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एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं हिन्दी मॉडल पेपर सेट B – नवीनतम पैटर्न पर आधारित

एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं हिन्दी मॉडल पेपर सेट B – नवीनतम पैटर्न पर आधारित

एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं हिन्दी मॉडल पेपर सेट B – नवीनतम पैटर्न पर आधारित

Class 10th Hindi Model Paper Set B 

MP Board कक्षा 10वीं हिन्दी मॉडल पेपर Set B विद्यार्थियों को परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए तैयार किया गया है। यह पेपर नवीनतम परीक्षा पैटर्न एवं संशोधित अंक योजना (75 अंक) पर आधारित है।

मुख्य जानकारी

  • 📚 विषय: हिन्दी
  • 🏫 कक्षा: 10वीं (MP Board)
  • 📝 पेपर सेट: Set B
  • 📊 पूर्णांक: 75 अंक
  • ⏳ समय: 3 घंटे

मॉडल पेपर की विशेषताएँ

  • नवीनतम सिलेबस के अनुसार तैयार
  • बोर्ड परीक्षा पैटर्न आधारित प्रश्न
  • महत्वपूर्ण एवं संभावित प्रश्नों का समावेश
  • लेखन कौशल (पत्र, निबंध, सूचना, संवाद) का अभ्यास
  • स्वमूल्यांकन (Self-Assessment) हेतु उपयोगी

विद्यार्थियों के लिए लाभ

  • परीक्षा से पहले अभ्यास का बेहतर अवसर
  • समय प्रबंधन में सुधार
  • प्रश्नों की संरचना की स्पष्ट समझ
  • आत्मविश्वास में वृद्धि

Hindi Model Paper 10th (Updated) - Sandipani Vidyalaya

Class 10th Hindi Model Paper

(मॉडल पेपर 2025-26 सेट - B)

कक्षा 10वीं - हिन्दी

Created By: D. Septa | पूर्णांक: 75 | समय: 3 घंटे

खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (30 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'उत्साह' कविता में कवि ने बादलों को 'अनंत के घन' क्यों कहा है? योग्यता आधारित
(अ) क्योंकि बादल बहुत काले हैं। (ब) क्योंकि उनका कोई अंत नहीं है। (स) क्योंकि वे ईश्वर (परमात्मा) की सृष्टि हैं जिसका आर-पार नहीं है। (द) क्योंकि वे समुद्र से आए हैं।
👉 (स) क्योंकि वे ईश्वर (परमात्मा) की सृष्टि हैं जिसका आर-पार नहीं है।
विवरण: यहाँ 'अनंत' शब्द ईश्वर/आकाश के लिए प्रयुक्त हुआ है और बादल उसी अज्ञात दिशा से आ रहे हैं।

(ii) कथन (A): कैप्टन चश्मेवाला नेताजी की मूर्ति पर बार-बार चश्मा बदल देता था।
कारण (R): उसे नेताजी का चेहरा पसंद नहीं था। कथन-कारण
(अ) A और R दोनों सही हैं, R सही व्याख्या है। (ब) A सही है, लेकिन R गलत है। (स) A गलत है, R सही है। (द) A और R दोनों गलत हैं।
👉 (ब) A सही है, लेकिन R गलत है।
विवरण: कैप्टन चश्मा इसलिए बदलता था क्योंकि कोई ग्राहक मूर्ति पर लगा चश्मा मांग लेता था, न कि उसे चेहरा नापसंद था।

(iii) 'जिस समास में पहला पद संख्यावाची हो', वह समास कहलाता है:
(अ) कर्मधारय (ब) द्वंद्व (स) द्विगु (द) तत्पुरुष
👉 (स) द्विगु
विवरण: जैसे 'चौराहा' (चार राहों का समूह), 'नवरत्न' (नौ रत्न)।

(iv) 'कन्यादान' कविता में माँ ने बेटी को क्या सीख दी?
(अ) भोजन बनाना सीखना (ब) वस्त्र-आभूषणों के मोह में न फँसना (स) ससुराल में चुप रहना (द) अधिक धन संचय करना
👉 (ब) वस्त्र-आभूषणों के मोह में न फँसना
विवरण: माँ ने कहा कि वस्त्र और आभूषण शाब्दिक भ्रम की तरह हैं जो स्त्री जीवन को बंधन में डाल देते हैं।

(v) 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर लेखक को लिखने की प्रेरणा कहाँ से मिलती है?
(अ) संपादकों के दबाव से (ब) धन कमाने की इच्छा से (स) आंतरिक विवशता (अनुभूति) से (द) प्रसिद्धि पाने के लिए
👉 (स) आंतरिक विवशता (अनुभूति) से
विवरण: लेखक अज्ञेय के अनुसार, सच्चा लेखन वही है जो आंतरिक दबाव या अनुभूति से पैदा हो।

(vi) 'संचारी भावों' की संख्या मानी गई है:
(अ) 9 (ब) 33 (स) 10 (द) 4
👉 (ब) 33
विवरण: मन में संचरण करने वाले (आने-जाने वाले) अस्थिर विकारों को संचारी भाव कहते हैं, ये 33 होते हैं।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'सूरदास' के गुरु ________ थे। (वल्लभाचार्य / नरहरिदास)
वल्लभाचार्य
विवरण: सूरदास अष्टछाप के प्रमुख कवि थे और महाप्रभु वल्लभाचार्य के शिष्य थे।

(ii) 'लखनवी अंदाज' पाठ में नवाब साहब ने खीरे की फाँकों पर ________ बुरका। (जीरा-नमक / चीनी)
जीरा-नमक
विवरण: नवाब साहब ने खीरे को स्वादिष्ट बनाने के लिए उस पर जीरा मिला नमक और लाल मिर्च की सुर्खी बुरकी थी।

(iii) 'वाच्य' के आधार पर वाक्यों का वर्गीकरण ________ प्रकार से होता है। (दो / तीन)
तीन
विवरण: कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।

(iv) 'भोलानाथ' का वास्तविक नाम ________ था। (तारकेश्वरनाथ / अमरनाथ)
तारकेश्वरनाथ
विवरण: पिता प्यार से उन्हें भोलानाथ कहते थे क्योंकि उनके माथे पर भभूत का तिलक लगा होता था।

(v) 'प्रयोगवाद' के प्रवर्तक ________ माने जाते हैं। (अज्ञेय / निराला)
अज्ञेय
विवरण: 'तार सप्तक' (1943) के प्रकाशन के साथ अज्ञेय जी ने प्रयोगवाद की शुरुआत की।

(vi) 'काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व' ________ कहलाते हैं। (रस / अलंकार)
अलंकार
विवरण: 'अलंकरोति इति अलंकारः' - जो अलंकृत करे (शोभा बढ़ाए) वह अलंकार है।
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. रीतिकाल को 'श्रृंगार काल' क्यों कहा जाता है?
अथवा
नई कविता की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
रीतिकाल के अधिकांश कवियों ने अपनी रचनाओं में श्रृंगार रस (संयोग और वियोग) का अत्यधिक और विस्तृत वर्णन किया है। राजाओं को प्रसन्न करने के लिए विलासिता और सौंदर्य का चित्रण प्रधान रहा, इसलिए इसे 'श्रृंगार काल' कहा जाता है।
उत्तर (अथवा):
1. लघु मानववाद की प्रतिष्ठा: आम आदमी के जीवन और संघर्षों को महत्व दिया गया।
2. प्रयोगशीलता: नए बिम्बों, प्रतीकों और उपमानों का प्रयोग किया गया।
प्र.7. गोपियों ने उद्धव की तुलना किन-किन से की है?
अथवा
परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए क्या तर्क दिए?
उत्तर (मुख्य):
1. कमल के पत्ते से: जो पानी में रहकर भी पानी से अछूता रहता है (उस पर पानी की बूंद नहीं ठहरती)।
2. तेल की गागरी (मटकी) से: जिस पर पानी की एक भी बूंद नहीं टिकती।
उत्तर (अथवा):
लक्ष्मण ने तर्क दिया कि:
1. यह धनुष बहुत पुराना और कमजोर था।
2. राम ने इसे नया समझकर छुआ था, लेकिन यह छूते ही टूट गया।
3. बचपन में हमने ऐसे कई छोटे धनुष तोड़े हैं, तब तो आपने कभी ऐसा क्रोध नहीं किया।
प्र.8. रस की परिभाषा और उसके चार अंगों के नाम लिखिए।
अथवा
मानवीकरण अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
परिभाषा: किसी काव्य को पढ़ने, सुनने या देखने से पाठक, श्रोता या दर्शक को जो आनंद प्राप्त होता है, उसे रस कहते हैं।
अंग (4): 1. स्थायी भाव, 2. विभाव, 3. अनुभाव, 4. संचारी भाव।
उत्तर (अथवा):
जहाँ जड़ प्रकृति (निर्जीव वस्तुओं) पर मानवीय भावनाओं या क्रियाओं का आरोप किया जाता है, वहाँ मानवीकरण अलंकार होता है।
उदाहरण: "मेघ आए बड़े बन-ठन के, सँवर के।" (यहाँ बादलों का दामाद की तरह सजना-संवरना दिखाया गया है)।
प्र.9. बिस्मिल्ला खाँ को 'शहनाई की मंगलध्वनि' का नायक क्यों कहा गया है?
अथवा
फादर बुल्के भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं, किस आधार पर ऐसा कहा गया है?
उत्तर (मुख्य):
शहनाई का प्रयोग शुभ कार्यों (विवाह, उत्सव) में किया जाता है और बिस्मिल्ला खाँ शहनाई वादन में सर्वश्रेष्ठ थे। वे 80 वर्षों तक काशी विश्वनाथ के दरबार में शहनाई बजाकर सुर की साधना करते रहे। उनकी शहनाई की धुन लोगों के मन में आनंद और मंगल कामना भर देती थी।
उत्तर (अथवा):
वे बेल्जियम से भारत आए थे, लेकिन उन्होंने भारत को ही अपनी कर्मभूमि बनाया। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए आंदोलन किया, रामकथा पर शोध किया (रामकथा: उत्पत्ति और विकास) और प्रसिद्ध अंग्रेजी-हिंदी शब्दकोश तैयार किया। उनका जीवन भारतीयता में पूरी तरह रचा-बसा था।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.18. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए:
"विकल विकल, उन्मन थे उन्मन,
विश्व के निदाघ के सकल जन,
आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन!"
अथवा
निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए:
"मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी,
मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ देखो कितनी आज घनी।"
उत्तर (मुख्य):

संदर्भ: यह पंक्तियाँ पाठ्यपुस्तक 'क्षितिज भाग-2' की कविता 'उत्साह' से ली गई हैं। इसके कवि 'सूर्यकांत त्रिपाठी निराला' हैं।

प्रसंग: कवि बादलों का आह्वान कर रहा है ताकि भीषण गर्मी से तपती धरती और व्याकुल जनमानस को राहत मिले।

व्याख्या: कवि कहते हैं कि भीषण गर्मी (निदाघ) के कारण संसार के सभी लोग व्याकुल और बेचैन थे। उनका मन कहीं टिक नहीं रहा था (उन्मन थे)। ऐसे कष्टप्रद समय में आकाश में न जाने किस अज्ञात दिशा से बादल घिर आए। यहाँ बादल 'क्रांति' और 'नवजीवन' के प्रतीक हैं जो दुखों को दूर करने आए हैं।

उत्तर (अथवा):

संदर्भ: यह पंक्तियाँ 'आत्मकथ्य' कविता से ली गई हैं, जिसके कवि 'जयशंकर प्रसाद' हैं।

भावार्थ: कवि कहते हैं कि उनका मन रूपी भौंरा गुनगुना कर न जाने अपनी कौन सी दुखभरी कहानी सुनाना चाहता है। वे जब अपने जीवन की ओर देखते हैं तो पाते हैं कि जीवन रूपी वृक्ष से खुशियों रूपी पत्तियां मुरझा कर गिर रही हैं। अर्थात उनका जीवन दुखों, अभावों और निराशा से भरा है। इसमें सुख के पल बहुत कम रहे हैं, इसलिए वे अपनी आत्मकथा लिखने में असमर्थता जताते हैं।

प्र.19. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए:
"बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-जिंदगी सब कुछ होम देने वालों पर भी हँसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूँढ़ती है।"
अथवा
गद्यांश की व्याख्या:
"बालगोबिन भगत की संगीत साधना का चरम उत्कर्ष उस दिन देखा गया जिस दिन उनका बेटा मरा। इकलौता बेटा था वह।"
उत्तर (मुख्य):

संदर्भ: यह गद्यांश पाठ 'नेताजी का चश्मा' से लिया गया है। इसके लेखक 'स्वयं प्रकाश' हैं।

प्रसंग: हालदार साहब कैप्टन चश्मेवाले की मृत्यु और पानवाले की संवेदनहीनता पर दुखी होकर देश के भविष्य के बारे में सोचते हैं।

व्याख्या: हालदार साहब चिंतित होकर सोचते हैं कि उस देश या समाज का भविष्य क्या होगा, जहाँ के लोग देशभक्तों का सम्मान करने के बजाय उनका मजाक उड़ाते हैं। जो लोग (जैसे कैप्टन) देश के लिए अपना सब कुछ त्याग देते हैं, लोग उन पर हंसते हैं। दूसरी तरफ, लोग अपने छोटे-छोटे स्वार्थों के लिए अपना ईमान बेचने को तैयार रहते हैं। यह समाज के नैतिक पतन और देशभक्ति के अभाव का संकेत है।

उत्तर (अथवा):

संदर्भ: यह गद्यांश 'बालगोबिन भगत' पाठ से है, जिसके लेखक 'रामवृक्ष बेनीपुरी' हैं।

व्याख्या: लेखक कहते हैं कि बालगोबिन भगत कबीर के सच्चे भक्त थे और हमेशा गाते रहते थे। लेकिन उनकी भक्ति और संगीत की असली परीक्षा उस दिन हुई जब उनका इकलौता बेटा मर गया। आम लोग ऐसे समय में रोते-बिलखते हैं, लेकिन भगत जी ने इसे 'आत्मा का परमात्मा से मिलन' माना। वे शोक मनाने के बजाय लीन होकर गीत गाते रहे और पतोहू को भी उत्सव मनाने को कहा। यह उनके मोह-मुक्त व्यक्तित्व की पराकाष्ठा थी।

खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.21. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
"समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है। जो व्यक्ति समय के मूल्य को पहचानता है, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता। विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व और भी अधिक है..."
(क) गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
(ख) जीवन में कौन असफल नहीं होता?
(ग) 'कुंजी' शब्द का पर्यायवाची लिखिए।
(घ) गद्यांश का सारांश लिखिए।
अथवा
अपठित काव्यांश के प्रश्न उत्तर:
"नर हो, न निराश करो मन को,
कुछ काम करो, कुछ काम करो,
जग में रह कर कुछ नाम करो..."

(क) शीर्षक लिखिए।
(ख) कवि मनुष्य को क्या संदेश दे रहा है?
(ग) 'जग' का अर्थ लिखिए।
(घ) भावार्थ लिखिए।
उत्तर (गद्यांश):

(क) शीर्षक: समय का महत्व / समय का सदुपयोग।

(ख) उत्तर: जो व्यक्ति समय के मूल्य को पहचानता है और उसका सदुपयोग करता है, वह कभी असफल नहीं होता।

(ग) पर्यायवाची: चाबी / उपाय।

(घ) सारांश: समय अनमोल है और सफलता का आधार है। विशेषकर विद्यार्थियों के लिए समय का पाबंद होना अनिवार्य है। बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता, इसलिए हमें हर क्षण का सही उपयोग करना चाहिए।

उत्तर (काव्यांश):

(क) शीर्षक: कर्मठता / कर्मवीर।

(ख) संदेश: कवि संदेश दे रहे हैं कि मनुष्य को कभी निराश नहीं होना चाहिए और निरंतर कर्म (काम) करते रहना चाहिए।

(ग) अर्थ: संसार / दुनिया।

(घ) भावार्थ: कवि मैथिलीशरण गुप्त कहते हैं कि मनुष्य जीवन दुर्लभ है, इसे निराशा में नहीं बिताना चाहिए। संसार में जन्म लिया है तो कुछ ऐसे अच्छे कार्य करो जिससे तुम्हारा नाम अमर हो जाए। कर्म करना ही जीवन का उद्देश्य है।

प्र.22. अपने विद्यालय के प्राचार्य को 'स्थानांतरण प्रमाण पत्र' (Transfer Certificate) हेतु आवेदन पत्र लिखिए।
अथवा
अपने मित्र को ग्रीष्मावकाश (गर्मी की छुट्टियों) में अपने गाँव आने का निमंत्रण देते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर (औपचारिक पत्र):

सेवा में,
श्रीमान प्राचार्य महोदय,
सांदीपनि विद्यालय, तलवाड़ा बुजुर्ग।
विषय: स्थानांतरण प्रमाण पत्र (T.C.) हेतु आवेदन।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का कक्षा 10वीं का छात्र हूँ। मेरे पिताजी का स्थानांतरण यहाँ से इंदौर हो गया है। मेरा पूरा परिवार अब वहीं जा रहा है। इस कारण मैं अपनी आगे की पढ़ाई आपके विद्यालय में जारी रखने में असमर्थ हूँ।
अतः आपसे प्रार्थना है कि मुझे मेरा स्थानांतरण प्रमाण पत्र (T.C.) शीघ्र प्रदान करने की कृपा करें, ताकि मैं इंदौर के विद्यालय में प्रवेश ले सकूँ। मैंने विद्यालय का समस्त शुल्क जमा कर दिया है।

आपका आज्ञाकारी शिष्य,
नाम: (क.ख.ग)
कक्षा: 10वीं
दिनांक: 20/02/2026

उत्तर (अनौपचारिक पत्र):

तलवाड़ा बुजुर्ग,
दिनांक: 20/02/2026

प्रिय मित्र रोहन,
सप्रेम नमस्ते।

मैं यहाँ सकुशल हूँ और आशा करता हूँ कि तुम भी ठीक होगे। हमारी वार्षिक परीक्षाएँ समाप्त होने वाली हैं। इस बार गर्मी की छुट्टियों में मेरा मन है कि तुम मेरे गाँव आओ। यहाँ का प्राकृतिक वातावरण, आम के बगीचे और नदी का किनारा तुम्हें बहुत पसंद आएगा। हम साथ में खूब मजे करेंगे और पढ़ाई की थकान दूर करेंगे।
माता-पिता जी से अनुमति लेकर अपने आने की सूचना देना। मैं तुम्हारा इंतजार करूँगा।

तुम्हारा मित्र,
समीर

प्र.23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर सारगर्भित निबंध लिखिए: (4 अंक)

1. कंप्यूटर: आज की आवश्यकता

रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. आधुनिक युग में महत्व, 3. विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग, 4. लाभ और हानि, 5. उपसंहार।

1. प्रस्तावना: आज का युग विज्ञान और तकनीक का युग है। कंप्यूटर विज्ञान का एक अद्भुत आविष्कार है जिसने मानव जीवन में क्रांति ला दी है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो गणनाओं को तीव्र गति से और त्रुटिहीन करती है।

2. आधुनिक युग में महत्व: आज जीवन का कोई भी क्षेत्र कंप्यूटर से अछूता नहीं है। शिक्षा से लेकर अंतरिक्ष तक, हर जगह इसकी जरूरत है। इंटरनेट ने इसे और अधिक शक्तिशाली बना दिया है, जिससे दुनिया 'ग्लोबल विलेज' बन गई है।

3. विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग:
- शिक्षा: ऑनलाइन क्लासेस, ई-बुक्स, और रिसर्च के लिए।
- बैंक और व्यापार: खातों का रखरखाव, ऑनलाइन बैंकिंग और ई-कॉमर्स।
- चिकित्सा: बीमारियों की जाँच (MRI, CT Scan) और ऑपरेशन में।
- संचार: ईमेल, वीडियो कॉल और सोशल मीडिया।

4. लाभ और हानि: कंप्यूटर ने काम को आसान, तेज और कागज-मुक्त (Paperless) बनाया है। इससे सूचनाओं का भंडार सुलभ हुआ है। लेकिन इसके अत्यधिक प्रयोग से स्वास्थ्य समस्याएं (आँखें कमजोर होना), साइबर अपराध और बेरोजगारी का खतरा भी बढ़ा है।

5. उपसंहार: कंप्यूटर आज की अनिवार्य आवश्यकता है। यदि हम इसका विवेकपूर्ण और सकारात्मक उपयोग करें, तो यह मानव विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

2. स्वच्छ भारत अभियान

रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. अभियान का उद्देश्य, 3. समाज की भूमिका, 4. लाभ, 5. उपसंहार।

1. प्रस्तावना: "स्वच्छता ईश्वर की भक्ति के समान है।" इसी विचार को मूर्त रूप देने के लिए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को गाँधी जयंती पर 'स्वच्छ भारत अभियान' की शुरुआत की।

2. अभियान का उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य भारत को खुले में शौच से मुक्त (ODF) करना, हर घर में शौचालय बनाना, सड़कों और गलियों को साफ रखना तथा कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था करना है। गाँधीजी का सपना था - स्वच्छ और स्वस्थ भारत।

3. समाज की भूमिका: यह केवल सरकार का काम नहीं है। हर नागरिक को इसमें योगदान देना चाहिए। हमें कचरा डस्टबिन में ही डालना चाहिए, प्लास्टिक का प्रयोग कम करना चाहिए और अपने आस-पास सफाई रखनी चाहिए।

4. लाभ: सफाई से बीमारियों (हैजा, डेंगू, मलेरिया) में कमी आती है। पर्यावरण शुद्ध होता है। स्वच्छ देश में पर्यटन बढ़ता है और देश की छवि सुधरती है। स्वस्थ नागरिक ही देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं।

5. उपसंहार: स्वच्छ भारत अभियान एक जन-आंदोलन बन चुका है। हमें इसे एक आदत बनाना होगा, न कि केवल एक कार्यक्रम। जब हर भारतीय सफाई के प्रति जागरूक होगा, तभी भारत वास्तव में स्वच्छ और सुंदर बनेगा।

3. नारी शिक्षा का महत्व

रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. नारी शिक्षा की आवश्यकता, 3. समाज पर प्रभाव, 4. वर्तमान स्थिति, 5. उपसंहार।

1. प्रस्तावना: "एक बालक को पढ़ाना एक व्यक्ति को पढ़ाना है, लेकिन एक बालिका को पढ़ाना पूरे परिवार को पढ़ाना है।" नारी समाज का आधा हिस्सा है, इसलिए उसकी शिक्षा के बिना समाज का पूर्ण विकास असंभव है।

2. नारी शिक्षा की आवश्यकता: नारी परिवार की धुरी होती है। शिक्षित नारी अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दे सकती है, परिवार के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकती है। वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती है और शोषण का विरोध कर सकती है।

3. समाज पर प्रभाव: शिक्षित महिलाएं अंधविश्वास और कुरीतियों (जैसे दहेज प्रथा) को मिटाने में सहायक होती हैं। वे देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देती हैं। इंदिरा गांधी, कल्पना चावला, और पी.वी. सिंधु जैसी महिलाओं ने देश का नाम रोशन किया है।

4. वर्तमान स्थिति: आज सरकार 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियानों से नारी शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। लड़कियां अब हर क्षेत्र (सेना, विज्ञान, राजनीति) में लड़कों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।

5. उपसंहार: नारी शिक्षा राष्ट्र की प्रगति के लिए अनिवार्य है। हमें लड़कियों को बोझ नहीं, बल्कि शक्ति समझना चाहिए और उन्हें शिक्षा के समान अवसर देने चाहिए।

4. पुस्तकालय का महत्व

रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. ज्ञान का भंडार, 3. पुस्तकालय के प्रकार, 4. विद्यार्थियों के लिए उपयोगिता, 5. उपसंहार।

1. प्रस्तावना: पुस्तकालय का अर्थ है - 'पुस्तकों का घर' (पुस्तक + आलय)। यह वह स्थान है जहाँ विभिन्न विषयों, भाषाओं और लेखकों की पुस्तकें संग्रहित होती हैं और पाठक वहाँ बैठकर ज्ञानार्जन करते हैं।

2. ज्ञान का भंडार: पुस्तकालय ज्ञान का सागर है। यहाँ इतिहास, विज्ञान, साहित्य, और समसामयिक घटनाओं से जुड़ी पुस्तकें, पत्रिकाएँ और समाचार पत्र उपलब्ध होते हैं। यह हमें देश-दुनिया से जोड़ता है।

3. पुस्तकालय के प्रकार: व्यक्तिगत पुस्तकालय (घर पर), विद्यालय/कॉलेज पुस्तकालय (छात्रों के लिए), और सार्वजनिक पुस्तकालय (आम जनता के लिए)।

4. विद्यार्थियों के लिए उपयोगिता: गरीब छात्र जो महँगी किताबें नहीं खरीद सकते, वे पुस्तकालय से लाभ उठा सकते हैं। यहाँ का शांत वातावरण पढ़ाई के लिए उत्तम होता है। इससे स्वाध्याय (Self-study) की आदत विकसित होती है।

5. उपसंहार: पुस्तकालय हमारे सच्चे मित्र हैं। ये हमारा मानसिक विकास करते हैं और चरित्र निर्माण में सहायक होते हैं। हमें पुस्तकालयों का सदुपयोग करना चाहिए और पुस्तकों की रक्षा करनी चाहिए।

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⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)

इस पोस्ट में दिए गए प्रश्न एवं उत्तर केवल अभ्यास और शैक्षणिक उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्न संभावित (Model) स्वरूप के हैं तथा बोर्ड परीक्षा में इन्हीं प्रश्नों के आने की कोई गारंटी नहीं है।

उत्तर संदर्भ सामग्री एवं पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार किए गए हैं। छात्र अंतिम एवं प्रमाणिक जानकारी के लिए संबंधित पाठ्यपुस्तक, अधिकृत सिलेबस एवं बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ही अनुसरण करें।

इस सामग्री का उद्देश्य विद्यार्थियों की तैयारी में सहयोग करना है, न कि किसी आधिकारिक प्रश्नपत्र का प्रतिनिधित्व करना।

MP Education Gyan Deep किसी भी प्रकार की त्रुटि या परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

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एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं हिन्दी मॉडल पेपर सेट A – नवीनतम पैटर्न पर आधारित

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MP Board Class 10 Hindi Model Paper Set A

विद्यार्थियों के लिए परीक्षा की बेहतरीन तैयारी का अवसर है। यह मॉडल पेपर नवीनतम परीक्षा पैटर्न एवं ब्लूप्रिंट पर आधारित है, जिससे छात्र वास्तविक परीक्षा का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।

🔹 मुख्य बिंदु (Highlights)

📚 विषय: हिन्दी

🏫 कक्षा: 10वीं (MP Board)

📝 पेपर सेट: Set A

⏳ समय अवधि: 3 घंटे

📊 पूर्णांक: 75 अंक

इस मॉडल पेपर की विशेषताएँ

  • नवीनतम सिलेबस पर आधारित
  • बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुसार प्रश्न
  • महत्वपूर्ण प्रश्नों का समावेश
  • लेखन कौशल (पत्र, निबंध, संवाद, सूचना लेखन) का अभ्यास
  • पुनरावृत्ति (Revision) के लिए उपयोगी

छात्रों के लिए लाभ

  • परीक्षा से पहले आत्ममूल्यांकन
  • समय प्रबंधन का अभ्यास
  • संभावित प्रश्नों की समझ
  • आत्मविश्वास में वृद्धि

Class 10th Hindi Model Paper Set A 

Hindi Model Paper 10th - Sandipani Vidyalaya

कक्षा 10वीं - हिन्दी

(मॉडल पेपर 2025-26 सेट-A)

Created by : D. Septa | पूर्णांक: 75 | समय: 3 घंटे

खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (30 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'सूरदास' के पद में 'तेल की गागरी' किसे कहा गया है?
(अ) श्री कृष्ण को (ब) उद्धव को (स) गोपियों को (द) सूरदास को
👉 (ब) उद्धव को
विवरण: गोपियों ने उद्धव की तुलना तेल की उस मटकी (गागरी) से की है जिस पर पानी की एक भी बूंद नहीं ठहरती, क्योंकि वे कृष्ण के पास रहकर भी उनके प्रेम से अछूते रहे।

(ii) 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' रामचरितमानस के किस काण्ड से लिया गया है?
(अ) अयोध्या काण्ड (ब) बाल काण्ड (स) सुंदर काण्ड (द) लंका काण्ड
👉 (ब) बाल काण्ड
विवरण: यह प्रसंग सीता स्वयंवर के समय का है, जो रामचरितमानस के बाल काण्ड में वर्णित है।

(iii) 'नेताजी का चश्मा' कहानी का मूल भाव है:
(अ) शिक्षा का विकास (ब) समाज सुधार (स) मूर्ति कला का विकास (द) देश भक्ति की भावना
👉 (द) देश भक्ति की भावना
विवरण: यह कहानी कैप्टन चश्मेवाले के माध्यम से देश के करोड़ों नागरिकों के देशभक्तिपूर्ण योगदान को रेखांकित करती है।

(iv) 'भोलानाथ' का असली नाम क्या था?
(अ) तारकेश्वरनाथ (ब) त्रिलोकीनाथ (स) बैजनाथ (द) केदारनाथ
👉 (अ) तारकेश्वरनाथ
विवरण: 'माता का अँचल' पाठ में लेखक शिवपूजन सहाय ने अपने बचपन का नाम तारकेश्वरनाथ बताया है, जिसे पिता प्यार से भोलानाथ कहते थे।

(v) शांत रस का स्थायी भाव है:
(अ) उत्साह (ब) निर्वेद (स) रति (द) शोक
👉 (ब) निर्वेद
विवरण: जब सांसारिक विषयों के प्रति वैराग्य उत्पन्न होता है, तो वहां शांत रस होता है जिसका स्थायी भाव निर्वेद है।

(vi) समास के कितने भेद होते हैं?
(अ) चार (ब) पांच (स) छह (द) तीन
👉 (स) छह
विवरण: समास के 6 भेद हैं - अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व और बहुव्रीहि।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'परशुराम' ने ________ की भुजाएं काटी थीं।
सहस्रबाहु
विवरण: परशुराम ने अपने पिता के अपमान का बदला लेने के लिए सहस्रबाहु (कार्तवीर्य अर्जुन) का वध किया था।

(ii) चौपाई छंद के प्रत्येक चरण में ________ मात्राएं होती हैं।
16-16
विवरण: चौपाई एक सम मात्रिक छंद है जिसमें चार चरण होते हैं और हर चरण में 16 मात्राएं होती हैं।

(iii) बालगोबिन भगत ________ के पद गाया करते थे।
कबीर
विवरण: बालगोबिन भगत कबीर को अपना 'साहब' मानते थे और उन्हीं के गीतों को गाते थे।

(iv) वाच्य के ________ भेद होते हैं।
तीन
विवरण: वाच्य के तीन भेद हैं - कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।

(v) 'मैं क्यों लिखता हूँ' के लेखक ________ हैं।
अज्ञेय
विवरण: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' ने इस निबंध में लेखन की आंतरिक विवशता का वर्णन किया है।

(vi) बिहारी ________ काल के प्रमुख कवि हैं।
रीतिकाल
विवरण: बिहारी रीतिकाल की रीतिसिद्ध काव्यधारा के प्रतिनिधि कवि माने जाते हैं।
प्र.3. सत्य/असत्य का चयन कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) आत्मकथ्य कविता में कवि जयशंकर प्रसाद ने अपने जीवन की महानता का वर्णन किया है।
असत्य
विवरण: कवि ने विनम्रतापूर्वक अपने जीवन को साधारण और अभावों से भरा बताया है, न कि महान।

(ii) दोहा एक सम मात्रिक छंद है।
असत्य
विवरण: दोहा 'अर्द्धसम' मात्रिक छंद है (विषम चरणों में 13 और सम चरणों में 11 मात्राएं)।

(iii) 'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ में गंगटोक शहर का वर्णन है।
सत्य
विवरण: लेखिका मधु कांकरिया ने इसमें सिक्किम की राजधानी गंगटोक और हिमालय की यात्रा का वर्णन किया है।

(iv) क्रिया विशेषण से क्रिया के होने की रीति, समय और स्थान का पता चलता है।
सत्य
विवरण: ये क्रिया विशेषण के भेद हैं (रीतिवाचक, कालवाचक, स्थानवाचक)।

(v) लखनवी अंदाज पाठ के लेखक यशपाल हैं।
सत्य
विवरण: यशपाल जी ने इस व्यंग्य रचना में पतनशील सामंती वर्ग पर कटाक्ष किया है।

(vi) वीर रस का स्थायी भाव 'शोक' है।
असत्य
विवरण: वीर रस का स्थायी भाव 'उत्साह' है। 'शोक' करुण रस का स्थायी भाव है।
प्र.4. सही जोड़ी मिलाइए: (1×6 = 6 अंक)
(i) कामायनी   -> (क) यतीन्द्र मिश्र
(ii) मानवीय क्रियाओं का आरोप   -> (ख) अव्ययीभाव समास
(iii) प्रतिदिन   -> (ग) जयशंकर प्रसाद
(iv) नौबतखाने में इबादत   -> (घ) मानवीकरण अलंकार
(v) एक ही शब्द की आवृत्ति   -> (ङ) महाकाव्य
(vi) रामचरितमानस   -> (च) पुनरुक्तिप्रकाश अलंकार
सही मिलान:
1. कामायनी → (ग) जयशंकर प्रसाद (महाकाव्य)
2. मानवीय क्रियाओं का आरोप → (घ) मानवीकरण अलंकार (प्रकृति पर मानव सुलभ क्रियाओं का आरोप)
3. प्रतिदिन → (ख) अव्ययीभाव समास (दिन-दिन)
4. नौबतखाने में इबादत → (क) यतीन्द्र मिश्र (बिस्मिल्ला खाँ पर व्यक्तिचित्र)
5. एक ही शब्द की आवृत्ति → (च) पुनरुक्तिप्रकाश अलंकार (जैसे- धीरे-धीरे)
6. रामचरितमानस → (ङ) महाकाव्य (तुलसीदास रचित)
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'उत्साह' कविता में बादल किसका प्रतीक है?
क्रांति का / पौरुष का

(ii) जिस क्रिया का प्रभाव कर्ता पर पड़ता है, उसे कौन सी क्रिया कहते हैं?
अकर्मक क्रिया

(iii) 'संस्कृति' पाठ के लेखक कौन हैं?
भदंत आनंद कौसल्यायन

(iv) 'फसल' कविता हमें किसके करीब ले जाती है?
कृषि संस्कृति और प्रकृति के करीब

(v) संचारी भावों की संख्या कितनी मानी गई है?
33 (तैंतीस)

(vi) 'गैंटोक' का क्या अर्थ है?
पहाड़
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. गोपियों के अनुसार राजा का धर्म क्या होना चाहिए?
अथवा
परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए कौन-कौन से तर्क दिए?
उत्तर: गोपियों के अनुसार राजा का धर्म यह है कि वह प्रजा को न सताए, उसके सुख-दुख का ध्यान रखे और अन्याय को रोककर न्याय का साथ दे।

(अथवा) उत्तर: लक्ष्मण ने तर्क दिया कि यह धनुष बहुत पुराना और कमजोर था। राम के छूते ही यह टूट गया। बचपन में हमने ऐसे कई धनुष तोड़े हैं, तब तो आपने कभी क्रोध नहीं किया।
प्र.7. 'आत्मकथ्य' कविता में कवि जयशंकर प्रसाद ने 'मधुप' का प्रयोग किसके लिए किया है?
अथवा
बच्चे की दंतुरित मुसकान का कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: कवि ने 'मधुप' (भौंरा) का प्रयोग अपने 'मन' के लिए किया है, जो गुनगुना कर अपनी जीवन-कहानी कहना चाहता है।

(अथवा) उत्तर: बच्चे की दंतुरित मुसकान देखकर कवि का मन प्रसन्न हो उठता है। उसे लगता है कि यह मुस्कान मृतक में भी जान डाल सकती है और धूल से सना बच्चा कमल के फूल जैसा लगता है।
प्र.8. महाकाव्य और खंडकाव्य में कोई दो अंतर लिखिए।
अथवा
हास्य रस की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर: 1. महाकाव्य में जीवन का समग्र चित्रण होता है (जैसे रामचरितमानस), खंडकाव्य में जीवन के किसी एक पक्ष का (जैसे पंचवटी)।
2. महाकाव्य में 8 या अधिक सर्ग होते हैं, खंडकाव्य में एक ही सर्ग होता है।

(अथवा) उत्तर: किसी की विचित्र वेशभूषा, वाणी या चेष्टा को देखकर मन में जो विनोद (हंसी) का भाव उत्पन्न होता है, वहाँ हास्य रस होता है।
उदाहरण: "बंदर ने कहा बंदरिया से, चलो नहाने गंगा।"
प्र.9. दोहा छंद के लक्षण लिखिए।
अथवा
मानवीकरण अलंकार की परिभाषा लिखिए।
उत्तर: दोहा एक अर्द्धसम मात्रिक छंद है। इसके चार चरण होते हैं। पहले और तीसरे चरण में 13-13 मात्राएं तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएं होती हैं।

(अथवा) उत्तर: जहाँ जड़ प्रकृति (निर्जीव वस्तुओं) पर मानवीय भावनाओं या क्रियाओं का आरोप किया जाता है, वहाँ मानवीकरण अलंकार होता है। जैसे - "फूल हँसे, कलियाँ मुसकाईं।"
प्र.10. सेनानी न होते हुए भी चश्मे वाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे?
अथवा
बालगोबिन भगत ने अपने बेटे की मृत्यु पर अपनी भावनाएं कैसे व्यक्त कीं?
उत्तर: चश्मे वाले के मन में देश प्रेम और नेताजी के प्रति अपार सम्मान था। वह नेताजी की मूर्ति को बिना चश्मे के नहीं देख सकता था। उसका यह जज्बा देखकर लोग उसे व्यंग्य या सम्मान में 'कैप्टन' कहते थे।

(अथवा) उत्तर: बेटे की मृत्यु पर भगत ने रोने के बजाय उत्सव मनाने को कहा। उन्होंने शव को फूल-मालाओं से सजाया और कबीर के पद गाते हुए कहा कि आत्मा परमात्मा से मिल गई है, यह आनंद का क्षण है।
प्र.11. 'एक कहानी यह भी' पाठ में मन्नू भंडारी के पिता ने रसोई को 'भटियारखाना' क्यों कहा है?
अथवा
बिस्मिल्ला खाँ को 'शहनाई की मंगलध्वनि' का नायक क्यों कहा गया है?
उत्तर: उनके पिता का मानना था कि रसोई में काम करने से लड़कियों की प्रतिभा और क्षमता चूल्हे-चौके में ही जलकर नष्ट हो जाती है, इसलिए वे उसे 'भटियारखाना' कहते थे।

(अथवा) उत्तर: शहनाई का प्रयोग शुभ कार्यों (विवाह, उत्सव) में किया जाता है और बिस्मिल्ला खाँ शहनाई वादन में सर्वश्रेष्ठ थे। वे 80 वर्षों तक सुर की इबादत करते रहे, इसलिए उन्हें मंगलध्वनि का नायक कहा गया है।
प्र.12. 'रामवृक्ष बेनीपुरी' अथवा 'यशपाल' की दो-दो रचनाओं के नाम लिखिए।
अथवा
नाटक और एकांकी में दो अंतर लिखिए।
उत्तर:
रामवृक्ष बेनीपुरी: माटी की मूरतें, गेहूँ और गुलाब।
यशपाल: झूठा सच, ज्ञानदान।

(अथवा) उत्तर:
1. नाटक में कई अंक होते हैं, एकांकी में एक ही अंक होता है।
2. नाटक में कथा विस्तार होता है और पात्र अधिक होते हैं, एकांकी में कथा संक्षिप्त और पात्र कम होते हैं।
प्र.13. 'भोलानाथ' अपने साथियों को देखकर सिसकना क्यों भूल जाता है?
अथवा
'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ में लेखिका ने प्रदूषण के क्या दुष्परिणाम बताए हैं?
उत्तर: बच्चों का स्वभाव खेलना-कूदना होता है। भोलानाथ भी अपने हमजोली साथियों और उनके खेल-तमाशे देखकर अपनी पीड़ा भूल जाता है और खेल में मग्न हो जाता है।

(अथवा) उत्तर: लेखिका ने बताया कि प्रदूषण के कारण स्नोफॉल (बर्फबारी) कम हो गई है। हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता नष्ट हो रही है और मानसिक शांति भंग हो रही है।
प्र.14. संधि और समास में दो अंतर लिखिए।
अथवा
मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
1. संधि में वर्णों का मेल होता है, समास में शब्दों का मेल होता है।
2. संधि में विकार (परिवर्तन) होता है, समास में विभक्ति या शब्दों का लोप होता है।

(अथवा) उत्तर:
मुहावरा वाक्यांश होता है और वाक्य में प्रयोग होने पर ही अर्थ देता है (जैसे - 'आँख का तारा')। लोकोक्ति एक पूर्ण वाक्य होती है और स्वतंत्र रूप से प्रयोग की जा सकती है (जैसे - 'अधजल गगरी छलकत जाय')।
प्र.15. निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: (क) नौ दो ग्यारह होना (ख) आँखों का तारा
अथवा
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए:
1. राम स्कूल जाता है। (निषेधवाचक)
2. क्या वह पढ़ रहा है? (विधानवाचक)
उत्तर:
(क) भाग जाना - पुलिस को देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गया।
(ख) बहुत प्यारा - श्रवण कुमार अपने माता-पिता की आँखों के तारे थे।

(अथवा) उत्तर:
1. राम स्कूल नहीं जाता है।
2. वह पढ़ रहा है।
प्र.16. 'हिरोशिमा' की घटना विज्ञान का भयानक दुरुपयोग है। आपकी दृष्टि में विज्ञान का दुरुपयोग कहाँ-कहाँ हो रहा है?
अथवा
लेखक अज्ञेय ने अपने आपको 'हिरोशिमा' के विस्फोट का भोक्ता कब और कैसे महसूस किया?
उत्तर: आज विज्ञान का दुरुपयोग परमाणु हथियार बनाने, साइबर अपराध (हैकिंग), भ्रूण हत्या, और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों/प्लास्टिक के निर्माण में हो रहा है।

(अथवा) उत्तर: जब लेखक ने हिरोशिमा में एक पत्थर पर मनुष्य की काली छाया देखी, जो विस्फोट की गर्मी से भाप बनकर उड़ गया था, तब उन्हें उस त्रासदी की भयानकता की अनुभूति (प्रत्यक्ष अनुभव) हुई और वे खुद को उसका भोक्ता महसूस करने लगे।
प्र.17. 'निपात' शब्द किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
अथवा
अकर्मक और सकर्मक क्रिया में अंतर बताइए।
उत्तर: वे अव्यय शब्द जो किसी शब्द के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष बल ला देते हैं, निपात कहलाते हैं। जैसे - भी, तो, ही। (उदाहरण: मुझे ही जाना पड़ेगा।)

(अथवा) उत्तर: अकर्मक क्रिया में कर्म की आवश्यकता नहीं होती (जैसे- राम सोता है)। सकर्मक क्रिया में कर्म होता है और क्रिया का फल कर्म पर पड़ता है (जैसे- राम आम खाता है)।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.18. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए:
"ऊधौ, तुम हौ अति बड़भागी।
अपरस रहत सनेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी।"
अथवा
निम्नलिखित पद्यांश का भावार्थ लिखिए:
"मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी,
मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ देखो कितनी आज घनी।"
उत्तर (संदर्भ-प्रसंग-व्याख्या):

संदर्भ: यह पद पाठ्यपुस्तक 'क्षितिज भाग-2' के 'पद' पाठ से है। कवि 'सूरदास' हैं।

प्रसंग: गोपियां उद्धव पर व्यंग्य करते हुए उनकी प्रेमहीनता को उजागर कर रही हैं।

व्याख्या: गोपियां कहती हैं - हे उद्धव! तुम बड़े भाग्यवान हो जो कृष्ण के पास रहकर भी उनके प्रेम के धागे में नहीं बंधे। तुम्हारा मन उनके अनुराग में नहीं डूबा। तुम उस कमल के पत्ते के समान हो जो पानी में रहकर भी पानी से अछूता रहता है।


(अथवा) उत्तर (भावार्थ):

संदर्भ: 'आत्मकथ्य' कविता, कवि 'जयशंकर प्रसाद' द्वारा रचित।

भावार्थ: कवि कहते हैं कि मेरा मन रूपी भौंरा गुनगुना कर अपनी कौन सी दुखभरी कहानी सुनाए? देखो, जीवन रूपी वृक्ष से खुशियों की पत्तियां मुरझा कर गिर रही हैं। अर्थात, जीवन दुखों और अभावों से भरा है, इसमें कोई ऐसी महानता नहीं है जिसे आत्मकथा के रूप में लिखा जाए।

प्र.19. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए:
"बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-जिंदगी सब कुछ होम देने वालों पर भी हँसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूँढ़ती है।"
अथवा
गद्यांश की व्याख्या:
"बालगोबिन भगत की संगीत साधना का चरम उत्कर्ष उस दिन देखा गया जिस दिन उनका बेटा मरा। इकलौता बेटा था वह।"
उत्तर (संदर्भ-प्रसंग-व्याख्या):

संदर्भ: पाठ 'नेताजी का चश्मा', लेखक 'स्वयं प्रकाश'।

प्रसंग: हालदार साहब कैप्टन की मृत्यु और पानवाले की संवेदनहीनता पर दुखी होकर सोचते हैं।

व्याख्या: हालदार साहब सोचते हैं कि उस देश का क्या भविष्य होगा जो देशभक्तों का मजाक उड़ाता है। कैप्टन जैसे लोग देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर देते हैं, फिर भी लोग उन पर हंसते हैं। दूसरी तरफ, लोग स्वार्थ के लिए अपना ईमान बेचने को तैयार हैं। यह पतनशील समाज की निशानी है।


(अथवा) उत्तर:

संदर्भ: पाठ 'बालगोबिन भगत', लेखक 'रामवृक्ष बेनीपुरी' ।

व्याख्या: लेखक कहते हैं कि भगत जी कबीर के भक्त थे। उनकी भक्ति की असली परीक्षा उस दिन हुई जब उनका इकलौता बेटा मरा। आम लोग ऐसे समय रोते हैं, लेकिन भगत जी ने इसे आत्मा का परमात्मा से मिलन माना और उत्सव की तरह गीत गाए। यह उनके मोह-मुक्त व्यक्तित्व की पराकाष्ठा थी।

प्र.20. 'वृक्षारोपण का महत्व' विषय पर एक अनुच्छेद लिखिए।
अथवा
परीक्षा की तैयारी को लेकर दो मित्रों के बीच संवाद लिखिए।
उत्तर (अनुच्छेद - वृक्षारोपण):

वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। वे हमें प्राणवायु (ऑक्सीजन) देते हैं और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं। 'वृक्षारोपण' का अर्थ है नए पेड़ लगाना। आज प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के खतरे के कारण वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। पेड़ मिट्टी के कटाव को रोकते हैं, वर्षा कराते हैं और हमें फल-फूल देते हैं। एक पेड़ सौ पुत्रों के समान होता है। हमें अपने जन्मदिन पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।


(अथवा) उत्तर (संवाद):

रोहन: अरे सोहन! कैसी चल रही है तुम्हारी परीक्षा की तैयारी?
सोहन: ठीक चल रही है मित्र। मैंने गणित और विज्ञान का रिवीजन पूरा कर लिया है।
रोहन: अरे वाह! मुझे तो हिंदी के व्याकरण में थोड़ी दिक्कत आ रही है।
सोहन: चिंता मत करो, हम शाम को मिलकर व्याकरण पढ़ लेंगे। मैंने कुछ नोट्स बनाए हैं।
रोहन: धन्यवाद यार! इससे मुझे बहुत मदद मिलेगी।

खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.21. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
"अनुशासन जीवन की आधारशिला है। अनुशासन के बिना मनुष्य का जीवन उस नाव के समान है जिसका कोई खेवनहार नहीं। विद्यार्थी जीवन में तो अनुशासन का विशेष महत्व है..."
(क) उपयुक्त गद्यांश का शीर्षक लिखिए।
(ख) अनुशासन को जीवन की आधारशिला क्यों कहा गया है?
(ग) 'आधारशिला' शब्द का अर्थ लिखिए।
(घ) गद्यांश का सारांश लिखिए।
अथवा
अपठित काव्यांश के प्रश्न उत्तर:
"खड़ा हिमालय बता रहा है, डरो न आंधी पानी में।
खड़े रहो अपने पथ पर तुम, अविचल होकर हर संकट में..."

(क) शीर्षक लिखिए।
(ख) हिमालय हमें क्या संदेश दे रहा है?
(ग) 'अविचल' का विलोम शब्द लिखिए।
(घ) काव्यांश का भावार्थ लिखिए।
उत्तर (गद्यांश):

(क) शीर्षक: विद्यार्थी जीवन और अनुशासन।

(ख) उत्तर: क्योंकि अनुशासन के बिना जीवन लक्ष्यहीन हो जाता है। यह सफलता की नींव है।

(ग) अर्थ: नींव या बुनियाद।

(घ) सारांश: अनुशासन मनुष्य, विशेषकर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह जीवन को सही दिशा देता है। अनुशासनहीन व्यक्ति कभी सफल नहीं हो सकता।


(अथवा) उत्तर (काव्यांश):

(क) शीर्षक: दृढ़ निश्चय / हिमालय की सीख।

(ख) संदेश: जीवन में मुसीबतों (आंधी-पानी) से डरना नहीं चाहिए और लक्ष्य पर अटल रहना चाहिए।

(ग) विलोम: विचलित / अस्थिर।

(घ) भावार्थ: कवि कहते हैं कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो हिमालय की तरह हर संकट में निडर होकर अपने कर्तव्य पथ पर डटे रहते हैं।

प्र.22. अपने विद्यालय के प्राचार्य महोदय को शुल्क-मुक्ति (फीस माफ़) हेतु आवेदन पत्र लिखिए।
अथवा
अपने मित्र को हाईस्कूल परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर बधाई पत्र लिखिए।
उत्तर (औपचारिक पत्र):

सेवा में,
श्रीमान प्राचार्य महोदय,
सांदीपनि विद्यालय, तलवाड़ा बुजुर्ग।
विषय: शुल्क मुक्ति हेतु आवेदन पत्र।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का कक्षा 10वीं का छात्र हूँ। मेरे पिताजी एक छोटे किसान हैं और उनकी आय अत्यंत सीमित है। इस कारण वे मेरी विद्यालय की फीस भरने में असमर्थ हैं। मैं पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहा हूँ। अतः आपसे प्रार्थना है कि मेरी आर्थिक स्थिति को देखते हुए मेरा शिक्षण शुल्क माफ़ करने की कृपा करें।
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
नाम: (क.ख.ग)
कक्षा: 10वीं
दिनांक: XX/XX/2025


(अथवा) उत्तर (अनौपचारिक पत्र):

तलवाड़ा बुजुर्ग,
दिनांक: XX/XX/2025
प्रिय मित्र अमित,
सप्रेम नमस्ते।

आज तुम्हारा परीक्षा परिणाम देखा। यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि तुमने हाईस्कूल परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त की है। यह तुम्हारी कड़ी मेहनत का फल है। मेरी ओर से तुम्हें बहुत-बहुत बधाई। भविष्य में भी तुम इसी प्रकार सफल रहो।
तुम्हारा मित्र,
सुमित

प्र.23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर रूपरेखा सहित निबंध लिखिए:
(क) विज्ञान के चमत्कार
(ख) पर्यावरण प्रदूषण: समस्या और निदान
(ग) विद्यार्थी और अनुशासन
(घ) खेलों का महत्व
उत्तर (निबंध: विज्ञान के चमत्कार):

रूपरेखा: 1. प्रस्तावना 2. चिकित्सा क्षेत्र 3. संचार और यातायात 4. बिजली और मशीनें 5. हानियां 6. उपसंहार।

1. प्रस्तावना: आज का युग विज्ञान का युग है। सुई से लेकर हवाई जहाज तक सब विज्ञान की देन है।

2. संचार और यातायात: मोबाइल, इंटरनेट ने दुनिया को मुट्ठी में कर लिया है। हम घर बैठे दुनिया की खबर ले सकते हैं। ट्रेन और हवाई जहाज ने महीनों का सफर घंटों में बदल दिया है।

3. चिकित्सा: विज्ञान ने अंधी को आंखें और बहरे को कान दिए हैं। लाइलाज बीमारियों का इलाज संभव हुआ है।

4. हानियां: परमाणु बम और मिसाइलों ने युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है। मशीनों से बेरोजगारी और प्रदूषण बढ़ा है।

5. उपसंहार: विज्ञान एक अच्छा सेवक है लेकिन बुरा स्वामी। यदि हम इसका सही उपयोग करें तो यह पृथ्वी को स्वर्ग बना सकता है।

© 2026 Gyan Deep Info | D. Septa

⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)

इस पोस्ट में दिए गए प्रश्न एवं उत्तर केवल अभ्यास और शैक्षणिक उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्न संभावित (Model) स्वरूप के हैं तथा बोर्ड परीक्षा में इन्हीं प्रश्नों के आने की कोई गारंटी नहीं है।

उत्तर संदर्भ सामग्री एवं पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार किए गए हैं। छात्र अंतिम एवं प्रमाणिक जानकारी के लिए संबंधित पाठ्यपुस्तक, अधिकृत सिलेबस एवं बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ही अनुसरण करें।

इस सामग्री का उद्देश्य विद्यार्थियों की तैयारी में सहयोग करना है, न कि किसी आधिकारिक प्रश्नपत्र का प्रतिनिधित्व करना।

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कक्षा 9वीं एवं 11वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 टाइम टेबल

लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश गौतम नगर, भोपाल द्वारा सत्र 2025-26 की कक्षा 9वीं एवं 11वीं की वार्षिक परीक्षा की समय-सारणी जारी कर दी गई है. लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा जारी आदेश क्रमांक / अकादमिक / वार्षिक परीक्षा  / 105 / 2026 / 2443 भोपाल, दिनांक: 24/12/2025 के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 की कक्षा 9वीं की वार्षिक परीक्षा 02 March 2026 से प्रारंभ होकर 17 March 2026 को संपन्न होगी एवं 11वीं की वार्षिक परीक्षा 23 Feb. 2026 से प्रारंभ होकर 17 March 2026 को संपन्न होगी.

परीक्षा का समय - कक्षा 9वीं एवं 11वीं की परीक्षा का समय दोपहर 01:30 बजे से 04:30 बजे  तक रहेगा, विद्यार्थियों को परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा प्रारंभ होने से आधा घंटा पूर्व  उपस्थित होना अनिवार्य होगा.

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MP Board Project – Practical अंक योजना (Blue Print) में परिवर्तन, HSS के सभी विषयों में होंगे प्रोजेक्ट / प्रायोगिक की अंक नई योजना   

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