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कक्षा 12वीं जीव विज्ञान नोट्स : MP Board Class 12th Biology Blueprint, Notes & Important Question 2026-27

MP Board Class 12th Biology Blueprint, Notes & Important Diagrams 2026-27 | कक्षा 12वीं जीव विज्ञान नोट्स, नामांकित चित्र एवं अंक योजना

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं जीव विज्ञान (Biology) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित संक्षिप्त नोट्स, महत्वपूर्ण नामांकित चित्र (Diagrams) एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 12वीं [विषय: जीव विज्ञान] अध्ययन सामग्री

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। जीव विज्ञान (Biology) विषय में उच्च अंक प्राप्त करने के लिए सैद्धांतिक अवधारणाओं, पारिभाषिक शब्दावलियों तथा स्पष्ट व स्वच्छ नामांकित चित्रों (Labeled Diagrams) का नियमित अभ्यास अत्यंत आवश्यक है।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए यहाँ कक्षा 12वीं जीव विज्ञान (वनस्पति विज्ञान एवं प्राणी विज्ञान) की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, महत्वपूर्ण चित्र और परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कक्षा 12वीं जीव विज्ञान

सम्पूर्ण सरल नोट्स एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27

पूर्णांक — 70 | समय — 3:00 घंटे

अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना

इकाईअध्यायअंक
1. जननअध्याय 1 — पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन
अध्याय 2 — मानव जनन
अध्याय 3 — जनन स्वास्थ्य
16
2. आनुवंशिकी तथा विकासअध्याय 4 — वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत
अध्याय 5 — वंशागति के आणविक आधार
16
3. मानव कल्याण में जीव विज्ञानअध्याय 6 — विकास
अध्याय 7 — मानव स्वास्थ्य तथा रोग
अध्याय 8 — मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव
14
4. जैव प्रौद्योगिकीअध्याय 9 — जैव प्रौद्योगिकी : सिद्धांत व प्रक्रम
अध्याय 10 — जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग
12
5. पारिस्थितिकीअध्याय 11 — जीव और समष्टियाँ
अध्याय 12 — पारितंत्र
अध्याय 13 — जैव-विविधता एवं संरक्षण
12
कुल70
सबसे अधिक अंक: इकाई 1 और इकाई 2 — 16-16 अंक। इसके बाद इकाई 3 — 14 अंक तथा इकाई 4 एवं 5 — 12-12 अंक।
प्रश्नप्रकारप्रश्नकुल अंक
1सही विकल्प0606
2रिक्त स्थान0606
3सत्य / असत्य0606
4सही जोड़ी0505
5एक वाक्य में उत्तर0505
6–12लघु उत्तरीय07 × 214
13–16मध्यम उत्तरीय04 × 312
17–20दीर्घ उत्तरीय04 × 416

इकाई 1 — जनन (16 अंक)

अध्याय 1 — पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन

1. लैंगिक प्रजनन

ऐसा प्रजनन जिसमें नर तथा मादा युग्मकों के संलयन से युग्मनज बनता है, लैंगिक प्रजनन कहलाता है। इससे आनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती है।

2. पुष्प की संरचना

पुष्प आवृतबीजी पौधों का लैंगिक जनन अंग है। इसके मुख्य भाग बाह्यदल, दल, पुंकेसर और स्त्रीकेसर हैं।

3. पुंकेसर

पुंकेसर नर जनन अंग है। इसमें तंतु और परागकोष होते हैं। परागकोष में सूक्ष्मबीजाणु मातृ कोशिकाएँ पाई जाती हैं।

4. सूक्ष्मबीजाणुजनन

परागकोष में सूक्ष्मबीजाणु मातृ कोशिका अर्धसूत्री विभाजन द्वारा सूक्ष्मबीजाणु बनाती है। यही आगे विकसित होकर परागकण बनाती है।

5. परागकण

परागकण नर युग्मकोद्भिद का प्रतिनिधित्व करता है। इसके बाहरी आवरण को एक्साइन और आंतरिक आवरण को इंटाइन कहा जाता है।

6. स्त्रीकेसर

स्त्रीकेसर के तीन भाग हैं—वर्तिकाग्र, वर्तिका और अंडाशय। अंडाशय में बीजांड पाए जाते हैं।

7. महाबीजाणुजनन

बीजांड में महाबीजाणु मातृ कोशिका अर्धसूत्री विभाजन द्वारा चार महाबीजाणु बनाती है, जिनमें सामान्यतः एक कार्यात्मक महाबीजाणु भ्रूणकोष का निर्माण करता है।

8. भ्रूणकोष

सामान्य आवृतबीजी भ्रूणकोष 7-कोशिकीय और 8-नाभिकीय होता है। इसमें अंड कोशिका, दो सहायक कोशिकाएँ, तीन प्रतिव्यासांत कोशिकाएँ और केंद्रीय कोशिका में दो ध्रुवीय नाभिक होते हैं।

9. परागण

परागकणों का परागकोष से वर्तिकाग्र तक पहुँचना परागण कहलाता है।

प्रकार: स्वपरागण, परपरागण और अन्य पौधों के बीच परागण।

10. परागण के साधन

  • वायु
  • जल
  • कीट
  • पक्षी
  • अन्य जन्तु

11. द्विनिषेचन

आवृतबीजी पौधों की विशिष्ट विशेषता द्विनिषेचन है। एक नर युग्मक अंड कोशिका से संलयित होकर युग्मनज बनाता है और दूसरा नर युग्मक दो ध्रुवीय नाभिकों से संलयित होकर प्राथमिक भ्रूणपोष नाभिक बनाता है।

Syngamy + Triple fusion = Double fertilization

12. भ्रूण एवं भ्रूणपोष

निषेचन के बाद युग्मनज भ्रूण और प्राथमिक भ्रूणपोष नाभिक भ्रूणपोष में विकसित होता है।

13. बीज एवं फल

बीजांड बीज में तथा अंडाशय फल में विकसित होता है।

14. अपोमिक्सिस

निषेचन के बिना बीज बनने की प्रक्रिया अपोमिक्सिस कहलाती है।

15. बहुभ्रूणता

एक बीज में एक से अधिक भ्रूणों का होना बहुभ्रूणता कहलाता है।

2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. परागण क्या है?
परागकोष से परागकणों के वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण की प्रक्रिया परागण कहलाती है। यह स्वपरागण या परपरागण हो सकता है।
प्रश्न 2. द्विनिषेचन क्या है?
आवृतबीजी पौधों में एक नर युग्मक का अंड कोशिका से संलयन तथा दूसरे नर युग्मक का दो ध्रुवीय नाभिकों से संलयन द्विनिषेचन कहलाता है।
प्रश्न 3. भ्रूणकोष क्या है?
बीजांड के अंदर स्थित मादा युग्मकोद्भिद भ्रूणकोष कहलाता है। सामान्य भ्रूणकोष 7-कोशिकीय तथा 8-नाभिकीय होता है।

3 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न. परागकण की संरचना बताइए।
परागकण के बाहर कठोर एक्साइन तथा भीतर इंटाइन होती है। एक्साइन में स्पोरोपॉलेनिन पाया जाता है। परिपक्व परागकण में सामान्यतः एक वनस्पति कोशिका और एक जनन कोशिका होती है। जनन कोशिका आगे विभाजित होकर दो नर युग्मक बनाती है।
प्रश्न. द्विनिषेचन का महत्व बताइए।
द्विनिषेचन आवृतबीजी पौधों की विशिष्ट विशेषता है। इससे एक ओर भ्रूण का निर्माण होता है तथा दूसरी ओर भ्रूणपोष बनता है, जो विकसित होते भ्रूण को पोषण प्रदान करता है। इससे निषेचन के बाद ही भ्रूणपोष बनने के कारण ऊर्जा की बचत होती है।

4 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न. आवृतबीजी पौधों में द्विनिषेचन की प्रक्रिया समझाइए।
परागण के बाद परागकण वर्तिकाग्र पर अंकुरित होता है और परागनलिका वर्तिका से होकर अंडाशय तक पहुँचती है। परागनलिका बीजांड में प्रवेश करती है और दो नर युग्मक भ्रूणकोष में पहुँचते हैं। पहला नर युग्मक अंड कोशिका के साथ संलयित होकर द्विगुणित युग्मनज बनाता है। दूसरे नर युग्मक का संलयन केंद्रीय कोशिका के दो ध्रुवीय नाभिकों से होता है और त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष नाभिक बनता है। इन दोनों संलयनों को मिलाकर द्विनिषेचन कहते हैं।
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अध्याय 2 — मानव जनन

1. नर जनन तंत्र

मानव नर जनन तंत्र में वृषण, सहायक नलिकाएँ, सहायक ग्रंथियाँ और बाह्य जनन अंग शामिल हैं। वृषण में शुक्राणुजनन होता है।

2. मादा जनन तंत्र

अंडाशय, अंडवाहिनी, गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा और योनि मादा जनन तंत्र के प्रमुख भाग हैं।

3. शुक्राणुजनन

वृषण की शुक्रजनक नलिकाओं में शुक्राणु बनने की प्रक्रिया शुक्राणुजनन कहलाती है।

4. अंडजनन

अंडाशय में अंडाणु बनने की प्रक्रिया अंडजनन कहलाती है।

5. मासिक धर्म चक्र

मानव मादा में औसतन लगभग 28 दिनों का जनन चक्र होता है। इसमें मासिक, कूपिक, अंडोत्सर्ग और ल्यूटियल चरण प्रमुख हैं।

6. अंडोत्सर्ग

परिपक्व ग्राफियन कूप से अंडाणु के निकलने की प्रक्रिया अंडोत्सर्ग कहलाती है। LH surge इसका प्रमुख कारण है।

7. निषेचन

शुक्राणु और अंडाणु के संलयन से द्विगुणित युग्मनज बनता है। मानव में निषेचन सामान्यतः अंडवाहिनी के ampullary-isthmic junction क्षेत्र में होता है।

8. आरोपण

भ्रूण के गर्भाशय की अंतःपरत में स्थापित होने की प्रक्रिया आरोपण कहलाती है।

9. गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान भ्रूण का विकास गर्भाशय में होता है। प्लेसेंटा भ्रूण और माँ के बीच पोषक पदार्थ एवं गैसों के आदान-प्रदान में सहायता करता है।

10. प्रसव

गर्भावस्था के अंत में बच्चे के जन्म की प्रक्रिया प्रसव कहलाती है। इसमें ऑक्सीटोसिन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. शुक्राणुजनन क्या है?
वृषण की शुक्रजनक नलिकाओं में शुक्राणुओं के निर्माण की प्रक्रिया शुक्राणुजनन कहलाती है।
प्रश्न 2. अंडोत्सर्ग क्या है?
परिपक्व ग्राफियन कूप से अंडाणु के निकलने को अंडोत्सर्ग कहते हैं। यह LH के तीव्र स्राव से प्रेरित होता है।
प्रश्न 3. प्लेसेंटा का क्या महत्व है?
प्लेसेंटा माँ और भ्रूण के बीच पोषक पदार्थ, ऑक्सीजन और अपशिष्ट पदार्थों के आदान-प्रदान में सहायता करता है तथा कुछ हार्मोन भी स्रावित करता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. मानव मासिक धर्म चक्र के प्रमुख चरण बताइए।
मासिक चरण में गर्भाशय की परत का टूटना होता है। कूपिक चरण में कूप का विकास होता है। लगभग मध्य में LH surge के कारण अंडोत्सर्ग होता है। ल्यूटियल चरण में कॉर्पस ल्यूटियम बनता है और प्रोजेस्टेरोन का स्राव बढ़ता है। निषेचन न होने पर चक्र पुनः शुरू हो जाता है।
प्रश्न. मानव निषेचन की प्रक्रिया समझाइए।
शुक्राणु अंडाणु के आसपास पहुँचते हैं और एक शुक्राणु zona pellucida को पार करके अंडाणु से संलयित होता है। इससे नर एवं मादा नाभिकों का संलयन होता है और द्विगुणित युग्मनज बनता है। युग्मनज क्रमिक विभाजनों द्वारा भ्रूण में विकसित होता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. मानव नर जनन तंत्र की संरचना एवं कार्य समझाइए।
नर जनन तंत्र में वृषण, शुक्रवाहिनी, सहायक ग्रंथियाँ और बाह्य जनन अंग शामिल हैं। वृषण अंडकोश में स्थित होते हैं और शुक्राणु तथा टेस्टोस्टेरोन बनाते हैं। शुक्रजनक नलिकाओं में शुक्राणुजनन होता है। शुक्राणु एपिडिडिमिस में परिपक्व होते हैं और शुक्रवाहिनी द्वारा आगे ले जाए जाते हैं। वीर्य पुटिका, प्रोस्टेट एवं बल्बोयूरेथ्रल ग्रंथियाँ वीर्य में विभिन्न स्राव मिलाती हैं।

अध्याय 3 — जनन स्वास्थ्य

1. जनन स्वास्थ्य

जनन से संबंधित शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ अवस्था को जनन स्वास्थ्य कहा जाता है।

2. परिवार नियोजन

परिवार के आकार को नियंत्रित करने और गर्भधारण को योजनाबद्ध करने के लिए विभिन्न गर्भनिरोधक उपाय अपनाए जाते हैं।

3. गर्भनिरोधक उपाय

  • प्राकृतिक विधियाँ
  • बाधा विधियाँ
  • IUD
  • मौखिक गर्भनिरोधक
  • हार्मोनल विधियाँ
  • शल्य विधियाँ

4. यौन संचारित संक्रमण

ऐसे संक्रमण जो मुख्यतः यौन संपर्क से फैलते हैं, STI/STD कहलाते हैं। उदाहरण—गोनोरिया, सिफिलिस, HIV संक्रमण आदि।

5. चिकित्सा गर्भसमापन

चिकित्सकीय कारणों या अन्य वैधानिक परिस्थितियों में गर्भ का चिकित्सकीय रूप से समापन MTP कहलाता है।

6. सहायक जनन तकनीकें

  • IVF
  • ZIFT
  • GIFT
  • IUI

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. जनन स्वास्थ्य क्या है?
जनन से संबंधित शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ अवस्था तथा सुरक्षित और जिम्मेदार जनन संबंधी व्यवहार को जनन स्वास्थ्य कहा जाता है।
प्रश्न 2. IUD क्या है?
IUD गर्भाशय में स्थापित किया जाने वाला गर्भनिरोधक उपकरण है। यह गर्भधारण को रोकने में सहायता करता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. जनन स्वास्थ्य कार्यक्रमों का महत्व बताइए।
इनका उद्देश्य जनन तंत्र से जुड़े रोगों की रोकथाम, सुरक्षित मातृत्व, परिवार नियोजन, यौन संचारित संक्रमणों से बचाव और जनन संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार होता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. विभिन्न गर्भनिरोधक विधियों का वर्णन कीजिए।
प्राकृतिक विधियों में सुरक्षित अवधि तथा withdrawal जैसी विधियाँ शामिल हैं। बाधा विधियों में condom और diaphragm आते हैं। IUD जैसे उपकरण गर्भाशय में लगाए जाते हैं। मौखिक एवं हार्मोनल गर्भनिरोधक अंडोत्सर्ग को रोकने या अन्य परिवर्तन द्वारा गर्भधारण की संभावना कम करते हैं। नसबंदी जैसी शल्य विधियाँ स्थायी गर्भनिरोध प्रदान करती हैं। उचित विधि का चयन चिकित्सकीय सलाह के अनुसार किया जाना चाहिए।
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इकाई 2 — आनुवंशिकी तथा विकास (16 अंक)

अध्याय 4 — वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत

1. आनुवंशिकी

वंशागति तथा विभिन्नताओं का अध्ययन आनुवंशिकी कहलाता है।

2. मेंडल

ग्रेगर जॉन मेंडल ने मटर के पौधों पर प्रयोग करके वंशागति के मूल सिद्धांत बताए।

3. प्रभुत्व का नियम

विषमयुग्मजी अवस्था में एक कारक का लक्षण प्रकट हो सकता है जबकि दूसरा अप्रकट रहता है।

4. पृथक्करण का नियम

युग्मक निर्माण के समय किसी गुण के दोनों एलील अलग हो जाते हैं।

5. स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम

दो या अधिक गुणों के एलील स्वतंत्र रूप से युग्मकों में वितरित हो सकते हैं, यदि वे स्वतंत्र रूप से वंशागत होते हों।

6. एकसंकर संकरण

Phenotypic ratio = 3 : 1
Genotypic ratio = 1 : 2 : 1

7. द्विसंकर संकरण

Phenotypic ratio = 9 : 3 : 3 : 1

8. अपूर्ण प्रभुत्व

जब विषमयुग्मजी का फीनोटाइप दोनों समरूपों के बीच का होता है, तो अपूर्ण प्रभुत्व कहलाता है।

9. सह-प्रभुत्व

जब दोनों एलील विषमयुग्मजी अवस्था में समान रूप से व्यक्त होते हैं, तो सह-प्रभुत्व कहलाता है। ABO रक्त समूह इसका उदाहरण है।

10. बहु एलील

जब एक जीन के दो से अधिक एलील जनसंख्या में पाए जाएँ तो बहु एलील कहा जाता है।

11. लिंग निर्धारण

मनुष्य में XX मादा तथा XY नर होता है। नर का Y-युक्त शुक्राणु संतान का लिंग निर्धारित करता है।

12. लिंग-सहलग्न वंशागति

X गुणसूत्र पर स्थित जीन से होने वाली वंशागति को X-linked inheritance कहते हैं। हीमोफीलिया और वर्णांधता इसके उदाहरण हैं।

13. उत्परिवर्तन

आनुवंशिक पदार्थ में अचानक होने वाला स्थायी परिवर्तन उत्परिवर्तन कहलाता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. मेंडल का पृथक्करण नियम क्या है?
युग्मक निर्माण के समय किसी जीन के दोनों एलील एक-दूसरे से पृथक हो जाते हैं और प्रत्येक युग्मक में एक एलील जाता है।
प्रश्न 2. सह-प्रभुत्व क्या है?
जब विषमयुग्मजी अवस्था में दोनों एलील अपने-अपने लक्षण पूर्णतः व्यक्त करते हैं, तो इसे सह-प्रभुत्व कहते हैं। ABO रक्त समूह इसका उदाहरण है।
प्रश्न 3. X-linked वंशागति क्या है?
X गुणसूत्र पर स्थित जीन द्वारा निर्धारित लक्षणों की वंशागति X-linked inheritance कहलाती है। हीमोफीलिया और वर्णांधता उदाहरण हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. एकसंकर संकरण का परिणाम समझाइए।
शुद्ध लंबे पौधे TT और शुद्ध बौने पौधे tt के संकरण से F₁ पीढ़ी में सभी Tt लंबे पौधे प्राप्त होते हैं। F₁ के स्वपरागण से F₂ में 3 लंबे : 1 बौना फीनोटाइपिक अनुपात तथा 1 TT : 2 Tt : 1 tt जीनोटाइपिक अनुपात मिलता है।
प्रश्न. मनुष्य में लिंग निर्धारण समझाइए।
स्त्री में XX और पुरुष में XY गुणसूत्र होते हैं। स्त्री के सभी अंडाणु X गुणसूत्र वाले होते हैं। पुरुष दो प्रकार के शुक्राणु बनाता है—X और Y। X शुक्राणु के साथ निषेचन से XX मादा और Y शुक्राणु के साथ निषेचन से XY नर बनता है। इसलिए आनुवंशिक रूप से पिता संतान का लिंग निर्धारित करता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. मेंडल के वंशागति के नियमों को उदाहरण सहित समझाइए।
मेंडल ने मटर के पौधों पर प्रयोग कर वंशागति के नियम बताए। प्रभुत्व के नियम के अनुसार विषमयुग्मजी अवस्था में एक लक्षण व्यक्त होता है। पृथक्करण के नियम के अनुसार युग्मक निर्माण के समय एलील अलग हो जाते हैं। स्वतंत्र अपव्यूहन के अनुसार स्वतंत्र रूप से वंशागत होने वाले विभिन्न जीनों के एलील युग्मक निर्माण में स्वतंत्र रूप से व्यवस्थित हो सकते हैं। एकसंकर संकरण में F₂ का 3:1 और द्विसंकर संकरण में 9:3:3:1 अनुपात इन सिद्धांतों के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।
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अध्याय 5 — वंशागति के आणविक आधार

1. DNA

DNA अधिकांश जीवों में आनुवंशिक पदार्थ है। यह न्यूक्लियोटाइडों से बना बहुलक है। प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड में शर्करा, फॉस्फेट और नाइट्रोजनी क्षार होता है।

2. DNA की संरचना

वॉटसन और क्रिक ने DNA की द्विकुंडली संरचना का मॉडल प्रस्तुत किया। इसमें दो प्रतिलोमांतर श्रृंखलाएँ होती हैं और क्षार पूरकता द्वारा जुड़े रहते हैं।

A = T तथा G ≡ C

3. DNA प्रतिकृतिकरण

DNA अपनी प्रतिकृति अर्धसंरक्षी विधि से बनाता है। प्रत्येक नई DNA अणु में एक पुरानी और एक नई श्रृंखला होती है।

4. प्रतिलेखन

DNA से RNA बनने की प्रक्रिया प्रतिलेखन कहलाती है।

5. अनुवादन

mRNA की सूचना के आधार पर राइबोसोम पर प्रोटीन संश्लेषण की प्रक्रिया अनुवादन कहलाती है।

6. आनुवंशिक कूट

तीन न्यूक्लियोटाइडों का समूह एक codon कहलाता है। प्रत्येक codon सामान्यतः एक अमीनो अम्ल को निर्दिष्ट करता है।

7. DNA fingerprinting

व्यक्तियों के DNA में उपस्थित विशिष्ट अनुक्रम पैटर्न की पहचान द्वारा व्यक्ति की पहचान करने की तकनीक DNA fingerprinting कहलाती है।

8. मानव जीनोम परियोजना

मानव जीनोम परियोजना का उद्देश्य मानव DNA के जीनोम का अनुक्रमण और मानचित्रण करना था।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. DNA की अर्धसंरक्षी प्रतिकृति क्या है?
DNA की प्रतिकृति में प्रत्येक नई द्विकुंडली DNA में एक पुरानी और एक नई पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला होती है। इसे अर्धसंरक्षी प्रतिकृतिकरण कहते हैं।
प्रश्न 2. प्रतिलेखन क्या है?
DNA के साँचे से RNA के संश्लेषण की प्रक्रिया प्रतिलेखन कहलाती है।
प्रश्न 3. आनुवंशिक कूट क्या है?
mRNA में तीन लगातार न्यूक्लियोटाइडों का समूह जो एक अमीनो अम्ल के लिए संकेत देता है, आनुवंशिक कूट या codon कहलाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. DNA को आनुवंशिक पदार्थ क्यों माना जाता है?
DNA अपनी प्रतिकृति बना सकता है, आनुवंशिक सूचना को संग्रहित करता है और संतति तक उसका संचरण करता है। इसकी संरचना में होने वाले परिवर्तन विविधता का आधार बनते हैं। DNA प्रोटीन संश्लेषण को नियंत्रित करके कोशिकीय कार्यों पर प्रभाव डालता है।
प्रश्न. प्रतिलेखन और अनुवादन में अंतर बताइए।
प्रतिलेखन में DNA की सूचना से RNA बनता है और यह सामान्यतः नाभिक में होता है। अनुवादन में mRNA की सूचना के आधार पर राइबोसोम पर प्रोटीन बनता है। प्रतिलेखन का उत्पाद RNA और अनुवादन का उत्पाद पॉलीपेप्टाइड होता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. DNA की संरचना एवं प्रतिकृतिकरण की प्रक्रिया समझाइए।
DNA दो प्रतिलोमांतर पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखलाओं से बनी द्विकुंडली है। दोनों श्रृंखलाएँ पूरक क्षारों के बीच हाइड्रोजन बंध द्वारा जुड़ी रहती हैं। प्रतिकृतिकरण के समय DNA की दोनों श्रृंखलाएँ अलग होती हैं और प्रत्येक पुरानी श्रृंखला नई पूरक श्रृंखला के लिए साँचे का कार्य करती है। इसलिए बनने वाले प्रत्येक DNA अणु में एक पुरानी तथा एक नई श्रृंखला होती है। यह अर्धसंरक्षी प्रतिकृतिकरण कहलाता है।
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इकाई 3 — मानव कल्याण में जीव विज्ञान (14 अंक)

अध्याय 6 — विकास

1. जैव विकास

समय के साथ जीवों की आनुवंशिक और वंशागत विशेषताओं में होने वाले परिवर्तन, जिनसे नई प्रजातियों का विकास हो सकता है, जैव विकास कहलाते हैं।

2. डार्विन का सिद्धांत

डार्विन ने प्राकृतिक वरण के सिद्धांत द्वारा विकास को समझाया। अधिक संतान उत्पन्न होती है, संसाधनों के लिए संघर्ष होता है और अनुकूल विविधताओं वाले जीवों के जीवित रहने तथा प्रजनन की संभावना अधिक होती है।

3. प्राकृतिक वरण

पर्यावरण के अनुकूल लक्षण वाले जीवों का चयनात्मक रूप से अधिक जीवित रहना और प्रजनन करना प्राकृतिक वरण कहलाता है।

4. विकास के प्रमाण

  • जीवाश्म
  • समजात अंग
  • समरूप अंग
  • भ्रूणविज्ञान
  • आणविक प्रमाण

5. अनुकूली विकिरण

एक सामान्य पूर्वज से अलग-अलग पर्यावरणीय परिस्थितियों में कई रूपों का विकास अनुकूली विकिरण कहलाता है।

6. हार्डी-वीनबर्ग सिद्धांत

बड़ी, यादृच्छिक संकरण करने वाली जनसंख्या में, यदि चयन, प्रवास, उत्परिवर्तन और आनुवंशिक विचलन जैसे कारक अनुपस्थित हों तो जीन आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रह सकती हैं।

p² + 2pq + q² = 1

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. प्राकृतिक वरण क्या है?
पर्यावरण के अनुकूल विविधताओं वाले जीवों के अधिक जीवित रहने और प्रजनन करने की प्रक्रिया प्राकृतिक वरण कहलाती है।
प्रश्न 2. अनुकूली विकिरण क्या है?
एक सामान्य पूर्वज से अलग-अलग पर्यावरणों के अनुकूल अनेक रूपों या प्रजातियों का विकास अनुकूली विकिरण कहलाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. विकास के तीन प्रमाण लिखिए।
जीवाश्म विकास के क्रमिक परिवर्तन का प्रमाण देते हैं। समजात अंग सामान्य पूर्वज का संकेत देते हैं। भ्रूणविज्ञान तथा आणविक समानताएँ भी विभिन्न जीवों के बीच विकासात्मक संबंध स्थापित करती हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. डार्विन के प्राकृतिक वरण सिद्धांत को समझाइए।
जीव बहुत अधिक संख्या में संतान उत्पन्न करते हैं, लेकिन संसाधन सीमित होने के कारण सभी जीवित नहीं रह सकते। इससे अस्तित्व के लिए संघर्ष होता है। जीवों में प्राकृतिक विविधताएँ होती हैं और उनमें से पर्यावरण के अनुकूल लक्षण वाले जीवों की जीवित रहने एवं प्रजनन करने की संभावना अधिक होती है। इन अनुकूल लक्षणों का पीढ़ियों में संचय होने से जनसंख्या में परिवर्तन और अंततः नई प्रजातियों का विकास हो सकता है।

अध्याय 7 — मानव स्वास्थ्य तथा रोग

1. स्वास्थ्य

स्वास्थ्य केवल रोग का अभाव नहीं बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ स्थिति है।

2. रोगजनक

रोग उत्पन्न करने वाले जीव या परजीवी रोगजनक कहलाते हैं।

3. प्रमुख रोग

रोगरोगजनक
मलेरियाPlasmodium
टाइफाइडSalmonella typhi
निमोनियाकुछ बैक्टीरिया/वायरस
डेंगूवायरस
AIDSHIV

4. प्रतिरक्षा

रोगजनकों के विरुद्ध शरीर की सुरक्षा क्षमता प्रतिरक्षा कहलाती है।

5. प्रतिरक्षा के प्रकार

  • जन्मजात प्रतिरक्षा
  • अर्जित प्रतिरक्षा
  • सक्रिय प्रतिरक्षा
  • निष्क्रिय प्रतिरक्षा

6. एंटीबॉडी

प्रतिजन के विरुद्ध B-लिम्फोसाइटों से बनने वाले विशेष प्रोटीन एंटीबॉडी कहलाते हैं।

7. AIDS

AIDS HIV संक्रमण के कारण प्रतिरक्षा तंत्र के कमजोर होने से संबंधित अवस्था है।

8. कैंसर

कोशिकाओं के अनियंत्रित तथा असामान्य विभाजन से कैंसर विकसित हो सकता है।

9. नशीली दवाएँ

मादक पदार्थों का दुरुपयोग शरीर, मानसिक स्वास्थ्य तथा सामाजिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. जन्मजात और अर्जित प्रतिरक्षा में अंतर बताइए।
जन्मजात प्रतिरक्षा जन्म से उपस्थित सामान्य सुरक्षा है। अर्जित प्रतिरक्षा जीवन में रोगजनक या टीकाकरण के संपर्क के बाद विकसित होती है और विशिष्ट होती है।
प्रश्न 2. AIDS का कारण क्या है?
AIDS का कारण Human Immunodeficiency Virus अर्थात HIV संक्रमण है। यह प्रतिरक्षा तंत्र की प्रमुख कोशिकाओं को प्रभावित करता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. टीकाकरण का महत्व बताइए।
टीकाकरण शरीर में किसी रोगजनक के विरुद्ध विशिष्ट प्रतिरक्षा विकसित करने में सहायता करता है। इससे प्रतिरक्षा तंत्र स्मृति कोशिकाएँ बना सकता है और भविष्य में उसी रोगजनक के संपर्क पर तेज प्रतिक्रिया देता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को समझाइए।
मानव शरीर में जन्मजात और अर्जित दोनों प्रकार की प्रतिरक्षा होती है। त्वचा, श्लेष्मा और कुछ रासायनिक पदार्थ जन्मजात रक्षा में भाग लेते हैं। अर्जित प्रतिरक्षा में B-लिम्फोसाइट एंटीबॉडी बनाते हैं तथा T-लिम्फोसाइट कोशिकीय प्रतिरक्षा में भाग लेते हैं। प्रतिरक्षा स्मृति के कारण शरीर भविष्य के संक्रमणों पर अधिक प्रभावी प्रतिक्रिया दे सकता है।

अध्याय 8 — मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव

1. सूक्ष्मजीवों का उपयोग

सूक्ष्मजीव खाद्य पदार्थों के निर्माण, औषधि उत्पादन, उद्योग, कृषि तथा अपशिष्ट उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

2. किण्वन

सूक्ष्मजीवों द्वारा कार्बनिक पदार्थों के अवायवीय अपघटन से विभिन्न उत्पाद बनते हैं। यीस्ट का उपयोग शराब निर्माण में किया जाता है।

3. दही

Lactobacillus जैसे जीवाणु दूध के लैक्टोज को लैक्टिक अम्ल में बदलते हैं और दही बनने में सहायता करते हैं।

4. एंटीबायोटिक

सूक्ष्मजीवों से प्राप्त या उनसे प्रेरित ऐसे पदार्थ जो कुछ रोगजनक सूक्ष्मजीवों की वृद्धि रोकते या नष्ट करते हैं, एंटीबायोटिक कहलाते हैं।

5. सीवेज उपचार

अपशिष्ट जल के जैविक उपचार में सूक्ष्मजीवों का उपयोग किया जाता है। सक्रिय कीचड़ एवं जैव गैस उत्पादन इसमें महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ हैं।

6. जैव गैस

अवायवीय सूक्ष्मजीवों द्वारा जैविक पदार्थों के अपघटन से methane युक्त बायोगैस बनती है।

7. जैव नियंत्रण

हानिकारक कीटों तथा रोगजनकों को नियंत्रित करने के लिए जैविक एजेंटों का उपयोग जैव नियंत्रण कहलाता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. दही बनाने में किस सूक्ष्मजीव की भूमिका है?
Lactobacillus जैसे लैक्टिक अम्ल जीवाणु दूध के लैक्टोज को लैक्टिक अम्ल में बदलकर दही बनने में सहायता करते हैं।
प्रश्न 2. बायोगैस क्या है?
जैविक पदार्थों के अवायवीय अपघटन से बनने वाली methane युक्त गैस को बायोगैस कहते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. मानव कल्याण में सूक्ष्मजीवों के तीन उपयोग बताइए।
सूक्ष्मजीव दही एवं किण्वित खाद्य पदार्थों के निर्माण में उपयोगी हैं। वे एंटीबायोटिक, एन्जाइम और अन्य औद्योगिक उत्पाद बनाने में सहायक हैं। सीवेज उपचार और बायोगैस निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. सीवेज उपचार में सूक्ष्मजीवों की भूमिका समझाइए।
सीवेज के प्राथमिक उपचार के बाद जैविक उपचार में सूक्ष्मजीव कार्बनिक पदार्थों को विघटित करते हैं। एरेटेड टैंक में सूक्ष्मजीवी बायोमास कार्बनिक पदार्थों को कम करता है। बनने वाली सक्रिय कीचड़ का एक भाग पुनः उपयोग किया जाता है और दूसरे भाग से बायोगैस प्राप्त की जा सकती है। इससे अपशिष्ट जल का BOD कम होता है और पर्यावरणीय प्रदूषण घटता है।
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इकाई 4 — जैव प्रौद्योगिकी (12 अंक)

अध्याय 9 — जैव प्रौद्योगिकी : सिद्धांत व प्रक्रम

1. जैव प्रौद्योगिकी

जीवित जीवों, कोशिकाओं या जैव-अणुओं का उपयोग करके उपयोगी उत्पाद एवं प्रक्रियाएँ विकसित करने की तकनीक जैव प्रौद्योगिकी कहलाती है।

2. मुख्य आधार

  • आनुवंशिक अभियांत्रिकी
  • जैवप्रक्रम प्रौद्योगिकी
  • DNA पुनर्संयोजन

3. प्रतिबंध एंजाइम

Restriction endonucleases DNA को विशिष्ट न्यूक्लियोटाइड अनुक्रमों पर काटते हैं।

4. DNA लिगेज

DNA के दो खंडों को जोड़ने वाला एंजाइम DNA ligase कहलाता है।

5. क्लोनिंग वेक्टर

ऐसा DNA अणु जो इच्छित जीन को किसी होस्ट कोशिका में ले जाने और उसकी प्रतिकृति में सहायता करता है, क्लोनिंग वेक्टर कहलाता है।

6. PCR

Polymerase Chain Reaction द्वारा किसी विशिष्ट DNA अनुक्रम की बड़ी संख्या में प्रतियाँ बनाई जाती हैं। इसमें denaturation, annealing और extension के चक्र दोहराए जाते हैं।

7. जैवप्रक्रम

वांछित उत्पाद के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए नियंत्रित परिस्थितियों में जैविक प्रक्रियाओं का उपयोग जैवप्रक्रम प्रौद्योगिकी कहलाता है।

8. बायोरिएक्टर

बायोरिएक्टर एक ऐसा पात्र है जिसमें सूक्ष्मजीवों/कोशिकाओं के नियंत्रित विकास द्वारा वांछित जैव उत्पाद बनाए जाते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. Restriction enzyme क्या है?
ऐसा एंजाइम जो DNA के विशिष्ट अनुक्रमों को पहचानकर उन्हें काटता है, restriction endonuclease कहलाता है।
प्रश्न 2. PCR क्या है?
PCR एक तकनीक है जिसमें किसी विशिष्ट DNA अनुक्रम को in vitro बार-बार प्रतिकृत करके उसकी बहुत अधिक प्रतियाँ बनाई जाती हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. PCR के तीन प्रमुख चरण समझाइए।
Denaturation: DNA की दो श्रृंखलाएँ अलग होती हैं। Annealing: primers पूरक अनुक्रम से जुड़ते हैं। Extension: DNA polymerase नए DNA strands का संश्लेषण करता है। ये चरण कई चक्रों तक दोहराए जाते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. पुनर्संयोजित DNA प्रौद्योगिकी की प्रमुख अवस्थाएँ समझाइए।
सबसे पहले इच्छित DNA तथा वेक्टर DNA को उपयुक्त restriction enzyme से काटा जाता है। इच्छित जीन को वेक्टर में DNA ligase की सहायता से जोड़ा जाता है। पुनर्संयोजित DNA को उपयुक्त host कोशिका में प्रवेश कराया जाता है। चयनित host कोशिकाओं को बढ़ाकर इच्छित DNA तथा संबंधित उत्पाद का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जाता है।

अध्याय 10 — जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग

1. कृषि में उपयोग

जैव प्रौद्योगिकी द्वारा कीटरोधी फसलें, रोगरोधी फसलें, पोषणीय गुणवत्ता वाली फसलें तथा तनाव-सहिष्णु किस्में विकसित की जा सकती हैं।

2. Bt फसल

Bt फसल में Bacillus thuringiensis से प्राप्त जीन के कारण कुछ हानिकारक कीटों के विरुद्ध प्रतिरोध विकसित किया जाता है। Bt cotton इसका प्रमुख उदाहरण है।

3. जीन चिकित्सा

दोषपूर्ण जीन के स्थान पर कार्यशील जीन पहुँचाकर आनुवंशिक रोगों के उपचार की पद्धति जीन चिकित्सा कहलाती है।

4. इंसुलिन उत्पादन

पुनर्संयोजित DNA प्रौद्योगिकी द्वारा मानव इंसुलिन का उत्पादन किया जा सकता है।

5. वैक्सीन

जैव प्रौद्योगिकी की सहायता से विभिन्न रोगों के विरुद्ध वैक्सीन विकसित की जा सकती हैं।

6. ट्रांसजेनिक जीव

ऐसे जीव जिनके जीनोम में किसी बाहरी जीन को प्रविष्ट कराया गया हो, ट्रांसजेनिक जीव कहलाते हैं।

7. जैव सुरक्षा

जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग में पर्यावरणीय, स्वास्थ्य संबंधी और नैतिक पहलुओं को ध्यान में रखना आवश्यक है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. Bt cotton क्या है?
Bt cotton एक आनुवंशिक रूप से रूपांतरित कपास की फसल है जिसमें Bacillus thuringiensis से प्राप्त जीन के कारण कुछ कीटों के विरुद्ध प्रतिरोध विकसित होता है।
प्रश्न 2. जीन चिकित्सा क्या है?
दोषपूर्ण जीन के कार्य को सुधारने या उसके स्थान पर कार्यशील जीन पहुँचाकर आनुवंशिक रोगों का उपचार करने की विधि जीन चिकित्सा कहलाती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. जैव प्रौद्योगिकी के कृषि क्षेत्र में तीन उपयोग बताइए।
जैव प्रौद्योगिकी से कीटरोधी फसलें विकसित की जा सकती हैं। पोषणीय गुणवत्ता में सुधार, रोग प्रतिरोध तथा सूखा या लवणता जैसी परिस्थितियों के प्रति सहनशील फसलें भी विकसित की जा सकती हैं। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. मानव कल्याण में जैव प्रौद्योगिकी के प्रमुख उपयोग समझाइए।
जैव प्रौद्योगिकी द्वारा मानव इंसुलिन, वैक्सीन और अनेक औषधीय प्रोटीन बनाए जा सकते हैं। जीन चिकित्सा आनुवंशिक रोगों के उपचार का विकल्प प्रदान करती है। ट्रांसजेनिक जीव अनुसंधान और औषधि उत्पादन में उपयोगी हो सकते हैं। कृषि में Bt crops जैसी तकनीकें कीट नियंत्रण और उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं। साथ ही जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग में जैव सुरक्षा और नैतिक पहलुओं का ध्यान रखना आवश्यक है।
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इकाई 5 — पारिस्थितिकी (12 अंक)

अध्याय 11 — जीव और समष्टियाँ

1. जीव और पर्यावरण

प्रत्येक जीव अपने भौतिक और जैविक पर्यावरण के साथ पारस्परिक संबंध रखता है।

2. पर्यावरणीय कारक

  • तापमान
  • जल
  • प्रकाश
  • मिट्टी
  • अन्य जीव

3. जनसंख्या

किसी निश्चित क्षेत्र में एक ही प्रजाति के जीवों का समूह समष्टि या जनसंख्या कहलाता है।

4. जनसंख्या की विशेषताएँ

  • जन्मदर
  • मृत्युदर
  • प्रवास
  • लिंग अनुपात
  • आयु पिरामिड

5. जनसंख्या वृद्धि

संसाधन पर्याप्त होने पर जनसंख्या तेजी से बढ़ सकती है। इसे घातांकीय वृद्धि कहा जाता है।

dN/dt = rN

संसाधन सीमित होने पर वृद्धि पर वहन क्षमता का प्रभाव पड़ता है और लॉजिस्टिक वृद्धि दिखाई देती है।

dN/dt = rN(K−N)/K

6. पारस्परिक क्रियाएँ

अंतःक्रियाप्रभावउदाहरण
परस्परवाद+/+लाइकेन
सहभोजिता+/0वृक्ष पर एपिफाइट
परजीविता+/−कुसकुटा
शिकारिता+/−बाघ-हिरण
प्रतिस्पर्धा−/−संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा
अमेंसलिज्म−/0कुछ रासायनिक अवरोध

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. समष्टि क्या है?
किसी निश्चित क्षेत्र में एक ही प्रजाति के जीवों का समूह जो आपस में प्रजनन करने में सक्षम हों, समष्टि या जनसंख्या कहलाता है।
प्रश्न 2. वहन क्षमता क्या है?
किसी पर्यावरण द्वारा उपलब्ध संसाधनों के आधार पर किसी जनसंख्या के अधिकतम स्थायी आकार को वहन क्षमता कहते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. परस्परवाद और परजीविता में अंतर बताइए।
परस्परवाद में दोनों सहभागी जीवों को लाभ होता है। परजीविता में एक जीव लाभ प्राप्त करता है जबकि दूसरे को हानि होती है। लाइकेन परस्परवाद तथा कुसकुटा परजीविता का उदाहरण है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. जनसंख्या वृद्धि के प्रकार समझाइए।
घातांकीय वृद्धि तब होती है जब संसाधन पर्याप्त हों और जनसंख्या तीव्र गति से बढ़े। इसका वक्र J-आकार का होता है। संसाधनों की कमी होने पर वृद्धि धीमी होती है और वहन क्षमता के आसपास स्थिर होने लगती है। इसे लॉजिस्टिक वृद्धि कहते हैं और इसका वक्र S-आकार का होता है।

अध्याय 12 — पारितंत्र

1. पारितंत्र

जीवों तथा उनके अजैविक पर्यावरण के बीच पारस्परिक क्रिया से बनी कार्यात्मक इकाई पारितंत्र कहलाती है।

2. घटक

  • उत्पादक
  • उपभोक्ता
  • अपघटक
  • अजैविक घटक

3. खाद्य श्रृंखला

जीवों में भोजन और ऊर्जा के क्रमिक स्थानांतरण की श्रृंखला खाद्य श्रृंखला कहलाती है।

4. खाद्य जाल

कई खाद्य श्रृंखलाओं के आपस में जुड़े होने से खाद्य जाल बनता है।

5. पारिस्थितिक पिरामिड

संख्या, जैवभार और ऊर्जा के आधार पर पारिस्थितिक पिरामिड बनाए जा सकते हैं।

6. 10 प्रतिशत नियम

एक पोषण स्तर की कुल ऊर्जा का लगभग 10% ही अगले पोषण स्तर तक स्थानांतरित होता है।

7. जैव-भूरासायनिक चक्र

कार्बन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और जल आदि के प्राकृतिक चक्र पारितंत्र में पदार्थों के पुनर्चक्रण के लिए महत्वपूर्ण हैं।

8. उत्तराधिकार

किसी क्षेत्र में जैविक समुदायों के क्रमिक परिवर्तन को पारिस्थितिक उत्तराधिकार कहते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. पारितंत्र क्या है?
जीवित घटकों और उनके अजैविक पर्यावरण के बीच पारस्परिक क्रिया से बनी कार्यात्मक इकाई पारितंत्र कहलाती है।
प्रश्न 2. 10 प्रतिशत नियम क्या है?
एक पोषण स्तर से अगले पोषण स्तर तक औसतन लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है। शेष ऊर्जा मुख्यतः चयापचय में उपयोग होकर ऊष्मा के रूप में निकलती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. उत्पादक, उपभोक्ता और अपघटक में अंतर बताइए।
उत्पादक प्रकाश संश्लेषण या अन्य प्रक्रियाओं द्वारा भोजन बनाते हैं। उपभोक्ता अन्य जीवों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निर्भर होते हैं। अपघटक मृत जैव पदार्थों को सरल पदार्थों में बदलते हैं और पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण करते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. पारितंत्र में ऊर्जा प्रवाह को समझाइए।
पारितंत्र में ऊर्जा का मूल स्रोत सूर्य है। उत्पादक सूर्य की ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं। यह ऊर्जा प्राथमिक उपभोक्ताओं, द्वितीयक उपभोक्ताओं और उच्च पोषण स्तरों तक पहुँचती है। प्रत्येक पोषण स्तर पर ऊर्जा का बड़ा भाग चयापचय में खर्च होकर ऊष्मा के रूप में निकल जाता है। इसलिए ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है और प्रत्येक स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा घटती जाती है।

अध्याय 13 — जैव-विविधता एवं संरक्षण

1. जैव-विविधता

पृथ्वी पर जीवों में जीन, प्रजाति और पारितंत्र स्तर पर पाई जाने वाली विविधता जैव-विविधता कहलाती है।

2. जैव-विविधता के स्तर

  • आनुवंशिक विविधता
  • प्रजातीय विविधता
  • पारिस्थितिक तंत्र विविधता

3. जैव विविधता का महत्व

जैव-विविधता पारिस्थितिक संतुलन, खाद्य, औषधि, परागण, जलवायु नियंत्रण और अन्य पारिस्थितिक सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

4. जैव-विविधता ह्रास

  • आवास विनाश
  • अतिदोहन
  • विदेशी आक्रामक प्रजातियाँ
  • प्रदूषण
  • जलवायु परिवर्तन

5. संरक्षण के प्रकार

इन-सीटू: प्राकृतिक आवास में संरक्षण। उदाहरण—राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, जैवमंडल रिजर्व।

एक्स-सीटू: प्राकृतिक आवास से बाहर संरक्षण। उदाहरण—वनस्पति उद्यान, चिड़ियाघर, जीन बैंक, बीज बैंक।

6. जैव-विविधता हॉटस्पॉट

ऐसे क्षेत्र जहाँ उच्च स्थानिकता के साथ जैव-विविधता पर गंभीर खतरा हो, जैव-विविधता हॉटस्पॉट कहलाते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. जैव-विविधता क्या है?
जीवों में जीन, प्रजाति और पारितंत्र स्तर पर पाई जाने वाली विविधता जैव-विविधता कहलाती है।
प्रश्न 2. इन-सीटू संरक्षण क्या है?
जीवों का उनके प्राकृतिक आवास में संरक्षण इन-सीटू संरक्षण कहलाता है। राष्ट्रीय उद्यान और जैवमंडल रिजर्व इसके उदाहरण हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. जैव-विविधता ह्रास के प्रमुख कारण बताइए।
आवास विनाश और विखंडन, जीवों का अतिदोहन तथा बाहरी आक्रामक प्रजातियों का प्रवेश प्रमुख कारण हैं। इसके अतिरिक्त प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन भी जैव-विविधता को प्रभावित करते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. जैव-विविधता संरक्षण के इन-सीटू एवं एक्स-सीटू उपायों की तुलना कीजिए।
इन-सीटू संरक्षण में जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रखा जाता है, जैसे राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य और जैवमंडल रिजर्व। एक्स-सीटू संरक्षण में जीवों को प्राकृतिक आवास से बाहर संरक्षित किया जाता है, जैसे चिड़ियाघर, वनस्पति उद्यान, बीज बैंक और जीन बैंक। प्राकृतिक पारिस्थितिक प्रक्रियाओं को बनाए रखने के लिए इन-सीटू संरक्षण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जबकि अत्यंत संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण में एक्स-सीटू विधियाँ उपयोगी होती हैं।
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28 वस्तुनिष्ठ प्रश्न — मॉडल अभ्यास उत्तर सहित

सही विकल्प

  1. द्विनिषेचन किसमें पाया जाता है? — आवृतबीजी पौधों में
  2. मानव में निषेचन सामान्यतः कहाँ होता है? — अंडवाहिनी के ampullary-isthmic junction में
  3. मानव नर में टेस्टोस्टेरोन का स्राव किससे संबंधित है? — लेडिग कोशिकाएँ
  4. मेंडल ने प्रयोग किस पौधे पर किया? — मटर
  5. DNA की द्विकुंडली संरचना का मॉडल किसने दिया? — वॉटसन और क्रिक
  6. प्रथम कोडॉन/आरंभिक कूटोन है— AUG
  7. डार्विन के सिद्धांत का आधार है— प्राकृतिक वरण
  8. मलेरिया का रोगजनक है— Plasmodium
  9. AIDS का कारण है— HIV
  10. दही बनाने में प्रमुख सूक्ष्मजीव है— Lactobacillus
  11. PCR का अर्थ है— Polymerase Chain Reaction
  12. Bt cotton किसके विरुद्ध प्रतिरोधी है? — कुछ कीटों के विरुद्ध
  13. जनसंख्या की अधिकतम स्थायी सीमा कहलाती है— वहन क्षमता
  14. 10% नियम किससे संबंधित है? — ऊर्जा स्थानांतरण
  15. प्राकृतिक आवास में संरक्षण कहलाता है— इन-सीटू संरक्षण

रिक्त स्थान — उत्तर सहित

  1. पुष्पी पौधों में दो नर युग्मकों के संलयन से होने वाली घटना ________ कहलाती है। — द्विनिषेचन
  2. शुक्राणु निर्माण की प्रक्रिया ________ कहलाती है। — शुक्राणुजनन
  3. मासिक चक्र में अंडोत्सर्ग के लिए ________ surge महत्वपूर्ण है। — LH
  4. मेंडल ने ________ पर प्रयोग किए। — मटर
  5. DNA में एडेनिन का पूरक क्षार ________ है। — थाइमिन
  6. mRNA के तीन न्यूक्लियोटाइडों के समूह को ________ कहते हैं। — कोडॉन
  7. डार्विन ने ________ द्वारा विकास को समझाया। — प्राकृतिक वरण
  8. AIDS का रोगजनक ________ है। — HIV
  9. दही में ________ जीवाणु उपयोगी हैं। — Lactobacillus
  10. PCR में DNA को बढ़ाने के लिए ________ का उपयोग किया जाता है। — DNA polymerase

सत्य / असत्य — उत्तर सहित

  1. आवृतबीजी पौधों में द्विनिषेचन पाया जाता है। — सत्य
  2. भ्रूणकोष सामान्यतः 8-कोशिकीय और 7-नाभिकीय होता है। — असत्य
  3. मानव में नर XY और मादा XX होती है। — सत्य
  4. मेंडल ने मटर के पौधे पर प्रयोग किया। — सत्य
  5. DNA अधिकांश जीवों में आनुवंशिक पदार्थ है। — सत्य
  6. प्राकृतिक वरण डार्विन के सिद्धांत का आधार है। — सत्य
  7. मलेरिया बैक्टीरिया से होता है। — असत्य
  8. Bt cotton एक GM crop है। — सत्य
  9. उत्पादक पारितंत्र में ऊर्जा का प्रारंभिक स्थिरीकरण करते हैं। — सत्य
  10. इन-सीटू संरक्षण में जीवों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर रखा जाता है। — असत्य

सही जोड़ी — उत्तर सहित

कॉलम Aकॉलम B
1. द्विनिषेचनआवृतबीजी पौधे
2. मेंडलमटर
3. डार्विनप्राकृतिक वरण
4. Plasmodiumमलेरिया
5. PCRDNA amplification

एक वाक्य में उत्तर

  1. द्विनिषेचन क्या है? — आवृतबीजी पौधों में होने वाले दो संलयनों की प्रक्रिया।
  2. मानव में निषेचन कहाँ होता है? — अंडवाहिनी के ampullary-isthmic junction में।
  3. शुक्राणुजनन क्या है? — शुक्राणु बनने की प्रक्रिया।
  4. मेंडल को किस नाम से जाना जाता है? — आनुवंशिकी का जनक।
  5. प्राकृतिक वरण किसने प्रस्तावित किया? — चार्ल्स डार्विन।
  6. AIDS का रोगजनक क्या है? — HIV।
  7. DNA का पूरा नाम क्या है? — डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल।
  8. PCR का पूरा नाम क्या है? — Polymerase Chain Reaction।
  9. 10% नियम क्या बताता है? — एक पोषण स्तर से अगले तक लगभग 10% ऊर्जा स्थानांतरण।
  10. इन-सीटू संरक्षण क्या है? — प्राकृतिक आवास में संरक्षण।

अत्यंत महत्वपूर्ण आरेख — परीक्षा में अभ्यास करें

जनन
पुष्प की संरचना • परागकण • भ्रूणकोष • द्विनिषेचन • नर जनन तंत्र • मादा जनन तंत्र • मासिक चक्र
आनुवंशिकी
एकसंकर संकरण • द्विसंकर संकरण • DNA double helix • DNA replication • transcription
मानव स्वास्थ्य
प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया • एंटीबॉडी की मूल संरचना • रोग संचरण का योजनात्मक चित्र
जैव प्रौद्योगिकी
pBR322 जैसे vector का सामान्य चित्र • PCR cycle • recombinant DNA प्रक्रिया • bioreactor
पारितंत्र
खाद्य श्रृंखला • ऊर्जा पिरामिड • जनसंख्या वृद्धि वक्र • जैव-भूरासायनिक चक्र
आरेख में अंक: लेबल स्पष्ट रखें, रेखाएँ सीधी रखें और प्रत्येक संरचना का नाम सही स्थान पर लिखें। जीव विज्ञान में सुव्यवस्थित labelled diagram उत्तर को अधिक प्रभावी बनाता है।

अध्यायवार 50 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. पुष्प के नर और मादा जनन अंगों की संरचना समझाइए।
  2. सूक्ष्मबीजाणुजनन और महाबीजाणुजनन में अंतर बताइए।
  3. परागण के प्रकार एवं साधन बताइए।
  4. भ्रूणकोष की संरचना का वर्णन कीजिए।
  5. द्विनिषेचन की प्रक्रिया समझाइए।
  6. मानव नर जनन तंत्र का वर्णन कीजिए।
  7. मानव मादा जनन तंत्र का वर्णन कीजिए।
  8. शुक्राणुजनन समझाइए।
  9. अंडजनन समझाइए।
  10. मासिक चक्र के चरण लिखिए।
  11. निषेचन और आरोपण समझाइए।
  12. जनन स्वास्थ्य का महत्व बताइए।
  13. गर्भनिरोधक विधियों की तुलना कीजिए।
  14. सहायक जनन तकनीकों का वर्णन कीजिए।
  15. मेंडल के नियम उदाहरण सहित लिखिए।
  16. एकसंकर और द्विसंकर संकरण समझाइए।
  17. अपूर्ण प्रभुत्व एवं सह-प्रभुत्व बताइए।
  18. ABO रक्त समूह की वंशागति समझाइए।
  19. लिंग निर्धारण का तंत्र समझाइए।
  20. X-linked वंशागति समझाइए।
  21. DNA की संरचना बताइए।
  22. DNA की अर्धसंरक्षी प्रतिकृति समझाइए।
  23. प्रतिलेखन और अनुवादन में अंतर बताइए।
  24. आनुवंशिक कूट के गुण लिखिए।
  25. DNA fingerprinting क्या है?
  26. मानव जीनोम परियोजना का महत्व बताइए।
  27. डार्विन का प्राकृतिक वरण सिद्धांत समझाइए।
  28. विकास के प्रमाण लिखिए।
  29. हार्डी-वीनबर्ग सिद्धांत समझाइए।
  30. अनुकूली विकिरण क्या है?
  31. मानव स्वास्थ्य और रोग की अवधारणा समझाइए।
  32. प्रतिरक्षा के प्रकार लिखिए।
  33. AIDS के कारण, लक्षण और बचाव लिखिए।
  34. कैंसर क्या है?
  35. टीकाकरण का महत्व समझाइए।
  36. मानव कल्याण में सूक्ष्मजीवों की भूमिका लिखिए।
  37. किण्वन का उपयोग बताइए।
  38. सीवेज उपचार में सूक्ष्मजीवों की भूमिका समझाइए।
  39. बायोगैस का निर्माण समझाइए।
  40. जैव प्रौद्योगिकी क्या है?
  41. recombinant DNA technology समझाइए।
  42. PCR की प्रक्रिया लिखिए।
  43. वेक्टर क्या है?
  44. Bt cotton क्या है?
  45. जीन चिकित्सा समझाइए।
  46. जीव और पर्यावरण के संबंध समझाइए।
  47. जनसंख्या वृद्धि के प्रकार लिखिए।
  48. पारितंत्र की संरचना और कार्य समझाइए।
  49. 10% नियम समझाइए।
  50. जैव-विविधता के संरक्षण की आवश्यकता एवं उपाय बताइए।

अति महत्वपूर्ण तथ्य — त्वरित रिवीजन

विषययाद रखने योग्य तथ्य
द्विनिषेचनएक नर युग्मक + अंड कोशिका; दूसरा + ध्रुवीय नाभिक
भ्रूणकोष7-कोशिकीय, 8-नाभिकीय
मानव मादाXX
मानव नरXY
मेंडलमटर के पौधे
एकसंकर F₂3 : 1
द्विसंकर F₂9 : 3 : 3 : 1
DNAद्विकुंडली संरचना
A-Tदो हाइड्रोजन बंध
G-Cतीन हाइड्रोजन बंध
आरंभिक कोडॉनAUG
मलेरियाPlasmodium
AIDSHIV
दहीLactobacillus
PCRDNA amplification
Bt cottonकीट प्रतिरोध
घातांकीय वृद्धिJ-आकार वक्र
लॉजिस्टिक वृद्धिS-आकार वक्र
ऊर्जा स्थानांतरण10% नियम
इन-सीटूप्राकृतिक आवास में संरक्षण

परीक्षा-पूर्व अंतिम चेकलिस्ट

  • पुष्प की संरचना, परागकण, भ्रूणकोष और द्विनिषेचन का labelled diagram तैयार करें।
  • मानव नर एवं मादा जनन तंत्र के सभी प्रमुख भाग याद करें।
  • शुक्राणुजनन, अंडजनन और मासिक चक्र को क्रमवार पढ़ें।
  • जनन स्वास्थ्य में गर्भनिरोधक तथा सहायक जनन तकनीकें तैयार करें।
  • मेंडल के सभी नियम और 3:1 एवं 9:3:3:1 अनुपात याद करें।
  • अपूर्ण प्रभुत्व, सह-प्रभुत्व और ABO रक्त समूह तैयार करें।
  • लिंग निर्धारण और X-linked inheritance विशेष रूप से पढ़ें।
  • DNA संरचना, प्रतिकृतिकरण, transcription, translation और genetic code तैयार करें।
  • विकास में डार्विन, जीवाश्म, समजात अंग और हार्डी-वीनबर्ग तैयार करें।
  • मानव स्वास्थ्य में immunity, AIDS, cancer और vaccination अवश्य तैयार करें।
  • सूक्ष्मजीवों के औद्योगिक एवं घरेलू उपयोग याद करें।
  • PCR, restriction enzyme, ligase, vector, bioreactor और recombinant DNA technology पर ध्यान दें।
  • Bt cotton, gene therapy और transgenic organisms विशेष रूप से तैयार करें।
  • जनसंख्या वृद्धि, पारितंत्र, 10% नियम और खाद्य श्रृंखला/जाल समझें।
  • जैव-विविधता ह्रास के कारण तथा in-situ/ex-situ conservation तैयार करें।
  • 1 अंक के लिए नाम, वैज्ञानिक नाम, परिभाषा, अनुपात और प्रमुख तथ्य दोहराएँ।
  • 2 अंक में परिभाषा + दो मुख्य बिंदु लिखें।
  • 3 अंक में अवधारणा + तीन क्रमबद्ध बिंदु लिखें।
  • 4 अंक में परिचय + प्रक्रिया/कारण + महत्व/निष्कर्ष लिखें।
  • जहाँ संभव हो, labelled diagram अवश्य बनाएँ।
जीव विज्ञान में अंक बढ़ाने की रणनीति: उत्तरों में वैज्ञानिक शब्दों की spelling सही रखें। प्रक्रियाओं को क्रमवार चरणों में लिखें। आनुवंशिकी में cross तथा ratio स्पष्ट लिखें। जैव प्रौद्योगिकी में enzyme + vector + host + process याद रखें और पारिस्थितिकी में परिभाषा + उदाहरण + प्रभाव के रूप में उत्तर दें।

इस अध्ययन सामग्री की मुख्य विशेषताएँ

  • ब्लूप्रिंट एवं संशोधित पाठ्यक्रम अनुरूप: 70 अंक की सैद्धांतिक परीक्षा के लिए 1, 2, 3 एवं 4/5 अंक वाले प्रश्नों का ब्लूप्रिंट के अनुसार सटीक विभाजन।
  • महत्वपूर्ण नामांकित रेखाचित्र (Labeled Diagrams): नर व मादा जनन तंत्र, बीजांड की संरचना, DNA की द्विकुंडली संरचना, tRNA की संरचना, एंटीबॉडी की संरचना और बायोगैस संयंत्र के स्वच्छ रेखाचित्र।
  • महत्वपूर्ण अंतर एवं तुलनात्मक तालिकाएँ: DNA vs RNA, समजात vs समवृत्ति अंग, स्व-परागण vs पर-परागण, शुक्राणुजनन vs अंडाणुजनन जैसे प्रमुख अंतरों का सरल प्रस्तुतीकरण।
  • जैव प्रौद्योगिकी एवं पारिस्थितिकी के अनुप्रयोग: PCR तकनीक, जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस, पुनर्योगज DNA तकनीक, खाद्य श्रृंखला और ऊर्जा पिरामिड की बिंदुवार व्याख्या।

परीक्षा-उपयोगी प्रश्न बैंक:

  • वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ / रिक्त स्थान / सही जोड़ी / एक शब्द उत्तर): 28 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक नाम एवं शब्दावली।
  • अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक): 30 शब्दों में संक्षिप्त परिभाषाएं, रोगजनक जीवों के नाम और कारण।
  • लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक): 75 शब्दों में प्रक्रियाओं की व्याख्या एवं तुलनात्मक उत्तर।
  • दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4/5 अंक): 120 शब्दों में नामांकित चित्र सहित विस्तृत उत्तर।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

अस्वीकरण (Disclaimer): इस पोस्ट में उपलब्ध कराई गई अंक योजना, पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों एवं सत्र 2026-27 के शैक्षणिक प्रारूप पर आधारित है। यह सामग्री केवल विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, अभ्यास और मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार की गई है। परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार के आधिकारिक संशोधन, प्रायोगिक परीक्षा दिशा-निर्देश अथवा अंतिम घोषणा के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी सूचनाओं को ही अंतिम रूप से प्रामाणिक माना जाए। 

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कक्षा 12वीं गणित नोट्स : MP Board Class 12th Maths Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27

MP Board Class 12th Maths Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 12वीं गणित सूत्र, प्रमेय एवं अंक योजना

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 12वीं [विषय: गणित] अध्ययन सामग्री

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। गणित एक ऐसा विषय है जिसमें नियमित अभ्यास, सूत्रों की स्पष्टता और चरणबद्ध (Step-by-step) हल के माध्यम से 100 में से 100 अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को सुगम और प्रभावी बनाने के लिए यहाँ कक्षा 12वीं गणित की अद्यतन अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, फॉर्मूला शीट, महत्वपूर्ण प्रमेय एवं परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कक्षा 12वीं गणित (Maths)

सरल नोट्स, सूत्र एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27

पूर्णांक — 80 | समय — 3:00 घंटे

प्रश्न-पत्र संरचना

प्रश्नप्रकारप्रश्नों की संख्याअंक
1सही विकल्प0606
2रिक्त स्थान0606
3सत्य/असत्य0606
4सही जोड़ी0707
5एक वाक्य में उत्तर0707
6–15लघु उत्तरीय1020
16–19मध्यम उत्तरीय0412
20–23दीर्घ उत्तरीय0416
कुल80
गणित में अंक बढ़ाने की रणनीति: सूत्र याद करने के साथ-साथ प्रत्येक प्रकार के प्रश्न का अभ्यास करें। उत्तर में आवश्यक steps, formula, simplification और final answer अवश्य लिखें।

अध्याय 1 — संबंध एवं फलन

1. संबंध

दो समुच्चयों A और B के बीच संबंध A×B के किसी उपसमुच्चय को कहते हैं।

2. संबंधों के प्रकार

  • स्वतुल्य (Reflexive)
  • सममित (Symmetric)
  • संक्रामक (Transitive)
  • तुल्यता संबंध (Equivalence relation)

3. फलन

A से B में फलन ऐसा संबंध है जिसमें A के प्रत्येक अवयव की B में ठीक एक प्रतिच्छवि हो।

4. फलनों के प्रकार

  • एकैकी (One-One)
  • आच्छादक (Onto)
  • द्वैकी (Bijective)
  • बहु-एकैकी

5. संयोजन फलन

(f∘g)(x) = f(g(x))

6. व्युत्क्रमणीय फलन

यदि कोई फलन one-one और onto है, तो वह bijective होता है और उसका inverse अस्तित्व रखता है।

f⁻¹(f(x)) = x

7. महत्वपूर्ण बिंदु

  • केवल one-one फलन का सामान्य inverse अस्तित्व नहीं रखता; inverse के लिए bijective mapping आवश्यक है।
  • सामान्यतः f⁻¹ का domain, f के range के बराबर होता है।

2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. फलन क्या है?
A से B में ऐसा संबंध जिसमें A के प्रत्येक अवयव की B में ठीक एक प्रतिच्छवि हो, फलन कहलाता है।
प्रश्न 2. one-one फलन क्या है?
यदि A के भिन्न अवयवों की प्रतिच्छवियाँ भी भिन्न हों, अर्थात् f(a₁)=f(a₂) से a₁=a₂ प्राप्त हो, तो फलन one-one कहलाता है।
प्रश्न 3. composite function क्या है?
(f∘g)(x)=f(g(x)) को composite function कहते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. one-one और onto फलन में अंतर बताइए।
one-one फलन में अलग-अलग domain elements की images अलग होती हैं। Onto फलन में codomain का प्रत्येक element कम-से-कम एक pre-image रखता है। जो फलन दोनों गुण रखता है वह bijective होता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. किसी फलन के व्युत्क्रम के अस्तित्व की शर्त समझाइए।
फलन का inverse तभी एक फलन के रूप में परिभाषित होता है जब मूल फलन bijective हो। यदि फलन one-one नहीं है तो दो अलग domain elements की image समान हो सकती है, जिससे inverse अस्पष्ट हो जाता है। यदि फलन onto नहीं है तो codomain के कुछ तत्वों का कोई pre-image नहीं होगा। इसलिए one-one तथा onto दोनों शर्तें आवश्यक हैं।
प्रश्न. यदि f(x)=2x+3 है, तो f⁻¹(x) ज्ञात कीजिए।
y=2x+3
y−3=2x
x=(y−3)/2
अतः f⁻¹(x)=(x−3)/2
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अध्याय 2 — प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन

1. मूल अवधारणा

यदि y = sin x है तो x = sin⁻¹ y प्रतिलोम फलन कहलाता है, जब domain और range को उपयुक्त principal values तक सीमित किया गया हो।

2. प्रमुख प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन

  • sin⁻¹x
  • cos⁻¹x
  • tan⁻¹x
  • cot⁻¹x
  • sec⁻¹x
  • cosec⁻¹x

3. प्रमुख सूत्र

sin⁻¹x + cos⁻¹x = π/2
tan⁻¹x + cot⁻¹x = π/2
sin⁻¹x = tan⁻¹[x/√(1−x²)] , |x|<1

4. महत्वपूर्ण सूत्र

tan⁻¹x + tan⁻¹y = tan⁻¹[(x+y)/(1−xy)]

उपयुक्त domain और principal value की शर्तों के साथ इसका प्रयोग किया जाता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. sin⁻¹x का principal range क्या है?
[−π/2, π/2]
प्रश्न 2. cos⁻¹x का principal range क्या है?
[0, π]

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. सिद्ध कीजिए कि sin⁻¹x + cos⁻¹x = π/2.
मान लें θ = sin⁻¹x। तब x = sinθ। अतः cos⁻¹x = π/2 − θ। इसलिए sin⁻¹x + cos⁻¹x = θ + (π/2−θ) = π/2

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. सिद्ध कीजिए कि tan⁻¹x + tan⁻¹y = tan⁻¹[(x+y)/(1−xy)] उपयुक्त शर्तों के अंतर्गत।
मान लें tan⁻¹x = A तथा tan⁻¹y = B। तब tanA=x और tanB=y। अतः tan(A+B) = (x+y)/(1−xy)। इसलिए A+B का प्रतिलोम स्पर्शज्या रूप tan⁻¹[(x+y)/(1−xy)] होगा, बशर्ते principal value की शर्तें संतुष्ट हों।
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अध्याय 3 — आव्यूह

1. आव्यूह

संख्याओं या राशियों को पंक्तियों और स्तंभों के रूप में व्यवस्थित करने पर प्राप्त आयताकार सारणी को आव्यूह कहते हैं।

2. आव्यूहों के प्रकार

  • पंक्ति आव्यूह
  • स्तंभ आव्यूह
  • वर्ग आव्यूह
  • शून्य आव्यूह
  • एकक आव्यूह
  • विकर्ण आव्यूह
  • सममित आव्यूह
  • विषम सममित आव्यूह

3. आव्यूहों की समानता

दो आव्यूहों की समानता के लिए उनके क्रम समान और संगत अवयव समान होने चाहिए।

4. आव्यूहों पर संक्रियाएँ

  • जोड़
  • घटाव
  • गुणन
  • स्केलर गुणन

5. परिवर्त (Transpose)

आव्यूह की पंक्तियों को स्तंभों और स्तंभों को पंक्तियों में बदलने से transpose मिलता है।

(Aᵀ)ᵀ = A

6. सममित आव्यूह

Aᵀ = A

7. विषम सममित आव्यूह

Aᵀ = −A

8. व्युत्क्रमणीय आव्यूह

यदि AB=BA=I हो तो B, A का inverse है।

A⁻¹ = adj(A)/|A|

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. सममित आव्यूह क्या है?
वह वर्ग आव्यूह जिसके लिए Aᵀ = A हो, सममित आव्यूह कहलाता है।
प्रश्न 2. आव्यूह का transpose क्या है?
पंक्तियों को स्तंभों तथा स्तंभों को पंक्तियों में बदलने से प्राप्त आव्यूह transpose कहलाता है।
प्रश्न 3. आव्यूह A का inverse कब अस्तित्व रखता है?
वर्ग आव्यूह A का inverse तभी अस्तित्व रखता है जब |A| ≠ 0 हो।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. सिद्ध कीजिए कि (AB)ᵀ = BᵀAᵀ.
मान लें A और B संगत क्रम के आव्यूह हैं। गुणनफल AB के अवयवों को transpose करने पर पंक्ति-स्तंभ परिवर्तन के कारण क्रम उलट जाता है। अतः (AB)ᵀ = BᵀAᵀ

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. 2×2 आव्यूह का inverse ज्ञात करने का सूत्र लिखिए और समझाइए।
यदि A = [[a,b],[c,d]] हो, तो |A| = ad−bc। यदि ad−bc ≠ 0, तब A⁻¹ = 1/(ad−bc) [[d,−b],[−c,a]]। यहाँ सहखंडज आव्यूह के बाद उसका adjoint लेकर determinant से भाग किया जाता है।
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अध्याय 4 — सारणिक

1. सारणिक

वर्ग आव्यूह से संबंधित एक संख्यात्मक राशि को determinant कहते हैं।

2. 2×2 सारणिक

|a b; c d| = ad − bc

3. उपसारणिक

किसी अवयव के लिए उसकी पंक्ति और स्तंभ हटाकर प्राप्त determinant को minor कहते हैं।

4. सहखंड

Cᵢⱼ = (−1)ⁱ⁺ʲ Mᵢⱼ

5. त्रिभुज का क्षेत्रफल

Area = 1/2 |x₁(y₂−y₃)+x₂(y₃−y₁)+x₃(y₁−y₂)|

6. adjoint

सहखंडज आव्यूह का transpose adjoint कहलाता है।

A⁻¹ = adj(A)/|A|

7. सारणिकों के प्रमुख गुण

  • दो पंक्तियाँ/स्तंभ समान हों तो determinant शून्य।
  • दो पंक्तियों को बदलने पर determinant का चिन्ह बदलता है।
  • एक पंक्ति के सभी अवयवों को k से गुणा करने पर determinant भी k गुना होता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. 2×2 determinant का सूत्र लिखिए।
यदि determinant |a b; c d| है, तो उसका मान ad−bc होगा।
प्रश्न 2. यदि determinant की दो पंक्तियाँ समान हों तो उसका मान क्या होगा?
शून्य

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. किसी त्रिभुज के शीर्ष (1,2), (3,4), (5,0) हैं। क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Area = 1/2 |1(4−0)+3(0−2)+5(2−4)|
= 1/2 |4−6−10|
= 6 वर्ग इकाई

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. सारणिक की सहायता से रैखिक समीकरणों के हल की अवधारणा समझाइए।
यदि रैखिक समीकरणों के गुणांक से determinant D प्राप्त हो और D ≠ 0 हो, तो प्रणाली का अद्वितीय हल होता है। Cramer के नियम द्वारा प्रत्येक अज्ञात के लिए संबंधित determinant को D से भाग देकर मान निकाला जाता है। यदि D=0 हो तो हल की स्थिति अलग से जाँची जाती है।
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अध्याय 5 — सांतत्य तथा अवकलनीयता

1. सांतत्य

फलन f(x), x=a पर सतत है यदि:

lim(x→a) f(x) = f(a)

2. अवकलनीयता

यदि किसी बिंदु पर derivative अस्तित्व रखता है तो फलन उस बिंदु पर differentiable कहलाता है।

f'(x) = lim(h→0)[f(x+h)−f(x)]/h

3. सांतत्य और अवकलनीयता

यदि फलन किसी बिंदु पर differentiable है तो वह वहाँ continuous अवश्य होगा। लेकिन continuous होना differentiability सुनिश्चित नहीं करता।

4. महत्वपूर्ण अवकलज

d/dx(xⁿ)=nxⁿ⁻¹
d/dx(sin x)=cos x
d/dx(cos x)=−sin x
d/dx(eˣ)=eˣ
d/dx(log x)=1/x
d/dx(aˣ)=aˣlog a

5. लघुगणकीय अवकलन

जब फलन घातों और गुणनों के जटिल रूप में हो तो दोनों पक्षों का logarithm लेकर derivative निकालना सुविधाजनक होता है।

6. प्राचलिक रूप

यदि x=f(t), y=g(t), तो

dy/dx = (dy/dt)/(dx/dt)

7. द्वितीय अवकलज

d²y/dx² = d/dx(dy/dx)

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. सांतत्य की शर्त लिखिए।
f(x), x=a पर सतत है यदि lim x→a f(x)=f(a) और बाएँ तथा दाएँ सीमा समान हों।
प्रश्न 2. अवकलनीय फलन क्या है?
जिस फलन का derivative किसी बिंदु पर अस्तित्व रखता हो, वह उस बिंदु पर अवकलनीय कहलाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. सिद्ध कीजिए कि differentiability implies continuity.
यदि f'(a) अस्तित्व रखता है, तो f(a+h)−f(a) = h·[(f(a+h)−f(a))/h]। h→0 पर derivative सीमित है और h का गुणनफल 0 की ओर जाता है। अतः f(a+h)→f(a), इसलिए फलन x=a पर continuous है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. y=xˣ का logarithmic differentiation द्वारा अवकलज ज्ञात कीजिए।
y=xˣ
log y = x log x
अवकलन करने पर: (1/y)dy/dx = log x + 1
अतः dy/dx = y(log x+1)
अर्थात् dy/dx = xˣ(log x+1)
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अध्याय 6 — अवकलज के अनुप्रयोग

1. परिवर्तन की दर

किसी राशि के दूसरे राशि के सापेक्ष परिवर्तन की दर derivative द्वारा व्यक्त की जाती है।

2. वर्धमान फलन

यदि किसी अंतराल में x₁<x₂ होने पर f(x₁)<f(x₂), तो फलन increasing है। सामान्यतः f'(x)>0 होने पर फलन बढ़ता है।

3. ह्रासमान फलन

यदि x बढ़ने पर f(x) घटता है। सामान्यतः f'(x)<0 होने पर फलन घटता है।

4. अधिकतम एवं न्यूनतम

जहाँ f'(x)=0 या derivative अस्तित्व न रखे, वे critical points हो सकते हैं।

5. प्रथम derivative test

  • + से − : local maximum
  • − से + : local minimum

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. critical point क्या है?
वह बिंदु जहाँ f'(x)=0 या f'(x) अस्तित्व नहीं रखता, critical point कहलाता है।
प्रश्न 2. increasing function की एक शर्त बताइए।
यदि किसी अंतराल में f'(x)>0 हो, तो फलन उस अंतराल में increasing होता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. f(x)=x²−4x+3 के critical point और प्रकृति ज्ञात कीजिए।
f'(x)=2x−4।
f'(x)=0 ⇒ x=2।
f''(x)=2>0, इसलिए x=2 पर local minimum होगा।
f(2)=4−8+3=−1।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रथम derivative test से स्थानीय अधिकतम एवं न्यूनतम समझाइए।
पहले f'(x)=0 से critical points ज्ञात करते हैं। यदि critical point के बाएँ f'(x) धनात्मक तथा दाएँ ऋणात्मक हो तो function बढ़ने से घटने की ओर जाता है, अतः local maximum होता है। यदि बाएँ f'(x) ऋणात्मक और दाएँ धनात्मक हो तो function घटने से बढ़ने की ओर जाता है, अतः local minimum होता है।
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अध्याय 7 — समाकलन

1. समाकलन

अवकलन की प्रतिलोम प्रक्रिया को समाकलन कहते हैं।

∫f(x)dx = F(x)+C

2. मानक समाकलन

∫xⁿdx = xⁿ⁺¹/(n+1)+C, n≠−1
∫dx/x = log|x|+C
∫eˣdx = eˣ+C
∫sin x dx = −cos x+C
∫cos x dx = sin x+C
∫sec²x dx = tan x+C

3. प्रतिस्थापन विधि

जटिल फलन के भीतर उपस्थित किसी भाग को नई चर राशि मानकर समाकलन सरल किया जाता है।

4. खंडशः समाकलन

∫u dv = uv − ∫v du

5. निश्चित समाकलन

∫ₐᵇ f(x)dx = F(b)−F(a)

6. कलन की आधारभूत प्रमेय

यदि F'(x)=f(x), तो a से b तक f(x) का निश्चित समाकलन F(b)−F(a) के बराबर है।

7. महत्वपूर्ण गुणधर्म

∫ₐᵇ f(x)dx = −∫ᵇₐ f(x)dx
∫ₐᵃ f(x)dx = 0
∫ₐᵇ f(x)dx = ∫ₐᵇ f(a+b−x)dx

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. समाकलन क्या है?
अवकलन की प्रतिलोम प्रक्रिया समाकलन कहलाती है। अनिश्चित समाकलन में integration constant C जोड़ा जाता है।
प्रश्न 2. खंडशः समाकलन का सूत्र लिखिए।
∫u dv = uv−∫v du

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. ∫x eˣ dx का मान ज्ञात कीजिए।
u=x, dv=eˣdx
du=dx, v=eˣ
∫xeˣdx = xeˣ−∫eˣdx
= eˣ(x−1)+C

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रतिस्थापन विधि से ∫2x/(x²+1) dx ज्ञात कीजिए।
मान लें t=x²+1। तब dt=2x dx।
अतः ∫2x/(x²+1)dx = ∫dt/t = log|t|+C
अतः उत्तर = log(x²+1)+C
प्रश्न. ∫₀¹(2x+1)dx का मान ज्ञात कीजिए।
∫₀¹(2x+1)dx = [x²+x]₀¹ = 1+1 = 2
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अध्याय 8 — समाकलनों के अनुप्रयोग

1. क्षेत्रफल

वक्र के नीचे या दो वक्रों के बीच क्षेत्रफल निकालने के लिए definite integration का उपयोग किया जाता है।

Area = ∫ₐᵇ [upper curve − lower curve] dx

2. x-अक्ष के साथ क्षेत्रफल

यदि f(x) ≥ 0 है तो x=a से x=b तक क्षेत्रफल ∫ₐᵇf(x)dx होगा।

3. दो वक्रों के मध्य क्षेत्रफल

ऊपरी वक्र और निचले वक्र के बीच का अंतर लेकर integration किया जाता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. समाकलन की सहायता से क्षेत्रफल कैसे ज्ञात करते हैं?
क्षेत्रफल को छोटे-छोटे आयतों के अनंत योग के रूप में लिया जाता है और निश्चित समाकलन द्वारा उसका मान ज्ञात किया जाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. y=x और x-अक्ष के बीच x=0 से x=2 तक क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Area = ∫₀²x dx = [x²/2]₀² = 2 वर्ग इकाई

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. y=x² और y=x के बीच का क्षेत्रफल ज्ञात करने की विधि समझाइए।
पहले intersection बिंदु ज्ञात करें: x²=x ⇒ x(x−1)=0 ⇒ x=0,1।
0≤x≤1 के लिए ऊपर का वक्र y=x और नीचे y=x² है।
Area = ∫₀¹(x−x²)dx
= [x²/2−x³/3]₀¹
= 1/2−1/3 = 1/6 वर्ग इकाई
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अध्याय 9 — अवकल समीकरण

1. अवकल समीकरण

ऐसा समीकरण जिसमें dependent और independent variables तथा उनके derivatives शामिल हों, differential equation कहलाता है।

2. क्रम

समीकरण में उपस्थित उच्चतम derivative का order उसका क्रम कहलाता है।

3. घात

समीकरण को derivatives के संबंध में polynomial रूप में लिखने पर highest order derivative की highest power उसका degree कहलाती है।

4. सामान्य और विशिष्ट हल

मनमाने constants वाला समाधान general solution कहलाता है। constants के विशेष मान देने पर particular solution मिलता है।

5. variables separable method

dy/dx = f(x)g(y)

चर अलग करके दोनों पक्षों का integration किया जाता है।

6. प्रथम कोटि एवं प्रथम घात

dy/dx + Py = Q

यदि P और Q x के फलन हैं तो यह first-order linear differential equation है।

I.F. = e^(∫Pdx)

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. अवकल समीकरण क्या है?
वह समीकरण जिसमें dependent और independent variables तथा उनके अवकलज शामिल हों, अवकल समीकरण कहलाता है।
प्रश्न 2. प्रथम कोटि रैखिक अवकल समीकरण का मानक रूप लिखिए।
dy/dx + Py = Q

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. dy/dx = 2x को हल कीजिए।
dy = 2x dx
∫dy = ∫2x dx
अतः y = x²+C

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. dy/dx + y = eˣ को I.F. विधि से हल कीजिए।
यहाँ P=1, Q=eˣ।
I.F.=e^(∫1dx)=eˣ।
समाकलित रूप: y·eˣ = ∫eˣ·eˣ dx = ∫e²ˣdx = (1/2)e²ˣ+C।
अतः y = (1/2)eˣ + Ce⁻ˣ
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अध्याय 10 — सदिश बीजगणित

1. सदिश

जिस राशि में परिमाण और दिशा दोनों हों, वह vector कहलाती है।

2. सदिशों के प्रकार

  • शून्य सदिश
  • इकाई सदिश
  • समांतर सदिश
  • विपरीत सदिश
  • समान सदिश

3. सदिश का घटक रूप

a = a₁i + a₂j + a₃k

4. परिमाण

|a| = √(a₁²+a₂²+a₃²)

5. अदिश गुणन

किसी scalar λ से vector a का गुणन λa होता है।

6. अदिश गुणनफल

a·b = |a||b|cosθ

7. सदिश गुणनफल

a×b = |a||b|sinθ n̂

8. महत्वपूर्ण परिणाम

a·b = 0 ⇒ a ⟂ b
a×b = 0 ⇒ a ∥ b

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. सदिश राशि क्या है?
जिस भौतिक राशि का परिमाण और दिशा दोनों हों, वह सदिश राशि कहलाती है।
प्रश्न 2. दो सदिशों के dot product का सूत्र लिखिए।
a·b = |a||b|cosθ

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. यदि a=2i+3j और b=i−j हों, तो a·b ज्ञात कीजिए।
a·b = 2(1)+3(−1)=2−3=−1

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. vector product की ज्यामितीय व्याख्या कीजिए।
दो सदिशों a और b का cross product एक ऐसा सदिश है जिसकी दिशा दोनों सदिशों के तल के लंबवत होती है और दाहिने हाथ के नियम से निर्धारित की जाती है। इसका परिमाण |a×b|=|a||b|sinθ होता है। इसका उपयोग parallelogram के क्षेत्रफल और torque जैसी राशियों में होता है।
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अध्याय 11 — त्रि-विमीय ज्यामिति

1. दिक्-कोसाइन

रेखा x, y और z अक्षों के साथ जो कोण α, β, γ बनाती है, उनके cosines को direction cosines कहते हैं।

l²+m²+n²=1

2. दिक्-अनुपात

रेखा की दिशा को दर्शाने वाले अनुपाती संख्याओं को direction ratios कहते हैं।

3. रेखा का समीकरण

(x−x₁)/l = (y−y₁)/m = (z−z₁)/n

4. दो रेखाओं के बीच कोण

cosθ = (l₁l₂+m₁m₂+n₁n₂)/(√(l₁²+m₁²+n₁²)√(l₂²+m₂²+n₂²))

5. न्यूनतम दूरी

दो skew lines के बीच shortest distance vector तथा scalar triple product की सहायता से ज्ञात की जा सकती है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. direction cosines क्या हैं?
रेखा द्वारा x, y, z अक्षों के साथ बनाए गए कोणों के cosines उसके direction cosines कहलाते हैं।
प्रश्न 2. direction cosines के बीच संबंध लिखिए।
l²+m²+n²=1

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. रेखा के direction ratios 2,3,6 हैं। उसके direction cosines ज्ञात कीजिए।
√(2²+3²+6²)=√49=7।
अतः direction cosines = 2/7, 3/7, 6/7

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. दो रेखाओं के बीच कोण ज्ञात करने की विधि समझाइए।
पहले दोनों रेखाओं के direction ratios प्राप्त करें। यदि वे (l₁,m₁,n₁) और (l₂,m₂,n₂) हैं, तो इनके बीच कोण θ के लिए ऊपर दिया गया cosine सूत्र प्रयोग करते हैं। यदि numerator शून्य हो तो दोनों रेखाएँ परस्पर लंबवत होंगी।
प्रश्न. direction ratios (1,2,−2) और (2,−1,0) वाली दो रेखाओं के बीच कोण ज्ञात कीजिए।
cosθ = (1×2 + 2×(−1) + (−2)×0)/(√9×√5) = (2−2)/√45 = 0।
अतः θ = 90°
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अध्याय 12 — रैखिक प्रोग्रामन

1. रैखिक प्रोग्रामन समस्या

सीमित संसाधनों के अंतर्गत किसी उद्देश्य फलन को अधिकतम या न्यूनतम करने की समस्या linear programming problem कहलाती है।

2. प्रमुख घटक

  • Objective function
  • Constraints
  • Non-negative restrictions
  • Feasible region

3. उद्देश्य फलन

Z = ax + by

4. बाधाएँ

व्यावहारिक शर्तों को linear inequalities के रूप में लिखा जाता है।

5. आलेखीय विधि

  1. सभी constraints का graph बनाइए।
  2. साझा shaded region ज्ञात कीजिए।
  3. feasible region निर्धारित कीजिए।
  4. corner points प्राप्त करें।
  5. हर corner point पर Z का मान ज्ञात करें।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. Linear programming problem क्या है?
ऐसी optimization समस्या जिसमें objective function तथा constraints linear हों, linear programming problem कहलाती है।
प्रश्न 2. feasible region क्या है?
सभी constraints को संतुष्ट करने वाले बिंदुओं का साझा क्षेत्र feasible region कहलाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. LPP को हल करने की graphical विधि लिखिए।
पहले inequalities की सीमारेखाएँ graph पर बनाते हैं। फिर प्रत्येक inequality के अनुकूल क्षेत्र को चिह्नित करते हैं। सभी क्षेत्रों का common region feasible region कहलाता है। इसके corner points पर objective function का मान निकालकर optimum value तय की जाती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. Z=3x+2y को constraints x≥0, y≥0, x+y≤4, x≤2 के साथ graphical method से अधिकतम करने की विधि समझाइए।
क्षेत्र की सीमाएँ x=0, y=0, x+y=4 तथा x=2 हैं। feasible region के corner points होंगे (0,0), (2,0), (2,2) और (0,4)।
Z(0,0)=0
Z(2,0)=6
Z(2,2)=10
Z(0,4)=8
अतः maximum value 10 है और यह बिंदु (2,2) पर प्राप्त होती है।
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अध्याय 13 — प्रायिकता

1. सप्रतिबंध प्रायिकता

P(A|B)=P(A∩B)/P(B), P(B)≠0

2. प्रायिकता का गुणन नियम

P(A∩B)=P(A)P(B|A)

3. स्वतंत्र घटनाएँ

यदि एक घटना का होना दूसरी घटना की प्रायिकता को प्रभावित न करे, तो दोनों घटनाएँ स्वतंत्र कहलाती हैं।

P(A∩B)=P(A)P(B)

4. कुल प्रायिकता प्रमेय

यदि B₁,B₂,...,Bₙ परस्पर अपवर्जी एवं exhaustively exhaustive events हैं, तो

P(A)=ΣP(Bᵢ)P(A|Bᵢ)

5. बेज़ प्रमेय

P(Bᵢ|A)= [P(Bᵢ)P(A|Bᵢ)] / ΣP(Bⱼ)P(A|Bⱼ)

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. conditional probability क्या है?
घटना B के घटित होने की शर्त पर घटना A के घटित होने की प्रायिकता को conditional probability कहते हैं। P(A|B)=P(A∩B)/P(B)
प्रश्न 2. स्वतंत्र घटनाएँ क्या हैं?
यदि P(A∩B)=P(A)P(B), तो A और B स्वतंत्र घटनाएँ कहलाती हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. यदि P(A)=1/2, P(B)=1/3 और A तथा B स्वतंत्र हैं, तो P(A∩B) ज्ञात कीजिए।
P(A∩B)=P(A)P(B)=1/2×1/3=1/6

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. बेज़ प्रमेय को समझाइए।
बेज़ प्रमेय किसी घटना A के घटित हो जाने के बाद उसके संभावित कारण Bᵢ की conditional probability ज्ञात करने में सहायता करता है। यदि B₁,B₂,... विभिन्न संभावित कारण हैं, तो P(Bᵢ|A) = P(Bᵢ)P(A|Bᵢ) / ΣP(Bⱼ)P(A|Bⱼ)। इसका उपयोग चिकित्सा परीक्षण, वर्गीकरण, decision making तथा diagnosis जैसी परिस्थितियों में किया जाता है।
प्रश्न. एक थैले में 3 लाल और 2 नीली गेंदें हैं। एक गेंद निकाली जाती है। लाल गेंद की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
कुल गेंदें = 5। लाल गेंदें = 3।
P(लाल)=3/5=0.6
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कक्षा 12वीं गणित — सबसे महत्वपूर्ण सूत्र

अध्यायमहत्वपूर्ण सूत्र
संबंध एवं फलन(f∘g)(x)=f(g(x))
प्रतिलोम त्रिकोणमितिsin⁻¹x+cos⁻¹x=π/2
प्रतिलोम त्रिकोणमितिtan⁻¹x+cot⁻¹x=π/2
आव्यूहA⁻¹=adj(A)/|A|
सारणिक|a b;c d|=ad−bc
अवकलनd/dx(xⁿ)=nxⁿ⁻¹
अवकलनd/dx(eˣ)=eˣ
अवकलनd/dx(logx)=1/x
प्राचलिक अवकलनdy/dx=(dy/dt)/(dx/dt)
अधिकतम/न्यूनतमf'(x)=0
समाकलन∫xⁿdx=xⁿ⁺¹/(n+1)+C
समाकलन∫u dv=uv−∫vdu
निश्चित समाकलन∫ₐᵇf(x)dx=F(b)−F(a)
क्षेत्रफलArea=∫(upper−lower)dx
अवकल समीकरणdy/dx+Py=Q
Linear DEI.F.=e^(∫Pdx)
सदिश|a|=√(a₁²+a₂²+a₃²)
Dot producta·b=|a||b|cosθ
Cross producta×b=|a||b|sinθ n̂
3-D geometryl²+m²+n²=1
3-D geometrycosθ=(l₁l₂+m₁m₂+n₁n₂)/(√(...)√(...))
LPPZ=ax+by
Conditional probabilityP(A|B)=P(A∩B)/P(B)
Independent eventsP(A∩B)=P(A)P(B)
Bayes theoremP(Bᵢ|A)=P(Bᵢ)P(A|Bᵢ)/ΣP(Bⱼ)P(A|Bⱼ)

अत्यंत महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न — उत्तर सहित

सही विकल्प

  1. यदि f एक-एक तथा onto है तो f कहलाता है— Bijective
  2. (f∘g)(x) का अर्थ है— f(g(x))
  3. sin⁻¹x का range है— [−π/2,π/2]
  4. सममित आव्यूह के लिए— Aᵀ=A
  5. यदि |A|=0, तो A का inverse— अस्तित्व नहीं रखता
  6. ∫x dx का मान है— x²/2+C
  7. यदि f'(x)>0 है तो फलन सामान्यतः— वर्धमान
  8. ∫ₐᵃf(x)dx = 0
  9. यदि a·b=0 तो दोनों सदिश— लंबवत
  10. यदि a×b=0 तो दोनों सदिश— समांतर
  11. l²+m²+n² का मान— 1
  12. स्वतंत्र घटनाओं के लिए P(A∩B)= P(A)P(B)
  13. Bayes theorem conditional probability से संबंधित है।

रिक्त स्थान — उत्तर सहित

  1. Bijective function का inverse ________ होता है। — अस्तित्व रखता
  2. sin⁻¹x + cos⁻¹x = ________। — π/2
  3. सममित आव्यूह में Aᵀ = ________। — A
  4. 2×2 determinant |a b;c d| = ________। — ad−bc
  5. d/dx(xⁿ)= ________। — nxⁿ⁻¹
  6. ∫1/x dx = ________। — log|x|+C
  7. प्रथम कोटि linear DE का I.F. ________ है। — e^(∫Pdx)
  8. दो सदिशों का dot product ________ हो तो सदिश लंबवत होते हैं। — 0
  9. direction cosines के लिए l²+m²+n²= ________। — 1
  10. conditional probability P(A|B)= ________। — P(A∩B)/P(B)

सत्य / असत्य — उत्तर सहित

  1. हर relation एक function होता है। — असत्य
  2. Bijective function का inverse होता है। — सत्य
  3. हर differentiable function continuous होता है। — सत्य
  4. हर continuous function differentiable होता है। — असत्य
  5. यदि determinant zero है तो inverse अस्तित्व रखता है। — असत्य
  6. ∫ₐᵃf(x)dx=0। — सत्य
  7. यदि a·b=0 तो a,b हमेशा बराबर होते हैं। — असत्य
  8. यदि a×b=0 तो non-zero vectors parallel हो सकते हैं। — सत्य
  9. लॉजिस्टिक प्रोग्रामिंग और linear programming एक ही हैं। — असत्य
  10. Bayes theorem conditional probability पर आधारित है। — सत्य

सही जोड़ी — उत्तर सहित

कॉलम Aकॉलम B
1. f∘gf(g(x))
2. Aᵀ=Aसममित आव्यूह
3. ad−bc2×2 determinant
4. 0दो लंबवत सदिशों का dot product
5. e^(∫Pdx)Linear DE का I.F.
6. P(A∩B)/P(B)Conditional probability
7. p²+2pq+q²H-W type probability identity

एक वाक्य में उत्तर

  1. फलन क्या है? — ऐसा संबंध जिसमें domain के प्रत्येक तत्व की exactly one image हो।
  2. Bijective function क्या है? — जो one-one तथा onto दोनों हो।
  3. सममित आव्यूह क्या है? — Aᵀ=A वाला आव्यूह।
  4. Determinant क्या है? — वर्ग आव्यूह से संबद्ध एक संख्यात्मक राशि।
  5. सांतत्य की शर्त क्या है? — lim x→a f(x)=f(a)।
  6. अवकलज क्या है? — परिवर्तन की तात्कालिक दर।
  7. समाकलन क्या है? — अवकलन की प्रतिलोम प्रक्रिया।
  8. अवकल समीकरण क्या है? — चर और उनके derivatives वाला समीकरण।
  9. सदिश क्या है? — परिमाण और दिशा वाली राशि।
  10. direction cosine की शर्त क्या है? — l²+m²+n²=1।
  11. feasible region क्या है? — सभी constraints को संतुष्ट करने वाले बिंदुओं का क्षेत्र।
  12. conditional probability क्या है? — एक घटना के घटित होने की शर्त पर दूसरी घटना की प्रायिकता।

अतिरिक्त महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. f(x)=x²+1 और g(x)=2x−3 के लिए (f∘g)(2) ज्ञात कीजिए।
g(2)=4−3=1।
f(1)=1²+1=2।
अतः (f∘g)(2)=2
प्रश्न 2. A=[[2,1],[3,4]] का determinant ज्ञात कीजिए।
|A|=2×4−1×3=5
प्रश्न 3. ∫(3x²+2x)dx ज्ञात कीजिए।
= x³+x²+C
उत्तर: x³+x²+C
प्रश्न 4. ∫₀² 3x² dx का मान ज्ञात कीजिए।
= [x³]₀² = 8
प्रश्न 5. y=x²+3x के लिए x=1 पर dy/dx ज्ञात कीजिए।
dy/dx=2x+3।
x=1 पर = 2+3=5
प्रश्न 6. यदि a=2i+j−k और b=i−2j+3k, तो a·b ज्ञात कीजिए।
a·b=2(1)+1(−2)+(−1)(3)=2−2−3=−3
प्रश्न 7. direction ratios 1,2,2 वाली रेखा के direction cosines ज्ञात कीजिए।
√(1+4+4)=3।
अतः 1/3, 2/3, 2/3
प्रश्न 8. एक सिक्का उछालने पर head आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
अनुकूल परिणाम=1, कुल परिणाम=2।
P(H)=1/2
प्रश्न 9. एक पासे पर सम संख्या आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
अनुकूल परिणाम 2,4,6 = 3।
P(E)=3/6=1/2
प्रश्न 10. Z=2x+3y के लिए (1,2) बिंदु पर objective function का मान ज्ञात कीजिए।
Z=2(1)+3(2)=2+6=8

कक्षा 12वीं गणित — 60 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न एवं सभी उत्तर

प्रश्न 1. संबंध की परिभाषा दीजिए।
दो समुच्चयों A और B के कार्तीय गुणनफल A×B के किसी उपसमुच्चय को A से B में संबंध कहते हैं। यदि R ⊆ A×B हो, तो R एक संबंध है।

उदाहरण: यदि A={1,2,3} तथा B={2,4}, तो R={(1,2),(2,4)} एक संबंध है।
प्रश्न 2. फलन और संबंध में अंतर बताइए।
संबंध: A×B का कोई भी उपसमुच्चय संबंध हो सकता है। इसमें A के किसी तत्व की B में एक या एक से अधिक प्रतिच्छवियाँ हो सकती हैं या कोई भी नहीं हो सकती।
फलन: ऐसा विशेष संबंध जिसमें domain के प्रत्येक तत्व की codomain में ठीक एक image हो।

अतः प्रत्येक फलन संबंध है, लेकिन प्रत्येक संबंध फलन नहीं होता।
प्रश्न 3. one-one और onto फलन समझाइए।
One-One फलन: यदि f(a)=f(b) से a=b प्राप्त हो, तो फलन one-one कहलाता है। अर्थात् अलग-अलग elements की images अलग होती हैं।

Onto फलन: यदि codomain का प्रत्येक element कम-से-कम एक pre-image रखता हो, तो फलन onto कहलाता है।

जो फलन one-one तथा onto दोनों हो, उसे bijective function कहते हैं।
प्रश्न 4. Composition of functions क्या है?
यदि f:A→B तथा g:B→C दो फलन हैं, तो g और f का संयोजन एक नया फलन बनाता है।

इसे (g∘f)(x)=g(f(x)) लिखा जाता है।
इसी प्रकार (f∘g)(x)=f(g(x))।

सामान्यतः f∘g ≠ g∘f
प्रश्न 5. Inverse function की शर्त क्या है?
किसी फलन का inverse तभी एक फलन के रूप में अस्तित्व रखता है जब मूल फलन bijective हो, अर्थात् वह one-one तथा onto दोनों हो।

यदि f:A→B bijective है, तो इसका inverse f⁻¹:B→A अस्तित्व रखता है और
f⁻¹(f(x))=x तथा f(f⁻¹(x))=x
प्रश्न 6. sin⁻¹x + cos⁻¹x का मान बताइए।
Principal values की सीमा को ध्यान में रखते हुए:

sin⁻¹x + cos⁻¹x = π/2

यह −1≤x≤1 के लिए सत्य है।
प्रश्न 7. tan⁻¹x + cot⁻¹x सिद्ध कीजिए।
मान लें tan⁻¹x=θ। तब tanθ=x।

हम जानते हैं कि
cot⁻¹x = π/2 − tan⁻¹x

अतः
tan⁻¹x + cot⁻¹x = π/2
प्रश्न 8. आव्यूह के प्रकार लिखिए।
आव्यूह के प्रमुख प्रकार निम्न हैं:
1. पंक्ति आव्यूह
2. स्तंभ आव्यूह
3. वर्ग आव्यूह
4. शून्य आव्यूह
5. विकर्ण आव्यूह
6. अदिश आव्यूह
7. एकक आव्यूह
8. ऊपरी त्रिकोणीय आव्यूह
9. निचला त्रिकोणीय आव्यूह
10. सममित आव्यूह
11. विषम सममित आव्यूह
प्रश्न 9. सममित और विषम सममित आव्यूह समझाइए।
यदि वर्ग आव्यूह A के लिए
Aᵀ=A
तो A सममित आव्यूह कहलाता है।

यदि
Aᵀ=−A
तो A विषम सममित आव्यूह कहलाता है।

विषम सममित आव्यूह के मुख्य विकर्ण के सभी अवयव शून्य होते हैं।
प्रश्न 10. आव्यूह का inverse ज्ञात कीजिए।
यदि
A = [[a,b],[c,d]]

तो
|A|=ad−bc

यदि |A|≠0, तब
A⁻¹ = 1/(ad−bc) [[d,−b],[-c,a]]

अर्थात्
A⁻¹ = adj(A)/|A|
प्रश्न 11. Determinant की परिभाषा दीजिए।
किसी वर्ग आव्यूह से संबद्ध एक निश्चित संख्यात्मक राशि को उस आव्यूह का सारणिक या determinant कहते हैं।

यदि A=[[a,b],[c,d]] तो
|A|=ad−bc

Determinant का उपयोग inverse, क्षेत्रफल तथा रैखिक समीकरणों के हल के लिए किया जाता है।
प्रश्न 12. Minor और Cofactor समझाइए।
किसी determinant के किसी अवयव aᵢⱼ की पंक्ति और स्तंभ को हटाकर प्राप्त determinant को उस अवयव का minor Mᵢⱼ कहते हैं।

उसका cofactor:
Cᵢⱼ=(−1)ⁱ⁺ʲMᵢⱼ

अर्थात् cofactor, minor के साथ (+) या (−) चिन्ह से संबंधित होता है।
प्रश्न 13. त्रिभुज का क्षेत्रफल determinant से निकालिए।
यदि त्रिभुज के शीर्ष (x₁,y₁), (x₂,y₂), (x₃,y₃) हैं, तो

Area = 1/2 |x₁(y₂−y₃)+x₂(y₃−y₁)+x₃(y₁−y₂)|

यदि क्षेत्रफल 0 आए, तो तीनों बिंदु collinear होंगे।
प्रश्न 14. Cramer Rule समझाइए।
दो चर वाले समीकरण
a₁x+b₁y=c₁
a₂x+b₂y=c₂

के लिए
D = |a₁ b₁; a₂ b₂|

और
Dₓ = |c₁ b₁; c₂ b₂|
Dᵧ = |a₁ c₁; a₂ c₂|

यदि D≠0, तो
x=Dₓ/D तथा y=Dᵧ/D
प्रश्न 15. सांतत्य की परिभाषा दीजिए।
फलन f(x), x=a पर सतत है यदि:

1. f(a) अस्तित्व रखता हो।
2. lim(x→a) f(x) अस्तित्व रखती हो।
3. lim(x→a) f(x)=f(a) हो।

अर्थात्
lim(x→a)f(x)=f(a)
प्रश्न 16. अवकलनीयता की परिभाषा दीजिए।
यदि
f'(a)=lim(h→0)[f(a+h)−f(a)]/h
अस्तित्व रखता है, तो f(x), x=a पर differentiable कहलाता है।

Differentiability से continuity अवश्य प्राप्त होती है।
प्रश्न 17. सिद्ध कीजिए differentiability implies continuity.
यदि f'(a) अस्तित्व रखता है, तो

[f(a+h)−f(a)] = h × [(f(a+h)−f(a))/h]

अब h→0 करने पर derivative का मान सीमित रहता है जबकि h→0। अतः
f(a+h)−f(a)→0
अर्थात्
f(a+h)→f(a)

इसलिए
lim(x→a)f(x)=f(a)
अतः फलन x=a पर continuous है।
प्रश्न 18. लघुगणकीय अवकलन समझाइए।
जब फलन घात, गुणन या भाग के जटिल रूप में हो, तब दोनों पक्षों का logarithm लेकर सरल रूप प्राप्त किया जाता है।

उदाहरण:
y=xˣ
log y=x logx
अब दोनों पक्षों का अवकलन:
(1/y)dy/dx=logx+1
अतः
dy/dx=xˣ(logx+1)
प्रश्न 19. Parametric differentiation समझाइए।
यदि x तथा y दोनों किसी तीसरे चर t के फलन हों:
x=f(t), y=g(t)

तो
dy/dx=(dy/dt)/(dx/dt)

जहाँ dx/dt≠0।
प्रश्न 20. Second derivative ज्ञात करने की विधि बताइए।
पहले प्रथम derivative ज्ञात करते हैं:
dy/dx

फिर प्राप्त derivative को x के सापेक्ष पुनः differentiate करते हैं:
d²y/dx²=d/dx(dy/dx)

Second derivative का उपयोग maxima-minima तथा curve की concavity के अध्ययन में किया जाता है।
प्रश्न 21. Increasing/Decreasing function समझाइए।
यदि किसी अंतराल में x बढ़ने पर f(x) भी बढ़ता है, तो फलन increasing कहलाता है। यदि उस अंतराल में सामान्यतः
f'(x)>0
तो फलन increasing होता है।

यदि
f'(x)<0 b="">
तो फलन decreasing होता है।
प्रश्न 22. Local maximum और minimum समझाइए।
यदि किसी बिंदु के आसपास f(a) का मान अपने आसपास के सभी मानों से अधिक हो, तो f(a) local maximum है।

यदि f(a) अपने आसपास के सभी मानों से कम हो, तो f(a) local minimum है।

प्रथम derivative test में:
+ से − ⇒ Maximum
− से + ⇒ Minimum
प्रश्न 23. समाकलन की मानक संकल्पनाएँ लिखिए।
समाकलन अवकलन की प्रतिलोम प्रक्रिया है।

मुख्य सूत्र:
∫xⁿdx=xⁿ⁺¹/(n+1)+C
∫1/x dx=log|x|+C
∫eˣdx=eˣ+C
∫sinx dx=−cosx+C
∫cosx dx=sinx+C
प्रश्न 24. Substitution method से integration कीजिए।
जटिल समाकलन में किसी अंदरूनी फलन को नया variable माना जाता है।

उदाहरण:
∫2x/(x²+1)dx
मान लें t=x²+1
dt=2x dx
अतः
∫dt/t=log|t|+C
इसलिए
उत्तर = log(x²+1)+C
प्रश्न 25. Integration by parts समझाइए।
जब दो फलनों के गुणनफल का integration हो, तब by-parts विधि उपयोगी होती है।

मुख्य सूत्र:
∫u dv=uv−∫v du

उदाहरण:
∫xeˣdx
u=x, dv=eˣdx
du=dx, v=eˣ
अतः
=xeˣ−eˣ+C
=eˣ(x−1)+C
प्रश्न 26. Definite integral के गुणधर्म लिखिए।
मुख्य गुणधर्म:

1. ∫ₐᵃf(x)dx=0
2. ∫ₐᵇf(x)dx=−∫ᵇₐf(x)dx
3. ∫ₐᵇ[f(x)+g(x)]dx=∫ₐᵇf(x)dx+∫ₐᵇg(x)dx
4. यदि c, a और b के बीच है तो
∫ₐᵇf(x)dx=∫ₐᶜf(x)dx+∫ᶜᵇf(x)dx
प्रश्न 27. Fundamental theorem of calculus समझाइए।
यदि F(x), f(x) का antiderivative है, अर्थात् F'(x)=f(x), तब

∫ₐᵇf(x)dx=F(b)−F(a)

इस प्रमेय से निश्चित समाकलन को सीधे antiderivative के माध्यम से हल किया जा सकता है।
प्रश्न 28. वक्र के नीचे क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
यदि y=f(x), x=a से x=b तक x-अक्ष के ऊपर स्थित है, तो क्षेत्रफल:

Area=∫ₐᵇf(x)dx

यदि curve x-अक्ष के नीचे हो तो क्षेत्रफल के लिए absolute value या उचित सीमाएँ उपयोग की जाती हैं।
प्रश्न 29. दो वक्रों के बीच क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
दो वक्रों के बीच क्षेत्रफल:

Area=∫ₐᵇ[Upper curve−Lower curve]dx

सबसे पहले दोनों curves के intersection points ज्ञात किए जाते हैं। फिर उपयुक्त अंतराल में ऊपरी और निचले curve की पहचान करके integration किया जाता है।

उदाहरण: y=x तथा y=x² के बीच x=0 से 1 तक:
Area=∫₀¹(x−x²)dx=1/6।
प्रश्न 30. अवकल समीकरण की परिभाषा और order लिखिए।
जिस समीकरण में independent variable, dependent variable तथा उनके derivatives उपस्थित हों, differential equation कहलाता है।

समीकरण में उपस्थित highest order derivative का order कहलाता है।

उदाहरण:
d²y/dx² + 3dy/dx + y=0
में order = 2
प्रश्न 31. General और Particular solution में अंतर बताइए।
General solution: इसमें arbitrary constants होते हैं और differential equation के सभी संभावित solutions को व्यक्त करता है।

Particular solution: प्रारंभिक या सीमा शर्तों से constants के विशेष मान ज्ञात कर जो विशिष्ट solution मिलता है, वह particular solution होता है।
प्रश्न 32. Variables separable differential equation हल कीजिए।
यदि
dy/dx=f(x)g(y)
तो variables अलग करते हैं:
dy/g(y)=f(x)dx

अब दोनों पक्षों का integration:
∫dy/g(y)=∫f(x)dx

उदाहरण:
dy/dx=2x
dy=2x dx
अतः
y=x²+C
प्रश्न 33. Linear differential equation का I.F. लिखिए।
प्रथम कोटि रैखिक अवकल समीकरण का मानक रूप:
dy/dx+Py=Q

इसका integrating factor:
I.F.=e^(∫Pdx)

और general solution:
y(I.F.)=∫Q(I.F.)dx+C
प्रश्न 34. सदिश की परिभाषा दीजिए।
जिस राशि का परिमाण और दिशा दोनों हों, उसे सदिश राशि कहते हैं।

उदाहरण: विस्थापन, वेग, बल।

सदिश को सामान्यतः
a=a₁i+a₂j+a₃k
रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
प्रश्न 35. Unit vector और Zero vector समझाइए।
Unit vector: जिसका परिमाण 1 हो, unit vector कहलाता है। किसी non-zero vector a की दिशा का unit vector:
â=a/|a|

Zero vector: जिसका परिमाण 0 हो, zero vector कहलाता है। इसकी दिशा निश्चित नहीं होती।
प्रश्न 36. Dot product का ज्यामितीय अर्थ समझाइए।
दो सदिशों a और b का scalar product:
a·b=|a||b|cosθ

यह एक scalar राशि देता है। यदि θ=0°, तो dot product अधिकतम। यदि θ=90°, तो dot product शून्य। यदि θ=180°, तो dot product ऋणात्मक होता है।
प्रश्न 37. Cross product समझाइए।
दो सदिशों a और b का vector product:
a×b=|a||b|sinθ n̂

जहाँ n̂ दोनों vectors के तल के लंबवत unit vector है। इसकी दिशा right hand thumb rule से ज्ञात होती है।

यदि θ=0° या 180°, तो cross product शून्य होगा।
प्रश्न 38. दो सदिशों की perpendicularity की शर्त लिखिए।
यदि दो सदिश a और b परस्पर लंबवत हैं, तो इनके बीच कोण 90° होगा।

क्योंकि cos90°=0,
a·b=0

अतः दो non-zero vectors के लिए perpendicularity की आवश्यक एवं पर्याप्त शर्त:
a·b=0
प्रश्न 39. Direction cosines क्या हैं?
किसी रेखा द्वारा x, y और z अक्षों के साथ बनाए गए कोण α, β तथा γ के cosines को क्रमशः direction cosines कहते हैं।

यदि
l=cosα, m=cosβ, n=cosγ
तो
l²+m²+n²=1
प्रश्न 40. Direction ratios क्या हैं?
ऐसी तीन संख्याएँ जो किसी रेखा की दिशा को निरूपित करती हैं, direction ratios कहलाती हैं।

यदि direction ratios a,b,c हैं, तो उनके अनुरूप direction cosines:
l=a/√(a²+b²+c²)
m=b/√(a²+b²+c²)
n=c/√(a²+b²+c²)
प्रश्न 41. 3-D में रेखा का समीकरण लिखिए।
यदि रेखा बिंदु (x₁,y₁,z₁) से गुजरती है और उसके direction ratios l,m,n हैं, तो:

(x−x₁)/l = (y−y₁)/m = (z−z₁)/n

यह रेखा का symmetric form है।
प्रश्न 42. दो रेखाओं के बीच कोण का सूत्र लिखिए।
यदि दो रेखाओं के direction ratios क्रमशः (l₁,m₁,n₁) तथा (l₂,m₂,n₂) हैं, तो:

cosθ = (l₁l₂+m₁m₂+n₁n₂) / [√(l₁²+m₁²+n₁²) × √(l₂²+m₂²+n₂²)]

यदि numerator 0 हो तो रेखाएँ परस्पर लंबवत होंगी।
प्रश्न 43. Skew lines की न्यूनतम दूरी की अवधारणा समझाइए।
त्रि-विमीय अंतरिक्ष में दो non-parallel और non-intersecting lines को skew lines कहते हैं। इनके बीच कई दूरी हो सकती हैं, लेकिन shortest distance वह लंबवत दूरी है जो दोनों रेखाओं को जोड़ती है।

Vector form में सामान्यतः:
Shortest distance = | (a₂−a₁)·(b₁×b₂) | / |b₁×b₂|

जहाँ a₁,a₂ रेखाओं के बिंदु vector तथा b₁,b₂ उनके direction vectors हैं।
प्रश्न 44. LPP क्या है?
Linear Programming Problem ऐसी optimization समस्या है जिसमें objective function और constraints linear होते हैं।

उद्देश्य किसी quantity को अधिकतम या न्यूनतम करना होता है, जैसे:
Z=ax+by

इसके साथ linear inequalities constraints के रूप में दी जाती हैं।
प्रश्न 45. Objective function क्या है?
LPP में जिस quantity को maximize या minimize करना होता है उसे objective function कहते हैं।

दो variables वाली सामान्य form:
Z=ax+by

उदाहरण: लाभ अधिकतम करना या लागत न्यूनतम करना।
प्रश्न 46. Constraints और Feasible Region समझाइए।
Constraints: वे linear inequalities या equations जो समस्या की वास्तविक सीमाओं को व्यक्त करती हैं।

उदाहरण:
x+y≤10, x≥0, y≥0।

Feasible region: सभी constraints को एक साथ संतुष्ट करने वाले सभी बिंदुओं का साझा क्षेत्र feasible region कहलाता है।
प्रश्न 47. Graphical method से LPP हल करने के चरण लिखिए।
1. सभी constraints को linear equations के रूप में boundary lines में बदलें।
2. प्रत्येक boundary line का graph बनाएं।
3. inequalities के अनुसार feasible region पहचानें।
4. feasible region के corner points ज्ञात करें।
5. प्रत्येक corner point पर objective function Z का मान निकालें।
6. maximum या minimum value वाले point को optimum solution चुनें।
प्रश्न 48. Conditional probability क्या है?
घटना B के घटित होने की शर्त पर घटना A के घटित होने की प्रायिकता को conditional probability कहते हैं।

यदि P(B)≠0, तो:
P(A|B)=P(A∩B)/P(B)
प्रश्न 49. Multiplication theorem लिखिए।
दो घटनाओं A और B के लिए:

P(A∩B)=P(A)P(B|A)

या,
P(A∩B)=P(B)P(A|B)

यदि घटनाएँ स्वतंत्र हों, तो:
P(A∩B)=P(A)P(B)
प्रश्न 50. Independent events क्या हैं?
यदि एक घटना का घटित होना दूसरी घटना की प्रायिकता को प्रभावित न करे, तो घटनाएँ स्वतंत्र कहलाती हैं।

गणितीय रूप से:
P(A∩B)=P(A)P(B)

तुल्य रूप में P(A|B)=P(A) और P(B|A)=P(B)।
प्रश्न 51. Bayes theorem लिखिए।
यदि B₁,B₂,...,Bₙ परस्पर अपवर्जी तथा exhaustive घटनाएँ हैं और A एक घटना है, तो:

P(Bᵢ|A)= [P(Bᵢ)P(A|Bᵢ)] / [ΣP(Bⱼ)P(A|Bⱼ)]

यह theorem किसी परिणाम के ज्ञात होने के बाद उसके संभावित कारण की probability ज्ञात करने में उपयोगी है।
प्रश्न 52. Bayes theorem का एक अनुप्रयोग बताइए।
Bayes theorem का उपयोग medical diagnosis में किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति का test positive आया है, तो उस positive result के आधार पर वास्तव में रोग होने की probability ज्ञात की जा सकती है।

इसके अलावा spam filtering, machine learning, fault diagnosis और decision making में भी इसका उपयोग होता है।
प्रश्न 53. दिए गए data से conditional probability निकालिए।
मान लें P(A∩B)=0.2 तथा P(B)=0.5।

Conditional probability:
P(A|B)=P(A∩B)/P(B)
=0.2/0.5
=0.4

अतः B के घटित होने पर A की प्रायिकता 0.4 है।
प्रश्न 54. दो स्वतंत्र घटनाओं की संयुक्त प्रायिकता निकालिए।
मान लें P(A)=0.4 तथा P(B)=0.5 और A,B स्वतंत्र हैं।

P(A∩B)=P(A)P(B)
=0.4×0.5
=0.20
प्रश्न 55. LPP में corner point method समझाइए।
Linear programming की graphical method में feasible region के सभी vertices/corner points महत्वपूर्ण होते हैं।

यदि objective function linear है, तो optimum value सामान्यतः feasible region के किसी corner point पर प्राप्त होती है।

इसलिए सभी corner points के लिए Z की values निकालकर:
सबसे बड़ी value = maximum
सबसे छोटी value = minimum
निर्धारित की जाती है।
प्रश्न 56. Maximum/Minimum के लिए second derivative test लिखिए।
पहले f'(x)=0 से critical point x=a ज्ञात करें।

फिर f''(a) निकालें।

यदि:
f''(a)>0 ⇒ local minimum
f''(a)<0 b="" local="" maximum="">
यदि f''(a)=0 हो, तो second derivative test निर्णायक नहीं होता और अन्य परीक्षण करना पड़ता है।
प्रश्न 57. समाकलन द्वारा क्षेत्रफल का सूत्र समझाइए।
यदि y=f(x) वक्र x=a से x=b तक x-अक्ष के ऊपर है, तो उसका क्षेत्रफल:

Area=∫ₐᵇf(x)dx

दो curves y=f(x) तथा y=g(x) के बीच:
Area=∫ₐᵇ[f(x)−g(x)]dx
जहाँ f(x) ऊपर तथा g(x) नीचे हो।
प्रश्न 58. Direction cosine relation सिद्ध कीजिए।
मान लें रेखा x, y और z अक्षों के साथ α, β, γ कोण बनाती है।

तब:
l=cosα, m=cosβ, n=cosγ

Direction vector की unit length के कारण:
l²+m²+n²
=cos²α+cos²β+cos²γ
=1

अतः
l²+m²+n²=1
प्रश्न 59. Matrix inverse का सूत्र लिखिए।
किसी non-singular square matrix A के लिए:

A⁻¹=adj(A)/|A|

जहाँ |A|≠0 होना आवश्यक है।

साथ ही:
AA⁻¹=A⁻¹A=I
प्रश्न 60. Determinant के महत्वपूर्ण गुणधर्म लिखिए।
सारणिक के प्रमुख गुण:

1. यदि किसी determinant की दो पंक्तियाँ या स्तंभ समान हों, तो उसका मान 0 होता है।
2. दो पंक्तियों या स्तंभों की अदला-बदली करने पर determinant का चिन्ह बदल जाता है।
3. किसी एक पंक्ति/स्तंभ के सभी अवयवों को k से गुणा करने पर determinant k गुना हो जाता है।
4. यदि एक पंक्ति दूसरी पंक्ति का गुणज हो, तो determinant 0 होता है।
5. किसी पंक्ति में दूसरी पंक्ति का गुणज जोड़ने पर determinant का मान नहीं बदलता।
6. transpose लेने पर determinant का मान नहीं बदलता:
|Aᵀ|=|A|
इन 60 प्रश्नों की तैयारी कैसे करें?
1. पहले परिभाषाएँ और सूत्र याद करें।
2. फिर प्रत्येक प्रश्न के कम से कम 2 उदाहरण स्वयं हल करें।
3. 3 और 4 अंक वाले प्रश्नों में पूरा समाधान लिखने का अभ्यास करें।
4. केवल अंतिम answer याद न करें; method + formula + steps + final answer याद करें।

अध्यायवार अतिरिक्त संख्यात्मक अभ्यास — उत्तर सहित

प्रश्न 1. यदि f(x)=3x−2 है, तो f(4) तथा f⁻¹(10) ज्ञात कीजिए।
f(4)=3×4−2=10

y=3x−2
y+2=3x
x=(y+2)/3
अतः f⁻¹(10)=(10+2)/3=4
प्रश्न 2. A=[[1,2],[3,4]] का inverse ज्ञात कीजिए।
|A|=1×4−2×3=−2

adj(A)=[[4,−2],[−3,1]]

अतः
A⁻¹ = −1/2 [[4,−2],[−3,1]]
= [[-2,1],[3/2,−1/2]]
प्रश्न 3. f(x)=x³−3x+2 के critical points ज्ञात कीजिए।
f'(x)=3x²−3
=3(x²−1)
अतः f'(x)=0 ⇒ x=±1।

f''(x)=6x।
x=1 पर f''(1)=6>0 ⇒ local minimum
x=−1 पर f''(−1)=−6<0 ⇒ local maximum
प्रश्न 4. ∫(2x+3)² dx ज्ञात कीजिए।
मान लें t=2x+3।
dt=2dx ⇒ dx=dt/2।

∫(2x+3)²dx =1/2∫t²dt =1/2×t³/3+C
=(2x+3)³/6+C
प्रश्न 5. ∫₀^π sinx dx ज्ञात कीजिए।
∫₀^πsinx dx=[−cosx]₀^π
=−cosπ−(−cos0)
=1+1
=2
प्रश्न 6. dy/dx = y/x को हल कीजिए।
dy/y=dx/x
∫dy/y=∫dx/x
log y=log x+C
अतः
y=Cx
प्रश्न 7. a=2i−j+2k का magnitude ज्ञात कीजिए।
|a|=√(2²+(−1)²+2²)
=√(4+1+4)
=3
प्रश्न 8. a=i+j तथा b=i−j के बीच कोण ज्ञात कीजिए।
a·b=1×1+1×(−1)=0
अतः θ=90°
दोनों vectors perpendicular हैं।
प्रश्न 9. यदि P(A)=0.6 और P(B|A)=0.5 हो तो P(A∩B) ज्ञात कीजिए।
P(A∩B)=P(A)P(B|A)
=0.6×0.5
=0.3
प्रश्न 10. एक LPP में corner points (0,0),(2,0),(3,1),(0,4) हैं तथा Z=4x+3y है। maximum value ज्ञात कीजिए।
Z(0,0)=0
Z(2,0)=8
Z(3,1)=12+3=15
Z(0,4)=12

अतः अधिकतम मान 15 है और यह (3,1) पर प्राप्त होता है।

गणित — अंतिम परीक्षा रिवीजन चार्ट

अध्यायअंतिम बार क्या अवश्य दोहराएँ?
1. संबंध एवं फलनOne-One, Onto, Bijective, Composition, Inverse
2. प्रतिलोम त्रिकोणमितिPrincipal values, identities, tan⁻¹ formulas
3. आव्यूहTypes, transpose, multiplication, symmetric/skew, inverse
4. सारणिकProperties, minors, cofactors, area, Cramer rule
5. सांतत्य एवं अवकलनीयताLimits, continuity, derivatives, logarithmic/parametric differentiation
6. अवकलज के अनुप्रयोगIncreasing/decreasing, critical points, maxima-minima
7. समाकलनStandard integrals, substitution, by parts, definite integral properties
8. समाकलनों के अनुप्रयोगArea under curve, area between curves
9. अवकल समीकरणOrder, degree, general solution, variable separable, linear DE
10. सदिश बीजगणितMagnitude, unit vector, dot/cross product
11. त्रि-विमीय ज्यामितिDR, DC, line equation, angle, shortest distance
12. रैखिक प्रोग्रामनObjective, constraints, feasible region, corner point method
13. प्रायिकताConditional probability, multiplication theorem, independence, Bayes
अंतिम सलाह: गणित में केवल theory पढ़ना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक अध्याय से कम-से-कम 5–10 प्रश्न स्वयं हल करें। विशेष रूप से अवकलन, समाकलन, अवकल समीकरण, सदिश, 3-D, LPP और प्रायिकता के प्रश्नों में steps लिखने का अभ्यास करें।

एक नजर में — पूरे गणित का त्वरित रिवीजन

अध्याय 1
Relation • Function • One-One • Onto • Composite • Inverse
अध्याय 2
sin⁻¹ • cos⁻¹ • tan⁻¹ • identities • principal values
अध्याय 3
Matrix • Types • Operations • Transpose • Inverse
अध्याय 4
Determinant • Minor • Cofactor • Area • Cramer Rule
अध्याय 5
Continuity • Differentiability • Log differentiation • Parametric • Second derivative
अध्याय 6
Rate • Increasing/Decreasing • Maxima • Minima
अध्याय 7
Indefinite • Definite • Substitution • By Parts • FTC • Properties
अध्याय 8
Area under curve • Area between curves
अध्याय 9
Differential equation • General/Particular solution • Variable separable • Linear DE
अध्याय 10
Vectors • Magnitude • Dot • Cross • Applications
अध्याय 11
3-D line • Direction cosines • Direction ratios • Angle • Distance
अध्याय 12
LPP • Objective function • Constraints • Feasible region • Corner points
अध्याय 13
Conditional probability • Multiplication theorem • Independence • Bayes

परीक्षा-पूर्व अंतिम चेकलिस्ट

  • सभी standard formulas एक अलग formula-sheet से दोहराएँ।
  • प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों की principal values याद करें।
  • 2×2 तथा 3×3 matrices और determinants का लगातार अभ्यास करें।
  • continuity और differentiability में अंतर अच्छी तरह समझें।
  • logarithmic, parametric तथा second-order differentiation का अभ्यास करें।
  • maximum-minimum में critical points और sign test पर ध्यान दें।
  • integration के standard forms, substitution और by-parts याद करें।
  • definite integration के सभी properties दोहराएँ।
  • area under curve के लिए graph बनाकर limits तय करना सीखें।
  • differential equations में variable separable और linear method विशेष रूप से तैयार करें।
  • vector के dot और cross product को सूत्र तथा geometrical meaning दोनों से तैयार करें।
  • 3-D geometry में direction ratios/cosines और line equation का अभ्यास करें।
  • LPP में graph, feasible region और corner points की गलतियाँ न करें।
  • probability में conditional probability, multiplication theorem और Bayes theorem का numerical अभ्यास करें।
  • हर 2 अंक के प्रश्न के लिए कम-से-कम 2 steps लिखें।
  • 3 अंक के प्रश्नों में formula/मुख्य steps/अंतिम परिणाम दें।
  • 4 अंक के numerical में पूरा derivation/steps दिखाएँ।
  • अंतिम उत्तर को box या underline करके स्पष्ट करें।
गणित में अंक बढ़ाने की सर्वोत्तम रणनीति: केवल उत्तर याद न करें। हर प्रश्न को Given → Formula → Substitution → Simplification → Final Answer क्रम में हल करें। सिद्ध करने वाले प्रश्नों में हर algebraic step लिखें और graph/LPP/geometry वाले प्रश्नों में आवश्यक चित्र अवश्य बनाएं।

इस अध्ययन सामग्री की मुख्य विशेषताएँ

  • ब्लूप्रिंट एवं संशोधित पाठ्यक्रम अनुरूप: 80 अंक की सैद्धांतिक परीक्षा के लिए 1, 2, 3 एवं 4/5 अंक वाले प्रश्नों का ब्लूप्रिंट के अनुसार सटीक विभाजन।
  • सम्पूर्ण सूत्र संग्रह (All Formulae Sheet): अवकलन, समाकलन, त्रिविमीय ज्यामिति और आव्यूह-सारणिक के सभी महत्वपूर्ण सूत्रों का एक ही स्थान पर संकलन।
  • चरणबद्ध हल (Step-by-Step Solutions): बोर्ड परीक्षा में स्टेप मार्किंग के महत्व को ध्यान में रखते हुए मानक हल विधि।
  • महत्वपूर्ण प्रमेय एवं अनुप्रयोग: रोले तथा मध्यमान प्रमेय, समाकलन के गुणधर्म, आव्यूह विधि से समीकरण हल करना और रैखिक प्रोग्रामन के आलेखीय हल।

परीक्षा-उपयोगी प्रश्न बैंक:

  • वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ / रिक्त स्थान / सही जोड़ी / एक शब्द उत्तर): फॉर्मूला-आधारित सीधे प्रश्न।
  • अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक): सरल गणनात्मक और 2-3 स्टेप्स वाले मानक प्रश्न।
  • लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक): मानक विधियों और प्रमेयों के अनुप्रयोग पर आधारित प्रश्न।
  • दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4/5 अंक): समाकलन, अवकल समीकरण, त्रिविमीय ज्यामिति (दो रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी) एवं LPP के विस्तृत हल।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

अस्वीकरण (Disclaimer): इस पोस्ट में उपलब्ध कराई गई अंक योजना, पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों एवं सत्र 2026-27 के शैक्षणिक प्रारूप पर आधारित है। यह सामग्री केवल विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, अभ्यास और मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार की गई है। परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार के आधिकारिक संशोधन, प्रायोगिक/आंतरिक मूल्यांकन दिशा-निर्देश अथवा अंतिम घोषणा के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी सूचनाओं को ही अंतिम रूप से प्रामाणिक माना जाए। 

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