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9th Maths Standard Quarterly Exam Paper कक्षा 9वी गणित (स्टैण्डर्ड) त्रैमासिक परीक्षा पेपर

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आदर्श त्रैमासिक परीक्षा प्रश्न पत्र (सेट–1) कक्षा – 9वीं | विषय – गणित (स्टैण्डर्ड)

कक्षा 9वीं गणित (स्टैण्डर्ड) के विद्यार्थियों के लिए त्रैमासिक परीक्षा 2026-27 की तैयारी हेतु यह आदर्श प्रश्न पत्र तैयार किया गया है। इसमें परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण एवं अभ्यास योग्य प्रश्नों को शामिल किया गया है। यह MP Board Class 9th Maths Standard Quarterly Exam 2026-27 की तैयारी, अभ्यास एवं स्व-मूल्यांकन में उपयोगी रहेगा।

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आदर्श त्रैमासिक परीक्षा प्रश्न पत्र

कक्षा - 9वी | विषय - गणित (स्टैण्डर्ड)

कुल अंक: 80 | समय: 3 घण्टे

निर्देश: सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य है। प्रश्न 1 से 5 तक 30 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रश्न 6 से 17 तक 2 अंक, 18 से 20 तक 3 अंक तथा 21 से 23 तक 4 अंक निर्धारित हैं।

प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए (1x6=6)

1. √3 एक संख्या है: 
(क) परिमेय 
(ख) अपरिमेय 
(ग) पूर्णांक 
(घ) प्राकृत
(ख) अपरिमेय
2. बहुपद x3 - 3x2 + 4x + 5 की घात है: 
(क) 1 
(ख) 2 
(ग) 3 
(घ) 4
(ग) 3
3. बिंदु (-3, 4) की x-अक्ष से लांबिक दूरी है: 
(क) 3 
(ख) -3 
(ग) 4 
(घ) 5
(ग) 4
4. समीकरण 2x + 3y = 6 का एक हल है: 
(क) (0, 3) 
(ख) (3, 0) 
(ग) (1, 2) 
(घ) (0, 2)
(घ) (0, 2)
5. त्रिभुज के तीनों कोणों का अनुपात 1:2:3 है, तो सबसे बड़ा कोण होगा: 
(क) 60 अंश 
(ख) 90 अंश 
(ग) 120 अंश 
(घ) 45 अंश
(ख) 90 अंश
6. वृत्त की सबसे बड़ी जीवा कहलाती है: 
(क) त्रिज्या 
(ख) व्यास 
(ग) चाप 
(घ) परिधि
(ख) व्यास

प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (1x6=6)

1. एक परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या का योगफल सदैव ........ होता है।
अपरिमेय संख्या
2. रैखिक बहुपद p(x) = ax + b का शून्यक ........ है।
-b/a
3. दो चरों वाले रैखिक समीकरण के ........ हल होते हैं।
अपरिमित रूप से अनेक
4. समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण ........ अंश का होता है।
60
5. समान त्रिज्याओं वाले दो वृत्त ........ होते हैं।
सर्वांगसम
6. किसी निश्चित (संभव) घटना की प्रायिकता का मान ........ होता है।
1

प्रश्न 3. सत्य/असत्य लिखिए (1x6=6)

1. प्रत्येक अपरिमेय संख्या एक वास्तविक संख्या होती है।
सत्य
2. मूल बिंदु के निर्देशांक (1, 1) होते हैं।
असत्य
3. ऋजु कोण (सरल कोण) का मान 180 अंश होता है।
सत्य
4. किसी त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से छोटा होता है।
असत्य
5. अर्धवृत्त में बना कोण समकोण होता है।
सत्य
6. एक सिक्के को उछालने पर चित (Head) आने की प्रायिकता 1/2 होती है।
सत्य

प्रश्न 4. सही जोड़ी मिलाइए (1x6=6)

1. घनाभ का आयतन -
लंबाई x चौड़ाई x ऊंचाई
2. गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल -
4 π r2
3. x-अक्ष का समीकरण -
y = 0
4. रैखिक बहुपद की घात -
1
5. चतुर्भुज के चारों अंतः कोणों का योग -
360 अंश
6. वर्ग अंतराल 10-20 का वर्ग चिह्न (मध्य मान) -
15

प्रश्न 5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर लिखिए (1x6=6)

1. 100 घात वाले एकपदी बहुपद का कोई एक उदाहरण लिखिए।
x100 (या 2y100 आदि)
2. कार्तीय तल को x-अक्ष और y-अक्ष कितने भागों में बांटते हैं?
चार भागों में (चतुर्थांश)
3. प्रतिवर्ती कोण (Reflex angle) की माप किनके बीच होती है?
180 अंश से अधिक और 360 अंश से कम
4. हीरोन के सूत्र में अर्धपरिमाप (s) ज्ञात करने का सूत्र क्या है?
s = (a + b + c) / 2
5. प्रथम पाँच प्राकृत संख्याओं का माध्य क्या होगा?
3 (क्योंकि (1+2+3+4+5)/5 = 15/5 = 3)
6. असंभव घटना की प्रायिकता क्या होती है?
0 (शून्य)

प्रश्न 6. 1/3 और 2/3 के बीच दो परिमेय संख्याएं ज्ञात कीजिए। (2 अंक)

हल: 2 परिमेय संख्याएं ज्ञात करने के लिए अंश और हर में (2+1)=3 से गुणा करेंगे।
(1x3)/(3x3) = 3/9
(2x3)/(3x3) = 6/9
इनके बीच की संख्याएं: 4/9 और 5/9।
उत्तर: 4/9, 5/9
अथवा

36/100 को दशमलव रूप में लिखिए और बताइए कि यह किस प्रकार का दशमलव प्रसार है।

हल: 36/100 = 0.36
चूँकि भागफल समाप्त हो जाता है (शेषफल शून्य है), इसलिए यह एक सांत (Terminating) दशमलव प्रसार है।

प्रश्न 7. सरल कीजिए: (3 + √3)(3 - √3) (2 अंक)

हल: सर्वसमिका (a + b)(a - b) = a2 - b2 का प्रयोग करने पर।
यहाँ a = 3 और b = √3 है।
= (3)2 - (√3)2
= 9 - 3
= 6
उत्तर: 6
अथवा

1 / √7 के हर का परिमेयकरण कीजिए।

हल: अंश और हर दोनों में √7 से गुणा करने पर:
(1 x √7) / (√7 x √7)
= √7 / 7
उत्तर: √7 / 7

प्रश्न 8. बहुपद p(x) = x2 - 2x + 1 के लिए p(1) का मान ज्ञात कीजिए। (2 अंक)

हल: x = 1 रखने पर,
p(1) = (1)2 - 2(1) + 1
p(1) = 1 - 2 + 1
p(1) = 2 - 2 = 0
उत्तर: 0
अथवा

बहुपद 2x3 - 3x2 + 5x - 7 में x2 का गुणांक लिखिए।

हल: दिए गए बहुपद में x2 वाला पद -3x2 है।
अतः x2 का गुणांक -3 है।
उत्तर: -3

प्रश्न 9. कार्तीय तल में बिंदुओं (5, -2) और (-3, -4) का स्थान निर्धारण (चतुर्थांश) बताइए। (2 अंक)

हल:
बिंदु (5, -2) में x धनात्मक (+) और y ऋणात्मक (-) है, अतः यह चतुर्थ (IV) चतुर्थांश में है।
बिंदु (-3, -4) में x और y दोनों ऋणात्मक (-) हैं, अतः यह तृतीय (III) चतुर्थांश में है।
अथवा

भुज और कोटि को परिभाषित कीजिए।

हल: कार्तीय तल में किसी बिंदु की y-अक्ष से दूरी उस बिंदु का x-निर्देशांक या 'भुज' कहलाती है। x-अक्ष से दूरी उस बिंदु का y-निर्देशांक या 'कोटि' कहलाती है।

प्रश्न 10. समीकरण x + 2y = 6 के कोई दो हल ज्ञात कीजिए। (2 अंक)

हल:
स्थिति 1: यदि x = 0 रखें, तो 0 + 2y = 6 => 2y = 6 => y = 3. पहला हल (0, 3) है。
स्थिति 2: यदि y = 0 रखें, तो x + 2(0) = 6 => x = 6. दूसरा हल (6, 0) है。
उत्तर: (0, 3) और (6, 0)
अथवा

k का मान ज्ञात कीजिए जबकि x = 2, y = 1 समीकरण 2x + 3y = k का एक हल हो।

हल: समीकरण 2x + 3y = k में x = 2 और y = 1 रखने पर,
2(2) + 3(1) = k
4 + 3 = k
7 = k
उत्तर: k = 7

प्रश्न 11. पूरक कोण और संपूरक कोण में क्या अंतर है? (2 अंक)

हल: जब दो कोणों का योग 90 अंश होता है, तो वे पूरक कोण कहलाते हैं। जबकि जब दो कोणों का योग 180 अंश होता है, तो वे संपूरक कोण कहलाते हैं।
अथवा

यदि दो कोण (2x - 10) अंश और (x + 40) अंश परस्पर संपूरक हैं, तो x का मान ज्ञात कीजिए।

हल: संपूरक कोणों का योग 180 अंश होता है।
(2x - 10) + (x + 40) = 180
3x + 30 = 180
3x = 150
x = 50
उत्तर: x = 50

प्रश्न 12. त्रिभुजों की सर्वांगसमता का SSS (भुजा-भुजा-भुजा) नियम लिखिए। (2 अंक)

हल: SSS नियम के अनुसार, यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएं दूसरे त्रिभुज की तीनों संगत भुजाओं के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
अथवा

समद्विबाहु त्रिभुज की परिभाषा और एक गुण लिखिए।

हल: वह त्रिभुज जिसकी कोई दो भुजाएं लंबाई में बराबर हों, समद्विबाहु त्रिभुज कहलाता है।
गुण: समद्विबाहु त्रिभुज में बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण भी बराबर होते हैं।

प्रश्न 13. एक चतुर्भुज के कोण 3:5:9:13 के अनुपात में हैं। चतुर्भुज के सभी कोण ज्ञात कीजिए। (2 अंक)

हल: माना कोण 3x, 5x, 9x और 13x हैं।
चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360 अंश होता है।
3x + 5x + 9x + 13x = 360
30x = 360 => x = 12
कोण: 3(12)=36 अंश, 5(12)=60 अंश, 9(12)=108 अंश, 13(12)=156 अंश।
उत्तर: 36, 60, 108, 156 अंश
अथवा

समांतर चतुर्भुज के कोई दो गुण लिखिए।

हल: समांतर चतुर्भुज के गुण:
1. सम्मुख भुजाएं बराबर और समांतर होती हैं।
2. सम्मुख कोण बराबर होते हैं और इसके विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

प्रश्न 14. वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी है और केंद्र से जीवा की दूरी 3 सेमी है। जीवा की लंबाई ज्ञात कीजिए। (2 अंक)

हल: केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब उसे समद्विभाजित करता है।
पाइथागोरस प्रमेय से लंबकोणीय त्रिभुज में: (आधार)2 + (लंब)2 = (कर्ण)2
(आधार)2 + 32 = 52
(आधार)2 + 9 = 25 => (आधार)2 = 16 => आधार = 4 सेमी।
जीवा की कुल लंबाई = 2 x आधार = 2 x 4 = 8 सेमी।
उत्तर: 8 सेमी
अथवा

चक्रीय चतुर्भुज किसे कहते हैं?

हल: एक चतुर्भुज चक्रीय चतुर्भुज कहलाता है यदि उसके चारों शीर्ष एक ही वृत्त पर स्थित हों।

प्रश्न 15. 14 सेमी त्रिज्या वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (2 अंक)

हल: गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 4 π r2
r = 14 सेमी, π = 22/7 रखने पर,
= 4 x (22/7) x 14 x 14
= 4 x 22 x 2 x 14
= 2464 वर्ग सेमी।
उत्तर: 2464 वर्ग सेमी
अथवा

एक लंब वृत्तीय शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जिसकी तिर्यक ऊंचाई 10 सेमी है और आधार की त्रिज्या 7 सेमी है।

हल: शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = π r l
यहाँ r = 7 सेमी, l = 10 सेमी, π = 22/7
= (22/7) x 7 x 10
= 220 वर्ग सेमी।
उत्तर: 220 वर्ग सेमी

प्रश्न 16. एक क्रिकेट मैच में, एक महिला बल्लेबाज खेली गई 30 गेंदों में 6 बार चौका मारती है। चौका न मारे जाने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए। (2 अंक)

हल: कुल गेंदें = 30
चौका मारने की संख्या = 6
चौका न मारने की संख्या = 30 - 6 = 24
प्रायिकता P(चौका न मारना) = अनुकूल परिणाम / कुल परिणाम = 24 / 30
= 4 / 5 (या 0.8)
उत्तर: 4/5
अथवा

एक पासे को एक बार फेंकने पर अभाज्य संख्या प्राप्त होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

हल: पासे पर कुल संभावित परिणाम = 1, 2, 3, 4, 5, 6 (कुल 6)
अभाज्य संख्याएं = 2, 3, 5 (कुल 3 अनुकूल परिणाम)
प्रायिकता P(अभाज्य संख्या) = 3 / 6 = 1 / 2
उत्तर: 1/2

प्रश्न 17. आँकड़ों 14, 25, 14, 28, 18, 17, 18, 14, 23, 22, 14, 18 का बहुलक ज्ञात कीजिए। (2 अंक)

हल: बहुलक वह मान होता है जिसकी बारंबारता सबसे अधिक होती है।
दिए गए आँकड़ों में 14 सबसे अधिक बार (4 बार) आया है।
उत्तर: बहुलक 14 है।
अथवा

प्रथम पाँच अभाज्य संख्याओं का माध्य ज्ञात कीजिए।

हल: प्रथम पाँच अभाज्य संख्याएं: 2, 3, 5, 7, 11 हैं।
माध्य = प्रेक्षणों का योग / प्रेक्षणों की संख्या
= (2 + 3 + 5 + 7 + 11) / 5
= 28 / 5 = 5.6
उत्तर: 5.6

प्रश्न 18. सिद्ध कीजिए कि किसी त्रिभुज के तीनों अंतः कोणों का योग 180 अंश होता है। (3 अंक)

हल:
दिया है: एक त्रिभुज PQR जिसके कोण 1, 2 और 3 हैं।
सिद्ध करना है: कोण 1 + कोण 2 + कोण 3 = 180 अंश।
रचना: बिंदु P से होकर भुजा QR के समांतर एक रेखा XPY खींचिए।
प्रमाण: XPY एक सरल रेखा है, अतः इस पर बने कोणों का योग 180 अंश होगा।
कोण XPR + कोण RPQ + कोण QPY = 180 अंश। (समीकरण 1)
चूँकि XPY समांतर है QR के और PQ तथा PR तिर्यक रेखाएं हैं, इसलिए एकांतर अंतः कोण बराबर होंगे:
कोण XPR = कोण PQR (कोण 2) तथा कोण QPY = कोण PRQ (कोण 3)।
इन मानों को समीकरण 1 में रखने पर: कोण 2 + कोण 1 (कोण RPQ) + कोण 3 = 180 अंश।
इति सिद्धम्।
अथवा

यदि दो रेखाएं प्रतिच्छेद करती हैं, तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं, सिद्ध कीजिए।

हल:
दिया है: दो रेखाएं AB और CD परस्पर बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं।
सिद्ध करना है: (i) कोण AOC = कोण BOD (ii) कोण AOD = कोण BOC
प्रमाण: किरण OA रेखा CD पर खड़ी है। अतः कोण AOC + कोण AOD = 180 अंश (रैखिक युग्म)। (समीकरण 1)
इसी प्रकार किरण OD रेखा AB पर खड़ी है। अतः कोण AOD + कोण BOD = 180 अंश। (समीकरण 2)
समीकरण 1 और 2 से:
कोण AOC + कोण AOD = कोण AOD + कोण BOD
दोनों पक्षों से कोण AOD घटाने पर: कोण AOC = कोण BOD।
इसी प्रकार कोण AOD = कोण BOC भी सिद्ध किया जा सकता है। इति सिद्धम्।

प्रश्न 19. गुणनखंड ज्ञात कीजिए: 12x2 - 7x + 1 (3 अंक)

हल: मध्य पद को विभक्त करने की विधि द्वारा। हमें ऐसी दो संख्याएं चाहिए जिनका योग -7 और गुणनफल 12 x 1 = 12 हो। ऐसी संख्याएं -4 और -3 हैं।
12x2 - 4x - 3x + 1
= 4x(3x - 1) - 1(3x - 1)
= (3x - 1)(4x - 1)
उत्तर: (3x - 1)(4x - 1)
अथवा

उपयुक्त सर्वसमिका का प्रयोग करके (99)3 का मान ज्ञात कीजिए।

हल: 99 को (100 - 1) लिख सकते हैं।
सर्वसमिका (a - b)3 = a3 - b3 - 3ab(a - b) का प्रयोग करने पर:
(100 - 1)3 = (100)3 - (1)3 - 3(100)(1)(100 - 1)
= 1000000 - 1 - 300(99)
= 1000000 - 1 - 29700
= 1000000 - 29701
= 970299
उत्तर: 970299

प्रश्न 20. एक त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसकी दो भुजाएं 8 सेमी और 11 सेमी हैं और जिसका परिमाप 32 सेमी है। (3 अंक)

हल: दिया है, a = 8 सेमी, b = 11 सेमी, परिमाप = 32 सेमी।
तीसरी भुजा c = परिमाप - (a + b) = 32 - (8 + 11) = 32 - 19 = 13 सेमी।
अर्धपरिमाप s = 32 / 2 = 16 सेमी।
हीरोन का सूत्र: क्षेत्रफल = √(s(s-a)(s-b)(s-c))
क्षेत्रफल = √(16(16-8)(16-11)(16-13))
= √(16 x 8 x 5 x 3)
= √(1920)
= 8√30 वर्ग सेमी।
उत्तर: 8√30 वर्ग सेमी
अथवा

एक समद्विबाहु त्रिभुज का परिमाप 30 सेमी है और उसकी बराबर भुजाएं 12 सेमी लंबाई की हैं। इस त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल: बराबर भुजाएं a = 12 सेमी, b = 12 सेमी। परिमाप = 30 सेमी।
तीसरी भुजा (आधार) c = 30 - (12 + 12) = 30 - 24 = 6 सेमी।
अर्धपरिमाप s = 30 / 2 = 15 सेमी।
क्षेत्रफल = √(15(15-12)(15-12)(15-6))
= √(15 x 3 x 3 x 9)
= 9√15 वर्ग सेमी।
उत्तर: 9√15 वर्ग सेमी

प्रश्न 21. सिद्ध कीजिए कि एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं। (4 अंक)

हल:
दिया है: केंद्र O वाले एक वृत्त में, एक ही वृत्तखंड में बने दो कोण PQR और PSR हैं जो एक चाप PR द्वारा बने हैं।
सिद्ध करना है: कोण PQR = कोण PSR
प्रमाण: हम जानते हैं कि किसी चाप द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण उसी चाप द्वारा वृत्त के शेष भाग के किसी बिंदु पर अंतरित कोण का दोगुना होता है।
अतः, कोण POR = 2 कोण PQR (समीकरण 1)
तथा कोण POR = 2 कोण PSR (समीकरण 2)
समीकरण 1 और 2 से:
2 कोण PQR = 2 कोण PSR
=> कोण PQR = कोण PSR
इति सिद्धम्।
अथवा

सिद्ध कीजिए कि चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के किसी भी युग्म का योग 180 अंश होता है।

हल:
दिया है: ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है जिसका केंद्र O है।
सिद्ध करना है: कोण A + कोण C = 180 अंश तथा कोण B + कोण D = 180 अंश।
रचना: OB और OD को मिलाइए।
प्रमाण: चाप BCD द्वारा केंद्र पर बना कोण BOD = 2 कोण A है।
तथा चाप DAB द्वारा केंद्र पर बना प्रतिवर्ती कोण BOD = 2 कोण C है।
हम जानते हैं कि केंद्र पर बने कोणों का योग 360 अंश होता है।
अतः कोण BOD + प्रतिवर्ती कोण BOD = 360 अंश
2 कोण A + 2 कोण C = 360 अंश
2(कोण A + कोण C) = 360 अंश => कोण A + कोण C = 180 अंश।
इसी प्रकार चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360 अंश होता है, इसलिए कोण B + कोण D = 360 - 180 = 180 अंश।
इति सिद्धम्।

प्रश्न 22. एक धातु का पाइप 77 सेमी लंबा है। इसके एक अनुप्रस्थ काट का आंतरिक व्यास 4 सेमी है और बाहरी व्यास 4.4 सेमी है। ज्ञात कीजिए: (i) आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (ii) बाहरी वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल। (4 अंक)

हल:
पाइप की ऊंचाई (h) = 77 सेमी।
(i) आंतरिक व्यास = 4 सेमी, अतः आंतरिक त्रिज्या (r) = 2 सेमी।
आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2 π r h
= 2 x (22/7) x 2 x 77 = 2 x 22 x 2 x 11 = 968 वर्ग सेमी।

(ii) बाहरी व्यास = 4.4 सेमी, अतः बाहरी त्रिज्या (R) = 2.2 सेमी।
बाहरी वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2 π R h
= 2 x (22/7) x 2.2 x 77 = 2 x 22 x 2.2 x 11 = 1064.8 वर्ग सेमी।
उत्तर: आंतरिक वक्र पृष्ठ = 968 वर्ग सेमी, बाहरी वक्र पृष्ठ = 1064.8 वर्ग सेमी।
अथवा

एक शंकु के आकार के तंबू की ऊंचाई 10 मीटर है और उसके आधार की त्रिज्या 24 मीटर है। तंबू की तिर्यक ऊंचाई ज्ञात कीजिए।

हल:
दिया है, शंकु की ऊंचाई (h) = 10 मीटर, आधार की त्रिज्या (r) = 24 मीटर।
तिर्यक ऊंचाई (l) का सूत्र: l2 = r2 + h2
l2 = (24)2 + (10)2
l2 = 576 + 100
l2 = 676
l = √676 = 26 मीटर।
उत्तर: तंबू की तिर्यक ऊंचाई 26 मीटर है।

प्रश्न 23. गणित की एक परीक्षा में 15 विद्यार्थियों ने (100 में से) निम्नलिखित अंक प्राप्त किए: 41, 39, 48, 52, 46, 62, 54, 40, 96, 52, 98, 40, 42, 52, 60. इन आँकड़ों के माध्य, माध्यक और बहुलक ज्ञात कीजिए। (4 अंक)

हल:
1. माध्य: सभी प्रेक्षणों का योग / प्रेक्षणों की संख्या
योग = 41+39+48+52+46+62+54+40+96+52+98+40+42+52+60 = 822
माध्य = 822 / 15 = 54.8

2. माध्यक: सबसे पहले आँकड़ों को आरोही क्रम में लिखते हैं:
39, 40, 40, 41, 42, 46, 48, 52, 52, 52, 54, 60, 62, 96, 98
पदों की संख्या n = 15 (विषम) है।
माध्यक = (n+1)/2 वां पद = (15+1)/2 = 8वां पद।
8वां पद 52 है। अतः माध्यक = 52

3. बहुलक: वह मान जो सबसे अधिक बार आया है।
आँकड़ों में 52 सबसे अधिक 3 बार आया है। अतः बहुलक = 52
उत्तर: माध्य = 54.8, माध्यक = 52, बहुलक = 52
अथवा

निम्नलिखित आँकड़ों के लिए यदि बारंबारता (f) क्रमशः दी गई है, तो माध्य ज्ञात कीजिए।
x (मान): 20, 30, 40, 50, 60, 70
f (बारंबारता): 5, 8, 12, 15, 6, 4

हल: माध्य = Σ(fixi) / Σfi
xi | fi | fixi
20 | 5 | 100
30 | 8 | 240
40 | 12 | 480
50 | 15 | 750
60 | 6 | 360
70 | 4 | 280
------------------------
योग: Σfi = 50 | Σfixi = 2210
माध्य = 2210 / 50 = 44.2
उत्तर: 44.2
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer):

यह केवल त्रैमासिक परीक्षा की तैयारी एवं अभ्यास हेतु एक मॉडल (प्रारूप) प्रश्न पत्र है। इसमें दिए गए प्रश्न एवं उत्तर परीक्षा पैटर्न पर आधारित संभावित अभ्यास सामग्री हैं, इसे आधिकारिक परीक्षा पेपर न समझें। विद्यार्थी अपनी अंतिम तैयारी हेतु आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पाठ्यपुस्तकों का ही अनुसरण करें।

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आदर्श त्रैमासिक परीक्षा प्रश्न पत्र (सेट - 2)

कक्षा - 9वी | विषय - संस्कृतम्

कुल अंक: 80 | समय: 3 होराः

निर्देशाः - सर्वे प्रश्नाः अनिवार्याः सन्ति। प्रश्न 1 तः 5 पर्यन्तं वस्तुनिष्ठप्रश्नाः सन्ति। प्रश्न 6 तः 17 पर्यन्तं 2 अङ्काः, 18 तः 20 पर्यन्तं 3 अङ्काः तथा 21 तः 23 पर्यन्तं 4 अङ्काः निर्धारिताः सन्ति।

प्रश्न 1. उचितविकल्पं चित्वा लिखत (1x6=6)

1. 'हसित्वा' इत्यस्मिन् पदे प्रत्ययः अस्ति? 
(क) क्त्वा 
(ख) ल्यप् 
(ग) तुमुन् 
(घ) शतृ
(क) क्त्वा
2. 'महेशः' इत्यस्मिन् पदे सन्धिः अस्ति? 
(क) गुणसन्धिः 
(ख) दीर्घसन्धिः 
(ग) वृद्धिसन्धिः 
(घ) यण्सन्धिः
(क) गुणसन्धिः
3. 'अपठत्' इत्यस्मिन् पदे लकारः अस्ति? 
(क) लोट् 
(ख) लङ् 
(ग) लट् 
(घ) लृट्
(ख) लङ्
4. 'गन्तुम्' इत्यस्मिन् पदे प्रत्ययः अस्ति? 
(क) तुमुन् 
(ख) क्त्वा 
(ग) ल्यप् 
(घ) क्त
(क) तुमुन्
5. 'देवाय' इत्यस्मिन् पदे विभक्तिः अस्ति? 
(क) पञ्चमी 
(ख) षष्ठी 
(ग) चतुर्थी 
(घ) तृतीया
(ग) चतुर्थी
6. 'कठोरः' इत्यस्य विलोमपदं किम्? 
(क) मृदुः 
(ख) सरलः 
(ग) नवीनः 
(घ) नीरसः
(क) मृदुः

प्रश्न 2. रिक्तस्थानानि पूरयत (1x6=6)

1. 'प्राचीनम्' इत्यस्य विलोमपदं ........ अस्ति। (नवीनम् / जीर्णम्)
नवीनम्
2. 'रात्रौ' इत्यस्य पर्यायपदं ........ अस्ति। (निशा / दिवा)
निशा
3. स्वर्णकाकः ........ अखादत्। (तण्डुलान् / फलानि)
तण्डुलान्
4. 'पर्वतः' इत्यस्य पर्यायपदं ........ अस्ति। (नगः / नदी)
नगः
5. 'पराजयः' पदे ........ उपसर्गः अस्ति। (परा / प्र)
परा
6. मल्लिकया ........ रचयन्ति स्म। (मोदकानि / पुस्तकानि)
मोदकानि

प्रश्न 3. शुद्धवाक्यानां समक्षम् 'आम्' अशुद्धवाक्यानां समक्षम् 'न' इति लिखत (1x6=6)

1. 'रामस्य' इति पदे षष्ठी विभक्तिः अस्ति।
आम्
2. 'गच्छन्ति' इति पदे एकवचनम् अस्ति।
न (बहुवचनम् अस्ति)
3. 'क्रीडति' इति पदे लट्लकारः अस्ति।
आम्
4. 'अत्र' एकम् अव्ययपदम् अस्ति।
आम्
5. 'पवनः' पदे अयादि सन्धिः अस्ति।
आम्
6. 'पीताम्बरः' पदे द्विगुः समासः अस्ति।
न (बहुव्रीहिः अस्ति)

प्रश्न 4. उचितं मेलनं कुरुत (सही जोड़ी) (1x6=6)

1. माता -
जननी
2. चक्षुः -
नेत्रम्
3. विद्या + आलयः -
दीर्घ सन्धिः
4. प्रतिदिनम् -
अव्ययीभाव समासः
5. नीलोत्पलम् -
कर्मधारय समासः
6. पवनः -
समीरः

प्रश्न 5. एकपदेन/एकवाक्येन उत्तरं लिखत (1x6=6)

1. खलानां मैत्री कीदृशी भवति?
आरम्भगुर्वी क्षयिणी क्रमेण।
2. कल्पतरुः कुत्र आसीत्?
स्वगृहोद्याने।
3. मल्लिका कुत्र गच्छति स्म?
काशीविश्वनाथमन्दिरम्।
4. स्वर्णकाकः कीदृशः आसीत्?
स्वर्णपक्षो रजतचञ्चुः।
5. बालः कदा क्रीडितुम् अगच्छत्?
पाठशालागमनवेलायाम्।
6. कुम्भकारः कान् रचयति?
घटान्।

प्रश्न 6. अन्ते तपोदत्तः विद्याग्रहणाय कुत्र गतः? (2 अङ्कौ)

अन्ते तपोदत्तः विद्याग्रहणाय गुरुकुलं गतः।
अथवा

सिकताभिः कः सेतुनिर्माणं करोति?

सिकताभिः पुरुषवेषधारी इन्द्रः सेतुनिर्माणं करोति।

प्रश्न 7. जीमूतवाहनः किं विचार्य कल्पतरुम् उपगम्य उवाच? (2 अङ्कौ)

जीमूतवाहनः अचिन्तयत् यत् पूर्वजैः अस्मात् तरोः केवलं धनम् एव याचितम्, परम् अहं परोपकारार्थं एनं याचामि इति विचार्य सः कल्पतरुम् उपगम्य उवाच।
अथवा

कल्पतरुः भूमौ कानि अवर्षत्?

कल्पतरुः भूमौ वसूनि (धनानि) अवर्षत् येन कोऽपि निर्धनः न अतिष्ठत्।

प्रश्न 8. मल्लिका चन्दनश्च मासपर्यन्तं धेनोः कथं सेवाम् अकुरुताम्? (2 अङ्कौ)

तौ मासपर्यन्तं धेनोः दुग्धदोहनं विहाय तस्यै घासादिकं, गुडादिकं च भोजयतः स्म, कदाचित् विषाणयोः तैलं लेपयतः स्म।
अथवा

बालः मित्राणि किमर्थं आह्वयति स्म?

बालः मित्राणि क्रीडितुम् आह्वयति स्म।

प्रश्न 9. स्वर्णकाकः बालिकां किं कथयति? (2 अङ्कौ)

स्वर्णकाकः बालिकां कथयति यत् "मा शुचः, सूर्योदयात् प्राक् ग्रामाद्बहिः पिप्पलवृक्षमनु त्वया आगन्तव्यम्, अहं तुभ्यं तण्डुलमुल्यं दास्यामि।"
अथवा

सज्जनानां मैत्री कीदृशी भवति?

सज्जनानां मैत्री पुरा लघ्वी पश्चात् च वृद्धिमुपैति। दिनस्य परार्धभिन्नछायेव भवति।

प्रश्न 10. 'हरि' शब्दस्य प्रथमा विभक्तेः रूपाणि लिखत। (2 अङ्कौ)

प्रथमा विभक्तिः - हरिः (एकवचनम्), हरी (द्विवचनम्), हरयः (बहुवचनम्)।
अथवा

'लता' शब्दस्य तृतीया विभक्तेः रूपाणि लिखत।

तृतीया विभक्तिः - लतया (एकवचनम्), लताभ्याम् (द्विवचनम्), लताभिः (बहुवचनम्)।

प्रश्न 11. 'लिख्' धातोः लट्लकारस्य प्रथमपुरुषस्य रूपाणि लिखत। (2 अङ्कौ)

प्रथमपुरुषः - लिखति (एकवचनम्), लिखतः (द्विवचनम्), लिखन्ति (बहुवचनम्)।
अथवा

'पश्य्' (दृश्) धातोः लृट्लकारस्य उत्तमपुरुषस्य रूपाणि लिखत।

उत्तमपुरुषः - द्रक्ष्यामि (एकवचनम्), द्रक्ष्यावः (द्विवचनम्), द्रक्ष्यामः (बहुवचनम्)।

प्रश्न 12. सन्धिविच्छेदं कृत्वा सन्धेः नाम लिखत - महर्षिः, यद्यपि। (2 अङ्कौ)

1. महर्षिः = महा + ऋषिः (गुण स्वर सन्धिः)
2. यद्यपि = यदि + अपि (यण् स्वर सन्धिः)
अथवा

सन्धिं कृत्वा नामापि लिखत - सूर्य + उदयः, एक + एकम्।

1. सूर्य + उदयः = सूर्योदयः (गुण स्वर सन्धिः)
2. एक + एकम् = एकैकम् (वृद्धि स्वर सन्धिः)

प्रश्न 13. उपसर्गं चित्वा लिखत - उपगच्छति, निर्गच्छति। (2 अङ्कौ)

1. उपगच्छति - उप (उपसर्गः)
2. निर्गच्छति - निर् (उपसर्गः)
अथवा

अव्ययपदानि चित्वा लिखत - सः शनैः चलति, कुक्कुरः उच्चैः भषति।

1. शनैः (अव्ययम्)
2. उच्चैः (अव्ययम्)

प्रश्न 14. समासविग्रहं कृत्वा समासस्य नाम लिखत - राजपुरुषः, पञ्चवटी। (2 अङ्कौ)

1. राजपुरुषः = राज्ञः पुरुषः (षष्ठी तत्पुरुष समासः)
2. पञ्चवटी = पञ्चानां वटानां समाहारः (द्विगु समासः)
अथवा

समासविग्रहं कुरुत - रामलक्ष्मणौ, चन्द्रशेखरः।

1. रामलक्ष्मणौ = रामः च लक्ष्मणः च (द्वन्द्व समासः)
2. चन्द्रशेखरः = चन्द्रः शिखरे यस्य सः (बहुव्रीहि समासः)

प्रश्न 15. प्रकृति-प्रत्ययौ पृथक् कुरुत - लिखितुम्, आगत्य। (2 अङ्कौ)

1. लिखितुम् = लिख् (धातु) + तुमुन् (प्रत्यय)
2. आगत्य = आ + गम् (धातु) + ल्यप् (प्रत्यय)
अथवा

प्रत्ययं योजयित्वा लिखत - हस् + क्त्वा, गम् + तुमुन्।

1. हस् + क्त्वा = हसित्वा
2. गम् + तुमुन् = गन्तुम्

प्रश्न 16. अशुद्धवाक्यानि शुद्धानि कुरुत - रामः ग्रामस्य गच्छति। , बालकाः कन्दुके क्रीडन्ति। (2 अङ्कौ)

1. रामः ग्रामं गच्छति। (द्वितीया विभक्ति)
2. बालकाः कन्दुकेन क्रीडन्ति। (तृतीया विभक्ति)
अथवा

अशुद्धवाक्यानि शुद्धानि कुरुत - पिता पुत्रस्य सह गच्छति। , त्वं किं पठति।

1. पिता पुत्रेण सह गच्छति। (सह के योग में तृतीया)
2. त्वं किं पठसि। (मध्यम पुरुष)

प्रश्न 17. स्वपाठ्यपुस्तकात् एकं श्लोकं लिखत यः अस्मिन् प्रश्नपत्रे नास्ति। (2 अङ्कौ)

वसन्ते वासन्ती कुसुमसुकुमारैरवयवैः
भ्रमन्ती कान्तारं ...
(छात्र अपनी पाठ्यपुस्तक का कोई भी शुद्ध श्लोक लिख सकते हैं)
अथवा

'गोदोहनम्' इति पाठस्य रचयिता कः अस्ति?

'गोदोहनम्' इति पाठः कृष्णचन्द्रत्रिपाठिमहोदयेन रचितः अस्ति (चतुर्व्यूहम् इति पुस्तकात् सङ्कलितः)।

प्रश्न 18. अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत: (3 अङ्काः)
"अस्ति हिमवान् नाम सर्वकरत्नभूमिः नगेन्द्रः। तस्य सानोरुपरि विभाति कञ्चनपुरं नाम नगरम्। तत्र जीमूतकेतुः इति श्रीमान् विद्याधरपतिः वसति स्म। तस्य गृहोद्याने कुलक्रमागतः कल्पतरुः स्थितः।"

(अ) नगेन्द्रस्य नाम किम्? (1 अङ्कः)
नगेन्द्रस्य नाम हिमवान् अस्ति।
(ब) नगरस्य नाम किम् आसीत्? (1 अङ्कः)
नगरस्य नाम कञ्चनपुरम् आसीत्।
(स) तत्र कः वसति स्म? (1 अङ्कः)
तत्र जीमूतकेतुः इति श्रीमान् विद्याधरपतिः वसति स्म।

प्रश्न 19. अधोलिखितं पद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत: (3 अङ्काः)
"यत्नेन संरक्षित वित्तमेति च याति च।
अक्षिणो वित्ततः क्षीणो वृत्ततस्तु हतो हतः॥"

(अ) किं यत्नेन संरक्षित?
वृत्तम् (चरित्रम्) यत्नेन संरक्षित।
(ब) किं एति याति च?
वित्तम् (धनम्) एति याति च।
(स) कस्मात् क्षीणः हतः भवति?
वृत्ततः (चरित्रात्) क्षीणः जनः हतः भवति।

प्रश्न 20. अधोलिखितं नाट्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत: (3 अङ्काः)
तपोदत्तः - (स्वगतम्) अये! मामेवोद्दिश्य भद्रपुरुषोऽयम् अधिक्षिपति। नूनं सत्यमत्र पश्यामि। अक्षरज्ञानं विनैव वैदुष्यमवाप्तुमभिलषामि। तदियम भगवत्याः शारदायाः अवमानना।

(अ) कः स्वगतं वदति?
तपोदत्तः स्वगतं वदति।
(ब) सः किं विनैव वैदुष्यं प्राप्तुम् इच्छति?
सः अक्षरज्ञानं विनैव वैदुष्यं प्राप्तुम् इच्छति।
(स) इयं कस्याः अवमानना अस्ति?
इयं भगवत्याः शारदायाः अवमानना अस्ति।

प्रश्न 21. अधोलिखितम् अपठितगद्यांशं सम्यक् पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत: (4 अङ्काः)
"विद्या एव नरस्य श्रेष्ठं रूपम् अस्ति। विद्या गुप्तं धनम् अस्ति। विद्या भोगकरी, यशस्करी, सुखकरी च अस्ति। विद्या गुरूणां गुरुः अस्ति। विदेशगमने विद्या एव बन्धुजनः भवति। विद्या राजसु पूज्यते न तु धनम्। विद्याविहीनः नरः पशुः एव भवति।"

(अ) नरस्य श्रेष्ठं रूपं किम् अस्ति?
नरस्य श्रेष्ठं रूपं विद्या अस्ति।
(ब) विदेशगमने बन्धुजनः का भवति?
विदेशगमने विद्या एव बन्धुजनः भवति।
(स) का राजसु पूज्यते?
विद्या राजसु पूज्यते।
(द) विद्याविहीनः नरः कः भवति?
विद्याविहीनः नरः पशुः एव भवति।

प्रश्न 22. स्वप्राचार्याय स्थानान्तरणप्रमाणपत्रार्थम् (TC) एकं प्रार्थनापत्रं संस्कृते लिखत। (4 अङ्काः)

सेवायाम्,
श्रीमन्तः प्राचार्यमहोदयाः,
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयः,
तलवाड़ा बुजुर्ग, मध्यप्रदेशः।

विषयः - स्थानान्तरणप्रमाणपत्रार्थं (T.C.) प्रार्थनापत्रम्।

महोदय,
सविनयं निवेदनम् अस्ति यत् मम पितुः स्थानान्तरणम् इन्दौरनगरे सञ्जातम्। अस्माकं सर्वः परिवारः तत्र गच्छति। अतः अहम् अत्र पठितुम् असमर्थः अस्मि। कृपया मह्यं स्थानान्तरणप्रमाणपत्रं (T.C.) प्रदाय माम् अनुगृह्णन्तु इति सविनयं प्रार्थये।

दिनाङ्कः: .........
भवदीयः आज्ञाकारी शिष्यः
नाम: .........
कक्षा: नवमी
अथवा

भ्रातुः विवाहकारणाय अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम् लिखत।

सेवायाम्,
श्रीमन्तः प्राचार्यमहोदयाः,
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयः,
तलवाड़ा बुजुर्ग, मध्यप्रदेशः।

विषयः - भ्रातुः विवाहकारणाय अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्।

महोदय,
सविनयं निवेदनम् अस्ति यत् आगामि-सप्ताहे मम ज्येष्ठभ्रातुः विवाहः निश्चितः अस्ति। विवाहस्य सर्वेषु कार्येषु मम उपस्थितिः अनिवार्या अस्ति। अतः अहम् विद्यालयम् आगन्तुम् असमर्थः अस्मि। कृपया मह्यं दिनत्रयस्य अवकाशं यच्छन्तु।

दिनाङ्कः: .........
भवदीयः शिष्यः
नाम: .........
कक्षा: नवमी

प्रश्न 23. अधोलिखितेषु एकस्मिन् विषये संस्कृते निबन्धं लिखत: (4 अङ्काः)

1. धेनुः
अस्माकं देशे धेनुः मातृवत् पूज्या अस्ति।
धेनुः एकः चतुष्पात् पशुः अस्ति।
अस्याः द्वे शृङ्गे, एकं पुच्छं च भवति।
धेनुः तृणानि चारति।
सा अस्मभ्यं मधुरं दुग्धं यच्छति।
धेनोः दुग्धेन दधि, घृतं, नवनीतं च निर्मीयते।
धेनोः गोमयेन उपलानि निर्मीयन्ते, क्षेत्राणां उर्वरता च वर्धते।
वयं धेनुं 'गौमाता' इति कथयामः।
2. विद्यालयः
मम विद्यालयस्य नाम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयः तलवाड़ा बुजुर्ग अस्ति।
मम विद्यालयस्य भवनं अतीव विशालं सुन्दरं च अस्ति।
अत्र एकः सुन्दरः वाटिका अस्ति।
मम विद्यालये एकः विशालः क्रीडाङ्गणः अस्ति।
अत्र छात्राः विविधानि क्रीडानि क्रीडन्ति।
मम विद्यालये योग्य शिक्षकाः पाठयन्ति।
अहं प्रतिदिनं विद्यालयं गच्छामि।
मह्यं मम विद्यालयः अतीव रोचते।
3. अनुशासनम्
नियमानां पालनम् एव अनुशासनम् इति कथ्यते।
विद्यार्थिजीवने अनुशासनस्य सर्वाधिकं महत्त्वम् अस्ति।
अनुशासनं विना जीवनं पशुतुल्यं भवति।
प्रकृतेः सर्वे कार्याणि अपि अनुशासनेन एव भवन्ति।
यथा सूर्यः समये उदेति समये च अस्तं गच्छति।
अनुशासितः छात्रः एव जीवने साफल्यं प्राप्नोति।
अतः अस्माभिः सर्वैः अनुशासनस्य पालनं कर्तव्यम्।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer):

यह केवल त्रैमासिक परीक्षा की तैयारी एवं अभ्यास हेतु एक मॉडल (प्रारूप) प्रश्न पत्र है। इसमें दिए गए प्रश्न एवं उत्तर परीक्षा पैटर्न पर आधारित संभावित अभ्यास सामग्री हैं, इसे आधिकारिक परीक्षा पेपर न समझें। विद्यार्थी अपनी अंतिम तैयारी हेतु आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पाठ्यपुस्तकों का ही अनुसरण करें।

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कुल अंक: 80 | समय: 3 होराः (घण्टे)

निर्देशाः - सर्वे प्रश्नाः अनिवार्याः सन्ति। प्रश्न 1 तः 5 पर्यन्तं वस्तुनिष्ठप्रश्नाः सन्ति। प्रश्न 6 तः 17 पर्यन्तं 2 अङ्काः, 18 तः 20 पर्यन्तं 3 अङ्काः तथा 21 तः 23 पर्यन्तं 4 अङ्काः निर्धारिताः सन्ति।

प्रश्न 1. उचितविकल्पं चित्वा लिखत (1x6=6)

1. 'पठित्वा' इत्यस्मिन् पदे प्रत्ययः अस्ति? 
(क) क्त्वा 
(ख) ल्यप् 
(ग) तुमुन् 
(घ) शतृ
(क) क्त्वा
2. 'विद्यालयः' इत्यस्मिन् पदे सन्धिः अस्ति? 
(क) गुणसन्धिः 
(ख) दीर्घसन्धिः 
(ग) वृद्धिसन्धिः 
(घ) यण्सन्धिः
(ख) दीर्घसन्धिः
3. 'गच्छति' इत्यस्मिन् पदे लकारः अस्ति? 
(क) लोट् 
(ख) लङ् 
(ग) लट् 
(घ) लृट्
(ग) लट्
4. 'हसितुम्' इत्यस्मिन् पदे प्रत्ययः अस्ति? 
(क) तुमुन् 
(ख) क्त्वा 
(ग) ल्यप् 
(घ) क्त
(क) तुमुन्
5. 'रामस्य' इत्यस्मिन् पदे विभक्तिः अस्ति? 
(क) पञ्चमी 
(ख) षष्ठी 
(ग) सप्तमी 
(घ) तृतीया
(ख) षष्ठी
6. 'नीरसः' इत्यस्य विलोमपदं किम्? 
(क) सरसः 
(ख) कठोरः 
(ग) नवीनः 
(घ) प्राचीनः
(क) सरसः

प्रश्न 2. रिक्तस्थानानि पूरयत (1x6=6)

1. 'श्वेतः' इत्यस्य विलोमपदं ........ अस्ति। (कृष्णः / पीतः)
कृष्णः
2. 'पवनः' इत्यस्य पर्यायपदं ........ अस्ति। (वायुः / जलम्)
वायुः
3. स्वर्णकाकः कथा ........ देशस्य श्रेष्ठा लोककथा अस्ति। (बर्मा / भारत)
बर्मा (म्यांमार)
4. 'नदी' इत्यस्य पर्यायपदं ........ अस्ति। (तरुः / सरिता)
सरिता
5. 'अधिकारः' पदे ........ उपसर्गः अस्ति। (अधि / अप)
अधि
6. कुम्भकारः घटान् ........ रचयति। (जीविकाहेतोः / क्रीडनार्थम्)
जीविकाहेतोः

प्रश्न 3. शुद्धवाक्यानां समक्षम् 'आम्' अशुद्धवाक्यानां समक्षम् 'न' इति लिखत (1x6=6)

1. 'लतायाम्' इति पदे सप्तमी विभक्तिः अस्ति।
आम्
2. 'भवति' इति पदे बहुवचनम् अस्ति।
3. 'गमिष्यति' इति पदे लट्लकारः अस्ति।
4. 'तत्र' एकम् अव्ययपदम् अस्ति।
आम्
5. 'सूर्योदयः' पदे गुणसन्धिः अस्ति।
आम्
6. 'दशाननः' पदे तत्पुरुषः समासः अस्ति।
न (बहुव्रीहिः अस्ति)

प्रश्न 4. उचितं मेलनं कुरुत (सही जोड़ी) (1x6=6)

1. सरस्वती -
वाणी
2. आम्रम् -
रसालम्
3. दानवीरः -
जीमूतवाहनः
4. तटे -
तीरे
5. शीघ्रम -
सत्वरम्
6. कुलक्रमागतः -
कल्पतरुः

प्रश्न 5. एकपदेन/एकवाक्येन उत्तरं लिखत (1x6=6)

1. कविः कां सम्बोधयति?
वाणीम् (सरस्वतीम्)
2. स्वर्णकाकः कान् अखादत्?
तण्डुलान् (चावलों को)
3. माता काम आदिशत्?
पुत्रीम्
4. जीमूतवाहनः कस्य पुत्रः अस्ति?
जीमूतकेतोः
5. मल्लिका पूजार्थं सखीभिः सह कुत्र गच्छति स्म?
काशीविश्वनाथमन्दिरम्
6. बालिका पूर्वं कीदृशः काकः न दृष्टः आसीत्?
स्वर्णपक्षो रजतचञ्चुः स्वर्णकाकः

प्रश्न 6. वसन्ते किं भवति? (2 अङ्कौ)

वसन्ते सरसाः रसालाः लसन्ति, कोकिलानां च कलापाः विलसन्ति।
अथवा

निर्धनायाः वृद्धायाः दुहिता कीदृशी आसीत्?

निर्धनायाः वृद्धायाः दुहिता विनम्रा मनोहरा च आसीत्।

प्रश्न 7. कालः कस्य रसं पिबति? (2 अङ्कौ)

क्षिप्रम् अक्रियमाणस्य आदानस्य प्रदानस्य कर्तव्यस्य च कर्मणः रसं कालः पिबति।
अथवा

सज्जनानां मैत्री कीदृशी भवति?

सज्जनानां मैत्री पुरा लघ्वी पश्चात् च वृद्धिमुपैति। दिनस्य परार्धभिन्नछायेव भवति।

प्रश्न 8. कुम्भकारः घटान् किमर्थं रचयति? (2 अङ्कौ)

कुम्भकारः जीविकाहेतोः घटान् रचयति।
अथवा

चन्दनस्य भार्यायाः नाम किम् आसीत्?

चन्दनस्य भार्यायाः नाम मल्लिका आसीत्।

प्रश्न 9. बालः कदा क्रीडितुम् अगच्छत्? (2 अङ्कौ)

बालः पाठशालागमनवेलायां क्रीडितुम् अगच्छत्।
अथवा

जीमूतवाहनः कीदृशः आसीत्?

जीमूतवाहनः महान् दानवीरः सर्वभूतानुकम्पी च आसीत्।

प्रश्न 10. 'राम' शब्दस्य प्रथमा विभक्तेः रूपाणि लिखत। (2 अङ्कौ)

प्रथमा विभक्तिः - रामः (एकवचनम्), रामौ (द्विवचनम्), रामाः (बहुवचनम्)।
अथवा

'बालक' शब्दस्य तृतीया विभक्तेः रूपाणि लिखत।

तृतीया विभक्तिः - बालकेन (एकवचनम्), बालकाभ्याम् (द्विवचनम्), बालकैः (बहुवचनम्)।

प्रश्न 11. 'गम्' धातोः लट्लकारस्य प्रथमपुरुषस्य रूपाणि लिखत। (2 अङ्कौ)

प्रथमपुरुषः - गच्छति (एकवचनम्), गच्छतः (द्विवचनम्), गच्छन्ति (बहुवचनम्)।
अथवा

'पठ्' धातोः लृट्लकारस्य उत्तमपुरुषस्य रूपाणि लिखत।

उत्तमपुरुषः - पठिष्यामि (एकवचनम्), पठिष्यावः (द्विवचनम्), पठिष्यामः (बहुवचनम्)।

प्रश्न 12. अधोलिखितपदयोः सन्धिं कृत्वा नामापि लिखत- विद्या + आलयः, रमा + ईशः। (2 अङ्कौ)

1. विद्या + आलयः = विद्यालयः (दीर्घ स्वर सन्धिः)
2. रमा + ईशः = रमेशः (गुण स्वर सन्धिः)
अथवा

सन्धिविच्छेदं कृत्वा सन्धेः नाम लिखत- सदैव, स्वागतम्।

1. सदैव = सदा + एव (वृद्धि स्वर सन्धिः)
2. स्वागतम् = सु + आगतम् (यण् स्वर सन्धिः)

प्रश्न 13. उपसर्गं चित्वा लिखत- प्रहारः, अनुभवति। (2 अङ्कौ)

1. प्रहारः - प्र (उपसर्गः)
2. अनुभवति - अनु (उपसर्गः)
अथवा

अव्ययपदानि चित्वा लिखत- रामः अद्य गच्छति, तत्र एकः वृक्षः अस्ति।

1. अद्य (अव्ययम्)
2. तत्र (अव्ययम्)

प्रश्न 14. समासविग्रहं कृत्वा समासस्य नाम लिखत- प्रतिदिनम्, दशाननः। (2 अङ्कौ)

1. प्रतिदिनम् = दिनं दिनं प्रति (अव्ययीभाव समासः)
2. दशाननः = दश आनानि यस्य सः (बहुव्रीहि समासः)
अथवा

समासविग्रहं कुरुत- राजपुत्रः, नीलोत्पलम्।

1. राजपुत्रः = राज्ञः पुत्रः (षष्ठी तत्पुरुष समासः)
2. नीलोत्पलम् = नीलम् उत्पलम् (कर्मधारय समासः)

प्रश्न 15. प्रकृति-प्रत्ययौ पृथक् कुरुत- पठितुम्, गत्वा। (2 अङ्कौ)

1. पठितुम् = पठ् (धातु) + तुमुन् (प्रत्यय)
2. गत्वा = गम् (धातु) + क्त्वा (प्रत्यय)
अथवा

प्रत्ययं योजयित्वा लिखत- आ + दा + ल्यप्, कृ + क्त।

1. आ + दा + ल्यप् = आदाय
2. कृ + क्त = कृतः

प्रश्न 16. अधोलिखितवाक्यानि शुद्धानि कुरुत- वृक्षस्य पत्राणि पतन्ति। , सः नेत्रस्य काणः अस्ति। (2 अङ्कौ)

1. वृक्षात् पत्राणि पतन्ति। (पञ्चमी विभक्ति का प्रयोग)
2. सः नेत्रेण काणः अस्ति। (तृतीया विभक्ति का प्रयोग)
अथवा

अधोलिखितवाक्ये शुद्धं कुरुत- श्री गुरुं नमः। , रामः रावणस्य हतवान्।

1. श्री गुरवे नमः। (नमः के योग में चतुर्थी)
2. रामः रावणं हतवान्। (कर्म में द्वितीया)

प्रश्न 17. स्वपाठ्यपुस्तकात् एकं श्लोकं लिखत यः अस्मिन् प्रश्नपत्रे नास्ति। (2 अङ्कौ)

निनादय नवीनामये वाणि! वीणाम्।
मृदुं गाय गीतिं ललितनीतिलीनाम्॥
(छात्र अपनी पाठ्यपुस्तक का कोई भी शुद्ध श्लोक लिख सकते हैं)
अथवा

'भारतीवसन्तगीतिः' पाठस्य रचयिता कः अस्ति तथा अयं पाठः कस्मात् ग्रन्थात् सङ्कलितः?

'भारतीवसन्तगीतिः' पाठस्य रचयिता पण्डित जानकीवल्लभशास्त्री अस्ति तथा अयं पाठः तस्य 'काकली' इति गीतसंग्रहात् सङ्कलितः अस्ति।

प्रश्न 18. अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत: (3 अङ्काः)
"पुरा कस्मिंश्चित् ग्रामे एका निर्धना वृद्धा स्त्री न्यवसत्। तस्याश्च एका दुहिता विनम्रा मनोहरा चासीत्। एकदा माता स्थाल्यां तण्डुलान् निक्षिप्य पुत्रीमादिदेश- 'सूर्यातपे तण्डुलान् खगेभ्यो रक्ष।' किञ्चित् कालादनन्तरम् एको विचित्रः काकः समुड्डीय तस्याः समीपम् अगच्छत्।"

(अ) ग्रामे का न्यवसत्? (1 अङ्कः)
ग्रामे एका निर्धना वृद्धा स्त्री न्यवसत्।
(ब) दुहिता कीदृशी आसीत्? (1 अङ्कः)
दुहिता विनम्रा मनोहरा चासीत्।
(स) माता पुत्रीं किम् आदिदेश? (1 अङ्कः)
माता पुत्रीम् आदिदेश यत् सूर्यातपे तण्डुलान् खगेभ्यो रक्ष।
अथवा

अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत:
"प्रकृत्येव प्राणिनां संरक्षणाय यतते। इयं सर्वांन् पुष्णाति विविधैः प्रकारैः, तर्पयति च सुखासाधनैः। पृथिवी, जलम्, तेजः, वायुः, आकाशः च अस्याः प्रमुखानि तत्त्वानि। तान्येव मिलित्वा पृथक्त्वेन वा अस्माकं पर्यावरणं रचयन्ति।"

(अ) का प्राणिनां संरक्षणाय यतते?
प्रकृतिः प्राणिनां संरक्षणाय यतते।
(ब) प्रकृतेः प्रमुखानि तत्त्वानि कानि सन्ति?
पृथिवी, जलम्, तेजः, वायुः, आकाशः च प्रकृतेः प्रमुखानि तत्त्वानि सन्ति।
(स) तानि मिलित्वा किं रचयन्ति?
तानि मिलित्वा अस्माकं पर्यावरणं रचयन्ति।

प्रश्न 19. अधोलिखितं पद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत: (3 अङ्काः)
"पिबन्ति नद्यः स्वयमेव नाम्भः,
स्वयं न खादन्ति फलानि वृक्षाः।
नादन्ति सस्यं खलु वारिवाहाः,
परोपकाराय सतां विभूतयः॥"

(अ) नद्यः किम् न पिबन्ति?
नद्यः स्वयमेव अम्भः (जलम्) न पिबन्ति।
(ब) के स्वयं फलानि न खादन्ति?
वृक्षाः स्वयं फलानि न खादन्ति।
(स) सतां विभूतयः किमर्थं भवन्ति?
सतां विभूतयः परोपकाराय भवन्ति।
अथवा

अधोलिखितं पद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत:
"गुणा गुणज्ञेषु गुणा भवन्ति,
ते निर्गुणं प्राप्य भवन्ति दोषाः।
आस्वाद्यतोयाः प्रवहन्ति नद्यः,
समुद्रमासाद्य भवन्त्यपेयाः॥"

(अ) गुणाः केषु गुणाः भवन्ति?
गुणाः गुणज्ञेषु गुणाः भवन्ति।
(ब) गुणाः कदा दोषाः भवन्ति?
गुणाः निर्गुणं प्राप्य दोषाः भवन्ति।
(स) नद्यः कदा अपेयाः भवन्ति?
नद्यः समुद्रम् आसाद्य (प्राप्य) अपेयाः भवन्ति।

प्रश्न 20. अधोलिखितं नाट्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत: (3 अङ्काः)
चन्दनः - अस्तु। गच्छ। सखीभिः सह धर्मयात्रया आनन्दिता च भव। अहं सर्वमपि परिपालयिष्यामि। शिवास्ते सन्तु पन्थानः।
चन्दनः - मल्लिका तु धर्मयात्रायै गता। अस्तु। दुग्धदोहनं कृत्वा ततः स्वप्रातराशस्य प्रबन्धं करिष्यामि।

(अ) का धर्मयात्रायै गता?
मल्लिका धर्मयात्रायै गता।
(ब) चन्दनः दुग्धदोहनं कृत्वा कस्य प्रबन्धं करिष्यति?
चन्दनः दुग्धदोहनं कृत्वा स्वप्रातराशस्य (नाश्ते का) प्रबन्धं करिष्यति।
(स) 'गच्छ' इति पदे कः लकारः अस्ति?
'गच्छ' इति पदे लोट्लकारः अस्ति।
अथवा

अधोलिखितं नाट्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत:
मल्लिका - (क्रोधेन) विरम विरम। मासृश एतानि मोदकानि।
चन्दनः - किमर्थं क्रुध्यसि? तव हस्तनिर्मितानि मोदकानि दृष्ट्वा अहं जिह्वालोलुपतां नियन्त्रयितुम् अक्षमः अस्मि। किं न जानासि त्वमिदम्?

(अ) क्रोधेन का वदति?
क्रोधेन मल्लिका वदति।
(ब) मल्लिका कानि मा स्पृश इति वदति?
मल्लिका मोदकानि मा स्पृश इति वदति।
(स) चन्दनः कां नियन्त्रयितुम् अक्षमः अस्ति?
चन्दनः जिह्वालोलुपतां नियन्त्रयितुम् अक्षमः अस्ति।

प्रश्न 21. अधोलिखितम् अपठितगद्यांशं सम्यक् पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत: (4 अङ्काः)
"संस्कृतभाषा अस्माकं देशस्य प्राचीनतमा भाषा अस्ति। प्राचीनकाले सर्वे एव भारतीयाः संस्कृतभाषया एव व्यवहारं कुर्वन्ति स्म। कालान्तरे विविधाः प्रान्तीयभाषाः प्रचलिताः अभवन्, किन्तु संस्कृतस्य महत्त्वम् अद्यापि अक्षुण्णम् वर्तते। सर्वे प्राचीनग्रन्थाः चत्वारो वेदाश्च संस्कृतभाषायामेव सन्ति।"

(अ) अस्माकं देशस्य प्राचीनतमा भाषा का अस्ति?
अस्माकं देशस्य प्राचीनतमा भाषा संस्कृतभाषा अस्ति।
(ब) प्राचीनकाले सर्वे भारतीयाः कया भाषया व्यवहारं कुर्वन्ति स्म?
प्राचीनकाले सर्वे भारतीयाः संस्कृतभाषया व्यवहारं कुर्वन्ति स्म।
(स) सर्वे प्राचीनग्रन्थाः वेदाश्च कस्यां भाषायां सन्ति?
सर्वे प्राचीनग्रन्थाः वेदाश्च संस्कृतभाषायां सन्ति।
(द) अस्य गद्यांशस्य उचितं शीर्षकं लिखत।
शीर्षकम् - संस्कृतभाषायाः महत्त्वम्।

प्रश्न 22. स्वप्राचार्याय अवकाशार्थम् एकं प्रार्थनापत्रं संस्कृते लिखत। (4 अङ्काः)

सेवायाम्,
श्रीमन्तः प्राचार्यमहोदयाः,
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयः,
तलवाड़ा बुजुर्ग, मध्यप्रदेशः।

विषयः - अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्।

महोदय,
सविनयं निवेदनम् अस्ति यत् अहम् अद्य सहसा ज्वरपीडितः अस्मि। अतः विद्यालयम् आगन्तुम् असमर्थः अस्मि। कृपया मह्यं दिनद्वयस्य (दिनांक .... तः .... पर्यन्तम्) अवकाशं यच्छन्तु इति सविनयं प्रार्थये।

दिनाङ्कः: .........
भवदीयः शिष्यः
नाम: .........
कक्षा: नवमी
अथवा

स्वप्राचार्याय शुल्कमुक्तये एकं प्रार्थनापत्रं संस्कृते लिखत।

सेवायाम्,
श्रीमन्तः प्राचार्यमहोदयाः,
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयः,
तलवाड़ा बुजुर्ग, मध्यप्रदेशः।

विषयः - शुल्कमुक्तये प्रार्थनापत्रम्।

महोदय,
सविनयं निवेदनम् अस्ति यत् मम पिता एकः निर्धनः कृषकः अस्ति। तस्य आयः अतीव न्यूनः अस्ति। अतः सः मम विद्यालयस्य शुल्कं दातुम् असमर्थः अस्ति। अहम् अध्ययने अतीव रुचिं रक्षे। कृपया मम शिक्षणशुल्कं क्षमा कृत्वा माम् अनुगृह्णन्तु।

दिनाङ्कः: .........
भवदीयः आज्ञाकारी शिष्यः
नाम: .........
कक्षा: नवमी

प्रश्न 23. अधोलिखितेषु एकस्मिन् विषये संस्कृते निबन्धं लिखत: (4 अङ्काः)

1. संस्कृतभाषायाः महत्त्वम्
संस्कृतभाषा अस्माकं देशस्य प्राचीनतमा भाषा अस्ति।
इयं भाषा सर्वासां भारतीयभाषाणां जननी अस्ति।
अस्माकं चत्वारः वेदाः, उपनिषदः, पुराणानि च संस्कृतभाषायामेव लिखितानि सन्ति।
संस्कृतभाषातीव मधुरा सरला च अस्ति।
प्राचीनकाले एषा भाषा एव सर्वसाधारणजनानां भाषा आसीत्।
संस्कृतभाषायाः व्याकरणं पूर्णतः वैज्ञानिकम् अस्ति।
अतः अस्माभिः सर्वेः संस्कृतभाषा अवश्यमेव पठनीया।
2. पर्यावरणम्
अस्मान् परितः यत् आवरणम् अस्ति तत् पर्यावरणम् इति कथ्यते।
पर्यावरणे जलम्, वायुः, भूमिः, आकाशः च अन्तर्भवन्ति।
शुद्धं पर्यावरणं जीवनाय अतीव आवश्यकम् अस्ति।
अद्यत्वे यन्त्रागाराणां धूमेन वायुः प्रदूषितः भवति।
नदीनां जलमपि दूषितं भवति।
वृक्षाणां कर्तनं पर्यावरणप्रदूषणस्य मुख्यं कारणम् अस्ति।
अस्माभिः पर्यावरणरक्षणाय अधिकाधिकाः वृक्षाः आरोपणीयाः।
3. महाकविः कालिदासः
महाकविः कालिदासः संस्कृतसाहित्यस्य सर्वश्रेष्ठः कविः अस्ति।
सः विक्रमादित्यस्य नवरत्नेषु एकः आसीत्।
कालिदासेन सप्त रचनाः कृताः सन्ति।
तासु 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' इति नाटकं विश्वप्रसिद्धम् अस्ति।
'मेघदूतम्' तस्य प्रसिद्धं खण्डकाव्यम् अस्ति।
कालिदासस्य उपमा विश्वे अद्वितीया अस्ति, अतः 'उपमा कालिदासस्य' इति कथ्यते।
तस्य रचनासु प्रकृतेः रमणीयं वर्णनं प्राप्यते।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer):

यह केवल त्रैमासिक परीक्षा की तैयारी एवं अभ्यास हेतु एक मॉडल (प्रारूप) प्रश्न पत्र है। इसमें दिए गए प्रश्न एवं उत्तर परीक्षा पैटर्न पर आधारित संभावित अभ्यास सामग्री हैं, इसे आधिकारिक परीक्षा पेपर न समझें। विद्यार्थी अपनी अंतिम तैयारी हेतु आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पाठ्यपुस्तकों का ही अनुसरण करें।

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त्रैमासिक परीक्षा 2026-27 मॉडल प्रश्न पत्र (Model Paper) कक्षा - 9वी | विषय - हिन्दी 2

कक्षा 9वी हिन्दी त्रैमासिक परीक्षा (सेट - 2) - Gyan Deep Info

class-9th-hindi-traimasik-model-paper-2 त्रैमासिक परीक्षा 2026-27 मॉडल प्रश्न पत्र (Model Paper) कक्षा - 9वी | विषय - हिन्दी 2
आदर्श त्रैमासिक परीक्षा मॉडल  प्रश्न पत्र (सेट - 2)

कक्षा - 9वी | विषय - हिन्दी

कुल अंक: 80 | समय: 3 घण्टे

निर्देश: सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य है। प्रश्न 1 से 5 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रश्न 6 से 17 तक 2 अंक, 18 से 20 तक 3 अंक तथा 21 से 23 तक 4 अंक निर्धारित हैं।

प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए (1x6=6)

1. 'ल्हासा की ओर' पाठ की विधा है - 
(क) यात्रा वृत्तांत 
(ख) निबंध 
(ग) कहानी 
(घ) एकांकी
(क) यात्रा वृत्तांत
2. 'सखियाँ एवं सबद' के रचयिता हैं - 
(क) रसखान 
(ख) कबीरदास 
(ग) सूरदास 
(घ) तुलसीदास
(ख) कबीरदास
3. 'वाख' किसकी रचना है? - 
(क) ललद्यद 
(ख) मीराबाई 
(ग) रसखान 
(घ) कबीरदास
(क) ललद्यद
4. 'जल' का पर्यायवाची शब्द है - 
(क) नीर 
(ख) पावक 
(ग) गगन 
(घ) समीर
(क) नीर
5. काव्य के मुख्य रूप से कितने भेद होते हैं? - 
(क) दो 
(ख) तीन 
(ग) चार 
(घ) पाँच
(क) दो (प्रबंध काव्य और मुक्तक काव्य)
6. 'रीढ़ की हड्डी' एकांकी के लेखक हैं - 
(क) जगदीश चंद्र माथुर 
(ख) प्रेमचंद 
(ग) राहुल सांकृत्यायन 
(घ) फणीश्वरनाथ रेणु
(क) जगदीश चंद्र माथुर

प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (1x6=6)

1. मुंशी प्रेमचंद का जन्म ........ गाँव में हुआ था।
लम्ही
2. 'इस जल प्रलय में' पाठ में ........ शहर की बाढ़ का वर्णन है।
पटना
3. चौपाई छंद के प्रत्येक चरण में ........ मात्राएँ होती हैं।
16-16
4. जो पढ़ा-लिखा न हो, उसे ........ कहते हैं।
अनपढ़ / निरक्षर
5. 'माटी वाली' ........ रंग की मिट्टी बेचती थी।
लाल
6. शृंगार रस का स्थायी भाव ........ है।
रति

प्रश्न 3. सत्य/असत्य लिखिए (1x6=6)

1. कबीरदास सगुण भक्ति धारा के कवि थे।
असत्य (वे निर्गुण भक्ति धारा के कवि थे)
2. 'दो बैलों की कथा' में गधे का छोटा भाई बैल को कहा गया है।
सत्य
3. समास के मुख्य रूप से छः भेद होते हैं।
सत्य
4. 'मेरे संग की औरतें' मृदुला गर्ग की रचना है।
सत्य
5. रसखान रामभक्त कवि थे।
असत्य (वे कृष्णभक्त थे)
6. जहाँ एक शब्द के अनेक अर्थ हों, वहाँ श्लेष अलंकार होता है।
सत्य

प्रश्न 4. सही जोड़ी मिलाइए (1x6=6)

1. महाकाव्य -
रामचरितमानस
2. पंचवटी -
खंडकाव्य
3. ग्राम श्री -
सुमित्रानंदन पंत
4. रात का विलोम -
दिन
5. उपमा अलंकार के अंग -
चार
6. जानवरों में सबसे बुद्धिहीन -
गधा

प्रश्न 5. एक वाक्य/शब्द में उत्तर लिखिए (1x6=6)

1. तिब्बत में सबसे खतरे की जगहें कौन-सी हैं?
डाँड़े
2. रसखान किसके अनन्य भक्त थे?
श्रीकृष्ण के
3. 'अंधकार' का तद्भव रूप क्या होगा?
अँधेरा
4. संधि के कितने प्रकार होते हैं?
तीन (स्वर, व्यंजन, विसर्ग)
5. भयानक रस का स्थायी भाव क्या है?
भय
6. माटी वाली के पति की मृत्यु कैसे हुई थी?
बीमारी और बुढ़ापे (कमजोरी) के कारण।

प्रश्न 6. झूरी के दोनों बैलों के नाम क्या थे? (2 अंक)

झूरी के दोनों बैलों के नाम हीरा और मोती थे। वे पछाई जाति के थे।
अथवा

कांजीहौस किसे कहते हैं?

कांजीहौस एक प्रकार का पशुओं का जेल होता है, जहाँ लावारिस या दूसरों के खेतों में नुकसान पहुँचाने वाले पशुओं को पकड़कर रखा जाता है।

प्रश्न 7. कबीरदास ने सच्चे प्रेमी की क्या कसौटी बताई है? (2 अंक)

कबीरदास के अनुसार सच्चे प्रेमी की कसौटी यह है कि उससे मिलने पर मन की सारी मलिनता (पाप) नष्ट हो जाती है और मन पवित्र (पुण्य रूपी) हो जाता है।
अथवा

ललद्यद का 'वाख' से क्या तात्पर्य है?

वाख कश्मीरी भाषा की एक लोकप्रिय काव्य शैली है, जिसे ललद्यद ने अपनी ईश्वर भक्ति और जीवन के विचारों को व्यक्त करने के लिए प्रयोग किया है। इसका अर्थ 'वाणी' या 'कथन' होता है।

प्रश्न 8. सखी ने गोपी से कृष्ण का कैसा रूप धारण करने का आग्रह किया था? (2 अंक)

सखी ने गोपी से आग्रह किया था कि वह सिर पर मोर मुकुट, गले में गुंज की माला, शरीर पर पीतांबर (पीले वस्त्र) पहनकर और हाथ में लाठी लेकर कृष्ण का रूप धारण करे।
अथवा

कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों हो रही है?

कवि जेल की कालकोठरी में बंद है, जबकि कोयल स्वतंत्र रूप से हरे-भरे पेड़ों पर उड़ सकती है। कोयल के गीत की सब प्रशंसा करते हैं, जबकि कवि का रोना भी गुनाह माना जाता है। इसी विषमता के कारण कवि को ईर्ष्या हो रही है।

प्रश्न 9. यात्रा वृत्तांत किसे कहते हैं? (2 अंक)

जब कोई लेखक अपनी किसी यात्रा के अनुभव का कलात्मक और रोचक वर्णन करता है, तो गद्य की उस विधा को यात्रा वृत्तांत कहते हैं। जैसे- राहुल सांकृत्यायन का 'ल्हासा की ओर'।
अथवा

एकांकी और नाटक में दो अंतर लिखिए।

1. एकांकी में केवल एक अंक होता है, जबकि नाटक में अनेक अंक होते हैं।
2. एकांकी में किसी एक घटना का वर्णन होता है, जबकि नाटक में जीवन की अनेक घटनाओं का विस्तार से वर्णन होता है।

प्रश्न 10. प्रेमचंद के फटे जूते देखकर लेखक ने क्या व्यंग्य किया है? (2 अंक)

लेखक ने व्यंग्य किया है कि प्रेमचंद दिखावे की दुनिया से दूर थे। फोटो खिंचवाते समय भी उन्होंने अपने फटे जूते नहीं छिपाए। यह दर्शाता है कि वे जैसे अंदर से थे, वैसे ही बाहर से भी थे।
अथवा

'मेरे संग की औरतें' पाठ में लेखिका की परदादी ने पतोहू के लिए पहले बच्चे के रूप में लड़की पैदा होने की मन्नत क्यों माँगी?

लेखिका की परदादी लीक से हटकर चलने वाली महिला थीं। समाज में सभी लोग लड़के की चाह रखते थे, लेकिन उन्होंने समाज की इस परंपरा को तोड़ने और अपनी अलग सोच दर्शाने के लिए लड़की की मन्नत माँगी थी।

प्रश्न 11. विलोम शब्द किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए। (2 अंक)

जो शब्द एक-दूसरे का विपरीत (उल्टा) अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें विलोम या विपरीतार्थक शब्द कहते हैं। उदाहरण: सुख-दुख, दिन-रात, सत्य-असत्य।
अथवा

मुहावरे और लोकोक्ति में दो अंतर लिखिए।

1. मुहावरा एक वाक्यांश होता है, जबकि लोकोक्ति अपने आप में एक पूर्ण वाक्य होती है।
2. मुहावरे का प्रयोग वाक्य के बीच में होता है, जबकि लोकोक्ति का प्रयोग प्रायः वाक्य के अंत में कथन की पुष्टि के लिए होता है।

प्रश्न 12. यमक अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए। (2 अंक)

जहाँ काव्य में एक ही शब्द का प्रयोग दो या दो से अधिक बार हो, परन्तु हर बार उसका अर्थ अलग-अलग हो, वहाँ यमक अलंकार होता है। उदाहरण: कनक कनक ते सौगुनी, मादकता अधिकाय। (यहाँ एक कनक का अर्थ सोना और दूसरे का धतूरा है)
अथवा

चौपाई छंद की परिभाषा लिखिए।

चौपाई एक सममात्रिक छंद है। इसमें चार चरण होते हैं और इसके प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ होती हैं। चरण के अंत में जगण और तगण का आना वर्जित होता है।

प्रश्न 13. तद्भव शब्द किसे कहते हैं? दो उदाहरण दीजिए। (2 अंक)

वे शब्द जो मूल रूप से संस्कृत के हैं, परन्तु समय के साथ उनके रूप में परिवर्तन आ गया है और वे हिंदी में प्रयोग किए जाते हैं, तद्भव शब्द कहलाते हैं। उदाहरण: आग (अग्नि से), कान (कर्ण से)।
अथवा

देशज शब्द किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।

वे शब्द जिनकी उत्पत्ति का कोई निश्चित स्रोत नहीं होता, बल्कि जो क्षेत्रीय प्रभाव या आवश्यकता के अनुसार आम बोलचाल में गढ़ लिए जाते हैं, देशज शब्द कहलाते हैं। उदाहरण: लोटा, खाट, खटिया।

प्रश्न 14. कारक किसे कहते हैं? कारक के कितने भेद होते हैं? (2 अंक)

संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उसका संबंध वाक्य के अन्य शब्दों, विशेषकर क्रिया के साथ जाना जाता है, उसे कारक कहते हैं। हिंदी में कारक के 8 भेद होते हैं (कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण, संबोधन)।
अथवा

क्रिया विशेषण किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए。

जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं (जैसे क्रिया कब, कहाँ, कैसे और कितनी हुई), उन्हें क्रिया विशेषण कहते हैं। उदाहरण: राम 'धीरे-धीरे' चलता है। (यहाँ धीरे-धीरे क्रिया विशेषण है)।

प्रश्न 15. खंडकाव्य की दो विशेषताएँ लिखिए। (2 अंक)

1. खंडकाव्य में नायक के जीवन की किसी एक प्रमुख घटना का ही वर्णन होता है।
2. इसमें पात्रों की संख्या सीमित होती है और यह आकार में छोटा होता है।
अथवा

शृंगार रस की परिभाषा और उसका स्थायी भाव लिखिए।

जहाँ नायक और नायिका के प्रेम, मिलन या विरह का वर्णन होता है, वहाँ शृंगार रस होता है। इसे रसराज भी कहा जाता है। इसका स्थायी भाव 'रति' (प्रेम) है।

प्रश्न 16. बाढ़ की खबर सुनकर लोग किस तरह की तैयारी करने लगे? (2 अंक)

बाढ़ की खबर सुनकर लोग अपनी सुरक्षा के लिए ऊँचे स्थानों पर जाने लगे। उन्होंने जरूरत का सामान जैसे ईंधन, आलू, मोमबत्ती, दियासलाई, पीने का पानी और दवाइयाँ एकत्र करना शुरू कर दिया।
अथवा

माटी वाली का चरित्र चित्रण (दो विशेषताएँ) लिखिए।

1. परिश्रमी: वह बहुत मेहनती थी और बुढ़ापे में भी दूर से मिट्टी खोदकर लाती थी।
2. पतिव्रता: वह अपने बीमार पति की देखभाल पूरी लगन से करती थी और खुद भूखी रहकर उसके लिए रोटी बचाती थी।

प्रश्न 17. लेखिका मृदुला गर्ग ने अपनी माँ की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है? (2 अंक)

लेखिका की माँ सुंदर, नाजुक और ईमानदार थीं। वे कभी झूठ नहीं बोलती थीं और किसी की गोपनीय बात को दूसरे पर जाहिर नहीं करती थीं। उन्हें किताबें पढ़ने और संगीत सुनने का बहुत शौक था।
अथवा

'रीढ़ की हड्डी' शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।

समाज में लड़कियों को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। जिस प्रकार शरीर को सीधा रखने के लिए रीढ़ की हड्डी जरूरी है, उसी प्रकार समाज को मजबूत बनाने के लिए स्त्रियों का शिक्षित और स्वावलंबी होना जरूरी है। एकांकी का शीर्षक इसी कमी (रीढ़ की हड्डी न होना) पर व्यंग्य करता है।

प्रश्न 18. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: (3 अंक)

"कांजीहौस में कैद पशुओं की जान बची। उन्होंने देखा कि दीवार गिर गई है। सबसे पहले घोड़ियाँ सरपट भाग निकलीं। फिर बकरियाँ और भेंड़ें भी भाग गईं।"

प्रसंग: यह गद्यांश मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'दो बैलों की कथा' से लिया गया है। इसमें कांजीहौस की दीवार टूटने के बाद पशुओं की आज़ादी का वर्णन है।
व्याख्या: लेखक कहता है कि हीरा और मोती के प्रयासों से कांजीहौस की कच्ची दीवार गिर गई। दीवार गिरते ही वहाँ बंद सभी पशुओं को आज़ादी मिल गई। सबसे पहले घोड़ियाँ तेजी से भाग गईं, उसके बाद बकरियाँ और भेंड़ें भी स्वतंत्र होकर बाहर निकल गईं। इस प्रकार बैलों ने अन्य पशुओं की जान बचाई।
अथवा

निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए:
"खा-खाकर कुछ पाएगा नहीं,
न खाकर बनेगा अहंकारी।
सम खा तभी होगा समभावी,
खुलेगी साँकल बंद द्वार की।"

प्रसंग: यह पद्यांश ललद्यद द्वारा रचित 'वाख' से लिया गया है। इसमें कवयित्री ने मध्यम मार्ग अपनाने का संदेश दिया है।
व्याख्या: कवयित्री कहती हैं कि हे मनुष्य! भोग-विलास में डूबे रहने से तुझे कुछ प्राप्त नहीं होगा और यदि तू सब कुछ त्याग कर सन्यासी बन गया, तो तेरे भीतर अहंकार आ जाएगा। इसलिए तू अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रख और भोग एवं त्याग के बीच का समान मार्ग अपना। तभी तेरे मन के बंद द्वार खुलेंगे और ईश्वर की प्राप्ति होगी।

प्रश्न 19. अपने विद्यालय के प्राचार्य महोदय को शाला स्थानांतरण प्रमाण पत्र (TC) प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र लिखिए। (3 अंक)

सेवा में,
श्रीमान प्राचार्य महोदय,
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भोपाल

विषय: शाला स्थानांतरण प्रमाण पत्र (TC) प्राप्त करने हेतु आवेदन।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय में कक्षा 9वी का नियमित छात्र हूँ। मेरे पिताजी का स्थानांतरण बड़वानी हो गया है, जिसके कारण मेरा पूरा परिवार वहाँ जा रहा है। इस कारण मैं यहाँ अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ हूँ।
अतः आपसे निवेदन है कि मुझे मेरा शाला स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टी.सी.) प्रदान करने की कृपा करें, ताकि मैं वहाँ प्रवेश ले सकूँ।

दिनांक: .......
आपका आज्ञाकारी शिष्य
नाम: ......
कक्षा: 9वी
अथवा

अपने मित्र को ग्रीष्मावकाश साथ बिताने के लिए पत्र लिखिए।

पता: ........
दिनांक: ........

प्रिय मित्र, सप्रेम नमस्ते।

मैं यहाँ कुशल मंगल हूँ और आशा करता हूँ कि तुम भी वहाँ सपरिवार ठीक होगे। हमारी वार्षिक परीक्षाएँ समाप्त हो चुकी हैं और अब ग्रीष्मावकाश (गर्मियों की छुट्टियाँ) शुरू होने वाली हैं। मैंने सोचा है कि इस बार की छुट्टियाँ हम दोनों साथ मिलकर बिताएं। तुम कुछ दिनों के लिए मेरे यहाँ आ जाओ। हम मिलकर बहुत मज़े करेंगे और आस-पास की ऐतिहासिक जगहों पर घूमने भी जाएंगे।
अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना। तुम्हारे आने के पत्र की प्रतीक्षा में।

तुम्हारा अभिन्न मित्र,
[नाम]

प्रश्न 20. 'स्वच्छ भारत अभियान' पर एक अनुच्छेद लिखिए। (3 अंक)

स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रयास है। इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर की गई थी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों, गलियों और बुनियादी ढांचों को साफ-सुथरा रखना और खुले में शौच से मुक्त भारत का निर्माण करना है। स्वच्छता से न केवल बीमारियाँ कम होती हैं बल्कि यह हमारे देश की छवि भी सुधारती है। यह अभियान तभी पूरी तरह सफल हो सकता है जब हम सभी नागरिक इसे अपनी जिम्मेदारी समझकर अपना सहयोग दें।
अथवा

वार्षिक परीक्षा की तैयारी के विषय में पिता और पुत्र के बीच संवाद लिखिए।

पिता: बेटा, तुम्हारी वार्षिक परीक्षाएँ अगले महीने से शुरू होने वाली हैं, तैयारी कैसी चल रही है?
पुत्र: पिताजी, मेरी तैयारी अच्छी चल रही है। मैंने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान का पूरा रिवीजन कर लिया है।
पिता: बहुत बढ़िया। और गणित तथा अंग्रेजी की पढ़ाई कैसी है?
पुत्र: अंग्रेजी भी ठीक है, बस गणित के कुछ सवालों में उलझन होती है, तो मैं अपने शिक्षक से पूछ लेता हूँ।
पिता: हाँ, गणित में ज्यादा अभ्यास की आवश्यकता होती है। समय सारणी बनाकर पढ़ो।
पुत्र: जी पिताजी, मैं पूरी मेहनत कर रहा हूँ।

प्रश्न 21. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (4 अंक)

"समय अनमोल है। बीता हुआ समय कभी लौटकर नहीं आता। जो व्यक्ति समय का मूल्य नहीं समझता, वह जीवन में कभी सफल नहीं हो सकता। प्रकृति का हर काम अपने निश्चित समय पर होता है, जैसे सूर्य का उदय होना और ऋतुओं का बदलना। हमें भी प्रकृति से प्रेरणा लेकर अपने सभी कार्य समय पर करने चाहिए।"

(अ) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए। (1 अंक)
शीर्षक: समय का महत्व / समय अनमोल है
(ब) जीवन में कौन सफल नहीं हो सकता? (1 अंक)
जो व्यक्ति समय का मूल्य नहीं समझता, वह जीवन में सफल नहीं हो सकता।
(स) प्रकृति से हमें क्या प्रेरणा लेनी चाहिए? (1 अंक)
प्रकृति से हमें अपने सभी कार्य निश्चित समय पर करने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
(द) 'उदय' शब्द का विलोम गद्यांश के बाहर से लिखिए। (1 अंक)
उदय का विलोम - अस्त।

प्रश्न 22. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में निबंध लिखिए: (4 अंक)

1. कंप्यूटर का महत्व
प्रस्तावना: आज के आधुनिक युग में कंप्यूटर मानव जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। यह विज्ञान का एक अद्भुत आविष्कार है, जिसने हमारे काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है।
कंप्यूटर के उपयोग: शिक्षा, चिकित्सा, बैंकिंग, संचार और मनोरंजन जैसे हर क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग हो रहा है। इसके माध्यम से दुनिया भर की जानकारी कुछ ही सेकंड में प्राप्त की जा सकती है।
लाभ और हानियाँ: कंप्यूटर से काम में तेजी और सटीकता आती है। लेकिन इसका अधिक उपयोग आँखों के लिए हानिकारक हो सकता है और यह साइबर अपराधों को भी जन्म दे रहा है।
उपसंहार: कंप्यूटर एक मशीन है, यह तभी लाभदायक है जब इसका सही और सीमित उपयोग किया जाए। यह हमारे विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
2. जीवन में खेलों का महत्व
प्रस्तावना: स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलों का भी जीवन में बहुत महत्व है।
खेलों से लाभ: खेल खेलने से शरीर फुर्तीला और तंदुरुस्त रहता है। खेल हमें अनुशासन, टीम भावना (मिलजुल कर काम करना) और संघर्ष करने की क्षमता सिखाते हैं। हार और जीत को समान भाव से लेना हम खेल के मैदान में ही सीखते हैं।
विभिन्न प्रकार के खेल: खेल दो प्रकार के होते हैं - घर के अंदर खेले जाने वाले (इनडोर) जैसे शतरंज, लूडो और मैदान में खेले जाने वाले (आउटडोर) जैसे क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी।
उपसंहार: विद्यार्थी जीवन में खेलों की अत्यंत आवश्यकता है। अतः हमें अपनी दिनचर्या में खेलने के लिए कुछ समय अवश्य निकालना चाहिए।
3. वनों का महत्व
प्रस्तावना: वन प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। वन पृथ्वी पर जीवन का मुख्य आधार हैं, क्योंकि ये हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।
वनों से लाभ: वनों से हमें इमारती लकड़ी, फल, फूल, औषधियाँ और जानवरों के लिए चारा मिलता है। वन वर्षा कराने में सहायक होते हैं और मिट्टी के कटाव को रोकते हैं। ये कई वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास भी हैं।
वनों की कटाई से हानि: अंधाधुंध कटाई के कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। इससे ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और बाढ़ जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
उपसंहार: वनों की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है। हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और वनों की कटाई पर रोक लगानी चाहिए ताकि हमारी पृथ्वी हरी-भरी बनी रहे।

प्रश्न 23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय की रूपरेखा लिखिए: (4 अंक)

1. विज्ञान के चमत्कार
विषय: विज्ञान के चमत्कार की रूपरेखा
1. प्रस्तावना
2. विज्ञान के विविध क्षेत्रों में आविष्कार (चिकित्सा, संचार, यातायात)
3. विज्ञान एक वरदान के रूप में
4. विज्ञान एक अभिशाप के रूप में (विनाशकारी अस्त्र-शस्त्र)
5. उपसंहार
2. दूरदर्शन के लाभ-हानि
विषय: दूरदर्शन के लाभ-हानि की रूपरेखा
1. प्रस्तावना
2. दूरदर्शन का अर्थ और आविष्कार
3. दूरदर्शन से लाभ (मनोरंजन, ज्ञानवर्धन, समाचार)
4. दूरदर्शन से हानियाँ (आँखों पर प्रभाव, समय की बर्बादी)
5. उपसंहार
3. दीपावली
विषय: दीपावली (प्रकाश का पर्व) की रूपरेखा
1. प्रस्तावना
2. मनाने का कारण (धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व)
3. पर्व की तैयारियाँ
4. मनाने का तरीका (पूजन, दीपदान, आतिशबाजी)
5. उपसंहार
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer):

यह केवल त्रैमासिक परीक्षा की तैयारी एवं अभ्यास हेतु एक मॉडल (प्रारूप) प्रश्न पत्र है। इसमें दिए गए प्रश्न एवं उत्तर परीक्षा पैटर्न पर आधारित संभावित अभ्यास सामग्री हैं, इसे आधिकारिक परीक्षा पेपर न समझें। विद्यार्थी अपनी अंतिम तैयारी हेतु आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं पाठ्यपुस्तकों का ही अनुसरण करें।

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