Class 9 Hindi Practice Paper 2026 | Set C
MP Board Class 9 Hindi Practice Paper 2025–26 | Set C
MP EDUCATION GYAN DEEP मॉडल प्रश्न पत्र (Set-C) : 2025–26 कक्षा: 9वीं | विषय: हिन्दी
MP EDUCATION GYAN DEEP द्वारा प्रस्तुत कक्षा 9वीं हिन्दी मॉडल प्रश्न पत्र (Set-C) 2025–26 विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो गहन अभ्यास के माध्यम से अपनी परीक्षा-तैयारी को और अधिक मजबूत बनाना चाहते हैं। यह सेट प्रश्नों की संरचना, कठिनाई स्तर और विषय-विविधता के कारण Set-A व Set-B से अलग अनुभव प्रदान करता है।
- ✔️ अधिक वैचारिक एवं विश्लेषणात्मक प्रश्न
- ✔️ पाठ्यपुस्तक के महत्वपूर्ण अंशों पर विशेष फोकस
- ✔️ हिन्दी व्याकरण में गहराई से अभ्यास
- ✔️ उत्तर लेखन कौशल को निखारने में सहायक
MP EDUCATION GYAN DEEP
| समय: 3:00 घंटे | पूर्णांक: 75 |
2. प्रश्न 1 से 5 तक 30 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं (1 अंक प्रत्येक)।
3. प्रश्न 6 से 17 तक अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं (2 अंक, शब्द सीमा 30 शब्द)।
4. प्रश्न 18 से 20 तक लघु उत्तरीय प्रश्न हैं (3 अंक, शब्द सीमा 75 शब्द)।
5. प्रश्न 21 से 23 तक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं (4 अंक, शब्द सीमा 120 शब्द)।
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' (उत्तर) |
|---|---|
| 1. कबीर की रचना | (क) बीजक |
| 2. दोहा | (ख) अर्द्धसममात्रिक छंद |
| 3. अश्व का पर्यायवाची | (ग) घोटक/घोड़ा |
| 4. 'इस जल प्रलय में' | (घ) फणीश्वरनाथ रेणु |
| 5. आग बबूला होना | (ङ) अत्यधिक क्रोधित होना |
| 6. प्रेमचंद | (च) लमही (वाराणसी) |
2. सगुण भक्ति धारा (रामाश्रयी एवं कृष्णाश्रयी)
2. सूरदास (कृष्णभक्त)
उदाहरण: सूर्य - दिनकर, दिवाकर, रवि।
"या लकुटी अरु कामरिया पर राज तिहूँ पुर को तजि डारौं।
आठहुँ सिद्धि नवौ निधि के सुख नंद की गाइ चराइ बिसारौं।।"
"खा-खाकर कुछ पाएगा नहीं,
न खाकर बनेगा अहंकारी।
सम खा तभी होगा समभावी,
खुलेगी साँकल बंद द्वार की।"
"जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है। अब तो जूते की कीमत और बढ़ गई है और एक जूते पर पचीसों टोपियाँ न्योछावर होती हैं।"
प्रसंग: लेखक सामाजिक विडंबना और शक्ति/धन के आगे झुकने की प्रवृत्ति पर व्यंग्य कर रहे हैं।
व्याख्या: यहाँ 'जूता' शक्ति, धन या सामर्थ्य का प्रतीक है और 'टोपी' मान-सम्मान का। लेखक कहते हैं कि समाज में हमेशा से शक्तिशाली (जूते) का महत्व इज्जतदार (टोपी) से ज्यादा रहा है। आज तो स्थिति और खराब है, एक धनवान/शक्तिशाली व्यक्ति के आगे पचीसों गुणी और सम्मानित लोग झुकते हैं (न्योछावर होते हैं)।
"नेपाल से तिब्बत जाने का मुख्य रास्ता यही है। फरी-कलिङ्पोंग का रास्ता जब नहीं खुला था, तो नेपाल ही नहीं हिंदुस्तान की भी चीजें इसी रास्ते तिब्बत जाया करती थीं।"
प्रसंग: लेखक तिब्बत यात्रा के पुराने मार्ग का महत्व बता रहे हैं।
व्याख्या: लेखक बताते हैं कि जिस रास्ते से वे यात्रा कर रहे हैं, वह नेपाल से तिब्बत जाने का प्राचीन और मुख्य मार्ग है। जब फरी-कलिङ्पोंग का नया रास्ता नहीं बना था, तब नेपाल और भारत का सारा व्यापार इसी रास्ते से होता था। यह केवल व्यापारिक ही नहीं, बल्कि सैनिक रास्ता भी था, जिस पर जगह-जगह फौजी चौकियाँ बनी हुई थीं।
(i) वह ईमानदार है। (निषेधवाचक)
(ii) मोहन विद्यालय गया। (प्रश्नवाचक)
(iii) शायद आज वर्षा होगी। (संकेतवाचक/अर्थ लिखिए)
(ii) क्या मोहन विद्यालय गया?
(iii) (यह 'संदेहवाचक' वाक्य है)। संकेतवाचक रूप: **यदि बादल घिरेंगे, तो वर्षा होगी।**
श्रीमान प्राचार्य महोदय,
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,
ग्वालियर (म.प्र.)
विषय: शुल्क मुक्ति हेतु आवेदन पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का कक्षा 9वीं का छात्र हूँ। मेरे पिताजी एक छोटे किसान हैं और उनकी आय अत्यंत सीमित है। मेरे परिवार में पाँच सदस्य हैं, जिनका भरण-पोषण बड़ी कठिनाई से हो पाता है। इस कारण मेरे पिताजी मेरी विद्यालय की फीस भरने में असमर्थ हैं।
मैं पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहता हूँ और खेल-कूद में भी भाग लेता हूँ। अतः आपसे प्रार्थना है कि मेरी आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुझे पूर्ण शुल्क मुक्ति प्रदान करने की कृपा करें, ताकि मैं अपनी पढ़ाई जारी रख सकूँ।
धन्यवाद।
आपका आज्ञाकारी छात्र,
नाम: अ.ब.स.
कक्षा: 9वीं
दिनांक: .....
मॉडल स्कूल, भोपाल
दिनांक: .....
पूज्य पिताजी,
सादर चरण स्पर्श।
मैं यहाँ कुशल हूँ और आशा करता हूँ कि आप सभी भी घर पर कुशल होंगे। आपका पत्र मिला, पढ़कर खुशी हुई। आपने मेरी पढ़ाई के बारे में पूछा था।
मेरी पढ़ाई बहुत अच्छी चल रही है। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में मेरे अंक अच्छे आए थे। अब मैं वार्षिक परीक्षा की तैयारी में लगा हूँ। गणित और विज्ञान पर मैं विशेष ध्यान दे रहा हूँ। मुझे विश्वास है कि मैं कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करूँगा। माताजी को प्रणाम और छोटी बहन को स्नेह।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
रवि
(i) दीपावली (एक भारतीय त्योहार)
(ii) स्वच्छ भारत अभियान
(iii) पुस्तकालय का महत्व
(iv) मेरा प्रिय महापुरुष (स्वामी विवेकानंद/महात्मा गांधी)
1. प्रस्तावना: भारत त्योहारों का देश है। दीपावली रोशनी का त्योहार है और हिन्दुओं का प्रमुख पर्व है।
2. मनाने का कारण: भगवान राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे, इसी खुशी में अयोध्यावासियों ने घी के दिए जलाए थे।
3. तैयारी और उत्सव: लोग घरों की सफाई करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं। रात में लक्ष्मी-गणेश की पूजा होती है और दीप जलाए जाते हैं।
4. उपसंहार: यह अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। हमें इसे प्रदूषण मुक्त (बिना पटाखों के) मनाना चाहिए।
1. प्रस्तावना: स्वच्छता ईश्वर के समान है। 2 अक्टूबर 2014 को प्रधानमंत्री मोदी ने यह अभियान शुरू किया।
2. उद्देश्य: भारत को खुले में शौच से मुक्त करना और गलियों-सड़कों को साफ रखना।
3. लाभ: बीमारियां कम होंगी, पर्यटन बढ़ेगा और देश सुंदर दिखेगा।
4. हमारा कर्तव्य: हमें कचरा कूड़ेदान में ही डालना चाहिए और आसपास सफाई रखनी चाहिए।
5. उपसंहार: "स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत"। यह हम सबकी जिम्मेदारी है।
1. प्रस्तावना: पुस्तकालय का अर्थ है पुस्तकों का घर। यह ज्ञान का मंदिर है।
2. प्रकार: व्यक्तिगत, विद्यालयीय और सार्वजनिक पुस्तकालय।
3. उपयोगिता: यहाँ हम महंगी पुस्तकें बिना खरीदे पढ़ सकते हैं। शांत वातावरण में पढ़ाई अच्छी होती है।
4. ज्ञान वृद्धि: विभिन्न विषयों की पुस्तकें पढ़ने से हमारा मानसिक विकास होता है।
5. उपसंहार: पुस्तकालय समाज की अमूल्य निधि है। हमें इसका सदुपयोग करना चाहिए।
1. प्रस्तावना: गांधीजी भारत के राष्ट्रपिता हैं। वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे।
2. जीवन परिचय: जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ। पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था।
3. योगदान: सत्य और अहिंसा के बल पर भारत को अंग्रेजों से आजाद कराया। दांडी यात्रा और भारत छोड़ो आंदोलन चलाए।
4. उपसंहार: वे सादा जीवन और उच्च विचार में विश्वास रखते थे। 30 जनवरी 1948 को वे शहीद हुए। उनका जीवन हमारे लिए प्रेरणा है।
"शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं है, बल्कि एक अच्छे नागरिक का निर्माण करना भी है। एक शिक्षित व्यक्ति समाज और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान देता है। शिक्षा हमें सही और गलत में भेद करना सिखाती है। हमें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करती है।"
प्रश्न:
(i) गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
(ii) शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य क्या है?
(iii) 'उन्नति' का विलोम शब्द लिखिए।
(ii) **उद्देश्य:** शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य अच्छे नागरिक का निर्माण करना है, न कि केवल नौकरी पाना।
(iii) **विलोम:** 'उन्नति' का विलोम 'अवनति' है।
किसके लिए उपयोगी?
- यह मॉडल प्रश्न पत्र उन विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त है जो:
- परीक्षा में उच्च अंक लक्ष्य रखते हैं
- अपने ज्ञान की गहराई से जाँच करना चाहते हैं
- कठिन प्रश्नों का अभ्यास कर आत्मविश्वास बढ़ाना चाहते हैं
⚠️ आवश्यक सूचना / डिस्क्लेमर
यह मॉडल प्रश्न पत्र अभ्यास हेतु तैयार किया गया है। बोर्ड परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न इससे भिन्न हो सकते हैं। सम्पूर्ण पाठ्यक्रम का अध्ययन करना अनिवार्य है।
MP EDUCATION GYAN DEEP – अभ्यास, आत्मविश्वास और सफलता की ओर एक मजबूत कदम।
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