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कक्षा 12वीं गणित नोट्स : MP Board Class 12th Maths Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27

MP Board Class 12th Maths Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 12वीं गणित सूत्र, प्रमेय एवं अंक योजना

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं गणित (Mathematics) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित सरल नोट्स, अध्यायवार महत्वपूर्ण सूत्र, प्रमेय और हल सहित अभ्यास प्रश्न यहाँ देखें।

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 12वीं [विषय: गणित] अध्ययन सामग्री

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। गणित एक ऐसा विषय है जिसमें नियमित अभ्यास, सूत्रों की स्पष्टता और चरणबद्ध (Step-by-step) हल के माध्यम से 100 में से 100 अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को सुगम और प्रभावी बनाने के लिए यहाँ कक्षा 12वीं गणित की अद्यतन अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, फॉर्मूला शीट, महत्वपूर्ण प्रमेय एवं परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कक्षा 12वीं गणित (Maths)

सरल नोट्स, सूत्र एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27

पूर्णांक — 80 | समय — 3:00 घंटे

प्रश्न-पत्र संरचना

प्रश्नप्रकारप्रश्नों की संख्याअंक
1सही विकल्प0606
2रिक्त स्थान0606
3सत्य/असत्य0606
4सही जोड़ी0707
5एक वाक्य में उत्तर0707
6–15लघु उत्तरीय1020
16–19मध्यम उत्तरीय0412
20–23दीर्घ उत्तरीय0416
कुल80
गणित में अंक बढ़ाने की रणनीति: सूत्र याद करने के साथ-साथ प्रत्येक प्रकार के प्रश्न का अभ्यास करें। उत्तर में आवश्यक steps, formula, simplification और final answer अवश्य लिखें।

अध्याय 1 — संबंध एवं फलन

1. संबंध

दो समुच्चयों A और B के बीच संबंध A×B के किसी उपसमुच्चय को कहते हैं।

2. संबंधों के प्रकार

  • स्वतुल्य (Reflexive)
  • सममित (Symmetric)
  • संक्रामक (Transitive)
  • तुल्यता संबंध (Equivalence relation)

3. फलन

A से B में फलन ऐसा संबंध है जिसमें A के प्रत्येक अवयव की B में ठीक एक प्रतिच्छवि हो।

4. फलनों के प्रकार

  • एकैकी (One-One)
  • आच्छादक (Onto)
  • द्वैकी (Bijective)
  • बहु-एकैकी

5. संयोजन फलन

(f∘g)(x) = f(g(x))

6. व्युत्क्रमणीय फलन

यदि कोई फलन one-one और onto है, तो वह bijective होता है और उसका inverse अस्तित्व रखता है।

f⁻¹(f(x)) = x

7. महत्वपूर्ण बिंदु

  • केवल one-one फलन का सामान्य inverse अस्तित्व नहीं रखता; inverse के लिए bijective mapping आवश्यक है।
  • सामान्यतः f⁻¹ का domain, f के range के बराबर होता है।

2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. फलन क्या है?
A से B में ऐसा संबंध जिसमें A के प्रत्येक अवयव की B में ठीक एक प्रतिच्छवि हो, फलन कहलाता है।
प्रश्न 2. one-one फलन क्या है?
यदि A के भिन्न अवयवों की प्रतिच्छवियाँ भी भिन्न हों, अर्थात् f(a₁)=f(a₂) से a₁=a₂ प्राप्त हो, तो फलन one-one कहलाता है।
प्रश्न 3. composite function क्या है?
(f∘g)(x)=f(g(x)) को composite function कहते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. one-one और onto फलन में अंतर बताइए।
one-one फलन में अलग-अलग domain elements की images अलग होती हैं। Onto फलन में codomain का प्रत्येक element कम-से-कम एक pre-image रखता है। जो फलन दोनों गुण रखता है वह bijective होता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. किसी फलन के व्युत्क्रम के अस्तित्व की शर्त समझाइए।
फलन का inverse तभी एक फलन के रूप में परिभाषित होता है जब मूल फलन bijective हो। यदि फलन one-one नहीं है तो दो अलग domain elements की image समान हो सकती है, जिससे inverse अस्पष्ट हो जाता है। यदि फलन onto नहीं है तो codomain के कुछ तत्वों का कोई pre-image नहीं होगा। इसलिए one-one तथा onto दोनों शर्तें आवश्यक हैं।
प्रश्न. यदि f(x)=2x+3 है, तो f⁻¹(x) ज्ञात कीजिए।
y=2x+3
y−3=2x
x=(y−3)/2
अतः f⁻¹(x)=(x−3)/2
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अध्याय 2 — प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन

1. मूल अवधारणा

यदि y = sin x है तो x = sin⁻¹ y प्रतिलोम फलन कहलाता है, जब domain और range को उपयुक्त principal values तक सीमित किया गया हो।

2. प्रमुख प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन

  • sin⁻¹x
  • cos⁻¹x
  • tan⁻¹x
  • cot⁻¹x
  • sec⁻¹x
  • cosec⁻¹x

3. प्रमुख सूत्र

sin⁻¹x + cos⁻¹x = π/2
tan⁻¹x + cot⁻¹x = π/2
sin⁻¹x = tan⁻¹[x/√(1−x²)] , |x|<1

4. महत्वपूर्ण सूत्र

tan⁻¹x + tan⁻¹y = tan⁻¹[(x+y)/(1−xy)]

उपयुक्त domain और principal value की शर्तों के साथ इसका प्रयोग किया जाता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. sin⁻¹x का principal range क्या है?
[−π/2, π/2]
प्रश्न 2. cos⁻¹x का principal range क्या है?
[0, π]

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. सिद्ध कीजिए कि sin⁻¹x + cos⁻¹x = π/2.
मान लें θ = sin⁻¹x। तब x = sinθ। अतः cos⁻¹x = π/2 − θ। इसलिए sin⁻¹x + cos⁻¹x = θ + (π/2−θ) = π/2

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. सिद्ध कीजिए कि tan⁻¹x + tan⁻¹y = tan⁻¹[(x+y)/(1−xy)] उपयुक्त शर्तों के अंतर्गत।
मान लें tan⁻¹x = A तथा tan⁻¹y = B। तब tanA=x और tanB=y। अतः tan(A+B) = (x+y)/(1−xy)। इसलिए A+B का प्रतिलोम स्पर्शज्या रूप tan⁻¹[(x+y)/(1−xy)] होगा, बशर्ते principal value की शर्तें संतुष्ट हों।
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अध्याय 3 — आव्यूह

1. आव्यूह

संख्याओं या राशियों को पंक्तियों और स्तंभों के रूप में व्यवस्थित करने पर प्राप्त आयताकार सारणी को आव्यूह कहते हैं।

2. आव्यूहों के प्रकार

  • पंक्ति आव्यूह
  • स्तंभ आव्यूह
  • वर्ग आव्यूह
  • शून्य आव्यूह
  • एकक आव्यूह
  • विकर्ण आव्यूह
  • सममित आव्यूह
  • विषम सममित आव्यूह

3. आव्यूहों की समानता

दो आव्यूहों की समानता के लिए उनके क्रम समान और संगत अवयव समान होने चाहिए।

4. आव्यूहों पर संक्रियाएँ

  • जोड़
  • घटाव
  • गुणन
  • स्केलर गुणन

5. परिवर्त (Transpose)

आव्यूह की पंक्तियों को स्तंभों और स्तंभों को पंक्तियों में बदलने से transpose मिलता है।

(Aᵀ)ᵀ = A

6. सममित आव्यूह

Aᵀ = A

7. विषम सममित आव्यूह

Aᵀ = −A

8. व्युत्क्रमणीय आव्यूह

यदि AB=BA=I हो तो B, A का inverse है।

A⁻¹ = adj(A)/|A|

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. सममित आव्यूह क्या है?
वह वर्ग आव्यूह जिसके लिए Aᵀ = A हो, सममित आव्यूह कहलाता है।
प्रश्न 2. आव्यूह का transpose क्या है?
पंक्तियों को स्तंभों तथा स्तंभों को पंक्तियों में बदलने से प्राप्त आव्यूह transpose कहलाता है।
प्रश्न 3. आव्यूह A का inverse कब अस्तित्व रखता है?
वर्ग आव्यूह A का inverse तभी अस्तित्व रखता है जब |A| ≠ 0 हो।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. सिद्ध कीजिए कि (AB)ᵀ = BᵀAᵀ.
मान लें A और B संगत क्रम के आव्यूह हैं। गुणनफल AB के अवयवों को transpose करने पर पंक्ति-स्तंभ परिवर्तन के कारण क्रम उलट जाता है। अतः (AB)ᵀ = BᵀAᵀ

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. 2×2 आव्यूह का inverse ज्ञात करने का सूत्र लिखिए और समझाइए।
यदि A = [[a,b],[c,d]] हो, तो |A| = ad−bc। यदि ad−bc ≠ 0, तब A⁻¹ = 1/(ad−bc) [[d,−b],[−c,a]]। यहाँ सहखंडज आव्यूह के बाद उसका adjoint लेकर determinant से भाग किया जाता है।
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अध्याय 4 — सारणिक

1. सारणिक

वर्ग आव्यूह से संबंधित एक संख्यात्मक राशि को determinant कहते हैं।

2. 2×2 सारणिक

|a b; c d| = ad − bc

3. उपसारणिक

किसी अवयव के लिए उसकी पंक्ति और स्तंभ हटाकर प्राप्त determinant को minor कहते हैं।

4. सहखंड

Cᵢⱼ = (−1)ⁱ⁺ʲ Mᵢⱼ

5. त्रिभुज का क्षेत्रफल

Area = 1/2 |x₁(y₂−y₃)+x₂(y₃−y₁)+x₃(y₁−y₂)|

6. adjoint

सहखंडज आव्यूह का transpose adjoint कहलाता है।

A⁻¹ = adj(A)/|A|

7. सारणिकों के प्रमुख गुण

  • दो पंक्तियाँ/स्तंभ समान हों तो determinant शून्य।
  • दो पंक्तियों को बदलने पर determinant का चिन्ह बदलता है।
  • एक पंक्ति के सभी अवयवों को k से गुणा करने पर determinant भी k गुना होता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. 2×2 determinant का सूत्र लिखिए।
यदि determinant |a b; c d| है, तो उसका मान ad−bc होगा।
प्रश्न 2. यदि determinant की दो पंक्तियाँ समान हों तो उसका मान क्या होगा?
शून्य

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. किसी त्रिभुज के शीर्ष (1,2), (3,4), (5,0) हैं। क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Area = 1/2 |1(4−0)+3(0−2)+5(2−4)|
= 1/2 |4−6−10|
= 6 वर्ग इकाई

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. सारणिक की सहायता से रैखिक समीकरणों के हल की अवधारणा समझाइए।
यदि रैखिक समीकरणों के गुणांक से determinant D प्राप्त हो और D ≠ 0 हो, तो प्रणाली का अद्वितीय हल होता है। Cramer के नियम द्वारा प्रत्येक अज्ञात के लिए संबंधित determinant को D से भाग देकर मान निकाला जाता है। यदि D=0 हो तो हल की स्थिति अलग से जाँची जाती है।
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अध्याय 5 — सांतत्य तथा अवकलनीयता

1. सांतत्य

फलन f(x), x=a पर सतत है यदि:

lim(x→a) f(x) = f(a)

2. अवकलनीयता

यदि किसी बिंदु पर derivative अस्तित्व रखता है तो फलन उस बिंदु पर differentiable कहलाता है।

f'(x) = lim(h→0)[f(x+h)−f(x)]/h

3. सांतत्य और अवकलनीयता

यदि फलन किसी बिंदु पर differentiable है तो वह वहाँ continuous अवश्य होगा। लेकिन continuous होना differentiability सुनिश्चित नहीं करता।

4. महत्वपूर्ण अवकलज

d/dx(xⁿ)=nxⁿ⁻¹
d/dx(sin x)=cos x
d/dx(cos x)=−sin x
d/dx(eˣ)=eˣ
d/dx(log x)=1/x
d/dx(aˣ)=aˣlog a

5. लघुगणकीय अवकलन

जब फलन घातों और गुणनों के जटिल रूप में हो तो दोनों पक्षों का logarithm लेकर derivative निकालना सुविधाजनक होता है।

6. प्राचलिक रूप

यदि x=f(t), y=g(t), तो

dy/dx = (dy/dt)/(dx/dt)

7. द्वितीय अवकलज

d²y/dx² = d/dx(dy/dx)

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. सांतत्य की शर्त लिखिए।
f(x), x=a पर सतत है यदि lim x→a f(x)=f(a) और बाएँ तथा दाएँ सीमा समान हों।
प्रश्न 2. अवकलनीय फलन क्या है?
जिस फलन का derivative किसी बिंदु पर अस्तित्व रखता हो, वह उस बिंदु पर अवकलनीय कहलाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. सिद्ध कीजिए कि differentiability implies continuity.
यदि f'(a) अस्तित्व रखता है, तो f(a+h)−f(a) = h·[(f(a+h)−f(a))/h]। h→0 पर derivative सीमित है और h का गुणनफल 0 की ओर जाता है। अतः f(a+h)→f(a), इसलिए फलन x=a पर continuous है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. y=xˣ का logarithmic differentiation द्वारा अवकलज ज्ञात कीजिए।
y=xˣ
log y = x log x
अवकलन करने पर: (1/y)dy/dx = log x + 1
अतः dy/dx = y(log x+1)
अर्थात् dy/dx = xˣ(log x+1)
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अध्याय 6 — अवकलज के अनुप्रयोग

1. परिवर्तन की दर

किसी राशि के दूसरे राशि के सापेक्ष परिवर्तन की दर derivative द्वारा व्यक्त की जाती है।

2. वर्धमान फलन

यदि किसी अंतराल में x₁<x₂ होने पर f(x₁)<f(x₂), तो फलन increasing है। सामान्यतः f'(x)>0 होने पर फलन बढ़ता है।

3. ह्रासमान फलन

यदि x बढ़ने पर f(x) घटता है। सामान्यतः f'(x)<0 होने पर फलन घटता है।

4. अधिकतम एवं न्यूनतम

जहाँ f'(x)=0 या derivative अस्तित्व न रखे, वे critical points हो सकते हैं।

5. प्रथम derivative test

  • + से − : local maximum
  • − से + : local minimum

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. critical point क्या है?
वह बिंदु जहाँ f'(x)=0 या f'(x) अस्तित्व नहीं रखता, critical point कहलाता है।
प्रश्न 2. increasing function की एक शर्त बताइए।
यदि किसी अंतराल में f'(x)>0 हो, तो फलन उस अंतराल में increasing होता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. f(x)=x²−4x+3 के critical point और प्रकृति ज्ञात कीजिए।
f'(x)=2x−4।
f'(x)=0 ⇒ x=2।
f''(x)=2>0, इसलिए x=2 पर local minimum होगा।
f(2)=4−8+3=−1।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रथम derivative test से स्थानीय अधिकतम एवं न्यूनतम समझाइए।
पहले f'(x)=0 से critical points ज्ञात करते हैं। यदि critical point के बाएँ f'(x) धनात्मक तथा दाएँ ऋणात्मक हो तो function बढ़ने से घटने की ओर जाता है, अतः local maximum होता है। यदि बाएँ f'(x) ऋणात्मक और दाएँ धनात्मक हो तो function घटने से बढ़ने की ओर जाता है, अतः local minimum होता है।
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अध्याय 7 — समाकलन

1. समाकलन

अवकलन की प्रतिलोम प्रक्रिया को समाकलन कहते हैं।

∫f(x)dx = F(x)+C

2. मानक समाकलन

∫xⁿdx = xⁿ⁺¹/(n+1)+C, n≠−1
∫dx/x = log|x|+C
∫eˣdx = eˣ+C
∫sin x dx = −cos x+C
∫cos x dx = sin x+C
∫sec²x dx = tan x+C

3. प्रतिस्थापन विधि

जटिल फलन के भीतर उपस्थित किसी भाग को नई चर राशि मानकर समाकलन सरल किया जाता है।

4. खंडशः समाकलन

∫u dv = uv − ∫v du

5. निश्चित समाकलन

∫ₐᵇ f(x)dx = F(b)−F(a)

6. कलन की आधारभूत प्रमेय

यदि F'(x)=f(x), तो a से b तक f(x) का निश्चित समाकलन F(b)−F(a) के बराबर है।

7. महत्वपूर्ण गुणधर्म

∫ₐᵇ f(x)dx = −∫ᵇₐ f(x)dx
∫ₐᵃ f(x)dx = 0
∫ₐᵇ f(x)dx = ∫ₐᵇ f(a+b−x)dx

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. समाकलन क्या है?
अवकलन की प्रतिलोम प्रक्रिया समाकलन कहलाती है। अनिश्चित समाकलन में integration constant C जोड़ा जाता है।
प्रश्न 2. खंडशः समाकलन का सूत्र लिखिए।
∫u dv = uv−∫v du

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. ∫x eˣ dx का मान ज्ञात कीजिए।
u=x, dv=eˣdx
du=dx, v=eˣ
∫xeˣdx = xeˣ−∫eˣdx
= eˣ(x−1)+C

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रतिस्थापन विधि से ∫2x/(x²+1) dx ज्ञात कीजिए।
मान लें t=x²+1। तब dt=2x dx।
अतः ∫2x/(x²+1)dx = ∫dt/t = log|t|+C
अतः उत्तर = log(x²+1)+C
प्रश्न. ∫₀¹(2x+1)dx का मान ज्ञात कीजिए।
∫₀¹(2x+1)dx = [x²+x]₀¹ = 1+1 = 2
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अध्याय 8 — समाकलनों के अनुप्रयोग

1. क्षेत्रफल

वक्र के नीचे या दो वक्रों के बीच क्षेत्रफल निकालने के लिए definite integration का उपयोग किया जाता है।

Area = ∫ₐᵇ [upper curve − lower curve] dx

2. x-अक्ष के साथ क्षेत्रफल

यदि f(x) ≥ 0 है तो x=a से x=b तक क्षेत्रफल ∫ₐᵇf(x)dx होगा।

3. दो वक्रों के मध्य क्षेत्रफल

ऊपरी वक्र और निचले वक्र के बीच का अंतर लेकर integration किया जाता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. समाकलन की सहायता से क्षेत्रफल कैसे ज्ञात करते हैं?
क्षेत्रफल को छोटे-छोटे आयतों के अनंत योग के रूप में लिया जाता है और निश्चित समाकलन द्वारा उसका मान ज्ञात किया जाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. y=x और x-अक्ष के बीच x=0 से x=2 तक क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Area = ∫₀²x dx = [x²/2]₀² = 2 वर्ग इकाई

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. y=x² और y=x के बीच का क्षेत्रफल ज्ञात करने की विधि समझाइए।
पहले intersection बिंदु ज्ञात करें: x²=x ⇒ x(x−1)=0 ⇒ x=0,1।
0≤x≤1 के लिए ऊपर का वक्र y=x और नीचे y=x² है।
Area = ∫₀¹(x−x²)dx
= [x²/2−x³/3]₀¹
= 1/2−1/3 = 1/6 वर्ग इकाई
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अध्याय 9 — अवकल समीकरण

1. अवकल समीकरण

ऐसा समीकरण जिसमें dependent और independent variables तथा उनके derivatives शामिल हों, differential equation कहलाता है।

2. क्रम

समीकरण में उपस्थित उच्चतम derivative का order उसका क्रम कहलाता है।

3. घात

समीकरण को derivatives के संबंध में polynomial रूप में लिखने पर highest order derivative की highest power उसका degree कहलाती है।

4. सामान्य और विशिष्ट हल

मनमाने constants वाला समाधान general solution कहलाता है। constants के विशेष मान देने पर particular solution मिलता है।

5. variables separable method

dy/dx = f(x)g(y)

चर अलग करके दोनों पक्षों का integration किया जाता है।

6. प्रथम कोटि एवं प्रथम घात

dy/dx + Py = Q

यदि P और Q x के फलन हैं तो यह first-order linear differential equation है।

I.F. = e^(∫Pdx)

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. अवकल समीकरण क्या है?
वह समीकरण जिसमें dependent और independent variables तथा उनके अवकलज शामिल हों, अवकल समीकरण कहलाता है।
प्रश्न 2. प्रथम कोटि रैखिक अवकल समीकरण का मानक रूप लिखिए।
dy/dx + Py = Q

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. dy/dx = 2x को हल कीजिए।
dy = 2x dx
∫dy = ∫2x dx
अतः y = x²+C

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. dy/dx + y = eˣ को I.F. विधि से हल कीजिए।
यहाँ P=1, Q=eˣ।
I.F.=e^(∫1dx)=eˣ।
समाकलित रूप: y·eˣ = ∫eˣ·eˣ dx = ∫e²ˣdx = (1/2)e²ˣ+C।
अतः y = (1/2)eˣ + Ce⁻ˣ
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अध्याय 10 — सदिश बीजगणित

1. सदिश

जिस राशि में परिमाण और दिशा दोनों हों, वह vector कहलाती है।

2. सदिशों के प्रकार

  • शून्य सदिश
  • इकाई सदिश
  • समांतर सदिश
  • विपरीत सदिश
  • समान सदिश

3. सदिश का घटक रूप

a = a₁i + a₂j + a₃k

4. परिमाण

|a| = √(a₁²+a₂²+a₃²)

5. अदिश गुणन

किसी scalar λ से vector a का गुणन λa होता है।

6. अदिश गुणनफल

a·b = |a||b|cosθ

7. सदिश गुणनफल

a×b = |a||b|sinθ n̂

8. महत्वपूर्ण परिणाम

a·b = 0 ⇒ a ⟂ b
a×b = 0 ⇒ a ∥ b

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. सदिश राशि क्या है?
जिस भौतिक राशि का परिमाण और दिशा दोनों हों, वह सदिश राशि कहलाती है।
प्रश्न 2. दो सदिशों के dot product का सूत्र लिखिए।
a·b = |a||b|cosθ

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. यदि a=2i+3j और b=i−j हों, तो a·b ज्ञात कीजिए।
a·b = 2(1)+3(−1)=2−3=−1

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. vector product की ज्यामितीय व्याख्या कीजिए।
दो सदिशों a और b का cross product एक ऐसा सदिश है जिसकी दिशा दोनों सदिशों के तल के लंबवत होती है और दाहिने हाथ के नियम से निर्धारित की जाती है। इसका परिमाण |a×b|=|a||b|sinθ होता है। इसका उपयोग parallelogram के क्षेत्रफल और torque जैसी राशियों में होता है।
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अध्याय 11 — त्रि-विमीय ज्यामिति

1. दिक्-कोसाइन

रेखा x, y और z अक्षों के साथ जो कोण α, β, γ बनाती है, उनके cosines को direction cosines कहते हैं।

l²+m²+n²=1

2. दिक्-अनुपात

रेखा की दिशा को दर्शाने वाले अनुपाती संख्याओं को direction ratios कहते हैं।

3. रेखा का समीकरण

(x−x₁)/l = (y−y₁)/m = (z−z₁)/n

4. दो रेखाओं के बीच कोण

cosθ = (l₁l₂+m₁m₂+n₁n₂)/(√(l₁²+m₁²+n₁²)√(l₂²+m₂²+n₂²))

5. न्यूनतम दूरी

दो skew lines के बीच shortest distance vector तथा scalar triple product की सहायता से ज्ञात की जा सकती है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. direction cosines क्या हैं?
रेखा द्वारा x, y, z अक्षों के साथ बनाए गए कोणों के cosines उसके direction cosines कहलाते हैं।
प्रश्न 2. direction cosines के बीच संबंध लिखिए।
l²+m²+n²=1

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. रेखा के direction ratios 2,3,6 हैं। उसके direction cosines ज्ञात कीजिए।
√(2²+3²+6²)=√49=7।
अतः direction cosines = 2/7, 3/7, 6/7

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. दो रेखाओं के बीच कोण ज्ञात करने की विधि समझाइए।
पहले दोनों रेखाओं के direction ratios प्राप्त करें। यदि वे (l₁,m₁,n₁) और (l₂,m₂,n₂) हैं, तो इनके बीच कोण θ के लिए ऊपर दिया गया cosine सूत्र प्रयोग करते हैं। यदि numerator शून्य हो तो दोनों रेखाएँ परस्पर लंबवत होंगी।
प्रश्न. direction ratios (1,2,−2) और (2,−1,0) वाली दो रेखाओं के बीच कोण ज्ञात कीजिए।
cosθ = (1×2 + 2×(−1) + (−2)×0)/(√9×√5) = (2−2)/√45 = 0।
अतः θ = 90°
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अध्याय 12 — रैखिक प्रोग्रामन

1. रैखिक प्रोग्रामन समस्या

सीमित संसाधनों के अंतर्गत किसी उद्देश्य फलन को अधिकतम या न्यूनतम करने की समस्या linear programming problem कहलाती है।

2. प्रमुख घटक

  • Objective function
  • Constraints
  • Non-negative restrictions
  • Feasible region

3. उद्देश्य फलन

Z = ax + by

4. बाधाएँ

व्यावहारिक शर्तों को linear inequalities के रूप में लिखा जाता है।

5. आलेखीय विधि

  1. सभी constraints का graph बनाइए।
  2. साझा shaded region ज्ञात कीजिए।
  3. feasible region निर्धारित कीजिए।
  4. corner points प्राप्त करें।
  5. हर corner point पर Z का मान ज्ञात करें।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. Linear programming problem क्या है?
ऐसी optimization समस्या जिसमें objective function तथा constraints linear हों, linear programming problem कहलाती है।
प्रश्न 2. feasible region क्या है?
सभी constraints को संतुष्ट करने वाले बिंदुओं का साझा क्षेत्र feasible region कहलाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. LPP को हल करने की graphical विधि लिखिए।
पहले inequalities की सीमारेखाएँ graph पर बनाते हैं। फिर प्रत्येक inequality के अनुकूल क्षेत्र को चिह्नित करते हैं। सभी क्षेत्रों का common region feasible region कहलाता है। इसके corner points पर objective function का मान निकालकर optimum value तय की जाती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. Z=3x+2y को constraints x≥0, y≥0, x+y≤4, x≤2 के साथ graphical method से अधिकतम करने की विधि समझाइए।
क्षेत्र की सीमाएँ x=0, y=0, x+y=4 तथा x=2 हैं। feasible region के corner points होंगे (0,0), (2,0), (2,2) और (0,4)।
Z(0,0)=0
Z(2,0)=6
Z(2,2)=10
Z(0,4)=8
अतः maximum value 10 है और यह बिंदु (2,2) पर प्राप्त होती है।
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अध्याय 13 — प्रायिकता

1. सप्रतिबंध प्रायिकता

P(A|B)=P(A∩B)/P(B), P(B)≠0

2. प्रायिकता का गुणन नियम

P(A∩B)=P(A)P(B|A)

3. स्वतंत्र घटनाएँ

यदि एक घटना का होना दूसरी घटना की प्रायिकता को प्रभावित न करे, तो दोनों घटनाएँ स्वतंत्र कहलाती हैं।

P(A∩B)=P(A)P(B)

4. कुल प्रायिकता प्रमेय

यदि B₁,B₂,...,Bₙ परस्पर अपवर्जी एवं exhaustively exhaustive events हैं, तो

P(A)=ΣP(Bᵢ)P(A|Bᵢ)

5. बेज़ प्रमेय

P(Bᵢ|A)= [P(Bᵢ)P(A|Bᵢ)] / ΣP(Bⱼ)P(A|Bⱼ)

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. conditional probability क्या है?
घटना B के घटित होने की शर्त पर घटना A के घटित होने की प्रायिकता को conditional probability कहते हैं। P(A|B)=P(A∩B)/P(B)
प्रश्न 2. स्वतंत्र घटनाएँ क्या हैं?
यदि P(A∩B)=P(A)P(B), तो A और B स्वतंत्र घटनाएँ कहलाती हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. यदि P(A)=1/2, P(B)=1/3 और A तथा B स्वतंत्र हैं, तो P(A∩B) ज्ञात कीजिए।
P(A∩B)=P(A)P(B)=1/2×1/3=1/6

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. बेज़ प्रमेय को समझाइए।
बेज़ प्रमेय किसी घटना A के घटित हो जाने के बाद उसके संभावित कारण Bᵢ की conditional probability ज्ञात करने में सहायता करता है। यदि B₁,B₂,... विभिन्न संभावित कारण हैं, तो P(Bᵢ|A) = P(Bᵢ)P(A|Bᵢ) / ΣP(Bⱼ)P(A|Bⱼ)। इसका उपयोग चिकित्सा परीक्षण, वर्गीकरण, decision making तथा diagnosis जैसी परिस्थितियों में किया जाता है।
प्रश्न. एक थैले में 3 लाल और 2 नीली गेंदें हैं। एक गेंद निकाली जाती है। लाल गेंद की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
कुल गेंदें = 5। लाल गेंदें = 3।
P(लाल)=3/5=0.6
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कक्षा 12वीं गणित — सबसे महत्वपूर्ण सूत्र

अध्यायमहत्वपूर्ण सूत्र
संबंध एवं फलन(f∘g)(x)=f(g(x))
प्रतिलोम त्रिकोणमितिsin⁻¹x+cos⁻¹x=π/2
प्रतिलोम त्रिकोणमितिtan⁻¹x+cot⁻¹x=π/2
आव्यूहA⁻¹=adj(A)/|A|
सारणिक|a b;c d|=ad−bc
अवकलनd/dx(xⁿ)=nxⁿ⁻¹
अवकलनd/dx(eˣ)=eˣ
अवकलनd/dx(logx)=1/x
प्राचलिक अवकलनdy/dx=(dy/dt)/(dx/dt)
अधिकतम/न्यूनतमf'(x)=0
समाकलन∫xⁿdx=xⁿ⁺¹/(n+1)+C
समाकलन∫u dv=uv−∫vdu
निश्चित समाकलन∫ₐᵇf(x)dx=F(b)−F(a)
क्षेत्रफलArea=∫(upper−lower)dx
अवकल समीकरणdy/dx+Py=Q
Linear DEI.F.=e^(∫Pdx)
सदिश|a|=√(a₁²+a₂²+a₃²)
Dot producta·b=|a||b|cosθ
Cross producta×b=|a||b|sinθ n̂
3-D geometryl²+m²+n²=1
3-D geometrycosθ=(l₁l₂+m₁m₂+n₁n₂)/(√(...)√(...))
LPPZ=ax+by
Conditional probabilityP(A|B)=P(A∩B)/P(B)
Independent eventsP(A∩B)=P(A)P(B)
Bayes theoremP(Bᵢ|A)=P(Bᵢ)P(A|Bᵢ)/ΣP(Bⱼ)P(A|Bⱼ)

अत्यंत महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न — उत्तर सहित

सही विकल्प

  1. यदि f एक-एक तथा onto है तो f कहलाता है— Bijective
  2. (f∘g)(x) का अर्थ है— f(g(x))
  3. sin⁻¹x का range है— [−π/2,π/2]
  4. सममित आव्यूह के लिए— Aᵀ=A
  5. यदि |A|=0, तो A का inverse— अस्तित्व नहीं रखता
  6. ∫x dx का मान है— x²/2+C
  7. यदि f'(x)>0 है तो फलन सामान्यतः— वर्धमान
  8. ∫ₐᵃf(x)dx = 0
  9. यदि a·b=0 तो दोनों सदिश— लंबवत
  10. यदि a×b=0 तो दोनों सदिश— समांतर
  11. l²+m²+n² का मान— 1
  12. स्वतंत्र घटनाओं के लिए P(A∩B)= P(A)P(B)
  13. Bayes theorem conditional probability से संबंधित है।

रिक्त स्थान — उत्तर सहित

  1. Bijective function का inverse ________ होता है। — अस्तित्व रखता
  2. sin⁻¹x + cos⁻¹x = ________। — π/2
  3. सममित आव्यूह में Aᵀ = ________। — A
  4. 2×2 determinant |a b;c d| = ________। — ad−bc
  5. d/dx(xⁿ)= ________। — nxⁿ⁻¹
  6. ∫1/x dx = ________। — log|x|+C
  7. प्रथम कोटि linear DE का I.F. ________ है। — e^(∫Pdx)
  8. दो सदिशों का dot product ________ हो तो सदिश लंबवत होते हैं। — 0
  9. direction cosines के लिए l²+m²+n²= ________। — 1
  10. conditional probability P(A|B)= ________। — P(A∩B)/P(B)

सत्य / असत्य — उत्तर सहित

  1. हर relation एक function होता है। — असत्य
  2. Bijective function का inverse होता है। — सत्य
  3. हर differentiable function continuous होता है। — सत्य
  4. हर continuous function differentiable होता है। — असत्य
  5. यदि determinant zero है तो inverse अस्तित्व रखता है। — असत्य
  6. ∫ₐᵃf(x)dx=0। — सत्य
  7. यदि a·b=0 तो a,b हमेशा बराबर होते हैं। — असत्य
  8. यदि a×b=0 तो non-zero vectors parallel हो सकते हैं। — सत्य
  9. लॉजिस्टिक प्रोग्रामिंग और linear programming एक ही हैं। — असत्य
  10. Bayes theorem conditional probability पर आधारित है। — सत्य

सही जोड़ी — उत्तर सहित

कॉलम Aकॉलम B
1. f∘gf(g(x))
2. Aᵀ=Aसममित आव्यूह
3. ad−bc2×2 determinant
4. 0दो लंबवत सदिशों का dot product
5. e^(∫Pdx)Linear DE का I.F.
6. P(A∩B)/P(B)Conditional probability
7. p²+2pq+q²H-W type probability identity

एक वाक्य में उत्तर

  1. फलन क्या है? — ऐसा संबंध जिसमें domain के प्रत्येक तत्व की exactly one image हो।
  2. Bijective function क्या है? — जो one-one तथा onto दोनों हो।
  3. सममित आव्यूह क्या है? — Aᵀ=A वाला आव्यूह।
  4. Determinant क्या है? — वर्ग आव्यूह से संबद्ध एक संख्यात्मक राशि।
  5. सांतत्य की शर्त क्या है? — lim x→a f(x)=f(a)।
  6. अवकलज क्या है? — परिवर्तन की तात्कालिक दर।
  7. समाकलन क्या है? — अवकलन की प्रतिलोम प्रक्रिया।
  8. अवकल समीकरण क्या है? — चर और उनके derivatives वाला समीकरण।
  9. सदिश क्या है? — परिमाण और दिशा वाली राशि।
  10. direction cosine की शर्त क्या है? — l²+m²+n²=1।
  11. feasible region क्या है? — सभी constraints को संतुष्ट करने वाले बिंदुओं का क्षेत्र।
  12. conditional probability क्या है? — एक घटना के घटित होने की शर्त पर दूसरी घटना की प्रायिकता।

अतिरिक्त महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. f(x)=x²+1 और g(x)=2x−3 के लिए (f∘g)(2) ज्ञात कीजिए।
g(2)=4−3=1।
f(1)=1²+1=2।
अतः (f∘g)(2)=2
प्रश्न 2. A=[[2,1],[3,4]] का determinant ज्ञात कीजिए।
|A|=2×4−1×3=5
प्रश्न 3. ∫(3x²+2x)dx ज्ञात कीजिए।
= x³+x²+C
उत्तर: x³+x²+C
प्रश्न 4. ∫₀² 3x² dx का मान ज्ञात कीजिए।
= [x³]₀² = 8
प्रश्न 5. y=x²+3x के लिए x=1 पर dy/dx ज्ञात कीजिए।
dy/dx=2x+3।
x=1 पर = 2+3=5
प्रश्न 6. यदि a=2i+j−k और b=i−2j+3k, तो a·b ज्ञात कीजिए।
a·b=2(1)+1(−2)+(−1)(3)=2−2−3=−3
प्रश्न 7. direction ratios 1,2,2 वाली रेखा के direction cosines ज्ञात कीजिए।
√(1+4+4)=3।
अतः 1/3, 2/3, 2/3
प्रश्न 8. एक सिक्का उछालने पर head आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
अनुकूल परिणाम=1, कुल परिणाम=2।
P(H)=1/2
प्रश्न 9. एक पासे पर सम संख्या आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
अनुकूल परिणाम 2,4,6 = 3।
P(E)=3/6=1/2
प्रश्न 10. Z=2x+3y के लिए (1,2) बिंदु पर objective function का मान ज्ञात कीजिए।
Z=2(1)+3(2)=2+6=8

कक्षा 12वीं गणित — 60 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न एवं सभी उत्तर

प्रश्न 1. संबंध की परिभाषा दीजिए।
दो समुच्चयों A और B के कार्तीय गुणनफल A×B के किसी उपसमुच्चय को A से B में संबंध कहते हैं। यदि R ⊆ A×B हो, तो R एक संबंध है।

उदाहरण: यदि A={1,2,3} तथा B={2,4}, तो R={(1,2),(2,4)} एक संबंध है।
प्रश्न 2. फलन और संबंध में अंतर बताइए।
संबंध: A×B का कोई भी उपसमुच्चय संबंध हो सकता है। इसमें A के किसी तत्व की B में एक या एक से अधिक प्रतिच्छवियाँ हो सकती हैं या कोई भी नहीं हो सकती।
फलन: ऐसा विशेष संबंध जिसमें domain के प्रत्येक तत्व की codomain में ठीक एक image हो।

अतः प्रत्येक फलन संबंध है, लेकिन प्रत्येक संबंध फलन नहीं होता।
प्रश्न 3. one-one और onto फलन समझाइए।
One-One फलन: यदि f(a)=f(b) से a=b प्राप्त हो, तो फलन one-one कहलाता है। अर्थात् अलग-अलग elements की images अलग होती हैं।

Onto फलन: यदि codomain का प्रत्येक element कम-से-कम एक pre-image रखता हो, तो फलन onto कहलाता है।

जो फलन one-one तथा onto दोनों हो, उसे bijective function कहते हैं।
प्रश्न 4. Composition of functions क्या है?
यदि f:A→B तथा g:B→C दो फलन हैं, तो g और f का संयोजन एक नया फलन बनाता है।

इसे (g∘f)(x)=g(f(x)) लिखा जाता है।
इसी प्रकार (f∘g)(x)=f(g(x))।

सामान्यतः f∘g ≠ g∘f
प्रश्न 5. Inverse function की शर्त क्या है?
किसी फलन का inverse तभी एक फलन के रूप में अस्तित्व रखता है जब मूल फलन bijective हो, अर्थात् वह one-one तथा onto दोनों हो।

यदि f:A→B bijective है, तो इसका inverse f⁻¹:B→A अस्तित्व रखता है और
f⁻¹(f(x))=x तथा f(f⁻¹(x))=x
प्रश्न 6. sin⁻¹x + cos⁻¹x का मान बताइए।
Principal values की सीमा को ध्यान में रखते हुए:

sin⁻¹x + cos⁻¹x = π/2

यह −1≤x≤1 के लिए सत्य है।
प्रश्न 7. tan⁻¹x + cot⁻¹x सिद्ध कीजिए।
मान लें tan⁻¹x=θ। तब tanθ=x।

हम जानते हैं कि
cot⁻¹x = π/2 − tan⁻¹x

अतः
tan⁻¹x + cot⁻¹x = π/2
प्रश्न 8. आव्यूह के प्रकार लिखिए।
आव्यूह के प्रमुख प्रकार निम्न हैं:
1. पंक्ति आव्यूह
2. स्तंभ आव्यूह
3. वर्ग आव्यूह
4. शून्य आव्यूह
5. विकर्ण आव्यूह
6. अदिश आव्यूह
7. एकक आव्यूह
8. ऊपरी त्रिकोणीय आव्यूह
9. निचला त्रिकोणीय आव्यूह
10. सममित आव्यूह
11. विषम सममित आव्यूह
प्रश्न 9. सममित और विषम सममित आव्यूह समझाइए।
यदि वर्ग आव्यूह A के लिए
Aᵀ=A
तो A सममित आव्यूह कहलाता है।

यदि
Aᵀ=−A
तो A विषम सममित आव्यूह कहलाता है।

विषम सममित आव्यूह के मुख्य विकर्ण के सभी अवयव शून्य होते हैं।
प्रश्न 10. आव्यूह का inverse ज्ञात कीजिए।
यदि
A = [[a,b],[c,d]]

तो
|A|=ad−bc

यदि |A|≠0, तब
A⁻¹ = 1/(ad−bc) [[d,−b],[-c,a]]

अर्थात्
A⁻¹ = adj(A)/|A|
प्रश्न 11. Determinant की परिभाषा दीजिए।
किसी वर्ग आव्यूह से संबद्ध एक निश्चित संख्यात्मक राशि को उस आव्यूह का सारणिक या determinant कहते हैं।

यदि A=[[a,b],[c,d]] तो
|A|=ad−bc

Determinant का उपयोग inverse, क्षेत्रफल तथा रैखिक समीकरणों के हल के लिए किया जाता है।
प्रश्न 12. Minor और Cofactor समझाइए।
किसी determinant के किसी अवयव aᵢⱼ की पंक्ति और स्तंभ को हटाकर प्राप्त determinant को उस अवयव का minor Mᵢⱼ कहते हैं।

उसका cofactor:
Cᵢⱼ=(−1)ⁱ⁺ʲMᵢⱼ

अर्थात् cofactor, minor के साथ (+) या (−) चिन्ह से संबंधित होता है।
प्रश्न 13. त्रिभुज का क्षेत्रफल determinant से निकालिए।
यदि त्रिभुज के शीर्ष (x₁,y₁), (x₂,y₂), (x₃,y₃) हैं, तो

Area = 1/2 |x₁(y₂−y₃)+x₂(y₃−y₁)+x₃(y₁−y₂)|

यदि क्षेत्रफल 0 आए, तो तीनों बिंदु collinear होंगे।
प्रश्न 14. Cramer Rule समझाइए।
दो चर वाले समीकरण
a₁x+b₁y=c₁
a₂x+b₂y=c₂

के लिए
D = |a₁ b₁; a₂ b₂|

और
Dₓ = |c₁ b₁; c₂ b₂|
Dᵧ = |a₁ c₁; a₂ c₂|

यदि D≠0, तो
x=Dₓ/D तथा y=Dᵧ/D
प्रश्न 15. सांतत्य की परिभाषा दीजिए।
फलन f(x), x=a पर सतत है यदि:

1. f(a) अस्तित्व रखता हो।
2. lim(x→a) f(x) अस्तित्व रखती हो।
3. lim(x→a) f(x)=f(a) हो।

अर्थात्
lim(x→a)f(x)=f(a)
प्रश्न 16. अवकलनीयता की परिभाषा दीजिए।
यदि
f'(a)=lim(h→0)[f(a+h)−f(a)]/h
अस्तित्व रखता है, तो f(x), x=a पर differentiable कहलाता है।

Differentiability से continuity अवश्य प्राप्त होती है।
प्रश्न 17. सिद्ध कीजिए differentiability implies continuity.
यदि f'(a) अस्तित्व रखता है, तो

[f(a+h)−f(a)] = h × [(f(a+h)−f(a))/h]

अब h→0 करने पर derivative का मान सीमित रहता है जबकि h→0। अतः
f(a+h)−f(a)→0
अर्थात्
f(a+h)→f(a)

इसलिए
lim(x→a)f(x)=f(a)
अतः फलन x=a पर continuous है।
प्रश्न 18. लघुगणकीय अवकलन समझाइए।
जब फलन घात, गुणन या भाग के जटिल रूप में हो, तब दोनों पक्षों का logarithm लेकर सरल रूप प्राप्त किया जाता है।

उदाहरण:
y=xˣ
log y=x logx
अब दोनों पक्षों का अवकलन:
(1/y)dy/dx=logx+1
अतः
dy/dx=xˣ(logx+1)
प्रश्न 19. Parametric differentiation समझाइए।
यदि x तथा y दोनों किसी तीसरे चर t के फलन हों:
x=f(t), y=g(t)

तो
dy/dx=(dy/dt)/(dx/dt)

जहाँ dx/dt≠0।
प्रश्न 20. Second derivative ज्ञात करने की विधि बताइए।
पहले प्रथम derivative ज्ञात करते हैं:
dy/dx

फिर प्राप्त derivative को x के सापेक्ष पुनः differentiate करते हैं:
d²y/dx²=d/dx(dy/dx)

Second derivative का उपयोग maxima-minima तथा curve की concavity के अध्ययन में किया जाता है।
प्रश्न 21. Increasing/Decreasing function समझाइए।
यदि किसी अंतराल में x बढ़ने पर f(x) भी बढ़ता है, तो फलन increasing कहलाता है। यदि उस अंतराल में सामान्यतः
f'(x)>0
तो फलन increasing होता है।

यदि
f'(x)<0 b="">
तो फलन decreasing होता है।
प्रश्न 22. Local maximum और minimum समझाइए।
यदि किसी बिंदु के आसपास f(a) का मान अपने आसपास के सभी मानों से अधिक हो, तो f(a) local maximum है।

यदि f(a) अपने आसपास के सभी मानों से कम हो, तो f(a) local minimum है।

प्रथम derivative test में:
+ से − ⇒ Maximum
− से + ⇒ Minimum
प्रश्न 23. समाकलन की मानक संकल्पनाएँ लिखिए।
समाकलन अवकलन की प्रतिलोम प्रक्रिया है।

मुख्य सूत्र:
∫xⁿdx=xⁿ⁺¹/(n+1)+C
∫1/x dx=log|x|+C
∫eˣdx=eˣ+C
∫sinx dx=−cosx+C
∫cosx dx=sinx+C
प्रश्न 24. Substitution method से integration कीजिए।
जटिल समाकलन में किसी अंदरूनी फलन को नया variable माना जाता है।

उदाहरण:
∫2x/(x²+1)dx
मान लें t=x²+1
dt=2x dx
अतः
∫dt/t=log|t|+C
इसलिए
उत्तर = log(x²+1)+C
प्रश्न 25. Integration by parts समझाइए।
जब दो फलनों के गुणनफल का integration हो, तब by-parts विधि उपयोगी होती है।

मुख्य सूत्र:
∫u dv=uv−∫v du

उदाहरण:
∫xeˣdx
u=x, dv=eˣdx
du=dx, v=eˣ
अतः
=xeˣ−eˣ+C
=eˣ(x−1)+C
प्रश्न 26. Definite integral के गुणधर्म लिखिए।
मुख्य गुणधर्म:

1. ∫ₐᵃf(x)dx=0
2. ∫ₐᵇf(x)dx=−∫ᵇₐf(x)dx
3. ∫ₐᵇ[f(x)+g(x)]dx=∫ₐᵇf(x)dx+∫ₐᵇg(x)dx
4. यदि c, a और b के बीच है तो
∫ₐᵇf(x)dx=∫ₐᶜf(x)dx+∫ᶜᵇf(x)dx
प्रश्न 27. Fundamental theorem of calculus समझाइए।
यदि F(x), f(x) का antiderivative है, अर्थात् F'(x)=f(x), तब

∫ₐᵇf(x)dx=F(b)−F(a)

इस प्रमेय से निश्चित समाकलन को सीधे antiderivative के माध्यम से हल किया जा सकता है।
प्रश्न 28. वक्र के नीचे क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
यदि y=f(x), x=a से x=b तक x-अक्ष के ऊपर स्थित है, तो क्षेत्रफल:

Area=∫ₐᵇf(x)dx

यदि curve x-अक्ष के नीचे हो तो क्षेत्रफल के लिए absolute value या उचित सीमाएँ उपयोग की जाती हैं।
प्रश्न 29. दो वक्रों के बीच क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
दो वक्रों के बीच क्षेत्रफल:

Area=∫ₐᵇ[Upper curve−Lower curve]dx

सबसे पहले दोनों curves के intersection points ज्ञात किए जाते हैं। फिर उपयुक्त अंतराल में ऊपरी और निचले curve की पहचान करके integration किया जाता है।

उदाहरण: y=x तथा y=x² के बीच x=0 से 1 तक:
Area=∫₀¹(x−x²)dx=1/6।
प्रश्न 30. अवकल समीकरण की परिभाषा और order लिखिए।
जिस समीकरण में independent variable, dependent variable तथा उनके derivatives उपस्थित हों, differential equation कहलाता है।

समीकरण में उपस्थित highest order derivative का order कहलाता है।

उदाहरण:
d²y/dx² + 3dy/dx + y=0
में order = 2
प्रश्न 31. General और Particular solution में अंतर बताइए।
General solution: इसमें arbitrary constants होते हैं और differential equation के सभी संभावित solutions को व्यक्त करता है।

Particular solution: प्रारंभिक या सीमा शर्तों से constants के विशेष मान ज्ञात कर जो विशिष्ट solution मिलता है, वह particular solution होता है।
प्रश्न 32. Variables separable differential equation हल कीजिए।
यदि
dy/dx=f(x)g(y)
तो variables अलग करते हैं:
dy/g(y)=f(x)dx

अब दोनों पक्षों का integration:
∫dy/g(y)=∫f(x)dx

उदाहरण:
dy/dx=2x
dy=2x dx
अतः
y=x²+C
प्रश्न 33. Linear differential equation का I.F. लिखिए।
प्रथम कोटि रैखिक अवकल समीकरण का मानक रूप:
dy/dx+Py=Q

इसका integrating factor:
I.F.=e^(∫Pdx)

और general solution:
y(I.F.)=∫Q(I.F.)dx+C
प्रश्न 34. सदिश की परिभाषा दीजिए।
जिस राशि का परिमाण और दिशा दोनों हों, उसे सदिश राशि कहते हैं।

उदाहरण: विस्थापन, वेग, बल।

सदिश को सामान्यतः
a=a₁i+a₂j+a₃k
रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
प्रश्न 35. Unit vector और Zero vector समझाइए।
Unit vector: जिसका परिमाण 1 हो, unit vector कहलाता है। किसी non-zero vector a की दिशा का unit vector:
â=a/|a|

Zero vector: जिसका परिमाण 0 हो, zero vector कहलाता है। इसकी दिशा निश्चित नहीं होती।
प्रश्न 36. Dot product का ज्यामितीय अर्थ समझाइए।
दो सदिशों a और b का scalar product:
a·b=|a||b|cosθ

यह एक scalar राशि देता है। यदि θ=0°, तो dot product अधिकतम। यदि θ=90°, तो dot product शून्य। यदि θ=180°, तो dot product ऋणात्मक होता है।
प्रश्न 37. Cross product समझाइए।
दो सदिशों a और b का vector product:
a×b=|a||b|sinθ n̂

जहाँ n̂ दोनों vectors के तल के लंबवत unit vector है। इसकी दिशा right hand thumb rule से ज्ञात होती है।

यदि θ=0° या 180°, तो cross product शून्य होगा।
प्रश्न 38. दो सदिशों की perpendicularity की शर्त लिखिए।
यदि दो सदिश a और b परस्पर लंबवत हैं, तो इनके बीच कोण 90° होगा।

क्योंकि cos90°=0,
a·b=0

अतः दो non-zero vectors के लिए perpendicularity की आवश्यक एवं पर्याप्त शर्त:
a·b=0
प्रश्न 39. Direction cosines क्या हैं?
किसी रेखा द्वारा x, y और z अक्षों के साथ बनाए गए कोण α, β तथा γ के cosines को क्रमशः direction cosines कहते हैं।

यदि
l=cosα, m=cosβ, n=cosγ
तो
l²+m²+n²=1
प्रश्न 40. Direction ratios क्या हैं?
ऐसी तीन संख्याएँ जो किसी रेखा की दिशा को निरूपित करती हैं, direction ratios कहलाती हैं।

यदि direction ratios a,b,c हैं, तो उनके अनुरूप direction cosines:
l=a/√(a²+b²+c²)
m=b/√(a²+b²+c²)
n=c/√(a²+b²+c²)
प्रश्न 41. 3-D में रेखा का समीकरण लिखिए।
यदि रेखा बिंदु (x₁,y₁,z₁) से गुजरती है और उसके direction ratios l,m,n हैं, तो:

(x−x₁)/l = (y−y₁)/m = (z−z₁)/n

यह रेखा का symmetric form है।
प्रश्न 42. दो रेखाओं के बीच कोण का सूत्र लिखिए।
यदि दो रेखाओं के direction ratios क्रमशः (l₁,m₁,n₁) तथा (l₂,m₂,n₂) हैं, तो:

cosθ = (l₁l₂+m₁m₂+n₁n₂) / [√(l₁²+m₁²+n₁²) × √(l₂²+m₂²+n₂²)]

यदि numerator 0 हो तो रेखाएँ परस्पर लंबवत होंगी।
प्रश्न 43. Skew lines की न्यूनतम दूरी की अवधारणा समझाइए।
त्रि-विमीय अंतरिक्ष में दो non-parallel और non-intersecting lines को skew lines कहते हैं। इनके बीच कई दूरी हो सकती हैं, लेकिन shortest distance वह लंबवत दूरी है जो दोनों रेखाओं को जोड़ती है।

Vector form में सामान्यतः:
Shortest distance = | (a₂−a₁)·(b₁×b₂) | / |b₁×b₂|

जहाँ a₁,a₂ रेखाओं के बिंदु vector तथा b₁,b₂ उनके direction vectors हैं।
प्रश्न 44. LPP क्या है?
Linear Programming Problem ऐसी optimization समस्या है जिसमें objective function और constraints linear होते हैं।

उद्देश्य किसी quantity को अधिकतम या न्यूनतम करना होता है, जैसे:
Z=ax+by

इसके साथ linear inequalities constraints के रूप में दी जाती हैं।
प्रश्न 45. Objective function क्या है?
LPP में जिस quantity को maximize या minimize करना होता है उसे objective function कहते हैं।

दो variables वाली सामान्य form:
Z=ax+by

उदाहरण: लाभ अधिकतम करना या लागत न्यूनतम करना।
प्रश्न 46. Constraints और Feasible Region समझाइए।
Constraints: वे linear inequalities या equations जो समस्या की वास्तविक सीमाओं को व्यक्त करती हैं।

उदाहरण:
x+y≤10, x≥0, y≥0।

Feasible region: सभी constraints को एक साथ संतुष्ट करने वाले सभी बिंदुओं का साझा क्षेत्र feasible region कहलाता है।
प्रश्न 47. Graphical method से LPP हल करने के चरण लिखिए।
1. सभी constraints को linear equations के रूप में boundary lines में बदलें।
2. प्रत्येक boundary line का graph बनाएं।
3. inequalities के अनुसार feasible region पहचानें।
4. feasible region के corner points ज्ञात करें।
5. प्रत्येक corner point पर objective function Z का मान निकालें।
6. maximum या minimum value वाले point को optimum solution चुनें।
प्रश्न 48. Conditional probability क्या है?
घटना B के घटित होने की शर्त पर घटना A के घटित होने की प्रायिकता को conditional probability कहते हैं।

यदि P(B)≠0, तो:
P(A|B)=P(A∩B)/P(B)
प्रश्न 49. Multiplication theorem लिखिए।
दो घटनाओं A और B के लिए:

P(A∩B)=P(A)P(B|A)

या,
P(A∩B)=P(B)P(A|B)

यदि घटनाएँ स्वतंत्र हों, तो:
P(A∩B)=P(A)P(B)
प्रश्न 50. Independent events क्या हैं?
यदि एक घटना का घटित होना दूसरी घटना की प्रायिकता को प्रभावित न करे, तो घटनाएँ स्वतंत्र कहलाती हैं।

गणितीय रूप से:
P(A∩B)=P(A)P(B)

तुल्य रूप में P(A|B)=P(A) और P(B|A)=P(B)।
प्रश्न 51. Bayes theorem लिखिए।
यदि B₁,B₂,...,Bₙ परस्पर अपवर्जी तथा exhaustive घटनाएँ हैं और A एक घटना है, तो:

P(Bᵢ|A)= [P(Bᵢ)P(A|Bᵢ)] / [ΣP(Bⱼ)P(A|Bⱼ)]

यह theorem किसी परिणाम के ज्ञात होने के बाद उसके संभावित कारण की probability ज्ञात करने में उपयोगी है।
प्रश्न 52. Bayes theorem का एक अनुप्रयोग बताइए।
Bayes theorem का उपयोग medical diagnosis में किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति का test positive आया है, तो उस positive result के आधार पर वास्तव में रोग होने की probability ज्ञात की जा सकती है।

इसके अलावा spam filtering, machine learning, fault diagnosis और decision making में भी इसका उपयोग होता है।
प्रश्न 53. दिए गए data से conditional probability निकालिए।
मान लें P(A∩B)=0.2 तथा P(B)=0.5।

Conditional probability:
P(A|B)=P(A∩B)/P(B)
=0.2/0.5
=0.4

अतः B के घटित होने पर A की प्रायिकता 0.4 है।
प्रश्न 54. दो स्वतंत्र घटनाओं की संयुक्त प्रायिकता निकालिए।
मान लें P(A)=0.4 तथा P(B)=0.5 और A,B स्वतंत्र हैं।

P(A∩B)=P(A)P(B)
=0.4×0.5
=0.20
प्रश्न 55. LPP में corner point method समझाइए।
Linear programming की graphical method में feasible region के सभी vertices/corner points महत्वपूर्ण होते हैं।

यदि objective function linear है, तो optimum value सामान्यतः feasible region के किसी corner point पर प्राप्त होती है।

इसलिए सभी corner points के लिए Z की values निकालकर:
सबसे बड़ी value = maximum
सबसे छोटी value = minimum
निर्धारित की जाती है।
प्रश्न 56. Maximum/Minimum के लिए second derivative test लिखिए।
पहले f'(x)=0 से critical point x=a ज्ञात करें।

फिर f''(a) निकालें।

यदि:
f''(a)>0 ⇒ local minimum
f''(a)<0 b="" local="" maximum="">
यदि f''(a)=0 हो, तो second derivative test निर्णायक नहीं होता और अन्य परीक्षण करना पड़ता है।
प्रश्न 57. समाकलन द्वारा क्षेत्रफल का सूत्र समझाइए।
यदि y=f(x) वक्र x=a से x=b तक x-अक्ष के ऊपर है, तो उसका क्षेत्रफल:

Area=∫ₐᵇf(x)dx

दो curves y=f(x) तथा y=g(x) के बीच:
Area=∫ₐᵇ[f(x)−g(x)]dx
जहाँ f(x) ऊपर तथा g(x) नीचे हो।
प्रश्न 58. Direction cosine relation सिद्ध कीजिए।
मान लें रेखा x, y और z अक्षों के साथ α, β, γ कोण बनाती है।

तब:
l=cosα, m=cosβ, n=cosγ

Direction vector की unit length के कारण:
l²+m²+n²
=cos²α+cos²β+cos²γ
=1

अतः
l²+m²+n²=1
प्रश्न 59. Matrix inverse का सूत्र लिखिए।
किसी non-singular square matrix A के लिए:

A⁻¹=adj(A)/|A|

जहाँ |A|≠0 होना आवश्यक है।

साथ ही:
AA⁻¹=A⁻¹A=I
प्रश्न 60. Determinant के महत्वपूर्ण गुणधर्म लिखिए।
सारणिक के प्रमुख गुण:

1. यदि किसी determinant की दो पंक्तियाँ या स्तंभ समान हों, तो उसका मान 0 होता है।
2. दो पंक्तियों या स्तंभों की अदला-बदली करने पर determinant का चिन्ह बदल जाता है।
3. किसी एक पंक्ति/स्तंभ के सभी अवयवों को k से गुणा करने पर determinant k गुना हो जाता है।
4. यदि एक पंक्ति दूसरी पंक्ति का गुणज हो, तो determinant 0 होता है।
5. किसी पंक्ति में दूसरी पंक्ति का गुणज जोड़ने पर determinant का मान नहीं बदलता।
6. transpose लेने पर determinant का मान नहीं बदलता:
|Aᵀ|=|A|
इन 60 प्रश्नों की तैयारी कैसे करें?
1. पहले परिभाषाएँ और सूत्र याद करें।
2. फिर प्रत्येक प्रश्न के कम से कम 2 उदाहरण स्वयं हल करें।
3. 3 और 4 अंक वाले प्रश्नों में पूरा समाधान लिखने का अभ्यास करें।
4. केवल अंतिम answer याद न करें; method + formula + steps + final answer याद करें।

अध्यायवार अतिरिक्त संख्यात्मक अभ्यास — उत्तर सहित

प्रश्न 1. यदि f(x)=3x−2 है, तो f(4) तथा f⁻¹(10) ज्ञात कीजिए।
f(4)=3×4−2=10

y=3x−2
y+2=3x
x=(y+2)/3
अतः f⁻¹(10)=(10+2)/3=4
प्रश्न 2. A=[[1,2],[3,4]] का inverse ज्ञात कीजिए।
|A|=1×4−2×3=−2

adj(A)=[[4,−2],[−3,1]]

अतः
A⁻¹ = −1/2 [[4,−2],[−3,1]]
= [[-2,1],[3/2,−1/2]]
प्रश्न 3. f(x)=x³−3x+2 के critical points ज्ञात कीजिए।
f'(x)=3x²−3
=3(x²−1)
अतः f'(x)=0 ⇒ x=±1।

f''(x)=6x।
x=1 पर f''(1)=6>0 ⇒ local minimum
x=−1 पर f''(−1)=−6<0 ⇒ local maximum
प्रश्न 4. ∫(2x+3)² dx ज्ञात कीजिए।
मान लें t=2x+3।
dt=2dx ⇒ dx=dt/2।

∫(2x+3)²dx =1/2∫t²dt =1/2×t³/3+C
=(2x+3)³/6+C
प्रश्न 5. ∫₀^π sinx dx ज्ञात कीजिए।
∫₀^πsinx dx=[−cosx]₀^π
=−cosπ−(−cos0)
=1+1
=2
प्रश्न 6. dy/dx = y/x को हल कीजिए।
dy/y=dx/x
∫dy/y=∫dx/x
log y=log x+C
अतः
y=Cx
प्रश्न 7. a=2i−j+2k का magnitude ज्ञात कीजिए।
|a|=√(2²+(−1)²+2²)
=√(4+1+4)
=3
प्रश्न 8. a=i+j तथा b=i−j के बीच कोण ज्ञात कीजिए।
a·b=1×1+1×(−1)=0
अतः θ=90°
दोनों vectors perpendicular हैं।
प्रश्न 9. यदि P(A)=0.6 और P(B|A)=0.5 हो तो P(A∩B) ज्ञात कीजिए।
P(A∩B)=P(A)P(B|A)
=0.6×0.5
=0.3
प्रश्न 10. एक LPP में corner points (0,0),(2,0),(3,1),(0,4) हैं तथा Z=4x+3y है। maximum value ज्ञात कीजिए।
Z(0,0)=0
Z(2,0)=8
Z(3,1)=12+3=15
Z(0,4)=12

अतः अधिकतम मान 15 है और यह (3,1) पर प्राप्त होता है।

गणित — अंतिम परीक्षा रिवीजन चार्ट

अध्यायअंतिम बार क्या अवश्य दोहराएँ?
1. संबंध एवं फलनOne-One, Onto, Bijective, Composition, Inverse
2. प्रतिलोम त्रिकोणमितिPrincipal values, identities, tan⁻¹ formulas
3. आव्यूहTypes, transpose, multiplication, symmetric/skew, inverse
4. सारणिकProperties, minors, cofactors, area, Cramer rule
5. सांतत्य एवं अवकलनीयताLimits, continuity, derivatives, logarithmic/parametric differentiation
6. अवकलज के अनुप्रयोगIncreasing/decreasing, critical points, maxima-minima
7. समाकलनStandard integrals, substitution, by parts, definite integral properties
8. समाकलनों के अनुप्रयोगArea under curve, area between curves
9. अवकल समीकरणOrder, degree, general solution, variable separable, linear DE
10. सदिश बीजगणितMagnitude, unit vector, dot/cross product
11. त्रि-विमीय ज्यामितिDR, DC, line equation, angle, shortest distance
12. रैखिक प्रोग्रामनObjective, constraints, feasible region, corner point method
13. प्रायिकताConditional probability, multiplication theorem, independence, Bayes
अंतिम सलाह: गणित में केवल theory पढ़ना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक अध्याय से कम-से-कम 5–10 प्रश्न स्वयं हल करें। विशेष रूप से अवकलन, समाकलन, अवकल समीकरण, सदिश, 3-D, LPP और प्रायिकता के प्रश्नों में steps लिखने का अभ्यास करें।

एक नजर में — पूरे गणित का त्वरित रिवीजन

अध्याय 1
Relation • Function • One-One • Onto • Composite • Inverse
अध्याय 2
sin⁻¹ • cos⁻¹ • tan⁻¹ • identities • principal values
अध्याय 3
Matrix • Types • Operations • Transpose • Inverse
अध्याय 4
Determinant • Minor • Cofactor • Area • Cramer Rule
अध्याय 5
Continuity • Differentiability • Log differentiation • Parametric • Second derivative
अध्याय 6
Rate • Increasing/Decreasing • Maxima • Minima
अध्याय 7
Indefinite • Definite • Substitution • By Parts • FTC • Properties
अध्याय 8
Area under curve • Area between curves
अध्याय 9
Differential equation • General/Particular solution • Variable separable • Linear DE
अध्याय 10
Vectors • Magnitude • Dot • Cross • Applications
अध्याय 11
3-D line • Direction cosines • Direction ratios • Angle • Distance
अध्याय 12
LPP • Objective function • Constraints • Feasible region • Corner points
अध्याय 13
Conditional probability • Multiplication theorem • Independence • Bayes

परीक्षा-पूर्व अंतिम चेकलिस्ट

  • सभी standard formulas एक अलग formula-sheet से दोहराएँ।
  • प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों की principal values याद करें।
  • 2×2 तथा 3×3 matrices और determinants का लगातार अभ्यास करें।
  • continuity और differentiability में अंतर अच्छी तरह समझें।
  • logarithmic, parametric तथा second-order differentiation का अभ्यास करें।
  • maximum-minimum में critical points और sign test पर ध्यान दें।
  • integration के standard forms, substitution और by-parts याद करें।
  • definite integration के सभी properties दोहराएँ।
  • area under curve के लिए graph बनाकर limits तय करना सीखें।
  • differential equations में variable separable और linear method विशेष रूप से तैयार करें।
  • vector के dot और cross product को सूत्र तथा geometrical meaning दोनों से तैयार करें।
  • 3-D geometry में direction ratios/cosines और line equation का अभ्यास करें।
  • LPP में graph, feasible region और corner points की गलतियाँ न करें।
  • probability में conditional probability, multiplication theorem और Bayes theorem का numerical अभ्यास करें।
  • हर 2 अंक के प्रश्न के लिए कम-से-कम 2 steps लिखें।
  • 3 अंक के प्रश्नों में formula/मुख्य steps/अंतिम परिणाम दें।
  • 4 अंक के numerical में पूरा derivation/steps दिखाएँ।
  • अंतिम उत्तर को box या underline करके स्पष्ट करें।
गणित में अंक बढ़ाने की सर्वोत्तम रणनीति: केवल उत्तर याद न करें। हर प्रश्न को Given → Formula → Substitution → Simplification → Final Answer क्रम में हल करें। सिद्ध करने वाले प्रश्नों में हर algebraic step लिखें और graph/LPP/geometry वाले प्रश्नों में आवश्यक चित्र अवश्य बनाएं।

इस अध्ययन सामग्री की मुख्य विशेषताएँ

  • ब्लूप्रिंट एवं संशोधित पाठ्यक्रम अनुरूप: 80 अंक की सैद्धांतिक परीक्षा के लिए 1, 2, 3 एवं 4/5 अंक वाले प्रश्नों का ब्लूप्रिंट के अनुसार सटीक विभाजन।
  • सम्पूर्ण सूत्र संग्रह (All Formulae Sheet): अवकलन, समाकलन, त्रिविमीय ज्यामिति और आव्यूह-सारणिक के सभी महत्वपूर्ण सूत्रों का एक ही स्थान पर संकलन।
  • चरणबद्ध हल (Step-by-Step Solutions): बोर्ड परीक्षा में स्टेप मार्किंग के महत्व को ध्यान में रखते हुए मानक हल विधि।
  • महत्वपूर्ण प्रमेय एवं अनुप्रयोग: रोले तथा मध्यमान प्रमेय, समाकलन के गुणधर्म, आव्यूह विधि से समीकरण हल करना और रैखिक प्रोग्रामन के आलेखीय हल।

परीक्षा-उपयोगी प्रश्न बैंक:

  • वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ / रिक्त स्थान / सही जोड़ी / एक शब्द उत्तर): फॉर्मूला-आधारित सीधे प्रश्न।
  • अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक): सरल गणनात्मक और 2-3 स्टेप्स वाले मानक प्रश्न।
  • लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक): मानक विधियों और प्रमेयों के अनुप्रयोग पर आधारित प्रश्न।
  • दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4/5 अंक): समाकलन, अवकल समीकरण, त्रिविमीय ज्यामिति (दो रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी) एवं LPP के विस्तृत हल।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

अस्वीकरण (Disclaimer): इस पोस्ट में उपलब्ध कराई गई अंक योजना, पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों एवं सत्र 2026-27 के शैक्षणिक प्रारूप पर आधारित है। यह सामग्री केवल विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, अभ्यास और मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार की गई है। परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार के आधिकारिक संशोधन, प्रायोगिक/आंतरिक मूल्यांकन दिशा-निर्देश अथवा अंतिम घोषणा के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी सूचनाओं को ही अंतिम रूप से प्रामाणिक माना जाए। 

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कक्षा 12वीं रसायन विज्ञान नोट्स : MP Board Class 12th Chemistry Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27

MP Board Class 12th Chemistry Blueprint, Notes & Important Questions 2026-27 | कक्षा 12वीं रसायन विज्ञान नोट्स, नाम अभिक्रियाएँ एवं अंक योजना

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं रसायन विज्ञान (Chemistry) की अद्यतन अंक योजना, AI-संचालित सरल नोट्स, महत्वपूर्ण नाम अभिक्रियाएँ (Name Reactions), रासायनिक समीकरण और अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।

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माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. (MPBSE) सत्र 2026-27: कक्षा 12वीं [विषय: रसायन विज्ञान] अध्ययन सामग्री

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। रसायन विज्ञान (Chemistry) एक ऐसा विषय है जिसमें भौतिक रसायन (Physical), अकार्बनिक रसायन (Inorganic) और कार्बनिक रसायन (Organic) के बीच संतुलन बनाकर व्यवस्थित अध्ययन करने से शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की परीक्षा तैयारी को सुगम, सटीक और व्यवस्थित बनाने के लिए यहाँ कक्षा 12वीं रसायन विज्ञान की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, महत्वपूर्ण नाम अभिक्रियाएँ (Name Reactions), परिवर्तन (Conversions) और परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कक्षा 12वीं रसायन शास्त्र

सरल नोट्स, महत्वपूर्ण अभिक्रियाएँ एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर

माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026-27

पूर्णांक — 70 | समय — 3:00 घंटे

अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना

प्रश्नप्रकारप्रश्नप्रति प्रश्नअंक
1सही विकल्प06106
2रिक्त स्थान06106
3सत्य/असत्य06106
4सही जोड़ी05105
5एक वाक्य में उत्तर05105
6–12लघु उत्तरीय07214
13–16मध्यम उत्तरीय04312
17–20दीर्घ उत्तरीय04416
कुल70
तैयारी की प्राथमिकता: सूत्र, परिभाषाएँ, named reactions, समीकरण, अभिक्रिया की परिस्थितियाँ, तुलनात्मक प्रश्न तथा संख्यात्मक प्रश्नों पर विशेष ध्यान दें।

इकाई 01 — विलयन (07 अंक)

1. विलयन का अर्थ

दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण विलयन कहलाता है। इसमें अधिक मात्रा वाला घटक विलायक तथा कम मात्रा वाला घटक विलेय कहलाता है।

2. विलयनों के प्रकार

प्रकारउदाहरण
ठोस में ठोसपीतल
ठोस में द्रवपानी में नमक
द्रव में द्रवजल में एथेनॉल
गैस में द्रवजल में CO₂
गैस में गैसवायु

3. सांद्रता व्यक्त करने के तरीके

द्रव्यमान प्रतिशत:

द्रव्यमान % = (विलेय का द्रव्यमान/विलयन का द्रव्यमान) × 100

मोल अंश:

x₁ = n₁/(n₁+n₂)

मोलरता:

M = विलेय के मोल/विलयन का आयतन (L)

मोललता:

m = विलेय के मोल/विलायक का द्रव्यमान (kg)

4. विलेयता

किसी निश्चित तापमान पर एक निश्चित मात्रा के विलायक में घुल सकने वाले विलेय की अधिकतम मात्रा को उसकी विलेयता कहते हैं।

5. राउल्ट का नियम

आदर्श विलयन में किसी वाष्पशील घटक का आंशिक वाष्प दाब उसके मोल अंश के समानुपाती होता है।

p₁ = x₁p₁°

6. आदर्श एवं अनादर्श विलयन

आदर्श विलयन: राउल्ट के नियम का सभी सांद्रताओं पर पालन करते हैं तथा मिश्रण की एन्थैल्पी और आयतन परिवर्तन लगभग शून्य होते हैं।

अनादर्श विलयन: राउल्ट के नियम से धनात्मक या ऋणात्मक विचलन दर्शाते हैं।

7. अणुसंख्य गुणधर्म

वे गुण जो विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करते हैं, विलेय की प्रकृति पर नहीं, अणुसंख्य गुणधर्म कहलाते हैं।

  • वाष्प दाब का सापेक्ष अवनमन
  • क्वथनांक में उन्नयन
  • हिमांक में अवनमन
  • परासरण दाब

8. क्वथनांक में उन्नयन

ΔTb = Kbm

9. हिमांक में अवनमन

ΔTf = Kfm

10. परासरण दाब

π = CRT

11. असामान्य मोलर द्रव्यमान

यदि विलेय का संघटन या वियोजन हो जाए तो प्रयोग से प्राप्त मोलर द्रव्यमान वास्तविक मान से भिन्न हो सकता है। इसे असामान्य मोलर द्रव्यमान कहते हैं।

2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. मोलरता और मोललता में अंतर बताइए।
मोलरता में विलेय के मोल प्रति लीटर विलयन का आयतन लिया जाता है, जबकि मोललता में विलेय के मोल प्रति किलोग्राम विलायक का द्रव्यमान लिया जाता है। मोललता तापमान से लगभग स्वतंत्र होती है जबकि मोलरता तापमान के साथ बदल सकती है।
प्रश्न 2. अणुसंख्य गुणधर्म क्या हैं?
वे विलयन गुण जो विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करते हैं, उनकी प्रकृति पर नहीं, अणुसंख्य गुणधर्म कहलाते हैं। जैसे क्वथनांक उन्नयन और हिमांक अवनमन।

3 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न. आदर्श और अनादर्श विलयन में अंतर बताइए।
आदर्श विलयन राउल्ट के नियम का पालन करता है तथा मिश्रण के समय ऊष्मा और आयतन में लगभग कोई परिवर्तन नहीं होता। अनादर्श विलयन राउल्ट के नियम से धनात्मक या ऋणात्मक विचलन दिखाता है। अनादर्श विलयन में घटकों के बीच आकर्षण बल आदर्श स्थिति से भिन्न होता है।

4 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न. अणुसंख्य गुणधर्मों को समझाइए तथा इनके प्रमुख प्रकार लिखिए।
विलयन के वे गुण जो विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करते हैं, उनकी रासायनिक प्रकृति पर नहीं, अणुसंख्य गुणधर्म कहलाते हैं। इनके चार प्रमुख प्रकार हैं—1. वाष्प दाब का सापेक्ष अवनमन, 2. क्वथनांक में उन्नयन, 3. हिमांक में अवनमन, 4. परासरण दाब। इनका उपयोग अवाष्पशील विलेय के मोलर द्रव्यमान को ज्ञात करने में किया जाता है।
प्रश्न. 2 g NaOH को 500 mL विलयन में घोला गया। NaOH की मोलरता ज्ञात कीजिए। (NaOH = 40 g mol⁻¹)
NaOH के मोल = 2/40 = 0.05 mol
आयतन = 0.5 L
M = 0.05/0.5 = 0.1 M
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शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी

इकाई 02 — वैद्युतरसायन (09 अंक)

1. वैद्युत रासायनिक सेल

वह युक्ति जिसमें रासायनिक ऊर्जा और विद्युत ऊर्जा का परस्पर रूपांतरण होता है, वैद्युत रासायनिक सेल कहलाती है।

2. गैल्वैनी सेल

गैल्वैनी सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। इसमें ऑक्सीकरण एनोड पर और अपचयन कैथोड पर होता है।

3. सेल विभव

E°cell = E°cathode − E°anode

4. नेर्न्स्ट समीकरण

E = E° − (0.0591/n) log Q

यह सूत्र 25°C पर प्रयुक्त किया जाता है।

5. चालकत्व

प्रतिरोध R: विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध।

चालकत्व G: प्रतिरोध का व्युत्क्रम।

G = 1/R

6. विशिष्ट चालकता

κ = G × l/A

7. मोलर चालकता

Λm = κ × 1000/M

8. कोहलरॉश का नियम

अनंत तनुता पर किसी इलेक्ट्रोलाइट की मोलर चालकता उसके आयनों की स्वतंत्र आयनिक चालकताओं के योग के बराबर होती है।

Λ°m = ν₊λ°₊ + ν₋λ°₋

9. विद्युतअपघटन

विद्युत धारा की सहायता से किसी इलेक्ट्रोलाइट का रासायनिक अपघटन विद्युतअपघटन कहलाता है।

10. फैराडे के नियम

m ∝ Q
m = ZIt

11. बैटरियाँ

सेलों का संयोजन बैटरी कहलाता है। प्राथमिक बैटरी एक बार के उपयोग के लिए तथा द्वितीयक बैटरी पुनः आवेशित की जा सकती है।

12. ईंधन सेल

ईंधन सेल रासायनिक ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में बदलता है। हाइड्रोजन-ऑक्सीजन ईंधन सेल इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है।

13. संक्षारण

धातु का अपने वातावरण के साथ रासायनिक या वैद्युतरासायनिक अभिक्रिया द्वारा धीरे-धीरे नष्ट होना संक्षारण कहलाता है।

2 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न 1. गैल्वैनी सेल क्या है?
गैल्वैनी सेल वह वैद्युतरासायनिक सेल है जिसमें स्वतः होने वाली रेडॉक्स अभिक्रिया के कारण रासायनिक ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में बदलती है।
प्रश्न 2. नेर्न्स्ट समीकरण लिखिए।
25°C पर E = E° − (0.0591/n) log Q। यह गैर-मानक परिस्थितियों में सेल विभव ज्ञात करने के लिए प्रयुक्त होता है।
प्रश्न 3. मोलर चालकता क्या है?
विलयन में उपस्थित एक मोल इलेक्ट्रोलाइट से उत्पन्न कुल चालकता को मोलर चालकता कहते हैं। Λm = κ×1000/M

3 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न. गैल्वैनी सेल में एनोड और कैथोड की भूमिका बताइए।
गैल्वैनी सेल में एनोड पर ऑक्सीकरण तथा कैथोड पर अपचयन होता है। एनोड इलेक्ट्रॉन छोड़ता है और कैथोड इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है। बाह्य परिपथ में इलेक्ट्रॉन एनोड से कैथोड की ओर जाते हैं।
प्रश्न. फैराडे के विद्युतअपघटन के नियम लिखिए।
प्रथम नियम के अनुसार इलेक्ट्रोड पर जमा पदार्थ का द्रव्यमान प्रवाहित विद्युत आवेश के समानुपाती होता है। द्वितीय नियम के अनुसार समान मात्रा में विद्युत प्रवाहित करने पर अलग-अलग पदार्थों के जमा द्रव्यमान उनके रासायनिक तुल्यांकों के समानुपाती होते हैं।

4 अंक प्रश्न — उत्तर सहित

प्रश्न. वैद्युतरासायनिक सेल का कार्य सिद्धांत समझाइए।
वैद्युतरासायनिक सेल में ऑक्सीकरण और अपचयन अर्ध-अभिक्रियाएँ अलग-अलग इलेक्ट्रोडों पर होती हैं। गैल्वैनी सेल में रासायनिक अभिक्रिया स्वतः होती है और इसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह होता है। एनोड पर ऑक्सीकरण तथा कैथोड पर अपचयन होता है। इलेक्ट्रॉनों का बाहरी परिपथ से प्रवाह विद्युत धारा उत्पन्न करता है। सेल विभव E°cell = E°cathode − E°anode से ज्ञात किया जा सकता है।
प्रश्न. किसी सेल के लिए E°cathode = 0.80 V तथा E°anode = 0.34 V है। E°cell ज्ञात कीजिए।
E°cell = 0.80 − 0.34 = 0.46 V
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शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी

इकाई 03 — रासायनिक बलगतिकी (07 अंक)

1. रासायनिक अभिक्रिया का वेग

किसी अभिक्रिया में अभिकारक या उत्पाद की सांद्रता में प्रति इकाई समय परिवर्तन अभिक्रिया का वेग कहलाता है।

Rate = −Δ[R]/Δt = Δ[P]/Δt

2. वेग को प्रभावित करने वाले कारक

  • अभिकारकों की प्रकृति
  • सांद्रता
  • तापमान
  • दाब
  • उत्प्रेरक
  • पृष्ठीय क्षेत्रफल

3. वेग नियम

Rate = k[A]m[B]n

4. प्रथम कोटि अभिक्रिया

k = (2.303/t) log(a/(a−x))

5. प्रथम कोटि की अर्ध-आयु

t₁/₂ = 0.693/k

6. शून्य कोटि अभिक्रिया

[R] = [R]₀ − kt

7. तापमान का प्रभाव

तापमान बढ़ाने पर सामान्यतः अभिक्रिया वेग बढ़ता है।

8. आरेनियस समीकरण

k = Ae−Eₐ/RT

9. संघट्ट सिद्धांत

अभिक्रिया तभी होती है जब अभिकारक कणों के बीच प्रभावी संघट्ट हो और उनके पास आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा तथा उचित अभिविन्यास हो।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. अभिक्रिया का वेग क्या है?
अभिकारक की सांद्रता में प्रति इकाई समय कमी या उत्पाद की सांद्रता में प्रति इकाई समय वृद्धि को अभिक्रिया का वेग कहते हैं।
प्रश्न 2. प्रथम कोटि अभिक्रिया की अर्ध-आयु का सूत्र लिखिए।
t₁/₂ = 0.693/k। यह प्रारंभिक सांद्रता से स्वतंत्र होती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. अभिक्रिया वेग को प्रभावित करने वाले तीन कारक समझाइए।
अभिकारकों की सांद्रता बढ़ने से प्रभावी संघट्ट बढ़ते हैं और वेग बढ़ता है। सामान्यतः तापमान बढ़ने पर अधिक कण सक्रियण ऊर्जा पार करते हैं। उत्प्रेरक वैकल्पिक कम सक्रियण ऊर्जा वाला मार्ग देता है और अभिक्रिया का वेग बढ़ा देता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. आरेनियस समीकरण का महत्व समझाइए।
आरेनियस समीकरण k = Ae−Eₐ/RT अभिक्रिया वेग नियतांक k और तापमान T के बीच संबंध बताता है। इसमें Eₐ सक्रियण ऊर्जा है। तापमान बढ़ने पर अधिक अणु सक्रियण ऊर्जा प्राप्त करते हैं और k का मान बढ़ता है। इस समीकरण से सक्रियण ऊर्जा की गणना तथा तापमान के प्रभाव का अध्ययन किया जा सकता है।
प्रश्न. किसी प्रथम कोटि अभिक्रिया के लिए k = 0.00231 s⁻¹ है। अर्ध-आयु ज्ञात कीजिए।
t₁/₂ = 0.693/0.00231 = 300 s
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शिक्षा • अध्ययन • परीक्षा तैयारी

इकाई 04 — d- एवं f-ब्लॉक के तत्व (07 अंक)

1. d-ब्लॉक तत्व

वे तत्व जिनमें अंतिम इलेक्ट्रॉन d-उपकक्षा में प्रवेश करता है, d-ब्लॉक तत्व कहलाते हैं।

2. संक्रमण तत्व

वे तत्व जिनके परमाणु या आयनों में आंशिक रूप से भरी हुई d-उपकक्षा होती है, संक्रमण तत्व कहलाते हैं।

3. सामान्य गुण

  • परिवर्ती ऑक्सीकरण अवस्थाएँ
  • रंगीन आयन
  • समिश्र यौगिक बनाने की प्रवृत्ति
  • उत्प्रेरक गुण
  • चुंबकीय गुण
  • मिश्रधातु निर्माण

4. महत्वपूर्ण यौगिक

पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO₄) और पोटैशियम डाइक्रोमेट (K₂Cr₂O₇) महत्वपूर्ण संक्रमण तत्व यौगिक हैं।

5. लैन्थेनॉयड

लैन्थेनॉयड 4f श्रेणी के तत्व हैं। इनमें सामान्यतः +3 ऑक्सीकरण अवस्था प्रमुख होती है।

6. एक्टिनॉयड

एक्टिनॉयड 5f श्रेणी के तत्व हैं। अधिकांश रेडियोधर्मी होते हैं।

7. लैन्थेनॉयड संकुचन

लैन्थेनॉयड श्रेणी में परमाणु या आयनिक त्रिज्या का क्रमिक कम होना लैन्थेनॉयड संकुचन कहलाता है।

8. अनुप्रयोग

  • उत्प्रेरक
  • मिश्रधातु निर्माण
  • चुंबकीय पदार्थ
  • रंग एवं पिगमेंट
  • नाभिकीय ऊर्जा

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. संक्रमण तत्व क्या हैं?
वे तत्व जिनके परमाणु या किसी सामान्य आयन में आंशिक रूप से भरी d-उपकक्षा होती है, संक्रमण तत्व कहलाते हैं।
प्रश्न 2. लैन्थेनॉयड संकुचन क्या है?
लैन्थेनॉयड श्रेणी में परमाणु एवं आयनिक त्रिज्या के क्रमिक घटने की प्रवृत्ति को लैन्थेनॉयड संकुचन कहते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. संक्रमण तत्वों की सामान्य विशेषताएँ लिखिए।
संक्रमण तत्वों में परिवर्ती ऑक्सीकरण अवस्थाएँ, रंगीन आयनों का निर्माण, समिश्र यौगिक बनाने की क्षमता, चुंबकीय गुण और उत्प्रेरक गुण पाए जाते हैं। कई संक्रमण तत्व मिश्रधातु भी बनाते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. d-ब्लॉक तत्वों के सामान्य गुणों को विस्तार से समझाइए।
d-ब्लॉक तत्व परिवर्ती ऑक्सीकरण अवस्थाएँ प्रदर्शित करते हैं क्योंकि ns तथा (n−1)d इलेक्ट्रॉन दोनों बंधन में भाग ले सकते हैं। अनेक आयन रंगीन होते हैं। अधूरे d-कक्षकों के कारण ये चुंबकीय व्यवहार दिखाते हैं। संक्रमण तत्व समिश्र यौगिक और मिश्रधातुएँ बनाने में सक्षम हैं तथा कई तत्व अच्छे उत्प्रेरक के रूप में कार्य करते हैं।
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इकाई 05 — उपसहसंयोजन यौगिक (07 अंक)

1. वर्नर का सिद्धांत

वर्नर के अनुसार धातु आयन की प्राथमिक तथा द्वितीयक संयोजकताएँ होती हैं। प्राथमिक संयोजकता आयनीकरण योग्य होती है, जबकि द्वितीयक संयोजकता सामान्यतः दिशात्मक होती है और समन्वय संख्या निर्धारित करती है।

2. प्रमुख पारिभाषिक शब्द

  • केन्द्रीय धातु आयन
  • लिगैंड
  • समन्वय संख्या
  • समन्वय मंडल
  • अंदरूनी क्षेत्र
  • बाहरी क्षेत्र

3. लिगैंड

ऐसा आयन या अणु जो अपने अकेले इलेक्ट्रॉन युग्म द्वारा केंद्रीय धातु आयन से समन्वय बंध बनाता है, लिगैंड कहलाता है।

4. समन्वय संख्या

केन्द्रीय धातु से सीधे जुड़े दाता परमाणुओं की संख्या समन्वय संख्या कहलाती है।

5. नामकरण

उपसहसंयोजन यौगिकों का नामकरण लिगैंड और केंद्रीय धातु की प्रकृति तथा ऑक्सीकरण अवस्था के आधार पर किया जाता है।

6. समावयवता

  • आयनन समावयवता
  • जलयोजित समावयवता
  • लिंकेज समावयवता
  • ज्यामितीय समावयवता
  • प्रकाशीय समावयवता

7. समन्वय बंध

धातु और लिगैंड के बीच लिगैंड द्वारा इलेक्ट्रॉन युग्म दान करने से बनने वाला बंध समन्वय बंध कहलाता है।

8. धातु कार्बोनिल

कार्बन मोनोऑक्साइड को लिगैंड के रूप में रखने वाले धातु समिश्रों को धातु कार्बोनिल कहते हैं। इनमें σ-दाता और π-बैक बॉन्डिंग दोनों महत्वपूर्ण हैं।

9. महत्व एवं अनुप्रयोग

  • जैविक प्रणालियों में
  • धातु निष्कर्षण
  • औषधि
  • विश्लेषणात्मक रसायन
  • उत्प्रेरक
  • रंग और पिगमेंट

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. लिगैंड क्या है?
वह आयन या अणु जो अपना अकेला इलेक्ट्रॉन युग्म केंद्रीय धातु आयन को देकर समन्वय बंध बनाता है, लिगैंड कहलाता है।
प्रश्न 2. समन्वय संख्या क्या है?
केंद्रीय धातु आयन से सीधे जुड़े दाता परमाणुओं की संख्या समन्वय संख्या कहलाती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. वर्नर के सिद्धांत की मुख्य बातें लिखिए।
धातु आयन की दो प्रकार की संयोजकताएँ होती हैं—प्राथमिक और द्वितीयक। प्राथमिक संयोजकता आयनीकरण योग्य होती है जबकि द्वितीयक संयोजकता समन्वय संख्या और ज्यामिति निर्धारित करती है। द्वितीयक संयोजकता दिशात्मक होती है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. उपसहसंयोजन यौगिकों में समावयवता को समझाइए।
एक ही आण्विक सूत्र वाले लेकिन विभिन्न संरचना या व्यवस्था वाले समिश्र समावयवी कहलाते हैं। उपसहसंयोजन यौगिकों में आयनन, जलयोजित, लिंकेज, ज्यामितीय और प्रकाशीय समावयवता पाई जा सकती है। उदाहरण के लिए लिगैंडों की अलग-अलग स्थिति से cis-trans समावयव बन सकते हैं। अलग लिगैंड के दाता परमाणु बदलने से linkage isomerism हो सकता है।
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इकाई 06 — हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन (06 अंक)

1. वर्गीकरण

एलिफेटिक हैलाइडों को मोनो, डाइ, पॉलीहैलाइड तथा प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक ऐल्किल हैलाइडों में वर्गीकृत किया जाता है।

2. नामपद्धति

हैलोजन को fluoro, chloro, bromo, iodo उपसर्गों से व्यक्त किया जाता है।

3. C–X बंध की प्रकृति

हैलोजन की विद्युतऋणात्मकता अधिक होने के कारण C–X बंध ध्रुवीय होता है।

4. ऐल्किल हैलाइडों का विरचन

  • ऐल्कोहॉल से
  • हैलोजन से प्रतिस्थापन
  • हैलोजन का योग

5. हैलोएरीनों का विरचन

एरोमैटिक हाइड्रोकार्बनों के electrophilic substitution द्वारा हैलोएरीन बनाए जा सकते हैं।

6. भौतिक गुण

अधिकांश हैलोऐल्केन जल में कम घुलनशील और कार्बनिक विलायकों में अधिक घुलनशील होते हैं।

7. प्रमुख रासायनिक अभिक्रियाएँ

नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन: R–X + Nu⁻ → R–Nu + X⁻

उन्मूलन: अल्कीन का निर्माण हो सकता है।

8. पॉलिहैलोजन यौगिक

दो या अधिक हैलोजन परमाणु वाले यौगिक पॉलिहैलोजन यौगिक कहलाते हैं। इनके कुछ औद्योगिक और औषधीय महत्व हैं, जबकि कुछ पर्यावरणीय दृष्टि से हानिकारक हो सकते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. C–X बंध ध्रुवीय क्यों है?
हैलोजन की विद्युतऋणात्मकता कार्बन से अधिक होने के कारण बंधित इलेक्ट्रॉन हैलोजन की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। इसलिए C–X बंध ध्रुवीय होता है।
प्रश्न 2. प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐल्किल हैलाइड क्या हैं?
जिस कार्बन पर हैलोजन जुड़ा है वह यदि क्रमशः एक, दो या तीन अन्य कार्बन से जुड़ा हो तो संबंधित यौगिक प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐल्किल हैलाइड कहलाते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया को समझाइए।
इस अभिक्रिया में नाभिकस्नेही अभिकर्मक कार्बन से जुड़े हैलोजन को विस्थापित करता है। सामान्य रूप में R–X + Nu⁻ → R–Nu + X⁻। इसकी गति और तंत्र सब्सट्रेट की संरचना, नाभिकस्नेही तथा विलायक पर निर्भर करते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. SN1 और SN2 अभिक्रियाओं में अंतर बताइए।
SN1 अभिक्रिया दो चरणों में होती है और कार्बोकैटायन मध्यवर्ती बनता है। इसकी दर केवल सब्सट्रेट की सांद्रता पर निर्भर करती है। SN2 अभिक्रिया एक चरण में होती है और इसमें नाभिकस्नेही तथा सब्सट्रेट दोनों भाग लेते हैं। SN2 में पीछे से आक्रमण होने के कारण विन्यास का inversion होता है, जबकि SN1 में racemization की संभावना होती है।
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इकाई 07 — ऐल्कोहॉल, फीनॉल एवं ईथर (06 अंक)

1. ऐल्कोहॉल

ऐसे कार्बनिक यौगिक जिनमें –OH समूह संतृप्त कार्बन से जुड़ा हो, ऐल्कोहॉल कहलाते हैं।

2. वर्गीकरण

  • एकहाइड्रिक, द्विहाइड्रिक, बहुहाइड्रिक
  • प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक

3. फीनॉल

जब –OH समूह सीधे बेंजीन वलय के कार्बन से जुड़ा हो तो यौगिक फीनॉल कहलाता है।

4. ईथर

R–O–R′ संरचना वाले यौगिक ईथर कहलाते हैं।

5. ऐल्कोहॉल का विरचन

  • अल्कीन का जलयोजन
  • हैलोऐल्केन का जल अपघटन
  • एल्डिहाइड/कीटोन का अपचयन

6. फीनॉल का विरचन

क्यूमीन प्रक्रिया सहित विभिन्न औद्योगिक विधियों से फीनॉल बनाया जा सकता है।

7. प्रमुख रासायनिक अभिक्रियाएँ

ऐल्कोहॉल ऑक्सीकरण, निर्जलीकरण, एस्टरीकरण आदि अभिक्रियाएँ करते हैं।

फीनॉल में electrophilic substitution आसानी से होती है।

8. औद्योगिक महत्व

मेथेनॉल, एथेनॉल और फीनॉल का उपयोग विलायक, ईंधन, औषधि, रेजिन, कीटाणुनाशक आदि में होता है।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. ऐल्कोहॉल और फीनॉल में अंतर बताइए।
ऐल्कोहॉल में –OH समूह संतृप्त कार्बन से जुड़ा होता है, जबकि फीनॉल में –OH सीधे बेंजीन वलय से जुड़ा होता है।
प्रश्न 2. ईथर क्या है?
दो कार्बनिक समूहों से जुड़े ऑक्सीजन परमाणु वाले यौगिक R–O–R′ को ईथर कहते हैं।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. फीनॉल अम्लीय क्यों है?
फीनॉल से H⁺ निकलने के बाद बनने वाला फीनॉक्साइड आयन अनुनाद के कारण स्थिर हो जाता है। इस स्थिरता के कारण फीनॉल ऐल्कोहॉल की तुलना में अधिक अम्लीय होता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. ऐल्कोहॉलों की प्रमुख रासायनिक अभिक्रियाएँ लिखिए।
1. सोडियम से: 2ROH + 2Na → 2RONa + H₂
2. निर्जलीकरण: ROH → Alkene + H₂O
3. ऑक्सीकरण: प्राथमिक ऐल्कोहॉल → एल्डिहाइड → अम्ल
4. एस्टरीकरण: ROH + R′COOH ⇌ R′COOR + H₂O
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इकाई 08 — ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल (08 अंक)

1. कार्बोनिल समूह

ऐल्डिहाइड और कीटोन में उपस्थित C=O समूह को कार्बोनिल समूह कहते हैं।

2. ऐल्डिहाइड

R–CHO सामान्य संरचना वाले यौगिक ऐल्डिहाइड कहलाते हैं।

3. कीटोन

R–CO–R′ सामान्य संरचना वाले यौगिक कीटोन कहलाते हैं।

4. विरचन

  • प्राथमिक ऐल्कोहॉल के नियंत्रित ऑक्सीकरण से ऐल्डिहाइड
  • द्वितीयक ऐल्कोहॉल के ऑक्सीकरण से कीटोन
  • अन्य कार्बनिक विधियाँ

5. प्रमुख रासायनिक अभिक्रियाएँ

न्यूक्लियोफिलिक योग: कार्बोनिल समूह पर नाभिकस्नेही का योग।

ऑक्सीकरण: ऐल्डिहाइड आसानी से कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकृत होते हैं।

अपचयन: ऐल्डिहाइड एवं कीटोन क्रमशः ऐल्कोहॉल देते हैं।

6. टॉलेंस परीक्षण

ऐल्डिहाइड टॉलेंस अभिकर्मक को अपचयित करके रजत दर्पण उत्पन्न करते हैं।

7. फेहलिंग परीक्षण

कई ऐलिफैटिक ऐल्डिहाइड फेहलिंग विलयन को लाल Cu₂O अवक्षेप में बदलते हैं।

8. कार्बोक्सिलिक अम्ल

–COOH समूह वाले कार्बनिक यौगिक कार्बोक्सिलिक अम्ल कहलाते हैं।

9. अम्लता

कार्बोक्सिलिक अम्ल H⁺ देने में सक्षम होते हैं। कार्बोक्सिलेट आयन अनुनाद के कारण स्थिर होता है।

10. प्रमुख अभिक्रियाएँ

  • लवण निर्माण
  • एस्टरीकरण
  • अपचयन
  • डीकार्बॉक्सीलेशन

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. टॉलेंस परीक्षण क्या है?
ऐल्डिहाइड टॉलेंस अभिकर्मक को अपचयित करके धात्विक चाँदी की परत बनाते हैं। इसे सिल्वर मिरर टेस्ट कहते हैं।
प्रश्न 2. कार्बोक्सिलिक अम्ल अधिक अम्लीय क्यों होते हैं?
कार्बोक्सिलिक अम्ल से H⁺ निकलने पर बनने वाला कार्बोक्सिलेट आयन अनुनाद द्वारा स्थिर होता है। इस स्थिरता के कारण अम्लीयता बढ़ती है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. ऐल्डिहाइड और कीटोन में अंतर बताइए।
ऐल्डिहाइड में कार्बोनिल समूह के साथ कम से कम एक H जुड़ा होता है, जबकि कीटोन में कार्बोनिल समूह दोनों ओर कार्बनिक समूहों से जुड़ा रहता है। ऐल्डिहाइड सामान्यतः कीटोन की तुलना में अधिक आसानी से ऑक्सीकृत होते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. ऐल्डिहाइडों एवं कीटोनों की प्रमुख रासायनिक अभिक्रियाएँ समझाइए।
कार्बोनिल यौगिक नाभिकस्नेही योग अभिक्रियाएँ करते हैं। ऐल्डिहाइड आसानी से ऑक्सीकृत होकर कार्बोक्सिलिक अम्ल देते हैं। ऐल्डिहाइड और कीटोन दोनों अपचयन से क्रमशः प्राथमिक और द्वितीयक ऐल्कोहॉल दे सकते हैं। कुछ यौगिकों में एल्डोल संघनन जैसी अभिक्रियाएँ भी होती हैं। पहचान के लिए टॉलेंस एवं फेहलिंग परीक्षण महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न. एथेनोइक अम्ल और एथेनॉल की अभिक्रिया का समीकरण लिखिए।
CH₃COOH + C₂H₅OH ⇌ CH₃COOC₂H₅ + H₂O
उत्पाद: एथाइल एथेनोएट (एस्टर)
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इकाई 09 — ऐमीन (06 अंक)

1. संरचना एवं वर्गीकरण

अमोनिया के हाइड्रोजन परमाणुओं को ऐल्किल या एरिल समूहों से प्रतिस्थापित करने पर प्राप्त यौगिक ऐमीन कहलाते हैं।

प्रकारसामान्य रूप
प्राथमिकRNH₂
द्वितीयकR₂NH
तृतीयकR₃N

2. ऐमीनों का विरचन

  • नाइट्रो यौगिकों का अपचयन
  • हैलोऐल्केन का अमोनिया से अभिक्रिया
  • गैब्रियल संश्लेषण
  • हॉफमैन ब्रोमामाइड अभिक्रिया

3. भौतिक गुण

निम्न आणविक द्रव्यमान वाले ऐमीन जल में घुलनशील हो सकते हैं। उनके क्वथनांक संरचना और हाइड्रोजन बंधन से प्रभावित होते हैं।

4. क्षारीयता

नाइट्रोजन के lone pair के कारण ऐमीन प्रोटॉन ग्रहण कर सकते हैं और क्षारीय व्यवहार प्रदर्शित करते हैं।

5. डाइएजोनियम लवण

प्राथमिक सुगंधित ऐमीन की नाइट्रस अम्ल के साथ निम्न तापमान पर अभिक्रिया से एरिल डाइएजोनियम लवण बनते हैं।

ArNH₂ + NaNO₂ + HCl → ArN₂⁺Cl⁻ + 2H₂O

6. डाइएजोनियम लवणों की अभिक्रियाएँ

  • Sandmeyer reaction
  • Gattermann reaction
  • युग्मन अभिक्रिया
  • हाइड्रोलिसिस

7. महत्व

डाइएजोनियम लवण विभिन्न सुगंधित यौगिकों, रंगों और अन्य कार्बनिक यौगिकों के संश्लेषण में महत्वपूर्ण मध्यवर्ती हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐमीन क्या हैं?
एक, दो या तीन कार्बनिक समूहों से क्रमशः जुड़े नाइट्रोजन वाले ऐमीन प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐमीन कहलाते हैं। उनके सामान्य सूत्र RNH₂, R₂NH और R₃N हैं।
प्रश्न 2. डाइएजोनियम लवण क्या है?
ऐसा यौगिक जिसमें –N₂⁺ समूह किसी कार्बनिक समूह, विशेषकर एरिल समूह, से जुड़ा हो, डाइएजोनियम लवण कहलाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. ऐमीनों की क्षारीयता का कारण समझाइए।
नाइट्रोजन परमाणु पर lone pair उपस्थित होता है। यह प्रोटॉन ग्रहण कर सकता है, इसलिए ऐमीन क्षारीय व्यवहार करते हैं। क्षारीयता पर अल्किल समूह का +I प्रभाव, अनुनाद तथा विलायक का प्रभाव पड़ता है।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. डाइएजोनियम लवणों का कार्बनिक संश्लेषण में महत्व समझाइए।
डाइएजोनियम लवण सुगंधित कार्बनिक संश्लेषण में अत्यंत उपयोगी मध्यवर्ती हैं। इनके माध्यम से –Cl, –Br, –I, –OH आदि समूहों को बेंजीन वलय में स्थापित किया जा सकता है। Sandmeyer और Gattermann अभिक्रियाओं द्वारा विभिन्न हैलोऐरीन बनाए जा सकते हैं। डाइएजोनियम लवण से azo dyes भी तैयार किए जाते हैं। इसलिए वे सुगंधित यौगिकों के संश्लेषण में महत्वपूर्ण हैं।
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इकाई 10 — जैव-अणु (07 अंक)

1. जैव-अणु

जीवित कोशिकाओं में पाए जाने वाले कार्बनिक यौगिक जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, न्यूक्लीक अम्ल आदि जैव-अणु कहलाते हैं।

2. कार्बोहाइड्रेट

कार्बोहाइड्रेट बहुहाइड्रॉक्सी एल्डिहाइड या कीटोन अथवा जल अपघटन पर ऐसे यौगिक देने वाले पदार्थ हैं।

3. वर्गीकरण

  • मोनोसैकेराइड
  • ओलिगोसैकेराइड
  • पॉलीसैकेराइड

4. ग्लूकोज़

ग्लूकोज़ एक महत्वपूर्ण मोनोसैकेराइड है। यह ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है।

5. सुक्रोज

ग्लूकोज़ और फ्रक्टोज के संयोग से बना डिसैकेराइड सुक्रोज है।

6. प्रोटीन

अमीनो अम्लों से बने उच्च आणविक द्रव्यमान वाले जैव-अणु प्रोटीन कहलाते हैं। अमीनो अम्ल peptide bond द्वारा जुड़े होते हैं।

–CO–NH– = पेप्टाइड बंध

7. प्रोटीन की संरचना

  • प्राथमिक
  • द्वितीयक
  • तृतीयक
  • चतुर्थक

8. एन्जाइम

अधिकांश एन्जाइम प्रोटीन प्रकृति के जैव उत्प्रेरक हैं। वे शरीर में रासायनिक अभिक्रियाओं की दर बढ़ाते हैं।

9. विटामिन

जीवन के लिए आवश्यक ऐसे कार्बनिक सूक्ष्म पोषक पदार्थ जिन्हें शरीर पर्याप्त मात्रा में स्वयं नहीं बना पाता, विटामिन कहलाते हैं।

10. विटामिन के प्रकार

विटामिनघुलनशीलताप्रमुख कार्य
Aवसा मेंदृष्टि
B समूहजल मेंचयापचय
Cजल मेंऊतक एवं प्रतिरक्षा
Dवसा मेंकैल्शियम अवशोषण
Eवसा मेंएंटीऑक्सीडेंट भूमिका
Kवसा मेंरक्त का थक्का बनना

11. न्यूक्लीक अम्ल

DNA और RNA प्रमुख न्यूक्लीक अम्ल हैं। ये आनुवंशिक सूचना के भंडारण और संचरण से संबंधित हैं।

12. न्यूक्लियोटाइड

नाइट्रोजनी क्षार + शर्करा + फॉस्फेट समूह मिलकर न्यूक्लियोटाइड बनाते हैं।

13. हार्मोन

अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहक पदार्थ हार्मोन कहलाते हैं। ये शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।

2 अंक प्रश्न

प्रश्न 1. कार्बोहाइड्रेट क्या हैं?
कार्बोहाइड्रेट बहुहाइड्रॉक्सी एल्डिहाइड या कीटोन अथवा जल अपघटन पर ऐसे यौगिक देने वाले जैव-अणु हैं। ग्लूकोज़ इसका उदाहरण है।
प्रश्न 2. पेप्टाइड बंध क्या है?
दो अमीनो अम्लों के –COOH और –NH₂ समूहों के बीच संघनन से बनने वाला –CO–NH– बंध पेप्टाइड बंध कहलाता है।
प्रश्न 3. DNA और RNA में एक अंतर बताइए।
DNA में सामान्यतः deoxyribose शर्करा होती है, जबकि RNA में ribose शर्करा होती है। RNA में thymine के स्थान पर uracil पाया जाता है।

3 अंक प्रश्न

प्रश्न. प्रोटीन की संरचना के विभिन्न स्तर समझाइए।
प्राथमिक संरचना अमीनो अम्लों का क्रम है। द्वितीयक संरचना में α-helix और β-sheet जैसी संरचनाएँ होती हैं। तृतीयक संरचना पूरे polypeptide के त्रिविमीय वलन को दर्शाती है। एक से अधिक polypeptide श्रृंखलाओं के संगठन से चतुर्थक संरचना बनती है।
प्रश्न. एन्जाइमों की तीन विशेषताएँ बताइए।
एन्जाइम अत्यंत प्रभावी जैव उत्प्रेरक होते हैं। वे अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा कम करके वेग बढ़ाते हैं। उनमें विशिष्टता होती है और सामान्यतः वे निश्चित तापमान तथा pH के आसपास सर्वोत्तम कार्य करते हैं।

4 अंक प्रश्न

प्रश्न. कार्बोहाइड्रेटों का वर्गीकरण उदाहरण सहित समझाइए।
मोनोसैकेराइड: जल अपघटन से और छोटे कार्बोहाइड्रेट में नहीं टूटते; उदाहरण ग्लूकोज़, फ्रक्टोज।
ओलिगोसैकेराइड: जल अपघटन पर 2 से 10 मोनोसैकेराइड इकाइयाँ देते हैं; उदाहरण सुक्रोज।
पॉलीसैकेराइड: बड़ी संख्या में मोनोसैकेराइड इकाइयों से बने होते हैं; उदाहरण स्टार्च, सेल्यूलोज।
प्रश्न. DNA की संरचना और कार्य समझाइए।
DNA एक न्यूक्लीक अम्ल है जिसमें deoxyribose शर्करा, फॉस्फेट और नाइट्रोजनी क्षारों से बने न्यूक्लियोटाइड होते हैं। इसमें adenine, guanine, cytosine और thymine प्रमुख क्षार हैं। DNA की द्वि-कुंडलित संरचना आनुवंशिक सूचना के भंडारण और संचरण के लिए महत्वपूर्ण है। यह प्रोटीन संश्लेषण के लिए आनुवंशिक निर्देश प्रदान करता है और आनुवंशिकता का आधार है।
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कक्षा 12वीं रसायन शास्त्र — अत्यंत महत्वपूर्ण सूत्र

इकाईसूत्र
विलयनM = मोल/लीटर विलयन
विलयनm = मोल/kg विलायक
अणुसंख्यΔTb = Kbm
अणुसंख्यΔTf = Kfm
अणुसंख्यπ = CRT
विद्युतरसायनE°cell = E°cathode − E°anode
विद्युतरसायनE = E° − (0.0591/n) logQ
चालकत्वG = 1/R
मोलर चालकताΛm = κ×1000/M
फैराडे नियमm = ZIt
गतिकीRate = k[A]m[B]n
प्रथम कोटिk = (2.303/t)log[a/(a−x)]
प्रथम कोटिt₁/₂ = 0.693/k
शून्य कोटि[R] = [R]₀ − kt
आरेनियसk = Ae−Eₐ/RT

अत्यंत महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न — उत्तर सहित

सही विकल्प

  1. मोलरता का मात्रक है— mol L⁻¹
  2. परासरण दाब का सूत्र है— π = CRT
  3. गैल्वैनी सेल में ऑक्सीकरण होता है— एनोड पर
  4. प्रथम कोटि अभिक्रिया की अर्ध-आयु है— 0.693/k
  5. KMnO₄ है— संक्रमण तत्व का महत्वपूर्ण यौगिक
  6. लिगैंड अपना इलेक्ट्रॉन युग्म देता है— केंद्रीय धातु को
  7. SN2 अभिक्रिया होती है— एक चरण में
  8. फीनॉल में –OH समूह जुड़ा होता है— बेंजीन वलय से सीधे
  9. टॉलेंस अभिकर्मक को अपचयित करता है— ऐल्डिहाइड
  10. डाइएजोनियम लवण का महत्वपूर्ण उपयोग है— सुगंधित यौगिकों का संश्लेषण
  11. प्रोटीन की मूल इकाई है— अमीनो अम्ल
  12. DNA में शर्करा है— डीऑक्सीराइबोज

रिक्त स्थान — उत्तर सहित

  1. विलेय के मोल प्रति लीटर विलयन को ________ कहते हैं। — मोलरता
  2. विलेय के मोल प्रति kg विलायक को ________ कहते हैं। — मोललता
  3. गैल्वैनी सेल में ________ एनोड पर होता है। — ऑक्सीकरण
  4. पहले क्रम की अभिक्रिया की अर्ध-आयु ________ होती है। — 0.693/k
  5. CO कार्बोनिल यौगिकों में ________ समूह है। — लिगैंड
  6. p-प्रकार अर्धचालक में ________ बहुसंख्यक होते हैं। — होल
  7. ऐल्डिहाइड में ________ समूह उपस्थित होता है। — –CHO
  8. फीनॉल का सूत्र ________ है। — C₆H₅OH
  9. DNA की शर्करा ________ है। — डीऑक्सीराइबोज
  10. प्रोटीन में ________ बंध पाया जाता है। — पेप्टाइड

सत्य / असत्य — उत्तर सहित

  1. मोलरता तापमान पर निर्भर करती है। — सत्य
  2. मोललता तापमान से स्वतंत्र मानी जाती है। — सत्य
  3. गैल्वैनी सेल में कैथोड पर ऑक्सीकरण होता है। — असत्य
  4. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को प्रभावित करता है। — सत्य
  5. सभी d-ब्लॉक तत्व संक्रमण तत्व होते हैं। — असत्य
  6. लिगैंड केंद्रीय धातु को इलेक्ट्रॉन युग्म देता है। — सत्य
  7. SN1 अभिक्रिया में कार्बोकैटायन मध्यवर्ती बन सकता है। — सत्य
  8. फीनॉल साधारण ऐल्कोहॉल से अधिक अम्लीय है। — सत्य
  9. कीटोन टॉलेंस परीक्षण हमेशा देते हैं। — असत्य
  10. DNA एक न्यूक्लीक अम्ल है। — सत्य

सही जोड़ी — उत्तर सहित

कॉलम Aकॉलम B
1. राउल्ट नियमवाष्प दाब
2. नेर्न्स्ट समीकरणसेल विभव
3. आरेनियस समीकरणअभिक्रिया वेग
4. वर्नर सिद्धांतउपसहसंयोजन यौगिक
5. टॉलेंस परीक्षणऐल्डिहाइड

एक वाक्य में उत्तर

  1. विलयन क्या है? — दो या अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण।
  2. परासरण दाब का सूत्र क्या है? — π = CRT।
  3. गैल्वैनी सेल में ऑक्सीकरण कहाँ होता है? — एनोड पर।
  4. प्रथम कोटि की अर्ध-आयु का सूत्र क्या है? — 0.693/k।
  5. संक्रमण तत्व क्या हैं? — आंशिक रूप से भरी d-उपकक्षा वाले तत्व।
  6. लिगैंड क्या है? — केंद्रीय धातु को इलेक्ट्रॉन युग्म देने वाला आयन या अणु।
  7. फीनॉल क्या है? — बेंजीन वलय से सीधे जुड़ा –OH युक्त यौगिक।
  8. टॉलेंस परीक्षण किसके लिए है? — ऐल्डिहाइड के लिए।
  9. डाइएजोनियम लवण का प्रमुख उपयोग क्या है? — सुगंधित यौगिकों का संश्लेषण।
  10. DNA की शर्करा कौन-सी है? — डीऑक्सीराइबोज।

महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न — पूर्ण उत्तर सहित

प्रश्न 1. 5.85 g NaCl को 500 mL विलयन में घोला गया। NaCl की मोलरता ज्ञात कीजिए। (NaCl = 58.5 g mol⁻¹)
मोल = 5.85/58.5 = 0.1 mol
आयतन = 0.5 L
M = 0.1/0.5 = 0.2 M
प्रश्न 2. किसी प्रथम कोटि अभिक्रिया का k = 0.003465 s⁻¹ है। अर्ध-आयु ज्ञात कीजिए।
t₁/₂ = 0.693/0.003465 = 200 s
प्रश्न 3. किसी सेल के लिए E°cathode = 1.10 V और E°anode = 0.76 V है। E°cell ज्ञात कीजिए।
E°cell = 1.10 − 0.76 = 0.34 V
प्रश्न 4. 2 mol इलेक्ट्रॉनों के लिए विद्युत आवेश कितना होगा? (F = 96500 C mol⁻¹)
Q = nF = 2×96500 = 193000 C
प्रश्न 5. 0.5 mol विलेय को 2 kg विलायक में घोला गया। मोललता ज्ञात कीजिए।
m = 0.5/2 = 0.25 mol kg⁻¹

कक्षा 12वीं रसायन शास्त्र — 60 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. विलयन की परिभाषा एवं प्रकार लिखिए।
  2. मोलरता और मोललता में अंतर।
  3. राउल्ट का नियम लिखिए।
  4. आदर्श और अनादर्श विलयन।
  5. अणुसंख्य गुणधर्म क्या हैं?
  6. परासरण दाब समझाइए।
  7. असामान्य मोलर द्रव्यमान क्या है?
  8. गैल्वैनी सेल का सिद्धांत।
  9. नेर्न्स्ट समीकरण।
  10. मोलर चालकता।
  11. कोहलरॉश का नियम।
  12. फैराडे के विद्युतअपघटन नियम।
  13. ईंधन सेल।
  14. संक्षारण एवं उसकी रोकथाम।
  15. रासायनिक अभिक्रिया का वेग।
  16. वेग को प्रभावित करने वाले कारक।
  17. प्रथम कोटि अभिक्रिया।
  18. अर्ध-आयु।
  19. आरेनियस समीकरण।
  20. संघट्ट सिद्धांत।
  21. संक्रमण तत्वों की विशेषताएँ।
  22. लैन्थेनॉयड संकुचन।
  23. लैन्थेनॉयड और एक्टिनॉयड में अंतर।
  24. KMnO₄ के गुण।
  25. K₂Cr₂O₇ के गुण।
  26. वर्नर का सिद्धांत।
  27. लिगैंड एवं समन्वय संख्या।
  28. उपसहसंयोजन यौगिकों का नामकरण।
  29. समावयवता।
  30. धातु कार्बोनिल।
  31. हैलोऐल्केन का वर्गीकरण।
  32. C–X बंध की प्रकृति।
  33. SN1 और SN2 में अंतर।
  34. हैलोएरीन की अभिक्रियाएँ।
  35. ऐल्कोहॉल का विरचन।
  36. ऐल्कोहॉलों की प्रमुख अभिक्रियाएँ।
  37. फीनॉल की अम्लीयता।
  38. फीनॉल की प्रमुख अभिक्रियाएँ।
  39. ईथर का नामकरण एवं उपयोग।
  40. ऐल्डिहाइड और कीटोन में अंतर।
  41. टॉलेंस परीक्षण।
  42. फेहलिंग परीक्षण।
  43. ऐल्डिहाइड एवं कीटोन का न्यूक्लियोफिलिक योग।
  44. कार्बोक्सिलिक अम्लों की अम्लीयता।
  45. एस्टरीकरण।
  46. ऐमीन का वर्गीकरण।
  47. ऐमीनों की क्षारीयता।
  48. डाइएजोनियम लवण का विरचन।
  49. Sandmeyer अभिक्रिया।
  50. कार्बोहाइड्रेट का वर्गीकरण।
  51. ग्लूकोज़ की संरचना।
  52. प्रोटीन क्या हैं?
  53. पेप्टाइड बंध।
  54. प्रोटीन की संरचना के स्तर।
  55. एन्जाइम के गुण।
  56. विटामिन एवं उनका वर्गीकरण।
  57. DNA और RNA में अंतर।
  58. न्यूक्लियोटाइड क्या है?
  59. हार्मोन क्या हैं?
  60. जैव-अणुओं का दैनिक जीवन में महत्व।

एक नजर में — पूरे पाठ्यक्रम का त्वरित रिवीजन

Unit 1 — विलयन
मोलरता • मोललता • राउल्ट • अणुसंख्य • ΔTb • ΔTf • π
Unit 2 — वैद्युतरसायन
Cell • Nernst • Conductance • Kohlrausch • Electrolysis • Battery • Corrosion
Unit 3 — बलगतिकी
Rate • Order • Integrated equation • Half-life • Arrhenius • Collision theory
Unit 4 — d/f Block
Transition elements • KMnO₄ • K₂Cr₂O₇ • Lanthanides • Actinides
Unit 5 — Coordination
Werner • Ligand • Coordination number • Isomerism • Bonding • Applications
Unit 6 — Haloalkanes
C-X bond • Preparation • SN1 • SN2 • Haloarenes • Polyhalogen compounds
Unit 7 — Alcohol/Phenol/Ether
Preparation • Properties • Acidity • Reactions • Uses
Unit 8 — Carbonyl
Aldehyde • Ketone • Tollens • Fehling • Carboxylic acid • Esterification
Unit 9 — Amines
Classification • Basicity • Preparation • Diazonium salts • Sandmeyer
Unit 10 — Biomolecules
Carbohydrates • Proteins • Enzymes • Vitamins • DNA/RNA • Hormones

परीक्षा-पूर्व अंतिम चेकलिस्ट

  • हर इकाई से परिभाषाएँ याद करें।
  • सभी प्रमुख सूत्र अलग नोटबुक में लिखें।
  • विलयन के संख्यात्मक प्रश्नों का अभ्यास करें।
  • नेर्न्स्ट समीकरण एवं विद्युतरसायन के numerical अवश्य करें।
  • बलगतिकी में प्रथम कोटि, अर्ध-आयु और Arrhenius पर विशेष ध्यान दें।
  • d एवं f ब्लॉक में रंग, ऑक्सीकरण अवस्था, चुंबकत्व और प्रमुख यौगिक तैयार करें।
  • Coordination compounds में नामकरण और isomerism का अभ्यास करें।
  • Organic chemistry में प्रत्येक reaction के लिए अभिकारक + परिस्थिति + उत्पाद याद करें।
  • SN1/SN2, oxidation/reduction और named reactions विशेष रूप से तैयार करें।
  • Alcohol, phenol और ether की मुख्य अभिक्रियाएँ लिखना सीखें।
  • Aldehyde/ketone में Tollens और Fehling tests अवश्य याद करें।
  • Amines में basicity और diazonium salt reactions तैयार करें।
  • Biomolecules में carbohydrate classification और protein structure याद करें।
  • DNA/RNA के अंतर तथा vitamins के कार्य तैयार करें।
  • 1 अंक के प्रश्नों के लिए formula, नाम, reagent, product और definition आधारित facts दोहराएँ।
  • 2 अंक में परिभाषा + सूत्र/दो मुख्य बिंदु लिखें।
  • 3 अंक में अवधारणा + क्रमबद्ध तीन बिंदु दें।
  • 4 अंक में सिद्धांत/अभिक्रिया + समीकरण + उपयोग/निष्कर्ष लिखें।
रसायन शास्त्र में अंक बढ़ाने की रणनीति: Organic chemistry में अभिक्रियाएँ “यौगिक → अभिकर्मक/परिस्थिति → उत्पाद” रूप में याद करें। Physical chemistry में “सूत्र → मान रखना → गणना → इकाई → उत्तर” क्रम अपनाएँ। Inorganic chemistry में गुण + कारण + उदाहरण + उपयोग के रूप में तैयारी करें।

इस अध्ययन सामग्री की मुख्य विशेषताएँ

 ब्लूप्रिंट एवं संशोधित पाठ्यक्रम अनुरूप: 70 अंक की सैद्धांतिक परीक्षा के लिए 1, 2, 3 एवं 4/5 अंक वाले प्रश्नों का ब्लूप्रिंट के अनुसार सटीक विभाजन।

 परीक्षा-उपयोगी प्रश्न बैंक:

  • वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ / रिक्त स्थान / सही जोड़ी / एक शब्द उत्तर): 28 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए अध्यायवार महत्वपूर्ण तथ्य।
  • अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक): कारण बताओ प्रश्न, परिभाषाएं एवं लघु अंतर।
  • लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक): रासायनिक परीक्षण, परिवर्तन (Conversions) एवं नियम।
  • दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4/5 अंक): विस्तृत अभिक्रिया क्रियाविधि (Mechanisms) एवं सिद्धांत।

 डिस्क्लेमर (Disclaimer)

अस्वीकरण (Disclaimer): इस पोस्ट में उपलब्ध कराई गई अंक योजना, पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों एवं सत्र 2026-27 के शैक्षणिक प्रारूप पर आधारित है। यह सामग्री केवल विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, अभ्यास और मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार की गई है। परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार के आधिकारिक संशोधन, प्रायोगिक परीक्षा दिशा-निर्देश अथवा अंतिम घोषणा के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी सूचनाओं को ही अंतिम रूप से प्रामाणिक माना जाए। 

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