कंपनियों के शेयर ही बिकें।
4. बचत को गतिमान करना: लोगों की बचत को उत्पादक उद्योगों की ओर मोड़ना।

⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं। वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है। छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।

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