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MP TET Learning and Pedagogy Part- 3 अधिगम और शिक्षा शास्त्र : समस्या समाधानकर्ता और वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बच्चा |

समस्या समाधानकर्ता और वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बच्चा | MP TET CDP

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MP TET Learning and Pedagogy Part- अधिगम और शिक्षा शास्त्र 3 समस्या समाधानकर्ता और वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बच्चा | MP TET CDP

बच्चा: एक समस्या समाधानकर्ता और वैज्ञानिक अन्वेषक

आधुनिक बाल मनोविज्ञान और रचनावादी (Constructivist) दृष्टिकोण मानता है कि बच्चा अपने वातावरण में सक्रिय रूप से खोज करता है।

  • वैज्ञानिक अन्वेषक (Scientific Investigator): बच्चे जन्मजात जिज्ञासु होते हैं। वे अपने आसपास की दुनिया को समझने के लिए प्रयोग करते हैं, तर्क करते हैं और निष्कर्ष निकालते हैं—ठीक उसी तरह जैसे एक वैज्ञानिक करता है।
  • समस्या समाधानकर्ता (Problem Solver): बच्चे हर दिन नई चुनौतियों का सामना करते हैं। वे अपनी पूर्व जानकारी और तर्कशक्ति का उपयोग करके समस्याओं को सुलझाना सीखते हैं।

सीखने में खोजबीन की भूमिका

  • अन्वेषण (Exploration): बच्चों को वस्तुओं को छूने, देखने और उनका परीक्षण करने का अवसर मिलना चाहिए।
  • अधिगम प्रक्रिया: जब बच्चे स्वयं किसी समस्या को हल करते हैं, तो उनका अधिगम (Learning) अधिक प्रभावी और स्थायी होता है।
  • शिक्षक का दायित्व: शिक्षक को बच्चों के 'क्यों' और 'कैसे' वाले प्रश्नों का स्वागत करना चाहिए, न कि उन्हें चुप कराना चाहिए।
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📌 अभ्यास हेतु MCQs

Q1. बच्चों को 'नन्हे वैज्ञानिक' किसने कहा है?
A) वाइगोत्स्की 
B) जीन पियाजे 
C) स्किनर 
D) वाटसन 
- उत्तर: B

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Q2. एक वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बच्चा क्या करता है?
A) रटता है 
B) तर्क और प्रयोग करता है 
C) दूसरों की नकल करता है 
D) चुपचाप बैठता है 
- उत्तर: B

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Q3. 'समस्या समाधान' प्रक्रिया का पहला चरण क्या है?
A) परिकल्पना निर्माण 
B) समस्या की पहचान 
C) निष्कर्ष निकालना 
D) प्रयोग 
- उत्तर: B

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Q4. बच्चों की जिज्ञासा को शांत करने के लिए शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A) उन्हें प्रश्न पूछने से रोकना चाहिए 
B) उन्हें अधिक जानकारी वाली किताबें देनी चाहिए 
C) उन्हें उत्तर स्वयं खोजने के अवसर देने चाहिए 
D) डांटना चाहिए 
- उत्तर: C

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Q5. बच्चे 'अन्वेषण' (Exploration) के माध्यम से कब सीखते हैं?
A) जब वे सक्रिय होते हैं 
B) जब वे निष्क्रिय होते हैं 
C) जब वे डरते हैं 
D) जब वे रटते हैं 
- उत्तर: A

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Q6. 'समस्या समाधान' अधिगम को कैसा बनाता है?
A) बोझिल 
B) अर्थपूर्ण 
C) व्यर्थ 
D) कठिन 
- उत्तर: B

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Q7. वैज्ञानिक अन्वेषण विधि में बालक की भूमिका कैसी होती है?
A) सक्रिय 
B) निष्क्रिय 
C) मूकदर्शक 
D) अनुयायी 
- उत्तर: A

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Q8. समस्या समाधान क्षमता बढ़ाने के लिए क्या जरूरी है?
A) रटना 
B) चिंतन और तर्क 
C) केवल सुनना 
D) दंड 
- उत्तर: B

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Q9. खोज विधि (Discovery Method) के प्रणेता कौन हैं?
A) ब्रूनर 
B) पियाजे 
C) स्किनर 
D) कोहलर 
- उत्तर: A

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Q10. जब बच्चा कोई गलत उत्तर देता है, तो एक वैज्ञानिक अन्वेषक शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A) उसे डांटना 
B) कारण जानना कि उसने ऐसा क्यों सोचा 
C) उसे चुप कराना 
D) उत्तर को रटाना 
- उत्तर: B

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MP TET Learning and Pedagogy Part-2 : अधिगम और शिक्षा शास्त्र अधिगम और शिक्षा शास्त्र - शिक्षण और अधिगम की मूलभूत प्रक्रियाएं, रणनीतियाँ, अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में

शिक्षण और अधिगम की मूलभूत प्रक्रियाएं एवं रणनीतियाँ | MP TET CDP

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Learning and Pedagogy Basic Processes of Teaching and Learning, Learning as a Social Activity, Social Context of Learning, Socialization Processes, Child as a Problem Solver, Scientific Investigator
1. शिक्षण और अधिगम की मूलभूत प्रक्रियाएं

शिक्षण एक सोद्देश्य प्रक्रिया है जो अधिगम (सीखने) को सुविधाजनक बनाती है। यह शिक्षक, विद्यार्थी और पाठ्यक्रम के बीच का अंतर्संबंध है।

  • शिक्षण के स्तर: स्मृति स्तर (Memory Level), अवबोध स्तर (Understanding Level) और चिंतन स्तर (Reflective Level)।
  • अधिगम प्रक्रिया: अधिगम कोई आकस्मिक घटना नहीं है, बल्कि एक नियोजित अनुभव, अभ्यास और प्रशिक्षण का परिणाम है जो व्यवहार में परिवर्तन लाता है।

2. शिक्षण-अधिगम की रणनीतियाँ (Strategies)

  • प्रोजेक्ट विधि (Project Method): जॉन डीवी द्वारा समर्थित, यह 'करके सीखने' (Learning by Doing) पर आधारित है।
  • आगमन-निगमन विधि: उदाहरण से नियम और नियम से उदाहरण की ओर।
  • समस्या समाधान विधि (Problem Solving): इसमें बच्चों के सामने समस्या रखी जाती है और वे वैज्ञानिक अन्वेषक की तरह हल खोजते हैं।
  • सहयोगात्मक शिक्षण (Collaborative Teaching): छोटे समूहों में कार्य करना जिससे सामाजिक कौशल का विकास हो।

3. अधिगम: एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में

लेव वाइगोत्स्की का सिद्धांत इस पर सबसे अधिक प्रकाश डालता है।

  • सामाजिक अंतःक्रिया: सीखना अकेले नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और भाषा के माध्यम से होता है।
  • ZPD (समीपस्थ विकास का क्षेत्र): बच्चे द्वारा स्वतंत्र रूप से किए गए कार्य और वयस्क/साथी के मार्गदर्शन में किए गए कार्य के बीच का अंतर।
  • स्कैफोल्डिंग (Scaffolding): सीखने के दौरान दी जाने वाली अस्थायी सहायता।
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📌 अभ्यास हेतु MCQs

Q1. शिक्षण की त्रिध्रुवीय प्रक्रिया में कौन सा घटक शामिल है?
A) शिक्षक, शिक्षार्थी, पाठ्यक्रम 
B) शिक्षक, प्रधानाध्यापक, विद्यालय 
C) बालक, खेल, मनोरंजन 
D) माता-पिता, शिक्षक, छात्र 
- उत्तर: A

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Q2. 'करके सीखने' (Learning by Doing) को सबसे अधिक बल किस विधि में दिया जाता है?
A) व्याख्यान विधि 
B) प्रोजेक्ट विधि 
C) रटने की विधि 
D) केवल सुनने की विधि 
- उत्तर: B

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Q3. वाइगोत्स्की के अनुसार अधिगम कैसी प्रक्रिया है?
A) व्यक्तिगत 
B) सामाजिक 
C) जैविक 
D) आकस्मिक 
- उत्तर: B

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Q4. 'स्कैफोल्डिंग' (Scaffolding) से तात्पर्य है:
A) दंड देना 
B) सीखने के लिए अस्थायी सहयोग 
C) कक्षा में शोर मचाना 
D) परीक्षा लेना 
- उत्तर: B

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Q5. आगमन विधि का सही क्रम है:
A) नियम से उदाहरण 
B) उदाहरण से नियम 
C) रटना 
D) कोई नहीं 
- उत्तर: B

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Q6. 'समस्या समाधान' (Problem Solving) रणनीति का मुख्य चरण क्या है?
A) समस्या की पहचान 
B) केवल सोचना 
C) रटना 
D) अनदेखा करना 
- उत्तर: A

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Q7. अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया है, क्योंकि:
A) यह समाज के साथ अंतःक्रिया से प्रभावित होता है 
B) इसमें किताब जरूरी है 
C) यह घर पर नहीं हो सकता 
D) यह शिक्षक पर निर्भर है 
- उत्तर: A

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Q8. कौन सा शिक्षण का सबसे उच्च स्तर है?
A) चिंतन स्तर 
B) स्मृति स्तर 
C) बोध स्तर 
D) रटने का स्तर 
- उत्तर: A

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Q9. सहयोगात्मक शिक्षण में:
A) छात्र एक-दूसरे की मदद करते हैं 
B) छात्र अलग-अलग सीखते हैं 
C) केवल शिक्षक काम करता है 
D) अनुशासन भंग होता है 
- उत्तर: A

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Q10. शिक्षण अधिगम का केंद्र बिंदु कौन है?
A) शिक्षक 
B) छात्र 
C) प्राचार्य 
D) पाठ्यक्रम 
- उत्तर: B

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MP TET Learning and Pedagogy Part-1 : अधिगम और शिक्षा शास्त्र - बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, सफलता या असफलता के कारण

बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं? सफलता या असफलता के कारण | MP TET CDP Notes

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MP TET Varg 2 & 3 Pedagogy Syllabus – Important Topics and Questions
1. बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं? (How Children Think and Learn)

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) के अंतर्गत यह समझना सबसे महत्वपूर्ण है कि बच्चों का मानसिक विकास कैसे होता है। बच्चे कोरा कागज (Tabula Rasa) नहीं होते, बल्कि वे जन्मजात जिज्ञासा और क्षमताओं के साथ दुनिया में आते हैं।

  • सक्रिय ज्ञान निर्माता: जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे अपने परिवेश के साथ अंतःक्रिया (Interaction) करके स्वयं ज्ञान का निर्माण करते हैं, इसीलिए उन्हें 'नन्हा वैज्ञानिक' कहा गया है।
  • चिंतन का विकास: बच्चों की सोच वयस्कों से भिन्न होती है, न कि मात्रा में कम। वे मूरर्त अनुभवों से अमूर्त चिंतन की ओर बढ़ते हैं।
  • सीखने के मुख्य माध्यम: बच्चे अनुकरण (Imitation), खेल (Play), अन्वेषण (Exploration), और साथियों के साथ सामाजिक संवाद के माध्यम से सबसे प्रभावी ढंग से सीखते हैं।

2. अधिगम में सफलता और असफलता के कारण (Causes of Success and Failure)

कक्षा कक्ष में प्रत्येक बच्चा अलग गति से सीखता है। किसी बच्चे की सफलता या असफलता के पीछे कई मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और शैक्षणिक कारण जिम्मेदार होते हैं:

सफलता के प्रमुख कारण:

  • आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation): जब बच्चा अपनी जिज्ञासा और रुचि के कारण सीखता है।
  • सकारात्मक वातावरण: घर और विद्यालय में भयमुक्त, स्नेहपूर्ण और सहयोगी माहौल मिलना।
  • पूर्व ज्ञान का उपयोग: नए ज्ञान को पुराने अनुभवों से जोड़कर प्रस्तुत करना (रचनावादी दृष्टिकोण)।
  • बाल-केंद्रित शिक्षण: बच्चे की व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) का सम्मान करते हुए शिक्षण विधियों का चयन करना।

असफलता के प्रमुख कारण:

  • रटने की प्रवृत्ति (Rote Learning): जब शिक्षा प्रणाली समझने के बजाय केवल तथ्यों को रटाने पर जोर देती है।
  • अनुपयुक्त शिक्षण पद्धतियाँ: बच्चों के मानसिक स्तर के अनुकूल शिक्षण का अभाव होना।
  • तनाव और भय: परीक्षा का अत्यधिक दबाव, माता-पिता की उच्च अपेक्षाएं और शिक्षक का दंडात्मक व्यवहार।
  • अधिगम कठिनाइयाँ: बच्चों में छिपी हुई अक्षमताएं (जैसे डिस्लेक्सिया आदि) जिन्हें समय पर पहचाना न जा सके।
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📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q1. बच्चे सक्रिय ज्ञान निर्माता और 'नन्हे वैज्ञानिक' हैं जो संसार के बारे में अपने सिद्धांत की रचना करते हैं, यह कथन किसका है?
A) लेव वायगोत्स्की
B) जीन पियाजे
C) बी. एफ. स्किनर
D) लॉरेंस कोहलबर्ग
(उत्तर: B)

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Q2. बच्चों की असफलता यह संकेत करती है कि —
A) बच्चे सीखने योग्य नहीं हैं
B) व्यवस्था (स्कूल और शिक्षण प्रणाली) फेल हुई है
C) बच्चों को ट्यूशन की जरूरत है
D) बच्चों में बुद्धि की कमी है
(उत्तर: B)

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Q3. बच्चों के सोचने के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
A) बच्चों की सोच वयस्कों से गुणात्मक रूप से भिन्न होती है
B) बच्चे वयस्कों की तरह ही सोचते हैं बस ज्ञान कम होता है
C) बच्चे केवल नकल करके सीखते हैं
D) बच्चों की सोच में तर्क का कोई स्थान नहीं होता
(उत्तर: A)

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Q4. विद्यालय में बच्चों की असफलता का सबसे बड़ा कारण क्या है?
A) पाठ्यपुस्तकों का महंगा होना
B) शिक्षण का बच्चों के वास्तविक जीवन से जुड़ाव न होना और रटना
C) लंबी छुट्टियां
D) खेलकूद की कमी
(उत्तर: B)

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Q5. बच्चों में सीखने की प्रक्रिया में 'भय और तनाव' का क्या प्रभाव पड़ता है?
A) सीखने की गति तीव्र हो जाती है
B) सीखने की प्रक्रिया बाधित होती है और संज्ञानात्मक प्रदर्शन गिरता है
C) कोई प्रभाव नहीं पड़ता
D) स्मरण शक्ति बढ़ती है
(उत्तर: B)

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Q6. एक प्रभावी शिक्षक कक्षा में बच्चों को कैसे सोचने के लिए प्रेरित कर सकता है?
A) केवल व्याख्यान देकर
B) उन्हें प्रश्न पूछने और खोजबीन (अन्वेषण) करने के अवसर देकर
C) पूरी तरह चुप रहकर
D) केवल गृहकार्य देकर
(उत्तर: B)

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Q7. अधिगम (सीखने) को सुगम बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक क्या है?
A) कड़ा अनुशासन
B) आंतरिक अभिप्रेरणा और रुचि
C) कठिन परीक्षा
D) सजा का प्रावधान
(उत्तर: B)

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Q8. बच्चों की त्रुटियों (Errors) को एक शिक्षक को किस रूप में देखना चाहिए?
A) दंड देने का आधार
B) सीखने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण और स्वाभाविक पड़ाव
C) बच्चे की मूर्खता
D) परीक्षा में नंबर काटने का जरिया
(उत्तर: B)

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Q9. बच्चे सबसे प्रभावी ढंग से कब सीखते हैं?
A) जब उन्हें केवल सूचनाएं रटाई जाती हैं
B) जब वे करके सीखते हैं, अनुभव प्राप्त करते हैं और सामाजिक अंतःक्रिया करते हैं
C) जब वे केवल कक्षा में शांत बैठते हैं
D) जब शिक्षक लगातार बोलता है
(उत्तर: B)

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Q10. राष्ट्रीय पाठ्यकीचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) के अनुसार ज्ञान का निर्माण क्या है?
A) शिक्षक द्वारा छात्र के दिमाग में डालना
B) छात्र द्वारा अपने अनुभवों के आधार पर सक्रिय रूप से रचना करना
C) केवल किताबों से याद करना
D) पुरानी परंपराओं की नकल करना
(उत्तर: B)

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अस्वीकरण (Disclaimer): यह अध्ययन सामग्री केवल MP TET परीक्षा की तैयारी में सहायता के उद्देश्य से है। आधिकारिक अपडेट और नियमों के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्य प्रदेश या ESB पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
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राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी एकीकृत शाला निधि आदेश 2026-27 — क्रमांक RSK/M/2026/4588, दिनांक 10.08.2026। PDF डाउनलोड करें।

एकीकृत शाला निधि 2026-27 आदेश PDF — GYAN DEEP INFO
📄 राज्य शिक्षा केन्द्र, म.प्र. · आधिकारिक आदेश

एकीकृत शाला निधि (Composite School Grant) 2026-27 — PDF डाउनलोड

Composite School Grant 2026-27 PDF, एकीकृत शाला निधि आदेश, RSK MP order, राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल आदेश, School Grant PDF download, GYAN DEEP INFO
क्रमांक: RSK/M/2026/4588
दिनांक: 10.08.2026 जारीकर्ता: राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल
हस्ताक्षरकर्ता: हरजिंदर सिंह, संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र विषय: एकीकृत शाला निधि व्यय दिशा-निर्देश 2026-27

GYAN DEEP INFO पर आपका स्वागत है। इस पोस्ट में राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा जारी एकीकृत शाला निधि (Composite School Grant) आदेश को PDF रूप में डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध है। यह आदेश मध्य प्रदेश की समस्त शासकीय शालाओं पर लागू है।

📋 आदेश का संक्षिप्त सारांश

अनुदान राशि
₹10,000 – ₹1,00,000 (नामांकन अनुसार)
SAP अनिवार्य
कुल राशि का न्यूनतम 10%
अनुमोदन प्राधिकारी
SMC (शाला प्रबंध समिति)
भुगतान माध्यम
SNA SPARSH / PFMS
उपयोगिता प्रमाण-पत्र
त्रैमासिक जमा करें
लागू
सभी सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, हायर सेकेण्डरी शालाएँ

🛠️ व्यय के प्रमुख मद

  • स्वच्छता एक्शन प्लान (SAP) — 10% राशि अनिवार्य
  • भवन रख-रखाव — प्रयोगशाला, पुस्तकालय, फर्नीचर, मरम्मत, पुताई, बिजली बिल
  • स्टेशनरी एवं शैक्षणिक सामग्री — चॉक, डस्टर, कॉपी, पेन, Digi LEP सामग्री
  • SMC बैठक एवं कार्यक्रम — बाल मेला, बाल सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय दिवस — गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस समारोह
  • स्कूल चलें हम अभियान — ग्राम शिक्षा रजिस्टर, जन शिक्षा चौपाल, मेला

✨ अतिरिक्त बजट प्रावधान

गतिविधिराशिपात्रता
बैगलेस-डे / बाल सभा₹5,000केवल माध्यमिक शालाएँ
यूथ एण्ड इको क्लब₹5,000प्राथमिक व माध्यमिक (पृथक-पृथक)
SMC सदस्य प्रशिक्षण₹1,000प्रत्येक विद्यालय
शाला सुरक्षा₹1,000प्रत्येक विद्यालय

⚠️ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

  1. SMC बैठक — व्यय से पूर्व बैठक बुलाएँ एवं कार्यवाही विवरण में निर्णय दर्ज करें।
  2. स्टॉक पंजी — क्रय सामग्री को भण्डार पंजी में तुरंत दर्ज करें।
  3. उपयोगिता प्रमाण-पत्र — त्रैमासिक जिला शिक्षा केन्द्र को भेजें।
  4. भुगतान — केवल SNA SPARSH / PFMS से, नकद लेन-देन वर्जित।
  5. SAP अनिवार्य — 10% राशि स्वच्छता एक्शन प्लान पर व्यय करें।
  6. प्राथमिकता — ग्रीन बोर्ड, चॉक बोर्ड एवं बैठने की व्यवस्था को प्रथम प्राथमिकता दें।

📎 आदेश PDF डाउनलोड करें

नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करके राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा जारी मूल आदेश को PDF रूप में डाउनलोड करें।

📌 PDF विवरण: क्रमांक — RSK/M/2026/4588 | दिनांक — 10.08.2026 | पृष्ठ — 8 | फ़ाइल आकार — ~750kb

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. एकीकृत शाला निधि की दरें क्या हैं?

उ. नामांकन 1-30: ₹10,000, 31-100: ₹25,000, 101-250: ₹50,000, 251-1000: ₹75,000, 1001+: ₹1,00,000

प्र. क्या स्वच्छता एक्शन प्लान की राशि अलग से मिलती है?

उ. नहीं, यह कुल अनुदान का 10% हिस्सा है, जो अनिवार्य रूप से SAP पर व्यय होना है।

प्र. भुगतान किस माध्यम से होगा?

उ. SNA SPARSH / PFMS प्रक्रिया के माध्यम से ही भुगतान किया जाएगा।

प्र. क्या सभी शालाओं को यह अनुदान मिलेगा?

उ. हाँ, मध्य प्रदेश की समस्त शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक एवं हायर सेकेण्डरी शालाएँ पात्र हैं।

⚠️ Disclaimer: यह पोस्ट राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा जारी आदेश क्रमांक RSK/M/2026/4588, दिनांक 10.08.2026 पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक कार्यवाही हेतु मूल आदेश का ही अवलोकन करें।

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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 5 बाल अपराध (कारण एवं प्रकार)

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बाल अपराध (कारण एवं प्रकार)

प्रिय शिक्षकों, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत 'बाल अपराध' (Juvenile Delinquency) एक अतिसंवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है। जब कोई कम उम्र का बालक कानून या समाज द्वारा निर्धारित नियमों के विरुद्ध आचरण करता है, तो उसे बाल अपराध कहा जाता है। आइए इसे विस्तार से समझें:

1. बाल अपराध का अर्थ एवं परिभाषा

साधारण शब्दों में, बच्चों या किशोरों द्वारा किया गया गैर-कानूनी या समाज-विरोधी कृत्य बाल अपराध कहलाता है। भारत में आमतौर पर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा किए गए अपराध इसके अंतर्गत आते हैं।

  • सििरिल बर्ट (Cyril Burt) के अनुसार: "कोई बालक तब अपराधी कहलाता है जब उसका समाज-विरोधी व्यवहार इतना स्पष्ट होता है कि वह कानून की नजर में दंडनीय बन जाता है।"

2. बाल अपराध के प्रमुख प्रकार

बालकों द्वारा किए जाने वाले अपराध विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं:

  • चोरी और सेंधमारी: दूसरों की संपत्ति बिना अनुमति के हड़पना।
  • पलायन और आवारागर्दी: घर या स्कूल से बिना बताए भाग जाना और सड़कों पर घूमना।
  • हिंसक आचरण: मारपीट करना, धमकाना, या तोड़फोड़ करना।
  • नशीले पदार्थों का सेवन: कम उम्र में ड्रग्स, सिगरेट या शराब का आदि होना।

3. बाल अपराध के उत्पन्न होने के कारण

बाल अपराध का कोई एक कारण नहीं होता, इसके पीछे सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कारण जुड़े होते हैं:

  • पारिवारिक कारण: टूटे हुए परिवार (Broken Families), माता-पिता का अत्यधिक कठोर या उपेक्षापूर्ण व्यवहार, और घर का अशांत वातावरण।
  • आर्थिक कारण: अत्यधिक गरीबी (Poverty), बुनियादी जरूरतों का अभाव, जिसके कारण बच्चे मजबूरन गलत रास्ते पर चले जाते हैं।
  • सामाजिक व पर्यावरणीय कारण: बुरी संगत (Peer Group), गंदी बस्तियों का माहौल, और असामाजिक तत्वों का प्रभाव।
  • मनोवैज्ञानिक कारक: हीन भावना, कुंठा (Frustration), और मानसिक असंतुलन।

4. सुधार एवं रोकथाम के उपाय

बाल अपराधियों के प्रति दंडात्मक नीति अपनाने के बजाय **सुधारवादी दृष्टिकोण (Reformative Approach)** अपनाया जाना चाहिए। इसके लिए बाल सुधार गृह (Juvenile Homes), मनोवैज्ञानिक परामर्श, और शिक्षा के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुनः जोड़ना आवश्यक है।

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📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q.1 बाल अपराध (Juvenile Delinquency) से क्या तात्पर्य है?
A) कम उम्र के बच्चों द्वारा कानून या समाज विरोधी कार्य करना
B) बहुत अधिक पढ़ना
C) खेलकूद में हिस्सा लेना
D) आज्ञाकारी होना
(उत्तर: A)

सौजन्य: MP Education Gyan Deep

Q.2 बाल अपराध का सबसे प्रमुख सामाजिक कारण निम्नलिखित में से किसे माना जाता है?
A) टूटे हुए परिवार और माता-पिता की उपेक्षा
B) विद्यालय का बड़ा खेल मैदान
C) अधिक पुस्तकालय होना
D) नियमित शिक्षक
(उत्तर: A)

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Q.3 बाल अपराधियों के प्रति समाज और न्याय प्रणाली का दृष्टिकोण कैसा होना चाहिए?
A) दंडात्मक और क्रूर
B) सुधारवादी और सहानुभूतिपूर्ण (Reformative Approach)
C) उदासीन
D) बहिष्कारपूर्ण
(उत्तर: B)

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Q.4 बुरी संगत या गलत मित्रों का प्रभाव (Peer Pressure) किस श्रेणी के अंतर्गत आता है?
A) आनुवंशिक कारण
B) सामाजिक और पर्यावरणीय कारक
C) जैविक कारक
D) शारीरिक कारण
(उत्तर: B)

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Q.5 भारत में सामान्यतः कितनी आयु से कम के बच्चों को बाल अपराधी माना जाता है?
A) 18 वर्ष
B) 21 वर्ष
C) 14 वर्ष
D) 12 वर्ष
(उत्तर: A)

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Q.6 बाल अपराधियों के सुधार के लिए स्थापित संस्थानों को क्या कहा जाता है?
A) केंद्रीय कारागार (Jail)
B) बाल सुधार गृह (Juvenile/Correctional Homes)
C) पुलिस स्टेशन
D) सामान्य बोर्डिंग स्कूल
(उत्तर: B)

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Q.7 अत्यधिक गरीबी और आर्थिक तंगी किस प्रकार के कारणों में आती है?
A) आर्थिक कारण (Economic Factors)
B) मनोवैज्ञानिक कारण
C) आनुवंशिक कारण
D) शैक्षणिक कारण
(उत्तर: A)

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Q.8 निम्नलिखित में से कौन सा बाल अपराध का एक प्रकार नहीं है?
A) चोरी करना
B) कक्षा में नियमित रूप से गृहकार्य पूरा करना
C) आवारागर्दी करना
D) स्कूल से भागना (Truancy)
(उत्तर: B)

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Q.9 बच्चों में अपराध प्रवृत्ति को रोकने में विद्यालय की क्या भूमिका होनी चाहिए?
A) बच्चों की काउंसलिंग, सकारात्मक माहौल और उनकी ऊर्जा को सृजनात्मक कार्यों में लगाना
B) गलती करने पर तुरंत स्कूल से निकाल देना
C) कड़ा शारीरिक दंड देना
D) उनकी उपेक्षा करना
(उत्तर: A)

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Q.10 "कोई बालक तब अपराधी बनता है जब उसका व्यवहार समाज-विरोधी होता है" — यह कथन किसका है?
A) सिरिल बर्ट (Cyril Burt)
B) जीन पियाजे
C) स्किनर
D) थार्नडाइक
(उत्तर: A)

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अस्वीकरण (Disclaimer): यह अध्ययन सामग्री केवल MP TET परीक्षा की तैयारी में सहायता के उद्देश्य से है। आधिकारिक अपडेट और नियमों के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्य प्रदेश या ESB पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 4 समस्याग्रस्त बालक (पहचान एवं निदानात्मक पक्ष)

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व्यावसायिक शिक्षा › ICT AI असिस्टेंट जॉबरोल 2026-27  समग्र शिक्षा अभियान सेकेण्डरी एजुकेशन क्र. SSA/व्याव.शि./निर्देश/2026-27/2511 दिनांक 05.08.2026  MP ICT विद्यालय व्यावसायिक शिक्षा 2026-27: कक्षा 9वीं में आर्टिफीशियल इंटेलीजेन्स असिस्टेंट जॉबरोल का पूरा आदेश  1953 ICT@school शासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में IT/ITes ट्रेड अंतर्गत व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ करने संबंधी लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा (सेकेण्डरी एजुकेशन) मध्यप्रदेश के आधिकारिक निर्देशों की संपूर्ण जानकारी।
समस्याग्रस्त बालक (पहचान एवं निदानात्मक पक्ष)

प्रिय शिक्षकों, समावेशी शिक्षा के अंतर्गत कक्षा कक्ष में कुछ ऐसे बच्चे होते हैं जिनका व्यवहार सामान्य बच्चों से अलग होता है और जो विद्यालयी नियमों, सामाजिक मर्यादाओं या शिक्षण प्रक्रिया के प्रतिकूल आचरण करते हैं। इन्हें 'समस्याग्रस्त बालक' (Problem Children) कहा जाता है। आइए इस विषय को विस्तार से समझें:

1. समस्याग्रस्त बालक का अर्थ एवं परिभाषा

समस्याग्रस्त बालक वे बच्चे हैं जिनका व्यवहार, व्यक्तित्व या आचरण इस प्रकार का होता है कि वे न केवल अपने लिए बल्कि अपने शिक्षकों, सहपाठियों और परिवार के लिए भी समस्या उत्पन्न करते हैं।

  • वैलेन्टाइन (Valentine) के अनुसार: "समस्याग्रस्त बालक वे हैं जिनका व्यवहार सामान्य सामाजिक और विद्यालयी मानकों से इतना अधिक विचलित होता है कि वे अपने लिए या दूसरों के लिए कठिनाई पैदा करते हैं।"

2. समस्याग्रस्त बालकों के प्रमुख प्रकार एवं लक्षण

  • चोरी करने वाले बालक: बिना अनुमति दूसरों की चीजें उठा लेना।
  • झूठ बोलने वाले बालक: सजा या डर से बचने के लिए बार-बार असत्य बोलना।
  • आक्रामक और क्रोधी बालक: छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना, मार-पीट करना या चीजें तोड़ना।
  • पलायनवादी (Truancy): बिना बताए स्कूल या घर से भाग जाना।
  • अति-सक्रिय (ADHD वाले) या अत्यधिक शर्मीले/सहमे हुए बालक: जो सामाजिक मेल-जोल से कतराते हैं।

3. समस्या उत्पन्न होने के मुख्य कारण

  • पारिवारिक कारक: माता-पिता के बीच कलह, घरेलू हिंसा, अत्यधिक लाड़-प्यार या अत्यधिक सख्ती, और टूटे हुए परिवार (Broken Families)।
  • विद्यालयीय कारक: कठोर अनुशासन, शिक्षक का अपमानजनक व्यवहार, और कठिन पाठ्यक्रम।
  • सामाजिक व मनोवैज्ञानिक कारक: बुरी संगत, हीन भावना (Inferiority Complex), और असुरक्षा की भावना।

4. निदानात्मक एवं उपचारात्मक पक्ष (Diagnostic & Remedial Aspect)

एक शिक्षक के रूप में समस्याग्रस्त बालकों के प्रति दंडात्मक रवैया अपनाने के बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए:

  • निदान (Diagnosis): समस्या के मूल कारणों (जैसे पारिवारिक तनाव या हीन भावना) का पता लगाना। इसके लिए केस स्टडी (Case Study), साक्षात्कार और अवलोकन विधि का उपयोग किया जाता है।
  • उपचार (Remediation): परामर्श (Counseling), सकारात्मक पुनर्बलन (Positive Reinforcement), सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाना।
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📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q.1 समस्याग्रस्त बालक वे होते हैं जिनका व्यवहार —
A) सामान्य सामाजिक और विद्यालयी मानकों से अत्यधिक विचलित होता है
B) बहुत शांत होता है
C) पूरी तरह प्रतिभाशाली होता है
D) अनुशासनयुक्त होता है
(उत्तर: A)

सौजन्य: MP Education Gyan Deep

Q.2 विद्यालय से बिना बताए गायब हो जाने वाले या भाग जाने वाले बालक को क्या कहा जाता है?
A) पलायनवादी (Truant Child)
B) सृजनात्मक बालक
C) प्रतिभावान बालक
D) मंदबुद्धि बालक
(उत्तर: A)

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Q.3 समस्याग्रस्त बालकों के उपचार के लिए सबसे पहले शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A) बच्चे को तुरंत स्कूल से निकाल देना चाहिए
B) समस्या के मूल कारणों का निदान (Diagnosis) करना चाहिए
C) उसे कठोर शारीरिक दंड देना चाहिए
D) उसकी उपेक्षा करनी चाहिए
(उत्तर: B)

सौजन्य: MP Education Gyan Deep

Q.4 बच्चों में समस्याग्रस्त व्यवहार उत्पन्न होने का मुख्य पारिवारिक कारण क्या है?
A) माता-पिता के बीच कलह और पारिवारिक विघटन
B) अत्यधिक पुस्तकालय की सुविधा
C) खेल का बड़ा मैदान
D) नियमित अध्ययन
(उत्तर: A)

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Q.5 बालक के व्यवहार का अध्ययन करने और उसकी समस्याओं के कारणों को जानने के लिए सबसे उत्तम विधि कौन सी है?
A) केस स्टडी (Case Study) विधि
B) केवल परीक्षा लेना
C) रटने की विधि
D) नजरअंदाज करना
(उत्तर: A)

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Q.6 यदि कक्षा में कोई बच्चा लगातार झूठ बोल रहा है, तो शिक्षक का दृष्टिकोण कैसा होना चाहिए?
A) सहानुभूतिपूर्ण और परामर्शदाता (Counselor) जैसा
B) क्रूर और दंडात्मक
C) पूरी कक्षा के सामने अपमानित करने वाला
D) उदासीन
(उत्तर: A)

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Q.7 'चोरी करना' या 'झूठ बोलना' किस प्रकार की समस्या के अंतर्गत आता है?
A) संवेगात्मक समस्या
B) व्यवहार संबंधी समस्या (Behavioral Problem)
C) शारीरिक विकलांगता
D) बौद्धिक उत्कृष्टता
(उत्तर: B)

सौजन्य: MP Education Gyan Deep

Q.8 समस्याग्रस्त बालकों के सुधार के लिए कौन सी विधि का प्रयोग किया जाता है?
A) उपचारात्मक शिक्षण और परामर्श (Counseling)
B) विद्यालय से निष्कासन
C) सामाजिक बहिष्कार
D) कठोर सजा
(उत्तर: A)

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Q.9 हीन भावना (Inferiority Complex) से ग्रस्त बच्चा कक्षा में किस प्रकार का व्यवहार कर सकता है?
A) या तो अत्यधिक आक्रामक हो सकता है या पूरी तरह सहमा हुआ/अलग-थलग रह सकता है
B) हमेशा कक्षा में प्रथम आएगा
C) अत्यधिक हंसेगा
D) नेतृत्व करेगा
(उत्तर: A)

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Q.10 निम्नलिखित में से कौन सा कारक समस्याग्रस्त व्यवहार को बढ़ावा देने में विद्यालय स्तर पर भूमिका निभा सकता है?
A) शिक्षक का पक्षपातपूर्ण और अपमानजनक व्यवहार
B) बाल-केंद्रित शिक्षण शैली
C) खेलकूद के अवसर
D) सकारात्मक पुनर्बलन
(उत्तर: A)

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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 3 प्रतिभावान, सृजनात्मक एवं विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्ताओं की पहचान

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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 3 प्रतिभावान, सृजनात्मक एवं विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्ताओं की पहचान
प्रतिभावान, सृजनात्मक एवं विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्ताओं की पहचान

विवरण: समावेशी शिक्षा के अंतर्गत केवल कमजोर या पिछड़े बच्चों पर ही नहीं, बल्कि 'विशिष्ट' श्रेणी में आने वाले प्रतिभावान (Gifted), सृजनात्मक (Creative) और विशेष क्षमता (Talented) वाले बच्चों की पहचान और उनकी उचित शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

1. प्रतिभावान बालक (Gifted Children)

वे बालक जिनकी बौद्धिक क्षमता (IQ) सामान्य बालकों से काफी अधिक होती है (सामान्यतः IQ 130 या उससे अधिक)।

  • विशेषताएँ: सीखने की तीव्र गति, उत्कृष्ट तार्किक क्षमता, अमूर्त चिंतन और व्यापक शब्दावली।
  • शैक्षिक आवश्यकता: इनके लिए संवर्धन (Enrichment) पाठ्यक्रम और त्वरित गति से शिक्षण की आवश्यकता होती है ताकि ये बोर न हों।

2. सृजनात्मक बालक (Creative Children)

सृजनात्मकता वह योग्यता है जिसके द्वारा व्यक्ति किसी समस्या के समाधान के लिए नवीन, मौलिक और अनोखे विचार प्रस्तुत करता है।

  • मुख्य गुण: अपसारी चिंतन (Divergent Thinking), मौलिकता (Originality), लचीलापन (Flexibility) और उत्सुकता।
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📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q.1 प्रतिभावान बालकों का बुद्धि लब्धि स्तर (IQ) सामान्यतः कितना होता है?
A) 90 से 110
B) 70 से कम
C) 130 या उससे अधिक
D) 50 से 70
(उत्तर: C)

Q.2 'सृजनात्मकता' (Creativity) का मुख्य संबंध किससे है?
A) अपसारी चिंतन (Divergent Thinking)
B) अभिसारी चिंतन
C) रटने की प्रवृत्ति
D) अनुकरण करना
(उत्तर: A)

Q.3 प्रतिभावान बच्चों की प्रमुख विशेषता क्या होती है?
A) सीखने की धीमी गति
B) जिज्ञासा और उच्च मानसिक प्रक्रिया
C) बात-बात पर डरना
D) पढ़ाई से भागना
(उत्तर: B)

Q.4 सृजनात्मक बालकों में कौन सा गुण पाया जाता है?
A) मौलिकता (Originality)
B) लचीलापन
C) प्रवाहशीलता (Fluency)
D) उपर्युक्त सभी
(उत्तर: D)

Q.5 कक्षा में एक प्रतिभावान बच्चा अक्सर बोरियत महसूस करता है, यदि —
A) पाठ्यक्रम उसकी बौद्धिक क्षमता के अनुसार बहुत सरल या धीमा हो
B) उसे बहुत कठिन गृहकार्य दिया जाए
C) शिक्षक उसकी तारीफ करे
D) खेल का मैदान बड़ा हो
(उत्तर: A)

Q.6 सृजनात्मकता की पहचान के लिए किस प्रकार के परीक्षणों का उपयोग किया जाता है?
A) बुद्धि परीक्षण
B) सृजनात्मक चिंतन परीक्षण (Torrance Tests आदि)
C) शारीरिक क्षमता परीक्षण
D) केवल मौखिक परीक्षा
(उत्तर: B)

Q.7 प्रतिभावान बच्चों के लिए सबसे उपयुक्त शिक्षण रणनीति कौन सी है?
A) संवर्धन (Enrichment) और त्वरित उन्नति (Acceleration)
B) उन्हें निचली कक्षा में भेजना
C) अतिरिक्त गृहकार्य का बोझ बढ़ाना
D) उपेक्षा करना
(उत्तर: A)

Q.8 टोरेंस (Torrance) परीक्षण का संबंध किससे है?
A) सृजनात्मकता के मापन से
B) व्यक्तित्व मापन से
C) बुद्धि मापन से
D) अधिगम अक्षमता से
(उत्तर: A)

Q.9 एक सृजनात्मक शिक्षक कक्षा में किसे बढ़ावा देगा?
A) स्वतंत्र सोच और मौलिक विचारों को
B) केवल रटने को
C) कड़े अनुशासन को
D) पुस्तक के बाहर जाने पर प्रतिबंध को
(उत्तर: A)

Q.10 निम्नलिखित में से कौन सा कथन प्रतिभावान बच्चों के संदर्भ में सही नहीं है?
A) वे सभी क्षेत्रों में हमेशा प्रथम आते हैं और उन्हें किसी मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं होती
B) वे अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिए कई प्रश्न पूछते हैं
C) उनमें उच्च स्तर की ऊर्जा होती है
D) वे समस्याओं के अनोखे हल ढूंढते हैं
(उत्तर: A)

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