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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 2 अधिगम कठिनाइयों, 'क्षति' आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान

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अधिगम कठिनाइयाँ किसे कहते हैं? डिस्लेक्सिया, डिस्कैलकुलिया, डिस्ग्राफिया (Specific Learning Disabilities - SLD) क्षति (Impairment) vs विकलांगता (Disability) vs असमर्थता (Handicap) — यह त्रयी (Trinity) MPTET में बार-बार पूछी जाती है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN - Children with Special Needs) समावेशी कक्षा में शिक्षण रणनीतियाँ In-service Teachers MPTET Preparation
अधिगम कठिनाइयों, 'क्षति' आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान

विवरण: कक्षा कक्ष में कुछ बच्चों को सामान्य सीखने की प्रक्रिया में विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शिक्षक के रूप में यह जानना आवश्यक है कि 'क्षति' (Impairment), 'अशक्तता' (Disability) और 'विकलांगता' (Handicap) में क्या अंतर है तथा अधिगम अक्षमताओं की पहचान कैसे की जाए।

1. क्षति (Impairment), अशक्तता (Disability) और विकलांगता (Handicap) में अंतर

  • क्षति (Impairment): शारीरिक या मनोवैज्ञानिक अंगों की संरचना या कार्यप्रणाली में कमी (जैसे- आँख की रोशनी कम होना)।
  • अशक्तता (Disability): क्षति के कारण किसी कार्य को करने में होने वाली असमर्थता (जैसे- ठीक से न देख पाना)।
  • विकलांगता (Handicap): जब कोई अशक्तता व्यक्ति को उसकी सामाजिक भूमिका निभाने में बाधा बनती है।

2. प्रमुख अधिगम अक्षमताएँ (Learning Disabilities)

  • डिस्लेक्सिया (Dyslexia): पढ़ने से संबंधित विकार (अक्षरों या शब्दों को उल्टा पढ़ना)।
  • डिस्ग्राफिया (Dysgraphia): लिखने से संबंधित विकार (स्पष्ट न लिख पाना)।
  • डिस्कैल्कुलेरिया (Dyscalculia): गणितीय गणना और अंकों से जुड़ी समस्या।
  • डिस्प्रैक्सिया (Dyspraxia): शारीरिक कौशल और समन्वय (Motor skills) से जुड़ी समस्या।
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📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q.1 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) मुख्य रूप से किस प्रकार की कठिनाई से जुड़ा है?
A) पढ़ने की कठिनाई (Reading Disorder)
B) लिखने की कठिनाई
C) गणितीय गणना
D) शारीरिक समन्वय
(उत्तर: A)

Q.2 लिखने से संबंधित अधिगम अक्षमता को क्या कहा जाता है?
A) डिस्लेक्सिया
B) डिस्ग्राफिया (Dysgraphia)
C) डिस्कैल्कुलेरिया
D) अफेशिया
(उत्तर: B)

Q.3 गणितीय गणनाओं को समझने में असमर्थता किस विकार का लक्षण है?
A) डिस्ग्राफिया
B) डिस्कैल्कुलेरिया (Dyscalculia)
C) डिस्लेक्सिया
D) ऑटिज्म
(उत्तर: B)

Q.4 शारीरिक अंगों की संरचना या कार्यप्रणाली में कमी को क्या कहा जाता है?
A) क्षति (Impairment)
B) विकलांगता
C) कुसमायोजन
D) पिछड़ापन
(उत्तर: A)

Q.5 बच्चे में पठन अक्षमता (Reading Disability) की पहचान एक शिक्षक कैसे कर सकता है?
A) शब्दों को पहचानते समय उच्चारण में अशुद्धि और भ्रम देखकर
B) गणित के सवाल हल न करने पर
C) खेलकूद में पीछे रहने पर
D) अधिक बोलने पर
(उत्तर: A)

Q.6 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) का संबंध किससे है?
A) पठन दोष
B) शारीरिक गति और गत्यात्मक समन्वय (Motor Coordination) की समस्या
C) सुनने की समस्या
D) याददाश्त की कमजोरी
(उत्तर: B)

Q.7 अधिगम कठिनाइयों से ग्रस्त बच्चों के शिक्षण के लिए सबसे प्रभावी उपागम क्या है?
A) उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) और विशेष रणनीतियाँ
B) उन्हें कक्षा से बाहर करना
C) सजा देना
D) उपेक्षा करना
(उत्तर: A)

Q.8 भाषाघात या बोलने से संबंधित विकार को क्या कहते हैं?
A) अफेशिया (Aphasia)
B) डिस्लेक्सिया
C) डिस्ग्राफिया
D) ऑटिज्म
(उत्तर: A)

Q.9 समावेशी कक्षा में अधिगम अक्षम बच्चों के लिए आकलन का तरीका कैसा होना चाहिए?
A) लचीला और उनकी क्षमता के अनुकूल
B) बहुत कठिन
C) केवल मौखिक
D) लिखित और सख्त
(उत्तर: A)

Q.10 निम्नलिखित में से कौन सा अधिगम अक्षमता का एक सामान्य लक्षण नहीं है?
A) एकाग्रता की कमी
B) उच्च बौद्धिक स्तर और तीव्र सृजनात्मकता
C) दिशाओं का ज्ञान न होना
D) वर्तनी संबंधी अशुद्धियाँ
(उत्तर: B)

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सेवारत शिक्षकों के लिए MPTET-Inclusive-Education-Syllabus : बिंदु 1 अलाभान्वित एवं वंचित वर्ग के अधिगमकर्ताओं की पहचान

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MP TET Syllabus 2026 DPI MP TET CDP Topics समावेशित शिक्षा का अर्थ विशेष आवश्यकता वाले बच्चे कौन हैं? अलाभान्वित वर्ग की परिभाषा MPTET Child Development and Pedagogy
अलाभान्वित एवं वंचित वर्ग के अधिगमकर्ताओं की पहचान

विवरण: शिक्षा के क्षेत्र में 'वंचित' (Deprived) और 'अलाभान्वित' (Disadvantaged) वर्ग उन बच्चों को संदर्भित करता है जो सामाजिक, आर्थिक या सांस्कृतिक कारणों से विकास के समान अवसर प्राप्त नहीं कर पाए हैं। एक शिक्षक के रूप में इनकी पहचान करना और उन्हें मुख्यधारा में लाना अत्यंत आवश्यक है।

1. वंचित वर्ग के बालक कौन हैं?

वे बालक जो जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं और शैक्षिक अवसरों से वंचित रह जाते हैं। इनके मुख्य लक्षण हैं:

  • सामाजिक वंचन: जातिगत भेदभाव या समाज के पिछड़े तबके से संबंध।
  • आर्थिक वंचन: गरीबी के कारण शिक्षा सामग्री या स्कूल की सुविधा न मिलना।
  • सांस्कृतिक वंचन: परिवार में शैक्षिक वातावरण का अभाव या भाषा संबंधी समस्या।

2. पहचान के तरीके

  • बच्चों की पारिवारिक आर्थिक स्थिति का अवलोकन।
  • कक्षा में उनकी भाषाई और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का ध्यान रखना।
  • उनकी उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन की निरंतर निगरानी।
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📌 अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q.1 वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा का मुख्य लक्ष्य क्या है?
A) उन्हें अलग स्कूल में पढ़ाना
B) शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना
C) केवल व्यवसायिक शिक्षा देना
D) उपेक्षा करना
(उत्तर: B)

Q.2 वंचित वर्ग के बच्चे मुख्य रूप से किस समस्या से जूझते हैं?
A) अवसरों की समानता
B) संसाधनों का अभाव
C) अधिक बुद्धि
D) खेलकूद की सुविधा
(उत्तर: B)

Q.3 कक्षा में विविध पृष्ठभूमि के बच्चों के प्रति शिक्षक का दृष्टिकोण कैसा होना चाहिए?
A) तटस्थ
B) पक्षपाती
C) समावेशी और संवेदनशील
D) कठोर
(उत्तर: C)

Q.4 सामाजिक रूप से वंचित बच्चों की पहचान के लिए कौन सा कारक सहायक है?
A) पारिवारिक पृष्ठभूमि
B) पिता का व्यवसाय
C) घर की भाषा
D) उपर्युक्त सभी
(उत्तर: D)

Q.5 अलाभान्वित बच्चों के लिए 'भाषा' की समस्या को कैसे दूर किया जा सकता है?
A) उनकी मातृभाषा को सम्मान देकर
B) केवल अंग्रेजी में पढ़ाकर
C) दंड देकर
D) भाषा सुधार पर रोक लगाकर
(उत्तर: A)

Q.6 कौन से बच्चे 'अलाभान्वित' (Disadvantaged) की श्रेणी में आते हैं?
A) अमीर परिवारों के बच्चे
B) शहरी सुविधा संपन्न बच्चे
C) आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े बच्चे
D) प्रतिभाशाली बच्चे
(उत्तर: C)

Q.7 समावेशी कक्षा में वंचित वर्ग के बच्चों की सहायता हेतु क्या आवश्यक है?
A) अतिरिक्त शिक्षण सहायता (Remedial Teaching)
B) उन्हें अलग बिठाना
C) परीक्षा न लेना
D) डांटना
(उत्तर: A)

Q.8 शिक्षा के क्षेत्र में 'वंचन' (Deprivation) का अर्थ है?
A) विकास के अवसरों की कमी
B) अधिक सुविधा
C) पूर्ण साक्षरता
D) उच्च योग्यता
(उत्तर: A)

Q.9 वंचित बच्चों के सीखने में कौन सा कारक बाधक हो सकता है?
A) घर का शैक्षिक वातावरण
B) विद्यालय की दूरी
C) पोषण की कमी
D) उपर्युक्त सभी
(उत्तर: D)

Q.10 शिक्षक द्वारा विविध पृष्ठभूमि वाले बच्चों का सम्मान करने से कक्षा में क्या बढ़ता है?
A) असुरक्षा
B) आत्मविश्वास और जुड़ाव
C) प्रतिस्पर्धा
D) अलगाव
(उत्तर: B)

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MPTET Complete Study Notes & MCQs : Child Development and Pedagogy 15 - अधिगमकर्ताओं की तैयारी के स्तर के आंकलन हेतु उपयुक्त प्रश्नों का निर्माण, कक्षाकक्ष में अधिगम को बढ़ाने हेतु आलोचनात्मक चिंतन तथा उपलब्धि का आंकलन

अधिगम और शिक्षाशास्त्र के अंतिम बिंदु "अधिगमकर्ताओं की तैयारी के स्तर का आंकलन, आलोचनात्मक चिंतन और उपलब्धि का आंकलन" पर विस्तृत अध्ययन नोट्स और 10 महत्वपूर्ण MCQs
आंकलन, आलोचनात्मक चिंतन और उपलब्धि मापन | MP TET Notes

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1. अधिगमकर्ताओं की तैयारी के स्तर का आंकलन (Assessment of Readiness)

शिक्षण शुरू करने से पहले यह जानना आवश्यक है कि छात्र किस स्तर पर हैं। इसके लिए 'निदानात्मक परीक्षण' (Diagnostic Testing) और 'पूर्व-ज्ञान परीक्षण' का उपयोग किया जाता है। प्रश्न निर्माण के समय शिक्षक को प्रश्नों की कठिनाई के स्तर (Bloom's Taxonomy) का ध्यान रखना चाहिए।

2. आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking)

कक्षा में अधिगम बढ़ाने के लिए आलोचनात्मक चिंतन अनिवार्य है। इसका अर्थ केवल रटना नहीं, बल्कि:

  • तथ्यों का विश्लेषण करना।
  • तर्क और प्रमाण के आधार पर निष्कर्ष निकालना।
  • विषय वस्तु के विविध पहलुओं पर प्रश्न उठाना।
  • शिक्षक को कक्षा में 'ओपन-एंडेड' (Open-ended) प्रश्न पूछने चाहिए जो बच्चों को सोचने पर मजबूर करें।

3. उपलब्धि का आंकलन (Achievement Assessment)

उपलब्धि परीक्षण यह मापते हैं कि शिक्षण के बाद छात्र ने कितना और क्या सीखा है। यह मानक संदर्भित (Norm-referenced) या मानक-संदर्भित (Criterion-referenced) हो सकता है।

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📌 अभ्यास हेतु MCQs

Q1. आलोचनात्मक चिंतन में क्या शामिल है?
A) रटना 

B) विश्लेषण और मूल्यांकन 

C) नकल करना 

D) केवल सुनना 

- उत्तर: B

Q2. अधिगमकर्ताओं की तैयारी के स्तर को जानने के लिए सबसे उपयुक्त प्रश्न हैं:
A) केवल बहुविकल्पीय B) पूर्व ज्ञान आधारित प्रश्न C) बहुत कठिन प्रश्न D) केवल निबंधात्मक - उत्तर: B

Q3. 'ओपन-एंडेड' प्रश्न क्या बढ़ावा देते हैं?
A) आलोचनात्मक चिंतन B) रटने की शक्ति C) अनुशासन D) डर - उत्तर: A

Q4. उपलब्धि परीक्षण का मुख्य उद्देश्य है:
A) छात्र की योग्यता का मापन B) शिक्षक की परीक्षा C) स्कूल की प्रसिद्धि D) कोई नहीं - उत्तर: A

Q5. आलोचनात्मक चिंतन के विकास हेतु शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A) छात्रों के विचारों को चुनौती देना B) प्रश्न पूछने पर रोकना C) रटवाना D) मौन रहना - उत्तर: A

Q6. 'निदानात्मक परीक्षण' (Diagnostic Test) का उपयोग कब किया जाता है?
A) शिक्षण से पहले B) शिक्षण के अंत में C) कभी नहीं D) केवल वार्षिक परीक्षा में - उत्तर: A

Q7. अधिगम को बढ़ाने के लिए प्रश्न कैसे होने चाहिए?
A) विषय से संबंधित और चुनौतीपूर्ण B) बहुत आसान C) केवल किताब से D) रटने योग्य - उत्तर: A

Q8. उपलब्धि आंकलन में 'मानक-संदर्भित' (Criterion-referenced) का अर्थ है:
A) एक पूर्व निर्धारित मानक की प्राप्ति B) दूसरे छात्रों से तुलना C) औसत निकालना D) रटना - उत्तर: A

Q9. चिंतन प्रक्रिया में सुधार के लिए क्या जरूरी है?
A) विविध दृष्टिकोणों को समझना B) केवल एक मत रखना C) रटना D) अनदेखा करना - उत्तर: A

Q10. मूल्यांकन की प्रक्रिया में शिक्षक को किस प्रकार की प्रतिक्रिया (Feedback) देनी चाहिए?
A) रचनात्मक और सुधारात्मक B) केवल नकारात्मक C) केवल अंक देना D) कोई फीडबैक न देना - उत्तर: A

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MP TET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र:  (15 महत्वपूर्ण बिन्दू) 

सेवारत शिक्षकों के लिए DPI द्वारा विमर्श पोर्टल पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन नोट्स एवं अभ्यास प्रश्न 

01. बाल विकास की अवधारणा एवं अधिगम से संबंध उपलब्ध
अध्ययन करें
02. विकास और विकास को प्रभावित करने वाले कारक उपलब्ध
अध्ययन करें
03. बाल विकास के सिद्धांत उपलब्ध
अध्ययन करें
04. बालकों का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार समस्याएं उपलब्ध
अध्ययन करें
05. वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव उपलब्ध
अध्ययन करें
06. समाजीकरण की प्रक्रिया उपलब्ध
अध्ययन करें
07. पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की उपलब्ध
अध्ययन करें
08. बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा उपलब्ध
अध्ययन करें
09. बुद्धि की संरचना एवं मापन उपलब्ध
अध्ययन करें
10. समावेशी शिक्षा एवं विविध पृष्ठभूमि के बालक उपलब्ध
अध्ययन करें
11. भाषा और विचार उपलब्ध
अध्ययन करें
12. जेंडर: सामाजिक निर्माण एवं शैक्षिक प्रथाएं उपलब्ध
अध्ययन करें
13. अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं उपलब्ध
अध्ययन करें
14. आंकलन: सतत एवं समग्र मूल्यांकन उपलब्ध
अध्ययन करें
15. प्रश्नों का निर्माण एवं आलोचनात्मक चिंतन उपलब्ध
अध्ययन करें
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MPTET Complete Study Notes & MCQs : Child Development and Pedagogy 14 - आंकलन (Assessment) और सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE)

आंकलन (Assessment) और सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE) | MP TET Notes

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लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश (MP ESB) की प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) के पाठ्यक्रम के अंतर्गत "अधिगम के लिए आंकलन और अधिगम का आंकलन में अंतर, शाला आधारित आंकलन, सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE)" पर विस्तृत अध्ययन नोट्स और 10 महत्वपूर्ण MCQs
1. अधिगम के लिए आंकलन बनाम अधिगम का आंकलन

  • अधिगम के लिए आंकलन (Assessment for Learning - AfL): यह 'निर्माणात्मक' (Formative) है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षण के दौरान सुधार करना है। यह प्रक्रिया शिक्षण के साथ-साथ चलती है।
  • अधिगम का आंकलन (Assessment of Learning - AoL): यह 'योगात्मक' (Summative) है। यह शिक्षण प्रक्रिया के अंत में (जैसे- वार्षिक परीक्षा) यह जानने के लिए किया जाता है कि छात्र ने क्या सीखा।

2. सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE)

CCE का अर्थ है छात्र के विकास के 'सतत' (निरंतर) और 'समग्र' (शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक) पक्षों का मूल्यांकन करना।

  • सतत: मूल्यांकन वर्ष भर नियमित अंतराल पर होता है।
  • समग्र: इसमें केवल अंक नहीं, बल्कि बालक के सामाजिक, व्यवहारिक और शारीरिक विकास को भी देखा जाता है।

3. शाला आधारित आंकलन (School-Based Assessment)

यह मूल्यांकन शिक्षकों द्वारा शाला के वातावरण में ही किया जाता है। इसका लाभ यह है कि शिक्षक छात्रों की व्यक्तिगत जरूरतों और उनकी प्रगति को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।

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📌 अभ्यास हेतु MCQs

Q1. 'अधिगम के लिए आंकलन' (Assessment for Learning) किस प्रकार का मूल्यांकन है?
A) योगात्मक 

B) निर्माणात्मक (Formative) 

C) अंतिम 

D) मानक 

- उत्तर: B

Q2. CCE का क्या अर्थ है?
A) सतत एवं समग्र मूल्यांकन 

B) केवल परीक्षा प्रणाली 

C) अंक प्रणाली 

D) कोई नहीं 

- उत्तर: A

Q3. शाला आधारित आंकलन का मुख्य लाभ क्या है?
A) शिक्षकों को छात्रों के प्रति जवाबदेह बनाना 

B) छात्रों को रटाना 

C) केवल अंक देना 

D) कोई लाभ नहीं 

- उत्तर: A

Q4. योगात्मक मूल्यांकन (Summative Assessment) कब किया जाता है?
A) सत्र के अंत में 

B) पढ़ाते समय 

C) रोजाना 

D) कभी नहीं 

- उत्तर: A

Q5. 'समग्र' (Comprehensive) मूल्यांकन में शामिल है:
A) केवल शैक्षिक क्षेत्र 

B) शैक्षिक और सह-शैक्षिक दोनों क्षेत्र 

C) केवल खेलकूद 

D) केवल व्यवहार 

- उत्तर: B

Q6. आंकलन का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
A) छात्रों की रैंकिंग तय करना 

B) सीखने की कमियों को दूर करना 

C) डराना 

D) पास-फेल करना 

- उत्तर: B

Q7. अधिगम का आंकलन (Assessment of Learning) किसके लिए उपयोगी है?
A) ग्रेडिंग और प्रमाणन के लिए 

B) सुधार के लिए 

C) रटने के लिए 

D) कोई नहीं 

- उत्तर: A

Q8. कौन सी मूल्यांकन प्रक्रिया 'सतत' है?
A) केवल वार्षिक परीक्षा 

B) निरंतर चलने वाली प्रक्रिया 

C) केवल मासिक परीक्षा 

D) कोई नहीं 

- उत्तर: B

Q9. शाला आधारित आंकलन में कौन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
A) विषय शिक्षक 

B) केवल बोर्ड 

C) अभिभावक 

D) केवल छात्र 

- उत्तर: A

Q10. CCE योजना में छात्रों के व्यक्तित्व के किन पहलुओं का मूल्यांकन होता है?
A) केवल बौद्धिक 

B) संज्ञानात्मक और सह-संज्ञानात्मक दोनों 

C) केवल शारीरिक 

D) कोई नहीं - उत्तर: B

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MP TET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र:  (15 महत्वपूर्ण बिन्दू) 

सेवारत शिक्षकों के लिए DPI द्वारा विमर्श पोर्टल पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन नोट्स एवं अभ्यास प्रश्न 

01. बाल विकास की अवधारणा एवं अधिगम से संबंध उपलब्ध
अध्ययन करें
02. विकास और विकास को प्रभावित करने वाले कारक उपलब्ध
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03. बाल विकास के सिद्धांत उपलब्ध
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04. बालकों का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार समस्याएं उपलब्ध
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05. वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव उपलब्ध
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06. समाजीकरण की प्रक्रिया उपलब्ध
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07. पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की उपलब्ध
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08. बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा उपलब्ध
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09. बुद्धि की संरचना एवं मापन उपलब्ध
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10. समावेशी शिक्षा एवं विविध पृष्ठभूमि के बालक उपलब्ध
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11. भाषा और विचार उपलब्ध
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12. जेंडर: सामाजिक निर्माण एवं शैक्षिक प्रथाएं उपलब्ध
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13. अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं उपलब्ध
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14. आंकलन: सतत एवं समग्र मूल्यांकन उपलब्ध
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MPTET Complete Study Notes & MCQs : Child Development and Pedagogy 13 - अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं: भाषा, जाति, लिंग एवं धर्म के संदर्भ में

लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश (MP ESB) की प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) के पाठ्यक्रम के अंतर्गत "अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं" (Individual Differences in Learners) पर विस्तृत अध्ययन नोट्स और 10 महत्वपूर्ण MCQsभाषा और विचार

MPTET Complete Study Notes & MCQs : Child Development and Pedagogy 13 - अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं: भाषा, जाति, लिंग एवं धर्म के संदर्भ में

लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश (MP ESB) की प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) के पाठ्यक्रम के अंतर्गत "अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं" (Individual Differences in Learners) पर विस्तृत अध्ययन नोट्स और 10 महत्वपूर्ण MCQsभाषा और विचार
अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं: भाषा, जाति, लिंग एवं धर्म के संदर्भ में | MP TET Notes

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1. व्यक्तिगत भिन्नता का अर्थ

व्यक्तिगत भिन्नता का तात्पर्य है कि कोई भी दो व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक, संवेगात्मक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। अधिगम (सीखने) की प्रक्रिया में यह भिन्नता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

2. विषमताओं के आधार

  • भाषा (Language): कक्षा में बच्चों की मातृभाषा अलग-अलग हो सकती है। शिक्षक को बहुभाषी (Multilingual) दृष्टिकोण अपनाकर सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए।
  • जाति, धर्म और संप्रदाय: सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि भिन्न होने से बच्चों के अनुभव भी अलग होते हैं। एक समावेशी शिक्षक को इन विविधताओं को 'संसाधन' के रूप में देखना चाहिए।
  • लिंग (Gender): जेंडर आधारित पूर्वाग्रह अधिगम को बाधित करते हैं। शिक्षक को लड़के और लड़कियों को समान अवसर और सम्मान देना चाहिए।

3. शिक्षक की भूमिका और शैक्षिक प्रथाएं

शिक्षक को यह समझना चाहिए कि व्यक्तिगत भिन्नता दोष नहीं है, बल्कि यह मानव प्रकृति की विशेषता है।

  • विभेदीकृत शिक्षण (Differentiated Instruction): बच्चों की योग्यता और रुचि के अनुसार शिक्षण सामग्री में बदलाव करना।
  • समावेशी दृष्टिकोण: किसी भी बच्चे को उसकी पृष्ठभूमि के कारण कक्षा में अलग-थलग महसूस न होने देना।
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📌 अभ्यास हेतु MCQs

Q1. 'व्यक्तिगत भिन्नता' (Individual Differences) का क्या तात्पर्य है?
A) बच्चों की शारीरिक समानता
B) बच्चों की शारीरिक और मानसिक विषमताएं
C) केवल पढ़ाई में अंतर
D) केवल खेल में अंतर
(उत्तर: B)

Q2. कक्षा में विविध पृष्ठभूमि के बच्चों के प्रति शिक्षक को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए?
A) तटस्थ
B) सकारात्मक और समावेशी
C) भेदभावपूर्ण
D) अनदेखा करना
(उत्तर: B)

Q3. बहुभाषी कक्षा में शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A) बच्चों की मातृभाषा को हतोत्साहित करना
B) सभी बच्चों की भाषाओं का सम्मान करना और उन्हें संसाधन के रूप में प्रयोग करना
C) केवल मानक भाषा का प्रयोग करना
D) भाषा सीखने पर रोक लगाना
(उत्तर: B)

Q4. जेंडर (लिंग) के आधार पर होने वाला भेदभाव क्या है?
A) सामाजिक निर्माण
B) जैविक वास्तविकता
C) अनिवार्य शैक्षिक आवश्यकता
D) खेल का नियम
(उत्तर: A)

Q5. व्यक्तिगत भिन्नताओं को समझने के लिए शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A) बच्चों की तुलना करना
B) बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं का अवलोकन और विश्लेषण
C) सभी को एक ही दंड देना
D) केवल प्रतिभाशाली को पढ़ाना
(उत्तर: B)

Q6. 'विभेदीकृत शिक्षण' (Differentiated Instruction) का क्या अर्थ है?
A) बच्चों की आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण को लचीला बनाना
B) बच्चों को अलग-अलग कक्षाओं में बांटना
C) अमीर और गरीब बच्चों को अलग पढ़ाना
D) केवल तेज बच्चों को पढ़ाना
(उत्तर: A)

Q7. अधिगम में व्यक्तिगत भिन्नता को कौन सा कारक प्रभावित नहीं करता?
A) बुद्धि
B) लिंग
C) धर्म
D) रंग (तार्किक रूप से)
(उत्तर: D)

Q8. व्यक्तिगत भिन्नता का मुख्य कारण है?
A) वंशानुक्रम और वातावरण का अंतःक्रिया
B) केवल शिक्षा
C) केवल स्कूल
D) केवल मित्र
(उत्तर: A)

Q9. समावेशी शिक्षा में किस प्रकार के अधिगमकर्ताओं को सम्मिलित किया जाता है?
A) केवल सामान्य
B) सभी विविध पृष्ठभूमियों वाले अधिगमकर्ता
C) केवल विशेष क्षमता वाले
D) केवल अमीर
(उत्तर: B)

Q10. एक शिक्षक के लिए विविधता का क्या अर्थ है?
A) एक चुनौती जिसे दूर करना है
B) अधिगम को समृद्ध बनाने वाला एक संसाधन
C) कक्षा की शांति भंग करने वाला कारक
D) अनावश्यक कार्य
(उत्तर: B)

अस्वीकरण: यह सामग्री केवल परीक्षा तैयारी हेतु है। आधिकारिक नियमों के लिए DPI MP की वेबसाइट देखें।
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MP TET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र:  (15 महत्वपूर्ण बिन्दू) 

सेवारत शिक्षकों के लिए DPI द्वारा विमर्श पोर्टल पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन नोट्स एवं अभ्यास प्रश्न 

01. बाल विकास की अवधारणा एवं अधिगम से संबंध उपलब्ध
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02. विकास और विकास को प्रभावित करने वाले कारक उपलब्ध
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03. बाल विकास के सिद्धांत उपलब्ध
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04. बालकों का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार समस्याएं उपलब्ध
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05. वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव उपलब्ध
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06. समाजीकरण की प्रक्रिया उपलब्ध
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07. पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की उपलब्ध
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08. बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा उपलब्ध
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09. बुद्धि की संरचना एवं मापन उपलब्ध
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10. समावेशी शिक्षा एवं विविध पृष्ठभूमि के बालक उपलब्ध
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11. भाषा और विचार उपलब्ध
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12. जेंडर: सामाजिक निर्माण एवं शैक्षिक प्रथाएं उपलब्ध
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13. अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं उपलब्ध
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14. आंकलन: सतत एवं समग्र मूल्यांकन उपलब्ध
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15. प्रश्नों का निर्माण एवं आलोचनात्मक चिंतन उपलब्ध
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MPTET Complete Study Notes & MCQs : Child Development and Pedagogy 12 - सामाजिक निर्माण के रूप में जेंडर: जेंडर भूमिका, लिंगभेद और शिक्षा

सामाजिक निर्माण के रूप में जेंडर: जेंडर भूमिका, लिंगभेद और शिक्षा | MP TET CDP

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MP TET परीक्षा के लिए 'भाषा और विचार' (Language and Thought) पर विस्तृत नोट्स। जीन पियाजे और वाइगोत्स्की के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझें। साथ ही 10 महत्वपूर्ण MCQs।
1. जेंडर एक सामाजिक निर्माण के रूप में

'लिंग' (Sex) जैविक (Biological) है, जबकि 'जेंडर' (Gender) सामाजिक (Social) है। जेंडर का अर्थ उन गुणों, भूमिकाओं और अपेक्षाओं से है जिन्हें समाज ने स्त्री और पुरुष के लिए तय किया है। यह समाज द्वारा बनाया गया एक ढांचा है, न कि प्रकृति द्वारा।

2. जेंडर की भूमिका और लिंगभेद

  • जेंडर भूमिका: समाज द्वारा निर्धारित व्यवहार, जैसे—'लड़कियां कोमल होती हैं' या 'लड़के रोते नहीं हैं'। ये भूमिकाएं सीखने के जरिए विकसित होती हैं।
  • लिंगभेद (Gender Bias): जब समाज या विद्यालय में किसी एक जेंडर को दूसरे से श्रेष्ठ माना जाता है या उनके साथ भेदभाव किया जाता है, तो उसे जेंडर पक्षपात कहते हैं।

3. शैक्षिक प्रथाएं (Gender in Educational Practices)

विद्यालय और शिक्षक जेंडर समानता को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं:

  • पाठ्यचर्या (Curriculum): पाठ्यपुस्तकों में जेंडर रूढ़िवादिता को हटाकर दोनों के समान योगदान को दिखाना।
  • शिक्षण विधि: शिक्षक को जेंडर-सेंसिटिव भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
  • समान अवसर: खेलकूद, विज्ञान और अन्य गतिविधियों में लड़के और लड़कियों को समान भागीदारी देना।
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अभ्यास हेतु MCQs

Q1. जेंडर (Gender) क्या है?
A) जैविक संरचना

B) एक सामाजिक निर्माण 

C) आनुवंशिक 

D) मनोवैज्ञानिक 

- उत्तर: B

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Q2. 'लिंग' (Sex) और 'जेंडर' (Gender) में मुख्य अंतर क्या है?
A) लिंग जैविक है, जेंडर सामाजिक 

B) दोनों एक हैं 

C) जेंडर जैविक है 

D) लिंग सामाजिक है 

- उत्तर: A

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Q3. 'लड़के विज्ञान में बेहतर होते हैं और लड़कियां संगीत में', यह क्या है?
A) जेंडर रूढ़िवादिता (Gender Stereotyping) 

B) वैज्ञानिक तथ्य 

C) सत्य 

D) कोई नहीं 

- उत्तर: A

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Q4. विद्यालय में जेंडर समानता के लिए सबसे प्रभावी कदम क्या है?
A) अलग कक्षाएं 

B) समान अवसर 

C) लड़कों को ज्यादा महत्व 

D) लड़कियों को शिक्षा से रोकना 

- उत्तर: B

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Q5. शिक्षक को कक्षा में कैसी भाषा का प्रयोग करना चाहिए?
A) जेंडर-पक्षपाती 

B) जेंडर-समान/तटस्थ (Gender-neutral) 

C) जेंडर-आधारित 

D) कोई नहीं 

- उत्तर: B

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Q6. जेंडर भूमिकाओं का अर्जन मुख्य रूप से कैसे होता है?
A) समाजीकरण द्वारा 

B) जन्म से ही 

C) ईश्वर प्रदत्त 

D) अचानक 

- उत्तर: A

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Q7. पाठ्यपुस्तकों में महिलाओं को केवल घर के काम करते हुए दिखाना क्या है?
A) जेंडर पूर्वाग्रह (Gender Bias) 

B) सामाजिक प्रगति 

C) सही चित्रण 

D) कोई नहीं 

- उत्तर: A

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Q8. जेंडर समानता का सिद्धांत बच्चों में क्या विकसित करता है?
A) श्रेष्ठता की भावना 

B) आपसी सम्मान और सहयोग 

C) प्रतिस्पर्धा 

D) ईर्ष्या 

- उत्तर: B

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Q9. समावेशी शिक्षा में जेंडर का क्या महत्व है?
A) प्रत्येक बच्चा जेंडर से परे समान अधिकार रखता है 

B) केवल लड़के ही महत्वपूर्ण हैं 

C) लड़कियों को विशेष महत्व 

D) कोई महत्व नहीं 

- उत्तर: A

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Q10. जेंडर-सेंसिटिव (Gender-sensitive) शिक्षक की पहचान क्या है?
A) जो छात्रों के बीच भेदभाव न करे 

B) जो लड़कियों को कम नंबर दे 

C) जो लड़कों को क्लास लीडर बनाए 

D) जो जेंडर के बारे में बात न करे 

- उत्तर: A

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अस्वीकरण: यह सामग्री केवल परीक्षा तैयारी हेतु है। आधिकारिक नियमों के लिए DPI MP की वेबसाइट देखें।
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MP TET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र:  (15 महत्वपूर्ण बिन्दू) 

सेवारत शिक्षकों के लिए DPI द्वारा विमर्श पोर्टल पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन नोट्स एवं अभ्यास प्रश्न 

01. बाल विकास की अवधारणा एवं अधिगम से संबंध उपलब्ध
अध्ययन करें
02. विकास और विकास को प्रभावित करने वाले कारक उपलब्ध
अध्ययन करें
03. बाल विकास के सिद्धांत उपलब्ध
अध्ययन करें
04. बालकों का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार समस्याएं उपलब्ध
अध्ययन करें
05. वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव उपलब्ध
अध्ययन करें
06. समाजीकरण की प्रक्रिया उपलब्ध
अध्ययन करें
07. पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की उपलब्ध
अध्ययन करें
08. बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा उपलब्ध
अध्ययन करें
09. बुद्धि की संरचना एवं मापन उपलब्ध
अध्ययन करें
10. समावेशी शिक्षा एवं विविध पृष्ठभूमि के बालक उपलब्ध
अध्ययन करें
11. भाषा और विचार उपलब्ध
अध्ययन करें
12. जेंडर: सामाजिक निर्माण एवं शैक्षिक प्रथाएं उपलब्ध
अध्ययन करें
13. अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं उपलब्ध
अध्ययन करें
14. आंकलन: सतत एवं समग्र मूल्यांकन उपलब्ध
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15. प्रश्नों का निर्माण एवं आलोचनात्मक चिंतन उपलब्ध
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MPTET Complete Study Notes & MCQs : Child Development and Pedagogy 11 - भाषा और विचार: बाल विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ (Language and Thought)

भाषा और विचार: बाल विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ (Language and Thought)
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MPTET Complete Study Notes & MCQs : Child Development and Pedagogy 11 - भाषा और विचार: बाल विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ (Language and Thought)

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MP TET परीक्षा के लिए 'भाषा और विचार' (Language and Thought) पर विस्तृत नोट्स। जीन पियाजे और वाइगोत्स्की के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझें। साथ ही 10 महत्वपूर्ण MCQs।

1. भाषा और विचार: क्या है संबंध?

भाषा और विचार के बीच का संबंध मनोविज्ञान का एक चिरस्थायी विवाद रहा है। क्या हम भाषा के माध्यम से सोचते हैं, या हमारे विचार भाषा को आकार देते हैं? इस विषय को समझने के लिए दो प्रमुख मनोवैज्ञानिकों के सिद्धांतों को समझना आवश्यक है:

जीन पियाजे (Jean Piaget) का दृष्टिकोण:

पियाजे का मानना था कि 'विचार पहले आते हैं, भाषा बाद में आती है।' उनके अनुसार, भाषा केवल संज्ञानात्मक विकास का एक उत्पाद है। बच्चा पहले संसार को समझता है, स्कीमा बनाता है और फिर उसे व्यक्त करने के लिए भाषा का उपयोग करता है।

लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) का दृष्टिकोण:

वाइगोत्स्की ने पियाजे से विपरीत विचार रखा। उनके अनुसार, 'शुरुआत में भाषा और विचार स्वतंत्र होते हैं, लेकिन लगभग 3 वर्ष की आयु में ये मिल जाते हैं।' वाइगोत्स्की के लिए भाषा सामाजिक अंतःक्रिया का उपकरण है और विचार इसी भाषा की उपज है।

2. निजी वाक (Private Speech)

वाइगोत्स्की ने 'निजी वाक' को बहुत महत्व दिया है। जब बच्चा खुद से बातें करता है (Self-talk), तो यह केवल बड़बड़ाहट नहीं है, बल्कि यह बालक द्वारा अपने व्यवहार को निर्देशित करने और समस्या हल करने का तरीका है।

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📌 अभ्यास हेतु MCQs

Q1. पियाजे के अनुसार भाषा विकास का मुख्य कारक क्या है?
A) सामाजिक अंतःक्रिया 

B) संज्ञानात्मक परिपक्वता 

C) अनुकरण 

D) पुरस्कार 

- उत्तर: B

Q2. किसने कहा कि 'विचार भाषा को निर्धारित करते हैं'?
A) वाइगोत्स्की 

B) पियाजे 

C) थार्नडाइक 

D) स्किनर 

- उत्तर: B

Q3. 'निजी वाक' (Private Speech) का प्रत्यय किसने दिया?
A) पियाजे 

B) वाइगोत्स्की 

C) चोमस्की 

D) एरिक्सन 

- उत्तर: B

Q4. भाषा सीखने का सबसे संवेदनशील काल कौन सा है?
A) प्रारंभिक बाल्यावस्था 

B) किशोरावस्था 

C) प्रौढ़ावस्था 

D) कोई नहीं 

- उत्तर: A

Q5. वाइगोत्स्की के अनुसार, भाषा क्या है?
A) सामाजिक अंतःक्रिया का उपकरण 

B) केवल एक गुण 

C) वंशानुगत 

D) रटने की प्रक्रिया 

- उत्तर: A

Q6. जब बच्चा स्वयं से बातें करता है, तो पियाजे इसे क्या कहते हैं?
A) सामाजिक वाक 

B) अहंकेंद्रित वाक (Egocentric Speech) 

C) निजी वाक 

D) अन्वेषण 

- उत्तर: B

Q7. नोम चोमस्की का सिद्धांत किससे संबंधित है?
A) भाषा विकास 

B) नैतिक विकास 

C) संवेगात्मक विकास 

D) शारीरिक विकास 

- उत्तर: A

Q8. भाषा अर्जन क्षमता (LAD) का प्रतिपादन किसने किया?
A) पियाजे 

B) चोमस्की 

C) वाइगोत्स्की 

D) स्किनर 

- उत्तर: B

Q9. कौन सा विचार यह मानता है कि भाषा और विचार स्वतंत्र रूप से विकसित होते हैं?
A) पियाजे 

B) वाइगोत्स्की 

C) चोमस्की 

D) पावलोव 

- उत्तर: B

Q10. बच्चे के भाषा विकास में समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है, यह किसका मानना है?
A) पियाजे 

B) वाइगोत्स्की 

C) चोमस्की 

D) फ्रायड 

- उत्तर: B

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MP TET बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र:  (15 महत्वपूर्ण बिन्दू) 

सेवारत शिक्षकों के लिए DPI द्वारा विमर्श पोर्टल पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन नोट्स एवं अभ्यास प्रश्न 

01. बाल विकास की अवधारणा एवं अधिगम से संबंध उपलब्ध
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02. विकास और विकास को प्रभावित करने वाले कारक उपलब्ध
अध्ययन करें
03. बाल विकास के सिद्धांत उपलब्ध
अध्ययन करें
04. बालकों का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार समस्याएं उपलब्ध
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05. वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव उपलब्ध
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06. समाजीकरण की प्रक्रिया उपलब्ध
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