MP EDUCATION GYAN DEEP
कक्षा 11वीं — व्यवसाय अध्ययन (Business Studies)
अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026–27 | आदर्श-प्रश्नपत्र एवं मॉडल उत्तर
समय: 3 घंटे
पूर्णांक: 80
प्रश्न: 23 मुख्य प्रश्न
संक्षिप्त विवरण: यह MP Board के नवीनतम ब्लूप्रिंट (80 अंक) और निर्धारित अर्द्धवार्षिक पाठ्यक्रम (अध्याय 1 से 9 तक) पर आधारित कक्षा 11 व्यवसाय अध्ययन का अभ्यास मॉडल पेपर है।
विद्यार्थियों के लिए निर्देश: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। पहले स्वयं प्रश्न हल करें, फिर “उत्तर देखें” बटन दबाकर अपने उत्तर का मिलान करें। एक समय में केवल एक ही उत्तर खुलेगा जिससे अभ्यास करने में आसानी हो।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (प्रश्न 1 से 5)
कुल 32 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक 1 अंक। (कुल 32 अंक)।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
मॉडल उत्तर:
(ख) लाभ कमाना
(2) हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) व्यवसाय के मुखिया को क्या कहते हैं?
मॉडल उत्तर:
(ग) कर्ता
(3) रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) किस प्रकार का उपक्रम है?
मॉडल उत्तर:
(ग) वैधानिक निगम
(4) ई-कॉमर्स का अर्थ है?
मॉडल उत्तर:
(क) इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से व्यापार
(5) कंपनी का निर्माण करने वाला व्यक्ति कहलाता है?
मॉडल उत्तर:
(ख) प्रवर्तक (Promoter)
(6) इनमें से कौन-सा व्यावसायिक वित्त का आंतरिक स्रोत है?
मॉडल उत्तर:
(ग) संचित आय (Retained Earnings)
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— 6 × 1 = 6
(1) वे सभी क्रियाएं जो लाभ कमाने के उद्देश्य से की जाती हैं, _______ कहलाती हैं।
मॉडल उत्तर:
आर्थिक क्रियाएं
(2) साझेदारी में सदस्यों का दायित्व _______ होता है।
मॉडल उत्तर:
असीमित
(3) बीमा का मुख्य उद्देश्य _______ कम करना है।
मॉडल उत्तर:
जोखिम (Risk)
(4) व्यवसाय का समाज के प्रति कर्तव्य _______ कहलाता है।
मॉडल उत्तर:
सामाजिक उत्तरदायित्व
(5) कंपनी का सबसे महत्वपूर्ण प्रलेख _______ होता है।
मॉडल उत्तर:
पार्षद सीमा नियम (Memorandum of Association)
(6) लघु उद्योगों के विकास के लिए _______ बैंक की स्थापना की गई है।
मॉडल उत्तर:
सिडबी (SIDBI)
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) रोजगार एक अनार्थिक क्रिया है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (यह एक आर्थिक क्रिया है)।
(2) एकाकी व्यापार में निर्णय लेने में देरी होती है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (इसमें निर्णय तुरंत लिए जाते हैं)।
(3) विभागीय उपक्रमों पर सरकार का पूर्ण नियंत्रण होता है।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
(4) B2B ई-कॉमर्स में दोनों पक्षकार व्यावसायिक फर्में होती हैं।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
(5) समता अंशधारियों को कंपनी में मताधिकार (Voting Right) प्राप्त होता है।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
(6) कुटीर उद्योगों में अधिक पूंजी की आवश्यकता होती है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (कुटीर उद्योग बहुत कम पूंजी से शुरू होते हैं)।
प्रश्न 4. सही जोड़ी बनाइए— 7 × 1 = 7
(1) मछली पकड़ना (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
प्राथमिक उद्योग (निष्कर्षण उद्योग)
(2) सार्वजनिक कंपनी (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
न्यूनतम 7 सदस्य
(3) ई-बैंकिंग (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
इंटरनेट के माध्यम से बैंकिंग
(4) बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
विभिन्न देशों में व्यापार
(5) प्रविवरण (Prospectus) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
जनता को अंश खरीदने का आमंत्रण
(6) ऋणपत्र (Debenture) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
निश्चित दर से ब्याज
(7) NSIC (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम
प्रश्न 5. एक वाक्य/शब्द में उत्तर दीजिए— 7 × 1 = 7
(1) जो वस्तुएं पुनः उत्पादन के लिए उपयोग की जाती हैं, उन्हें क्या कहते हैं?
मॉडल उत्तर:
पूंजीगत वस्तुएं (Capital goods)।
(2) साझेदारी स्थापित करने वाले लिखित समझौते को क्या कहते हैं?
मॉडल उत्तर:
साझेदारी संल्लेख (Partnership Deed)।
(3) जो बैंक आम जनता का पैसा जमा करते हैं और ऋण देते हैं, उन्हें क्या कहते हैं?
मॉडल उत्तर:
व्यापारिक बैंक (Commercial Banks)।
(4) पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाना व्यवसाय का कौन-सा उत्तरदायित्व है?
मॉडल उत्तर:
सामाजिक उत्तरदायित्व।
(5) कंपनी के समामेलन (Incorporation) का प्रमाण पत्र कौन जारी करता है?
मॉडल उत्तर:
रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC)।
(6) एडीआर (ADR) का पूरा नाम लिखिए。
मॉडल उत्तर:
अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (American Depository Receipt)।
(7) वह व्यवसाय जिसका प्रबंधन एवं संचालन एक ही व्यक्ति करता है, क्या कहलाता है?
मॉडल उत्तर:
एकाकी व्यापार (Sole Proprietorship)।
अति लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 6 से 15)
प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। कुल 20 अंक। (इस खण्ड में कोई 'अथवा' प्रश्न नहीं है)
प्रश्न 6. पेशा (Profession) किसे कहते हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
पेशा वह आर्थिक क्रिया है जिसमें किसी विशेष ज्ञान, प्रशिक्षण और कौशल की आवश्यकता होती है, और व्यक्ति समाज को अपनी सेवाएं प्रदान करके धन (फीस) अर्जित करता है। उदाहरण: डॉक्टर, वकील, सी.ए.।
प्रश्न 7. एकाकी व्यापार की दो विशेषताएं लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. एकल स्वामित्व: व्यवसाय का मालिक केवल एक ही व्यक्ति होता है, वही पूंजी लगाता है。
2. असीमित दायित्व: व्यापार में हानि होने पर मालिक की निजी संपत्ति भी बेची जा सकती है।
प्रश्न 8. सार्वजनिक उपक्रम से क्या आशय है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
सार्वजनिक उपक्रम वे व्यावसायिक संस्थाएं हैं जिनका स्वामित्व, प्रबंधन और नियंत्रण केंद्र या राज्य सरकार के हाथ में होता है। इनका मुख्य उद्देश्य लाभ कमाने के साथ-साथ समाज की सेवा करना होता है। (जैसे- भारतीय रेलवे, डाकघर)।
प्रश्न 9. ई-बैंकिंग (E-Banking) के दो लाभ लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. 24×7 सेवा: ग्राहक किसी भी समय (दिन या रात) अपने बैंक खाते तक पहुँच सकते हैं और लेन-देन कर सकते हैं。
2. सुविधा: घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से फंड ट्रांसफर, बिल भुगतान आदि किए जा सकते हैं, बैंक जाने की आवश्यकता नहीं होती।
प्रश्न 10. ई-कॉमर्स (E-Commerce) क्या है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
ई-कॉमर्स (इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स) का अर्थ इंटरनेट और कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-बिक्री तथा भुगतान करने से है। (जैसे- Amazon, Flipkart से सामान खरीदना)।
प्रश्न 11. व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व का क्या अर्थ है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
सामाजिक उत्तरदायित्व का अर्थ है कि व्यवसाय को केवल अपने लाभ के लिए काम नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे समाज के विभिन्न वर्गों (जैसे- ग्राहक, कर्मचारी, सरकार, पर्यावरण) के कल्याण और भलाई के लिए भी कार्य करना चाहिए।
प्रश्न 12. प्रवर्तक (Promoter) किसे कहते हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
प्रवर्तक वह व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह होता है जिसके मन में सबसे पहले कंपनी बनाने का विचार आता है और जो कंपनी के निर्माण (पंजीकरण) के लिए सभी आवश्यक प्रारंभिक कदम उठाता है।
प्रश्न 13. समता अंश (Equity Shares) क्या हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
समता अंश वे अंश होते हैं जिन पर लाभांश की दर निश्चित नहीं होती और जिन्हें कंपनी के समापन के समय पूंजी वापस पाने का अधिकार सबसे अंत में मिलता है। इनके धारक ही कंपनी के वास्तविक स्वामी होते हैं और उन्हें वोट देने का अधिकार होता है।
प्रश्न 14. लघु व्यवसाय (Small Business) किसे कहते हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
लघु व्यवसाय वे उद्यम हैं जो छोटे पैमाने पर संचालित होते हैं, जिनमें पूंजी का निवेश कम होता है, मशीनों का उपयोग कम और मानवीय श्रम का उपयोग अधिक होता है। ये स्थानीय मांग को पूरा करते हैं।
प्रश्न 15. उद्यमिता (Entrepreneurship) का अर्थ लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
उद्यमिता वह प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत एक व्यक्ति (उद्यमी) नए अवसरों की खोज करता है, नवाचार (Innovation) करता है, जोखिम उठाता है और लाभ कमाने के लिए एक नया व्यवसाय स्थापित करता है।
लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 16 से 19)
प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। कुल 12 अंक।
प्रश्न 16. आर्थिक और अनार्थिक क्रियाओं में तीन अंतर लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
1. उद्देश्य: आर्थिक क्रियाओं का उद्देश्य धन और लाभ कमाना होता है। अनार्थिक क्रियाओं का उद्देश्य मानसिक संतुष्टि, प्रेम, या समाज सेवा होता है。
2. माप: आर्थिक क्रियाओं को मुद्रा (पैसे) में मापा जा सकता है। अनार्थिक क्रियाओं को मुद्रा में नहीं मापा जा सकता。
3. उदाहरण: व्यापारी द्वारा व्यापार करना, शिक्षक द्वारा स्कूल में पढ़ाना आर्थिक क्रिया है। माँ द्वारा बच्चे को पढ़ाना या मंदिर में पूजा करना अनार्थिक क्रिया है।
अथवा: उद्योग के तीन प्रकार (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक) समझाइए।
मॉडल उत्तर:
1. प्राथमिक उद्योग: वे उद्योग जो प्रकृति से कच्चे माल को निकालने या पशु-पक्षियों के प्रजनन से संबंधित हैं (जैसे- कृषि, खनन, मछली पालन)।
2. द्वितीयक उद्योग: वे उद्योग जो प्राथमिक उद्योगों से प्राप्त कच्चे माल को पक्के माल (उपयोगी वस्तुओं) में बदलते हैं (जैसे- कपास से कपड़ा बनाना, गन्ने से चीनी)।
3. तृतीयक (सेवा) उद्योग: ये उद्योग प्राथमिक और द्वितीयक उद्योगों को सहायता और सेवाएं प्रदान करते हैं (जैसे- परिवहन, बैंकिंग, बीमा, संचार)।
प्रश्न 17. एकाकी व्यापार और साझेदारी में तीन अंतर लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
1. सदस्यों की संख्या: एकाकी व्यापार में केवल 1 व्यक्ति होता है। साझेदारी में कम से कम 2 और अधिकतम 50 सदस्य होते हैं。
2. पूंजी: एकाकी व्यापार में पूंजी सीमित होती है (एक ही व्यक्ति लगाता है)। साझेदारी में कई लोग मिलकर अधिक पूंजी जुटा सकते हैं。
3. जोखिम और लाभ: एकाकी व्यापार में सारा लाभ और सारा जोखिम एक ही व्यक्ति का होता है। साझेदारी में लाभ और जोखिम सभी साझेदारों में बँट जाता है।
अथवा: एक निजी कंपनी और सार्वजनिक कंपनी में तीन अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. सदस्यों की संख्या: निजी कंपनी में न्यूनतम 2 और अधिकतम 200 सदस्य हो सकते हैं। सार्वजनिक कंपनी में न्यूनतम 7 सदस्य होते हैं और अधिकतम की कोई सीमा नहीं होती。
2. अंशों का हस्तांतरण: निजी कंपनी के अंशों के हस्तांतरण पर रोक होती है (वे आसानी से बेचे नहीं जा सकते)। सार्वजनिक कंपनी के अंश शेयर बाज़ार में आसानी से खरीदे-बेचे जा सकते हैं。
3. जनता को आमंत्रण: निजी कंपनी जनता को अपने शेयर खरीदने के लिए आमंत्रित (प्रविवरण जारी) नहीं कर सकती। सार्वजनिक कंपनी जनता को शेयर खरीदने के लिए आमंत्रित कर सकती है।
प्रश्न 18. विभागीय उपक्रम और वैधानिक निगम में तीन अंतर लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
1. स्थापना: विभागीय उपक्रम सरकारी मंत्रालय के एक विभाग के रूप में स्थापित होते हैं (जैसे- रेलवे, पोस्ट ऑफिस)। वैधानिक निगम संसद या विधानसभा में विशेष अधिनियम पास करके बनाए जाते हैं (जैसे- RBI, LIC)।
2. प्रबंधन: विभागीय उपक्रमों का प्रबंधन सीधे सरकारी अधिकारियों (IAS) और मंत्रियों द्वारा होता है। वैधानिक निगम का प्रबंधन एक स्वतंत्र संचालक मंडल (Board of Directors) द्वारा होता है。
3. वित्त: विभागीय उपक्रमों को पैसा सीधे सरकारी खजाने (बजट) से मिलता है। वैधानिक निगम अपना पैसा स्वयं जुटा सकते हैं और जनता से भी उधार ले सकते हैं।
अथवा: भंडारण (Warehousing) के तीन कार्य लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. संग्रहण (Storage): माल के उत्पादन और उपभोग के बीच समय का अंतर होता है। भंडारण माल को सुरक्षित रखने का काम करता है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसे उपलब्ध कराया जा सके。
2. कीमतों में स्थिरता: बाजार में जब माल की मांग बढ़ती है, तो गोदाम से माल निकालकर सप्लाई बढ़ाई जाती है, जिससे वस्तुओं की कीमतों में अचानक वृद्धि (महंगाई) नहीं होती。
3. जोखिम से बचाव: अच्छे गोदाम माल को चोरी, आग, बारिश और कीड़ों से सुरक्षित रखते हैं।
प्रश्न 19. समता अंश (Equity) और पूर्वाधिकार अंश (Preference) में तीन अंतर लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
1. लाभांश का अधिकार: पूर्वाधिकार अंशों पर लाभांश सबसे पहले (समता अंशों से पूर्व) दिया जाता है। समता अंशों पर लाभांश पूर्वाधिकार अंशों को देने के बाद बचे हुए लाभ में से दिया जाता है。
2. लाभांश की दर: पूर्वाधिकार अंशों पर लाभांश की दर पूर्व-निश्चित होती है। समता अंशों पर लाभांश की दर निश्चित नहीं होती (लाभ अधिक तो लाभांश अधिक)।
3. मताधिकार (Voting Rights): समता अंशधारियों को कंपनी की सभाओं में वोट देने का पूरा अधिकार होता है (वे वास्तविक स्वामी हैं)। पूर्वाधिकार अंशधारियों को सामान्य मामलों में वोट देने का अधिकार नहीं होता।
अथवा: आंतरिक वित्त और बाह्य वित्त में क्या अंतर है?
मॉडल उत्तर:
1. स्रोत: आंतरिक वित्त वह पैसा है जो व्यवसाय के अंदर से ही जुटाया जाता है (जैसे- संचित लाभ/Retained earnings)। बाह्य वित्त वह है जो बाहरी स्रोतों (बैंक, जनता, निवेशकों) से प्राप्त किया जाता है (जैसे- बैंक लोन, ऋणपत्र)।
2. लागत और ब्याज: आंतरिक वित्त पर कोई ब्याज नहीं देना पड़ता और इसकी लागत बहुत कम होती है। बाह्य वित्त पर निश्चित दर से ब्याज देना पड़ता है, जिससे वित्तीय बोझ बढ़ता है。
3. जोखिम: आंतरिक वित्त में कोई जोखिम नहीं होता क्योंकि पैसा वापस करने का दबाव नहीं होता। बाह्य वित्त जोखिम भरा होता है क्योंकि नुकसान होने पर भी ब्याज और मूलधन चुकाना अनिवार्य होता है।
दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 20 से 23)
प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। कुल 16 अंक।
प्रश्न 20. व्यवसाय के प्रमुख आर्थिक और सामाजिक उद्देश्यों का वर्णन कीजिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
व्यवसाय के उद्देश्यों को मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा जा सकता है:
आर्थिक उद्देश्य (Economic Objectives):
1. लाभ कमाना: व्यवसाय का सबसे मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना है, ताकि व्यवसाय जीवित रह सके और विकास कर सके。
2. ग्राहक सृजन: नए ग्राहक बनाना और पुराने ग्राहकों को बनाए रखना व्यवसाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिना ग्राहक के कोई व्यवसाय नहीं चल सकता。
3. नवाचार (Innovation): बाजार में टिके रहने के लिए नई तकनीक अपनाना और नए उत्पाद बनाना आर्थिक उद्देश्य का हिस्सा है。
सामाजिक उद्देश्य (Social Objectives):
1. उचित मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता: समाज को सही कीमत पर मिलावट-रहित और अच्छी क्वालिटी की वस्तुएं उपलब्ध कराना。
2. रोजगार के अवसर: समाज के लोगों को नौकरियां देकर बेरोजगारी दूर करने में मदद करना。
3. पर्यावरण की रक्षा: कारखानों से होने वाले प्रदूषण को रोकना और समाज के कल्याण कार्यों (स्कूल, अस्पताल) में सहयोग करना।
अथवा: व्यवसाय में जोखिम की प्रकृति और इसके कारणों को समझाइए।
मॉडल उत्तर:
व्यावसायिक जोखिम की प्रकृति:
1. अनिश्चितताओं के कारण उत्पन्न होता है (भविष्य में क्या होगा कोई नहीं जानता)।
2. जोखिम हर व्यवसाय का आवश्यक अंग है (इसे कम किया जा सकता है, खत्म नहीं)।
3. जोखिम की मात्रा व्यवसाय के आकार और प्रकृति पर निर्भर करती है (बड़े व्यापार में बड़ा जोखिम)।
4. लाभ जोखिम का प्रतिफल है (No Risk, No Gain)।
जोखिम के कारण:
1. प्राकृतिक कारण: भूकंप, बाढ़, तूफान आदि जिन पर मनुष्य का वश नहीं है。
2. मानवीय कारण: कर्मचारियों की बेईमानी, हड़ताल, चोरी या लापरवाही。
3. आर्थिक कारण: ग्राहकों की फैशन या रुचि में बदलाव, बाज़ार में प्रतिस्पर्धा का बढ़ना, मूल्य में उतार-चढ़ाव。
4. अन्य कारण: सरकारी नीतियों में बदलाव, मशीनों का खराब होना।
प्रश्न 21. ई-कॉमर्स के प्रमुख लाभों (कोई चार) का वर्णन कीजिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
ई-कॉमर्स (इंटरनेट व्यापार) के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
1. वैश्विक पहुँच (Global Reach): इंटरनेट के माध्यम से कोई भी व्यापारी अपनी वस्तुओं को दुनिया के किसी भी कोने में बेच सकता है, उसका बाज़ार एक शहर तक सीमित नहीं रहता。
2. 24×7 सुविधा: ई-कॉमर्स की वेबसाइटें रात-दिन खुली रहती हैं। ग्राहक अपनी सुविधानुसार किसी भी समय घर बैठे शॉपिंग कर सकते हैं。
3. लागत में कमी: इसमें भौतिक दुकान (Physical Store), शोरूम और मध्यस्थों (थोक और फुटकर व्यापारी) की आवश्यकता नहीं होती, जिससे संचालन लागत कम हो जाती है और माल सस्ता मिलता है。
4. तीव्र लेन-देन: वस्तुओं की खोज, ऑर्डर देना, और ऑनलाइन भुगतान करना बहुत ही आसान और तेज़ हो गया है, जिससे समय की भारी बचत होती है।
अथवा: आउटसोर्सिंग (BPO) की आवश्यकता क्यों होती है? इसके चार लाभ लिखिए।
मॉडल उत्तर:
आउटसोर्सिंग का अर्थ है अपने कुछ कार्य बाहरी विशेषज्ञ एजेंसियों से करवाना।
आउटसोर्सिंग की आवश्यकता और लाभ:
1. मुख्य कार्यों पर ध्यान (Focus on Core Competency): जब कंपनियाँ अपने छोटे-मोटे कार्य (जैसे डाटा एंट्री, कस्टमर केयर) बाहरी एजेंसियों को दे देती हैं, तो वे अपना पूरा ध्यान मुख्य कार्यों (उत्पादन और मार्केटिंग) पर लगा पाती हैं。
2. लागत में कमी: बाहरी एजेंसियों के पास विशेषज्ञता और बड़े पैमाने की बचत होती है, जिससे वे उसी काम को बहुत कम लागत में कर देती हैं。
3. विशेषज्ञता का लाभ: आउटसोर्सिंग एजेंसियां अपने काम में माहिर होती हैं, इसलिए काम की गुणवत्ता (Quality) बढ़ जाती है और गलतियां कम होती हैं。
4. तकनीकी विकास: कंपनियों को नई तकनीक और सॉफ़्टवेयर पर पैसा खर्च नहीं करना पड़ता, क्योंकि आउटसोर्सिंग पार्टनर अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हैं।
प्रश्न 22. कंपनी निर्माण की प्रक्रिया के प्रमुख चरणों का सविस्तार वर्णन कीजिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
एक कंपनी के निर्माण (Formation) में मुख्य रूप से चार चरण होते हैं:
1. प्रवर्तन (Promotion): यह पहला चरण है जिसमें प्रवर्तक के दिमाग में कंपनी स्थापित करने का विचार आता है। वह व्यवसाय की संभावनाओं की जांच करता है, आवश्यक संसाधन जुटाता है और कंपनी का नाम तय करता है。
2. समामेलन (Incorporation/Registration): इस चरण में प्रवर्तक कंपनी रजिस्ट्रार (ROC) के पास आवश्यक दस्तावेज़ (जैसे- पार्षद सीमा नियम, अंतर्नियम) जमा करता है और पंजीकरण शुल्क चुकाता है। सब सही होने पर रजिस्ट्रार 'समामेलन का प्रमाण-पत्र' जारी कर देता है। (निजी कंपनी यहीं से अपना काम शुरू कर सकती है)।
3. पूंजी अभिदान (Capital Subscription): सार्वजनिक कंपनी जनता से पैसा जुटाने के लिए 'प्रविवरण (Prospectus)' जारी करती है। शेयर बेचे जाते हैं और न्यूनतम अभिदान प्राप्त किया जाता है。
4. व्यापार प्रारंभ करने का प्रमाण-पत्र (Commencement of Business): जब सार्वजनिक कंपनी न्यूनतम पूंजी प्राप्त कर लेती है, तो वह रजिस्ट्रार को इसका घोषणा पत्र देती है। इसके बाद उसे 'व्यापार प्रारंभ करने का प्रमाण-पत्र' मिलता है, तभी वह अपना व्यवसाय शुरू कर सकती है।
अथवा: पार्षद सीमा नियम और पार्षद अंतर्नियम में चार अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. अर्थ और प्रकृति: पार्षद सीमा नियम कंपनी का 'चार्टर' या मुख्य प्रलेख है जो कंपनी के अधिकारों की सीमा तय करता है। अंतर्नियम कंपनी के आंतरिक प्रबंधन को चलाने के नियम होते हैं (यह सहायक प्रलेख है)।
2. संबंध: सीमा नियम कंपनी और बाहरी दुनिया (जनता, लेनदार) के बीच संबंध स्थापित करता है। अंतर्नियम कंपनी और उसके सदस्यों (अंशधारियों) के बीच संबंध तय करता है。
3. परिवर्तन: सीमा नियम में परिवर्तन करना बहुत कठिन है, इसके लिए सरकार या ट्रिब्यूनल की अनुमति लेनी पड़ती है। अंतर्नियम में परिवर्तन करना आसान है, इसे विशेष प्रस्ताव पास करके बदला जा सकता है。
4. महत्व/अनिवार्यता: प्रत्येक कंपनी के लिए सीमा नियम बनाना अनिवार्य है। अंश-पूंजी वाली सार्वजनिक कंपनी के लिए अंतर्नियम बनाना अनिवार्य नहीं है (वह Table F अपना सकती है)।
प्रश्न 23. भारत जैसे विकासशील देश में लघु व्यवसायों की भूमिका (महत्व) समझाइए। (कोई चार बिंदु) 4 अंक
मॉडल उत्तर:
भारत में लघु व्यवसायों (Small scale industries) का महत्व बहुत अधिक है:
1. रोजगार सृजन: लघु उद्योग श्रम-प्रधान (Labour Intensive) होते हैं। भारत में कृषि के बाद सबसे ज़्यादा रोजगार लघु उद्योगों द्वारा ही दिया जाता है। यह बेरोजगारी दूर करने का अचूक साधन है。
2. कम पूंजी की आवश्यकता: भारत में पूंजी की कमी है। लघु उद्योग बहुत कम पूंजी से शुरू किए जा सकते हैं, जिससे छोटे उद्यमी भी आसानी से व्यापार शुरू कर सकते हैं。
3. संतुलित क्षेत्रीय विकास: बड़े उद्योग केवल शहरों में लगते हैं, जबकि लघु और कुटीर उद्योग गाँवों और पिछड़े इलाकों में लगाए जा सकते हैं, जिससे पूरे देश का समान विकास होता है और गाँवों से शहरों की ओर पलायन रुकता है。
4. स्थानीय संसाधनों का उपयोग: लघु उद्योग स्थानीय कच्चे माल और स्थानीय कौशल का उपयोग करते हैं, जो अन्यथा बेकार पड़े रहते हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
अथवा: व्यावसायिक वित्त के किन्हीं चार स्रोतों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
मॉडल उत्तर:
व्यवसाय को चलाने के लिए धन जुटाने के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित हैं:
1. समता अंश (Equity Shares): कंपनी अपनी पूंजी को छोटे टुकड़ों (अंशों) में बांटकर जनता को बेचती है। समता अंश खरीदने वाले कंपनी के मालिक कहलाते हैं और इन्हें लाभ होने पर ही लाभांश मिलता है। यह स्थायी पूंजी का सबसे अच्छा स्रोत है。
2. ऋणपत्र (Debentures): यह जनता से लिया गया एक उधार है, जिस पर कंपनी एक निश्चित दर से ब्याज देती है, चाहे कंपनी को लाभ हो या हानि। एक निश्चित समय बाद यह पैसा वापस करना पड़ता है。
3. संचित आय (Retained Earnings): कंपनी अपने पूरे लाभ को अंशधारियों में नहीं बांटती, बल्कि उसका कुछ हिस्सा भविष्य के लिए बचाकर रख लेती है। इसे संचित आय कहते हैं। यह आंतरिक वित्त का सबसे सुरक्षित और सस्ता स्रोत है (इसमें कोई ब्याज नहीं देना पड़ता)।
4. व्यापारिक बैंक (Commercial Banks): बैंक व्यवसायों को अल्पकालीन और मध्यकालीन ऋण, ओवरड्राफ्ट और नकद साख (Cash Credit) की सुविधा प्रदान करते हैं। यह धन जुटाने का एक बहुत ही सुलभ और लोकप्रिय माध्यम है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह प्रश्नपत्र केवल विद्यार्थियों के अभ्यास और शैक्षणिक मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया एक संभावित मॉडल पेपर है। यह कोई असली या लीक हुआ पेपर नहीं है। कृपया परीक्षा के सटीक पाठ्यक्रम के लिए MP Board के निर्देशों का ही पालन करें।









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