माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं भौतिक विज्ञान (Physics) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित सरल नोट्स, विमीय सूत्र, महत्वपूर्ण व्युत्पत्ति (Derivations) एवं मॉडल अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 11वीं वार्षिक परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। 11वीं भौतिक विज्ञान की अवधारणाएं 12वीं बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE / NEET) का मुख्य आधार होती हैं। इसमें विमीय विश्लेषण, सदिश बीजगणित, गति के नियम, ऊष्मागतिकी और दोलन से जुड़े सिद्धांतों व संख्यात्मक प्रश्नों (Numericals) का नियमित अभ्यास आवश्यक है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को योजनाबद्ध बनाने के लिए यहाँ कक्षा 11वीं भौतिक विज्ञान के सभी अध्यायों की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, फॉर्मूला शीट, प्रमुख व्युत्पत्तियाँ और परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कक्षा 11वीं भौतिक शास्त्र (Physics)
सम्पूर्ण सरल नोट्स एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27
पूर्णांक — 70 | समय — 3:00 घंटे
अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना
| यूनिट |
मुख्य अध्याय |
आवंटित अंक |
| यूनिट-1 |
अध्याय 1 — मात्रक एवं मापन अध्याय 2 — सरल रेखा में गति अध्याय 3 — समतल में गति |
23 |
| यूनिट-2 / 3 |
अध्याय 4 — गति के नियम |
प्रश्नपत्र योजना में सम्मिलित |
| यूनिट-4 / 5 |
अध्याय 5 — कार्य, ऊर्जा और शक्ति अध्याय 6 — कणों का निकाय तथा घूर्णी गति |
17 |
| यूनिट-6 |
अध्याय 7 — गुरुत्वाकर्षण |
पाठ्यक्रम में सम्मिलित |
| यूनिट-7 |
अध्याय 8 — ठोसों के यांत्रिक गुण अध्याय 9 — तरलों के यांत्रिक गुण अध्याय 10 — द्रव्य के तापीय गुण |
20 |
| यूनिट-8 |
अध्याय 11 — ऊष्मागतिकी |
पाठ्यक्रम में सम्मिलित |
| यूनिट-9 |
अध्याय 12 — अणुगति सिद्धांत |
पाठ्यक्रम में सम्मिलित |
| यूनिट-10 |
अध्याय 13 — दोलन अध्याय 14 — तरंगें |
10 |
| कुल योग |
70 |
प्रश्न-पत्र संरचना: प्रश्न 1 से 5 तक 28 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। प्रश्न 1 सही विकल्प — 06, प्रश्न 2 रिक्त स्थान — 06, प्रश्न 3 सत्य/असत्य — 05, प्रश्न 4 सही जोड़ी — 06, प्रश्न 5 एक वाक्य में उत्तर — 05। प्रश्न 6–12 तक 07 प्रश्न × 02 अंक, प्रश्न 13–16 तक 04 प्रश्न × 03 अंक तथा प्रश्न 17–20 तक 04 प्रश्न × 04 अंक।
भौतिक विज्ञान में सफलता का मूल मंत्र: परिभाषा + सिद्धांत + सूत्र + इकाई + विमा + ग्राफ/आरेख + संख्यात्मक प्रश्न का step-by-step अभ्यास करें।
अध्याय 1 — मात्रक एवं मापन
1. भौतिक राशि
ऐसी राशि जिसे मापा जा सके तथा जिसे संख्या और मात्रक के रूप में व्यक्त किया जा सके, भौतिक राशि कहलाती है।
2. मात्रक
किसी भौतिक राशि को मापने के लिए चुना गया निश्चित मानक मात्रक कहलाता है।
3. SI पद्धति
अंतर्राष्ट्रीय मात्रक प्रणाली को SI (Système International) कहा जाता है। यह वैज्ञानिक मापन की मानक प्रणाली है।
| राशि | SI मात्रक | प्रतीक |
| लंबाई | मीटर | m |
| द्रव्यमान | किलोग्राम | kg |
| समय | सेकंड | s |
| विद्युत धारा | एम्पियर | A |
| तापमान | केल्विन | K |
| पदार्थ की मात्रा | मोल | mol |
| ज्योति तीव्रता | कैंडेला | cd |
4. सार्थक अंक
किसी मापन में वे अंक जो निश्चित रूप से ज्ञात हों तथा अंतिम एक अनुमानित अंक हो, सार्थक अंक कहलाते हैं।
- सभी non-zero अंक सार्थक होते हैं।
- दो सार्थक अंकों के बीच का शून्य सार्थक होता है।
- दशमलव के बाद अंतिम शून्य सार्थक हो सकता है।
- दशमलव से पहले के अग्रणी शून्य सामान्यतः सार्थक नहीं होते।
5. विमा
किसी भौतिक राशि को मूल राशियों के घातों के रूप में व्यक्त करना उसकी विमा कहलाता है।
6. कुछ महत्वपूर्ण विमीय सूत्र
| राशि | विमीय सूत्र |
| वेग | [LT⁻¹] |
| त्वरण | [LT⁻²] |
| बल | [MLT⁻²] |
| कार्य | [ML²T⁻²] |
| ऊर्जा | [ML²T⁻²] |
| शक्ति | [ML²T⁻³] |
| दाब | [ML⁻¹T⁻²] |
| संवेग | [MLT⁻¹] |
7. विमीय विश्लेषण के उपयोग
- सूत्र की शुद्धता जाँचना
- एक मात्रक पद्धति से दूसरी में परिवर्तन
- अज्ञात संबंध प्राप्त करना
- भौतिक समीकरण में विमीय समांगता जाँचना
2 अंक अभ्यास
प्रश्न 1. SI पद्धति के कोई चार मूल मात्रक लिखिए।
मीटर, किलोग्राम, सेकंड और एम्पियर SI के चार मूल मात्रक हैं।
प्रश्न 2. विमा क्या है?
किसी भौतिक राशि को मूल राशियों के घातों के रूप में व्यक्त करने को उस राशि की विमा कहते हैं।
प्रश्न 3. बल का विमीय सूत्र लिखिए।
F=ma से:
[F]=[MLT⁻²]
प्रश्न 4. सार्थक अंक क्या हैं?
मापन के वे अंक जो निश्चित रूप से ज्ञात हों और अंतिम एक अंक अनुमानित हो, सार्थक अंक कहलाते हैं।
3 अंक अभ्यास
प्रश्न. कार्य के विमीय सूत्र की व्युत्पत्ति कीजिए।
कार्य = बल × विस्थापन
[W]=[F][L]
=[MLT⁻²][L]
=[ML²T⁻²]
प्रश्न. विमीय विश्लेषण के तीन उपयोग बताइए।
विमीय विश्लेषण का उपयोग समीकरण की विमीय शुद्धता जाँचने, विभिन्न मात्रक प्रणालियों के बीच परिवर्तन करने तथा राशियों के बीच संभावित संबंध प्राप्त करने में किया जाता है।
4 अंक अभ्यास
प्रश्न. विमीय विश्लेषण की सीमाएँ लिखिए।
विमीय विश्लेषण से संख्यात्मक नियतांक जैसे 2, π आदि निर्धारित नहीं किए जा सकते। यह त्रिकोणमितीय, घातांकीय और लघुगणकीय फलनों की जानकारी नहीं देता। समान विमा वाली विभिन्न राशियों में अंतर नहीं किया जा सकता। इसलिए विमीय विश्लेषण समीकरण की पर्याप्त शर्त नहीं है, केवल आवश्यक जाँच हो सकती है।
प्रश्न. सिद्ध कीजिए कि s=ut+½at² विमीय रूप से सही है।
s की विमा = [L]।
ut की विमा=[LT⁻¹][T]=[L]
at² की विमा=[LT⁻²][T²]=[L]
अतः समीकरण के दोनों पक्षों की विमा [L] है। इसलिए समीकरण विमीय रूप से संगत है।
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अध्याय 2 — सरल रेखा में गति
1. गति
समय के साथ किसी वस्तु की स्थिति में परिवर्तन होना गति कहलाता है।
2. दूरी और विस्थापन
वस्तु द्वारा तय किए गए वास्तविक पथ की लंबाई दूरी कहलाती है। प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की सबसे छोटी दूरी तथा दिशा सहित परिवर्तन विस्थापन कहलाता है।
3. चाल
औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय
4. वेग
औसत वेग = कुल विस्थापन / कुल समय
5. तात्क्षणिक वेग
किसी विशेष क्षण पर वस्तु का वेग तात्क्षणिक वेग कहलाता है।
6. त्वरण
a = (v-u)/t
7. समान त्वरण के समीकरण
v=u+at
s=ut+½at²
v²=u²+2as
s=[(u+v)/2]t
8. वेग-समय ग्राफ
वेग-समय ग्राफ की ढाल त्वरण देती है तथा ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन देता है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. दूरी और विस्थापन में अंतर लिखिए।
दूरी अदिश राशि है और वास्तविक पथ की लंबाई बताती है। विस्थापन सदिश राशि है और प्रारंभिक से अंतिम स्थिति तक दिशा सहित परिवर्तन बताता है।
प्रश्न 2. चाल और वेग में अंतर बताइए।
चाल अदिश राशि है, जबकि वेग सदिश राशि है। चाल दूरी की दर और वेग विस्थापन की दर है।
प्रश्न 3. त्वरण क्या है?
समय के साथ वेग में परिवर्तन की दर त्वरण कहलाती है।
a=Δv/Δt
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. समान त्वरण वाली गति के तीन समीकरण लिखिए।
v=u+at
s=ut+½at²
v²=u²+2as
प्रश्न. वेग-समय ग्राफ से विस्थापन कैसे ज्ञात करते हैं?
वेग-समय ग्राफ के नीचे समय अक्ष के बीच घिरे क्षेत्रफल का संख्यात्मक मान वस्तु का विस्थापन देता है।
4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक
प्रश्न. एक कार 5 m/s के प्रारंभिक वेग से 2 m/s² के समान त्वरण से 10 s चलती है। अंतिम वेग और विस्थापन ज्ञात कीजिए।
दिया है u=5 m/s, a=2 m/s², t=10 s।
v=u+at=5+2×10=25 m/s
s=ut+½at²
=5×10+½×2×100
=50+100
=150 m
प्रश्न. ऋणात्मक त्वरण क्या है?
जब वस्तु की गति की दिशा के विपरीत दिशा में त्वरण हो और वेग का परिमाण घटे, तो इसे मंदन या ऋणात्मक त्वरण कहा जाता है।
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अध्याय 3 — समतल में गति
1. अदिश और सदिश
अदिश राशि केवल परिमाण से व्यक्त होती है। सदिश राशि के लिए परिमाण के साथ दिशा भी आवश्यक होती है।
| अदिश | सदिश |
| दूरी | विस्थापन |
| चाल | वेग |
| द्रव्यमान | बल |
| समय | संवेग |
2. सदिशों का योग
सदिशों का योग त्रिभुज नियम, समांतर चतुर्भुज नियम या विश्लेषणात्मक विधि से किया जा सकता है।
3. सदिश का अवयवीकरण
Aₓ=A cosθ
Aᵧ=A sinθ
4. प्रक्षेप्य गति
जब किसी वस्तु को प्रारंभिक वेग देकर पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र में कोण पर प्रक्षेपित किया जाता है, तो उसकी गति प्रक्षेप्य गति कहलाती है।
T = 2u sinθ / g
H = u² sin²θ / 2g
R = u² sin2θ / g
5. अधिकतम परास
प्रक्षेप्य का परास θ=45° पर अधिकतम होता है।
6. एकसमान वृत्तीय गति
जब वस्तु समान चाल से वृत्ताकार पथ पर गति करती है तो उसकी गति एकसमान वृत्तीय गति कहलाती है। वेग की दिशा बदलती रहती है इसलिए त्वरण होता है।
aᶜ=v²/r=ω²r
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. अदिश और सदिश में अंतर बताइए।
अदिश राशि केवल परिमाण से व्यक्त होती है, जबकि सदिश राशि के लिए परिमाण और दिशा दोनों आवश्यक हैं।
प्रश्न 2. प्रक्षेप्य गति क्या है?
गुरुत्वीय क्षेत्र में किसी कोण पर फेंकी गई वस्तु की गति, जिसमें क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों घटक होते हैं, प्रक्षेप्य गति कहलाती है।
प्रश्न 3. अभिकेन्द्रीय त्वरण का सूत्र लिखिए।
aᶜ=v²/r=ω²r
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. प्रक्षेप्य के क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर वेग घटक लिखिए।
यदि प्रारंभिक वेग u और प्रक्षेपण कोण θ है, तो:
क्षैतिज घटक = u cosθ
ऊर्ध्वाधर घटक = u sinθ
प्रश्न. प्रक्षेप्य की अधिकतम ऊँचाई का सूत्र लिखकर समझाइए।
ऊर्ध्वाधर गति में अधिकतम ऊँचाई पर अंतिम वेग शून्य होता है। इसलिए:
0=(u sinθ)²−2gH
अतः
H=u²sin²θ/2g
4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक
प्रश्न. 20 m/s के वेग से 30° के कोण पर फेंकी गई वस्तु का अधिकतम परास ज्ञात कीजिए। g=10 m/s² लें।
R=u²sin2θ/g
=400×sin60°/10
=40×√3/2
=20√3 m
प्रश्न. एकसमान वृत्तीय गति में त्वरण क्यों होता है जबकि चाल समान रहती है?
एकसमान वृत्तीय गति में चाल का परिमाण स्थिर रहता है, लेकिन वस्तु के वेग की दिशा लगातार बदलती रहती है। वेग सदिश में परिवर्तन के कारण त्वरण उत्पन्न होता है, जिसे अभिकेन्द्रीय त्वरण कहते हैं।
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अध्याय 4 — गति के नियम
1. जड़त्व
वस्तु की अपनी वर्तमान अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति जड़त्व कहलाती है।
2. न्यूटन का प्रथम नियम
कोई वस्तु तब तक विरामावस्था या एकसमान सरल रेखीय गति की अवस्था में रहती है जब तक उस पर कोई बाह्य असंतुलित बल न लगाया जाए।
3. न्यूटन का द्वितीय नियम
F=dp/dt
स्थिर द्रव्यमान के लिए:
F=ma
4. न्यूटन का तृतीय नियम
प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है।
5. संवेग
p=mv
6. संवेग संरक्षण
यदि किसी निकाय पर बाहरी बल का परिणामी शून्य है तो उसका कुल रेखीय संवेग संरक्षित रहता है।
7. घर्षण
दो सतहों के बीच सापेक्ष गति या गति की प्रवृत्ति का विरोध करने वाला बल घर्षण कहलाता है।
fₛ≤μₛN
fₖ=μₖN
8. वृत्तीय गति में अभिकेन्द्रीय बल
Fᶜ=mv²/r
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. जड़त्व क्या है?
वस्तु की अपनी वर्तमान अवस्था को बनाए रखने तथा उसमें परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति जड़त्व कहलाती है।
प्रश्न 2. न्यूटन का प्रथम नियम लिखिए।
बाह्य असंतुलित बल के अभाव में वस्तु अपनी विराम या एकसमान सरल रेखीय गति की अवस्था बनाए रखती है।
प्रश्न 3. संवेग का सूत्र लिखिए।
p=mv
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. न्यूटन के गति के तीनों नियम लिखिए।
प्रथम नियम जड़त्व का नियम है। द्वितीय नियम के अनुसार F=ma। तृतीय नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है।
प्रश्न. संवेग संरक्षण का नियम बताइए।
किसी पृथक निकाय पर बाहरी बल का परिणामी शून्य होने पर निकाय का कुल रेखीय संवेग स्थिर रहता है।
कुल प्रारंभिक संवेग = कुल अंतिम संवेग
4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक
प्रश्न. 5 kg द्रव्यमान की वस्तु पर 20 N बल लगाया जाता है। त्वरण ज्ञात कीजिए।
F=ma
a=F/m
=20/5
=4 m/s²
प्रश्न. न्यूटन के तृतीय नियम की सहायता से बंदूक के पीछे हटने की व्याख्या कीजिए।
बंदूक गोली पर आगे की ओर बल लगाती है। न्यूटन के तृतीय नियम के अनुसार गोली भी बंदूक पर बराबर और विपरीत दिशा में बल लगाती है। इसी कारण बंदूक पीछे की ओर गति करती है, जिसे recoil कहते हैं।
प्रश्न. घर्षण के दो लाभ और दो हानियाँ लिखिए।
लाभ: हम बिना फिसले चल सकते हैं और वाहन के पहियों को सड़क पर पकड़ मिलती है।
हानियाँ: घर्षण से ऊष्मा पैदा होती है और मशीनों के भाग घिसते हैं। इससे ऊर्जा की हानि भी होती है।
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अध्याय 5 — कार्य, ऊर्जा और शक्ति
1. कार्य
W=Fs cosθ
जब किसी वस्तु पर बल लगाकर विस्थापन कराया जाता है और बल का विस्थापन की दिशा में घटक होता है, तब कार्य होता है।
2. कार्य की स्थितियाँ
- θ=0° → कार्य धनात्मक
- θ=90° → कार्य शून्य
- θ=180° → कार्य ऋणात्मक
3. गतिज ऊर्जा
K=½mv²
4. कार्य-ऊर्जा प्रमेय
किसी वस्तु पर किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।
W=ΔK
5. स्थितिज ऊर्जा
U=mgh
6. स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा
U=½kx²
7. यांत्रिक ऊर्जा
E=K+U
8. ऊर्जा संरक्षण
ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न नष्ट; यह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है।
9. शक्ति
P=W/t
तात्क्षणिक शक्ति:
P=F·v
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. कार्य का SI मात्रक क्या है?
जूल (J)।
प्रश्न 2. गतिज ऊर्जा का सूत्र लिखिए।
K=½mv²
प्रश्न 3. कार्य कब शून्य होता है?
जब बल और विस्थापन परस्पर लंबवत हों या विस्थापन शून्य हो।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. कार्य-ऊर्जा प्रमेय समझाइए।
किसी वस्तु पर किया गया कुल कार्य उस वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।
W=K₂−K₁
इसी को कार्य-ऊर्जा प्रमेय कहते हैं।
प्रश्न. यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण को समझाइए।
जब केवल संरक्षी बल कार्य कर रहे हों तो गतिज और स्थितिज ऊर्जा का योग स्थिर रहता है।
K+U=constant
4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक
प्रश्न. 10 kg द्रव्यमान की वस्तु 5 m/s की चाल से चल रही है। उसकी गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
K=½mv²
=½×10×25
=125 J
प्रश्न. 2 kg की वस्तु को 10 m ऊँचाई तक उठाया जाता है। g=10 m/s² लें। स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
U=mgh
=2×10×10
=200 J
प्रश्न. शक्ति और कार्य में संबंध बताइए।
शक्ति कार्य करने की दर है।
P=W/t
अतः समान कार्य कम समय में करने पर शक्ति अधिक होगी।
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अध्याय 6 — कणों का निकाय तथा घूर्णी गति
1. द्रव्यमान केन्द्र
किसी कण-निकाय का वह बिंदु जहाँ पूरे निकाय का द्रव्यमान केंद्रित मानकर उसके स्थानांतरण का अध्ययन किया जा सकता है, द्रव्यमान केन्द्र कहलाता है।
2. दो कणों के द्रव्यमान केन्द्र की स्थिति
xcm=(m₁x₁+m₂x₂)/(m₁+m₂)
3. रेखीय संवेग
P=Σpᵢ
4. सदिश गुणनफल
A×B=AB sinθ n̂
5. कोणीय वेग
v=rω
6. बल आघूर्ण
τ=r×F
परिमाण:
τ=rF sinθ
7. कोणीय संवेग
L=r×p
8. जड़त्व आघूर्ण
I=Σmr²
9. घूर्णी गति का मूल संबंध
τ=Iα
10. घूर्णी गतिज ऊर्जा
K=½Iω²
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. द्रव्यमान केन्द्र क्या है?
निकाय का वह बिंदु जहाँ उसके कुल द्रव्यमान को केंद्रित मानकर स्थानांतरण गति का अध्ययन किया जा सकता है, द्रव्यमान केन्द्र कहलाता है।
प्रश्न 2. बल आघूर्ण क्या है?
किसी बिंदु के सापेक्ष बल के घूर्णक प्रभाव को बल आघूर्ण कहते हैं।
τ=r×F
प्रश्न 3. जड़त्व आघूर्ण क्या है?
घूर्णी गति में किसी अक्ष के सापेक्ष वस्तु के घूर्णन का विरोध करने वाली मात्रा को जड़त्व आघूर्ण कहते हैं।
I=Σmr²
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. रेखीय एवं कोणीय राशियों में संबंध बताइए।
रेखीय विस्थापन और कोणीय विस्थापन में s=rθ का संबंध है। रेखीय वेग v=rω तथा स्पर्शीय त्वरण a=rα होता है। इससे स्पष्ट है कि घूर्णी गति की राशियाँ रेखीय राशियों से संबंधित हैं।
प्रश्न. जड़त्व आघूर्ण किन कारकों पर निर्भर करता है?
जड़त्व आघूर्ण वस्तु के कुल द्रव्यमान, घूर्णन अक्ष से द्रव्यमान के वितरण और अक्ष की स्थिति पर निर्भर करता है।
4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक
प्रश्न. दो कणों के द्रव्यमान 2 kg और 3 kg हैं तथा वे x=0 m और x=10 m पर स्थित हैं। द्रव्यमान केन्द्र ज्ञात कीजिए।
xcm=(2×0+3×10)/(2+3)
=30/5
=6 m
प्रश्न. 2 kg की वस्तु 3 m त्रिज्या पर 4 rad/s कोणीय वेग से घूम रही है। स्पर्शीय वेग ज्ञात कीजिए।
v=rω
=3×4
=12 m/s
प्रश्न. घूर्णी संतुलन की शर्त लिखिए।
किसी दृढ़ पिंड के घूर्णी संतुलन के लिए किसी चुने हुए बिंदु या अक्ष के सापेक्ष सभी बाहरी बल आघूर्णों का बीजीय योग शून्य होना चाहिए।
Στ=0
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अध्याय 7 — गुरुत्वाकर्षण
1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम
F=Gm₁m₂/r²
2. G का विमीय सूत्र
[G]=[M⁻¹L³T⁻²]
3. g और G का संबंध
g=GM/R²
4. ऊँचाई पर g
gₕ=g(R/(R+h))²
5. पृथ्वी के अंदर गहराई पर g
g_d=g(1-d/R)
6. गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा
U=−GMm/r
7. पलायन चाल
vₑ=√(2GM/R)=√(2gR)
8. उपग्रह की कक्षीय चाल
vₒ=√(GM/r)
9. उपग्रह की आवर्तकाल
T=2π√(r³/GM)
10. केप्लर के नियम
- कक्षाएँ दीर्घवृत्तीय होती हैं और सूर्य एक फोकस पर होता है।
- ग्रह और सूर्य को जोड़ने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल स्वीप करती है।
- कक्षा की अर्ध-दीर्घ-अक्ष के घन का अनुपात आवर्तकाल के वर्ग के समानुपाती है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम लिखिए।
दो पिंडों के बीच आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती और उनके केंद्रों के बीच दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
F=Gm₁m₂/r²
प्रश्न 2. पृथ्वी के पृष्ठ पर g का सूत्र लिखिए।
g=GM/R²
प्रश्न 3. पलायन चाल क्या है?
किसी पिंड को ग्रह के गुरुत्वीय क्षेत्र से स्थायी रूप से बाहर ले जाने के लिए आवश्यक न्यूनतम प्रारंभिक चाल पलायन चाल कहलाती है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. ऊँचाई बढ़ने पर g क्यों घटता है?
g=GM/r²। पृथ्वी की सतह से ऊँचाई h पर केंद्र से दूरी R+h हो जाती है।
अतः gₕ=GM/(R+h)²।
जैसे-जैसे h बढ़ती है, केंद्र से दूरी बढ़ती है और g का मान घटता है।
प्रश्न. केप्लर के तीन नियम लिखिए।
प्रथम — ग्रह दीर्घवृत्ताकार कक्षा में घूमते हैं।
द्वितीय — समान समय में समान क्षेत्रफल स्वीप होता है।
तृतीय — T²∝r³।
4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक
प्रश्न. पृथ्वी की सतह पर किसी वस्तु का द्रव्यमान 5 kg है। उसका भार ज्ञात कीजिए। g=9.8 m/s² लें।
W=mg
=5×9.8
=49 N
प्रश्न. उपग्रह को कक्षा में बनाए रखने में अभिकेन्द्रीय बल की भूमिका समझाइए।
उपग्रह को पृथ्वी के चारों ओर घुमाने के लिए आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से प्राप्त होता है। इसलिए गुरुत्वाकर्षण बल ही उपग्रह की कक्षीय गति के लिए आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल प्रदान करता है।
GMm/r²=mv²/r
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अध्याय 8 — ठोसों के यांत्रिक गुण
1. प्रतिबल
Stress = F/A
2. विकृति
बाह्य बल के कारण वस्तु के आकार या आयाम में होने वाला सापेक्ष परिवर्तन विकृति कहलाता है।
3. हुक का नियम
प्रत्यास्थ सीमा के भीतर प्रतिबल, विकृति के समानुपाती होता है।
Stress ∝ Strain
4. यंग गुणांक
Y=Longitudinal Stress/Longitudinal Strain
5. प्रत्यास्थता
विरूपक बल हटाने पर वस्तु का मूल अवस्था में लौटने का गुण प्रत्यास्थता कहलाता है।
6. प्रतिबल-विकृति वक्र
प्रतिबल-विकृति वक्र से वस्तु के प्रत्यास्थ व्यवहार, yield point, plastic deformation और टूटने की स्थिति का अध्ययन किया जाता है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. प्रतिबल क्या है?
प्रति इकाई क्षेत्रफल पर कार्य करने वाले आंतरिक पुनर्स्थापना बल को प्रतिबल कहते हैं।
Stress=F/A
प्रश्न 2. विकृति क्या है?
मूल आयाम की तुलना में आयाम में होने वाला सापेक्ष परिवर्तन विकृति कहलाता है।
प्रश्न 3. हुक का नियम लिखिए।
प्रत्यास्थ सीमा के भीतर प्रतिबल, विकृति के समानुपाती होता है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. यंग गुणांक समझाइए।
अनुदैर्ध्य प्रतिबल और अनुदैर्ध्य विकृति के अनुपात को यंग गुणांक कहते हैं।
Y=Stress/Strain
प्रश्न. प्रत्यास्थ और प्लास्टिक व्यवहार में अंतर बताइए।
प्रत्यास्थ सीमा के भीतर बल हटाने पर वस्तु मूल अवस्था में लौट आती है। प्लास्टिक क्षेत्र में बल हटाने पर स्थायी विरूपण रह जाता है।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. प्रतिबल-विकृति वक्र का महत्व समझाइए।
प्रतिबल-विकृति वक्र से पदार्थ की प्रत्यास्थ सीमा, yield region, plastic deformation और fracture point की जानकारी मिलती है। इससे पदार्थ की मजबूती, कठोरता और उपयोगिता का अनुमान लगाया जा सकता है। इंजीनियरिंग में उपयुक्त पदार्थ चुनने में यह उपयोगी है।
प्रश्न. किसी तार का क्षेत्रफल 2×10⁻⁶ m² है और उस पर 100 N बल लगाया जाता है। प्रतिबल ज्ञात कीजिए।
Stress=F/A
=100/(2×10⁻⁶)
=5×10⁷ N/m²
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अध्याय 9 — तरलों के यांत्रिक गुण
1. दाब
P=F/A
2. पास्कल का नियम
बंद द्रव पर लगाया गया दाब द्रव के प्रत्येक भाग और पात्र की दीवारों तक समान रूप से संचारित होता है।
3. धारारेखी प्रवाह
द्रव की गति में किसी बिंदु से गुजरने वाला कण हर बार एक ही प्रवाह रेखा का अनुसरण करे तो उसे धारारेखी प्रवाह कहते हैं।
4. बर्नूली का सिद्धांत
P + ½ρv² + ρgh = constant
5. श्यानता
द्रव की विभिन्न परतों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करने वाला गुण श्यानता कहलाता है।
6. पृष्ठ तनाव
द्रव की मुक्त सतह पर अणुओं के बीच आकर्षण के कारण सतह द्वारा न्यूनतम क्षेत्रफल ग्रहण करने की प्रवृत्ति पृष्ठ तनाव से संबंधित है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. दाब का सूत्र लिखिए।
P=F/A
प्रश्न 2. बर्नूली का सिद्धांत लिखिए।
धारारेखी, असंपीड्य तथा अश्यान द्रव के लिए कुल ऊर्जा प्रति इकाई आयतन स्थिर रहती है।
P+½ρv²+ρgh=constant
प्रश्न 3. श्यानता क्या है?
द्रव की परतों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करने वाला आंतरिक घर्षण श्यानता कहलाता है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. बर्नूली सिद्धांत के दो अनुप्रयोग बताइए।
वायुयान के पंखों पर उत्प्लावन, वेंचुरीमीटर और एटमाइज़र जैसे उपकरण बर्नूली सिद्धांत पर आधारित हैं।
प्रश्न. पृष्ठ तनाव की दो घटनाएँ बताइए।
पानी की बूंदों का लगभग गोलाकार होना तथा साबुन के बुलबुले का बनना पृष्ठ तनाव से संबंधित घटनाएँ हैं।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. बर्नूली समीकरण के पदों का अर्थ समझाइए।
P दाब ऊर्जा प्रति इकाई आयतन है, ½ρv² गतिज ऊर्जा प्रति इकाई आयतन तथा ρgh गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा प्रति इकाई आयतन है। धारारेखी, असंपीड्य और अश्यान प्रवाह में इन तीनों का योग स्थिर रहता है।
प्रश्न. 200 N बल 0.5 m² क्षेत्रफल पर लगाया गया है। दाब ज्ञात कीजिए।
P=F/A
=200/0.5
=400 Pa
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अध्याय 10 — द्रव्य के तापीय गुण
1. ताप और ऊष्मा
ताप किसी वस्तु की गर्माहट या ठंडक की अवस्था का माप है। ऊष्मा ऊर्जा का वह स्थानांतरण है जो तापांतर के कारण होता है।
2. तापमान के पैमाने
- सेल्सियस
- फारेनहाइट
- केल्विन
K=°C+273.15
3. आदर्श गैस समीकरण
PV=nRT
4. रैखिक प्रसार
ΔL=αLΔT
5. क्षेत्रफल प्रसार
ΔA=βAΔT
6. आयतन प्रसार
ΔV=γVΔT
7. ऊष्मा
Q=mcΔT
8. अवस्था परिवर्तन
Q=mL
9. ऊष्मा स्थानांतरण
10. न्यूटन का शीतलन नियम
छोटे तापांतर के लिए किसी वस्तु के ठंडा होने की दर उसके और परिवेश के तापमान के अंतर के समानुपाती होती है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. ऊष्मा और तापमान में अंतर बताइए।
ऊष्मा ऊर्जा का स्थानांतरण है, जबकि तापमान किसी वस्तु की तापीय अवस्था का माप है।
प्रश्न 2. विशिष्ट ऊष्मा धारिता क्या है?
इकाई द्रव्यमान पदार्थ का तापमान 1 K बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा को उसकी विशिष्ट ऊष्मा धारिता कहते हैं।
प्रश्न 3. अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान क्यों स्थिर रहता है?
प्रदान की गई ऊष्मा अणुओं की पारस्परिक बंधन ऊर्जा को बदलने में प्रयुक्त होती है, इसलिए अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान में परिवर्तन नहीं होता।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. ऊष्मा स्थानांतरण की तीन विधियाँ समझाइए।
चालन में माध्यम के कणों के सामूहिक स्थानांतरण के बिना ऊष्मा संचरित होती है। संवहन में द्रव या गैस की गति के साथ ऊष्मा का स्थानांतरण होता है। विकिरण में ऊष्मा विद्युतचुंबकीय तरंगों के रूप में स्थानांतरित होती है और माध्यम आवश्यक नहीं।
प्रश्न. तापीय प्रसार क्या है?
तापमान बढ़ने पर पदार्थ के आयामों में होने वाली वृद्धि तापीय प्रसार कहलाती है। यह लंबाई, क्षेत्रफल या आयतन के रूप में हो सकता है।
4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक
प्रश्न. 2 kg पानी की विशिष्ट ऊष्मा धारिता 4200 J/kgK है। उसका तापमान 10 K बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा ज्ञात कीजिए।
Q=mcΔT
=2×4200×10
=84000 J
प्रश्न. 27°C को Kelvin में बदलें।
K=27+273
=300 K
प्रश्न. चालन और संवहन में अंतर बताइए।
चालन में पदार्थ के कण अपनी जगह के आसपास रहते हुए ऊर्जा का स्थानांतरण करते हैं, जबकि संवहन में द्रव या गैस की वास्तविक गति द्वारा ऊष्मा का स्थानांतरण होता है। ठोसों में चालन प्रमुख है जबकि द्रवों और गैसों में संवहन महत्वपूर्ण है।
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अध्याय 11 — ऊष्मागतिकी
1. ऊष्मागतिकी
ऊष्मा, कार्य और आंतरिक ऊर्जा के परस्पर संबंधों का अध्ययन ऊष्मागतिकी कहलाता है।
2. तापीय साम्य
जब दो निकाय आपस में ऊष्मा का आदान-प्रदान करना बंद कर दें और उनका तापमान समान हो जाए, तब वे तापीय साम्य में होते हैं।
3. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम
यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ तापीय साम्य में हैं, तो वे दोनों आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
4. आंतरिक ऊर्जा
किसी निकाय के अणुओं की कुल सूक्ष्म गतिज एवं स्थितिज ऊर्जा को उसकी आंतरिक ऊर्जा कहते हैं।
5. प्रथम नियम
ΔQ=ΔU+W
यदि W निकाय द्वारा किया गया कार्य है।
6. समतापी प्रक्रम
तापमान स्थिर रहता है।
7. समदाब प्रक्रम
दाब स्थिर रहता है।
8. समआयतनी प्रक्रम
आयतन स्थिर रहता है।
9. रुद्धोष्म प्रक्रम
जिसमें निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं होता।
10. द्वितीय नियम
ऊष्मा स्वतः निम्न ताप से उच्च ताप की ओर नहीं जाती और कोई भी वास्तविक ऊष्मा इंजन प्राप्त ऊष्मा को पूरी तरह कार्य में परिवर्तित नहीं कर सकता।
11. कार्नो इंजन
कार्नो इंजन एक आदर्श प्रत्यावर्तनीय ऊष्मा इंजन है जो दो ताप स्रोतों के बीच कार्य करता है।
η=1−T₂/T₁
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम लिखिए।
निकाय को दी गई ऊष्मा का एक भाग आंतरिक ऊर्जा बढ़ाने और शेष भाग निकाय द्वारा किए गए कार्य में खर्च होता है।
Q=ΔU+W
प्रश्न 2. आंतरिक ऊर्जा क्या है?
निकाय के कणों की सूक्ष्म गतिज एवं स्थितिज ऊर्जाओं के कुल योग को आंतरिक ऊर्जा कहते हैं।
प्रश्न 3. रुद्धोष्म प्रक्रम क्या है?
जिस ऊष्मागतिक प्रक्रम में निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं होता, वह रुद्धोष्म प्रक्रम है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. समतापी और रुद्धोष्म प्रक्रम में अंतर बताइए।
समतापी प्रक्रम में तापमान स्थिर रहता है और सामान्यतः ऊष्मा का आदान-प्रदान हो सकता है। रुद्धोष्म प्रक्रम में ऊष्मा का आदान-प्रदान शून्य होता है और तापमान बदल सकता है।
प्रश्न. ऊष्मागतिकी के शून्यवें नियम का महत्व बताइए।
शून्यवाँ नियम तापीय साम्य की अवधारणा स्थापित करता है। इसी के आधार पर तापमान की तुलना तथा तापमापी का सिद्धांत समझा जाता है।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम को समझाइए।
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का ऊष्मागतिक रूप है। यदि किसी निकाय को Q ऊष्मा दी जाए तो उसका एक भाग आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन ΔU के रूप में और शेष भाग निकाय द्वारा किए गए कार्य W के रूप में जाता है।
Q=ΔU+W
यह दर्शाता है कि ऊर्जा का निर्माण या विनाश नहीं होता, केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तन होता है।
प्रश्न. कार्नो इंजन की दक्षता का सूत्र लिखिए।
यदि गर्म स्रोत का तापमान T₁ और ठंडे स्रोत का तापमान T₂ है, तो:
η=1−T₂/T₁
तापमान Kelvin में होना चाहिए।
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अध्याय 12 — अणुगति सिद्धांत
1. आदर्श गैस
ऐसी गैस जो दिए गए ताप और दाब पर गैस नियमों का आदर्श रूप से पालन करे, आदर्श गैस कहलाती है।
2. गैस का आण्विक दृष्टिकोण
- गैस अत्यधिक संख्या में सूक्ष्म अणुओं से बनी है।
- अणुओं के बीच औसत दूरी बड़ी होती है।
- अणु निरंतर अनियमित गति करते हैं।
- अणुओं के बीच टक्कर लगभग प्रत्यास्थ मानी जाती है।
3. आदर्श गैस समीकरण
PV=nRT
4. गैस का दाब
P=⅓ρv²rms
5. RMS वेग
vrms=√(3RT/M)
6. औसत गतिज ऊर्जा
K=3/2 kT
7. ऊर्जा के समविभाजन का नियम
तापीय साम्य में स्वतंत्रता की प्रत्येक degree of freedom के लिए औसत ऊर्जा ½kT होती है।
8. माध्य मुक्त पथ
दो क्रमागत आण्विक टक्करों के बीच अणु द्वारा तय की गई औसत दूरी माध्य मुक्त पथ कहलाती है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. आदर्श गैस समीकरण लिखिए।
PV=nRT
प्रश्न 2. RMS वेग का सूत्र लिखिए।
vrms=√(3RT/M)
प्रश्न 3. माध्य मुक्त पथ क्या है?
दो क्रमागत टक्करों के बीच गैस अणु द्वारा तय की गई औसत दूरी को माध्य मुक्त पथ कहते हैं।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. अणुगति सिद्धांत की तीन मुख्य मान्यताएँ लिखिए।
गैस अणु निरंतर अनियमित गति करते हैं, अणुओं का स्वयं का आयतन उनके बीच की दूरी की तुलना में बहुत कम होता है तथा अणुओं के बीच की टक्करें लगभग प्रत्यास्थ होती हैं।
प्रश्न. तापमान और अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा में क्या संबंध है?
आदर्श गैस के अणुओं की औसत अनुवादी गतिज ऊर्जा तापमान के समानुपाती होती है।
औसत K ∝ T
4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक
प्रश्न. 300 K तापमान पर 1 mol आदर्श गैस का आयतन 0.0246 m³ है। यदि R=8.31 J/mol K, तो दाब ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
PV=nRT
P=nRT/V
P=(1×8.31×300)/0.0246
≈1.01×10⁵ Pa
प्रश्न. अणुगति सिद्धांत के अनुसार गैस का दाब कैसे उत्पन्न होता है?
गैस के अणु पात्र की दीवारों से निरंतर टकराते हैं। प्रत्येक टक्कर में संवेग परिवर्तन होता है। इन असंख्य टक्करों के कारण दीवारों पर औसत बल उत्पन्न होता है। प्रति इकाई क्षेत्रफल पर यही औसत बल गैस का दाब कहलाता है।
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अध्याय 13 — दोलन
1. दोलन
किसी माध्य स्थिति के दोनों ओर बार-बार होने वाली आगे-पीछे की गति दोलन कहलाती है।
2. आवर्त गति
जो गति समान समयांतराल के बाद स्वयं को दोहराती है, आवर्त गति कहलाती है।
3. सरल आवर्त गति
ऐसी दोलन गति जिसमें पुनर्स्थापना बल विस्थापन के समानुपाती और विपरीत दिशा में हो, सरल आवर्त गति कहलाती है।
F=−kx
4. कोणीय आवृत्ति
ω=2π/T=2πf
5. विस्थापन
x=A sin(ωt+φ)
6. वेग
v=ω√(A²−x²)
7. त्वरण
a=−ω²x
8. ऊर्जा
E=½kA²
9. स्प्रिंग-मास तंत्र
T=2π√(m/k)
10. सरल लोलक
T=2π√(l/g)
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. सरल आवर्त गति क्या है?
ऐसी आवर्त गति जिसमें पुनर्स्थापना बल विस्थापन के समानुपाती और माध्य स्थिति की ओर होता है, सरल आवर्त गति कहलाती है।
F=−kx
प्रश्न 2. आवर्तकाल क्या है?
एक पूर्ण दोलन पूरा करने में लगा समय आवर्तकाल कहलाता है।
प्रश्न 3. सरल लोलक का आवर्तकाल लिखिए।
T=2π√(l/g)
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. SHM में माध्य स्थिति और चरम स्थिति की विशेषताएँ बताइए।
माध्य स्थिति पर विस्थापन शून्य, वेग अधिकतम और त्वरण शून्य होता है। चरम स्थिति पर विस्थापन अधिकतम, वेग शून्य और त्वरण अधिकतम होता है।
प्रश्न. सरल आवर्त गति तथा एकसमान वृत्तीय गति में संबंध बताइए।
एकसमान वृत्तीय गति करते हुए किसी कण के व्यास पर उसका प्रक्षेप सरल आवर्त गति करता है। इस प्रकार SHM को एकसमान वृत्तीय गति के प्रक्षेप के रूप में समझा जा सकता है।
4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक
प्रश्न. 1 kg द्रव्यमान को 100 N/m spring constant वाले स्प्रिंग से जोड़ा गया है। आवर्तकाल ज्ञात कीजिए।
T=2π√(m/k)
=2π√(1/100)
=2π/10
=π/5 s
प्रश्न. SHM में ऊर्जा संरक्षण समझाइए।
SHM में कुल यांत्रिक ऊर्जा स्थिर रहती है। माध्य स्थिति पर गतिज ऊर्जा अधिकतम और स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम होती है। चरम स्थिति पर गतिज ऊर्जा शून्य और स्थितिज ऊर्जा अधिकतम होती है। दोनों का योग हर स्थिति में स्थिर रहता है।
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अध्याय 14 — तरंगें
1. तरंग
माध्यम में ऊर्जा का वह संचरण जिसमें माध्यम के कणों का स्थायी स्थानांतरण नहीं होता, तरंग कहलाता है।
2. अनुप्रस्थ तरंग
माध्यम के कणों का कंपन तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत हो तो अनुप्रस्थ तरंग कहलाती है।
3. अनुदैर्ध्य तरंग
कणों का कंपन तरंग के संचरण की दिशा के समानांतर हो तो अनुदैर्ध्य तरंग कहलाती है।
4. तरंगदैर्ध्य
दो क्रमागत समान कला वाले बिंदुओं के बीच की दूरी तरंगदैर्ध्य कहलाती है।
v=fλ
5. प्रगामी तरंग
y=A sin(kx−ωt+φ)
6. अध्यारोपण सिद्धांत
जब एक ही बिंदु पर अनेक तरंगें पहुँचती हैं तो परिणामी विस्थापन व्यक्तिगत विस्थापनों के बीजीय योग के बराबर होता है।
7. तरंगों का परावर्तन
किसी बाधा से टकराकर तरंग का उसी माध्यम में लौटना तरंग परावर्तन कहलाता है।
8. विस्पंद
लगभग समान आवृत्ति की दो तरंगों के अध्यारोपण से ध्वनि की तीव्रता के क्रमिक बढ़ने और घटने की घटना विस्पंद कहलाती है।
Beat frequency=|f₁−f₂|
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य तरंग में अंतर बताइए।
अनुप्रस्थ तरंग में कणों का कंपन संचरण दिशा के लंबवत होता है, जबकि अनुदैर्ध्य तरंग में कणों का कंपन संचरण दिशा के समानांतर होता है।
प्रश्न 2. तरंग का मूल समीकरण लिखिए।
v=fλ
प्रश्न 3. विस्पंद क्या है?
दो लगभग समान आवृत्ति की ध्वनि तरंगों के अध्यारोपण से ध्वनि की तीव्रता का समय के साथ अधिकतम और न्यूनतम होना विस्पंद कहलाता है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. अध्यारोपण सिद्धांत समझाइए।
किसी माध्यम के एक बिंदु पर एक साथ अनेक तरंगें पहुँचने पर परिणामी विस्थापन सभी व्यक्तिगत तरंगों के विस्थापनों का बीजीय योग होता है। यही अध्यारोपण सिद्धांत है।
प्रश्न. तरंग की चाल किन राशियों से संबंधित है?
तरंग की चाल v, आवृत्ति f और तरंगदैर्ध्य λ में संबंध:
v=fλ
माध्यम के गुणों के अनुसार तरंग की चाल बदल सकती है।
4 अंक प्रश्न एवं संख्यात्मक
प्रश्न. किसी तरंग की आवृत्ति 500 Hz और तरंगदैर्ध्य 0.68 m है। तरंग की चाल ज्ञात कीजिए।
v=fλ
=500×0.68
=340 m/s
प्रश्न. 256 Hz और 260 Hz की दो ध्वनियों से विस्पंद आवृत्ति ज्ञात कीजिए।
Beat frequency=|260−256|
=4 Hz
प्रश्न. अनुप्रस्थ तरंग और अनुदैर्ध्य तरंग के उदाहरण दीजिए।
रस्सी पर चलने वाली तरंग अनुप्रस्थ तरंग का उदाहरण है। वायु में ध्वनि तरंग अनुदैर्ध्य तरंग का उदाहरण है।
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कक्षा 11वीं भौतिक विज्ञान — वस्तुनिष्ठ प्रश्न अभ्यास
सही विकल्प — उत्तर सहित
- बल की SI इकाई है — न्यूटन
- कार्य की SI इकाई है — जूल
- शक्ति की SI इकाई है — वाट
- वेग का विमीय सूत्र है — [LT⁻¹]
- बल का विमीय सूत्र है — [MLT⁻²]
- जड़त्व किस नियम से संबंधित है? — न्यूटन का प्रथम नियम
- संवेग का सूत्र है — p=mv
- गतिज ऊर्जा का सूत्र है — ½mv²
- पलायन चाल किससे संबंधित है? — गुरुत्वाकर्षण
- दाब की SI इकाई है — पास्कल
- बर्नूली समीकरण किससे संबंधित है? — द्रव के प्रवाह से
- ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम किस सिद्धांत पर आधारित है? — ऊर्जा संरक्षण
- आदर्श गैस समीकरण है — PV=nRT
- SHM में त्वरण है — a=−ω²x
- तरंग की चाल का समीकरण है — v=fλ
रिक्त स्थान — उत्तर सहित
- त्वरण की SI इकाई ________ है। — m/s²
- बल की SI इकाई ________ है। — न्यूटन
- संवेग का सूत्र ________ है। — p=mv
- गतिज ऊर्जा का सूत्र ________ है। — ½mv²
- गुरुत्वाकर्षण नियतांक को ________ से दर्शाते हैं। — G
- ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम का समीकरण ________ है। — Q=ΔU+W
- आदर्श गैस का समीकरण ________ है। — PV=nRT
- SHM में पुनर्स्थापना बल ________ के समानुपाती होता है। — विस्थापन
सत्य / असत्य — उत्तर सहित
- दूरी एक सदिश राशि है। — असत्य
- विस्थापन सदिश राशि है। — सत्य
- बल का SI मात्रक जूल है। — असत्य
- न्यूटन का प्रथम नियम जड़त्व का नियम है। — सत्य
- कार्य का SI मात्रक जूल है। — सत्य
- ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण से संबंधित है। — सत्य
- गैस के अणु स्थिर रहते हैं। — असत्य
- SHM में त्वरण विस्थापन की विपरीत दिशा में होता है। — सत्य
- तरंग ऊर्जा का संचरण करती है। — सत्य
- निर्वात में ध्वनि तरंग चल सकती है। — असत्य
सही जोड़ी — उत्तर सहित
| कॉलम A | कॉलम B |
| 1. न्यूटन | बल |
| 2. जूल | कार्य / ऊर्जा |
| 3. वाट | शक्ति |
| 4. पास्कल | दाब |
| 5. G | गुरुत्वाकर्षण नियतांक |
| 6. PV=nRT | आदर्श गैस |
| 7. F=−kx | सरल आवर्त गति |
| 8. v=fλ | तरंग |
एक वाक्य में उत्तर
- विमीय विश्लेषण क्या है? — भौतिक राशियों के विमीय संबंधों का अध्ययन।
- वेग क्या है? — विस्थापन की समय के साथ दर।
- त्वरण क्या है? — वेग परिवर्तन की समय के साथ दर।
- जड़त्व क्या है? — वस्तु की अवस्था परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति।
- बल क्या है? — जो वस्तु की गति या अवस्था बदल सकता है।
- कार्य क्या है? — बल और विस्थापन के परिमाणात्मक प्रभाव को कार्य कहते हैं।
- शक्ति क्या है? — कार्य करने की दर।
- पलायन चाल क्या है? — गुरुत्वीय क्षेत्र से बाहर निकलने की न्यूनतम चाल।
- दाब क्या है? — प्रति इकाई क्षेत्रफल बल।
- आंतरिक ऊर्जा क्या है? — कणों की सूक्ष्म कुल ऊर्जा।
- सरल आवर्त गति क्या है? — विस्थापन के समानुपाती विपरीत दिशा वाले पुनर्स्थापना बल की गति।
- तरंग क्या है? — ऊर्जा के एक स्थान से दूसरे स्थान तक संचरण की प्रक्रिया।
कक्षा 11वीं Physics — सम्पूर्ण महत्वपूर्ण सूत्रावली
| अध्याय | महत्वपूर्ण सूत्र |
| मापन | [F]=[MLT⁻²] |
| सरल रेखीय गति | v=u+at |
| सरल रेखीय गति | s=ut+½at² |
| सरल रेखीय गति | v²=u²+2as |
| समतल में गति | R=u²sin2θ/g |
| समतल में गति | H=u²sin²θ/2g |
| समतल में गति | T=2usinθ/g |
| गति के नियम | F=ma |
| संवेग | p=mv |
| घर्षण | f=μN |
| कार्य | W=Fs cosθ |
| गतिज ऊर्जा | K=½mv² |
| स्थितिज ऊर्जा | U=mgh |
| स्प्रिंग | U=½kx² |
| शक्ति | P=W/t |
| घूर्णी गति | v=rω |
| बल आघूर्ण | τ=r×F |
| कोणीय संवेग | L=r×p |
| जड़त्व आघूर्ण | I=Σmr² |
| घूर्णी गति | τ=Iα |
| गुरुत्वाकर्षण | F=Gm₁m₂/r² |
| गुरुत्वीय त्वरण | g=GM/R² |
| पलायन चाल | vₑ=√(2gR) |
| दाब | P=F/A |
| बर्नूली | P+½ρv²+ρgh=constant |
| ऊष्मा | Q=mcΔT |
| अवस्था परिवर्तन | Q=mL |
| गैस | PV=nRT |
| ऊष्मागतिकी | Q=ΔU+W |
| कार्नो दक्षता | η=1−T₂/T₁ |
| SHM | F=−kx |
| SHM | a=−ω²x |
| SHM | T=2π√(m/k) |
| सरल लोलक | T=2π√(l/g) |
| तरंग | v=fλ |
| विस्पंद | fb=|f₁−f₂| |
महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न — मॉडल उत्तर सहित
प्रश्न 1. एक वस्तु 10 m/s के वेग से चल रही है और 2 m/s² के त्वरण से 5 s तक गति करती है। अंतिम वेग ज्ञात कीजिए।
v=u+at
=10+2×5
=20 m/s
प्रश्न 2. 4 kg द्रव्यमान पर 12 N बल लगाया जाता है। त्वरण ज्ञात कीजिए।
a=F/m=12/4=3 m/s²
प्रश्न 3. 5 kg वस्तु की चाल 4 m/s है। गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
K=½mv²
=½×5×16
=40 J
प्रश्न 4. 10 kg वस्तु को 5 m ऊपर उठाने में कितना कार्य होगा? g=10 m/s²।
W=mgh
=10×10×5
=500 J
प्रश्न 5. 2 kg वस्तु 3 m त्रिज्या वाले वृत्त में 4 rad/s से घूमती है। रेखीय वेग ज्ञात करें।
v=rω=3×4=12 m/s
प्रश्न 6. 2 kg वस्तु पर 10 N बल लगाया गया। यदि विस्थापन 5 m और बल-विस्थापन कोण 60° है तो कार्य ज्ञात कीजिए।
W=Fs cos60°
=10×5×1/2
=25 J
प्रश्न 7. 1 kg वस्तु को 20 m ऊँचाई तक उठाया गया। g=10 m/s²। स्थितिज ऊर्जा क्या होगी?
U=mgh=1×10×20=200 J
प्रश्न 8. 500 N बल 0.25 m² क्षेत्रफल पर लगता है। दाब ज्ञात कीजिए।
P=F/A
=500/0.25
=2000 Pa
प्रश्न 9. 300 K पर 2 mol आदर्श गैस का आयतन 0.05 m³ है। दाब ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
P=nRT/V
=2×8.31×300/0.05
≈99720 Pa
प्रश्न 10. 3 kg पदार्थ का तापमान 20 K बढ़ाने के लिए 12000 J ऊष्मा दी गई। विशिष्ट ऊष्मा धारिता ज्ञात कीजिए।
Q=mcΔT
c=Q/(mΔT)
=12000/(3×20)
=200 J/kgK
प्रश्न 11. 2 kg mass को 50 N/m spring से जोड़ा है। आवर्तकाल ज्ञात करें।
T=2π√(m/k)
=2π√(2/50)
≈1.26 s
प्रश्न 12. किसी तरंग की आवृत्ति 200 Hz और तरंगदैर्ध्य 1.5 m है। चाल ज्ञात करें।
v=fλ=200×1.5=300 m/s
4 अंक के अत्यंत महत्वपूर्ण संभावित प्रश्न — अध्यायवार
1. विमीय विश्लेषण के उपयोग और सीमाएँ समझाइए।
विमीय विश्लेषण समीकरण की विमीय शुद्धता जाँचने, मात्रक बदलने तथा राशियों के बीच संभावित संबंध प्राप्त करने में उपयोगी है। इसकी सीमाएँ हैं कि इससे संख्यात्मक नियतांक ज्ञात नहीं होते और यह समान विमा वाली विभिन्न राशियों के बीच भेद नहीं करता।
2. गति के तीनों समीकरणों को समझाइए।
समान त्वरण वाली गति के लिए v=u+at, s=ut+½at² और v²=u²+2as प्रमुख समीकरण हैं। यहाँ u प्रारंभिक वेग, v अंतिम वेग, a त्वरण, t समय और s विस्थापन हैं।
3. प्रक्षेप्य गति की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
प्रक्षेप्य गति में क्षैतिज वेग स्थिर रहता है जबकि ऊर्ध्वाधर दिशा में गुरुत्वीय त्वरण कार्य करता है। पथ परवलयाकार होता है। अधिकतम ऊँचाई, उड़ान समय और परास के सूत्र H=u²sin²θ/2g, T=2usinθ/g तथा R=u²sin2θ/g हैं।
4. न्यूटन के गति के नियम और उनके अनुप्रयोग समझाइए।
प्रथम नियम जड़त्व की व्याख्या करता है। द्वितीय नियम बल और त्वरण का संबंध F=ma देता है। तृतीय नियम क्रिया-प्रतिक्रिया का सिद्धांत देता है। इनके आधार पर वाहन की गति, recoil, घर्षण तथा वृत्तीय गति जैसी घटनाओं को समझाया जाता है।
5. कार्य-ऊर्जा प्रमेय एवं ऊर्जा संरक्षण समझाइए।
कुल कार्य गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है। संरक्षी बलों की उपस्थिति में गतिज और स्थितिज ऊर्जा का योग स्थिर रहता है। ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है लेकिन कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है।
6. घूर्णी गति में बल आघूर्ण, कोणीय संवेग और जड़त्व आघूर्ण का संबंध बताइए।
बल आघूर्ण τ=r×F घूर्णन उत्पन्न करता है। कोणीय संवेग L=r×p है। दृढ़ पिंड के लिए L=Iω और τ=Iα। जड़त्व आघूर्ण I द्रव्यमान के वितरण और घूर्णन अक्ष पर निर्भर करता है।
7. गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम तथा g के बीच संबंध समझाइए।
दो पिंडों के बीच F=Gm₁m₂/r²। पृथ्वी की सतह के लिए r=R और m पृथ्वी का द्रव्यमान M रखने पर mg=GMm/R², इसलिए g=GM/R²।
8. बर्नूली के सिद्धांत की व्याख्या एवं अनुप्रयोग लिखिए।
धारारेखी असंपीड्य अश्यान प्रवाह में P+½ρv²+ρgh स्थिर रहता है। इससे वेग बढ़ने पर दाब घटने की व्याख्या की जा सकती है। इसके अनुप्रयोग वेंचुरीमीटर, एटमाइज़र और वायुयान के पंखों पर उत्प्लावन आदि हैं।
9. ऊष्मागतिकी के प्रथम और द्वितीय नियम की व्याख्या कीजिए।
प्रथम नियम Q=ΔU+W ऊर्जा संरक्षण का ऊष्मागतिक रूप है। द्वितीय नियम प्राकृतिक ऊष्मा प्रवाह की दिशा तथा ऊष्मा इंजन की दक्षता की सीमा बताता है। कोई वास्तविक ऊष्मा इंजन प्राप्त ऊष्मा को पूरी तरह कार्य में नहीं बदल सकता।
10. अणुगति सिद्धांत की मान्यताएँ और उसके परिणाम समझाइए।
गैस अणु निरंतर अनियमित गति करते हैं, टक्करों को प्रत्यास्थ माना जाता है तथा अणुओं के बीच औसत दूरी बड़ी होती है। सिद्धांत से गैस के दाब, RMS वेग तथा औसत गतिज ऊर्जा के संबंध प्राप्त होते हैं।
11. सरल आवर्त गति की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
SHM में F=−kx तथा a=−ω²x होता है। माध्य स्थिति पर वेग अधिकतम और त्वरण शून्य होता है, जबकि चरम स्थिति पर वेग शून्य और त्वरण अधिकतम होता है। कुल ऊर्जा स्थिर रहती है।
12. तरंगों के प्रकार और विस्पंद को समझाइए।
अनुप्रस्थ तरंग में कणों का कंपन संचरण दिशा के लंबवत और अनुदैर्ध्य तरंग में समानांतर होता है। दो निकट आवृत्तियों की ध्वनि तरंगों के अध्यारोपण से ध्वनि की तीव्रता के क्रमिक बढ़ने-घटने को विस्पंद कहते हैं और fᵦ=|f₁−f₂|।
कक्षा 11वीं Physics — अंतिम रिवीजन चेकलिस्ट
अध्याय 1
SI units • Significant figures • Dimensions • Dimensional analysis
अध्याय 2
Distance • Displacement • Velocity • Acceleration • Equations of motion
अध्याय 3
Vectors • Projectile • Uniform circular motion
अध्याय 4
Newton laws • Momentum • Friction • Circular motion
अध्याय 5
Work • Energy • Power • Conservation
अध्याय 6
Centre of mass • Torque • Angular momentum • Moment of inertia
अध्याय 7
Kepler • Gravitation • g • Escape velocity • Satellite
अध्याय 8
Stress • Strain • Hooke law • Young modulus
अध्याय 9
Pressure • Bernoulli • Viscosity • Surface tension
अध्याय 10
Heat • Temperature • Expansion • Calorimetry • Heat transfer
अध्याय 11
Zeroth law • First law • Second law • Carnot engine
अध्याय 12
Ideal gas • Kinetic theory • RMS speed • Mean free path
अध्याय 13
SHM • Velocity • Acceleration • Energy • Pendulum
अध्याय 14
Transverse • Longitudinal • Progressive waves • Beats
परीक्षा से पहले अनिवार्य तैयारी:
1. सभी महत्वपूर्ण सूत्र लिखकर याद करें।
2. प्रत्येक अध्याय से कम-से-कम 2 संख्यात्मक प्रश्न करें।
3. विमीय सूत्र और SI units की सूची दोहराएँ।
4. Newton laws, work-energy theorem, Bernoulli theorem, thermodynamics laws और SHM को शब्दों के साथ सूत्र से भी तैयार करें।
5. Numerical में Given → Formula → Substitution → Calculation → Unit → Final Answer लिखने की आदत रखें।
पूरे पाठ्यक्रम से 50 अति महत्वपूर्ण प्रश्न — मॉडल उत्तर सहित
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SI पद्धति क्या है?
वैज्ञानिक मापन के लिए स्वीकृत अंतर्राष्ट्रीय मात्रक प्रणाली को SI पद्धति कहते हैं।
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विमीय सूत्र क्या है?
किसी भौतिक राशि को मूल राशियों के घातों के रूप में व्यक्त करने वाला सूत्र उसका विमीय सूत्र है।
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सार्थक अंक क्या हैं?
मापन के निश्चित और अंतिम अनुमानित अंकों को सार्थक अंक कहा जाता है।
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वेग और चाल में अंतर बताइए।
चाल अदिश और वेग सदिश राशि है; चाल दूरी की दर और वेग विस्थापन की दर है।
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समान त्वरण के तीन समीकरण लिखिए।
v=u+at, s=ut+½at² और v²=u²+2as।
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प्रक्षेप्य का परास क्या है?
प्रक्षेपण बिंदु और पुनः उसी स्तर पर पहुँचने के बीच क्षैतिज दूरी परास कहलाती है। R=u²sin2θ/g।
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अभिकेन्द्रीय त्वरण क्या है?
वृत्तीय गति में केंद्र की ओर निर्देशित त्वरण अभिकेन्द्रीय त्वरण है; aᶜ=v²/r।
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जड़त्व क्या है?
वस्तु की वर्तमान अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति जड़त्व है।
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न्यूटन का दूसरा नियम लिखिए।
बल संवेग परिवर्तन की दर के बराबर है; स्थिर द्रव्यमान के लिए F=ma।
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संवेग संरक्षण का नियम क्या है?
बाहरी परिणामी बल शून्य होने पर किसी पृथक निकाय का कुल रेखीय संवेग संरक्षित रहता है।
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कार्य का सूत्र लिखिए।
W=Fs cosθ।
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गतिज ऊर्जा का सूत्र क्या है?
K=½mv²।
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कार्य-ऊर्जा प्रमेय लिखिए।
किसी वस्तु पर किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।
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शक्ति क्या है?
कार्य करने की दर शक्ति कहलाती है; P=W/t।
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द्रव्यमान केन्द्र क्या है?
वह बिंदु जहाँ निकाय के कुल द्रव्यमान को केंद्रित मानकर स्थानांतरण गति का अध्ययन किया जा सकता है।
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बल आघूर्ण क्या है?
किसी बिंदु या अक्ष के सापेक्ष बल के घूर्णक प्रभाव को बल आघूर्ण कहते हैं; τ=r×F।
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जड़त्व आघूर्ण का सूत्र क्या है?
I=Σmr²।
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गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम लिखिए।
F=Gm₁m₂/r²।
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पलायन चाल का सूत्र लिखिए।
vₑ=√(2GM/R)=√(2gR)।
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केप्लर का तीसरा नियम लिखिए।
किसी ग्रह की कक्षा की अर्ध-दीर्घ-अक्ष के घन के अनुपात का ग्रह के आवर्तकाल के वर्ग के अनुपात से संबंध होता है; T²∝r³।
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प्रतिबल क्या है?
प्रति इकाई क्षेत्रफल आंतरिक बल को प्रतिबल कहते हैं; Stress=F/A।
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हुक का नियम क्या है?
प्रत्यास्थ सीमा के भीतर प्रतिबल, विकृति के समानुपाती होता है।
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दाब क्या है?
प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला लंबवत बल दाब कहलाता है; P=F/A।
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बर्नूली का सिद्धांत क्या है?
धारारेखी अश्यान असंपीड्य प्रवाह में P+½ρv²+ρgh=constant रहता है।
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श्यानता क्या है?
द्रव की परतों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करने वाला आंतरिक घर्षण श्यानता है।
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पृष्ठ तनाव क्या है?
द्रव की सतह के न्यूनतम क्षेत्रफल ग्रहण करने की प्रवृत्ति से संबंधित सतही गुण पृष्ठ तनाव कहलाता है।
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विशिष्ट ऊष्मा धारिता क्या है?
इकाई द्रव्यमान पदार्थ का तापमान 1 K बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा विशिष्ट ऊष्मा धारिता है।
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तापीय प्रसार क्या है?
तापमान बढ़ने पर पदार्थ के आयामों में होने वाली वृद्धि तापीय प्रसार है।
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ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम क्या है?
यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ तापीय साम्य में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
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ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम लिखिए।
Q=ΔU+W। यह ऊर्जा संरक्षण का ऊष्मागतिक रूप है।
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समतापी प्रक्रम क्या है?
जिस प्रक्रम में तापमान स्थिर रहे, वह समतापी प्रक्रम है।
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रुद्धोष्म प्रक्रम क्या है?
जिसमें ऊष्मा का आदान-प्रदान शून्य हो, वह रुद्धोष्म प्रक्रम है।
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कार्नो इंजन क्या है?
दो ताप स्रोतों के बीच कार्य करने वाला आदर्श प्रत्यावर्तनीय ऊष्मा इंजन कार्नो इंजन कहलाता है।
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आदर्श गैस समीकरण लिखिए।
PV=nRT।
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RMS वेग का सूत्र क्या है?
vrms=√(3RT/M)।
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माध्य मुक्त पथ क्या है?
दो क्रमागत टक्करों के बीच अणु द्वारा तय की गई औसत दूरी माध्य मुक्त पथ है।
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सरल आवर्त गति क्या है?
ऐसी गति जिसमें पुनर्स्थापना बल विस्थापन के समानुपाती और विपरीत दिशा में हो, सरल आवर्त गति है।
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SHM में त्वरण क्या होता है?
a=−ω²x।
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सरल लोलक का आवर्तकाल क्या है?
T=2π√(l/g)।
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अनुप्रस्थ तरंग क्या है?
जिसमें कणों का कंपन तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत हो, वह अनुप्रस्थ तरंग है।
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अनुदैर्ध्य तरंग क्या है?
जिसमें कणों का कंपन तरंग की संचरण दिशा के समानांतर हो, वह अनुदैर्ध्य तरंग है।
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तरंग की चाल का सूत्र क्या है?
v=fλ।
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विस्पंद क्या है?
दो लगभग समान आवृत्ति की ध्वनि तरंगों के अध्यारोपण से तीव्रता के क्रमिक अधिकतम और न्यूनतम होने की घटना विस्पंद है।
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न्यूटन का शीतलन नियम क्या है?
छोटे तापांतर के लिए शीतलन की दर वस्तु और परिवेश के तापमान के अंतर के समानुपाती होती है।
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यांत्रिक ऊर्जा क्या है?
गतिज और स्थितिज ऊर्जा का योग यांत्रिक ऊर्जा है; E=K+U।
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संरक्षी बल क्या है?
जिस बल द्वारा किया गया कार्य केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थिति पर निर्भर करता है, संरक्षी बल कहलाता है।
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अभिकेन्द्रीय बल का सूत्र लिखिए।
Fᶜ=mv²/r।
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घूर्णी संतुलन की शर्त क्या है?
सभी बाहरी बल आघूर्णों का बीजीय योग शून्य होना चाहिए; Στ=0।
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ऊर्जा संरक्षण का नियम क्या है?
ऊर्जा न उत्पन्न होती है न नष्ट; वह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है।
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भौतिकी में मॉडल आधारित उत्तर क्यों महत्वपूर्ण हैं?
क्योंकि परिभाषा, सूत्र, विमा, इकाई, सिद्धांत और गणना के चरण स्पष्ट लिखने से उत्तर की शुद्धता और अंक प्राप्ति की संभावना बढ़ती है।
कक्षा 11वीं Physics — परीक्षा में उत्तर लिखने की सही रणनीति
| अंक | उत्तर लेखन का तरीका |
| 01 |
एक सटीक तथ्य, सूत्र, इकाई, नाम, परिभाषा या एक वाक्य। |
| 02 |
परिभाषा + सूत्र/दो मुख्य बिंदु। |
| 03 |
सिद्धांत/परिभाषा + सूत्र + संक्षिप्त व्याख्या। |
| 04 |
परिचय + मुख्य सिद्धांत + सूत्र/व्युत्पत्ति + निष्कर्ष अथवा संख्यात्मक में पूरे steps। |
Numerical लिखने का आदर्श तरीका:
दिया है → ज्ञात करना है → सूत्र → मान रखने पर → गणना → इकाई → अंतिम उत्तर
उदाहरण:
दिया: m=5 kg, v=4 m/s
सूत्र: K=½mv²
मान रखने पर: K=½×5×16
उत्तर: K=40 J
अंतिम तैयारी में विशेष ध्यान: Chapter 1 के dimensions एवं significant figures, Chapters 2–3 के numericals, Chapter 4 Newton laws, Chapter 5 work-energy-power, Chapter 6 rotation, Chapter 7 gravitation, Chapters 8–10 properties of matter, Chapter 11 thermodynamics, Chapter 12 kinetic theory तथा Chapters 13–14 SHM और waves के सूत्र अवश्य दोहराएँ।
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कक्षा 11वीं Physics • सरल नोट्स • सूत्र • अभ्यास प्रश्न • Numericals
> 1. अध्ययन एवं अभ्यास उद्देश्य: इस पोस्ट में दी गई अंक योजना (Blueprint), पाठ्यक्रम, AI-जनरेटेड सरल नोट्स तथा अभ्यास प्रश्नोत्तर माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के नवीनतम दिशा-निर्देशों एवं NCERT पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, पुनरावलोकन और परीक्षा अभ्यास के लिए तैयार किए गए हैं।
> 2. प्रश्नोत्तर एवं संभावित प्रश्न: पोस्ट में शामिल सभी वस्तुनिष्ठ, लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर केवल मॉडल/अभ्यास प्रश्न (Practice Questions) हैं। यह बोर्ड परीक्षा/वार्षिक परीक्षा का कोई आधिकारिक प्रश्नपत्र नहीं है और न ही परीक्षा में हूबहू यही प्रश्न पूछे जाने का कोई दावा किया जाता है।
> 3. उत्तरों का सत्यापन: यद्यपि सभी उत्तरों, सूत्रों, विमीय समीकरणों एवं गणनाओं को सटीक और त्रुटिरहित रखने का पूर्ण प्रयास किया गया है, फिर भी विद्यार्थी किसी भी तकनीकी या तथ्यात्मक संदेह की स्थिति में अपनी अधिकृत NCERT पाठ्यपुस्तकों तथा विषय शिक्षकों के मार्गदर्शन को ही अंतिम व सर्वमान्य आधार मानें।
> 4. आधिकारिक सूचना: परीक्षा कार्यक्रम, आंतरिक मूल्यांकन/प्रायोगिक परीक्षा, अंक योजना में किसी भी संभावित संशोधन अथवा आधिकारिक विज्ञप्ति के लिए सदैव माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी निर्देशों को ही अधिकृत माना जाए।