MP Board Class 11th Political Science Half Yearly Syllabus 2026-27: कक्षा 11 राजनीति विज्ञान अर्द्धवार्षिक परीक्षा सम्पूर्ण पाठ्यक्रम
महत्वपूर्ण सूचना: माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) एवं लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेण्डर सत्र 2026-27 के अनुसार कक्षा 11वीं राजनीति विज्ञान (Political Science) की अर्द्धवार्षिक परीक्षा में माह नवंबर 2026 तक निर्धारित सम्पूर्ण पाठ्यक्रम से प्रश्न पूछे जाएंगे। MP Education Gyan Deep पर यहाँ दोनों पाठ्यपुस्तकों — भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (अध्याय 1 से 8 तक) तथा राजनीतिक सिद्धांत (अध्याय 1 से 7 तक) का संपूर्ण अध्यायवार, विषयवार एवं प्रायोजना कार्य का विवरण प्रस्तुत है।
मध्यप्रदेश बोर्ड कक्षा 11वीं कला संकाय (Humanities/Arts) के सभी प्रिय विद्यार्थियों एवं शिक्षक साथियों का MP Education Gyan Deep पर हार्दिक स्वागत है। कक्षा 11वीं का राजनीति विज्ञान विषय भारतीय संवैधानिक व्यवस्था के व्यावहारिक स्वरूप तथा राजनीतिक सिद्धांतों की आधारभूत अवधारणाओं को गहराई से समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षा में 80 में से 80 अंक प्राप्त करने के लिए दोनों पाठ्यपुस्तकों के अनुच्छेदों, संवैधानिक प्रावधानों, दार्शनिक विचारों, कार्टून-आधारित प्रश्नों एवं समसामयिक उदाहरणों का व्यवस्थित अभ्यास आवश्यक है। शैक्षणिक कैलेण्डर 2026-27 अनुसार नवंबर माह तक के सम्पूर्ण पाठ्यक्रम का विवरण नीचे प्रस्तुत है।
पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण (Book-wise Overview)
| क्र. | पाठ्यपुस्तक (Book) | सम्मिलित अध्याय (माह नवंबर 2026 तक) | प्रमुख विषय क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| 1 | भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार (भाग-1 : भारतीय संवैधानिक व्यवस्था) |
अध्याय 1: संविधान: क्यों और कैसे? अध्याय 2: भारतीय संविधान में अधिकार अध्याय 3: चुनाव और प्रतिनिधित्व अध्याय 4: कार्यपालिका अध्याय 5: विधायिका अध्याय 6: न्यायपालिका अध्याय 7: संघवाद अध्याय 8: स्थानीय शासन |
संविधान निर्माण, मौलिक अधिकार व नीति निदेशक तत्व, चुनाव प्रणालियाँ, राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री, संसद, सर्वोच्च न्यायालय, केंद्र-राज्य संबंध, 73वाँ व 74वाँ संविधान संशोधन |
| 2 | राजनीतिक सिद्धांत (भाग-2 : राजनीतिक अवधारणाएँ) |
अध्याय 1: राजनीतिक सिद्धांत: एक परिचय अध्याय 2: स्वतंत्रता अध्याय 3: समानता अध्याय 4: सामाजिक न्याय अध्याय 5: अधिकार अध्याय 6: नागरिकता अध्याय 7: राष्ट्रवाद |
राजनीति का अर्थ, नकारात्मक व सकारात्मक स्वतंत्रता, समानता के आयाम, रॉल्स का न्याय सिद्धांत, अधिकारों के प्रकार, नागरिकता के सिद्धांत, राष्ट्र व राष्ट्रवाद |
| 3 | आंतरिक मूल्यांकन | मासिक टेस्ट एवं प्रायोजना कार्य (Project Work - 20 अंक) | संवैधानिक व राजनीतिक मुद्दों पर प्रोजेक्ट फाइल व मौखिक परीक्षा |
1. पाठ्यपुस्तक: भारत का संविधान - सिद्धांत और व्यवहार (विस्तृत विवरण)
- अध्याय 1: संविधान क्यों और कैसे?: संविधान की आवश्यकता एवं कार्य, संविधान निर्माण की प्रक्रिया (संविधान सभा का गठन, कार्यप्रणाली एवं स्रोत), संविधान को प्रामाणिक बनाने वाले कारक, उद्देश्य प्रस्ताव एवं इसके मुख्य आदर्श।
- अध्याय 2: भारतीय संविधान में अधिकार: अधिकारों का महत्व (बिल ऑफ राइट्स), संविधान में उल्लिखित 6 मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12 से 35 तक), संवैधानिक उपचारों का अधिकार (रिट याचिकाएँ - बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा), राज्य के नीति-निदेशक तत्व (DPSP) एवं मौलिक अधिकारों के साथ संबंध, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)।
- अध्याय 3: चुनाव और प्रतिनिधित्व: लोकतंत्र और चुनाव, चुनाव प्रणालियाँ — 'जो सबसे आगे वही जीते' (FPTP प्रणाली) बनाम 'समानुपातिक प्रतिनिधित्व' (PR प्रणाली), भारत में FPTP प्रणाली क्यों चुनी गई?, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की आवश्यकता, भारत का चुनाव आयोग (संरचना, कार्य एवं शक्तियां) तथा चुनावी सुधार।
- अध्याय 4: कार्यपालिका: कार्यपालिका क्या है?, कार्यपालिका के प्रकार (संसदीय, अर्ध-अध्यक्षात्मक, अध्यक्षात्मक प्रणाली), भारत में संसदीय कार्यपालिका (राष्ट्रपति की शक्तियाँ, स्थिति एवं विशेषाधिकार), प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद का गठन व शक्तियाँ, स्थायी कार्यपालिका (नौकरशाही/सिविल सेवा)।
- अध्याय 5: विधायिका: संसद की आवश्यकता, द्विसदनीय विधायिका (लोकसभा एवं राज्यसभा की संरचना, विशेष शक्तियाँ एवं तुलना), संसद के प्रमुख कार्य, कानून निर्माण की प्रक्रिया (विधेयक के विभिन्न चरण), संसद कार्यपालिका पर किस प्रकार नियंत्रण रखती है?, संसदीय समितियाँ एवं दलबदल विरोधी कानून (52वाँ संशोधन)।
- अध्याय 6: न्यायपालिका: स्वतंत्र न्यायपालिका की आवश्यकता, न्यायाधीशों की नियुक्ति एवं निष्कासन प्रक्रिया (महाभियोग), भारत की न्यायपालिका की एकीकृत संरचना, सर्वोच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार (प्रारंभिक, अपीलीय, परामर्शदात्री व रिट क्षेत्राधिकार), न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review), न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) एवं जनहित याचिका (PIL)।
- अध्याय 7: संघवाद: संघवाद की अवधारणा एवं मुख्य लक्षण, भारतीय संविधान की संघीय व्यवस्था (एकात्मक झुकाव के साथ संघीय), शक्तियों का विभाजन (संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची एवं अवशिष्ट शक्तियाँ), केंद्र-राज्य संबंध (राज्यपाल की भूमिका, राष्ट्रपति शासन - अनुच्छेद 356), अंतर्राज्यीय विवाद (नदी जल व सीमा विवाद) तथा विशेष प्रावधान (अनुच्छेद 371)।
- अध्याय 8: स्थानीय शासन: स्थानीय शासन का अर्थ एवं आवश्यकता, भारत में स्थानीय शासन का विकास (बलवंत राय मेहता समिति), 73वाँ संविधान संशोधन (पंचायती राज - त्रिस्तरीय ढांचा, आरक्षण, 29 विषय, राज्य वित्त आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयोग), 74वाँ संविधान संशोधन (नगरीय निकाय) तथा स्थानीय शासन के समक्ष चुनौतियाँ।
2. पाठ्यपुस्तक: राजनीतिक सिद्धांत (विस्तृत विवरण)
- अध्याय 1: राजनीतिक सिद्धांत: एक परिचय: राजनीति क्या है?, राजनीतिक सिद्धांत में हम क्या पढ़ते हैं?, राजनीतिक सिद्धांत की प्रासंगिकता एवं उपयोगिता, विभिन्न विचारकों (सुकरात, प्लेटो, अरस्तू, रूसो, मार्क्स, गांधी, आम्बेडकर) के मौलिक विचार।
- अध्याय 2: स्वतंत्रता: स्वतंत्रता की संकल्पना, स्वतंत्रता के दो आयाम — नकारात्मक स्वतंत्रता (प्रतिबंधों का अभाव) एवं सकारात्मक स्वतंत्रता (आत्म-विकास के अवसरों की उपलब्धता), जॉन स्टुअर्ट मिल का 'हानि का सिद्धांत' (Harm Principle), अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं उचित प्रतिबंध।
- अध्याय 3: समानता: समानता क्यों महत्वपूर्ण है?, समानता के विभिन्न आयाम (राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक समानता), समानता और स्वतंत्रता का अंतर्संबंध, समानता को कैसे बढ़ावा दिया जाए? (सकारात्मक विभेद / आरक्षण नीति एवं औचित्यपूर्ण अवसर)।
- अध्याय 4: सामाजिक न्याय: न्याय क्या है?, न्याय के तीन बुनियादी सिद्धांत (समानों के साथ समान व्यवहार, आनुपातिक न्याय एवं विशेष आवश्यकताओं का ध्यान), जॉन रॉल्स का 'न्याय का सिद्धांत' (अज्ञानता का आवरण - Veil of Ignorance), भारत में सामाजिक न्याय की स्थापना के संवैधानिक उपाय।
- अध्याय 5: अधिकार: अधिकार क्या हैं?, अधिकारों की उत्पत्ति एवं दावे, अधिकारों के प्रकार (प्राकृतिक, नैतिक, नागरिक, राजनीतिक एवं आर्थिक अधिकार), अधिकार और राज्य की सीमाएं, अधिकारों के साथ उत्तरदायित्व एवं कर्तव्य।
- अध्याय 6: नागरिकता: नागरिकता का अर्थ एवं पहचान, पूर्ण एवं समान सदस्यता, नागरिक और राष्ट्र, वैश्विक नागरिकता (Global Citizenship) की अवधारणा, शरणार्थी संकट एवं प्रवासन से जुड़ी समस्याएं।
- अध्याय 7: राष्ट्रवाद: राष्ट्र और राष्ट्रवाद की अवधारणा, राष्ट्र निर्माण के तत्व (साझी मान्यताएं, इतिहास, भू-क्षेत्र, साझी राजनीतिक पहचान व संस्कृति), राष्ट्रीय आत्मनिर्णय का अधिकार, राष्ट्रवाद और बहुलवाद (उदारवादी राष्ट्रवाद बनाम संकीर्ण राष्ट्रवाद)।
आंतरिक मूल्यांकन एवं प्रायोजना कार्य (Project Work - 20 अंक)
शैक्षणिक कैलेण्डर 2026-27 अनुसार नवंबर माह तक मासिक टेस्टों के प्राप्तांक एवं विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए प्रोजेक्ट कार्य की प्रस्तुति शामिल है। विद्यार्थी निम्नलिखित सुझाए गए विषयों में से किसी एक पर अपनी प्रोजेक्ट फाइल तैयार करें:
- भारतीय संविधान निर्माण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं प्रारूप समिति (डॉ. भीमराव अम्बेडकर) का योगदान।
- मौलिक अधिकारों एवं राज्य के नीति-निदेशक तत्वों का तुलनात्मक एवं व्यावहारिक अध्ययन।
- भारत में चुनाव सुधारों की आवश्यकता एवं चुनाव आयोग की भूमिका।
- पंचायती राज व्यवस्था (73वाँ संविधान संशोधन): ग्रामीण विकास में ग्राम पंचायतों की भूमिका का स्थानीय सर्वेक्षण।
- जॉन रॉल्स के न्याय सिद्धांत (अज्ञानता का आवरण) का वर्तमान भारतीय समाज के संदर्भ में मूल्यांकन।
- वैश्विक नागरिकता एवं शरणार्थी संकट: मानवाधिकारों के दृष्टिकोण से एक अध्ययन।
कक्षा 11 राजनीति विज्ञान परीक्षा में 80/80 अंक लाने हेतु रणनीति (MP Education Gyan Deep विशेष):
- संवैधानिक अनुच्छेदों का सटीक उल्लेख: मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 14 से 32), रिट याचिकाएँ, राष्ट्रपति शासन (356), वित्तीय आपातकाल (360) तथा 73वें व 74वें संशोधन का उल्लेख उत्तरों में अवश्य करें।
- कार्टून-आधारित प्रश्नों का अभ्यास: NCERT की दोनों पुस्तकों में दिए गए राजनीतिक कार्टूनों (कार्यपालिका, संसद, गठबंधन सरकार, न्यायपालिका व नागरिकता) के संदेश को समझकर उत्तर देने का अभ्यास करें।
- राजनीतिक सिद्धांतों के दार्शनिक आधार: जे.एस. मिल के हानि सिद्धांत, जॉन रॉल्स के न्याय सिद्धांत और नकारात्मक व सकारात्मक स्वतंत्रता के अंतरों को स्पष्ट रेखांकित करें।
- दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में उप-शीर्षकों (Sub-headings) का प्रयोग: जैसे 'संसदीय कार्यपालिका के गुण', 'न्यायिक सक्रियता के सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव' या 'संघवाद की प्रमुख समस्याएं' जैसे प्रश्नों को बिंदुवार शीर्षकों में लिखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्र. 1. एमपी बोर्ड कक्षा 11वीं राजनीति विज्ञान अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026-27 में कौन-कौन से अध्याय शामिल हैं?
उत्तर: लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) शैक्षणिक कैलेण्डर 2026-27 के अनुसार नवंबर माह तक 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार' के अध्याय 1 से 8 तक तथा 'राजनीतिक सिद्धांत' के अध्याय 1 से 7 तक अर्द्धवार्षिक परीक्षा में सम्मिलित हैं।
प्र. 2. क्या 'संविधान एक जीवंत दस्तावेज' और 'धर्मनिरपेक्षता' अर्द्धवार्षिक परीक्षा में आएंगे?
उत्तर: नहीं, 'भारत का संविधान' पुस्तक के अध्याय 9 व 10 तथा 'राजनीतिक सिद्धांत' के अध्याय 8 (धर्मनिरपेक्षता) दिसंबर माह के पाठ्यक्रम में प्रस्तावित होते हैं, अतः अर्द्धवार्षिक परीक्षा में केवल नवंबर माह तक का निर्धारित पाठ्यक्रम ही पूछा जाएगा।
प्र. 3. क्या विधायिका और न्यायपालिका दोनों अध्याय अर्द्धवार्षिक परीक्षा में आएंगे?
उत्तर: जी हाँ, शैक्षणिक कैलेण्डर के अनुसार अध्याय 5 (विधायिका) एवं अध्याय 6 (न्यायपालिका) दोनों नवंबर माह तक पूर्ण हो जाते हैं और अर्द्धवार्षिक परीक्षा पाठ्यक्रम में पूरी तरह शामिल हैं।
प्र. 4. क्या कार्टून और गद्यांश आधारित प्रश्न भी पूछे जाते हैं?
उत्तर: हाँ, एमपी बोर्ड के ब्लूप्रिंट के अनुसार 4 अंक के कार्टून आधारित प्रश्न एवं अपठित संवैधानिक गद्यांश से संबंधित विश्लेषणात्मक प्रश्न अर्द्धवार्षिक परीक्षा में पूछे जाते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह पाठ्यक्रम लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्यप्रदेश द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेण्डर सत्र 2026-27 के आधार पर विद्यार्थियों एवं शिक्षक साथियों के शैक्षणिक मार्गदर्शन हेतु संकलित किया गया है। आधिकारिक सूचनाओं, परीक्षा समय-सारणी एवं अंक विभाजन में किसी भी आधिकारिक संशोधन हेतु विभागीय पोर्टल एवं संस्था प्रमुख के दिशा-निर्देशों का अवलोकन अवश्य करें।







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