MP EDUCATION GYAN DEEP
कक्षा 11वीं — अर्थशास्त्र (Economics)
अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026–27 | आदर्श-प्रश्नपत्र एवं मॉडल उत्तर
समय: 3 घंटे
पूर्णांक: 80
प्रश्न: 23 मुख्य प्रश्न
संक्षिप्त विवरण: यह MP Board के नवीनतम ब्लूप्रिंट (80 अंक) और निर्धारित अर्द्धवार्षिक पाठ्यक्रम (सांख्यिकी एवं भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास) पर आधारित कक्षा 11 अर्थशास्त्र का अभ्यास मॉडल पेपर है।
विद्यार्थियों के लिए निर्देश: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। (नोट: निर्देशानुसार खण्ड 'B' के 2 अंक वाले प्रश्नों में 'अथवा' का विकल्प नहीं दिया गया है)। पहले स्वयं प्रश्न हल करें, फिर “उत्तर देखें” बटन दबाकर अपने उत्तर का मिलान करें।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (प्रश्न 1 से 5)
कुल 32 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक 1 अंक। (कुल 32 अंक)।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) सांख्यिकी (Statistics) का जनक किसे कहा जाता है?
मॉडल उत्तर:
(ख) गॉटफ्रायड आचेनवाल
(2) स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारतीय अर्थव्यवस्था कैसी थी?
मॉडल उत्तर:
(ख) अर्द्ध-विकसित एवं गतिहीन
(3) आंकड़ों के प्रस्तुतीकरण (Presentation of Data) का तरीका है?
मॉडल उत्तर:
(घ) उपर्युक्त सभी
(4) उदारीकरण (Liberalisation) का क्या अर्थ है?
मॉडल उत्तर:
(ग) सरकारी नियंत्रणों व प्रतिबंधों को कम करना
(5) केन्द्रीय प्रवृत्ति की सबसे लोकप्रिय और आदर्श माप क्या है?
मॉडल उत्तर:
(क) समान्तर माध्य (Mean)
(6) भारत में मानव पूंजी निर्माण (Human Capital Formation) का प्रमुख स्रोत है?
मॉडल उत्तर:
(घ) उपर्युक्त सभी
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— 6 × 1 = 6
(1) सांख्यिकी _______ का विज्ञान है।
मॉडल उत्तर:
गणना (या संख्याओं)
(2) भारत में पहली पूर्ण एवं आधिकारिक जनगणना वर्ष _______ में हुई थी।
मॉडल उत्तर:
1881
(3) भारत में योजना आयोग (Planning Commission) की स्थापना वर्ष _______ में हुई थी।
मॉडल उत्तर:
1950
(4) जब दो चरों में एक ही दिशा में परिवर्तन होता है, तो वह _______ सहसंबंध (Correlation) कहलाता है।
मॉडल उत्तर:
धनात्मक (Positive)
(5) विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्थापना वर्ष _______ में हुई थी।
मॉडल उत्तर:
1995
(6) ग्रामीण विकास का मुख्य आधार _______ क्षेत्र है।
मॉडल उत्तर:
कृषि (Agriculture)
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) द्वितीयक आंकड़े (Secondary data) प्राथमिक आंकड़ों की तुलना में अधिक मौलिक (Original) होते हैं।
मॉडल उत्तर:
असत्य (प्राथमिक आंकड़े अधिक मौलिक होते हैं)।
(2) ब्रिटिश शासन काल में भारत मुख्य रूप से कच्चे माल का निर्यातक था।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
(3) उदारीकरण की नीति के कारण उद्योगों के लाइसेंसिंग नियमों में ढील दी गई।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
(4) सूचकांकों (Index Numbers) को अर्थव्यवस्था का 'आर्थिक बैरोमीटर' भी कहा जाता है।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
(5) मानव पूंजी में केवल शारीरिक श्रम शामिल होता है, शिक्षा और कौशल नहीं।
मॉडल उत्तर:
असत्य (मानव पूंजी शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल का योग है)।
(6) मनरेगा (MGNREGA) ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
प्रश्न 4. सही जोड़ी बनाइए— 7 × 1 = 7
(1) प्राथमिक समंक (Primary Data) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
मौलिक आंकड़े (स्वयं एकत्रित किए गए)
(2) हरित क्रांति (Green Revolution) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
कृषि (खाद्यान्न) उत्पादन में भारी वृद्धि
(3) निजीकरण (Privatisation) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की बिक्री/विनिवेश
(4) नाबार्ड (NABARD) की स्थापना (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
1982
(5) बहुलक (Mode) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
सबसे अधिक बार आने वाला मूल्य (Highest frequency)
(6) सहसंबंध गुणांक का परास (Range of Correlation) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
-1 से +1 के बीच
(7) मानव पूंजी (Human Capital) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
शिक्षा एवं स्वास्थ्य में निवेश का परिणाम
प्रश्न 5. एक वाक्य/शब्द में उत्तर दीजिए— 7 × 1 = 7
(1) अर्थशास्त्र का जनक किसे कहा जाता है?
मॉडल उत्तर:
एडम स्मिथ (Adam Smith)।
(2) भारत में नई आर्थिक नीति (New Economic Policy) कब लागू की गई?
मॉडल उत्तर:
1991 में।
(3) उस केंद्रीय प्रवृत्ति की माप का नाम बताइए जो चरम मूल्यों (Extreme values) से प्रभावित नहीं होती है?
मॉडल उत्तर:
माध्यिका (Median)।
(4) सूचकांक (Index Number) का कोई एक प्रमुख उपयोग लिखिए।
मॉडल उत्तर:
मुद्रास्फीति (महंगाई) और क्रय शक्ति मापने में।
(5) वैश्वीकरण (Globalization) का क्या अर्थ है?
मॉडल उत्तर:
देश की अर्थव्यवस्था का विश्व की अर्थव्यवस्थाओं के साथ एकीकरण।
(6) 'श्वेत क्रांति' (White Revolution) का संबंध किस क्षेत्र से है?
मॉडल उत्तर:
दुग्ध उत्पादन (Milk production) से।
(7) जो व्यक्ति काम करना चाहता है, काम करने योग्य भी है, लेकिन उसे काम नहीं मिलता, उसे क्या कहते हैं?
मॉडल उत्तर:
बेरोजगार (Unemployed)।
अति लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 6 से 15)
प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। कुल 20 अंक। (इस खण्ड में कोई 'अथवा' प्रश्न नहीं है)
प्रश्न 6. सांख्यिकी (Statistics) किसे कहते हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
सांख्यिकी विज्ञान की वह शाखा है जिसमें किसी विशेष उद्देश्य के लिए संख्यात्मक आंकड़ों (Data) का संग्रहण, वर्गीकरण, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण और निर्वचन (Interpretation) किया जाता है।
प्रश्न 7. प्राथमिक और द्वितीयक आंकड़ों (Primary and Secondary Data) में दो अंतर लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. मौलिकता: प्राथमिक आंकड़े अनुसंधानकर्ता द्वारा पहली बार स्वयं एकत्रित किए जाते हैं, इसलिए ये मौलिक होते हैं। द्वितीयक आंकड़े पहले से ही किसी अन्य द्वारा एकत्रित किए जा चुके होते हैं, इसलिए ये मौलिक नहीं होते。
2. लागत: प्राथमिक आंकड़ों को जुटाने में समय, धन और मेहनत अधिक लगती है, जबकि द्वितीयक आंकड़े आसानी से और कम लागत में पत्र-पत्रिकाओं या इंटरनेट से मिल जाते हैं।
प्रश्न 8. सारणीयन (Tabulation) क्या है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
एकत्रित किए गए अव्यवस्थित आंकड़ों (Data) को समझने में आसान बनाने के लिए उन्हें पंक्तियों (Rows) और स्तंभों (Columns) में व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सारणीयन (Tabulation) कहते हैं।
प्रश्न 9. बहुलक (Mode) का अर्थ लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
सांख्यिकी में बहुलक किसी दी गई श्रेणी (Series) का वह मूल्य है, जिसकी आवृत्ति (Frequency) सबसे अधिक होती है। अर्थात्, वह संख्या जो आंकड़ों में सबसे ज्यादा बार आती है, बहुलक कहलाती है।
प्रश्न 10. स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत की कृषि की क्या स्थिति थी? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
स्वतंत्रता के समय भारतीय कृषि अत्यंत पिछड़ी और गतिहीन अवस्था में थी। कृषि में उत्पादकता बहुत कम थी, सिंचाई सुविधाओं का अभाव था, और किसान भारी लगान (ज़मींदारी प्रथा) के कारण कर्ज के बोझ तले दबे हुए थे।
प्रश्न 11. आर्थिक नियोजन (Economic Planning) से क्या आशय है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
आर्थिक नियोजन से आशय एक ऐसी प्रक्रिया से है जिसमें देश की सरकार या एक केंद्रीय संस्था (जैसे योजना आयोग) देश के उपलब्ध संसाधनों का आकलन करके, पूर्व-निर्धारित सामाजिक और आर्थिक लक्ष्यों को एक निश्चित समय सीमा में प्राप्त करने के लिए योजनाएं (जैसे पंचवर्षीय योजनाएं) बनाती है।
प्रश्न 12. उदारीकरण (Liberalisation) के दो उपाय लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. लाइसेंस राज की समाप्ति: अधिकांश उद्योगों के लिए सरकारी लाइसेंस लेने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया。
2. आयात-निर्यात पर छूट: विदेशी व्यापार पर लगे प्रतिबंधों (टैरिफ और कोटा) को कम करके व्यापार को सरल बनाया गया।
प्रश्न 13. मानव पूंजी और भौतिक पूंजी में दो अंतर लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. प्रकृति: भौतिक पूंजी (मशीन, भवन) मूर्त होती है, जिसे देखा और छुआ जा सकता है। मानव पूंजी (कौशल, ज्ञान, स्वास्थ्य) अमूर्त होती है, इसे केवल महसूस किया जा सकता है。
2. मालिक से संबंध: भौतिक पूंजी को उसके मालिक से अलग किया जा सकता है (मशीन बेची जा सकती है), लेकिन मानव पूंजी (ज्ञान) को मनुष्य से अलग नहीं किया जा सकता।
प्रश्न 14. सहसंबंध (Correlation) का क्या अर्थ है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
जब दो या दो से अधिक चरों (Variables) के बीच इस प्रकार का संबंध हो कि एक चर के मान में परिवर्तन होने पर दूसरे चर के मान में भी परिवर्तन (उसी दिशा या विपरीत दिशा में) होता हो, तो उसे सांख्यिकी में सहसंबंध कहते हैं। (जैसे- बारिश और फसल की पैदावार)।
प्रश्न 15. ग्रामीण विकास से क्या तात्पर्य है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
ग्रामीण विकास एक व्यापक शब्द है जिसका अर्थ है ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना। इसमें कृषि का विकास, ग्रामीण साख (कर्ज) की व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, पक्की सड़कें और गैर-कृषि रोजगार के अवसर बढ़ाना शामिल है।
लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 16 से 19)
प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। कुल 12 अंक।
प्रश्न 16. माध्यिका (Median) के तीन गुण लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
माध्यिका के तीन गुण निम्नलिखित हैं:
1. सरल गणना: माध्यिका को समझना और इसकी गणना करना बहुत आसान है। कई बार इसे केवल देखकर ही ज्ञात किया जा सकता है।
2. चरम मूल्यों से अप्रभावित: माध्यिका पर श्रेणी के सबसे छोटे या सबसे बड़े (चरम) मूल्यों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, इसलिए यह अधिक विश्वसनीय है।
3. बिंदुरेखीय प्रदर्शन: माध्यिका को ग्राफ या चित्र (तोरण वक्र / Ogive) के माध्यम से भी आसानी से दर्शाया जा सकता है।
अथवा: समांतर माध्य (Arithmetic Mean) के तीन दोष लिखिए।
मॉडल उत्तर:
समांतर माध्य के तीन दोष निम्नलिखित हैं:
1. चरम मूल्यों का प्रभाव: समांतर माध्य श्रेणी के चरम (बहुत बड़े या बहुत छोटे) मूल्यों से बहुत अधिक प्रभावित होता है, जिससे कभी-कभी यह गलत निष्कर्ष दे सकता है।
2. बिंदुरेखीय प्रदर्शन असंभव: समांतर माध्य को ग्राफ या रेखाचित्र द्वारा प्रदर्शित नहीं किया जा सकता।
3. हास्यास्पद निष्कर्ष: कभी-कभी गणना करने पर ऐसा मूल्य आ जाता है जो वास्तव में संभव ही नहीं होता (जैसे प्रति परिवार 3.5 बच्चे)।
प्रश्न 17. सूचकांक (Index Numbers) की तीन सीमाएं/दोष लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
सूचकांकों की प्रमुख सीमाएं निम्नलिखित हैं:
1. पूर्णतया सत्य नहीं: सूचकांक केवल औसत प्रवृत्तियों (Average trends) को दर्शाते हैं। ये 100% सत्य नहीं होते, केवल अनुमानित सत्य होते हैं।
2. अंतरराष्ट्रीय तुलना में कठिनाई: अलग-अलग देशों में उपभोग की आदतें और वस्तुएं अलग-अलग होती हैं, इसलिए दो देशों के सूचकांकों की सटीक तुलना करना मुश्किल होता है।
3. गुणवत्ता में बदलाव की अनदेखी: सूचकांक वस्तुओं की कीमतों में बदलाव को तो मापते हैं, लेकिन समय के साथ वस्तुओं की 'क्वालिटी' (गुणवत्ता) में हुए बदलाव को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
अथवा: सूचकांकों के तीन महत्व या उपयोग लिखिए।
मॉडल उत्तर:
सूचकांकों के तीन प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं:
1. आर्थिक बैरोमीटर: सूचकांक देश की आर्थिक स्थिति, व्यापारिक मंदी या तेज़ी को मापने का काम करते हैं, इसीलिए इन्हें अर्थव्यवस्था का बैरोमीटर कहा जाता है।
2. मुद्रा की क्रय शक्ति मापना: थोक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की मदद से महंगाई और रुपये की क्रय शक्ति (Purchasing power) का पता चलता है।
3. सरकारी नीतियां बनाने में सहायक: सरकार कर्मचारियों का महँगाई भत्ता (DA) बढ़ाने, कर नीति और वेतन नीति तय करने के लिए सूचकांकों का ही सहारा लेती है।
प्रश्न 18. नई आर्थिक नीति (1991) की आवश्यकता क्यों पड़ी? (तीन कारण लिखिए) 3 अंक
मॉडल उत्तर:
1991 में नई आर्थिक नीति (LPG) लागू करने के तीन प्रमुख कारण थे:
1. विदेशी मुद्रा भंडार में भारी कमी: 1991 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इतना कम हो गया था कि वह केवल दो सप्ताह के आयात का बिल चुकाने के लिए ही पर्याप्त था। देश दिवालिया होने की कगार पर था।
2. बढ़ता हुआ राजकोषीय घाटा: सरकार की आय कम थी और खर्च बहुत अधिक हो गए थे। सरकार भारी कर्ज के बोझ तले दब चुकी थी।
3. सार्वजनिक क्षेत्र का खराब प्रदर्शन: सरकार द्वारा चलाए जा रहे ज़्यादातर कारखाने और उद्यम भारी घाटे में चल रहे थे, जिससे अर्थव्यवस्था की गति रुक गई थी।
अथवा: निजीकरण (Privatisation) के तीन लाभ लिखिए।
मॉडल उत्तर:
निजीकरण के तीन लाभ निम्नलिखित हैं:
1. कार्यकुशलता में वृद्धि: निजी क्षेत्र लाभ कमाने के उद्देश्य से काम करता है, इसलिए वहां संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और कार्यकुशलता (Efficiency) बढ़ती है।
2. प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा: निजीकरण से बाज़ार में प्रतियोगिता बढ़ती है, जिससे ग्राहकों को बेहतर क्वालिटी की वस्तुएं और सेवाएं सस्ते दाम पर मिलने लगती हैं।
3. सरकार के वित्तीय बोझ में कमी: घाटे में चल रहे सार्वजनिक उद्यमों को निजी हाथों में सौंपने से सरकार का वित्तीय नुकसान कम होता है और उसे विनिवेश से राजस्व प्राप्त होता है।
प्रश्न 19. भारत में मानव पूंजी निर्माण की तीन प्रमुख समस्याएं लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
भारत में मानव पूंजी निर्माण की तीन प्रमुख समस्याएं निम्न हैं:
1. तेजी से बढ़ती जनसंख्या: जनसंख्या विस्फोट के कारण स्कूल, अस्पताल और प्रशिक्षण केंद्रों जैसे संसाधनों पर भारी दबाव पड़ता है, जिससे सभी को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य नहीं मिल पाता।
2. प्रतिभा पलायन (Brain Drain): भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक अच्छे वेतन और सुविधाओं की तलाश में विदेशों में चले जाते हैं, जिससे देश को उनकी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
3. गुणवत्ताहीन शिक्षा और स्वास्थ्य: देश के कई हिस्सों में शिक्षा केवल किताबी है, जो कौशल (Skill) नहीं सिखाती। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी अभाव है।
अथवा: हरित क्रांति (Green Revolution) के तीन सकारात्मक प्रभाव (लाभ) लिखिए।
मॉडल उत्तर:
हरित क्रांति के तीन प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
1. खाद्यान्न उत्पादन में भारी वृद्धि: उन्नत बीजों (HYV), रासायनिक खादों और सिंचाई के प्रयोग से गेहूं और चावल के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई।
2. खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता: हरित क्रांति के कारण भारत, जो पहले अनाज के लिए विदेशों (अमेरिका) पर निर्भर था, खाद्यान्न के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो गया और अब निर्यात भी करता है।
3. किसानों की आय में वृद्धि: उत्पादन बढ़ने से किसानों (विशेषकर बड़े किसानों) की आय में काफी वृद्धि हुई और उनके जीवन स्तर में सुधार आया।
दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 20 से 23)
प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। कुल 16 अंक।
प्रश्न 20. एक अच्छी प्रश्नावली (Questionnaire) के चार गुण लिखिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
अनुसंधान के लिए बनाई गई एक अच्छी प्रश्नावली में निम्नलिखित चार गुण होने चाहिए:
1. प्रश्नों की संख्या कम होना: प्रश्नावली में प्रश्नों की संख्या कम और केवल उद्देश्य से संबंधित होनी चाहिए, ताकि उत्तर देने वाला उबाऊ महसूस न करे।
2. प्रश्नों की सरलता: प्रश्नों की भाषा बिल्कुल सरल, स्पष्ट और समझने में आसान होनी चाहिए। द्विक-अर्थी (Double meaning) या घुमावदार प्रश्न नहीं पूछने चाहिए।
3. उचित क्रम: प्रश्नों को एक तार्किक और व्यवस्थित क्रम में रखा जाना चाहिए। सरल प्रश्न पहले और कठिन या व्यक्तिगत प्रश्न बाद में पूछे जाने चाहिए।
4. निजी प्रश्नों से बचना: उत्तरदाता की व्यक्तिगत जिंदगी, आय या मान-सम्मान को ठेस पहुँचाने वाले प्रश्न नहीं पूछने चाहिए, अन्यथा वह उत्तर देने से मना कर सकता है।
अथवा: चित्रमय प्रदर्शन (Graphic/Diagrammatic Presentation) के चार लाभ लिखिए।
मॉडल उत्तर:
आंकड़ों को चित्रों या रेखाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करने के चार प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
1. आकर्षक और प्रभावशाली: नीरस संख्याओं की तुलना में चित्र और ग्राफ आंखों को जल्दी आकर्षित करते हैं और मन पर गहरा प्रभाव डालते हैं।
2. समझने में आसान: एक सामान्य व्यक्ति जिसे सांख्यिकी का ज्ञान नहीं है, वह भी दंड-चित्र या पाई-चार्ट देखकर आसानी से बात समझ जाता है।
3. तुलना में सहायक: दो या दो से अधिक वर्षों के आंकड़ों या दो कंपनियों के आंकड़ों की तुलना चित्र देखकर बहुत तेजी से और आसानी से की जा सकती है।
4. समय और श्रम की बचत: एक ग्राफ को देखकर पूरे डेटा का निष्कर्ष चंद सेकंड में निकाला जा सकता है, जिससे संख्याओं के विश्लेषण में लगने वाले समय और मेहनत की बचत होती है।
प्रश्न 21. कार्ल पियर्सन के सहसंबंध गुणांक (Correlation Coefficient) की चार विशेषताएं लिखिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
कार्ल पियर्सन के सहसंबंध गुणांक (जिसे 'r' से दर्शाया जाता है) की चार प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
1. सहसंबंध की दिशा और मात्रा: यह गुणांक न केवल यह बताता है कि दो चरों में धनात्मक संबंध है या ऋणात्मक, बल्कि यह भी मापता है कि वह संबंध कितना मजबूत या कमज़ोर है।
2. गुणांक का परास (Range): कार्ल पियर्सन के सहसंबंध गुणांक का मान हमेशा -1 और +1 के बीच ही रहता है (-1 ≤ r ≤ +1)।
3. आदर्श माप: यह सहसंबंध मापने की सबसे लोकप्रिय, वैज्ञानिक और गणितीय रूप से आदर्श विधि है क्योंकि यह समांतर माध्य और प्रमाप विचलन पर आधारित है।
4. स्वतंत्रता: यह गुणांक मूल-बिंदु (Origin) और पैमाने (Scale) में परिवर्तन से पूरी तरह स्वतंत्र होता है। अर्थात्, चरों में कोई संख्या जोड़ने, घटाने, गुणा या भाग करने से 'r' का मान नहीं बदलता।
अथवा: सूचकांक (Index Numbers) बनाते समय आधार वर्ष (Base Year) का चुनाव करते समय किन चार बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मॉडल उत्तर:
सूचकांक बनाने के लिए आधार वर्ष का चुनाव करते समय निम्नलिखित चार बातों का ध्यान रखना चाहिए:
1. सामान्य वर्ष होना चाहिए: आधार वर्ष एक 'सामान्य' वर्ष होना चाहिए। उस वर्ष में युद्ध, अकाल, बाढ़, भूकंप या कोई भारी आर्थिक मंदी नहीं होनी चाहिए, ताकि कीमतें सामान्य रही हों।
2. बहुत पुराना नहीं होना चाहिए: आधार वर्ष वर्तमान समय से बहुत अधिक दूर (पुराना) नहीं होना चाहिए। बहुत पुराने वर्ष से आज की कीमतों की तुलना करना तार्किक नहीं होता, क्योंकि लोगों की पसंद और वस्तुएं बदल जाती हैं।
3. निश्चित उद्देश्य: आधार वर्ष का चुनाव सूचकांक के उद्देश्य के अनुकूल होना चाहिए।
4. आंकड़ों की उपलब्धता: उसी वर्ष को आधार वर्ष चुनना चाहिए जिसके बारे में सही, प्रामाणिक और पर्याप्त आंकड़े (डेटा) आसानी से उपलब्ध हों।
प्रश्न 22. स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारतीय औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति का वर्णन कीजिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारतीय औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति अत्यंत दयनीय और पिछड़ी हुई थी, जिसे निम्न बिंदुओं से समझा जा सकता है:
1. हस्तशिल्प उद्योगों का पतन: भारत अपने सूती कपड़े, रेशम और हस्तशिल्प के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध था। लेकिन अंग्रेजों की भेदभावपूर्ण कर नीति (मशीनी माल पर कर नहीं और भारतीय हस्तशिल्प पर भारी कर) के कारण भारत का विश्व प्रसिद्ध हस्तशिल्प उद्योग पूरी तरह नष्ट हो गया।
2. पूंजीगत उद्योगों का अभाव: देश में मशीनें और उपकरण बनाने वाले (Capital goods) कारखानों का लगभग अभाव था। भारत औद्योगिक मशीनों के लिए पूरी तरह ब्रिटेन पर निर्भर था।
3. सीमित आधुनिक उद्योग: 19वीं सदी के अंत में कुछ सूती और जूट मिलें खुलीं। 1907 में TISCO (टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी) की स्थापना हुई, लेकिन कुल मिलाकर आधुनिक उद्योगों का विकास बहुत धीमा था।
4. सार्वजनिक क्षेत्र की नगण्य भूमिका: उस समय सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी कारखाने) केवल रेलवे, बिजली, संचार और बंदरगाहों तक ही सीमित थे। औद्योगिक विकास के लिए कोई बड़ी सरकारी नीति नहीं थी।
अथवा: ब्रिटिश शासन के दौरान भारत के विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताएं क्या थीं?
मॉडल उत्तर:
ब्रिटिश शासन के दौरान भारत के विदेशी व्यापार की चार प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित थीं:
1. कच्चे माल का निर्यातक: भारत कच्चे माल (जैसे- कपास, रेशम, ऊन, जूट, नील) का एक बहुत बड़ा निर्यातक देश बन गया था, जो सीधे ब्रिटेन के कारखानों में जाता था।
2. तैयार माल का आयातक: भारत ब्रिटेन के कारखानों में बनी हुई हल्की और मशीन-निर्मित वस्तुओं (जैसे- सूती कपड़े, रेशमी कपड़े, मशीनें) का आयातक (बाज़ार) बनकर रह गया था।
3. ब्रिटेन का एकाधिकार: भारत के विदेशी व्यापार पर ब्रिटेन का एकाधिकार हो गया था। भारत का आधे से अधिक व्यापार केवल ब्रिटेन के साथ होता था। स्वेज नहर (1869) खुलने के बाद यह नियंत्रण और कड़ा हो गया।
4. व्यापार अधिशेष का नुकसान (Drain of Indian Wealth): भारत का निर्यात उसके आयात से अधिक था (व्यापार अधिशेष था), लेकिन इस फायदे का इस्तेमाल भारत के विकास में नहीं, बल्कि अंग्रेजों द्वारा अपने युद्धों का खर्च उठाने, प्रशासनिक खर्चों और धन को ब्रिटेन भेजने (Drain of wealth) में किया गया।
प्रश्न 23. ग्रामीण विकास में नाबार्ड (NABARD) की भूमिका को समझाइए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
नाबार्ड (National Bank for Agriculture and Rural Development) की स्थापना 1982 में की गई थी। यह ग्रामीण साख (ऋण) व्यवस्था की सर्वोच्च संस्था है। ग्रामीण विकास में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है:
1. शीर्ष बैंक की भूमिका: नाबार्ड किसानों को सीधे ऋण नहीं देता, बल्कि यह सहकारी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और व्यापारिक बैंकों को धन (पुनर्वित्त) उपलब्ध कराता है, ताकि वे किसानों को कर्ज दे सकें।
2. कृषि और गैर-कृषि कार्यों के लिए ऋण: यह केवल खेती के लिए ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों, छोटे व्यवसायों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
3. नीति निर्माण और योजनाएं: यह भारत सरकार और रिज़र्व बैंक (RBI) को ग्रामीण साख से संबंधित नीतियां बनाने में सलाह देता है और स्वयं भी ग्रामीण विकास के लिए कई योजनाएं लागू करता है।
4. स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को बढ़ावा: नाबार्ड ने माइक्रोफाइनेंस और स्वयं सहायता समूहों (मुख्य रूप से महिलाओं के) को बैंकों से जोड़ने का बड़ा काम किया है, जिससे ग्रामीण गरीबी कम करने में बहुत मदद मिली है।
अथवा: भारत में बेरोजगारी के चार प्रमुख कारण लिखिए।
मॉडल उत्तर:
भारत में बेरोजगारी की समस्या बहुत गंभीर है। इसके चार प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
1. जनसंख्या में तीव्र वृद्धि: भारत की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। हर साल लाखों नए युवा रोजगार की तलाश में बाज़ार में आते हैं, लेकिन उस अनुपात में नई नौकरियां (रोजगार) पैदा नहीं हो पातीं।
2. दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली: हमारी शिक्षा प्रणाली केवल किताबी ज्ञान और डिग्री देने पर केंद्रित है। इसमें व्यावसायिक (Vocational) और कौशल (Skill) विकास की भारी कमी है, जिससे युवा नौकरी के लायक (Employable) नहीं बन पाते।
3. कृषि का पिछड़ापन और मौसमी प्रकृति: भारत की आधी से ज्यादा आबादी कृषि पर निर्भर है। कृषि बारिश पर निर्भर है और यह केवल साल के कुछ महीनों (सीजन) में ही काम देती है, जिससे ग्रामीण इलाकों में मौसमी और छिपी हुई बेरोजगारी फैलती है।
4. लघु एवं कुटीर उद्योगों का पतन: भारत में औद्योगिक विकास मुख्य रूप से बड़े और मशीन-आधारित कारखानों का हुआ है। रोजगार देने वाले छोटे और कुटीर उद्योगों का तेजी से विकास नहीं हो पाया, जिससे बेरोजगारी बढ़ी।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह प्रश्नपत्र केवल विद्यार्थियों के अभ्यास और शैक्षणिक मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया एक संभावित मॉडल पेपर है। यह कोई असली या लीक हुआ पेपर नहीं है। कृपया परीक्षा के सटीक पाठ्यक्रम के लिए MP Board के निर्देशों का ही पालन करें।









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