MP Board Class 11th History Half Yearly Syllabus 2026-27: कक्षा 11 इतिहास अर्द्धवार्षिक परीक्षा सम्पूर्ण पाठ्यक्रम
महत्वपूर्ण सूचना: माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) एवं लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेण्डर सत्र 2026-27 के अनुसार कक्षा 11वीं इतिहास विषय की अर्द्धवार्षिक परीक्षा में माह नवंबर 2026 तक निर्धारित सम्पूर्ण पाठ्यक्रम (विषय 1 से विषय 6 तक), मानचित्र अभ्यास एवं प्रायोजना कार्य से प्रश्न पूछे जाएंगे। MP Education Gyan Deep पर यहाँ विश्व इतिहास के चारों अनुभागों, कालक्रमों, विषय बिंदुओं एवं मानचित्र स्थलों का संपूर्ण व विस्तृत विवरण प्रस्तुत है।
मध्यप्रदेश बोर्ड कक्षा 11वीं कला संकाय (Humanities/Arts) के सभी प्रिय विद्यार्थियों एवं शिक्षक साथियों का MP Education Gyan Deep पर हार्दिक स्वागत है। कक्षा 11वीं का इतिहास विषय 'विश्व इतिहास के कुछ विषय' (Themes in World History) मानव सभ्यता के क्रमिक विकास, प्राचीन साम्राज्यों के उत्थान-पतन तथा आधुनिक विश्व की निर्माण प्रक्रियाओं को समझने का आधार है। परीक्षा में 80 में से 80 अंक प्राप्त करने के लिए कालक्रम (Timeline), ऐतिहासिक स्रोत-अनुच्छेद (Source Passages), दीर्घ उत्तरीय तार्किक प्रश्न एवं मानचित्र कौशल का व्यवस्थित अभ्यास अनिवार्य है। शैक्षणिक कैलेण्डर 2026-27 अनुसार नवंबर माह तक के सम्पूर्ण पाठ्यक्रम का विवरण नीचे दिया गया है।
पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण (Section-wise Overview)
| अनुभाग (Section) | कालक्रम (Timeline) | सम्मिलित विषय/अध्याय (माह नवंबर 2026 तक) | मानचित्र एवं प्रोजेक्ट कार्य |
|---|---|---|---|
| अनुभाग एक: प्रारंभिक समाज |
कालक्रम एक (6 लाख वर्ष पूर्व से 1 ई.पू. तक) |
विषय 1: लेखन कला और शहरी जीवन (मेसोपोटामिया की सभ्यता - पृष्ठ 1 से 28 तक सम्पूर्ण) |
मेसोपोटामियाई नगर (उर, उरुक, मारी, बेबीलोन) मानचित्र अभ्यास |
| अनुभाग दो: साम्राज्य |
कालक्रम दो (लगभग 100 ई.पू. से 1300 ईसवी) |
विषय 2: तीन महाद्वीपों में फैला हुआ साम्राज्य (रोमन साम्राज्य) विषय 3: यायावर साम्राज्य (मंगोल साम्राज्य - चंगेज खान) |
रोमन साम्राज्य एवं मंगोल साम्राज्य मानचित्र कार्य व प्रोजेक्ट कार्य |
| अनुभाग तीन: बदलती परंपराएँ |
कालक्रम तीन (लगभग 1300 से 1700 ईसवी) |
विषय 4: तीन वर्ग (सामंतवाद, पादरी, अभिजात व कृषक) विषय 5: बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ (पुनर्जागरण) |
मध्यकालीन यूरोप, इटली के नगर मानचित्र कार्य व प्रोजेक्ट कार्य |
| अनुभाग चार: आधुनिकीकरण की ओर |
कालक्रम चार (लगभग 1700 से 2000 ईसवी) |
विषय 6: मूल निवासियों का विस्थापन (उत्तरी अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया के संदर्भ में) |
उत्तरी अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया के मूल क्षेत्र मानचित्र कार्य व प्रोजेक्ट कार्य |
अनुभागवार विस्तृत पाठ्यक्रम एवं महत्वपूर्ण संकल्पनाएँ
अनुभाग एक : प्रारंभिक समाज (कालक्रम एक: 6 लाख वर्ष पूर्व से 1 ई.पू. तक)
- विषय-1: लेखन कला और शहरी जीवन (मेसोपोटामिया की सभ्यता - पृष्ठ क्र. 1 से 28 तक):
- भौगोलिक पृष्ठभूमि: दजला और फरात नदियों के बीच स्थित मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक) का भूगोल, कृषि, पशुपालन एवं शहरीकरण का महत्व।
- शहरी जीवन एवं मंदिर व्यवस्था: मेसोपोटामियाई समाज, परिवार, विवाह प्रथा, उर नगर की संकरी व टेढ़ी-मेढ़ी गलियाँ, जल निकासी व्यवस्था, प्रारंभिक मंदिर (जिगुरात) एवं उनका आर्थिक केंद्र के रूप में विकास।
- व्यापार एवं कांस्य युगीन सभ्यता: मारी (व्यापारिक नगर) की समृद्धि, पशुचारक व कृषकों के मध्य संबंध, जिमरिलिम का राजमहल।
- लेखन कला का विकास: मिट्टी की पट्टिकाएँ (Clay Tablets), कीलाकार लिपि (Cuneiform Script) का उद्भव एवं विकास, साक्षरता, लेखन का उपयोग (हिसाब-किताब, भूमि हस्तांतरण, राजा की विजय गाथाएँ), गिलगमेश महाकाव्य एवं असुरबनिपाल का पुस्तकालय।
अनुभाग दो : साम्राज्य (कालक्रम दो: लगभग 100 ई.पू. से 1300 ईसवी)
- विषय-2: तीन महाद्वीपों में फैला हुआ साम्राज्य (रोमन साम्राज्य):
- साम्राज्य का विस्तार: यूरोप, पश्चिमी एशिया एवं उत्तरी अफ्रीका में भूमध्य सागर के चारों ओर फैला साम्राज्य, रोमन साम्राज्य के दो चरण — प्रारंभिक एवं परवर्ती पुराकाल।
- प्रशासनिक व्यवस्था: सम्राट, सीनेट एवं सेना (तीन प्रमुख राजनीतिक खिलाड़ी), ऑगस्टस का 'प्रिंसिपेट' और शांति काल (पैक्स रोमाना), तीसरी शताब्दी का संकट।
- सामाजिक एवं आर्थिक जीवन: लैंगिक भूमिकाएँ, विवाह एवं संपत्ति अधिकार (महिलाओं की कानूनी स्थिति), दास प्रथा एवं दासों का आर्थिक उपयोग, एम्फोरा (जैतून का तेल व शराब के मटके), कॉन्स्टेंटाइन का ईसाई धर्म को राजधर्म बनाना एवं कुस्तुनतुनिया (कॉन्स्टेंटिनोपल) की स्थापना।
- विषय-3: यायावर साम्राज्य (Nomadic Empires - मंगोल साम्राज्य):
- चंगेज खान का उदय: मंगोलों की सामाजिक व राजनीतिक पृष्ठभूमि, स्टेपी घास के मैदान, चंगेज खान का प्रारंभिक जीवन (तेमुजिन), सैन्य संगठन एवं दशमलव प्रणाली।
- प्रशासनिक तकनीक: हरकारा पद्धति (यम / Yam - संदेश वाहक डाक प्रणाली), उलूक व उलुस व्यवस्था, चंगेज खान की विधि संहिता (यासा / Yasa)।
- वैश्विक प्रभाव: रेशम मार्ग (Silk Route) पर शांति (पैक्स मंगोलिका), व्यापारिक वाणिज्य का विस्तार, विभिन्न धर्मों एवं संस्कृतियों के प्रति सहिष्णुता, मंगोल साम्राज्य का विघटन।
अनुभाग तीन : बदलती परंपराएँ (कालक्रम तीन: लगभग 1300 से 1700 ईसवी)
- विषय-4: तीन वर्ग (Three Orders - मध्यकालीन पश्चिमी यूरोप):
- सामंतवाद की संरचना: सामंतवाद (Feudalism) का अर्थ, लॉर्ड और जागीरदार (Vassalage) के संबंध, मेनर की जागीर।
- तीनों वर्ग: प्रथम वर्ग (पादरी एवं कैथोलिक चर्च, टाइथ कर), द्वितीय वर्ग (अभिजात वर्ग, नाइट वर्ग की भूमिका), तृतीय वर्ग (किसान - स्वतंत्र किसान एवं कृषि दास / सर्फ)।
- परिवर्तन के कारक: पर्यावरण परिवर्तन, भूमि उपयोग में बदलाव (दो-क्षेत्र व्यवस्था से तीन-क्षेत्र व्यवस्था), नई कृषि तकनीकें, नगरों का पुनरुत्थान, गिल्ड व्यवस्था, चौदहवीं शताब्दी का संकट (प्लेग/ब्लैक डेथ) एवं नए निरंकुश शासकों का उदय।
- विषय-5: बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ (पुनर्जागरण काल):
- इतालवी नगरों का पुनरुत्थान: फ्लोरेंस, वेनिस व रोम, मानवतावाद (Humanism) की संकल्पना, पेट्रार्क और विश्वविद्यालयीय शिक्षा।
- कला, साहित्य एवं विज्ञान: पुनर्जागरण युगीन कला (लियोनार्डो दा विंची, माइकल एंजेलो), शरीर-रचना विज्ञान का अध्ययन, यथार्थवाद, प्रिंटिंग प्रेस (गुटेनबर्ग) का आविष्कार एवं ज्ञान का प्रसार।
- वैज्ञानिक क्रांति एवं धर्म सुधार: कॉपरनिकस का सूर्य-केंद्रीय सिद्धांत, गैलीलियो व केप्लर की खोजें, महिलाओं की आकांक्षाएं, मार्टिन लूथर और प्रोटेस्टेंट धर्म सुधार आंदोलन, कैथोलिक प्रति-धर्म सुधार।
अनुभाग चार : आधुनिकीकरण की ओर (कालक्रम चार: लगभग 1700 से 2000 ईसवी)
- विषय-6: मूल निवासियों का विस्थापन (Displacing Indigenous Peoples):
- यूरोपीय साम्राज्यवाद: अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में यूरोपीय बस्तियों का विस्तार, 'सेटलर्स' (उपनिवेशी आवासी) की अवधारणा।
- उत्तरी अमेरिका के मूल निवासी: मूल निवासियों की जीवनशैली, प्रकृति के प्रति दृष्टिकोण, उपहारों का आदान-प्रदान, यूरोपियनों द्वारा भूमि हड़पना, 'अश्रुओं की राह' (Trail of Tears) एवं मूल निवासियों का विस्थापन व रिज़र्वेशन।
- गोल्ड रश (Gold Rush): 1840 के दशक में कैलिफोर्निया गोल्ड रश, रेलवे का जाल, औद्योगिक विकास एवं 'फ्रंटियर' का अंत।
- ऑस्ट्रेलिया के संदर्भ में: कैप्टन कुक का आगमन, 'टेरा नूलियस' (किसी की भूमि नहीं) की कानूनी अवधारणा, मूल निवासियों (Aborigines) के अधिकार, खोई हुई पीढ़ियाँ (Stolen Generations) एवं राष्ट्रीय क्षमा दिवस।
मानचित्र अभ्यास (Historical Map Work - अर्द्धवार्षिक परीक्षा हेतु)
अर्द्धवार्षिक परीक्षा में विश्व के रूपरेखा मानचित्र (Outline World Map) पर निम्नलिखित ऐतिहासिक स्थलों को दर्शाने एवं पहचानने संबंधी 5 अंक के प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाएंगे:
- मेसोपोटामियाई सभ्यता: दजला नदी, फरात नदी, फारस की खाड़ी, उर, उरुक, मारी, बेबीलोन, असीरिया।
- रोमन साम्राज्य: रोम, कार्थेज, कुस्तुनतुनिया (इस्तांबुल), सिकंदरिया (अलेक्जेंड्रिया), एंटिओक, भूमध्य सागर, राइन और डेन्यूब नदियाँ।
- मंगोल साम्राज्य: काराकोरम, बुखारा, समरकंद, निशापुर, कैस्पियन सागर, बेकाल झील।
- मध्यकालीन यूरोप एवं पुनर्जागरण: लंदन, पेरिस, रोम, फ्लोरेंस, वेनिस, जेनेवा, जर्मनी (विटनबर्ग)।
- मूल निवासियों का विस्थापन: उत्तरी अमेरिका (कैलिफोर्निया, जॉर्जिया, मिसिसिपी नदी, रॉकी पर्वतमाला), ऑस्ट्रेलिया (सिडनी, पर्थ, मेलबर्न, डार्विन)।
प्रायोजना कार्य एवं आंतरिक मूल्यांकन (Project Work - 20 अंक)
शैक्षणिक कैलेण्डर के अनुसार प्रत्येक विषय के साथ प्रोजेक्ट कार्य निर्धारित है। आंतरिक मूल्यांकन (20 अंक) हेतु विद्यार्थी निम्नलिखित सुझाए गए विषयों में से किसी एक पर अपनी सचित्र प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें:
- मेसोपोटामिया की कीलाकार लिपि, मिट्टी की पट्टिकाओं एवं नगर नियोजन का विश्लेषणात्मक अध्ययन।
- रोमन साम्राज्य में दास प्रथा की स्थिति एवं आधुनिक मानवाधिकारों से तुलनात्मक विश्लेषण।
- चंगेज खान का सैन्य संगठन, हरकारा डाक पद्धति (Yam) एवं वैश्विक व्यापार पर प्रभाव।
- मध्यकालीन यूरोपीय सामंतवाद के पतन के कारण एवं तीन वर्गों की सामाजिक स्थिति।
- पुनर्जागरण काल में कला एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का उदय (लियोनार्डो दा विंची व कॉपरनिकस का योगदान)।
- उत्तरी अमेरिका अथवा ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के विस्थापन की त्रासदी एवं उनके संघर्ष।
कक्षा 11 इतिहास परीक्षा में 80/80 अंक लाने हेतु रणनीति (MP Education Gyan Deep विशेष):
- स्रोत-आधारित अनुच्छेदों (Source-based Questions) का अभ्यास: NCERT पाठ्यपुस्तक में दिए गए नीले/पीले बॉक्सों (जैसे- जिमरिलिम का राजमहल, ब्लैक डेथ का वर्णन, चंगेज खान के आदेश, मूल निवासियों के भाषण) को ध्यानपूर्वक पढ़ें, क्योंकि 3-3 अंक के प्रश्न सीधे इन्हीं स्रोतों से पूछे जाते हैं।
- कालक्रम (Timeline) और प्रमुख तिथियाँ: ऑगस्टस का शासनकाल, 1347-1350 की ब्लैक डेथ, गुटेनबर्ग प्रेस का वर्ष (1450 के दशक), 1840 का गोल्ड रश जैसी प्रमुख तिथियों का चार्ट बनाकर दोहराएँ।
- दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में पैराग्राफ के बजाय बिंदुवार उत्तर लिखें: 'रोमन साम्राज्य में तीसरी शताब्दी का संकट', 'सामंतवाद के पतन के कारण', 'मंगोलों का सैनिक संगठन' जैसे प्रश्नों में स्पष्ट उप-शीर्षकों (Sub-headings) का प्रयोग करें।
- विश्व मानचित्र का नियमित अभ्यास: परीक्षा में 5 अंक मानचित्र के लिए निर्धारित होते हैं। भूमध्य सागर, मेसोपोटामिया के चार प्रमुख नगर और इटली के पुनर्जागरण नगरों को विश्व के रिक्त मानचित्र में अवश्य अभ्यास करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्र. 1. एमपी बोर्ड कक्षा 11वीं इतिहास अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026-27 में कौन-कौन से अध्याय शामिल हैं?
उत्तर: लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) शैक्षणिक कैलेण्डर 2026-27 के अनुसार नवंबर माह तक कुल 6 विषय (विषय 1: लेखन कला और शहरी जीवन, विषय 2: तीन महाद्वीपों में फैला साम्राज्य, विषय 3: यायावर साम्राज्य, विषय 4: तीन वर्ग, विषय 5: बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ, तथा विषय 6: मूल निवासियों का विस्थापन) अर्द्धवार्षिक परीक्षा में सम्मिलित हैं।
प्र. 2. क्या विषय 7 'आधुनिकीकरण के रास्ते' अर्द्धवार्षिक परीक्षा में आएगा?
उत्तर: नहीं, विषय 7 (आधुनिकीकरण के रास्ते - जापान और चीन) दिसंबर माह के पाठ्यक्रम में प्रस्तावित है, अतः अर्द्धवार्षिक परीक्षा में केवल विषय 1 से 6 तक का पाठ्यक्रम ही पूछा जाएगा।
प्र. 3. क्या इतिहास के प्रश्नपत्र में मानचित्र कार्य अनिवार्य होता है?
उत्तर: जी हाँ, बोर्ड ब्लूप्रिंट के अनुसार 5 अंकों का विश्व मानचित्र कार्य अनिवार्य होता है, जिसमें मेसोपोटामिया, रोमन साम्राज्य, मंगोल साम्राज्य और यूरोप के ऐतिहासिक स्थल पूछे जाते हैं।
प्र. 4. क्या विषय 1 'लेखन कला और शहरी जीवन' पूरा पाठ अर्द्धवार्षिक में आएगा?
उत्तर: हाँ, कैलेण्डर में पृष्ठ क्र. 1 से 15 एवं पृष्ठ क्र. 16 से 28 को अलग-अलग महीनों में दिया गया था, लेकिन नवंबर तक यह पूरा अध्याय पूर्ण हो जाता है, अतः संपूर्ण पाठ से प्रश्न आएंगे।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह पाठ्यक्रम लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्यप्रदेश द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेण्डर सत्र 2026-27 के आधार पर विद्यार्थियों एवं शिक्षक साथियों के शैक्षणिक मार्गदर्शन हेतु संकलित किया गया है। आधिकारिक सूचनाओं, परीक्षा समय-सारणी एवं अंक विभाजन में किसी भी आधिकारिक संशोधन हेतु विभागीय पोर्टल एवं संस्था प्रमुख के दिशा-निर्देशों का अवलोकन अवश्य करें।









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