MP Board Class 11 Political Science Set C – Practice Question Paper 2025-26
MP Board कक्षा 11वीं कला समूह के विद्यार्थियों के लिए
राजनीति विज्ञान (Political Science) विषय का यह
Set-C अभ्यास प्रश्न पत्र नवीनतम अंक योजना के अनुसार तैयार किया गया है।
कक्षा: 11वीं
विषय: राजनीति विज्ञान
समूह: कला (Arts)
सेट: C
शैक्षणिक सत्र: 2025–26
प्रश्न पत्र की संरचना
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
लघु उत्तरीय प्रश्न
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
यह अभ्यास प्रश्न पत्र विद्यार्थियों को
परीक्षा पैटर्न समझने तथा
उत्तर लेखन का अभ्यास करने में सहायता करता है।
Set C – अभ्यास प्रश्न पत्र
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल
हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2025-26
विषय: राजनीति विज्ञान (मॉडल पेपर सेट-C) | कक्षा: 11वीं
पूर्णांक: 80समय: 3:00 घंटे
निर्देश: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रश्न 1 से 5 तक वस्तुनिष्ठ हैं। 2 अंक के उत्तर 30 शब्द, 3 अंक के 75 शब्द और 4 अंक के 120 शब्द सीमा में होने चाहिए।
भाग 1: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (कुल 32 अंक)
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (6 अंक)
(i) संविधान सभा की प्रथम बैठक के अध्यक्ष कौन थे?
डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (अस्थायी)
(ii) भारत का संविधान कब अंगीकृत किया गया?
26 नवम्बर 1949
(iii) दक्षिण अफ्रीका का संविधान कब लागू हुआ?
दिसम्बर 1996
(iv) 'नेति-नेति' का सिद्धांत किस दर्शन से संबंधित है?
भारतीय दर्शन (उपनिषद)
(v) 'अ थ्योरी ऑफ जस्टिस' पुस्तक के लेखक हैं?
जॉन रॉल्स
(vi) नगर निगम का राजनीतिक प्रमुख कौन होता है?
महापौर (मेयर)
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (6 अंक)
(i) लोकसभा में बहुमत दल का नेता ________ होता है।
प्रधानमंत्री
(ii) राष्ट्रपति को पद से हटाने की प्रक्रिया ________ कहलाती है।
महाभियोग
(iii) समानता का अर्थ ________ की समाप्ति है।
विशेषाधिकारों
(iv) विश्व शांति दिवस ________ को मनाया जाता है।
21 सितम्बर
(v) 74वां संविधान संशोधन ________ से संबंधित है।
नगरीय निकाय (नगर पालिका/निगम)
(vi) भारत में ________ निर्वाचन प्रणाली है।
वयस्क मताधिकार (अप्रत्यक्ष लोकतांत्रिक)
प्रश्न 3. सही जोड़ी मिलाइए: (7 अंक)
1. अनुच्छेद 356 - राज्यों में राष्ट्रपति शासन
2. राज्य सभा - स्थाई सदन
3. मौलिक अधिकार - संयुक्त राज्य अमेरिका
4. जे. एस. मिल - 'ऑन लिबर्टी' पुस्तक
5. सामाजिक न्याय - डॉ. बी.आर. अम्बेडकर
6. धर्मनिरपेक्षता - राज्य का कोई धर्म न होना
7. निर्वाचन आयोग - स्वायत्त संवैधानिक संस्था
प्रश्न 4. सत्य / असत्य लिखिए: (6 अंक)
(i) राजनीति केवल नेताओं का काम है।
असत्य
(ii) राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव जनता करती है।
असत्य (विधायकों द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव)
(iii) संपत्ति का अधिकार अब कानूनी अधिकार है।
सत्य
(iv) भारत एक संघात्मक राष्ट्र है।
सत्य
(v) स्वतंत्रता और समानता परस्पर विरोधी हैं।
असत्य (वे परस्पर पूरक हैं)
(vi) पंथनिरपेक्षता भारतीय संविधान की विशेषता है।
सत्य
प्रश्न 5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (7 अंक)
(i) संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष कौन थे?
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(ii) लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या कितनी है?
552 (वर्तमान प्रभावी 543)
(iii) 'हिन्द स्वराज्य' के रचयिता कौन हैं?
महात्मा गांधी
(iv) मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कौन करता है?
राष्ट्रपति
(v) 'लॉन्ग वॉक टू फ्रीडम' किसकी कृति है?
नेल्सन मंडेला
(vi) नगर पालिका का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
5 वर्ष
(vii) अस्पृश्यता का अंत किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 17
भाग 2: लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 6 से 15 - प्रत्येक 2 अंक)
प्रश्न 6. राजनीतिक सिद्धांत के कोई दो क्षेत्र लिखिए।
1. राज्य और सरकार की शक्तियों का अध्ययन। 2. नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों का व्यवस्थित विश्लेषण।
अथवा
राजनीतिक सिद्धांत पढ़ना क्यों आवश्यक है?
यह हमें तर्कपूर्ण ढंग से सोचने, जागरूक नागरिक बनने और समाज की राजनैतिक समस्याओं को समझने में सहायता करता है।
प्रश्न 7. भारतीय संविधान कब और कैसे बनकर तैयार हुआ?
भारतीय संविधान को संविधान सभा द्वारा बनाया गया। इसे पूर्ण होने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे और यह 26 नवम्बर 1949 को बनकर तैयार हुआ।
अथवा
भारतीय संविधान सभा की दो प्रमुख कमेटियों के नाम लिखिए।
1. प्रारूप समिति (Drafting Committee) - डॉ. अम्बेडकर 2. संघ शक्ति समिति - पंडित नेहरू।
प्रश्न 8. निर्वाचन आयोग के कोई दो कार्य लिखिए।
1. मतदाता सूची तैयार करना और उसमें संशोधन करना। 2. चुनावों की तिथियों की घोषणा करना और स्वतंत्र चुनाव कराना।
अथवा
वयस्क मताधिकार से क्या तात्पर्य है?
प्रत्येक वह नागरिक जो 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका है, उसे बिना किसी भेदभाव के वोट देने का अधिकार प्राप्त होना वयस्क मताधिकार है।
प्रश्न 9. कार्यपालिका का मुख्य कार्य क्या है?
कार्यपालिका का मुख्य कार्य विधायिका (संसद) द्वारा बनाए गए कानूनों को प्रशासन के माध्यम से लागू करना और देश का शासन चलाना है।
अथवा
नौकरशाही से आप क्या समझते हैं?
नौकरशाही स्थायी और प्रशिक्षित अधिकारियों का वह तंत्र है जो सरकार की नीतियों को अमलीजामा पहनाने और दैनिक प्रशासन के लिए उत्तरदायी है।
प्रश्न 10. द्विसदनात्मक विधायिका के कोई दो लाभ लिखिए।
1. कानूनों पर पुनर्विचार की गुंजाइश रहती है। 2. समाज के विभिन्न वर्गों और राज्यों को उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त होता है।
अथवा
लोकसभा के सदस्य बनने हेतु दो योग्यताएं लिखिए।
1. वह भारत का नागरिक हो। 2. उसकी आयु कम से कम 25 वर्ष हो।
प्रश्न 11. न्यायपालिका की स्वतंत्रता का अर्थ बताइए।
इसका अर्थ है कि न्यायाधीश बिना किसी राजनैतिक दबाव, भय या पक्षपात के निष्पक्ष होकर कानून के अनुसार निर्णय दे सकें।
अथवा
न्यायिक सक्रियता से क्या तात्पर्य है?
जब न्यायपालिका जनहित की रक्षा के लिए कार्यपालिका या विधायिका को निर्देश देती है या स्वयं संज्ञान लेती है, तो उसे न्यायिक सक्रियता कहते हैं।
प्रश्न 12. संघवाद की दो चुनौतियां लिखिए।
1. केन्द्र और राज्यों के बीच शक्तियों का टकराव। 2. क्षेत्रीय असंतुलन और राज्यों द्वारा अधिक स्वायत्तता की मांग।
अथवा
भारतीय संविधान में शक्तियों का विभाजन कितनी सूचियों में है?
शक्तियों का विभाजन तीन सूचियों में है: 1. संघ सूची, 2. राज्य सूची, 3. समवर्ती सूची।
प्रश्न 13. स्थानीय शासन के दो महत्व लिखिए।
1. यह लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करता है। 2. स्थानीय समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही संभव हो पाता है।
अथवा
ग्राम पंचायत के आय के दो स्रोत लिखिए।
1. स्थानीय मेलों और बाजारों पर टैक्स। 2. राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान।
प्रश्न 14. समानता के दो प्रकार लिखिए।
1. राजनैतिक समानता (वोट का अधिकार) 2. आर्थिक समानता (विकास के समान अवसर)।
अथवा
सकारात्मक स्वतंत्रता का अर्थ बताइए।
सकारात्मक स्वतंत्रता का अर्थ उन परिस्थितियों की उपस्थिति से है जिसमें व्यक्ति अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर सके।
प्रश्न 15. नागरिकता प्राप्त करने की दो विधियाँ लिखिए।
1. जन्म के आधार पर (By Birth) 2. पंजीकरण के आधार पर (By Registration)।
अथवा
धर्मनिरपेक्षता का भारतीय मॉडल क्या है?
भारतीय मॉडल का अर्थ है "सर्वधर्म समभाव", जहाँ राज्य सभी धर्मों का समान सम्मान करता है और भेदभाव नहीं करता।
भाग 3: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 16 से 19 - प्रत्येक 3 अंक)
प्रश्न 16. भारतीय संविधान में वर्णित किन्हीं तीन मौलिक अधिकारों का वर्णन कीजिए।
1. समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18): कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं। 2. स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19-22): अभिव्यक्ति, संघ बनाने और कहीं भी बसने की स्वतंत्रता। 3. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25-28): किसी भी धर्म को मानने और प्रचार करने की आजादी।
अथवा
मौलिक कर्तव्यों का महत्व लिखिए।
मौलिक कर्तव्य नागरिकों में अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करते हैं। ये याद दिलाते हैं कि अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति हमारी कुछ जिम्मेदारियां भी हैं, जैसे संविधान का सम्मान करना, राष्ट्रध्वज का आदर करना और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना।
प्रश्न 17. लोकसभा और राज्यसभा के बीच तीन प्रमुख अंतर लिखिए।
1. लोकसभा निम्न सदन है जिसे भंग किया जा सकता है, राज्यसभा स्थायी सदन है। 2. लोकसभा सदस्य जनता द्वारा सीधे चुने जाते हैं, जबकि राज्यसभा सदस्य विधायकों द्वारा चुने जाते हैं। 3. धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश होता है, राज्यसभा इसे मात्र 14 दिन रोक सकती है।
अथवा
संसदीय शासन प्रणाली की तीन विशेषताएं लिखिए।
1. दोहरी कार्यपालिका (नाममात्र का राष्ट्रपति और वास्तविक प्रधानमंत्री)। 2. कार्यपालिका का विधायिका के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व। 3. संसद में बहुमत दल का शासन और प्रधानमंत्री का नेतृत्व।
प्रश्न 18. "संविधान एक जीवंत दस्तावेज है", इस कथन की पुष्टि कीजिए।
संविधान एक जड़ वस्तु नहीं है, बल्कि यह समय और समाज की बदलती परिस्थितियों के अनुसार विकसित होता रहता है। इसमें संशोधन की गुंजाइश है और न्यायालय इसकी व्याख्या कर इसे आधुनिक समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रासंगिक बनाए रखते हैं। इसी गतिशीलता के कारण इसे जीवंत दस्तावेज कहा जाता है।
अथवा
भारतीय संविधान संशोधन की किन्हीं तीन प्रक्रियाओं को समझाइए।
1. साधारण बहुमत: संसद के सामान्य बहुमत से होने वाले बदलाव। 2. विशेष बहुमत: संसद के दोनों सदनों का 2/3 बहुमत आवश्यक होना। 3. विशेष बहुमत + राज्यों की सहमति: संघीय ढांचे में बदलाव हेतु आधे राज्यों के विधानमंडलों की सहमति अनिवार्य होना।
प्रश्न 19. सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के तीन उपाय बताइए।
1. पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था करना। 2. शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का समान वितरण। 3. जातिगत और लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने के लिए सख्त कानूनों का निर्माण।
अथवा
राष्ट्रवाद के विकास में सहायक किन्हीं तीन तत्वों का वर्णन कीजिए।
1. साझी ऐतिहासिक विरासत: एक ही इतिहास से जुड़ाव महसूस करना। 2. सांस्कृतिक एकता: समान भाषा, पर्व और परंपराओं का होना। 3. समान राजनैतिक आकांक्षाएं: एक स्वतंत्र और गौरवशाली राष्ट्र के निर्माण का साझा स्वप्न।
भाग 4: विश्लेषणात्मक प्रश्न (प्रश्न 20 से 23 - प्रत्येक 4 अंक)
प्रश्न 20. भारतीय संविधान के प्रमुख स्रोतों का वर्णन कीजिए। (कोई चार)
भारतीय संविधान कई देशों के श्रेष्ठ अनुभवों का मिश्रण है: 1. ब्रिटेन: संसदीय प्रणाली और कानून का शासन। 2. अमेरिका: मौलिक अधिकार और न्यायपालिका की स्वतंत्रता। 3. आयरलैंड: राज्य के नीति निर्देशक तत्व। 4. कनाडा: संघात्मक व्यवस्था जिसमें केन्द्र अधिक शक्तिशाली है। 5. भारत शासन अधिनियम 1935: संघीय तंत्र और राज्यपाल का कार्यालय।
अथवा
संविधान सभा की कार्यप्रणाली पर एक संक्षिप्त निबंध लिखिए।
संविधान सभा का गठन 1946 में कैबिनेट मिशन योजना के तहत हुआ। इसकी कार्यप्रणाली लोकतांत्रिक और चर्चा-आधारित थी। प्रत्येक प्रावधान पर विस्तृत बहस की गई और आम सहमति बनाने का प्रयास किया गया। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में प्रारूप समिति ने संविधान का ढांचा तैयार किया। इसमें विभिन्न समितियों ने काम किया और 2 वर्ष 11 माह 18 दिन की कड़ी मेहनत के बाद विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान तैयार हुआ।
प्रश्न 21. भारत के प्रधानमंत्री की शक्तियों और स्थिति की विवेचना कीजिए।
प्रधानमंत्री देश का वास्तविक शासक होता है। उसकी प्रमुख शक्तियां निम्नलिखित हैं: 1. मंत्रिपरिषद का गठन: वह मंत्रियों का चयन करता है और विभागों का बंटवारा करता है। 2. कड़ी का कार्य: वह राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच संचार की मुख्य कड़ी है। 3. नीति निर्धारण: सरकार की सभी प्रमुख नीतियों का अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री का होता है। 4. संसद का नेता: वह सदन में सरकार का मुख्य प्रवक्ता होता है। उसकी स्थिति 'समानों में प्रथम' से बढ़कर अब 'प्रधानमंत्रीय शासन' की ओर झुकी हुई है।
अथवा
राष्ट्रपति की शक्तियों और उसकी विवेकाधीन शक्तियों का वर्णन कीजिए।
राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक प्रमुख है। उसकी शक्तियों में कार्यपालिका, विधायी, न्यायिक और आपातकालीन शक्तियां शामिल हैं। उसकी विवेकाधीन शक्तियां वह होती हैं जहाँ वह मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना कार्य कर सकता है: 1. किसी दल को स्पष्ट बहुमत न होने पर प्रधानमंत्री चुनना। 2. किसी विधेयक को पुनर्विचार के लिए वापस भेजना। 3. पॉकेट वीटो का प्रयोग करना। 4. मंत्रिपरिषद को बर्खास्त करना यदि वह सदन का विश्वास खो चुकी हो।
प्रश्न 22. भारतीय न्यायपालिका की संरचना का सचित्र वर्णन (विस्तार) कीजिए।
भारत में एक एकीकृत और पिरामिडनुमा न्यायिक संरचना है: 1. सर्वोच्च न्यायालय (नई दिल्ली): यह देश का सबसे बड़ा न्यायालय है। इसके फैसले सभी अदालतों पर बाध्यकारी हैं। 2. उच्च न्यायालय: प्रत्येक राज्य या राज्यों के समूह के लिए एक उच्च न्यायालय होता है। यह निचली अदालतों की अपील सुनता है। 3. जिला न्यायालय: प्रत्येक जिले में दीवानी और फौजदारी मामलों की सुनवाई हेतु जिला अदालतें होती हैं। 4. अधीनस्थ न्यायालय: मुंसिफ कोर्ट या छोटे स्तर के न्यायालय जहाँ से न्याय प्रक्रिया शुरू होती है।
अथवा
न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने वाले किन्हीं चार प्रावधानों को लिखिए।
1. नियुक्ति प्रक्रिया: न्यायाधीशों की नियुक्ति में राजनैतिक हस्तक्षेप न्यूनतम रखने का प्रयास किया गया है। 2. कार्यकाल की सुरक्षा: उन्हें केवल महाभियोग जैसी कठिन प्रक्रिया से ही हटाया जा सकता है। 3. वेतन और भत्ते: न्यायाधीशों के वेतन संसद के मतदान से मुक्त होते हैं (संचित निधि पर भारित)। 4. अवमानना पर दंड: न्यायालय को अपनी अवमानना पर दंड देने की शक्ति प्राप्त है ताकि उसकी गरिमा बनी रहे।
प्रश्न 23. पंथनिरपेक्षता के भारतीय मॉडल की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
भारतीय पंथनिरपेक्षता का अर्थ धर्म और राज्य का पूर्ण अलगाव नहीं है। इसकी मुख्य आलोचना यह है कि राज्य कभी-कभी धार्मिक समुदायों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है, जिसे कुछ लोग 'वोट बैंक की राजनीति' या 'अल्पसंख्यक तुष्टीकरण' कहते हैं। हालांकि, भारतीय मॉडल की खूबसूरती यह है कि यह 'सैद्धांतिक दूरी' बनाए रखता है—जहाँ राज्य किसी एक धर्म को बढ़ावा नहीं देता, लेकिन सामाजिक न्याय और सुधार (जैसे छुआछूत का अंत) के लिए धर्म में सकारात्मक हस्तक्षेप की अनुमति देता है। यह विविधतापूर्ण भारत की एकता के लिए अनिवार्य है।
अथवा
राष्ट्रवाद के मार्ग में आने वाली बाधाओं और उनके समाधानों का वर्णन कीजिए।
बाधाएं: 1. सांप्रदायिकता: धर्म के नाम पर नफरत। 2. क्षेत्रवाद: संकुचित क्षेत्रीय पहचान। 3. भाषावाद: भाषा के नाम पर टकराव। 4. जातिवाद: समाज का ऊंच-नीच में बंटवारा। समाधान: शिक्षा का व्यापक प्रचार, साझा राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान, आर्थिक असमानता को दूर करना और राजनैतिक दलों द्वारा तुष्टीकरण की राजनीति को त्यागना। एक मजबूत राष्ट्रवाद के लिए नागरिक चेतना और संवैधानिक मूल्यों का पालन अनिवार्य है।
⚠️ डिस्क्लेमर
यह प्रश्न पत्र एवं इसमें दिए गए प्रश्न-उत्तर केवल अभ्यास (Practice Purpose) के लिए तैयार किए गए हैं।
यह प्रश्न पत्र MP Board के वास्तविक प्रश्न पत्र का हूबहू प्रतिरूप नहीं है।
परीक्षा में आने वाले प्रश्नों में परिवर्तन संभव है।
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पाठ्यपुस्तक, आधिकारिक सिलेबस और विद्यालयीय मार्गदर्शन को प्राथमिकता दें।िवर्तन संभव है।
इस पोस्ट से लाभ
Set-wise अभ्यास की सुविधा
उत्तर लेखन कौशल में सुधार
बोर्ड परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी
📜 कक्षा 11वीं इतिहास – सभी Practice Question Papers
MP Board कक्षा 11वीं इतिहास (History) विषय के सभी
अंक योजना आधारित अभ्यास प्रश्न पत्र नीचे दिए गए हैं।
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