MP EDUCATION GYAN DEEP
कक्षा 11वीं — हिन्दी (Hindi)
अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026–27 | आदर्श-प्रश्नपत्र एवं मॉडल उत्तर
समय: 3 घंटे
पूर्णांक: 80
प्रश्न: 23 मुख्य प्रश्न
संक्षिप्त विवरण: यह MP Board के नवीनतम ब्लूप्रिंट (80 अंक) और निर्धारित अर्द्धवार्षिक पाठ्यक्रम (आरोह, वितान, अभिव्यक्ति एवं माध्यम तथा व्याकरण) पर आधारित कक्षा 11 हिन्दी का अभ्यास मॉडल पेपर है।
विद्यार्थियों के लिए निर्देश: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। (नोट: निर्देशानुसार खण्ड 'B' के 2 अंक वाले अति लघु-उत्तरीय प्रश्नों में 'अथवा' का विकल्प नहीं दिया गया है)। पहले स्वयं प्रश्न हल करें, फिर “उत्तर देखें” बटन दबाकर अपने उत्तर का मिलान करें।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (प्रश्न 1 से 5)
कुल 32 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक 1 अंक। (कुल 32 अंक)।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) 'हम तौ एक-एक करि जांनां' पद में कबीर ने ईश्वर को क्या माना है?
मॉडल उत्तर:
(ख) एक (अद्वैत)
(2) 'नमक का दारोगा' कहानी में 'पंडित अलोपीदीन' किस बात पर अखंड विश्वास रखते थे?
मॉडल उत्तर:
(ग) लक्ष्मी (धन) पर
(3) 'मियाँ नसीरुद्दीन' कितने प्रकार की रोटियाँ बनाने के लिए मशहूर थे?
मॉडल उत्तर:
(ग) 56 प्रकार की
(4) लता मंगेशकर के गायन की प्रमुख विशेषता क्या है?
मॉडल उत्तर:
(घ) उपर्युक्त सभी
(5) भारत में पहला छापाखाना (Printing Press) कहाँ खुला था?
मॉडल उत्तर:
(ग) गोवा (1556 में)
(6) "काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व कहलाते हैं।"
मॉडल उत्तर:
(ग) अलंकार
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— 6 × 1 = 6
(1) मीराबाई ने अपना सर्वस्व _______ को मान लिया था।
मॉडल उत्तर:
श्रीकृष्ण (गिरिधर गोपाल)
(2) 'गलता लोहा' कहानी का मुख्य पात्र _______ है।
मॉडल उत्तर:
मोहन
(3) राजस्थान में पानी की कमी दूर करने के लिए बनाई गई कुइयों का वर्णन _______ पाठ में है।
मॉडल उत्तर:
राजस्थान की रजत बूंदें
(4) संचार प्रक्रिया में प्राप्तकर्ता की प्रतिक्रिया को _______ कहते हैं।
मॉडल उत्तर:
फीडबैक (Feedback)
(5) श्रृंगार रस का स्थायी भाव _______ है।
मॉडल उत्तर:
रति
(6) 'जामुन का पेड़' एक _______ कथा है।
मॉडल उत्तर:
हास्य-व्यंग्य
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) मुंशी वंशीधर एक ईमानदार और कर्त्तव्यनिष्ठ दारोगा थे।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
(2) 'विदाई संभाषण' लॉर्ड माउंटबेटन पर लिखा गया एक व्यंग्य है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (यह लॉर्ड कर्ज़न पर लिखा गया है)।
(3) 'चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती' कविता में शिक्षा व्यवस्था पर व्यंग्य किया गया है।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
(4) 'आलो आँधारि' बेबी हालदार की आत्मकथात्मक रचना है।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
(5) पटकथा का अंग्रेजी पर्याय 'Screenplay' होता है।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
(6) 'रोला' एक वाणिक छंद है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (रोला एक मात्रिक छंद है)।
प्रश्न 4. सही जोड़ी बनाइए— 7 × 1 = 7
(1) पथेर पांचाली (फिल्म) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
सत्यजित राय (अपू के साथ ढाई साल)
(2) गजल (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
दुष्यंत कुमार (साये में धूप)
(3) रजनी (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
मन्नू भंडारी (पटकथा)
(4) हे भूख! मत मचल (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
अक्क महादेवी
(5) संचार का सबसे नवीन माध्यम (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
इंटरनेट
(6) विशेषोक्ति अलंकार (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
कारण होने पर भी कार्य का न होना
(7) शब्दशक्ति (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
अभिधा, लक्षणा, व्यंजना
प्रश्न 5. एक वाक्य/शब्द में उत्तर दीजिए— 7 × 1 = 7
(1) 'घर की याद' कविता में कवि भवानी प्रसाद मिश्र कहाँ बंद हैं?
मॉडल उत्तर:
जेल (कारावास) में।
(2) 'नमक का विभाग' बनने पर लोग किस प्रकार व्यापार करने लगे थे?
मॉडल उत्तर:
छल-प्रपंच और चोरी-छिपे (भ्रष्टाचार से)।
(3) 'गलता लोहा' में धनराम किस जाति का था?
मॉडल उत्तर:
लोहार जाति का।
(4) राजस्थान में वर्षा के पानी को क्या कहा जाता है? (अनुपम मिश्र के पाठ के अनुसार)
मॉडल उत्तर:
पालर पानी।
(5) 'जनसंचार' का अंग्रेजी पर्याय क्या है?
मॉडल उत्तर:
Mass Communication।
(6) 'आँखों का तारा' मुहावरे का क्या अर्थ है?
मॉडल उत्तर:
बहुत प्यारा होना।
(7) 'प्रबंध काव्य' के मुख्य दो भेद कौन-से हैं?
मॉडल उत्तर:
महाकाव्य और खंडकाव्य।
अति लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 6 से 15)
प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। कुल 20 अंक। (इस खण्ड में कोई 'अथवा' प्रश्न नहीं है)
प्रश्न 6. कबीर ने अपने आप को 'दीवाना' क्यों कहा है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
कबीर ने अपने आप को 'दीवाना' इसलिए कहा है क्योंकि उन्होंने परमात्मा के सच्चे स्वरूप (अद्वैत) को पहचान लिया है। अब वे सांसारिक मोह-माया और झूठे आडंबरों से मुक्त होकर निडर हो गए हैं और ईश्वर की सच्ची भक्ति में मस्त (दीवाने) हो गए हैं।
प्रश्न 7. मीराबाई ने श्रीकृष्ण की भक्ति किस रूप में की है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
मीराबाई ने श्रीकृष्ण की भक्ति 'पति' (माधुर्य भाव) के रूप में की है। वे कहती हैं कि "मेरे तो गिरिधर गोपाल, दूसरो न कोई"। उन्होंने लोकलाज त्यागकर पूरी तरह स्वयं को श्रीकृष्ण के प्रेम में समर्पित कर दिया है।
प्रश्न 8. 'विदाई संभाषण' पाठ में लॉर्ड कर्ज़न की विदाई को दर्दनाक क्यों कहा गया है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
लॉर्ड कर्ज़न ने भारत में बहुत अहंकार और क्रूरता से शासन किया। वह चाहता था कि वह हमेशा सत्ता में रहे, लेकिन एक मामूली विवाद के कारण उसे इस्तीफा देना पड़ा। उसकी विदाई सम्मानजनक नहीं बल्कि अपमानजनक थी, इसलिए उसे दर्दनाक कहा गया है।
प्रश्न 9. मियाँ नसीरुद्दीन की कौन-सी दो बातें आपको सबसे अच्छी लगीं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. अपने काम (नानबाई की कला) के प्रति उनका गहरा समर्पण और गर्व। वे इसे एक कला मानते थे।
2. उनका आत्मविश्वास भरा और बेबाक अंदाज़। वे हर बात का जवाब बहुत ही दार्शनिक और मज़ेदार तरीके से देते थे।
प्रश्न 10. कुईं (कुई) क्या है और यह कुएं से किस प्रकार अलग है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
राजस्थान में वर्षा के रिसते हुए मीठे पानी को इकट्ठा करने के लिए खोदी गई संकरी और गहरी संरचना को 'कुईं' कहते हैं। कुआं भूजल (Groundwater) तक खोदा जाता है जो खारा हो सकता है, लेकिन कुईं केवल नमी वाले स्तर (खड़िया पट्टी) तक ही खोदी जाती है और इसमें रिस-रिसकर मीठा पानी (रेजाणी पानी) जमा होता है।
प्रश्न 11. जनसंचार (Mass Communication) की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. विशाल श्रोता वर्ग: जनसंचार में संदेश एक साथ लाखों-करोड़ों लोगों (Mass) तक पहुँचता है (जैसे- टीवी, अखबार)।
2. फीडबैक में देरी: इसमें संदेश भेजने वाले (संचारक) और प्राप्तकर्ता के बीच सीधा संपर्क नहीं होता, इसलिए प्रतिक्रिया (Feedback) तुरंत नहीं मिलती।
प्रश्न 12. पत्रकारिता (Journalism) किसे कहते हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
देश-दुनिया में घटने वाली घटनाओं, सूचनाओं और समस्याओं को समाचार के रूप में संकलित करके, संपादित कर जन-सामान्य (पाठकों/दर्शकों) तक पहुँचाने की प्रक्रिया को पत्रकारिता कहते हैं।
प्रश्न 13. डायरी लेखन क्या है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
डायरी लेखन एक व्यक्तिगत (निजी) विधा है, जिसमें व्यक्ति अपने दिन भर के महत्वपूर्ण अनुभवों, घटनाओं, विचारों और भावनाओं को तिथि-वार (Date-wise) लिखता है। यह स्वयं से बातचीत करने का एक माध्यम है।
प्रश्न 14. वक्रोक्ति अलंकार की परिभाषा लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
जहाँ वक्ता (बोलने वाले) के कथन का श्रोता (सुनने वाला) जानबूझकर कोई दूसरा (टेढ़ा) अर्थ निकाल ले, वहाँ वक्रोक्ति अलंकार होता है। (वक्र + उक्ति = टेढ़ा कथन)।
प्रश्न 15. क्षेत्रीय शब्द (देशज शब्द) किसे कहते हैं? दो उदाहरण दीजिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
वे शब्द जो किसी विशेष क्षेत्र या अंचल की आम बोलचाल की भाषा से उत्पन्न होते हैं और हिंदी में प्रयोग किए जाते हैं, क्षेत्रीय या देशज शब्द कहलाते हैं। (उदाहरण: लोटा, खटिया, पगड़ी, झोला)।
लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 16 से 19)
प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। कुल 12 अंक। (इनमें 'अथवा' विकल्प दिए गए हैं)
प्रश्न 16. प्रेमचंद अथवा कृष्णा सोबती का साहित्यिक परिचय निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर दीजिए:
(अ) दो रचनाएँ (ब) भाषा-शैली (स) साहित्य में स्थान 3 अंक
मॉडल उत्तर (प्रेमचंद):
(अ) दो रचनाएँ: गोदान, गबन (या नमक का दारोगा)।
(ब) भाषा-शैली: प्रेमचंद की भाषा अत्यंत सरल, मुहावरेदार और जन-सामान्य (आम जनता) की भाषा (हिंदुस्तानी) है। उन्होंने मुख्य रूप से वर्णनात्मक, विवरणात्मक और व्यंग्यात्मक शैली का प्रयोग किया है। उनकी कहानियों में आदर्शोन्मुख यथार्थवाद झलकता है।
(स) साहित्य में स्थान: हिन्दी साहित्य में उन्हें 'उपन्यास सम्राट' और श्रेष्ठ कहानीकार के रूप में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है।
अथवा: (कृष्णा सोबती का परिचय)
मॉडल उत्तर (कृष्णा सोबती):
(अ) दो रचनाएँ: ज़िंदगीनामा, मित्रों मरजानी।
(ब) भाषा-शैली: इनकी भाषा में हिंदी, उर्दू और पंजाबी का सुंदर मिश्रण है। भाषा अत्यंत सजीव, चुटीली और प्रभावपूर्ण है। इन्होंने संस्मरणात्मक और संवादात्मक शैली का চমৎকার प्रयोग किया है, जैसा 'मियाँ नसीरुद्दीन' में दिखता है।
(स) साहित्य में स्थान: नई कहानी आंदोलन में कृष्णा सोबती जी का विशिष्ट स्थान है। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
प्रश्न 17. कबीरदास अथवा भवानी प्रसाद मिश्र का काव्यगत परिचय निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर दीजिए:
(अ) दो रचनाएँ (ब) भावपक्ष-कलापक्ष (स) साहित्य में स्थान 3 अंक
मॉडल उत्तर (कबीरदास):
(अ) दो रचनाएँ: साखी, सबद (बीजक संग्रह में)।
(ब) भावपक्ष-कलापक्ष: कबीर निर्गुण भक्ति धारा के कवि हैं। उनके काव्य में ईश्वर की एकता, समाज सुधार और धार्मिक पाखंडों (आडंबरों) का कड़ा विरोध है। कलापक्ष: इनकी भाषा में राजस्थानी, अवधी, पंजाबी आदि कई भाषाओं के शब्द हैं, इसलिए इसे 'सधुक्कड़ी' या 'पंचमेल खिचड़ी' कहा जाता है। उन्होंने दोहा और पद शैली का प्रयोग किया।
(स) साहित्य में स्थान: हिंदी साहित्य में एक महान समाज-सुधारक और संत कवि के रूप में कबीर का स्थान अमर है।
अथवा: (भवानी प्रसाद मिश्र का परिचय)
मॉडल उत्तर (भवानी प्रसाद मिश्र):
(अ) दो रचनाएँ: गीत फरोश, सन्नाटा (या बुनी हुई रस्सी)।
(ब) भावपक्ष-कलापक्ष: मिश्र जी गांधीवादी विचारधारा के कवि हैं। उनके काव्य में घर-परिवार की याद, देशप्रेम और आम आदमी की पीड़ा का सहज चित्रण है। कलापक्ष: इनकी भाषा बातचीत की तरह अत्यंत सरल और सहज खड़ी बोली है, जिसे 'कविता का गांधी' कहा जाता है।
(स) साहित्य में स्थान: प्रयोगवाद और नई कविता के दौर में सहजता और सादगी के कवि के रूप में उनका विशिष्ट स्थान है।
प्रश्न 18. निम्नलिखित पंक्ति का भाव पल्लवन कीजिए:
"साहित्य समाज का दर्पण है।" 3 अंक
मॉडल उत्तर:
भाव पल्लवन: जिस प्रकार एक दर्पण (शीशा) व्यक्ति का असली चेहरा और रूप-रंग ज्यों का त्यों दिखा देता है, उसी प्रकार 'साहित्य' अपने युग के समाज की असली तस्वीर प्रस्तुत करता है। किसी भी काल का साहित्य पढ़ लीजिए, उसमें उस समय की सामाजिक बुराइयाँ, रीति-रिवाज़, लोगों की सोच और जीवनशैली साफ दिखाई दे जाएगी। यदि समाज में भ्रष्टाचार है, तो साहित्य में व्यंग्य होगा; यदि समाज में युद्ध है, तो साहित्य में वीरता होगी। साहित्यकार आसमान से विचार नहीं लाता, वह उसी समाज में रहता है और जो देखता-महसूस करता है, वही लिखता है। अतः साहित्य और समाज एक-दूसरे के पूरक हैं।
अथवा: किसी पुरानी कार को बेचने के लिए एक आकर्षक विज्ञापन (Advertisement) तैयार कीजिए।
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प्रश्न 19. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
अनुशासन का अर्थ है नियमों का पालन करना। प्रकृति भी अनुशासन में बंधी है। सूर्य का समय पर उगना, ऋतुओं का चक्र, सब अनुशासन के ही प्रमाण हैं। मानव जीवन में विशेषकर विद्यार्थी जीवन में अनुशासन सफलता की कुंजी है। जो विद्यार्थी समय का सदुपयोग करता है, शिक्षकों का सम्मान करता है और नियमों का पालन करता है, वह भविष्य में एक महान नागरिक बनता है। इसके विपरीत अनुशासनहीनता पतन का कारण बनती है।
1. उपयुक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
2. विद्यार्थी जीवन में सफलता की कुंजी क्या है?
3. प्रकृति कैसे अनुशासन का पालन करती है? 3 अंक
मॉडल उत्तर:
1. शीर्षक: अनुशासन का महत्व (या विद्यार्थी जीवन में अनुशासन)।
2. उत्तर: विद्यार्थी जीवन में सफलता की कुंजी 'अनुशासन' है।
3. उत्तर: प्रकृति भी नियमों में बंधी है, जैसे सूर्य का समय पर उगना और ऋतुओं का अपने निश्चित चक्र के अनुसार बदलना प्रकृति के अनुशासन का प्रमाण है।
अथवा: (अपठित पद्यांश - यदि आए तो इसी प्रकार 3 प्रश्न हल करने होंगे।)
निर्देश: पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए 3 प्रश्नों (शीर्षक, भावार्थ, और एक विशिष्ट प्रश्न) का उत्तर दें।
दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 20 से 23)
प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। कुल 16 अंक।
प्रश्न 20. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए—
आज गीता पाठ करके,
दंड दो सौ साठ करके,
खूब मुगदर हिला लेकर,
मूठ उनकी मिला लेकर,
जब कि नीचे आए होंगे,
नैन जल से छाए होंगे,
हाय, पानी गिर रहा है,
घर नज़र में तिर रहा है। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
संदर्भ: प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग-1' की कविता 'घर की याद' से ली गई हैं। इसके रचयिता भवानी प्रसाद मिश्र हैं।
प्रसंग: सावन की झमाझम बारिश के बीच जेल में बंद कवि को अपने घर और विशेषकर अपने बूढ़े पिता की याद आ रही है। वह पिता की दिनचर्या का वर्णन कर रहे हैं।
व्याख्या: कवि कल्पना करते हैं कि आज सुबह मेरे पिताजी ने रोज़ की तरह गीता का पाठ किया होगा। उसके बाद उन्होंने दो सौ साठ दंड (व्यायाम) पेले होंगे और मुगदर (व्यायाम का उपकरण) की दोनों मूठों को मिलाकर खूब हिलाया होगा। व्यायाम करने के बाद जब वे छत से नीचे घर में आए होंगे, तो मुझे (कवि को) वहां न पाकर उनकी आँखों में आँसू आ गए होंगे। कवि दुखी होकर कहता है कि बाहर सावन का पानी गिर रहा है और मेरी आँखों में मेरे घर की यादें तैर रही हैं।
विशेष: 1. पिता के स्वस्थ और अनुशासित जीवन का सुंदर चित्रण है। 2. सरल, सहज खड़ी बोली का प्रयोग है। 3. 'नैन जल से छाए होंगे' में करुण रस और वात्सल्य की झलक है।
अथवा: पद्यांश—
कहाँ तो तय था चिरागाँ हर एक घर के लिए,
कहाँ चिराग मयस्सर नहीं शहर के लिए।
यहाँ दरख्तों के साये में धूप लगती है,
चलो यहाँ से चलें और उम्र भर के लिए।
मॉडल उत्तर:
संदर्भ: प्रस्तुत गजल 'आरोह भाग-1' के पाठ 'गजल (साये में धूप)' से ली गई है। इसके गजलकार दुष्यंत कुमार हैं।
प्रसंग: कवि ने स्वतंत्र भारत की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था की विफलता और नेताओं के झूठे वादों पर करारा व्यंग्य किया है।
व्याख्या: कवि कहता है कि आज़ादी के समय नेताओं ने वादा किया था कि देश के हर एक घर में रोशनी (सुख-सुविधाओं का चिराग) होगी। लेकिन आज हकीकत यह है कि पूरे शहर के लिए भी एक चिराग (सुविधा) उपलब्ध (मयस्सर) नहीं है। कवि निराश होकर कहता है कि यहाँ तो पेड़ों (दरख्तों) की छाँव में भी धूप (कष्ट) लगती है। अर्थात् जिन नेताओं और संस्थाओं पर जनता की रक्षा की ज़िम्मेदारी है, वे ही जनता का शोषण कर रहे हैं। इस घुटन भरे माहौल से निराश होकर कवि जीवन भर के लिए इस जगह को छोड़ देना चाहता है।
विशेष: 1. स्वतंत्र भारत के यथार्थ पर तीखा व्यंग्य है। 2. उर्दू शब्दों (चिरागाँ, मयस्सर, दरख्त) का सुंदर प्रयोग हुआ है। 3. 'दरख्तों के साये में धूप' में विरोधाभास अलंकार है।
प्रश्न 21. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए—
धनराम को मोहन के व्यवहार पर आश्चर्य होता है, क्योंकि एक ब्राह्मण का बेटा लोहार के भट्टी पर बैठकर उसका काम करे, यह गाँव की मर्यादा के विरुद्ध था। लेकिन मोहन इन सबसे बेपरवाह भट्टी की आँच में अपनी कारीगरी दिखा रहा था। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
संदर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग-1' की कहानी 'गलता लोहा' से लिया गया है। इसके लेखक शेखर जोशी हैं।
प्रसंग: यहाँ लेखक ने जातिगत भेदभाव को तोड़ते हुए मोहन (ब्राह्मण) द्वारा धनराम (लोहार) की भट्टी पर बैठकर उसका काम करने का वर्णन किया है।
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि धनराम (जो एक लोहार है) को यह देखकर बहुत अचरज हुआ कि मोहन, जो एक कुलीन ब्राह्मण पुरोहित का बेटा है, उसकी दुकान (भट्टी) पर आकर बैठा है। इतना ही नहीं, वह धनराम के हाथ से हथौड़ा लेकर लोहे को गोल आकार देने का काम कर रहा है। गाँव के पुराने जातिगत नियमों और मर्यादाओं के अनुसार ब्राह्मणों का लोहार की भट्टी पर बैठना और उनका काम करना पाप माना जाता था। परंतु मोहन इन झूठी जातीय मर्यादाओं से मुक्त होकर, पूरी तन्मयता से लोहे को गलाकर नया आकार दे रहा था। यह एक नया समाज गढ़ने का प्रतीक है।
विशेष: 1. जाति-प्रथा की खोखली परंपरा पर गहरी चोट की गई है। 2. 'गलता लोहा' समाज के बदलते विचारों का प्रतीक है। 3. भाषा सरल और प्रवाहमयी है।
अथवा: गद्यांश—
"नमक का विभाग बनने पर लोग नमक का व्यापार चोरी-छिपे करने लगे। अनेक प्रकार के छल-प्रपंचों का सूत्रपात हुआ, कोई घूस से काम निकालता था, कोई चालाकी से।"
मॉडल उत्तर:
संदर्भ: प्रस्तुत गद्यांश मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'नमक का दारोगा' से लिया गया है।
प्रसंग: इसमें नमक पर सरकार द्वारा टैक्स (कर) लगाए जाने के बाद समाज में फैले भ्रष्टाचार और कालेबाज़ारी का वर्णन है।
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि जब सरकार ने नमक (जो प्रकृति की मुफ्त देन है) पर कर लगा दिया और एक नया 'नमक विभाग' बना दिया, तो लोगों ने खुलेआम व्यापार करना बंद कर दिया। इसकी जगह वे चोरी-छिपे (स्मगलिंग) नमक बेचने लगे। इस पाबंदी ने समाज में बेईमानी और छल-कपट को जन्म दिया। अधिकारी से लेकर व्यापारी तक सब भ्रष्ट हो गए। लोग अपना काम निकालने के लिए रिश्वत (घूस) और चालाकी का सहारा लेने लगे। हर कोई बस रातों-रात अमीर बनना चाहता था।
विशेष: 1. सरकारी प्रतिबंधों से पैदा होने वाले भ्रष्टाचार पर करारा व्यंग्य है। 2. उर्दू और तत्सम शब्दों (छल-प्रपंच, सूत्रपात) का सटीक प्रयोग है।
प्रश्न 22. अपने जिलाधीश (कलेक्टर) को परीक्षा काल में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) पर रोक लगाने हेतु एक आवेदन पत्र लिखिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
सेवा में,
श्रीमान जिलाधीश महोदय,
जिला - भोपाल (म.प्र.)
विषय: परीक्षा अवधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) पर रोक लगाने हेतु।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हम सभी माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्र हैं। हमारी वार्षिक परीक्षाएँ निकट आ गई हैं और सभी छात्र दिन-रात परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। परंतु इन दिनों हमारे क्षेत्र (टी.टी. नगर) में देर रात तक तेज़ आवाज़ में लाउडस्पीकर और डी.जे. बजते रहते हैं। इस भारी शोरगुल (ध्वनि प्रदूषण) के कारण हमारी पढ़ाई में बहुत व्यवधान उत्पन्न हो रहा है और हम एकाग्रचित्त होकर पढ़ नहीं पा रहे हैं।
अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा अवधि तक (अगले एक महीने के लिए) ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी करने की कृपा करें।
सधन्यवाद।
भवदीय
समस्त छात्रगण
टी.टी. नगर, भोपाल
दिनांक: 15 अक्टूबर 2026
अथवा: अपने मित्र को वाद-विवाद प्रतियोगिता (Debate Competition) में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई पत्र लिखिए।
मॉडल उत्तर:
15, एम.जी. रोड,
इंदौर
दिनांक: 15 अक्टूबर 2026
प्रिय मित्र सुमित,
सप्रेम नमस्ते।
कल ही मुझे तुम्हारे विद्यालय से यह शुभ समाचार मिला कि तुमने राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह जानकर मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। तुम्हारी इस शानदार सफलता पर मेरी ओर से तुम्हें हार्दिक बधाई।
मुझे हमेशा से तुम्हारी तार्किक क्षमता, भाषण कला और तुम्हारे ज्ञान पर पूरा विश्वास था। यह सफलता तुम्हारी कड़ी मेहनत और अभ्यास का ही फल है। तुमने अपने माता-पिता और हम सभी मित्रों का नाम रोशन कर दिया है। आशा है भविष्य में भी तुम इसी प्रकार सफलता के शिखर छूते रहोगे।
अंकल और आंटी जी को मेरा सादर प्रणाम कहना।
तुम्हारा अभिन्न मित्र,
रोहित
प्रश्न 23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर रूपरेखा सहित लगभग 120-150 शब्दों में निबंध लिखिए—
(1) जीवन में खेलों का महत्त्व
(2) विज्ञान: वरदान या अभिशाप
(3) पर्यावरण प्रदूषण: कारण और निवारण
(4) विद्यार्थी जीवन और अनुशासन 4 अंक
मॉडल उत्तर (जीवन में खेलों का महत्त्व):
रूपरेखा:
1. प्रस्तावना
2. शारीरिक और मानसिक विकास
3. खेलों से गुणों का विकास (टीम भावना, अनुशासन)
4. आधुनिक जीवनशैली में खेलों की आवश्यकता
5. उपसंहार
प्रस्तावना: "स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।" मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए खेल-कूद का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। खेल हमारे जीवन में नई ऊर्जा और स्फूर्ति भर देते हैं।
शारीरिक और मानसिक विकास: खेल-कूद से शरीर की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, रक्त संचार बढ़ता है और पाचन तंत्र ठीक रहता है। दिनभर पढ़ाई या काम करने के बाद खेलों में भाग लेने से मानसिक तनाव दूर होता है और दिमाग तरोताज़ा हो जाता है।
गुणों का विकास: खेल हमें केवल शारीरिक लाभ ही नहीं देते, बल्कि वे हमें जीवन के महत्वपूर्ण सबक भी सिखाते हैं। मैदान पर हम अनुशासन, टीम वर्क (सहयोग), धैर्य और नेतृत्व क्षमता सीखते हैं। खेल हमें हार और जीत दोनों को समान रूप से स्वीकार करने की 'खेल भावना' (Sportsmanship) सिखाते हैं।
आधुनिक जीवनशैली में आवश्यकता: आज के युग में जहाँ बच्चे मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन से चिपके रहते हैं, बाहरी खेलों (Outdoor games) का महत्व और भी बढ़ गया है। इससे वे मोटापे और डिप्रेशन जैसी बीमारियों से बच सकते हैं।
उपसंहार: अतः पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये एक स्वस्थ, सफल और अनुशासित जीवन की नींव हैं।
अथवा: (पर्यावरण प्रदूषण: कारण और निवारण - निबंध)
मॉडल उत्तर (संक्षेप में):
प्रकृति ने हमें शुद्ध हवा और पानी दिया था, लेकिन मानव ने अपने लालच (औद्योगीकरण और शहरीकरण) के कारण इसे दूषित कर दिया है। वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण आज की सबसे बड़ी समस्याएं हैं। कारखानों का धुआँ और कचरा, वाहनों का शोर, और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई प्रदूषण के मुख्य कारण हैं। इसके कारण ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है और नई-नई बीमारियां पैदा हो रही हैं।
निवारण: इसे रोकने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे, प्लास्टिक का उपयोग बंद करना होगा, और सौर ऊर्जा (Solar energy) को अपनाना होगा। पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की ज़िम्मेदारी है, अन्यथा यह धरती रहने लायक नहीं बचेगी।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह प्रश्नपत्र केवल विद्यार्थियों के अभ्यास और शैक्षणिक मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया एक संभावित मॉडल पेपर है। यह कोई असली या लीक हुआ पेपर नहीं है। कृपया परीक्षा के सटीक पाठ्यक्रम के लिए MP Board के निर्देशों का ही पालन करें।









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