कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र का यह प्रैक्टिस प्रश्न पत्रवर्ष 2022, 2023, 2024 एवं 2025 के बोर्ड प्रश्न पत्रों और
अंक योजना 2025–26 के नवीनतम पैटर्न के आधार पर तैयार किया गया है।
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नवीनतम बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित
महत्वपूर्ण एवं बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न शामिल
अंक योजना अनुसार प्रश्नों का संतुलित चयन
वार्षिक परीक्षा की अंतिम तैयारी के लिए उपयोगी
यह प्रैक्टिस पेपर छात्रों को समय प्रबंधन,
उत्तर लेखन शैली एवं आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक है।
किसके लिए उपयोगी: कक्षा 12वीं के सभी विद्यार्थी एवं शिक्षक
Class 12 Economics Model Paper 2026 (Interactive)
अभ्यास प्रश्न पत्र - 2026
कक्षा: 12वीं | विषय: अर्थशास्त्र
पूर्णांक: 80समय: 3 घण्टे
भाग (अ) - वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1×6 = 6 अंक each)
प्र.1 सही विकल्प चुनकर लिखिए:
(i) व्यष्टि अर्थशास्त्र में अध्ययन किया जाता है:
(ii) जब सीमांत उपयोगिता शून्य होती है, तब कुल उपयोगिता होती है:
(iii) पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म कीमत ______ होती है:
(iv) भारत का वित्तीय वर्ष है:
(v) \(MPC + MPS\) बराबर है:
(vi) भारत का केंद्रीय बैंक है:
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प्र.2 रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (1×6 = 6)
(i) उत्पादन की प्रति इकाई लागत को __________ कहते हैं।
औसत लागत (Average Cost)
(ii) उपभोग फलन \(C = \bar{C} + bY\) में \(b\) __________ को दर्शाता है।
सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPC)
(iii) कर की मात्रा में वृद्धि होने पर पूर्ति __________ हो जाती है।
कम (Decrease)
(iv) राष्ट्रीय आय में __________ मदों को शामिल नहीं किया जाता है।
हस्तांतरण भुगतान (Transfer Payments)
(v) \(M_1\) को __________ मुद्रा कहते हैं।
संकीर्ण (Narrow)
(vi) पूर्ण प्रतियोगिता में औसत आगम (AR) और सीमांत आगम (MR) __________ होते हैं।
बराबर (\(AR = MR\))
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प्र.3 सत्य/असत्य लिखिए (1×6 = 6)
(i) पैमाने के प्रतिफल का संबंध दीर्घकाल से है।
सत्य (True)
(ii) मुद्रा वह है जो मुद्रा का कार्य करे।
सत्य (True)
(iii) चेक (Cheque) एक वैधानिक मुद्रा (Legal Tender) है।
असत्य (False) - यह साख मुद्रा है।
(iv) गिफिन वस्तुओं पर माँग का नियम लागू होता है।
असत्य (False)
(v) बचत और निवेश संतुलन की स्थिति में बराबर होते हैं।
सत्य (True)
(vi) बजट में केवल सरकार की आय का विवरण होता है।
असत्य (False) - आय और व्यय दोनों का होता है।
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प्र.4 सही जोड़ी बनाइए (1×7 = 7)
(सही जोड़ी का मिलान देखने के लिए बटन दबाएं)
(i) चाय और कॉफी
स्थानापन्न वस्तुएँ
(ii) कार और पेट्रोल
पूरक वस्तुएँ
(iii) आय का प्रवाह
प्रवाह (Flow)
(iv) राष्ट्रीय संपत्ति
स्टॉक (Stock)
(v) बजट रेखा की ढाल
\(-P_1/P_2\)
(vi) प्राथमिक क्षेत्र
कृषि
(vii) द्वितीयक क्षेत्र
विनिर्माण
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प्र.5 एक वाक्य में उत्तर दीजिए (1×7 = 7)
(i) अवसर लागत क्या है?
अगले सर्वश्रेष्ठ विकल्प को त्यागने की लागत।
(ii) GDP का पूरा नाम लिखिए।
सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product)
(iii) संसद में बजट कौन प्रस्तुत करता है?
देश का वित्त मंत्री।
(iv) कीन्स ने प्रभावपूर्ण माँग का सिद्धांत किस पुस्तक में दिया?
द जनरल थ्योरी ऑफ एम्प्लॉयमेंट, इंटरेस्ट एंड मनी (1936)।
(v) APS का सूत्र लिखिए।
\(APS = \frac{S}{Y}\)
(vi) रिजर्व बैंक की स्थापना कब हुई?
1 अप्रैल, 1935 को।
(vii) साधनों की माँग कैसी माँग है?
व्युत्पन्न माँग (Derived Demand)।
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भाग (ब) - अति लघुउत्तरीय प्रश्न (2 अंक | शब्द सीमा ~30 शब्द)
प्र.6. व्यष्टि अर्थशास्त्र की परिभाषा लिखिए।
व्यष्टि अर्थशास्त्र अर्थशास्त्र की वह शाखा है जो अर्थव्यवस्था की व्यक्तिगत इकाइयों जैसे- एक उपभोक्ता, एक फर्म, या एक उद्योग के आर्थिक व्यवहार का अध्ययन करती है।
--- अथवा ---
बाज़ार अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं?
बाज़ार अर्थव्यवस्था वह अर्थव्यवस्था है जिसमें आर्थिक निर्णय (क्या, कैसे और किसके लिए उत्पादन करें) बाज़ार की शक्तियों अर्थात् माँग और पूर्ति द्वारा स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं।
प्र.7. उत्पादन फलन (Production Function) क्या है?
उत्पादन फलन आगतों (Inputs) और निर्गतों (Outputs) के बीच के तकनीकी या भौतिक संबंध को बताता है। सूत्र: \(Q = f(L, K)\)
--- अथवा ---
स्थिर लागत (Fixed Cost) किसे कहते हैं?
वे लागतें जिनका उत्पादन की मात्रा से सीधा संबंध नहीं होता और उत्पादन शून्य होने पर भी जो बनी रहती हैं, स्थिर लागत कहलाती हैं। जैसे- भवन का किराया।
प्र.8. बजट सेट (Budget Set) किसे कहते हैं?
बजट सेट उन सभी बंडलों (संयोगों) का संग्रह है जिन्हें एक उपभोक्ता अपनी दी गई आय और वस्तुओं की बाज़ार कीमतों पर खरीद सकता है। \(P_1x_1 + P_2x_2 \leq M\)
--- अथवा ---
उदासीनता वक्र (Indifference Curve) क्या है?
उदासीनता वक्र दो वस्तुओं के उन विभिन्न संयोगों को दर्शाता है, जिनसे उपभोक्ता को समान संतुष्टि प्राप्त होती है। इस वक्र पर उपभोक्ता तटस्थ रहता है।
प्र.9. निम्नतम निर्धारित कीमत (Price Floor) किसे कहते हैं?
जब सरकार उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए किसी वस्तु की न्यूनतम कीमत संतुलन कीमत से अधिक निर्धारित कर देती है (जैसे MSP), तो उसे निम्नतम निर्धारित कीमत कहते हैं।
--- अथवा ---
उच्चतम निर्धारित कीमत (Price Ceiling) क्या है?
जब सरकार उपभोक्ताओं (विशेषकर गरीबों) के लिए आवश्यक वस्तुओं की अधिकतम कीमत संतुलन कीमत से कम तय करती है, ताकि वे उसे खरीद सकें।
प्र.10. मध्यवर्ती वस्तुएँ (Intermediate Goods) किसे कहते हैं?
वे वस्तुएँ जिन्हें एक फर्म दूसरी फर्म से पुनः बिक्री के लिए या उत्पादन प्रक्रिया में कच्चे माल के रूप में उपयोग करने के लिए खरीदती है, मध्यवर्ती वस्तुएँ कहलाती हैं।
--- अथवा ---
पूँजीगत वस्तुएँ (Capital Goods) किसे कहते हैं?
वे टिकाऊ वस्तुएँ जिनका उपयोग अन्य वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन में कई वर्षों तक किया जाता है, जैसे- मशीनें और औजार।
प्र.11. स्टॉक और प्रवाह में अंतर लिखिए।
स्टॉक: एक निश्चित समय बिंदु (Point of Time) पर मापी जाने वाली मात्रा है (जैसे 1 जनवरी को बैंक जमा)। प्रवाह: एक समयावधि (Period of Time) में मापी जाने वाली मात्रा है (जैसे मासिक वेतन)।
--- अथवा ---
वैयक्तिक आय किसे कहते हैं?
एक वर्ष में देश के परिवारों द्वारा सभी स्रोतों से प्राप्त कुल आय को वैयक्तिक आय कहते हैं। इसमें हस्तांतरण आय भी शामिल होती है।
प्र.12. मुद्रा के दो प्रमुख कार्य लिखिए।
1. विनिमय का माध्यम: वस्तुओं की खरीद-बिक्री में सहायक।
2. मूल्य का मापक: सभी वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य मुद्रा में मापा जाता है।
--- अथवा ---
वस्तु विनिमय प्रणाली की एक कठिनाई लिखिए।
दोहरे संयोग का अभाव: यह आवश्यक नहीं कि एक व्यक्ति के पास जो वस्तु है वह दूसरे को चाहिए हो और दूसरे की वस्तु पहले को।
प्र.13. व्यापारिक बैंक (Commercial Bank) किसे कहते हैं?
वह वित्तीय संस्था जो लाभ कमाने के उद्देश्य से जनता से जमा स्वीकार करती है और लोगों को ऋण तथा निवेश की सुविधा प्रदान करती है।
--- अथवा ---
केंद्रीय बैंक (Central Bank) क्या है?
केंद्रीय बैंक देश की सर्वोच्च बैंकिंग संस्था है जो मुद्रा जारी करती है, मौद्रिक नीति बनाती है और पूरी बैंकिंग प्रणाली को नियंत्रित करती है (जैसे RBI)।
प्र.14. उपभोग फलन (Consumption Function) किसे कहते हैं?
एक अर्थव्यवस्था में कुल उपभोग व्यय (\(C\)) और कुल राष्ट्रीय आय (\(Y\)) के बीच के कार्यात्मक संबंध को उपभोग फलन कहते हैं। \(C = f(Y)\).
--- अथवा ---
समग्र माँग (Aggregate Demand) किसे कहते हैं?
एक लेखा वर्ष में अर्थव्यवस्था में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं पर किए जाने वाले कुल व्यय की योजना को समग्र माँग कहते हैं।
प्र.15. पूर्ण प्रतियोगिता बाजार का अर्थ लिखिए।
यह बाजार की वह स्थिति है जिसमें समरूप वस्तु के बहुत से क्रेता-विक्रेता होते हैं और कोई भी अकेली फर्म कीमत को प्रभावित नहीं कर सकती (कीमत स्वीकारक होती है)।
--- अथवा ---
बाज़ार पूर्ति वक्र किसे कहते हैं?
बाज़ार में स्थित सभी व्यक्तिगत फर्मों के पूर्ति वक्रों का क्षैतिज योग (Horizontal Summation) बाज़ार पूर्ति वक्र कहलाता है।
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भाग (स) - लघुउत्तरीय प्रश्न (3 अंक | शब्द सीमा ~75 शब्द)
प्र.16. पूर्ण प्रतियोगिता की तीन विशेषताएँ लिखिए।
1. क्रेताओं/विक्रेताओं की अधिक संख्या: पूर्ण प्रतियोगिता में क्रेता और विक्रेता इतनी बड़ी संख्या में होते हैं कि कोई भी अकेला व्यक्ति बाजार कीमत को प्रभावित नहीं कर सकता। 2. समरूप वस्तुएँ: सभी फर्में रंग, रूप, गुण और आकार में एक समान वस्तुओं का उत्पादन करती हैं, जिससे क्रेताओं के लिए कोई भेद नहीं रह जाता। 3. प्रवेश और निकास की स्वतंत्रता: नई फर्में कभी भी उद्योग में आ सकती हैं और पुरानी फर्में छोड़कर जा सकती हैं। यह दीर्घकाल में केवल सामान्य लाभ सुनिश्चित करता है।
--- अथवा ---
लाभ अधिकतमीकरण की तीन शर्तें लिखिए।
1. \(MR = MC\): फर्म का उत्पादन उस स्तर पर होना चाहिए जहाँ सीमांत आगम (MR) और सीमांत लागत (MC) बराबर हों। 2. MC वक्र नीचे से काटे: संतुलन बिंदु पर सीमांत लागत वक्र, सीमांत आगम वक्र को नीचे से ऊपर की ओर काटता हुआ होना चाहिए (MC ह्रासमान नहीं होनी चाहिए)। 3. अल्पकालीन शर्त: अल्पकाल में कीमत (P), औसत परिवर्ती लागत (AVC) के बराबर या उससे अधिक होनी चाहिए (\(P \ge AVC\))।
प्र.17. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के कोई तीन कार्य लिखिए।
1. नोट निर्गमन का एकाधिकार: रिज़र्व बैंक भारत में करेंसी नोट जारी करने वाली एकमात्र संस्था है। यह मुद्रा प्रणाली में एकरूपता बनाए रखता है। 2. सरकार का बैंकर: यह केंद्र और राज्य सरकारों के लिए बैंकिंग कार्य करता है, उनके खाते रखता है और वित्तीय सलाह देता है। 3. अंतिम ऋणदाता (Lender of Last Resort): जब व्यापारिक बैंकों को कहीं से सहायता नहीं मिलती, तो RBI उन्हें ऋण देकर संकट से बचाता है।
--- अथवा ---
साख सृजन (Credit Creation) की प्रक्रिया संक्षेप में समझाइए।
व्यापारिक बैंक अपनी कुल जमा (Primary Deposits) का एक निश्चित प्रतिशत (CRR) नकद रूप में रखकर शेष राशि उधार दे देते हैं। उधार दी गई राशि पुनः बैंकिंग प्रणाली में जमा के रूप में लौट आती है। यह चक्र बार-बार चलता है, जिससे प्रारंभिक जमा से कई गुना अधिक मुद्रा का निर्माण होता है। सूत्र: \(\text{Money Multiplier} = \frac{1}{LRR}\)
प्र.18. सरकारी बजट के किन्हीं तीन उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
1. संसाधनों का पुनः आवंटन: सरकार कर और सब्सिडी के माध्यम से संसाधनों को उन क्षेत्रों में लगाती है जो सामाजिक कल्याण के लिए जरूरी हैं। 2. आर्थिक स्थिरता: बजट के माध्यम से सरकार तेजी (महंगाई) और मंदी को नियंत्रित करके अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाती है। 3. आय की असमानता कम करना: अमीरों पर अधिक कर लगाकर और गरीबों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देकर सरकार अमीर-गरीब की खाई कम करती है।
--- अथवा ---
राजस्व व्यय और पूँजीगत व्यय में तीन अंतर लिखिए।
1. संपत्ति निर्माण: पूँजीगत व्यय से सरकार की परिसंपत्तियों (जैसे सड़क) का निर्माण होता है, जबकि राजस्व व्यय (जैसे वेतन) से कोई संपत्ति नहीं बनती। 2. दायित्व: पूँजीगत व्यय से सरकार के दायित्व (कर्ज) कम होते हैं, राजस्व व्यय से नहीं। 3. प्रकृति: राजस्व व्यय आवर्ती (Recurring/बार-बार) होता है, जबकि पूँजीगत व्यय अनावर्ती (Non-recurring) होता है।
प्र.19. भुगतान संतुलन के चालू और पूँजीगत खाते में अंतर स्पष्ट कीजिए।
चालू खाता (Current Account): इसमें वस्तुओं/सेवाओं के आयात-निर्यात और एकतरफा अंतरण का रिकॉर्ड होता है। यह एक 'प्रवाह' अवधारणा है और देश की शुद्ध आय को दर्शाता है। पूँजीगत खाता (Capital Account): इसमें उन सौदों का रिकॉर्ड होता है जो देश की संपत्ति और दायित्वों (Assets & Liabilities) को प्रभावित करते हैं, जैसे विदेशी निवेश और ऋण। यह 'स्टॉक' अवधारणा से जुड़ा है।
--- अथवा ---
लोचशील विनिमय दर प्रणाली के गुण लिखिए।
1. स्वतंत्र मौद्रिक नीति: केंद्रीय बैंक को विनिमय दर स्थिर रखने की चिंता नहीं करनी पड़ती, जिससे वह घरेलू नीतियों पर ध्यान दे सकता है। 2. स्वतः समायोजन: माँग और पूर्ति में बदलाव से भुगतान संतुलन (BOP) का घाटा अपने आप ठीक हो जाता है। 3. विदेशी मुद्रा भंडार: सरकार को विनिमय दर बनाए रखने के लिए भारी विदेशी मुद्रा भंडार रखने की जरूरत नहीं पड़ती।
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भाग (द) - दीर्घउत्तरीय प्रश्न (4 अंक | शब्द सीमा ~120 शब्द)
प्र.20. माँग का नियम क्या है? सचित्र व्याख्या कीजिए एवं इसके अपवाद लिखिए।
माँग का नियम: "अन्य बातें समान रहने पर, किसी वस्तु की कीमत में कमी होने पर उसकी माँग बढ़ जाती है और कीमत में वृद्धि होने पर माँग घट जाती है।" यह कीमत और माँग में विपरीत संबंध बताता है।
सचित्र व्याख्या: [यहाँ छात्र एक ग्राफ बनाएं जिसमें X-अक्ष पर मात्रा और Y-अक्ष पर कीमत हो। माँग वक्र DD बाएं से दाएं नीचे की ओर गिरता हुआ होगा।]
चित्र स्पष्ट करता है कि जैसे ही कीमत P से P1 गिरती है, माँग Q से Q1 बढ़ जाती है।
अपवाद:
1. गिफिन वस्तुएँ: घटिया वस्तुओं पर यह नियम लागू नहीं होता।
2. प्रतिष्ठा सूचक वस्तुएँ: हीरे-जवाहरात जैसी महंगी वस्तुओं की माँग कीमत बढ़ने पर और बढ़ती है।
3. भविष्य में कीमत परिवर्तन: यदि भविष्य में दाम बढ़ने की आशंका हो, तो लोग वर्तमान में ऊँची कीमत पर भी अधिक खरीदेंगे।
--- अथवा ---
माँग की कीमत लोच की विभिन्न श्रेणियों को सचित्र समझाइए।
1. पूर्णतया लोचदार (\(E_d = \infty\)): कीमत स्थिर रहने पर भी माँग अनंत हो जाती है। (क्षैतिज वक्र)
2. पूर्णतया बेलोचदार (\(E_d = 0\)): कीमत बदलने पर माँग पर कोई असर नहीं। (लंबवत वक्र)
3. इकाई लोचदार (\(E_d = 1\)): कीमत और माँग में समान अनुपात में बदलाव। (आयताकार अतिपरवलय)
4. इकाई से अधिक लोचदार (\(E_d > 1\)): माँग में % परिवर्तन > कीमत में % परिवर्तन। (वक्र थोड़ा चपटा/Flatter)
5. इकाई से कम लोचदार (\(E_d < 1\)): माँग में % परिवर्तन < कीमत में % परिवर्तन। (वक्र थोड़ा खड़ा/Steeper)
प्र.21. ह्रासमान सीमांत उत्पाद नियम (Law of Variable Proportions) को सचित्र समझाइए।
नियम: "अल्पकाल में, जब स्थिर साधन के साथ परिवर्तनशील साधन की इकाइयाँ बढ़ाई जाती हैं, तो सीमांत उत्पादन (MP) पहले बढ़ता है, फिर घटता है और अंत में ऋणात्मक हो जाता है।"
तीन अवस्थाएं: 1. बढ़ते प्रतिफल: TP तेजी से बढ़ता है, MP बढ़ता है। कारण: स्थिर साधनों का बेहतर उपयोग। 2. घटते प्रतिफल: TP घटती दर से बढ़ता है, MP गिरता है पर धनात्मक रहता है। यह उत्पादन की आदर्श अवस्था है। 3. ऋणात्मक प्रतिफल: TP घटने लगता है, MP ऋणात्मक हो जाता है। कारण: साधनों का अनुपात बिगड़ना।
--- अथवा ---
एक फर्म का उत्पादन फलन \(Q = 2L^2 K^2\) है। अधिकतम निर्गत ज्ञात करें यदि (i) \(L=5, K=2\) (ii) \(L=0, K=10\)।
दिया गया उत्पादन फलन: \(Q = 2L^2 K^2\)
स्थिति (i): जब \(L = 5\) और \(K = 2\)
\(Q = 2 \times (5)^2 \times (2)^2\)
\(Q = 2 \times 25 \times 4\)
\(Q = 200\) इकाइयाँ।
स्थिति (ii): जब \(L = 0\) और \(K = 10\)
\(Q = 2 \times (0)^2 \times (10)^2\)
\(Q = 2 \times 0 \times 100\)
\(Q = 0\) इकाइयाँ। (क्योंकि श्रम शून्य है, तो उत्पादन संभव नहीं)।
प्र.22. राष्ट्रीय आय गणना की 'व्यय विधि' के घटकों का वर्णन कीजिए।
व्यय विधि में एक वर्ष में अंतिम वस्तुओं/सेवाओं पर किए गए कुल व्यय को जोड़ा जाता है। सूत्र: \(GDP_{MP} = C + I + G + (X - M)\) घटक:
1. निजी अंतिम उपभोग व्यय (C): परिवारों द्वारा भोजन, वस्त्र आदि पर किया गया खर्च।
2. सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (G): सरकार द्वारा रक्षा, प्रशासन आदि सेवाओं पर खर्च।
3. सकल घरेलू पूँजी निर्माण (I): इसे निवेश कहते हैं। इसमें मशीनरी, निर्माण और स्टॉक में बदलाव शामिल हैं।
4. शुद्ध निर्यात (X-M): निर्यात और आयात का अंतर।
--- अथवा ---
आय का चक्रीय प्रवाह (Circular Flow of Income) मॉडल समझाइए।
दो क्षेत्रीय मॉडल में: 1. परिवार (Households): ये उत्पादन के साधनों (भूमि, श्रम) के मालिक होते हैं। ये फर्मों को साधन देते हैं और बदले में आय (वेतन, लगान) पाते हैं। 2. फर्में (Firms): ये वस्तुओं का उत्पादन करती हैं और परिवारों को बेचती हैं। प्रवाह:
- साधन सेवाएँ परिवारों से फर्मों की ओर जाती हैं (वास्तविक प्रवाह)।
- वस्तुओं पर व्यय परिवारों से फर्मों की ओर जाता है (मौद्रिक प्रवाह)।
अतः कुल उत्पादन = कुल आय = कुल व्यय।
प्र.23. अधिमाँग (Excess Demand) और न्यून माँग (Deficient Demand) में अंतर स्पष्ट कीजिए।
आधार
अधिमाँग
न्यून माँग
अर्थ
जब \(AD > AS\) (पूर्ण रोजगार स्तर पर)।
जब \(AD < AS\) (पूर्ण रोजगार स्तर पर)।
अंतराल
यह 'स्फीतिकारी अंतराल' (महंगाई) लाता है।
यह 'अवस्फीतिकारी अंतराल' (मंदी) लाता है।
कीमतें
कीमतें तेजी से बढ़ती हैं।
कीमतें गिरने लगती हैं।
उत्पादन
उत्पादन स्थिर रहता है (क्योंकि संसाधन पूर्ण नियोजित हैं)।
उत्पादन घटता है और बेरोजगारी बढ़ती है।
--- अथवा ---
कीन्स के 'प्रभावपूर्ण माँग' (Effective Demand) के महत्व को समझाइए।
प्रभावपूर्ण माँग: समग्र माँग (AD) का वह स्तर जहाँ वह समग्र पूर्ति (AS) के बराबर हो जाती है (\(AD = AS\))। महत्व:
1. रोजगार का निर्धारण: कीन्स के अनुसार, रोजगार का स्तर सीधे प्रभावपूर्ण माँग पर निर्भर करता है। माँग बढ़ेगी तो रोजगार बढ़ेगा।
2. बेरोजगारी का समाधान: माँग की कमी (Deficient Demand) ही बेरोजगारी का मुख्य कारण है। सरकारी व्यय बढ़ाकर इसे दूर किया जा सकता है।
3. अल्प-रोजगार संतुलन: अर्थव्यवस्था पूर्ण रोजगार से पहले भी संतुलन में हो सकती है, यदि प्रभावपूर्ण माँग कम हो।
❓ Frequently Asked Questions
Q1. यह प्रैक्टिस पेपर किन वर्षों पर आधारित है?
यह पेपर वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 के प्रश्न पत्रों पर आधारित है।
Q2. क्या यह नवीनतम अंक योजना के अनुसार है?
हाँ, यह पूरी तरह से अंक योजना 2025–26 के अनुसार तैयार किया गया है।
Q3. यह किसके लिए उपयोगी है?
यह कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों एवं अर्थशास्त्र पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए उपयोगी है।
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