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MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र (Arts & Commerce Students) मॉडल पेपर (Set D)

MP Board Class 12 Economics – Set D Model Paper 2025–26

MP Board Class 12 Economics – Set D Model Paper 2025–26

Class 12th Economics Model Paper Set D

MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र मॉडल पेपर (Set D)

(Arts & Commerce Students)

MP Board कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र (Arts & Commerce) – Set D मॉडल प्रश्न पत्र बोर्ड परीक्षा से पहले अंतिम अभ्यास और संपूर्ण पुनरावृत्ति के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह Set D उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो

Set A, Set B और Set C का अभ्यास कर चुके हैं और अब परीक्षा-स्तर के प्रश्नों के साथ अपनी तैयारी को अंतिम रूप देना चाहते हैं।

🔹 Set D की प्रमुख विशेषताएँ

✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर पूर्णतः आधारित

✔️ Set D के अनुसार नए एवं मिश्रित प्रश्न

✔️ विश्लेषणात्मक, दीर्घ उत्तरीय एवं केस-आधारित प्रश्न

✔️ ग्राफ, आँकड़े एवं व्याख्यात्मक प्रश्नों का समावेश

✔️ समय प्रबंधन और उत्तर लेखन अभ्यास में सहायक

✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी

विवरण

  • कक्षा: 12वीं
  • विषय: अर्थशास्त्र (Economics)
  • स्ट्रीम: Arts & Commerce
  • मॉडल पेपर: Set D
  • बोर्ड: MP Board

इस Set D मॉडल पेपर के नियमित अभ्यास से विद्यार्थी वास्तविक बोर्ड परीक्षा जैसा अनुभव प्राप्त करते हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा में प्रश्नों को सही रणनीति के साथ हल करने में मदद मिलती है।

Economics Model Paper 12th (Set-D) - Sandipani Vidyalaya

कक्षा 12वीं - अर्थशास्त्र

(मॉडल पेपर: सेट-D)

Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे

खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) "अर्थशास्त्र धन का विज्ञान है," यह परिभाषा किसने दी?
(अ) मार्शल (ब) रॉबिन्स (स) एडम स्मिथ (द) सैम्युलसन
👉 (स) एडम स्मिथ

(ii) उदासीनता वक्र (Indifference Curve) मूल बिंदु की ओर होता है:
(अ) नतोदर (Concave) (ब) उन्नतोदर (Convex) (स) सीधी रेखा (द) एल (L) आकार का
👉 (ब) उन्नतोदर (Convex)

(iii) निम्नलिखित में से कौन सी लागत उत्पादन बंद होने पर शून्य हो जाती है?
(अ) स्थिर लागत (ब) परिवर्तनशील लागत (स) औसत लागत (द) सीमान्त लागत
👉 (ब) परिवर्तनशील लागत

(iv) भारत का वित्तीय वर्ष (Financial Year) है:
(अ) 1 जनवरी से 31 दिसंबर (ब) 1 जुलाई से 30 जून (स) 1 अप्रैल से 31 मार्च (द) 1 सितंबर से 31 अगस्त
👉 (स) 1 अप्रैल से 31 मार्च

(v) कीन्स के अनुसार 'प्रभावी मांग' (Effective Demand) निर्धारण होती है जहाँ:
(अ) AD > AS (ब) AD < AS (स) AD = AS (द) शून्य
👉 (स) AD = AS (समग्र मांग = समग्र पूर्ति)

(vi) यदि सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPC) 0.5 है, तो गुणक (K) का मान होगा:
(अ) 1 (ब) 2 (स) 3 (द) 4
👉 (ब) 2 (सूत्र: K = 1/1-MPC = 1/0.5 = 2)
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) मांग वक्र का ढाल सामान्यतः ________ होता है।
ऋणात्मक (नीचे गिरता हुआ)

(ii) औसत आगम (AR) वक्र को ________ वक्र भी कहते हैं।
मांग

(iii) ________ लागत को 'अवसर लागत' भी कहा जाता है।
वैकल्पिक

(iv) सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) = सकल घरेलू उत्पाद (GDP) + ________।
विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA)

(v) भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना वर्ष ________ में हुई थी।
1935

(vi) कर (Tax) एक ________ भुगतान है।
अनिवार्य
प्र.3. सत्य/असत्य लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) सेवाएँ अदृश्य वस्तुएँ होती हैं।
सत्य

(ii) पूर्ति कीमत से स्वतंत्र होती है।
असत्य (पूर्ति कीमत पर निर्भर करती है)

(iii) एकाधिकार में नई फर्मों का प्रवेश प्रतिबंधित होता है।
सत्य

(iv) वाणिज्यिक बैंक नोट जारी करते हैं।
असत्य (केंद्रीय बैंक करता है)

(v) भारत में प्रगतिशील कर प्रणाली अपनाई गई है।
सत्य (आयकर प्रगतिशील है)

(vi) अवमूल्यन (Devaluation) से निर्यात बढ़ते हैं।
सत्य
प्र.4. सही जोड़ी बनाइए: (1×7 = 7 अंक)
(क)   -> (ख)
(i) व्यष्टि अर्थशास्त्र   -> (क) एकाधिकारी
(ii) चाय और चीनी   -> (ख) एक वर्ष की अवधि
(iii) कुल स्थिर लागत (TFC)   -> (ग) आय का स्तर
(iv) कीमत विभेद   -> (घ) पूरक वस्तुएँ
(v) प्रवाह चर (Flow Variable)   -> (ङ) TC - TVC
(vi) घाटे का बजट   -> (च) व्यय > आय
(vii) व्यापार संतुलन   -> (छ) व्यक्तिगत इकाई
    -> (ज) केवल दृश्य मदे
सही मिलान:
(i) व्यष्टि अर्थशास्त्र → (छ) व्यक्तिगत इकाई
(ii) चाय और चीनी → (घ) पूरक वस्तुएँ
(iii) कुल स्थिर लागत (TFC) → (ङ) TC - TVC
(iv) कीमत विभेद → (क) एकाधिकारी (की विशेषता)
(v) प्रवाह चर → (ग) आय का स्तर (समय अवधि से संबंधित)
(vi) घाटे का बजट → (च) व्यय > आय
(vii) व्यापार संतुलन → (ज) केवल दृश्य मदे
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) कुल आगम (TR) का सूत्र लिखिए।
TR = P × Q (कीमत × मात्रा)

(ii) किस बाजार में विक्रय लागत (Selling Cost) महत्वपूर्ण होती है?
एकाधिकारवादी / अपूर्ण प्रतियोगिता

(iii) समष्टि अर्थशास्त्र में किसका अध्ययन नहीं किया जाता?
व्यक्तिगत इकाई का

(iv) जी.एस.टी. (GST) का पूर्ण रूप क्या है?
वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax)

(v) 1 अप्रैल से 31 मार्च की अवधि को क्या कहते हैं?
वित्तीय वर्ष (Financial Year)

(vi) वस्तु विनिमय प्रणाली का क्या अर्थ है?
वस्तु के बदले वस्तु का लेन-देन (मुद्रा के बिना)।

(vii) पूंजीगत प्राप्ति का एक उदाहरण दीजिए।
ऋण लेना या विनिवेश (Disinvestment)
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. अर्थव्यवस्था की केन्द्रीय समस्याएँ लिखिए (कोई दो)।
अथवा
समष्टि अर्थशास्त्र के दो महत्व लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. किन वस्तुओं का उत्पादन किया जाए और कितनी मात्रा में?
2. उत्पादन कैसे किया जाए (तकनीक का चयन)?
3. उत्पादन किसके लिए किया जाए?
उत्तर (अथवा):
1. सरकारी नीतियों के निर्माण में सहायक।
2. संपूर्ण अर्थव्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझने में सहायक।
प्र.7. बजट रेखा (Budget Line) क्या है?
अथवा
पूरक वस्तुएं किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर (मुख्य):
वह रेखा जो दो वस्तुओं के उन विभिन्न संयोगों को दर्शाती है जिन्हें उपभोक्ता अपनी दी गई आय और वस्तुओं की कीमतों पर खरीद सकता है।
उत्तर (अथवा):
वे वस्तुएं जिनका उपयोग एक साथ किया जाता है, पूरक वस्तुएं कहलाती हैं। जैसे- कार और पेट्रोल, पेन और स्याही। एक की कीमत बढ़ने पर दूसरे की मांग घटती है।
प्र.8. उत्पादन फलन की दो मान्यताएँ लिखिए।
अथवा
स्पष्ट लागत और अस्पष्ट लागत (Explicit & Implicit Cost) में अंतर लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. तकनीक के स्तर में कोई परिवर्तन नहीं होता।
2. उत्पादन के साधनों को छोटी इकाइयों में विभाजित किया जा सकता है।
उत्तर (अथवा):
स्पष्ट लागत: बाहरी साधनों को खरीदने/किराए पर लेने के लिए किया गया नकद भुगतान।
अस्पष्ट लागत: उद्यमी के स्वयं के साधनों (जैसे खुद की भूमि, पूंजी) का अनुमानित मूल्य।
प्र.9. स्टॉक और पूर्ति में दो अंतर लिखिए।
अथवा
बाजार पूर्ति (Market Supply) किसे कहते हैं?
उत्तर (मुख्य):
1. स्टॉक वस्तु की कुल उपलब्ध मात्रा है, पूर्ति वह मात्रा है जो बिक्री के लिए लाई जाती है।
2. स्टॉक समय बिंदु पर मापा जाता है, पूर्ति समय अवधि में।
उत्तर (अथवा):
बाजार में उपलब्ध सभी फर्मों द्वारा विभिन्न कीमतों पर बेची जाने वाली वस्तु की कुल मात्रा को बाजार पूर्ति कहते हैं। (व्यक्तिगत पूर्तियों का योग)।
प्र.10. प्रवाह (Flow) चर किसे कहते हैं? दो उदाहरण दीजिए।
अथवा
आय का वर्तुल प्रवाह (Circular Flow of Income) क्या है?
उत्तर (मुख्य):
वे चर जिन्हें एक समय अवधि (जैसे प्रति माह, प्रति वर्ष) में मापा जाता है।
उदाहरण: आय, व्यय, ब्याज।
उत्तर (अथवा):
अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों (परिवार, फर्म) के बीच वस्तुओं, सेवाओं और मुद्रा के निरंतर प्रवाह को आय का वर्तुल प्रवाह कहते हैं।
प्र.11. मुद्रा के 'मूल्य का मापक' कार्य को समझाइए।
अथवा
वस्तु विनिमय प्रणाली की सीमाएँ लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
मुद्रा सभी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को मापने का कार्य करती है। जैसे कपड़े का मूल्य मीटर में नहीं बल्कि रुपये में मापा जाता है। इससे लेन-देन आसान हो जाता है।
उत्तर (अथवा):
1. दोहरे संयोग का अभाव। 2. मूल्य संचय में कठिनाई। 3. विभाज्यता का अभाव।
प्र.12. समग्र मांग (AD) को परिभाषित कीजिए।
अथवा
औसत उपभोग प्रवृत्ति (APC) क्या है?
उत्तर (मुख्य):
एक लेखा वर्ष में एक अर्थव्यवस्था में उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं की कुल मांग (या कुल व्यय) को समग्र मांग कहते हैं। AD = C + I.
उत्तर (अथवा):
कुल उपभोग (C) और कुल आय (Y) के अनुपात को औसत उपभोग प्रवृत्ति कहते हैं। APC = C/Y।
प्र.13. ऐच्छिक और अनैच्छिक बेरोजगारी में अंतर लिखिए।
अथवा
पूर्ण रोजगार किसे कहते हैं?
उत्तर (मुख्य):
ऐच्छिक: जब लोग काम उपलब्ध होने पर भी अपनी इच्छा से काम नहीं करते।
अनैच्छिक: जब लोग काम करना चाहते हैं लेकिन उन्हें काम नहीं मिलता।
उत्तर (अथवा):
वह स्थिति जिसमें वे सभी लोग जो प्रचलित मजदूरी पर काम करने के योग्य और इच्छुक हैं, उन्हें काम मिल जाता है।
प्र.14. राजस्व घाटा (Revenue Deficit) क्या है?
अथवा
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) का सूत्र लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
जब सरकार का कुल राजस्व व्यय, उसकी कुल राजस्व प्राप्तियों से अधिक होता है। (राजस्व घाटा = राजस्व व्यय - राजस्व प्राप्तियाँ)।
उत्तर (अथवा):
राजकोषीय घाटा = कुल व्यय - (राजस्व प्राप्तियाँ + उधार को छोड़कर पूंजीगत प्राप्तियाँ)। यह सरकार की कुल उधार आवश्यकताओं को दर्शाता है।
प्र.15. लोचपूर्ण (नम्य) विनिमय दर किसे कहते हैं?
अथवा
प्रबंधित तिरती (Managed Floating) क्या है?
उत्तर (मुख्य):
वह दर जिसका निर्धारण विदेशी विनिमय बाजार में मांग और पूर्ति की शक्तियों द्वारा होता है, सरकार का हस्तक्षेप नहीं होता। इसे तैरती विनिमय दर भी कहते हैं।
उत्तर (अथवा):
यह एक ऐसी प्रणाली है जिसमें विनिमय दर बाजार द्वारा तय होती है, लेकिन केंद्रीय बैंक (RBI) अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए कभी-कभी हस्तक्षेप करता है (गंदी तिरती)।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. मांग के नियम के अपवाद लिखिए (गिफिन विरोधाभास सहित)।
अथवा
तटस्थता वक्र (Indifference Curve) की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. गिफिन वस्तुएं: निम्न कोटि की वस्तुओं की कीमत घटने पर मांग घटती है (विरोधाभास)।
2. प्रतिष्ठासूचक वस्तुएं (वेबलेन प्रभाव): हीरे-जवाहरात महंगे होने पर ही खरीदे जाते हैं।
3. अज्ञानता: उपभोक्ता कम कीमत वाली वस्तु को घटिया मानकर नहीं खरीदता।
उत्तर (अथवा):
1. तटस्थता वक्र का ढाल ऋणात्मक (बाएं से दाएं नीचे) होता है।
2. यह मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर (Convex) होता है।
3. ऊँचा तटस्थता वक्र अधिक संतुष्टि को दर्शाता है।
प्र.17. कुल उत्पाद (TP), औसत उत्पाद (AP) और सीमांत उत्पाद (MP) की परिभाषा लिखिए।
अथवा
पैमाने के प्रतिफल (Returns to Scale) की तीन अवस्थाओं को समझाइए।
उत्तर (मुख्य):
TP: निश्चित समय में उत्पादित कुल मात्रा।
AP: कुल उत्पादन में परिवर्तनशील साधन की इकाइयों का भाग देने पर प्राप्त राशि (TP/L)।
MP: एक अतिरिक्त इकाई के प्रयोग से कुल उत्पादन में होने वाला परिवर्तन (ΔTP/ΔL)।
उत्तर (अथवा):
1. बढ़ते प्रतिफल: उत्पादन साधनों के अनुपात से अधिक बढ़ता है।
2. समान प्रतिफल: उत्पादन उसी अनुपात में बढ़ता है।
3. घटते प्रतिफल: उत्पादन साधनों के अनुपात से कम बढ़ता है।
प्र.18. पूर्ण प्रतियोगिता की तीन शर्तें लिखिए।
अथवा
एकाधिकार और एकाधिकारी प्रतियोगिता में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर (मुख्य):
1. क्रेताओं-विक्रेताओं की अधिक संख्या: कोई भी बाजार कीमत को प्रभावित नहीं कर सकता।
2. समरूप वस्तुएं: सभी फर्में रंग, रूप, गुण में एक समान वस्तुएं बेचती हैं।
3. पूर्ण ज्ञान: क्रेताओं और विक्रेताओं को बाजार की दशाओं का पूर्ण ज्ञान होता है।
उत्तर (अथवा):
1. विक्रेता: एकाधिकार में केवल एक, एकाधिकारी प्रतियोगिता में कई।
2. वस्तु: एकाधिकार में कोई निकट स्थानापन्न नहीं, इसमें वस्तु विभेद होता है।
3. प्रवेश: एकाधिकार में कठिन, इसमें आसान।
प्र.19. पूर्ति की लोच को प्रभावित करने वाले तीन कारक लिखिए।
अथवा
उच्चतम निर्धारित कीमत (Price Ceiling) के परिणाम लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. समय तत्व: दीर्घकाल में पूर्ति अधिक लोचदार होती है।
2. वस्तु की प्रकृति: नाशवान वस्तुओं की पूर्ति बेलोचदार होती है।
3. उत्पादन तकनीक: जटिल तकनीक होने पर पूर्ति बेलोचदार होती है।
उत्तर (अथवा):
जब सरकार संतुलन कीमत से कम कीमत तय करती है: 1. मांग आधिक्य (Excess Demand) की स्थिति बनती है। 2. कालाबाजारी को बढ़ावा मिलता है। 3. राशनिंग व्यवस्था की आवश्यकता होती है।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. राष्ट्रीय आय मापन की 'मूल्य वृद्धि विधि' (Value Added Method) को समझाइए।
अथवा
आय के चक्रीय प्रवाह (Circular Flow of Income) के द्विक्षेत्रीय मॉडल को चित्र सहित समझाइए।
उत्तर (मुख्य):
इस विधि में प्रत्येक उत्पादक उद्यम द्वारा उत्पादन प्रक्रिया में की गई 'मूल्य वृद्धि' का योग किया जाता है।
मूल्य वृद्धि = उत्पादन का मूल्य - मध्यवर्ती उपभोग।
सभी क्षेत्रों (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक) की सकल मूल्य वृद्धि (GVA) का योग GDPmp होता है।
उत्तर (अथवा):
द्विक्षेत्रीय मॉडल में केवल परिवार और फर्म होते हैं। परिवार फर्मों को साधन (भूमि, श्रम) देते हैं और फर्म उन्हें आय देती हैं। फिर परिवार उस आय को वस्तुओं पर खर्च करते हैं जो वापस फर्मों के पास जाती है। [यहाँ चक्रीय प्रवाह का चित्र बनेगा]।
प्र.21. मुद्रा की पूर्ति (Supply of Money) के विभिन्न मापों (M1, M2, M3, M4) को समझाइए।
अथवा
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के किन्हीं चार प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर (मुख्य):
RBI के अनुसार:
M1 = जनता के पास करेंसी + बैंकों की मांग जमा + अन्य जमा। (सबसे तरल)
M2 = M1 + डाकघर बचत जमा।
M3 = M1 + बैंकों की सावधि (Time) जमा। (व्यापक मुद्रा)
M4 = M3 + डाकघर की कुल जमा।
उत्तर (अथवा):
1. नोट निर्गमन: मुद्रा छापना।
2. सरकार का बैंक: सरकार के वित्तीय लेन-देन करना।
3. बैंकों का बैंक: बैंकों को ऋण देना और उनका मार्गदर्शन करना।
4. साख नियंत्रण: मौद्रिक नीति द्वारा महंगाई/मंदी को नियंत्रित करना।
प्र.22. समग्र मांग (Aggregate Demand) और इसके घटकों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
अथवा
निवेश गुणक (Investment Multiplier) की प्रक्रिया को एक तालिका और उदाहरण द्वारा समझाइए।
उत्तर (मुख्य):
समग्र मांग एक अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की कुल मांग है। घटक:
1. निजी उपभोग व्यय (C): परिवारों द्वारा खर्च।
2. निवेश व्यय (I): पूंजी निर्माण पर खर्च।
3. सरकारी व्यय (G): सरकार द्वारा जनकल्याण पर खर्च।
4. शुद्ध निर्यात (X-M): निर्यात माइनस आयात।
उत्तर (अथवा):
निवेश गुणक (K) बताता है कि निवेश में वृद्धि से आय में कितने गुना वृद्धि होगी। K = 1/(1-MPC)।
उदाहरण: यदि MPC = 0.5 और निवेश 100 करोड़ बढ़ता है, तो आय 200 करोड़ बढ़ेगी (K=2)।
[यहाँ प्रक्रिया की तालिका बनेगी: निवेश -> आय -> उपभोग -> आय...]
प्र.23. सरकारी बजट के कोई चार उद्देश्य लिखिए।
अथवा
भुगतान संतुलन और व्यापार संतुलन में चार अंतर लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. आर्थिक स्थिरता: तेजी और मंदी को नियंत्रित करना।
2. संसाधनों का आवंटन: सामाजिक प्राथमिकताओं के अनुसार साधन लगाना।
3. आय की असमानता कम करना: करों और सब्सिडी द्वारा अमीरी-गरीबी की खाई कम करना।
4. आर्थिक विकास: आधारभूत संरचना पर खर्च करके विकास दर बढ़ाना।
उत्तर (अथवा):
1. क्षेत्र: व्यापार संतुलन संकुचित है (केवल दृश्य), भुगतान संतुलन व्यापक है (दृश्य+अदृश्य+पूंजी)।
2. मदे: व्यापार संतुलन में केवल वस्तुएं, भुगतान संतुलन में वस्तुएं और सेवाएं दोनों।
3. संतुलन: व्यापार संतुलन अनुकूल/प्रतिकूल हो सकता है, भुगतान संतुलन हमेशा संतुलित रहता है।
4. हिस्सा: व्यापार संतुलन, भुगतान संतुलन का एक भाग है।

⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं। वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है। छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।

📘 MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र मॉडल पेपर (Arts & Commerce)

नीचे दिए गए सभी Economics Model Paper (Set A–D) नवीनतम MP Board सिलेबस एवं परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।

Tip: सभी Set A–D का अभ्यास करने से बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की संभावना बढ़ती है।

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MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र (Arts & Commerce Students) मॉडल पेपर (Set C)

MP Board Class 12 Economics – Set C Model Paper 2025–26

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Class 12th Economics Model Paper Set C

MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र मॉडल पेपर (Set C)

(Arts & Commerce Students)

MP Board कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र (Arts & Commerce) – Set C मॉडल प्रश्न पत्र विद्यार्थियों को विविध प्रकार के प्रश्नों का अभ्यास कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह Set C उन छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो

Set A और Set B का अभ्यास कर चुके हैं और अब नई प्रश्न संरचना के साथ अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहते हैं।

🔹 Set C की मुख्य विशेषताएँ

✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर आधारित

✔️ Arts एवं Commerce दोनों वर्गों के लिए समान रूप से उपयोगी

✔️ Set C के अनुसार प्रश्नों का अलग संयोजन

✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु, दीर्घ एवं विश्लेषणात्मक प्रश्न

✔️ ग्राफ, तालिका एवं आँकड़ों पर आधारित प्रश्न शामिल

✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी

विवरण

  • कक्षा: 12वीं
  • विषय: अर्थशास्त्र (Economics)
  • स्ट्रीम: Arts & Commerce
  • मॉडल पेपर: Set C
  • बोर्ड: MP Board

इस Set C मॉडल पेपर के नियमित अभ्यास से विद्यार्थी राष्ट्रीय आय, मुद्रा व बैंकिंग, विकास, उपभोक्ता व्यवहार और समष्टि अर्थशास्त्र के महत्वपूर्ण अध्यायों पर अपनी पकड़ और अधिक मजबूत कर सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन संभव हो पाता है।

Economics Model Paper 12th (Set-C) - Sandipani Vidyalaya

कक्षा 12वीं - अर्थशास्त्र

(मॉडल पेपर: सेट-C)

Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे

खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) समष्टि अर्थशास्त्र के जनक माने जाते हैं:
(अ) एडम स्मिथ (ब) जे.एम. कीन्स (स) माल्थस (द) मार्शल
👉 (ब) जे.एम.कीन्स

(ii) यदि मांग की कीमत लोच 1 से अधिक हो, तो वस्तु की मांग होती है:
(अ) लोचदार (ब) बेलोचदार (स) पूर्णतः लोचदार (द) इकाई लोचदार
👉 (अ) लोचदार

(iii) 'पैमाने के प्रतिफल' का संबंध है:
(अ) अल्पकाल से (ब) दीर्घकाल से (स) बाजार काल से (द) अति अल्पकाल से
👉 (ब) दीर्घकाल से

(iv) भारत में एक रुपये का नोट कौन जारी करता है?
(अ) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (ब) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (स) भारत सरकार (वित्त मंत्रालय) (द) प्रधानमंत्री
👉 (स) भारत सरकार (वित्त मंत्रालय)

(v) प्रत्यक्ष कर का उदाहरण है:
(अ) बिक्री कर (ब) उत्पाद शुल्क (स) आय कर (द) सेवा कर
👉 (स) आय कर

(vi) व्यापार संतुलन में शामिल होता है:
(अ) केवल दृश्य मदे (ब) केवल अदृश्य मदे (स) दोनों (द) इनमें से कोई नहीं
👉 (अ) केवल दृश्य मदे
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) अर्थशास्त्र की ________ शाखा में व्यक्तिगत इकाइयों का अध्ययन किया जाता है।
व्यष्टि

(ii) कुल लागत = कुल स्थिर लागत + ________।
कुल परिवर्तनशील लागत

(iii) ________ प्रतियोगिता में वस्तुओं में विभेद पाया जाता है।
एकाधिकार / अपूर्ण

(iv) राष्ट्रीय आय में ________ आय को शामिल नहीं किया जाता है।
हस्तांतरण

(v) कीन्स का रोजगार सिद्धांत ________ काल पर आधारित है।
अल्प

(vi) ________ बजट सरकार की आय और व्यय का वार्षिक विवरण है।
सरकारी
प्र.3. सत्य/असत्य लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म कीमत निर्धारक होती है।
असत्य (फर्म कीमत स्वीकारक होती है)

(ii) राष्ट्रीय आय एक 'प्रवाह' (Flow) अवधारणा है।
सत्य

(iii) सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPC) का मान हमेशा 1 से अधिक होता है।
असत्य (यह 0 और 1 के बीच होता है)

(iv) बजट में केवल आगामी वित्तीय वर्ष के अनुमानित आंकड़े होते हैं।
सत्य

(v) भुगतान संतुलन हमेशा संतुलित रहता है।
सत्य (लेखांकन की दृष्टि से)

(vi) स्थिर लागत को पूरक लागत भी कहते हैं।
सत्य
प्र.4. सही जोड़ी बनाइए: (1×7 = 7 अंक)
(क)   -> (ख)
(i) पूर्ण लोचदार मांग (Ed = ∞)   -> (क) अप्रत्यक्ष कर
(ii) औसत लागत (AC)   -> (ख) (C + I)
(iii) वस्तु की पूर्ति   -> (ग) क्षैतिज मांग वक्र
(iv) सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP)   -> (घ) कुल लागत / उत्पादन मात्रा
(v) समग्र मांग (AD)   -> (ङ) उत्पादक द्वारा
(vi) जी.एस.टी. (GST)   -> (च) चालू खाता
(vii) दृश्य मदों का निर्यात   -> (छ) GDP + विदेशों से शुद्ध आय
सही मिलान:
(i) पूर्ण लोचदार मांग → (ग) क्षैतिज मांग वक्र
(ii)औसत लागत → (घ) कुल लागत / उत्पादन मात्रा
(iii) वस्तु की पूर्ति → (ङ) उत्पादक द्वारा
(iv) सकल राष्ट्रीय उत्पाद → (छ) GDP + विदेशों से शुद्ध आय
(v) समग्र मांग → (ख) (C + I)
(vi) जी.एस.टी. → (क) अप्रत्यक्ष कर
(vii) दृश्य मदों का निर्यात → (च) चालू खाता
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) किस अर्थव्यवस्था में निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्र पाए जाते हैं?
मिश्रित अर्थव्यवस्था

(ii) उपयोगिता को किसमें मापा जा सकता है?
मुद्रा में (या यूटिल्स में)

(iii) 'शून्य' प्रतिस्पर्धा किस बाजार में पाई जाती है?
एकाधिकार (Monopoly)

(iv) S = I (बचत = निवेश) का विचार किसने दिया?
कीन्स ने

(v) भारत में नोट निर्गमन का अधिकार किसे है?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)

(vi) घाटे का बजट कब बनाया जाता है?
मंदी (Deflation) के समय

(vii) विदेशी मुद्रा की मांग और विनिमय दर में कैसा संबंध होता है?
विपरीत (Negative)
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. सकारात्मक और आदर्शक अर्थशास्त्र में दो अंतर लिखिए।
अथवा
व्यष्टि अर्थशास्त्र की कोई दो सीमाएं लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. सकारात्मक अर्थशास्त्र 'क्या है' का अध्ययन करता है, जबकि आदर्शक 'क्या होना चाहिए' का।
2. सकारात्मक तथ्यों पर आधारित होता है, आदर्शक विचारों और सुझावों पर।
उत्तर (अथवा):
1. यह संपूर्ण अर्थव्यवस्था की उपेक्षा करता है।
2. यह अवास्तविक मान्यताओं (जैसे पूर्ण रोजगार) पर आधारित है।
प्र.7. मांग का नियम लिखिए।
अथवा
उपयोगिता की दो विशेषताएं लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
अन्य बातें समान रहने पर, किसी वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी मांग कम हो जाती है और कीमत घटने पर मांग बढ़ जाती है।
उत्तर (अथवा):
1. उपयोगिता एक मनोवैज्ञानिक धारणा है।
2. उपयोगिता वस्तु और उपभोक्ता पर निर्भर करती है (सापेक्षिक होती है)।
प्र.8. अल्पकाल और दीर्घकाल में अंतर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
उत्पादन फलन की परिभाषा दीजिए।
उत्तर (मुख्य):
अल्पकाल में उत्पादन के कुछ साधन स्थिर होते हैं, जबकि दीर्घकाल में सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं।
उत्तर (अथवा):
उत्पादन के साधनों (आगत) और उत्पादन की मात्रा (निर्गत) के बीच के भौतिक/तकनीकी संबंध को उत्पादन फलन कहते हैं। Q = f(L, K)।
प्र.9. पूर्ति की लोच को प्रभावित करने वाले दो कारक लिखिए।
अथवा
न्यूनतम निर्धारित कीमत (Minimum Support Price) क्या है?
उत्तर (मुख्य):
1. वस्तु की प्रकृति: टिकाऊ वस्तुओं की पूर्ति लोचदार होती है।
2. उत्पादन लागत: लागत बढ़ने पर पूर्ति कम लोचदार होती है।
उत्तर (अथवा):
सरकार द्वारा उत्पादकों (किसानों) के हितों की रक्षा के लिए संतुलन कीमत से ऊपर जो न्यूनतम कीमत तय की जाती है, उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य कहते हैं।
प्र.10. प्रति व्यक्ति आय किसे कहते हैं?
अथवा
वैयक्तिक प्रयोज्य आय (Personal Disposable Income) का अर्थ लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
किसी देश की राष्ट्रीय आय को वहां की कुल जनसंख्या से भाग देने पर जो औसत आय प्राप्त होती है, उसे प्रति व्यक्ति आय कहते हैं।
उत्तर (अथवा):
व्यक्तियों के पास खर्च करने के लिए उपलब्ध वास्तविक आय। यह वैयक्तिक आय में से प्रत्यक्ष कर (जैसे आय कर) और विविध शुल्क घटाने के बाद बचती है।
प्र.11. मुद्रा के 'मूल्य संचय' कार्य को समझाइए।
अथवा
व्यापारिक बैंक के दो कार्य लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
मुद्रा के रूप में धन को भविष्य के लिए आसानी से संचित किया जा सकता है। वस्तु विनिमय में वस्तुओं (जैसे फल, सब्जी) को संचित करना कठिन था क्योंकि वे खराब हो जाती थीं।
उत्तर (अथवा):
1. जमा स्वीकार करना: जनता से बचत, चालू, और सावधि जमा स्वीकार करना।
2. ऋण देना: जरूरतमंदों को विभिन्न प्रकार के ऋण उपलब्ध कराना।
प्र.12. समग्र पूर्ति (Aggregate Supply) किसे कहते हैं?
अथवा
स्वायत्त निवेश और प्रेरित निवेश में अंतर लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
एक अर्थव्यवस्था में एक वर्ष के दौरान वस्तुओं और सेवाओं की कुल उत्पादन मात्रा को समग्र पूर्ति कहते हैं। यह राष्ट्रीय आय (Y) के बराबर होती है।
उत्तर (अथवा):
स्वायत्त निवेश आय या लाभ पर निर्भर नहीं करता (सरकार द्वारा किया जाता है), जबकि प्रेरित निवेश लाभ की संभावना और आय के स्तर पर निर्भर करता है (निजी क्षेत्र द्वारा)।
प्र.13. मुद्रास्फीति (Inflation) किसे कहते हैं?
अथवा
बेरोजगारी की परिभाषा दीजिए।
उत्तर (मुख्य):
वह स्थिति जब वस्तुओं और सेवाओं की सामान्य कीमत स्तर में लगातार वृद्धि होती है और मुद्रा का मूल्य घटता है, मुद्रास्फीति कहलाती है।
उत्तर (अथवा):
वह स्थिति जिसमें व्यक्ति काम करने के योग्य और इच्छुक होता है, लेकिन उसे प्रचलित मजदूरी दर पर काम नहीं मिलता।
प्र.14. संतुलित बजट के गुण लिखिए।
अथवा
प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर में दो अंतर लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. इससे सरकार पर ऋण का बोझ नहीं बढ़ता।
2. यह आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में सहायक है।
उत्तर (अथवा):
1. प्रत्यक्ष कर (जैसे आय कर) जिस पर लगता है वही चुकाता है, जबकि अप्रत्यक्ष कर (जैसे GST) का भार दूसरों पर टाला जा सकता है।
2. प्रत्यक्ष कर प्रगतिशील होते हैं, अप्रत्यक्ष कर प्रतिगामी हो सकते हैं।
प्र.15. स्थिर विनिमय दर प्रणाली के दो लाभ लिखिए।
अथवा
अवमूल्यन (Devaluation) का अर्थ समझाइए।
उत्तर (मुख्य):
1. अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्थिरता बनी रहती है।
2. सट्टेबाजी की संभावना कम होती है।
उत्तर (अथवा):
जब सरकार जानबूझकर अपनी घरेलू मुद्रा का मूल्य विदेशी मुद्रा की तुलना में कम कर देती है, तो उसे अवमूल्यन कहते हैं। (उद्देश्य: निर्यात बढ़ाना)।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. मांग की लोच की विभिन्न श्रेणियों (प्रकारों) का सचित्र वर्णन कीजिए। (कोई 3)
अथवा
उदासीनता वक्र की तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. सापेक्षिक लोचदार (Ed > 1): कीमत में थोड़े परिवर्तन से मांग में अधिक परिवर्तन।
2. सापेक्षिक बेलोचदार (Ed < 1): कीमत में परिवर्तन का मांग पर कम प्रभाव।
3. इकाई लोचदार (Ed = 1): कीमत और मांग में समान अनुपात में परिवर्तन। [यहाँ तीनों के छोटे रेखाचित्र बनेंगे]।
उत्तर (अथवा):
1. उदासीनता वक्र बाएं से दाएं नीचे की ओर गिरते हैं (ऋणात्मक ढाल)।
2. ये मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर (Convex) होते हैं।
3. दो उदासीनता वक्र एक-दूसरे को कभी नहीं काटते।
प्र.17. कुल उत्पाद (TP), सीमांत उत्पाद (MP) और औसत उत्पाद (AP) में संबंध स्पष्ट कीजिए।
अथवा
परिवर्ती अनुपात नियम (Law of Variable Proportions) की व्याख्या कीजिए।
उत्तर (मुख्य):
1. जब TP बढ़ती दर से बढ़ता है, तो MP बढ़ता है।
2. जब TP घटती दर से बढ़ता है, तो MP घटता है लेकिन धनात्मक रहता है।
3. जब TP अधिकतम होता है, तो MP शून्य होता है।
4. जब MP > AP, तो AP बढ़ता है। जब MP < AP, तो AP घटता है।
उत्तर (अथवा):
अल्पकाल में जब स्थिर साधन के साथ परिवर्तनशील साधन की मात्रा बढ़ाई जाती है, तो कुल उत्पादन पहले बढ़ती दर से, फिर घटती दर से बढ़ता है और अंत में घटने लगता है। इसकी तीन अवस्थाएं होती हैं: 1. बढ़ते प्रतिफल, 2. घटते प्रतिफल, 3. ऋणात्मक प्रतिफल।
प्र.18. पूर्ण प्रतियोगिता और एकाधिकार में तीन अंतर लिखिए।
अथवा
पूर्ति की कीमत लोच को मापने की प्रतिशत विधि समझाइए।
उत्तर (मुख्य):
1. विक्रेता: पूर्ण प्रतियोगिता में असंख्य विक्रेता, एकाधिकार में केवल एक।
2. प्रवेश: पूर्ण प्रतियोगिता में प्रवेश स्वतंत्र, एकाधिकार में प्रतिबंधित।
3. कीमत: पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म कीमत स्वीकारक, एकाधिकार में कीमत निर्धारक।
उत्तर (अथवा):
सूत्र: Es = (पूर्ति मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन) / (कीमत में प्रतिशत परिवर्तन)
या, Es = (ΔQ / ΔP) × (P / Q)।
यदि परिणाम 1 से अधिक है तो लोचदार, 1 से कम तो बेलोचदार।
प्र.19. उच्चतम निर्धारित कीमत (Price Ceiling) और न्यूनतम निर्धारित कीमत (Price Floor) को समझाइए।
अथवा
बाजार संतुलन पर मांग में वृद्धि के प्रभाव को रेखाचित्र द्वारा समझाइए।
उत्तर (मुख्य):
Price Ceiling: सरकार द्वारा आवश्यक वस्तुओं (जैसे अनाज, दवा) की अधिकतम कीमत तय करना जो संतुलन कीमत से कम होती है (उपभोक्ता हित में)।
Price Floor: सरकार द्वारा उत्पादों (जैसे कृषि उपज) की न्यूनतम कीमत तय करना जो संतुलन कीमत से अधिक होती है (उत्पादक हित में)।
उत्तर (अथवा):
यदि पूर्ति स्थिर रहे और मांग बढ़ जाए (D से D1 शिफ्ट), तो संतुलन कीमत और संतुलन मात्रा दोनों बढ़ जाती हैं। [यहाँ मांग वक्र के दायीं ओर खिसकने का चित्र बनेगा]।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. राष्ट्रीय आय मापन की 'व्यय विधि' (Expenditure Method) का वर्णन कीजिए।
अथवा
सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर (मुख्य):
व्यय विधि में एक वर्ष में अंतिम वस्तुओं और सेवाओं पर किए गए कुल व्यय को जोड़ा जाता है।
GDPmp = C + I + G + (X - M)
(C=निजी उपभोग व्यय, I=निवेश व्यय, G=सरकारी व्यय, X-M=शुद्ध निर्यात)।
इसमें से मूल्यह्रास और शुद्ध अप्रत्यक्ष कर घटाकर तथा विदेश से प्राप्त शुद्ध आय जोड़कर राष्ट्रीय आय प्राप्त होती है।
उत्तर (अथवा):
1. क्षेत्र: GDP घरेलू सीमा के अंदर उत्पादन का माप है, GNP देश के सामान्य निवासियों द्वारा उत्पादन का।
2. विदेशों से आय: GDP में 'विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय' (NFIA) शामिल नहीं होती, GNP में शामिल होती है (GNP = GDP + NFIA)।
3. महत्व: GDP घरेलू अर्थव्यवस्था की शक्ति बताता है, GNP नागरिकों की आर्थिक शक्ति।
प्र.21. रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के साख नियंत्रण के किन्हीं चार उपायों को समझाइए।
अथवा
मुद्रा के कार्यों का विस्तृत वर्णन कीजिए।
उत्तर (मुख्य):
1. बैंक दर (Bank Rate): वह दर जिस पर RBI बैंकों को ऋण देता है। इसे बढ़ाकर साख कम की जाती है।
2. नकद आरक्षित अनुपात (CRR): बैंकों को अपनी जमा का जो भाग RBI के पास रखना होता है।
3. वैधानिक तरलता अनुपात (SLR): बैंकों को अपनी जमा का जो भाग नकद/स्वर्ण में अपने पास रखना होता है।
4. खुले बाजार की क्रियाएँ: सरकारी प्रतिभूतियों को खरीदना/बेचना।
उत्तर (अथवा):
1. प्राथमिक कार्य: विनिमय का माध्यम, मूल्य का मापक।
2. गौण कार्य: भावी भुगतानों का आधार, मूल्य का संचय, क्रय शक्ति का हस्तांतरण।
3. आकस्मिक कार्य: साख का आधार, राष्ट्रीय आय का वितरण।
प्र.22. अनैच्छिक बेरोजगारी और पूर्ण रोजगार में अंतर स्पष्ट करते हुए, कीन्स के रोजगार सिद्धांत का सारांश लिखिए।
अथवा
मितव्ययिता का विरोधाभास (Paradox of Thrift) क्या है? समझाइए।
उत्तर (मुख्य):
अनैच्छिक बेरोजगारी: जब लोग काम करना चाहते हैं पर काम नहीं मिलता। पूर्ण रोजगार: जब सभी इच्छुकों को काम मिल जाए।
कीन्स का सिद्धांत: रोजगार 'प्रभावी मांग' (Effective Demand) पर निर्भर करता है। प्रभावी मांग= समग्र मांग + समग्र पूर्ति। मंदी में मांग कम होने से बेरोजगारी बढ़ती है, जिसे सरकारी व्यय बढ़ाकर दूर किया जा सकता है।
उत्तर (अथवा):
यदि अर्थव्यवस्था के सभी लोग अपनी बचत (Saving) बढ़ा दें, तो कुल मांग (AD) कम हो जाएगी। मांग कम होने से उत्पादन और आय कम होगी। अंततः कुल बचत बढ़ने के बजाय घट जाएगी या उतनी ही रहेगी। इसे ही मितव्ययिता का विरोधाभास कहते हैं - "बचत करना व्यक्ति के लिए गुण है, पर राष्ट्र के लिए अवगुण हो सकता है।"
प्र.23. राजस्व घाटा, राजकोषीय घाटा और प्राथमिक घाटा को परिभाषित कीजिए।
अथवा
भुगतान संतुलन में 'दृश्य' और 'अदृश्य' मदों में अंतर स्पष्ट कीजिए और भुगतान संतुलन के प्रतिकूल होने के कारण लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. राजस्व घाटा: राजस्व व्यय - राजस्व प्राप्तियाँ। (सरकार की सामान्य कार्यप्रणाली में कमी)।
2. राजकोषीय घाटा: कुल व्यय - (राजस्व प्राप्तियाँ + गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियाँ)। (सरकार की कुल उधार जरूरतें)।
3. प्राथमिक घाटा: राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान।
उत्तर (अथवा):
दृश्य मदे: भौतिक वस्तुएं जिनका आयात-निर्यात होता है (मशीन, अनाज)।
अदृश्य मदे: सेवाएँ (बैंकिंग, पर्यटन, जहाज रानी)।
प्रतिकूल होने के कारण: निर्यात कम और आयात अधिक होना, पेट्रोल की कीमतें बढ़ना, विदेशी ऋणों का ब्याज भुगतान।

⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं। वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है। छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।

📘 MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र मॉडल पेपर (Arts & Commerce)

नीचे दिए गए सभी Economics Model Paper (Set A–D) नवीनतम MP Board सिलेबस एवं परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।

Tip: सभी Set A–D का अभ्यास करने से बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की संभावना बढ़ती है।

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MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र (Arts & Commerce Students) मॉडल पेपर (Set B)

MP Board Class 12 Economics – Set B Model Paper 2025–26

MP Board Class 12 Economics – Set B Model Paper 2025–26

Class 12th Economics Model Paper Set B

MP Board कक्षा 12वीं – अर्थशास्त्र मॉडल पेपर (Set B)

(Arts & Commerce Students)

MP Board कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र (Arts & Commerce) – Set B मॉडल प्रश्न पत्र

नवीनतम पाठ्यक्रम एवं बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुरूप तैयार किया गया है।

यह Set B विद्यार्थियों को अलग प्रकार के प्रश्नों का अभ्यास कराकर

विषय की गहरी समझ विकसित करने में सहायक है।

🔹 Set B की मुख्य विशेषताएँ

✔️ नवीनतम MP Board सिलेबस पर आधारित

✔️ Arts एवं Commerce दोनों वर्गों के लिए उपयोगी

✔️ Set B के अनुसार प्रश्नों का अलग संयोजन

✔️ वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल

✔️ ग्राफ, आँकड़े एवं विश्लेषणात्मक प्रश्नों का अभ्यास

✔️ वार्षिक परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी

विवरण

  • कक्षा: 12वीं
  • विषय: अर्थशास्त्र (Economics)
  • स्ट्रीम: Arts & Commerce
  • मॉडल पेपर: Set B
  • बोर्ड: MP Board

इस Set B मॉडल पेपर के अभ्यास से विद्यार्थी राष्ट्रीय आय, मुद्रा व बैंकिंग, विकास, उपभोक्ता व्यवहार और अन्य महत्वपूर्ण अध्यायों पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा में आत्मविश्वास के साथ उत्तर लिखने में सहायता मिलती है। 

Economics Model Paper 12th (Set-B) - Sandipani Vidyalaya

कक्षा 12वीं - अर्थशास्त्र

(मॉडल पेपर: सेट-B)

Created by: D Septa | पूर्णांक: 80 | समय: 3 घंटे

खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) व्यष्टि अर्थशास्त्र के अंतर्गत निम्न में से किसका अध्ययन किया जाता है?
(अ) राष्ट्रीय आय (ब) पूर्ण रोजगार (स) व्यक्तिगत इकाई (द) सामान्य कीमत स्तर
👉 (स) व्यक्तिगत इकाई

(ii) जब कुल उपयोगिता अधिकतम होती है, तब सीमांत उपयोगिता होती है:
(अ) धनात्मक (ब) ऋणात्मक (स) शून्य (द) इनमें से कोई नहीं
👉 (स) शून्य

(iii) उत्पादन फलन में उत्पादन किसका फलन है?
(अ) कीमत का (ब) उत्पत्ति के साधनों का (स) कुल व्यय का (द) इनमें से कोई नहीं
👉 (ब) उत्पत्ति के साधनों का

(iv) भारत में केंद्रीय बैंक है:
(अ) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (ब) सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (स) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (द) बैंक ऑफ इंडिया
👉 (स) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

(v) सरकार द्वारा कर (Tax) लगाना किस नीति का अंग है?
(अ) मौद्रिक नीति (ब) राजकोषीय नीति (स) व्यापार नीति (द) आय नीति
👉 (ब) राजकोषीय नीति

(vi) विदेशी विनिमय दर का निर्धारण होता है:
(अ) सरकार द्वारा (ब) विश्व बैंक द्वारा (स) मांग एवं पूर्ति शक्तियों द्वारा (द) इनमें से कोई नहीं
👉 (स) मांग एवं पूर्ति शक्तियों द्वारा
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) व्यष्टि अर्थशास्त्र और समष्टि अर्थशास्त्र एक दूसरे के ________ हैं।
पूरक

(ii) औसत लागत वक्र का आकार अंग्रेजी वर्णमाला के ________ अक्षर जैसा होता है।
U

(iii) पूर्ण प्रतियोगिता में एक फर्म का मांग वक्र ________ होता है।
पूर्णतः लोचदार

(iv) सकल घरेलू उत्पाद (GDP) - मूल्यह्रास = ________।
शुद्ध घरेलू उत्पाद (NDP)

(v) कीन्स के अनुसार अर्थव्यवस्था में रोजगार का स्तर ________ पर निर्भर करता है।
प्रभावपूर्ण मांग

(vi) बजट में सरकारी व्यय यदि सरकारी आय से अधिक हो, तो उसे ________ का बजट कहते हैं।
घाटे
प्र.3. सत्य/असत्य लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) उपयोगिता व्यक्तिगत होती है।
सत्य

(ii) 'गिफिन वस्तुओं' पर मांग का नियम लागू होता है।
असत्य (गिफिन विरोधाभास में मांग का नियम लागू नहीं होता)

(iii) समष्टि अर्थशास्त्र में व्यक्तिगत इकाइयों का अध्ययन किया जाता है।
असत्य (सामूहिक इकाइयों का होता है)

(iv) मुद्रा वह है जो मुद्रा का कार्य करे।
सत्य

(v) व्यापार संतुलन में केवल दृश्य मदे शामिल होती हैं।
सत्य

(vi) गुणक (K) और सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPC) में विपरीत संबंध होता है।
असत्य (प्रत्यक्ष संबंध होता है, K = 1/(1-MPC))
प्र.4. सही जोड़ी बनाइए: (1×7 = 7 अंक)
(क)   -> (ख)
(i) स्थानापन्न वस्तुएँ   -> (क) 1935
(ii) पूरक वस्तुएँ   -> (ख) स्टॉक (Stock)
(iii) गिफिन वस्तुएँ   -> (ग) चाय और कॉफी
(iv) निश्चित समय बिंदु   -> (घ) निम्न कोटि की वस्तुएँ
(v) समय अवधि   -> (ङ) प्रवाह (Flow)
(vi) भारतीय रिजर्व बैंक   -> (च) कार और पेट्रोल
(vii) खुली अर्थव्यवस्था   -> (छ) शेष विश्व से व्यापार
सही मिलान:
(i) स्थानापन्न वस्तुएँ → (ग) चाय और कॉफी
(ii) पूरक वस्तुएँ → (च) कार और पेट्रोल
(iii) गिफिन वस्तुएँ → (घ) निम्न कोटि की वस्तुएँ
(iv) निश्चित समय बिंदु → (ख) स्टॉक (Stock)
(v) समय अवधि → (ङ) प्रवाह (Flow)
(vi) भारतीय रिजर्व बैंक → (क) 1935 (स्थापना)
(vii) खुली अर्थव्यवस्था → (छ) शेष विश्व से व्यापार
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×7 = 7 अंक)
(i) बजट रेखा का ढाल क्या होता है?
ऋणात्मक (या -Px/Py)

(ii) उत्पादन के साधनों की मांग किस प्रकार की होती है?
व्युत्पन्न मांग (Derived Demand)

(iii) बाजार में एक ही वस्तु की कीमत प्रचलित होने पर कौन सी प्रतियोगिता पाई जाती है?
पूर्ण प्रतियोगिता

(iv) राष्ट्रीय आय की गणना में किसे शामिल नहीं किया जाता?
हस्तांतरण आय (जैसे पेंशन, छात्रवृत्ति) या पुरानी वस्तुओं की बिक्री

(v) ए.टी.एम. (ATM) का पूर्ण रूप क्या है?
Automated Teller Machine (स्वचालित टेलर मशीन)

(vi) सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPC) का सूत्र लिखिए।
MPC = ΔC / ΔY

(vii) भारत में वित्तीय वर्ष की अवधि क्या है?
1 अप्रैल से 31 मार्च
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. अवसर लागत (Opportunity Cost) किसे कहते हैं?
अथवा
बाजार अर्थव्यवस्था का अर्थ लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
किसी साधन के प्रयोग की अवसर लागत वह मूल्य है जो उसे उसके दूसरे सर्वश्रेष्ठ वैकल्पिक प्रयोग में प्राप्त हो सकता था। इसे 'त्यागे गए विकल्प की लागत' भी कहते हैं।
उत्तर (अथवा):
बाजार अर्थव्यवस्था वह अर्थव्यवस्था है जिसमें आर्थिक निर्णय (क्या, कैसे और किसके लिए उत्पादन करें) बाजार की शक्तियों (मांग और पूर्ति) द्वारा लिए जाते हैं, न कि सरकार द्वारा।
प्र.7. सीमांत उपयोगिता (Marginal Utility) का अर्थ लिखिए।
अथवा
उदासीनता वक्र (Indifference Curve) किसे कहते हैं?
उत्तर (मुख्य):
किसी वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई के उपभोग से कुल उपयोगिता में जो वृद्धि होती है, उसे सीमांत उपयोगिता कहते हैं।
उत्तर (अथवा):
उदासीनता वक्र वह वक्र है जो दो वस्तुओं के उन विभिन्न संयोगों को दर्शाता है जिनसे उपभोक्ता को समान संतुष्टि प्राप्त होती है।
प्र.8. पैमाने के प्रतिफल (Returns to Scale) से आप क्या समझते हैं?
अथवा
स्थिर लागत और परिवर्तनशील लागत में दो अंतर लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
दीर्घकाल में जब उत्पादन के सभी साधनों को एक ही अनुपात में बढ़ाया जाता है, तो उत्पादन में होने वाले परिवर्तन को पैमाने के प्रतिफल कहते हैं।
उत्तर (अथवा):
1. स्थिर लागत उत्पादन बंद होने पर भी शून्य नहीं होती (जैसे किराया), परिवर्तनशील लागत शून्य हो जाती है (जैसे कच्चा माल)।
2. स्थिर लागत अल्पकाल में नहीं बदलती, परिवर्तनशील लागत उत्पादन के साथ बदलती है।
प्र.9. पूर्ति का नियम (Law of Supply) लिखिए।
अथवा
संतुलन कीमत (Equilibrium Price) किसे कहते हैं?
उत्तर (मुख्य):
अन्य बातें समान रहने पर, वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी पूर्ति बढ़ती है और कीमत घटने पर पूर्ति घटती है। (कीमत और पूर्ति में धनात्मक संबंध)।
उत्तर (अथवा):
वह कीमत जिस पर वस्तु की मांग और वस्तु की पूर्ति दोनों बराबर होती हैं, संतुलन कीमत कहलाती है।
प्र.10. राष्ट्रीय आय का अर्थ लिखिए।
अथवा
सकल घरेलू उत्पाद (GDP) क्या है?
उत्तर (मुख्य):
एक देश के सामान्य निवासियों द्वारा एक वित्तीय वर्ष में अर्जित कुल कारक आय (मजदूरी, लगान, ब्याज, लाभ) का योग राष्ट्रीय आय कहलाती है।
उत्तर (अथवा):
एक देश की घरेलू सीमा के अंतर्गत एक लेखा वर्ष में उत्पादित समस्त अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का बाजार मूल्य सकल घरेलू उत्पाद कहलाता है।
प्र.11. मुद्रा के दो प्राथमिक कार्य लिखिए।
अथवा
वस्तु विनिमय प्रणाली की दो कठिनाइयाँ लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. विनिमय का माध्यम।
2. मूल्य का मापक।
उत्तर (अथवा):
1. आवश्यकताओं के दोहरे संयोग का अभाव।
2. मूल्य के सर्वमान्य मापक का अभाव।
प्र.12. समग्र मांग (Aggregate Demand) के घटक लिखिए।
अथवा
उपभोग फलन किसे कहते हैं?
उत्तर (मुख्य):
AD = C + I + G + (X - M)
(C=उपभोग, I=निवेश, G=सरकारी व्यय, X-M=शुद्ध निर्यात)।
उत्तर (अथवा):
आय और उपभोग के बीच के कार्यात्मक संबंध को उपभोग फलन कहते हैं। (C = f(Y))।
प्र.13. न्यून मांग (Deficient Demand) के दो प्रभाव लिखिए।
अथवा
पूर्ण रोजगार का अर्थ लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. उत्पादन और रोजगार में कमी आती है।
2. अवस्फीतिकारी अंतराल (Deflationary Gap) उत्पन्न होता है।
उत्तर (अथवा):
वह स्थिति जिसमें उन सभी लोगों को काम मिल जाता है जो वर्तमान मजदूरी दर पर काम करने के इच्छुक और योग्य हैं।
प्र.14. सरकारी बजट की परिभाषा दीजिए।
अथवा
राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय में अंतर लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
सरकारी बजट एक वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और अनुमानित व्ययों का वार्षिक विवरण है।
उत्तर (अथवा):
राजस्व व्यय से न तो परिसंपत्ति बनती है और न दायित्व कम होते हैं (जैसे वेतन)। पूंजीगत व्यय से या तो परिसंपत्ति बनती है या दायित्व कम होते हैं (जैसे सड़क निर्माण)।
प्र.15. विदेशी विनिमय दर किसे कहते हैं?
अथवा
भुगतान संतुलन (BoP) के चालू खाते की दो मदे लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
वह दर जिस पर एक देश की मुद्रा का दूसरे देश की मुद्रा में विनिमय किया जाता है। (जैसे 1$ = 83₹)।
उत्तर (अथवा):
1. वस्तुओं का आयात-निर्यात (दृश्य व्यापार)।
2. सेवाओं का आयात-निर्यात (अदृश्य व्यापार)।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.16. व्यष्टि अर्थशास्त्र और समष्टि अर्थशास्त्र में तीन अंतर लिखिए।
अथवा
केन्द्रीयकृत योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था और बाजार अर्थव्यवस्था में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर (मुख्य):
1. इकाई: व्यष्टि में व्यक्तिगत इकाई (फर्म, परिवार) का अध्ययन होता है, समष्टि में संपूर्ण अर्थव्यवस्था का।
2. चर: व्यष्टि के चर मांग/कीमत हैं, समष्टि के चर राष्ट्रीय आय/रोजगार हैं।
3. उद्देश्य: व्यष्टि का उद्देश्य संसाधनों का इष्टतम आवंटन है, समष्टि का उद्देश्य पूर्ण रोजगार और विकास है।
उत्तर (अथवा):
1. नियंत्रण: योजनाबद्ध में सरकार का नियंत्रण होता है, बाजार में निजी क्षेत्र का।
2. उद्देश्य: योजनाबद्ध का उद्देश्य समाज कल्याण है, बाजार का उद्देश्य लाभ कमाना है।
3. कीमत निर्धारण: योजनाबद्ध में सरकार कीमत तय करती है, बाजार में मांग-पूर्ति द्वारा।
प्र.17. मांग की कीमत लोच को प्रभावित करने वाले तीन कारक लिखिए।
अथवा
मांग के नियम के अपवाद लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. वस्तु की प्रकृति: अनिवार्य वस्तुओं की मांग बेल लोचदार होती है, विलासिता की लोचदार।
2. स्थानापन्न की उपलब्धता: यदि स्थानापन्न उपलब्ध हैं, तो मांग लोचदार होगी।
3. आय का भाग: यदि आय का बहुत छोटा भाग खर्च होता है (जैसे नमक), तो मांग बेलोचदार होगी।
उत्तर (अथवा):
1. गिफिन वस्तुएं: घटिया वस्तुओं पर नियम लागू नहीं होता।
2. प्रतिष्ठासूचक वस्तुएं: हीरे-जवाहरात की कीमत बढ़ने पर मांग बढ़ती है।
3. भविष्य में कीमत बढ़ने की आशंका: वर्तमान कीमत बढ़ने पर भी लोग अधिक खरीदेंगे।
प्र.18. ह्रासमान सीमांत उत्पाद नियम (Law of Diminishing Marginal Product) को चित्र सहित समझाइए।
अथवा
कुल लागत (TC), कुल स्थिर लागत (TFC) और कुल परिवर्तनशील लागत (TVC) में संबंध रेखाचित्र द्वारा दर्शाइए।
उत्तर (मुख्य):
इस नियम के अनुसार, जब स्थिर साधन के साथ परिवर्तनशील साधन की इकाइयाँ बढ़ाई जाती हैं, तो एक सीमा के बाद सीमांत उत्पादन (MP) घटने लगता है। [यहाँ MP वक्र का चित्र बनेगा जो उल्टा U आकार का होगा और फिर नीचे गिरेगा]।
उत्तर (अथवा):
TC = TFC + TVC। [चित्र: TFC क्षैतिज रेखा होगी। TVC मूल बिंदु से शुरू होकर ऊपर जाएगी। TC, TFC के ऊपर से शुरू होकर TVC के समानांतर जाएगी]।
प्र.19. पूर्ण प्रतियोगिता की तीन विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
बाजार पूर्ति वक्र को प्रभावित करने वाले तीन कारक लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. क्रेताओं और विक्रेताओं की अधिक संख्या: कोई भी अकेले बाजार कीमत प्रभावित नहीं कर सकता।
2. समरूप वस्तुएं: सभी फर्में एक जैसी वस्तुएं बेचती हैं।
3. स्वतंत्र प्रवेश और निकास: फर्मों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं होती।
उत्तर (अथवा):
1. वस्तु की कीमत: कीमत बढ़ने पर पूर्ति बढ़ती है।
2. आगंतों (कच्चे माल) की कीमत: लागत बढ़ने पर पूर्ति घटती है।
3. तकनीक: उन्नत तकनीक से उत्पादन बढ़ता है और पूर्ति बढ़ती है।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.20. राष्ट्रीय आय गणना की 'आय विधि' (Income Method) को समझाइए।
अथवा
दोहरी गणना की समस्या क्या है? इसे कैसे दूर किया जा सकता है?
उत्तर (मुख्य):
आय विधि में उत्पादन के साधनों को प्राप्त आय को जोड़ा जाता है।
सूत्र: NDPfc = कर्मचारियों का पारिश्रमिक + प्रचालन अधिशेष (लगान + ब्याज + लाभ) + मिश्रित आय।
इसके बाद इसमें विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA) जोड़कर राष्ट्रीय आय (NNPfc) निकाली जाती है।
उत्तर (अथवा):
जब राष्ट्रीय आय की गणना में एक ही वस्तु का मूल्य एक से अधिक बार शामिल हो जाता है, तो उसे दोहरी गणना कहते हैं। इससे आय का अनुमान गलत (अधिक) हो जाता है।
समाधान: केवल 'अंतिम वस्तुओं' के मूल्य को शामिल करना चाहिए या 'मूल्य वृद्धि विधि' का प्रयोग करना चाहिए।
प्र.21. केंद्रीय बैंक के प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए।
अथवा
व्यापारिक बैंकों द्वारा साख सृजन (Credit Creation) की प्रक्रिया को समझाइए।
उत्तर (मुख्य):
1. नोट निर्गमन: मुद्रा छापने का एकाधिकार।
2. सरकार का बैंकर: सरकार के खाते रखना और सलाह देना।
3. बैंकों का बैंक: वाणिज्यिक बैंकों को ऋण देना और नकद कोष रखना।
4. साख नियंत्रण: अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति को नियंत्रित करना (रेपो रेट, CRR द्वारा)।
उत्तर (अथवा):
व्यापारिक बैंक अपनी प्रारंभिक जमाओं के आधार पर कई गुना ऋण देकर साख का निर्माण करते हैं। जब बैंक ऋण देता है, तो नकद नहीं देता बल्कि ऋणी के खाते में जमा करता है, जो नई जमा (गौण जमा) बन जाती है।
सूत्र: कुल साख सृजन = प्रारंभिक जमा × (1 / आरक्षित अनुपात)।
प्र.22. समग्र मांग और समग्र पूर्ति विधि द्वारा आय और रोजगार का निर्धारण रेखाचित्र की सहायता से समझाइए।
अथवा
न्यून मांग (Deficient Demand) क्या है? इसे ठीक करने के राजकोषीय और मौद्रिक उपाय लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
कीन्स के अनुसार, संतुलन वहां होता है जहां समग्र मांग (AD) = समग्र पूर्ति (AS)।
[रेखाचित्र: X-अक्ष पर आय, Y-अक्ष पर AD/AS। AS वक्र 45 डिग्री की रेखा होगी। AD वक्र ऊपर से शुरू होकर AS को काटेगा। कटान बिंदु 'E' संतुलन बिंदु होगा]।
उत्तर (अथवा):
जब समग्र मांग, पूर्ण रोजगार स्तर के लिए आवश्यक समग्र पूर्ति से कम होती है, तो उसे न्यून मांग कहते हैं।
उपाय:
1. राजकोषीय: सरकारी व्यय बढ़ाना, करों में कमी करना।
2. मौद्रिक: बैंक दर कम करना, प्रतिभूतियां खरीदना (खुले बाजार की क्रिया)।
प्र.23. बजट के उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
अथवा
भुगतान संतुलन (BoP) में असंतुलन के कारण और सुधार के उपाय लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. संसाधनों का पुनरावंटन: सामाजिक और आर्थिक कल्याण के लिए संसाधनों को सही जगह लगाना।
2. आय की असमानता कम करना: अमीरों पर कर लगाकर गरीबों पर खर्च करना।
3. आर्थिक स्थिरता: महंगाई और मंदी को नियंत्रित करना।
4. सार्वजनिक उद्यमों का प्रबंधन: सरकारी कंपनियों को वित्तीय मदद देना।
उत्तर (अथवा):
कारण: 1. विकास कार्यों के लिए भारी आयात। 2. महंगाई। 3. जनसंख्या वृद्धि।
उपाय: 1. निर्यात प्रोत्साहन। 2. आयात प्रतिस्थापन। 3. मुद्रा का अवमूल्यन (Devaluation)।

⚠️ डिस्क्लेमर (प्रश्न–उत्तर सम्बन्धी):
इस मॉडल प्रश्न पत्र में दिए गए सभी प्रश्न एवं उत्तर केवल शैक्षणिक अभ्यास और परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्न–उत्तर MP Board की आधिकारिक प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी नहीं हैं। वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, क्रम एवं शब्दों में परिवर्तन संभव है। छात्र परीक्षा में केवल इन प्रश्न–उत्तर पर निर्भर न रहें, बल्कि आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करें।

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