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कक्षा 11वीं — इतिहास (History)
अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026–27 | आदर्श-प्रश्नपत्र एवं मॉडल उत्तर
समय: 3 घंटे
पूर्णांक: 80
प्रश्न: 23 मुख्य प्रश्न
संक्षिप्त विवरण: यह MP Board के नवीनतम ब्लूप्रिंट (80 अंक) और निर्धारित अर्द्धवार्षिक पाठ्यक्रम (विषय 1 से 6 तक) पर आधारित कक्षा 11 इतिहास का अभ्यास मॉडल पेपर है।
विद्यार्थियों के लिए निर्देश: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। (नोट: निर्देशानुसार खण्ड 'B' के 2 अंक वाले प्रश्नों में 'अथवा' का विकल्प नहीं दिया गया है)। पहले स्वयं प्रश्न हल करें, फिर “उत्तर देखें” बटन दबाकर अपने उत्तर का मिलान करें।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (प्रश्न 1 से 5)
कुल 32 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक 1 अंक। (कुल 32 अंक)।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) मेसोपोटामिया की सभ्यता किस नदी घाटी में विकसित हुई?
मॉडल उत्तर:
(ग) दजला और फरात नदी
(ग) दजला और फरात नदी
(2) रोमन साम्राज्य कितने महाद्वीपों में फैला हुआ था?
मॉडल उत्तर:
(ख) तीन (यूरोप, एशिया और अफ्रीका)
(ख) तीन (यूरोप, एशिया और अफ्रीका)
(3) मंगोल साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
मॉडल उत्तर:
(ख) चंगेज खान
(ख) चंगेज खान
(4) मध्यकालीन यूरोपीय समाज में 'प्रथम वर्ग' (First Order) में कौन शामिल था?
मॉडल उत्तर:
(ग) पादरी वर्ग (Clergy)
(ग) पादरी वर्ग (Clergy)
(5) पुनर्जागरण (Renaissance) का प्रारंभ सबसे पहले किस देश में हुआ?
मॉडल उत्तर:
(ग) इटली
(ग) इटली
(6) 'गोल्ड रश' (Gold Rush) की घटना का संबंध किस देश से है?
मॉडल उत्तर:
(ग) अमेरिका (कैलिफोर्निया)
(ग) अमेरिका (कैलिफोर्निया)
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— 6 × 1 = 6
(1) मेसोपोटामिया की सबसे पुरानी ज्ञात भाषा _______ थी।
मॉडल उत्तर:
सुमेरियन (Sumerian)
सुमेरियन (Sumerian)
(2) रोम का प्रथम सम्राट _______ था, जिसने 'प्रिंसिपेट' की स्थापना की।
मॉडल उत्तर:
ऑगस्टस (Augustus)
ऑगस्टस (Augustus)
(3) चंगेज खान का बचपन का (मूल) नाम _______ था।
मॉडल उत्तर:
तेमुजिन (Temujin)
तेमुजिन (Temujin)
(4) सामंतवाद (Feudalism) का मुख्य आधार _______ था।
मॉडल उत्तर:
भूमि (Land)
भूमि (Land)
(5) लियोनार्डो दा विंची की सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग का नाम _______ है।
मॉडल उत्तर:
मोनालिसा (Monalisa)
मोनालिसा (Monalisa)
(6) ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को _______ कहा जाता है।
मॉडल उत्तर:
एबोरिजिन्स (Aborigines)
एबोरिजिन्स (Aborigines)
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) मेसोपोटामिया की लिपि को 'कीलाकार' (Cuneiform) लिपि कहा जाता है।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
सत्य।
(2) रोमन साम्राज्य के समाज में दासों (Slaves) का कोई महत्व नहीं था।
मॉडल उत्तर:
असत्य (पूरी अर्थव्यवस्था दासों पर ही टिकी थी)।
असत्य (पूरी अर्थव्यवस्था दासों पर ही टिकी थी)।
(3) मंगोल लोग एक यायावर (घुमक्कड़) समाज का हिस्सा थे।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
सत्य।
(4) पुनर्जागरण का शाब्दिक अर्थ 'पुनर्जन्म' (फिर से जागना) होता है।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
सत्य।
(5) अमेरिका के मूल निवासियों ने यूरोपीय लोगों का शुरुआत में विरोध किया था।
मॉडल उत्तर:
असत्य (शुरुआत में उन्होंने मित्रतापूर्ण व्यवहार किया था)।
असत्य (शुरुआत में उन्होंने मित्रतापूर्ण व्यवहार किया था)।
(6) 'यास' (Yasa) चंगेज खान द्वारा लागू की गई एक कानून संहिता (Code of Law) थी।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
सत्य।
प्रश्न 4. सही जोड़ी बनाइए— 7 × 1 = 7
(1) मेसोपोटामिया (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
आधुनिक इराक (Iraq)
आधुनिक इराक (Iraq)
(2) जूलियस सीज़र (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
रोमन सेनापति/तानाशाह
रोमन सेनापति/तानाशाह
(3) हरकारा (Yam) प्रणाली (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
मंगोलों की तेज़ संचार (डाक) व्यवस्था
मंगोलों की तेज़ संचार (डाक) व्यवस्था
(4) टीथ (Tithe) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
चर्च द्वारा किसानों से लिया जाने वाला कर
चर्च द्वारा किसानों से लिया जाने वाला कर
(5) मार्टिन लूथर (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
धर्म सुधार आंदोलन (Protestant Reformation)
धर्म सुधार आंदोलन (Protestant Reformation)
(6) 'द प्रिंस' पुस्तक (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
मैकियावेली
मैकियावेली
(7) रिज़र्वेशन (Reservations) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
मूल निवासियों के लिए आरक्षित छोटे भू-भाग
मूल निवासियों के लिए आरक्षित छोटे भू-भाग
प्रश्न 5. एक वाक्य/शब्द में उत्तर दीजिए— 7 × 1 = 7
(1) मेसोपोटामिया की सभ्यता किन दो नदियों के बीच विकसित हुई?
मॉडल उत्तर:
दजला (Tigris) और फरात (Euphrates) नदियों के बीच।
दजला (Tigris) और फरात (Euphrates) नदियों के बीच।
(2) रोमन साम्राज्य का चाँदी का सिक्का क्या कहलाता था?
मॉडल उत्तर:
दीनारियस (Denarius)।
दीनारियस (Denarius)।
(3) मंगोलों का प्रमुख तंबू (टेंट) क्या कहलाता था?
मॉडल उत्तर:
गर्त या युर्ट (Yurt)।
गर्त या युर्ट (Yurt)।
(4) मध्यकालीन यूरोप में समाज को मुख्य रूप से कितने वर्गों में बांटा गया था?
मॉडल उत्तर:
तीन वर्गों में (पादरी, अभिजात, और किसान)।
तीन वर्गों में (पादरी, अभिजात, और किसान)।
(5) 'छपाई की मशीन' (Printing Press) का आविष्कार किसने किया था?
मॉडल उत्तर:
गुटेनबर्ग (Johannes Gutenberg) ने।
गुटेनबर्ग (Johannes Gutenberg) ने।
(6) 'मानवतावाद' (Humanism) का जनक किसे माना जाता है?
मॉडल उत्तर:
पेट्रार्क (Petrarch) को।
पेट्रार्क (Petrarch) को।
(7) किस यूरोपीय यात्री ने सबसे पहले अमेरिका की खोज की थी?
मॉडल उत्तर:
क्रिस्टोफर कोलंबस (1492 में)।
क्रिस्टोफर कोलंबस (1492 में)।
अति लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 6 से 15)
प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। कुल 20 अंक। (इस खण्ड में कोई 'अथवा' प्रश्न नहीं है)
प्रश्न 6. मेसोपोटामिया शब्द का क्या अर्थ है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
'मेसोपोटामिया' यूनानी भाषा के दो शब्दों 'मेसोस' (मध्य) और 'पोटामोस' (नदी) से मिलकर बना है। इसका अर्थ है "दो नदियों के बीच की भूमि"। यह क्षेत्र दजला और फरात नदियों के बीच स्थित था (वर्तमान इराक)।
'मेसोपोटामिया' यूनानी भाषा के दो शब्दों 'मेसोस' (मध्य) और 'पोटामोस' (नदी) से मिलकर बना है। इसका अर्थ है "दो नदियों के बीच की भूमि"। यह क्षेत्र दजला और फरात नदियों के बीच स्थित था (वर्तमान इराक)।
प्रश्न 7. जिगुरात (Ziggurat) किसे कहते थे? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
प्राचीन मेसोपोटामिया में नगर के मुख्य देवता के लिए ऊँचे चबूतरों पर जो सीढ़ीदार मंदिर बनाए जाते थे, उन्हें 'जिगुरात' (Ziggurat) कहा जाता था। ये धार्मिक और आर्थिक दोनों गतिविधियों के केंद्र थे।
प्राचीन मेसोपोटामिया में नगर के मुख्य देवता के लिए ऊँचे चबूतरों पर जो सीढ़ीदार मंदिर बनाए जाते थे, उन्हें 'जिगुरात' (Ziggurat) कहा जाता था। ये धार्मिक और आर्थिक दोनों गतिविधियों के केंद्र थे।
प्रश्न 8. रोमन साम्राज्य को किन तीन महाद्वीपों का साम्राज्य कहा जाता है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
रोमन साम्राज्य बहुत विशाल था। यह यूरोप, पश्चिमी एशिया और उत्तरी अफ्रीका—इन तीन महाद्वीपों के एक बड़े हिस्से में फैला हुआ था, इसलिए इसे तीन महाद्वीपों का साम्राज्य कहा जाता है।
रोमन साम्राज्य बहुत विशाल था। यह यूरोप, पश्चिमी एशिया और उत्तरी अफ्रीका—इन तीन महाद्वीपों के एक बड़े हिस्से में फैला हुआ था, इसलिए इसे तीन महाद्वीपों का साम्राज्य कहा जाता है।
प्रश्न 9. पैपाइरस (Papyrus) क्या था? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
पैपाइरस एक प्रकार का सरकंडा (नरकट) या पौधा था जो मिस्र में नील नदी के किनारे उगता था। प्राचीन काल में इसी पौधे से लेखन सामग्री (कागज जैसा पन्ना) तैयार की जाती थी, जिस पर रोमन साम्राज्य में कई दस्तावेज़ लिखे गए।
पैपाइरस एक प्रकार का सरकंडा (नरकट) या पौधा था जो मिस्र में नील नदी के किनारे उगता था। प्राचीन काल में इसी पौधे से लेखन सामग्री (कागज जैसा पन्ना) तैयार की जाती थी, जिस पर रोमन साम्राज्य में कई दस्तावेज़ लिखे गए।
प्रश्न 10. चंगेज खान का मूल नाम क्या था और उसे यह उपाधि कैसे मिली? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
चंगेज खान का मूल नाम 'तेमुजिन' (Temujin) था। जब उसने विभिन्न मंगोल कबीलों को एकजुट कर लिया, तो 1206 ई. में कुरीलताई (मंगोल सरदारों की सभा) ने उसे 'चंगेज खान' (सार्वभौम शासक या महानायक) की उपाधि दी।
चंगेज खान का मूल नाम 'तेमुजिन' (Temujin) था। जब उसने विभिन्न मंगोल कबीलों को एकजुट कर लिया, तो 1206 ई. में कुरीलताई (मंगोल सरदारों की सभा) ने उसे 'चंगेज खान' (सार्वभौम शासक या महानायक) की उपाधि दी।
प्रश्न 11. यास (Yasa) से क्या आशय है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
'यास' चंगेज खान द्वारा लागू की गई एक नियम संहिता (Code of Law) थी। इसमें मंगोलों की परंपराओं, आखेट, सैन्य नियमों और डाक प्रणाली से संबंधित कड़े नियम शामिल थे, जिन्हें मंगोल साम्राज्य में सख्ती से लागू किया गया।
'यास' चंगेज खान द्वारा लागू की गई एक नियम संहिता (Code of Law) थी। इसमें मंगोलों की परंपराओं, आखेट, सैन्य नियमों और डाक प्रणाली से संबंधित कड़े नियम शामिल थे, जिन्हें मंगोल साम्राज्य में सख्ती से लागू किया गया।
प्रश्न 12. सामंतवाद (Feudalism) से क्या तात्पर्य है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
सामंतवाद मध्यकालीन यूरोप की एक ऐसी आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था थी जो 'भूमि' के नियंत्रण पर आधारित थी। इसमें राजा अपनी ज़मीन लॉर्ड्स (सामंतों) को देता था और बदले में सैन्य सेवा और निष्ठा प्राप्त करता था।
सामंतवाद मध्यकालीन यूरोप की एक ऐसी आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था थी जो 'भूमि' के नियंत्रण पर आधारित थी। इसमें राजा अपनी ज़मीन लॉर्ड्स (सामंतों) को देता था और बदले में सैन्य सेवा और निष्ठा प्राप्त करता था।
प्रश्न 13. मध्यकालीन यूरोप के 'तीन वर्ग' (Three Orders) कौन-कौन से थे? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
मध्यकालीन फ्रांसीसी और यूरोपीय समाज मुख्य रूप से तीन वर्गों में बंटा था:
1. पादरी वर्ग (Clergy - जो प्रार्थना करते थे)
2. अभिजात/सामंत वर्ग (Nobility - जो युद्ध करते थे)
3. कृषक/किसान वर्ग (Peasants - जो खेती करते थे)।
मध्यकालीन फ्रांसीसी और यूरोपीय समाज मुख्य रूप से तीन वर्गों में बंटा था:
1. पादरी वर्ग (Clergy - जो प्रार्थना करते थे)
2. अभिजात/सामंत वर्ग (Nobility - जो युद्ध करते थे)
3. कृषक/किसान वर्ग (Peasants - जो खेती करते थे)।
प्रश्न 14. पुनर्जागरण (Renaissance) का क्या अर्थ है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
पुनर्जागरण का शाब्दिक अर्थ है 'फिर से जागना' (Rebirth)। 14वीं से 17वीं सदी के बीच यूरोप (विशेषकर इटली) में जो सांस्कृतिक, कलात्मक, वैज्ञानिक और वैचारिक परिवर्तन हुए, जिससे मध्यकाल का अंत और आधुनिक काल की शुरुआत हुई, उसे पुनर्जागरण कहते हैं।
पुनर्जागरण का शाब्दिक अर्थ है 'फिर से जागना' (Rebirth)। 14वीं से 17वीं सदी के बीच यूरोप (विशेषकर इटली) में जो सांस्कृतिक, कलात्मक, वैज्ञानिक और वैचारिक परिवर्तन हुए, जिससे मध्यकाल का अंत और आधुनिक काल की शुरुआत हुई, उसे पुनर्जागरण कहते हैं।
प्रश्न 15. 'गोल्ड रश' (Gold Rush) क्या था? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1840 के दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया में सोने के भंडार मिलने की खबर फैली। इसके बाद दुनिया भर (विशेषकर यूरोप) से लोग रातों-रात अमीर बनने की चाहत में बड़ी संख्या में वहां दौड़े चले आए। इसी घटना को 'गोल्ड रश' कहा गया।
1840 के दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया में सोने के भंडार मिलने की खबर फैली। इसके बाद दुनिया भर (विशेषकर यूरोप) से लोग रातों-रात अमीर बनने की चाहत में बड़ी संख्या में वहां दौड़े चले आए। इसी घटना को 'गोल्ड रश' कहा गया।
लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 16 से 19)
प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। कुल 12 अंक। (इनमें 'अथवा' विकल्प दिए गए हैं)
प्रश्न 16. लेखन कला के विकास में मेसोपोटामिया के योगदान को समझाइए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
लेखन कला के विकास में मेसोपोटामिया का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है:
1. कीलाकार लिपि (Cuneiform): दुनिया की सबसे पुरानी ज्ञात लिपि मेसोपोटामिया में ही विकसित हुई। वे लोग नरकट की तीखी तीली (Stylus) से गीली मिट्टी की पट्टिकाओं पर लिखते थे।
2. हिसाब-किताब रखना: शुरुआत में लेखन का प्रयोग व्यापारिक लेन-देन, अनाज और पशुओं का हिसाब रखने के लिए किया गया।
3. साहित्य और कानून: बाद में इसी लिपि का प्रयोग राजाओं के फरमान लिखने, कानून बनाने (जैसे हम्मूराबी की विधि संहिता) और महाकाव्य (गिल्गमेश महाकाव्य) लिखने के लिए किया गया, जिसने मानव सभ्यता को दिशा दी।
लेखन कला के विकास में मेसोपोटामिया का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है:
1. कीलाकार लिपि (Cuneiform): दुनिया की सबसे पुरानी ज्ञात लिपि मेसोपोटामिया में ही विकसित हुई। वे लोग नरकट की तीखी तीली (Stylus) से गीली मिट्टी की पट्टिकाओं पर लिखते थे।
2. हिसाब-किताब रखना: शुरुआत में लेखन का प्रयोग व्यापारिक लेन-देन, अनाज और पशुओं का हिसाब रखने के लिए किया गया।
3. साहित्य और कानून: बाद में इसी लिपि का प्रयोग राजाओं के फरमान लिखने, कानून बनाने (जैसे हम्मूराबी की विधि संहिता) और महाकाव्य (गिल्गमेश महाकाव्य) लिखने के लिए किया गया, जिसने मानव सभ्यता को दिशा दी।
अथवा: रोमन साम्राज्य में दासों (Slaves) की स्थिति कैसी थी?
मॉडल उत्तर:
रोमन साम्राज्य की पूरी अर्थव्यवस्था दासों के श्रम पर ही टिकी हुई थी। दासों की स्थिति बहुत दयनीय थी:
1. पशुओं जैसा व्यवहार: दासों को संपत्ति माना जाता था, जिन्हें खरीदा और बेचा जा सकता था। उन्हें कोई कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं थे।
2. कठोर श्रम: उनसे खानों (Mines), कृषि फार्मों और घरों में बहुत अमानवीय परिस्थितियों में कई घंटों तक काम लिया जाता था। कई बार उन्हें बेड़ियों में जकड़ कर रखा जाता था ताकि वे भाग न सकें।
3. विद्रोह: उनके साथ होने वाले क्रूर व्यवहार के कारण कई बार दासों ने बड़े विद्रोह किए (जैसे स्पार्टाकस का विद्रोह), जिन्हें रोमन सेना द्वारा क्रूरता से कुचल दिया गया।
रोमन साम्राज्य की पूरी अर्थव्यवस्था दासों के श्रम पर ही टिकी हुई थी। दासों की स्थिति बहुत दयनीय थी:
1. पशुओं जैसा व्यवहार: दासों को संपत्ति माना जाता था, जिन्हें खरीदा और बेचा जा सकता था। उन्हें कोई कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं थे।
2. कठोर श्रम: उनसे खानों (Mines), कृषि फार्मों और घरों में बहुत अमानवीय परिस्थितियों में कई घंटों तक काम लिया जाता था। कई बार उन्हें बेड़ियों में जकड़ कर रखा जाता था ताकि वे भाग न सकें।
3. विद्रोह: उनके साथ होने वाले क्रूर व्यवहार के कारण कई बार दासों ने बड़े विद्रोह किए (जैसे स्पार्टाकस का विद्रोह), जिन्हें रोमन सेना द्वारा क्रूरता से कुचल दिया गया।
प्रश्न 17. मंगोलों के सैनिक प्रबंधन (सैनिक व्यवस्था) की तीन विशेषताएँ लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
चंगेज खान की सफलता का मुख्य कारण उसकी अजेय सेना थी। इसके सैनिक प्रबंधन की विशेषताएँ निम्न थीं:
1. दशमलव प्रणाली: चंगेज खान ने अपनी सेना को दशमलव प्रणाली के आधार पर व्यवस्थित किया था। सेना 10, 100, 1000 और 10,000 (तुमन) के समूहों में बंटी हुई थी, जिससे नियंत्रण आसान हो गया।
2. कठोर अनुशासन: सेना में अत्यंत कठोर अनुशासन था। आदेश न मानने वाले या युद्ध से भागने वाले सैनिकों को मृत्युदंड दिया जाता था।
3. तेज़ घुड़सवार और तीरंदाज़ी: मंगोल सैनिक बेहतरीन घुड़सवार थे और घोड़े पर बैठकर अचूक तीर चलाने में माहिर थे। उनके घोड़ों की गति और तेज़ आक्रमण के कारण दुश्मन संभल ही नहीं पाते थे।
चंगेज खान की सफलता का मुख्य कारण उसकी अजेय सेना थी। इसके सैनिक प्रबंधन की विशेषताएँ निम्न थीं:
1. दशमलव प्रणाली: चंगेज खान ने अपनी सेना को दशमलव प्रणाली के आधार पर व्यवस्थित किया था। सेना 10, 100, 1000 और 10,000 (तुमन) के समूहों में बंटी हुई थी, जिससे नियंत्रण आसान हो गया।
2. कठोर अनुशासन: सेना में अत्यंत कठोर अनुशासन था। आदेश न मानने वाले या युद्ध से भागने वाले सैनिकों को मृत्युदंड दिया जाता था।
3. तेज़ घुड़सवार और तीरंदाज़ी: मंगोल सैनिक बेहतरीन घुड़सवार थे और घोड़े पर बैठकर अचूक तीर चलाने में माहिर थे। उनके घोड़ों की गति और तेज़ आक्रमण के कारण दुश्मन संभल ही नहीं पाते थे।
अथवा: चंगेज खान की सफलता के तीन कारण लिखिए।
मॉडल उत्तर:
चंगेज खान की सैन्य सफलताओं के तीन प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
1. कुशल नेतृत्व और रणनीति: चंगेज खान एक दूरदर्शी और कुशल रणनीतिकार था। वह दुश्मन को मनोवैज्ञानिक रूप से डराने (Terror tactics) और जासूसी नेटवर्क का बहुत अच्छा उपयोग करता था।
2. मंगोल सेना की गतिशीलता: मंगोल सैनिक हल्के हथियारों का प्रयोग करते थे और बहुत तेज़ गति से चलते थे। सर्दियों में जमे हुए नदी-नालों को वे आसानी से पार कर लेते थे।
3. नई तकनीकों का उपयोग: उसने पराजित देशों (जैसे चीन और अरब) के इंजीनियरों की मदद से घेराबंदी (Siege) के यंत्र, नेफ्था बम और गोलाबारी की तकनीकें सीखीं और उन्हें अपनी सेना में शामिल किया।
चंगेज खान की सैन्य सफलताओं के तीन प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
1. कुशल नेतृत्व और रणनीति: चंगेज खान एक दूरदर्शी और कुशल रणनीतिकार था। वह दुश्मन को मनोवैज्ञानिक रूप से डराने (Terror tactics) और जासूसी नेटवर्क का बहुत अच्छा उपयोग करता था।
2. मंगोल सेना की गतिशीलता: मंगोल सैनिक हल्के हथियारों का प्रयोग करते थे और बहुत तेज़ गति से चलते थे। सर्दियों में जमे हुए नदी-नालों को वे आसानी से पार कर लेते थे।
3. नई तकनीकों का उपयोग: उसने पराजित देशों (जैसे चीन और अरब) के इंजीनियरों की मदद से घेराबंदी (Siege) के यंत्र, नेफ्था बम और गोलाबारी की तकनीकें सीखीं और उन्हें अपनी सेना में शामिल किया।
प्रश्न 18. मध्यकालीन यूरोप में चर्च (पादरी वर्ग) की भूमिका का वर्णन कीजिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
मध्यकालीन यूरोप में कैथोलिक चर्च और पादरी वर्ग (First Order) का समाज पर गहरा प्रभाव था:
1. धार्मिक नियंत्रण: चर्च का लोगों के जीवन पर जन्म से लेकर मृत्यु तक नियंत्रण था। पोप को पृथ्वी पर ईश्वर का प्रतिनिधि माना जाता था, जिसका आदेश राजाओं को भी मानना पड़ता था।
2. आर्थिक शक्ति: चर्च के पास यूरोप की बहुत बड़ी उपजाऊ भूमि थी। वे किसानों से 'टीथ' (Tithe) नाम का कर (उपज का दसवां हिस्सा) वसूलते थे और अत्यंत विलासितापूर्ण जीवन जीते थे।
3. शिक्षा पर एकाधिकार: शिक्षा और दर्शन पर चर्च का एकाधिकार था। वे किसी भी ऐसी वैज्ञानिक सोच या विचार को कुचल देते थे जो बाइबिल या चर्च की मान्यताओं के खिलाफ हो (अंधकार युग)।
मध्यकालीन यूरोप में कैथोलिक चर्च और पादरी वर्ग (First Order) का समाज पर गहरा प्रभाव था:
1. धार्मिक नियंत्रण: चर्च का लोगों के जीवन पर जन्म से लेकर मृत्यु तक नियंत्रण था। पोप को पृथ्वी पर ईश्वर का प्रतिनिधि माना जाता था, जिसका आदेश राजाओं को भी मानना पड़ता था।
2. आर्थिक शक्ति: चर्च के पास यूरोप की बहुत बड़ी उपजाऊ भूमि थी। वे किसानों से 'टीथ' (Tithe) नाम का कर (उपज का दसवां हिस्सा) वसूलते थे और अत्यंत विलासितापूर्ण जीवन जीते थे।
3. शिक्षा पर एकाधिकार: शिक्षा और दर्शन पर चर्च का एकाधिकार था। वे किसी भी ऐसी वैज्ञानिक सोच या विचार को कुचल देते थे जो बाइबिल या चर्च की मान्यताओं के खिलाफ हो (अंधकार युग)।
अथवा: मेनर (Manor) की जागीर से क्या आशय है?
मॉडल उत्तर:
मध्यकालीन सामंतवादी व्यवस्था में 'मेनर' एक लॉर्ड (सामंत) का घर या महल होता था, जिसके आस-पास की पूरी जागीर (भूमि) को मेनर की जागीर कहा जाता था।
1. आत्मनिर्भर गांव: मेनर की जागीर अपने आप में एक आत्मनिर्भर इकाई होती थी। वहाँ खेत, चरागाह, चक्की, और चर्च सब कुछ होता था। आवश्यकता की हर वस्तु वहीं पैदा होती थी।
2. किसानों (सर्फ) का जीवन: जागीर की भूमि पर दास किसान (Serfs) काम करते थे, जिन्हें अपनी उपज का बड़ा हिस्सा लॉर्ड को देना पड़ता था और वे उसकी अनुमति के बिना जागीर छोड़कर नहीं जा सकते थे।
मध्यकालीन सामंतवादी व्यवस्था में 'मेनर' एक लॉर्ड (सामंत) का घर या महल होता था, जिसके आस-पास की पूरी जागीर (भूमि) को मेनर की जागीर कहा जाता था।
1. आत्मनिर्भर गांव: मेनर की जागीर अपने आप में एक आत्मनिर्भर इकाई होती थी। वहाँ खेत, चरागाह, चक्की, और चर्च सब कुछ होता था। आवश्यकता की हर वस्तु वहीं पैदा होती थी।
2. किसानों (सर्फ) का जीवन: जागीर की भूमि पर दास किसान (Serfs) काम करते थे, जिन्हें अपनी उपज का बड़ा हिस्सा लॉर्ड को देना पड़ता था और वे उसकी अनुमति के बिना जागीर छोड़कर नहीं जा सकते थे।
प्रश्न 19. पुनर्जागरण के तीन प्रमुख कारण लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
यूरोप में पुनर्जागरण (Renaissance) के उदय के तीन प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
1. कुस्तुनतुनिया पर तुर्कों का अधिकार (1453): जब तुर्कों ने इस ज्ञान के केंद्र पर कब्ज़ा किया, तो वहां से कई यूनानी विद्वान भागकर इटली आ गए। वे अपने साथ प्राचीन यूनानी और रोमन साहित्य लाए, जिससे लोगों में नई सोच जागी।
2. छापेखाने (Printing Press) का आविष्कार: गुटेनबर्ग द्वारा प्रिंटिंग प्रेस के आविष्कार से किताबें सस्ती हुईं और ज्ञान का प्रसार तेज़ी से आम लोगों तक हुआ, जिससे चर्च का एकाधिकार टूटा।
3. धर्मयुद्ध (Crusades) और भौगोलिक खोजें: ईसाइयों और मुस्लिमों के बीच हुए धर्मयुद्धों के कारण यूरोपियों का संपर्क पूर्वी दुनिया से हुआ। इसके अलावा नई दुनिया (अमेरिका, भारत) की खोज से व्यापार बढ़ा और नए अमीर व्यापारी वर्ग ने कला और विज्ञान को संरक्षण दिया।
यूरोप में पुनर्जागरण (Renaissance) के उदय के तीन प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
1. कुस्तुनतुनिया पर तुर्कों का अधिकार (1453): जब तुर्कों ने इस ज्ञान के केंद्र पर कब्ज़ा किया, तो वहां से कई यूनानी विद्वान भागकर इटली आ गए। वे अपने साथ प्राचीन यूनानी और रोमन साहित्य लाए, जिससे लोगों में नई सोच जागी।
2. छापेखाने (Printing Press) का आविष्कार: गुटेनबर्ग द्वारा प्रिंटिंग प्रेस के आविष्कार से किताबें सस्ती हुईं और ज्ञान का प्रसार तेज़ी से आम लोगों तक हुआ, जिससे चर्च का एकाधिकार टूटा।
3. धर्मयुद्ध (Crusades) और भौगोलिक खोजें: ईसाइयों और मुस्लिमों के बीच हुए धर्मयुद्धों के कारण यूरोपियों का संपर्क पूर्वी दुनिया से हुआ। इसके अलावा नई दुनिया (अमेरिका, भारत) की खोज से व्यापार बढ़ा और नए अमीर व्यापारी वर्ग ने कला और विज्ञान को संरक्षण दिया।
अथवा: मानवतावाद (Humanism) से आप क्या समझते हैं?
मॉडल उत्तर:
पुनर्जागरण काल में 'मानवतावाद' एक प्रमुख वैचारिक आंदोलन था।
1. मध्यकाल में चर्च कहता था कि यह जीवन केवल परलोक (स्वर्ग/नरक) सुधारने के लिए है। लेकिन मानवतावाद ने इस सोच को बदला।
2. इसका मुख्य जोर 'मनुष्य' पर था। मानवतावादियों (जैसे पेट्रार्क) का मानना था कि मनुष्य का वर्तमान जीवन ही सबसे महत्वपूर्ण है और उसे इसी दुनिया में खुशी और ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार है।
3. इसने तर्क, विज्ञान और कला को बढ़ावा दिया और धर्म के अंधानुकरण (अंधभक्ति) का विरोध किया।
पुनर्जागरण काल में 'मानवतावाद' एक प्रमुख वैचारिक आंदोलन था।
1. मध्यकाल में चर्च कहता था कि यह जीवन केवल परलोक (स्वर्ग/नरक) सुधारने के लिए है। लेकिन मानवतावाद ने इस सोच को बदला।
2. इसका मुख्य जोर 'मनुष्य' पर था। मानवतावादियों (जैसे पेट्रार्क) का मानना था कि मनुष्य का वर्तमान जीवन ही सबसे महत्वपूर्ण है और उसे इसी दुनिया में खुशी और ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार है।
3. इसने तर्क, विज्ञान और कला को बढ़ावा दिया और धर्म के अंधानुकरण (अंधभक्ति) का विरोध किया।
दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 20 से 23)
प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। कुल 16 अंक।
प्रश्न 20. रोमन साम्राज्य के पतन के क्या कारण थे? 4 अंक
मॉडल उत्तर:
इतने विशाल और शक्तिशाली रोमन साम्राज्य के पतन के लिए कोई एक कारण ज़िम्मेदार नहीं था, बल्कि कई कारणों ने मिलकर इसका पतन किया:
1. साम्राज्य की विशालता: साम्राज्य इतना बड़ा हो गया था कि उसे एक केंद्र (रोम) से नियंत्रित करना लगभग असंभव हो गया था। संचार और यातायात की कमी के कारण दूर के प्रांतों में विद्रोह होने लगे।
2. आर्थिक संकट और भ्रष्टाचार: लगातार युद्धों के कारण खजाना खाली हो गया। करों (Taxes) का बोझ आम जनता पर डाल दिया गया। अधिकारी भ्रष्ट हो गए थे, जिससे अर्थव्यवस्था चरमरा गई।
3. सेना का राजनीति में हस्तक्षेप: सेना शक्तिशाली हो गई थी और वह जिसे चाहती, उसे सम्राट बना देती थी। सम्राटों की लगातार हत्याएं होने लगीं, जिससे राजनीतिक अस्थिरता फैल गई।
4. बर्बर जातियों के आक्रमण: सबसे बड़ा कारण तीसरी और चौथी शताब्दी में उत्तर की ओर से बर्बर (जर्मनिक) कबीलों (जैसे गोथ, वैंडल और हूण) के लगातार और भयानक आक्रमण थे, जिन्होंने अंततः साम्राज्य को नष्ट कर दिया।
इतने विशाल और शक्तिशाली रोमन साम्राज्य के पतन के लिए कोई एक कारण ज़िम्मेदार नहीं था, बल्कि कई कारणों ने मिलकर इसका पतन किया:
1. साम्राज्य की विशालता: साम्राज्य इतना बड़ा हो गया था कि उसे एक केंद्र (रोम) से नियंत्रित करना लगभग असंभव हो गया था। संचार और यातायात की कमी के कारण दूर के प्रांतों में विद्रोह होने लगे।
2. आर्थिक संकट और भ्रष्टाचार: लगातार युद्धों के कारण खजाना खाली हो गया। करों (Taxes) का बोझ आम जनता पर डाल दिया गया। अधिकारी भ्रष्ट हो गए थे, जिससे अर्थव्यवस्था चरमरा गई।
3. सेना का राजनीति में हस्तक्षेप: सेना शक्तिशाली हो गई थी और वह जिसे चाहती, उसे सम्राट बना देती थी। सम्राटों की लगातार हत्याएं होने लगीं, जिससे राजनीतिक अस्थिरता फैल गई।
4. बर्बर जातियों के आक्रमण: सबसे बड़ा कारण तीसरी और चौथी शताब्दी में उत्तर की ओर से बर्बर (जर्मनिक) कबीलों (जैसे गोथ, वैंडल और हूण) के लगातार और भयानक आक्रमण थे, जिन्होंने अंततः साम्राज्य को नष्ट कर दिया।
अथवा: मेसोपोटामिया की शहरी सभ्यता की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
मॉडल उत्तर:
मेसोपोटामिया दुनिया की पहली ज्ञात शहरी सभ्यता थी (जैसे उर, उरुक नगर)। इसकी प्रमुख विशेषताएँ थीं:
1. नगर नियोजन: यहाँ के नगर बहुत घने बसे हुए थे। गलियाँ टेढ़ी-मेढ़ी और संकरी होती थीं, जहाँ बैलगाड़ियाँ नहीं जा सकती थीं। जल-निकासी की व्यवस्था बहुत अच्छी नहीं थी।
2. जिगुरात और मंदिर: नगर के केंद्र में विशाल मंदिर (जिगुरात) होते थे, जो नगर के संरक्षक देवता को समर्पित थे। मंदिर ही आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और अन्न भंडारण के केंद्र होते थे।
3. श्रम विभाजन और व्यापार: शहरी जीवन में श्रम विभाजन स्पष्ट था। कोई मूर्तिकार था, कोई व्यापारी, तो कोई लिपिक। तांबे, टिन और लकड़ी के लिए वे दूर देशों से व्यापार करते थे।
4. लेखन कला: शहर का प्रशासन चलाने और हिसाब-किताब रखने के लिए उन्होंने कीलाकार लिपि का विकास किया, जो उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी।
मेसोपोटामिया दुनिया की पहली ज्ञात शहरी सभ्यता थी (जैसे उर, उरुक नगर)। इसकी प्रमुख विशेषताएँ थीं:
1. नगर नियोजन: यहाँ के नगर बहुत घने बसे हुए थे। गलियाँ टेढ़ी-मेढ़ी और संकरी होती थीं, जहाँ बैलगाड़ियाँ नहीं जा सकती थीं। जल-निकासी की व्यवस्था बहुत अच्छी नहीं थी।
2. जिगुरात और मंदिर: नगर के केंद्र में विशाल मंदिर (जिगुरात) होते थे, जो नगर के संरक्षक देवता को समर्पित थे। मंदिर ही आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और अन्न भंडारण के केंद्र होते थे।
3. श्रम विभाजन और व्यापार: शहरी जीवन में श्रम विभाजन स्पष्ट था। कोई मूर्तिकार था, कोई व्यापारी, तो कोई लिपिक। तांबे, टिन और लकड़ी के लिए वे दूर देशों से व्यापार करते थे।
4. लेखन कला: शहर का प्रशासन चलाने और हिसाब-किताब रखने के लिए उन्होंने कीलाकार लिपि का विकास किया, जो उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी।
प्रश्न 21. मंगोल साम्राज्य के पतन के कारणों का वर्णन कीजिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
चंगेज खान द्वारा स्थापित दुनिया का सबसे बड़ा मंगोल साम्राज्य धीरे-धीरे छिन्न-भिन्न हो गया। इसके पतन के प्रमुख कारण थे:
1. उत्तराधिकार के नियम का अभाव: चंगेज खान के बाद उत्तराधिकार का कोई स्पष्ट नियम नहीं था। हर नया खान बनने के लिए राजकुमारों के बीच खूनी संघर्ष और गृहयुद्ध होने लगे, जिससे साम्राज्य कमज़ोर हो गया।
2. साम्राज्य का विभाजन: साम्राज्य बहुत विशाल था। चंगेज खान के मरने के बाद इसे उसके पुत्रों और पौत्रों (उलूस) में बांट दिया गया। समय के साथ ये अलग-अलग उलूस स्वतंत्र हो गए और आपस में ही लड़ने लगे।
3. स्थानीय संस्कृतियों में घुल-मिल जाना: जब मंगोल चीन, ईरान और रूस में बसे, तो उन्होंने वहां के धर्म (जैसे इस्लाम और बौद्ध धर्म) और संस्कृति को अपना लिया। इससे उनकी अपनी मंगोल पहचान और एकता खत्म हो गई।
4. सैनिक शक्ति में गिरावट: धीरे-धीरे मंगोल शासक विलासी हो गए। उन्होंने अपनी घुमक्कड़ और कठोर सैन्य जीवन शैली छोड़ दी, जिससे उनकी अजेय सैन्य शक्ति कमज़ोर पड़ गई।
चंगेज खान द्वारा स्थापित दुनिया का सबसे बड़ा मंगोल साम्राज्य धीरे-धीरे छिन्न-भिन्न हो गया। इसके पतन के प्रमुख कारण थे:
1. उत्तराधिकार के नियम का अभाव: चंगेज खान के बाद उत्तराधिकार का कोई स्पष्ट नियम नहीं था। हर नया खान बनने के लिए राजकुमारों के बीच खूनी संघर्ष और गृहयुद्ध होने लगे, जिससे साम्राज्य कमज़ोर हो गया।
2. साम्राज्य का विभाजन: साम्राज्य बहुत विशाल था। चंगेज खान के मरने के बाद इसे उसके पुत्रों और पौत्रों (उलूस) में बांट दिया गया। समय के साथ ये अलग-अलग उलूस स्वतंत्र हो गए और आपस में ही लड़ने लगे।
3. स्थानीय संस्कृतियों में घुल-मिल जाना: जब मंगोल चीन, ईरान और रूस में बसे, तो उन्होंने वहां के धर्म (जैसे इस्लाम और बौद्ध धर्म) और संस्कृति को अपना लिया। इससे उनकी अपनी मंगोल पहचान और एकता खत्म हो गई।
4. सैनिक शक्ति में गिरावट: धीरे-धीरे मंगोल शासक विलासी हो गए। उन्होंने अपनी घुमक्कड़ और कठोर सैन्य जीवन शैली छोड़ दी, जिससे उनकी अजेय सैन्य शक्ति कमज़ोर पड़ गई।
अथवा: 14वीं सदी के यूरोप में आए संकटों (महामारी, अकाल) का वर्णन कीजिए, जिससे सामंतवाद कमज़ोर हुआ।
मॉडल उत्तर:
14वीं शताब्दी यूरोप के लिए एक भयानक संकट का काल थी, जिसने वहां की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था (सामंतवाद) को हिला कर रख दिया:
1. भयंकर अकाल: 1315-1317 के बीच यूरोप में मौसम बहुत खराब हो गया। भारी बारिश और ठंड के कारण फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे भयानक अकाल पड़ा और लाखों लोग भुखमरी से मर गए।
2. काली मौत (Black Death): 1347-1350 के बीच यूरोप में 'ब्यूबोनिक प्लेग' महामारी फैल गई, जो चूहों से फैली थी। इसने यूरोप की लगभग एक-तिहाई (1/3) आबादी को खत्म कर दिया। नगर और गाँव वीरान हो गए।
3. श्रमिकों की कमी और विद्रोह: लाखों लोगों के मरने से खेतों में काम करने वाले कृषि-दासों (Serfs) की भारी कमी हो गई। जो बचे, उन्होंने अधिक मज़दूरी की माँग की। लॉर्ड्स (सामंतों) ने जब दबाव डाला, तो 1381 में इंग्लैंड और फ्रांस में भयंकर किसान विद्रोह हुए।
इन सब घटनाओं के कारण सामंतों की शक्ति टूट गई और सामंतवाद के पतन की शुरुआत हुई।
14वीं शताब्दी यूरोप के लिए एक भयानक संकट का काल थी, जिसने वहां की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था (सामंतवाद) को हिला कर रख दिया:
1. भयंकर अकाल: 1315-1317 के बीच यूरोप में मौसम बहुत खराब हो गया। भारी बारिश और ठंड के कारण फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे भयानक अकाल पड़ा और लाखों लोग भुखमरी से मर गए।
2. काली मौत (Black Death): 1347-1350 के बीच यूरोप में 'ब्यूबोनिक प्लेग' महामारी फैल गई, जो चूहों से फैली थी। इसने यूरोप की लगभग एक-तिहाई (1/3) आबादी को खत्म कर दिया। नगर और गाँव वीरान हो गए।
3. श्रमिकों की कमी और विद्रोह: लाखों लोगों के मरने से खेतों में काम करने वाले कृषि-दासों (Serfs) की भारी कमी हो गई। जो बचे, उन्होंने अधिक मज़दूरी की माँग की। लॉर्ड्स (सामंतों) ने जब दबाव डाला, तो 1381 में इंग्लैंड और फ्रांस में भयंकर किसान विद्रोह हुए।
इन सब घटनाओं के कारण सामंतों की शक्ति टूट गई और सामंतवाद के पतन की शुरुआत हुई।
प्रश्न 22. उत्तरी अमेरिका के मूल निवासियों (Native Americans) के विस्थापन (Displacement) के कारणों की व्याख्या कीजिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
जब यूरोपीय लोग (ब्रिटिश, फ्रांसीसी आदि) उत्तरी अमेरिका पहुँचे, तो उन्होंने वहां के मूल निवासियों (जिन्हें उन्होंने रेड इंडियंस कहा) को उनकी ही ज़मीन से खदेड़ दिया। इसके प्रमुख कारण थे:
1. यूरोपियों का ज़मीन का लालच: यूरोपीय प्रवासियों को खेती, पशुपालन और जंगल काटने के लिए विशाल ज़मीन चाहिए थी। उनका मानना था कि मूल निवासी ज़मीन का 'सही' (व्यापारिक) उपयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए ज़मीन उनसे छीन लेना सही है।
2. अन्यायपूर्ण संधियाँ और धोखाधड़ी: यूरोपियों ने मूल निवासियों से बहुत कम कीमत पर ज़मीन खरीदी। जब वे नहीं माने, तो उनसे धोखे से संधियों पर हस्ताक्षर करवाए गए और उन्हें पश्चिम की ओर खदेड़ दिया गया (Trail of Tears)।
3. बीमारियाँ (महामारी): यूरोपीय अपने साथ चेचक (Smallpox) जैसी बीमारियाँ लेकर आए, जिनसे लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता मूल निवासियों में नहीं थी। इन बीमारियों से लाखों मूल निवासी बिना लड़े ही मारे गए।
4. रिज़र्वेशन (Reservations) में धकेलना: जो मूल निवासी बच गए, उन्हें छोटी, बंजर और सीमित जगहों (रिज़र्वेशन) में रहने के लिए मजबूर कर दिया गया। उनका पारंपरिक शिकार का जीवन नष्ट हो गया।
जब यूरोपीय लोग (ब्रिटिश, फ्रांसीसी आदि) उत्तरी अमेरिका पहुँचे, तो उन्होंने वहां के मूल निवासियों (जिन्हें उन्होंने रेड इंडियंस कहा) को उनकी ही ज़मीन से खदेड़ दिया। इसके प्रमुख कारण थे:
1. यूरोपियों का ज़मीन का लालच: यूरोपीय प्रवासियों को खेती, पशुपालन और जंगल काटने के लिए विशाल ज़मीन चाहिए थी। उनका मानना था कि मूल निवासी ज़मीन का 'सही' (व्यापारिक) उपयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए ज़मीन उनसे छीन लेना सही है।
2. अन्यायपूर्ण संधियाँ और धोखाधड़ी: यूरोपियों ने मूल निवासियों से बहुत कम कीमत पर ज़मीन खरीदी। जब वे नहीं माने, तो उनसे धोखे से संधियों पर हस्ताक्षर करवाए गए और उन्हें पश्चिम की ओर खदेड़ दिया गया (Trail of Tears)।
3. बीमारियाँ (महामारी): यूरोपीय अपने साथ चेचक (Smallpox) जैसी बीमारियाँ लेकर आए, जिनसे लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता मूल निवासियों में नहीं थी। इन बीमारियों से लाखों मूल निवासी बिना लड़े ही मारे गए।
4. रिज़र्वेशन (Reservations) में धकेलना: जो मूल निवासी बच गए, उन्हें छोटी, बंजर और सीमित जगहों (रिज़र्वेशन) में रहने के लिए मजबूर कर दिया गया। उनका पारंपरिक शिकार का जीवन नष्ट हो गया।
अथवा: यूरोपवासियों द्वारा मूल निवासियों (Native peoples) के साथ किए गए व्यवहार की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।
मॉडल उत्तर:
यूरोपवासियों (ब्रिटेन, स्पेन, पुर्तगाल) द्वारा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के साथ किया गया व्यवहार अत्यंत क्रूर, अमानवीय और स्वार्थपूर्ण था:
1. शुरुआती विश्वासघात: जब यूरोपीय पहली बार आए, तो मूल निवासियों ने उनका स्वागत किया और उन्हें भोजन व व्यापारिक चीजें दीं। लेकिन यूरोपियों ने उनके भोलेपन का फायदा उठाकर उन्हें गुलाम बना लिया।
2. नस्लीय श्रेष्ठता का अहंकार: यूरोपीय खुद को 'सभ्य' और मूल निवासियों को 'जंगली' मानते थे। उनका मानना था कि इन 'जंगलों' को मिटाकर यहाँ यूरोपीय सभ्यता स्थापित करना उनका 'ईश्वरीय अधिकार' है।
3. नरसंहार और शिकार: ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में मूल निवासियों को जानवरों की तरह मारा गया। उनकी जमीनों पर बाड़ लगा दी गई और उनके पारंपरिक जीवन (शिकार और प्रकृति पूजा) को नष्ट कर दिया गया।
4. सांस्कृतिक विनाश: मूल निवासियों के बच्चों को उनके माता-पिता से छीनकर ईसाई मिशनरी स्कूलों में रखा गया, ताकि वे अपनी भाषा और संस्कृति भूल जाएँ। कुल मिलाकर यह एक पूरी सभ्यता का विनाश था।
यूरोपवासियों (ब्रिटेन, स्पेन, पुर्तगाल) द्वारा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के साथ किया गया व्यवहार अत्यंत क्रूर, अमानवीय और स्वार्थपूर्ण था:
1. शुरुआती विश्वासघात: जब यूरोपीय पहली बार आए, तो मूल निवासियों ने उनका स्वागत किया और उन्हें भोजन व व्यापारिक चीजें दीं। लेकिन यूरोपियों ने उनके भोलेपन का फायदा उठाकर उन्हें गुलाम बना लिया।
2. नस्लीय श्रेष्ठता का अहंकार: यूरोपीय खुद को 'सभ्य' और मूल निवासियों को 'जंगली' मानते थे। उनका मानना था कि इन 'जंगलों' को मिटाकर यहाँ यूरोपीय सभ्यता स्थापित करना उनका 'ईश्वरीय अधिकार' है।
3. नरसंहार और शिकार: ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में मूल निवासियों को जानवरों की तरह मारा गया। उनकी जमीनों पर बाड़ लगा दी गई और उनके पारंपरिक जीवन (शिकार और प्रकृति पूजा) को नष्ट कर दिया गया।
4. सांस्कृतिक विनाश: मूल निवासियों के बच्चों को उनके माता-पिता से छीनकर ईसाई मिशनरी स्कूलों में रखा गया, ताकि वे अपनी भाषा और संस्कृति भूल जाएँ। कुल मिलाकर यह एक पूरी सभ्यता का विनाश था।
प्रश्न 23. विश्व के रेखा-मानचित्र (Map) में निम्नलिखित ऐतिहासिक स्थानों को दर्शाइए: (कोई चार)
1. रोम
2. मक्का
3. काला सागर (Black Sea)
4. भूमध्य सागर (Mediterranean Sea)
5. इराक (मेसोपोटामिया) 4 अंक
1. रोम
2. मक्का
3. काला सागर (Black Sea)
4. भूमध्य सागर (Mediterranean Sea)
5. इराक (मेसोपोटामिया) 4 अंक
मॉडल उत्तर (मानचित्र संकेत):
विद्यार्थी विश्व के मानचित्र पर निम्नलिखित स्थानों को चिन्हित करेंगे:
1. रोम (Rome): इटली (यूरोप के दक्षिण में बूट आकार का देश) के मध्य में स्थित।
2. मक्का (Mecca): अरब प्रायद्वीप (सऊदी अरब) के पश्चिमी तट (लाल सागर के पास) पर स्थित।
3. काला सागर (Black Sea): यूरोप और एशिया के बीच, तुर्की के ठीक उत्तर में जल निकाय।
4. भूमध्य सागर: यूरोप (उत्तर) और अफ्रीका (दक्षिण) के बीच स्थित विशाल सागर।
5. इराक: अरब प्रायद्वीप के उत्तर-पूर्व में, जहाँ दजला और फरात नदियाँ बहती हैं।
विद्यार्थी विश्व के मानचित्र पर निम्नलिखित स्थानों को चिन्हित करेंगे:
1. रोम (Rome): इटली (यूरोप के दक्षिण में बूट आकार का देश) के मध्य में स्थित।
2. मक्का (Mecca): अरब प्रायद्वीप (सऊदी अरब) के पश्चिमी तट (लाल सागर के पास) पर स्थित।
3. काला सागर (Black Sea): यूरोप और एशिया के बीच, तुर्की के ठीक उत्तर में जल निकाय।
4. भूमध्य सागर: यूरोप (उत्तर) और अफ्रीका (दक्षिण) के बीच स्थित विशाल सागर।
5. इराक: अरब प्रायद्वीप के उत्तर-पूर्व में, जहाँ दजला और फरात नदियाँ बहती हैं।
अथवा (केवल दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए प्र.क्र. 23 के स्थान पर):
प्राचीन मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक) की भौगोलिक स्थिति का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
प्राचीन मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक) की भौगोलिक स्थिति का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
मॉडल उत्तर:
प्राचीन मेसोपोटामिया की सभ्यता मुख्य रूप से आज के इराक गणराज्य का हिस्सा है। इसकी भौगोलिक स्थिति बहुत विविधतापूर्ण थी:
1. पूर्वोत्तर भाग: यहाँ हरे-भरे, ऊँचे-नीचे मैदान थे, जो धीरे-धीरे वृक्षों से ढकी पर्वत शृंखलाओं में बदल जाते थे। यहाँ पर्याप्त वर्षा होती थी, जिससे अच्छी फसल (विशेषकर गेहूं और जौ) होती थी।
2. उत्तरी भाग: यहाँ ऊँची भूमि (स्टेपी घास के मैदान) थी, जो पशुपालन के लिए बहुत अच्छी थी।
3. दक्षिणी भाग: यह एक रेगिस्तान था, लेकिन यही वह जगह थी जहाँ सबसे पहले नगर और लेखन प्रणाली का उदय हुआ। दजला और फरात नदियाँ पहाड़ों से उपजाऊ मिट्टी लाकर यहाँ बिछा देती थीं, जिससे यह रेगिस्तान भी कृषि के लिए बहुत उपजाऊ बन गया था।
प्राचीन मेसोपोटामिया की सभ्यता मुख्य रूप से आज के इराक गणराज्य का हिस्सा है। इसकी भौगोलिक स्थिति बहुत विविधतापूर्ण थी:
1. पूर्वोत्तर भाग: यहाँ हरे-भरे, ऊँचे-नीचे मैदान थे, जो धीरे-धीरे वृक्षों से ढकी पर्वत शृंखलाओं में बदल जाते थे। यहाँ पर्याप्त वर्षा होती थी, जिससे अच्छी फसल (विशेषकर गेहूं और जौ) होती थी।
2. उत्तरी भाग: यहाँ ऊँची भूमि (स्टेपी घास के मैदान) थी, जो पशुपालन के लिए बहुत अच्छी थी।
3. दक्षिणी भाग: यह एक रेगिस्तान था, लेकिन यही वह जगह थी जहाँ सबसे पहले नगर और लेखन प्रणाली का उदय हुआ। दजला और फरात नदियाँ पहाड़ों से उपजाऊ मिट्टी लाकर यहाँ बिछा देती थीं, जिससे यह रेगिस्तान भी कृषि के लिए बहुत उपजाऊ बन गया था।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह प्रश्नपत्र केवल विद्यार्थियों के अभ्यास और शैक्षणिक मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया एक संभावित मॉडल पेपर है। यह कोई असली या लीक हुआ पेपर नहीं है। कृपया परीक्षा के सटीक पाठ्यक्रम के लिए MP Board के निर्देशों का ही पालन करें।









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