MP Board Class 11th Biology Half Yearly Syllabus 2026-27: कक्षा 11 जीव विज्ञान अर्द्धवार्षिक परीक्षा सम्पूर्ण पाठ्यक्रम
महत्वपूर्ण सूचना: माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) एवं लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेण्डर सत्र 2026-27 के अनुसार कक्षा 11वीं जीव विज्ञान (Biology) की अर्द्धवार्षिक परीक्षा में माह नवंबर 2026 तक निर्धारित सम्पूर्ण पाठ्यक्रम (अध्याय 1 से अध्याय 15 तक), मासिक टेस्ट एवं संपूर्ण प्रायोगिक कार्यों से प्रश्न पूछे जाएंगे। MP Education Gyan Deep पर यहाँ वनस्पति विज्ञान, प्राणि विज्ञान, मासिक टेस्ट एवं प्रयोगशाला प्रयोगों का संपूर्ण व विस्तृत विवरण प्रस्तुत है।
मध्यप्रदेश बोर्ड कक्षा 11वीं जीव विज्ञान संकाय के सभी प्रिय विद्यार्थियों एवं शिक्षक साथियों का MP Education Gyan Deep पर हार्दिक स्वागत है। कक्षा 11वीं का जीव विज्ञान विषय आगामी बोर्ड परीक्षा (कक्षा 12वीं) तथा प्रतियोगी परीक्षाओं (NEET) के लिए रीढ़ की हड्डी के समान है। परीक्षा में 70 में से 70 अंक अर्जित करने के लिए सैद्धांतिक अवधारणाओं, सुस्पष्ट नामांकित चित्रों (Diagrams), वर्गीकरण एवं प्रायोगिक कौशलों का नियमित अभ्यास आवश्यक है। शैक्षणिक कैलेण्डर सत्र 2026-27 अनुसार नवंबर माह तक के सम्पूर्ण 15 अध्यायों एवं प्रयोगशाला कार्यों का क्रमबद्ध विवरण नीचे दिया जा रहा है।
पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण (Unit-wise Overview)
| क्र. | इकाई का नाम (Unit) | सम्मिलित अध्याय (माह नवंबर 2026 तक) | प्रायोगिक एवं मूल्यांकन |
|---|---|---|---|
| 1 | इकाई 1: जीव जगत में विविधता |
अध्याय-1: जीव जगत अध्याय-2: जीव जगत का वर्गीकरण अध्याय-3: वनस्पति जगत अध्याय-4: प्राणी जगत |
पादप एवं जंतु प्रतिरूपों (Specimens/Slides) की पहचान व वर्गीकरण |
| 2 | इकाई 2: पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन |
अध्याय-5: पुष्पी पादपों की आकारिकी अध्याय-6: पुष्पी पादपों का शरीर अध्याय-7: प्राणियों में संरचनात्मक संगठन |
सोलैनेसी कुल का अध्ययन (पुष्प सूत्र/चित्र), मूल/तने की T.S. स्लाइड, पुष्पक्रम |
| 3 | इकाई 3: कोशिका: संरचना एवं कार्य |
अध्याय-8: कोशिका - जीवन की इकाई अध्याय-9: जैव अणु अध्याय-10: कोशिका चक्र एवं कोशिका विभाजन |
संयुक्त सूक्ष्मदर्शी अध्ययन, जैव-अणु परीक्षण (शर्करा, स्टार्च, प्रोटीन, वसा), क्रोमैटोग्राफी, समसूत्री विभाजन |
| 4 | इकाई 4: पादप कार्यकीय (Plant Physiology) |
अध्याय-11: उच्च पादपों में प्रकाश संश्लेषण अध्याय-12: पादप में श्वसन अध्याय-13: पादप वृद्धि एवं परिवर्धन |
वाष्पोत्सर्जन दर, पादप श्वसन दर, रंध्र वितरण, परासरण (आलू ऑस्मोमीटर), प्लाज्मोलाइसिस |
| 5 | इकाई 5: मानव शारीरिकी (Human Physiology) |
अध्याय-14: श्वसन एवं गैसों का विनिमय अध्याय-15: शरीर द्रव तथा परिसंचरण |
रक्त समूह, परिसंचरण तंत्र व श्वसन मॉडल अध्ययन |
अध्यायवार विस्तृत सैद्धांतिक पाठ्यक्रम (Theory Syllabus)
1. जीव जगत में विविधता (Diversity in the Living World)
- अध्याय-1: जीव जगत: सजीव क्या है?, जैव विविधता की अवधारणा, वर्गीकरण की आवश्यकता, तीन डोमेन, वर्गिकी एवं वर्गीकरण विज्ञान, द्विपद नामकरण पद्धति (कैरोलस लिनियस)।
- अध्याय-2: जीव जगत का वर्गीकरण: पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली (आर.एच. व्हिटेकर), जगत मोनेरा, प्रोटिस्टा एवं कवक (फंजाई) के मुख्य लक्षण व वर्गीकरण, लाइकेन, वायरस, विरोइड्स एवं प्रीयॉन्स।
- अध्याय-3: वनस्पति जगत: पादपों के प्रमुख प्रभाग — शैवाल (Algae), ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी) के प्रमुख लक्षण एवं पीढ़ी एकांतरण।
- अध्याय-4: प्राणी जगत: जंतुओं के वर्गीकरण के आधार (सममिति, प्रगुहा, खंडीभवन, पृष्ठरज्जु), गैर-कॉर्डेट्स संघ (पोरीफेरा से एकाइनोडर्मेटा तक) एवं कॉर्डेट्स संघ के प्रमुख वर्ग (मत्स्य, उभयचर, सरीसृप, पक्षी एवं स्तनधारी) के विभेदक लक्षण व उदाहरण।
2. पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन
- अध्याय-5: पुष्पी पादपों की आकारिकी: जड़ (मूसला व अपस्थानिक), तना एवं पत्ती के विभिन्न रूपांतरण, शिराविन्यास (Venation), पुष्पक्रम के प्रकार (असीमाक्षी व ससीमाक्षी), पुष्प की संरचना (पुष्पदल विन्यास, जायांग, पुमंग), फल व बीज, कुल सोलैनेसी (Solanaceae) का विस्तृत विवरण (पुष्प सूत्र व पुष्प चित्र)।
- अध्याय-6: पुष्पी पादपों का शरीर: पादप ऊतक — विभज्योतक (Meristematic) एवं स्थायी ऊतक (सरल व जटिल ऊतक - जाइलम व फ्लोएम), ऊतक तंत्र, एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री जड़, तना और पत्ती की आंतरिक संरचना (Anatomy)।
- अध्याय-7: प्राणियों में संरचनात्मक संगठन: जंतु ऊतक (उपकला ऊतक, संयोजी ऊतक, पेशी ऊतक एवं तंत्रिका ऊतक) की संरचना, प्रकार एवं कार्य, मेंढक (Frog) की आकारिकी एवं विभिन्न तंत्रों की कार्यप्रणाली।
3. कोशिका: संरचना एवं कार्य
- अध्याय-8: कोशिका - जीवन की इकाई: कोशिका सिद्धांत, प्रोकैरियोटिक एवं यूकैरियोटिक कोशिका में अंतर, पादप व जंतु कोशिका, कोशिका झिल्ली (फ्लुइड मोज़ेक मॉडल), कोशिका भित्ति, कोशिकांग (अंतःप्रद्रव्यी जालिका, गॉल्जीकाय, लाइसोसोम, रसधानी, माइटोकॉन्ड्रिया, लवक/प्लास्टिड, राइबोसोम, तारककाय), केंद्रक एवं गुणसूत्र की संरचना।
- अध्याय-9: जैव अणु: प्राथमिक एवं द्वितीयक उपापचयी, वृहद् जैव-अणु — कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, प्रोटीन (अमीनो अम्ल, पेप्टाइड बंध, प्रोटीन की प्राथमिक/द्वितीयक/तृतीयक/चतुष्क संरचना), न्यूक्लिक अम्ल (DNA व RNA की संरचना), एंजाइम की प्रकृति, क्रियाविधि, संदमन एवं एंजाइम क्रिया को प्रभावित करने वाले कारक।
- अध्याय-10: कोशिका चक्र एवं कोशिका विभाजन: कोशिका चक्र की प्रावस्थाएँ (G1, S, G2, M प्रावस्था), समसूत्री विभाजन (Mitosis) की विभिन्न अवस्थाएँ एवं महत्व, अर्द्धसूत्री विभाजन (Meiosis - I एवं Meiosis - II), प्रोफेज-1 की उप-अवस्थाएँ (लेप्टोटीन, जाइगोटीन, पैकीटीन, डिप्लोटीन, डाइकाइनेसिस), क्रॉसिंग ओवर एवं इसका जैविक महत्व।
4. पादप कार्यकीय (Plant Physiology)
- अध्याय-11: उच्च पादपों में प्रकाश संश्लेषण: प्रकाश संश्लेषण स्थल (हरितलवक), प्रकाश संश्लेषक वर्णक, प्रकाशिक अभिक्रिया (PS-I व PS-II, चक्रीय व अचक्रीय फोटोफॉस्फोरिलेशन), केमियोस्मोटिक परिकल्पना, अप्रकाशिक अभिक्रिया (C3 चक्र / कैल्विन चक्र, C4 चक्र / हैच-स्लैक पथ), प्रकाश श्वसन (Photorespiration), प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक (ब्लैकमैन का सीमित कारकों का नियम)।
- अध्याय-12: पादप में श्वसन: कोशिकीय श्वसन, वायवीय व अवायवीय श्वसन, ग्लाइकोलिसिस (EMP पथ), किण्वन (Fermentation), टी.सी.ए. चक्र (क्रेब्स चक्र), इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (ETS) एवं ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलेशन, श्वसन गुणांक (RQ)।
- अध्याय-13: पादप वृद्धि एवं परिवर्धन: वृद्धि के चरण, वृद्धि दर (अंकगणितीय व ज्यामितीय), विभेदन, निर्विभेदन एवं पुनर्विभेदन, पादप वृद्धि नियामक / हॉर्मोन (ऑक्सिन, जिबरेलिन, साइटोकाइनिन, एथिलीन, एब्सिसिक अम्ल - ABA) के कार्य, दीप्तिकालिता (Photoperiodism) एवं वसंतीकरण (Vernalization)।
5. मानव शारीरिकी (Human Physiology)
- अध्याय-14: श्वसन एवं गैसों का विनिमय: मानव श्वसन तंत्र, श्वसन की क्रियाविधि (अंतःश्वसन एवं निःश्वसन), श्वसन संबंधी आयतन एवं क्षमताएँ (Tidal Volume, Vital Capacity आदि), कूपिकाओं व ऊतकों में गैसों का विनिमय (O₂ व CO₂ का परिवहन), ऑक्सीजन-हीमोग्लोबिन वियोजन वक्र, श्वसन का नियमन एवं श्वसन तंत्र के विकार (दमा, वातस्फीति/एंफाइसीमा, व्यावसायिक श्वसन रोग)।
- अध्याय-15: शरीर द्रव तथा परिसंचरण: रक्त के घटक (प्लाज्मा एवं संगठित पदार्थ - RBC, WBC, प्लेटलेट्स), रक्त समूह (ABO एवं Rh कारक), रक्त का थक्का जमना, लसीका (ऊतक द्रव), मानव परिसंचरण तंत्र — हृदय की आंतरिक संरचना, हृदय चक्र (Cardiac Cycle), हृदय ध्वनियाँ (लब-डब), ईसीजी (ECG) की मूल अवधारणा, दोहरा परिसंचरण, परिसंचरण तंत्र के विकार (उच्च रक्तचाप, कोरोनरी धमनी रोग - CAD, एंजाइना, हार्ट फेलियर)।
प्रायोगिक कार्य सूची (Comprehensive Biology Practicals - माह नवंबर तक)
- सूक्ष्मदर्शी अध्ययन: संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) के विभिन्न भागों एवं कार्यप्रणाली का अध्ययन।
- पादप प्रतिरूप/स्लाइड पहचान: जीवाणु (Bacteria), ऑसीलेटोरिया, स्पाइरोगायरा, राइजोपस, यीस्ट, मशरूम, लिवरवर्ट, मॉस, फर्न, पाइनस, एकबीजपत्री पौधा, द्विबीजपत्री पौधा तथा लाइकेन का अध्ययन एवं वर्गीकरण संबंधी कारण लिखना।
- जंतु प्रतिरूप पहचान: अमीबा, हाइड्रा, लिवरफ्लूक, एस्कैरिस, जोंक, केंचुआ, झींगा, रेशमकीट, मधुमक्खी, घोंघा, स्टारफिश, शार्क, रोहू मछली, मेढक, छिपकली, कबूतर तथा खरगोश की पहचान व विशिष्ट लक्षण लिखना।
- कुल सोलैनेसी का अध्ययन: स्थानीय रूप से उपलब्ध पौधे (जैसे- धतूरा, सोलेनम नाइग्रम/मकोय) का विच्छेदन, पुष्पक्रम, पुमंग, अण्डाशय की अनुप्रस्थ काट, पुष्पीय सूत्र (Floral Formula) एवं पुष्पीय चित्र (Floral Diagram) तैयार करना।
- जड़, तना व पत्ती का अध्ययन: मूसला व अपस्थानिक जड़ें, शाकीय व काष्ठीय तना, पत्ती व्यवस्था (पर्णविन्यास), सरल व संयुक्त पत्ती तथा शिराविन्यास का अध्ययन।
- अस्थायी स्लाइड निर्माण: द्विबीजपत्री एवं एकबीजपत्री जड़ों तथा तनों की प्राथमिक अनुप्रस्थ काट (T.S.) की स्लाइड तैयार करना एवं सूक्ष्मदर्शीय अध्ययन।
- जैव-अणु परीक्षण: उपयुक्त पादप एवं जन्तु नमूनों में शर्करा (ग्लूकोज), स्टार्च, प्रोटीन और वसा की उपस्थिति की जाँच करना।
- पेपर क्रोमैटोग्राफी: पेपर क्रोमैटोग्राफी विधि द्वारा हरी पत्तियों से पादप वर्णकों (क्लोरोफिल-a, b, कैरोटीन, जैंथोफिल) को पृथक करना।
- कोशिका विभाजन अध्ययन: स्थायी स्लाइडों की सहायता से प्याज की मूल शीर्ष कोशिकाओं एवं जंतु कोशिकाओं में समसूत्री विभाजन (Mitosis) की अवस्थाओं का अध्ययन।
- पादप कार्यकीय प्रयोग:
- पत्तियों की ऊपरी एवं निचली सतहों पर वाष्पोत्सर्जन की दर का तुलनात्मक अध्ययन (कोबाल्ट क्लोराइड पेपर विधि)।
- पत्तियों की दोनों सतहों पर रन्ध्रों (Stomata) के वितरण का अध्ययन।
- अंकुरणशील बीजों अथवा पुष्प कलिकाओं में श्वसन की दर का अध्ययन।
- आलू के परासरणमापी (Potato Osmometer) द्वारा परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया का प्रदर्शन।
- एपिडर्मिस के छिलकों में जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis) का अध्ययन (रियो/लिली/प्याज की पत्ती द्वारा)।
- प्रायोजना कार्य (Project Work): पाठ्यक्रम से संबंधित किसी एक विषय पर आधारित प्रोजेक्ट मॉडल/रिपोर्ट तैयार करना।
जीव विज्ञान अर्द्धवार्षिक परीक्षा में 70/70 अंक लाने हेतु रणनीति (MP Education Gyan Deep विशेष):
- स्वच्छ एवं नामांकित चित्र (Labeled Diagrams): माइटोकॉन्ड्रिया, हरितलवक, केंद्रक, कोशिका झिल्ली, हृदय की आंतरिक संरचना, कैल्विन चक्र, क्रेब्स चक्र एवं सोलैनेसी पुष्प चित्र का पेंसिल से रेखांकन अभ्यास करें।
- चक्रीय प्रक्रमों (Cycles) का चार्ट बनाएँ: ग्लाइकोलिसिस पथ, क्रेब्स चक्र, प्रकाश अभिक्रिया के Z-स्कीम और कोशिका चक्र की विभिन्न अवस्थाओं को क्रमबद्ध रूप से लिखकर याद करें।
- विभेदात्मक प्रश्नों (Differences) की तैयारी: प्रोकैरियोटिक बनाम यूकैरियोटिक कोशिका, C3 बनाम C4 पौधे, समसूत्री बनाम अर्द्धसूत्री विभाजन, खुली व बंद परिसंचरण प्रणाली, धमनी व शिरा के अंतरों को तालिका बनाकर तैयार करें।
- प्रायोगिक परीक्षणों की कार्यविधि: स्टार्च/प्रोटीन परीक्षण, आलू ऑस्मोमीटर और प्लाज्मोलाइसिस की क्रियाविधि पर लघु उत्तरीय प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्र. 1. एमपी बोर्ड कक्षा 11वीं जीव विज्ञान अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026-27 में कौन-से अध्याय शामिल हैं?
उत्तर: लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) शैक्षणिक कैलेण्डर 2026-27 के अनुसार नवंबर माह तक निर्धारित कुल 15 अध्याय (अध्याय 1 से 15 तक — जीव जगत से लेकर शरीर द्रव तथा परिसंचरण तक) अर्द्धवार्षिक परीक्षा में सम्मिलित हैं।
प्र. 2. क्या मानव शारीरिकी के शेष अध्याय (उत्सर्जन, गमन, तंत्रिका तंत्र) अर्द्धवार्षिक में आएंगे?
उत्तर: नहीं, अध्याय 16 (उत्सर्जी उत्पाद एवं निष्कासन), अध्याय 17 (गमन एवं संचलन), अध्याय 18 (तंत्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय) तथा अध्याय 19 (रासायनिक समन्वय) दिसंबर माह के कैलेण्डर में प्रस्तावित हैं, अतः ये अर्द्धवार्षिक परीक्षा में नहीं पूछे जाएंगे।
प्र. 3. जीव विज्ञान का प्रश्नपत्र एवं प्रायोगिक परीक्षा कितने अंकों की होती है?
उत्तर: जीव विज्ञान का सैद्धांतिक प्रश्नपत्र 70 अंकों का होता है तथा 30 अंक प्रयोगशाला प्रयोगों, प्रतिरूप पहचान (Spotting), प्रायोजना कार्य एवं मौखिक परीक्षा (Viva-Voce) के लिए निर्धारित होते हैं।
प्र. 4. क्या सोलैनेसी कुल का पुष्प सूत्र और पुष्प चित्र परीक्षा के लिए अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ, पुष्पी पादपों की आकारिकी (अध्याय 5) तथा प्रायोगिक पाठ्यक्रम दोनों के अंतर्गत सोलैनेसी कुल का पुष्पीय सूत्र, पुष्पीय आरेख और आर्थिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह पाठ्यक्रम लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्यप्रदेश द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेण्डर सत्र 2026-27 के आधार पर विद्यार्थियों एवं शिक्षक साथियों के शैक्षणिक मार्गदर्शन हेतु संकलित किया गया है। आधिकारिक सूचनाओं, परीक्षा समय-सारणी एवं अंक विभाजन में किसी भी आधिकारिक संशोधन हेतु विभागीय पोर्टल एवं संस्था प्रमुख के दिशा-निर्देशों का अवलोकन अवश्य करें।









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