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कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान नोट्स : MP Board Class 11th Chemistry Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27

MP Board Class 11th Chemistry Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान नोट्स, रासायनिक समीकरण एवं अंक योजना

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान (Physical, Inorganic & Organic Chemistry) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित सरल नोट्स, रासायनिक समीकरण, महत्वपूर्ण नियम एवं मॉडल अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान अध्ययन सामग्री

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं वार्षिक परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। कक्षा 11वीं का रसायन विज्ञान न केवल वार्षिक परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कक्षा 12वीं के आधार और प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE / NEET) की नींव भी तैयार करता है।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को सुव्यवस्थित, सटीक और सरल बनाने के लिए यहाँ कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान (भौतिक, अकार्बनिक एवं कार्बनिक रसायन) की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, संतुलित समीकरण, महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान (Chemistry)

सम्पूर्ण सरल नोट्स एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27

पूर्णांक — 70 | समय — 3:00 घंटे

अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना

क्र. इकाई / अध्याय आवंटित अंक
1रसायन विज्ञान की मूल अवधारणाएँ07
2परमाणु संरचना09
3तत्वों का वर्गीकरण एवं गुणों में आवर्तिता06
4रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना07
5ऊष्मागतिकी09
6साम्यावस्था07
7अपचयोपचय अभिक्रियाएँ04
8कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें11
9हाइड्रोकार्बन10
कुल योग70
प्रश्नप्रकारप्रश्न संख्याअंक
1सही विकल्प0606
2रिक्त स्थान0606
3सत्य / असत्य0606
4सही जोड़ी0505
5एक वाक्य में उत्तर0505
6–12लघु उत्तरीय0714
13–16मध्यम उत्तरीय0412
17–20दीर्घ उत्तरीय0416
परीक्षा तैयारी: रसायन विज्ञान में परिभाषा, नियम, सूत्र, रासायनिक समीकरण, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, आवर्तिता, संरचना, संख्यात्मक और कार्बनिक अभिक्रियाएँ सभी का लिखित अभ्यास आवश्यक है।

इकाई 1 — रसायन विज्ञान की मूल अवधारणाएँ (07 अंक)

1. रसायन विज्ञान का महत्व

रसायन विज्ञान पदार्थों की संरचना, संघटन, गुणधर्म तथा उनमें होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन है। इसका संबंध कृषि, औषधि, उद्योग, ऊर्जा, पर्यावरण, भोजन और दैनिक जीवन से है।

2. द्रव्य

जो वस्तु स्थान घेरती है और जिसका द्रव्यमान होता है, उसे द्रव्य कहते हैं।

अवस्थामुख्य गुण
ठोसनिश्चित आकार एवं निश्चित आयतन
द्रवनिश्चित आयतन, आकार पात्र के अनुसार
गैसनिश्चित आकार और आयतन नहीं

3. भौतिक एवं रासायनिक गुण

रंग, घनत्व, गलनांक, क्वथनांक आदि भौतिक गुण हैं। ज्वलनशीलता, अम्ल से अभिक्रिया आदि रासायनिक गुण हैं।

4. रासायनिक संयोजन के नियम

द्रव्यमान संरक्षण का नियम

रासायनिक अभिक्रिया में पदार्थ का कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है।

निश्चित अनुपात का नियम

किसी शुद्ध यौगिक में तत्व सदैव निश्चित द्रव्यमान अनुपात में उपस्थित होते हैं।

गुणित अनुपात का नियम

दो तत्वों द्वारा एक से अधिक यौगिक बनाने पर एक तत्व की निश्चित मात्रा के साथ संयुक्त दूसरे तत्व के द्रव्यमानों का अनुपात सरल पूर्णांक में होता है।

5. डॉल्टन का परमाणु सिद्धांत

  • पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों अर्थात परमाणुओं से बना है।
  • एक ही तत्व के परमाणु समान द्रव्यमान और गुणों वाले होते हैं।
  • विभिन्न तत्वों के परमाणु अलग होते हैं।
  • परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में संयोजित होकर यौगिक बनाते हैं।
  • रासायनिक अभिक्रिया में परमाणुओं का पुनर्विन्यास होता है।

6. मोल संकल्पना

एक मोल पदार्थ में अवोगाद्रो संख्या के बराबर कण होते हैं।

NA=6.022×10²³ mol⁻¹

7. मोलर द्रव्यमान

n = दिया गया द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान

8. प्रतिशत संघटन

% तत्व = (तत्व का द्रव्यमान / यौगिक का मोलर द्रव्यमान) × 100

9. स्टॉइकियोमीट्री

रासायनिक समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों की मात्रात्मक गणना को स्टॉइकियोमेट्री कहते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. मोल क्या है?
मोल पदार्थ की वह मात्रा है जिसमें 6.022×10²³ मूल कण होते हैं।
प्रश्न 2. अवोगाद्रो संख्या क्या है?
एक मोल पदार्थ में उपस्थित कणों की संख्या 6.022×10²³ mol⁻¹ होती है। इसे अवोगाद्रो संख्या कहते हैं।
प्रश्न 3. द्रव्यमान संरक्षण का नियम लिखिए।
रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान न तो उत्पन्न होता है और न नष्ट होता है; कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है।
प्रश्न 4. मोलर द्रव्यमान क्या है?
किसी पदार्थ के एक मोल का द्रव्यमान उसका मोलर द्रव्यमान कहलाता है और इसकी इकाई g mol⁻¹ होती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. डॉल्टन के परमाणु सिद्धांत की तीन मुख्य बातें लिखिए।
पदार्थ परमाणुओं से बना है; एक ही तत्व के परमाणु समान गुणों वाले होते हैं; और विभिन्न तत्वों के परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में मिलकर यौगिक बनाते हैं।
प्रश्न. मोल संकल्पना की सहायता से कणों की संख्या कैसे ज्ञात करते हैं?
यदि पदार्थ की मात्रा n mol है तो कणों की संख्या:
N=nNA
जहाँ NA=6.022×10²³ mol⁻¹।
प्रश्न. स्टॉइकियोमेट्री क्या है?
संतुलित रासायनिक समीकरण की सहायता से अभिकारकों और उत्पादों की मोल, द्रव्यमान या आयतन संबंधी मात्रात्मक गणना करना स्टॉइकियोमेट्री कहलाता है।

4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक

प्रश्न. 18 g जल में कितने मोल जल और कितने अणु होंगे?
H₂O का मोलर द्रव्यमान = 18 g mol⁻¹
मोल =18/18=1 mol

अणुओं की संख्या =1×6.022×10²³
=6.022×10²³ अणु
प्रश्न. Na₂CO₃ में सोडियम का प्रतिशत संघटन ज्ञात कीजिए।
Na₂CO₃ का मोलर द्रव्यमान:
=2×23+12+3×16
=106 g mol⁻¹
Na का द्रव्यमान=46 g
प्रतिशत =46/106×100
43.4%
प्रश्न. 2H₂+O₂→2H₂O अभिक्रिया के अनुसार 2 mol H₂ के लिए आवश्यक O₂ की मात्रा कितनी होगी?
समीकरण के अनुसार:
2 mol H₂ : 1 mol O₂
अतः 2 mol H₂ के लिए 1 mol O₂ आवश्यक होगा।
शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी के लिए विजिट कीजिये

इकाई 2 — परमाणु संरचना (09 अंक)

1. अवपरमाण्विक कण

कणआवेशसापेक्ष द्रव्यमान
इलेक्ट्रॉन−1लगभग 1/1836
प्रोटॉन+1लगभग 1
न्यूट्रॉन0लगभग 1

2. परमाणु मॉडल

थॉमसन मॉडल

परमाणु को धनावेशित गोला माना गया जिसमें इलेक्ट्रॉन धँसे हुए थे।

रदरफोर्ड मॉडल

रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग से ज्ञात हुआ कि परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है और केंद्र में छोटा, भारी, धनावेशित नाभिक होता है।

3. बोर मॉडल

  • इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों में घूमते हैं।
  • स्थिर कक्षा में ऊर्जा का विकिरण नहीं होता।
  • ऊर्जा स्तरों के बीच संक्रमण पर ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण होता है।
ΔE=hν

4. हाइड्रोजन के लिए बोर मॉडल

rn∝n²
En=−13.6/n² eV

5. क्वांटम संख्याएँ

  • प्रधान क्वांटम संख्या n
  • कक्षीय कोणीय संवेग क्वांटम संख्या l
  • चुंबकीय क्वांटम संख्या m
  • स्पिन क्वांटम संख्या s

6. ऑर्बिटल

नाभिक के चारों ओर वह त्रिविमीय क्षेत्र जहाँ इलेक्ट्रॉन मिलने की संभावना अधिक होती है, ऑर्बिटल कहलाता है।

7. s, p, d और f ऑर्बिटल

ऑर्बिटलअधिकतम इलेक्ट्रॉनआकार
s2गोलाकार
p6डम्बल
d10जटिल
f14अधिक जटिल

8. प्रमुख नियम

  • आफबाऊ सिद्धांत
  • पॉली अपवर्जन सिद्धांत
  • हुण्ड का नियम

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. रदरफोर्ड मॉडल की दो विशेषताएँ लिखिए।
परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है और उसके केंद्र में छोटा, भारी तथा धनावेशित नाभिक स्थित है।
प्रश्न 2. बोर का ऊर्जा क्वांटीकरण क्या है?
इलेक्ट्रॉन केवल निश्चित ऊर्जा स्तरों में रह सकता है। दो स्तरों के बीच संक्रमण पर ऊर्जा का निश्चित क्वांटम अवशोषित या उत्सर्जित होता है।
प्रश्न 3. पाउली अपवर्जन सिद्धांत लिखिए।
एक परमाणु में किसी भी दो इलेक्ट्रॉनों की चारों क्वांटम संख्याएँ समान नहीं हो सकतीं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. बोर मॉडल की तीन प्रमुख मान्यताएँ लिखिए।
इलेक्ट्रॉन निश्चित स्थिर कक्षाओं में रहते हैं; स्थिर कक्षा में ऊर्जा का विकिरण नहीं होता; और एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाने पर ऊर्जा का अवशोषण या उत्सर्जन होता है।
प्रश्न. चारों क्वांटम संख्याओं का नाम और महत्व बताइए।
n कक्षा और ऊर्जा स्तर बताती है। l उपकक्षा और ऑर्बिटल के आकार को बताती है। m ऑर्बिटल की दिशा बताती है। s इलेक्ट्रॉन के spin की दिशा बताती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. रदरफोर्ड परमाणु मॉडल की उपलब्धियाँ और सीमाएँ बताइए।
रदरफोर्ड मॉडल ने नाभिक के अस्तित्व और परमाणु के अधिकांश भाग के रिक्त होने को स्पष्ट किया। लेकिन यह परमाणु की स्थिरता तथा रेखीय स्पेक्ट्रम की व्याख्या नहीं कर सका। शास्त्रीय भौतिकी के अनुसार घूमता इलेक्ट्रॉन ऊर्जा विकिरित करके नाभिक में गिर जाना चाहिए था। बाद में बोर मॉडल ने इन समस्याओं का आंशिक समाधान किया।
प्रश्न. बोर मॉडल के अनुसार हाइड्रोजन परमाणु के ऊर्जा स्तरों को समझाइए।
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा वाली स्थिर कक्षाओं में रहते हैं। ऊर्जा स्तर:
En=−13.6/n² eV
जहाँ n=1,2,3...। इलेक्ट्रॉन उच्च स्तर से निम्न स्तर पर आता है तो फोटॉन उत्सर्जित होता है और निम्न से उच्च स्तर पर जाने के लिए ऊर्जा अवशोषित होती है।
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इकाई 3 — तत्वों का वर्गीकरण एवं गुणों में आवर्तिता (06 अंक)

1. वर्गीकरण की आवश्यकता

तत्वों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण उनके गुणों के अध्ययन, तुलना और पूर्वानुमान के लिए व्यवस्थित वर्गीकरण आवश्यक है।

2. आधुनिक आवर्त नियम

तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं।

3. आवर्त सारणी

आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को 18 समूह और 7 आवर्तों में व्यवस्थित किया गया है।

4. ब्लॉक

ब्लॉकअंतिम इलेक्ट्रॉन
s-blocks-उपकक्षा
p-blockp-उपकक्षा
d-blockd-उपकक्षा
f-blockf-उपकक्षा

5. आवर्तिता

  • परमाणु त्रिज्या
  • आयनन एन्थैल्पी
  • इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी
  • वैद्युत ऋणात्मकता
  • धात्विक और अधात्विक गुण

6. परमाणु त्रिज्या का सामान्य रुझान

आवर्त में बाएँ से दाएँ सामान्यतः परमाणु त्रिज्या घटती है और समूह में ऊपर से नीचे बढ़ती है।

7. आयनन एन्थैल्पी

गैसीय अवस्था में पृथक परमाणु से सबसे कमजोर बंधे इलेक्ट्रॉन को हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा को आयनन एन्थैल्पी कहते हैं।

8. वैद्युत ऋणात्मकता

सहसंयोजक बंध में किसी परमाणु की साझा इलेक्ट्रॉन युग्म को आकर्षित करने की प्रवृत्ति उसकी वैद्युत ऋणात्मकता कहलाती है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. आधुनिक आवर्त नियम लिखिए।
तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं।
प्रश्न 2. s-block क्या है?
वे तत्व जिनमें अंतिम इलेक्ट्रॉन s-उपकक्षा में प्रवेश करता है, s-block के तत्व कहलाते हैं।
प्रश्न 3. आवर्त में परमाणु त्रिज्या क्यों घटती है?
आवर्त में नाभिकीय आवेश बढ़ता है जबकि इलेक्ट्रॉन समान मुख्य ऊर्जा स्तर में जुड़ते हैं। प्रभावी नाभिकीय आकर्षण बढ़ने से परमाणु त्रिज्या सामान्यतः घटती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. समूह में परमाणु त्रिज्या बढ़ने का कारण बताइए।
समूह में नीचे जाने पर नए इलेक्ट्रॉनिक स्तर जुड़ते हैं। इससे नाभिक और बाह्य इलेक्ट्रॉनों के बीच दूरी और shielding बढ़ती है, इसलिए परमाणु त्रिज्या बढ़ती है।
प्रश्न. आवर्तिता क्या है?
परमाणु क्रमांक बढ़ने पर तत्वों के गुणों का नियमित अंतराल के बाद पुनः समान रूप में प्रकट होना आवर्तिता कहलाता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों का वर्गीकरण समझाइए।
आधुनिक आवर्त सारणी में तत्व परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित हैं। इसमें 7 आवर्त और 18 समूह हैं। इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर तत्वों को s, p, d और f ब्लॉक में बाँटा जाता है। एक ही समूह के तत्वों में संयोजक इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होने के कारण उनके रासायनिक गुणों में समानता पाई जाती है।
प्रश्न. आयनन एन्थैल्पी और वैद्युत ऋणात्मकता की आवर्तिता समझाइए।
आवर्त में बाएँ से दाएँ प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण आयनन एन्थैल्पी और वैद्युत ऋणात्मकता सामान्यतः बढ़ती है। समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार और shielding बढ़ती है, इसलिए बाहरी इलेक्ट्रॉन पर आकर्षण घटता है और आयनन एन्थैल्पी तथा वैद्युत ऋणात्मकता सामान्यतः घटती है।
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इकाई 4 — रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना (07 अंक)

1. रासायनिक बंध

दो या अधिक परमाणुओं के बीच आकर्षण जो उन्हें स्थिर अणु या आयन के रूप में बनाए रखता है, रासायनिक बंध कहलाता है।

2. कॉसेल-लुईस अवधारणा

परमाणु स्थिर गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनों का त्याग, ग्रहण या साझेदारी करते हैं।

3. आयनिक बंध

इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से बने विपरीत आवेशित आयनों के बीच वैद्युत आकर्षण को आयनिक बंध कहते हैं।

Na → Na⁺ + e⁻
Cl + e⁻ → Cl⁻
Na⁺ + Cl⁻ → NaCl

4. सहसंयोजक बंध

इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी से बना बंध सहसंयोजक बंध कहलाता है।

5. बंध प्राचल

  • बंध लंबाई
  • बंध कोण
  • बंध ऊर्जा
  • बंध कोटि

6. VSEPR सिद्धांत

संयोजकता कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन युग्म एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं और ऐसी व्यवस्था बनाते हैं जिसमें प्रतिकर्षण न्यूनतम हो।

7. संकरण

संकरणआकृति का उदाहरण
spरेखीय
sp²त्रिकोणीय समतलीय
sp³चतुष्फलकीय

8. आण्विक कक्षक सिद्धांत

परमाणु कक्षकों के संयोजन से आण्विक कक्षक बनते हैं। इनमें बंधकारी और प्रति-बंधकारी कक्षक हो सकते हैं।

9. हाइड्रोजन बंध

जब H परमाणु किसी अधिक वैद्युतऋणात्मक परमाणु से जुड़ा हो और दूसरे वैद्युतऋणात्मक परमाणु की ओर आकर्षण अनुभव करे, तो हाइड्रोजन बंध बनता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. आयनिक बंध क्या है?
इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से बनने वाले विपरीत आवेशित आयनों के बीच वैद्युत आकर्षण से बना बंध आयनिक बंध है।
प्रश्न 2. सहसंयोजक बंध क्या है?
दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी से बना बंध सहसंयोजक बंध कहलाता है।
प्रश्न 3. VSEPR सिद्धांत क्या बताता है?
संयोजकता कोश के इलेक्ट्रॉन युग्मों में प्रतिकर्षण होता है और वे न्यूनतम प्रतिकर्षण वाली व्यवस्था ग्रहण करते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. आयनिक और सहसंयोजक बंध में अंतर बताइए।
आयनिक बंध में इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण होता है, जबकि सहसंयोजक बंध में इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी होती है। आयनिक यौगिकों में आयन बनते हैं जबकि सहसंयोजक यौगिकों में सामान्यतः अणु बनते हैं।
प्रश्न. sp, sp² और sp³ संकरण समझाइए।
sp में एक s और एक p ऑर्बिटल का संकरण होता है और रेखीय संरचना बनती है। sp² में एक s और दो p ऑर्बिटल मिलते हैं और त्रिकोणीय समतलीय संरचना बनती है। sp³ में एक s और तीन p ऑर्बिटल मिलकर चतुष्फलकीय व्यवस्था देते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. VSEPR सिद्धांत की मुख्य अवधारणाएँ लिखिए।
संयोजकता कोश में इलेक्ट्रॉन युग्म एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। lone pair-lone pair प्रतिकर्षण सबसे अधिक, lone pair-bond pair उससे कम और bond pair-bond pair सबसे कम होता है। अणु की आकृति ऐसी बनती है जिसमें कुल प्रतिकर्षण न्यूनतम हो।
प्रश्न. हाइड्रोजन बंध के महत्व को समझाइए।
हाइड्रोजन बंध जल के असामान्य गुणों, उच्च क्वथनांक, बर्फ की संरचना तथा कई जैविक अणुओं की संरचना में महत्वपूर्ण है। DNA और प्रोटीन में भी हाइड्रोजन बंध संरचना को स्थिर रखने में योगदान देता है।
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इकाई 5 — ऊष्मागतिकी (09 अंक)

1. तंत्र और परिवेश

जिस भाग का अध्ययन किया जाता है उसे तंत्र और उसके बाहर के शेष भाग को परिवेश कहते हैं।

2. ऊष्मागतिक प्रक्रम

  • समतापी
  • समदाबी
  • समआयतनी
  • रुद्धोष्म

3. आंतरिक ऊर्जा

किसी तंत्र के कणों की कुल सूक्ष्म गतिज और स्थितिज ऊर्जा आंतरिक ऊर्जा कहलाती है।

4. ऊष्मा और कार्य

ऊष्मा तापांतर के कारण ऊर्जा का स्थानांतरण है। कार्य ऊर्जा स्थानांतरण का दूसरा रूप है जो व्यवस्थित बल/विस्थापन या अन्य माध्यम से हो सकता है।

5. प्रथम नियम

ΔU=q+w

6. एन्थैल्पी

H=U+PV

नियत दाब पर:

ΔH=qp

7. अभिक्रिया एन्थैल्पी

किसी रासायनिक अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा परिवर्तन को अभिक्रिया एन्थैल्पी कहते हैं।

8. हेस का नियम

किसी अभिक्रिया का कुल एन्थैल्पी परिवर्तन अभिक्रिया के चरणों की संख्या या मार्ग पर निर्भर नहीं करता; यह केवल प्रारंभिक और अंतिम अवस्थाओं पर निर्भर करता है।

9. स्वतः प्रवर्तिता

वह प्रक्रम जो अनुकूल परिस्थितियों में बाह्य ऊर्जा के निरंतर हस्तक्षेप के बिना आगे बढ़ सकता है, स्वतः प्रवर्तित प्रक्रम कहलाता है।

10. गिब्ज ऊर्जा

ΔG=ΔH−TΔS

यदि:

  • ΔG<0 → प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित
  • ΔG>0 → प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित नहीं
  • ΔG=0 → साम्यावस्था

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. ऊष्मागतिक तंत्र क्या है?
ब्रह्मांड का वह निश्चित भाग जिसका ऊष्मागतिक अध्ययन किया जाता है, ऊष्मागतिक तंत्र कहलाता है।
प्रश्न 2. एन्थैल्पी क्या है?
किसी तंत्र की एन्थैल्पी H=U+PV होती है और नियत दाब पर इसका परिवर्तन दी गई ऊष्मा के बराबर हो सकता है।
प्रश्न 3. हेस का नियम लिखिए।
अभिक्रिया का कुल एन्थैल्पी परिवर्तन उसके प्रारंभिक और अंतिम अवस्था पर निर्भर करता है, मध्यवर्ती मार्ग पर नहीं।
प्रश्न 4. गिब्ज ऊर्जा परिवर्तन का सूत्र लिखिए।
ΔG=ΔH−TΔS

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. ऊष्मा और कार्य में अंतर बताइए।
ऊष्मा तापांतर के कारण ऊर्जा का स्थानांतरण है, जबकि कार्य किसी व्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से ऊर्जा का स्थानांतरण है। दोनों path functions हैं और निकाय की अवस्था चर नहीं हैं।
प्रश्न. प्रथम ऊष्मागतिक नियम समझाइए।
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम है। तंत्र को दी गई ऊर्जा ऊष्मा और कार्य के माध्यम से आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन उत्पन्न करती है।
ΔU=q+w

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. हेस के स्थिर ऊष्मा योग के नियम को उदाहरण सहित समझाइए।
यदि किसी अभिक्रिया को एक या अधिक चरणों में पूरा किया जाता है तो कुल एन्थैल्पी परिवर्तन सभी चरणों के एन्थैल्पी परिवर्तनों के योग के बराबर होता है। उदाहरणतः यदि A→B का परिवर्तन ΔH₁ और B→C का परिवर्तन ΔH₂ है, तो A→C के लिए ΔH=ΔH₁+ΔH₂ होगा।
प्रश्न. गिब्ज ऊर्जा और स्वतः प्रवर्तिता में संबंध समझाइए।
नियत तापमान और दाब पर ΔG स्वतः प्रवर्तिता का महत्वपूर्ण माप है। ΔG ऋणात्मक होने पर प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित होता है। ΔG धनात्मक होने पर वह स्वतः प्रवर्तित नहीं होता। ΔG=0 पर तंत्र साम्य में होता है।
प्रश्न. यदि ΔH=−100 kJ mol⁻¹, T=300 K और ΔS=−0.2 kJ K⁻¹ mol⁻¹ है, तो ΔG ज्ञात कीजिए।
ΔG=ΔH−TΔS
=−100−300(−0.2)
=−100+60
=−40 kJ mol⁻¹
अतः प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित होगा।
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इकाई 6 — साम्यावस्था (07 अंक)

1. साम्यावस्था

ऐसी अवस्था जिसमें अग्रगामी और पश्चगामी अभिक्रियाओं की दर बराबर हो और सांद्रताओं में समय के साथ शुद्ध परिवर्तन न हो, रासायनिक साम्यावस्था कहलाती है।

2. गतिशील साम्य

साम्य स्थिर प्रतीत होता है, लेकिन आण्विक स्तर पर अग्रगामी और पश्चगामी अभिक्रियाएँ चलती रहती हैं। इसलिए इसे गतिशील साम्य कहते हैं।

3. साम्य स्थिरांक

सामान्य अभिक्रिया:

aA+bB ⇌ cC+dD
Kc=[C]ᶜ[D]ᵈ/[A]ᵃ[B]ᵇ

4. ले-शातेलिए का सिद्धांत

साम्यावस्था में स्थित तंत्र पर ताप, दाब या सांद्रता में परिवर्तन करने पर तंत्र उस परिवर्तन के प्रभाव को कम करने वाली दिशा में खिसकता है।

5. अम्ल

जो पदार्थ H⁺ आयन दे सकते हैं या जलीय विलयन में H₃O⁺ आयन उत्पन्न करते हैं, अम्ल कहलाते हैं।

6. क्षारक

जो पदार्थ H⁺ स्वीकार करते हैं या जलीय विलयन में OH⁻ उपलब्ध कराते हैं, क्षारक कहलाते हैं।

7. pH

pH=−log[H⁺]

8. बफर विलयन

ऐसा विलयन जो थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाने पर pH में बड़े परिवर्तन का विरोध करता है, बफर विलयन कहलाता है।

9. विलेयता साम्य

अल्पविलेय लवणों के ठोस और उसके विलयन के बीच स्थापित साम्य को विलेयता साम्य कहते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. रासायनिक साम्य क्या है?
उलटनीय अभिक्रिया में अग्रगामी और पश्चगामी अभिक्रियाओं की दर बराबर होने की अवस्था रासायनिक साम्यावस्था है।
प्रश्न 2. गतिशील साम्य क्या है?
साम्यावस्था पर अग्रगामी और पश्चगामी दोनों अभिक्रियाएँ समान दर से चलती रहती हैं; इसलिए साम्य गतिशील होता है।
प्रश्न 3. pH का सूत्र लिखिए।
pH=−log[H⁺]

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. ले-शातेलिए सिद्धांत समझाइए।
साम्यावस्था वाले तंत्र में तापमान, दाब या सांद्रता बदलने पर तंत्र उस परिवर्तन के प्रभाव को कम करने वाली दिशा में विस्थापित होता है। उदाहरण के लिए अभिकारक की सांद्रता बढ़ाने पर साम्य सामान्यतः उत्पाद बनने की दिशा में खिसकता है।
प्रश्न. साम्य स्थिरांक Kc का महत्व क्या है?
Kc साम्यावस्था पर अभिकारकों और उत्पादों की सांद्रताओं के बीच संबंध बताता है। Kc का बड़ा मान उत्पादों की ओर साम्य की प्रवृत्ति और छोटा मान अभिकारकों की ओर प्रवृत्ति दर्शाता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. रासायनिक साम्य को प्रभावित करने वाले कारकों की व्याख्या कीजिए।
सांद्रता बदलने पर साम्य उस दिशा में खिसकता है जो परिवर्तन का विरोध करे। गैसीय अभिक्रियाओं में दाब बदलने पर साम्य कम गैसीय मोल वाली दिशा में जा सकता है। तापमान परिवर्तन साम्य स्थिरांक और दिशा दोनों को प्रभावित करता है। उत्प्रेरक साम्य की स्थिति नहीं बदलता, केवल साम्य तक पहुँचने की गति बढ़ाता है।
प्रश्न. अम्ल, क्षारक और बफर विलयन को समझाइए।
अम्ल H⁺ देने वाले और क्षारक H⁺ स्वीकार करने या OH⁻ देने वाले पदार्थ हैं। बफर विलयन अम्ल या क्षार की थोड़ी मात्रा मिलाने पर pH में होने वाले परिवर्तन का विरोध करता है। अम्ल-क्षार साम्य का अध्ययन pH, आयनन स्थिरांक और बफर की सहायता से किया जाता है।
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इकाई 7 — अपचयोपचय अभिक्रियाएँ (04 अंक)

1. ऑक्सीकरण

इलेक्ट्रॉन का त्याग, ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि या ऑक्सीजन का जुड़ना ऑक्सीकरण कहलाता है।

2. अपचयन

इलेक्ट्रॉन का ग्रहण, ऑक्सीकरण संख्या में कमी या हाइड्रोजन का जुड़ना अपचयन कहलाता है।

3. अपचयोपचय

जिस अभिक्रिया में ऑक्सीकरण और अपचयन साथ-साथ होते हैं, वह अपचयोपचय या रेडॉक्स अभिक्रिया कहलाती है।

4. ऑक्सीकरण संख्या

किसी यौगिक या आयन में किसी परमाणु पर आरोपित काल्पनिक आवेश को उसकी ऑक्सीकरण संख्या कहते हैं।

5. ऑक्सीकारक और अपचायक

ऑक्सीकारक दूसरे पदार्थ का ऑक्सीकरण करता है और स्वयं अपचयित होता है। अपचायक दूसरे पदार्थ का अपचयन करता है और स्वयं ऑक्सीकृत होता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. ऑक्सीकरण क्या है?
इलेक्ट्रॉन त्यागना या ऑक्सीकरण संख्या का बढ़ना ऑक्सीकरण कहलाता है।
प्रश्न 2. अपचयन क्या है?
इलेक्ट्रॉन ग्रहण करना या ऑक्सीकरण संख्या का कम होना अपचयन कहलाता है।
प्रश्न 3. ऑक्सीकारक क्या है?
जो पदार्थ दूसरे पदार्थ का ऑक्सीकरण करता है और स्वयं अपचयित होता है, वह ऑक्सीकारक कहलाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. रेडॉक्स अभिक्रिया को इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण के रूप में समझाइए।
रेडॉक्स अभिक्रिया में एक पदार्थ इलेक्ट्रॉन त्यागता है और दूसरा पदार्थ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है। इलेक्ट्रॉन त्यागने वाला ऑक्सीकृत और इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने वाला अपचयित होता है।
प्रश्न. ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात करने के दो सामान्य नियम लिखिए।
मुक्त तत्व में ऑक्सीकरण संख्या 0 होती है। एकल परमाणु आयन की ऑक्सीकरण संख्या उसके आयन आवेश के बराबर होती है। ऑक्सीजन सामान्यतः −2 तथा हाइड्रोजन सामान्यतः +1 होता है, विशेष परिस्थितियों को छोड़कर।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. ऑक्सीकारक और अपचायक में अंतर बताइए तथा उदाहरण दीजिए।
ऑक्सीकारक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है और स्वयं अपचयित होता है, जबकि अपचायक इलेक्ट्रॉन त्यागता है और स्वयं ऑक्सीकृत होता है। उदाहरण:
Zn+Cu²⁺→Zn²⁺+Cu
यहाँ Zn अपचायक और Cu²⁺ ऑक्सीकारक है।
प्रश्न. MnO₄⁻ में Mn की ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात कीजिए।
मान लें Mn की ऑक्सीकरण संख्या x है।
x+4(−2)=−1
x−8=−1
x=+7
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इकाई 8 — कार्बनिक रसायन: कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें (11 अंक)

1. कार्बन की चतुर्योजकता

कार्बन की संयोजकता 4 होती है और वह चार सहसंयोजक बंध बना सकता है। कार्बन की श्रृंखला बनाने की क्षमता को श्रृंखलन या catenation कहते हैं।

2. कार्बनिक यौगिकों का वर्गीकरण

  • खुली श्रृंखला
  • बंद श्रृंखला
  • समचक्रीय
  • विषमचक्रीय
  • ऐरोमैटिक
  • अलिफैटिक

3. संरचनात्मक निरूपण

कार्बनिक यौगिकों को Lewis संरचना, condensed formula और skeletal formula से प्रदर्शित किया जा सकता है।

4. समावयवता

समान आण्विक सूत्र लेकिन अलग संरचना या स्थानिक व्यवस्था वाले यौगिक समावयवी कहलाते हैं और घटना समावयवता कहलाती है।

5. IUPAC नामकरण

कार्बनिक यौगिकों को व्यवस्थित नाम देने के लिए IUPAC नामकरण प्रणाली का प्रयोग किया जाता है।

6. कार्बनिक अभिक्रियाओं के प्रकार

  • प्रतिस्थापन अभिक्रिया
  • योग अभिक्रिया
  • उन्मूलन अभिक्रिया
  • पुनर्विन्यास अभिक्रिया

7. अभिक्रिया क्रियाविधि

कार्बनिक अभिक्रिया में बंधों का टूटना और बनना तथा इलेक्ट्रॉनों का पुनर्विन्यास अभिक्रिया क्रियाविधि का आधार है।

8. कार्बनिक यौगिकों की शोधन विधियाँ

  • क्रिस्टलीकरण
  • आसवन
  • अंशीय आसवन
  • उर्ध्वपातन
  • क्रोमैटोग्राफी

9. गुणात्मक विश्लेषण

कार्बनिक यौगिक में C, H, N, S, P और हैलोजन जैसे तत्वों की पहचान गुणात्मक विश्लेषण से की जाती है।

10. मात्रात्मक विश्लेषण

यौगिक में उपस्थित विभिन्न तत्वों के प्रतिशत की गणना मात्रात्मक विश्लेषण से की जाती है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. कार्बन की चतुर्योजकता क्या है?
कार्बन की संयोजकता 4 है, इसलिए यह चार सहसंयोजक बंध बनाने में सक्षम है।
प्रश्न 2. श्रृंखलन क्या है?
कार्बन परमाणुओं का आपस में जुड़कर लंबी और शाखित श्रृंखलाएँ बनाने का गुण श्रृंखलन या catenation कहलाता है।
प्रश्न 3. समावयवता क्या है?
समान आण्विक सूत्र परंतु भिन्न संरचना या स्थानिक व्यवस्था वाले यौगिकों की घटना समावयवता कहलाती है।
प्रश्न 4. क्रोमैटोग्राफी क्या है?
मिश्रण के विभिन्न घटकों को उनके विभिन्न अवशोषण या वितरण के आधार पर अलग करने की विधि क्रोमैटोग्राफी कहलाती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. कार्बनिक यौगिकों की शोधन की तीन विधियाँ बताइए।
क्रिस्टलीकरण का उपयोग अशुद्ध ठोस पदार्थों को शुद्ध करने के लिए, आसवन का उपयोग द्रवों के पृथक्करण के लिए तथा क्रोमैटोग्राफी का उपयोग मिश्रण के घटकों के पृथक्करण एवं पहचान के लिए किया जाता है।
प्रश्न. कार्बनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख प्रकार लिखिए।
प्रतिस्थापन, योग, उन्मूलन और पुनर्विन्यास अभिक्रियाएँ कार्बनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख प्रकार हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. IUPAC नामकरण की मूल प्रक्रिया समझाइए।
सबसे लंबी कार्बन श्रृंखला को मूल शृंखला चुना जाता है। प्रमुख functional group की पहचान की जाती है। शृंखला को उस दिशा में क्रमांकित किया जाता है जिससे आवश्यक समूह को न्यूनतम लोकेंट मिले। उपस्थापकों के नाम और स्थान लिखकर अंत में मुख्य functional group के अनुरूप प्रत्यय लगाया जाता है।
प्रश्न. कार्बनिक यौगिकों की समावयवता को उदाहरण सहित समझाइए।
समान आण्विक सूत्र वाले यौगिकों की संरचना अलग हो तो संरचनात्मक समावयवता होती है। उदाहरण के लिए C₄H₁₀ के n-butane और isobutane संरचनात्मक समावयवी हैं। इसी प्रकार functional group और स्थान आधारित समावयवता के उदाहरण भी मिलते हैं।
प्रश्न. कार्बनिक यौगिकों के गुणात्मक एवं मात्रात्मक विश्लेषण में अंतर बताइए।
गुणात्मक विश्लेषण में यह निर्धारित किया जाता है कि यौगिक में कौन-कौन से तत्व उपस्थित हैं। मात्रात्मक विश्लेषण में उपस्थित तत्वों की मात्रा या प्रतिशत संघटन ज्ञात किया जाता है।
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इकाई 9 — हाइड्रोकार्बन (10 अंक)

1. हाइड्रोकार्बन

वे कार्बनिक यौगिक जिनमें केवल कार्बन और हाइड्रोजन उपस्थित होते हैं, हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।

2. वर्गीकरण

वर्गमुख्य बंधउदाहरण
ऐल्केनएकल बंधCH₄
ऐल्कीनद्विबंधC₂H₄
ऐल्काइनत्रिबंधC₂H₂
ऐरोमैटिकसंयुग्मित/चक्रीय π प्रणालीबेंजीन

3. ऐल्केन

सामान्य सूत्र:

CₙH₂ₙ₊₂

ऐल्केन संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं।

4. ऐल्कीन

CₙH₂ₙ

इनमें कम से कम एक C=C द्विबंध होता है।

5. ऐल्काइन

CₙH₂ₙ₋₂

इनमें कम से कम एक C≡C त्रिबंध होता है।

6. बेंजीन

बेंजीन का आण्विक सूत्र C₆H₆ है और यह एक स्थिर ऐरोमैटिक चक्रीय यौगिक है।

7. ऐल्केन की प्रमुख अभिक्रिया

CH₄+Cl₂ → CH₃Cl+HCl

यह प्रकाश की उपस्थिति में प्रतिस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है।

8. ऐल्कीन की योग अभिक्रियाएँ

CH₂=CH₂ + H₂ → CH₃−CH₃
CH₂=CH₂ + Br₂ → CH₂Br−CH₂Br

9. ऐल्काइन

ऐल्काइन योग अभिक्रियाएँ देते हैं और उनके त्रिबंध के कारण इनकी असंतृप्त प्रकृति होती है।

10. कैंसरजन्य गुण और विषाक्तता

कुछ हाइड्रोकार्बन तथा उनके उत्पाद स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। कुछ बहु-चक्रीय ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन कैंसरजन्य प्रभाव से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए इनके संपर्क और धुएँ से बचाव आवश्यक है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. हाइड्रोकार्बन क्या हैं?
केवल कार्बन और हाइड्रोजन से बने कार्बनिक यौगिक हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।
प्रश्न 2. ऐल्केन का सामान्य सूत्र लिखिए।
CₙH₂ₙ₊₂
प्रश्न 3. ऐल्कीन क्या है?
ऐसे असंतृप्त हाइड्रोकार्बन जिनमें कम से कम एक C=C द्विबंध होता है, ऐल्कीन कहलाते हैं।
प्रश्न 4. बेंजीन का आण्विक सूत्र क्या है?
C₆H₆

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. ऐल्केन, ऐल्कीन और ऐल्काइन में अंतर बताइए।
ऐल्केन संतृप्त होते हैं और उनमें C−C एकल बंध होते हैं; सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है। ऐल्कीन में C=C द्विबंध और सूत्र CₙH₂ₙ है। ऐल्काइन में C≡C त्रिबंध और सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ है।
प्रश्न. ऐल्कीन की योग अभिक्रिया क्या है?
ऐल्कीन के द्विबंध पर परमाणुओं या समूहों का जुड़ना योग अभिक्रिया है। उदाहरण:
CH₂=CH₂+H₂→CH₃−CH₃

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में अंतर बताइए।
संतृप्त हाइड्रोकार्बन में केवल C−C एकल बंध होते हैं, जैसे ऐल्केन। असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में एक या अधिक द्विबंध या त्रिबंध होते हैं, जैसे ऐल्कीन और ऐल्काइन। असंतृप्त यौगिक सामान्यतः योग अभिक्रियाएँ देते हैं जबकि संतृप्त यौगिक सामान्यतः प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ देते हैं।
प्रश्न. ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन की विशेषताएँ बताइए।
ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन में चक्रीय, समतलीय और संयुग्मित π इलेक्ट्रॉन प्रणाली होती है। बेंजीन इसका प्रमुख उदाहरण है। ये विशिष्ट स्थिरता प्रदर्शित करते हैं और सामान्यतः प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ देते हैं।
प्रश्न. CH₂=CH₂ + H₂ अभिक्रिया को समझाइए।
एथीन के C=C द्विबंध पर H₂ जुड़ता है। निकेल, प्लैटिनम या पैलेडियम जैसे उत्प्रेरक की उपस्थिति में:
CH₂=CH₂+H₂→CH₃−CH₃
इसमें एथीन से एथेन बनता है। यह योग और हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया है।
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कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान — वस्तुनिष्ठ प्रश्न बैंक

सही विकल्प — उत्तर सहित

  1. एक मोल में कणों की संख्या होती है — 6.022×10²³
  2. बल का SI मात्रक — न्यूटन नहीं, बल्कि रसायन विज्ञान में द्रव्यमान का SI मात्रक kg है।
  3. परमाणु के केंद्र में स्थित कण — प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
  4. आधुनिक आवर्त नियम आधारित है — परमाणु क्रमांक पर
  5. NaCl में बंध है — आयनिक बंध
  6. CH₄ में कार्बन का संकरण — sp³
  7. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम — ऊर्जा संरक्षण से संबंधित
  8. pH का सूत्र — −log[H⁺]
  9. ऑक्सीकरण में — इलेक्ट्रॉन का त्याग
  10. ऐल्केन का सामान्य सूत्र — CₙH₂ₙ₊₂
  11. ऐल्कीन का सामान्य सूत्र — CₙH₂ₙ
  12. बेंजीन का सूत्र — C₆H₆

रिक्त स्थान — उत्तर सहित

  1. एक मोल में ________ कण होते हैं। — 6.022×10²³
  2. आधुनिक आवर्त सारणी में ________ समूह हैं। — 18
  3. आवर्त सारणी में ________ आवर्त हैं। — 7
  4. NaCl में ________ बंध पाया जाता है। — आयनिक
  5. CH₄ में कार्बन का संकरण ________ है। — sp³
  6. pH = ________। — −log[H⁺]
  7. रेडॉक्स अभिक्रिया में ऑक्सीकरण और ________ साथ-साथ होते हैं। — अपचयन
  8. ऐल्केन का सामान्य सूत्र ________ है। — CₙH₂ₙ₊₂

सत्य / असत्य — उत्तर सहित

  1. एक मोल में 6.022×10²³ कण होते हैं। — सत्य
  2. इलेक्ट्रॉन धनावेशित होता है। — असत्य
  3. आधुनिक आवर्त नियम परमाणु क्रमांक पर आधारित है। — सत्य
  4. NaCl में सहसंयोजक बंध होता है। — असत्य
  5. VSEPR सिद्धांत इलेक्ट्रॉन युग्म प्रतिकर्षण से संबंधित है। — सत्य
  6. ΔG<0 पर प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित हो सकता है। — सत्य
  7. ऑक्सीकरण में इलेक्ट्रॉन का ग्रहण होता है। — असत्य
  8. ऐल्कीन संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं। — असत्य

सही जोड़ी — उत्तर सहित

कॉलम Aकॉलम B
1. अवोगाद्रो संख्या6.022×10²³
2. आधुनिक आवर्त नियमपरमाणु क्रमांक
3. NaClआयनिक बंध
4. CH₄sp³ संकरण
5. ΔGगिब्ज ऊर्जा
6. KMnO₄ में Mn+7
7. C₂H₄ऐल्कीन
8. C₂H₂ऐल्काइन

एक वाक्य में उत्तर — उत्तर सहित

  1. मोल क्या है? — 6.022×10²³ कणों वाली पदार्थ की मात्रा।
  2. परमाणु क्रमांक क्या है? — नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या।
  3. आवर्तिता क्या है? — परमाणु क्रमांक बढ़ने पर गुणों की आवर्ती पुनरावृत्ति।
  4. रासायनिक बंध क्या है? — परमाणुओं के बीच आकर्षण जो उन्हें स्थिर रखता है।
  5. एन्थैल्पी क्या है? — H=U+PV द्वारा दी गई ऊष्मागतिक अवस्था राशि।
  6. रेडॉक्स अभिक्रिया क्या है? — जिसमें ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों होते हैं।
  7. समावयवता क्या है? — समान आण्विक सूत्र वाले भिन्न संरचना/व्यवस्था के यौगिकों की घटना।
  8. ऐल्केन क्या है? — संतृप्त हाइड्रोकार्बन जिनका सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है।
  9. ऐल्कीन क्या है? — द्विबंध वाले असंतृप्त हाइड्रोकार्बन।
  10. ऐल्काइन क्या है? — त्रिबंध वाले असंतृप्त हाइड्रोकार्बन।

महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न — मॉडल उत्तर सहित

प्रश्न 1. 0.5 mol O₂ में अणुओं की संख्या ज्ञात कीजिए।
N=nNA
=0.5×6.022×10²³
=3.011×10²³ अणु
प्रश्न 2. 44 g CO₂ में कितने मोल हैं?
CO₂ का मोलर द्रव्यमान=44 g mol⁻¹
n=44/44
=1 mol
प्रश्न 3. 0.25 mol NaOH का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
NaOH का मोलर द्रव्यमान=23+16+1=40 g mol⁻¹
m=nM
=0.25×40
=10 g
प्रश्न 4. H₂O में ऑक्सीजन का प्रतिशत संघटन ज्ञात कीजिए।
H₂O का मोलर द्रव्यमान=18
O का द्रव्यमान=16
%=16/18×100
88.89%
प्रश्न 5. किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान 23 है। उसके 2 mol का द्रव्यमान कितना होगा?
m=nM
=2×23
=46 g
प्रश्न 6. यदि [H⁺]=10⁻³ M, तो pH ज्ञात कीजिए।
pH=−log[H⁺]
=−log10⁻³
=3
प्रश्न 7. MnO₄⁻ में Mn की ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात करें।
x+4(−2)=−1
x−8=−1
=+7
प्रश्न 8. यदि ΔH=50 kJ mol⁻¹ और ΔS=0.1 kJ K⁻¹ mol⁻¹, T=500 K हो, तो ΔG ज्ञात कीजिए।
ΔG=ΔH−TΔS
=50−500(0.1)
=50−50
=0 kJ mol⁻¹
अतः इस तापमान पर साम्यावस्था की स्थिति है।

4 अंक के अत्यंत महत्वपूर्ण संभावित प्रश्न — पूरे पाठ्यक्रम से

1. मोल संकल्पना एवं स्टॉइकियोमेट्री को उदाहरण सहित समझाइए।
मोल पदार्थ की ऐसी मात्रा है जिसमें 6.022×10²³ कण होते हैं। किसी पदार्थ के मोल n=m/M से ज्ञात किए जाते हैं। संतुलित रासायनिक समीकरण से अभिकारक और उत्पादों के बीच मोल अनुपात प्राप्त होता है और इसी आधार पर द्रव्यमान, मोल तथा कणों की गणना की जाती है।
2. बोर मॉडल की मुख्य मान्यताएँ एवं सीमाएँ लिखिए।
बोर ने निश्चित ऊर्जा स्तरों और स्थिर कक्षाओं की संकल्पना दी। इलेक्ट्रॉन स्थिर कक्षा में ऊर्जा नहीं विकिरित करते तथा कक्षा परिवर्तन पर ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण करते हैं। इसकी सीमाओं में बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं की व्याख्या न कर पाना और सूक्ष्म स्पेक्ट्रम प्रभावों को न समझा पाना शामिल है।
3. आधुनिक आवर्त सारणी में आवर्तिता को समझाइए।
आधुनिक आवर्त सारणी परमाणु क्रमांक पर आधारित है। आवर्त में परमाणु त्रिज्या सामान्यतः घटती जबकि आयनन एन्थैल्पी और वैद्युत ऋणात्मकता सामान्यतः बढ़ती है। समूह में नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ता है और आयनन एन्थैल्पी एवं वैद्युत ऋणात्मकता सामान्यतः घटती है।
4. रासायनिक बंध के विभिन्न प्रकारों का तुलनात्मक वर्णन कीजिए।
आयनिक बंध इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से बनता है। सहसंयोजक बंध इलेक्ट्रॉन साझेदारी से बनता है। धात्विक बंध धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉनों के कारण होता है। हाइड्रोजन बंध अपेक्षाकृत कमजोर आकर्षण है जो H और अधिक वैद्युतऋणात्मक परमाणु के बीच विकसित होता है।
5. ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम और गिब्ज ऊर्जा के बीच संबंध समझाइए।
प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण बताता है: ΔU=q+w। एन्थैल्पी H=U+PV से दी जाती है। नियत ताप और दाब पर स्वतः प्रवर्तिता के लिए ΔG=ΔH−TΔS का उपयोग होता है। ΔG ऋणात्मक होने पर प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित माना जाता है, जबकि ΔG=0 साम्यावस्था को दर्शाता है।
6. रासायनिक साम्य पर ले-शातेलिए सिद्धांत का प्रभाव समझाइए।
सांद्रता बढ़ाने पर साम्य उस पदार्थ की खपत वाली दिशा में खिसकता है। गैसीय साम्य में दाब बढ़ाने पर साम्य कम गैसीय मोल वाली दिशा में जाता है। तापमान परिवर्तन के लिए ऊष्माक्षेपी या ऊष्माशोषी प्रकृति का ध्यान रखना पड़ता है। उत्प्रेरक साम्य की स्थिति नहीं बदलता।
7. रेडॉक्स अभिक्रियाओं में ऑक्सीकरण संख्या की भूमिका समझाइए।
ऑक्सीकरण संख्या के परिवर्तन से पता लगाया जा सकता है कि कौन-सा तत्व ऑक्सीकृत और कौन-सा अपचयित हुआ। ऑक्सीकरण संख्या बढ़ना ऑक्सीकरण और घटना अपचयन दर्शाती है। इलेक्ट्रॉन संतुलन की सहायता से रेडॉक्स अभिक्रिया को संतुलित किया जा सकता है।
8. कार्बनिक यौगिकों की शोधन एवं विश्लेषण की विधियाँ बताइए।
क्रिस्टलीकरण, आसवन, अंशीय आसवन, उर्ध्वपातन और क्रोमैटोग्राफी शोधन के प्रमुख तरीके हैं। गुणात्मक विश्लेषण में तत्वों की पहचान और मात्रात्मक विश्लेषण में उनके प्रतिशत या मात्रा का निर्धारण किया जाता है।
9. ऐल्केन, ऐल्कीन और ऐल्काइन की संरचना एवं प्रमुख अभिक्रियाएँ समझाइए।
ऐल्केन संतृप्त होते हैं और उनका सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है। ऐल्कीन में C=C और सूत्र CₙH₂ₙ है तथा वे योग अभिक्रियाएँ देते हैं। ऐल्काइन में C≡C और सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ है। बेंजीन ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन का प्रमुख उदाहरण है।

कक्षा 11वीं रसायन विज्ञान — अंतिम रिवीजन चेकलिस्ट

इकाई 1 — मूल अवधारणाएँ
मोल • मोलर द्रव्यमान • अवोगाद्रो संख्या • प्रतिशत संघटन • स्टॉइकियोमेट्री
इकाई 2 — परमाणु संरचना
अवपरमाण्विक कण • परमाणु मॉडल • बोर मॉडल • क्वांटम संख्याएँ
इकाई 3 — आवर्तिता
आधुनिक आवर्त नियम • ब्लॉक • परमाणु त्रिज्या • आयनन एन्थैल्पी
इकाई 4 — रासायनिक आबंधन
Lewis • आयनिक • सहसंयोजक • VSEPR • Hybridisation • H-bond
इकाई 5 — ऊष्मागतिकी
ΔU • ΔH • Hess law • Entropy • Gibbs energy • Spontaneity
इकाई 6 — साम्य
Kc • गतिशील साम्य • Le Chatelier • pH • Buffer
इकाई 7 — रेडॉक्स
Oxidation • Reduction • Oxidising agent • Reducing agent • Oxidation number
इकाई 8 — कार्बनिक रसायन
IUPAC • Isomerism • Reaction mechanism • Purification • Analysis
इकाई 9 — हाइड्रोकार्बन
Alkane • Alkene • Alkyne • Aromatic • Addition • Substitution
सबसे अधिक अंक वाले भाग: कार्बनिक रसायन (11), हाइड्रोकार्बन (10), परमाणु संरचना (09), ऊष्मागतिकी (09)। इन अध्यायों के साथ संख्यात्मक प्रश्न, संरचना, अभिक्रिया और सिद्धांत का विशेष अभ्यास करें।

पूरे पाठ्यक्रम से 50 अति महत्वपूर्ण प्रश्न — उत्तर सहित

  1. मोल क्या है?
    6.022×10²³ कणों वाली पदार्थ की मात्रा को एक मोल कहते हैं।
  2. अवोगाद्रो संख्या क्या है?
    6.022×10²³ mol⁻¹।
  3. द्रव्यमान संरक्षण का नियम लिखिए।
    रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है।
  4. डॉल्टन का सिद्धांत क्या है?
    पदार्थ परमाणुओं से बना है और परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में संयोजित होते हैं।
  5. मोलर द्रव्यमान क्या है?
    एक मोल पदार्थ का द्रव्यमान।
  6. रदरफोर्ड मॉडल की प्रमुख खोज क्या थी?
    परमाणु में छोटे, भारी, धनावेशित नाभिक का अस्तित्व।
  7. बोर मॉडल का एक प्रमुख सिद्धांत बताइए।
    इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों में रहते हैं।
  8. पॉली अपवर्जन सिद्धांत क्या है?
    किसी दो इलेक्ट्रॉनों की चारों क्वांटम संख्याएँ समान नहीं हो सकतीं।
  9. आधुनिक आवर्त नियम क्या है?
    तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन हैं।
  10. आवर्त में परमाणु त्रिज्या का रुझान क्या है?
    बाएँ से दाएँ सामान्यतः घटती है।
  11. समूह में परमाणु त्रिज्या का रुझान क्या है?
    ऊपर से नीचे सामान्यतः बढ़ती है।
  12. आयनिक बंध क्या है?
    विपरीत आवेशित आयनों के बीच आकर्षण से बना बंध।
  13. सहसंयोजक बंध क्या है?
    इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी से बना बंध।
  14. VSEPR सिद्धांत क्या है?
    इलेक्ट्रॉन युग्मों के प्रतिकर्षण से आण्विक आकृति निर्धारित होती है।
  15. CH₄ में संकरण क्या है?
    sp³।
  16. हाइड्रोजन बंध क्या है?
    H और अधिक वैद्युतऋणात्मक परमाणु के बीच विशेष आकर्षण।
  17. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम क्या है?
    ΔU=q+w।
  18. हेस का नियम क्या है?
    कुल एन्थैल्पी परिवर्तन मार्ग पर निर्भर नहीं करता।
  19. गिब्ज ऊर्जा का सूत्र क्या है?
    ΔG=ΔH−TΔS।
  20. ΔG<0 का क्या अर्थ है?
    प्रक्रम स्वतः प्रवर्तित हो सकता है।
  21. रासायनिक साम्य क्या है?
    अग्रगामी और पश्चगामी अभिक्रियाओं की दर समान होने की अवस्था।
  22. गतिशील साम्य क्या है?
    साम्यावस्था में दोनों विपरीत अभिक्रियाएँ समान दर से चलती रहती हैं।
  23. ले-शातेलिए सिद्धांत क्या है?
    साम्य तंत्र लगाए गए परिवर्तन के प्रभाव को कम करने वाली दिशा में खिसकता है।
  24. pH का सूत्र क्या है?
    pH=−log[H⁺]।
  25. बफर विलयन क्या है?
    वह विलयन जो pH में बड़े परिवर्तन का विरोध करता है।
  26. ऑक्सीकरण क्या है?
    इलेक्ट्रॉन का त्याग या ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि।
  27. अपचयन क्या है?
    इलेक्ट्रॉन का ग्रहण या ऑक्सीकरण संख्या में कमी।
  28. ऑक्सीकारक क्या है?
    जो दूसरे का ऑक्सीकरण करे और स्वयं अपचयित हो।
  29. अपचायक क्या है?
    जो दूसरे का अपचयन करे और स्वयं ऑक्सीकृत हो।
  30. कार्बन की चतुर्योजकता क्या है?
    कार्बन चार सहसंयोजक बंध बना सकता है।
  31. श्रृंखलन क्या है?
    कार्बन परमाणुओं के आपस में जुड़कर श्रृंखला बनाने का गुण।
  32. समावयवता क्या है?
    समान आण्विक सूत्र वाले अलग संरचना/व्यवस्था वाले यौगिकों की घटना।
  33. IUPAC नामकरण क्यों आवश्यक है?
    कार्बनिक यौगिकों को विश्वभर में एक समान व्यवस्थित नाम देने के लिए।
  34. क्रिस्टलीकरण का उपयोग क्या है?
    अशुद्ध ठोस पदार्थों को शुद्ध करने के लिए।
  35. क्रोमैटोग्राफी क्या है?
    मिश्रण के घटकों को अलग करने की विधि।
  36. हाइड्रोकार्बन क्या हैं?
    केवल कार्बन और हाइड्रोजन से बने यौगिक।
  37. ऐल्केन का सामान्य सूत्र क्या है?
    CₙH₂ₙ₊₂।
  38. ऐल्कीन का सामान्य सूत्र क्या है?
    CₙH₂ₙ।
  39. ऐल्काइन का सामान्य सूत्र क्या है?
    CₙH₂ₙ₋₂।
  40. बेंजीन का सूत्र क्या है?
    C₆H₆।
  41. ऐल्केन की प्रमुख अभिक्रिया कौन-सी है?
    प्रतिस्थापन अभिक्रिया।
  42. ऐल्कीन की प्रमुख अभिक्रिया कौन-सी है?
    योग अभिक्रिया।
  43. ऐल्कीन का हाइड्रोजनीकरण क्या है?
    द्विबंध पर H₂ का जुड़ना जिससे संतृप्त ऐल्केन बनता है।
  44. समावयवी क्या हैं?
    समान आण्विक सूत्र परंतु अलग संरचना/व्यवस्था वाले यौगिक।
  45. ऑक्सीकरण संख्या क्या है?
    किसी यौगिक में परमाणु पर आरोपित काल्पनिक आवेश।
  46. आयनन एन्थैल्पी क्या है?
    गैसीय परमाणु से इलेक्ट्रॉन हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा।
  47. वैद्युत ऋणात्मकता क्या है?
    सहसंयोजक बंध में साझा इलेक्ट्रॉन युग्म को आकर्षित करने की प्रवृत्ति।
  48. एन्थैल्पी क्या है?
    H=U+PV द्वारा व्यक्त ऊष्मागतिक अवस्था राशि।
  49. रासायनिक साम्य को उत्प्रेरक कैसे प्रभावित करता है?
    उत्प्रेरक साम्य की स्थिति नहीं बदलता, केवल साम्य तक पहुँचने की गति बढ़ाता है।
  50. कार्बनिक विश्लेषण में qualitative analysis क्या है?
    यौगिक में कौन-कौन से तत्व उपस्थित हैं, यह ज्ञात करना।
  51. quantitative analysis क्या है?
    विभिन्न तत्वों की मात्रा या प्रतिशत ज्ञात करना।
  52. रासायनिक अभिक्रिया का संतुलन क्यों आवश्यक है?
    यह द्रव्यमान संरक्षण का पालन कराता है और स्टॉइकियोमेट्रिक गणनाओं के लिए सही अनुपात देता है।

कक्षा 11वीं Chemistry — परीक्षा में उत्तर लिखने की रणनीति

अंकउत्तर कैसे लिखें
01सटीक तथ्य, सूत्र, नाम, नियम या एक वाक्य।
02परिभाषा + सूत्र या दो मुख्य बिंदु।
03परिभाषा + सिद्धांत + उदाहरण/अभिक्रिया।
04परिभाषा + विस्तृत व्याख्या + सूत्र/अभिक्रिया + निष्कर्ष या numerical steps।
Numerical में हमेशा लिखें:
दिया है → ज्ञात करना है → सूत्र → मान स्थापित करना → गणना → इकाई → अंतिम उत्तर।

Organic Chemistry में: संरचना, नाम, functional group, reaction conditions तथा उत्पाद को स्पष्ट लिखें।

Inorganic/Physical में: नियम, प्रवृत्ति, सूत्र, इकाई और कारण अवश्य लिखें।
विशेष प्राथमिकता: 11 अंक — कार्बनिक रसायन, 10 अंक — हाइड्रोकार्बन, 09 अंक — परमाणु संरचना, 09 अंक — ऊष्मागतिकी। इन चार भागों के 2, 3 और 4 अंक वाले प्रश्नों के साथ संख्यात्मक एवं अभिक्रिया अभ्यास अनिवार्य रूप से करें।
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कक्षा 11वीं Chemistry • सरल नोट्स • सूत्र • अभिक्रियाएँ • Numerical • महत्वपूर्ण प्रश्न

अस्वीकरण (Disclaimer):

> 1. अध्ययन एवं अभ्यास उद्देश्य: इस पोस्ट में दी गई अंक योजना (Blueprint), पाठ्यक्रम, AI-जनरेटेड सरल नोट्स तथा अभ्यास प्रश्नोत्तर माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के नवीनतम दिशा-निर्देशों एवं NCERT पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, पुनरावलोकन और परीक्षा अभ्यास के लिए तैयार किए गए हैं।

> 2. प्रश्नोत्तर एवं संभावित प्रश्न: पोस्ट में शामिल सभी वस्तुनिष्ठ, लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर केवल मॉडल/अभ्यास प्रश्न (Practice Questions) हैं। यह बोर्ड/वार्षिक परीक्षा का कोई आधिकारिक प्रश्नपत्र नहीं है और न ही परीक्षा में हूबहू यही प्रश्न पूछे जाने का कोई दावा किया जाता है।

> 3. उत्तरों का सत्यापन: यद्यपि सभी उत्तरों, सूत्रों, रासायनिक समीकरणों एवं गणनाओं को सटीक और त्रुटिरहित रखने का पूर्ण प्रयास किया गया है, फिर भी विद्यार्थी किसी भी तकनीकी या तथ्यात्मक संदेह की स्थिति में अपनी अधिकृत NCERT पाठ्यपुस्तकों तथा विषय शिक्षकों के मार्गदर्शन को ही अंतिम व सर्वमान्य आधार मानें।

> 4. आधिकारिक सूचना: परीक्षा कार्यक्रम, आंतरिक मूल्यांकन/प्रायोगिक परीक्षा, अंक योजना में किसी भी संभावित संशोधन अथवा आधिकारिक विज्ञप्ति के लिए सदैव माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी निर्देशों को ही अधिकृत माना जाए। 

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कक्षा 11वीं जीव विज्ञान नोट्स : MP Board Class 11th Biology Blueprint, Notes & Important Diagrams 2026-27

MP Board Class 11th Biology Blueprint, Notes & Important Diagrams 2026-27 | कक्षा 11वीं जीव विज्ञान नोट्स, नामांकित चित्र एवं अंक योजना

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं जीव विज्ञान (वनस्पति एवं प्राणी विज्ञान) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित संक्षिप्त नोट्स, नामांकित चित्र, महत्वपूर्ण वर्गीकरण एवं मॉडल अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 11वीं जीव विज्ञान अध्ययन सामग्री

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं वार्षिक परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। कक्षा 11वीं जीव विज्ञान (Biology) न केवल वार्षिक परीक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण विषय है, बल्कि यह कक्षा 12वीं के आधार तथा मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) के सम्पूर्ण पाठ्यक्रम की मुख्य आधारशिला भी है।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को सुव्यवस्थित, सटीक और सरल बनाने के लिए यहाँ कक्षा 11वीं जीव विज्ञान (वनस्पति विज्ञान एवं प्राणी विज्ञान) की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, महत्वपूर्ण नामांकित रेखाचित्र (Labeled Diagrams), वर्गीकरण चार्ट एवं परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कक्षा 11वीं जीव विज्ञान (Biology)

सम्पूर्ण सरल नोट्स एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27

पूर्णांक — 70 | समय — 3:00 घंटे

अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना

क्र. इकाई / अध्याय आवंटित अंक
1 जीव जगत में विविधता —
1. जीव जगत
2. जीव जगत का वर्गीकरण
3. वनस्पति जगत
4. प्राणी जगत
12
2 पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन —
5. पुष्पी पादपों की आकारिकी
6. पुष्पी पादपों का शरीर
7. प्राणियों में संरचनात्मक संगठन
14
3 कोशिका संरचना एवं कार्य —
8. कोशिकाः जीवन की इकाई
9. जैव अणु
10. कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन
12
4 पादप कार्यकीय (शरीर क्रियात्मकता) —
11. उच्च पादपों में प्रकाश संश्लेषण
12. पादप में श्वसन
13. पादप वृद्धि एवं परिवर्धन
14
5 मानव शरीर विज्ञान —
14. श्वसन और गैसों का विनिमय
15. शरीर द्रव तथा परिसंचरण
16. उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन
17. गमन एवं संचलन
18. तांत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय
19. रासायनिक समन्वय तथा एकीकरण
18
कुल योग 70
प्रश्न क्रमांक प्रकार प्रश्न संख्या कुल अंक
1सही विकल्प0606
2रिक्त स्थान0606
3सत्य / असत्य0606
4सही जोड़ी0505
5एक वाक्य में उत्तर0505
6–12लघु उत्तरीय0714
13–16मध्यम उत्तरीय0412
17–20दीर्घ उत्तरीय0416
परीक्षा तैयारी: जीव विज्ञान में परिभाषाएँ, वर्गीकरण, संरचनाएँ, तालिकाएँ, जैविक प्रक्रियाएँ, तुलना, कारण, कार्य और आरेख आधारित बिंदुओं का विशेष अभ्यास करें।

इकाई 1 — जीव जगत में विविधता (12 अंक)

अध्याय 1 — जीव जगत

1. जीव विज्ञान का अर्थ

जीव विज्ञान जीवों की संरचना, संगठन, कार्य, वृद्धि, जनन, विकास, वर्गीकरण तथा पर्यावरण के साथ उनके संबंधों का अध्ययन है।

2. जीवों की प्रमुख विशेषताएँ

  • वृद्धि
  • जनन
  • उपापचय
  • उत्तेजनशीलता
  • संगठन का जटिल स्तर
  • पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया

3. वृद्धि

जीवों में कोशिकाओं की संख्या या आकार में वृद्धि होना वृद्धि कहलाता है। बहुकोशिकीय जीवों में वृद्धि सामान्यतः कोशिका विभाजन से संबंधित होती है।

4. जनन

अपने समान नई संतति उत्पन्न करने की जैविक प्रक्रिया जनन कहलाती है। यह जीवों की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण है।

5. उपापचय

जीवों में होने वाली सभी रासायनिक अभिक्रियाओं का सामूहिक रूप उपापचय कहलाता है।

6. वर्गिकी

जीवों की पहचान, नामकरण और वर्गीकरण का अध्ययन वर्गिकी कहलाता है।

7. द्विनाम पद्धति

वैज्ञानिक नामकरण में प्रत्येक जीव का नाम दो शब्दों से मिलकर बना होता है—पहला वंश नाम और दूसरा जाति विशेषण।

8. वर्गिकी श्रेणियाँ

जगत → संघ → वर्ग → गण → कुल → वंश → जाति।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. जीव विज्ञान क्या है?
जीवों की संरचना, कार्य, वृद्धि, जनन, विकास और पर्यावरण से संबंधों के अध्ययन को जीव विज्ञान कहते हैं।
प्रश्न 2. उपापचय क्या है?
जीवों की कोशिकाओं में होने वाली सभी रासायनिक अभिक्रियाओं का सामूहिक नाम उपापचय है।
प्रश्न 3. द्विनाम पद्धति क्या है?
किसी जीव का वैज्ञानिक नाम दो शब्दों—वंश और जाति विशेषण—में लिखने की पद्धति द्विनाम पद्धति कहलाती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. जीवों की तीन प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
जीवों में उपापचय, वृद्धि तथा उत्तेजनशीलता जैसी विशेषताएँ पाई जाती हैं। अधिकांश जीव जनन द्वारा अपनी जाति की निरंतरता बनाए रखते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. जीव जगत में वर्गीकरण की आवश्यकता समझाइए।
जीवों की संख्या और विविधता अत्यधिक है। वर्गीकरण से जीवों की पहचान, अध्ययन और उनके बीच संबंधों को समझना आसान होता है। समान लक्षण वाले जीवों को एक समूह में रखने से अध्ययन व्यवस्थित होता है और वैज्ञानिक नामकरण में भी सहायता मिलती है।
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कक्षा 11वीं Biology • सरल नोट्स • महत्वपूर्ण प्रश्न

अध्याय 2 — जीव जगत का वर्गीकरण

1. पंच-जगत वर्गीकरण

जीवों को पाँच जगतों—Monera, Protista, Fungi, Plantae और Animalia—में बाँटने का प्रस्ताव पाँच-जगत वर्गीकरण के रूप में जाना जाता है।

जगतमुख्य विशेषता
Moneraप्रोकैरियोटिक जीव
Protistaमुख्यतः एककोशिकीय यूकैरियोट
Fungiपरपोषी, कोशिका भित्ति में काइटिन
Plantaeबहुकोशिकीय, सामान्यतः स्वपोषी
Animaliaबहुकोशिकीय, परपोषी

2. मोनेरा

जीवाणु जैसे प्रोकैरियोटिक जीव मोनेरा में रखे जाते हैं। इनमें सुसंगठित केंद्रक नहीं होता।

3. प्रोटिस्टा

अधिकांश एककोशिकीय यूकैरियोटिक जीव इस जगत में रखे जाते हैं।

4. कवक

कवक परपोषी होते हैं और सामान्यतः मृत कार्बनिक पदार्थ से पोषण प्राप्त करते हैं।

5. वायरस

वायरस अकोशिकीय संरचनाएँ हैं जो जीवित कोशिका के अंदर ही सक्रिय रूप से अपनी प्रतिकृति बना सकते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. मोनेरा की एक प्रमुख विशेषता बताइए।
मोनेरा के जीव प्रोकैरियोटिक होते हैं और इनमें स्पष्ट झिल्लीबद्ध केंद्रक नहीं होता।
प्रश्न 2. कवक की कोशिका भित्ति किसकी बनी होती है?
कवक की कोशिका भित्ति मुख्यतः काइटिन की बनी होती है।
प्रश्न 3. वायरस की एक प्रमुख विशेषता लिखिए।
वायरस अकोशिकीय होते हैं और जीवित कोशिका के अंदर ही अपनी प्रतिकृति बना सकते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. मोनेरा और प्रोटिस्टा में अंतर बताइए।
मोनेरा के जीव प्रोकैरियोटिक होते हैं जबकि प्रोटिस्टा के जीव यूकैरियोटिक होते हैं। मोनेरा में सुसंगठित केंद्रक नहीं होता, जबकि प्रोटिस्टा में स्पष्ट केंद्रक पाया जाता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. पंच-जगत वर्गीकरण समझाइए।
पंच-जगत वर्गीकरण में जीवों को मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, पादप और जंतु जगत में बाँटा गया। वर्गीकरण में कोशिका की प्रकृति, संगठन का स्तर, पोषण और विकासीय संबंधों जैसे लक्षणों को महत्व दिया गया। इससे विभिन्न प्रकार के जीवों को व्यवस्थित ढंग से समझना आसान हुआ।
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Biology • Classification • Diversity

अध्याय 3 — वनस्पति जगत

1. पादप जगत

पादपों का वर्गीकरण उनकी शारीरिक संरचना, संवहनी ऊतक, बीज निर्माण तथा प्रजनन विशेषताओं के आधार पर किया जाता है।

2. शैवाल

मुख्यतः जलीय, प्रकाश संश्लेषी और साधारण पादप शरीर वाले जीव शैवाल कहलाते हैं।

3. ब्रायोफाइटा

इन्हें पादप जगत के उभयचर कहा जाता है क्योंकि ये सामान्यतः स्थलीय होते हुए भी निषेचन के लिए जल पर निर्भर रहते हैं।

4. प्टेरिडोफाइटा

इनमें संवहनी ऊतक पाए जाते हैं, लेकिन बीज नहीं बनते।

5. जिम्नोस्पर्म

इनमें बीज नग्न होते हैं, अर्थात बीजांड फल के अंदर बंद नहीं होते।

6. एंजियोस्पर्म

फूल और फल बनाने वाले बीजधारी पादप एंजियोस्पर्म कहलाते हैं।

7. द्विबीजपत्री और एकबीजपत्री

द्विबीजपत्रीएकबीजपत्री
दो बीजपत्रएक बीजपत्र
जालिकावत शिराविन्याससमानांतर शिराविन्यास
मूल सामान्यतः मुख्य जड़सामान्यतः रेशेदार मूल

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. ब्रायोफाइटा को पादप जगत का उभयचर क्यों कहते हैं?
क्योंकि ये स्थल पर रहते हैं लेकिन इनके लैंगिक प्रजनन के लिए जल आवश्यक होता है।
प्रश्न. जिम्नोस्पर्म क्या हैं?
ऐसे बीजधारी पादप जिनके बीजांड/बीज फल के अंदर बंद नहीं होते, जिम्नोस्पर्म कहलाते हैं।
प्रश्न. एंजियोस्पर्म क्या हैं?
फूल और फल बनाने वाले बीजधारी पादप एंजियोस्पर्म कहलाते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. जिम्नोस्पर्म और एंजियोस्पर्म में अंतर बताइए।
जिम्नोस्पर्म में बीज नग्न होते हैं और फल नहीं बनते। एंजियोस्पर्म में बीज फल के अंदर बंद होते हैं और फूल तथा फल बनते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. पादप जगत के प्रमुख समूहों का तुलनात्मक वर्णन कीजिए।
शैवाल सरल एवं मुख्यतः जलीय होते हैं। ब्रायोफाइटा स्थलीय होते हैं लेकिन जल पर निर्भर रहते हैं। प्टेरिडोफाइटा में संवहनी ऊतक होते हैं लेकिन बीज नहीं बनते। जिम्नोस्पर्म में नग्न बीज होते हैं और एंजियोस्पर्म में बीज फल के अंदर सुरक्षित रहते हैं। इस क्रम में संरचनात्मक जटिलता और प्रजनन की उन्नति बढ़ती दिखाई देती है।
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Botany • Plant Kingdom • Classification

अध्याय 4 — प्राणी जगत

1. प्राणियों का वर्गीकरण

प्राणियों को शरीर संगठन, सममिति, भ्रूणीय स्तर, देहगुहा और अन्य संरचनात्मक विशेषताओं के आधार पर विभिन्न संघों में विभाजित किया जाता है।

2. प्रमुख संघ

संघविशेषता
Poriferaछिद्रयुक्त शरीर
Cnidariaदंश कोशिकाएँ
Platyhelminthesचपटे कृमि
Nematodaगोल कृमि
Annelidaखंडित शरीर
Arthropodaजोड़दार उपांग
Molluscaकोमल शरीर
Echinodermataकंटकयुक्त त्वचा
Chordataनोटोकार्ड की उपस्थिति

3. सममिति

शरीर को समान भागों में विभाजित करने की व्यवस्था सममिति कहलाती है। यह असममित, त्रिज्यीय या द्विपार्श्वीय हो सकती है।

4. देहगुहा

आंतरिक अंगों और शरीर भित्ति के बीच उपस्थित गुहा देहगुहा कहलाती है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. कॉर्डेटा की एक प्रमुख विशेषता बताइए।
कॉर्डेटा में जीवन के किसी चरण में नोटोकार्ड, पृष्ठीय तंत्रिका रज्जु और अन्य विशिष्ट लक्षण पाए जाते हैं।
प्रश्न. आर्थ्रोपोडा की एक विशेषता लिखिए।
इनमें जोड़दार उपांग और बाह्य कंकाल की विशेषता पाई जाती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्राणियों के वर्गीकरण में सममिति का महत्व बताइए।
शरीर की सममिति प्राणियों की संरचनात्मक योजना समझने में सहायक है। असममित, त्रिज्यीय तथा द्विपार्श्वीय सममिति विभिन्न संगठन स्तरों का संकेत देती हैं और वर्गीकरण में उपयोगी होती हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रमुख अकशेरुकी संघों की तुलना कीजिए।
पोरीफेरा में छिद्रयुक्त शरीर, निडेरिया में दंश कोशिकाएँ, एनेलिडा में खंडित शरीर, आर्थ्रोपोडा में जोड़दार उपांग, मोलस्का में कोमल शरीर और एकाइनोडर्मेटा में कांटेदार त्वचा प्रमुख लक्षण हैं। इन विशेषताओं के आधार पर प्राणियों का व्यवस्थित वर्गीकरण किया जाता है।
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Zoology • Animal Kingdom • Important Questions

इकाई 2 — पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन (14 अंक)

अध्याय 5 — पुष्पी पादपों की आकारिकी

1. जड़

जड़ सामान्यतः भूमिगत संरचना है जो पौधे को मिट्टी में स्थिर करती है और जल तथा खनिजों के अवशोषण में सहायता करती है।

2. तना

तना पौधे की शाखाओं, पत्तियों, फूल और फलों को सहारा देता है तथा पदार्थों के परिवहन में सहायता करता है।

3. पत्ती

पत्ती सामान्यतः प्रकाश संश्लेषण का प्रमुख अंग है। इसमें पर्णवृंत और पर्णफलक होते हैं।

4. पुष्प

फूल आवृतबीजी पौधों का लैंगिक प्रजनन अंग है।

5. पुष्प के चार चक्र

  • दलपुंज
  • पुष्पदलपुंज
  • पुंकेसर
  • स्त्रीकेसर

6. फल और बीज

निषेचन के बाद अंडाशय फल तथा बीजांड बीज में परिवर्तित होते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. जड़ के दो कार्य लिखिए।
पौधे को स्थिर करना तथा जल एवं खनिजों का अवशोषण करना।
प्रश्न. फूल का मुख्य कार्य क्या है?
फूल पौधे के लैंगिक प्रजनन में भाग लेता है।
प्रश्न. निषेचन के बाद अंडाशय किसमें बदलता है?
अंडाशय फल में बदलता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. पत्ती के प्रमुख कार्य बताइए।
पत्ती प्रकाश संश्लेषण, वाष्पोत्सर्जन और गैसीय विनिमय का प्रमुख अंग है। इसकी सतह पर रंध्र इन प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. पुष्प की संरचना को समझाइए।
एक सामान्य फूल में बाह्यदल पुष्प की कली की रक्षा करते हैं। दल रंगीन हो सकते हैं और परागणकों को आकर्षित करते हैं। पुंकेसर नर जनन संरचना है तथा परागकण बनाता है। स्त्रीकेसर में वर्तिकाग्र, वर्तिका और अंडाशय होते हैं। अंडाशय में बीजांड उपस्थित होते हैं।
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Botany • Morphology • Flowering Plants

अध्याय 6 — पुष्पी पादपों का शरीर

1. पादप ऊतक

समान उत्पत्ति, संरचना और कार्य वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।

2. विभज्योतक ऊतक

  • शीर्षस्थ विभज्योतक
  • अंतर्वेशी विभज्योतक
  • पार्श्व विभज्योतक

3. स्थायी ऊतक

  • पैरेन्काइमा
  • कोलेन्काइमा
  • स्क्लेरेन्काइमा

4. जटिल ऊतक

जाइलम और फ्लोएम जटिल स्थायी ऊतक हैं।

ऊतकमुख्य कार्य
जाइलमजल एवं खनिजों का परिवहन
फ्लोएमभोजन का परिवहन

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. विभज्योतक ऊतक क्या है?
सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाओं से बना ऊतक विभज्योतक ऊतक कहलाता है।
प्रश्न. जाइलम का कार्य क्या है?
जाइलम जड़ों से जल और खनिजों के परिवहन में सहायता करता है।
प्रश्न. फ्लोएम का कार्य क्या है?
फ्लोएम पत्तियों में बने कार्बनिक भोजन के परिवहन में सहायता करता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. सरल और जटिल स्थायी ऊतक में अंतर बताइए।
सरल स्थायी ऊतक समान प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है, जैसे पैरेन्काइमा। जटिल ऊतक विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं, जैसे जाइलम और फ्लोएम।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. जाइलम और फ्लोएम की तुलना कीजिए।
जाइलम मुख्यतः जल और खनिजों का परिवहन करता है और इसकी प्रमुख चालक कोशिकाएँ वाहिकाएँ एवं ट्रेकिड हैं। फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है और इसमें चालनी नलिकाएँ तथा सहचर कोशिकाएँ प्रमुख हैं। जाइलम में परिवहन सामान्यतः जड़ों से ऊपर की ओर होता है, जबकि फ्लोएम में स्रोत से sink की दिशा में भोजन का स्थानांतरण होता है।
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Plant Anatomy • Tissues • Xylem • Phloem

अध्याय 7 — प्राणियों में संरचनात्मक संगठन

1. जंतु ऊतक

  • उपकला ऊतक
  • संयोजी ऊतक
  • पेशीय ऊतक
  • तंत्रिका ऊतक

2. उपकला ऊतक

शरीर की बाहरी सतह और आंतरिक अंगों की सतह को ढकने वाला ऊतक उपकला कहलाता है।

3. संयोजी ऊतक

शरीर के विभिन्न अंगों को जोड़ने और सहारा देने वाला ऊतक संयोजी ऊतक है।

4. पेशीय ऊतक

शरीर में गति और संकुचन उत्पन्न करने वाले ऊतक पेशीय ऊतक हैं।

5. तंत्रिका ऊतक

तंत्रिका ऊतक उद्दीपन को ग्रहण और संचरित करता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. संयोजी ऊतक का एक कार्य बताइए।
शरीर के विभिन्न अंगों को जोड़ना और सहारा देना।
प्रश्न. तंत्रिका ऊतक का कार्य क्या है?
उद्दीपन को ग्रहण करना तथा तंत्रिका संदेशों का संचरण करना।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. पेशीय ऊतक के प्रकार बताइए।
कंकालीय पेशी, चिकनी पेशी और हृदय पेशी प्रमुख प्रकार हैं। इनकी संरचना और नियंत्रण में अंतर होता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. चार प्रमुख जंतु ऊतकों का वर्णन कीजिए।
उपकला ऊतक सतह को ढकता है। संयोजी ऊतक जोड़ने और सहारा देने का कार्य करता है। पेशीय ऊतक संकुचन द्वारा गति उत्पन्न करता है। तंत्रिका ऊतक उद्दीपन ग्रहण कर संदेशों को संचरित करता है। चारों ऊतक मिलकर जंतु शरीर का कार्यात्मक संगठन बनाते हैं।
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Zoology • Animal Tissues • Structural Organisation

इकाई 3 — कोशिका संरचना एवं कार्य (12 अंक)

अध्याय 8 — कोशिकाः जीवन की इकाई

1. कोशिका सिद्धांत

कोशिका सभी जीवों की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है। सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं और नई कोशिकाएँ पूर्ववर्ती कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।

2. प्रोकैरियोटिक कोशिका

इनमें स्पष्ट झिल्लीबद्ध केंद्रक और झिल्लीबद्ध कोशिकांग नहीं होते।

3. यूकैरियोटिक कोशिका

इनमें झिल्लीबद्ध केंद्रक और विभिन्न झिल्लीबद्ध कोशिकांग पाए जाते हैं।

4. प्रमुख कोशिकांग

कोशिकांगकार्य
केंद्रकआनुवंशिक पदार्थ का नियंत्रण
माइटोकॉण्ड्रियाATP उत्पादन
राइबोसोमप्रोटीन संश्लेषण
ERसंश्लेषण एवं परिवहन
गोल्जी तंत्रसंशोधन, पैकेजिंग और स्राव
लाइसोसोमअंतःकोशिकीय पाचन
क्लोरोप्लास्टप्रकाश संश्लेषण
वैक्यूलभंडारण और परासरणीय संतुलन

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. कोशिका सिद्धांत क्या है?
सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं, कोशिका मूल संरचनात्मक-क्रियात्मक इकाई है और नई कोशिकाएँ पूर्व कोशिकाओं से बनती हैं।
प्रश्न. माइटोकॉण्ड्रिया का मुख्य कार्य क्या है?
कोशिकीय श्वसन द्वारा ATP के रूप में ऊर्जा उत्पादन।
प्रश्न. राइबोसोम का कार्य क्या है?
प्रोटीन संश्लेषण।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिका में अंतर बताइए।
प्रोकैरियोटिक कोशिका में स्पष्ट झिल्लीबद्ध केंद्रक नहीं होता और झिल्लीबद्ध कोशिकांग अनुपस्थित होते हैं। यूकैरियोटिक कोशिका में स्पष्ट केंद्रक तथा विभिन्न कोशिकांग पाए जाते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. माइटोकॉण्ड्रिया, गोल्जी तंत्र, ER और लाइसोसोम के कार्य समझाइए।
माइटोकॉण्ड्रिया ऊर्जा उत्पादन में, गोल्जी तंत्र पदार्थों के संशोधन, पैकेजिंग और स्राव में, ER प्रोटीन/लिपिड के संश्लेषण एवं परिवहन में और लाइसोसोम अपघटन तथा अंतःकोशिकीय पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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Cell Biology • Cell Organelles • Important Questions

अध्याय 9 — जैव अणु

1. कार्बोहाइड्रेट

कार्बोहाइड्रेट मुख्यतः कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बने जैव अणु हैं।

2. प्रोटीन

प्रोटीन अमीनो अम्लों से बने बहुलक हैं और शरीर में संरचनात्मक, एंजाइमी तथा अन्य महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

3. लिपिड

लिपिड जल में सामान्यतः अघुलनशील कार्बनिक पदार्थ हैं। इनमें वसा, तेल और फॉस्फोलिपिड शामिल हैं।

4. न्यूक्लिक अम्ल

DNA और RNA आनुवंशिक सूचना से संबंधित प्रमुख न्यूक्लिक अम्ल हैं।

5. एंजाइम

अधिकांश एंजाइम प्रोटीन प्रकृति के जैव उत्प्रेरक हैं जो रासायनिक अभिक्रियाओं की दर बढ़ाते हैं।

जैव अणुमुख्य कार्य
कार्बोहाइड्रेटऊर्जा एवं संरचनात्मक कार्य
प्रोटीनसंरचना, एंजाइम, परिवहन आदि
लिपिडऊर्जा भंडारण एवं झिल्ली निर्माण
न्यूक्लिक अम्लआनुवंशिक सूचना

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. एंजाइम क्या है?
एंजाइम जैव उत्प्रेरक हैं जो रासायनिक अभिक्रियाओं की गति बढ़ाते हैं।
प्रश्न. DNA का एक मुख्य कार्य लिखिए।
आनुवंशिक सूचना का संग्रहण और उसका पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचरण।
प्रश्न. प्रोटीन किससे बने होते हैं?
प्रोटीन अमीनो अम्लों के बहुलक हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. कार्बोहाइड्रेट के प्रमुख प्रकार लिखिए।
मोनोसैकराइड, डाइसैकराइड और पॉलीसैकराइड कार्बोहाइड्रेट के प्रमुख प्रकार हैं। ग्लूकोज मोनोसैकराइड और स्टार्च पॉलीसैकराइड का उदाहरण है।
प्रश्न. एंजाइम की विशेषताएँ बताइए।
एंजाइम उच्च विशिष्टता दिखाते हैं, अभिक्रियाओं की सक्रियण ऊर्जा कम करते हैं और सामान्यतः तापमान एवं pH से प्रभावित होते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. DNA और RNA में अंतर बताइए।
DNA में डिऑक्सीराइबोज शर्करा और सामान्यतः द्विसूत्री संरचना होती है। RNA में राइबोज शर्करा और सामान्यतः एकसूत्री संरचना होती है। DNA में थाइमिन तथा RNA में थाइमिन की जगह यूरैसिल पाया जाता है। दोनों आनुवंशिक सूचना के कार्यों में महत्वपूर्ण हैं।
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Biomolecules • Enzymes • DNA • RNA

अध्याय 10 — कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन

1. कोशिका चक्र

एक कोशिका विभाजन से अगले विभाजन तक होने वाली घटनाओं की क्रमिक श्रृंखला कोशिका चक्र कहलाती है।

2. इंटरफेज

  • G₁ चरण
  • S चरण
  • G₂ चरण

3. M चरण

इस चरण में केंद्रक विभाजन और कोशिका द्रव्य विभाजन होता है।

4. समसूत्री विभाजन

माइटोसिस में एक मातृ कोशिका से दो आनुवंशिक रूप से समान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं।

5. अर्धसूत्री विभाजन

मीयोसिस में गुणसूत्र संख्या आधी हो जाती है और यह लैंगिक जनन के लिए आवश्यक है।

6. माइटोसिस की अवस्थाएँ

प्रोफेज → मेटाफेज → एनाफेज → टेलोफेज।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. कोशिका चक्र क्या है?
एक कोशिका विभाजन से अगले विभाजन तक की क्रमिक घटनाओं की श्रृंखला कोशिका चक्र है।
प्रश्न. माइटोसिस का महत्व क्या है?
यह वृद्धि, ऊतक मरम्मत और अलैंगिक जनन में सहायक है।
प्रश्न. मीयोसिस की एक विशेषता लिखिए।
मीयोसिस में गुणसूत्र संख्या आधी हो जाती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. माइटोसिस की अवस्थाएँ लिखिए।
प्रोफेज में गुणसूत्र संक्षिप्त होते हैं, मेटाफेज में मध्य तल पर व्यवस्थित होते हैं, एनाफेज में बहन क्रोमैटिड अलग होती हैं और टेलोफेज में नए केंद्रक बनते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. माइटोसिस और मीयोसिस में अंतर बताइए।
माइटोसिस में एक विभाजन होकर दो समान द्विगुणित कोशिकाएँ बनती हैं, जबकि मीयोसिस में दो क्रमिक विभाजनों से चार अगुणित कोशिकाएँ बनती हैं। माइटोसिस वृद्धि एवं मरम्मत में और मीयोसिस लैंगिक जनन तथा आनुवंशिक विविधता में महत्वपूर्ण है।
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Cell Cycle • Mitosis • Meiosis

इकाई 4 — पादप कार्यकीय (शरीर क्रियात्मकता) (14 अंक)

अध्याय 11 — उच्च पादपों में प्रकाश संश्लेषण

1. प्रकाश संश्लेषण

हरे पादप प्रकाश ऊर्जा की सहायता से कार्बन डाइऑक्साइड और जल से कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करते हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं।

6CO₂ + 6H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂

2. क्लोरोफिल

क्लोरोफिल प्रकाश ऊर्जा के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

3. प्रकाश अभिक्रिया

प्रकाश अभिक्रियाएँ थायलाकोइड झिल्लियों पर होती हैं। ATP और NADPH बनते हैं तथा जल के विघटन से ऑक्सीजन मुक्त होती है।

4. अंधकार अभिक्रिया

कार्बन स्थिरीकरण और शर्करा निर्माण की प्रक्रियाएँ स्ट्रोमा में होती हैं।

5. C₃ और C₄ पौधे

C₃ पौधों में पहला स्थिर उत्पाद तीन कार्बन वाला यौगिक होता है। C₄ पौधों में प्रारंभिक स्थिरीकरण चार कार्बन वाले यौगिक में होता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रकाश संश्लेषण क्या है?
प्रकाश ऊर्जा की सहायता से CO₂ और जल से कार्बोहाइड्रेट बनाने की प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण है।
प्रश्न. क्लोरोफिल का कार्य क्या है?
क्लोरोफिल प्रकाश ऊर्जा को अवशोषित करने में सहायता करता है।
प्रश्न. C₃ और C₄ पौधों में एक अंतर बताइए।
C₃ में पहला स्थिर उत्पाद तीन-कार्बन यौगिक होता है, जबकि C₄ में प्रारंभिक स्थिर उत्पाद चार-कार्बन यौगिक होता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रकाश अभिक्रिया का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
प्रकाश ऊर्जा क्लोरोफिल द्वारा अवशोषित की जाती है। इलेक्ट्रॉन प्रवाह के दौरान ATP और NADPH बनते हैं। जल के प्रकाश अपघटन से ऑक्सीजन मुक्त होती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक बताइए।
प्रकाश की तीव्रता, CO₂ की सांद्रता, तापमान, जल की उपलब्धता और क्लोरोफिल की स्थिति प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करती है। किसी एक कारक की कमी पूरी प्रक्रिया की दर को सीमित कर सकती है।
प्रश्न. C₃ और C₄ पौधों की तुलना कीजिए।
C₃ पौधों में प्रारंभिक CO₂ स्थिरीकरण तीन-कार्बन उत्पाद देता है और फोटोरेस्पिरेशन अधिक हो सकती है। C₄ पौधों में चार-कार्बन यौगिक बनता है और CO₂ को प्रभावी ढंग से केंद्रित करने की व्यवस्था होती है, जिससे गर्म और तीव्र प्रकाश वाली परिस्थितियों में ये अधिक दक्ष हो सकते हैं।
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Photosynthesis • C3 • C4 • Plant Physiology

अध्याय 12 — पादप में श्वसन

1. श्वसन

भोजन के जैविक ऑक्सीकरण से ऊर्जा मुक्त होने की प्रक्रिया श्वसन कहलाती है।

2. ग्लाइकोलिसिस

ग्लूकोज का पाइरुवेट में विघटन ग्लाइकोलिसिस कहलाता है। यह कोशिकाद्रव्य में होता है।

3. वायवीय श्वसन

ऑक्सीजन की उपस्थिति में पाइरुवेट का पूर्ण ऑक्सीकरण होकर अधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है।

4. अवायवीय श्वसन

ऑक्सीजन के अभाव में कम मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है और कुछ अन्य उत्पाद बन सकते हैं।

5. ATP

ATP कोशिका में ऊर्जा की तत्काल उपयोगी मुद्रा के रूप में कार्य करता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. ग्लाइकोलिसिस क्या है?
ग्लूकोज के पाइरुवेट में विघटन की प्रक्रिया ग्लाइकोलिसिस कहलाती है।
प्रश्न. ATP का क्या महत्व है?
ATP कोशिका में विभिन्न जैविक क्रियाओं के लिए उपयोगी ऊर्जा प्रदान करता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. वायवीय और अवायवीय श्वसन में अंतर बताइए।
वायवीय श्वसन में ऑक्सीजन का उपयोग होता है और अधिक ऊर्जा मिलती है। अवायवीय श्वसन में ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में अपेक्षाकृत कम ऊर्जा उत्पन्न होती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. पादपों में श्वसन की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
ग्लूकोज पहले ग्लाइकोलिसिस द्वारा पाइरुवेट में बदलता है। ऑक्सीजन की उपस्थिति में पाइरुवेट आगे ऑक्सीकृत होकर अधिक ऊर्जा देता है। ऊर्जा ATP के रूप में संग्रहीत होती है। ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में अलग मार्गों द्वारा कम ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है।
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Plant Respiration • Glycolysis • ATP

अध्याय 13 — पादप वृद्धि एवं परिवर्धन

1. वृद्धि

पादप के आकार, आयतन, लंबाई या शुष्क भार में स्थायी वृद्धि को वृद्धि कहते हैं।

2. पादप वृद्धि के चरण

  • कोशिका विभाजन
  • कोशिका दीर्घीकरण
  • कोशिका परिपक्वन

3. पादप वृद्धि नियामक

  • ऑक्सिन
  • जिबरेलिन
  • साइटोकाइनिन
  • एब्सिसिक अम्ल
  • एथिलीन

4. ऑक्सिन

कोशिका दीर्घीकरण और कई वृद्धि प्रतिक्रियाओं में ऑक्सिन महत्वपूर्ण है।

5. जिबरेलिन

तने की वृद्धि और बीज अंकुरण आदि में जिबरेलिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

6. साइटोकाइनिन

कोशिका विभाजन और कोशिकीय वृद्धि से संबंधित प्रमुख पादप हार्मोन हैं।

7. ABA

एब्सिसिक अम्ल वृद्धि अवरोध तथा तनाव प्रतिक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

8. एथिलीन

फल पकने और कुछ वृद्धि प्रतिक्रियाओं से संबंधित गैसीय पादप हार्मोन।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. पादप वृद्धि क्या है?
पादप में आकार, आयतन या शुष्क भार में स्थायी वृद्धि वृद्धि कहलाती है।
प्रश्न. दो पादप हार्मोन के नाम लिखिए।
ऑक्सिन और जिबरेलिन।
प्रश्न. ABA का एक कार्य बताइए।
यह वृद्धि अवरोध तथा सूखा जैसे तनावों के प्रति प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. पादप वृद्धि के तीन चरण बताइए।
कोशिका विभाजन, कोशिका दीर्घीकरण और कोशिका परिपक्वन पादप वृद्धि के प्रमुख चरण हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. पादप वृद्धि नियामकों के कार्यों की तुलना कीजिए।
ऑक्सिन कोशिका दीर्घीकरण और वृद्धि में, जिबरेलिन तने की वृद्धि एवं अंकुरण में, साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन में, ABA वृद्धि अवरोध एवं तनाव प्रतिक्रिया में तथा एथिलीन फल पकने और कुछ विकासीय प्रतिक्रियाओं में महत्वपूर्ण है।
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Plant Growth • Plant Hormones • Development

इकाई 5 — मानव शरीर विज्ञान (18 अंक)

अध्याय 14 — श्वसन और गैसों का विनिमय

1. श्वसन तंत्र

मानव श्वसन तंत्र में नासिका, ग्रसनी, कंठ, श्वासनली, श्वसनी, फेफड़े और वायुकोष्ठ शामिल हैं।

2. फेफड़े

फेफड़े गैस विनिमय के प्रमुख अंग हैं। वायुकोष्ठों की दीवार अत्यंत पतली होती है।

3. श्वसन की अवस्थाएँ

  • श्वास लेना
  • बाह्य श्वसन
  • आंतरिक श्वसन
  • श्वास छोड़ना

4. गैसों का विनिमय

ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान मुख्यतः प्रसरण के द्वारा होता है।

5. ऑक्सीजन परिवहन

रक्त में ऑक्सीजन का अधिकांश भाग हीमोग्लोबिन से जुड़कर ऑक्सीहीमोग्लोबिन के रूप में परिवहन होता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. गैस विनिमय का मुख्य स्थान क्या है?
फेफड़ों के वायुकोष्ठ या alveoli गैस विनिमय का मुख्य स्थान हैं।
प्रश्न. ऑक्सीजन का अधिकांश परिवहन किसके द्वारा होता है?
हीमोग्लोबिन द्वारा।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. श्वास लेने और छोड़ने में अंतर बताइए।
श्वास लेने के दौरान वक्ष गुहा का आयतन बढ़ता है और वायु फेफड़ों में जाती है। श्वास छोड़ने में वक्ष आयतन घटता है और वायु बाहर निकलती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. मानव में गैसों के विनिमय की प्रक्रिया समझाइए।
फेफड़ों के वायुकोष्ठों और रक्त के बीच ऑक्सीजन और CO₂ का विनिमय सांद्रता या आंशिक दाब के अंतर के कारण प्रसरण द्वारा होता है। ऑक्सीजन रक्त में प्रवेश करके मुख्यतः हीमोग्लोबिन से जुड़ती है, जबकि CO₂ रक्त से फेफड़ों के वायुकोष्ठों में पहुँचकर श्वास छोड़ने के साथ बाहर निकलती है।
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Human Physiology • Respiration • Gas Exchange

अध्याय 15 — शरीर द्रव तथा परिसंचरण

1. रक्त

रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है जिसमें प्लाज्मा और रक्त कणिकाएँ होती हैं।

2. रक्त के घटक

  • प्लाज्मा
  • लाल रक्त कणिकाएँ
  • श्वेत रक्त कणिकाएँ
  • प्लेटलेट्स

3. हीमोग्लोबिन

हीमोग्लोबिन RBC में पाया जाने वाला लौहयुक्त प्रोटीन है जो ऑक्सीजन परिवहन में सहायक है।

4. हृदय

मानव हृदय चार कक्षों वाला पेशीय अंग है—दो आलिंद और दो निलय।

5. दोहरा परिसंचरण

मानव में रक्त एक पूर्ण चक्र में हृदय से दो बार होकर गुजरता है; इसे दोहरा परिसंचरण कहते हैं।

6. रक्त समूह

ABO तथा Rh प्रणालियाँ प्रमुख रक्त समूह प्रणालियाँ हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. रक्त के दो प्रमुख घटक लिखिए।
प्लाज्मा और रक्त कणिकाएँ।
प्रश्न. हृदय में कितने कक्ष होते हैं?
चार—दो आलिंद और दो निलय।
प्रश्न. प्लेटलेट्स का कार्य क्या है?
रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया में सहायता करना।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. RBC का कार्य बताइए।
RBC में हीमोग्लोबिन होता है जो फेफड़ों से ऊतकों तक मुख्यतः ऑक्सीजन तथा कुछ CO₂ के परिवहन में सहायता करता है।
प्रश्न. दोहरे परिसंचरण को समझाइए।
फुफ्फुसीय परिसंचरण में रक्त हृदय से फेफड़ों तक और वापस आता है। दैहिक परिसंचरण में रक्त हृदय से शरीर के विभिन्न अंगों तक जाता है और वापस लौटता है। इस प्रकार एक चक्र में रक्त हृदय से दो बार गुजरता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. मानव हृदय की संरचना और कार्य समझाइए।
हृदय चार कक्षों वाला पेशीय अंग है। दायाँ आलिंद शरीर से आया अशुद्ध रक्त प्राप्त करता है और दायाँ निलय उसे फेफड़ों की ओर भेजता है। बायाँ आलिंद फेफड़ों से ऑक्सीजनयुक्त रक्त प्राप्त करता है और बायाँ निलय उसे पूरे शरीर में पंप करता है। वाल्व रक्त के एकदिशीय प्रवाह में सहायता करते हैं।
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Human Physiology • Blood • Heart • Circulation

अध्याय 16 — उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन

1. उत्सर्जन

शरीर में उपापचय से बने हानिकारक अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया उत्सर्जन कहलाती है।

2. मानव उत्सर्जी तंत्र

  • वृक्क
  • मूत्रवाहिनी
  • मूत्राशय
  • मूत्रमार्ग

3. नेफ्रॉन

नेफ्रॉन वृक्क की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है।

4. मूत्र निर्माण

  • परानिस्यंदन
  • पुनःअवशोषण
  • नलिकीय स्राव

5. उत्सर्जी उत्पाद

मानव शरीर में नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट मुख्यतः यूरिया के रूप में बाहर निकलते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. नेफ्रॉन क्या है?
नेफ्रॉन वृक्क की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है।
प्रश्न. मानव का प्रमुख नाइट्रोजनयुक्त उत्सर्जी पदार्थ क्या है?
यूरिया।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. मूत्र निर्माण के तीन चरण लिखिए।
परानिस्यंदन, पुनःअवशोषण और नलिकीय स्राव मूत्र निर्माण के प्रमुख चरण हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. नेफ्रॉन की संरचना और कार्य समझाइए।
नेफ्रॉन में ग्लोमेरुलस, बोमन कैप्सूल, नलिकीय भाग तथा संबंधित रक्त वाहिकाएँ होती हैं। ग्लोमेरुलस में रक्त का परानिस्यंदन होता है। नलिकाओं में उपयोगी पदार्थों का पुनःअवशोषण और कुछ पदार्थों का स्राव होता है। अंततः मूत्र का निर्माण होता है।
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Human Excretion • Kidney • Nephron

अध्याय 17 — गमन एवं संचलन

1. गति और संचलन

जीवों या शरीर के अंगों में स्थिति परिवर्तन को संचलन के रूप में समझा जाता है। मानव में पेशियाँ, अस्थियाँ और जोड़ इसमें योगदान करते हैं।

2. अस्थि तंत्र

अस्थियाँ शरीर को सहारा, सुरक्षा और गति प्रदान करती हैं।

3. जोड़

  • अचल जोड़
  • अर्धचल जोड़
  • चल जोड़

4. पेशियाँ

  • कंकालीय
  • चिकनी
  • हृदय पेशी

5. पेशी संकुचन

पेशी संकुचन में actin और myosin तंतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. शरीर की तीन प्रकार की पेशियाँ लिखिए।
कंकालीय, चिकनी और हृदय पेशी।
प्रश्न. जोड़ क्या है?
दो या अधिक अस्थियों के मिलने के स्थान को जोड़ कहते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. कंकालीय और चिकनी पेशी में अंतर बताइए।
कंकालीय पेशियाँ सामान्यतः ऐच्छिक नियंत्रण में होती हैं और अस्थियों से जुड़ी होती हैं। चिकनी पेशियाँ अनैच्छिक होती हैं और आंतरिक अंगों की दीवारों में पाई जाती हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. मानव पेशी संकुचन का आधार समझाइए।
पेशी रेशों में actin और myosin तंतु उपस्थित होते हैं। संकुचन के दौरान इन तंतुओं के बीच सापेक्ष सरकाव होता है। इससे पेशी की लंबाई घटती है और बल उत्पन्न होता है। ATP ऊर्जा प्रदान करता है और कैल्शियम आयन प्रक्रिया को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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Human Physiology • Movement • Muscles

अध्याय 18 — तांत्रकीय नियंत्रण एवं समन्वय

1. तंत्रिका तंत्र

तंत्रिका तंत्र शरीर की विभिन्न क्रियाओं का त्वरित नियंत्रण और समन्वय करता है।

2. न्यूरॉन

न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है।

3. न्यूरॉन के भाग

  • कोशिका शरीर
  • डेंड्राइट
  • एक्सॉन

4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र

मस्तिष्क और मेरुरज्जु केंद्रीय तंत्रिका तंत्र बनाते हैं।

5. प्रतिवर्त क्रिया

किसी उद्दीपन के प्रति बहुत तेज और स्वतः होने वाली प्रतिक्रिया प्रतिवर्त क्रिया कहलाती है।

6. मस्तिष्क

मस्तिष्क शरीर की विभिन्न संवेदी, मोटर, बौद्धिक तथा समन्वय संबंधी क्रियाओं का नियंत्रण करता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. न्यूरॉन क्या है?
न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
प्रश्न. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के दो भाग लिखिए।
मस्तिष्क और मेरुरज्जु।
प्रश्न. प्रतिवर्त क्रिया क्या है?
उद्दीपन के प्रति होने वाली त्वरित एवं स्वतः प्रतिक्रिया प्रतिवर्त क्रिया कहलाती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. न्यूरॉन की संरचना समझाइए।
न्यूरॉन में कोशिका शरीर, डेंड्राइट और एक्सॉन प्रमुख भाग होते हैं। डेंड्राइट उद्दीपन ग्रहण करते हैं और एक्सॉन तंत्रिका संदेश को आगे ले जाता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. मानव तंत्रिका तंत्र का संगठन समझाइए।
मानव तंत्रिका तंत्र को केंद्रीय और परिधीय तंत्रिका तंत्र में बाँटा जाता है। केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में मस्तिष्क और मेरुरज्जु होते हैं। परिधीय तंत्रिका तंत्र में शरीर के विभिन्न भागों से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक संदेश लाने और ले जाने वाली तंत्रिकाएँ होती हैं। स्वायत्त तंत्रिका तंत्र आंतरिक अंगों की अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है।
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Human Physiology • Nervous System • Coordination

अध्याय 19 — रासायनिक समन्वय तथा एकीकरण

1. अंतःस्रावी तंत्र

अंतःस्रावी ग्रंथियाँ हार्मोन नामक रासायनिक संदेशवाहकों का स्राव करती हैं। हार्मोन रक्त के माध्यम से लक्ष्य अंगों तक पहुँचते हैं।

2. प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियाँ

ग्रंथिप्रमुख हार्मोनमुख्य कार्य
पिट्यूटरीविभिन्न उष्णकटिबंधीय हार्मोनअन्य ग्रंथियों एवं वृद्धि का नियंत्रण
थायरॉयडथायरॉक्सिनउपापचय नियंत्रण
पैराथायरॉयडपैराथायरॉयड हार्मोनकैल्शियम संतुलन
अधिवृक्कएड्रीनलिन आदितनाव प्रतिक्रिया
अग्न्याशयइंसुलिन, ग्लूकागॉनरक्त शर्करा नियंत्रण
वृषणटेस्टोस्टेरोनपुरुष लैंगिक लक्षण
अंडाशयएस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोनमहिला लैंगिक एवं प्रजनन क्रियाएँ

3. हार्मोन

हार्मोन रासायनिक संदेशवाहक हैं जो शरीर के विभिन्न अंगों में विशिष्ट जैविक प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।

4. इंसुलिन

इंसुलिन रक्त ग्लूकोज के नियमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

5. थायरॉयड हार्मोन

थायरॉयड हार्मोन शरीर के उपापचय और विकास में महत्वपूर्ण हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न. हार्मोन क्या हैं?
अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहक हार्मोन कहलाते हैं।
प्रश्न. इंसुलिन का एक कार्य लिखिए।
रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करना।
प्रश्न. थायरॉयड हार्मोन का एक कार्य बताइए।
शरीर के उपापचय और विकास को नियंत्रित करना।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. तंत्रिका और हार्मोनल नियंत्रण में अंतर बताइए।
तंत्रिका नियंत्रण तंत्रिका आवेगों द्वारा अपेक्षाकृत तेज होता है। हार्मोनल नियंत्रण रासायनिक संदेशवाहकों द्वारा होता है और उसका प्रभाव सामान्यतः अधिक व्यापक तथा अपेक्षाकृत धीमा हो सकता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियों और उनके कार्यों का वर्णन कीजिए।
पिट्यूटरी वृद्धि और अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों को नियंत्रित करती है। थायरॉयड उपापचय और विकास में सहायक है। पैराथायरॉयड कैल्शियम संतुलन में महत्वपूर्ण है। अधिवृक्क तनाव प्रतिक्रिया से जुड़ा है। अग्न्याशय इंसुलिन और ग्लूकागॉन के माध्यम से रक्त शर्करा नियंत्रित करता है। अंडाशय और वृषण लैंगिक हार्मोन बनाते हैं।
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Human Physiology • Hormones • Endocrine System

अत्यंत महत्वपूर्ण तुलना आधारित प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं में अंतर बताइए।
प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक और झिल्लीबद्ध कोशिकांग नहीं होते, जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक तथा अनेक झिल्लीबद्ध कोशिकांग पाए जाते हैं।
प्रश्न 2. जाइलम और फ्लोएम में अंतर बताइए।
जाइलम जल और खनिजों का परिवहन करता है जबकि फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है। जाइलम की प्रमुख चालक कोशिकाएँ ट्रेकिड और वाहिकाएँ हैं, जबकि फ्लोएम में चालनी नलिकाएँ और सहचर कोशिकाएँ प्रमुख हैं।
प्रश्न 3. माइटोसिस और मीयोसिस में अंतर बताइए।
माइटोसिस में एक विभाजन से दो समान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं, जबकि मीयोसिस में दो विभाजनों के बाद चार अगुणित कोशिकाएँ बनती हैं। माइटोसिस वृद्धि और मरम्मत के लिए तथा मीयोसिस लैंगिक जनन के लिए आवश्यक है।
प्रश्न 4. श्वसन और प्रकाश संश्लेषण में अंतर बताइए।
प्रकाश संश्लेषण में प्रकाश ऊर्जा की सहायता से कार्बनिक भोजन बनता है, जबकि श्वसन में भोजन का अपघटन कर ऊर्जा प्राप्त की जाती है। प्रकाश संश्लेषण मुख्यतः क्लोरोप्लास्ट में और श्वसन की प्रमुख अवस्थाएँ माइटोकॉण्ड्रिया से संबंधित होती हैं।
प्रश्न 5. तंत्रिका और रासायनिक समन्वय में अंतर बताइए।
तंत्रिका समन्वय विद्युत/तंत्रिका आवेगों द्वारा तेज होता है, जबकि रासायनिक समन्वय हार्मोन द्वारा होता है। तंत्रिका प्रतिक्रिया सामान्यतः त्वरित और लक्षित होती है, जबकि हार्मोनल प्रभाव अपेक्षाकृत धीमा और व्यापक हो सकता है।
प्रश्न 6. धमनियों और शिराओं में अंतर बताइए।
धमनियाँ रक्त को हृदय से दूर ले जाती हैं और सामान्यतः उनकी दीवार मोटी तथा लचीली होती है। शिराएँ रक्त को हृदय की ओर लाती हैं और उनमें वाल्व पाए जा सकते हैं।
प्रश्न 7. श्वास लेना और कोशिकीय श्वसन में अंतर बताइए।
श्वास लेना एक यांत्रिक प्रक्रिया है जिसमें वायु फेफड़ों में आती-जाती है। कोशिकीय श्वसन कोशिकाओं में भोजन के ऑक्सीकरण से ऊर्जा प्राप्त करने की रासायनिक प्रक्रिया है।

कक्षा 11वीं जीव विज्ञान — वस्तुनिष्ठ प्रश्न अभ्यास, उत्तर सहित

सही विकल्प

  1. वर्गिकी का संबंध है — पहचान, नामकरण और वर्गीकरण से
  2. मोनेरा के जीव होते हैं — प्रोकैरियोटिक
  3. कवक की कोशिका भित्ति मुख्यतः बनी होती है — काइटिन से
  4. फूल का लैंगिक जनन से संबंध है — हाँ
  5. जाइलम का मुख्य कार्य है — जल एवं खनिज परिवहन
  6. फ्लोएम का मुख्य कार्य है — भोजन परिवहन
  7. कोशिका की ऊर्जा मुद्रा है — ATP
  8. प्रोटीन के निर्माण की इकाई है — अमीनो अम्ल
  9. माइटोसिस में पुत्री कोशिकाओं की संख्या होती है — दो
  10. प्रकाश संश्लेषण का मुख्य वर्णक है — क्लोरोफिल
  11. ग्लाइकोलिसिस होती है — कोशिकाद्रव्य में
  12. श्वसन में ऊर्जा का त्वरित उपयोगी रूप है — ATP
  13. मानव हृदय में कक्ष होते हैं — चार
  14. वृक्क की कार्यात्मक इकाई है — नेफ्रॉन
  15. मानव में प्रमुख नाइट्रोजनयुक्त उत्सर्जी पदार्थ है — यूरिया
  16. तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक इकाई है — न्यूरॉन
  17. रक्त में ऑक्सीजन परिवहन में सहायक है — हीमोग्लोबिन
  18. रक्त शर्करा नियंत्रण में प्रमुख हार्मोन है — इंसुलिन

रिक्त स्थान — उत्तर सहित

  1. जीवों की पहचान और नामकरण का अध्ययन ________ कहलाता है। — वर्गिकी
  2. कवक की कोशिका भित्ति में ________ पाया जाता है। — काइटिन
  3. जाइलम ________ का परिवहन करता है। — जल एवं खनिज
  4. राइबोसोम ________ के संश्लेषण में सहायक हैं। — प्रोटीन
  5. DNA आनुवंशिक ________ का वहन करता है। — सूचना
  6. माइटोसिस में ________ पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं। — दो
  7. प्रकाश संश्लेषण का मुख्य स्थान ________ है। — क्लोरोप्लास्ट
  8. ग्लाइकोलिसिस ________ में होती है। — कोशिकाद्रव्य
  9. वृक्क की कार्यात्मक इकाई ________ है। — नेफ्रॉन
  10. मानव हृदय में ________ कक्ष होते हैं। — चार
  11. तंत्रिका तंत्र की इकाई ________ है। — न्यूरॉन
  12. इंसुलिन का संबंध ________ से है। — रक्त ग्लूकोज नियंत्रण

सत्य / असत्य — उत्तर सहित

  1. सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं। — सत्य
  2. मोनेरा यूकैरियोटिक होते हैं। — असत्य
  3. ब्रायोफाइटा के लिए प्रजनन में जल महत्वपूर्ण है। — सत्य
  4. जिम्नोस्पर्म में फल बनते हैं। — असत्य
  5. जाइलम भोजन का परिवहन करता है। — असत्य
  6. फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है। — सत्य
  7. माइटोकॉण्ड्रिया ATP उत्पादन से संबंधित है। — सत्य
  8. मीयोसिस में गुणसूत्र संख्या आधी हो सकती है। — सत्य
  9. क्लोरोफिल प्रकाश ऊर्जा के अवशोषण में सहायता करता है। — सत्य
  10. ग्लाइकोलिसिस माइटोकॉण्ड्रिया में होती है। — असत्य
  11. नेफ्रॉन वृक्क की कार्यात्मक इकाई है। — सत्य
  12. न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की इकाई है। — सत्य

सही जोड़ी

कॉलम Aकॉलम B
1. मोनेराप्रोकैरियोटिक
2. कवककाइटिन
3. जाइलमजल परिवहन
4. फ्लोएमभोजन परिवहन
5. माइटोकॉण्ड्रियाATP उत्पादन
6. राइबोसोमप्रोटीन संश्लेषण
7. नेफ्रॉनवृक्क की कार्यात्मक इकाई
8. न्यूरॉनतंत्रिका तंत्र की इकाई

एक वाक्य में उत्तर

  1. वर्गिकी क्या है? — जीवों की पहचान, नामकरण और वर्गीकरण का अध्ययन।
  2. उपापचय क्या है? — जीवों में होने वाली समस्त रासायनिक अभिक्रियाओं का योग।
  3. ब्रायोफाइटा को उभयचर क्यों कहते हैं? — क्योंकि इनके प्रजनन में जल आवश्यक है।
  4. जाइलम का कार्य क्या है? — जल एवं खनिजों का परिवहन।
  5. फ्लोएम का कार्य क्या है? — भोजन का परिवहन।
  6. कोशिका की ऊर्जा मुद्रा क्या है? — ATP।
  7. प्रोटीन किससे बने हैं? — अमीनो अम्लों से।
  8. DNA का मुख्य कार्य क्या है? — आनुवंशिक सूचना का संग्रहण।
  9. प्रकाश संश्लेषण का मुख्य वर्णक क्या है? — क्लोरोफिल।
  10. नेफ्रॉन क्या है? — वृक्क की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई।
  11. हीमोग्लोबिन का कार्य क्या है? — ऑक्सीजन परिवहन में सहायता करना।
  12. न्यूरॉन क्या है? — तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई।
  13. हार्मोन क्या हैं? — रासायनिक संदेशवाहक।

4 अंक के अत्यंत महत्वपूर्ण संभावित प्रश्न — पूरे पाठ्यक्रम से

1. पाँच-जगत वर्गीकरण की प्रमुख विशेषताएँ समझाइए।
पाँच-जगत वर्गीकरण में मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, पादप और जंतु जगत शामिल हैं। वर्गीकरण में कोशिका की प्रकृति, संगठन, पोषण और अन्य लक्षणों को महत्व दिया गया। इससे जीवों की विविधता को व्यवस्थित रूप से समझने में सहायता मिलती है।
2. पादप जगत के प्रमुख समूहों का तुलनात्मक वर्णन कीजिए।
शैवाल सरल एवं मुख्यतः जलीय होते हैं। ब्रायोफाइटा जल पर निर्भर स्थलीय पादप हैं। प्टेरिडोफाइटा में संवहनी ऊतक होते हैं परंतु बीज नहीं। जिम्नोस्पर्म में नग्न बीज और एंजियोस्पर्म में फल के अंदर बंद बीज पाए जाते हैं।
3. जाइलम और फ्लोएम की संरचना तथा कार्य समझाइए।
जाइलम जल और खनिजों के परिवहन में मुख्य भूमिका निभाता है। इसमें ट्रेकिड और वाहिकाएँ जैसी चालक संरचनाएँ होती हैं। फ्लोएम कार्बनिक भोजन का परिवहन करता है और इसमें चालनी नलिकाएँ तथा सहचर कोशिकाएँ प्रमुख हैं।
4. प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं की तुलना कीजिए।
प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक तथा झिल्लीबद्ध कोशिकांग नहीं होते। यूकैरियोटिक कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक और विभिन्न झिल्लीबद्ध कोशिकांग पाए जाते हैं। दोनों में कोशिका झिल्ली, आनुवंशिक पदार्थ और राइबोसोम जैसे कुछ मूल घटक होते हैं।
5. माइटोसिस और मीयोसिस में अंतर बताइए।
माइटोसिस में एक कोशिका से दो समान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं, जबकि मीयोसिस में दो क्रमिक विभाजनों के बाद चार अगुणित कोशिकाएँ बनती हैं। माइटोसिस वृद्धि एवं मरम्मत में तथा मीयोसिस युग्मक निर्माण और आनुवंशिक विविधता में महत्वपूर्ण है।
6. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया समझाइए।
प्रकाश ऊर्जा क्लोरोफिल द्वारा अवशोषित होती है। प्रकाश अभिक्रियाओं में ATP और NADPH बनते हैं तथा जल से ऑक्सीजन निकलती है। इसके बाद CO₂ का स्थिरीकरण कर कार्बोहाइड्रेट का निर्माण किया जाता है। इस प्रकार प्रकाश ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
7. पादप वृद्धि नियामकों के कार्यों को समझाइए।
ऑक्सिन कोशिका दीर्घीकरण में, जिबरेलिन वृद्धि एवं अंकुरण में, साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन में, ABA वृद्धि अवरोध एवं तनाव प्रतिक्रिया में तथा एथिलीन फल पकने में महत्वपूर्ण है।
8. मानव में श्वसन और गैस विनिमय समझाइए।
वायु श्वसन मार्ग से फेफड़ों के वायुकोष्ठों तक पहुँचती है। वायुकोष्ठ और रक्त के बीच O₂ और CO₂ का विनिमय प्रसरण द्वारा होता है। O₂ हीमोग्लोबिन से जुड़कर ऊतकों तक जाता है और CO₂ रक्त से फेफड़ों में आकर बाहर निकलती है।
9. मानव हृदय और दोहरे परिसंचरण को समझाइए।
हृदय चार कक्षों वाला अंग है। दायाँ भाग अशुद्ध रक्त को फेफड़ों तक भेजता है तथा बायाँ भाग ऑक्सीजनयुक्त रक्त को शरीर तक पहुँचाता है। फुफ्फुसीय और दैहिक परिसंचरण मिलकर दोहरा परिसंचरण बनाते हैं।
10. नेफ्रॉन में मूत्र निर्माण की प्रक्रिया समझाइए।
ग्लोमेरुलस में रक्त का परानिस्यंदन होता है। नलिकीय भागों में उपयोगी पदार्थों और जल का पुनःअवशोषण तथा कुछ अपशिष्टों का स्राव होता है। इन प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप अंतिम मूत्र का निर्माण होता है।
11. मानव तंत्रिका तंत्र की संरचना और कार्य बताइए।
केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में मस्तिष्क और मेरुरज्जु होते हैं। परिधीय तंत्रिका तंत्र शरीर के विभिन्न भागों को केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से जोड़ता है। तंत्रिका तंत्र उद्दीपन ग्रहण, संदेश संचरण, मांसपेशियों की गति तथा विभिन्न शारीरिक क्रियाओं का त्वरित नियंत्रण करता है।
12. रासायनिक समन्वय में अंतःस्रावी ग्रंथियों की भूमिका समझाइए।
अंतःस्रावी ग्रंथियाँ हार्मोन बनाकर रक्त में छोड़ती हैं। ये हार्मोन वृद्धि, उपापचय, जल-संतुलन, तनाव, प्रजनन और रक्त शर्करा जैसी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। पिट्यूटरी, थायरॉयड, अधिवृक्क, अग्न्याशय, अंडाशय और वृषण प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियाँ हैं।

कक्षा 11वीं जीव विज्ञान — अंतिम रिवीजन चार्ट

इकाई 1
जीव जगत • वर्गीकरण • वनस्पति जगत • प्राणी जगत
इकाई 2
मूल • तना • पत्ती • पुष्प • पादप ऊतक • जंतु ऊतक
इकाई 3
कोशिका • कोशिकांग • जैव अणु • माइटोसिस • मीयोसिस
इकाई 4
प्रकाश संश्लेषण • श्वसन • ATP • पादप हार्मोन • वृद्धि
इकाई 5
श्वसन • रक्त • हृदय • वृक्क • पेशियाँ • तंत्रिका तंत्र • हार्मोन
सबसे अधिक अंक वाली इकाइयाँ:
मानव शरीर विज्ञान — 18 अंक, पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन — 14 अंक तथा पादप कार्यकीय — 14 अंक। इन तीनों में 2, 3 और 4 अंक वाले उत्तर, संरचनात्मक तुलना एवं प्रक्रियाओं का विशेष अभ्यास करें।
आरेख अभ्यास: हृदय, नेफ्रॉन, न्यूरॉन, पादप कोशिका, जंतु कोशिका, फूल, जाइलम-फ्लोएम, माइटोसिस की अवस्थाएँ, माइटोकॉण्ड्रिया तथा क्लोरोप्लास्ट जैसे विषयों के labeled diagrams का अभ्यास परीक्षा के लिए उपयोगी है।

पूरे पाठ्यक्रम से 50 अति महत्वपूर्ण प्रश्न — उत्तर सहित

  1. जीव विज्ञान क्या है?
    जीवों की संरचना, कार्य, वृद्धि, जनन और पर्यावरण से संबंधों का अध्ययन जीव विज्ञान है।
  2. वर्गिकी क्या है?
    जीवों की पहचान, नामकरण और वर्गीकरण का अध्ययन वर्गिकी है।
  3. द्विनाम पद्धति क्या है?
    जीव का वैज्ञानिक नाम दो शब्दों में लिखने की पद्धति।
  4. मोनेरा की एक विशेषता लिखिए।
    मोनेरा के जीव प्रोकैरियोटिक होते हैं।
  5. कवक की कोशिका भित्ति किसकी बनी होती है?
    काइटिन की।
  6. ब्रायोफाइटा को उभयचर क्यों कहते हैं?
    क्योंकि स्थल पर रहते हुए भी प्रजनन में जल पर निर्भर होते हैं।
  7. जिम्नोस्पर्म क्या हैं?
    नग्न बीज वाले बीजधारी पौधे।
  8. एंजियोस्पर्म क्या हैं?
    फूल और फल बनाने वाले बीजधारी पौधे।
  9. जड़ का एक प्रमुख कार्य लिखिए।
    जल और खनिजों का अवशोषण।
  10. पत्ती का मुख्य कार्य क्या है?
    प्रकाश संश्लेषण।
  11. फूल का मुख्य जैविक कार्य क्या है?
    लैंगिक प्रजनन।
  12. जाइलम का कार्य क्या है?
    जल और खनिजों का परिवहन।
  13. फ्लोएम का कार्य क्या है?
    भोजन का परिवहन।
  14. जंतु ऊतक कितने प्रमुख प्रकार के हैं?
    उपकला, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका ऊतक।
  15. कोशिका सिद्धांत क्या है?
    कोशिका जीवों की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है और नई कोशिकाएँ पूर्व कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।
  16. माइटोकॉण्ड्रिया का कार्य क्या है?
    ATP के रूप में ऊर्जा उत्पादन।
  17. राइबोसोम का कार्य क्या है?
    प्रोटीन संश्लेषण।
  18. DNA का मुख्य कार्य क्या है?
    आनुवंशिक सूचना का संग्रहण और संचरण।
  19. एंजाइम क्या हैं?
    जैव उत्प्रेरक जो अभिक्रियाओं की दर बढ़ाते हैं।
  20. माइटोसिस क्या है?
    एक प्रकार का कोशिका विभाजन जिसमें सामान्यतः दो समान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं।
  21. मीयोसिस क्या है?
    वह विभाजन जिसमें गुणसूत्र संख्या आधी होकर अगुणित कोशिकाएँ बनती हैं।
  22. प्रकाश संश्लेषण क्या है?
    प्रकाश ऊर्जा की सहायता से CO₂ और जल से कार्बोहाइड्रेट बनाने की प्रक्रिया।
  23. प्रकाश संश्लेषण में मुख्य वर्णक कौन-सा है?
    क्लोरोफिल।
  24. ग्लाइकोलिसिस क्या है?
    ग्लूकोज के पाइरुवेट में विघटन की प्रक्रिया।
  25. ATP क्या है?
    कोशिका की प्रमुख तात्कालिक ऊर्जा मुद्रा।
  26. पौधों में ऑक्सिन का एक कार्य बताइए।
    कोशिका दीर्घीकरण को बढ़ावा देना।
  27. जिबरेलिन का एक कार्य बताइए।
    तने की वृद्धि और कुछ अवस्थाओं में अंकुरण को बढ़ावा देना।
  28. मानव श्वसन में गैसों का मुख्य विनिमय कहाँ होता है?
    वायुकोष्ठों में।
  29. ऑक्सीजन का अधिकांश परिवहन किसके द्वारा होता है?
    हीमोग्लोबिन द्वारा।
  30. मानव हृदय में कितने कक्ष होते हैं?
    चार।
  31. रक्त का द्रव भाग क्या कहलाता है?
    प्लाज्मा।
  32. वृक्क की क्रियात्मक इकाई क्या है?
    नेफ्रॉन।
  33. मानव का प्रमुख नाइट्रोजनयुक्त उत्सर्जी पदार्थ क्या है?
    यूरिया।
  34. मूत्र निर्माण के तीन प्रमुख चरण कौन-से हैं?
    परानिस्यंदन, पुनःअवशोषण और नलिकीय स्राव।
  35. पेशियों के तीन प्रकार कौन-से हैं?
    कंकालीय, चिकनी और हृदय पेशियाँ।
  36. न्यूरॉन क्या है?
    तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई।
  37. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के भाग कौन-से हैं?
    मस्तिष्क और मेरुरज्जु।
  38. प्रतिवर्त क्रिया क्या है?
    उद्दीपन के प्रति होने वाली त्वरित और स्वतः प्रतिक्रिया।
  39. हार्मोन क्या हैं?
    अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहक।
  40. इंसुलिन का एक कार्य बताइए।
    रक्त ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करना।
  41. थायरॉयड हार्मोन का मुख्य कार्य क्या है?
    उपापचय और विकास के नियमन में सहायता करना।
  42. पिट्यूटरी को महत्वपूर्ण ग्रंथि क्यों माना जाता है?
    यह विभिन्न हार्मोनों तथा अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों की क्रियाओं के नियमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  43. जाइलम और फ्लोएम में एक अंतर बताइए।
    जाइलम जल परिवहन करता है, फ्लोएम भोजन परिवहन करता है।
  44. माइटोसिस और मीयोसिस में एक मुख्य अंतर बताइए।
    माइटोसिस में सामान्यतः दो समान कोशिकाएँ बनती हैं, जबकि मीयोसिस में चार अगुणित कोशिकाएँ बनती हैं।
  45. श्वसन और प्रकाश संश्लेषण में एक अंतर बताइए।
    प्रकाश संश्लेषण में भोजन बनता है, श्वसन में भोजन से ऊर्जा मुक्त होती है।
  46. रक्त में प्लेटलेट्स का क्या कार्य है?
    रक्त का थक्का बनने में सहायता करना।
  47. नेफ्रॉन में परानिस्यंदन कहाँ होता है?
    ग्लोमेरुलस और बोमन कैप्सूल से संबंधित परानिस्यंदन तंत्र में।
  48. न्यूरॉन के मुख्य भाग कौन-से हैं?
    कोशिका शरीर, डेंड्राइट और एक्सॉन।
  49. रासायनिक समन्वय का मुख्य माध्यम क्या है?
    हार्मोन।
  50. जीवों के वर्गीकरण का एक प्रमुख लाभ बताइए।
    विविध जीवों का व्यवस्थित अध्ययन और उनकी पहचान सरल हो जाती है।
  51. पादप वृद्धि नियामकों के कोई दो नाम लिखिए।
    ऑक्सिन और जिबरेलिन।
  52. मानव शरीर में समन्वय के दो प्रमुख तंत्र कौन-से हैं?
    तंत्रिका तंत्र और अंतःस्रावी तंत्र।

कक्षा 11वीं जीव विज्ञान — परीक्षा में उत्तर लिखने की रणनीति

अंक उत्तर लिखने का तरीका
01 एक सटीक तथ्य, परिभाषा, नाम, शब्द या वाक्य।
02 परिभाषा + दो मुख्य बिंदु / उदाहरण।
03 परिभाषा/भूमिका + तीन मुख्य बिंदु।
04 परिचय + मुख्य प्रक्रिया/कारण + बिंदुवार विवरण + निष्कर्ष।
जीव विज्ञान में विशेष ध्यान दें:
1. जहाँ संभव हो उत्तर बिंदुवार लिखें।
2. तुलना वाले उत्तर table में लिखना अधिक प्रभावी है।
3. जैविक संरचनाओं के नाम स्पष्ट और क्रमबद्ध लिखें।
4. प्रक्रियाओं में चरणों का सही क्रम रखें।
5. आरेख आधारित अध्यायों में labelled diagram का अभ्यास करें।
अधिक अंक वाली इकाइयाँ: मानव शरीर विज्ञान — 18 अंक; पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन — 14 अंक; पादप कार्यकीय — 14 अंक। इन तीनों इकाइयों के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न विशेष रूप से तैयार करें।
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कक्षा 11वीं Biology • सरल नोट्स • महत्वपूर्ण प्रश्न • परीक्षा तैयारी

अस्वीकरण (Disclaimer):

> 1. अध्ययन एवं अभ्यास उद्देश्य: इस पोस्ट में दी गई अंक योजना (Blueprint), पाठ्यक्रम, AI-जनरेटेड सरल नोट्स तथा अभ्यास प्रश्नोत्तर माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के नवीनतम दिशा-निर्देशों एवं NCERT पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, पुनरावलोकन और परीक्षा अभ्यास के लिए तैयार किए गए हैं।

> 2. प्रश्नोत्तर एवं संभावित प्रश्न: पोस्ट में शामिल सभी वस्तुनिष्ठ, लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर केवल मॉडल/अभ्यास प्रश्न (Practice Questions) हैं। यह बोर्ड/वार्षिक परीक्षा का कोई आधिकारिक प्रश्नपत्र नहीं है और न ही परीक्षा में हूबहू यही प्रश्न पूछे जाने का कोई दावा किया जाता है।

> 3. उत्तरों का सत्यापन: यद्यपि सभी उत्तरों, वैज्ञानिक नामों, नामांकित रेखाचित्रों एवं तथ्यों को सटीक और त्रुटिरहित रखने का पूर्ण प्रयास किया गया है, फिर भी विद्यार्थी किसी भी तकनीकी या तथ्यात्मक संदेह की स्थिति में अपनी अधिकृत NCERT पाठ्यपुस्तकों तथा विषय शिक्षकों के मार्गदर्शन को ही अंतिम व सर्वमान्य आधार मानें।

> 4. आधिकारिक सूचना: परीक्षा कार्यक्रम, आंतरिक मूल्यांकन/प्रायोगिक परीक्षा, अंक योजना में किसी भी संभावित संशोधन अथवा आधिकारिक विज्ञप्ति के लिए सदैव माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी निर्देशों को ही अधिकृत माना जाए।

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